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- रायपुर/ 30 नवंबर 2025 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 128वें संस्करण का वेबकास्ट आयोजित हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि मंत्री रामविचार नेताम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव,निदेशक अनुसंधान, निदेशक विस्तार सेवा, निदेशक शिक्षण, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, समस्त विभागाध्यक्ष, अध्यापक गढ़ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा कृषि मंत्री का हार्दिक स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद सभी ने वेबकास्ट के माध्यम से प्रसारित 'मन की बात' को ध्यानपूर्वक सुना।प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन (लगभग 357 मिलियन टन), शहद उत्पादन में दोगुनी वृद्धि एवं 'मीठी क्रांति', खादी हनी मिशन के तहत 2.25 लाख बी-बॉक्स वितरण, जम्मू-कश्मीर के रामबन सुलाई शहद (जीआई टैग) तथा कर्नाटक की स्थानीय पहलों का उल्लेख करते हुए मधुमक्खी पालन को रोजगार का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने महिला क्रिकेट एवं ब्लाइंड टी-20 टीम की सफलताओं, विज्ञान-तकनीक प्रगति तथा नवंबर की प्रमुख राष्ट्रीय घटनाओं पर भी प्रकाश डाला।कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सोशल मीडिया के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पीएम मोदी छात्रों को निरंतर प्रेरित करते हैं, इसलिए वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर उत्साहित हैं। उन्होंने छात्रों से 'मन की बात' नियमित सुनने का आह्वान किया, क्योंकि इसमें प्रेरणादायी संदेश होते हैं।कुलपति डॉ. चंदेल ने शहद उत्पादन पर पीएम के विचारों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी अपार संभावनाएं हैं तथा विश्वविद्यालय 'लोकल फॉर वोकल' को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कृषि मंत्री के नेतृत्व में 'विकसित छत्तीसगढ़' लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प दोहराया। सभी उपस्थितजनों ने इन संदेशों का स्वागत किया तथा कृषि नवाचार व महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
- - श्रेष्ठ आयोजन प्रबंध हेतु महापौर, आयुक्त और नगर निगम रायपुर की पूरी टीम को सराहा-रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव में संसदीय क्षेत्र में 13 खेल विधाओं में 85000 से अधिक और रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 14000 से अधिक खिलाड़ियों ने स्पर्धाओं में लिया भाग, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा खेलों में हार या जीत से अधिक उसमें भाग लेना होता है0-खिलाड़ी लक्ष्य लेकर खेलें और अपने माता -पिता, परिवार, रायपुर शहर का नाम रौशन करने का लें प्रण - महापौर मीनल चौबेरायपुर/ रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत ब्लाक स्तरीय खेल स्पर्धाओं का दौर पूर्ण हो गया. रायपुर नगर पालिक निगम के नेताजी सुभाष स्टेडियम में रखे गए गरिमापूर्ण आयोजन में पहुंचकर रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने मंच से महोत्सव अंतर्गत 13 विविध खेल विधाओं की ब्लाक स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को मैडल पहनाकर और प्रमाणपत्र प्रदत्त कर प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप, रायपुर लोकसभा सांसद प्रतिनिधि श्री विजय अग्रवाल, नगर निगम युवा एवं खेल कल्याण विभाग के अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू, एमआईसी सदस्य श्रीमती सरिता आकाश दुबे, श्रीमती संजना संतोष हियाल, श्री मनोज वर्मा, श्री अमर गिदवानी, श्री भोलाराम साहू, जोन 4 अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 5 अध्यक्ष श्री अंबर अग्रवाल,जोन 6 अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद श्रीमती ममता सोनू तिवारी, श्रीमती दुर्गा यादराम साहू, श्रीमती प्रभा मनोज विश्वकर्मा, श्री अजय साहू, श्री आनंद अग्रवाल, श्री प्रमोद कुमार साहू, पूर्व पार्षद श्री रामकृष्ण धीवर सहित गणमान्य जनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, खेल संघो के पदाधिकारियों सहित सम्मानित और प्रोत्साहित कर पुरस्कृत किया.रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खेलों में हार या जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेलों में भाग लेना होता है. खेलों में भाग लेने वाले खिलाडियों को जीवन में अनुशासित रहने की सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त होती है. रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव में संसदीय क्षेत्र के भाटापारा, बलौदा बाजार, अभनपुर, तिल्दा, धरसींवा, आरंग, बिरगांव, माना, रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में लगभग 85000 से अधिक खिलाडियों ने विभिन्न 13 खेल विधाओं कुश्ती, भरोतोल्लन, कबड्डी, खोखो, वालीबाल, बास्केटबॉल, फुगड़ी, रस्साखींच, रस्सी कूद, शतरंज, तैराकी आदि विभिन्न खेल विधाओं में भाग लिया है, रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में लगभग 14000 से अधिक खिलाड़ी रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव में सम्मिलित हुए.सांसद ने मंच से हम खेलेंगे भारत खेलेगा का गगनभेदी नारा बुलंद किया. सांसद ने श्रेष्ठ आयोजन प्रबंध हेतु रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप और रायपुर नगर निगम की पूरी टीम को सराहा. सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने महोत्सव के सफल आयोजन हेतु खेल महोत्सव प्रभारी श्री अतुल शुक्ला, खेल संघ पदाधिकारी श्री संजय शर्मा, खेल संघो के पदाधिकारीगणों, स्कूलों के व्यायाम शिक्षकों, प्राचार्यों, शिक्षक और शिक्षिकाओं को सराहा.नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने खिलाडियों को श्रेष्ठ आयोजन में बड़ी संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने हेतु हार्दिक बधाई दी और उनको प्रोत्साहित किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी खिलाडियों से लक्ष्य तय करके खेलों में भाग लेने और अच्छा प्रदर्शन करके अपने माता-पिता, गुरू, परिवार, समाज और रायपुर शहर का नाम रौशन करने का प्रण लेने की विनम्र अपील की.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने खेल महोत्सव के आयोजन को सफल बनाने रायपुर नगर पालिक निगम के पार्षदों और अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार की गयी कड़ी मेहनत और श्रेष्ठ आयोजन प्रबंधन को सराहा. कार्यक्रम का संचालन नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय और अंत में आभार प्रदर्शन व्यायाम शिक्षक श्री पीताम्बर पटेल ने किया. आयोजन राष्ट्र गीत वन्दे मातरम के सम्पूर्ण गायन के साथ समाप्त हुआ.लोकसभा सांसद श्रीबृजमोहन अग्रवाल और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रस्सी कूद में स्पॉट जम्प करके खेलों का सकारात्मक सन्देश जन -जन को दिया.
