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- रायपुर। रायपुर पश्चिम विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने आज भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ के प्रभारी एवं बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन से सौजन्य मुलाकात की।इस अवसर पर श्री मूणत ने उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में, विशेषकर बांकीपुर सीट पर लगातार पाँचवीं बार मिली ऐतिहासिक जीत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्री मूणत ने कहा कि यह शानदार जीत जनता के बीच श्री नवीन के प्रति गहरे विश्वास और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का प्रमाण है। श्री नवीन का मार्गदर्शन और अनुभव सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।श्री मूणत ने कहा कि श्री नवीन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में पार्टी और जनता का कल्याण होता रहे, यही कामना है।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के द्वारा तीन दिवसीय ’मिश्रित मत्स्य पालन’ विषय पर प्रशिक्षण आज समापन हुआ। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद द्वारा प्रायोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य के अलग- अलग जिलों से कुल 25 प्रशिक्षणर्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।इस प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अजय कुमार वर्मा, अधिष्ठाता, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, इं.गां.कृ.वि. उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौतम रॉय ने अपने उदबोधन में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में चल रही मछली पालन की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एस. सासमल ने अपने उद्बोधन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ‘मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति’ विषय पर तैयार तकनीकी बुलेटिन का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वर्मा ने कहा कि सिर्फ भारत से ही नही बल्कि विदेशों से भी प्रशिक्षणार्थी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में प्रशिक्षण लेने के लिए आए हैं, यह गर्व की बात है। इस प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र के बाद दो सत्रों में मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति विषय पर डॉ. एस. आर गौर, प्राध्यापक एवं श्री तोषण कुमार ठाकुर, ने विस्तृत जानकारी दी।प्रशिक्षण के दूसरे दिन डॉ. एस. सासमल एवं डॉ. अंकित ठाकुर ने मिश्रित मछली पालन के प्रायोगिक पहलुओं पर प्रक्षेत्र प्रशिक्षण दिया। इस कड़ी में तालाबों का चयन, मछली बीज संचयन, खाद प्रबंधन, प्राकृतिक भोजन उत्पादन आदि को प्रायोगिक रूप से प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस में श्री अमित वर्मा, मत्स्य निरीक्षक, मछली पालन विभाग,रायपुर ने मछली पालन में राज्य सरकार तथा केन्द्रीय सरकार के सब्सिडी स्कीमस् के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही साथ किसान कैसे सब्सिडी का लाभ उठा सकते है उसके बारें में भी जानकारी दी। डॉ. एस. सासमल ने मिश्रित मछली पालन पद्धति के शुद्ध आय-व्यय के बारे में जानकारी दी एवं समन्वित मछली पालन करके आपने आय को कैसे दोगुना किया जा सकता है इससे अवगत करवाया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री कृष्णा चम्पालाल हिरवानी, प्रदेश अध्यक्ष, सहकारिता प्रकोष्ठ, छ.ग. धीवर समाज महासभा एवं विशिष्ठ अतिथि श्री सुशील जलक्षत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षा एवं संस्कृतिक प्रकोष्ठ, छ.ग. धीवर समाज महासभा एवं मीडिया फेडरेशन ऑफ इण्डिया के छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव पक्की कूर्मा राव उपस्थित थे। डॉ. एस. सासमल, प्रशिक्षण प्रभारी ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण के गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव सभी के साथ साझा किए।
- -गणना पत्रक संकलन एवं डिजिटाजेशन में तेजी लाने के निर्देशबलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को सुहेला प्रवास के दौरान तहसील कार्यलय में एसआईआर कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने बीएलओ एवं ऑपरेटर से गणना पत्रक संकलन एवं डिजिटाईजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने तहसीलदार से अब तक की डिजिटाइजेशन प्रतिशत की जानकारी ली और तय समय पर कार्य पूर्ण करने के. निर्देश दिये।उन्होंने ऑपरेटर से कहा कि डिजिटाइजेशन के साथ -साथ गणना पत्रकों का संकलन क़ा कार्य भी करें ताकि समय सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण करते हुए तहसीलदार कक्ष, नायब तहसीलदार क़क्ष, प्रतीक्षा क़क्ष, माल जमादार क़क्ष लोक सेवा केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होने लोक सेवा केन्द्र संचालक से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची, आरटीआई एवं लोक सेवा केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हेतु फ्लेक्स लगाने के. निर्देश दिये।इस दौरान तहसीलदार किशोर वर्मा, नायब तहसीलदार दिलीप श्यामल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- बलौदाबाजार /शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदाबाजार में उपकरण यांत्रिकी, मशीनिष्ट, वुड वर्क टेक्निशियन (कारपेंटर) व्यवसाय के लिए एवं शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कसडोल में वेल्डर प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कराये जाने के लिए प्रशिक्षण सत्र अगस्त 2025 से जुलाई 2026 हेतु मेहमान प्रवक्ता (गेस्ट लेक्चरर) के लिए 3 से 9 दिसम्बर 2025 को शाम 4 बजे तक आवेदन मंगाये गये है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में स्वयं उपस्थित होकर कार्यालय शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदाबाजार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा(छ.ग.) में जमा कर सकते है।अधिक जानकारी के लिए संस्था के सूचना पटल एवं जिले की वेबसाईट http://balodabazar.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
