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- -मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ-स्वास्थ्य मंत्री ने आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के कार्ययोजना तैयार करने के निर्देशरायपुर । प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 एवं एआरटी-सरोगेसी एक्ट 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभबैठक में विधायक सुश्री लता उसेंडी (कोंडागांव), श्रीमती रायमुनी भगत और श्रीमती गोमती साय सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिक्षा रितेश अग्रवाल और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।बैठक के दौरान संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने दोनों अधिनियमों के प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्रदेश में इनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।बैठक में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सर्वाधिक और न्यूनतम सेक्स रेशियो वाले तीन-तीन जिलों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए, ताकि असमानता के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में सोनोग्राफी सेवाओं की कमी को देखते हुए एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए छह माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध हो सके।बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में संचालित आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि संबंधित हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में गरीब और आमजन को बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शीघ्र ही आईवीएफ सुविधा प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है, जिससे जरूरतमंद दंपत्तियों को निःशुल्क लाभ मिल सकेगा।
- -वन मंत्री केदार कश्यप होंगे मुख्य अतिथिरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “विजन: 2030 – छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए उच्च विकास व्यवसाय मॉडल का निर्माण” विषय पर 14 मार्च को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला अरण्य भवन, नवा रायपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित होगी। कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए सतत और उच्च विकास आधारित व्यवसाय मॉडल तैयार करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना है। इसमें वन उत्पादों में मूल्य संवर्धन, वानिकी गतिविधियों का विविधीकरण, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, वन आधारित उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत करना तथा वर्ष 2030 तक नए राजस्व स्रोतों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के वन विकास निगमों के प्रतिनिधि तथा वन आधारित उद्योगों के विशेषज्ञ भाग लेंगे और अपने अनुभव, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों तथा नवाचार आधारित व्यवसाय मॉडल साझा करेंगे l इसके साथ ही वन विकास निगमों के पूर्व प्रबंध संचालक (पूर्व एमडी) और पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पूर्व पीसीसीएफ) भी इस कार्यशाला में शामिल होकर अपने-अपने अनुभव और सुझाव भी साझा करेंगे।इस कार्यशाला से प्राप्त सुझावों और निष्कर्षों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए सतत वानिकी, हरित विकास और वन आधारित उद्यमों के विस्तार के लिए एक दीर्घकालिक रणनीतिक रोडमैप तैयार करने में सहायता मिलेगी।
- -प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला में किसानोपयोगी नवीन तकनीकें भी प्रदर्शित की जाएंगीरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा 14 एवं 15 मार्च को आयोजित दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट ”एग्री टेक मिलन 2026“ में महाविद्यालय के पांच सौ से अधिक पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इस एल्युमिनाई मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य राज्यों से लगभग ढ़ाई सौ भूतपूर्व विद्यार्थियों के आने की संभावना है। इस अवसर पर दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी आयोजित किया जाएगा जिसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किसानोपयोगी नवीन प्रौद्यौगिकियां प्रदर्शित की जाएंगी। एग्री टेक मिलन 2026 का शुभारंभ कल दिनांक 14 मार्च को प्रातः 11 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। समारोह की अध्यक्षता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा करेंगे। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण, निदेशकगण, कुलसचिव एवं छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने बताया की महाविद्यालय में पहली बार एल्युमिनाई मीट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विगत लगभग 30 वर्षों में कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर चुके 500 से अधिक भूतपूर्व विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इन पूर्व विद्यार्थियों में से अनेक विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोक सेवा आयोगों के माध्यम से भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं। इसके अलावा कुछ भूतपूर्व छात्र प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में निदेशक अथवा वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अनेक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार प्रदान किया है। इसके अलावा लगभग 100 भूतपूर्व विद्यार्थी विभिन्न विश्विद्यालयो में निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक के रूप में योगदान दे रहे हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी जिसके अंतर्गत एम. टेक पाठ्यक्रम प्रांरभ किये गये थे। वर्ष 2008 में फार्म मशीनरी एवं पावर इंजिनियरिंग तथा सॉयल वाटर मैनेजमेंट में शोध पाठ्यक्रम शुरू किए गए। वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना के साथ कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में विभिन्न स्नातक पाठ्क्रम प्रारंभ किये गए। उन्होनें बताया कि अब तक 700 से अधिक विद्यार्थियों ने कृषि अभियांत्रिकी के विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधि प्राप्त की है। डॉ. वर्मा ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नवीन प्रौद्योगिकी विकसित की गई हैं तथा 32 डिजाईन पेटेंट किये गए हैं। उन्होंने बताया कि यह दो दिवसीय एग्री टेक मिलन 2026 एक ऐतिहासिक आयोजन होगा जिसका साक्षी यह महाविद्यालय बनने जा रहा है।