- रायपुर/रायपुर नगर निगम शहर को स्वच्छ एवं हरित बनाने के अपने मिशन के प्रति सतत प्रतिबद्ध है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने हेतु प्रशासनिक सुधारों, नागरिक सहभागिता और जागरूकता अभियानों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में, रायपुर नगर पालिक निगम की पहल पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं आयुक्त श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में आज दिनांक 29 नवंबर 2025 को स्वच्छता निरीक्षक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (ISWM), सकरी का अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (AIILSG) अपने 100वें वर्ष पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न शैक्षिक गतिविधियाँ संचालित कर रहा है। इसी संदर्भ में रायपुर नगर निगम द्वारा विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन की संपूर्ण प्रणाली—स्रोत पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रोसेसिंग एवं वैज्ञानिक निस्तारण—की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरणीय संरक्षण की दृष्टि से तरल अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान पर भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।अध्ययन भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्लांट की प्रमुख इकाइयों का निरीक्षण किया, जिनमें—* MRF यूनिट (Material Recovery Facility)* कम्पोस्टिंग यूनिट* वैज्ञानिक लैंडफिल / निस्तारण इकाई* प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU)विशेष रूप से प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में विद्यार्थियों ने प्लास्टिक कचरे की छंटाई, बैलिंग, पुनर्चक्रण, वैकल्पिक ईंधन (RDF) हेतु उपयोग, तथा निर्माण कार्यों में पुनर्चक्रित प्लास्टिक के उपयोग की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवलोकन से विद्यार्थियों को समझ में आया कि प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी संभव है।रायपुर नगर निगम के नोडल अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। AIILSG, रायपुर की ओर से डिप्टी डायरेक्टर श्री विशाल राखेचा, श्री शेखर वर्मा, श्री निखिलेश उरकुड़े एवं श्री पवन साहू उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने हेतु प्रेरित किया।यह अध्ययन भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल एक महत्वपूर्ण शैक्षिक अनुभव सिद्ध हुआ, बल्कि उन्हें भविष्य में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के कार्यों में जिम्मेदारीपूर्वक सहभागिता हेतु प्रेरित भी किया।रायपुर नगर निगम स्वच्छता सुधार के साथ-साथ नागरिक जागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा निरंतर स्वच्छता जागरूकता अभियान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम, और प्लास्टिक मुक्त रायपुर जैसे अभियानों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
- दुर्ग/ जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक विगत दिवस कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में दुर्ग जिले की सभी बैंकों में संचालित विभिन्न सेवाओं व योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के शासकीय विभागों से संबंधित 1981 निष्क्रिय बैंक खातों (Inoperative Bank Accounts) जिनमें लगभग 9 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि लंबित है, तथा 1264 डीईएएफ (DEAF – दावा रहित जमा राशि) खातों जिनमें लगभग 2 करोड़ 62 लाख रुपये की राशि संचित है, उन सभी खातों को 30 नवंबर 2025 तक सक्रिय (Operative) कराने के लिए खाताधारकों से संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित आवेदनों को समयावधि में निराकृत कर लक्ष्य प्राप्ति हेतु सभी बैंक एवं विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग दुबे, भारतीय रिज़र्व बैंक से श्री दिग्विजय राउत, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजय गर्ग सहित डीआईसी, मत्स्य पालन, कृषि विभाग, नगर निगम, एनआरएलएम विभाग के अधिकारी एवं सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित थे।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय एवं IDYM फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम में इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (अहमदाबाद) के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई, ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपक सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. देसाई ने विद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित नवीनतम शोध, तकनीक एवं करियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित साइंस मॉडल्स का अवलोकन करते हुए उनके नवाचार और कार्यकुशलता की प्रशंसा की।IDYM फाउंडेशन के सह-संस्थापक श्री रत्नेश मिश्रा, जो IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और “प्रथम” सैटेलाइट के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, के नेतृत्व में फाउंडेशन देशभर में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। उनके प्रेरक मार्गदर्शन से “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष” जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई प्रेरणा दे रहे हैं।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट अंतरिक्ष का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करना है, ताकि भविष्य में वे भारत के अंतरिक्ष मिशनों में सार्थक योगदान दे सकें। कार्यक्रम में निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद् एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- रायपुर नगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 3 बूथ लेवल अधिकारीयों ने समय पूर्व हासिल किया शत-प्रतिशत लक्ष्यजिले के शहरी क्षेत्र में SIR के कामों में आई तेजी़रायपुर/ जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत रायपुर नगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 50 के 3 बीएलओ ने उत्कृष्ट एवं समयबद्ध कार्य करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। उनके इस सराहनीय प्रदर्शन पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने आज उन्हें शॉल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।