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- -बकरी पालन और सब्जी उत्पादन से बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से मिला संबल, अब अन्य महिलाओं को भी दे रहीं स्वरोजगार का संदेशरायपुर ।छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के ग्राम लुरघुट्टा की श्रीमती पूनम कुशवाहा ने मात्र 25 हजार रुपये के छोटे से ऋण को आजीविका के बड़े अवसर में बदलकर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि श्रीमती पूनम कुशवाहा आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।एक समय ऐसा था जब परिवार की आजीविका केवल उनके पति की सीमित आय पर निर्भर थी, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। परिवार की आय बढ़ाने की इच्छा तो थी, लेकिन संसाधनों और पूंजी की कमी रास्ते में बाधा बनी हुई थी। इसी दौरान पूनम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पार्वती महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नियमित बचत, प्रशिक्षण और बैंक लिंकेज जैसी सुविधाएं मिलीं तथा 25 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।श्रीमती पूनम ने इस राशि का उपयोग उन्नत नस्ल की बकरियां खरीदने में किया और वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन शुरू किया। बकरियों से प्राप्त जैविक खाद का उपयोग करते हुए उन्होंने अपनी बाड़ी में टमाटर, मिर्च, बैंगन सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी प्रारंभ किया। आज स्थानीय बाजार में सब्जियों की बिक्री और बकरियों के विक्रय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है।इस अतिरिक्त आय से बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों को पूरा करना आसान हुआ है। साथ ही वे स्व-सहायता समूह से लिए गए ऋण का समय पर भुगतान भी कर रही हैं।श्रीमती पूनम कहती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की नई दिशा मिली है। उनका मानना है कि छोटा सा आर्थिक सहयोग भी यदि सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो वह जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
- -एक वर्ष में 5 लाख की कमाई, खरीदने दूर-दूर से पहुंचते हैं ग्रामीण-सुकमा के मीठे झींगे ने रायपुर के मंच पर दिलाया सम्मानसुकमा ।भारत जैसे कृषि प्रधान देश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सहायक व्यवसायों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सुकमा जिले में “नीली क्रांति“ ग्रामीण विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक नया और सशक्त आधार बनकर उभरी है। कम लागत, कम समय में बेहतर मुनाफे और बाजार में बढ़ती मांग के कारण मत्स्य व मीठे पानी में झींगा पालन की लोकप्रियता ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के खेती को सिर्फ धान तक सीमित न रखकर उद्यानिकी, दुग्ध और मत्स्य पालन जैसे आयवर्धक क्षेत्रों से जुड़ने के आह्वान का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है।शासन की कल्याणकारी योजनाएं आज ग्रामीण युवाओं और पारंपरिक किसानों के लिए संबल साबित हो रही हैं। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण सुकमा जिले के दुब्बाटोटा निवासी श्री मड़कम देवा हैं, जिन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ उठाकर झींगा और मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाया। मत्स्य पालन विभाग द्वारा उन्हें तालाब निर्माण के लिए 7.20 लाख रूपये का लोन स्वीकृत किया गया, जिसमें 4.20 लाख रूपये का भारी अनुदान शामिल था। इसके साथ ही, 24 घंटे पानी की सुचारू सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए क्रेड़ा विभाग द्वारा उन्हें सब्सिडी पर सोलर पंप की अनमोल सुविधा भी दी गई, जिसने उनकी राह बेहद आसान कर दी।मड़कम देवा ने न सिर्फ वित्तीय सहायता का लाभ लिया, बल्कि कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग से समय-समय पर आधुनिक मत्स्य पालन का तकनीकी प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। इसी वैज्ञानिक पद्धति और कड़ी मेहनत का नतीजा है कि इस वर्ष अकेले जून माह में ही उन्होंने लगभग 2.50 क्विंटल झींगा और 15 क्विंटल मछली की बंपर बिक्री की। इस उत्पादन से उन्हें करीब 5 लाख रूपये की शानदार आय अर्जित हुई है। झींगा पालन के क्षेत्र में सुकमा का नाम रोशन करने के लिए विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के हाथों मड़कम देवा को सम्मानित भी किया जा चुका है। दूर दूर से लोग दुब्बा टोटा मछली और झींगा खरीदने के लिए आते हैं।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहाँ मीठे पानी के झींगा पालन की अपार संभावनाएँ हैं। मड़कम देवा जैसे प्रगतिशील किसान आज हमारे ग्रामीण युवाओं के लिए रोल मॉडल बन रहे हैं। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शासन की मंशानुसार अंतिम छोर के व्यक्ति तक इन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। हम सुकमा के अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य और झींगा पालन जैसे उन्नत सहायक व्यवसायों से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, ताकि जिला आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छू सके।सीमित भूमि और कम पूंजी में शुरू होने वाला यह व्यवसाय आज मत्स्य बीज उत्पादन, चारा निर्माण, परिवहन और मार्केटिंग जैसे कई अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोल रहा है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण बाजार में मछली और झींगे की मांग साल भर बनी रहती है, जिससे किसानों को निरंतर आय होती है। विभाग का कहना है कि जो भी इच्छुक ग्रामीण या युवा इन योजनाओं के जरिए अपनी तकदीर बदलना चाहते हैं, वे अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। निश्चित रूप से, यह पहल आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
- सक्ती । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहभागी बनने का अवसर दे रही है। सक्ती जिले के ग्राम पंचायत जेठा निवासी श्रीमती लक्ष्मीन सिदार भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार का अनुभव कर रही हैं। श्रीमती लक्ष्मीन सिदार बताती हैं कि पहले घरेलू खर्चों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि ने उनके परिवार को आर्थिक राहत प्रदान की है। योजना की राशि नियमित रूप से उनके बैंक खाते में जमा हो रही है और अब तक उन्हें 28वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। वे प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पालन पोषण तथा घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इससे परिवार का आर्थिक बोझ कम हुआ है और बच्चों की पढ़ाई भी सुचारु रूप से जारी है। श्रीमती लक्ष्मीन सिदार का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