- -आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए होगा मामलों का निपटारारायपुर। आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 मार्च 2026 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेण्डर वर्ष 2026 की पहली लोक अदालत होगी।लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण किया जाएगा। इसी प्रकार बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे।इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा से संबंधित प्रक्ररणों को निराकृत किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।
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मौके पर 159 आवेदनों का किया गया निराकरण
हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं सेकिया गया लाभान्वितबालोद/जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम पोण्डी में आज आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए सौगातों भरा रहा। इस दौरान शिविर में अनेक हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत नवनिर्मित आवासों के आवासपूर्णता प्रमाण पत्र, मुकबधिर हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं दिव्यांग हितग्राहियों को छड़ी और इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान करने के अलावा मत्स्य विभाग के योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मछली जाल, आईस बाॅक्स प्रदान करने के साथ ही ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनओं से लाभान्वित किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले जनसमस्या निवारण शिविर की भाँति कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर ग्राम पोण्डी पहुँचे। जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों के ग्राम पोण्डी पहुँचने पर ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। पोण्डी जनसमस्या निवारण शिविर में आज जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष के अलावा जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा जिला प्रशासन के आला अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। पोण्डी जनसमस्या निवारण शिविर में आज कुल 159 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें सभी 159 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। प्रशासन द्वारा इस शिविर क्षेत्र में पहले करते हुए आसपास के विभिन्न ग्रामों में विगत 10 दिनों में लोगों की मांगों एवं समस्याओं से संबंधित 1304 आवेदन प्राप्त किए गए, जिसका शत प्रतिशत निराकरण कर लिया गया है।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा ग्रामीणों के बीच प्रशासनिक अमले की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर उनकी वास्तविक जरूरतों, मांगों एवं समस्याओं से रूबरू कराने तथा उनके मांगों एवं समस्याओं का समुचित निराकरण सुनिश्चित करने का अभिनव प्रयास किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार के द्वारा आम जनता के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए ग्रामीणों को शिविर में उपस्थित होेकर इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत किए गए मांगों एवं समस्याओं की जानकारी देते हुए कहा कि जिला स्तर एवं विभागीय योजनाओं के माध्यम से हल किए जाने वाले मांगों एवं समस्याओं का वे त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा उन्होंने शासन स्तर पर निराकृत होने वाले समस्याओं के निराकरण हेतु भी उचित कार्यवाही करने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को जीवन में जल का महत्व बताते हुए, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल संरक्षण हेतु सहभागिता निभाने तथा अपने-अपने घरों में सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए उन्हें किसी भी स्थिति में बाल विवाह नही करने तथा इसके रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पोण्डी में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी का आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि शिविर में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से पोण्डी तथा अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। इस दौरान अतिथियों के द्वारा नन्हें मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकार उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनका गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। शिविर में अतिथियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जल संरक्षण के कार्यों के अंतर्गत पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा उल्लास कार्यक्रम अंतर्गत 15 वर्ष या इससे अधिक के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के पुनीत कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने की भी शपथ दिलाई।आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा 06 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, 03 हितग्राहियों को छड़ी तथा 01 हितग्राही को बैटरी चलित ट्राय सायकल तथा 04 दिव्यांग महिलाओं को मोटराइज्ड सिलाई मशीन प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 09 हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका प्रदान किया गया। इसी तरह 84 हितग्राहियों को श्रम कार्ड, परिवहन विभाग द्वारा 39 हितग्राहियों को लर्निंग लाइसेंस, स्व सहायता समूह की 06 महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ऋण स्वीकृति का चेक प्रदान किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 05, राष्ट्रीय पेंशन योजना के 05 एवं वृद्धापेंशन योजना के 05 हितग्राहियों को सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। इसी तरह 120 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 05 हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 10 हितग्राहियों आवास स्वीकृति एवं पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसी तरह 80 हितग्राहियों को जाॅब कार्ड, 05 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, मछली पालन विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को 02 जाल एवं 02 आईस बाक्स प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा 05 हितग्राहियों को बैटरी चलित स्पेयर प्रदान किया गया। शिविर में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के स्टाॅल में चिकित्सकों के द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। -
नीर चेतना अभियान के तहत गांव में निकाली गई जागरूकता रैली
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम पोण्डी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होने के पूर्व ग्राम पोण्डी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर स्वच्छता कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। इस दौरान ग्रामीणों एवं महिलाओं के द्वारा ’जल है तो कल है’ तथा पौधरोपण एवं पानी के संरक्षण के संबंध में गगनस्पर्शी नारे भी लगाए।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों ने ग्राम पोण्डी में जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान के अंतर्गत किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की भी भूरी-भूरी सराहना की। इस मौके पर एसडीएम श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। -
कोचिंग हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 20 अपै्रल
बालोद/जिला प्रशासन बालोद एवं जिला रोजगार कार्यालय द्वारा अग्निवीर भर्ती के अभ्यर्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिले के इच्छुक आवेदक गूगल फार्म के माध्यम से 20 अपै्रल 2026 तक आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु 13 फरवरी 2020 से 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा माह जून में उक्त पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) लिया जाना संभावित है। उक्त वेबसाइट पर आवेदन करने वाले बालोद जिले के अभ्यर्थियों को जिला प्रशासन बालोद और जिला रोजगार कार्यालय बालोद द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जाएगा। उन्होेंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन पश्चात् 20 अपै्रल 2026 तक गूगल फार्म के लिंक https://forms.gle/y4JFWWQPjztdk1Ka9 के माध्यम से अथवा जारी किए गए क्यू आर कोड स्केन कर आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि आवेदक को सेना भर्ती कार्यालय द्वारा जारी पंजीयन क्रमांक एवं व्हाट्सएप्प मोबाईल नम्बर उल्लेखित करना अनिवार्य है। -
बालोद/राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 की समाप्ति को देखते हुए शासकीय भुगतानों और आहरण प्रक्रियाओं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिसके अंतर्गत समस्त चैक आहरण अधिकारी 25 मार्च 2026 को शाम 05 बजे तक अपने चैकबुक कोषालय अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। इसके साथ ही उपयोग किए गए निरंक चेक का स्पष्ट विवरण कोषालय अधिकारी को चेक बुक के साथ दिया जाएगा। अति आवश्यक परिस्थितियों में 27 एवं 30 मार्च 2026 तक कोषालय अधिकारी, संचालक बजट के ई-मेल आईडी [email protected] के माध्यम से स्वीकृति प्राप्त कर संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी को चेकबुक उपलब्ध कराया जाएगा। जिस पर संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी के हस्ताक्षर एवं कोषालय अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किए जा सकते है। वित्तीय वर्ष के लेन-देन की समाप्ति के पश्चात आहरण एवं संवितरण अधिकारी की प्राप्ति अभिस्वीकृति लेकर चेकबुक वापस किया जा सकेगा। जारी किये गए समस्त चेकों का भुगतान 30 मार्च 2026 तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कोषालयों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट से संबंधित देयक स्वीकार करने एवं ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान करने दिशा-निर्देश जारी
बालोद/छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति को देखते हुए बजट देयकों के भुगतान और ई-कुबेर के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार इस वित्तीय वर्ष से संबंधित समस्त देयकों को कोषालयों और उपकोषालयों में जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च, 2026 निर्धारित की गई है। इसी तरह सएनए-स्पर्श से संबंधित समस्त भुगतान के लिए देयक स्वीकृति की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। अंतिम तिथि के पश्चात देयक ekoshonline.cg.nic.in/eBill एवं ई-पेरोल संबंधी देयक ekoshonline.cg.nic.in/ePayroll Module में 27 मार्च 2025 तक नवीन एवं कोषालय द्वारा आपत्ति सहित वापस किए गए एवं जमा किए जा सकेंगें। 25 मार्च, 2026 तक कोषालय, उपकोषालय द्वारा स्वीकार किए गए देयकों पर ली गई आपत्तियों के नियमानुसार निराकरण कर प्रस्तुत किए जाने वाले देयकों पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा। वित्त विभाग द्वारा 25 मार्च 2026 के पश्चात यदि कोई सहमति, स्वीकृति जारी की गई है तो उन प्रकरणों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। भारत सरकार से प्राप्त राशि (शत प्रतिशत केन्द्रीय सहायत्ता अथवा केवल केन्द्रांश की राशि) से संबंधित देयकों एवं माननीय विधायकों के स्वत्वों से संबंधित देयकों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। राजभवन सचिवालय, विधानसभा सचिवालय, निवास कार्यालय से संबंधित प्राप्त देयकों, उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों से संबंधित देयकों पर भी उक्त प्रतिबंध लागू नहीं होगा। समस्त कोषालय, उपकोषालय अधिकारी को उक्त तिथि तक प्राप्त समस्त देयकों का निराकरण 30 मार्च 2026 तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। -
दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 03 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
14 मार्च को आयोजित लोक अदालत में 9374 योजना के पात्र उपभोक्ताओं को मिलेगा सुनहरा अवसरबालोद/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’’ का औपचारिक शुभारंभ 12 मार्च 2026 को मेडिकल कॉलेज रायपुर के ऑडिटोरियम में किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव एवं पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी श्री भीमसिंह कंवर के मार्गदर्शन में तैयार यह योजना मुख्य रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि श्रेणी के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया राशि के बोझ से मुक्त करने के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल), दुर्ग रीजन के लगभग 03 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा, जिनके ऊपर 72 करोड़ रुपए की राशि बकाया है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के माध्यम से 31 मार्च 2023 के पूर्व निष्क्रिय बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बकाया राशि भुगतान पर मूल राशि पर 75 प्रतिशत की छूट एवं अधिभार राशि पर 100 प्रतिशत की छूट, निष्क्रिय घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता के लिए बकाया राशि भुगतान पर मूल राशि पर 50 प्रतिशत की छूट एवं अधिभार राशि पर 100 प्रतिशत की छूट तथा निष्क्रिय कृषि (स्थायी एवं अस्थायी) श्रेणी के उपभोक्ता के लिए बकाया राशि भुगतान पर मूल राशि पर 50 प्रतिशत की छूट एवं अधिभार राशि पर 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार 31 मार्च 2023 के पूर्व सक्रिय बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता के लिए 05 वर्ष से अधिक अवधि के बकाया राशि भुगतान पर मूल राशि पर 75 प्रतिशत की छूट एवं अधिभार राशि पर 100 प्रतिशत की छूट तथा 01 वर्ष से 05 वर्ष तक अवधि के सक्रिय बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता के लिए बकाया राशि भुगतान पर मूल राशि में 50 प्रतिशत एवं अधिभार राशि में 100 प्रतिशत की छूट की सुविधा मिलेगी।31 मार्च 2023 की स्थिति में सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं के लिए बकाया राशि भुगतान पर अधिभार राशि में 100 प्रतिशत छूट के साथ मूल राशि के किश्तों में भुगतान करने पर भी छूट की सुविधा मिलेगी। इसके तहत एकमुश्त भुगतान पर मूल राशि में 10 प्रतिशत एवं अधिभार राशि में 100 प्रतिशत, तीन किस्तों में भुगतान पर मूल राशि में 05 प्रतिशत एवं अधिभार राशि में 100 प्रतिशत तथा छः किश्तों में भुगतान पर मूल राशि में शून्य प्रतिशत एवं अधिभार राशि में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।शेष बकाया राशि की किस्तों में भुगतान पर आगामी माहों में कोई अधिभार देय नहीं होगा। इस योजना में छूट का लाभ लेने के लिए पात्र सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को मोर बिजली एप के माध्यम से या संबंधित वितरण केंद्र, जोन कार्यालय में जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उपभोक्ता को अपनी कुल बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान जमा करना होगा। योजना को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए विभाग ने मीटर वाचकों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए प्रेरित करने पर मीटर वाचकों को, निष्क्रिय, सक्रिय घरेलू, बीपीएल या कृषि श्रेणी के बकायेदारों द्वारा एकमुश्त भुगतान पर प्राप्त धनराशि का 05 प्रतिशत (अधिकतम 1000 रूपये प्रति कनेक्शन) एवं किस्तों में भुगतान किये जाने पर संपूर्ण भुगतान प्राप्त होने पर प्राप्त धनराशि का 05 प्रतिशत (अधिकतम 500 रूपये प्रति कनेक्शन) प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने बताया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित लोक अदालत में दुर्ग रीजन के 9374 समाधान योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा के जिला न्यायालयों में आयोजित इस लोक अदालत के माध्यम से उपभोक्ता मौके पर ही अपने प्रकरणों का निपटारा कर भारी छूट का लाभ उठा सकते हैं। विभाग ने अपील किया है कि सभी पात्र उपभोक्ता इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और अपने बकाया बिजली बिलों का निपटान कर एक जिम्मेदार नागरिक के रुप में बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में सहयोग करें। -
बालोद/कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम आशा) योजनांतर्गत प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत किसानों का पंजीयन समितियों के माध्यम से ई समयुक्ति पोर्टल में किया जाएगा। उन्होंने योजना अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में क्रमशः अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में क्रमशः चना, मसूर एवं सरसों फसलों की बुआई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर एवं अपना पंजीयन कराने को कहा है। उक्त योजना अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित एजेंसी नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का उपार्जन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें खरीफ फसल अरहर 8000 रूपए, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए, मूंगफली 7263 रुपए, सोयाबीन 5328 रूपए एवं रबी फसल चना 5875 रूपए, मसूर 7000 रूपए एवं सरसों 6200 रूपए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल तय किया गया है। जिसके लिए कृषकों का पंजीयन ई समयुक्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीयन करने की तिथि 28 फरवरी 2026 में वृद्धि कर अब 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। शासन द्वारा जिले में उपार्जन एवं भण्डारण के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में