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- -बाल वैज्ञानिक प्रतियोगिता का आयेाजन जशपुर में 12 से 15 नवम्बर तकरायपुर । राज्य शासन के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन जशपुरनगर में किया जाएगा। यह आयोजन 12 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय जशपुर में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में दुर्ग, दंतेवाड़ा, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, रायगढ़, कांकेर, रायपुर एवं कवर्धा सहित कुल 9 जोन के प्रतिभागी बच्चे एवं बी.एड., डी.एड. के प्रशिक्षु शिक्षक सम्मिलित होंगे। कुल 427 प्रतिभागी इस राज्य स्तरीय आयोजन में भाग लेंगे।प्रतियोगिता में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के साथ-साथ पश्चिम भारत विज्ञान मेला, विज्ञान नाटिका, प्रश्न मंच, विज्ञान संगोष्ठी तथा विज्ञान क्लब प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। कलेक्टर कार्यक्रम के सुचारु संचालन हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक कुमार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर होंगे, वहीं सहायक नोडल अधिकारी के रूप में श्री प्रदीप कुमार साहू अपर कलेक्टर जशपुर और श्री प्रशांत कुमार कुशवाहा डिप्टी कलेक्टर कार्य करेंगे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन नोडल अधिकारी के समन्वय से सुनिश्चित करें, जिससे कि राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रतियोगिता का आयोजन सुचारु, सफल और गरिमामय रूप से संपन्न हो।कलेक्टर जशपुर ने कहा कि इस आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना, तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता तथा शोध अभिरुचि को विकसित करना है। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए एक प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें विज्ञान के प्रति जागरूकता और समाज में वैज्ञानिक सोच के प्रसार हेतु प्रेरित करेगा। उन्होंने बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- रायपुर ।प्रकृति की गोद में बसा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण है, पर इसके पहाड़ी एवं वनों से आच्छादित भूभाग से यहां पेयजल संकट कई बार गहरा जाता था। नवीन जिला बनने के बाद हर घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए जिले में किए जा रहे कार्यों ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। जल जीवन मिशन एवं अन्य परि योजनाओं के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से शुद्ध पेयजल सुविधा पहुंचाने का कार्य तेजी से हुआ है। वर्ष 2022 में जिले में कुल 4747 हैंडपंप क्रियाशील थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 4804 हो गए। इस अवधि में 57 नए हैंडपंप की स्थापना की गई और 240 नलकूपों का खनन आधार स्रोत के रूप में किया गया। हैंडपंप योजनाओं से लाभान्वित ग्रामों की संख्या भी 55 से बढ़कर 207 हो गई।नल जल योजनाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ वर्ष 2022 में 229 योजनाएं संचालित थीं, वहीं वर्ष 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 500 हो गई। इन योजनाओं से लाभान्वित परिवारों की संख्या अब 14 हजार बढ़कर 48 हजार तक पहुँच गई। जिससे जिले के हजारों परिवारों को अब घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।जिले के 126 ग्राम हर घर जल पहुंच रहा है एवं 114 ग्राम हर घर जल प्रमाणित हो चुके हैं। सोलर ड्यूल पंप योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 में 262 पंप स्थापित थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 470 हो गए हैं, जिससे विद्युत-विहीन ग्रामों को भी पेयजल सुविधा प्राप्त हुई है। वहीं एकल ग्राम जल योजना के अंतर्गत 370 योजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से 158 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा 21 हजार परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए हैं।इसी प्रकार समूह जल प्रदाय योजना के तहत वर्ष 2022-25 के दौरान 102 योजनाएं क्रियान्वित की गई और वर्ष 2025 तक इनकी संख्या 115 तक पहुंच गई। इन सभी योजनाओं के औसतन 73 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इस तरह मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में वर्ष 2025 तक लगभग 48 हजार 514 परिवारों को घर-घर नल से शुद्ध पेयजल सुविधा प्राप्त हो चुकी है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हर घर जल के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
- रायपुर। श्रीमती रितु मेश्राम एक शिक्षिका होने के साथ-साथ प्रकृति प्रेमी भी हैं। हरे-भरे पौधों और स्वच्छ वातावरण से उनका गहरा जुड़ाव है। घर के आंगन से लेकर छत तक वे हरियाली से सजा कर रखती हैं। बच्चों को पढ़ाते समय वे हमेशा पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाती हैं और यही सीख वे अपने जीवन में भी उतार रही हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपने घर की छत पर जुलाई माह में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाया। सोलर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी सहभागिता निभा रही है।समृद्धि कॉलोनी, बलौदाबाजार निवासी रितु मेश्राम ने बताया कि पहले हर महीने आने वाला बिजली बिल एक बड़ी चिंता थी लेकिन अब सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से यह बोझ लगभग शून्य हो गया है। सरकार द्वारा मिली सब्सिडी ने इस पहल को और भी आसान बना दिया। सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि घर की छत न केवल बिजली पैदा कर रही है बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में भी योगदान दे रही है।रितु मेश्राम कहती हैं कि सौर ऊर्जा की यह रोशनी सिर्फ उनके घर को ही रोशन नहीं कर रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी उजाला दे रही है। यह योजना न सिर्फ आर्थिक राहत देती है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा भी देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए रितु मेश्राम कहती हैं कि उन्होंने ऐसा मार्ग दिखाया, जिससे लोग पर्यावरण संरक्षण के साथ आत्मनिर्भर हो रहे हैं ।
