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- -राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पुरस्कार ग्रहण किया-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर, / जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। श्री लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
- -मुख्यमंत्री के निर्देशन में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला सम्मान-नगर निगम पूरे देश में प्रथम स्थान पर एवं ईस्टर्न जोन पर रायपुर जिला तीसरे स्थान पर-कलेक्टर डॉॅ. गौरव सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने ग्रहण किया सम्मानरायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज रायपुर जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया। यह पुरस्कार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता अर्जित करते हुए रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर निगम को जल संचय जन भागीदार (JSJB) 1.0 अभियान का पुरस्कार प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा पहली बार इस श्रेणी में पुरस्कार दिया है। देश भर कर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम, रायपुर जिला ईस्टर्न जोन के कैटेगरी 01 में तीसरा तथा राज्यों में छत्तीसगढ़ ने द्वितीय स्थान हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि रायपुर जिला प्रशासन ने स्थानीय निकाय और जन समुदाय के संयुक्त भागीदारी से उल्लेखनीय पहल करते हुए जल संरक्षण का जन आंदोलन का रूप दिया। निगमों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए रायपुर नगर निगम ने 33,082 कार्य पूर्ण किये, जिला रायपुर ने 36,282 कार्य पूर्ण किए एवं छत्तीसगढ़ ने 4,05,563 कार्य किए। जिसमें, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट्स, अमृत सरोवर, टॉप डैम और परकोलेशन टैंक का निर्माण शामिल है। साथ ही तरल अपशिष्ट प्रबंधन में रायपुर में 4 एसटीपी से 206 MLD क्षमता विकसित की गई, और 9 औद्योगिक इकाइयों को 125.849 MLD शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। रायपुर नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट्स का निर्माण किया गया । शहर के आसपास 20 से अधिक नए सरोवरों का पुनर्जीवन कार्य किया । इसके अलावा स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट भू-जल स्तर की निगरानी के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की गई।
- -छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिला सम्मान-छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति के हाथों छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार-जल संचय, जन भागीदारी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ को मिला द्वितीय पुरस्कार, रायपुर नगर निगम ने मारी बाजीनई दिल्ली। जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को विभिन्न श्रेणियों में तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जल संचय, जन भागीदारी श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को प्रथम स्थान मिला है। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय जलमंत्री श्री सीआर पाटिल भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा यह सम्मान राज्य में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति हमारी निरंतर मेहनत का परिणाम है।केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आज छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया गया।जल शक्ति मंत्रालय द्वारा एक नई पहल शुरू की है, जल संचय, जन भागीदारी। इसके तहत भी इस वर्ष पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ से जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को देश में प्रथम स्थान मिला है। निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से लोगों को जल के महत्त्व से अवगत कराने और उन्हें बेहतर जल उपयोग पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।राष्ट्रीय जल पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा पूरे देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और ‘जल समृद्ध भारत’ के सरकार के विज़न को साकार करने के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना, जागरूकता फैलाना और समाज को जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।“छत्तीसगढ़ को एक साथ तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार तथा ‘जल संचय–जन भागीदारी’ श्रेणी में उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय स्थान मिलना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे किसानों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग, समाज के जागरूक नागरिकों और जनभागीदारी से आगे बढ़े जल संरक्षण जनआंदोलन का प्रतिफल है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के हाथों यह सम्मान मिलना हमारे प्रयासों को और सशक्त करता है। छत्तीसगढ़ सरकार जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्भरण और सतत प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जल समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को तेज गति से आगे बढ़ा रही है।” — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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-अब तक 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान की हुई खरीदी
-सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही-18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान खरीदा गया-केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसानरायपुर /राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। आज 18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य पर की गई। बीते 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक राज्य में कुल 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिसमें 3 लाख 4 हजार 512 क्विंटल मोटा धान, 2 लाख 1 हजार 174 क्विंटल पतला तथा 2 लाख 22 हजार 317 क्विंटल सरना धान शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। 18 नवंबर की स्थिति में 1155 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 97698.8 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जबकि राजनांदगांव जिले ने 92390.4 क्विंटल और रायपुर जिले ने 83299.2 क्विंटल धान का उपार्जन कर राज्य में धान खरीदी के मामले में क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर तक बस्तर जिलें में 395.6 क्विंटल बीजापुर में 155.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 6.4 क्विंटल, कांकेर में 754.8, कोण्डागांव में 5351.2, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 4050.4, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 6668.4, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 396.8, मुंगेली में 8806.8, रायगढ़ में 3949.6, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3922.8, बालोद में 70197.2, बेमेतरा में 97698.8, दुर्ग में 73033.6, कवर्धा में 22252.4, राजनांदगांव में 92390.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 50926, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 3214, बलौदाबाजार में 60551.2, धमतरी में 75660.8, गरियाबंद में 28674.4, महासमुंद में 23388.8, रायपुर में 83299.2, बलरामपुर में 1490.4, जशपुर में 248, कोरिया में 4200, सरगुजा में 645.2, सूजरपुर में 3415.2, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1513.6 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है। -
-अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने शासकीय संस्कृत महाविद्यालय में दिया व्याख्यान
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने शासकीय दू .श्री. वै. स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय रायपुर में आयोजित व्याख्यान में कहा कि देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताडऩा का शिकार होना पड़ता है,जिससे निदान के लिए आम जन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की अत्यंत आवश्यकता है।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि कुछ लोग अंधविश्वास के कारण हमेशा शुभ-अशुभ के फेर में पड़े रहते हैं। यह सब हमारे मन का भ्रम है। शुभ-अशुभ सब हमारे मन के अंदर ही है। किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाए, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमाई हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में हैं। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही हंै। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध समाज के साथविद्यार्थियों को भी एकजुट होकर आगे आना चाहिएडॉ. मिश्र ने कहा प्राकृतिक आपदाएं हर गांव में आती हैं, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती हैं, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते हैं। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते हंै। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुन: प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगडऩे पर उसे ताबीज पहनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चाहिए। डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से नहीं डराएं , क्योंकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है , उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा — देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन /टोनही के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई हंै अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती हैं। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, असम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही हैं जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए। झारखंड ,बिहार छत्तीसगढ़ ,ओडिशा में, राजस्थान,आसाम में हजारों प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला, पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं ।डॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं को वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्मे थे।डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ सीमा शुक्ला, डॉ शकुन्तला डहारे ,डॉ कादम्बिनी शर्मा सहित प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे. अन्धविश्वास एवं टोनही प्रताडऩा के खिलाफ़ अभियान के अंतर्गत पंपलेट किताबें प्रदान की गईं. - -प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी-किसानों में उत्साह का माहौल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की किसानों ने की सराहनारायगढ़। प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक तरक्की, उन्नति और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार बनते ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रति एकड़ 21 क्विंटल एवं प्रति क्विंटल 31 सौ रुपये की दर से धान खरीदी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इस किसान हितैषी नीति का लाभ गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है।