कंकाल प्रकरण : जीतू मुंडा ने बैंक अधिकारियों को माफ किया
भुवनेश्वर/क्योंझर. ओडिशा के क्योंझर में बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए अपनी बहन का कंकाल ले जाने को मजबूर हुए 50-वर्षीय जीतू मुंडा ने रविवार को कहा कि वह बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें परेशान किया था। मुंडा अपनी बहन की मृत्यु के प्रमाण के रूप में उसका कंकाल लेकर क्योंझर जिले के ओडिशा ग्रामीण बैंक में उसके खाते से पैसे निकालने गए थे। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया था। क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक के डियानाली गांव के निवासी मुंडा ने कहा, ''अपनी बहन के कंकाल को बैंक ले जाने के बाद मुझे उसके नाम पर जमा की गई रकम मिल गई है। बैंक को मेरी बहन की मृत्यु का प्रमाण मिल गया और उन्होंने तुरंत रकम जारी कर दी। यह सच है कि उन्होंने मुझे परेशान किया, लेकिन राशि मिलने के बाद मैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता। उन्होंने मेरे घर आकर मुझे नकद राशि दी।'' उन्होंने कहा, ''पैसा मिलने के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का क्या फायदा? अगर मैं कंकाल बैंक में नहीं लाता, तो वे मेरी मृत बहन के नाम पर जमा हमारे परिवार का पैसा नहीं देते। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।'' मुंडा ने कहा, ''अब लोग कहते हैं कि मृत व्यक्ति के अवशेषों को खोदकर निकालना एक गलती थी, लेकिन मेरे पास ऐसा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि बैंक अधिकारियों को मेरी बहन के अंगूठे का निशान चाहिए था, जिसकी तीन महीने पहले मृत्यु हो गई थी।










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