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- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने "नशा मुक्त भारत अभियान" (एनएमबीए) के पाँच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, इस राष्ट्रव्यापी अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु 18 नवंबर 2025 को जिले में व्यापक स्तर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे अपने विभाग के साथ-साथ अधीनस्थ कार्यालयों, आम जनता, जनप्रतिनिधियों, जिलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं (स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और कृषि शिक्षा), गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं, महिला समूहों, स्वयंसेवकों, आध्यात्मिक गुरुओं, व्यापारिक संघों, पंचायती राज संस्थाओं, यूएलबी, पीएसयू, एसएचजी, एनएसएस, एनसीसी, पुलिस जवानों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, श्रमिकों एवं अन्य सभी वर्गों को सम्मिलित करते हुए 18 नवंबर 2025 को व्यापक स्तर पर "नशा मुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत शपथ कराना सुनिश्चित करें।शपथ कार्यक्रम पश्चात् उपसंचालक समाज कल्याण विभाग के E-mail [email protected] पर फोटोग्राफ्स मय पालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
- -प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली जुड़े, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पणरायपुर । महासमुंद जिला पंचायत सभाकक्ष में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली शामिल हुए और दो बहुउद्देशीय केंद्रों का शुभारंभ एवं 13 छात्रावासों का शिलान्यास किया।मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह सहित जनजातीय समाज के प्रमुख उपस्थित थे।अपने संबोधन में मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अल्पायु में ही बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसकी प्रेरणा आज भी जनजातीय समाज को दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय की सराहना की।महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह दिवस आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। वहीं बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष सामाजिक, सांस्कृतिक और अस्तित्व की रक्षा का महाआंदोलन था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समाज की उन्नति के लिए लगातार कार्य जारी हैं।कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी सौंपी गई।महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय एवं सामुदायिक निवेश निधि के चेक तथा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह डेयरी फॉर्म स्थापना हेतु 2 लाभार्थियों को सहायता राशि एवंस्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास हेतु पिछले एक वर्ष में—3025 आधार कार्ड, 1887 आयुष्मान कार्ड, 2102 बैंक खाते, 3099 राशन कार्ड और 1380 सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाए गए।पीएम जनमन के तहत 678 आवास, 26 सड़कें, पेयजल, विद्युत और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएँ दी गईं। धरती आबा कार्यक्रम के तहत 308 गांवों में ग्रामीणों द्वारा विलेज एक्शन प्लान तैयार किया गया।कार्यक्रम से पूर्व मंत्री एवं विधायकगणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की गई तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख, विभिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ और स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर किसानो से धान खरीदी कार्य का कोरबा जिले में आज से शुभारंभ हो गया है। कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की उपस्थिति में आज विकासखण्ड कोरबा के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित केंद्र सोनपुरी में धान खरीदी कार्य का शुभारंभ हुआ। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन की पूजा अर्चना कर धान खरीदी की विधिवत शुरुआत की गई। मंत्री श्री देवांगन ने समिति में धान विक्रय के लिये आए किसान श्री फूलसिंह राठिया का पुष्पमाला भेंटकर स्वागत किया एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक रामपुर श्री फूल सिंह राठिया, कलेक्टर श्री अजीत वसंत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी उपस्थित थे।
- -आवासीय सुविधा के साथ मिला स्वरोजगार का बेहतर अवसररायपुर । कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज बलरामपुर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी), संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र (जीआरसी) तथा समुदाय प्रबंधित ट्रेनिंग सेंटर (सीएमसीटी) का उद्घाटन किया। मंत्री श्री नेताम ने केंद्र के प्रशिक्षण कक्षों, शयनकक्ष, भोजनकक्ष, रसोईकक्ष का बारीकी से अवलोकन किया और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।मंत्री श्री नेताम ने उद्वघाटन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सेंट्रल बैंक द्वारा संचालित आरसेटी एक ऐसा प्रशिक्षण केंद्र है जहाँ गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले सभी बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात बैंक से लिंकेज कराते हुए प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा।मंत्री ने कहा कि यह शुभारंभ विशेष अवसर पर किया जा रहा है, क्योंकि आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय सुविधा के साथ प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षार्थियों को सीखने में कोई बाधा न आए। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करें और सीखे हुए कौशल का उपयोग करते हुए अपने रोजगार को व्यावसायिक रूप से विस्तार दें। उन्होंने जीआरसी केंद्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से जेंडर असमानता, कुपोषण, लैंगिक हिसा, घरेलू हिंसा जैसे मुद्दे तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर किए जाएंगे।समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विभिन्न प्रशिक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। मंत्री श्री नेताम ने सभी से आग्रह किया कि वे स्वयं प्रशिक्षण से जुड़ें और अधिक से अधिक लोगों को भी इससे जोड़ें। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री नेताम ने 10 चयनित व्यक्तियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, बीमा सखी प्रशिक्षण सहित अन्य कौशलों के प्रमाण पत्र वितरित किया।इस दौरान रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा जाति आयोग सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंहदेव, कृषि समिति अध्यक्ष श्री बद्री यादव, नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम, नरपालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी)सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित एक प्रशिक्षण केन्द्र है, जहाँ 60 से अधिक प्रकार के स्वरोजगार मूलक प्रशिक्षण जैसे ब्यूटीपार्लर, फास्ट फूड मेकिंग, सिलाई, मुर्गीपालन, मधुमक्खीपालन, मशरूम उत्पादन, आदि प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं।सभी प्रशिक्षण बेरोजगारों को केंद्र से जोड़कर उन्हें तकनीक देते हुए रोजगार से जोड़ने हेतु आयोजित किए जाते हैं। यहाँ होने वाले समस्त प्रशिक्षण आवासीय युवतियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे।संगवारी जेंडर संसाधन केन्द्रराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समस्त स्व-सहायता समूह की महिलाओं हेतु जेंडर जागरूकता, स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता एवं घरेलू हिंसा, महिला प्रताड़ना जैसे मुद्दों पर महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के माध्यम से निराकरण हेतु कार्य किया जाएगा।समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्रराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत होने वाले विभिन्न आवासीय प्रशिक्षणों हेतु आवासीय प्रशिक्षण भवन की व्यवस्था की गई हैइस प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन संकुल स्तरीय संगठन द्वारा किया जाता है, जिसमें एनआरएलएम के क्षेत्र एवं समूह सदस्यों के क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