- - शिक्षा गुणवत्ता सुधारने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देशरायपुर। शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने आज बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि बस्तर के समग्र विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया।उन्होंने प्राथमिक स्तर पर गणित, हिंदी और अंग्रेजी की मजबूत आधारशिला तैयार करने के लिए कैलेंडरवार, शालावार एवं विषयवार समय-सारणी के अनुसार पढ़ाई कराने तथा नियमित रिवीजन टेस्ट आयोजित करने के निर्देश दिए।बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक श्री एच.आर. सोम सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान आधार बेस ऐप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके ऐप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली गई। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री ने अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर वापस भेजने संबंधी निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की।श्री यादव ने बसाहटवार प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना, बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए पोटा केबिनों में अंतरजिला विद्यार्थियों को प्रवेश देने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर विषयवार यूनिट टेस्ट एवं तिमाही परीक्षाएं आयोजित करने तथा कमजोर विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जिला एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को दिए।बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त एवं युक्तियुक्तकरण किए गए पदों, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना एवं गैप एनालिसिस की प्रगति की भी समीक्षा की गई। छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह एवं न्यौता भोजन, निर्माण कार्यों तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री श्री यादव ने स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने, जर्जर विद्यालय भवनों को नियमानुसार ध्वस्त कराने, विद्यालयों की आवश्यक मरम्मत एवं छोटे कार्यों में उपलब्ध बजट का उपयोग करने तथा पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवितरित पुस्तकों का संकुल एवं विद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बैठक में संभाग में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति से मंत्री को विस्तारपूर्वक अवगत कराया।बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं उपहार वितरित किए तथा उन्हें मेहनत, लगन और नियमित अध्ययन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
- -वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और सर्कुलर इकोनॉमी पर विशेषज्ञों ने किया मंथन-250 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, बल्क वेस्ट जेनरेटरों की जवाबदेही और जीरो वेस्ट स्टेट के लक्ष्य पर दिया गया जोररायपुर / छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, संग्रहण, प्रसंस्करण एवं पर्यावरण अनुकूल निस्तारण सहित नियमों के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरों के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा वैज्ञानिक प्रबंधन में नागरिकों, स्थानीय निकायों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।क्षेत्रीय अधिकारी श्री पी.के. रबड़े ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनका उद्देश्य कचरे को संसाधन के रूप में उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत बल्क वेस्ट जेनरेटरों को अपने द्वारा उत्पन्न कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का सफल मॉडल विकसित किया है। साथ ही बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सीमेंट संयंत्रों में नगरीय ठोस अपशिष्ट से तैयार आर.डी.एफ. (Refuse Derived Fuel) का ईंधन के रूप में उपयोग कर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामूहिक प्रयासों से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को जीरो वेस्ट स्टेट बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।कार्यशाला में राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा (स्वच्छ भारत मिशन), कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कुमार कडू, मुख्य रसायनज्ञ श्रीमती नीलिमा सोनकर तथा सहायक अभियंता श्री प्रवीण कुमार नाग ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्रसंस्करण तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम में शहरी एवं ग्रामीण निकायों के प्रतिनिधि, उद्योग प्रतिनिधि, बल्क वेस्ट जेनरेटर, ईको क्लब समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 250 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना, विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना था।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, सहकारिता को नई दिशा देने जुटेंगे प्रदेशभर के प्रतिनिधिरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 3 और 4 जुलाई को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप करेंगे।इस आयोजन का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाना, किसानों और सहकारी संस्थाओं को सशक्त करना तथा "सहकार से समृद्धि" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। सम्मेलन में प्रदेशभर से सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।3 जुलाई को होगी सहकार संकल्प दौड़सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत 3 जुलाई को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव, तेलीबांधा में सहकार संकल्प दौड़ आयोजित की जाएगी। इस दौड़ का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सहकारिता के संदेश को आमजन तक पहुंचाना है।दो दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन3 और 4 जुलाई को सुबह 11 बजे से कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में सहकारी नीतियों, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।प्रदेशभर के सहकारिता प्रतिनिधि होंगे शामिलसम्मेलन में अपेक्स बैंक, राज्य सहकारी संघ, मार्कफेड, लघु वनोपज सहकारी संघ, हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, अन्त्यावसायी वित्त एवं विकास निगम सहित विभिन्न जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि अपनी सहभागिता देंगे।सहकार से समृद्धि का मिलेगा संदेशसहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक ने प्रदेश के किसानों, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवाओं और आम नागरिकों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। यह आयोजन सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास, किसान सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा।
