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- कड़ी मेहनत, मन लगाकर पढ़ने बच्चों को किया प्रेरित
-विद्यालय को 5 कम्प्यूटर सिस्टम प्रदान करने घोषणा की गईरायपुर।, राज्यपाल श्री रमेन डेका सरगुजा जिला प्रवास के दौरान सोमवार को विकासखण्ड लखनपुर के रजपुरीकला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां बालिकाओं से मिलकर कहा कि कड़ी मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है। राज्यपाल श्री डेका ने इस दौरान विद्यालय को 5 कम्प्यूटर सिस्टम प्रदान करने की घोषणा की।जब राज्यपाल श्री डेका ने बच्चों से पूछा कि भविष्य में क्या बनना चाहती हैं, तो बच्चों ने अपनी-अपनी इच्छा जाहिर की। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आप जो सपना देख रहें हैं, उसे साकार करने के लिए कडी मेहनत करनी होगी। अपना लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी के साथ आगे बढ़े, मन लगाकर पढ़ाई करें, सफलता जरूर मिलेगी। श्री डेका ने शिक्षकों सेे कहा कि शिक्षक बच्चों को राह दिखाते हैं, इसलिए शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझें, बच्चों के प्रति अच्छा व्यवहार रखें। उन्होंने बच्चों को शिक्षक के साथ अच्छा व्यवहार करने, उनका आदर करने कहा। उन्होंने कहा कि हमें गिरने पर खड़े होने की ताकत शिक्षक से ही मिलेगी। इसी प्रकार उन्होंने बच्चों से कहा कि अपने माता-पिता का सम्मान करें, आवश्यकतानुसार ही मोबाईल का उपयोग करें। - -रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाएरायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
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बलौदाबाजार/ कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को क़ृषि, खाद्य, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर छूटे हुए किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन एवं आगामी खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने छूटे हुए किसानों का शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराने एवं सुचारु रूप से धान खरीदी के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि अब तक सर्वाधिक किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन बलौदाबाजार -भाटापारा जिले में हुआ है फिर भी कुछ किसान पंजीयन के लिए छूटे है। इनमे नगरीय निकाय, अन्य राज्यों के एप्प में पंजीयन एवं वनाधिकार पत्र वाले किसान शामिल हैं। उन्होंने समितिवार छूटे हुए किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने आगामी खरीफ सीजन हेतु समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तैयारी के लिए समितियों एवं संग्रहण केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था, धान उठाव, निगरानी, किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने बताया कि इस बार लगभग 39 नये खरीदी केंद्र बनाए जा रहे है। नवीन केंद्रों में भी सभी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। - रायपुुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को कबीरधाम जिले के चिल्फी घाटी में हुए हादसे पर शोक व्यक्त किया है।श्री साय ने सोशल मीडिया पर अपने संवेदना संदेश में लिखा- इस दुर्घटना में 3 महिला शिक्षिकाओं सहित कुल 5 लोगों के असमय निधन एवं कुछ के घायल होने से मन व्यथित है। घायलों के उपचार हेतु तत्काल उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया है। मेरी संवेदनाएं पीडि़तों के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।गौरतलब है कि कबीरधाम जिले में रविवार को एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और ट्रक की टक्कर में तीन महिलाओं व एक नाबालिग लड़की समेत पांच लोगों की मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये लोग मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान घूमने के बाद कोलकाता जाने वाली ट्रेन में सवार होने के लिए बिलासपुर जा रहे थे।
- रायपुर, /खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।
