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- बालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के 2949 अपूर्ण निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से जनपद पंचायत गुण्डरदेही में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय सघन संपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हितग्राहियों से सीधे संपर्क कर आवास निर्माण में आ रही समस्याओं का त्वरित निराकरण करना तथा उन्हें शीघ्र आवास पूर्ण करने हेतु प्रेरित करना है। अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं जनपद स्तर के नियुक्त ग्रामवार नोडल अधिकारियों के द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में संबंधित हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया गया तथा उन्हें शेष कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।इस दौरान प्रत्येक अधिकारियों ने लगभग 25-30 आवासों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों से संवाद स्थापित किया एवं उनकी समस्याओं जैसे सामाग्री की उपलब्धता, मजदूरी, तकनीकी मार्गदर्शन आदि को गंभीरता से सुना, साथ ही समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु संबधित विभागों से समन्वय स्थापित किया गया। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को यह बताया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी आवासों को समय-सीमा में पूर्ण करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्हें रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अभियान के माध्यम से न केवल आवास निर्माण की गति में तेजी लाने का प्रयास किया गया, बल्कि हितग्राहियों में योजना के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता भी बढ़ाई गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी हितग्राहियों को शीघ्र आवास निर्माण पूरा कराने के लिए सक्रिय सहभागिता निभाई गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत गुण्डरदेही अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य सहित प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बालोद. कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आदेश जारी कर जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया है। जारी आदेश में बताया गया है कि जनगणना 2027 के कार्य को सुचारू एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने हेतु जिले में जनगणना कार्य के लिए नियोजित सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया जाता है। प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण किये जाने हेतु 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक समय-सीमा निर्धारित है।जिले में जनगणना कार्य में लगे किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को कलेक्टर के पूर्वानुमोदन के बिना अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं। विशेष परिस्थतियों में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश आवेदन प्रस्तुति उपरांत अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। पूर्व में कार्यालय प्रमुख द्वारा स्वीकृत अवकाश के प्रकरणों में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से अवकाश हेतु पुनः आवेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी से अनुमोदन लिया जाना अनिवार्य होगा, अन्यथा की स्थिति में अवकाश स्वीकृति मान्य नहीं होगी। समस्त कार्यालय प्रमुख की व्यक्तिशः जिम्मेदारी होगी कि वे आदेश का पालन करें। उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0- श्रमिकों का किया जाएगा पंजीयन एवं नवीनीकरणबालोद. जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग द्वारा जिले के श्रमिकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु श्रमिक सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन 24 अप्रैल को किया जाएगा। जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि बालाजी रिसार्ट, तांदुला पुल के समीप 24 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान छत्तीगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिकों को डीबीटी केे माध्यम से लगभग 06 हजार श्रमिकों को विभिन्न योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके अलावा अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को योजना अंतर्गत चेक वितरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रमिकों के लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
- 0- प्लेसमेंट कैम्प 20 अप्रैल कोमहासमुंद. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 20 अप्रैल 2026 को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह कैम्प मचेवा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित रोजगार कार्यालय परिसर में प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 2ः00 बजे तक आयोजित होगा।जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र की कंपनी छप्प्ज् लिमिटेड द्वारा बैंकिंग सेक्टर में असिस्टेंट मैनेजर के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 22,000 रुपये से 36,000 रुपये प्रतिमाह तक वेतनमान दिया जाएगा। आवेदकों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। कैम्प में शामिल होने के लिए आवेदकों का रोजगार विभाग के पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। इच्छुक अभ्यर्थी https://erojgar.cg.gov.in/MainSite/JobSeeker/Registration WithAdhar-aspÛ या रोजगार विभाग के मोबाइल एप के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। बिना ऑनलाइन पंजीयन के अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थान पर अपनी शैक्षणिक योग्यता की छायाप्रति के साथ उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