- बलौदाबाजार / जिले में "डे केयर सेंटर-सियान गुड़ी" संचालन हेतु इच्छुक समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक संस्था,ट्रस्ट,स्थानीय निकाय, सी.एस.आर. ईकाईयों,ग्रामीण,नगरीय निकाय, चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थान से समाज कलयाण विभाग द्वारा 15 दिसम्बर 2025 तक आवेदनआमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिये कार्यालय उप संचालक समाज कल्याण बलौदाबाजार -भाटापारा से संपर्क किया जा सकता है।मख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर वृद्धजनों के देख-भाल, संरक्षण, मनोरंजन, एकाकी जीवन से बचाव और सुरक्षा के उद्देश्य से सभी 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के अतिवरिष्ठ नागरिक, अकेले,विधवा, दिव्यांग वरिष्ठजन, गरिबी रेखा से नीचे, अनुसुचित जाति,जनजाति, दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रो के वरिष्ठ नागरिकों के लिए "डे केयर सेंटर-सियान गुड़ी की स्थापना की जानी है।
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*ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया बनाई आसान*
*सुचारू धान खरीदी व्यवस्था से किसान शशिकांत पटेल संतुष्ट*बिलासपुर/जिले में धान खरीदी कार्य इस वर्ष भी सुचारू और व्यवस्थित रूप से जारी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले के 140 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य प्राथमिकता के साथ निरंतर प्रगति पर है। धान खरीदी केंद्रों में की गई टोकन व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल, छाया, पेयजल और बैठने की सुविधाओं से किसानों को राहत मिल रही है।मस्तुरी विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र कौड़िया पहुंचे ग्राम मुड़पार के युवा किसान शशिकांत पटेल ने बताया कि वे 67 कट्टी धान का विक्रय करने आए है। परिवार के साथ मिलकर लगभग 7 से 8 एकड़ कृषि भूमि में खेती का कार्य करते है। इस वर्ष उन्होंने घर बैठे ही मोबाइल से टोकन तुंहर हाथ ऐप से टोकन कटवाया जो काफी सरल था। उन्होंने बताया कि टोकन प्रक्रिया व्यवस्थित है जिससे किसानों को लंबी कतार में नहीं लगना पड़ता, समय की बचत होती है और अनावश्यक परेशानी भी नहीं होती। धान खरीदी केंद्र पहुंचने पर धान की तौलाई एवं विक्रय करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र में पेयजल, छाया तथा बैठने जैसी सुविधाएँ पूरी तरह उपलब्ध हैं, जिससे धान विक्रय का पूरा अनुभव सहज और सरल रहा। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल रहा है। किसान सम्मान निधि योजना एवं समर्थन मूल्य पर धान विक्रय की राशि से वे अपने परिवार की स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर ज्यादा ध्यान दे पा रहे है। उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है। श्री पटेल ने केंद्र और राज्य शासन द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इसी तरह केंद्र में टोकन कटाने पहंुचे किसान मनहरण लाल पटेल ने बताया कि वे 16 एकड़ कृषि भूमि में खेती करते है और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से लाभान्वित है। केंद्र में आज टोकन कटाने आए है और उन्हें आसानी से टोकन मिल गया। किसी तरह की समस्या नहीं हुई। - बलौदाबाजार, /आबकारी आयुक्त आर संगीता के निर्देश पर कलेक्टर दीपक सोनी एवं जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पलारी वृत्त क्षेत्र अंतर्गत आबकारी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 35 बल्क लीटर महुआ शराब बाजार मूल्य 7000 जब्त किया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना पलारी के ग्राम खैरी में आरोपी लख्खीराम पिता कुनुराम साकिन कानाकोट के कब्जे से 10 लीटर हाथभठ्ठी महुआ शराब जब्त किया गया। साथ ही अवैध कच्ची महुआ शराब के मुखबीरी सूचना पर दबिश देकर विधिवत तलाशी लेने पर 30 किलोग्राम क्षमता वाली प्लास्टिक बोरी में भरी 20 नग कुल 600 किलो ग्राम महुआ लाहन एवं 5 लीटर क्षमता वाली 5 नग जरीकेन में भरी कुल 25 बल्क लीटर महुआ शराब नाला में लावारिस हालात में बरामद हुई एवं महुआ लाहन की सेंपल लेकर सभी लाहन को मौके पर नष्ट किया गया। कुल महुआ शराब 35 बल्क लीटर का बाजार मूल्य 7,000:एवं 600 किलोग्राम लाहन का बाजार मूल्य 36,000- का होना पाया।आरोपी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)क(च) 34(2) 59(क), प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया एवं अज्ञात आरोपी की पतासाजी की जा रही है।कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक पी.माधव राव, नगर सैनिक दुर्गेश्वरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- -नशा मुक्ति केन्द्र से अब तक 181 युवाओं ने छोड़ा नशापान, नई जिंदगी की शुरुआत से उत्साहितबलौदाबाजार / जिला प्रशासन द्वारा नशामुक्त समाज की दिशा में चलाई जा रही पहल लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। विशेष रूप से जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्र कई युवाओं और परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर निरंतर कार्य हो रहा है। नई दिशा अभियान के तहत स्थापित नशा मुक्ति केन्द्र स्थापना के बाद से 181 लोगों को नशे से पूर्ण रूप से मुक्त किया गया है। 16 व्यक्ति वर्तमान में उपचाररत हैं।जिला प्रशासन द्वार जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाने एवं नशे से पीड़ित व्यक्तियों को सुरक्षित एवं नियंत्रित वातावरण में मनोरोग विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिशा अभियान की शुरुआत विगत पिछले वर्ष की गई है।संगी मितान सेवा संस्थान द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र -जिले में नशा मुक्ति केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त एवं अनुदानित संस्था संगी मितान सेवा संस्थान द्वारा जुलाई 2024 से किया जा रहा है। नशा मुक्ति केंद्र खैरघटा रोड, बलौदाबाजार-भाटापारा में स्थित है। जहां अब तक 192 हितग्राही पंजीकृत है, स्थापना के बाद से 181 लोगों को नशे से पूर्ण रूप से मुक्त किया गया है। 16 व्यक्ति वर्तमान में उपचाररत हैं।