- Home
- छत्तीसगढ़
-
- महिला दिवस समारोह में खुलकर हुई नारी शक्ति पर चर्चा- तात्कालिक भाषण में प्रखर वक्ता की भूमिका में नजर आई महिलाएंरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के महिला दिवस समारोह में नर्सों की सेवा को नमन करते हुए उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। वहीं तात्कालिक भाषण में महिलाएं अपने-अपने विषय पर प्रखर वक्ता की तरह धारा प्रवाह बोलतीं नजर आईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।इस मौके पर मुख्य अतिथि ईएनटी विशेषज्ञ डा. अनुपमा आनंद जोशी ने कहा कि नारी अबला नहीं है। नारी अनपढ़ ही क्यों न हो, वह अपनी इच्छाशक्ति से सब कुछ कर सकती है। नारी की शक्ति ही परिवार को जोड़ती है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सिर्फ एक दिन है, नारियों का सम्मान तो हर दिन होना चाहिए।कार्यक्रम के विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार गोविंद ठाकरे ने कहा कि नारी देह के आगे दिव्य है। जब हम नारी को देह से आगे देखते हैं, तो उनमें हमें मां, बहन, बेटी दिखाई देती है। नारी के आगे कोई कुछ भी नहीं। ठाकरे ने कहा कि वे काफी अरसे से महाराष्ट्र मंडल आते रहे हैं। यहां संगठन और कार्यक्रमों में महिलाओं को जो महत्व दिया जाता है, सम्मान किया जाता है, वह प्रेरक व प्रशंसनीय है।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि दो चोटी बनाकर घर से निकलने वाली महिलाएं आज सफलता की चोटी पर है। सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपना लोहा मनवा लिया है। हमारे यहां विभिन्न प्रकल्पों के 150 से अधिक पदाधिकारियों में 80 फीसद महिलाएं हैं। इसी तरह यहां कार्य करने वाले 120 कर्मचारियों में भी 80 फीसदी महिलाएं ही हैं।कार्यक्रम में पिछले समारोह के आयोजक केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयाजिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया गया। हमारे गौरवशाली इतिहास की महानतम महिलाओं में छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजा बाई के वेश में पल्लवी मुकादम, सिंधुताई सपकाल के वेश में संध्या खंगन, महिलाओं में शिक्षा की ज्योत जलाने वाली ज्योतिबा फुले की भूमिका में विराज भालेराव, महारानी अहिल्या बाई के रोल में सौदामिनी बर्वे नजर आईंं।कार्यक्रम के अंतिम चरण में महिलाओं ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया। चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, डंगनिया और सुंदर नगर केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले का विशेष मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम का संचालन संगीता निमोणकर और चित्रा जावलेकर ने किया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच तात्कालिक भाषण स्पर्धा में 12 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें महिलाओं ने स्वावलंबन, डिजिटल क्रांति, सकारात्मक सोच, महिला उद्यमी जैसे कई विषयों पर अपने विचार रखे। डा. वृंदा काले ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनका आत्मविश्वास प्रबल होता है।अदिति देशपांडे ने मजबूत कुटुंब और डा. विनया मास्कर ने आत्मबल पर जोर दिया। - रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पश्चिम बंगाल जनसभा का लाइव टेलिकास्ट सुना गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर के ऑडिटोरियम में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और बंगाली समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।बंगाल में खिलेगा कमल : अखिलेश सोनीभाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बेनर्जी की तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भाजपा कार्यकर्ता चुनावी रण में उतर चुके हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार कमल खिलेगा और पूर्ण बहुमत से वहां पर भाजपा की सरकार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम में आए बंगाली समाज के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।भाजपा कार्यकर्ता एवं बंगाल का जनमानस तानाशाह सरकार की करेगा बिदाई : मीनल चौबेरायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने ममता बेनर्जी की अराजक सरकार को उखाड़ फेंकने एवं भाजपा की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं एवं बांग्ला समुदाय के अपील करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एक अराजक सरकार है जो लगातार बंगाल के विकास में बाधा बन कर खड़ी हुई है। लेकिन अब जनता समझ चुकी है और वह पश्चिम बंगाल में विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता एवं बंगाल का जनमानस तानाशाह ममता सरकार की जल्द बिदाई करने वाला है।कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक केदार गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा का लाइव प्रसारण देशभर में देखा गया। इसमें बड़ी संख्या में बंगाली समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए ताकि वे अपने परिजनों और परिचितों से संपर्क कर भाजपा के समर्थन में मतदान के लिए प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है और इसी विश्वास के साथ कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए जुटे हैं। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित बड़ी संख्या में बन्ग समाज के प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
