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- रायपुर -नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग औऱ स्वच्छ भारत मिशन शाखा ने रामकी कम्पनी प्रबंधन के साथ मिलकर स्वच्छता के सम्मान में एक पहल की है.दिनांक 1 मार्च 2026 रविवार को शाम 4 बजे से राजधानी शहर रायपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस स्टेडियम में रामकी कम्पनी इलेवन औऱ नगर निगम स्वास्थ्य विभाग इलेवन की टीमों के मध्य मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन रखा गया है. राजधानी शहर रायपुर में नगर पालिक निगम क्षेत्र को स्वच्छ बनाये रखकर स्वच्छ रायपुर शहर की परिकल्पना को साकार करने का दायित्व नगरवासियों के मध्य निर्वहन करने वाले रायपुर नगर पालिक निगम के सफाई मित्र स्वच्छता कर्मियों को इससे स्वस्थ मनोरंजन मिल सकेगा औऱ वे इससे रायपुर शहर को नगरवासियों के साथ मिलकर स्वच्छ रखने सजगतापूर्वक कर्तव्य निर्वहन करने की सहज सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त कर सकेंगे.
- -1 मार्च 2026 को भी जिला प्रशासन के निर्देश पर अभियान जारी रहेगा-महापौर मीनल चौबे ने सभी प्रकरर्णों में अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही करने के निर्देश-राजधानी शहर क्षेत्र में कोई भी अवैध निर्माणकर्त्ता कड़ी कार्यवाही से बचने ना पाए, यह सुनिश्चित करें -महापौररायपुर - आज टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार औऱ रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार एसडीएम श्री नन्द कुमार चौबे के मार्गनिर्देशन में नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत लालपुर में नगर निगम नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, तहसीलदार श्री राममूर्ति दीवान, नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह , कार्यपालन अभियंता श्री आशीष शुक्ला, श्री आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता श्री योगेश यदु, श्री नीतीश झा, उप अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव, श्री अमित सरकार, नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता, नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग सहित पुलिस प्रशासन बल, सभी जोन के नगर निवेश विभाग प्रभारी अभियंताओं की उपस्थिति में रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने सम्बंधित स्थल पर सहयोग करते हुए तहसीलदार औऱ राजस्व विभाग , पुलिस प्रशासन की टीमों, उड़न दस्ता सहित 6 जेसीबी, 2 पोकलेन मशीनों, 10 डम्पर, मजदूरों की सहायता से लालपुर में लगभग 20 हजार वर्गफीट शासकीय कोटवारी भूमि को अवैध कब्जा जमाकर निर्मित लगभग 10 बड़ी दुकानों औऱ लगभग 30 बड़े कमरों के नियम विपरीत अवैध निर्माण को स्थल पर सीमांकन करवाने के पश्चात पूरी तरह ध्वस्त करने की व्यापक कार्यवाही अभियान चलाया जा रहा है. यह अतिक्रमणरोधी व्यापक अभियान रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर कल 1 मार्च 2026 को भी जारी रहेगा.नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा है कि आज का व्यापक अवैध निर्माण तोड़ो अभियान राजधानी शहर रायपुर में अवैध निर्माण कार्यों को करने वालों के लिए एक कड़ी नियमानुकूल चेतावनी है. जहां भी अवैध निर्माण होना पाया जायेगा, वहाँ शासन के अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अवैध निर्माण तोड़ने कड़ी कार्यवाही की जाएगी. कोई भी अवैध निर्माणकर्त्ता रायपुर में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही से बच नहीं पाए, यह सुनिश्चित किया जाए. महापौर ने सम्बंधित अधिकारियों को लालपुर में शासकीय भूमि पर किये गए अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त करने की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही शत - प्रतिशत पूर्ण होते तक लगातार जारी रखने निर्देशित किया है.
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों के खातें में अंतरित की 10 हजार करोड़ से अधिक की राशि, किसानों ने कहा ‘‘धन्यवाद विष्णु भैया’’बालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी सरकार ने किसानों की समृद्धि के अपने संकल्प को पूरा करते हुए आज प्रदेश के किसानों के बीच उनकी खुशहाली का त्यौहार मनाया दिया। कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 24.75 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 10 हजार करोड़ रुपय से अधिक की अंतर राशि का सीधा हस्तांतरण किसानों के बैंक खाते में किया गया। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि लाखों किसानों के अनगिनत सपने अब साकार होने जा रहे हैं।बालोद जिले में इस कृषक उन्नति योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिला है। जिले के 01 लाख 48 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में 511 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। इस बड़ी आर्थिक मदद ने जिले के किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। अपने बैंक खाते में राशि अंतरण होने के बाद जिले के विभिन्न गांवों के किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बड़े भाई के रूप में संबोधित करते हुए ’’धन्यवाद विष्णु भैया’’ के नारे लगाए। किसानों का मानना है कि साय सरकार का सुशासन और पारदर्शिता उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है। एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था से बिचैलियों की भूमिका खत्म हुई है और सीधे मेहनत का फल किसानों के खातों में पहुंच रहा है।जिले के ग्राम बगदई के किसान श्री लक्ष्मीचंद साहू के बैंक खाते में कृषक उन्नति योजना के तहत 01 लाख 91 हजार रुपये अंतरित हुआ है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे इस राशि का उपयोग घर में होने वाली आगामी शादी के खर्चों के लिए करेंगे। इसी तरह ग्राम कोचेरा के किसान श्री महेन्द्र साहू ने भी प्राप्त राशि 01 लाख 10 हजार रूपए को अपनी बेटी के विवाह की तैयारियों में करेंगे, राशि मिलने पर अब वे निश्चिंत होकर विवाह कार्य सम्पन्न करेंगे। ग्राम टेंगना बरपारा के किसान श्री चमन लाल साहू को 1 लाख 28 रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसे वे अपने नए घर के निर्माण में लगाएंगे। वहीं ग्राम डोकला के किसान श्री टोकेश्वर और बोरतरा के श्री जीवनलाल साहू भी आज प्राप्त हुई राशि का उपयोग अपने निर्माणाधीन मकानों को पूरा करने और प्लास्टर कार्य में करेंगे।किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में हमें एकमुश्त राशि मिल रही है, जिससे बड़े काम भी आसानी से हो जाते हैं। हमें अब कर्ज लेने की जरूरत नहीं है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से दी गई यह राशि केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के किसानों के स्वाभिमान और उनके बेहतर भविष्य की गारंटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब किसानों की खुशहाली का प्रदेश बनता जा रहा है।