ग्राम कोड़तराई के किसानों में धान खरीदी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में ग्राम के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। तीन भाई मिलकर साझा खाते में 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उनके परिवार का पहला टोकन जारी हुआ, जिसके अंतर्गत 44 क्विंटल धान की बिक्री की गई।किसान श्याम दयाल पटेल ने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की आवश्यक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद, घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम हो रहे हैं। इसे उन्होंने अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी खरीदी के लिए उत्कृष्ट तैयारी की गई है। उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता, सटीक तौल व्यवस्था तथा पर्याप्त बारदाना जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सहज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं से ग्राम कोड़तराई सहित पूरे जिले के किसानों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर / राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे "Jeevan Pramaan" मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है।संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो।इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा "डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0" (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे।भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।
- रायपुर, /आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है। मनरेगा योजना के अंतर्गत पक्का मुर्गी शेड निर्माण से हितग्राही भूलू की आय में वृद्धि हुई है तथा मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर वे कृषि कार्य में भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं।हितग्राही भूलू की आय में हुई वृद्धिबलौदाबाजार जिले के ग्राम पंचायत कोदवा में हितग्राही भूलू को मनरेगा से 1.13 लाख की लागत से पक्का मुर्गी शेड निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।हितग्राही द्वारा पूर्व से ही मुर्गी पालन का कार्य किया जा रहा था, परंतु अस्थायी शेड होने के कारण बरसात एवं गर्मी में मुर्गियों की सुरक्षा, दाना-संरक्षण तथा उत्पादन क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती थी। पक्के शेड के निर्माण से अब मुर्गियों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हुआ है। शेड निर्माण के उपरांत हितग्राही ने 500 चूजे 25 रुपए प्रति नग की दर से खरीदे। इनमें से 60 नग 600 रुपए प्रति नग की दर से विक्रय किया तथा लगभग 150–200 चूजे वर्तमान में अच्छी वृद्धि पर हैं। अब तक हितग्राही को इस कार्य से ₹36,000 की आय प्राप्त हो चुकी है। पक्के शेड के कारण चूजों की मृत्युदर में उल्लेखनीय कमी आई है।मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोगहितग्राही भूलु ने बताया कि शेड निर्माण से उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा मुर्गियों के बिट को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर वे कृषि कार्य में भी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वर्तमान लाभ को देखते हुए वे समीप की भूमि क्रय कर शेड का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
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रायपुर / प्रदेश के नागरिकों को आवासीय योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा राज्य स्तरीय ‘आवास मेला 2025’ का आयोजन 23, 24 और 25 नवंबर को रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में किया जा रहा है। इस मेले के लोगो (प्रतीक चिन्ह) का अनावरण आज गृह निर्माण मंडल मुख्यालय में मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित मंडल के अधिकारी-कर्मचारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।लोगो अनावरण के बाद अध्यक्ष श्री सिंह देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘आवास मेला 2025’ इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जहां मंडल की विभिन्न योजनाएँ और संपत्तियाँ एक ही मंच पर आम जनता के सामने प्रस्तुत की जाएंगी।अध्यक्ष श्री सिंह देव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेशभर में लगभग रु. 2000 करोड़ की नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर पा रहा है।आवास मेला 2025 में आगंतुकों के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु आवंटी पोर्टल का भी शुभारंभ होगा। मेले में हितग्राही मात्र 1 प्रतिशत राशि जमा कर भवन बुक करा सकेंगे। रायपुर, नवा रायपुर एवं आसपास की परियोजनाओं के साइट विज़िट की विशेष व्यवस्था रहेगी, साथ ही घर खरीदने वालों के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा लोन सुविधा भी दी जाएगी। निर्माण संबंधी जानकारी हेतु कई स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें भारतीय मानक ब्यूरो का स्टॉल विशेष रूप से गुणवत्ता संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। मेले में पंजीयन कराने वाले हितग्राहियों के लिए विशेष उपहार भी घोषित किए गए हैं।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में ‘आवास मेला 2025’ में सम्मिलित होकर अपने सपनों के घर को वास्तविकता में बदलने का अवसर प्राप्त करें। -