- -बस्तर में साग-सब्जी, फलों की खेती से चमत्कारिक बदलावरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नक्सल उन्मूलन की नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं ने बस्तर में विकास की नई इबारत लिख दी है। बस्तर के किसानों ने पारंपरिक धान, सरसों की खेती के साथ-साथ अब साग-सब्जी, फल, फूल की खेती से भी फायदा लेना शुरू कर दिया है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज की जगह फलों और फूलों की खुशनुमा महक बिखर रही है। बस्तर में यह बदलाव कोई संयोग नहीं, बल्कि मेहनत, नवाचार और दूरदर्शिता का परिणाम है। वर्ष 2001-02 में सब्जियों की खेती महज 1,839 हेक्टेयर में सिमटी थी और उत्पादन केवल 18,543 मीट्रिक टन था। आज वही इसमें लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है की अब सब्जियों का रकबा 12,340 हेक्टेयर चुका है और उत्पादन 1.90 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है।बस्तर विश्व पटल पर एक ऐसा नाम जो कभी नक्सल की काली छाया और पिछड़ेपन की गहरी खाई में डूबा माना जाता था, आज वह बस्तर कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बहुल इलाके में अब पारम्परिक खेती के स्थान पर टमाटर और मिर्च की खेती न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक अपनी पहुंच भी बना रही है। अब बस्तर की मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट की लालिमा, अमरूद की मिठास, चकोतरा की ताजगी, पपीते का रस और मिर्च की तीखापन खेतों में लहलहा रहे हैं। वे फल एवं मसाले जो कभी यहां उत्पादित नहीं हुए अनुकूल वातावरण और वैज्ञानिक सलाह से विकास की नई गाथा लिख रहे हैं।बस्तर में फलों की बगिया 643 हेक्टेयर से बढ़कर 14,420 हेक्टेयर तक पहुंच गई है एवं उत्पादन 4,457 मीट्रिक टन से बढ़कर 64,712 मीट्रिक टन हो गया। यहां के किसानों द्वारा राज्य निर्माण के पूर्व कभी व्यापारिक स्तर पर फूलों की खेती नहीं की गयी थी आज वहां 207 हेक्टेयर में 13 सौ मीट्रिक टन फूलों का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार मसाले इस क्षेत्र में सीमित मात्रा में उत्पादित होते थे अब 11 सौ हेक्टेयर से 9,327 मीट्रिक टन मसालों का उत्पादन यहां हो रहा है। औषधीय एवं सुगंधित पौधे जो कभी सीमित मात्रा में होते थे उनका भी किसानों द्वारा 66 सौ मीट्रिक टन से अधिक का उत्पादन किया जा रहा है।इस हरित क्रांति में शासन की योजनाओं एवं आधुनिक तकनीक से आमूल चूल परिवर्तन दिखाई दिए हैं। एक ओर जहां किसानों को रियायती दरों पर आदान समाग्री प्राप्त हुई है वहीं शेडनेट योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागबानी मिशन से किसानों का उद्यानिकी फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। जिसका मुख्य कारण लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और सहायतासे है। जिससे किसानों ने लाभ लेकर जिले में 3.80 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस लगाए गए हैं, करीब 19 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस, शेडनेट द्वारा 1.47 लाख वर्गमीटर में हाईब्रिड बीज भी तैयार किए जा रहे हैं जिनके लिए उन्हें शासन द्वारा अनुदान भी प्राप्त हुआ है।जगदलपुर के आसना में प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग यूनिट भी स्थापित है जो रोग-मुक्त पौधे न्यूनतम कीमत पर किसानों को मुहैय्या करवा रहे हैं।सिंचाई के क्षेत्र में भी लगभग 3.5 हजार हेक्टेयर में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम बिछाकर पानी की हर बूंद को सोना बनाया जा रहा है। ऑयल पाम योजना के तहत 735 हेक्टेयर में 499 किसानों द्वारा आधुनिक तरीकों से पाम की खेती की जा रही है वहीं बास्तानार में 58.64 हेक्टेयर में विशेष रूप से कॉफी एवं 20 हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की कृषि की जा रही है।बस्तर की यह यात्रा आंकड़ों से कहीं आगे है, यह उन सैकड़ों किसानों की मुस्कान है, जो कभी बादलों के रहम पर जीते थे और आज तकनीक, प्रशिक्षण और सरकार की योजनाओं के सहारे अपने सपने बुन रहे हैं। माओवादियों की बंदूकें अब खामोश हैं, और खेतों में नई फसलें गुनगुना रही है। बस्तर के लोग अब आजीविका के समुचित साधनों के जरिए जीवन-यापन को बेहतर करने सहित खिलखिला रह रहे हैं।
- -मुख्यमार्ग से जुड़कर सड़क रास्तों से सरई ग्राम तक पहुंच रहा विकासरायपुर । कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल और बैगा बाहुल्य क्षेत्र जो कभी सड़कों के आभाव में विकास से वंचित थे अब वहां विकास की नई किरण पहुंच रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत अब ऐसे दुर्गम ग्राम भी सड़क मार्ग से जुड़ रहे हैं, जहां पहले पहुंचना बेहद कठिन था। जिले के बोड़ला विकासखंड के सरई गांव तक वर्तमान में सड़क का निर्माण पूरा किया गया है।इस सड़क निर्माण से यहां रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति 51 बैगा परिवारों के 371 सदस्यों को मुख्यमार्ग तक पहुंच सुनिश्चित हुई है। पहले यहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था, गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाता था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। बारिश के मौसम में स्थिति और भी कठिन हो जाती थी। अब सड़क बनने से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गयी है। एंबुलेंस गांव तक पहुंच जाती है, जिससे आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिल पा रही है। बच्चों को स्कूल, किसानों को बाजार और ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं के लिए अब शहर जाना आसान हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से गांव में विकास की नई संभावनाएं खुल गई हैं। अब वाहन सीधे गांव तक आ सकते हैं, जिससे कृषि उपज की बिक्री में सुविधा हो रही है। महिलाएं भी बाजार या स्वास्थ्य केंद्र पहुंच सुगम हो रही हैं। वे बताती हैं कि पहले सड़क नहीं थी तो शहर जाने में आधा दिन लग जाता था। अब 15 मिनट में सड़क तक पहुंच जाते हैं। बच्चे स्कूल आसानी से जा पा रहे हैं और मरीजों को तुरंत एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। ये हमारे जीवन के लिए बहुत बड़ा बदलाव है।जनमन योजना ने वनांचल वासियों के जीवनधारा बदली है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत यह सड़क निर्माण कार्य न सिर्फ भौगोलिक दूरी मिटा रही है बल्कि सामाजिक और आर्थिक दूरी भी घटा रही है। इस पहल से अब वनांचल के लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री संतोष ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत कवर्धा में वर्ष 2023-24 से अब तक जिले में जनजातीय बहुल क्षेत्रों तक पहुंच मार्ग निर्माण हेतु कुल 76 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनमें से 8 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि अन्य सड़कें निर्माणाधीन हैं।