विकासखण्ड बालोद अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति सांकरा-ज, निपानी, लाटाबोड़, पीपरछेड़ी विकासखण्ड गुरूर अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति फागुन्दाह, गुरूर, सनौद, बासीन विकासखण्ड डौण्डी अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डी, चिखलाकसा विकासखण्ड डौण्डीलोहारा अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डीलोहारा, सुरेगांव, देवरी, नांहदा विकासखण्ड गुण्डरदेही अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति गुण्डरदेही, अर्जुदा, भांठागांव-बी, कसौंदा को निर्धारित किया गया है। योजनान्तर्गत शासन द्वारा पंजीकृत कृषकों से खरीफ फसल अरहर 3 क्विंटल, मूंग 3 क्विंटल, उड़द 3 क्विंटल, मूंगफली 7 क्विंटल, सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़, एवं रबी फसल चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल, सरसों 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अपने क्षेत्र के संबंधित समिति उपार्जन केन्द्रों में पहुँच कर फसलों के रकबे का पंजीयन एवं फसल उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। -
बालोद/कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम आशा) योजनांतर्गत प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत किसानों का पंजीयन समितियों के माध्यम से ई समयुक्ति पोर्टल में किया जाएगा। उन्होंने योजना अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में क्रमशः अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में क्रमशः चना, मसूर एवं सरसों फसलों की बुआई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर एवं अपना पंजीयन कराने को कहा है। उक्त योजना अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित एजेंसी नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का उपार्जन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें खरीफ फसल अरहर 8000 रूपए, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए, मूंगफली 7263 रुपए, सोयाबीन 5328 रूपए एवं रबी फसल चना 5875 रूपए, मसूर 7000 रूपए एवं सरसों 6200 रूपए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल तय किया गया है। जिसके लिए कृषकों का पंजीयन ई समयुक्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीयन करने की तिथि 28 फरवरी 2026 में वृद्धि कर अब 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। शासन द्वारा जिले में उपार्जन एवं भण्डारण के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में विकासखण्ड बालोद अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति सांकरा-ज, निपानी, लाटाबोड़, पीपरछेड़ी विकासखण्ड गुरूर अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति फागुन्दाह, गुरूर, सनौद, बासीन विकासखण्ड डौण्डी अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डी, चिखलाकसा विकासखण्ड डौण्डीलोहारा अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डीलोहारा, सुरेगांव, देवरी, नांहदा विकासखण्ड गुण्डरदेही अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति गुण्डरदेही, अर्जुदा, भांठागांव-बी, कसौंदा को निर्धारित किया गया है। योजनान्तर्गत शासन द्वारा पंजीकृत कृषकों से खरीफ फसल अरहर 3 क्विंटल, मूंग 3 क्विंटल, उड़द 3 क्विंटल, मूंगफली 7 क्विंटल, सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़, एवं रबी फसल चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल, सरसों 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अपने क्षेत्र के संबंधित समिति उपार्जन केन्द्रों में पहुँच कर फसलों के रकबे का पंजीयन एवं फसल उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। -
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के तीन मेधावी छात्रों को 12 मार्च 2026 को कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में आयोजित एक समारोह में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा अचीवर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने-अपने शैक्षणिक वर्षों में कक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, साजा (बेमेतरा) की प्रथम वर्ष की छात्रा दिलेश्वरी साहू, शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर के द्वितीय वर्ष के छात्र देविदत्त जेना तथा कृषि महाविद्यालय, रायपुर की तृतीय वर्ष की छात्रा अनुष्का चौरसिया शामिल थीं। कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थि को 31,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल छात्रों को और अधिक परिश्रम करने तथा समाज और कृषि क्षेत्र में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. डेव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा से आग्रह किया कि वह प्रतिवर्ष अचीवर्स अवॉर्ड का आयोजन करता रहे, जिससे छात्रों को उच्च शैक्षणिक उपलब्धियों की ओर प्रेरणा मिलती रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक श्री प्रदीप यादव ने कहा कि बैंक किसानों और छात्रों के कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज तथा कृषि समुदाय के उत्थान के लिए करें। उन्होंने समाज के कल्याण और राष्ट्र के आर्थिक विकास में कृषि स्नातकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कृषि स्नातकों के लिए उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएँ हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बैंक आने वाले वर्षों में भी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम जारी रखेगा।
समारोह के अंत में बैंक ऑफ बड़ौदा और विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा कृषि क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए किए जा रहे सहयोग की सराहना की गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकगण, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता के तकनीकी अधिकारी डॉ. रामा मोहन सावू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। -