- -स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उपार्जन केंद्रों में पूजा अर्चना कर किया शुभारम्भ-किसानों को माला पहनाकर किया गया सम्मानित-खरीदी शुरू होने से किसान उत्साहितरायपुर। बलौदाबाजार जिले में आज धान खरीदी की शुरुआत हुईं। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियो ने उपार्जन केन्द्र में तौल मशीन एवं बांट का पूजा अर्चना धान खरीदी का शुभारंभ किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने किसानों को माला पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। धान खरीदी शुरू होने से किसानों में उत्साह का माहौल है।धान खरीदी के पहले दिन कुल 79 टोकन कटे हैं, जिससे 3019 क्विंटल धान खरीदी की जाएगी। टोकन के अनुसार किसान उपार्जन केंद्रों में अपना धान बेचने पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी 129 समितियो एवं 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी हेतु व्यापक इंतजाम सुनिश्चित किया गया है। पेयजल, शेड, शिकायत पेटी आदि व्यवस्थाए की गई है।कलेक्टर दीपक सोनी ने अपर कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर को धान खरीदी की तैयारी के सम्बन्ध में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं।
- रायपुर । राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्र मालगांव पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं विक्रय के लिए किसान द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार पूजा अर्चना कर धान खरीदी की शुरूआत की। इस अवसर पर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिले के कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, सीईओ श्री हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा सहित श्री महेश जैन, श्री सतीश लाटिया, श्री बृजेश चौहान भी उपस्थित थे। धान खरीदी केन्द्र मालगांव में कृषक तीजूराम उसेण्डी के धान की तौल कराकर खरीदी कार्य की शुरूआत की गई।उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 149 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं तथा धान खरीदी केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खरीदी केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर ली गई है तथा बारदाना भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
- रायपुर। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विकासखण्ड बलरामपुर अंतर्गत डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र पहुँचकर धान खरीदी का शुभारंभ किया। केंद्र में पहुंचने पर मंत्री श्री नेताम का स्थानीय किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। केंद्र में पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा अर्चना कर नई खरीदी सीज़न की शुरुआत की गई। शुभारंभ के बाद कृषि मंत्री की उपस्थिति में पहली धान की तुलाई की गई। किसान ने तौल प्रक्रिया देखकर संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्री नेताम ने किसान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपकी मेहनत से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। सरकार आपके सहयोग के लिए हर समय तैयार है। सुबह से ही कोचली खरीदी केंद्र में किसानों की आवाजाही लगी रही। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने बताया कि खरीदी शुरू होने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगीकृषि मंत्री ने कहा राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को कतार में न लगना पड़े, इसके लिए टोकन व्यवस्था को और सुद्रीढ़ किया गया है। ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस दौरान मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों से खरीदी केंद्र में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने तौल व्यवस्था, भंडारण व्यवस्था, परिवहन सुविधा, टोकन प्रणाली सहित धान खरीदी केन्द्र में व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए, तथा यदि समस्या उत्पन्न होती है तो उसका समाधान उसी दिन किया जाए।
- रायपुर,l राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत आज से हो गई। बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कर धान खरीदी सत्र 2025-26 का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए सफल खरीदी सत्र की कामना की।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने केंद्र में तौल,कांटा-बाट, भंडारण व्यवस्था, किसान पंजीयन, गुणवत्ता परीक्षण और सुरक्षा प्रबंधों आदि उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को बिना किसी बाधा के धान विक्रय की सुविधा मिले और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने निर्धारित टोकन की तिथि पर सहकारी समिति पहुंचकर धान विक्रय करें। मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को समिति में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, छाया की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए l मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि किसानों से धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा l उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि केंद्र में किसी भी किसान को किसी प्रकार की समस्या न हो। धान खरीदी शुरू होते ही किसानों में उत्साह दिखाई दिया और अधिकारी-कर्मचारी खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने में जुटे रहे। इस अवसर पर जिला खाद्य अधिकारी, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -किसान अनंत मंडल को कलेक्टर ने फूलमाला पहनाकर किया स्वागत-धान का सर्वाधिक दाम मिलने से किसानों को मिला लाभसरगुजा ।राज्य शासन के निर्देशानुसार सरगुजा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत आज आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित नमनाकला से हुई। कलेक्टर श्री ने धान खरीदी केंद्र पहुंचकर किसान श्री अनंत मंडल का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और किसानों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ किया।कलेक्टर ने धान समिति केंद्र में तौल, मापक यंत्र, बारदाना, कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को टोकन, तौल या भुगतान में समस्या न हो। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों में व्यवस्था ऐसी हो कि किसान कम समय में अपना धान बेचकर घर लौट सकें।गौरतलब है कि सरगुजा जिले में इस वर्ष 55,937 पंजीकृत किसान और लगभग 58,219 हेक्टेयर में धान का रकबा है। इसके लिए 54 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र में नवीन प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गई हैं तथा सुरक्षा और निगरानी के लिए उड़नदस्ता दल भी गठित किया गया है, जिससे खरीदी कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो। धान खरीदी महापर्व 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक होगी।पहले दिन धान बेचने पहुंचे किसान श्री अनंत मंडल ने बताया कि उनका कुल 78 क्विंटल धान का रकबा है और आज उन्होंने 20 क्विंटल धान का पहला टोकन कटवाया है। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिले में धान बेचने वाला मैं पहला किसान हूं, उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य दिए जाने से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान खाद्य अधिकारी एस. बी. कांमठे, डीआरसीएस सुश्री शिल्पा अग्रवाल, तहसीलदार जेयश कंवर, संयुक्त पंजीयक एन. कुजूर, नोडल अधिकारी सीसीबी पी.सी. गुप्ता, सीईओ सीसीबी सी. चंद्रकार, समिति अध्यक्ष भरोसा राम, सरपंच नारायण प्रसाद, उपसरपंच कृष्ण कुमार सिंह, पंच विकास सिंह, प्रदीप राय, सचिव कुश प्रजापति, पटवारी पंकज जायसवाल तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
