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- बिलासपुर /जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक 13 जनवरी 2026 को शाम 4 बजे से जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में होगी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू करेंगे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए 96 बिन्दुओं की एजेण्डा जारी की गई है। प्रमुख रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजन, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, दीन दयाल अंत्योदय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर
- -छत्तीसगढ़ की टीम में चयन के लिए फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती व वेट-लिफ्टिंग के ट्रायल रायपुर में तथा तैराकी, एथलेटिक्स और तीरंदाजी के बिलासपुर में संपन्नबिलासपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अगले महीने आयोजित किए जाने वाले खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ की टीम के चयन के लिए तीन दिनों तक चले ट्रायल में प्रदेशभर के एक हजार से अधिक जनजातीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। नेशनल ट्राइबल गेम्स में शामिल सात खेलों के लिए खिलाड़ियों के चयन के लिए 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में ट्रायल हुए।रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में कुश्ती, फुटबॉल और वेट-लिफ्टिंग के लिए राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन किया गया था। वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी के ट्रायल हुए। बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में तीरंदाजी और एथलेटिक्स तथा सरकंडा स्थित जिला खेल परिसर में तैराकी खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल हुए। राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ियों ने दोनों शहरों में आयोजित चयन ट्रायल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।रायपुर में संपन्न चार खेलों के चयन ट्रायल में कुल 558 खिलाड़ियों ने भागीदारी की। इनमें 355 पुरुष और 203 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। बालोद जिले के 55, बस्तर के 31, बीजापुर के 9, गरियाबंद के 6, जांजगीर-चांपा के 3, जशपुर के 92, कबीरधाम के 36, कांकेर के 51, कोंडागांव के 23, कोरबा 9, महासमुंद के 14, रायगढ़ के 21, राजनांदगांव के 16, सरगुजा के 23, सुकमा के 31, धमतरी के 13, दुर्ग के 11, बेमेतरा के 4, बिलासपुर के 8, दंतेवाड़ा के 19, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के 6, रायपुर के 12, बलौदाबाजार-भाटापारा के 4, बलरामपुर-रामानुजगंज के 12, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 4, कोरिया के 4, नारायणपुर के 27, सक्ती के 4 तथा सूरजपुर के 10 खिलाड़ियों ने चयन ट्रायल में भाग लिया।रायपुर में हॉकी में 148, कुश्ती में 37, वेट-लिफ्टिंग में 40 तथा फुटबॉल में 333 खिलाड़ी ट्रायल में शामिल हुए। वहीं बिलासपुर में तीन खेलों में 470 खिलाड़ियों ने राज्य की टीम में चयन के लिए दावेदारी की। चयन ट्रायल के दौरान विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी दी।
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- अब तक जिले में 86934 पंजीकृत किसानों से 1080 करोड़ 33 लाख 37 हजार रूपए मूल्य का 4550539.20 क्विंटल धान की खरीदी
- अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1255413.60 क्विंटल धान का उठाव
राजनांदगांव । जिले में धान खरीदी अभियान से किसानों में खुशी और उल्लास है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 86934 पंजीकृत किसानों से 1080 करोड़ 33 लाख 37 हजार रूपए मूल्य का 4550539.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1255413.60 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। file photo -
- जिले में किसानों को धान बिक्री के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का किया जा रहा निराकरण
- अब तक लगभग 150 कृषकों के तकनीकी समस्याओं का किया गया समाधान
- किसानों ने समस्याओं का समाधान होने पर खुशी जाहिर की
- कृषकों के खसरा, रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण, नवीन पंजीयन, वारिसान पंजीयन, वन पट्टा सहित त्रुटि सुधार से संबंधित विभिन्न तरह के आवेदनों का किया जा रहा निराकरण
राजनांदगांव । जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। जिले में किसानों को धान बिक्री के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल में रकबा संशोधन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। एकीकृत किसान पोर्टल अंतर्गत कृषकों के खसरा, रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण, नवीन पंजीयन, वारिसान पंजीयन, वन पट्टा सहित त्रुटि सुधार से संबंधित विभिन्न तरह के आवेदन प्राप्त हुए थे। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में कृषकों को नवीन पंजीयन एवं रकबा संशोधन जैसे आवेदनों का शीघ्रता से निराकरण किया जा रहा है। अब तक लगभग 150 कृषकों के तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया है।