सम्मानित बुथ लेवल अधिकारियों में मतदान केन्द्र 155 राजातालाब की बीएलओ श्रीमती सुनीला फेंकलिन, मतदान केन्द्र 59 पंडरीतराई की बीएलओ श्रीमती देवकुमारी भरद्वाज, मतदान केंद्र 58 पंडरीतराई की बीएलओ श्री गेन्दूराम देवदास शामिल हैं।इस अवसर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री मनीष मिश्रा एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री राकेश कुमार देवांगन, जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के सख्त निर्देशानुसार आज 29 नवम्बर 2025 को जोन क्रमांक-2 क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई।खुले में मुर्गा कटिंग कर गंदगी और दूषित वातावरण फैलाने के आरोप में अलग-अलग स्थानों पर कुल तीन लोगों पर ₹4000 (चार हजार रुपये) का अर्थदंड लगाया गया।डिलन चिकन, महबूब खान, मोहम्मद आरिफ इन पर सार्वजनिक स्थान पर अस्वच्छ तरीके से व्यवसाय करने और निगम के स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने के लिए यह जुर्माना लगाया गया है।निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि निगम क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की जाती है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करें और नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई जोन-2 के स्वास्थ्य अमले द्वारा सुनिश्चित की गई, जिसमें प्रमुख रूप से जोन 2 स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा, प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, विनोद पांडे, रजनीकांत, दिलदार एवं जोनल साहिल उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम, भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा स्लज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य शुरू होने के पूर्व स्थल का अवलोकन किया गया है। शहर के प्रमुख जलस्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने और नागरिकों को स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भिलाई के कोसा नाला और तेल्हा नाला के गंदे पानी के वैज्ञानिक उपचार हेतु कचांदुर गाँव के पास एक अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य प्रारंभ हो रहा है।कोसा नाला एवं तेल्हा नाला के गंदे पानी के उपचार हेतु सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माणकचांदुर गाँव में होगी। जिसकीक्षमता 150 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) है।उक्त निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि 145 करोड़ रूपए है ।ऑपरेशन एवं रखरखाव 15 वर्ष हेतु 44.55 करोड़ रुपए मात्र है।परियोजना पूर्णता की अवधि 24 माह है। यह परियोजना न केवल दोनों प्रमुख नालों से होने वाले जल प्रदूषण को रोकेगी, बल्कि उपचारित जल का उपयोग सिंचाई और अन्य गैर-पीने योग्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकेगा। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और भिलाई के जल स्रोतों की स्वच्छता सुनिश्चित होगी।नगर निगम यह सुनिश्चित कर रहा है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए। इस परियोजना से ग्राम कचंदूर के आसपास एवं भिलाई के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और शहर को एक स्वच्छ व सुंदर पहचान मिलेगी।स्थल निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता अर्पित बंजारे, एजेंसी के प्रतिनिधि एवं टीम उपस्थित रहे ।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य भिलाई शहर में संपत्ति कर प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और सटीक बनाना है।इस MOU के तहत आईआईटी भिलाई द्वारा नगर पालिक निगम भिलाई के लिए शहर की मकानों, जमीनों, एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का एक व्यापक ड्रोन सर्वेक्षण किया जा रहा है।इस अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर शहर की सभी संपत्तियों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा, जिससे उनके वास्तविक क्षेत्रफल और उपयोग का पता लगाया जा सके। इससे निगम क्षेत्र के भीतर सभी नई और बिना रिकॉर्ड वाली संपत्तियों की पहचान कर पाएंगे। संपत्ति के आकार और प्रकार के आधार पर सम्पत्ति कर के निर्धारण को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जाएगा।शहर के संपत्ति रिकॉर्ड का एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन, डिजिटल और अद्यतन डेटाबेस तैयार होगा। एकत्र किए गए डेटा का उपयोग भविष्य के शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा।इस अवसर पर, नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने कहा कि "आईआईटी भिलाई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ यह सहयोग भिलाई को स्मार्ट सिटी की दिशा में एक कदम आगे ले जाएगा। ड्रोन तकनीक से कर वसूली की प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता और दक्षता आएगी।"आईआईटी भिलाई के निदेशक ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि "आईआईटी भिलाई शहर के विकास में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और शोध क्षमताओं का योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना सरकारी प्रशासन में तकनीकी हस्तक्षेप का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।नगर पालिक निगम भिलाई आम जनता से अपील करता है कि वे सर्वेक्षण कार्य में लगी आईआईटी भिलाई की टीम का सहयोग करें और उन्हें अपनी संपत्ति के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान करें। यह सर्वेक्षण शहर के प्रत्येक नागरिक के हित में है और यह सुनिश्चित करेगा कि कर निर्धारण की प्रक्रिया निष्पक्ष और न्यायसंगत हो।
- क्रेडाअध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल हुएबिलासपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने मुंगेली रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर नव विवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संगठन प्रभारी श्री अजय जामवाल, विधायक श्री किरणदेव सिंह, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, श्री धरमजीत सिंह, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी नव विवाहित वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री साय के बिलासपुर पहुंचने पर कोनी में हैलीपेड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।
- उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने तैयारियों की समीक्षा कीआयोजन से जुड़े सभी विभागों को उत्कृष्ट और पुख्ता तैयारियों के निर्देश, स्थानीय लोगों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक से जोड़ने कहासंभाग स्तरीय स्पर्धाओं में 3500 खिलाड़ी दिखाएंगे अपना कौशल और दमखम, नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी करेंगे भागीदारीबिलासपुर/उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में 11 दिसम्बर से 13 दिसम्बर तक इसका आयोजन किया जाएगा। बस्तर ओलंपिक के जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के तीन हजार विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। करीब 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी इन स्पर्धाओं में हिस्सेदारी करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के रायपुर के सिविल लाइन स्थित निवास कार्यालय में हुई बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार भी शामिल हुए। संभागायुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी. के साथ बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ तथा खेल अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि विकास और खेल का संगम है। यह बस्तर के युवाओं के सशक्तीकरण और उनमें नेतृत्व के विकास की पहल है। राज्य सरकार बस्तर के युवाओं को खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहती है। उन्होंने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के सफल और उत्कृष्ट आयोजन के लिए सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ पुख्ता तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभागियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी या खामी नहीं छोड़ते हुए आयोजन स्थलों, खेल प्रबंधन, आवास, साफ-सफाई, भोजन, परिवहन, सुरक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों इत्यादि के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं बनाने को कहा। श्री साव ने कहा कि बस्तरवासियों के साथ ही देश और दुनिया में बस्तर ओलंपिक का बहुत अच्छा और सकारात्मक संदेश जाना चाहिए।उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों को इसे यादगार बनाने अपनी-अपनी भूमिका और कार्यों के अनुरूप दायित्वों का गंभीरता व सक्रियता से वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा उनकी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित करने स्थानीय लोगों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन से जोड़ने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को पिछले बस्तर ओलंपिक के विजेताओं और इस बार के विजेताओं को यूथ-आइकॉन बनाकर ज्यादा से ज्यादा गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों।बस्तर जिले के प्रभारी खेल अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी ने बैठक में बताया कि बस्तर ओलंपिक में भाग लेने के लिए संभाग के सभी 32 विकासखंडों के कुल तीन लाख 91 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया था। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं के दस हजार से अधिक विजेता खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय स्पर्धाओं में भागीदारी की। जिला स्तरीय आयोजनों के करीब तीन हजार विजेता संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में लगभग 500 नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित नक्सली भी हिस्सेदारी करेंगे। 11 खेलों एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में ये अपना खेल कौशल दिखाएंगे।श्री तिवारी ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन के दौरान जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में फुटबॉल, व्हॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग एवं बैडमिंटन स्पर्धाएं होगी। पंडरीपानी स्थित खेलो इंडिया सेंटर में हॉकी के मैच होंगे। वहीं धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, एथलेटिक्स और रस्साकसी की प्रतियोगिताएं होंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- 25 हजार 580 हितग्राहियों को पहली किश्त की राशि जारीग्राम पंचायतों में आवास चौपाल का आयोजनरायपुर/प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृतप्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं।आवास चौपाल का उद्देश्य तकनीकी जानकारी उपलब्ध करानाआवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना। सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना। राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है । अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना।योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधानप्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई ब्यक्ति आवास पास करान,े क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।-
- उपार्जन की फसलवार तिथियां घोषितरायपुर/ किसानों की आय में वृद्धि तथा दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा योजना) अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी के लिए व्यापक तैयारी की गई है। सहकारी समितियों के माध्यम से होने वाली इस खरीदी से किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके लिए शासन ने अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, चना एवं मसूर की खरीदी हेतु निर्धारित तिथियाँ घोषित कर दी हैं।अधिसूचना के अनुसार अरहर और सरसों की खरीदी 15 फरवरी से 15 मई 2026 तक, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीदी 1 दिसम्बर से 28 फरवरी 2026 तक तथा चना व मसूर की खरीदी 1 मार्च से 30 मई तक की जाएगी। खरीदी कार्य के लिए नाफेड उपार्जन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।कृषि विभाग ने खरीफ और रबी दोनों मौसम में दलहन-तिलहन के उपार्जन को लेकर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। फसलों के उपार्जन हेतु शासन द्वारा प्रति एकड़ अधिकतम उपार्जन सीमा निर्धारित की गई है। खरीदी का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित एकीकृत किसान पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। नाफेड द्वारा प्रदर्शित इस पंजीयन डेटा के आधार पर उपार्जन एवं भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जाएगी।भारत सरकार तथा राज्य शासन द्वारा दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार के लिए यह महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिससे किसानों में उत्साह है। रबी मौसम में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी से क्षेत्र में रबी फसलों का रकबा बढ़ने की संभावना है। इससे उन क्षेत्रों के किसानों को भी लाभ मिलेगा, जहां अब तक प्रमुख रूप से केवल खरीफ में धान की खेती की जाती थी। किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड, द्वि-फसलीय क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम तथा आत्मा योजना के तहत अनुदान सहायता भी दी जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर विक्रय करने की अपील की है।