- -धान खरीदी का सबसे बड़ा अभियान सक्ती जिले में सारी तैयारियां पूर्ण-धान विक्रय में किसानों को नहीं होगी किसी भी प्रकार की परेशानीसक्ती l राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिले में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है। किसान हित में राज्य सरकार का लगभग ढाई महीने तक चलने वाला यह सबसे बड़ा अभियान होगा। धान खरीदी कार्य 15 नवम्बर से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। धान खरीदी केन्द्रों से लेकर जिला कार्यालयों तक धान खरीदी से जुड़ी तमाम प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कलेक्टर सक्ती ने आज देवरघटा धान उपार्जन केन्द्र पहुँचकर धान खरीदी के कार्यों का निरीक्षण किया तथा धान उपार्जन केन्द्र देवरघटा में नारियल तोड़कर तथा धान विक्रय करने पहुंचे किसान श्री गेंद राम साहू को फूल माला पहना कर धान खरीदी कार्य का शुभारंभ किया lधान खरीदी के शुभारंभ अवसर पर आज सक्ती विकासखण्ड डभरा अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र देवरघटा में देवरघटा निवासी किसान श्री गेंदराम साहू पिता श्री छोटेलाल साहू आज 48 क्विंटल धान विक्रय के लिए पहुंचे, जिस पर कलेक्टर की उपस्थिति में किसान से सुव्यवस्थित रूप से धान खरीदी की गई। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्र में लाये गए धान में नमी की मात्रा का अपनी उपस्थिति में जाँच कराया तथा धान खरीदी से जुड़े सभी अधिकारियों- कर्मचारियों को धान बेचने आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसका विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।कलेक्टर ने शासन से प्राप्त निर्देशानुसार धान खरीदी कार्य व्यवस्थित रूप से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जाएगी। जिले के किसानों में धान खरीदी को लेकर भारी उत्साह का माहौल है। धान खरीदी के शुभारंभ अवसर पर खाद्य अधिकारी, नोडल अधिकारी, शाखा प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
- रायपुर । कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित महराजपुर धान उपार्जन केंद्र में आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी महापर्व का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने परम्परागत रूप से तौल यंत्रों की पूजा-अर्चना कर, किसानों का तिलक करते हुए श्रीफल भेंट किया। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत कर किसानों का उत्साहवर्धन किया।इस दौरान ग्राम कांपा के किसान श्री भगत कौशिक से 36 क्विंटल धान का विक्रय किया गया। उन्होंने किसान के साथ मिलकर धान का तौल कराया एवं किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को जाना। उल्लेखनीय है कि महराजपुर उपार्जन केंद्र के अंतर्गत महराजपुर, कांपा, जीताटोला और डगनिया के कुल 769 पंजीकृत किसान हैं।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने किसानों से आत्मीय चर्चा कर उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, टोकन व्यवस्था एवं खरीदी प्रक्रिया का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करते हुए किसानों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे किसानों को लाभ, सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।उपमुख्यमंत्री ने सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय वृद्धि और कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुव्यवस्थित खरीदी प्रबंधन से इस वर्ष भी किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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-झालखम्हरिया केंद्र में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब एवं विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा एवं संपत अग्रवाल की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
किसानों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाएगा - खुशवंत साहेबमहासमुंद / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का कार्य आज 15 नवम्बर से पूरे प्रदेश सहित महासमुंद जिले में प्रारम्भ हो गया है।इसी क्रम में आज कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखम्हरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री श्री साहेब ने केंद्र पहुंचकर परंपरानुसार कांटा-बांट की पूजा एवं माल्यार्पण किया। इसके बाद धान बेचने पहुंचे किसानों का पुष्पमाला पहनाकर एवं गुलाल तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया तथा किसानों का मुंह मीठा भी कराया गया। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में गांव के कृषक श्री दुर्गेश साहू के 40 क्विंटल धान की तुलाई कर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की गई। इससे केंद्र में खरीदी का वातावरण और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया।कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आज किसानों के लिए उत्सव का दिन है। हमारा राज्य किसानों से ही समृद्ध है।यहां तक कि अयोध्या में श्री राम लला के लिए भोग यही छत्तीसगढ़ से चांवल भेजा गया था। आज से धान खरीदी की शुरुवात हो गई है पिछले साल भी रिकॉर्ड धान खरीदी किया गया था, इस साल भी रिकॉर्ड धान खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरुप धान खरीदी की जा रही है। किसानों को बोनस एवं सभी समितियों में एटीम की सुविधा कराई जा रही है। ताकि किसानो को किसी प्रकार की समस्या न हो। अधिकारी कर्मचारी भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे है। हमारी सरकार किसानों की हितों का पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि आज राज्य को 25 वर्ष पूरे हो गए है। आज राज्य प्रगति पथ पर अग्रसर है। तकनीकी रूप से भी क्षमता बढ़ी है।आने वाला 2047 तक राज्य को विकसित बनाना है। हमारा राज्य देश का पहला विकसित राज्य बनेगा। उन्होंने किसानों को बधाई दी।विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि इस जिले में पूरे राज्य में सबसे अधिक धान खरीदी की जाती है। सिंचाई क्षमता को बढ़ाने कार्य जारी है। सिकासेर और सिरपुर बैराज का काम भी पूर्ण हो गया है। इससे सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वाश व्यक्त किया कि इस वर्ष भी धान खरीदी में जिला इतिहास दर्ज करेगा।बसना के विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप धान खरीदी कि जा रही है। लक्ष्य के अनुरूप खरीदी की जा रही है। सुचारू रूप से धान खरीदी जा रही है। किसानों को किसी तरह परेशानी नहीं होगी। इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यहां के किसानों का लाभ हो, यह सुनिश्चित हो। अवैध धान की खरीदी बिक्री में नजर रखे और प्रशासन का सहयोग करें। आइए इसे एक उत्सव के रूप में मनाएं।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिले में 130 समिति के 182 उपार्जन केंद्रों में खरीदी की जा रही है। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। आज 34 समितियों में 50 किसानों का टोकन कट गया है। आज शाम 5 बजे तक टोकन काट सकते है और धान खरीदी की जा सकती है। यहां जिले में 16 चेक पोस्ट स्थापित किए गए है। अभी तक 23 प्रकरण दर्ज किए गए है जिसमें 3000 किवंटल अवैध धान जप्त की गई है। धान खरीदी केंद्र में किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। प्रशासनिक अमले एवं समिति के कर्मचारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर किसान को समय पर, व्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के धान बेचने की सुविधा मिले। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी, जनपद सदस्य विजय लक्ष्मी जांगड़े, संदीप दीवान, पीयूष साहू, प्रकाश शर्मा, राहुल चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, संदीप घोष, सरपंच श्रीमती अनेश्वरी चंद्राकर, ग्रामीण अध्यक्ष श्याम साकरकर, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, एसडीएम अक्षा गुप्ता ,आसपास के किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे। - -बैंक ऑफ़ बड़ौदा इस संपर्क कार्यक्रम के माध्यम से 600 से अधिक किसानों से जुड़ रहा हैमहासमुंद / भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने आत्मनिर्भरता की ओर थीम के तहत 'बड़ौदा किसान पखवाड़ा' के 8वें संस्करण के एक भाग के रूप में महासमुन्द जिला, छत्तीसगढ़में एक विशाल किसान मेले का आयोजन किया।