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मुंगेली । लोरमी-सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख संगठन द्वारा निकाली गई शहादत यात्रा आज लोरमी पहुंची। स्थानीय सिख समाज ने यात्रा का अत्यंत भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया, जो गुरु साहिब के बलिदान की अमर गाथा को समर्पित है।
रायपुर से प्रारंभ हुई यह यात्रा सिख समाज के गौरवशाली इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पूरे भारत में सिख समुदाय का इतिहास हमेशा से देशभक्ति और सेवा का प्रतीक रहा है। मुगल काल से लेकर अंग्रेजी शासन, 1965-71 के युद्धों, पड़ोसी देशों के छद्म हमलों और कोरोना महामारी के दौरान की सेवा कार्यों में सिख समाज ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है, भले ही देश की कुल आबादी में उनका प्रतिशत मात्र 2% हो।गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने कश्मीरी पंडितों की पुकार पर धर्म, तिलक-जनेऊ की रक्षा के लिए अत्याचारी मुगल बादशाह औरंगजेब की नीतियों का डटकर मुकाबला किया। परिणामस्वरूप, दिल्ली लाए गए गुरु साहिब को उनके तीन वफादार साथी भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाला जी सहित सैकड़ों अनुयायियों के साथ गिरफ्तार किया गया। चांदनी चौक में सैकड़ों शिष्यों को शहीद करने के बाद, भाई सती दास जी को आरी से चीर दिया गया, भाई मति दास जी को जीवित जला दिया गया और भाई दयाला जी को उबाल कर मार डाला गया। अंत में, गुरु साहिब का शीश धड़ से अलग कर दिया गया। आज दिल्ली के चांदनी चौक में शीश गंज और रकाब गंज गुरुद्वारा इन शहीद स्थलों की साक्षी खड़े हैं।इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा रायपुर से निकाली गई शहादत यात्रा आज लोरमी पहुंची, जहां लोरमी सिख समाज ने उनका हार्दिक स्वागत किया। पंज प्यारों की अगुवाई में शबद कीर्तन करते हुए नगर कीर्तन निकाला गया। सड़कों पर फूल बिछाकर यात्रा का स्वागत किया गया, जो आस्था और श्रद्धा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। कीर्तन का समापन लोरमी गुरुद्वारा में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के दर्शन किए।गुरुद्वारा परिसर में आयोजित सभा में सिख समाज के मीडिया प्रभारी आकाश सलूजा ने मंच संचालन किया। रायपुर से आए इंदरपाल सिंह अजमानी ने यात्रा के उद्देश्य, मार्ग और महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा गुरु साहिब के बलिदान की याद दिलाती है और धार्मिक स्वतंत्रता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। सिख समाज के अध्यक्ष अनिल सलूजा ने सभी सहयोगियों, यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का बलिदान आज भी हमें एकता, साहस और मानवता की सेवा का संदेश देता है।यात्रा मर शामिल रायपुर से आये इंद्रजीत सिंह छाबड़ा,कुलदीप सिंह चावला,सतपाल सिंह खनूजा,इंदरपाल सिंह अजमानी,आशीष सिंह खनूजा,अर्श सिंह,रायपुर से आये ग्रंथी जी वही लोरमी सिख समाज के प्रधान अनिल सलूजा,मंजीत सलूजा,शैलेंद्र सलूजा,आकाश मोंटी सलूजा,रिक्की सलूजा,गुरमीत सलूजा,अमित सलूजा,रितेश सलूजा,बबलू छाबड़ा बंटी छाबड़ा पप्पू छाबड़ा, इंद्रजीत छाबड़ा,पप्पू सलूजा राजू सलूजा पिंटू उपवेजा रितु छाबड़ा बंटी उपवेजा राजू उपवेजा अशोक सलूजा रंजीत सलूजा, मिंटू छाबड़ा,राम छाबड़ा,रानू राहुल साहनी राजवीर बग्गा देवेंद्र सलूजा आशुतोष सलूजा विकास सलूजा नवीन सलूजा,गगन सलूजा,अमन सलूजा,शुभम सलूजा, सनी सलूजा शैम्पी सलूजा, रौनक सलूजा पवन सलूजा,सागर सलूजा सिद्धार्थ छाबड़ा राज सलूजा एवं बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई.. - बेमेतरा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आगामी 9 अक्टूबर को प्रस्तावित बेमेतरा प्रवास एवं विभिन्न लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों के मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम जिले के ऐतिहासिक बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रणबीर शर्मा ने आज सुबह 10 बजे बेसिक स्कूल मैदान पहुँचकर मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा परिधि, यातायात नियंत्रण एवं आमजन की सुविधा से संबंधित तैयारियों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने स्थल पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएँ ताकि मुख्यमंत्री के आगमन के समय किसी भी प्रकार की कमी न रहे।