प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला में किसानोपयोगी नवीन तकनीकें भी प्रदर्शित की जाएंगी
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा 14 एवं 15 मार्च को आयोजित दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट ”एग्री टेक मिलन 2026“ में महाविद्यालय के पांच सौ से अधिक पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इस एल्युमिनाई मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य राज्यों से लगभग ढ़ाई सौ भूतपूर्व विद्यार्थियों के आने की संभावना है। इस अवसर पर दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी आयोजित किया जाएगा जिसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किसानोपयोगी नवीन प्रौद्यौगिकियां प्रदर्शित की जाएंगी। एग्री टेक मिलन 2026 का शुभारंभ कल दिनांक 14 मार्च को प्रातः 11 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। समारोह की अध्यक्षता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा करेंगे। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण, निदेशकगण, कुलसचिव एवं छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने बताया की महाविद्यालय में पहली बार एल्युमिनाई मीट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विगत लगभग 30 वर्षों में कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर चुके 500 से अधिक भूतपूर्व विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इन पूर्व विद्यार्थियों में से अनेक विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोक सेवा आयोगों के माध्यम से भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं। इसके अलावा कुछ भूतपूर्व छात्र प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में निदेशक अथवा वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अनेक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार प्रदान किया है। इसके अलावा लगभग 100 भूतपूर्व विद्यार्थी विभिन्न विश्विद्यालयो में निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक के रूप में योगदान दे रहे हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी जिसके अंतर्गत एम. टेक पाठ्यक्रम प्रांरभ किये गये थे। वर्ष 2008 में फार्म मशीनरी एवं पावर इंजिनियरिंग तथा सॉयल वाटर मैनेजमेंट में शोध पाठ्यक्रम शुरू किए गए। वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना के साथ कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में विभिन्न स्नातक पाठ्क्रम प्रारंभ किये गए। उन्होनें बताया कि अब तक 700 से अधिक विद्यार्थियों ने कृषि अभियांत्रिकी के विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधि प्राप्त की है। डॉ. वर्मा ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नवीन प्रौद्योगिकी विकसित की गई हैं तथा 32 डिजाईन पेटेंट किये गए हैं। उन्होंने बताया कि यह दो दिवसीय एग्री टेक मिलन 2026 एक ऐतिहासिक आयोजन होगा जिसका साक्षी यह महाविद्यालय बनने जा रहा है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में अवैध अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड क्रं. 22 सुन्दर विहार कालोनी कृष्णकुंज के पास किये गये अवैध निर्माण पर निगम प्रशासन ने बेदखली की कार्यवाही की।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय को प्राप्त सूचना के आधार पर उक्त स्थान पर अवैध रूप से निर्माण कर उसे किराये पर देकर धन उगाही की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलने पर नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्यवाही करते हुए अवैध अतिक्रमण को बेदखल किया। यह कार्यवाही आयुक्त के निर्देशानुसार की गई है। इस दौरान जोन-2 आयुक्त येशा लहरे की उपस्थिति में जोन-2 राजस्व विभाग एवं बेदखली की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे को हटाते हुए बेदखल किया। नगर निगम भिलाई ने अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्यवाही के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी प्रशन्न तिवारी, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, सहायक हरिओम गुप्ता सहित बेदखली टीम उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन-5 अंतर्गत टेनिस कोर्ट, पाथवे एवं वाटर एटीएम का निरीक्षण किया गया। नागरिको की सुविधा के लिए साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने कहा गया है।
जोन-5 आयुक्त अजय गौर द्वारा सेक्टर 5 सड़क 32 में बने टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया गया। खिलाड़ियो की सुविधा को देखते हुए साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने कहा गया है। जगन्नाथ मंदिर के समीप पाथवे का अवलोकन किया गया है। पाथवे लगाने से आस-पास के सड़को की सुन्दरता बना हुआ है। सड़क 29 में गर्मी के दिनों में नागरिको को ठंठे पानी की सुविधा के लिए विधायक निधि से वाटर एटीएम लगाया गया है। जिसका निरीक्षण किया गया, वर्तमान में वाटर एटीएम चालू है, जिससे नागरिको को गर्मी से निजात मिल सके। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता श्वेता माहेश्वर, उप अभियंता शंकर सुमन मरकाम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, उप राजस्व निरीक्षण निलेश बागड़े, स्वच्छता निरीक्षक सूर्या सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। -
*छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता*