03 से 15 नवंबर 2025 तक चलने वाली यह वार्षिक पहल, जागरूकता, समावेश और नवाचार के माध्यम से भारत के कृषि और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनकी यात्रा में सहयोग प्रदान करने के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा, रायपुर अंचल के अंचल प्रमुख, श्री दिवाकर प्रसाद सिंह, श्री बानाम्बर बेहेरा, सहायक महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख, धमतरी क्षेत्र, डॉ आर. एल. शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, महासमुन्द, श्री प्रियब्रता साहू, सहायक महाप्रबंधक एवम जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड महासमुन्द, श्री अशोक कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी (NRLM), जिला पंचायत महासमुन्द, श्री अभय पारे, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला महासमुन्द की उपस्थिति रही।इस कार्यक्रम के तहत बैंक द्वारा धमतरी क्षेत्र के किसानों के लिए विशाल किसान मेला, किसान बैठकें, क्रेडिट शिविर और वित्तीय साक्षरता सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में 600 से अधिक किसानों ने अपनी सहभागिता की, जिसमें बड़ी संख्या में 250 किसानों को राशि 25 करोड़ के कृषि ऋण स्वीकृत कर लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। बैंक का रायपुर अंचल, 4 क्षेत्रों के साथ 32 जिलों को कवर करता है। कार्यक्रम के दौरान, बैंक ने विभिन्न स्टॉल में प्रदर्शनी की व्यवस्था की, जिसमें कृषि उपकरण, एसएचजी फूड स्टॉल, नवीनतम वैज्ञानिक उपकरण जैसे खेती में ड्रोन का उपयोग आदि प्रदर्शित किए गए।इस पहल के दौरान, डिजिटल बड़ौदा किसान क्रेडिट कार्ड (डिजिटल बीकेसीसी) और डिजिटल गोल्ड लोन सहित कृषि समुदाय को बैंक ऑफ़ बड़ौदा की प्रमुख डिजिटल पेशकशों से भी अवगत कराया गया। बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने और ग्राहकों की एंड-टू-एंड ऑनबोर्डिंग के उद्देश्य से अपने बड़ौदा किसान क्रेडिट कार्ड (BKCC) को रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) के साथ इंटीग्रेट किया है। इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड लोन के माध्यम से, ग्राहक बैंक के डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपनी सुविधानुसार गोल्ड लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा, रायपुर अंचल के अंचल प्रमुख, श्री दिवाकर प्रसाद सिंहने कहा, बड़ौदा किसान पखवाड़ा जैसी पहलों के माध्यम से बैंक ऑफ़ बड़ौदा भारत के किसानों जो कि हमारे देश की रीढ़ हैं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, हमारा लक्ष्यकृषि को तकनीक उन्मुख बनाना है, ताकि किसानों को बाधा रहित फायनांस प्राप्त करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाया जा सके। बड़ौदा किसान पखवाड़ा किसानों का समर्थन करने की बैंक ऑफ़ बड़ौदा की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसकी इस वर्ष की थीम, 'आत्मनिर्भरता की ओर', ऋण तक आसान एक्सेस, डिजिटल बैंकिंग और प्रमुख सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता के माध्यम से किसानों केसशक्तीकरण के हमारे दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है।बड़ौदा किसान पखवाड़ा को बैंक के भारतीय किसानों के साथ अपने जुड़ाव को गहरा करने, बैंक की विभिन्न कृषि-संबंधी पेशकशों के बारे में जागरूकता लाने और ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में भारत सरकार की पहलों को बढ़ावा देने में सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।बैंक ऑफ़ बड़ौदा की रायपुर अंचल में 212 शाखाएं हैं, जिनमें से 85 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। किसान क्रेडिट कार्ड, स्वर्ण ऋण, ट्रैक्टर ऋण, डेयरी, पोल्ट्री, खाद्य और कृषि प्रसंस्करण, पॉली हाउस कल्टीवेशन, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ऋण आदि, छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि प्रदाता क्षेत्र रहे हैं।
- महासमुंद / मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (एस आई आर) में लापरवाही बरतने के कारण जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय लंगेह द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हेतु संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। इस संबंध में विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतिवेदन के आधार पर पिथौरा के तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा ऐसे 8 वालिंटियर श्री मनोहर साहू प्रधान पाठक, विनोद कुमार मालिक, फूलसिंह बरिहा, निर्मल कुमार पटेल, किशोर पटेल, कुलेश्वर पंडा एवं राजकुमार तिर्की जो वालिंटियर नियुक्त किए गए थे, इन कर्मचारियों पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन के आधार पर कार्यवाही करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है एवं अपना स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।तहसीलदार पिथौरा द्वारा उक्त कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 (SIR) की घोषणा की गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत तहसील पिथौरा के अंतर्गत विधानसभा 40 बसना एवं विधानसभा 41 खल्लारी के सभी मतदान केंद्रों के एन्युमरेशन फार्म वितरण, एकत्रीकरण एवं बी एल ओ एप के माध्यम से डिजिटलीकरण हेतु आपकी नियुक्त वालेंटियर् के रूप में की गई है। जिसमे आपकी निर्वाचन (SIR) जैसे महत्वपूर्ण कार्य मे आपकी अनुपस्थिति पाई गई। आपके द्वारा किया गया कृत्य छग सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के विपरीत है। इस संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण तत्काल प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जवाब प्राप्त न होने अथवा संतोषप्रद न होने पर एक पक्षीय कार्यवाही किए जाने हेतु प्रतिवेदन उच्चाधिकारी को प्रेषित किया जावेगा जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- - बिरसा मुंडा का त्याग और संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणा — मंत्री श्री खुशवंत साहेब-जनजाति गौरव दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, नक्सल प्रभावित शहीद परिवार एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राएं सम्मानित-प्रधानमंत्री ने किया 02 बहुउद्देशीय केंद्र का वर्चुअल शुभारंभ एवं 13 छात्रावास का शिलान्यासमहासमुंद / स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली जुड़कर संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और उनकी प्रेरणादायक विरासत का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।जिला पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, जिला पंचायत सदस्य दुलारी सिन्हा, जनपद सदस्य विजय लक्ष्मी जांगड़े, नीलम दीवान, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव, सम्मान और प्रेरणा का दिन है। हम यहां धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह दिवस आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संघर्ष, त्याग और योगदान को स्मरण करने का पवित्र अवसर है। उन्होंने सभी को आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती की शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, हमारे गौरवशाली इतिहास के उस नायक का नाम है, जिन्होंने न केवल अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, बल्कि पूरे देश को स्वतंत्रता के संघर्ष में एक नई दिशा दी। उनके संघर्ष, उनकी वीरता, और उनकी अटूट संकल्पशक्ति ने हमें यह सिखाया कि यदि हमारा संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने जल, जंगल, और जमीन की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया और आदिवासी समाज के लिए एक नई जागरूकता का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, जिन्होंने बहुत कम आयु में ही जनजातीय समाज को एकजुट करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने, सामाजिक बुराइयों को दूर करने और धार्मिक सुधारों को बढ़ावा देने का महान कार्य किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजों की निर्मम यातनाओं के बीच उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन उनके विचार, उनका आंदोलन और उनकी आत्मा आज भी जनजातीय समाज की ताकत बनकर जीवित है। आदिवासी समाज उन्हें भगवान और धरती आबा के रूप में पूजता है— और यह सम्मान केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि उनके असाधारण योगदान का प्रतीक है।हम सभी इस बात पर गर्व कर सकते हैं कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बिरसा मुंडा जी के जन्मवर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनका यह निर्णय करोड़ों जनजातीय भाइयों-बहनों के आत्मसम्मान और पहचान को एक नई ऊँचाई प्रदान करता है।