- ????समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से बुजुर्ग मरीज रामकली को मिली बड़ी राहतबालोद । जिला चिकित्सालय बालोद के अस्थि रोग विशेषज्ञों द्वारा अस्पताल में भर्ती बालोद विकासखण्ड के ग्राम खपरी निवासी 56 वर्षीय मरीज श्रीमती रामकली बाई के जांघ की हड्डी का शुक्रवार 27 फरवरी को सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। उल्लेखनीय है कि मरीज श्रीमती रामकली बाई की जांघ की दांया हड्डी टूट जाने के कारण उनके परिजनों ने 23 फरवरी को जिला चिकित्सालय बालोद में भर्ती किया था। मुख्य अस्पताल अधीक्षक श्री आरके श्रीमाली के निर्देशानुसार अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञों के द्वारा गहन जांच के उपरांत 27 फरवरी को श्रीमती रामकली बाई के दांए जाघ की हड्डी का सफलतापूर्वक आॅपरेशन किया गया। जिला चिकित्सालय बालोद के चिकित्सकों के द्वारा समय पर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराकर सफलतापूर्वक आॅपरेशन किए जाने से मरीज श्रीमती रामकली को तत्काल राहत मिला है। विदित हो कि मुख्य अस्पताल अधीक्षक श्री आरके श्रीमाली के निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय बालोद के अस्थि रोग विशेषज्ञ डाॅ. पंकज सोरी, सर्जरी विशेष डाॅ. एनके साहू एवं निश्चिेतता विशेषज्ञ डा. अविनाश मण्डावी द्वारा बुजुर्ग मरीज श्रीमती रामकली बाई का सफलतापूर्वक आॅपरेशन किया गया। श्रीमती रामकली बाई के आॅपरेशन के कार्य में ओटी स्टाफ श्रीमती एस देवदास, श्रीमती एसनेताम, श्रीमती शिरिन, कुमारी पूर्णिमा, श्रीमती पिंकी, श्री चैतराम, श्रीमती भगवती, कोमल आदि कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- -जिले के पांचों विकासखण्डों में आयोजित समारोह में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, आला अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल-होली के पूर्व खाते में राशि अंतरित होने से जिले के किसान हुए प्रसन्नचित, कृषक उन्नति योजना को किसान हितैषी बताते हुए राज्य सरकार के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना कीबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों के खाते में 10 हजार 324 करोड़ रूपये की आदान सहायता राशि का अंतरण किया है। श्री साय आज बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम रहंगी के खेल मैदान में राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कृषक योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत किसानों के अंतर की राशि का वितरण हेतु आज आयोजित आदान सहायता वितरण कार्यक्रम के अवसर पर बटन दबाकर आॅनलाईन राशि का अंतरण किया। इस अवसर पर श्री साय प्रदेश के सभी 146 विकासखण्डों में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रमों में अपनी वर्चुअल सहभागिता सुनिश्चित की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बालोद जिले के 01 लाख 48 हजार 293 किसानों के खाते में 511 करोड़ 11 लाख 06 हजार रुपये की राशि का अंतरण किया। हर्षोल्लास एवं रंगों के पर्व होली के त्योहार के ठीक पूर्व कृषक उन्नति योजना अंतर्गत उनके खाते में समुचित राशि जमा हो जाने से पूरे प्रदेश के साथ-साथ बालोद जिले के किसानों में भी सर्वस्व हर्ष व्याप्त है। बालोद जिले के किसानों ने राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कृषक उन्नति योजना को अत्यंत किसान हितैषी योजना बताते हुए इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के अन्नदाता किसानों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने हेतु की जा रही प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के सभी पांचों विकासखण्डों के कृषि उपज मण्डी एवं प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों में भव्य एवं सफलतापूर्वक आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति डौण्डीलोहारा, गुरुर विकासखण्ड के बोहारडीह कृषि उपज मण्डी परिसर, गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति परसतराई, बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति पीपरछेड़ी एवं डौण्डी विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत किसानों के खाते में अंतर की राशि का अंतरण हेतु आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति परसतराई में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर उपस्थित थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक श्री विरेन्द्र साहू ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। इसी तरह बालोद विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति पीपरछेड़ी में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने किया। इसी तरह गुरुर विकासखण्ड के कृषि उपज मण्डी परिसर बोहारडीह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के कृषि स्थायी समिति के सभापति श्री तेजराम साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जनपद सदस्य श्रीमती नीलेश्वरी सिन्हा, श्रीमती संध्या अजेन्द्र साहू, श्रीमती सुभद्रा साहू, श्री जर्नादन साहू सहित अन्य अतिथियों के अलावा एडीशनल एसपी श्री मोनिका ठाकुर, एसडीएम श्री आरके सोनकर, कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चंद्राकर, उप संचालक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति डौण्डीलोहारा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के प्राथमिक सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रत्येक विकासखण्डों में आयोजित समारोह में कृषकोें को आदान सहायता राशि प्रमाण पत्र प्रदान करने के अलावा किसानों को उन्नत उड़द बीज एवं मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड का वितरण किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने होली त्योहार के ठीक पहले राज्य सरकार के द्वारा किसानों के खाते में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत आदान सहायता राशि के वितरण को अन्नदाता किसानों के मेहतन का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले राज्य सरकार किसानों को हर संभव मदद उपलब्ध कराकर उनके हितों की रक्षा के लिए कृतसंकल्पित है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा राज्य में बागडोर संभालने के तत्काल बाद प्रति क्विंटल 3100 रूपये की दर पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने का निर्णय लेकर उनका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दर सर्वाधिक होने के साथ-साथ धान खरीदी की व्यवस्था भी बेहतर है। अतिथियों ने इसके अलावा केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितों की रक्षा के लिए संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम रहंगी में आयोजित राज्य स्तरीय आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रम के अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के 45 हजार 688 किसानों के खाते में 169 करोड़ 04 लाख 45 हजार रूपये, गुरूर विकासखण्ड के 27 हजार 381 कृषकों के खाते में 92 करोड़ 19 लाख 71 हजार रूपये, डौण्डी विकासखण्ड के 15 हजार 900 कृषकों के खाते में 49 करोड़ 31 लाख 89 हजार रूपये, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 39 हजार 596 कृषकों के खाते में 137 करोड़ 74 लाख 36 हजार रूपये एवं बालोद विकासखण्ड के 19 हजार 728 किसानों के खाते में 62 करोड़ 80 लाख 64 हजार रूपये के आदान सहायता राशि का अंतरण किया।