दूसरा नशा मुक्ति केंद्र का भाटापारा में हुआ शुभारंभ-इसी क्रम में जिले में नशामुक्ति सेवाओं का विस्तार करते हुए भाटापारा के महारानी चौक में जिले के दूसरे नशा मुक्ति केंद्र का बुधवार को संक्षिप्त उद्घाटन किया गया। यह केंद्र 15 युवाओं की क्षमता वाला है और वर्तमान में 10 युवक यहां उपचाररत हैं।केंद्र की प्रमुख सुविधाएं -विशेषज्ञ मनोरोग चिकित्सकों की निगरानी में शारीरिक व मानसिक उपचार।मेडिकल आकलन, डिटॉक्सिफिकेशन और काउंसलिंग।पौष्टिक भोजन, योग, मनोरंजन व खेलकूद गतिविधियां।आत्मनिर्भरता हेतु प्रशिक्षण—धूपबत्ती, कपूर टिक्की निर्माण इत्यादि।सुरक्षित आवासीय व्यवस्था और 24×7 निगरानी।नई दिशा अभियान नशामुक्ति की पहल - जिला प्रशासन द्वारा युवाओं, बच्चों और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए गांव-गांव जागरूकता गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं।मास्टर वॉलेंटियरों द्वारा हर ग्राम पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों में 42 कैंप और 34 कार्यशालाएं, जिनमें 24,107 विद्यार्थी शामिल हुए। अभियान के माध्यम से 12,150 लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाएं पहुंचाई गईं। भारत माता वाहिनी के 140 समूहों के 1400 सदस्य अभियान में सक्रिय योगदान दे रहे है, जो गांवों में दीवार लेखन तथा प्रेरक पोस्टरों के माध्यम से सतत जागरूकता का कार्य कर रही है।नशा मुक्ति केंद्र ने कई युवाओं के जीवन में लाई नई रोशनी-जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्र कई युवाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आया है। यहाँ भर्ती हुए अनेक युवक, जो लंबे समय तक नशे की गिरफ्त में थे, अब पूरी तरह नशामुक्त होकर जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। परिवारों ने भारी मन से अपने बेटों और परिजनों को उपचार के लिए केंद्र में भेजा था और आज वही युवा न केवल नशे से छुटकारा पा चुके हैं, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।केंद्र में उपचार और काउंसलिंग के बाद अनेक युवाओं ने नशे को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उल्लेखनीय बात यह है कि उनमें से कई को वहीं रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ है। कुछ युवक केंद्र में ही केयर टेकर के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं तो कुछ ने किचन में कुक के रूप में अपनी नई भूमिका संभाली है। नशे से लड़कर जीवन में नए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने की उनकी यह यात्रा जिले के लिए प्रेरक उदाहरण बन गई है।
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बिलासपुर/आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी में 3 दिसम्बर को सवेरे 10 बजे से टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक लिमिटेड द्वारा एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प निःशुल्क शिक्षा लर्न विथ अर्न प्रोगाम के अंतर्गत डिप्लोमा इन मेकाट्रोनिक्स के लिए है। जिसमें 18 से 23 वर्ष आयु के 12वीं पास या 2 वर्षीय आईटीआई उत्तीर्ण एवं अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थी शामिल हो सकते है। स्टाइपेंड 18149 रूपए, क्लासरूम अटेंडेंस बोनस 2500 एवं रिटेनशन अवार्ड 1000 होगी। अधिक जानकारी के लिए संस्था कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह उपस्थित थे।
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दुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में चल रहे SIR अभियान की प्रगति का जायज़ा लेने आज केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने वार्डों में व्यापक भ्रमण किया। वार्ड 44 गुरुघासीदास नगर में उन्होंने बीएलओ एवं SIR कार्य में संलग्न कर्मचारियों से गणना फॉर्म की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और शेष कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री यादव ने वार्ड के नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे बीएलओ का सहयोग कर गणना फॉर्म शीघ्र भरें, ताकि निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा हो सके।
निरीक्षण के दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों में SIR फॉर्म भरने की प्रगति, लंबित कार्य और समस्याओ के निदान करने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। जिन मतदाताओं के मतदान केंद्र बदले गए हैं, उनके फॉर्म में शिफ्टिंग स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने कहा गया कि प्रत्येक मतदाता का गणना फॉर्म अनिवार्य रूप से भरा जाए।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने नागरिकों को SIR की महत्वूर्ण भूमिका समझाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया न केवल निर्वाचन व्यवस्था को मजबूत बनाती है बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से ज़मीन पर लागू करने में भी सहायक है।मंत्री श्री यादव ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाए। व्यक्तिगत जिम्मेदारी से वे अपने बूथ लेवल अधिकारी के पास गणना पत्र भरकर जमा करे। मतदाता जिस मतदान केंद्र के क्षेत्र की छोड़कर अन्यत्र शिफ्ट हो चुके है। छोड़ चुके मतदान केंद्र से अपना नाम हटवाए और जिस केंद्र में स्थाई रूप से निवास कर रहे है उस मतदान केंद्र में वे अपना नाम जुड़वाए।मंत्री श्री यादव ने सभी पार्षदों, मंडल अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं से अपने-अपने वार्डों में सक्रियता बढ़ाने, टीम के साथ समन्वय बनाए रखने और मतदाताओं के सतत संपर्क में रहकर उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु प्रेरित किया।इस दौरान उपस्थित बीएलओ, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव साझा किए और SIR कार्य को और बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने हेतु जिला प्रशासन से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किये।इस अवसर पर पार्षद सरिता चंद्राकर, मनीष कोठारी, संजय अग्रवाल, साजन जोसफ, गुलशन साहू, प्रकाश गीते, मंडल अध्यक्ष महेन्द्र लोढ़ा, आसिफ अली, विनोद चंद्राकर, अनिकेत यादव, एडीएम अभिषेक अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता उपस्थित रहे। - -मेहनत से मिली नई उड़ान: किसान प्रदीप पटेल अब खरीदेंगे अपना ट्रैक्टररायपुर ।सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुवा के युवा एवं मेहनतकश किसान प्रदीप पटेल ने इस खरीफ सीजन में अपनी उपज बेचकर अपने एक बड़े सपने को सच करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में प्रदीप ने करीब 2 एकड़ भूमि से प्राप्त 51.60 क्विंटल धान राज्य सरकार को बेचा है। प्रति क्विंटल 3100 रुपये के समर्थन मूल्य से वे बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि में अपनी जमा पूंजी जोड़कर वे ट्रैक्टर खरीदने का सपना पूरा करेंगे—जो उनके कृषि कार्यों को और भी सरल, तेज़ और आधुनिक बनाएगा।प्रदीप पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत है। साथ ही उन्होंने टोकन सिस्टम की भी प्रशंसा की। पहले जहाँ टोकन लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती थी, वहीं अब ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ सुविधा से किसान अपने मोबाइल में ही टोकन काट पा रहे हैं।धान खरीदी केन्द्र में पेयजल, गुणवत्तापूर्ण बारदाना और समय पर व्यवस्था मिलने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है—यह बात भी प्रदीप ने खुशी जताते हुए कही। प्रदीप पटेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएँ, तकनीकी सुविधाएँ और किसान की मेहनत मिलकर कैसे जीवन में प्रगति की नई राहें खोलती हैं।
- -धान से धन तक: बाबूलाल की मेहनत पर सरकार की मुहररायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की मेहनत अब उपार्जन केंद्रों में खुशियों के रूप में नजर आ रही है। खेतों में छह माह तक की अथक साधना, बीज से लेकर बालियों तक का सफर, आज अपने अनमोल मूल्य के रूप में किसानों को लौट रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान का क्रय 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव किसानों की संतुष्टि, आत्मविश्वास और मुस्कान में स्पष्ट झलक रहा है।नारायणपुर जिले के महावीर चौक निवासी किसान श्री बाबूलाल देवांगन इसी सफलता के सजीव उदाहरण हैं। परंपरागत तरीकों से अपने 2 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करने वाले श्री देवांगन ने इस वर्ष उत्कृष्ट उपज प्राप्त की और माहका उपार्जन केंद्र में 40 क्विंटल धान बेचा। खेती में उनकी पत्नी का सहयोग और परिवार के चार बेटे-बहुओं का संयुक्त प्रयास उनकी खेती-किसानी की निरंतर प्रगति का आधार है।श्री देवांगन ने धान खरीदी प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार द्वारा समय पर खरीदी, सुविधाजनक व्यवस्था और उचित मूल्य प्रदान किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि धान बेचकर प्राप्त राशि से हम परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ खेती को और उन्नत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।प्रदेश सरकार कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए किसानों के कठिन परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समर्थन मूल्य पर सुगम और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों में आत्मसंतोष का संचार किया है। सरकार के इसी दूरदर्शी प्रयास ने श्री बाबूलाल जैसे अनगिनत किसानों के चेहरों पर मुस्कान और जीवन में नई आशा का संचार किया है।
- -उदयपुर विकासखण्ड ने प्रदेश में रचा कीर्तिमान, मतदाता सूचियों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरारायपुर,। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) अभियान के तहत सरगुजा जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। जिले के उदयपुर विकासखण्ड ने मतदाता सूचियों के 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश की है।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विलास भोसकर के निर्देशन में यह कार्य उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार डिजिटाइजेशन प्रक्रिया में मतदान केन्द्रवार मतदाता सूचियों का सत्यापन, नामों का मिलान, बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वे, नए पात्र मतदाताओं की जानकारी संकलन, अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृतकों के नामों की जांच तथा सभी आवश्यक प्रपत्रों का अद्यतन शामिल रहा।उदयपुर विकासखण्ड के 78 मतदान केन्द्रों की मतदाता सूचियों को पूर्णतया डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित कर सुरक्षित डेटाबेस पर अपलोड किया गया है। पात्र मतदाताओं की आयु, पता, फोटो और दस्तावेजों का सूक्ष्म सत्यापन किया गया। इसके साथ ही नए मतदाताओं के पंजीकरण और सुधार हेतु शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।उदयपुर एसडीएम श्री बनसिंह नेताम ने इस उपलब्धि को बीएलओ, सुपरवाइजर, निर्वाचन कर्मियों एवं तकनीकी टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि टीम ने समयबद्ध और मानक अनुसार कार्य करते हुए प्रदेश में आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।जिला कलेक्टर ने उदयपुर टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि अन्य विकासखण्डों में भी डिजिटाइजेशन एवं मतदाता सूची अद्यतन का कार्य तेजी से प्रगति पर है और जल्द ही पूरे जिले में प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।SIR 2026 के तहत सरगुजा जिले की यह उपलब्धि प्रदेश में सुचारू, पारदर्शी और सटीक निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- रायपुर । राज्य शासन के मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। कोण्डागांव विकासखंड के धान खरीदी केंद्र गोलावण्ड में धान बेचने पहुंचे युवा किसान श्री सूरजु राम ने बताया कि उनके परिवार का 2 एकड़ की जमीन है। आज वे कुल 41 क्विंटल धान बेचने आए हैं। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में धान बेचने में कोई परेशानी नही हुई। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से धान की खरीदी से सुविधानजनक होने के साथ-साथ पारदर्शिता भी आई है।जिले में अब तक 01 लाख 81 हजार क्विंटल से अधिक धान उपार्जितखाद्य अधिकारी श्री नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के उपार्जन केन्द्रों से अब तक 01 लाख 81 हजार 275 क्विंटल धान उपार्जित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जिले में गुरूवार की स्थिति में सबसे ज्यादा धान की खरीदी उपार्जन केन्द्र बहीगांव में कुल 9545.60 क्विंटल, गम्हरी में कुल 8887.20 क्विंटल, अरण्डी में कुल 6461.60 क्विंटल, सिंगनपुर में कुल 6471.20 क्विंटल, फरसगांव में कुल 6455.20 क्विंटल और मुलमुला में कुल 6102 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