- -जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा-केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों के पीएचई और ग्रामीण विकास मंत्री हुए शामिल, जल जीवन मिशन 2.0 की दी गई जानकारीरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शनों की समीक्षा के साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 की जानकारी दी गई।नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना तथा विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री भी मौजूद थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी भी उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के साथ उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा हर घर तक नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। घरेलू नल जल कनेक्शनों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधानों पर भी इस दौरान चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 की केंद्रीय कैबिनेट से अनुमोदन एवं उसकी शर्तों के बारे में सभी राज्यों को अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में जल जीवन मिशन की समयावधि को दिसम्बर-2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में 3426 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने इसके समतुल्य केंद्रांश की राशि प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध किया। भारत सरकार द्वारा एकल ग्राम योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है। श्री साव ने इसमें आंशिक संशोधन करते हुए मल्टी-विलेज योजनाओं (MVS) के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया।केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत सभी राज्यों को भारत सरकार के साथ एमओयू करना होगा। भारत सरकार द्वारा सुझाए गये बिन्दुओं को समाहित कर संशोधित ओएंडएम नीति (O&M Policy) लागू करनी होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत राशि जारी की जाएगी। साथ ही मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं की डिजिटल एसेट रजिस्ट्री सुजलम भारत मोबाइल एप के माध्यम से सुजल गांव आईडी जनरेट किया जाना होगा तथा योजनाओं का फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन भी किए जाने की अनिवार्यता होगी। इन प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद ही भारत सरकार द्वारा मिशन के तहत योजनावार राशि जारी की जाएगी।
- -सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी और फसलों का नुकसान से होगा बचाव-किसानों ने जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभारबिलासपुर /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौवंश के संरक्षण, आवारा पशुओं की समस्या के समाधान और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई गोधाम योजना को किसानों और पशुपालकों ने एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल बताया है। किसानों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां एक ओर गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी तथा किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। किसानों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आज प्रदेश के 11 जिलों में 29 गोधाम का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश के सभी विकासखंडों में भी गोधाम स्थापित करने की योजना है जहां आवारा और निराश्रित गौवंश के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित आश्रय की व्यवस्था की जाएगी। इससे सड़कों और खेतों में भटकने वाले पशुओं को एक सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। ग्राम पोड़ी के किसान ईश्वर प्रसाद का कहना है कि अक्सर राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर पशुओं के अचानक आ जाने से गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं, जिससे कई बार जनहानि भी हो जाती है। गोधाम के निर्माण से इस समस्या का समाधान होगा।तखतपुर के किसान अलख राम और भरनी के किसान ज्वाला प्रसाद कौशिक ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर अक्सर आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यदि इन पशुओं को गोधाम में सुरक्षित रखा जाएगा तो निश्चित रूप से दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा हो सकेगी।किसानों ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं के कारण खेतों में खड़ी फसलों को अक्सर भारी नुकसान होता है। रात के समय पशु खेतों में घुसकर धान, सब्जी और अन्य फसलों को नष्ट कर देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। गोधाम योजना लागू होने से इस समस्या से निजात मिलेगी जिससे किसानों की मेहनत और उनकी फसल दोनों सुरक्षित रह सकेंगी। किसानों का मानना है कि इस योजना से गौवंश को भी सम्मानजनक संरक्षण मिलेगा। लंबे समय से आवारा पशुओं की समस्या ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई थी। गोधाम बनने से पशुओं को सुरक्षित आश्रय, भोजन और देखभाल की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।इसके साथ ही ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे, क्योंकि यहां पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देकर स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाएगा।किसानों और ग्रामीणों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना राज्य में पशु संरक्षण, सड़क सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है। किसानों ने कहा कि गोधाम योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और किसानों को लंबे समय से हो रही समस्याओं से राहत मिलेगी।
- - अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने दिया राज्य पुलिस अकादमी में व्याख्यानरायपुर । अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने सुभाषचन्द्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चन्द्रखुरी रायपुर में आयोजित कार्यशाला में व्याख्यान देते हुए कहा विज्ञान की शिक्षा, एवं प्रौद्योगिकी के कारण देश में वैज्ञानिक उपलब्धियां बढ़ रही हैं शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक का प्रभाव बढ़ है ,पर उसके बाद भी देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है जिनमे डायन /टोनही के संदेह में प्रताड़ित महिलाओं की संख्या अधिक है.जादू टोना ,टोनही जैसे अंधविश्वास से जिससे बचाव ,राहत के लिए आम जन में जागरूकता के साथ लिए शिकायतों पर संज्ञान लेकर तुरंत कार्यवाही आवश्यक हैं. प्रदेश में सन 2005 से राज्य टोनही प्रताड़ना निरोधक कानून बना हुआ है, जिसकेअभी भी गांव गांव में प्रचार,प्रसार तथा और शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही से पीड़ितों को राहत मिलेगी।.डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा सामाजिक अंधविश्वासों पर चर्चा, तर्क और विश्लेषण जारी रहना समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए जरूरी है.वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सम्बंध तर्कशीलता से है, वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारे अंदर अन्वेषण की प्रवृत्ति विकसित करता है,तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करता है, इस लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हमारे संविधान का महत्वपूर्ण अंश हैकिसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध सभी को एकजुट होकर आगे आना चाहिए।डॉ. मिश्र ने कहा विभिन्न प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। कोरोना जैसी महामारी का हल व उपचार वैक्सीन बनाने एवं उसे लोगों तक उपलब्ध कराने में चिकित्सा विज्ञान की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए।डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि आज भी बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से डराया व भ्रमित किया जाता है. जबकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा — देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन (टोनही )के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड में 7000 ,बिहार में 1679 छत्तीसगढ़ में 1357,ओडिशा 388 में ,राजस्थान 95 में,आसाम में 102 मामलों की प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं ।डॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं का वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे।डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। इस अधिनियम के आधार पर भी संज्ञान लिया जाए.।डॉ मिश्र ने कहा लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को स्वयं आगे आना चाहिए.।
- -मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : आकांक्षा सत्यवंशी-छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने बढ़ाया प्रदेश का मान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीमती आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा।भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है।श्रीमती आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रीमती आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई।भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।
- -राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
- -श्री साव ने 55 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन, 21.40 करोड़ के नए कार्यों की घोषणा-बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण सावरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज बीरगांव नगर निगम में 55 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने बीरगांव में आयोजित कार्यक्रम में 21 करोड़ 40 लाख रुपए के नए कार्यों की घोषणा भी की। श्री साव ने नागरिक सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने आज बीरगांव नगर निगम के व्हाट्स-एप चैटबॉट सेवा का शुभारंभ किया। इसमें नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे तथा आवश्यक सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश योजना के तहत चेक सौंपकर उन्हें नए घर की बधाई दी। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को भी चेक प्रदान किए। कार्यक्रम में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान के लिए स्वच्छता दीदियों को सम्मानित भी किया गया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू और महापौर श्री नंदलाल देवांगन भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीरगांव नगर निगम को आज 55 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात मिली है। जनप्रतिनिधियों की जागरूकता और सरकार की प्रतिबद्धता से ही विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि बंजारी मंदिर चौक से बस स्टैंड होते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 7 करोड़ 40 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जल्दी ही यह कार्य शुरू होगा। श्री साव ने उरकुरा में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 5 करोड़ रुपए, सड़क और नाली निर्माण के लिए 2-2 करोड़ रुपए तथा बीरगांव में अन्य विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 2500 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन के साथ तेजी से विकास के कार्य हो रहे हैं। हमने ही बीरगांव को नगर निगम बनाया है और हम ही इसे संवारने का काम भी कर रहे है। बीरगांव नगर निगम के सभापति श्री कृपा राम निषाद, नेता प्रतिपक्ष श्री ओमप्रकाश साहू, श्री योगेश साहू और श्री भागीरथी साहू के साथ एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -“विजन 2030” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजितरायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “विजन 2030 दृ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए उच्च विकास व्यवसाय मॉडल का निर्माण” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अरण्य भवन सभागार, नया रायपुर में किया गया।कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में वन मंत्री श्री कश्यप ने निगम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राज्य की वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वन संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत प्रबंधन, वनोपज का मूल्य संवर्धन तथा उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से निगम की गतिविधियों का विस्तार किया जाना आवश्यक है।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समय की आवश्यकता हैं। इनके माध्यम से विभिन्न राज्यों के अनुभव साझा करने का मौका मिलता है, उद्योग जगत की अपेक्षाएं और विशेषज्ञों के सुझाव एक मंच पर प्राप्त होते हैं, जिससे भविष्य के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलती है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए वन विकास निगम के अधिकारियों को बधाई दी और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझावों के आधार पर निगम के लिए सुदृढ़ और उच्च विकास क्षमता वाला रोडमैप तैयार किया जाएगा।कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यशाला के उद्देश्य तथा विजन 2030 के अंतर्गत निगम के दीर्घकालिक लक्ष्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निगम वन संसाधनों के सतत उपयोग, मूल्य संवर्धन तथा नए अवसरों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वन विकास निगम लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और वनवासियों को आजीविका के अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़ श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें देश के पांच राज्यों के वन विकास निगमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया स उन्होंने अपने-अपने राज्यों में संचालित गतिविधियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों तथा सफलता की कहानियों को साझा किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता करते हुए उद्योगों की आवश्यकताओं और निगम के साथ संभावित सहयोग के अवसरों पर अपने विचार व्यक्त किए।इस एक दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में सार्थक चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के अनुभवों, उद्योग जगत के सुझावों और विशेषज्ञों के विचारों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए विजन 2030 के अंतर्गत उच्च विकास क्षमता वाले मॉडल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के विचार-विमर्श भविष्य की रणनीति तय करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
- -गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय काठाकोनी लाखासार पहुंचे। हेलीपैड पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम भी मुख्यमंत्री जी के साथ आए। श्री साय लाखा सार में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधाम योजना का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक,बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कमिश्नर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