रायपुर/ प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2025 के दौरान आई बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ जैसी आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र के इस अतिरिक्त सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार माना है।केंद्र सरकार द्वारा यह सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से जारी की जाएगी, ताकि प्रभावित राज्यों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। समिति के निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है।केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। आपदा की स्थिति में प्रभावित राज्यों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।गौरतलब है कि यह अतिरिक्त सहायता राज्यों को पहले से उपलब्ध कराए गए संसाधनों के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी राशि पहले ही जारी कर दी है। State Disaster Response Fund (SDRF) के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि National Disaster Response Fund (NDRF) के तहत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।इसके अलावा आपदा जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा National Disaster Mitigation Fund (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं। -
*0 महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस- मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी 0*
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में चेट्रीचंड पर्व 20 मार्च श्री रामनवमी पर्व दिनांक 27 मार्चऔर महावीर जयन्ती दिनांक 31 मार्च 2026 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पालिक निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही ने चेट्रीचंड पर्व 20 मार्च, श्री रामनवमी पर्व 27 मार्च और महावीर जयन्ती 31 मार्च 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।चेट्रीचंड पर्व 20 मार्च , श्रीरामनवमी पर्व 27 मार्च और महावीर जयन्ती पर्व दिनांक 31 मार्च 2026 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस -मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मांस -मटन विक्रय की दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवसों पर मांस-मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी। - रायपुर। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है। इसी योजना से रायपुर के कंकालीपारा निवासी श्रीमती सरस्वती कंडरा के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती सरस्वती कंडरा बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि से घर के छोटे-मोटे खर्चों में काफी मदद मिलती है। वे इस राशि की मदद से टोकनी तथा सुपा बनाकर बेचने का छोटा व्यवसाय करती हैं। श्रीमती कंडरा द्वारा तैयार किए गए टोकनी और सुपा की बिक्री से उन्हें नियमित आय होने लगी है। इससे वे अपने घर का खर्च चलाने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।वे बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिली सहायता ने उन्हें स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर दिया है। श्रीमती सरस्वती कंडरा ने इस योजना के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।--
- रायपुर। जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शासन द्वारा 9 सितंबर 2025 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी ग्राम पंचायतें और नगरीय निकाय, जहां पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाएगा।जिले की 408 ग्राम पंचायतों में से 283 ग्राम पंचायतों ने स्वयं को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने के लिए अनुशंसा भेजी है। वहीं जिले के 12 नगरीय निकायों में से 5 नगरीय निकायों ने भी बाल विवाह मुक्त नगरीय निकाय घोषित किए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इन सभी स्थानों से यह प्रमाणित किया गया है कि बीते दो वर्षों में बाल विवाह का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।इन ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित सूची कार्यालय कलेक्टर जिला रायपुर, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, तथा एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना कार्यालय आरंग, अभनपुर, धरसीवां-01, धरसीवां-02, रायपुर शहरी-01, रायपुर शहरी-02, तिल्दा और मंदिर हसौद में प्रदर्शित की गई है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है।इस संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को कोई दावा अथवा आपत्ति हो या किसी प्रकार का बाल विवाह का मामला संज्ञान में हो, तो वे 12 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से सायं 5:30 बजे के बीच कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) में लिखित रूप से आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर। खोरसी गांव की श्रीमती भुनेश्वरी यादव के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भावस्था के समय एक बड़ा सहारा साबित हुई। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली भुनेश्वरी यादव को इस योजना के माध्यम से मिली सहायता से गर्भावस्था के दौरान अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिली।श्रीमती भुनेश्वरी यादव बताती हैं कि उनका परिवार मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करता है। गर्भावस्था के दौरान खर्च बढ़ने से उन्हें आर्थिक चिंता भी थी। ऐसे समय में उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी मिलने पर आवेदन किया और योजना का लाभ प्राप्त किया।योजना के तहत उन्हें दो किश्तों में आर्थिक सहायता मिली। पहली किश्त के रूप में प्राप्त 3 हजार रुपये का उपयोग उन्होंने अपने स्वास्थ्य की देखभाल और पौष्टिक आहार लेने में किया। इसके बाद दूसरी किश्त में मिले 2000₹ से उन्होंने अपने नवजात शिशु के ऊपरी आहार और देखभाल का खर्च उठाया।श्रीमती यादव कहती हैं कि इस सहायता से गर्भावस्था के दौरान उन्हें काफी राहत मिली और जरूरत के समय आर्थिक सहयोग मिलने से चिंता भी कम हुई।उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत मददगार हैं और इससे माताओं तथा बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल संभव हो रही है।
