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 प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता सर्गेई कोवालेव का निधन

मॉस्को। प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता व सोवियत के जमाने से क्रेमलिन के ‍‍विरुद्ध मुखरता से आवाज उठाने वाले सर्गेई कोवालेव का सोमवार को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके पुत्र इवान ने फेसबुक पर इसकी जानकारी दी। पेशे से जीवभौतिकीवेत्ता (बायो फिजिस्ट) कोवालेव सोवियत गणराज्य में पहली स्वतंत्र मानवाधिकार एसोसिएशन का हिस्सा थे। वह रूस के संविधान के एक अध्याय के सह-लेखक भी थे। साथ ही उन्होंने रूस में पहले मानवाधिकार लोकपाल (ओम्बुड्समैन) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। 'ह्यूमन राइट्स वॉच' ने एक बयान में कहा कि कोवालेव ''मौलिक अधिकारों के ऐसे निर्भीक रक्षक के तौर पर प्रसिद्ध थे जिन्होंने सदैव अपने मन की सुनी और अपने सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं किया।'' कोवालेव का जन्म 1930 में तत्कालीन सोवियत यूक्रेन में हुआ। दो साल बाद उनका परिवार मॉस्को के निकट एक गांव में रहने लगा। उन्होंने 1954 में मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के बायोलॉजी संकाय से स्नातक किया और फिर विश्वविद्यालय में काम करने लगे। साल 1969 में कोवालेव यूएसएसआर में मानवाधिकार रक्षा समूह नामक पहल का हिस्सा बने, जिसे देश में पहले स्वतंत्र मानवाधिकार समूह के रूप में जाना जाता है। इसके बाद उनपर विश्वविद्यालय से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। साल 1971 और 1974 के बीच वह सोवियत में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं के बारे में लिखने वाले भूमिगत बुलेटिन करंट इवेंट्स क्रॉनिकल के प्रकाशन में शामिल रहे। सोवियत रोधी दुष्प्रचार के आरोप में 1974 में कोवालेव को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें सात साल कैद की सजा सुनाई गई। बाद में वे तीन साल तक निर्वासित रहे। 1980 में वे फिर लौटे और मानवाधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करने लगे।

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