-28 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के घरों में नल कनेक्शन
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरस्थ अंचलों के लोगों तक भी जल जीवन मिशन योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को हैं। जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति के 28 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है l94 ग्रामों के विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों के 28 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन का कार्य को पूर्णजशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों में बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा निवास करती है। जिले के 94 ग्रामों में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोग निवासरत् है। सम्पूर्ण जिले में नल जल प्रदाय के साथ-साथ इन 94 ग्रामों के विशेष पिछड़ी जनजाति के बसाहटों के कुल 36183 घरेलू नल कनेक्शन स्वीकृति किया गया है।इनमें से 28 हजार से अधिक नल कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देश में विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को केन्द्र और राज्य शासन की सभी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत दिलाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। - -प्रशासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं से किसान संतुष्ट, मुख्यमंत्री के प्रति जता रहे आभाररायपुर, / जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होते ही उपार्जन केंद्रों में रौनक बढ़ गई है। धान विक्रय के लिए किसान सुबह से ही उत्साहपूर्वक उपार्जन केंद्रों में पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव खरीदी कार्यों में दिखाई दे रहा है।उपार्जन केंद्रों में मॉइश्चर मीटर, डिजिटल तौल मशीनें, पर्याप्त बारदाना, टोकन प्रणाली, पेयजल, शेड और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध होने से किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार श्री जी.एन. सिदार लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाए हुए हैं।आरंग विकासखंड के आमोदी उपार्जन केंद्र में भी धान विक्रय किया जा रहा है। यहाँ धौराभाटा से पहुंचे कृषक श्री नंदकुमार साहू ने 120 क्विंटल, आमोदी के श्री तामेश्वर साहू ने 6.40 क्विंटल, तथा श्री किशन कुमार साहू ने 40 क्विंटल धान का विक्रय किया। किसानों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हमारे लिए बड़ी राहत है। केंद्रों में अच्छी व्यवस्थाएँ की गई हैं, जिससे विक्रय में आसानी हो रही है।”उन्होंने बताया कि समय पर टोकन, त्वरित तौल और उपलब्ध सुविधाओं के कारण प्रक्रिया तेज एवं पारदर्शी ढंग से संचालित हो रही है। किसानों ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। जिले में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है और किसानों में उत्साह बना हुआ है।
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- 4 दिसंबर तक गणना प्रपत्र जमा करने की अपील
दुर्ग / भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण – 2026 के अंतर्गत दुर्ग जिले में कार्य तेजी से जारी है। जिला प्रशासन ने बताया कि जिले के 1520 मतदान केन्द्रों पर नियुक्त 1520 बीएलओ द्वारा दो प्रतियों में बनाए गए गणना प्रपत्र (Enumeration Form) घर-घर पहुँचाकर मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में बीएलओ इन प्रपत्रों का संग्रहण कर रहे हैं।निर्वाचन आयोग द्वारा गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण एवं बीएलओ ऐप में अपलोड करने की अंतिम तिथि 04 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए तत्काल अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को सौंप दें।प्रपत्र के पहले भाग में मतदाता को अपना व्यक्तिगत विवरण भरना है। यदि मतदाता 2003 की मतदाता सूची में शामिल था, तो तालिका के बाँये हिस्से में विवरण भरना होगा। यदि 2003 की सूची में नाम नहीं था, तो तालिका के दाहिने हिस्से में माता-पिता की प्रविष्टियाँ 2003 की SIR सूची के अनुसार भरनी होंगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए बीएलओ के पास साल 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध है। आवश्यक होने पर मतदाता बीएलओ की सहायता से यह प्रविष्टि भर सकते हैं।जिन मतदाताओं का आधार या मतदाता परिचयपत्र से मोबाइल नंबर लिंक है, वे अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन voters.eci.gov.in पर भर सकते हैं।यदि मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म–8 का लिंक प्रदर्शित होगा, जिसके माध्यम से मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट किया जा सकता है।छत्तीसगढ़ में निवासरत मतदाता 2003 की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर नाम एवं पिता के नाम से खोज सकते हैं। जो मतदाता 2003 में छत्तीसगढ़ में नहीं रहते थे, वे भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in के माध्यम से अपने पूर्व निवास वाले राज्य की 2003 की मतदाता सूची में अपना विवरण खोज सकते हैं।जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से 04 दिसंबर 2025 से पहले प्रपत्र भरने या बीएलओ को जमा करने की अपील की है, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य समय पर पूरा हो सके।मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बन सकेगी। - दुर्ग / कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री खुशवंत साहेब आज श्री शंकराचार्य तकनीकी परिसर, भिलाई में आयोजित संविद 2025 एवं हैकाथॉन नवाचार एवं प्रौद्योगिकी उत्सव में शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं शंकराचार्य विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की है और यहां के अनुभवों ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने छात्रों को मेहनत और योजनाबद्ध कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग छात्र मल्टी-टैलेंटेड होते हैं जो हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि भिलाई में नवाचार के अनगिनत अवसर है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य समूह ने नवाचार के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया है। छत्तीसगढ़ में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय युवाओं की सोच को ध्यान में रखकर तकनीक आधारित अनेक विकास कार्य कर रहे हैं।इस अवसर पर मंत्री ने बताया कि नया रायपुर में 13.5 एकड़ में एआई सेंटर विकसित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ को तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से तकनीक के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों को भी शिक्षा प्रणाली से जोड़ा गया है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।समारोह में श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई के कुलाधिपति आई. पी. मिश्रा ने प्रेरणादायी संबोधन देते हुए कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि संस्थान के दो विद्यार्थी आज उच्च पदों पर प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त कर चुके हैं. छत्तीसगढ़ राज्य के कैबिनेट एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी तथा राजस्व निरीक्षक श्री रामजी वर्मा। उन्होंने संदेश दिया कि विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने परिश्रम को ही सफलता की कुंजी बताया।इस अवसर पर विधायक ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर, शंकराचार्य विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री ए.के. झा, डायरेक्टर श्री पी.वी. देशमुख, चेयरमैन श्री आई.पी. मिश्रा, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर श्री राजीव प्रकाश, जया मिश्रा तथा विद्यार्थी, शोधार्थी, प्राध्यापक, विशिष्ट नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग /जिले के 102 धान उपार्जन केंद्र में से 79 खरीदी केंद्रों में धान खरीदी प्रारम्भ हो गई है। उपार्जन केंद्रों में धान की तोलाई, बोरे की सिलाई, स्टेग लगाने का कार्य सुव्यवस्थित ढंग से हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों में खरीदी प्रभारी एवं कम्प्यूटर आपरेटर नियुक्त कर दिए गए है। सी.सी.बी. के प्रभारी नोडल अधिकारी श्री हृदेश शर्मा ने बताया कि 17 नवम्बर 2025 को 59 उपार्जन केंद्रों में 487 किसानों से 2,495.20 मे. टन धान की ख़रीदी की गई है। 18 नवम्बर को खरीदी हेतु 879 टोकन कट चुका है। खरीफ वर्ष 2025-26 में लगभग 6,16,435 में.टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में भारत गणराज्य की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी की जयन्ती दिनांक 19 नवम्बर 2025 को प्रातः 11 बजे कालीबाड़ी चौक में स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष उनको सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 4 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया है।
- -सभी नगरीय निकायों को एक सप्ताह में प्रस्ताव भेजने के निर्देशरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बरसात में शहरों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पहल करते हुए सभी नगरीय निकायों से प्रस्ताव मंगाए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री आर. एक्का ने राज्य के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर एक सप्ताह में इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं।संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा निकायों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि शहरों में वर्षा ऋतु के समय अत्यधिक वर्षा होने से बाढ़ एवं कुछ क्षेत्रों में जलभराव होने के कारण नागरिकों को असुविधा होती है। शहरों के जिन-जिन क्षेत्रों में जलभराव होता है, वहां असुविधा से बचने तथा इसके स्थायी समाधान के लिए नाला/नाली निर्माण एवं कांक्रीटीकरण किया जाना आवश्यक होता है। विभाग ने जलभराव की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सभी नगरीय निकायों को प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर संचालनालय भेजने को कहा है।
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 'ज्ञानेश्वरी' पर की गई चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सोमवार, 17 नवंबर को संत ज्ञानेश्वर की पुण्यतिथि मनाई गई। स्कूल के जिन बच्चों का जन्मदिन 17 नवंबर को था, सभी ने मिलकर संत ज्ञानेश्वर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पूजा- अर्चना की।येलो हाउस असेंबली इंचार्ज रेणुका शुक्ला ने असेंबली कराई। प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने बच्चों को बताया संत ज्ञानेश्वर 13वीं सदी के महान मराठी संत और कवि थे, जिनका जन्म 1275 में महाराष्ट्र के आपेगांव में हुआ था। उन्होंने संस्कृत में लिखी गई भगवद् गीता पर मराठी में 'ज्ञानेश्वरी' की रचना की। इस तरह ज्ञान को आम जनता तक पहुंचाया। उन्होंने उस कालखंड में जाति-भेद का विरोध किया और भक्ति को ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताया। मात्र 21 वर्ष की आयु में, 1296 में, उन्होंने आळंदी में संजीवन समाधि ली।