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना से श्री शोभनाथ का सपना हुआ साकाररायपुर। बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत लुरगीकला के निवासी श्री शोभनाथ का जीवन तब बदल गया, जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उन्हें पक्का घर मिला। कभी मिट्टी की दीवारों वाले कच्चे घर में रहने वाले परिवार के लिए हर बरसात भय का कारण थी—न दीवारों का भरोसा, न छत की सुरक्षा।मजदूरी कर परिवार चलाने वाले शोभनाथ लंबे समय से मजबूत आशियाने का सपना देख रहे थे। प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और वर्ष 2024-25 में योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्राप्त कर पहली किश्त की राशि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मनरेगा के माध्यम से स्वयं लगन से कार्य करते हुए अपने घर का निर्माण शुरू किया। धीरे-धीरे खड़ी हुई दीवारें अब उनके सपनों का साकार रूप बन चुकी हैं।आज शोभनाथ आत्मविश्वास के साथ कहते हैं—“पहले बारिश में नींद नहीं आती थी, अब पक्के घर की सुरक्षा में सुकून भरी नींद नसीब होती है।” अब उनके बच्चे भी खुले आँगन में निश्चिंत होकर खेलते हैं।प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरी है। इस योजना ने न केवल कमजोर तबके को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया है, बल्कि उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया है।
- रायपुर,। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत आज रतनपुर क्षेत्र के भाग संख्या 134 के बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ चौथ कुमार पटेल द्वारा स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल को Enumeration form (गणना पत्रक ) प्रदान किया गया।इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतंत्र में उसकी सशक्त भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ें, सुधार कराएं या आवश्यक परिवर्तन करवाएं ताकि आगामी चुनावों में वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।बीएलओ द्वारा ईएफ फॉर्म प्रदान किए जाने का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि इस अभियान के प्रति जन जागरूकता बढ़े और कोई भी योग्य नागरिक का नाम छूटे नहीं तथा कोई भी अयोग्य व्यक्ति का नाम जुड़े नहीं । इस दौरान बीएलओ ने मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधा और नए पंजीकरण के लिए उपलब्ध पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं ताकि शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने इस पहल को “सशक्त लोकतंत्र का आधार” बताते हुए कहा कि एक मत भी देश की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों को प्रेरित किया कि वे अपने आस-पास के लोगों को भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रेरित करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बीएलओ ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पात्र मतदाताओं को उनके घरों तक फॉर्म पहुँचाए जा रहे हैं तथा बूथ स्तर पर सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। वहीं ई-मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को भी अधिक सरल बनाया गया है ताकि युवा मतदाता और नए पंजीकरणकर्ता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकें। रतनपुर क्षेत्र में चल रहे इस अभियान के तहत जनजागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नुक्कड़ संवाद, पोस्टर प्रदर्शन और विद्यालय स्तर पर “मतदाता बने युवा” थीम पर कार्यक्रम शामिल हैं। Enumeration form (गणना पत्रक ) वितरण का यह चरण जिले के लिए एक उदाहरण बन गया है जहाँ जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।
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-छत्तीसगढ़ बना 'जल आत्मनिर्भर राज्य' का मॉडल
-42000 से अधिक किसानों को मिली सिंचाई से कृषि में आत्मनिर्भरता-25 वर्षों में सिंचाई का रकबा 87 हजार से बढ़कर 1 लाख 13 हजार हेक्टेयर-265 रिचार्ज पिट एवं 300 सोक पिट का निर्माण कर वर्षा जल का पुनर्भरण किया सुनिश्चितरायपुर। "जल ही जीवन, जल ही विकास" और "हर खेत तक पानी - हर किसान के चेहरे पर मुस्कान" के मूलमंत्र पर चलते हुए, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन (वर्ष 2000) के बाद तांदुला जल संसाधन संभाग दुर्ग ने बीते 25 वर्षों में सिंचाई विकास, जल संरक्षण, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार की कृषक-केंद्रित नीतियों के परिणामस्वरूप, विभाग ने छत्तीसगढ़ को "जल आत्मनिर्भर राज्य" बनाने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। विभाग की प्राथमिकताएँ स्पष्ट हैं: जल संसाधनों के माध्यम से 'जल से जनकल्याण', सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से 'सिंचाई में समृद्धि', और आधुनिक कार्यप्रणाली द्वारा 'तकनीक से पारदर्शिता' सुनिश्चित करना ही इसका मुख्य ध्येय है।सिंचाई विकास: अभूतपूर्व विस्तार और सुदृढ़ीकरणतांदुला जल संसाधन संभाग ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में क्रांति ला दी है। राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल 97 सिंचाई परियोजनाएँ संचालित थीं, वहीं वर्तमान में 118 परियोजनाएँ सक्रिय रूप से क्रियान्वित हैं। नहरों की लंबाई 1148 कि.मी. से बढ़कर 1349 कि.मी. हो गई है, जिससे जल आपूर्ति प्रणाली अधिक विस्तारित हुई है। अविभाजित दुर्ग ज़िले में सिंचाई का रकबा 87,930 हेक्टेयर से बढ़कर वर्तमान में 1,13,538 हेक्टेयर हो गया है। तकनीकी नवाचार ने वितरण प्रणाली में जल अपव्यय को न्यूनतम किया है। नहर लाइनिंग, सुदृढ़ संरचनाएँ और गेट स्वचालन का उपयोग किया गया है। दुर्ग-बालोद अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों को स्थायी जलापूर्ति के लिए खरखरा-शिवनाथ नदी पाइपलाइन योजना (₹1520 करोड़) और तांदुला ऑगुमेंटेशन सहगांव उद्वहन सिंचाई योजना (₹238 करोड़) जैसी विशाल परियोजनाएँ शुरू की गई हैं, जिसने 18,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्तहो रही है। उद्वहन सिंचाई योजनाओं द्वारा ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भी जलापूर्ति संभव हुई है, जिससे "अंतिम छोर तक सुगम सिंचाई - अंतिम खेत तक पानी की गारंटी" सुनिश्चित हुई है। इस वर्ष भू-जल पुनर्भरण हेतु 265 रिचार्ज पिट एवं 300 सोक पिट का निर्माण कर वर्षा जल का पुनर्भरण सुनिश्चित किया गया है।