हम सबको विश्वास है कि पीएम मोदी जी के उद्बोधन से हम सभी को नई दिशा, नई सोच और समाज के लिए निरंतर काम करते रहने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जी की संस्कृति, विचारधारा और बलिदान को आत्मसात करते हुए हम सभी को समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए न्याय, समानता और विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के पाती का पठन भी किया।महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के पावन अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। यह दिन हमारी आदिवासी अस्मिता, साहस, बलिदान और गौरवपूर्ण इतिहास का प्रतीक है। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने अत्याचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ खड़े होकर हमें यह संदेश दिया कि जनता की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। उनके योगदान को देश सदैव सम्मान के साथ याद करता है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएँ, कला, संस्कृति, नृत्य और प्रकृति के प्रति समर्पित जीवनशैली हमें यह बताती है कि आदिवासी समाज हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है।बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी का संघर्ष सिर्फ सामाजिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह अपनी संस्कृति, अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एक महाक्रांति थी। उनकी विरासत हमें सिखाती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, आत्म-सम्मान के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची प्रगति है। आज हम इस जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनकी प्रेरणादायक शिक्षाओं को याद करते हुए यह संकल्प लें कि हम सभी मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री जनजाति समुदाय से है जिससे हमें गर्व का एहसास होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजाति समाज की उन्नति और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहे हैं ।इस अवसर पर प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मोमेंटो प्रदान किया गया। जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में पुष्पलता दीवान, डॉली, अंकिता मांझू को प्रदान किया गया। इसी तरह पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की सांकेतिक चाबी सौंपी गई। आदिवासी महिला एवं जय बूढ़ा देव महिला स्व सहायता समूह को डेढ़ लाख का चेक चक्रीय निधि अंतर्गत तथा श्रद्धा महिला एवं जय मां गायत्री महिला स्व सहायता समूह को 6 लाख रुपए का चेक सामुदायिक निवेश निधि अंतर्गत प्रदान किया गया। 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरण किया गया। डेयरी फॉर्म स्थापना के लिए 2 हितग्राहियों को सहायता राशि 1 लाख 74 हजार रुपए का अलग- अलग चेक प्रदान किया गया। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के 2 परिवार एवं नक्सल प्रभावित 5 परिवारों को मोमेंटो प्रदान किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बताया कि पिछले एक वर्ष में जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के विकास के लिए पीएम योजना के तहत 3025 हितग्राहियों का आधार कार्ड, 1887 का आयुष्मान कार्ड, 2102 का बैंक खाता, 3099 का राशन कार्ड एवं 1380 हितग्राहियों का सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाया गया है। पी एम जनमन अंतर्गत 678 आवास, 26 सड़क, पेयजल, विद्युत आंगनबाड़ी की सुविधा दी गई है। साथ ही धरती आबा कार्यक्रम अंतर्गत 308 ग्रामों में विलेज एक्शन प्लान ग्रामीणों द्वारा तैयार किया गया है। महासमुंद जिला जनजाति विकास के लिए संकल्पित है।इससे पूर्व मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब एवं विधायकगणों ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभागवार विभागीय गतिविधियों के लिए लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान स्व सहायता समूह के स्टॉल का अवलोकन करते हुए स्व सहायता समूह की दीदियों से चर्चा की और उनके द्वारा तैयार किए गए सामग्रियों की सराहना की। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए हितग्राहियों से बातचीत की तथा मुख्य अतिथि ने पशुपालन, स्कूल शिक्षा, समग्र शिक्षा, बिहान आदिम जाति विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का बारी-बारी से अवलोकन किया तथा विभागीय योजनाओं से अवगत होते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यक्रम मेंकार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज प्रमुख श्री भीखम सिंह, बिंझवार समाज प्रमुख श्री हेमसागर बिंझवार, पैकरा समाज से थानसिंह दीवान, उरांव समाज से जागेश्वर उरांव, गौड़ समाज से अरुण ठाकुर, संवरा समाज से सुरेश मालिक, कमार जनजाति प्रमुख मोती राम कमार, कौड़ियां समाज प्रमुखपंच राम, भुजिया समाज प्रमुख कौशल नेताम, खैरवार समाज प्रमुख मालो राम, गोडवाना गोड़ समाज प्रमुख जगदीश सिदार एवं मनराखन, जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अनुविभागीय अधिकारी अक्षा गुप्ता सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, महिला समूह, एवं स्कूली बच्चे मौजूद थे।
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-निर्माण के साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी करें जांच, टिकाऊ हो निर्माण – डॉ. कमलप्रीत सिंह
-गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय कर होगी कार्रवाई-विभागीय सचिव के निर्देश : स्वीकृत कार्यों की निविदा जल्द जारी करें, सड़क मरम्मत के कार्यों में लाएं तेजीरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने शुक्रवार को बिलासपुर और अंबिकापुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों के साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और भवनों के टिकाऊ निर्माण पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खराब काम के लिए जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में शामिल हुए।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्वीकृत कार्यों की निविदा जल्द जारी करने तथा सड़क मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों की मरम्मत का काम दिसम्बर तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने जिन नए कार्यों के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, उन्हें अभियान चलाकर तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने गति अवरोधकों (Speed Breakers) का निर्माण मानकों के अनुरूप करने के साथ ही सड़कों से ब्लैक-स्पॉट हटाने के लिए प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को लगातार दौरे कर निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा।निर्माण के साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी करें जांच, टिकाऊ हो निर्माण – डॉ. कमलप्रीत सिंहविभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों के चौड़ीकरण के कार्यों के लिए भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा जिन उद्देश्यों के लिए भवन, गोदाम, स्टेडियम, ऑडिटोरियम या अधोसंरचना निर्माण के अन्य काम किए जा रहे हैं, वे लोगों के लिए पूर्णतः उपयोगी हों और वहां की सभी चीजें फंक्शनल स्थिति में हों, इसका विशेष ध्यान रखें। विभाग के कार्यों का पूरा लाभ नागरिकों को मिलना चाहिए।डॉ. सिंह ने विभाग द्वारा बनाए जा रहे भवनों में अच्छी गुणवत्ता के खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, पुट्टी और पेंट का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन सुंदर और आकर्षक दिखना चाहिए। विभागीय अभियंता इसमें खुद दिलचस्पी लेकर गुणवत्तायुक्त सामग्रियों का चयन करें। इन कार्यों को केवल ठेकेदारों के भरोसे न छोड़ें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउसों के रखरखाव, सफाई, कन्ज्युमेबल्स की आपूर्ति तथा सुचारू व्यवस्था के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में बिलासपुर और अंबिकापुर परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित दस बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने हिर्री से बिल्हा पहुंच मार्ग का काम आगामी 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग के उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने 59 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत के कोनी-मोपका बाइपास तथा 116 करोड़ 53 लाख रुपए लागत के 39 किमी लंबाई के नांदघाट-मुंगेली मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य के लिए निविदा की कार्यवाही जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर में बिवरेज कार्पोरेशन के गोदाम का काम शीघ्र प्रारंभ करने को कहा।