- रायपुर/भारत निर्वाचन आयोग (ECI) सभी नागरिकों को ECINet ऐप डाउनलोड करने और ऐप पर 'Submit a Suggestion' (एक सुझाव सबमिट करें) टैब का उपयोग करके ऐप को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित करता है। यह 27 नवंबर 2025 से 27 दिसंबर 2025 के बीच किया जा सकता है।ECINet ऐप का ट्रायल वर्ज़न बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और हाल के उपचुनावों के दौरान उपयोग में लाया गया था। इस नए प्लेटफ़ॉर्म ने बेहतर मतदाता सेवाएँ, मतदान प्रतिशत रुझानों की तेज़ी से उपलब्धता, और मतदान की समाप्ति के 72 घंटों के भीतर इंडेक्स कार्डों का प्रकाशन संभव बनाया, एक ऐसा कार्य जिसमें पहले कई सप्ताह या महीने लगते थे।बिहार चुनावों से मिली सीख और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEOs), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (EROs), पर्यवेक्षकों और फील्ड अधिकारियों से मिले फीडबैक को प्लेटफ़ॉर्म की कार्यक्षमता को और बढ़ाने के लिए शामिल किया जा रहा है। उपयोगकर्ताओं के सुझावों की जाँच की जाएगी और प्लेटफ़ॉर्म को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए अपडेट किया जाएगा। ECINet प्लेटफ़ॉर्म का आधिकारिक लॉन्च जनवरी 2026 में नियोजित है।ECINet आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से मतदाता सुविधा में सुधार करना और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह पहल मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ की गई है। ECINet ऐप के विकास पर काम 04 मई, 2025 को इसकी घोषणा के बाद शुरू हुआ था।
- उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली बेचकर बन रहे हैं ऊर्जादातारायपुर/ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम जनता के लिए बड़े बदलाव का माध्यम बन रही है। इस योजना से न केवल घरेलू बिजली की जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली बेचकर उर्जादाता भी बन रहे हैं। अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र में इसके सकारात्मक परिणाम तेजी से सामने आ रहे हैं।बिजली बिल पूरी तरह हो गया शून्य, मिल रही है सब्सिडीभगवानपुर वार्ड क्रमांक 1 के निवासी श्री कमलेश तिवारी ने अपने घर की छत पर पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। उन्होंने बताया कि योजना से जुड़ने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार से उन्हें ₹1,08,000 की सौर सब्सिडी प्राप्त हुई है, जिससे सोलर रूफ टॉप की लागत में काफी राहत मिली। उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम से उत्पन्न बिजली से घर की आवश्यकता पूर्ण हो जाती है, और बची हुई बिजली सीधे विद्युत विभाग को बेचकर आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त बिजली का भुगतान किया जाएगा।पर्यावरण संरक्षण में सहायक सौर ऊर्जाश्री तिवारी ने कहा कि योजना से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान हो रहा है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर बिजली बिल की परेशानी से मुक्ति पाएं और स्वच्छ ऊर्जा अपनाएं। श्री कमलेश तिवारी केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए दी जा रही सब्सिडी आम परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के लिए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य का संचालन 04 नवम्बर 2025 से पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ जारी है। बीएलओ द्वारा प्रदेशभर में घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन तेजी से प्रगति पर है।आज 29 नवम्बर तक प्रदेश में लगभग 01 करोड़ 82 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 02 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 86 प्रतिशत है।
- गुरूवार को सुकमा जिले में आईईडी ब्लास्ट में घायल हुई थी महिला कांस्टेबल सुश्री मुचाकी दुर्गाचिकित्सकों को इलाज का बेहतर प्रबंध करने के निर्देशरायपुर/ सुकमा जिले में गुरुवार को आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल जिला पुलिस बल की महिला कांस्टेबल सुश्री मुचाकी दुर्गा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा आज यहां रायपुर स्थित रामकृष्ण हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायल महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा से मिले और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से चर्चा की और कांस्टेबल सुश्री दुर्गा का हरसंभव बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने बताया कि सुश्री मुचाकी दुर्गा की स्थिति खतरे से बाहर हैं। गंभीर चोटों के कारण उन्हें स्वस्थ होने में समय लगेगा।गौरतलब है कि सुकमा जिले में डीआरजी और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त टीम के साथ महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन के लिए गोगुण्डा की पहाड़ी पर गयीं थी और जंगलों की ओर बढ़ रही थी। वहां नक्सलियों द्वारा लगाया गया एक प्रेशर इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सक्रिय अवस्था में था। अनजाने में उन्होंने आईईडी पर पैर रख दिया, जिससे हुए विस्फोट के चलते वह घायल हो गई। उनके पैर, हाथ, आंख और चेहरे पर चोट आयी, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए रायपुर लाया गया था।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा से मुलाकात के दौरान उन्हें हौसला देते हुए उनके परिजनों से बात की। उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर सुश्री दुर्गा की बड़ी बहन मुचाकी करुणा से बात करते हुए शासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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मीलों की दूरी मिटा दी तकनीक ने—डिजिटल छत्तीसगढ़ की मानवीय मिसाल
भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र किया प्राप्त
छत्तीसगढ़ की डिजिटल व्यवस्था ने बनाया मुश्किल काम आसान