मैदान में बैठक एवं तैयारी की समीक्षाकलेक्टर ने अधिकारियों के साथ मैदान में ही बैठक आयोजित कर पंडाल, मंच, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, मीडियाकर्मियों के लिए स्थान, पार्किंग व्यवस्था तथा आम जनता की बैठने की सुविधा की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत, रंग-रोगन और सजावट के कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। नगर पालिका को मैदान की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, और शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था स्थल पर रखने के निर्देश दिए गए।कलेक्टरेट में विस्तृत समीक्षा बैठकइसके पश्चात कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कलेक्टरेट स्थित दिशा सभाकक्ष में सभी जिला अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आगमन कार्यक्रम के विस्तृत प्रोटोकॉल और अधिकारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत, मंच संचालन, सुरक्षा, मीडिया समन्वय और नागरिक सुविधा से जुड़ी हर व्यवस्था पूर्व निर्धारित समय से पहले पूर्ण होनी चाहिए। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों के प्रति सजग रहें और समन्वय बनाकर कार्य करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह अवसर जिले के लिए गौरवपूर्ण है, इसलिए तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को टीम बनाकर कार्य की मॉनिटरिंग करने और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रवास के दौरान जिले में कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जलप्रदाय और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और जिले के विकास हेतु नई योजनाओं की घोषणाएँ भी कर सकते हैं।
- बेमेतरा । जिला बेमेतरा में 108 संजीवनी एक्सप्रेस टीम की तत्परता और सूझबूझ ने एक बार फिर मानवता और सेवा भावना की मिसाल पेश की है। रविवार की रात बेरला विकासखंड के ग्राम ढाबा निवासी गर्भवती महिला हेमवती निषाद (26 वर्ष) पत्नी विकास निषाद को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने घबराहट की स्थिति में रात लगभग 10:30 बजे 108 संजीवनी एक्सप्रेस को कॉल किया। सूचना मिलते ही पायलट भूपेन्द्र कुर्रे और ईएमटी रामगोपाल देवांगन तत्काल एम्बुलेंस लेकर गांव ढाबा पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गर्भवती महिला को सावधानीपूर्वक एम्बुलेंस में बैठाया गया और टीम तेजी से पीएचसी गुधेली की ओर रवाना हुई।रास्ते में कुछ ही दूरी तय करने के बाद हेमवती की प्रसव पीड़ा असहनीय रूप से बढ़ गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए ईएमटी रामगोपाल देवांगन ने तत्काल ईआरसीपी के माध्यम से ड्यूटी डॉक्टर से संपर्क कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। डॉक्टर की सलाह और परिजनों की सहमति से एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका गया और प्रसव प्रक्रिया प्रारंभ की गई। ईएमटी रामगोपाल ने अपने अनुभव और शांतचित्त निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए सफलतापूर्वक प्रसव कराया। कुछ ही क्षणों बाद एम्बुलेंस में नवजात बच्ची की किलकारी गूंज उठी, जिससे पूरे वातावरण में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रसव के पश्चात मां और बेटी दोनों को सुरक्षित रूप से पीएचसी गुधेली में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की स्थिति स्वस्थ बताई गई है। परिजनों ने 108 संजीवनी टीम के त्वरित कार्य, मानवीय संवेदना और समर्पण के लिए हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया।
- -दो साल में विकास की नई उंचाई छू रहा है जिला जशपुर-6 करोड़ 19 लाख से होगा आठ स्कूलों भवनों का निर्माणरायपुर ।पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है।35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है। इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्रजिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल सकेगा।आठ स्कूल भवन का होगा निर्माणसीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।