- -वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत, नए स्कूल भवन का किया लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में दोनों अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बच्चों को स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई।शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्यवनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि शिक्षा एक मजबूत और विकसित समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर सकें।सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीक का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।बनियागांव में नए स्कूल भवन का लोकार्पणशाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर ग्राम बनियागांव में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया गया। नए भवन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधायुक्त वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।स्मार्ट टीवी और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मानकार्यक्रम में विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।बच्चों के साथ किया सहभोजकार्यक्रम के अंत में वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शाला प्रवेश उत्सव ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का नया संदेश दिया।
- -कभी बंद पड़े स्कूलों में फिर लौटी रौनक, बदलते बस्तर की नई तस्वीररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है। इसका प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का पीडिया क्षेत्र है, जहां 21 वर्षों बाद बंद पड़े 11 स्कूलों का दोबारा संचालन शुरू हुआ है। अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। यह बदलाव केवल स्कूल खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में विश्वास, विकास और नई उम्मीद की वापसी का प्रतीक है।प्रवेशोत्सव में बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागतपीडिया में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। वहीं बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित कर उनका विद्यालय में प्रवेश कराया गया।बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।11 गांवों में फिर शुरू हुई पढ़ाईमाओवादी हिंसा के कारण वर्षों पहले बंद हुए पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के स्कूल अब फिर से संचालित होने लगे हैं। इससे बच्चों को अब पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।इस वर्ष 37 स्कूलों का हुआ पुनः संचालनजिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने बताया कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुल 37 बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया जा चुका है। इन स्कूलों में भवन, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है लक्ष्यकलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में अब शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हुई है, वहां बंद स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।बदलते बस्तर की नई पहचानपीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों का फिर से खुलना बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। जिन गांवों में कभी भय का माहौल था, वहां आज बच्चों की मुस्कान, पाठशालाओं की चहल-पहल और शिक्षा का उजाला दिखाई दे रहा है। यह सफलता बताती है कि सरकार के सतत प्रयासों से अब बस्तर शिक्षा, विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- -बिहान की दीदी के परिवार को समय पर मिली सहायता, मुश्किल दौर में बनी सरकार की जनकल्याणकारी योजना का सहारारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर वनांचल तक पहुंच रहा है। सुकमा जिले में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने एक जरूरतमंद परिवार को कठिन समय में आर्थिक सहारा देकर संवेदनशील शासन व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया है।दुख की घड़ी में मिला आर्थिक संबलसुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के ग्राम आरलमपल्ली की दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़ी बिहान की दीदी दुधी सन्नी का 8 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल गई।दो महीने में मिला दो लाख रुपये का बीमा दावाजिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में बिहान योजना की टीम ने तुरंत बीमा दावा तैयार कर भारतीय स्टेट बैंक की दोरनापाल शाखा को भेजा। बैंक ने भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता से पूरी कीं।संयुक्त प्रयासों का परिणाम यह रहा कि मृतिका के पति एवं नामिनी दुधी सोमा के बैंक खाते में 27 मई 2026 को मात्र दो महीने के भीतर 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि जमा हो गई। यह सहायता राशि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक द्वारा हितग्राही को प्रदान की गई।टीमवर्क से मिली समय पर राहतइस कार्य में भारतीय स्टेट बैंक दोरनापाल के शाखा प्रबंधक श्री आनंद सिंह, बिहान की पीआरपी श्रीमती रूकमणी कर्मा तथा एफएलसीआरपी कुमारी शालिनी ओडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले परिवार को बिना अनावश्यक विलंब के आर्थिक सहायता मिल सकी।गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन रही योजनाप्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। परिवार के कमाने वाले सदस्य के असामयिक निधन की स्थिति में मिलने वाली बीमा राशि संकट की घड़ी में बड़ा सहारा साबित होती है।दुधी सन्नी के परिवार की यह कहानी बताती है कि जब शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचता है, तो वह न केवल आर्थिक सहायता देता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में परिवार को नया संबल और विश्वास भी प्रदान करता है।
- -ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 125 दिनों के रोजगार और बढ़ी मजदूरी का मिलेगा लाभरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सुकमा जिले में विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) अभियान का शुभारंभ किया गया। शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कलेक्टर श्री अमित कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य "विकसित गांव से विकसित भारत" के संकल्प को साकार करना और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति देना है।125 दिनों तक मिलेगा रोजगारकार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है।ग्रामीण श्रमिकों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए दैनिक मजदूरी 262 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।ग्रामीण विकास के प्रमुख कार्यों पर रहेगा फोकसयोजना के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास, आजीविका के नए अवसर, बाढ़ प्रबंधन तथा अन्य जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।ग्राम पंचायतों की होगी महत्वपूर्ण भूमिकाकार्यक्रम में अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के प्रभावी संचालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से गांवों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा।इस अवसर पर जानकारी दी गई कि 2 जुलाई 2026 को विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर सुकमा जिले में भी जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- -वनांचल के आदिवासी बच्चों को मिलेगी नि:शुल्क हाईटेक शिक्षारायपुर । छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल और दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने की दिशा में धमतरी जिले को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राज्य शासन के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने जिले में एक नए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस नए संस्थान के शुरू होने से जिले के दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों के होनहार आदिवासी विद्यार्थियों को आधुनिक, उत्कृष्ट और पूरी तरह से नि:शुल्क आवासीय शिक्षा मिल सकेगी।गौरतलब है कि धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के पथररीडीह में पहले से संचालित एकलव्य विद्यालय अपने बेहतरीन शैक्षणिक रिकॉर्ड, शानदार अधोसंरचना और खेल-कूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण पूरे प्रदेश में मॉडल स्कूल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इसी सफलता और स्थानीय मांग को देखते हुए सरकार ने जिले को दूसरे एकलव्य स्कूल की सौगात दी है।इस नए एकलव्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।डिजिटल क्लासरूम, एडवांस साइंस और कंप्यूटर लैब, समृद्ध लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं। चयनित विद्यार्थियों को मुफ्त आवास, पौष्टिक भोजन, यूनिफॉर्म, कॉपी-किताबें और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।नियमित पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को NEET, JEE, और CLAT जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनुभवी शिक्षकों द्वारा विशेष कोचिंग और करियर काउंसलिंग दी जाएगी।इस नए विद्यालय की स्थापना से न सिर्फ शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। स्कूल के संचालन, छात्रावास प्रबंधन, सुरक्षा और रखरखाव जैसे कार्यों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय भवन के निर्माण के लिए जल्द से जल्द उपयुक्त स्थल की तलाश करने और सभी कागजी प्रक्रियाएं समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि जनजातीय अंचल के बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है। यह पहल दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को महानगरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी माहौल देगी। हमारा प्रयास है कि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी हों ताकि बच्चों को इसका लाभ तुरंत मिल सके।जिले को मिली इस बड़ी शैक्षणिक सौगात पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, शिक्षाविदों और आदिवासी समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने खुशी जाहिर की है। सभी ने मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला धमतरी के शैक्षणिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। file photo
- -पुत्री के लिए आवश्यक दस्तावेज मिलने से शासकीय योजनाओं का लाभ पाने का मार्ग हुआ आसान-441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध, 30 से अधिक विभाग जुड़ेरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु केंद्र राज्य के जिलो में जनसेवा और सुशासन का सशक्त माध्यम बनकर लोगों को राहत पहुंचा रहा है। इसी तारतम्य में सक्ति जिला में कलेक्टर सक्ती श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में ग्राम कुम्हारीपठान निवासी श्री राज कुमार सिदार ने अपनी पुत्री गीतांजली के लिए जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र एवं आय प्रमाण-पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया।केंद्र द्वारा आवेदन का सफलतापूर्वक ऑनलाइन पंजीयन कर संबंधित विभाग को अग्रेषित किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद हितग्राही को सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र समय पर जारी कर दिए गए। समय पर दस्तावेज प्राप्त होने से राज कुमार सिदार की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ तथा उनकी पुत्री के लिए विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग भी सुगम हो गया। राज कुमार सिदार ने बताया कि उन्हें अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन इतनी शीघ्र कार्रवाई होने से वे बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केंद्र आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है और इसके माध्यम से लोगों को समय पर राहत मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज कुमार सिदार ने कहा कि शासन की संवेदनशील और जनहितैषी कार्यप्रणाली से आम नागरिकों को वास्तविक लाभ मिल रहा है तथा जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें समय पर राहत प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई सेवा सेतु केंद्र की पहल के अंतर्गत अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, नाम परिवर्तन, भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सेवा सेतु पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेवा सेतु नागरिकों को वन स्टॉप सॉल्यूशन उपलब्ध करा रहा है, जिससे लोग ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में विभिन्न सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह पहल केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन का भी प्रतीक है, जिससे शासन व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।पूर्व में ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। आमजन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया, जिसमें अब 441 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें 54 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का भी एकीकरण किया गया है। वर्तमान में 30 से अधिक विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। पूर्व में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से सीमित शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन सहित अनेक नागरिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों को और अधिक मजबूती मिली है।