ग्राम मनगटा के किसान श्री अमर कुमार साहू ने बताया कि ऑनलाईन टोकन काटते समय गलती से 26 क्विंटल की जगह 14 क्विंटल का टोकन कट गया था। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में धान बिक्री के लिए टोकन कटवाया था। इस तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अब समस्या का समाधान होने के बाद 9 दिसम्बर को उन्होंने अपने धान की बिक्री की है। ग्राम गठुला के किसान श्री जशवंत निर्मलकर ने बताया कि उन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल में रकबा संशोधन करवाया है। उन्होंने बताया कि उनके पास 6.5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे धान की खेती कर रहे है। जिसमें से 1.5 एकड़ में धान के स्थान पर अन्य फसल की त्रुटिपूर्ण एण्ट्री होने के कारण वे अपने धान की बिक्री नहीं कर पा रहे थे। आवेदन करने के बाद समस्या का सुधार हुआ और 15 जनवरी को 129 क्विंटल का टोकन प्राप्त हुआ है। ग्राम भंवरमरा के किसान श्री रामअवतार सिंह ने बताया कि उन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल में रकबा संशोधन कराया है। उन्होंने बताया कि उनके पास 4 एकड़ कृषि भूमि है और वह धान उपार्जन केन्द्र सिंघोला में धान की बिक्री करते हैं। 51 डिसमिल रकबे का धान बिक्री के लिए टोकन कट गया था, जिसके कारण केवल 68 क्विंटल धान ही पोर्टल दिखा रहा था। एकीकृत किसान पोर्टल में आवेदन करने पर इसका निराकरण किया गया और दो टोकन मिला। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि 19 दिसम्बर को 60 क्ंिवटल एवं 6 जनवरी को 18.4 क्विंटल धान की बिक्री हो गई है।
जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन उपरांत विवरण संशोधन का प्रावधान समस्त समितियों में समिति लॉगिन किया गया है। इसके अलावा खसरा व रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण की प्रविष्टि, नवीन पंजीयन, रकबा संशोधन अन्य कार्रवाई हेतु कृषकों से अपील की जा रही है। उल्लेखनीय है कि एकीकृत किसान पोर्टल में तथा 31 जनवरी 2026 तक सभी प्रकार के संशोधन किए जाएंगे। 15 जनवरी 2026 तक कैरी फारवर्ड, वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का नवीन पंजीयन, त्रुटि पूर्ण आधार के प्रकरण में पूर्ण पंजीयन निरस्त कर नवीन पंजीयन, राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर कलेक्टर की अनुशंसा पर नवीन पंजीयन किए जाएंगे। एकीकृत किसान पोर्टल में कार्य हेतु समस्त समितियों में समिति लॉग इन में प्रावधान किया गया है। - - बास्केटबॉल बालक-बालिका 17 वर्ष के 1006 प्रतिभागी होंगे शामिलराजनांदगांव । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 11 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित किया गया है। प्रतियोगिता में देश के 36 राज्यों एवं संस्थाओं की बास्केटबॉल (बालक-बालिका 17 वर्ष) टीमों द्वारा उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया जाएगा।69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का 11 जनवरी को सुबह 10 बजे दिग्विजय स्टेडियम में उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित श्री सचिन बघेल, पूर्व उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति श्री खूबचंद पारख, पूर्व उपाध्यक्ष कृषि ऊपज मंडी समिति श्री कोमल सिंह राजपूत, सभापति शिक्षा समिति नगर पालिक निगम श्री आलोक श्रोती उपस्थित रहेंगे।69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का 15 जनवरी को सुबह 11 बजे दिग्विजय स्टेडियम में समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री संतोष पाण्डेय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव द्वारा की जाएगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक डोंगरगांव श्री दलेश्वर साहू, विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, पूर्व अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री संतोष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री रमेश पटेल उपस्थित रहेंगे।प्रतियोगिता में देश के आंध्रप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, बिहार, चण्डीगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, उडि़सा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडू, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल, मेजबान छत्तीसगढ़ राज्यों के अलावा सीबीएसई डब्ल्यूएसओ, सीबीएसई, सीआईएससीई, डीएवी, आईबीएसएसओ, आईपीएससी, केन्द्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, विद्याभारती के बास्केटबॉल 17 वर्ष में 429 बालक एवं बास्केटबॉल बालिका 17 वर्ष में 402 सहित कुल 1006 प्रतिभागी शामिल होंगे। आयोजन समिति द्वारा प्रतियोगिता की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
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राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत आरके नगर वार्ड नंबर 45 एवं मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री रविदास वार्ड नंबर 20 में पालना सहायिका के 1-1 पद तथा शिवनाथ वार्ड नंबर 51 में आंगनबाड़ी केन्द्र में सहायिका के लिए 27 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पालना सहायिका पद के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक निर्धारित तिथि तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) जिला राजनांदगांव में सीधे अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हंै। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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- राजनांदगांव जिले के युवा 18, 20 एवं 21 जनवरी को होंगे शामिल