- रायपुर। कभी जंगलों में बंदूक थामे रहने वाली जैमेर निवासी श्रीमती नीला कवासी आज विकास और शांति की मिसाल बन चुकी हैं। गरीबी और मजबूरी ने उन्हें नक्सल रास्ते पर धकेल दिया था, लेकिन दिल के किसी कोने में वह हमेशा एक शांतिपूर्ण जीवन का सपना देखती थीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में नक्सलियों को नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के तहत मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया, तब नीला ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने आत्मसमर्पण कर न केवल हिंसा का रास्ता छोड़ा बल्कि अपने परिवार के लिए नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।आत्मसमर्पण के बाद शासन-प्रशासन ने नीला को विभिन्न पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्हें एक पक्का घर और शौचालय की सुविधा मिली। यह घर उनके लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं बल्कि जीवन के संघर्ष पर विजय का प्रतीक बन गया। तकनीकी व रोजगार सहायक ने घर निर्माण की निगरानी और बैंकिंग प्रक्रियाओं में उनका पूरा सहयोग किया। आज नीला अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन जी रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।भावुक नीला कहती हैं कि पहले हमारे कच्चे घर में बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार तो सोने की जगह नहीं बचती थी। अब प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत हमें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। मैं अपने परिवार के साथ चौन की नींद सो पाती हूँ। लोग उन्हें मिसाल के रूप में देखते हैं कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर भी जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। नीला कवासी प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहती हैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री जी का तहे दिल से अभारी हूँ। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने हमारे जीवन में उजाला भर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मुझे नया जीवन मिला है, यह उपकार मैं कभी नहीं भूल पाऊँगी। जिला प्रशासन नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत ऐसे सभी व्यक्तियों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रहा है। सभी शासकीय योजनाओं का लाभ उन्हें दिया जा रहा है।
- -रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन-जहाँ कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँजरायपुर ।कभी नक्सल प्रभाव के कारण वीरान पड़ा जगरगुंडा अब फिर से जीवन और उल्लास से भर उठा है। डेढ़ दशक पहले यहां शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था वहीं अब जगरगुंडा में बदलाव की बयार दिखने लगी है। जहां गोली बारूद की भयानक आवाज से लोग दहशत में आ जाते थे अब नवरात्रि में रास-गरबा की गूंज सुनाई दे रही है। 2006 के बाद सलवा जुडूम अभियान के चलते यहां का सामाजिक जीवन लगभग ठहर सा गया था। न तो सड़कें थीं, न बिजली, न स्वास्थ्य सेवाएँ। चारों ओर सुरक्षा घेरे और कंटीले तारों से घिरा यह इलाका एक समय “प्रवेश वर्जित क्षेत्र” माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शासन-प्रशासन की निरंतर कोशिशों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जगरगुंडा में फिर से रौनक लौट आई है। सड़के, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ अब इस क्षेत्र को तीन जिलों से जोड़ रही हैं।नवरात्र पर्व बना पुनर्जागरण का प्रतीकइस वर्ष जगरगुंडा में डेढ़ दशक बाद नवरात्र का भव्य आयोजन किया गया। पूरे ग्राम ने मिलकर माता की प्रतिमा स्थापित की, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन हुआ। ग्राम पंचायत की युवा सरपंच नित्या कोसमा ने पूरे आयोजन का नेतृत्व किया और ग्रामीणों के साथ प्रत्येक कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे नवरात्र के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भक्ति गीतों और सामाजिक मेलजोल का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद जगरगुंडा में ऐसा उल्लास देखा है मानो भय के अंधेरे को उजाले की रोशनी ने मिटा दिया हो।