चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता पिछले साल के 6 हजार टन से बढ़कर 8 हजार टन प्रतिदिन पहुंची
नयी दिल्ली। देश में तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की उत्पादन क्षमता बढ़कर 8 हजार टन प्रतिदिन हो गयी है। पिछले साल यह 6 हजार टन प्रतिदिन थी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान चिकित्सकीय ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गयी थी।
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापारविभाग में अतिरिक्त सचिव सुमिता डावरा ने कहा कि चिकित्सा मकसद से ऑक्सीजन की आपूर्ति दिसंबर 2019 में एक हजार टन प्रतिदिन से लगभग 10 गुना बढ़कर इस साल मई में 9 हजार 600 टन प्रतिदिन तक पहुंच गयी। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ''हमारी उत्पादन क्षमता मंगलवार को पिछले साल के 6 हजार टन प्रतिदिन से बढ़कर 8 हजार टन प्रतिदिन हो गयी है।'' कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग काफी बढ़ गयी थी। उस समय मांग बढ़कर 9 हजार टन के करीब पहुंच गयी जबकि पहली लहर के दौरान अधिकतम मांग 3 हजार 95 टन थी। अधिकारी ने यह भी कहा कि गैस सिलेंडर नियमों में संशोधन के मसौदे को 25 जून को अधिसूचित किया गया था और डीपीआईआईटी अब विभिन्न पक्ष के परामर्श से विस्फोटक नियमों में संशोधन पर काम कर रहा है।


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