राजनांदगांव । भारतीय थलसेना द्वारा माह मई-जून 2025 में आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण युवाओं का शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं अन्य भर्ती प्रक्रियाओं का आयोजन 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण जिले के युवाओं के लिए विभिन्न पदों के लिए तिथि निर्धारित की गई है। जिसके तहत एव्ही जीडी पद के लिए 18 जनवरी, एव्ही टीडीएन (10वीं) के लिए 20 जनवरी तथा एव्ही टीटी, एव्ही सीआईके-एसकेटी, एव्ही टीडीएन (8वीं) के लिए 21 जनवरी को जिले के युवा इंडोर स्टेडियम धमतरी में शामिल होंगे। जिला प्रशासन धमतरी द्वारा भर्ती रैली की शारीरिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले युवाओं के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई है तथा युवाओं की सहायता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिसके तहत सोनकर भवन राम बाग विन्ध्यवासिनी वार्ड धमतरी के व्यवस्थापक श्री अश्वनी पाटकर का मोबाईल 8103350625, रैन बसेरा जिला अस्पताल के पास धमतरी के व्यवस्थापक श्री राजकुमार सिन्हा का मोबाईल नंबर 9827974636, सामुदायिक भवन मराठा मंगल भवन के पास मराठा पारा धमतरी के व्यवस्थापक श्री गिरीश गजपाल का मोबाईल नंबर 7898388835, राखेचा भवन साल्हेवार पारा रोड धमतरी के व्यवस्थापक चेतन साहू के मोबाईल नंबर 7398734489 पर युवा किसी भी प्रकार की सहायता के लिए संपर्क कर सकते है। file photo -
- उच्च जोखिम वाली 58 गर्भवती महिलाओं का किया गया नि:शुल्क सोनोग्राफी
- अब तक 1725 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का किया गया सोनोग्राफी
- उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से ली जा रही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी
राजनांदगांव । जिले में मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच, दवाई, उपचार के लिए विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है और आवश्यक स्वास्थ्य सलाह दी जा रही है। प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती महिलाओं के घर प्रति दिवस मितानिनों द्वारा भ्रमण किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लॉक प्रोग्राम यूनिट द्वारा कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की जा रही है। विकासखंड एवं शहरी क्षेत्र से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी सेंटर लाए जाने हेतु नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध करायी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से आज कुल 58 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया। जिसमें सुन्दरा अस्पताल में घुमका विकासखंड के 17, हाईटेक डायग्नोस्टिक में डोंगरगांव विकासखंड के 10, भारत डायग्नोस्टिक में डोंगरगढ़ विकासखंड के 12, विधि डायग्नोस्टिक में डोंगरगढ़ शहरी क्षेत्र के 5 व ग्रामीण क्षेत्र के 4, आरडीसी डायग्नोस्टिक में छुरिया शहरी क्षेत्र के 4 व ग्रामीण क्षेत्र के 6 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी कराया गया। जिले में अब तक कुल 1775 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं है, जिसमें 1725 का सोनोग्राफी किया जा चुका है, शेष 50 महिलाओं का सोनोग्राफी शनिवार को किया जाएगा। -
राजनांदगांव । दिव्यांगजन कौशल विकास, पुर्नवास एवं सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोल राजनांदगांव में व्यावसायिक विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को स्वरोजगार उन्मुख कौशल प्रदान करने एवं उन्हें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के विकास के लिए 8 से 20 जनवरी 2026 तक बांस शिल्प कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में बांस से बनाए जाने वाले विभिन्न आकर्षक उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में दिव्यांग बच्चे सक्रिय रूप से शामिल हो रहे है। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बांस शिल्प कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दिव्यांगजनों के कौशल विकास एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
- बलौदबाजार / खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वाधान में जिला स्टेडियम बलौदाबाजार में विकासखंड स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न हुआ। इस खेल महोत्सव में विकासखंड की लगभग 90 से 100 महिला खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान कुल 10 प्रमुख खेल विधाओं का आयोजन किया गया,जिसमें मुख्य रूप से खो-खो, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, रस्साकसी, कुश्ती और वेटलिफ्टिंग जैसी स्पर्धाएं शामिल रहीं। मैदान में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, बच्चों और स्थानीय महिलाओं की उपस्थिति ने खेल के माहौल को और भी उत्साहजनक बना दिया। नोडल अधिकारी श्री शिवकुमार बांधे ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी आगामी जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता में बलौदाबाजार विकासखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
- रायपुर। प्रदेश सरकार द्वारा सुगम धान उपार्जन कार्य से किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत संपूर्ण धान उपार्जन की प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और आधुनिक तकनीकी सुविधायुक्त विकसित किया गया है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ किसानों को मिल रहा है।कांकेर जनपद पंचायत के ग्राम सातलोर से धान उपार्जन केंद्र पटौद पहुंचे किसान श्री धनराज सलाम ने बताया कि उनके पास 5.50 एकड़ कृषि भूमि है और पहले टोकन में 30.80 क्विंटल धान का विक्रय किया था। इसके पश्चात आज पुनः 71.60 क्विंटल धान सफलतापूर्वक बेचा। किसान श्री सलाम ने बताया कि टोकन कटवाने की प्रक्रिया में दोनों ही बार किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप के माध्यम से टोकन आसानी से मिलने से धान विक्रय का कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ।धनराज ने बताया कि धान उपार्जन से प्राप्त राशि का उपयोग वे खेती की मरम्मत एवं दैनिक उपयोग के खर्चों में करेंगे। श्री सलाम ने शासन की डिजिटल पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से किसानों को समय पर सुविधा और पारदर्शिता मिल रही है। बिना किसी परेशानी के अपना धान केंद्र आसानी से बेच रहे हैं। वहीं धान के उठाव में भी तेजी आई है। उन्होंने राज्य सरकार की किसान हितैषी नीति के प्रति आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार माना।
