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- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निशा से कहा हम तुम्हारा सपना पूरा करेंगे।-छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगाआर्थिक तंगी अब सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगीरायपुर // अलसुबह आज बिलासपुर में रहने वाली निशा यादव के पास एक फोन आया और फोन पर एक सौम्य सी आवाज में किसी ने उससे कहा आपको किलिमंजारो चढ़ना है, आप खर्च की चिंता न करें। निशा चकित हुई और आश्चर्य से पूछा आप कौन हैं, सामने से आवाज आई बेटा मैं विष्णु देव साय बोल रहा हूं। निशा ने आश्चर्यचकित भाव से कहा आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं। उसे यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने पूरी बात बताई और कहा कि आप अपने लक्ष्य पर फोकस करें। छत्तीसगढ़ के हर एक बेटी का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण आश्वासन को सुनकर निशा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निशा को इस बात पर भी यकीन करना पड़ा मुश्किल हो रहा था कि बिना किसी आवेदन या आग्रह के मुख्यमंत्री ने उनका सपना पूरा करने की पहल की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से बात की। निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने आगे बताया कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं और उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है।निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को आगे बताया कि मैं पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था। मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा । आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं।निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। उन्होंने निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी।
- रायपुर। नागपुर से कोलकाता जाने वाली इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी मिलने के बाद विमान को रायपुर में आपात स्थिति में उतारा गया। हालांकि, बाद में यह धमकी झूठी निकली। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि 187 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों को लेकर जा रहे इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी के बाद सुबह नौ बजे के उपरांत विमान को रायपुर हवाई अड्डे पर उतार लिया गया। सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब विमान हवा में था तब यात्रियों में से एक ने विमान के चालक दल के सदस्यों को विमान में बम होने की सूचना दी, जिसके बाद ‘हवाई यातायात नियंत्रण' को इसकी सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद विमान को आपातकालीन कार्रवाई के तहत रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर उतारा गया और अनिवार्य सुरक्षा जांच के लिए उस तुरंत ‘आइसोलेशन-बे' में ले जाया गया। अधिकारी ने बताया कि बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस की एक टीम तुरंत विमान तल पर पहुंची और स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया गया और तकनीकी कर्मचारियों तथा बम निरोधक दस्ते ने विमान की गहन जांच की। सभी यात्रियों के सामान की भी जांच की गई। सिंह ने बताया, "पूरी जांच के बाद बम की धमकी झूठी निकली। बम की सूचना देने वाले यात्री को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। विमान तल के अधिकारियों ने बताया कि विमान दोपहर करीब 12 बजे कोलकाता के लिए रवाना हुआ।इससे पहले 24 अक्टूबर को कोलकाता से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) जाने वाले एलायंस एयर के विमान को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी, जिसके बाद विमान की बिलासपुर हवाई अड्डे पर जांच की गई थी लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।
- -14 से 27 नवंबर तक होगा आयोजनरायपुर / नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का स्टॉल इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां ढोकरा कला, कोसा सिल्क, बस्तर के बांस शिल्प और अन्य पारंपरिक शिल्पों की झलक देखने को मिलती है। इसके साथ ही, राज्य ने अपने औद्योगिक उत्पादों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों और हर्बल उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। इस वर्ष की थीम “विकसित भारत @ 2047” को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ ने अपने स्टॉल को तैयार किया है। राज्य ने हाल के वर्षों में अपने आदिवासी क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन, और औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने एक मजबूत औद्योगिक और सामाजिक आधार तैयार किया है, जिसने देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया है।उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष मेले की थीम “विकसित भारत @ 2047” है, जिसमें देश के सभी राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेश अपनी प्रगति और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ भवन की आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह ने छत्तीसगढ़ के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी। ‘विकसित छत्तीसगढ़@2047' की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, स्वयं सहायता समूह, हैंडलूम, हस्तशिल्प, हर्बल, कृषि विभाग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। 20 नवंबर को राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा जहां लोक कलाकार प्रदेश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
- रायपुर /वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नया रायपुर स्थित नवनिर्मित शासकीय आवास में अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्री श्री कश्यप को उनके नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।गृह प्रवेश समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, रोहित साहू, संपत अग्रवाल, रोहित साहू,रिकेश सेन, इंद्र कुमार साहू, धर्मजीत सिंह, पुरंदर मिश्रा, योगेश्वर राजू सिन्हा और आशाराम नेताम, सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण ने भी वन मंत्री श्री केदार कश्यप को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी।उल्लेखनीय है कि वनमंत्री श्री केदार कश्यप को नवा रायपुर के सेक्टर 24 में मंत्रीगणों के लिए नवनिर्मित आवासों में से आवास क्रमांक एम-10 आबंटित हुआ है।
- -देश भर से आए नर्तक दलों ने बिखेरी आदिवासी लोक नृत्यों की छटारायपुर /राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर सिक्किम, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, नागालैण्ड, उत्तरांचल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दमन दीव, गुजरात और राजस्थान के जनजातीय समूह ने पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।लोक नृत्य महोत्सव में पहली सांस्कृतिक प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य के माध्यम से दी। गौर माड़िया नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में गौर माड़िया जनजाति द्वारा किया जाता है। इस जनजाति का यह नृत्य बहुत ही हर्षाेल्लास से परिपूर्ण, सजीव एवं सशक्त होता है। सिक्किम के लिम्बू जनजाति समुदाय के लोक नर्तक दल ने प्रकृति पूजा, फसल और प्राणियों के संरक्षण में किए जाने वाला नृत्य चासोक तांगनाम नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात से आए लोकनर्तक दल ने सिद्दी गोमा नृत्य और राठवा नृत्य की प्रस्तुति दी। अरुणाचल प्रदेश से आए नर्तक समूह ने गेह पदम ए ना-न्यी की प्रस्तुति दी।इसके उपरांत मध्यप्रदेश के डिंडौरी से आए गोंड जनजाति समूह ने सैला-रीना नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सैला-रीना नृत्य एवं गीत बहु जनजातीय नृत्य है। जम्मू कश्मीर के गुज्जर जनजातीय समुदाय के नर्तक दल ने मनमोहक गोजरी नृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बंटोरी। जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य , आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई।साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन कलाकारों के साथ ही उपस्थित दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह का माहौल था।दर्शकों ने विभिन्न प्रदेशों से आए जनजातीय कलाकारों के नृत्य पर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
- -राज्य के 14567 किसानों ने बेचा धानरायपुर ।प्रदेश में आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ किया। धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। प्रदेश में आज धान खरीदी के पहले दिन 14562 किसानों के द्वारा लगभग 55 हजार टन धान का विक्रय किया गया है। आज धान खरीदी के लिए कुल 24 हजार 748 टोकन जारी किए गए थे। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल है।