पहली बार जगरगुंडा में रास-गरबा का आयोजनइतिहास में पहली बार जगरगुंडा में रास गरबा का आयोजन किया गया यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम था बल्कि जगरगुंडा के सामाजिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। सरपंच नित्या कोसमा ने स्वयं महिलाओं और छात्राओं को गरबा का प्रशिक्षण दिया और देर रात तक चले इस आयोजन में सबको शामिल किया।अब जगरगुंडा में डर नहीं, विकास की गूंज हैआज जगरगुंडा में नई सड़कें, पुल-पुलिया और सरकारी योजनाओं की पहुंच से विकास की नई सुबह हो चुकी है। अब यह क्षेत्र तीन जिलों को जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण संपर्क बिंदु बन रही है। स्कूलों में बच्चों की आवाज़ें गूंजती हैं, बिजली की रौशनी से घर जगमगाते हैं, और लोग फिर से तीज-त्योहार मनाने लगे हैं।जगरगुंडा पंचायत की महिलाओं ने बताया कि पहले जहां शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे, वहीं अब रात में संगीत और ताल की गूंज सुनाई देती है। ग्रामीणों ने सरपंच नित्या कोसमा का आभार जताते हुए अगले वर्ष इसे और भी भव्य रूप में मनाने की बात कही।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1191.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 1618.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 546.8 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1132.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 985.7 मि.मी., गरियाबंद में 1213.4 मि.मी., महासमुंद में 1035.5 मि.मी. और धमतरी में 1138.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1184.7 मि.मी., मुंगेली में 1157.5 मि.मी., रायगढ़ में 1370.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1098.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1381.9 मि.मी., सक्ती में 1254.4 मि.मी., कोरबा में 1168.2 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1094.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 932.0 मि.मी., कबीरधाम में 856.6 मि.मी., राजनांदगांव में 1002.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1454.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 890.0 मि.मी. और बालोद में 1288.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के कार्यों से प्रभावित डॉ. जिंदल, कहा- मराठी संस्कृति व व्यवहार का अच्छा जानकार हूंरायपुर। एम्स के डायरेक्टर डॉ. अशोक जिंदल ने शनिवार रात को बतौर मुख्य अतिथि, कहा कि महाराष्ट्र मंडल रायपुर के कार्यों के संबंध में जानकारी हुई। वे स्वयं पुणे में 23 वर्ष रहे इसलिए मराठी संस्कृति व व्यवहार के संबंध में अच्छे जानकार हैं। डॉ. जिंदल ने मंडल अध्यक्ष अजय काले, वरवंडकर परिवार, मंडल के वरिष्ठतम सभासद टीएम घाटे व सीएस पिल्लीवार के साथ दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत कर नाट्य प्रस्तुति के लिए मार्ग प्रशस्त किया। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने डॉ. जिंदल का शाल- श्रीफल व स्मृति चिह्न से स्वागत व अभिनंदन किया। काले ने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाराष्ट्र मंडल की 90 सालों की विकास यात्रा पर चर्चा की और भावी योजनाओं की जानकारी दी।डॉ. जिंदल ने कहा कि ‘मैं अनिकेत हूं’ की बेहतरीन प्रस्तुति रही। मेरी कोशिश होगी कि इसका एक प्रयोग एम्स में भी जरूर हो। नाटक के मंचन के बाद मंच पर टीएम घाटे, सीएस पिल्लीवार के साथ डॉ. जिंदल ने कलाकारों व सहयोगियों को पुरस्कृत कर सभी की प्रशंसा की।
- 0- 90वीं वर्षगांठ पर मराठी सोहला का सम्मान समारोह0- विधानसभा अध्यक्ष ने मंडल के पांच जुझारू सभासदों को किया सम्मानितरायपुर। 90 साल के महाराष्ट्र मंडल को 73 साल का डॉ. रमन सिंह मार्गदर्शन देने के लिए बहुत छोटा है। यहां का इतिहास इतना प्रेरक और गौरवशाली है कि हमें इस पर गर्व है। यह कहते हुए डॉ. रमन ने मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते और विशेष अतिथि वरिष्ठतम सभासद अनिल श्रीराम कालेले के साथ मिलकर मंडल के 90वीं वर्षगांठ पर निकाली गई विशेष स्मारिका ‘गर्व’ का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने नमिता शेष, सुबोध टोले, परितोष डोनगांवकर, अजय पोतदार और शेखर क्षीरसागर को शाल- श्रीफल और स्मृति चिह्न से सम्मानित किया।