- जगदलपुर जिले के विकासखण्ड तोकापाल अंतर्गत ग्राम पंचायत सालेपाल-एक स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में अस्थायी रूप से संलग्न संस्था ग्राम पंचायत सालेपाल-दो का अस्थायी आबंटन आदेश निरस्त किए जाने के फलस्वरूप उक्त पंचायत में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का नवीन आबंटन किए जाने हेतु 23 जून 2025 तक आवेदन पत्र प्रस्तुत करने हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। निर्धारित समयावधि में एक ही आवेदन पत्र इंदिरा स्व-सहायता समूह सालेपाल-एक से प्राप्त हुआ है। उक्त आवेदन निर्धारित मापदंड को पूर्ण नहीं करने के फलस्वरूप पुनः नवीन विज्ञापन जारी किया गया है।विकासखण्ड तोकापाल के ग्राम पंचायत सालेपाल- एक स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन हेतु इच्छुक पंजीकृत सहकारी समितियां, ग्राम पंचायत, महिला समूह एवं वन सुरक्षा समिति से 24 नवम्बर 2025 तक कार्यालयीन अवधि में आवश्यक सम्पूर्ण दस्तावेज सहित कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तोकापाल में आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। नियत तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
- बालोद।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज विज्ञान भवन में आयोजित 6ठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में बालोद जिले को ‘जल संचय, जन भागीदारी अभियान’ (JSJB 1.0) में पूर्वी जोन का बेस्ट परफॉर्मिंग जिला घोषित करते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को सम्मानित किया और जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सौंपी।केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के इस अभियान में बालोद ने सिर्फ एक साल में 1 लाख 6 हजार से ज्यादा नई जल संरचनाएं बनाकर और 30 हजार से अधिक पुराने जल स्रोतों की सफाई-मरम्मत करके पूरे जोन में टॉप किया। जिले ने 140 अमृत सरोवर, 1,944 सामुदायिक तालाब, 6 हजार से ज्यादा निजी डबरी-तालाब, 44 हजार वाटर रिचार्ज पिट और 1 लाख 9 हजार से अधिक स्टेगर्ड कंटूर ट्रेंच जैसे बड़े काम पूरे किए। ग्रामीणों ने अपनी जेब से 27 हजार से ज्यादा घरों में सोकपिट तक बनवा लिए।कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने यह सफलता जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की टीमवर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि जन भागीदारी के बिना इतने बड़े स्तर पर जल संरक्षण संभव नहीं था। समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और राज्य मंत्री वी सोमन्ना भी मौजूद रहे।
- -समिति में पहले जैसे ही सुविधाएंमहासमुंद / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।महासमुंद विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है। सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -सभी समितियों में धान खरीदी प्रारंभ हो-एसआईआर अंतर्गत डिजिटाइजेशन के कार्य में तेजी लाएंमहासमुंद / जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने आज सुबह 10 बजे से समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित वीसी के माध्यम से सभी ब्लॉक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही धान खरीदी की समीक्षा की। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को आबंटित उपार्जन केन्द्रों को शत प्रतिशत चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में वैकल्पिक व्यवस्था के अनुरूप कार्यों को तत्काल प्रारंभ करें। उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैय्या कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के सभी 16 चेक पोस्टों के माध्यम से ड्यूटीरत अधिकारियों को धान की आवक और अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए है। आवश्यकता पड़ने पर नए और दूसरे स्थानों पर भी चेक पोस्ट खोलने कहा है। उन्होंने अवैध परिवहन करते वाहन पाए जाने पर तत्काल सीज कर प्रकरण दर्ज करने कहा है। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट के अनुसार सभी तैयारियाँ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों की खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सहज बने, इसके लिए सीसीटीवी कैमरों को चालू स्थिति में रखा जाए तथा निगरानी टीमों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधन, तोल उपकरण, मिलान पर्ची व्यवस्था, ऑनलाइन एंट्री, और तौल-प्रक्रिया को समय पर पूर्णता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने केन्द्रों का निरीक्षण करने टोकन की जानकारी, स्टेकिंग आदि की जानकारी रखने के निर्देश दिए हैं।सीईओ श्री नंदनवार ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बीएलओ गणना पत्रक के शत प्रतिशत वितरण का कार्य सुनिश्चित करें। सभी मतदाताओं तक गणना पत्रक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी एआरओ एवं ईआरओ को भरे हुए गणना और घोषणा पत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य को भी करने के निर्देश दिए हैं। तत्पश्चात उसके कलेक्शन सुनिश्चित किया जाए। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं जारी समय सारणी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में बताए गए बिंदुओं के आधार पर निर्धारित समय 4 दिसम्बर तक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य अंतर्गत पात्र मतदाताओं का गणना प्रपत्र में आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से भरकर संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र मतदाता को हटाने के निर्देश दिए है। सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि जिले के चार विधानसभा केन्द्रों में 1083 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं तथा 98.49 प्रतिशत गणना पत्रक वितरित किए जा चुके है।बैठक में सीईओ श्री नंदनवार ने कलेक्टर कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप विभागवार समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय सीमा पत्रक, राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की तथा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त मांग एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें।
- कांकेर। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए सभी 149 उपार्जन केन्द्रों के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई है। अंतागढ़ विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र के लिए श्रद्धा, आमाबेड़ा के लिए विकीत कुमार सर्फे, उसेली दुष्यंत कुमार यादव, बण्डापाल टूमनलाल सोनवानी, मातला ब संजू कुमार, कोलर वानसिंग लेडिया, ताड़ोकी रेखराम बघेल, पोड़गांव नकुलराम पोया, भैंसासुर सोनम यादव, सरण्डी उमाशंकर बघेल तथा कांकेर विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र ईच्छापुर मनिन्दर सिंह, मर्दापोटी परमेश्वर उसेण्डी, कांकेर मलयकांत खेलन, दशपुर भानुप्रतापसिंग, नाथियानवागांव अभिषेक कुमार निषाद, सरंगपाल शुभम मंडावी, पटौद राकेश कुमार यादव, पुसवाड़ा भवानी दुर्गा साहू, बेवरती बबली, तेलावट किरणमाला, पीढ़ापाल राजकुमार पटेल, सुरेली अनिषा, बागोडार प्रीति चंदेल, सिदेसर दीक्षा, सुभियामुड़पार नंदिनी, कोदागांव मीनाक्षी, बारदेवरी महेशकुमार नेताम, कापसी दिव्या भूआर्य, तालाकुर्रा कुष्मिता कोड़ोपी, पोटगांव नोमेश, मरकाटोला संजना तथा धान खरीदी केन्द्रों मालगांव में रमनकुमार लोन्हारे को कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र के लिए एसेबेड़ा अभिजीत शील, पी.व्ही. 121 लोकेश कुमार, पी.व्ही. 15 भुनेश्वर यादव, कापसी मंजीत विश्वास, छोटेकापसी तोरण कुमार यादव, पी.व्ही. 02 आकाश दास, पी.व्ही. 08 आदित्य दास, पी.व्ही. 11 हिमांशु पटेल, पी.व्ही. 119 सहदेव गजेन्द्र, पी.व्ही. 12 नंदिनी कदम, उदनपुर कीर्तन जैन, कोयलीबेड़ा बारूराम, सिकसोड़ विनीता, ईरपानार दीपांकर देवनाथ, कोरेनार प्रणव मंडल, पी.व्ही.105 तरूणा नेताम, गोण्डाहूर सूरंजन सरकार, चारगांव देवेन्द्र कुमार नरेटी, छोटेबेठिया अंकुर यादव, चांदीपुर संगीता मंडल, पखांजूर मोहन सिन्हा, पी.व्ही. 22 चिरनजीत विश्वास, पी.व्ही.24 दियापाल, पी.व्ही. 40 स्वीटी किरतनिया, मटोली वासुदेव सिन्हा, पी.व्ही. 16 सुकदेव बिश्वास, हांकेर आदित्य भाडरा, पी.व्ही. 32 गोपी सरकार, पी.व्ही.26 रूमा राय, बड़गांव चमनलाल सिन्हा, मदले पोषण कुमार साहू, पी.व्ही. 78 राकेश धाली, पी.व्ही. 84 कुलेश्वरी उईके, पी.व्ही. 89 पूर्णिमा पटेल, पी.व्ही. 99 रंजिता निषाद, बांदे देवजीत पाल, बेलगाल शिखा दास, परतापुर निमेश कुमार, पी.व्ही. 68 मधुसूदन, बारदा वेदप्रकाश किशन, संगम सदानंद तथा चारामा विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र आंवरी में रमन, हुंकारी मोनिका नेताम, कोटतरा सगेश्वर, परसोदा वेदप्रकाश, खरथा मनीषा साहू, चारामा हेमपुष्पा सिन्हा, चांवड़ी सुधीरकुमार साहू, टांहकापार नीतू शोरी, डोकला योगेश्वर कुमार, माहुद संजना डड़सेना, पण्डरीपानी नीलम नागराज, कांटागांव डोमेन्द्र कुमार, पुरी मुकेश कुमार, मरकाटोला कुसुम यादव, उड़कुड़ा दरशवती, चिनौरी खोमेश, लखनपुरी झिलमिल रजक, लीलेझर लोकेश कुमार, पलेवा लता पोया, शाहवाड़ा प्रियंका सिन्हा, गितपहर प्रभा सिन्हा, रानीडोंगरी हरिप्रिया बघेल, हल्बा किशोर कुमार, जेपरा संतोषी साहू, हाराडूला नीरज कुमार साहू की नियुक्ति की गई है। दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र कोड़ेकुर्से अरूणा दुग्गा, गोडपाड़ बिनेश्वरी, सुरंगदोह माहेश्वरी नेताम, कोदापाखा संदीप कुमार, चिखली संदीप, पचांगी जगदीश, दमकसा नरेन्द्री, पुजारीपारा मुनेश कुमार, कोण्डे धनंजय टांडिया, दुर्गूकोंदल रीना कुलदीप, लोहत्तर नेहा दुग्गा, हाटकोंदल रेनसिंग दुग्गा और नरहरपुर विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र अभनपुर देवप्रकाश किरण, अमोड़ा हरिश कुमार, चवांड़ हुपेन्द्र कुमार साहू, उमरादाह धीरजकुमार सिन्हा, नावडबरी राजेश कुमार, कुरना लक्ष्मी यादव, चरभट्ठी जागृति साहू, हटकाचारामा ममता यादव, घोटियावाही निशा यादव, जामगांव चरणकुमार सिन्हा, दबेना देविका सिन्हा, दुधावा खेमराज नाग, मुसुरपुट्टा प्रखर साहू, सारवण्डी डिकेश्वर दर्रो, नरहरपुर संगीता, बादल मीनाक्षी तिवारी, बासनवाही नीतू पोटाई, मांडाभर्री शिवबती नागवंशी, डुमरपानी सतानन सिन्हा, थानाबोड़ी ज्योति नेताम, बिरनपुर प्रह्लाद सलाम, डंवरखार तुलेश्वर साहू, बुदेली चंद्रकांता, कुम्हानखार ओमकार नेताम, ठेमा बबली शोरी, मालगांव तिलेश्वर, सरोना राहुलकुमार सलाम और भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र आसुलखार में मोनिका जैन, केंवटी विक्की जैन, कोरर उज्वल कोर्राम, सेलेगांव लक्ष्मी, कनेचूर स्वप्नील, बैजनपुरी नीलिमा चिराम, भानबेड़ा संतोषी मंडावी, कच्चे मुकेशकुमार मरसकोले, भानुप्रतापपुर किरण नेताम, संबलपुर वेदिका, बारवी दिग्विजय सिन्हा एवं हाटकर्रा धान खरीदी केन्द्र के लिए निरंजन यदु को कम्प्यूटर ऑपेटर नियुक्त किया है।