- -भूमि के अनुरूप परमिट जारी कर तत्काल उपलब्ध कराया गया उर्वरक-किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का जताया आभार-मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बन रही जनसेवा, सुशासन और त्वरित समस्या समाधान का प्रभावी माध्यमरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जनसेवा, सुशासन और जवाबदेही के प्रति शासन की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रभावी माध्यम बनकर लोगों को समय पर राहत प्रदान कर रही है। सक्ति जिला कलेक्टर कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का गंभीरता, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में सक्ति जिला के विकासखंड डभरा के ग्राम चुरतेली निवासी कृषक श्री रघुनंदन सिदार ने कृषि आदान (उर्वरक) उपलब्ध नहीं होने संबंधी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई थी।शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर शिकायतकर्ता से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। जांच उपरांत विकासखंड डभरा अंतर्गत प्राथमिक सेवा सहकारी समिति कुसमूल के माध्यम से कृषक की भूमि के अनुरूप परमिट जारी कर आवश्यक उर्वरक तत्काल उपलब्ध कराया गया। साथ ही शिकायत का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए शिकायतकर्ता को आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई। शिकायत के त्वरित समाधान से संतुष्ट श्री रघुनंदन सिदार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ और समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से खेती संबंधी कार्य प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनहितैषी कार्यप्रणाली आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण कर उन्हें राहत प्रदान की जा रही है, जो सुशासन की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय पहल है।
- -’सेवा सेतु’ ने दी राहत, कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना समय पर मिला आय प्रमाण-पत्ररायपुर । शासन की जनहितकारी पहल ‘सेवा सेतु’ आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की सहज, सरल और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित कर रही है। डिजिटल माध्यम से संचालित इस व्यवस्था ने वर्षों से चली आ रही अनावश्यक भागदौड़ और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को काफी हद तक सरल बना दिया है। अब नागरिकों को आवश्यक प्रमाण-पत्रों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से सेवाओं का लाभ मिल रहा है।कोरबा के कटघोरा तहसील के ग्राम राल निवासी श्री रामेश्वर कंवर को अपने पुत्र हिमाचल सिंह एवं पुत्री देवांशी कंवर के लिए आय प्रमाण-पत्र की आवश्यकता थी। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर पटवारी से सत्यापन कराया तथा सुतर्रा स्थित लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ‘सेवा सेतु’ पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन के बाद पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित हुई और उन्हें किसी भी कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ ही दिनों में उनके दोनों बच्चों के आय प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए।श्री रामेश्वर कंवर ने बताया कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। उन्हें समय पर प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ, जिससे उनके समय और संसाधनों दोनों की बचत हुई। उन्होंने कहा कि ‘सेवा सेतु’ जैसी डिजिटल व्यवस्था से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है तथा शासन की सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास और भी मजबूत हो रहा है। ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से शासन का उद्देश्य नागरिकों को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल सुशासन, डिजिटल प्रशासन और जन केंद्रित सेवा वितरण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।
- एमसीबी/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभरी है। यह योजना न केवल महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहभागी भी बना रही है। जिले के ग्राम खाड़ाखोह की निवासी श्रीमती भारती सिंह इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। योजना के तहत उन्हें अब तक 28 किश्तों के रूप में कुल 28 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है, जिसने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।भारती सिंह बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके परिवार के लिए किसी संबल से कम नहीं है। इस राशि से वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, कॉपी-किताबें, स्कूल की आवश्यक सामग्री तथा घर की रोजमर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सहायता मिलने से घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन संभव हो गया है और उन्हें किसी पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती।वे कहती हैं कि महतारी वंदन योजना ने केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास भी जगाया है। अब वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और बच्चों की शिक्षा को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ा पा रही हैं। इस योजना ने उन्हें यह विश्वास दिलाया है कि महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त होकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।भारती सिंह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने, परिवार को मजबूती देने और भविष्य के प्रति आश्वस्त होने का अवसर प्रदान किया है। आज महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्त भविष्य का मजबूत आधार बन चुकी है।
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- ग्राम गठुला के टीकम होटल संचालक ने अपनाई सौर ऊर्जा
- सौर ऊर्जा से हुआ बिजली बिल शून्य और अतिरिक्त आय की भी संभावना
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में देशव्यापी जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बन रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गठुला का साहू परिवार इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपने घर का बिजली बिल शून्य करने में सफल हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गया है। ग्राम गठुला में टीकम होटल का संचालन करने वाले श्री अंकालु राम साहू एवं उनके बड़े पुत्र श्री कुंदन साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिलने के बाद अपने घर में 3-3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किए। होटल व्यवसाय होने के कारण उनके यहां बिजली की खपत अधिक होती थी और प्रतिमाह लगभग 4 हजार से 5 हजार रूपए का बिजली बिल आता था। लगातार बढ़ते बिजली खर्च को देखते हुए उन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाने का निर्णय लिया।