डॉ. रमन ने कहा कि जिस संस्था में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, माधवराव सदाशिवराव गोवलकर, अन्ना हजारे, सिंधु ताई सपकाळ, वैज्ञानिक अनिल काकोडकर, जयंत नार्लीकर, शिवाजी सावंत, अजित वाडेकर, सुनील गावस्कर, ओमपुरी, चित्रा सिंह, जगजीत सिंह, दीना पाठक, रीमा लागू, स्मिता पाटिल, उषा मंगेशकर, किशोर कुमार, वामन राव लाखे, माधव राव सप्रे, गजानन माधव मुक्तिबोध और हर मुख्यमंत्री आ चुका हो, जहां दिव्यांग बालिका विकास गृह, संत ज्ञानेश्वर सभागृह, मेडिकल एक्यूपमेंट योजना, फिजियोथैरेपी सेंटर, पर्यावरण खेल, आध्यात्मिक- संस्कार, महिला जागरूकता सहित हर क्षेत्र में समाजसेवा किया जा रहा हो, वहां बार-बार आना, यहां के लोगों से मिलना उनके लिए गर्व की बात है। इस संस्था पर तो सिर्फ गर्व किया जा सकता है।विशेष अतिथि अनिल कालेले ने कहा कि मंडल ने शुरू से ही सभासदों की सक्रियता व जागरूकता से तेज विकास किया है। अब अध्यक्ष अजय काले व सचिव चेतन दंडवते के रूप में मंडल को दो ऐसे नेतृत्व मिले हैं, जिन्होंने अपनी ऊर्जावान सदस्यों की टीम बनाकर मंडल के विकास को गति दी है। आज हम इस भव्य भवन में बैठकर मंडल की 90वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, उसका श्रेय भी इन दोनों के कुशल नेतृत्व को जाता है। उन्होंने कहा कि मंडल इसी तरह और भी अधिक तेजी से विकास कार्य करें और अधिक व्यापक क्षेत्रों में समाज सेवा के कार्य करे, यह उनकी शुभकामना है। मंडल अध्यक्ष अजय काले ने अध्यक्षीय संबोधन में महाराष्ट्र मंडल के 90 सालों के स्वर्णित इतिहास की जानकारी दी।मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, सह सचिव सुकृत गनोदवाले, दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने काले व कालेले के साथ मुख्य अतिथि डॉ. रमन का अभिनंदन करते हुए उन्हें स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा सम्मान स्वरूप भेंट की। कार्यक्रम का संचालन सचिव चेतन दंडवते व आभार प्रदर्शन गीता श्याम दलाल ने किया।
- 0- राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोरदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने रविवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई, त्रुटि सुधार, अभिलेख शुद्धता, कृषक पंजीयन, नक्शा बटांकन, ई-डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी प्रकरण, गिरदावरी, धान खरीदी, भू-आबंटन, नजूल पट्टों संबंधित प्रकरण, भू-अर्जन संबंधी प्रकरण, लोक आयोग प्रकरण इत्यादि की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा बाढ़ आपदा प्रबंधन, सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण, भौतिक सत्यापन एप्प, जाति प्रमाण पत्र एवं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक कल्याण योजना से संबंधित कार्यों के स्थिति की विस्तृत जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।बैठक में राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा बटांकन, डायवर्सन, और राजस्व वसूली की स्थिति की जानकारी ली और इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। सीमांकन प्रतिवेदन की तिथि निर्धारित कर कार्य शीघ्र पूर्ण कराने और नक्शा बटांकन कार्यों के लिए टीम बनाकर तत्परता से कार्रवाई करने को कहा। कलेक्टर श्री सिंह ने अभिलेख शुद्धता के संबंध में डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र को एक सप्ताह के भीतर अपडेट करने कहा। उन्होंने सभी पात्र कृषकों का पंजीयन प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री अभिजीत ने कहा कि कृषक पंजीयन, कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक सीधे पहुँच सकेगा। धान खरीदी की तैयारी को लेकर भी कलेक्टर ने विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले की 20 नयी समितियों को राजस्व रिकार्ड में अपडेट किया जाए। ग्राम पंचायतों में किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी से संबंधित जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर सभी किसानों को सूचित करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा प्राप्त आपत्तियों की सूची संबंधित अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करें, जिससे समय रहते आवश्यक संशोधन किया जा सके। इसके अतिरिक्त परिवर्तित भू-भाटक वसूली की प्रक्रिया को भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।