- - दिल्ली विज्ञान भवन में दो राष्ट्रीय सम्मान से देश में बढ़ा राजनांदगांव जिले का गौरवराजनांदगांव:। राजनांदगांव के लिए मंगलवार अत्यंत हर्ष और गौरव का दिन रहा, जब राष्ट्रीय जल मिशन कार्यक्रम अंतर्गत जिले को एक साथ दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें राष्ट्रीय जल पुरस्कार व जल संचय से जन भागीदारी पुरस्कार शामिल है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों यह सम्मान प्रदान किया गया।राजनांदगांव को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का बेस्ट जिला चुना गया। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर जितेंद्र यादव व जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह ने प्राप्त किया।उल्लेखनीय कार्यों पर दो करोड़इसी कार्यक्रम में जल संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ दो करोड़ रुपये का जल संचय से जनभागीदारी प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि वर्ष 2022 में प्रारंभ किए गए मिशन जल रक्षा के सफल क्रियान्वयन का परिणाम रही है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार जिले के तीन विकासखंड भू-जल स्तर के मामले में सेमी-क्रिटिकल जोन में हैं। जिले में 85 प्रतिशत भू-जल सिंचाई, 13 प्रतिशत घरेलू उपयोग और दो प्रतिशत औद्योगिक उपयोग में हो रहा है। तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरुआत की।भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार -जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआइएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड रायपुर द्वारा जीआइएस पद्धति को प्रमाणित करते हुए तकनीकी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचानजिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। “साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ” की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह सिद्ध किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। मिशन “जल रक्षा” सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा है।पद्मश्री फुलबासन यादव, समाजसेविका
- कांकेर। धान खरीदी कार्य को गंभीरता से नहीं लेने के कारण जिले की सहकारी समितियों के 02 प्रभारी प्रबंधक एवं 02 कम्प्यूटर ऑपरेटर और 01 धान खरीदी केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध थाना पखांजूर एवं थाना नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला कांकेर के निर्देश पर सहकारी निरीक्षकों एवं शाखा प्रबंधक द्वारा पुलिस थाना पखांजूर एवं नरहरपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।उपायुक्त सहकारिता जिला कांकेर से मिली जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पखांजूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के प्रभारी प्रबंधक वासुदेव दास एवं उपार्जन केन्द्र पी.व्ही. 24 के कम्प्यूटर ऑपरेटर रविशंकर मंडल के विरूद्ध थाना पखांजूर और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उमरादाह विकासखण्ड नरहरपुर के प्रभारी प्रबंधक भूषण पटेल तथा उपार्जन केन्द्र नावडबरी के धान खरीदी प्रभारी शिवप्रसाद नाग एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर तेज सिन्हा के विरूद्ध थाना नरहरपुर में छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) लागू किया गया है।
- -उत्कृष्ट आचरण व उच्च नैतिकता कायम रखने के निर्देश-स्कूल शिक्षा सचिव ने ली प्रचार्यो की बैठकरायपुर। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं देते बल्कि उन्हें एक आदर्श नागरिक भी बनाते हैं। शिक्षक उत्कृष्ट आचरण और उच्च नैतिकता का उदाहरण पेश करें। उन्होने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा लेकिन लापरवाही और अनैतिक गतिविधि में शामिल होने पर कार्यवाही भी होगी।परीक्षा परिणाम में 10 प्रतिशत की वृद्धि को बरकरार रखेंश्री परदेशी कल बलौदाबाजार जिला प्रवास के दौरान जिला ऑडिटोरियम में प्रचार्यो की बैठक लेकर बोर्ड परीक्षा तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने विगत वर्ष की परीक्षा परिणाम में 10 प्रतिशत की वृद्धि को बरकरार रखने सामूहिक प्रयास करने के निर्देश दिये।उत्तर लिखने की प्रैक्टिस कराएंश्री परदेशी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के क्रम में बच्चों को पिछले प्रश्न पत्र एवं प्रश्न बैंक से उत्तर लिखने की प्रैक्टिस कराएं।माध्यन्ह भोजन की गुणवत्ता हेतु नियमित निरीक्षण करेंश्री परदेशी ने अपार आईडी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी बच्चों के अपार आईडी बनाने का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिये। स्कूल शिक्षा सचिव ने हाल ही में सम्पन्न त्रैमासिक परीक्षा, अपार आई.डी. की प्रगति, यू-डाईप्लस 2025-26 प्रविष्टि, छात्रवृत्ति, मूलभूत सुविधा आदि एजेंडों पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने माध्यन्ह भोजन की गुणवत्ता हेतु नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये।बैठक मे सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे, सहायक संचालक एवं प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।












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