- 0- ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य अंतर्गत ग्राम ठेकवाडीह में सर्वेबालोद. ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम ठेकवाडीह में सर्वेक्षण के दौरान डॉ. प्रकाश पतंगीवार के पास अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान ग्राम ठेकवाडीह निवासी डॉ. प्रकाश पतंगीवार ने प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां और दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों में गोंड शासकों की विस्तृत वंशावली से लेकर ब्रिटिश शासन काल के महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने समृद्ध इतिहास से रूबरू हो सकें।
- 0- कलेक्टर एवं अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर प्रस्तावित कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा कीबालोद. मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित ग्रामों के निवासियों को जिला खनिज न्यास संस्थान निधि के राशि का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विलेज एक्शन प्लान तैयार कर इसे ग्राम सभा में अनुमोदन कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील आज संबंधित जिलों के कलेक्टरों एवं प्रभारी अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव ने अपने-अपने जिले के प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास संस्थान निधि के उपयोग हेतु प्रस्तावित कार्य योजना की भी विस्तृत समीक्षा की। इस मौके पर खनिज सचिव श्री पी दयानंद, खनिज विभाग के संचालक श्री रजत बंसल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी जिला कलेक्टरों को विलेज एक्शन प्लान में प्रभावित क्षेत्रों के हितग्राहियों को शासन के विभिन्न 31 जन कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित कराने के अलावा इन ग्रामों में 14 बुनियादी आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए विलेज सैचुरेशन मॉडल पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन के 10 विशेष प्राथमिकता वाले योजनाओं और 14 आधारभूत अधोसनसर्चना के कार्य जिला खनिज निधि की प्राथमिकता के आधार पर ही ग्रामवार वार्षिक कार्य योजना तैयार कर जिला के योजना तैयार की जाए तथा 15 मई तक इसे अंतिम रूप से वेबसाइट पर प्रकाशित कराएं और उसके अनुसार ही कार्य करें।मुख्य सचिव ने इसके आधार पर ही जिला खनिज न्यास संस्थान से कार्य की स्वीकृति एवं उनका समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक कार्य योजना में सूचीबद्ध कार्यों के लिए ही राशि स्वीकृत करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार से परिवर्तन एवं संशोधन बिल्कुल भी न की जाए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत बालोद जिले को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जन कल्याणकारी कार्यों के संपादन हेतु प्रस्तावित कार्य योजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वर्चुअल बैठक के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- भिलाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 एवं अहिवारा में 40 घरों का किया भ्रमणदुर्ग. वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग एवं डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में श्री विजय सेजुले, सुपरवाईजर, श्री हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार आज प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 109 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें कोई भी पीलिया से ग्रसित नए मरीज़ नही मिले। उक्त संक्रमित क्षेत्र में पूर्व के कुल 37 पीलिया के मरीज है। जिनमें से 02 पुराने मरीज श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस, भिलाई में उपचाररत है तथा 01 पुराना जिला चिकित्सालय का मरीज़ डिस्चार्ज हुए, इस प्रकार कुल भर्ती मरीज 02 है। उक्त प्रभावित क्षेत्र में नगर निगम भिलाई की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा लक्षणयुक्त मरीजांे की (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य आतिआवश्यक जाचं की जा रही है, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।इसी प्रकार विकासखण्ड धमधा अंतर्गत 16 अप्रैल को वार्ड नं-05,06,07 अहिवारा में पीलिया की मरीजों की जानकारी होने पर 17 अप्रैल को डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार डॉ.सी.बी.एस.बंजारे जिला सर्वेलेंस अधिकारी दुर्ग, रितिका सोनवानी जिला महामारी विशेषज्ञ जिला दुर्ग, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना अग्रवाल एवं विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती रिचा मेश्राम श्री गोविंद सिंह उद्दे बी.