युवाओं को 'जेन जी', 'जेन अल्फा' जैसी श्रेणियों में बांटने की कोई जरूरत नहीं: भाजपा प्रमुख नितिन नवीन
पणजी. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को कहा कि युवाओं को 'जेन जी', 'जेन अल्फा' या अन्य पीढ़ियों के आधार पर बांटने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर बदलाव लाने की इच्छा रखता है, उसे युवा माना जाना चाहिए। नवीन ने पणजी में भाजपा की ओर से आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत के दौरान कहा कि युवाओं की परिभाषा केवल उम्र के आधार पर तय नहीं की जानी चाहिए। जब तक किसी व्यक्ति में बदलाव लाने और जीवन में आगे बढ़ने की इच्छा है, तब तक वह युवा है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश के कई हिस्सों में मुख्य रूप से 'जेन जी' के नेतृत्व में युवाओं के प्रदर्शन हुए हैं।
विपक्षी दल कांग्रेस भी विभिन्न शहरों में युवाओं तक पहुंच बनाने के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। 'जेन जी' और 'जेन अल्फा' जैसे पीढ़ीगत वर्गीकरण का इस्तेमाल बढ़ने का जिक्र करते हुए नवीन ने कहा कि युवाओं को इस तरह के आधार पर बांटने या उनमें फर्क करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ''आज के युवाओं को अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांटा जाना चाहिए। युवा वह है जो संघर्ष करना चाहता है, आगे बढ़ना चाहता है और मानता है कि कड़ी मेहनत तथा लगन से वह अपने जीवन, राज्य और देश में बदलाव ला सकता है।
नवीन ने कहा कि युवाओं की परिभाषा किसी खास आयु वर्ग तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों में बदलाव लाने और जीवन में आगे बढ़ने की इच्छा बनी रहती है, वे युवा हैं। उन्होंने कहा, ''जब तक किसी व्यक्ति में बदलाव लाने, संघर्ष करने और आगे बढ़ने की चाहत है, तब तक वह युवा है, चाहे उसकी उम्र 15 साल हो या 40 या 45 साल।'' "जेन जी" 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों की पीढ़ी को कहा जाता है। ''जेन अल्फा'' उस पीढ़ी को कहा जाता है जिसका जन्म मुख्य रूप से 2010 से 2024 -2025 के बीच हुआ है। यह जेनरेशन जी के बाद और जेन बीटा से पहले की पीढ़ी है। नवीन ने बताया कि भाजपा अपनी युवा शाखा के जरिए युवाओं के साथ संवाद कर रही है और इस कार्यक्रम का मकसद उनके साथ सीधे बातचीत को बढ़ावा देना था। इस मौके पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामोदर नाइक भी मौजूद थे









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