कलेक्टर श्री सिंह ने भूमि-आबंटन के प्रकरणों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा शासकीय विभागों से भूमि आबंटन हेतु प्राप्त आवेदन को प्राथमिकता के साथ निपटाएं। भू-आबंटन प्रकरणों की जानकारी एकत्र कर चिन्हांकित स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। कलेक्टर ने नक्शा बटांकन के कार्यों के सबंध में तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीन की वस्तुस्थिति जांच की जाए एवं नक्शा बटांकन किया जाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासकीय भूमि से कब्जा हटाने के भी निर्देश दिये। इसके अलावा उन्हांेने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने निर्देश दिए, जिससे प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को गंभीरता के साथ शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की सूची अद्यतन करने, अपात्र लोगों को लाभ न मिले इस पर विशेष ध्यान देने कहा गया।कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदारों से समन्वय बनाकर भू-अभिलेख संबंधी प्रकरणों को निराकरण किये जाने के निर्देश दिये। विशेषतौर पर अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि भू-अर्जन संबंधी लंबित प्रकरणों को गंभीरता से निराकरण कर सूचित किया जाये। साथ ही राजस्व प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, एसडीएम श्री लवकेश धु्रव, श्री सोनल डेविड, श्री महेश राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एएसएलआर उपस्थित थे।
- 0- सूचना पटल पर चस्पा किए गए सर्वे सूची में ग्रामीण अपने रकबे और फसल का कर रहे हैं अवलोकनबालोद. राज्य शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत गिरदावरी कार्य की सर्वे सूची का बालोद जिले के ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में पठन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत हुए गिरदावरी कार्य की सर्वे सूची का पठन कर ग्रामीणों को उनके रकबे और बोए गए फसल की जानकारी दी जा रही है। ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर डिजिटल फसल सर्वेक्षण की सूची को चस्पा भी किया गया है। जिसका ग्रामीण अवलोकन कर अपने रकबे और फसल की जानकारी ले रहे हैं।आज जिले के विभिन्न ग्रामों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी का वाचन किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप जिले में किसानों के फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल टाइम में किया गया, जिसमें खेत की भौगोलिक स्थिति के साथ फसल की फोटो अपलोड की गई है। राज्य शासन द्वारा भू-नक्शों के जीव-रिफ्रेसिंग के पश्चात अब त्रुटिरहित फसल सर्वेक्षण संभव हुआ है। इस पहल का उद्देश्य त्रुटिरहित फसल गिरदावरी सुनिश्चित करते हुए किसानों के फसलों की सटीक और तकनीकी जानकारी एकत्रित करना है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की जा सके। डिजिटल फसल सर्वेक्षण में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां एग्री स्टैक पोर्टल में दर्ज की गई है। जिससे किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञों की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में एग्री स्टैक पोर्टल से मदद मिलेगी।
- 0- विलेज विजन कार्य योजना का किया गया वाचन एवं अनुमोदनबालोद. आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत जिले के अमोरा और गोदड़ी ग्राम में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर विलेज विजन 2030 कार्य योजना का वाचन एवं अनुमोदन किया गया । आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत जिले के सभी चयनित ग्रामों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जाने हेतु शासन के सभी विभागों ग्राम के स्व सहायता समूह तथा गांव के निवासियों के द्वारा गांव में आपसी विचार विमर्श के पश्चात कार्य योजना तथा ग्राम विकास योजना का निर्माण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आज जिले के चयनित ग्रामों में आदि कर्म योगी अभियान अंतर्गत विशेष ग्राम सभा आयोजित कर कार्य योजना का अनुमोदन किया जा रहा है। इस दौरान गांव के विकास में सहयोग हेतु ग्रामीणों द्वारा आदि शपथ लिया गया।