- -15 नवंबर को आयोजित कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के गिद्ध विशेषज्ञ होंगे शामिल-बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और बर्ड काउंट इंडिया के प्रतिनिधि भी होंगे शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे वन्य जीव प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा 15 नवम्बर 2024 को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में गिद्ध संरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न राज्यों में गिद्ध संरक्षण हेतु कार्य कर रहे विशेषज्ञ राजधानी रायपुर में गिद्धों के संरक्षण पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होंगे। इस कार्यशाला में विशेषज्ञ और शोधार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे और मध्य भारत में विशेषकर छत्तीसगढ़ में गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस), बर्ड काउंट इंडिया और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इस कार्यशाला में शामिल होंगे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व, अचानकमार टाइगर रिजर्व, बस्तर और गुरु घासीदास टाइगर रिज़र्व और अन्य वन्यजीव अभ्यारण्यों में गिद्धों की छह प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिसमे लॉन्ग बिल्ड वल्चर, व्हाइट रम्प्ड वल्चर, इजिप्शियन वल्चर, हिमालयन वल्चर, यूरेशियन वल्चर, और सिनेरियस वल्चर शामिल हैं। जंगल सफारी के संचालक श्री धम्म्शील गणवीर ने बताया कि गिद्ध जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, वे पर्यावरण में प्राकृतिक सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते हैं और संक्रमण फैलने से रोकने में सहायक होते हैं। गिद्धों की संख्या में कमी के कारण पर्यावरण में जैविक असंतुलन उत्पन्न हो सकता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि संपूर्ण देश में गिद्ध संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और गिद्ध संरक्षण में सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
- -मुख्यमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस की दी बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुनानक देव की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विशेषकर सिख समुदाय के लोगों को गुरू नानक जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरू नानकदेव की जयंती को गुरूपरब और प्रकाश पर्व के रूप में उल्लास के साथ मनाया जाता है। गुरूनानक देव जी ने विश्व को प्रेम, एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। गुरु नानक देव जी के उपदेश हम सभी को प्रेम और सद्भाव के साथ सेवाभाव से जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दानपुण्य करने और भगवान शिव की आराधना करने की परंपरा है। इस दिन भगवान विष्णु की भी आराधना की जाती है। कार्तिक पूर्णिमा पर छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों में पवित्र नदियों और देवालयों के समीप मेला लगता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख,समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं प्रख्यात समाज सेवी स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास सादगी की प्रतिमूर्ति और अपने सिद्धांत के पक्के व्यक्ति थे। उनका निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धाजंलि सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अंतिम बार मुझे केन्द्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा के साथ उनके निवास पर जाने का मौका मिला। वहां श्री श्रीगोपाल व्यास जी से मुलाकात हुई। जब हम उनसे मिलने पहुंचे तो 90 वर्ष की आयु में भी वे अत्यंत गर्मजोशी से हम लोगों से मिले। यह उनकी आत्मीयता को दर्शाता है। बचपन से मैं उनके विषय में सुना करता था। कुनकुरी के पंडित देवकी महाराज के साथ श्री श्रीगोपाल व्यास मीसाबंदी रहे। मैं अक्सर जेल का अनुभव उनसे पूछता था। वे श्री श्रीगोपाल की सादगी के बारे में बताते थे। जब मैं सांसद बना, तब श्री श्रीगोपाल व्यास जी से प्रत्यक्ष मिलने का सौभाग्य मिला। उनसे मिलकर एहसास हुआ कि जो कुछ उनके विषय में सुना था, वो शत-प्रतिशत सही था। वे सादगी की प्रतिमूर्ति थे। सादा जीवन उच्च विचार की पंक्तियां उनके लिए सटीक हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब मैं केंद्रीय मंत्री था, तब श्री श्रीगोपाल व्यास राज्यसभा सांसद थे। उस समय मुझे उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिला। वे अपने जेल के अनुभव मुझे बताते थे। श्री श्रीगोपाल व्यास जी सिद्धांतवादी और उसूलों के पक्के व्यक्ति थे। वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत में विश्वास रखते थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक बार दिल्ली के व्यापार मेला में हम दोनों को साथ में छत्तीसगढ़ के स्टॉल के उद्घाटन कार्यक्रम में जाने का मौका मिला। वे उद्घाटन पर फीता काटने से मना करते थे। उनका विचार था कि हम जोड़ने वाले लोग हैं काटने वाले नहीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकसंतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्री व्यास का जीवन देखकर नहीं लगता था कि वे गृहस्थ जीवन जी रहे थे। उन्होंने सन्त की तरह जीवन जीया। राज्यसभा सदस्य रहते हुए भी वे सामान्य जीवन जीते थे। वे हर कार्यकर्ता की चिंता करते थे। बड़े दायित्व में रहते हुए वे सामान्य रूप से रहते थे। उन्होंने कभी किसी की सहायता नहीं