- 0- ग्रामीणों से चर्चा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाओं के उपलब्धता एवं आवश्यकता के संबंध में जानकारी लीबालोद. कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम जुंगेरा पहुँचकर ग्राम पंचायत में चल रहे डीएमएफ बेस लाइन सर्वे कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर जुंगेरा सहित आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, पेयजल, कौशल विकास तथा बुनियादी ढांचा की उपलब्धता एवं आवश्यकताओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार डीएमएफ बेस लाइन सर्वे कार्यक्रम अंतर्गत जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों सामाजिक-आर्थिक स्थितियों, बुनियादी ढांचे की कमियों और पर्यावरणीय मुद्दों का मानचित्रण करना ताकि लक्षित विकास सुनिश्चित करने हेतु बेस लाइन सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से चर्चा कर जंुगेरा एवं आसपास के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर्गत मोबाईल वैन के अलावा 108 एवं 102 वाहनों की उलपब्धता, स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाइयों एवं अन्य जरूरी चीजों की उलपब्धता तथा स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए पालकों तथा शिक्षकों के बीच नियमित रूप से संपर्क एवं समन्वय स्थापित कर शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
- 0- नोडल अधिकारियों, संस्था प्रमुखों सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देशबालोद. कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि पीएमश्री शाला के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु अत्यंत महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। जिसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी पीएमश्री शालाओं में शिक्षकों की समुचित उपलब्धता, पर्याप्त मात्रा में पाठ्य सामग्री अध्ययन-अध्यापन की अनुकूल परिवेश के साथ-साथ मानवीय एवं भौतिक संसाधन आदि सभी व्यवस्थाएं उत्कृष्ट होनी चाहिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिले के सभी पीएमश्री शालाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों, संस्था प्रमुखों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पीएमश्री शालाओं की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि जिले के सभी 13 पीएमश्री शालाओं के लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के अलावा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित सभी अपर कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में कलेक्टर ने पीएमश्री शालाओं में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था, शिक्षकों एवं जरूरी संसाधनों की उपलब्धता, अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के अलावा संस्थाओं द्वारा शिक्षा गुणवत्ता के साथ-साथ उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु निर्धारित कार्ययोजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, डिप्टी कलेक्टरों के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने प्रत्येक पीएमश्री शालाओं में शिक्षकों एवं संसाधनों की समुचित उपलब्धता, खेल मैदान, पौधरोपण की स्थिति, टीचिंग लर्निंग मटेरियल एवं फर्नीचरों की उपलब्धता के साथ-साथ शिक्षकों एवं बच्चों के आई कार्ड, शुद्ध पेयजल उपलब्धता के अलावा शौचालय, हैण्डवाॅश की सुविधा, पर्याप्त मात्रा में कमरों की संख्या आदि सभी व्यवस्थाओं की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जिले के सभी पीएमश्री शालाओं में समुचित संसाधन एवं परिवेश उपलब्ध कराकर पीएमश्री शालाओं को माॅडल शाला विकसित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने पीमएश्री शालाओं में अतिरिक्त कक्ष एवं मरम्मत कक्ष की आवश्यकता होने पर इसके लिए तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा सभी नोडल अधिकारियों को पीएमश्री शालाओं में नियमित रूप से पहुँचकर शिक्षा गुणवत्ता का सतत माॅनिटरिंग करने को कहा। कलेक्टर ने पीएमश्री शालाओं में बच्चों की दर्ज संख्या, परीक्षा परिणाम आदि सभी व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पीएमश्री शालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने के निर्देश दिए।--
- 0- नगर निगम जोन 8 कमिश्नर ने जोन अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व वसूली समीक्षा कर 31 मार्च तक दिए गए लक्ष्य पूरा करने कहारायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने जोन कार्यालय में जोन अधिकारियों सहित नगर निगम रायपुर द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 तक दिए गए निर्धारित लक्ष्य अनुसार शत - प्रतिशत राजस्व वसूली नगर निगम जोन 8 राजस्व विभाग के लिए करने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने निर्देशित किया. जोन 8 अंतर्गत वार्डों में प्रतिदिन व्यापक राजस्व वसूली अभियान आयुक्त के आदेशानुसार और जोन 8 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन 8 राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों सहित जोन 8 के सभी जोन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सभी वार्डों में राजस्व वसूली अभियान चलाया जा रहा है.जोन 8 कार्यालय में जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल द्वारा राजस्व वसूली अभियान की समीक्षा हेतु बुलायी गयी बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता श्री अनुराग पाटकर, श्री अमन चंद्राकर, उपअभियंता श्री लोचन चौहान, श्री अबरार खान और जोन राजस्व विभाग के सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही.--
- रायपुर. नवनिर्वाचित राज्य सभा सदस्य रायपुर खमतराई निवासी श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को रायपुर नगर पालिक निगम जोन 1 के अधिकारियों ने उनके निवास स्थान पर पहुंचकर बुके प्रदत्त कर निर्वाचन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दी है। राज्य सभा सदस्य निर्वाचित होने पर श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने कार्यपालन अभियंता श्री द्रोणी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन सहित जोन 1 अधिकारियों के साथ बुके प्रदत्त कर हार्दिक शुभकामनाएं दी ।--


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