बैठक में बिलासपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई के हॉकी मैदान में गैलरी निर्माण और फ्लड लाइट लगाने का कार्य आगामी दिसम्बर माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। भूतल में छत ढलाई का काम पूरा होने के बाद अभी फिनलिंग तथा प्रथम तल पर गैलरी के स्लैब ढलाई व जोड़ाई का काम प्रगति पर है। अधिकारियों ने बताया कि कटघोरा बाइपास के मजबूतीकरण तथा गौरेला में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण का काम आगामी जनवरी माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सारंगढ़ में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण को अगस्त-2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।अंबिकापुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि बलरामपुर-रामानुंजगंज जिले में राजपुर-प्रतापपुर मार्ग के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का काम 97 प्रतिशत पूरा हो गया है। वहीं कुसमी-सामरी मार्ग के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का कार्य भी 92 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि सलका-केतका-राजापुर-परशुरामपुर-रामानुजनगर-माजा-कुड़ेली मार्ग का काम भी 90 प्रतिशत पूरा हो गया है जिसे अगले माह तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने सूरजपुर के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर मार्ग का निर्माण कार्य मार्च-2026 तक पूर्ण करने की बात कही। लगातार तीसरे दिन आज निर्माण भवन में दो पालियों में दिनभर चली समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, अधीक्षण अभियंता श्री के.पी, संत, अंबिकापुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री बी.एस. बघेल और अधीक्षण अभियंता श्री एम.डी. लहरे भी मौजूद थे। - -भारत के सबसे ऊँचे 140 फीट बैम्बू टावर पर मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण, बेमेतरा बना राष्ट्रीय आकर्षण का केंद्ररायपुर / बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊँचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बाँस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बाँस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा बाँस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बाँस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष श्री अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक श्री अवधेश चंदेल, श्री राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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-बस्तर के सोनारपाल में विकास की नई इबारत
रायपुर।, बस्तर के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को सोनारपाल में 17.54 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में उद्यानिकी महाविद्यालय एवं छात्रावास भवन का निर्माण विशेष रूप से शामिल है। कार्यक्रम में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।उद्यानिकी महाविद्यालय से युवाओं को आधुनिक तकनीक की शिक्षा मिलेगावन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि रखी गई आधारशिला केवल निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र के कृषि भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को सोनारपाल के किसानों और युवाओं के लिए जो सपना देखा गया था, वह अब साकार होता दिखाई दे रहा है। उद्यानिकी महाविद्यालय से युवाओं को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और उन्नत शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे बस्तर पिछड़ेपन से निकलकर प्रगति की नई पहचान बनाएगा।वन मंत्री श्री कश्यप ने रखी उद्यानिकी महाविद्यालय सहित 17.54 करोड़ रुपए के कार्यों की आधारशिलाहर गाँव में विकास की रोशनी पहुंचेवन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास की रोशनी हर गाँव तक पहुँचे और कोई भी क्षेत्र पीछे न रह जाए। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से इन निर्माण कार्यों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प मजबूत होगासांसद श्री महेश कश्यप ने परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। सड़क निर्माण जैसी परियोजनाएं क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को और सशक्त बनाएंगी।परियोजनाओं में कृषि विभाग के अंतर्गत 8 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से उद्यानिकी महाविद्यालय तथा 6 करोड़ 02 लाख रुपए से छात्रावास भवन का निर्माण किया जाएगा। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा 2 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से सम्राट ढाबा मुंजला से देवड़ा बाजार पसरा तक 3 किलोमीटर लंबी पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।वन मंत्री श्री कश्यप की घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई से सोनारपाल के ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल है। लोग इसे अपने क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की शुरुआत मान रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री विनायक गोयल, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। - रायपुर ।छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक करीब 01 करोड़ 93 लाख 50 हजार 843 मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कि प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या का लगभग 92 प्रतिशत है। विगत 04 नवम्बर से एसआईआर की शुरूआत के बाद से बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या दो करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 है।
- -दिसंबर तक पूर्ण होंगे सभी मरम्मत कार्यरायपुर। बिलासपुर जिले की सड़कों को सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा बीटी पेच रिपेयर कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। विभाग ने सभी मरम्मत कार्यों को दिसंबर 2025 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभिन्न उपसंभागों के अंतर्गत प्रमुख मार्गों पर कार्य प्रगति पर है तथा कई मार्गों पर मरम्मत कार्य पूरा भी कर लिया गया है।उप संभाग कोनी में बिलासपुर-रतनपुर फोरलेन, चांटीडीह-खमतराई-बैमा-नगोई, कोनी-मोपका बायपास, रतनपुर-कोटा, सिंघरी-लखराम, सेंदरी-कछार-लोफंदी, सेंदरी-रमतला, कोनी-रमतला और कोनी-बिरकोना मार्ग सहित कुल 49.5 किलोमीटर सड़कों पर बीटी पेच रिपेयर कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर इन मार्गों पर आवागमन सुगम होगा और यातायात दबाव भी कम होगा।बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में डी.पी. वर्मा मार्ग, टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग, श्रद्धानंद वर्मा मार्ग, देहनकर-जेल पहुँच मार्ग, कुदुदण्ड-मंगला मार्ग, इंदिरा सेतु पहुँच मार्ग, बिलासा कन्या पीजी कॉलेज एवं पीजीबीटी कॉलेज पहुँच मार्ग, लिंक रोड तथा पेण्ड्रीडीह-नेहरू चौक मार्ग में मरम्मत कार्य जारी है। इसी तरह बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में बरतोरी-दगोरी, झाल-नगपुरा, बिलासपुर-पासीद, महमंद-फदाखार, झाल-हथफोड़ा, हरदीकला, हवाई पट्टी चकरभाठा, कुआँ-नंगारडीह, बिल्हा-पत्थरखान, हथनी-नवागांव-गोड़ी-उड़गन तथा दर्री-धुमा-सिलपहरी मार्गों पर बीटी पेच रिपेयर कार्य हो रहा है।मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में मल्हार-चिल्हाटी, पचपेड़ी-चिल्हाटी, दर्री-लावर-कोनी, जोंधरा-सोन बसंतपुर, डिंडेश्वरी पहुँच मार्ग, भटचौरा-हरदी-गोबरी-साल्हेगोरी तथा बोहारडीह-केंवटाडीह-भूतहा मार्ग पर मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। उप संभाग क्रमांक 2 के अंतर्गत सीपत-बलौदा-कोरबा मार्ग, सीपत-बेलतरा मार्ग, नवाडीह चौक से सीपत-झलमला-मोहरा मार्ग, अन्य जिला मार्ग, खम्हरिया-सोंठी-नवापारा मार्ग, कोरबी- खोंदरा मार्ग, डबनडीह-भगौडी-दर्राभाठा मार्ग, लिम्हा-लिमतरा मार्ग, लिम्हा-बरपाली मार्ग, नेवसा पहुँच मार्ग, गड़वट पहुँच मार्ग, खैरा-देवरी मार्ग, मोपका-खैरा-गतौरा-जयरामनगर मार्ग, खुजरी-पंधी-देवरीद-रॉक मार्ग, दर्रीघाट-फरहदा मार्ग, सीपत-नरगोड़ा मार्ग तथा नवाडीह चौक-सीपत-झलमला मार्ग शामिल हैं। इनमें से कई मार्गों पर मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है।सभी प्रमुख मार्गों पर मरम्मत कार्य पूरा होने से जिले में आवागमन सुगम, सुरक्षित और तेजी से होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही की सुविधा बेहतर होगी और सड़क नेटवर्क मजबूत होने से आर्थिक तथा सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