ली। उनके जीवन से कर्त्तव्य के प्रति समर्पण और देशसेवा की सीख मिलती है। वे अंतिम समय तक सक्रिय रहे और उन्होंने अहर्निश सेवा का कार्य किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद तोखन साहू, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक व पूर्व मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री संपत अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री अरुण वोरा सहित स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास के परिजन व बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। - -जनजाति गौरव दिवस एवं कंवर समाज सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जनजाति समाज के समग्र विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। श्री साय आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम भाठागांव (बी) में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं कंवर समाज के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अस्मिता, संस्कृति एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत से लड़ाई लड़ी और 25 वर्ष की अल्पायु ने ही शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम भाठागांव बी में कंवर समाज द्वारा संचालित हायर सेकंडरी स्कूल का शासकीयकरण करने तथा शाला भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 25 लाख रुपए, गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम रेंगाकठेरा में आदिवासी पैंकरा कंवर समाज के सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए एवं गुण्डरदेही के वार्ड नंबर 10 में राम मंदिर के राम सत्ता स्थल के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरबंश मिरी ने की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा एवं संत गहिरा गुरु को नमन करते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम के साथ साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में जनजाति समाज की विभूतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पूरे देश एवं दुनिया के साथ साथ भावी पीढ़ी को जनजाति समाज एवं जनजाति नायकों के गौरव गाथा का बोध कराने के लिए भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। इससे जनजातीय समाज का गौरव बढ़ा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम भाठागांव (बी) के शहीद ठामन सिंह ठाकुर एवं जमींदार स्व दाऊ गिरधारी सिंह का गांव में शिक्षा के प्रसार के लिए उनके योगदान की सराहना की और कार्यक्रम में पहुंचने से पूर्व उनकी समाधि पर गए और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर श्री साय ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए स्टालों का अवलोकन कर सराहना की।कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग उपस्थित थे।
- -राज्य के शहरी आवासहीनों को मिलेगा स्वयं का पक्का आवास-189 नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव राज्य के शहरी आवासहीनों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। वे 15 नवम्बर को दोपहर ढाई बजे मुंगेली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में इसकी शुरूआत करेंगे। श्री साव कार्यक्रम में मौजूद हितग्राहियों का सर्वेक्षण प्रपत्र सांकेतिक रूप से भरकर छत्तीसगढ़ में इसकी विधिवत शुरूआत करेंगे।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में आवासहीन हितग्राहियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे हितग्राही जिन्हें प्रथम चरण में आवास की सुविधा नहीं मिल पाई है, और जो अभी तक आवास की सुविधा से वंचित है, उन्हें द्वितीय चरण [प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0] में सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हांकित करते हुए आवास के लिए आवेदन की प्रक्रिया और आवास उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही की जाएगी। राज्य के शहरों में आबादी बढ़ने के साथ ही आवास की मांग भी लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों को उनके पहले पक्के आवास के सपने को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे कि वे सम्मानजक जीवन व्यतीत करने के साथ ही खुद के आवास के सपने को भी साकार कर सकें।