श्री अंकालु राम साहू के छोटे पुत्र श्री हेमलाल साहू बताते हैं कि उन्होंने योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित कराया। प्रत्येक प्लांट की लागत लगभग 2 लाख रूपए आई। स्थापना के एक माह के भीतर ही उन्हें केंद्र एवं राज्य शासन की ओर से दोनों प्लांट के लिए 1 लाख 8 हजार रूपए और 1 लाख 8 हजार रूपए कुल 2 लाख 16 हजार रूपए की सब्सिडी सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो गई, जिससे उनकी लागत में बड़ी कमी आई। सोलर प्लांट शुरू होने के बाद साहू परिवार के घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली विद्युत ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। अब यह परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादक भी बन चुका है। श्री हेमलाल साहू का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे बिजली खर्च में बड़ी बचत होती है, पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलता है और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने पर केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे आम परिवार भी आसानी से सौर ऊर्जा अपना सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से इस योजना का लाभ लेने का आग्रह किया है। -
- गौरी नगर का औचक निरीक्षण कर वार्डवासियों से ली मूलभूत सुविधाओं की जानकारी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज शाम राजनांदगांव शहर के गौरी नगर वार्ड का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डवासियों से चर्चा कर पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं (एचआरपी) के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं की विशेष निगरानी एवं देखभाल के लिए विशेष स्वास्थ्य अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग, साप्ताहिक मोबाइल के माध्यम से संपर्क, आवश्यकता अनुसार नि:शुल्क सोनोग्राफी तथा संभावित प्रसव तिथि के निकट पहुंच चुकी माताओं के घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श की व्यवस्था की गई है। साथ ही उन्हें शासन की विभिन्न मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
कलेक्टर ने गौरी नगर निवासी 25 वर्षीय श्रीमती नमिता यादव के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क सोनोग्राफी, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के संबंध में जानकारी ली। इसके पश्चात उन्होंने गौरी नगर स्थित मस्जिद गली निवासी 27 वर्षीय श्रीमती ईश्वरी समरित से भी मुलाकात की। पूर्व में दो बार गर्भपात तथा एलएससीएस का इतिहास होने के कारण उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भवती की श्रेणी में चिन्हांकित किया गया है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उनके स्वास्थ्य की नियमित एवं विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि अभियान के तहत सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं से प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तथा संभावित प्रसव तिथि के निकट पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचकर उनकी नियमित निगरानी कर रही है। कलेक्टर ने कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं की समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सतत मॉनिटरिंग से सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है। जिले में इस विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, मुख्य चिकित्साल एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री एनआर नवरतन सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - - 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देशरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को बस्तर अंचल के महारानी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल की गौरवशाली पहचान के अनुरूप मानवीय संवेदनाओं के साथ मरीजों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर 300 शैयायुक्त करने के निर्देश देते हुए नए सेटअप तथा अस्पताल भवन उन्नयन का प्रस्ताव विभाग को भेजने कहा।स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डायलिसिस सेंटर एवं कैंसर यूनिट के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की अंदरूनी सड़कों की मरम्मत भी शीघ्र करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट तथा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और उपचार के लिए आए मरीजों तथा उनके परिजनों से आत्मीयता से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक उपकरणों की शीघ्र स्थापना कर सभी 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर महारानी अस्पताल में केक काटकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से समर्पण और सेवा भाव के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।
- -‘धान के साथ दलहन-तिलहन की भी करें खेती, मेड़ों में मुनगा लगाएं’-किसान संगोष्ठी में शामिल हुए कृषि मंत्रीरायपुर । कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम आज कांकेर में किसान संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने कांकेर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को धान के साथ दलहन-तिलहन की भी खेती करना चाहिए। उन्होंने कम पानी एवं कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की खेती करने को कहा। इससे पानी की बचत होगी और फायदा भी ज्यादा मिलेगा। संगोष्ठी में किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा आत्मनिर्भरता दलहन-तिलहन मिशन के अंतर्गत दलहन बीज वितरित किए गए। विधायक श्री आशाराम नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी संगोष्ठी में शामिल हुए। कृषि मंत्री श्री नेताम ने खेत के मेड़ों में मुनगा का पौधा लगाने, अरहर की खेती करने तथा मिश्रित खेती को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने किसानों को खेती के साथ-साथ मछलीपालन, मुर्गीपालन और पशुपालन भी करने को कहा। घर-घर में गाय के पालन से घर की जरूरत भी पूरी होगी, अतिरिक्त आमदनी होगी, पोषण मिलेगा और समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के अधिकाधिक उपयोग से धरती की उर्वरा शक्ति कम हो रही है। इसलिए किसान जैविक खेती को अपनाएं। उन्होंने बताया कि ऐसे किसान जिन्होंने पिछले खरीफ सीजन में धान की फसल ली थी, वे इस वर्ष खरीफ में धान के बदले अन्य फसल, मक्का या दलहन-तिलहन लगाएंगे, तो शासन द्वारा प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आदान सहायता दी जाएगी।कृषि मंत्री श्री नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में लक्ष्मी स्वसहायता समूह द्वारा किए जा रहे मिलेट प्रोसेसिंग कार्य का भी अवलोकन किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से चर्चा कर कोदो, कुटकी व रागी की प्रोसेसिंग और उनकी मार्केटिंग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि मिलेट प्रोसेसिंग से समूह के प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह लगभग छह से सात हजार रुपए की आमदनी हो रही है। श्री नेताम ने समूह की आय आय बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के मेड़ों में चार चिरौंजी के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कड़कनाथ हेचरी के अवलोकन के दौरान कड़कनाथ पालन के लिए किसानों को प्रशिक्षण और चूजों के विक्रय के संबंध में कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों से जानकारी ली।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और विधायक श्री आशाराम नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में नारियल के पौधे का रोपण किया। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव, पशुधन विकास विभाग के संचालक श्री चंद्रकांत वर्मा, मछलीपालन विभाग के संचालक श्री नारायण सिंह नाग, कांकेर जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री बीरबल साहू, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नितिन रस्तोगी, कृषि वैज्ञानिक श्री नरेन्द्र तायड़े और प्रगतिशील कृषकों सहित कृषि, पशुधन विकास तथा मछलीपालन विभाग के अधिकारी भी संगोष्ठी में मौजूद थे।