ई.टी.ओ. के द्वारा एवं बलराम वर्मा सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ 40 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें कोई भी नये पीलिया से ग्रसित मरीज नही मिले। इस प्रकार उक्त संक्रमित क्षेत्र में 04 अप्रैल से आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 तक कुल 12 पीलिया के मरीज है। जिसमें से आज दिनांक तक कुल 06 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किये गए। इस प्रकार वर्तमान में उक्त प्रभावित क्षेत्र से कुल 03 मरीज (02 सामु.स्वा. केन्द्र अहिवारा व 01 श्री शंकराचार्य कॉलेज जुनवानी दुर्ग) में उपचार ले रहे है। वर्तमान में जिनकी स्थिति सामान्य है। आज प्रभावित क्षेत्र से कुल 07 पानी जॉच हेतु सैम्पल चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचान्दुर दुर्ग भेजा गया एवं नगर पालिका अहिवारा द्वारा पाईप लाईन की मरम्मत की जा रही है व आवश्यकतानुसार लक्षण युक्त मरीजों का (सीबीसी/एलटीएफ/आरटीएफ/विडाल) व अन्य अति आवश्यक जांच की जा रही है, वर्तमान में स्थिति पूर्णता नियंत्रण में है।पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ उपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना है।--
- 0- समाज कल्याण विभाग की पहल से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, दो साल बाद परिजनों से हुई मुलाकातरायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकीकृत महिला सहायता केंद्र ‘अपराजिता’ जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी मेहमूदा बानो हैं, जिन्हें उपचार एवं देखभाल के बाद उनके परिजनों को सुरक्षित सुपुर्द किया गया।सुश्री मेहमूदा बानो (उम्र 40 वर्ष), जो मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में पाई गई थीं, उन्हें 24 जून 2024 को रायपुर स्थित अपराजिता इंटीग्रेटेड वूमेन असिस्टेंस सेंटर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था। केंद्र में निरंतर चिकित्सा, परामर्श एवं देखभाल के परिणामस्वरूप उनकी मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।स्वास्थ्य में सुधार के पश्चात 13 अप्रैल 2026 को मेहमूदा बानो को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह पुनर्मिलन उनके जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक बना।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में स्थापित इस महिला सहायता केंद्र का उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं असहाय महिलाओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श, उपचार एवं अस्थायी आश्रय प्रदान करना है। अब तक इस केंद्र से लगभग 150 हितग्राही लाभान्वित हो चुके हैं।केंद्र द्वारा प्रत्येक माह कम से कम दो हितग्राहियों के स्वास्थ्य सुधार कर उन्हें परिजनों को सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, सुपुर्दगी के बाद भी हितग्राहियों के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी ली जाती है।समाज कल्याण विभाग की यह पहल न केवल महिलाओं के पुनर्वास में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर पुनः अग्रसर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना का लाभ लेने हेतु हेल्पलाइन नंबर 155326 एवं टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 पर संपर्क किया जा सकता है।--
- 0- नारायणपुर के युवाओं को मिला रोजगार का अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र रायपुर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण नारायणपुर जिले के श्री सौनारू राम साहू एवं श्री गोविंद कुमार नाग हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर नई राह बनाई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार में बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले से आए इन दोनों दिव्यांगजनों को रायपुर स्थित संबल केन्द्र में 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें क्षतिग्रस्त सहायक उपकरणों की मरम्मत की तकनीकी जानकारी दी गई।इस प्रशिक्षण से न केवल दोनों हितग्राहियों के कौशल में वृद्धि हुई है, बल्कि वे अब अपने क्षेत्र में अन्य दिव्यांगजनों की सहायता करने के लिए भी सक्षम हो गए हैं। इससे नारायणपुर जिले में इस योजना के सुचारू संचालन में भी मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांगजनों को अपने दैनिक जीवन के कार्यों को सुगमता से करने में सहायता मिलेगी तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में स्थापित संबल केन्द्र रायपुर में बैटरी चलित ट्रायसाइकिल, हस्तचलित ट्रायसाइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही यहां कृत्रिम हाथ एवं पैर भी बनाए जाते हैं। ‘दिव्यांग गैरेज’ परियोजना के तहत उपकरणों की मरम्मत कर दिव्यांगजनों को राहत प्रदान की जाती है।शासन के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को प्रत्येक 5 वर्ष में उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, किंतु उपयोग के दौरान उनमें आने वाली खराबियों के समाधान हेतु संबल केन्द्र एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है।यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हो रही है।