- -प्रशिक्षण और जागरूकता पर विशेष जोररायपुर । भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, मध्य क्षेत्र मुख्यालय भोपाल, छत्तीसगढ़ वन विभाग तथा विभिन्न राज्यों के वन विभागों द्वारा शुक्रवार को नवा रायपुर के अरण्य भवन में वन्यजीव अपराध रोकथाम पर अन्तर एजेंसी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे, पुलिस, वन विभाग, केंद्रीय एजेंसियों तथा विभिन्न विशेषज्ञ संस्थाओं के अधिकारी शामिल हुए।बैठक में वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा तथा झारखंड के वरिष्ठ वन अधिकारी, पुलिस अधिकारी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों के 35 अधिकारी भी जुड़े।बैठक में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई, तस्करी नेटवर्क की पहचान, अदालतों में केस प्रस्तुत करने की प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। देशभर में बढ़ते वन्यजीव अपराधों को देखते हुए सभी विभागों ने अपने-अपने सुझाव और अनुभव को साझा किया।छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोरबैठक के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ वन विभाग में वन्यजीव अपराध नियंत्रण और क्राइम सीन डिटेक्शन विषय पर क्षेत्रीय स्तर पर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इस पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली ने सहमति जताई और विभागीय कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने का आश्वासन दिया। साथ ही वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव ने बताया कि स्थानीय मुखबिर तंत्र को मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।वन्य अपराधों की त्वरित जांच और कानूनी प्रक्रिया पर चर्चाप्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी )श्री अरुण कुमार पांडे ने वन्यजीव अपराध प्रकरणों की त्वरित जांच, साक्ष्य संकलन और केस को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।विशेष टास्क फोर्स बनाने पर विचारबैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में वन्यजीव अपराध नियंत्रण के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई, ताकि राज्य में वन्यजीव तस्करी और अवैध व्यापार पर और अधिक प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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रायपुर,। बस्तर ओलंपिक 2025 की तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुक्रवार को कांकेर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग शामिल हुए। उन्होंने विजयी प्रतिभागियों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सांसद श्री नाग ने कहा कि जीवन में खेलों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेल न केवल शारीरिक सुदृढ़ता प्रदान करते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक विचारधारा को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन-मन के लिए खेल और योग का नियमित अभ्यास आवश्यक है तथा इनसे जुड़कर प्रत्येक व्यक्ति सशक्त और आत्मविश्वासी बन सकता है।नरहरदेव पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर अब लाल आतंक से मुक्त होकर नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने हेतु बस्तर ओलंपिक का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विजयी खिलाड़ियों को आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में नागरिक श्री सतीश लाटिया एवं श्री महेश जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व विद्यालयीन छात्राओं द्वारा बस्तर की लोक परंपराओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।समारोह के अंत में विभिन्न खेल विधाओं के विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर श्री अरुण वर्मा, जिला खेल अधिकारी श्री संजय जैन, जनप्रतिनिधिगण, खिलाड़ी, कोच एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। -
-पेसा अधिनियम के नियमों को अधिक प्रभावी बनाने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी विभागों से समन्वय हेतु ली बैठक
रायपुर । पेसा अधिनियम 1996, वन संसाधन अधिकार अधिनियम 2006 एवं सामुदायिक वन प्रबंधन में समन्वयन द्वारा पेशा अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाकर लागू करने हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में महानदी भवन में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रतिनिधि एवं सामाजिक संस्थाओं के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। जहां वर्ष 2022 में पेसा अधिनियम के तहत बनाये गए नियमों की समीक्षा की गई। जिसमें अधिनियम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी नियमों पर एक एक कर चर्चा की गई एवं इसको लागू करने के लिए तरीकों पर भी बात की गई।पेसा ग्रामों की सीमाओं का पारम्परिक तरीके से हो निर्धारण- उपमुख्यमंत्री श्री शर्माइस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम सीमा के निर्धारण एवं ग्राम पंचायतों में निहित छोटे ग्रामों को वित्तीय अधिकार से सम्पन्न करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने पेसा ग्रामों के तहत निर्धारित मापदण्डों में ग्रामों की पारम्परिक सीमा को शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह ग्राम पंचायतों का अधिकार है कि वे आपसी सामंजस्य से अपने रूढ़िगत सीमाओं का सीमांकन करें।पेशा ग्रामों में चलाया जाए विशेष जागरूकता अभियानउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पेशा ग्रामों में नियमों के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को कहा। इसके साथ ही नियद नेल्ला नार ग्रामों एवं पेसा विकासखंडों में 5-5 ग्रामों का चयन कर विशेष जागरूकता अभियान चला कर ग्रामीणों को उनके विशेषाधिकारों से अवगत कराने एवं किसी भी प्रकार के अफवाह से बचाने के निर्देश दिए। उन्होंने समाजशास्त्र से जुड़े विश्वविद्यालयों के छात्रों की सहायता से पेसा ग्रामों का सर्वे कराकर गांव की पद्धतियों, रूढ़ियों, परम्पराओं का डॉक्यूमेंटेशन कराने के निर्देश दिए।उन्होंने राजस्व ग्राम पंचायतों के भीतर ग्राम सभा की समिति के अनुमोदन से ग्रामों के निर्माण करने के निर्देश दिए। जिसके तहत उन्होंने अधिनियम के अंतर्गत बने ग्रामों को और अधिक अधिकार सम्पन्न बनाने हेतु उन्हें वित्तीय अधिकार प्रदान करने एवं आहरण के अधिकार स्थानीय समिति को प्रदान करने को कहा।पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष का ग्राम करेंगे प्रयोगउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पेसा ग्रामों में पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष के प्रयोग के लिए नियम निर्माण करने को कहा जिससे पेसा ग्राम के अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधि पंचायत निधि एवं ग्राम सभा कोष का समुचित प्रयोग कर सकेंगे। पेसा ग्राम का अलग कार्यालय, खाता, कोष एवं लेटर हेड प्रदान किया जाएगा। पंचायत के संसाधनों के उपभोग, लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन एवं उनके समुचित प्रबंधन को लेकर अधिकार भी ग्राम को प्रदान किये जायेंगे। हर पेसा ग्राम में वार्षिक रूप से विक्रय किये गए भूखंडों का विश्लेषण भी किया जाएगा, जिससे ग्राम के कार्यों में पारदर्शिता आएगी।