- - जिले में उमरपोटी गौ-धाम में वर्चुअल शुभारंभ का आयोजनदुर्ग/ प्रदेश में गौ-धाम योजना का शुभारंभ शनिवार, 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के कोनी से होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मार्च 2026 को गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय कोनी, जिला बिलासपुर में गौ-धाम योजना का शुभारंभ करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के अन्य गौ-धाम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 1.30 बजे वर्चुअल जुड़कर राज्य के समस्त जिले में गौ-धाम योजना का शुभारंभ करेंगे। दुर्ग जिले में पंजीकृत 04 गौ-धाम क्रमशः उमरपोटी, बासीन, चंदखुरी (सभी दुर्ग विकासखण्ड) और नारधा (विकासखण्ड धमधा) है। दुर्ग जिले में वर्चुअल मोड में शुभारंभ कार्यक्रम ग्राम उपरपोटी गौ-धाम में किया जाएगा। इस दौरान कोनी (बिलासपुर) में आयोजित मुख्य कार्यक्रम सीधा प्रसारण किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने उक्त कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे को नोडल अधिकारी और पशुचिकित्सा सेवाएं दुर्ग के उप संचालक श्री डॉ. वसीम शम्स को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर कार्य दायित्व सौपे गये हैं। इसके अलावा जिला सूचना अधिकारी (एनआईसी) एवं ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर चिप्स और सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग को भी कार्यक्रम की सफलता हेतु कार्य सौंपे गये हैं।
- भिलाईनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना ’’मोर मकान-मोर आस’’ घटक में नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत निर्मित आवासों के आबंटन हेतु किरायेदारी के रूप में निवासरत परिवारों से परियोजना स्थलों और दावा आपत्ति में पूर्ण आवेदन को आवासों के आबंटन हेतु किरायेदारों से आवेदन आमंत्रित किये गये है। उक्त स्थलों पर आवास आबंटन हेतु कुल 391 आवेदन प्राप्त हुए है एवं पूर्ण आवेदनों की संख्या 382 है तथा अपूर्ण दस्तावेज जमा आवेदकों की संख्या 09 है। आवेदनों की सूची अपूर्ण दस्तावेज एवं पूर्ण दस्तावेज संलग्न कर आवेदन जमा किये आवेदकों की सूची दावा आपत्ति हेतु मुख्यालय एवं जोन कार्यालयों के सूचना पटल पर चस्पा की गई है एवं निगम भिलाई के पोर्टल में आवेदकों की सूची को अपलोड किया गया है। जिसकी 15 दिवस समाप्ति पश्चात अंतिम तिथि 18.03.2026 निर्धारित की गयी है। निर्धारित तिथि के पश्चात कोई भी दावा आपत्ति मान्य नहीं होगा। आवेदक निर्धारित तिथि तक दावा आपत्ति कर सकते है।
- भिलाई नगर। निगम आयुक्त के आदेशानुसार नालंदा विद्यालय से एसीसी चौक तक सफ़ाई अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य उद्देश्य तालाबों में पानी की आपूर्ति और भूजल स्तर में सुधार होगा । नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-2 अंतर्गत वैशाली नगर क्षेत्र में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य नहर की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। यह मैन्युअल सफाई अभियान नालंदा विद्यालय के सामने से लेकर एसीसी चौक तक चलाया जा रहा है।इससे तालाबों को जीवनदान मिलेगा, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस महत्वपूर्ण नहर की सफाई का सीधा लाभ क्षेत्र के तालाबों को मिलेगा। नहर में जमा कचरे और मलबे के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था। सफाई होने से ग्रीष्म ऋतु में न केवल तालाबों में पानी की आपूर्ति नियमित होगी, बल्कि आसपास के भूजल स्रोतों के स्तर में भी सुधार आएगा, जिससे ग्रीष्मकाल में होने वाले जल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।निगम के सफाई कर्मी और मजदूर हाथों से (मैन्युअल) मिट्टी, झिल्ली, पन्नी और अन्य कचरा हटा रहे हैं। जल संचयन को सुचारू बनाना और प्राकृतिक जल निकायों को रिचार्ज करना है।नगर निगम भिलाई ने आम नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे नहर और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में कचरा, प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट पदार्थ न फेंकें। निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नहर की स्वच्छता बनाए रखने में जन-भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सफाई कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्रीष्म ऋतु में यह नहर क्षेत्र के जल प्रबंधन के लिए एक लाइफलाइन के रूप में कार्य करेगी।
- रायपुर/ कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने की।प्रशिक्षण में अधिकारियों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, सर्वेक्षण की विधि, डेटा संकलन और दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा, एसडीएम, नगर निगम जोन आयुक्त, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- स्काडा सिस्टम देखा, संचालन को लेकर किया निर्देशित, दिए सुझावरायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने रावणभाठा फिल्टरप्लांट का औचक निरीक्षण कर फिल्टरप्लांट संचालन, पंप मोटर की स्थिति, फिल्टरेशन प्रक्रिया, प्रयोगशाला में टेस्टिंग की स्थिति , सभी टंकियों में जलभराव , स्काडा मॉनिटरिंग का प्रत्यक्ष अवलोकन कर स्काडा सिस्टम संचालन हेतु आवश्यक निर्देश एवं सुझाव दिए. अपर आयुक्त ने इंटेकवेल की जानकारी सभी प्लांट की व्यवस्था का निरीक्षण कर ग्रीष्मकालीन पेयजल की तैयारी हेतु आवश्यक निर्देश दिए. इस दौरान नगर निगम कार्यपालन अभियंता जल श्री नर सिंह फरेन्द्र एवं फ़िल्टरप्लांट के अन्य सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण की उपस्थिति रही.