- -प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पांडेय ने सदन में प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष द्वारा किए गए विरोध पर कहा है कि इससे कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। कांग्रेस पार्टी सहित समूचा विपक्ष नहीं चाहता कि देश की आधी आबादी मातृशक्ति देश के विकास में पुरुषों के साथ कदम मिलाकर चले। कांग्रेस पार्टी आज भी मातृशक्ति को केवल वोट बैंक समझती है जो उन्हें सिर्फ चुनावी वर्ष में ही याद आती है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महिलाओं की 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ लोकसभा एवं विधानसभा में उपस्थिति हो, इस उद्देश्य से यह नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए थे। कांग्रेस पार्टी आज भी महिलाओं को केवल घर तक ही रहने के लिए समझती है। सुश्री पांडेय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश के विकास में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए यह बिल लेकर आए थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया। कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष समझता है कि महिलाओं में नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 12 वर्षों से महिलाओं के विकास एवं उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं में महिलाओं की भूमिका अग्रणी है। साथी भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के नाम से अलग से योजनाएं संचालित हो रही है। - रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने सदन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी सहित समूचे विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अभी भी महिलाओं को केवल वोट बैंक ही समझती है। आज जब महिलाएं देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर देश का नेतृत्व कर रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जो आज भी महिलाओं को घर की चारदीवारी में सीमित रखकर उनका केवल शोषण करती है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा में 33% के साथ महिलाओं की उपस्थिति हो इसके लिए यह अधिनियम लाया गया था लेकिन कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती की महिलाएं सदन में पहुंचे। कांग्रेस पार्टी यह अच्छी तरह जानती है कि अगर महिलाएं लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभा में पहुंचकर नेतृत्व करेगी तो कांग्रेस पार्टी का सफाया देश से होना तय है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री उसेंडी ने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार मिले भारतीय जनता पार्टी यही चाहती थी जिसे कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष ने महिलाओं की सहभागिता राजनीति में ना हो इसलिए विरोध किया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करके कांग्रेस पार्टी ने देश की महिलाओं के साथ एक बार फिर से छल किया है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर देशभर की महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिला लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस अधिनियम का विरोध करके महिलाओं का विरोध किया है। अब देश की मातृशक्ति आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी को पूर्ण रूप से शून्य पर ला देगी।
- -नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से देंगी जवाब - मुख्यमंत्री श्री साय-नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध, मातृशक्ति के सम्मान और भागीदारी का विरोध : मुख्यमंत्रीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि देश की मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह रुख उन करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और विश्वास पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपने सशक्त भविष्य का सपना देखा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को शासन और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को समान अवसर, राजनीतिक भागीदारी और सशक्त पहचान देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और INDI गठबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है।उन्होंने कहा कि आज देश की माताएँ और बहनें पूरी सजगता के साथ इस प्रकार के राजनीतिक रुख को देख और समझ रही हैं। नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है। महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाना ही सरकार का संकल्प है, जिसे हर परिस्थिति में पूरा किया जाएगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने संसद में 'नारी शक्ति वन्दन विधेयक' की राह में विपक्षी दलों द्वारा उत्पन्न किए गए अवरोधों और उनके नकारात्मक रवैए पर कड़ा प्रहार करते हुए विपक्षी गठबंधन के 'महिला विरोधी' चरित्र की घोर निंदा की है। श्री देव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो दल सार्वजनिक मंचों पर महिला सशक्तीकरण का ढोंग करते हैं, उन्होंने सदन के भीतर अपनी संकीर्ण मानसिकता और राजनीतिक स्वार्थ के चलते देश की आधी आबादी के हक पर कुठाराघात किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि विपक्षी दलों के लिए 'महिला सशक्तीकरण' केवल चुनावी रैलियों का एक नारा है। जब इतिहास रचने और महिलाओं को विधायी अधिकार देने का समय आया, तो विपक्ष ने अपने प्रगतिशील होने की मुखौटों को उतार फेंका। यह वही राजनीतिक कुनबा है जिसने दशकों तक इस विधेयक को ठंडे बस्ते में डाल रखा था। आज जब देश की नारी शक्ति को उनका उचित स्थान मिल रहा है, तो विपक्ष की बौखलाहट उनके 'महिला द्वेषी' राजनीतिक डीएनए को प्रमाणित करती है। श्री देव ने कहा कि विपक्ष का यह कृत्य केवल एक विधेयक का विरोध नहीं है, बल्कि देश की उन करोड़ों बेटियों और महिलाओं के सपनों का अपमान है जो राष्ट्र निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। विपक्षी नेताओं की नीयत और नीति, दोनों ही हमेशा से महिला अधिकारों के विरुद्ध रही है। श्री देव ने कहा कि विपक्षी बाधाएं हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति वन्दन' का जो यज्ञ शुरू हुआ है, वह अपनी पूर्णता तक अवश्य पहुँचेगा। देश की जनता, विशेषकर मातृशक्ति, विपक्षी दलों के इस महिला विरोधी चरित्र को देख रही है और आने वाले समय में उन्हें इसका करारा जवाब देगी।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा ने कांग्रेस और 'घमंडिया' गठबंधन के अन्य दलों द्वारा 'नारी शक्ति वन्दन अधिनियम' के मार्ग में निरंतर बाधाएँ उत्पन्न करने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा की महिला सांसद त्रय ने कहा कि दशकों तक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लटकाने, भटकाने और अटकाने वाली ताकतों का असली चेहरा एक बार फिर देश के सामने उजागर हो गया है।भाजपा सांसद त्रय श्रीमती चौधरी, श्रीमती जांगड़े और श्रीमती वर्मा ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कभी भी महिला आरक्षण को धरातल पर उतारने की ईमानदार कोशिश नहीं की। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की नारी शक्ति को उनका उचित अधिकार मिल रहा है, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अनर्गल तर्क देकर इसे रोकने का कुप्रयास कर रहे हैं। भाजपा सांसदों ने कहा कि विपक्ष द्वारा संसद के भीतर और बाहर जिस तरह का आचरण किया गया, वह देश की आधी आबादी के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। विपक्षी दलों का इतिहास रहा है कि उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित और महिला कल्याण से ऊपर अपनी संकीर्ण राजनीति और तुष्टिकरण को रखा है। 'नारी शक्ति वन्दन अधिनियम' का विरोध करना यह सिद्ध करता है कि ये दल नहीं चाहते कि भारत की बेटियां नीति-निर्माण के उच्चतम स्तर पर अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। भाजपा सांसदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष की कोई भी बाधा मोदी सरकार के 'महिला नेतृत्व वाले विकास' के संकल्प को नहीं डिगा सकती। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों के सम्मान और सामर्थ्य का वन्दन है। भाजपा सांसदों ने देश की जनता, विशेषकर महिलाओं से आह्वान किया है कि वे कांग्रेस और उसके सहयोगियों की इस दकियानूसी सोच को पहचानें, जो प्रगति के हर मार्ग में रोड़ा अटकाने का काम कर रहे हैं।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने आज नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के विरोध और इसमें अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न करने के लिए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। श्रीमती बघेल ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रहा है, तब विपक्ष केवल अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों और तुष्टीकरण के कारण इस क्रांतिकारी सुधार का विरोध कर रहा है। श्रीमती बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश पर शासन किया, लेकिन महिला आरक्षण के मुद्दे को केवल चुनावी वादे तक सीमित रखा। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे धरातल पर उतारा गया है, तो कांग्रेस अपनी विफलता को छिपाने के लिए अनर्गल तर्क गढ़ रही है। श्रीमती बघेल ने कहा कि यह अधिनियम सभी वर्गों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए है, न कि समाज को बांटने के लिए।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा है कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों को उड़ान देने वाला संकल्प है। कांग्रेस और उसके साथी दल इस ऐतिहासिक क्षण में साथ खड़े होने के बजाय बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। जनता देख रही है कि कौन महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ है और कौन केवल राजनीति कर रहा है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि आज विपक्षी दल का विरोध यह दर्शाता है कि वे नारी शक्ति को निर्णय लेने वाली संस्थाओं में देखने के मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि विपक्ष के किसी भी अवरोध के बावजूद, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को उनका उचित हक और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विपक्ष को अपनी नकारात्मक राजनीति छोड़कर राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