- -’टोकन तुंहर हाथ’ ऐप से किसानों को धान बेचना हुआ आसानरायपुर। प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को ऑनलाइन टोकन काटने की सुविधा दी गई है। टोकन तुहर हाथ ऐप के जरिए किसान द्वारा अपने मोबाइल से खुद टोकन काटा जा रहा है। कांकेर विकासखंड के ग्राम बेवरती निवासी किसान श्री अमित सोनवानी ने धान खरीदी केंद्र बेवरती में आज 13 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘टोकन तुंहर हाथ’ एप के माध्यम से स्वयं टोकन काटा, जिससे धान बेचने की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, तेज और सुविधाजनक रही। किसान श्री सोनवानी ने कहा कि पहले टोकन के लिए लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। उन्होंने राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है और धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी बनी है। इसके लिए प्रदेश सरकार के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।
- रायपुर । प्रदेश के वाणिज्य उद्योग श्रम एवं आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कोरबा में धीवर समाज ट्रस्ट के नव वर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह में शामिल हुए। गत दिनों यह कार्यक्रम कोरबा के जूनियर रिक्रिएशन क्लब, एस ई सी एल मानिकपुर कोरबा में हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्री रामचंद्र जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई, तत्पश्चात समस्त अतिथियों का शाल श्री फल से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिती रही।मंत्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश और राष्ट्र के उत्थान में प्रत्येक समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। जब समाज आगे बढ़ता है, तभी देश सशक्त होता है। धीवर समाज मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के आदर्शाे एवं विचारों पर चलने वाला समाज है और इस समाज का प्यार, सहयोग एवं समर्थन उन्हें हमेशा प्राप्त हुआ है।महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समरसता एवं पारिवारिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बना। यह नववर्ष एवं पारिवारिक मिलन समारोह समाज को जोड़ने, आपसी भाई-चारे को मजबूत करने एवं नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षद नरेन्द्र देवांगन एवं प्रफुल्ल तिवारी भी उपस्थित रहे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि जब प्रत्येक समाज शिक्षा, संगठन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ता है, तभी प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छूता है। यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरक पहल है।इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में समाज के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें छोटे छोटे बच्चों के नृत्य से सभी विशेष रूप से प्रभावित हुए एवं उन्हें मंच से सम्मानित भी किया गया।समस्त अतिथियों को ट्रस्ट द्वारा इस यादगार पल को हमेशा संजोये रखने स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंततः सभी अतिथियों ने समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं स्नेहपूर्ण अभिनंदन के लिए हृदय से आभार जताया।
- -मुंगेली जिले के दाऊकापा में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 142 सांवरा समुदाय के लोगों ने कराया इलाजरायपुर,। आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से सांवरा जनजाति को स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल किया गया। मुंगेली जिला के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार ग्राम दाऊकापा में विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 142 सांवरा समुदाय के महिला-पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उपचार कराया, इनमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उच्च रक्तचाप के 12, मोतियाबिंद के 11, दाद-खाज-खुजली के 27, सर्दी-खांसी के 17, बॉडी पेन के 14, मधुमेह के 06, कमजोरी के 13, कान संक्रमण के 06, कुपोषण के 02 मरीज पाए गए। सामान्य रोगियों का मौके पर इलाज किया गया, वहीं गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में ईलाज कराने परामर्श दिया गया।डॉ. मनीष बंजारा ने बताया कि यह शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से समुदाय को स्वास्थ्य, टीकाकरण और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर आधुनिक चिकित्सा से जोड़ने का संवेदनशील प्रयास किया गया। शिविर की विशेष बात यह रही कि परामर्श स्थानीय भाषा और संवेदनशील संवाद के माध्यम से दिया गया, जिससे लोग बिना डर और झिझक के अपनी समस्याएं साझा करसके। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच, मौसमी बीमारियों एवं सर्पदंश से बचाव की जानकारी देते हुए निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।कार्यक्रम के दौरान समुदाय को टोना-टोटका, झाड़-फूंक से इलाज नहीं कराने, सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाने तथा समय पर टीकाकरण कराने प्रेरित किया गया। शिविर में चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि नट एवं सांवरा जाति के लोग परंपरागत घरेलू उपचार, ओझा-गुणिया एवं झाड़-फूंक पर अधिक निर्भर रहते हैं, जिससे गंभीर बीमारियों में समय पर इलाज न मिलने से जान का खतरा बढ़ जाता है। सर्पदंश, तेज बुखार, संक्रमण, हृदयघात, ब्रेन स्ट्रोक एवं गंभीर चोट जैसी परिस्थितियों में इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