अपने खाते में आदान सहायता राशि जमा होने से जिले के कृषक हुए प्रसन्नचित -कृषक उन्नति योजना अंतर्गत मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य में बिक्री किए गए धान की अंतर की राशि उनके खाते में जमा होने से बालोद जिले के कृषक प्रसन्नचित होकर राज्य सरकार की इस योजना की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। इस योजना की सराहना करते हुए बालोद जिले के कृषकों ने होली त्योहार के ठीक पूर्व राज्य सरकार द्वारा उनके खाते में आदान सहायता राशि के अंतरण के अन्नदाता कृषकों के मेहतन का सही मायने में सम्मान बताया है। गुरूर विकासखण्ड के कृषि उपज मंडी परिसर बोहारडीह में आयोजित समारोह में शामिल होने पहुँचे ग्राम डोकला निवासी किसान श्री टाकेश्वर ने कृषक उन्नति योजना के माध्यम से उनके खाते में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत 52 हजार 869 की राशि अंतरित होने से बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। इसी तरह किसान श्री सुरेश कुमार ने भी आज उनके खाते में 01 लाख 51 हजार रूपये से अधिक की राशि जमा होने पर महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए राज्य सरकार को हृदय से धन्यवाद दिया। किसानों ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा होली त्योहार के ठीक पूर्व उनके खाते में समुचित राशि जमा कर रंगों एवं हर्षोंल्लास के पर्व को और अधिक रंगीन और यादगार बनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत हम किसानों के खाते में आदान सहायता राशि का अंतरण होने से पूरे प्रदेश के साथ-साथ बालोद जिले के किसान साथी भी आनंदपूर्वक होली त्योहार को मना सकेंगे। जिले के किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा एक सच्चे अभिभावक की भाँति राज्य के किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए होली त्योहार के ठीक पूर्व हमें जो सौगात दिया गया है वह वास्तव में काबिले-तारीफ है। इसके लिए जिले के कृषकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया है।
- -होली से पहले किसानों को मिली बड़ी सौगातरायपुर ।होली का त्योहार इस वर्ष किसानों के लिए केवल रंगों का नहीं, बल्कि समृद्धि और खुशहाली का संदेश लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की गई है। इससे किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल है। यह राशि किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।कोंडागांव जिले के ग्राम कतावंड के किसान श्री अड़मा राम पोयाम ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष धान खरीदी केंद्र में 150 क्विंटल धान बेचा था, जिसकी समर्थन मूल्य की राशि उन्हें पूर्व में ही उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी थी। अब होली से पहले अंतर राशि मिलने से वे बेहद खुश हैं। उन्हें लगभग 1 लाख 9 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि से वे अपने परिवार के साथ होली एवं मेले का त्योहार अच्छे से मना सकेंगे।ग्राम कुम्हारपारा के किसान श्री ग्रीकचंद्र पटेल ने बताया कि वे 14 एकड़ में आधुनिक तरीके से धान की खेती करते हैं। इस सीजन उन्होंने 180 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। उन्होंने कहा कि होली से पहले अंतर राशि मिलने से घर की आवश्यक जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ आगामी खेती कार्यों में भी सुविधा होगी। त्योहार के समय यह राशि मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत है।इसी प्रकार ग्राम कुम्हारपारा निवासी श्री गणेश प्रसाद देवांगन ने बताया कि उनके पास 10 एकड़ जमीन है और इस वर्ष उन्होंने लगभग 162 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। मूल भुगतान पहले ही प्राप्त हो चुका था, किंतु अंतर राशि होली से पहले मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। उनका कहना है कि होली के बाद खेती का नया सीजन शुरू हो जाता है, ऐसे में यह राशि पारिवारिक आवश्यकताओं के साथ-साथ कृषि कार्यों में भी उपयोगी सिद्ध होगी।किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय उनकी जरूरतों के अनुरूप है। होली से पहले आर्थिक सहायता मिलने से न केवल त्योहार की खुशियां दोगुनी हुई हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.
- - मराठी भाषा दिवस पर महाराष्ट्र मंडल में हुई संगोष्ठी, वक्ताओं ने कहा- मराठी हमारी मां, तो हम क्यों छोड़ रहे हैं अपनी मां कोरायपुर। नए नियम बना लीजिए, घर की चौखट पर कदम रखते ही आपको अपनी मातृभाषा ही बोलनी पड़ेगी, नहीं तो परिवार का कोई भी सदस्य आपकी किसी भी बात या सवाल का जवाब ही नहीं देगा। यह नियम हमारे परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है। यही कारण है कि आज भी मेरे नाती- पोते भी मराठी में बात करते हैं। मराठी भाषा दिवस पर प्रा. अनिल श्रीराम कालेले ने महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संगोष्ठी में इस आशय के विचार व्यक्त किए।प्रा. कालेले ने कहा कि हमारे बीच यह धारणा है कि पुणे के लोग प्रामाणिक मराठी बोलते हैं। विदर्भ, कोकण, खानदेश, मालवाणी, मुंबई की मराठी ऐसी ही है। मेरा कहना है हम कौन होते हैं की मराठी को प्रामाणिक और किसी की मराठी को चलताऊ कहने वाले। कम से कम उन लोगों ने अपनी मातृभाषा को छोड़ा तो नहीं है। मराठी बोल तो रहे हैं और यही प्रशंसनीय है।प्रा. अनिल ने कहा कि मेरे सामने भी यह स्थिति यदाकदा बनते रहती है। जैसे सामने वाले वहिणी बोल रहे हैं, जबकि सही शब्द वहिनी (भाभी) है। अब उनकी गलती सुधारो तो बुरा लगता है। इसलिए खामोश रहकर इतनी तसल्ली कर लेते हैं कि कम से कम मराठी में तो बात हो ही रही है। प्रा. कालेले ने कहा कि फिर भी हमें याद रखना चाहिए कि मराठी अभिजात भाषा है। अभिजात का आशय रिफाइंड या पॉलिश्ड है, जो एक प्रकार से एलीट क्लास के लिए है।वरिष्ठ सभासद शशि वरवंडकर ने कहा कि मराठी हमारी मां है। यदि हम ही अपनी मां का सम्मान नहीं करेंगे, तो बाहर का कोई व्यक्ति आकर हमारी मां का आदर क्यों करेगा। हमें दो हजार साल पुरानी अपनी मराठी भाषा का अभिमान होना चाहिए। मराठी का ज्ञान बढ़ाने के लिए मराठी की पुस्तकें पढ़नी चाहिए। इसके लिए महाराष्ट्र मंडल में लाइब्रेरी भी है।सबसे पहले कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिकेत ठोके ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से मराठी के इतिहास की ज्ञानवर्धक जानकारी दी। डॉ. ठोके ने बताया कि भारत में तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा मराठी है। पहले नंबर पर हिंदी और दूसरे नंबर पर बंगाली है। इस मौके पर उन्होंने बड़े पर्दे पर छत्रपति शिवाजी महाराज के हस्तलिखित पत्र भी दिखाए और मराठी के महत्व को समझाया।शादी के बाद अपने अनुभवों को साझा करते हुए सुरेखा पाटिल ने कहा कि भोपाल से यहां आने के बाद जब मेरी मुलाकात मराठी भाषियों से होती थीं, तो मुझे इस बात का आश्चर्य होता था कि वे मुझसे हिंदी में क्यों बात कर रहे हैं। चर्चा करते- करते मैं उन्हें मराठी बोलने पर ले ही आती थी।अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल पद्मजा लाड के माध्यम से कोरोना काल से मराठी भाषा की ऑनलाइन क्लास ले रहा है। छह साल से क्लास में शामिल होने के लिए मिलने वाली राशि वे मंडल को ही डोनेट करती हैं। मराठी भाषा को सिखाने के लिए उनका समर्पण प्रेरणास्पद है। काले ने कहा कि पहले मंडल में मराठी अखबार आते थे अब रायपुर में मराठी के समाचार पत्र नहीं आ रहे हैं। फिर भी मराठी की साहित्यिक किताबों की उपलब्धता तो यहां है। हमारे सभासद मराठी की किताबें पढ़ने लगेंगे, तो निश्चित ही हम उन्हें बेहतर पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे।कार्यक्रम का संचालन साहित्यिक समिति की प्रभारी कुमुद लाड ने किया। पद्मजा लाड ने मराठी की ऑनलाइन क्लास के संदर्भ में जानकारी देते हुए अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर मराठी निबंध स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। पुरस्कृत किए गए विजेताओं में 17 वर्ष आयुवर्ग में प्रथम कृष्णराज गणेशा जाधव, द्वितीय अनय पंडित 30 आयुवर्ग में प्रथम वैष्णवी काले, द्वितीय श्रुति आभास करकशे, 30 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा के कारण लगभग सभी स्थानों के लिए संयुक्त विजेता घोषित किए गए। इसमें सुरभि मकरंद गोखले, स्मिता मोहित चांदे, अनघा दिनकर करकशे, द्वितीय सुरेखा पाटिल, सरिता फड़के, अंजलि खेर, सुप्रिया शेष, तीसरे स्थान पर मंगल गणेशा जाधव, गणेशा जाधव पाटिल रहे। अभय भागवतकर, अक्षता पंडित, अमृता आशीष शेष और प्रतिज्ञा अय्यर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।इस मौके पर गीता दलाल, श्याम सुंदर खंगन, परितोष डोनगांवकर, दीपक पात्रीकर, प्रशांत देशपांडे, नवीन देशमुख, विजय लाड, दिनकर करकशे, अपर्णा कालेले, प्रवीण क्षीरसागर पद्मजा लाड सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक श्री बालाजी कैंसर अस्पताल का किया शुभारंभरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल परिसर में 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बालाजी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और आरोग्य की कामना की। साथ ही उन्होंने कैंसर अस्पताल के नवनिर्मित इकाइयों का शुभारंभ कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य की प्रगति और सशक्त होते आधारभूत ढांचे का स्पष्ट प्रमाण है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं और राज्य गठन के समय जहां प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं बीते वर्षों में 14 से 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने 5 से 6 नए अत्याधुनिक अस्पतालों का शुभारंभ किया है, जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कैंसर अपस्ताल में मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक दिक्कतें भी कम होगी।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. तेजस नायक, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नीता नायक, श्री आर. के. नायक, श्रीमती सत्यवती नायक तथा अस्पताल प्रबंधन और अधिकारी-कर्मचारी और आमजन उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री ने विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरु करने की घोषणा की-शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान जागरूकता को बढ़ावा देने भव्य आयोजनरायपुर ।राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह समारोह शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वाधान में कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार, शोध एवं वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस वैज्ञानिकों के योगदान को याद करने और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर है। नवजवान साथी ही अब सारथी हैं विज्ञान के सारे अभियान में शामिल हो। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए नवाचार और शोध की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्व और भारत के प्रारंभिक वैज्ञानिकों की तत्कालीन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में माता- बहनों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बस्तर में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाए, अनुसंधान करने वाले युवा वैज्ञानिकों का नाम वैज्ञानिक ग्रंथों में उल्लेख हो। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने सहित युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरुआत करने की घोषणा की। जिसमें युवा वैज्ञानिकों को देश के प्रमुख वैज्ञानिकों के जन्म स्थलों का अध्ययन भ्रमण करवाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दण्डकारण्य आमचो बस्तर विज्ञान महोत्सव का विमोचन किया। विज्ञान महोत्सव की गतिविधि मार्च से सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें सोझ - गोठ (छात्र और वैज्ञानिक वार्ता), जोहार प्रकृती (ग्राम समिति कार्यशाला), बस्तर अनुसंधान (बस्तर लोक विज्ञान सम्मेलन), लोक - वैद्य सभा (पारंपरिक वैद्य विज्ञान अध्ययन अनुसंधान व कार्यशाला) और विकास यात्रा(प्रबुद्ध जनों की गोलमेज संगोष्ठी) का आयोजन किया जाएगा ।इस अवसर पर भोपाल, रायपुर से पहुँचे विभिन्न वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवीनतम आयामों पर प्रकाश डाला। समारोह का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करना और समाज में विज्ञान के महत्व को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ प्रशांत कवीश्वर, सीएसआईआर भोपाल के निदेशक डॉ थल्लाडा भास्कर, विज्ञान भारती के श्री विवस्वान, बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने भी विचार रखे । कार्यक्रम में सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर श्री संजय पांडेय, गणमान्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -विधायक किरण सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल-कृषक उन्नति योजनांतर्गत बस्तर जिले के 40 हजार से ज्यादा किसानों को मिले 205.95 करोड़ रूपएरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर से प्रदेश के 25 लाख किसानों को 10 हजार 328 करोड़ रुपए से अधिक राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित किया। इस कार्यक्रम में वर्चुअली जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता कार्यक्रम एवं वृहद किसान सम्मेलन से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल हुए।इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने वादे के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतर की राशि को एकमुश्त देकर किसानों की होली त्योहार की खुशी को दुगुनी कर दी है। राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए संवेदनशील होकर पहल कर रही है और वर्तमान बजट में भी उनकी सहायता के लिए अनेक किसान हितैषी प्रावधान किया गया है। जिससे किसानों को उन्नत खेती किसानी के लिए सहूलियत होगी। न्होंने सहकार से समृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि बस्तर में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने सहित लघु वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण के लिए सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों को हरसंभव मदद देने, सिंचाई संसाधनों को बेहतर बनाने प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां के निवासियों की आमदनी बढ़े और बस्तर की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो।उन्होंने बस्तर की बेहतरी और तरक्की में समाज की व्यापक सहभागिता पर जोर देते हुए इस दिशा में सभी को मिलजुल कर कार्य करने का आव्हान किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक श्री किरण देव ने हल्बी में संबोधित करते हुए किसानों को होली त्योहार की हार्दिक बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार के निर्णय से किसानों के परिवारों में उत्सव का माहौल है उनकी होली की खुशियां बढ़ गई है। यह हमारी सरकार की किसान हितैषी सकारात्मक प्रयास है। वीर सावरकर भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जगदलपुर महापौर श्री संजय पांडे, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री कामदेव बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार बस्तर जिले के 40,667 किसानों को 205.95 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का वितरण किया गया। जिसमें मोटा धान पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई है। जिले में इस योजना का सर्वाधिक लाभ बकावण्ड और बस्तर ब्लॉक के किसानों को मिल रहा है, जहाँ क्रमशः 67.90 करोड़ रुपए और 55.78 करोड़ रुपए की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई।
- - 270 वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किया गया नि:शुल्क सहायक उपकरण- वरिष्ठ नागरिकों ने सहायक उपकरण मिलने पर खुशी जाहिर की- एक माह के भीतर जिले के 500 से अधिक चिन्हांकित वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 50 लाख रूपए की लागत का सहायक उपकरण का किया गया नि:शुल्क वितरणराजनांदगांव । समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को जबलपुर द्वारा गांधी सभागृह राजनांदगांव में वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री मधुसूदन यादव उपस्थित थे। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरण प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने सहायक उपकरण मिलने पर वरिष्ठ नागरिकों को बधाई दी। इस दौरान 270 वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने बताया कि समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को जबलपुर (जनरल इंश्योरेंस कार्पोरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा शिविर लगाकर सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हांकन एवं परीक्षण किया गया। एलिम्को जबलपुर द्वारा एक माह के भीतर जिले के 500 से अधिक चिन्हांकित वरिष्ठ नागरिकों को एसआर मद से लगभग 50 लाख रूपए की लागत का सहायक उपकरण का नि:शुल्क वितरण किया गया है। वरिष्ठजनों को व्हील चेयर, व्हील चेयर कमोड, वाकर, फोल्डिंग बैसाखी, टेट्रापेड, वाकिंग स्टिक, श्रवण यंत्र, सर्वाइकल कॉलर, स्पाइनल सपोर्ट, एलएस बेल्ट, फुट केयर किट, पोलीमर जेल, वनी फेश, स्टूल विथ कमोड सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किया गया। बड़ी संख्या में वरिष्ठजनों का चिन्हांकन चुनौतीपूर्ण कार्य रहा। वरिष्ठ नागरिकों ने सहायक उपकरण मिलने पर खुशी जाहिर की तथा शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया।कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला सिन्हा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती अनिता सिन्हा, सभापति जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी, पार्षद श्री शेंकी बग्गा, पार्षद श्री शरद सिन्हा, सरपंच कोपेडीह श्री चुनेश्वर साहू, सरपंच कोटरा श्री डान कुमार साहू, एलिम्को के प्रबंधक श्री नीतिन माहौर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, नायब तहसीलदार राजनांदगांव, विभाग के वरिष्ठ कलाकार श्री बीरसिंह साहू, बालकृष्ण बघेल, श्री तीहार सिंह ध्रुव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।
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- प्रदेश में राजनांदगांव जिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक में प्रथम स्थान पर
राजनांदगांव । राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के निरीक्षण के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अर्जुनी विकासखंड डोंगरगांव में राष्ट्रीय निरीक्षक डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी एवं डॉ. मधुरजय बरूवा द्वारा 2 दिवसीय एनक्यूएएस असेसमेंट सफलता पूर्वक सम्पन हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन एवं डीपीएम श्री संदीप ताम्रकार के द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। जिले से डॉ. विकास राठौर, डॉ. स्नेहा जैन, डॉ. निहारिका टीम बनाकर तैयारी कराई जा रही है। जिले के 30 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है। 83 संस्था की तैयारी पूर्ण का आवेदन किए हुए हैं, 24 का निरीक्षण हो चुका है जिसका राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र आना बाकी है। मार्च 2026 तक 7 और संस्था की तैयारी पूर्ण कर आवेदन किया जाएगा। पूरे प्रदेश में राजनांदगांव जिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक में प्रथम स्थान पर है। - राजनांदगांव जिले में मिशन जल रक्षा का असर अब दिखाई दे रहा है। जिले में गिरते हुए भू-जल स्तर के दृष्टिगत किसान रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा के क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं अन्य सभी संबंधित विभागों द्वारा समन्वित तरीके से कार्य किया रहा है। जिसके सुखद परिणाम प्राप्त हो रहे है। यह अभियान जनसहभागिता से चलाया जा रहा है तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनमानस को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। धान की फसल में पानी की अधिक आवश्यकता को देखते हुए किसानों का रूझान अब फसल विविधीकरण की ओर बढ़ रहा है। जिससे उनकी जागरूकता परिलक्षित हो रही है।छुरिया विकासखंड के किसान श्री कामता साहू ने जल संरक्षण अभियान से प्रेरित होकर 10 एकड़ में धान फसल की जगह गेहूं, चना की फसल ली है। उन्होंने बताया कि किसानों को भी ग्रीष्म ऋतु में धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है। धान के बदले प्याज फसल प्रदर्शन के तहत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धामनसरा के किसान श्री गणेश राम पटेल ने 0.5 हेक्टेयर, ग्राम कुम्हालोरी की कृषक श्रीमती प्रभा बाई मंडावी ने 1 हेक्टेयर, ग्राम कुम्हालोरी के कृषक श्रीमती पुराईन बाई ने 1.800 हेक्टेयर में प्याज की फसल लगाई है। किसानों का रूझान धनिया की फसल की ओर भी बढ़ा है। ग्राम धामनसरा के कृषक श्री मनसुख पटेल ने 0.800 हेक्टेयर में, ग्राम सुरगी के कृषक प्रद्धुम साहू ने 0.400 हेक्टेयर में, ग्राम सुरगी के कृषक श्री नेतराम साहू ने 0.400 हेक्टेयर में, ग्राम भर्रेगांव के कृषक श्री बसदेव निषाद ने 0.025 हेक्टेयर में धनिया की फसल ली है।