- -लोक कलाकारों को मिल रही नई पहचान, परंपराओं के संरक्षण को मिल रहा बढ़ावारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित चिन्हारी योजना राज्य की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाकारों को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल पारंपरिक कला रूपों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि कलाकारों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है।चिन्हारी योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोक कलाकारों, शिल्पकारों, गायकों और नर्तकों की पहचान कर उनका पंजीयन किया जा रहा है। इससे एक व्यापक सांस्कृतिक डेटाबेस तैयार हो रहा है, जो भविष्य में कला के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होगा।योजना के अंतर्गत चयनित कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तथा उन्हें राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर भी दिए जाते हैं। इसके साथ ही मेलों, उत्सवों और शासकीय कार्यक्रमों में इन कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिल रही है।चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृतिनई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देते हुए अनुभवी कलाकारों के मार्गदर्शन में युवाओं को पारंपरिक कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चिन्हारी योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू विलुप्त होती लोक परंपराओं का संरक्षण और पुनर्जीवन है। इसके तहत लोक नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक शिल्प को संरक्षित कर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान की जा रही है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों के जरिए इन कलाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, स्थानीय कला को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। चिन्हारी योजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और कलाकारों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।
- रायपुर । महासमुंद जिले के ब्लॉक महासमुंद अंतर्गत फारेस्ट ग्राउंड में तैयार किया गया बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड विशेष सुविधा प्रदान करते हुए युवाओं और बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। अगस्त 2025 में पूर्ण होकर यह मैदान आम नागरिकों और खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया है।पहले शहर में बड़े खेल मैदानों की कमी और गलियों में बढ़ती वाहनों की भीड़ के कारण बच्चों और खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलने के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान नहीं मिल पाता था। निर्माण एजेंसी हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित 4842 वर्ग फुट के सीमित क्षेत्र में विकसित यह बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड एक अभिनव समाधान के रूप में सामने आया। यह स्थान की कमी को दूर करने के साथ ही आधुनिक सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित खेल वातावरण भी प्रदान करता है।बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड में दो पालियों में सुबह 6ः00 से 9ः00 बजे तक और शाम 4ः00 से 8ः00 बजे तक संचालित इस ग्राउंड में स्कूली बच्चे, युवा और कामकाजी लोग अपनी सुविधा अनुसार खेल का आनंद ले रहे हैं। 15-20 मिनट के छोटे फॉर्मेट में खेले जाने वाले इस खेल ने व्यस्त जीवनशैली वाले लोगों को भी फिटनेस और मनोरंजन का बेहतर विकल्प दिया है। रात में फ्लडलाइट की सुविधा के कारण खिलाड़ी कार्य के बाद भी अभ्यास कर सकते हैं। ग्राउंड में फ्लोर मेट और चारों ओर मजबूत नेटिंग की व्यवस्था होने से खेल सुरक्षित हो गया है तथा गेंद खोने या आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना भी समाप्त हो गई है। कम संख्या में खिलाड़ी भी आसानी से खेल सकते हैं, जिससे यह हर आयु वर्ग के लिए उपयुक्त बन गया है। लगभग 25.07 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस परियोजना ने जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूती दी है। यह युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रही है।एन.आई.एस. क्रिकेट कोच श्री तृपेश कुमार साहू ने बताया कि बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड में अभ्यास करने से समय की बचत होती है और खिलाड़ी कम समय में अधिक अभ्यास कर पाते हैं। इससे बच्चों की तकनीक में तेजी से सुधार हो रहा है और वे प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो रहे हैं।