- - अंतागढ़-नारायणपुर 46 किलोमीटर लंबी सड़क उन्नयन के लिए भूमिपूजन- 137 करोड़ रूपए की लागत से होगा उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण- मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग और विधायक श्री विक्रम उसेण्डी ने किया भूमिपूजनरायपुर ।अंतागढ़-नारायणपुर क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग को सरकार ने पूरी कर दी है। वन, पर्यावरण, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में 46 किलोमीटर लंबी इस सड़क के उन्नयन कार्य का गुरुवार को ग्राम ताड़ोकी में आयोजित कार्यक्रम में भूमिपूजन किया गया। इस सड़क निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 136 करोड़ 77 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। भूमिपूजन समारोह की अध्यक्षता विधायक अंतागढ़ श्री विक्रमदेव उसेण्डी द्वारा की गई तथा सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित थे।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के नागरिकों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। इस सड़क निर्माण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य को समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश में तीव्र गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया जा रहा है, जिसमें सभी मतदाताओं को जिन्हें बीएलओ द्वारा फार्म उपलब्ध कराए गए हैं, वे उसे भरकर समय-सीमा में बीएलओ के पास जमा करावें। मंत्री श्री कश्यप ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। माओवाद की चुनौतियों के कारण विकास कार्यों में जो बाधाएं थीं, उन्हें सरकार दूर कर रही है। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को धान का 3100 रूपए प्रति क्विंटल मूल्य मिल रहा है। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है। सरकार द्वारा चरण पादुका योजना को फिर से शुरू की गई है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 05 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में चहूंमुखी विकास हो रहा है। क्षेत्र के विकास के लिए यह सड़क वरदान सिद्ध होगी। इससे आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस सड़क निर्माण के अलावा रेल लाईन का निर्माण भी इस अंचल के विकास में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल लाईन बिछाई जा रही है, वर्तमान में ताड़ोकी तक रेल लाईन बिछाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए शुरू कीए गई महतारी वंदन योजना के तहत पात्र सभी महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके निर्माण से अंतागढ़-नारायणपुर के बीच आवागमन सुगम होगा, जिससे कृषि, व्यापार, शिक्षा एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार होगा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव से शहरों की दूरी घट गई है, गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, जिसका फायदा हर क्षेत्र को मिल रहा है।कार्यक्रम में जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष नारायण मरकाम, जनपद अध्यक्ष अंतागढ़ मनोरमा मण्डावी, नगर पंचायत अंतागढ़ अध्यक्ष राधेलाल नाग, मुख्य वन संरक्षक राजेश चंदेले, श्री महेश जैन, अपर कलेक्टर अंतागढ़ ए.एस. पैकरा, लोक निर्माण विभाग संभाग भानुप्रतापपुर के कार्यपालन अभियंता महेन्द्र कश्यप, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं आशुतोष डड़सेना, जिला परिवहन अधिकारी ऋषभ नायडू सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -बस्तर के मूली धान खरीदी केंद्र में किसानों को मिल रही हर सुविधारायपुर ।राज्य शासन की पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था का सकारात्मक असर अब गांव-गांव में साफ दिख रहा है। खरीदी केंद्रों में समयबद्ध तौल, टोकन प्रणाली की सुगमता और बेहतर सुविधाओं ने किसानों को राहत दी है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड के मूली धान खरीदी केंद्र में आज पहुंचे किसानों ने कहा कि इस साल की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद है।कुम्हरावण्ड निवासी किसान लखीराम ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की स्पष्ट व्यवस्था और टोकन प्रक्रिया के बेहतर संचालन ने उन्हें काफी सुविधा दी है। केंद्र में पर्याप्त स्टाफ की मौजूदगी से तौल में किसी तरह की देरी नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि आज 60 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया है और बिना किसी परेशानी के प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जिससे हमारा समय बचा है।कुम्हरावण्ड के ही किसान दलपति कश्यप ने कहा कि 27 नवम्बर का टोकन लेकर सुबह केंद्र पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार तौल के लिए हमाल और बारदाना उपलब्ध हैं, किसानों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। इस बार खरीदी केंद्र में आने पर ऐसा लगता है कि किसानों की सुविधाओं का सचमुच ध्यान रखा गया है।कुम्हरावण्ड निवासी महिला कृषक श्रीमती मंगली कश्यप ने बताया कि उनके पास कुल 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिनमें इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई है। वे 116 क्विंटल धान बिक्री के लिए लायी थीं। खेत में नलकूप होने से अब रबी सीजन में ढाई एकड़ में मक्का की फसल लेने की तैयारी कर रहीं हैं।मूली धान खरीदी केंद्र के प्रभारी श्री एमआर भद्रे ने बताया कि इस वर्ष खरीदी सीजन के लिए पर्याप्त बारदाना, सुचारू परिवहन व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर दी गई हैं। किसानों को उनके धान की तौल और भुगतान से संबंधित हर जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हो रही है, जिससे पारदर्शिता और भी बढ़ी है। इस बार बोरीगांव, बारदा, कुम्हरावण्ड, किंजोली, चापापदर, मूली, चिखल करमरी और करंजी के कुल मिलाकर 865 किसानों में केंद्र में धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया है।