एफआरए एवं पेसा अधिनियम की विसंगतियां की जाएंगी समाप्तउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वनाधिकार अधिनियम एवं पेसा अधिनियम में बनाये गए नियमों में विसंगतियों के कारण आ रही समस्याओं के समाधान के लिए नियमों में बदलाव करते हुए पेसा ग्रामों को अधिक सशक्त बनाने को कहा। उन्होंने पंचायतों के निर्णय का डिजिटल रिकॉर्ड मेंटेन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्मित 'निर्णय ऐप' एवं 'सभागार ऐप' का प्रयोग आवश्यक करने के निर्देश दिए।राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति करेगी समन्वय का कार्यपेसा के तहत विभिन्न विभागों के एक ही विषय पर बने अलग अलग नियमों के अभिशरण कर लोगों में शंका की स्थिति को समाप्त करने को कहा। इसके लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति कार्य करेगी और विभागीय मंत्री एवं सचिव इसके सदस्य होंगे। पेसा के तहत अब तक शिथिल पड़ी जिला स्तरीय पेसा निगरानी समिति को भी कार्यशील किया जाएगा जो पेसा लागू करवाने का कार्य करेगी।वनांचल विज्ञान केंद्र बनेंगे पेसा ग्रामों के लिए परिवर्तनकारीइस अवसर पर आसना में अपने तरह के अनोखे वनांचल विज्ञान केंद्र को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। जहां उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इसे परिवर्तनकारी बताते हुए कहा की पेसा ग्रामों में उत्पादित वनोपजों के प्रसंस्करण, संग्रहण, विपणन के आधुनिक तरीकों के संबंध में युवाओं को जागरूक करते हुए ग्राम के प्राकृतिक संसाधनों से युवाओं को रोजगार दिलाना हमारा लक्ष्य है।पेसा ग्रामों में विकास के लिए प्रायोगिक रूप से 100 ग्रामों के युवाओं का हुआ चयनपेसा ग्रामों के विकास के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही प्रायोगिक परियोजना की जानकारी अदिकरियों ने दी। जिसमें बताया कि राज्य के 16 अनुसूचित जिलों के 100 पेसा ग्रामों का चयन कर उनमें युवाओं को ग्राम विकास में सहभागी बनाने के लिए चयन किया गया है। जहां गांव के पढ़े लिखे ये युवा ग्रामीणों को पीएम आवास योजना, पीएम किसान योजना, आयुष्मान योजना आदि शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ उनका आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आयुष्मान कार्ड आदि के निर्माण में सहायता करेंगे। इन सभी को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा।आत्मनिर्भर ग्राम संकल्पना के ग्राम के विकास के लिए कार्य करेंगे ग्रामीण- उपमुख्यमंत्री श्री शर्माइस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाना है। आत्मनिर्भर ग्राम की संकल्पना अनुसार जब ग्रामीण अपने ग्राम के विकास के लिए स्वयं कार्य करेंगे तो बेहतर विकास किया जा सकेगा, जो लोगों के मनोभाव अनुरूप होगा। इसके लिए सर्वाधिक प्राथमिकता सुकमा, बीजापुर और अबूझमाड़ क्षेत्र को दी जाएगी। जहां ग्रामों को अपने विकास और संरक्षण के लिए स्वायत्तता दी जाएगी।इस बैठक में सचिव श्री भीम सिंह, पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती प्रियंका ऋचा महोबिया, अपर संचालक आदिम जाति कल्याण श्री संजय गौर, संयुक्त संचालक पंचायत श्री दिनेश अग्रवाल, सामाजिक संस्थाओं से विषय विशेषज्ञ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
-प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर हुई व्यापक चर्चा
-प्रदेश में 14 नई सिंचाई परियोजनाओं को मिली सैद्धांतिक सहमतिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लिए 14 नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सिंचाई नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि भूजल स्तर में सुधार होगा और पेयजल आपूर्ति को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।बैठक में सरगुजा, बस्तर सहित मैदानी इलाकों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की रूपरेखा, लागत और उनके लाभों की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्रदेशभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।गौरतलब है कि इन परियोजनाओं के माध्यम प्रदेश में लगभग 01 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले के अंतर्गत देउरगांव बैराज सह उदवहन सिंचाई परियोजना, बस्तर जिले के अंतर्गत मटनार बैराज सह उद्धवहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना, अहिरन से गाजरीनाला जल संवर्धन निर्माण (खारंग अहिरन लिंक परियोजना) कार्य, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना, कुम्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि (जलावर्धन) योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुम्हारी जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य, दुर्ग जिले के विकासखण्ड धमधा के सहगांव उद्धवहन सिंचाई योजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में लमती फीडर जलाशय एवं नहरों का निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा एनीकट में पेय जल हेतु चौकी एनीकट से मोहारा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना, जशपुर जिले के मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई योजना की स्वीकृति,जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगों परियोजना अंतर्गत वृहद परियोजना ऑगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई परियोजना, कोरबा जिले के अंतर्गत मड़वारानी बैराज निर्माण सह उदवहन सिंचाई योजना, गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर (पाईप लाईन) योजना तथा बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना के बाएं तट नहर के आर्वधन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्धवहन फीडर सिंचाई का निर्माण कार्य शामिल किया गया है।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे। -
सड़कों में तेजी से चल रहा बीटी पेच रिपेयर कार्य*
बिलासपुर/जिले की सड़कों को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा बीटी पेच रिपेयर कार्य जोरों से जारी है। विभाग ने सभी मरम्मत कार्यों को दिसंबर माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उप संभाग कोनी में बिलासपुर-रतनपुर फोरलेन, चांटीडीह-खमतराई-बैमा-नगोई, कोनी-मोपका बायपास, रतनपुर-कोटा, सिंघरी-लखराम, सेंदरी-कछार-लोफंदी, सेंदरी-रमतला, कोनी-रमतला और कोनी-बिरकोना मार्ग सहित कुल 49.5 किलोमीटर सड़कों का बीटी पेच रिपेयर किया जा रहा है।
वहीं उपसंभाग क्रमांक 1 के अंतर्गत बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में डीपी वर्मा मार्ग, टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग, श्रद्धानंद वर्मा मार्ग, देहनकर और जेल पहुँच मार्ग, कुदुदण्ड-मंगला मार्ग, इंदिरा सेतु पहुँच मार्ग, बिलासा कन्या पीजी कॉलेज और पीजीबीटी कॉलेज पहुँच मार्ग, लिंक रोड और पेण्ड्रीडीह-नेहरू चौक मार्ग में मरम्मत कार्य जारी है। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र की सड़कों में बरतोरी-दगोरी, झाल-नगपुरा, बिलासपुर-पासीद, महमंद-फदाखार, झाल-हथफोड़ा, हरदीकला, हवाई पट्टी चकरभाठा, कुआँ-नंगारडीह, बिल्हा-पत्थरखान, हथनी-नवागांव-गोड़ी-उड़गन और दर्री-धुमा-सिलपहरी मार्ग शामिल हैं। मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र में मल्हार-चिल्हाटी, पचपेड़ी-चिल्हाटी, दर्री-लावर-कोनी, जोंधरा-सोन बसंतपुर, डिंडेश्वरी पहुँच मार्ग, भटचौरा-हरदी-गोबरी-साल्हेगोरी और बोहारडीह-केंवटाडीह-भूतहा मार्ग पर बीटी पेच रिपेयर कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार उप संभाग क्रमांक 2 के अंतर्गत सीपत बलौदा कोरबा मार्ग, सीपत बेलतरा मार्ग, नवाडीह चौक से सीपत झलमला मोहरा मार्ग, मुख्यालय उपंखड 2 अंतर्गत अन्य जिला मार्ग, खम्हरिया सोंठी नवापारा मार्ग, कोरबी खोंदरा मार्ग, डबनडीह भगौडी दर्राभाठा मार्ग, सीपत बेलतरा मार्ग, लिम्हा लिमतरा मार्ग, लिम्हा बरपाली मार्ग, नेवसा पहुंच मार्ग, गड़वट पहुंच मार्ग, खैरा से देवरी मार्ग, मोपका खैरा गतौरा जयरामनगर मार्ग, खुजरी पंधी देवरी रॉक मार्ग, दर्रीघाट से फरहदा मार्ग, सीपत से नरगोड़ा मार्ग और नवाडीह चौक से सीपत झलमला मार्ग शामिल है। इनमें से कुछ सड़कों का मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन सभी सड़कों की मरम्मत से यात्रियों और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।



























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