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रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की एक प्रेरक मिसाल मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत बरदुली से सामने आई है। सतकार महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती सुष्मिता जाटवर ने संघर्ष से सफलता तक का जो सफर तय किया है, वह ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। समूह से जुड़ने से पूर्व श्रीमती सुष्मिता जाटवर की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की आय सीमित थी और आजीविका के लिए उन्हें छोटे-मोटे कार्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर ऋण लेना मजबूरी बन गई थी, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा था।
एनआरएलएम के अंतर्गत सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रूप्ए की रिवॉल्विंग फंड सहायता तथा बैंक लिंकेज के तहत 50 हजार रूपए का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने खेत के साथ-साथ अन्य किसानों की भूमि किराये पर लेकर कृषि कार्य में निवेश करने के लिए किया। इसके साथ ही उन्होंने छोटे व्यवसाय की भी शुरुआत की। वर्तमान में श्रीमती सुष्मिता जाटवर भिंडी, करेला, लौकी एवं टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं, जिसे स्थानीय मंडी में विक्रय किया जा रहा है। इस पहल से उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां उनकी आय लगभग 03 हजार रूपए प्रतिमाह थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 50 हजार रूपए प्रतिमाह तक पहुंच गई है।आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही उनके परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है। उन्होंने साहूकारों से लिया गया ऋण भी चुका दिया है और आज वह आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही हैं। भविष्य की योजनाओं के तहत श्रीमती सुष्मिता जाटवर अपने व्यवसाय का विस्तार करने के साथ-साथ बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। - रायपुर, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए राहत और भरोसे का आधार बनकर सामने आई है। मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के ग्राम सलका निवासी किसान रामशरण ने कोड़ा उपार्जन केंद्र में 46.40 क्विंटल धान का विक्रय कर सरकार की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की नीति से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हुआ है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के तहत निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचे किसान को सुव्यवस्थित व्यवस्था, डिजिटल तौल और त्वरित प्रक्रिया का लाभ मिला।उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने एवं पेयजल की समुचित सुविधा उपलब्ध रही। डिजिटल तौल कांटे से सटीक माप-तौल और सत्यापन के बाद धान विक्रय की राशि सीधे बैंक खाते में जमा की गई, जिससे भुगतान को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं रही। किसान रामशरण ने बताया कि पूर्व में धान बेचने के दौरान तौल और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं होती थीं, लेकिन इस बार की पारदर्शी व्यवस्था ने उनका भरोसा पूरी तरह बढ़ाया है।समय पर भुगतान मिलने से वे अब रबी फसल की तैयारी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों की योजना निश्चिंत होकर बना पा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था से प्रदेश के हजारों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। रामशरण की यह कहानी बदली व्यवस्था की जमीनी सफलता का स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की धान खरीदी की व्यवस्था और पारदर्शी नीति का लाभ अब सीधे किसानों तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कुकुरदी के प्रगतिशील किसान मोहन लाल ध्रुव ने शासन की नीतियों की सराहना करते हुए इसे किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय बताया है।3100 रुपए की दर और 21 क्विंटल खरीदी से बढ़ा उत्साह- किसान मोहन लाल ध्रुव ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने इस वर्ष बंपर पैदावार प्राप्त की है। उन्होंने उपार्जन केंद्र में अपना 70 क्विंटल धान सुगमता पूर्वक बेचा। श्री ध्रुव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि विष्णु सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान की खरीदी की जा रही है, जो प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है।व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए किसान- धान खरीदी केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं को लेकर किसान मोहन लाल ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए छाया, पेयजल और सुव्यवस्थित तौल की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।मुख्यमंत्री का जताया आभार- अपनी खुशी साझा करते हुए मोहन लाल ध्रुव ने कहा, "आज किसानों को उनका हक और सम्मान दोनों मिल रहा है। विष्णु सरकार किसानों की वास्तविक चिंता करने वाली सरकार है। इस बेहतर व्यवस्था और लाभकारी मूल्य के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ।"राज्य सरकार की इस नीति से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।