- क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल व क्षेत्रीय विधायक व मंत्री गुरू खुशवंत सिंह को ज्ञापन सौंपारायपुर। खस्ताहाल कठिया आउटलेट से सिंचाई में होने वाली दिक्कतों की ओर ध्यानाकर्षण कराये जाने पर शासन ने इसके रिमाडलिंग व लाइनिंग कार्य के प्रस्ताव को बजट में शामिल तो कर लिया है पर इसे आज तक प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिल पाया है । चालू वित्तीय वर्ष में ही इसे प्रशासकीय स्वीकृति दिलाने की मांग को ले क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल व क्षेत्रीय विधायक व मंत्री गुरू खुशवंत सिंह को ज्ञापन सौंपा गया है ।महानदी जलाशय परियोजना के जल प्रबंध संभाग क्रमांक 01 के अधीनस्थ आने वाले जल उपभोक्ता संस्था टेकारी के अंतर्गत आता है कठिया आउटलेट । जीर्ण - शीर्ण इस आउटलेट से सिंचाई में होने वाली दिक्कतों की ओर ग्रामीणों एवं सिंचाई पंचायत द्वारा लगातार ध्यानाकर्षण कराये जाने पर बजट में शामिल यह कार्य आज तक प्रशासकीय स्वीकृति की बाट जोह रहा है। आसन्न 31 मार्च को वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने के मद्देनजर टेकारी जल उपभोक्ता संस्था के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा के साथ गये ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने जहां क्षेत्रीय सांसद को वहीं क्षेत्रीय जनपद सदस्य राजू मनहरे के साथ पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंप इस कार्य को इसी वित्तीय वर्ष में प्रशासकीय स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया है ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू हो सके व किसानों को प्रभावी सिंचाई सुविधा मिल सके ।
- -सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर होगी नियुक्तिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है।प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- -36.40 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम जल्द होगा शुरू-उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित समयावधि में काम पूर्ण कराने के दिए निर्देश-गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहारायपुर ।राज्य शासन ने नांदघाट-मुंगेली सड़क के लिए 112 करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दे दी है। निविदा स्वीकृति के बाद अब जल्दी ही 36.40 किमी लंबाई के इस सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम प्रारंभ हो जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के मुंगेली संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मापदंडों के अनुरूप सड़क का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा है।लोक निर्माण विभाग ने कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्य का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्य किसी अन्य को सब-लेट (Sub-let) नहीं किया जाएगा तथा कार्य संपादन के लिए पावर-ऑफ-अटॉर्नी मान्य नहीं होगी। राज्य शासन द्वारा निविदा की मंजूरी इस शर्त पर दी गई है कि अनुबंध के पूर्व ठेकेदार से एडीशनल परफॉर्मेंस सिक्योरिटी (APS) की राशि की बैंक गारंटी जो संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील हो, प्राप्त कर ली जाए।
- -नई दिल्ली में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में शामिल हुईं राज्य की 75 महिलाएं-केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में देशभर की अमृत मित्रों के साथ साझा किए अपने काम के अनुभवरायपुर। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में छत्तीसगढ़ की जल योद्धाओं ने अपनी आवाज बुलंद की। राज्य की दो महिलाओं, बिलासपुर नगर निगम की श्रीमती रुक्मिणी गोस्वामी और लोरमी की श्रीमती हेमलता खत्री ने केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की मौजूदगी में देशभर की 1000 अमृत मित्रों के साथ अपने कार्यों के अनुभव साझा किए।केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) के तहत शहरी जल प्रबंधन एवं सतत विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें छत्तीसगढ़ की 75 “अमृत मित्र” महिलाओं ने भागीदारी की। ये महिलाएं राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में वृक्षारोपण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल संरचना संचालन तथा सामुदायिक जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत 11 मार्च को रायपुर रेलवे स्टेशन में हरी झंडी दिखाकर महिलाओं के इस दल को नई दिल्ली के लिए रवाना किया था।“अमृत मित्र महोत्सव” में भागीदारी करने वाली स्वसहायता समूहों की ये महिलाएँ 'वीमेन फॉर ट्री' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ की ये “अमृत मित्र” महिलाएँ अपने-अपने शहरों में तकनीकी और सामुदायिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा रही हैं। घरों तक सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने जल गुणवत्ता के परीक्षण, जल उपचार संयंत्रों (WTP) और वितरण नेटवर्कों के संचालन तथा रखरखाव में सहयोग के साथ ही जल संरक्षण तथा “कचरे से कंचन” जैसे अभियानों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण काम ये महिलाएं कर रही हैं।देशभर के स्वसहायता समूहों के सर्वोत्तम अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के इस राष्ट्रीय मंच को छत्तीसगढ़ की दो अमृत मित्रों ने भी साझा किया। बिलासपुर की श्रीमती रुक्मिणी गोस्वामी ने महोत्सव में कहा कि हम केवल पौधे ही नहीं लगा रहे हैं, बल्कि अपने शहरों के पर्यावरण और भविष्य को सुरक्षित बनाने का काम भी कर रहे हैं। इस पहल से हमें आजीविका का अवसर भी मिला है जिससे हम अपने परिवार की आय में योगदान दे पा रहे हैं।