- -जल संरक्षण के साथ ही ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यमरायपुर। मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी अंतर्गत ग्राम पंचायत औराबांधा में एक छोटी-सी पहल ने ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत हितग्राही किसान किशन सिंह के खेत में निर्मित “आजीविका डबरी” आज जल संरक्षण, सिंचाई और मछली पालन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। हितग्राही किशन सिंह ने बताया कि पहले सिंचाई के लिए पानी की कमी बनी रहती थी, लेकिन अब डबरी बनने से खेत में वर्षभर पानी उपलब्ध रहेगा और मछली पालन से आय भी बढ़ेगी।जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में आजीविका डबरी न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण आजीविका संवर्धन का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। योजना के तहत स्वीकृत 1.94 लाख रुपये की लागत से इस डबरी का निर्माण कराया गया। कार्य के दौरान कुल 792 मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे स्थानीय मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिला और पलायन में कमी आई। निर्मित डबरी अब खेतों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज के माध्यम से सिंचाई सुविधा सुनिश्चित हुई है, जिससे खरीफ और रबी दोनों मौसमों में फसल उत्पादन की संभावना बढ़ी है। पहले जहां पानी की कमी के कारण फसल प्रभावित होती थी, वहीं अब किसान आत्मविश्वास के साथ बहुफसली खेती की ओर अग्रसर है।साथ ही, डबरी में मछली पालन की योजना से अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत विकसित हो रहा है, जो परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रहा है। जिले में आजीविका संवर्धन की दृष्टि से आजीविका डबरी निर्माण की अभिनव पहल व्यापक स्तर पर क्रियान्वित की जा रही है। वर्ष 2025-26 हेतु कुल 285 डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं और 20 पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को एकीकृत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- महासमुंद / जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायपाली में सिजेरियन (ऑपरेशन द्वारा) प्रसव सुविधा की सफल शुरुआत की गई है। यह सुविधा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अब जटिल एवं आपातकालीन प्रसव की स्थिति में महिलाओं को महासमुंद, रायपुर अथवा अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समय पर उपचार सुनिश्चित होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार आएगा। साथ ही गरीब एवं ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी।यह उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में प्रारंभ की गई है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के कुशल निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आवश्यक तैयारियां पूर्ण कीं।खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुशल नायक के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थियेटर, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप सिजेरियन प्रसव सेवा को सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा सका। इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. भागेश्वर (शुभा नर्सिंग होम), नर्सिंग टीम, प्रगति सिस्टर, समीर पटेल, स्मृति एवं अंकिता का विशेष योगदान रहा। समस्त टीम के सामूहिक प्रयासों से प्रथम सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।सिजेरियन सुविधा के तहत ग्राम खैरमल निवासी प्रमिला मांझी (27 वर्ष), पति खिरसागर मांझी का प्रसव सुरक्षित रूप से कराया गया। मां एवं नवजात दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की सतत निगरानी में हैं।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा सरायपाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित उपचार मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हों। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू होने से जिले की मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। अब जटिल प्रसव मामलों में त्वरित उपचार संभव हो सकेगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। हमारा लक्ष्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं।वर्तमान में यह सुविधा पूर्व नियोजित प्रसव के लिए प्रारंभ की गई है। शीघ्र ही इसे सभी प्रकार के प्रसव मामलों के लिए विस्तारित किया जाएगा, जिससे सेवा को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जा सके।स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सरायपाली एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों के लिए वरदान बताया है।
- -उन्नत तकनीक से खेती कर किसान चिंतामणी ने बढ़ाई अपनी आमदनीरायपुर । किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और सही मार्गदर्शन के साथ खेती करें, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम करही के किसान चिंतामणि बंजारे ने नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है। उन्होंने परंपरागत सब्जी खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 10 एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर लगभग 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उन्हें करीब 16 लाख रुपये की आमदनी हुई है।कृषक चिंतामणी ने बताया कि सामान्य फसल की तुलना में ग्राफ्टेड बैगन में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन अधिक मिलता है, परिणामस्वरूप आय दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। ग्राफ्टेड बैंगन की विशेषता इसकी मजबूत जड़ प्रणाली, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उत्पादन है। पहले वे सामान्य सब्जियों की खेती करते थे, जिसमें लाभ सीमित और जोखिम अधिक था। किंतु उद्यान विभाग के प्रोत्साहन, तकनीकी सलाह और उन्नत पौध सामग्री के उपयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी। उचित सिंचाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और नियमित देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर रही, जिससे बाजार में उन्हें अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने उनके परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव में आधुनिक कृषि की नई सोच को भी प्रोत्साहित किया है।
- रायपुर। आसन्न होली पर्व पर ग्रामों में अमन-चैन बनाये रखने आसपास के 30-32 ग्रामों के सहयोग से लगभग 33 वर्षों पूर्व सफल शराब भट्ठी विरोधी आंदोलन करने वाले आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज व आंदोलन में सहभागी रहे ग्रामों के ग्रामीणों से रायशुमारी के बाद पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है । ज्ञापन में थाना क्षेत्रों के ग्रामों को सेक्टरों में बांट सेक्टर मुख्यालयों से पुलिसिया गतिविधियां संचालित करने व होलिका दहन के दिन तक ग्रामीण सड़क मार्गों में रस्सी से अवरोध पैदा कर कथित रूप से नौनिहालों द्वारा राशि वसूलने की प्रवृत्ति के चलते दुर्घटना घटित होने की आंशका के मद्देनजर इस पर प्रभावी रोक लगाने का आग्रह किया गया है । अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर जिला ग्रामीण डा. प्रशांत शुक्ला ने प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश अपने अधीनस्थों को दिया है ।