- रायपुर ।राज्य में किसानों की आय दोगुनी करने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत लेमनग्रास की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ कमाने का एक उत्कृष्ट विकल्प बनकर उभर रही है।लेमनग्रास (नींबू घास) किसानों के लिए एक बेहतरीन, कम लागत, अधिक मुनाफे वाली फसल है, जिसे बंजर या पथरीली ज़मीनों पर भी उगाया जा सकता है और यह कम पानी व कम देखभाल में साल में 4-5 बार कटाई देती है, जिससे 1 लाख/एकड़ तक की कमाई संभव है, क्योंकि इसके तेल की मांग परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स में बहुत है, साथ ही चाय और दवाइयों में भी इसका उपयोग होता है, जिससे किसानों को अच्छी आय मिलती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टर और कृषि विभाग को औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम लगातार किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।औषधि पादप बोर्ड द्वारा लेमनग्रास की खेती करने वाले किसानों को निःशुल्क स्लिप्स (पौधे) प्रदान किए जा रहे हैं। खेती को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिए 40-50 किसानों का 1-2 किलोमीटर क्षेत्र में क्लस्टर बनाकर खेती कराई जाती है। बोर्ड गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकी सहायता, मार्केटिंग सहयोग और खरीदी के लिए एमओयू की सुविधा भी उपलब्ध कराता है।किसानों को लेमनग्रास की खेती से संबंधित संपूर्ण जानकारी देने के लिए बोर्ड द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण आयोजित किए जाते हैं। इसमें खेत तैयार करने, पौध रोपण, देखभाल से लेकर आसवन प्रक्रिया के जरिए तेल निकालने तक की पूरी तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।लेमनग्रास (Cymbopogon flexuosus) एक बहुवर्षीय सुगंधित घास है। इसके लिए मिट्टी का पीएच 6.6 से 8.0 उपयुक्त माना जाता है। भरपूर धूप वाली जगह पर फसल अच्छी बढ़ती है। जून माह पौध रोपण के लिए सबसे उपयुक्त है। एक एकड़ में लगभग 25,000 पौधों की जरूरत होती है।गोबर खाद या कम्पोस्ट खाद से उत्पादन बेहतर मिलता है। 7-10 दिन में एक बार सिंचाई आवश्यक है। लेमनग्रास में सामान्यतः कीटों का प्रकोप नहीं होता, इसलिए कीटनाशक की आवश्यकता नहीं पड़ती। पहली कटाई 6 माह बाद की जाती है। इसके बाद हर 3 माह में कटाई होती है और एक बार लगाई गई फसल से लगभग 5 वर्ष तक उत्पादन मिलता है।लेमनग्रास की घास को आसवन प्रक्रिया से तेल में बदला जाता है। इसका उपयोग साबुन, सौंदर्य प्रसाधन और अरोमा उद्योगों में काफी अधिक है। प्रथम वर्ष प्रति एकड़ 60-80 किग्रा तेल,दूसरे वर्ष से लगभग 100 किग्रा तेल का बाजार मूल्य 1200 से 1600 रुपए प्रति किग्रा है जिसकी कुल लागत लगभग 20 हजार रुपए प्रति एकड़ वार्षिक लाभ 80 हजार से एक लाख रुपए तक है।उल्लेखनीय है कि कम लागत, सुरक्षित खेती और लगातार कई वर्षों तक उत्पादन के कारण लेमनग्रास को किसानों के लिए लाभ कमाने का उत्कृष्ट विकल्प बनाते हैं। राज्य सरकार की यह पहल किसानों को औषधीय पौधों की खेती अपनाने और अपनी आय को लगातार बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
- *- अब तक 3,59,944.16 मे. टन धान खरीदी गई**- धान खरीदी की व्यवस्था से किसान हुए संतुष्ट*दुर्ग/राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। जिसके तहत अब दिन-रात कभी भी मोबाईल एप तुंहर टोकन के माध्यम से किसानों को धान बेचने के लिए टोकन मिलने लगा है। किसानों के लिए यह बड़ी सहुलियत है कि उनके लिए तुंहर टोकन एप अब 24 घंटे उपलब्ध है। अब मोबाईल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नही है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 85,3286.02 लाख रूपए की लागत से 3,59,944.16 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 66264 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। जिससे अब दूसरे किसानों को धान बेचने का अवसर मिला है। उठाव हेतु 1,78,338.00 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,20,111.55 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 36786 कृषकों ने 862.88 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 28,77,554 बारदाने उपलब्ध है।
- रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड नवागढ़ के अंर्तगत ग्राम पंचायत मिसदा निवासी श्रीमती सुशीला बाई पूर्व में एक जर्जर कच्चे घर में अपने परिवार सहित कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन यापन कर रही थीं। बरसात के दिनों में घर में पानी भर जाना, बच्चों को खुले में रात गुजारने की मजबूरी तथा सुरक्षा और सम्मान का अभाव उनके लिए एक बड़ी चुनौती रहा। किंतु वर्ष 2024-25 में जब उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास सूची में दर्ज हुआ तो उनके जीवन में आशा की किरण साबित हुई। योजना के अंतर्गत 1.20 लाख की स्वीकृत वित्तीय राशि, साथ ही मनरेगा मजदूरी 21,870 रु तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12,000 रु. शौचालय निर्माण के लिए प्रदान किए गए।सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं तकनीकी अमले के मार्गदर्शन में निर्माण समय सीमा के भीतर पूर्ण हुआ और सुशीला बाई का सपना एक सुंदर, सुरक्षित और पक्के आवास के रूप में साकार हो गया। सुशीला बाई गर्व से कहती हैं अब हमारे बच्चों को बारिश में भीगना नहीं पड़ता, यह घर हमें सुरक्षा के साथ सम्मान भी देता है। यह परिवर्तन केवल एक हितग्राही तक सीमित नहीं रहा, वल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने ग्राम पंचायत मिसदा में रोजगार, स्वच्छता और विकास की नई मंजिलें भी स्थापित कीं। आवास निर्माण से स्थानीय मिस्त्रियों, मजदूरों और सामग्री विक्रेताओं को काम मिला, शौचालय निर्माण से खुले में शौच की समस्या कम हुई तथा स्वामित्व महिला के नाम पर होने से. महिलाओं का सामाजिक सम्मान बढ़ा। डिजिटल भुगतान व ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रक्रिया से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई और पंचायत का प्रशासनिक स्तर भी सुदृढ़ हुआ।