- -नारायणपुर के कस्तूरमेटा से सुकमा के दुलेड़ के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों से मिल रही बड़ी राहत-1324 ग्रामीणों का मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुरक्षाबलों के सहयोग और स्वास्थ्य अमले के दृढ़ संकल्प से स्वास्थ्य शिविरों के सफल आयोजन की सराहना कीरायपुर। बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित और अत्यंत दुर्गम इलाकों नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विशेष स्वास्थ्य शिविरों ने आशा और सेवा की नई राह बनाई है। सुरक्षा चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए इन शिविरों का सफल आयोजन ग्रामीणों के लिए जीवन-रक्षक साबित हुआ।नारायणपुर के कस्तूरमेटा से सुकमा के दुलेड़ के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों से मिल रही बड़ी राहतइस अभियान में रायपुर मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और कांकेर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ मेडिकल छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। इन शिविरों में चिकित्सकों की टीमों ने हजारों की आबादी वाले अंदरूनी गांवों में पहुँचकर स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और जागरूकता सेवाएं प्रदान कीं।नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर के सबसे कठिन इलाकों में सफल आयोजननारायणपुर जिले के ईरकभट्टी, बेड़माकोटी, कस्तूरमेटा और कांदुलपार, सुकमा जिले के दुलेड़, लखापाल, और बीजापुर जिले के गूंजेपर्ती, पुतकेल, कोंडापल्ली और मुतवेंडी जैसे बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में इन शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से कुल 1324 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और सभी को निःशुल्क दवाइयाँ व उपचार उपलब्ध कराया गया।सघन स्वास्थ्य परीक्षण में मलेरिया, टीबी, सिकलसेल पर दिया गया विशेष ध्यानसंयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर डॉ. महेश शांडिल्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इन शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ वंचित ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर भी किया गया। इन शिविरों में नारायणपुर में 367, सुकमा में 318, बीजापुर में 639 ग्रामीणों की ओपीडी जांच की गई। जिसमें 83 मलेरिया पॉजिटिव मामले प्राप्त हुए जिनका तत्काल उपचार प्रारम्भ किया गया। इसके साथ ही 207 की टीबी जांच, 464 ग्रामीणों की सिकलसेल व एनीमिया स्क्रीनिंग, 212 ग्रामीणों की नेत्र जांच के साथ 129 ग्रामीणों के लिए नवीन आयुष्मान कार्ड का निर्माण किया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य दलों के कार्यों की सराहना कीअत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन स्वास्थ्य शिविरों का सुरक्षाबलों के सहयोग और स्वास्थ्य अमले के दृढ़ संकल्प से सफल आयोजन की उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन और प्रशासन की बस्तर के आखिरी छोर में ग्रामीणों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के अपने संकल्प पर दृढ़ता को दर्शाता है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी एवं प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने संविधान की प्रति भेंट की। इस दौरान श्री जम्वाल जी ने कहा कि भारत का संविधान दुनिया का उत्कृष्ट संविधान है। इसकी प्रति को कार्यालय स्थित नानाजी देशमुख ग्रंथालय में रखें ताकि सभी कार्यकर्ता इसका पठन करें। उन्होने कहा कि संविधान का सम्मान व पालन करना हम सब का कर्तव्य है।
- -विमानतल में होगा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन जी का भव्य स्वागतरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी और बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन कल 28 नवम्बर को रायपुर पहुँच रहे हैं। बिहार में भाजपानीत एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद गठित नई सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन जी का यह पहला छत्तीसगढ़ प्रवास है। उन्होंने हाल ही हुए बिहार विधानसभा चुनाव में पटना जिले की बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से भारी अंतर से पुनः ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन जी कल 28 नवम्बर की सुबह नई दिल्ली से प्रस्थान कर 8.45 बजे रायपुर पहुँचेंगे और विमानतल से सीधे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुँचेंगे।भाजपा रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन जी बिहार चुनाव में विशाल जीत के बाद छत्तीसगढ़ आ रहे है और भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन जी के स्वागत के लिए आतुर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि श्री नबीन के स्वागत के लिए अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ता पहुंचकर विमानतल में उनके भव्य स्वागत में शामिल होंगे।
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रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 नवंबर को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. छत्तीसगढ़ कैडर में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों को इधर-उधर किया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ शासन में सामान्य प्रशासन भवन सचिव रजत कुमार ने आईएएस के तबादले व अतिरिक्त कार्यभार आदेश जारी किए हैं.।जारी आदेश के अनुसार IAS डॉ. प्रियंका शुक्ला (2009 बैच
आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं एवं अतिरिक्त प्रभार MD, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को अस्थाई रूप से आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ करते हुए MD, पाठ्य पुस्तक निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.है ।किस IAS को मिली क्या जिम्मेदारी?