पिछले 11 महीनों में पूर्ण किए गए 49,834 आवासमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में ’’हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’’ के ध्येय वाक्य पर त्वरित अमल करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले 11 महीनों में 49 हजार 834 आवासों का निर्माण पूर्ण किया है। राज्य में योजना के साथ भागीदारी में किफायती आवास परियोजना (एएचपी) के तहत 38 हजार 097 आवास एवं हितग्राही द्वारा स्वयं आवास निर्माण (बीएलसी) के तहत दो लाख 11 हजार 069 यानि कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। वर्तमान सरकार के गठन के बाद बीते 11 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए एएचपी घटक के अंतर्गत 5415 आवास पूर्ण करते हुए कुल 21 हजार 600 आवास पूर्ण किए गए हैं। वहीं बीएलसी घटक के तहत 44 हजार 419 आवास पूर्ण करते हुए कुल एक लाख 74 हजार 967 आवास पूर्ण किए गए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में तीन आय वर्गों को किया गया है शामिलप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए योजना को चार श्रेणियों लाभार्थी आधारित निर्माण, भागीदारी में किफायती आवास, किफायती किराया आवास तथा ब्याज सब्सिडी योजना में विभाजित किया गया है। भारत सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए तीन आय वर्गों के हितग्राहियों को इसमें शामिल किया है। तीन लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडल्ब्यूएस), छह लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले निम्न आय वर्ग (एलआईजी) एवं नौ लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) को भी योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।योजना के तहत पात्रताप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ लेने के लिए एक लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और अविवाहित बेटियों को शामिल किया गया है। लाभार्थी परिवार का देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड/वर्चुअल आधार अनिवार्य है। आवेदक/हितग्राही परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अथवा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में से किसी एक योजना का ही लाभ ले सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही परिवार को 31 अगस्त 2024 के पूर्व स्थानीय निकाय क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास हेतु आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाईन माध्यम से भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर स्वयं हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।
- -सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना को किया जाएगा मजबूत-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मिलकर राशि स्वीकृत करने का किया था अनुरोधरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 230 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत इस राशि से सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और ज्यादा पुख्ता तथा टिकाऊ होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के इस सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से शहरों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को नया आयाम मिलेगा। यह राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बेहतर और स्थाई बनाया जाएगा। इससे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी, भौतिक और मानव संसाधन जुटाए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी।उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत दिनों अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए राशि मंजूर करने का आग्रह किया था। उन्होंने राज्य के शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाने केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया था। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्तावों के आधार पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 230 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्वच्छता को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
- -मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किसानों ने भांठागांव (बी) खरीदी केन्द्र में बेचा अपना धान-सहकारी बैंक मोहंदीपाट की नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से किया। इसी के साथ आज 14 नवम्बर राज्य में किसानों से धान खरीदी की शुरूआत हो गई है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने भांठागांव (बी) उपार्जन केन्द्र पहुंचने के बाद इलेक्ट्रॉनिक तौल एवं अन्य यंत्रों का पूजन और वहां उपस्थित किसानों को माला पहना कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने किसान भाईयों को धान खरीदी महापर्व के शुभारंभ की बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ग्राम भांठागांव के किसान श्री भागबली ने कुल 148 क्विंटल और श्री हरिराम ने 65 क्विंटल 20 किलो धान की बिक्री की। मुख्यमंत्री के समक्ष अपने धान की बिक्री का अवसर प्राप्त होने से किसान भागबली और हरिराम बहुत ही खुश नजर आ रहे थे। उक्त उपार्जन केन्द्र में 14 नवम्बर को धान खरीदी हेतु कुल 06 किसानों का टोकन काटा गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम मोहंदीपाट में 30 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित जिला सेवा सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा मर्यादित दुर्ग के नवीन शाखा भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इससे पूर्व छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम स्थल में मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद बिरसा मुंडा एवं गहिरा गुरु के तैल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक होगी। किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में राज्य शासन द्वारा 72 घंटे भीतर उनके बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2,739 स्थापित किए गए हैं। इस साल धान बेचने के लिए 27,01,109 पंजीकृत किसानों द्वारा बोये गए धान का कुल रकबा 34,51,729 हेक्टेयर है। पंजीकृत किसानों में 1,35,891 नये किसान हैं।कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, पूर्व विधायक श्री बीरेंद्र साहू एवं श्री राजेंद्र राय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरबंश मिरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, कंवर समाज के जिला अध्यक्ष श्री केश कुमार ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियो एवं विभिन्न समाज के पदाधिकारी, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा दुर्ग के प्रबंधकारिणी समिति का निर्वाचन कार्य दिसम्बर 2024 में सपन्न किया जाना है। इस हेतु इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा दुर्ग के सदस्यों की सूची जिले के वेबसाईट पर अपलोड कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सचिव रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार अपलोड सदस्य सूची में किसी प्रकार की त्रुटि के संबंध में दावा/आपत्ति होने पर अपना नाम सूची में 23 नवंबर 2024 तक दर्ज एवं त्रुटि सुधार करवा सकते है।
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- निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 13 दिसम्बर 2024 को
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम में हुए संशोधनों के परिक्षेप्य में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 01 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि नियत करते हुए उसके आधार पर फोटो युक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए पूर्व में जारी आदेश एवं कार्यक्रम में पुनः संशोधन किया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार निर्वाचन नामावली तैयार करने का संशोधित कार्यक्रम निम्नानुसार है- दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना 14 नवम्बर 2024, दावे/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख 20 नवम्बर 2024, दावें/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख 25 नवम्बर 2024, प्रारूप क-1 से रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 27 नवम्बर 2024, प्रारूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2024, दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर और निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 13 दिसम्बर 2024 को किया जाएगा।
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भिलाई। नगर निगम भिलाई के आयुक्त पद पर पदभार ग्रहण करते ही आयुक्त राजीव कुमार पांडे रात्रि 7:30 बजे डी मार्ट स्थित नगर निगम भिलाई के शहरी गौठान को देखने पहुंचे। वहां पर जाकर के पशुओं को मिलने वाले चारे पानी आदि व्यवस्था का निरीक्षण किये। अभियंता अखिलेश चंद्राकर को को निर्देश दिए कि किसी प्रकार की कमी नहीं होना चाहिए। चारे, पानी, पैरा, कुट्टी का पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र से पैरा मांगा करके पर्याप्त मात्रा में रखा जाएगा, और पानी की व्यवस्था पूरी होगी। जिससे जानवरों को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो।
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भिलाईनगर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना का सुचारू रूप से संचालन हुआ। जिसमें बहुत से परिवार इसका लाभ लेकर अपने स्वंय के मकान में निवास कर रहे है। फेस-2 अभियान के लिए रैपिड असेसमेंट सर्वे 15 नवम्बर 2024 से 10 दिसम्बर 2024 तक किया जाना है। जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज प्रधानमंत्री आवास प्राप्त करने वाले हितग्राही को प्रस्तुत करना होगा।