यह सफलता कहानी स्पष्ट प्रमाण है कि एक पक्का मकान केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का आधार है। सुशीला बाई का नया घर इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएँ जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हों, तो एक परिवार नहीं- पूरा गांव विकास की ओर अग्रसर होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आज ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, उज्वल और समृद्ध भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए पाटन विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 23.50 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित इन कार्यों के संपादन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पाटन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम एवं ग्राम पंचायत छाटा के निषाद पारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य हेतु 6.50 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत डिडाभाठा (रानीतराई) के निषाद पारा में सामुदायिक भवन के पास किचन शेड एवं नाली निर्माण कार्य के लिए, ग्राम बीजाभाठा के मुक्तिधाम में शेड निर्माण कार्य के लिए और ग्राम महकाखुर्द के पंचायत भवन में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य हेतु 5-5 लाख रूपए तथा ग्राम पंदर में लीला चौरा के पास बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 2.00 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर,। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधानी रायपुर के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल कैंपस स्थित 50 बिस्तर वाले शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच करना और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को आमजन के लिए अधिक प्रभावी बनाना था।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां उपलब्ध संसाधनों तथा मरीजों को दी जा रही उपचार सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। उसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने वहां तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य स्टाफ के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि बेहतर उपचार और स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि इसका सीधा लाभ मरीजों को मिले।
- पहले टपकती छत से बच्चों को पढ़ाई में होती थी परेशानी, अब सुरक्षित परिवेश में संवर रहा है बच्चों का भविष्य*दुर्ग/ कहते हैं कि एक सुरक्षित छत केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं होती, बल्कि वह एक परिवार के आत्मविश्वास और बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव होती है। ग्राम कोड़िया के रहने वाले दुलार यादव के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना कुछ ऐसा ही बड़ा बदलाव लेकर आई है, जिसने उनके जीवन से अनिश्चितता के बादलों को हटाकर खुशहाली की रोशनी भर दी है। श्री दुलार यादव बताते है कुछ समय पहले तक उनका परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। सबसे बड़ी चुनौती मानसून के दौरान आती थी। टपकती छत न केवल रात की नींद छीन लेती थी, बल्कि घर के भीतर रखा सामान बचाना भी मुश्किल हो जाता था। इस अव्यवस्था का सबसे बुरा प्रभाव उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ता था। बारिश के दिनों में किताबों को भीगने से बचाना और सीलन भरे कमरों में एकाग्रता के साथ पढ़ाई करना बच्चों के लिए एक बड़ी बाधा बन गया था। दुलार यादव की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे स्वयं के खर्च पर पक्का मकान बनवा सकें। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए एक वरदान साबित हुई। योजना के तहत स्वीकृत राशि और प्रशासन के सहयोग से दुलार यादव का ’पक्के घर’ का सपना साकार हुआ। आज उनके पास एक मजबूत छत है, जिसने न केवल उन्हें मौसम की मार से बचाया है, बल्कि उन्हें समाज में एक गरिमामयी जीवन भी प्रदान किया है। श्री यादव ने बताया घर बदलते ही परिवार की दिनचर्या और बच्चों के मनोबल में पारदर्शी बदलाव आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए एक शांत, सूखा और सुरक्षित स्थान मिला है। टपकती छत की चिंता अब उनके सपनों के आड़े नहीं आती। उनका कहना है "यह पक्का घर सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि मेरे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार का एक अनमोल उपहार है।"