रायपुर जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित डा. शुक्ला व आरंग , मंदिर हसौद व खरोरा थाना प्रभारी को बीते कल सौंपे गये ज्ञापन में आंदोलन के अगुवाई कर चुके व शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने ग्राम भानसोज व खरोरा थाना क्षेत्र के प्रमुख ग्राम खौली सहित मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया , नारा , चंदखुरी फार्म , गोढ़ी , रीवा , मंदिर हसौद, पलौद आदि को अस्थायी सेक्टर मुख्यालय बना होली पर्व तक पुलिसिया गतिविधियां संचालित करने व सघन गश्त कराने की मांग की है । साथ ही खासकर पुलिसिया रिकार्डधारी अवैध शराब विक्रेताओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के दायरे में आने वाले असामाजिक तत्वों को त्यौहार संपन्न होने तक जमानत न मिलने देने की व्यवस्था का आग्रह करते हुये जानकारी दी गयी है कि पूर्व में ऐसे असामाजिक तत्वों को जमानत दिया जाता रहा है, जिसके चलते ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद रहते हैं ।ज्ञापन में नौनिहालों द्वारा सड़क मार्गों पर रस्सी से अवरोध डाल कथित रूप से राशि वसूलने व इन्हें परोक्ष रूप से असामाजिक तत्वों व ग्रामों के ही कतिपय नासमझ व्यक्तियों का संबल मिलने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि नशेड़ी वाहन चालकों की वजह से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है । इसके लिये ग्राम कोटवारों को सतत निगरानी का निर्देश देने व पंचायत प्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग का आग्रह करने का भी अनुरोध किया गया है ।
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दुर्ग/ शासकीय नवीन महाविद्यालय, बोरी में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट उपलब्धियां को सम्मानित करने हेतु किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जितेंद्र साहू (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ तेल धनी विकास बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त) उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पवन शर्मा जी (उपाध्यक्ष, जिला पंचायत दुर्ग) ने समारोह की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि श्री जितेंद्र साहू ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को परिश्रम अनुशासन एवं नवाचार को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए कहां की युवा शक्ति हैं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अवसर उपलब्ध कराने हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। अति विशिष्ट अतिथि श्री पवन शर्मा ने महाविद्यालय की प्रगति की शरण करती हुई विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों एवं शैक्षणिक उपलब्धियां के संतुलन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमर तलत ने की। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियो एवं नवाचारों तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। इसके उपरांत विभिन्न विषयों एवं विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जन भागीदारी प्रबंध समिति के सदस्य गण, ग्राम क्षेत्र के सरपंच गण, सामाजिक कार्यकर्ता, पालकगण, एलुमनी के प्रतिनिधि एवं महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि प्राध्यापक ,कर्मचारी गण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री मोहित कुमार एवं डॉ भारती साहू द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
- -महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठ सभासद प्रो. इंगले संचालित करतीं हैं अपना पॉडकॉस्ट भीरायपुर। सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती है। इस वाक्य को महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद प्रो. नीला इंगले ने सच कर दिखाया। महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद और नेशनल इंस्ट्रीट्यूट आफ इंजीनियरिंग (एनआईटी) की रिटायर्ड प्रोफेसर नीला इंगले ने लगभग 79 माह की आयु में 12 अप्रैल 2024 को इंग्लैंड में वाइल्टशायर ओल्ड सेरम एयर फिल्ड में 10 हजार फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग कर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज करा लिया।लिम्का बुक में इस आयु की प्रो. नीला भारत देश की पहली महिला हैं, जिन्होंने इतनी ऊंचाई से स्काई डाइविंग की हो। प्रो. नीला अपने सपनों को पूरा करने के लिए पांच साल पहले अपना पॉडकास्ट शुरू किया था। उन्होंने मराठी साहित्य की पॉडकास्ट रिकॉर्डिंग शुरू की और अब तक उन्होंने 70 से अधिक एपिसोड बने लिए हैं।मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने प्रो. नीला इंगले को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र मंडल के लिए भी गर्व की बात है। हमें इस बात की खुशी है कि आज भी वे हर उम्र के लोगों को अपनी साहसिक व सकारात्मक सक्रियता के लिए प्रेरित करती हैं।संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बताया कि प्रो. नीला ने 12 अप्रैल 2024 को 78 वर्ष 10 महीने की आयु में साहसिक स्काई डायविंग की थी। आज इस स्काई डायविंग की सिर्फ इसलिए चर्चा हो रही है क्योंकि शुक्रवार, 27 फरवरी को लिम्का बुक की ओर से प्रो. नीला को प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति संबंधी परिपत्र जारी*
बिलासपुर. राज्य शासन ने बिलासपुर में एनएच-130ए से नेहरू चौक उसलापुर पुल तक 3.20 किलोमीटर में सड़क निर्माण के लिए 4 करोड़ 25 लाख 21 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। - -मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से घर के समीप जांच एवं उपचार सुविधारायपुर। दूरस्थ वनांचल और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।बलरामपुर रामानुजगंज जिले में विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं। इन यूनिटों के माध्यम से विकासखण्ड बलरामपुर, राजपुर, कुसमी और शंकरगढ़ के सुदूर पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सीधे गांव और बसाहटों तक पहुंचाई जा रही हैं। अब ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्रों की ओर नहीं जाना पड़ता, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं उनके घर के समीप पहुंच रही हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तचाप, शुगर, हीमोग्लोबिन जैसे आवश्यक लैब टेस्ट किए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे के उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर भी किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा बुजुर्गों की देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 235 बसाहटों में 87 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 3,678 हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। पहले जहां ग्रामीण सामान्य बुखार या संक्रमण को नजरअंदाज कर देते थे या बैगा गुनिया का सहारा लेते थे, लेकिन अब वे नियमित जांच और परामर्श के महत्व को समझने लगे हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।गौरतलब है कि जिले में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में मोबाइल मेडिकल यूनिट का सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है। नियमित मॉनिटरिंग, तय रूट चार्ट और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बसाहटों में स्वास्थ्य सेवायें सुनिश्चित की जा रही है। पीएम जनमन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार निश्चित ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में दीर्घकालिक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में सशक्त प्रयास सिद्ध हो रहा है।