- -पीएम स्वनिधि योजना बनी आर्थिक सशक्तिकरण का आधाररायपुर / सुकमा जिले की निवासी श्रीमती सरोज पोडियाम माओवाद हिंसा से प्रभावित परिवार से हैं। वर्ष 2009 में माओवादियों द्वारा उनके ससुर की हत्या किए जाने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था। इस कठिन परिस्थिति में शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नवा बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें आवास प्रदान किया तथा उनके पति श्री राकेश पोडियाम को नगर सैनिक (सिपाही) के पद पर नियुक्त कर परिवार को सुरक्षा एवं आजीविका का सहारा दिया।श्रीमती सरोज पोडियाम पहले से ही घर पर सिलाई कार्य करती थीं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। जब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्व-रोजगार के अवसर को अपनाने हेतु आवेदन किया।दिनांक 24 नवम्बर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सुकमा द्वारा उन्हें 15,000 रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। चेक का वितरण मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री पी.आर. कोर्राम और नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष श्री हूँगा राम मरकाम के द्वारा किया गया।ऋण स्वीकृत होने के बाद श्रीमती सरोज पोडियाम ने अपने सिलाई व्यवसाय को नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया। आज वे अपने परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सहयोग से परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।श्रीमती सरोज का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई सहायता और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, शासन की योजनाओं का लाभ और व्यक्तिगत संकल्प किसी भी कठिन परिस्थिति से उबरकर सफलता की ओर ले जा सकते हैं।
- -360 रहवासी सोसायटियों को नोटिस-रायपुर की आनंद विहार रेसिडेंट्स सोसायटी का पंजीयन रद्द-रहवासी सोसायटियों को कोऑपरेटिव एक्ट 1960 के तहत पंजीयन अनिवार्यरायपुर, / रियल एस्टेट प्रोजेक्टों की रहवासी सोसायटियों द्वारा गलत अधिनियम के तहत पंजीयन कराने और उसके विपरीत जाकर कॉलोनी का रख-रखाव व शुल्क वसूली करने के मामलों पर राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कारण रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, छत्तीसगढ़ ने रायपुर की आनंद विहार रेसिडेंट्स विकास सोसायटी का पंजीयन रद्द कर दिया है तथा ऐसी ही गलत श्रेणी में पंजीकृत 360 रहवासी सोसायटियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई है कि ये सोसायटियां उस अधिनियम में पंजीकृत हैं, जिसमें कॉलोनियों के दैनिक रख-रखाव शुल्क लेने का प्रावधान ही नहीं हैं, जबकि वे नियमित रूप से ऐसे कार्य कर रही थीं। रहवासी सोसायटियों को छत्तीसगढ़ कोऑपरेटिव 1960 एक्ट के तहत पंजीयन कराना जरूरी है।भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में 50 प्रतिशत से अधिक आबंटितियों द्वारा घर या प्लॉट बुक कराने के तीन माह के भीतर आबंटितियों की एसोसिएशन या सहकारी सोसायटी बनाना अनिवार्य है। ये सोसायटियां कॉलोनी के रख-रखाव और प्रबंधन की जिम्मेदार होती हैं।रजिस्ट्रार कार्यालय के अनुसार छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 यथा संशोधित 1998 के तहत ऐसी सोसायटियों का पंजीयन सोसायटी अधिनियम की धारा-2 में वर्णित प्रयोजन के अनुसार केवल सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उद्देश्य वाली संस्थाओं के लिए है। इसमें दैनिक रख-रखाव या मेंटेनेंस से जुड़े प्रावधान नहीं हैं। इसलिए रियल एस्टेट प्रोजेक्टों की रहवासी सोसायटियों का पंजीयन छत्तीसगढ़ सहकारी अधिनियम, 1960 के तहत ही किया जाना चाहिए। इन्हीं नियमों के उल्लंघन पर आनंद विहार रेसिडेंट्स विकास सोसायटी द्वारा रख-रखाव कार्य करने और शुल्क वसूली को उसके पंजीकृत उद्देश्यों के विरुद्ध पाया गया। शिकायत और सुनवाई के बाद अधिनियम की धारा-34 के अंतर्गत उसका पंजीयन निरस्त कर दिया गया।रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ ने पद्मिनी भोई साहू ने राज्य की ऐसी कुल 360 सोसायटियों को निर्देशित किया है कि यदि उनके उद्देश्य अधिनियम की धारा-2 के विपरीत हैं, तो वे 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल rfas.cg.nic.in पर संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में सुधार नहीं करने या शिकायत मिलने पर पंजीयन रद्द किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ ने 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के पवेलियन को उत्कृष्ट थीमैटिक प्रस्तुति और डिस्प्ले के लिए प्रतिष्ठित “स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” प्रदान किया गया। यह पुरस्कार नई दिल्ली के भारत मंडपम में दिया गया, जहाँ आईआईटीएफ 14 से 27 नवंबर 2025 तक आयोजित हुआ।छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे होने पर मिला यह सम्मानयह उपलब्धि ऐसे समय मिली है जब छत्तीसगढ़ वर्ष 2025 में अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की यात्रा को बेहद रोचक और अनुभवात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया—जिसमें सांस्कृतिक परंपराएँ, जनजातीय विरासत, आजीविका आधारित पहल, सुशासन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और सतत विकास जैसे सभी पहलुओं को प्रदर्शित किया गया।छत्तीसगढ़ का पवेलियन क्यों रहा खास* पवेलियन ने राज्य की 25 वर्ष की यात्रा, उसकी उपलब्धियों, आगामी लक्ष्य और “नवा छत्तीसगढ़” की अवधारणा को प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया। इसमें बस्तर में हो रहे परिवर्तन को भी प्रमुखता से रखा गया—जहाँ हाल के वर्षों में बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटन विकास, जनजातीय आजीविका में वृद्धि और शांति आधारित विकास ने नए अवसर खोले हैं।* पारंपरिक कारीगरी, जनजातीय कला, स्थानीय उत्पाद, व्यंजन और पर्यटन ने छत्तीसगढ़ की आत्मा को आधुनिक अंदाज़ और प्रामाणिकता के साथ पेश किया।* पवेलियन में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024–30 को प्रमुखता के साथ दर्शाया गया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और उच्च स्तरीय निवेश आकर्षित करना है।प्रदर्शनी में दो बड़े आगामी प्रोजेक्ट्स भारत का पहला AI डेटा सेंटर पार्क और छत्तीसगढ़ का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट को भी प्रदर्शित किया गया। ये दोनों परियोजनाएँ राज्य के युवाओं के लिए हजारों उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसर तैयार करेंगी और छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से उन्नत, निवेश-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में वैश्विक मानचित्र पर प्रमुख स्थान देंगी।मेले के दौरान पवेलियन में उल्लेखनीय संख्या में दर्शक पहुंचे। इंटरैक्टिव डिजिटल डिस्प्ले और जीआई-टैग्ड ढोकरा कला, आकर्षक कोसा सिल्क और अन्य पारंपरिक उत्पादों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। संस्कृति, कारीगरी और कहानी कहने के प्रभावी मिश्रण ने इसे IITF 2025 के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल किया।“स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” राज्य के बढ़ते आत्मविश्वास, नवाचार-आधारित विकास और मज़बूत आर्थिक भविष्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर, जिसे हर साल इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) आयोजित करती है, देश के सबसे बड़े और विविधतम आयोजनों में से एक है। इसमें राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों, पीएसयू, एमएसएमई, शिल्पकारों, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की भागीदारी रहती है, जिससे भारत मंडपम भारत की संस्कृति, व्यापार, नवाचार और उद्यमिता का जीवंत मंच बन जाता है।"स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल”सम्मान ने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास मॉडल—दोनों के साथ आगे बढ़ रहा है। पवेलियन की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की प्रगति, उसके उद्योगों और उसके युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरक कदम के रूप में देखी जा रही है। यह सम्मान राज्य को और बेहतर प्रदर्शन, नवाचार और जनहितकारी विकास के लिए प्रोत्साहित करता है तथा आने वाले समय में ऐसे और भी गौरवपूर्ण अध्याय लिखे जाने की उम्मीद जगाता है।
- -आमदनी से करेंगे सपना पूरारायपुर, / मोहला - मानपुर - अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम एकटकन्हर निवासी बुजुर्ग किसान श्री मुन्ना सिंह अपने 2 एकड़ खेत में वर्षों से मेहनत कर धान की खेती कर रहे हैं। इस बार अच्छी पैदावार होने के बाद वे धान बेचने उपार्जन केंद्र पहुँचे, जहाँ की सुव्यवस्थित व्यवस्था और सरल प्रक्रिया ने उनका मन जीत लिया।श्री मुन्ना सिंह ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था बेहद सरल, सुगम और बिना किसी परेशानी के पूरी हो रही है। उन्होंने पहले उपार्जन केंद्र में टोकन कटवाया और फिर बड़ी आसानी से 48 कट्टा धान का विक्रय किया। उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था से किसानों को अपनी मेहनत का सही मूल्य मिल रहा है और पूरी प्रक्रिया में कहीं भी बाधा या भ्रम की स्थिति नहीं है। उन्होंने उपार्जन केंद्र की सुविधाओं की विशेष रूप से सराहना की। केंद्र में पर्याप्त बारदाना, समय पर तौल और कर्मचारियों के सहयोगपूर्ण व्यवहार के कारण धान विक्रय का कार्य तेज़ी से संपन्न हो गया।बुजुर्ग किसान मुन्ना सिंह ने भावुक होकर बताया कि धान विक्रय से मिली राशि उनके जीवन का एक बड़ा सपना पूरा करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इस रकम से मैं अपने परिवार के लिए एक नया घर बनाऊँगा। यह मेरे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करेगा। खेती से मिलने वाला यही भरोसा मेरे जीवन की ताकत है। मुन्ना सिंह जैसे किसानों की मेहनत और शासन की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था मिलकर ग्रामीण जीवन में नई आशा और स्थिरता प्रदान कर रही है।









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