रायपुर/ डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि समय, मेहनत और संसाधनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित की है। भुवनेश्वर में रहने वाली श्रीमती सोनम त्रिपाठी का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के सहारे अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी के बैंक खाते को बिना किसी परेशानी के भुवनेश्वर में स्थानांतरित करवा लिया।
विवाह के बाद भुवनेश्वर में बस चुकी श्रीमती सोनम त्रिपाठी के माता-पिता बिलासपुर में ही रहते थे। पिता का निधन होने के बाद नगरपालिका बिलासपुर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। लेकिन जब उनकी माताजी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अपने साथ भुवनेश्वर ले जाना पड़ा, तब एक नई चुनौती सामने आई कि माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर। बैंक ने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिसकी जानकारी श्रीमती त्रिपाठी को पहले नहीं थी, और इसी कारण काम कुछ समय के लिए अटक गया। इस दस्तावेज़ की आवश्यकता ने परिवार को असमंजस में डाल दिया।
इंटरनेट और डिजिटल छत्तीसगढ़ का मिला सहारा
श्रीमती त्रिपाठी ने समाधान की तलाश शुरू की और इंटरनेट की मदद से छत्तीसगढ़ के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। भुवनेश्वर से ही उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया। कार्यालय कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों, ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्ति के चरणों की स्पष्ट एवं सहज जानकारी प्रदान की। डिजिटल व्यवस्था की बदौलत कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया, और बैंक की समस्त औपचारिकताएँ तुरंत पूर्ण हो गईं।
डिजिटल सेवाएँ समय बचाती हैं, परेशानी दूर करती हैं — श्रीमती सोनम त्रिपाठी
श्रीमती सोनम त्रिपाठी बताती हैं कि यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले मिल जाती, तो उनका काम और पहले ही पूरा हो जाता। उनका कहना है कि बैंकिंग, सरकारी सहायता, संपत्ति, पेंशन और अन्य कार्यों में बाधा से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज़ समय रहते बनवा लेना चाहिए। मैंने भी भुवनेश्वर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में प्राप्त हो गया।
उनका अनुभव बताता है कि सूचना की उपलब्धता, तकनीक का उपयोग और सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किस प्रकार जटिल लगने वाले कामों को भी सरल और तेज बनाते हैं।
डिजिटल छत्तीसगढ़: अब हर नागरिक के ‘एक क्लिक’ पर सरकारी सेवाएँ
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आमजन की परेशानी को काफी हद तक कम किया है। बिलासपुर से लेकर बस्तर तक हर कोई घर बैठे प्रमाण पत्र, आवेदन स्थिति और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पा रहा है। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बचत होती है, बल्कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी और विश्वसनीय भी बनी हैं।
सोनम त्रिपाठी की यह कहानी उन नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो परंपरागत प्रक्रियाओं की कठिनाइयों से परेशान रहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर सूचना, सहयोगी प्रशासन और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सहायता से कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता और सरलता से पूरा किया जा सकता है।
डिजिटल छत्तीसगढ़ की यह मिसाल न केवल राज्य के डिजिटल परिवर्तन की सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल भारत अभियान कैसे आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है।
छत्तीसगढ़ की डिजिटल सेवाएँ अब आम नागरिकों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर बिना किसी कठिनाई के पूरा कर लिया—यह हमारे ई-गवर्नेंस सिस्टम की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता का प्रमाण है। “डिजिटल छत्तीसगढ़” का लक्ष्य ही यही है कि हर नागरिक को घर बैठे, एक क्लिक में, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों। श्रीमती त्रिपाठी का यह अनुभव डिजिटल भारत अभियान और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली की सफलता को रेखांकित करता है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय -
हेल्थकेयर हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है अटल नगर
रायपुर/ स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की असली नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख प्राथमिकता बन चुकी हैं। इसी दृष्टि से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।
नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, व्यापक परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां के एयरपोर्ट और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, और जल्द ही शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद मेडिकल टूरिज्म के विस्तृत अवसर यहां खुलने वाले हैं।
सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड की क्षमता और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इस परियोजना को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहर के रूप में स्थापित करेगी।
मेडिसिटी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की नई और सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स यहां स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस पूरे क्षेत्र को एक व्यवस्थित ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन में बदल देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सेवाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं।
उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर में पहले से सक्रिय उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र है, जहाँ भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। वहीं 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी के दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराता है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और उपयुक्त बनाती है।