- रायपुर । उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शुक्रवार को कोरबा स्थित सिविल लाइन थाना परिसर में कोरबा जिले के प्रथम महिला थाना का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह थाना जिले का पहला महिला थाना होगा, जो न केवल महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम में सहायक होगा, बल्कि उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करेगा। मंत्री श्री देवांगन ने थाना का शुभारंभ करने के बाद निरीक्षक भावना खांडेकर को थाना प्रभारी का विधिवत पदभार ग्रहण कराया। इस थाने में थाना प्रभारी सहित बलों की पदस्थापना की गई है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह महिला थाना महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। इस महिला थाना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक सुरक्षित स्थान मिल सके। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने विभिन्न परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले इस परिवार के बच्चों को सम्मानित किया। थाना परिसर में एक वाटर कूलर की स्थापना की भी घोषणा की। साथ ही गर्मी में लगने वाले आमतौर पर आग से बचाव के उपाय हेतु पाम्पलेट का भी विमोचन किया।इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री पवन सिंह, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्रीमती प्रीति स्वर्णकार, पार्षद श्री अशोक चावलानी, पार्षद श्री चंद्रलोक सिंह, श्री योगेश जैन सहित अन्य विशिष्ट जल अधिक संख्या में उपस्थित रहे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव–पनगोती मार्ग पर स्थित भालू नाला पर पुल निर्माण एवं पहुँच मार्ग के कार्य का आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विधिवत भूमिपूजन किया ।लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इस पुल की लंबाई 120 मीटर तथा पहुँच मार्ग की लंबाई 362 मीटर होगी।इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा और विशेष रूप से बड़गांव, पनगोती सहित आसपास के कई गांवों के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक बारिश के मौसम में बाधित रहने वाला यह मार्ग पुल बनने के बाद वर्षभर सुगम और सुरक्षित रहेगा, जिससे स्थानीय जनजीवन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होती है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसर भी बढ़ते हैं।अम्बिकापुर के समग्र विकास और क्षेत्रवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रारंभ की गई यह परियोजना निश्चित रूप से क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस जन-उपयोगी कार्य के शुभारंभ पर क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है और उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -आदिम जाति मंत्री ने दुर्गूकोंदल में किया सर्व आदिवासी विश्राम गृह का लोकार्पणरायपुर । आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने शुक्रवार को कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल ब्लॉक मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज कल्याण विश्राम गृह का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले 04 दशक तक हिंसा, आतंक का पर्याय बन चुका माओवाद आज समाप्त हो गया है। लंबे अरसे तक दंश झेलने वाले बस्तर में अब तेजी से सर्वांगीण विकास होगा।दुर्गूकोंदल के बाजार चौक में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रदेश में माओवाद की समूल समाप्ति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेहतर रणनीति के साथ इस कार्य को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि साय सरकार के नेतृत्व में युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं सभी वर्ग के लिए बेहतर कार्य हो रहे हैं। बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। श्री नेताम ने सर्व आदिवासी समाज विश्राम गृह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे समाज के लोगों को लाभ मिलेगा और सामाजिक गतिविधियों को अच्छे ढंग से संपादित कर सकेंगे। इस अवसर पर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने भी समाज जनों को बधाई देते हुए विश्राम भवन के निर्माण को दुर्गुकोंदल क्षेत्र के लिए काफी उपयुक्त बताया।उल्लेखनीय है कि बाजार चौक दुर्गूकोंदल में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कांकेर द्वारा पीएसी मद से 43 लाख 08 हजार रुपए की लागत से उक्त भवन तैयार किया गया है, जिसका लोकार्पण आज आदिम जाति विकास मंत्री श्री नेताम ने किया। इसके पहले, उन्होंने भानुप्रतापपुर के विश्राम गृह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर क्षेत्र के समस्याओं की जानकारी ली तथा यथोचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
- -अब जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को मिलेगा दुधारू गाय, आय में होगी वृद्धि-घुमंतू गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं सर्वधन के लिए तेजी के साथ गौधाम निर्माण के निर्देश-जलवायु के अनुकूल पशुओं के संवर्धन के लिए भारतीय नस्ल और कृत्रिमगर्भाधान को दिया जाए बढ़ावा-पशुधन मंत्री श्री नेताम ने की विभागीय काम-काज की समीक्षारायपुर। पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि “पशु जन नियंत्रण (श्वान)” के तहत आवारा श्वानों के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में नगरीय निकायों के सहयोग से एनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित किया जायेगा। इन सेन्टरों में श्वान जन्म को नियंत्रित करने नसबंदी अभियान चलाया जायेगा, वही श्वान के काटने से होने वाले रैबीज बीमारी को रोकने श्वानों का टीकाकरण भी किया जायेगा। मंत्री श्री नेताम ने उक्त बातें मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।