- रायपुर। राज्य वन क्षेत्र अंतर्गत आ रहे शिकार के मामलों पर अंकुश लगाने व ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए जिससे वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, इसके लिए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण व संवर्धन के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है, जिसके फलस्वरूप वनमंत्री श्री कश्यप के नेतृत्व व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कुशल दिशा निर्देश का पालन करते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में वन एवं वन्यजीव सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग द्वारा लगातार एंटी स्नेयर वाक अभियान चलाया जा रहा है, जिससे वन विभाग को लगातार सफलता मिल रही है।वन क्षेत्र में शिकार पर अंकुश लगाने के लिए कठोर गश्तए वनकर्मियों की तैनाती, आधुनिक तकनीक,ड्रोन, ट्रैप कैमरे, का उपयोग, स्थानीय समुदायों को जोड़ना, कड़े कानून और जुर्माने, और जागरूकता अभियान जैसे कदम उठाने चाहिए, खासकर पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले अवैध शिकार को रोकने के लिए चौकसी बढ़ाया गयी है।गरियाबंद जिले के परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट के अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन्यजीव अपराध के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग द्वारा अवैध शिकार को रोकने के लिए निरंतर निगरानी बरती जा रही है और नियमित एन्टी स्नेयर वाक अभियान चलाए जा रहे हैं। वन विभाग की मुस्तैदी के चलते ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के 02 और ग्राम ओड़ के 04 अभियुक्तों को धर-दबोचा गया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल जैसे शिकार की सामग्री बरामद किए गए हैं। इन अभियुक्तों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पी.ओ.आर. (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है। गिरफ्तार किए गए सभी 06 अभियुक्तों को दिनांक 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया। वन विभाग की यह कार्रवाई क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकारियों के हौसले पस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वन विभाग द्वारा वनों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए गश्त अभियान को और अधिक सशक्त किया गया है ताकि भविष्य में शिकार की ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की भी हो रही सराहनाकोरबा । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक जनवरी 2026 से समस्त शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आधार आधारित ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के बाद जिले के सभी कार्यालयों में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। कलेक्ट्रेट कोरबा में स्वयं कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से पूर्व ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर कार्यालय पहुंच रहे हैं। कलेक्टर के समयपालन का प्रत्यक्ष प्रभाव अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी दिखाई दे रहा है और अब अधिकांश कर्मचारी समय से पूर्व कार्यालय पहुंचने लगे हैं।ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम के लागू होने के बाद विभागीय कार्यों में निर्धारित समय पर गति आने लगी है। अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालय आने एवं जानेकृदोनों समय अपनी उपस्थिति मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज करानी अनिवार्य कर दी गई है। कार्यालयों के निर्धारित लोकेशन को आधार बेस सिस्टम में फीड किया गया है, जिससे उपस्थिति केवल कार्यालय परिसर के आसपास रहते हुए ही लगाई जा सकती है। इससे अनाधिकृत अनुपस्थिति, देरी से आने तथा समय पूर्व कार्यालय छोड़ने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।शासन की इस पारदर्शी व्यवस्था की सर्वत्र सराहना हो रही है। आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की यह प्रमुख शिकायत रहती थी कि कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं रहते और कई अधिकारी दौरे के नाम पर कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाते हैं। ऑनलाइन अटेंडेंस के चलते अब ऐसी शिकायतों में भी स्पष्ट कमी आई है और कार्य संस्कृति में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है।शहर के आमनागरिक परमेश्वर यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेहतरीन पहल की है। यह व्यवस्था बहुत पहले लागू हो जानी चाहिए थी। अस्पताल, तहसील और स्कूल सभी जगह स्थिति खराब होने की शिकायत रहती है। सरकारी अस्पताल में समय पर डॉक्टर नहीं आते हैं, नर्स भी नहीं रहती। तहसील में बाबू नहीं आया होता है और अन्य कार्यालयों में भी किसी काम से जाने पर मालूम होता है कि वे नहीं हैं। अब ऑनलाइन अटेंडेंस से व्यवस्था में सुधार होगा। उनकी मांग है कि सभी ऑफिस में सीसीटीवी भी लगानी चाहिए।इस संबंध में जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री कमलज्योति ने बताया कि आधार बेस ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था न केवल समयपालन को बढ़ावा देती है, बल्कि विभागीय कार्यों की निरंतरता एवं पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों का दायित्व है कि वे निर्धारित समयानुसार कार्यालय पहुंचे और आमजन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करें।पीआरओ कमलज्योति ने यह भी कहा कि शासन की यह पहल अत्यंत सराहनीय है और इसे और अधिक कड़ाई से लागू किए जाने की आवश्यकता है। जो अधिकारी-कर्मचारी बिना ठोस कारण के समय पर उपस्थित नहीं होते, उनके प्रति विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक होने पर वेतन कटौती जैसे प्रावधान लागू किए जाने चाहिए। इससे समयपालन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा और लापरवाह कर्मचारियों में भी जवाबदेही की भावना विकसित होगी। उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों, तहसीलों तथा आमनागरिकों से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित सेवाओं वाले कार्यालयों में इस व्यवस्था को और अधिक कठोरता से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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