मेडिसिटी केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी विशाल केंद्र बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक प्रतिष्ठान और नई सेवा गतिविधियों का विस्तार राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ सरकार का वह संकल्प है जो कहता है—सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य, कम लागत में उच्च सुविधा और सुरक्षित जीवन की गारंटी। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई परिभाषा है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर मेडिसिटी न सिर्फ मध्य भारत बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श हेल्थकेयर मॉडल के रूप में स्थापित होगी।
नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का ऐसा इंजन बनेगी, जो आने वाले दशकों तक राज्य की विकास रफ्तार को नई दिशा देगा। 200 एकड़ में विकसित हो रही यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी न सिर्फ उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगी। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से नवा रायपुर राष्ट्रीय हेल्थ हब के रूप में उभरेगा। मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है और यह आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगा।-वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी
नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल हेल्थकेयर सिटी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और मेडिकल टूरिज्म सभी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी। - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय -
71.12 लाख रुपये के तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण और 1.21 करोड़ रुपये के हायर सेकंडरी स्कूल भवन का हुआ शिलान्यास
रायपुर/राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के
नगर पंचायत टुण्ड्रा में विकास का नया अध्याय लिखा। इस अवसर पीकर उन्होंने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का लोकापर्ण और शिलान्यास किया। टुण्ड्रा के हायर सेकंडरी स्कूल खेल मैदान में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने 71.12 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हायर सेकंडरी स्कूल भवन का भी शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में चहुमुखी विकाश हो रहा है इसका लाभ हर वर्ग को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के किसान, महिला, युवा और व्यापारी सभी वर्गों में सरकार की योजनाओं से उत्साह और संतोष का माहौल है। मंत्री ने कहा कि ये निर्माण कार्य क्षेत्र की प्रशासनिक क्षमता, शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूती प्रदान करेंगे। मंत्री श्री वर्मा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर तहसील कार्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा भी की।
इस अवसर पर सांसद जांजगीर-चांपा श्री कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नगरवासी उपस्थित रहे। -
किसानों को मिल रहा त्वरित भुगतान
रायपुर/ धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन पूरी पारदर्शिता, सुगमता और मजबूत प्रशासनिक निगरानी के साथ सुचारू रूप से जारी है। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 उपार्जन केन्द्रों में कुल 1,27,851 किसानों द्वारा 1,19,541.09 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत किया गया है, जिनमें 76,046 सीमांत, 49,493 लघु और 2,312 दीर्घ किसान शामिल हैं।
तेज़ी से हो रही खरीदी, किसानों को हर दिन भुगतान
15 से 28 नवम्बर 2025 के बीच 17,580 किसानों से 81,704.52 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीदी गई उपज का कुल मूल्य 193.86 करोड़ रुपये है, जिसका निर्वहन प्रतिदिन नियमित रूप से किसानों के खातों में किया जा रहा है।
100 केन्द्रों पर नोडल अधिकारी—व्यवस्था और पारदर्शिता पर पैनी नजर
जिले ने खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। अधिकारी हर सप्ताह स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के अनुकूल रहे।
कोचियों पर नकेल—अवैध भंडारण व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई
अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर रोक के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग का संयुक्त उड़नदस्ता दल सक्रिय है। उड़ीसा सीमा से सटे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद और सांकरा चेकपोस्ट पर 24×7 निगरानी की व्यवस्था की गई है।अब तक अवैध परिवहन/भंडारण के 28 प्रकरण दर्ज, कुल 1,253 मीट्रिक टन धान और दो वाहन जप्त किए गए हैं। कार्रवाई निरंतर जारी है।
कस्टम मिलिंग में गति
विपणन वर्ष 2024-25 में अर्जित धान की मिलिंग हेतु जिले में 102 राइस मिलों का पंजीयन हुआ है। इनमें से 55 मिलों को 2,51,552 मीट्रिक टन धान उठाव की अनुमति दी गई है, जबकि 1,99,248 मीट्रिक टन का अनुबंध पूरा किया जा चुका है।
शिकायतों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय
कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 11 में जिले का कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित है। अभी तक प्राप्त 17 में से 14 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष 3 पर कार्यवाही जारी है।इसके लिए
07722-232808 पर सम्पर्क किया जा सकता है। धमतरी जिला प्रशासन किसानों को सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। -
प्रधानमंत्री आवास योजना अपूर्ण मकानों को पूर्ण दर्शाने के मामले में कार्रवाई
रायपुर/प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों की निर्माण की स्थिति की गलत रिपोर्टिंग के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इस मामले में दोषी पाए गए 4 ग्राम पंचायतों के आवास मित्रों एवं एक ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। जिला प्रशासन ने इस मामले कड़ा रूख अपनाते हुए जनपद पंचायत के कई अन्य अधिकारियों सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गरियाबंद के निर्देशानुसार योजना अंतर्गत निर्मित आवासों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के लिए जिला स्तरीय टीम को विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। टीम ने ग्राम पंचायत खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल का दौरा कर आवासों की स्थिति की विस्तृत जांच की।
निरीक्षण में पाया गया कि कुछ हितग्राहियों के आवास अभी भी अपूर्ण अवस्था में थे, जबकि आवास मित्र एवं रोजगार सहायकों द्वारा अन्य व्यक्तियों के आवास का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखाया गया था। इस गलत रिपोर्टिंग को गरियाबंद कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के आवास मित्रों तथा ग्राम पंचायत धोबनमाल के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