प्रमुख दस्तावेजों में 1. आवेदक दिनांक 31.08.2024 के पूर्व से नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में निवासरत हो। 2. देश में कहीं भी पक्का मकान न हो, शपथ पत्र 20 वर्ष से किसी भी आवासीय योजना में लाभ प्राप्त न होने से संबंधित शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। 3. परिवार का वार्षिक आय 3.00 लाख से कम होना चाहिए, आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है। 4. आधार कार्ड में पुरे सदस्यों (माता पिता सहित) होना अनिवार्य है। 5. भूमि संबंधी दस्तावेज अनिवार्य है। 6. आवेदक का बैंक पासबुक जो आधार से लिंक हो जो जमा करना होगा। 7. आवेदक का एक पासपोर्ट साइज फोटो देना होगा। 8. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। 9. बीपीएल राशन कार्ड हो तो प्रस्तुत करना होगा। 10. दिव्यांग हो तो दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आनलाईन पंजीयन एवं उपरोक्त दस्तावेज के मूल छायाप्रति के साथ अपने नजदीक के निगम भिलाई के जोन कार्यालय में आयोजित शिविर स्थल में संपर्क कर सकते है। विधायक रिकेश सेन एवं महापौर नीरज पाल द्वारा क्षेत्र के नागरिको से अपील की है कि वे सभी हितग्राही जो अपने स्वयं के मकान में निवास करना चाहते है, शासन के निर्धारित मापदण्डो के अनुरूप आवेदन करके मकान प्राप्त कर सकते है। इस योजना का अधिक से अधिक संख्या में लाभ उठावें। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा चार्ज लिया गया। चार्ज लेते ही उन्होने कहा कि शासन द्वारा चलाये जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओ को जनता तक पहुंचाने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने को कहा। सभी अधिकारी कर्मचारी शासन के दिशा-निर्देशो के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करेगें। हमारा प्रयास होगा समय अवधि में सभी कार्यों का निराकरण हो, जनता को संतुष्टि मिले। सभी सुविधाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचे।
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दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में चिल्ड्रन डे के अवसर पर युवोदय स्वयंसेवकों हेतु कच्ची मिट्टी आर्ट स्टूडियो में आर्टिस्ट श्री शांतनु मिश्रा के मार्गदर्शन में एक विशेष आर्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में युवोदय स्वयंसेवकों के साथ उनके बच्चों ने भाग लिया, जिसमें उन्हें कला के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में आर्ट के प्रति रुचि विकसित करना और उनके रचनात्मक कौशल को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान, बच्चों को पेंटिंग, स्केचिंग, ग्रैफिटी और मड-स्कल्पटिंग जैसी कला विधाओं में हाथ आजमाने का अवसर मिला। श्री मिश्रा ने बच्चों को हर विधा की बारीकियों को समझाने के साथ ही उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
स्वयंसेवकों के लिए आर्टिस्ट श्री शांतनु मिश्रा ने कहा, बच्चों के पास असीमित कल्पनाशक्ति होती है, जिसे कला के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर देना जरूरी है। इस तरह की कार्यशालाएँ बच्चों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं।’’ युवोदय के जिला समन्वयक ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में मददगार साबित होती हैं। कार्यशाला का समापन एक छोटी प्रदर्शनी से हुआ, जहाँ बच्चों ने अपने द्वारा बनाए गए कला कार्यों को प्रस्तुत किया। कच्ची मिट्टी आर्ट स्टूडियो और युवोदय का यह सामूहिक प्रयास बच्चों के जीवन में कला के महत्व को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। -
जिले के 833 डबरी और 1065 तालाबों में मछली पालन का कार्य करेंगी स्व सहायता समूह की महिलाएं
बिलासपुर/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जनपद पंचायत बिल्हा मे महिला समूहों की दीदीयों के आजीविका संवर्धन हेतु मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित तालाब में मछली पालन किया जाएगा। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देशानुसार मत्स्य विभाग द्वारा बिल्हा के ग्राम मोहतरा,मगर उचछला में 45 महिला समूहों को मछली बीज का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम मे मत्स्य निरीक्षक, एडीईओ जनपद बिल्हा और ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि जिले के बिल्हा विकास खंड के 90 डबरी, 127 तालाब, कोटा ब्लॉक के 601 डबरी , 386 तालाब , तखतपुर ब्लॉक के 60 डबरी, 315 तालाब और मस्तूरी ब्लॉक के 82 डबरी और 237 तालाबों में स्व सहायता समूहों द्वारा मछली पालन किया जाना है। जिसके लिए मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न ब्लॉक में कैंप लगाकर मछली बीज का वितरण किया जा रहा है। -