कृषि समृद्धि और जल प्रबंधन में उपलब्धियाँतांदुला जल संसाधन संभाग के प्रयासों से 42,000 से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष सिंचाई सुविधा मिली है, जिसने कृषि से आत्मनिर्भरता तक की उनकी यात्रा को मजबूत किया है। सिंचाई सुविधा के कारण फसल उत्पादकता में 30-40 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है और रबी फसल का क्षेत्रफल दोगुना हो गया है। "प्रति बूंद अधिक फसल" के उद्देश्य से स्प्रिंकलर एवं ड्रिप प्रणाली को प्रोत्साहन दिया गया है। "कृषक जल उपयोग समितियों" के माध्यम से जल वितरण में सहभागिता और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। इन सुविधाओं से कृषि आधारित लघु उद्योग, प्रसंस्करण एवं मत्स्य पालन को प्रोत्साहन मिला है, जिससे कृषक आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता स्थापित हुई है, साथ ही हरित क्रांति को नई दिशा मिली है। जल संरक्षण के मोर्चे पर, विभाग ने वर्षा जल संचयन हेतु तालाब, बांध, परकोलेशन टैंक और रिचार्ज संरचनाएँ निर्मित की हैं। डी-सिल्टिंग, मरम्मत एवं आधुनिकीकरण से जलाशयों की संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन और जल बजटिंग प्रणाली से जल उपयोग का वैज्ञानिक एवं संतुलित नियोजन किया जा रहा है। महिला एवं स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से जल प्रबंधन को सामुदायिक स्वरूप दिया गया है। "जल शक्ति अभियान" के अंतर्गत "पानी बचाओ, जीवन बनाओ" जन-जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया गया है, जो "भू-जल पुनर्भरण - भविष्य की सुरक्षा" के सिद्धांत पर सतत कार्य कर रहा है।तकनीकी उत्कृष्टता, पारदर्शिता और सामाजिक लाभतांदुला जल संसाधन संभाग ने जल प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए "डिजिटल जल क्रांति" की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। डीजीपीएस, ड्रोन सर्वेक्षण, जीआईएस मानचित्रण द्वारा सटीक स्थल सर्वेक्षण किया गया है। रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम (आरटीएमएस) से नहरों एवं जलाशयों की निगरानी में दक्षता आई है और प्रस्तावित स्काडा (एससीएडीए) प्रणाली से गेट संचालन का स्वचालन संभव होगा, जिससे मानव त्रुटि में कमी आएगी। ई-ऑफिस और ऑनलाइन प्रोजेक्ट ट्रैकिंग सिस्टम से पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। इन उपलब्धियों से सामाजिक एवं पर्यावरणीय स्तर पर भी बड़ा लाभ हुआ है। सिंचाई सुविधा से ग्रामीण पलायन में कमी आई है और स्थिर आजीविका में वृद्धि हुई है। भू-जल स्तर में वृद्धि से पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हुआ है। साथ ही तालाबों एवं जलाशयों में जैव विविधता संरक्षण और मत्स्य पालन को बढ़ावा मिला है। "हर ग्राम, हर घर - जल सुरक्षा" का अभियान अब जन-आंदोलन बन चुका है। प्रशासनिक सुधार के तहत जल नीति 2025 के अंतर्गत सतत उपयोग और जल मूल्य निर्धारण पर कार्य किया जा रहा है। राज्य स्तर जल डेटा पोर्टल से सभी आँकड़े सार्वजनिक किए गए हैं और जन शिकायत निवारण प्रणाली से जनता का विश्वास सुदृढ़ हुआ है।भविष्य की दिशा और अटूट संकल्पभविष्य की दिशा में, विभाग "प्रति बूंद अधिक फसल" लक्ष्य के अंतर्गत माइक्रो सिंचाई प्रणाली और नहरों का पूर्ण आधुनिकीकरण कर रहा है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों के विस्तार और एनीकट को बैराज में रूपांतरित करने की योजना पर कार्य चल रहा है। जल संसाधन विभाग का अटूट संकल्प है कि राज्य के प्रत्येक किसान तक जल पहुँचाया जाए और सिंचाई क्षमता में निरंतर वृद्धि की जाए। इसके साथ ही, जल का न्यायसंगत एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की एक आत्मनिर्भर प्रणाली विकसित की जाए। इन संकल्पों के साथ विभाग यह सुनिश्चित करता है कि छत्तीसगढ़ में "जल ही जीवन, जल ही विकास - यही छत्तीसगढ़ का विश्वास" हमेशा कायम रहे। -
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में लाल किले के करीब हुए धमाके की घटना में मृत लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ''दिल्ली के लाल किले के पास कार में हुए धमाके की घटना अत्यंत हृदय विदारक है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। केंद्र सरकार और हमारी केंद्रीय एजेंसियां स्थिति की सतत समीक्षा कर रही हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।'' दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम को एक यातायात सिग्नल पर धीमी गति से चल रही एक कार में जोरदार विस्फोट होने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई वाहन जलकर खाक हो गए।
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*नई दिल्ली में आयोजित कॉनक्लेव में ‘क्षमता विकास’ सत्र की अध्यक्षता की, कहा शहरी व्यवस्थाओं में सुधार व नवाचार के लिए नगरीय निकायों में समग्र क्षमता विकास जरूरी*
*केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के दो दिवसीय कॉनक्लेव में बेहतर नागरिक सुविधाओं और टिकाऊ विकास पर हुआ मंथन*
*देशभर से 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी, इनमें राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्री, नीति निर्माता, शहरी योजनाकार, विशेषज्ञ, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारी और अधिकारी शामिल*
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल अर्बन कॉनक्लेव में शामिल हुए। नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (IICC) में आयोजित इस राष्ट्रीय कॉनक्लेव में देशभर के 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विशेषज्ञों, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों ने बेहतर नागरिक सुविधाओं व शहरों के टिकाऊ विकास (Sustainable Development) की नीतियों पर दो दिनों तक मंथन किया।
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुए राष्ट्रीय शहरी महासम्मेलन (National Urban Conclave) में समग्र शहरी प्रबंधन से जुड़े सात विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कॉनक्लेव में क्षमता विकास विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नगरीय निकायों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं एवं कार्यो का उल्लेख करते हुए निकायों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता तथा उनके नियमित क्षमता विकास के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने नगरीय निकायों में विभिन्न सेवाओं एवं कार्यों में संलग्न प्रथम पंक्ति से अंतिम पंक्ति तक के अधिकारियों-कर्मचारियों के समग्र क्षमता विकास की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