- -अतिक्रमण हटाने से प्रभावित 65 परिवारों का नया रायपुर में होगा सम्मानजनक पुनर्वासरायपुर । नया रायपुर के ग्राम नकटी की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच शासन -प्रशासन ने अतिक्रमण प्रभावित 65 परिवारों को बेघर छोड़ने के बजाय उन्हें नया रायपुर अटल नगर के सेक्टर-30 स्थित सर्वसुविधायुक्त ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावित परिवारों को केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि बिजली, पेयजल, सड़क, सीवर, सामुदायिक भवन, उद्यान और अन्य शहरी सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर उपलब्ध कराया जा रहा है। पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो, इसके लिए आठ सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है।ग्राम नकटी की शासकीय भूमि पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा लगभग 38 एकड़ भूमि में से करीब 12 एकड़ भूमि विशेष योजना के लिए उपयोग होगी, जबकि शेष 26 एकड़ भूमि पर मंडल की स्ववित्तीय सामान्य आवास योजना विकसित की जाएगी।भूमि पर अवैध रूप से निवासरत परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने 65 पात्र परिवारों की सूची गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को सौंपी है। इस सूची में शामिल परिवारों को 29 जून 2026 को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-30 में निर्मित रिक्त ईडब्ल्यूएस आवासों का अस्थायी आवंटन कर दिया गया।पुनर्वास को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए सरकार ने आवासों को रहने योग्य बनाने का काम भी तेज़ी से शुरू किया। आवासों में ट्यूबलाइट, पंखे और विद्युत व्यवस्था पूरी कर दी गई है ।सरकार ने पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुख्यालय के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में उपयुक्त, कार्यपालन अभियंता, संपदा अधिकारी और सहायक अभियंताओं सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित आवास मिले और पुनर्वास पूरी तरह पारदर्शी एवं बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हो।सेक्टर-30 में कुल 1376 ईडब्ल्यूएस (जी+3) आवास निर्मित हैं। इनमें चतुर्थ तल पर उपलब्ध 109 रिक्त आवास पुनर्वास के लिए चिन्हित किए गए हैं। 31.45 वर्गमीटर (338.40 वर्गफीट) क्षेत्रफल वाले इन आवासों के परिसर में पक्की कंक्रीट सड़कें, वॉकिंग ट्रैक, सार्वजनिक उद्यान, सामुदायिक भवन, यूटिलिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सीवर नेटवर्क और नियमित जलापूर्ति जैसी सभी आवश्यक शहरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता केवल शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है। इसी सोच के साथ आवासों के आवंटन से लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक हर चरण की निगरानी की जा रही है।
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- न्योता भोज में बच्चों के साथ किया भोजन
-जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोरबिलासपुर /केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज यहां सेजेस लाल बहादुर शास्त्री, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कर आत्मीय स्वागत किया। अतिथियों ने बच्चों के साथ न्योता भोज में शामिल होकर भोजन किया एवं छात्राओं का सरस्वती सायकल योजना के तहत सायकल का वितरण भी किया। उन्होंने नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, संस्कारवान नागरिक बनने और अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबिका साहू, पूर्व महापौर श्री किशोर राय, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल, राजेश सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, पालक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।शाला प्रवेशोत्सव शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहूबतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों को नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शाला प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उसकी प्राथमिक पाठशाला की स्मृतियां हमेशा बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरे मन से अध्ययन कर अपने परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।कड़ी मेहनत और शिक्षा ही सफलता का सबसे बड़ा आधार : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। आज स्कूलों में भवन, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ना है तो कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। विद्यार्थियों को पूरे समर्पण के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा से पूरे देश में राज्य का गौरव बढ़ाएं।स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों : विधायक श्री सुशांत शुक्लाविधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि विद्यालयों का सामाजिक ऑडिट होना चाहिए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी आवश्यक सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय शौचालय विहीन, जर्जर अथवा अवैध कब्जे से प्रभावित नहीं होना चाहिए। विद्यालयों का वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास के अनुकूल होना चाहिए।हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य : कलेक्टर श्री संजय अग्रवालकलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय तक लाना है। उन्होंने बताया कि जिले में 1800 से अधिक विद्यालय, लगभग 8 हजार शिक्षक तथा 1 लाख 67 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आगामी तीन माह में प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक स्मार्ट क्लास स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षक-पालक बैठकों को प्रभावी बनाने, दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, समय पर पाठ्यपुस्तकों के वितरण तथा सरस्वती साइकिल योजना के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल ने दिया।नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर विद्यालय परिवार में स्वागत किया गया। छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलों का वितरण किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बिल्हा शासकीय स्कूल के शिक्षक श्री कलेश्वर साहू को सम्मानित किया गया। उनहोंने दो लाख सीड बॉल तैयार किया है। श्री साहू ने अतिथियों को तैयार किए गए सीड बॉल भेंट किए। सेवानिवृत्त शिक्षकों को निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग देने के लिए भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही। - -उप मुख्यमंत्री ने की मुक्तिधाम के लिए 50 लाख और सामुदायिक भवन के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणाबिलासपुर /केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव आज मंगला स्थित माता चौरा में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को गति देने वाले अनेक कार्यों की सौगात दी।कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश सर्वे, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।विकास कार्यों का समय पर लोकार्पण हमारी कार्य संस्कृति : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहूकेंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से विकास कार्याें को गति मिली है। अब केवल भूमिपूजन नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों का लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति मिली है। सड़क, रेल, पेयजल और शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार बड़े कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर को महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। रेलवे के विस्तार, स्टेशनों के उन्नयन और अन्य विकास कार्यों से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले दो वर्षों में बिलासपुर नगर निगम को 437 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मंगला स्थित मुक्तिधाम के लिए 50 लाख रुपये तथा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।बेलतरा विधानसभा में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य हुए : विधायक श्री सुशांत शुक्लाविधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। क्षेत्र में सड़क, पेयजल, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।लोगों ने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से मंगला सहित आसपास के क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं बेहतर होंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव होंगे शामिलबिलासपुर /विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी एवं जिला स्तरीय जन सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में 2 जुलाई को सवेरे 11 बजे से जल संसाधन विभाग के प्रार्थना भवन में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव करेंगे। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान वर्चुअली जुडेंगे।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी भी मौजूद रहेंगे। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले की सभी जनपद पंचायतों तथा 486 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान मिशन के राष्ट्रीय शुभारंभ का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। साथ ही योजना के उद्देश्यों, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों तथा विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी आमजन को दी जाएगी।
- -ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार, 7 दिनों में मजदूरी भुगतान सहित कई नए प्रावधानदुर्ग / भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत "विकसित भारत रोजगार एवं मिशन ग्रामीण (जी-रामजी) योजना" का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही जिला पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह योजना विकसित भारत–2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार, अधोसंरचना विकास तथा आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देना है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना के अंतर्गत अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी एवं बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश का भी प्रावधान रहेगा तथा कार्य की मांग प्राप्त होने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
- - पीएम सूर्यघर योजना के रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को मिलेगा अधिशेष बिजली का लाभरायपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीद दर तय कर दी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दर को अनुमोदन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद उपभोक्ताओं को इसकी राशि अगले बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में दिखाई देगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) ने बताया कि नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सोलर संयंत्र से बनने वाली बिजली का पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन किया जाता है। यदि इसके बाद भी बिजली बचती है और ग्रिड में जाती है, तो उसकी यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती रहती है।वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची सभी अतिरिक्त यूनिट का नियमानुसार बायबैक किया जाता है। इसकी राशि निर्धारित दर के अनुसार उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है और आगामी बिजली बिलों में समायोजित की जाती है। प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से शुरू होता है। इसलिए पिछले वित्तीय वर्ष की अतिरिक्त यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में नहीं दिखाई देती। उसका मूल्य उपभोक्ता के खाते में सुरक्षित रहता है और नियमानुसार बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित किया जाता है।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के अनुसार पारदर्शी ढंग से संचालित की जाती है।समझिए पूरी प्रक्रियासोलर संयंत्र से बनी बिजली का पहले उपभोक्ता की मासिक खपत में समायोजन किया जाता है। यदि इसके बाद भी बिजली बचती है और ग्रिड में जाती है, तो उसकी यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती रहती है। वित्तीय वर्ष के अंत में बची हुई सभी यूनिट का निर्धारित दर पर बायबैक किया जाता है। इसकी राशि उपभोक्ता के खाते में सुरक्षित रहती है और आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाती है। नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा फिर से शून्य से शुरू होता है, इसलिए पिछले वर्ष की बची यूनिट नए बिल में यूनिट के रूप में नहीं दिखती। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बायबैक की दर सेकी (SECI) तय कर चुकी है। नियामक आयोग से अनुमोदन मिलने के बाद यह राशि उपभोक्ताओं के आगामी बिजली बिलों में दिखाई देगी।



























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