वहीं लोरमी की श्रीमती हेमलता खत्री ने राष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए वृहद पैमाने पर हम लोग वृक्षारोपण करने के साथ ही अपने बच्चे की तरह पौधों की देखभाल और रक्षा कर रहे हैं। इन पौधों को बढ़ते हुए देखकर हमें बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।"अमृत मित्र महोत्सव के लिए चयनित महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई... नई दिल्ली के भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने कार्यों और अनुभवों को प्रस्तुत करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। 'वीमेन फॉर ट्री - अमृत मित्र योजना' से महिला समूहों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका का भी अवसर मिल रहा है। इस पहल से उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण के कार्य में योगदान देने का संतोष भी प्राप्त हो रहा है।" - उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव
- -संलिप्त लोगों के विरुद्ध की गई कड़ी कार्रवाईरायपुर । प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध मादक पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन और प्रशासन के सभी अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच करने तथा इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि अपने-अपने जिलों के संवेदनशील एवं संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराया जाए। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर सर्वे पूर्ण कर अपने हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र सहित विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजें, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से अफीम की खेती तो नहीं की जा रही है।प्रदेश में हाल ही में कुछ स्थानों पर अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया तथा आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।अवैध क़ब्ज़े के जेसीबी मशीन से हटाया गया ।इसी प्रकार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुर्रीपानी (खजुरी) में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए लगभग 1.47 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे (लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किए गए तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 एवं 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण, परिवहन या कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर ।प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2025 के दौरान आई बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ जैसी आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र के इस अतिरिक्त सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार माना है।केंद्र सरकार द्वारा यह सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से जारी की जाएगी, ताकि प्रभावित राज्यों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। समिति के निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है।केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। आपदा की स्थिति में प्रभावित राज्यों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।गौरतलब है कि यह अतिरिक्त सहायता राज्यों को पहले से उपलब्ध कराए गए संसाधनों के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी राशि पहले ही जारी कर दी है। State Disaster Response Fund (SDRF) के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि National Disaster Response Fund (NDRF) के तहत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।इसके अलावा आपदा जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा National Disaster Mitigation Fund (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।
- -वर्षों से जोखिम उठाकर गुजर रहे राहगीरों को मिलेगी सुरक्षित आवागमन की सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सिंगीबहार से कछुआकानी मुख्य मार्ग पर स्थित जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से पुल की जर्जर स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के संज्ञान में मामला आने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।बताया गया है कि सिंगीबहार–कछुआकानी मार्ग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। पुल के खराब होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया को जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलते ही संबंधित विभाग ने स्थल पर पहुंचकर पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। पुल निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुल बनने से आवागमन सुरक्षित होने के साथ ही आसपास के गांवों के विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
- -ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्रीरायपुर। छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। श्री साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट” तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक “कथा कंथली” का विमोचन किया।इस अवसर पर मेघालय के लोकायुक्त श्री सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने किया टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी। इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष श्री शरद गांगल, उपाध्यक्ष श्री वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।



