श्री साव ने बेस्ट प्रेक्टिसेस एवं विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों के अवलोकन तथा कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन तथा क्लास-रूम सेशन्स, ऑनलाइन आदि माध्यमों से नियमित क्षमता विकास पर जोर दिया। श्री साव ने शहरी व्यवस्थाओं में सुधार एवं नवाचार पर आधारित क्षमता विकास सत्र में शहरी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने अधोसंरचना विकास के साथ क्षमता विकास के महत्व और आवश्यकता पर विस्तार से अपनी बात रखी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कॉनक्लेव में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वच्छता संबंधी कार्यों पर आधारित काफी टेबल बुक भेंटकर स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने भारत सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नगरीय प्रबंधन के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री रिमिजियुस एक्का, दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पाण्डेय, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, दुर्ग नगर निगम के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल और जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त श्री प्रवीण कुमार वर्मा भी कॉनक्लेव में शामिल हुए।
*कॉनक्लेव में इन विषयों पर हुआ मंथन, नए कार्यक्रमों की भी लॉन्चिंग*
कॉनक्लेव के अलग-अलग सत्रों में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विशेषज्ञों, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों ने दो दिनों तक सर्कुलर इकोनॉमी, क्षेत्रीय योजना, क्षमता निर्माण, शहरी शासन, हाउसिंग इको-सिस्टम, शहरी आजीविका एवं गरीबी उन्मूलन तथा निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (Construction & Demolition Waste) प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।
कॉनक्लेव में डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम (DRAP) का शुभारंभ किया गया। इसके तहत केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा उच्च प्रभाव वाले स्थलों पर केंद्रित डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम के लिए 8.8 करोड़ मीट्रिक टन लिगेसी अपशिष्ट के निपटान का लक्ष्य तय किया गया है। कॉनक्लेव में स्वच्छ भारत मिशन ज्ञान प्रबंधन इकाई (KMU) के गठन की घोषणा की गई। यह इकाई शहरी स्वच्छता के लिए ज्ञान, सृजन और संस्थागत शिक्षा का राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। हुडको (HUDCO) द्वारा विकसित अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UWIN) का भी शुभारंभ किया गया। यह मंच शहरी परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करेगा। जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने ‘जल ही जननी’ गीत को भी इस दौरान लॉन्च किया गया। -
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 11 नवम्बर को बिलासपुर में राउत नाच महोत्सव में शामिल होंगे। वे नई दिल्ली और गुजरात प्रवास से लौटने के बाद 11 नवम्बर को दोपहर ढाई बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल से सड़क मार्ग से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। वे शाम पांच बजे बिलासपुर के बहतराई इंडोर स्टेडियम में युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार संघ सृजन के भव्य नाट्य अविष्कार में शामिल होंगे। वे रात सवा आठ बजे एस.ई.सी.एल. मुख्यालय के सामने सरकंडा खेल मैदान में ब्राम्हण प्रीमियर लीग-2025 में शामिल होंगे।
श्री साव रात नौ बजे बिलासपुर के मंगला में 27वें राउत नाच महोत्सव में शामिल होंगे। वे रात पौने दस बजे बिलासपुर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे रात पौने 12 बजे वापस रायपुर पहुंचेंगे। -
बिलासपुर/ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रेस वार्ता लेकर सरदार @150 यूनिटी मार्च के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। यह आयोजन लौह पुरुष सरदारवल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है। जो बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में आयोजित होगी।
यूनिटी मार्च, लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल कि 150 वी जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित एक राष्ट्रव्यापी जन अभियान हैं। सरदार पटेल का दृढ़ नेतृत्व कूटनीतिक कौशल और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज भी पीढियों की प्रेरित करती है और यूनिटी मार्च यात्रा उनकी अमर विरासत को समर्पित है। यह यात्रा सरदार पटेल के एकीकृत भारत के दृष्टिकोण को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और आत्मर्निभर भारत के मिशन से जोड़ते हुए जनभागीदारी से एक सका राष्ट्रीय अभियान बनाएगी।
अभियान का विवरणः बिलासपुर ससंदीय क्षेत्र में 11 नवंबर 2025 से 13 नवबर 2025 तक तीन दिवसीय पद यात्रा का आयोजन किया जाएगा। पदयात्रा के दौरान 150 कार्यकर्ता का दल सपूर्ण यात्रा में रहेगा। इस पद यात्रा के दौरान स्वदेशी भारत-आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, स्वच्छता दीदीयों का सम्मान महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण युवा विभूतियों का सम्मानः बाजार संपर्क, स्थानीय कलाकारों का सम्मान, स्थानीय लोक नृत्यों का आयोजन, एक पेड़ मां के नाम, स्वछता के लिए श्रम दान, वरिष्ठजनों का सम्मान, प्रबुद्धजनों का सम्मान, जैसी गतिविधिया होंगी।
*यात्रा का तिथि एवं रूट (कहाँ से कहाँ तक)*
11 नवम्बर 2025 को सुबह 11 बजे बिल्हा विधानसभा के माँ काली मंदिर प्रांगण तिफरा में सभा एवं पदयात्रा का शुभांरभ होगा जो बिलासपुर विधानसभा में राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, देवकीनंदन चौक, शनिचरी, (बिलासा चौक), बेलतरा विधानसभा के चॉटीडीह (रपटा चौक), भारत माता चौक, चॉटीडीह, शबरी माता नवीन कन्या महाविद्यालय बिलासपुर में प्रथम दिवस पदयात्रा का सभा के उपरान्त समापन होगा होगा एवं रात्रि विश्राम रतनपुर महामाया धर्मशाला में होगा।
12 नवम्बर 2025 समय सुबह 10 बजे माँ महामाया के दर्शन कर पदयात्रा हेतु कोटा नगर प्रस्थान। कोटा में पड़ावपारा में सभा, राम मंदिर चौक, जनपद कार्यालय कोटा, चंडीमाई चौक, महाशक्ति चौक, जयस्तम्भ चौक, तखतपुर विधानसभा में थाना सकरी के पास से पूर्व माध्यमिक शाला सकरी तक, मस्तुरी विधानसभा में राधा कृष्ण मंदिर वेदपरसदा से मस्तुरी हाई स्कूल तक पदयात्रा रहेगी। (रात्रि विश्राम लोरमी जिला मुंगेली).
