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कोविंद, वेंकैया, नीतीश ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने के लिए मोदी को बधाई दी

नयी दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख नीतीश कुमार और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने इस घटनाक्रम को भारत के आजादी के बाद के इतिहास में एक खास मौका बताया। कोविंद, वेंकैया, नीतीश, पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शीर्ष अखबारों में प्रकाशित लेख में कहा कि राजनीतिक खींचतान और जनता की कसौटी पर खरे उतरने के दबाव के बावजूद मोदी लोगों का भरोसा बनाए रखने में कामयाब रहे और लोकतांत्रिक राजनीति में एक नया मानदंड स्थापित किया। कोविंद ने कहा, "10 जून 2026 का दिन आजादी के बाद के इतिहास में एक खास मौका है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने का जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया।" पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि यह भले ही अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, लेकिन मोदी के नेहरू से ज्यादा समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने की बात भारत में आजादी के बाद के उस अहम दौर के जरूरी पहलुओं को पूरी तरह से नहीं दिखाती, जिसे एक निर्णायक काल कहा जा सकता है। कोविंद ने कहा कि आजादी के बाद के शुरुआती दशक और पिछले 12 वर्षों के बीच का अंतर एक बड़े बदलाव को रेखांकित करता है, क्योंकि नेहरू के कार्यकाल में सांस्कृतिक और आर्थिक पहलु पर पश्चिम की स्वीकृति और सहायता पाने की चाहत साफ दिखती थी। उन्होंने कहा, "मोदी के कार्यकाल की पहचान एक मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था में भरोसे से है, जो दुनिया में आने वाली सबसे बड़ी मुश्किलों का भी सामना करने में सक्षम है। साथ ही मोदी के कार्यकाल में भारतीय भाषाओं, सांस्कृतिक प्रतीकों, मूल्यों और परंपराओं को लेकर गर्व की मजबूत भावना भी देखने को मिलती है।" वेंकैया ने कहा कि मोदी की उपलब्धि अहम है, क्योंकि यह एक ऐसे दौर में हासिल हुई है, जिसमें जबरदस्त सियासी स्पर्धा, गठबंधन की राजनीति की चुनौतियां और 24 घंटे मीडिया की नजर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बहस में जनता की राय तेजी से बनती और बदलती देखने को मिलती है। पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, "एक साधारण परिवार में जन्मे मोदी ने अपने पिता की मदद के लिए गुजरात के वडनगर में चाय बेचने का काम किया। वहां से देश की राजधानी के साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय तक का सफर तय करना एक असाधारण उपलब्धि है।" बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि दशकों से यह धारणा थी कि शीर्ष पद कुछ खास लोगों या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में जन्मे लोगों के लिए आरक्षित होते हैं, लेकिन मोदी के सियासी सफर ने इस धारणा को चुनौती दी। उन्होंने कहा, "साधारण परिवार से निकलकर देश के शीर्ष निर्वाचित पद तक पहुंचने की अपनी उपलब्धि से मोदी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं, खासकर उन युवाओं के लिए, जो साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं।" नीतीश ने कहा कि मोदी की कहानी इस विश्वास को और पुख्ता करती है कि एक जीवंत लोकतंत्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और काबिलियत के दम पर जन्म और हालात की बाधाओं को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और खुलेपन का भी एक सशक्त प्रमाण है।" कर्ण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खाते में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज हैं।
 उन्होंने कहा कि मोदी को विरासत में जो भारत मिला, वह पंडित नेहरू के दौर के भारत से बहुत अलग था; देश की आबादी लगभग 34 करोड़ से बढ़कर करीब 146 करोड़ हो गई थी, जबकि मतदाताओं की संख्या लगभग 11 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ के पार चली गई थी। सिंह ने कहा, "मोदी ने अपनी पार्टी को लगातार तीन संसदीय चुनाव में जीत दिलाई, जो अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि है। अगर उन्हें अगले आम चुनावों में फिर से जीत हासिल होती है, तो वह भारतीय राजनीति में एक और अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाएंगे।" भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भरोसे, विकास और जन-कल्याण के लिए समर्पित 12 साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि 'संकल्प से सिद्धि' के इस शानदार दौर में भारत के विकास, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और वैश्विक प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। नवीन ने कहा, "कांग्रेस ने देश में अनिश्चितता, भ्रष्टाचार और कमजोर नेतृत्व की विरासत कायम की, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को आत्मविश्वास, सुशासन और विकास पर आधारित एक नयी पहचान दिलाई।" उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को सिर्फ एक क्षेत्रीय शक्ति के तौर पर नहीं, बल्कि 21वीं सदी की सबसे बड़ी ताकतों में से एक के रूप में देखती है। मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने का जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड बुधवार को तोड़ दिया। नेहरू 1952 में हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद 4,398 दिन तक इस पद पर रहे थे। 1947 से लेकर 1952 तक वह अंतरिम सरकार के प्रमुख थे, क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे। मोदी ने 26 मई 2024 को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह 2019 में दोबारा प्रधानमंत्री चुने गए और उनका कार्यकाल 30 मई को शुरू हुआ। प्रधानमंत्री के रूप में मोदी का तीसरा कार्यकाल नौ जून 2024 को शुरू हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने केंद्र में 14 वर्षों तक सरकार का नेतृत्व किया था, जो मोदी से ज्यादा है, लेकिन वह लगातार इतने समय तक इस पद पर नहीं रही थीं।

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