बिलासपुर /जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) के तहत आनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। योजनांतर्गत विद्यमान निजी एवं नवीन सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों जैसे राईस मिल, पोहा मिल, केटल फीड, बेकरी, नमकीन उद्योग, रेडी-टू-इट उत्पाद, मसाला उद्योग, पापड़, बड़ी, आचार, मुरमुरा उद्योग, फुटा चना उद्योग आदि को शामिल किया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रति पात्र उद्योंगो को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी परन्तु अधिकतम 10 लाख रू. दिये जाने का प्रावधान है एवं लाभार्थी का कुल लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत अंशदान राशि होगा एवं शेष राशि बैंक ऋण होगा। आवेदक आवेदन हेतु पीएमएफएमई के ऑनलाईन पोर्टल http://pmfme.mofpi.gov.in में रजिस्ट्रेशन कर आवेदन कर सकता है। इस योजना एवं आवेदन की प्रक्रिया की अधिक जानकारी के लिए कार्यालय मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, प्रथम तल न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, बिलासपुर में संपर्क कर सकते है अथवा प्रबंधक श्रीमती रेवती कुमार, मोबाइल नंबर 7000125988 एवं प्रबंधक श्री संदीप वर्मा, मोबाइल नंबर 9407775844 पर संपर्क कर सकते है।
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बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तूरी अंतर्गत ग्राम गोबरी के आंगनबाड़ी केन्द्र 02 एवं 03, ग्राम ईटवा के आंगनबाड़ी केन्द्र ईटवा आवासपारा, ग्राम खुडुभाठा के आंगनबाड़ी केन्द्र 02, ग्राम मोहतरा के आंगनबाड़ी केन्द्र 02, ग्राम जोंधरा के आंगनबाड़ी केन्द्र 03, ग्राम जुनवानी के आंगनबाड़ी केन्द्र 02, ग्राम लोढ़ाबोर के आंगनबाड़ी केन्द्र 02 एवं ग्राम लिमतरा के आंगनबाड़ी केन्द्र छोटे खपरी लिमतरा में आंगनबाड़ी सहायिका के 1-1 रिक्त पदों की नियुक्ति हेतु दावा-आपत्ति आमंत्रित किये गये हैं। प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर अंतिम सूची एकीकृत परियोजना कार्यालय मस्तूरी एवं जनपद पंचायत मस्तूरी के सूचना पटल पर चस्पा कर दिया गया है। इस संबंध में 25 नवंबर 2024 तक दावा-आपत्ति एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय मस्तूरी में कार्यालयीन समय में जमा किए जा सकते है।
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-आयोजन का यह तीसरा वर्ष
-गुरु गोविंद सिंह के चार साहबजादों के बिलदान दिन को मनाया जाता है वीरबाल दिवस-वीर बाल दिवस पर होगा साहसी बच्चों का सम्मान: छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी का आयोजनरायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी 26 दिसंबर के दिन को लगातार तीसरे वर्ष वीरबाल दिवस के रूप में मनाने जा रही है। 26 दिसंबर गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों के बलिदान के दिन को वीरबालक दिवस के रूप में मनाया जाय ऐसा एक अभियान छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने विगत वर्षो में चलाया था.छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी निरंतर जन भावनाओं की आवाज को पहुंचाने के लिए काम करते रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया था कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करें। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि इतिहास साक्षी है कि 26 दिसंबर 1705 को चार छोटे साहिबजादों को अत्याचारी वजीर खान ने जिंदा दीवार में चुनवा दिया था।साहिबजादों ने अदम्य साहस वीरता और बहादुरी का परिचय देते हुए अत्याचार का सामना किया.उल्लेखनीय है कि डॉ कुलदीप सोलंकी द्वारा वीर बाल दिवस की घोषणा के लिये चलाये गए हैश टेग #वीरबालदिवस ने विश्व के टॉप 10 में दूसरा स्थान बनाया थाप्रधानमंत्री ने सुनी भावनाओं की आवाज:प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी ने 9 जनवरी 2022 को प्रकाश पर्व के अवसर पर घोषणा की थी, कि सिखों के 10 वें गुरु; गुरु गोविंद सिंगजी के चारों साहिबजादों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस साल से 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इन महान हस्तियों ने धर्म के महान सिद्धांतों से विचलित होने के बजाय मौत को चुना।इस परम्परा को आगे ले जाने के लिए सिविल सोसायटी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन 26 दिसंबर 2024 को किया जाएगा।घोषणा:1 छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी छत्तीसगढ़ के चार साहसी बच्चों को चयनित करके वीर बाल दिवस - 26 दिसंबर 2024 को चार साहिबजादो के नाम पर सम्मानित करेगी।2 इस हेतु छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने प्रदेश की जनता से अपील है की अपने आसपास किसी भी बच्चे द्वारा किए गए वीरता एवं अदम्य साहस के कार्य का विवरण व्हाट्सएप नंबर -पर भेजें ताकि योग्य उम्मीदवारों का चयन हो सके।नाम एवं विवरण व्हाट्सएप करने की अंतिम तिथि 20/12/2024 है । पात्रता : आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए ।डॉ कुलदीप सोलंकीसंयोजकछत्तीसगढ़ सिविल सोसायटीमो.-+91 88274 92300+91 82009 93660+9199938 44026


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