13 नवम्बर 2025 को समय सुबह 12 बजे लोरमी विश्राम गृह से फव्वारा चौक होते हुए मुंगेली चीक (छोटी सभा) पश्चात गुरूद्वारा चौक होते हुए डिण्डौल रोड नहर के पास समापन। (मुंगेली विधानसभा) समय 2:00 से महामाया दाउपारा मुंगेली से नया पुल, पुरना बस स्टैंड, परशुराम चौक, सदर बाजार, महावीर स्वामी चौक से बालानी चौक, माँ परमेश्वरी चौक, पड़ाव स्थित महाराणा प्रताप चौक में समापन। -
- 2025 में स्नातक होने वाले 269 छात्रों को प्रदान की गई डिग्री*
- जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में हुआ आयोजन*
दुर्ग/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई का पांचवां दीक्षांत समारोह सोमवार, 10 नवम्बर 2025 को परिसर स्थित नालंदा हॉल में आयोजित किया गया। इस समारोह में जम्मू और कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। इस कार्यक्रम में अदाणी सीमेंट के पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ श्री विनोद बाहेती विशेष अतिथि और डॉ. सुरेश हवारे गेस्ट ऑफ ऑनर थे। आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ने समारोह की अध्यक्षता की।
दीक्षांत समारोह की शुरुआत अकेडमिक प्रोसेशन के आगमन के साथ हुई। आईआईटी भिलाई के निदेशक, प्रो. राजीव प्रकाश ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत किया, जिसमें संस्थान की पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी दी गई। उन्होंने संकाय द्वारा किए जा रहे उन्नत शोध परियोजनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि संस्थान का अनुसंधान एवं विकास बजट लगभग 36 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में ₹13.93 करोड़ हो गया है। प्रो. प्रकाश ने यह भी बताया कि माननीय प्रधानमंत्री ने 25 सितंबर 2025 को आयोजित एक वर्चुअल समारोह में आईआईटी भिलाई के फेज बी निर्माण की शिलान्यास पटिका का अनावरण किया। यह परियोजना, जिसकी लागत ₹2,257.55 करोड़ है, अक्टूबर 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके तहत परिसर में 1,51,343 वर्ग मीटर का नया निर्मित क्षेत्र जोड़ा जाएगा। फेज बी का एक प्रमुख भाग रिसर्च पार्क की स्थापना है, जो छत्तीसगढ़ राज्य में पहला होगा। यह पार्क शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के विकास के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा। निदेशक ने सभी स्नातक छात्रों को बधाई दी और कहा कि पूर्व छात्र पहले से ही उद्योग, उच्च शिक्षा, सरकारी सेवाओं और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि श्री विनोद बाहेती, डब्ल्यूटीडी और अदाणी सीमेंट के सीईओ ने स्नातकों को बधाई दी और छात्रों को पेशे में नैतिकता और सत्यनिष्ठा के महत्व की याद दिलाई, जो उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए पोषित किए जाने वाले महत्वपूर्ण मूल्य हैं। उन्होंने छात्रों को उत्कृष्ट सुविधाएँ प्रदान करने, उद्योग की माँगों और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु संस्थान के भविष्य-तैयार परिसर और अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे की भी सराहना की। गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. सुरेश हवारे ने सभी स्नातक छात्रों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने उन्हें सफलता प्राप्त करने के लिए अपनी जन्मजात प्रतिभा और अर्जित ज्ञान को निखारते हुए दृढ़ और मेहनती बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने दीक्षांत संबोधन में माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने संस्थान की राज्य के समग्र विकास, विशेष रूप से जनजातीय समुदायों के उत्थान के प्रति की जा रही प्रतिबद्ध और सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने आईआईटी भिलाई के संकाय सदस्यों की भी सराहना की, जो विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास का नेतृत्व कर रहे हैं। श्री सिन्हा ने सभी स्नातक छात्रों को बधाई दी और उन्हें ऐसे कार्य करने के लिए प्रेरित किया जो समाज के हित में हों और एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।
5वें दीक्षांत समारोह में 269 छात्रों ने 2025 में स्नातक किया। इस बैच में 25 पीएचडी, 24 एमएससी, 58 एमटेक, 10 बीटेक (ऑनर्स) और 152 बीटेक छात्र शामिल थे। इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल, डायरेक्टर गोल्ड मेडल और सेनेट अवार्ड्स का वितरण माननीय उपराज्यपाल द्वारा किया गया। उन्हें इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल श्री सुदीप रंजन साहू, बीटेक छात्र को दिया गया, जिनका सीजीपीए सबसे अधिक था। एमटेक में डायरेक्टर गोल्ड मेडल श्री सूर्य केताराजू को प्रदान किया गया। बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी में उत्कृष्ट महिला छात्रा के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल सुश्री अंकिता अवस्थी को दिया गया। सेनेट अवार्ड्स उन छात्रों को दिए गए जिन्होंने अपने-अपने शाखाओं और कार्यक्रमों में सबसे अधिक सीजीपीए प्राप्त किया। समारोह का समापन उपलब्धि और संतुष्टि के साथ हुआ, तथा स्नातक छात्रों में राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने का उत्साह भर गया। -
भिलाई. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जोखिम लें, नवाचार करें और अपनी जिंदगी को एक साहसिक यात्रा बनाएं। सिन्हा भिलाई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पांचवें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, ‘‘आप (स्नातक होने वाले छात्र) ऐसे समय में पेशेवर दुनिया में कदम रख रहे हैं जब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वर्ष 2027 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं।'' सिन्हा ने कहा कि भारत ने व्यापार शुल्क और विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक कौशल की कमी (स्किल गैप) जैसी चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक एक गतिशील प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत ने अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखा है। उन्होंने कहा कि कई देश विनिर्माण में मंदी का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत का विनिर्माण क्षेत्र बढ़ रहा है और इस साल जुलाई तक औद्योगिक उत्पादन में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सिन्हा ने कहा कि तकनीक क्षेत्र अब सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग आठ प्रतिशत का योगदान देता है, जिससे वित्तीय वर्ष 2024-25 में 280 अरब डॉलर से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। सिन्हा ने कहा कि भारत में विविध प्रकार की प्रतिभा का