पशुधन मंत्री श्री नेताम नें बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय दिया जायेगा इससे आय में वृद्धि होगी और महिलाएं आर्थिक रूप सशक्त होंगे। उन्होंने बताया कि मीठा और पौष्टिक आहार के साथ-साथ नियमित रूप से आय का साधन उपलब्ध कराने तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले हमारी सरकार दुधारू गाय वितरण की योजना बस्तर क्षेत्र के जनजातीय महिलाओं के लिए प्रारंभ किया था। अब इसे विस्तार करते हुए राज्य में जनजातीय क्षेत्रों के सभी वर्गों के महिला हितग्राहियांे को दुधारू गाय दिया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार एनडीडीबी से समझौता किया हुआ है। उन्होंने इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि प्रदेश के जलवायु के अनुकुल भारतीय नस्ल के अलग-अलग किस्मों के गायों का वितरण किया जाना सुनिश्चित हो ताकि गौ-वंशी पशुओं के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हो सके। हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पशु-पक्षियों को जरूरतमंद हितग्राहियों को चयन कर लाभान्वित भी किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं में होने वाले विभिन्न संक्रमण रोगांे के नियंत्रण के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाए जिससे आकस्मिक होने वाले पशुधन हानि को रोका जा सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गौधाम योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों में विचरण करने वाले घुमंतु गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पशुओं को गौधामों में व्यवस्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 36 गौधाम स्वीकृत कर 32 गौधाम पंजीकृत हो चुके है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पशु संवर्धन कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोंत्पादन का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान का क्षेत्र विस्तार हेतु परिवहन आदि का भी सुचारू व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं। वहीं राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स शॉर्टेज सीमंेन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026-27 मंे इसके लिए हितग्राही अंशदान में छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पशु दुर्घटना को रोकने तेजी के साथ गौधाम स्थापित कर वहां गौ-वंशों को व्यवस्थापित तथा कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती सहला निगार, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री चंद्रकांत वर्मा, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा हैकृषि विभाग द्वारा जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में इस वर्ष 600 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद तकनीक अपनाएं, जिससे मिट्टी की सेहत में सुधार के साथ दीर्घकालीन उत्पादकता सुनिश्चित हो सके।हरी खाद के अंतर्गत ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द और बरसीम जैसी फसलों को खेत में उगाकर 40 से 50 दिन बाद जुताई कर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इसके पश्चात 2 से 3 सप्ताह बाद मुख्य फसल की बुवाई की जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में प्राकृतिक पोषक तत्वों की पूर्ति करती है।हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है, साथ ही जैविक पदार्थों में वृद्धि होती है। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बेहतर होती है और भूमि भुरभुरी एवं अधिक उपजाऊ बनती है। हरी खाद अपनाने से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, की आवश्यकता में कमी आती है।विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद का उपयोग कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उपाय है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
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-मैनपाट के मतरिंगा में शेड निर्माण का किया भूमिपूजन
-रिहंद नदी उद्गम स्थल को विकसित कर स्थानीय रोजगार सृजन पर जोररायपुर। सरगुजा क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में मैनपाट के मतरिंगा (सितकालो) में शेड निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन आज संपन्न हुआ। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।मतरिंगा (सितकालो) क्षेत्र रिहंद नदी के उद्गम स्थल के रूप में अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्ता के लिए जाना जाता है। यहां का मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखता है। प्रस्तावित शेड निर्माण से पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुलभ होंगी, जिससे इस स्थल की लोकप्रियता और भी बढ़ेगी।मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सरगुजा क्षेत्र के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। मैनपाट जैसे रमणीय स्थल को विकसित कर न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुकूल वातावरण और स्थानीय सहभागिता को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रवासियों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।



