इसके साथ ही आवास निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग में लापरवाही को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर; विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण; तकनीकी सहायक (मनरेगा); तथा ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल एवं धोबनमाल के सरपंच/सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तकनीकी सहायक को बिना परीक्षण किए जियोटैगिंग के सत्यापन में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है।
कलेक्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को और सख्त किया जाएगा। - -असुरक्षित कार्यप्रणालियों पर निर्णायक कार्रवाईभिलाई नगर । सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र में विगत दिनों कार्यस्थल पर हुई मृत्यु तथा कर्मियों की चोटिल होने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए संयंत्र के शीर्ष प्रबंधन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित कार्य एवं असुरक्षित कार्यप्रणाली के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पहले की तरह आगे भी कड़ाई से लागू रहेगी।इसी संदर्भ में दुर्घटना-जनित परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चूक की गंभीरता को देखते हुए कठोर प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। जिसके अंतर्गत सिंटर प्लांट–3 के एक महाप्रबंधक तथा उर्जा प्रबंधन विभाग के एक महाप्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालकों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं तथा प्लेट मिल के दो महाप्रबंधक को एडवाइजरी पत्र प्रदान किए गए हैं।सभी घटनाओं का मूल कारण विश्लेषण किया गया है, ताकि प्रत्येक पहलू का तथ्यपरक मूल्यांकन हो सके। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएँ पुनः न हों, इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों की रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।संयंत्र प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना प्रत्येक स्तर पर सामूहिक उत्तरदायित्व है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- -कलेक्टर विनय लंगेह के औचक निरीक्षण में पाए गए थे अनुपस्थितमहासमुंद / वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक पांडेय द्वारा वनरक्षक श्री शनि ठाकुर परिसर रक्षी, भलेसर बागबाहरा को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू रूप से संपादन हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला महासमुन्द के आदेश के द्वारा आपकी ड्यूटी चेक पोस्ट खट्टी में लगाई गई है। किन्तु आज दिनांक तक कर्तव्य स्थल में उपस्थित नहीं हुए हैं। आपका यह कृत्य वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही को दर्शाता है। आपके द्वारा बरती गई कदाचरण हेतु आपके विरूद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा)के तहत आवश्यक कार्यवाही किये बाबत् संदर्भित पत्र प्राप्त हुए हैं।अतः आप आज दिनांक तक चेक पोस्ट खट्टी में उपस्थित नही होने के संबंध में औचित्यपूर्ण कारणों का उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण 03 दिवस के भीतर उचित माध्यम से प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। स्पष्टीकरण असंतोषजनक अथवा नियत समय सीमा के भीतर प्राप्त नही होने की स्थिति में आपके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। जिसके लिए आप व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। साथ ही निर्देशित किया जाता है कि पत्र प्राप्ति के तत्काल चेक पोस्ट खट्टी में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।उल्लेखनीय है कि गत दिवस कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा खट्टी चेक पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया था। जिसमें शनि ठाकुर बिना वैध कारण के अनुपस्थित पाए गए थे।
- दंतेवाड़ा जिले में निष्क्रिय खातों के हकदारों को 0.72 करोड़ रुपए की राशि वापसी, में बड़ी सफलतादंतेवाड़ा, । जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिले में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को पुनः सक्रिय करने और नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए ( 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक) सभी ब्लॉकों में विशेष शिविर आयोजित के तहत कार्यषाला का आयोजन किया गया। डीईएएफ (जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष) योजना के तहत चल रहे इन कैंपों का उद्देश्य पिछले दस वर्षों से बंद पड़े खातों का त्वरित, पारदर्शी और सरल निपटान करना हैं।कार्यषाला में अभियान ’’आपकी पूंजी, आपका अधिकार के तहत निष्क्रिय बैंक खातों में जमा राशि वापस दिलाने में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अब तक जिले में 0.72 करोड़ रुपए की राशि हकदारों को लौटा दी गई है। जिला प्रशासन की सक्रियता और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता शिविरों के फलस्वरूप ऐसे खातों की पहचान की गई है, जिन पर वर्षों से कोई दावा नहीं किया गया था। इन निष्क्रिय खातों में कुल 12 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दर्ज है, जिसे हकदारों तक पहुंचाने के लिए दस्तावेज सत्यापन एवं दावा प्रक्रिया तेज गति से जारी है। अभियान के दौरान बैंकवार रिपोर्ट में सबसे अधिक निष्क्रिय उपभोक्ता भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े हुए पाए गए। शिविरों में 150 से अधिक नागरिक पहुंचे, जिनके दस्तावेज सही पाए जाने पर उनके दावों का तत्काल निपटान किया गया और उन्हें प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। आधार, पैन सत्यापन, दावा फॉर्म भरने तथा निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने की पूरी प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूर्ण कराई गई।इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर के महाप्रबंधक श्री गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक जगदलपुर श्री मोहित सिंगल, अग्रणी बैंक अधिकारी दंतेवाड़ा श्री शिवराम बघेल सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।


























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