भंडार इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, जिसमें ‘हायरिंग डाइवर्सिटी रेट' 67 प्रतिशत है, जो वैश्विक औसत 47 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘ गैर मेट्रो शहरों में, इस साल लोगों को नौकरी देने में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। व्यापार शुल्क और कई क्षेत्रों में आवश्यक कौशल की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद, भारत एक गतिशील प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सफल रहा है।'' सिन्हा ने कहा कि ‘एआई इंडिया मिशन' ने देश के नवाचार संबंधी पारिस्थितिकी तंत्र में नई ऊर्जा भरी है और इसका लक्ष्य 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देना है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में काम कर रहे कुल वैश्विक क्षमता केंद्रों में से 500 कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग पर काम कर रहे हैं। अपने सात स्तंभों के माध्यम से एआई मिशन कृषि, स्वास्थ्य सेवा, जलवायु परिवर्तन और शासन क्षेत्रों में क्रांति लाएगा।'' सिन्हा ने कहा कि ये सभी आंकड़े साबित करते हैं कि यह स्नातक होने वाले छात्रों के लिए एक सुनहरा दौर है। नवाचार की गति पर जोर देते हुए सिन्हा ने कहा कि दुनिया भर में हर दिन लगभग 16 हजार नवाचार दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कृत्रिम मेधा, नवीकरणीय ऊर्जा, जैवप्रौद्योगिकी, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र युवा अभियंताओं के लिए असीमित मौके पैदा कर रहे हैं।'' सिन्हा ने कहा कि एआई सबसे तेजी से विकास करने वाले क्षेत्र में से एक बन गया है, जिसमें पेटेंट फाइलिंग सालाना 12 प्रतिशत बढ़ रही है और विशेषज्ञ की मांग हर साल 20 प्रतिशत बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एआई के पारंपरिक इंजीनियरिंग के साथ एकीकरण के कारण जेनरेटिव डिजाइन और प्रोडक्टिव मेंटेनेंस पेशेवर की भविष्य में मांग काफी बढ़ जाएगी।'' उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘हरित और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र भी जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापन (ग्लोबल वार्मिंग) की चुनौतियों के बीच नए अवसर सृजित कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का अनुमान है कि 2030 तक दुनिया भर में ऊर्जा तंत्र से जुड़े 125 लाख इंजीनियरों की जरूरत होगी।'' विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य रखने और असफल होने से ना डरने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘साधारण लक्ष्य साधारण लोगों के लिए होते हैं। आप असाधारण हैं, जोखिम लें, नवाचार करें और अपनी जिंदगी को एक साहसिक यात्रा बनाएं। जब आप नए रास्ते अपनाएंगे, तो आप नवाचार करेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।'' अदाणी सीमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद बाहेती विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में मौजूद थे। आईआईटी-भिलाई के अधिकारियों ने बताया कि इस समारोह में 2025 में स्नातक हुए 269 छात्रों को डिग्री दी गईं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की। इस पर मुख्यमंत्री श्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को शुभकामनाएँ दीं।दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड-डोंगरगढ़ की मड़ियान जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने एवं लाईनिंग कार्य हेतु लागत राशि 20 करोड़ 73 लाख 60 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने 708.50 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सहित 3512.70 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- बलौदाबाजार/ बलौदाबाजार विकासखण्ड अंतर्गत सहकारी समितियों के द्वारा ग्राम पंचायत भरसेली, कोहरौद एवं अर्जुनी में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन किया जाना है। दुकान हेतु लैम्प्स, प्राथमिक क़ृषि साख सहकारी समिति,वन सुरक्षा समिति, महिला स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायतों अन्य सहकारी समितियों से 6 नवम्बर से बढ़ाकर अब 11 नवम्बर 2025 तक आवेदन मंगाए गए है। समस्त दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा जिला बलौदाबाजार-भाटापारा क़क्ष क्रमांक 80 में कार्यालय समय पर जमा कर सकते है।
- स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर/ मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। हसदेव नदी पर पाराडोल एनीकट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग की तरफ से 10 करोड़ 4 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से मनेंद्रगढ़ के लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में निस्तारी, पेयजल, भूजल संवर्धन एवं कृषकों को स्वयं के साधन से सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। वहीं मनेंद्रगढ़ की स्थानीय जनता ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विधायक तथा कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद कहा है कि यह एनीकट सिंचाई, भूजल संवर्धन, पेयजल, निस्तारी कार्य और क्षेत्र के विकास में एक नई दिशा प्रदान करेगा और स्थानीय जनजीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड-पत्थलगांव की किलकिला एनीकट तक तटबंध, माण्ड नदी के सौन्दर्यीकरण तथा घाट निर्माण के लिए 5 करोड़ 65 लाख 42 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में रायपुर नगर निगम भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष डॉ. टिकेश्वर कुमार ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय 23वें भारोत्तोलन प्रतियोगिता के लिए बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी श्री अशोक साहू, श्री चंद्रशेखर साहू उपस्थित थे।
- रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी ने सौजन्य मुलाकात की। उनके साथ आयोग के सचिव श्री पवन कुमार नेताम भी थे। आयोग ने लोक सेवाओ की पदोन्नति में 32 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने हेतु अनुशंसा प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपा है।
