प्रधानमंत्री ने खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए तकनीकों में सुधार करने पर जोर दिया
- तोक्यो 2020 पैरालिम्पिक खेलों के लिए भारतीय पैरा एथलीट दल के सदस्यों के साथ बातचीत की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए तकनीकों में बराबर सुधार करने पर जोर दिया है। वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए तोक्यो 2020 पैरालिम्पिक खेलों के लिए भारतीय पैरा एथलीट दल के सदस्यों के साथ संवाद करते हुए श्री मोदी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खेलों, पारंपरिक भारतीय खेलों को नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के ढाई सौ से अधिक जिलों में 360 खेलो इंडिया केन्द्र खोले गये हैं और निकट भविष्य में इन केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर एक हजार कर दी जायेगी। पैराएलिटस को असल चैपियन बताते हुए उन्होंने कहा कि नया भारत एथलिटों को पदक जीतने के लिए दबाव नहीं बनाता। वह चाहता है कि वे बिना किसी मानसिक दबाव से पूरी तरह मुक्त होकर अपना खेल क्षमता का प्रदर्शन करें।
नौ स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए 54 सदस्यों का पैरा एथलीट्स दल तोक्यो पैरालिम्पिक में शामिल होगा। यह पैरालम्पिक खेलों में अब तक का भारत का सबसे बड़ा दल होगा। श्री मोदी ने खिलाडिय़ों से बातचीत में कहा कि लोगों के जीवन में बहुत सारी बाधाएं हैं लेकिन उनमें इच्छा शक्ति के कारण वे जिंदगी में बड़ा करने की ठान लेते हैं।
तीरांदाज ज्योति बाल्यान ने अपने बारे में बताया कि कैसे वे पिता को खोने के बावजूद देश के लिए पदक जीतने की इच्छा रखती हैं। पैरा-तीरांदाज राकेश कुमार ने बताया कि 2010 में दुर्घटना के बाद उन्हें बैठने के लिए भी दो लोगों की मदद लेनी पड़ती थी, लेकिन 2017 में जब उनकी मुलाकात अपने कोच से हुई तो उन्होंने खेल में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और इस प्रकार उनके जीवन में इतना बड़ा परिवर्तन आया। भाला फेंक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया ने बताया कि उनके जिंदगी में कई चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने कभी भी देश के लिए कुछ करने का जज्बा नहीं खोया।
इस अवसर पर खेल और युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पैरा एथलीटों के जुझारू जज्बे को सराहते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने देशभर के एथलीटों को सहयोग करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।


.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

.jpg)
.jpg)

Leave A Comment