- रायपुर। प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई दिशा देते हुए महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले के ग्रामीण अंचलों को बड़ी सौगात मिली है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला है। मजबूत और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलती है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि सूरजपुर जिला के पहाड़गांव से गोपालपुर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग- 43 तक पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 5.10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पुल-पुलिया सहित किया जाएगा। यह सड़क क्षेत्र के अनेक ग्रामों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग के रूप में विकसित होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा और सुगम जुड़ाव सुनिश्चित होगा।इस सड़क निर्माण से आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक समय पर पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आवागमन में आसानी होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और चरणबद्ध रूप से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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*होली एवं ईद पर्व आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का निर्णय*
*पर्व में अनहोनी से निपटने जिला प्रशासन का पुख्ता इंतजाम*बिलासपुर/जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में होलिका दहन, 4 मार्च को होली एवं आगामी ईद-उल-फितर पर्व को आपसी तालमेल एवं भाईचारे की भावना के साथ सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में सभी धर्मों एवं सम्प्रदाय का सम्मान करते हुए भाईचारे के साथ सभी धर्मों के पर्वों और उत्सवों को मनाने की वैभवशाली परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि यह परम्परा आगे भी जारी रखनी है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि यह सामाजिक सौहार्द का पर्व है। सुरक्षा के सारे मापदण्डों का पालन किया जाएगा। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी, हुड़दंगियों पर, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानों पर मुखौटे बेचना प्रतिबंधित होगा।बैठक में पर्व के दौरान आपात सहायता एवं किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए पुलिस सहित नगर पालिक निगम, नगर सेना एवं सिम्स एवं जिला अस्पताल, विद्युत मण्डल आदि विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों ने पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर अपनी-अपनी सहमति जताई।नगर पालिक निगम द्वारा होलिका दहन स्थलों को चिन्हांकित कर साफ-सफाई कराई जाएगी। नियमित रूप से दो तीन बार पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस विभाग को पर्व के दौरान शहर के समस्त चौक-चौराहों, धार्मिक स्थलों, सिम्स, जिला अस्पताल सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए है। बीच सड़क पर डिस्क एवं बिजली तार के नीचे होलिका दहन नहीं किया जाएगा। पेट्रोेलिंग पार्टी की संख्या बढ़ाकर मुख्य मार्गों के साथ-साथ अंदर की गलियों में गश्त की जाएगी। नगर सेना द्वारा फायर बिग्रेेड वाहन मुस्तैद रखा जाएगा। सिम्स एवं जिला अस्पताल इस दौरान 24 घंटे खुले रहेंगे। विद्युत विभाग को पर्व के दौरान विद्युत की निरंतर आपूर्ति बनाये रखने एवं आपात स्थिति में सुधार के लिए कर्मचारियों की टीम तैनात रखे जाने के निर्देश दिए गए है।बैठक में एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहरी श्री पंकज पटेल, एसडीएम श्री मनीष साहू, शांति समिति के सदस्य श्री हबीब मेमन, श्री सुधीर खण्डेलवाल, श्री चंचल सलूजा, प्रेस क्ल्ब के अध्यक्ष श्री अजीत मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे। - रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ’कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता राशि वितरण हेतु, शनिवार 28 फरवरी को कोरबा के सीएसईबी फुटबॉल मैदान में एक विशाल जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे।जिला प्रशासन कोरबा द्वारा आयोजित इस गरिमामयी समारोह की तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। शनिवार सुबह 11ः00 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में जिले भर के हजारों किसान शामिल होंगे, जिन्हें शासन की ओर से आर्थिक सहायता राशि का वितरण किया जाएगा।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत उपस्थित रहेंगी। साथ ही गरिमामयी उपस्थिति के रूप में कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, और कृषि स्थाई समिति की सभापति श्रीमती सुष्मिता कमलेश अनंत सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मंच साझा करेंगे।किसानों को संबल देने की तैयारीकृषक उन्नति योजना का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाना और अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन स्थल पर पहुँचने की अपील की है।
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रायपुर/रायपुर प्रेस क्लब ने पारदर्शी और, स्मार्ट प्रेस क्लब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए क्लब की समस्त वित्तीय गतिविधियों को पूर्णतः डिजिटल (कैशलेस) करने का निर्णय लिया है। 1 मार्च 2026 से प्रेस क्लब में किसी भी प्रकार की प्राप्ति एवं भुगतान नकद (कैश) में नहीं किया जाएगा। सभी लेन-देन केवल डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से ही संपादित होंगे।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि क्लब के सदस्यों के बीच वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने, आय-व्यय का सटीक एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने तथा जवाबदेही को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रणाली से कार्यप्रणाली अधिक सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि यह पहल क्लब को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यकारिणी का मानना है कि डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता के साथ-साथ सदस्यों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा प्राप्त होगी।अध्यक्ष ने आगे बताया कि यह पहल प्रेस क्लब को “स्मार्ट प्रेस क्लब” के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। डिजिटलाइजेशन के इस कदम को आगे बढ़ाते हुए क्लब की अन्य प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं को भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटाइज्ड किया जाएगा, ताकि सदस्यों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।प्रेस क्लब प्रबंधन ने सभी सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे 1 मार्च से लागू हो रही इस नई व्यवस्था का पालन करें तथा डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान एवं अन्य वित्तीय प्रक्रियाएं पूर्ण करने में सहयोग करें।






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