- - कलेक्टर अभिजीत सिंह सभी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए एलपीजी गैस के उपयोग को अनिवार्य करने के दिए निर्देशदुर्ग / कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में रविवार कोधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत संचालन एवं मॉनिटरिंग समिति की प्रथम बैठक कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में कलेक्टर ने विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी एवं संबंधित प्रभारी स्वयं विद्यालयों में जाकर मध्यान्ह भोजन का टेस्ट करें, ताकि भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए एलपीजी गैस के उपयोग को अनिवार्य करने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने खाद्य अधिकारी को सभी स्कूलों में एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी को खाद्य अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत एलपीजी गैस से भोजन बनाया जा सके।इसके साथ ही कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में फर्स्ट एड किट (प्राथमिक उपचार किट) अनिवार्य रूप से रखी जाए। उन्होंने ठम्व् (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को निरीक्षण के दौरान स्कूलों की फर्स्ट एड किट की जांच करने के निर्देश दिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवाइयां एक्सपायर न हों।कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र का संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जहां भी विद्यालयों में मेजर रिपेयर (बड़े मरम्मत कार्य) की आवश्यकता है, उसे प्राथमिकता से पूरा किया जाए।सभी स्कूलों में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम क्षेत्र के सभी स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है तो जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- बालोद। शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के तत्वावधान में आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता सत्र 2025–26 के अंतर्गत आज विभिन्न खेलों के रोमांचक मुकाबले खेले गए। प्रदेश के पाँच संभाग — दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बस्तर एवं सरगुजा की टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं।???? नेटबॉल प्रतियोगिता (बालक वर्ग)नेटबॉल बालक वर्ग में हुए मुकाबलों में दुर्ग ने रायपुर को 18–13 से पराजित किया, वहीं रायपुर ने बस्तर को 24–02 से हराया। एक अन्य मुकाबले में बिलासपुर ने सरगुजा को 28–02 से मात देकर अगले दौर में प्रवेश किया।???? नेटबॉल प्रतियोगिता (बालिका वर्ग)बालिका वर्ग के मुकाबलों में दुर्ग ने बिलासपुर को 17–14 से, बस्तर ने सरगुजा को 08–03 से, तथा रायपुर ने बिलासपुर को 13–11 से पराजित किया।इसके साथ ही रायपुर ने बस्तर को 18–06 से हराकर मजबूत स्थिति बनाई।⚽ फुटबॉल प्रतियोगिता (बालक वर्ग)फुटबॉल में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। बिलासपुर ने रायपुर को 02- 01 से पराजित कियाएक अन्य मुकाबले में बस्तर ने सरगुजा को 2–0 से, तथा सरगुजा ने बिलासपुर को 02–0 से परास्त किया।फुटबॉल बालिका वर्ग-सरगुजा ने दुर्ग को 2-0 से पराजित किया, और अन्य मुकाबले में रायपुर ने बिलासपुर को 01-0 से इसी तरह बस्तर ने दुर्ग को 2-0 से और सरगुजा ने बिलासपुर को 01 -0 से और बस्तर ने रायपुर को 4-0 से परास्त किया????♂️ खो-खो प्रतियोगिता (बालक वर्ग)खो-खो में हुए मुकाबले में दुर्ग ने बिलासपुर को 03 अंक और अन्य मैच में रायपुर ने सरगुजा को 01 अंक से इसी तरह दुर्ग ने सरगुजा को 08 अंक, बस्तर ने सरगुजा को 26 अंक एक पाली से हराकर जीत हासिल की।बालिका वर्ग खो खो -बिलासपुर ने दुर्ग को 8 अंक और रायपुर ने सरगुजा को 13 अंक से, बस्तर ने सरगुजा को 21 अंक और एक पाली से पराजित कियाखिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना और टीमवर्क का परिचय दिया।प्रतियोगिता स्थल सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम, कॉलेज ग्राउंड, संस्कार शाला बालोद में रविवार को मैचों के दौरान खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर उपस्थित दर्शकों ने जमकर उत्साहवर्धन किया।
- -पुल निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क होगा मजबूत-आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगी गतिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में शासन द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सडक मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग) अम्बिकापुर के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सेतु निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क सुदृढ़ होगा, बल्कि आवागमन सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग अम्बिकापुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सरगुजा में शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त तीन उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।विधानसभा सीतापुर के अंतर्गत विकासखण्ड बतौली में रजपुरी से भूसू मार्ग पर डोमनी नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 222.61 लाख रुपये है तथा पुल की लम्बाई 60 मीटर होगी। पुल बनने से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और वर्षा ऋतु में आवागमन बाधित नहीं होगा।विधानसभा लुण्डा के अंतर्गत विकासखण्ड लुण्डा में ग्राम गगोली से घघरी मार्ग पर मछली नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य की लागत 545.54 लाख रुपये है तथा पुल की लम्बाई 72 मीटर निर्धारित है। इस पुल के निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं किसानों को सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त होगी।विधानसभा सीतापुर के विकासखण्ड बतौली में चलता से हर्रामार मार्ग पर माण्ड नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग के रूप में किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 889.86 लाख रुपये तथा लम्बाई 168 मीटर है। यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग साबित होगा, जिससे शिक्षा , स्वास्थ्य, व्यवसायिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।लोक निर्माण विभाग द्वारा सभी कार्यों की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है तथा गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इन पुलों के निर्माण से सरगुजा जिले के दूरस्थ अंचलों के ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में सहायता मिलेगी, जिससे आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक गतिविधियों में व्यापक सुधार होगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अब तक करीब 43 लाख मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कि प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या का लगभग 21 प्रतिशत है। विगत 4 नवम्बर से एसआईआर की शुरूआत के बाद से बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या दो करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 है।













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