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कवर्धा. कबीरधाम जिले में रविवार को एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और ट्रक की टक्कर में तीन महिलाओं व एक नाबालिग लड़की समेत पांच लोगों की मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये लोग मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान घूमने के बाद कोलकाता जाने वाली ट्रेन में सवार होने के लिए बिलासपुर जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि चिल्फी थाना क्षेत्र के अकालघरिया गांव के पास शाम करीब साढ़े चार बजे एक एसयूवी- बोलेरो- ट्रक से टकरा गई। उसने बताया कि बोलेरो में चालक सहित दस लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि हादसे में तीन महिलाओं, एक पुरुष और एक नाबालिग लड़की की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायलों में दो लड़कियों को कवर्धा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक घायल व्यक्ति को बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- -कलेक्टर ने फर्मों को ब्लैकलिस्टेड करने दिए निर्देशमुंगेली। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में चल रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 08 ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर ने इन फर्मों के अनुबंध निरस्त करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि जनहितकारी योजनाओं और गतिविधियों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता कुन्दन राना ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में विभिन्न निर्माण कार्य जारी हैं, कई ठेकेदार काम में रुचि नहीं दिखा रहे थे और कुछ अत्यंत धीमी गति से कार्य कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए पहले सभी को नोटिस और चेतावनी जारी की गई थी। नोटिस मिलने के बाद कुछ ठेकेदारों ने सुधार किया, लेकिन कुछ ठेकेदारों द्वारा कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई गई। उक्त फर्मो द्वारा लगातार उदासीनता एवं धीमी प्रगति पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर के निर्देशानुसार अनुबंध निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।
- जगदलपुर । 75 दिनों तक चलने वाला विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है। बस्तर दशहरा में आज दोपहर को कुटुम्भजात्रा विधान सम्पन्न हुआ। इस विधान में बस्तर दशहरा में शामिल होने आए सभी ग्राम देवी-देवताओं की जगदलपुर के महात्मा गांधी स्कूल प्रारंण में विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना के बाद विदाई दी गई।कुटुम्ब जात्रा रस्म निभाने के लिए आज दोपहर को राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव तथा मां दन्तेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष तथा बस्तर सांसद महेश कश्यप बाजे-गाजे के साथ पैदल महात्मा गांधी स्कूल पहुंचे। इसी के साथ बस्तर दशहरा में शामिल होने जगदलपुर आए बस्तर संभाग के सभी ग्राम देवी-देवता भी महात्मा गांधी स्कूल पहुंचे। महात्मागांधी स्कूल में सभी ग्राम देवी देवताओं की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना के बाद उनकी ससम्मान विदाई दी गई। इसे ही कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान कहते हैं। आगामी मंगलवार को शक्तिपीठ दन्तेवाड़ा से बस्तर दशहरा में शामिल होने आयी मावली माता की डोली विदाई के साथ ही 75 दिवसीय विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरे का समापन हो जाएगा।
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बिलाईगढ़। थाना सरिया पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी पर बड़ी कार्यवाही करते हुए 8 किलो 335 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गोविंद सिंह पिता हरिराम 38 वर्ष, निवासी गौरव नगर, देवास मध्य प्रदेश के रूप में हुई है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 85 हजार क़ीमत की 8.335 किलो गांजा, एक फोर्ड कार MH 04 GD 3812, कीमत 2 लाख रूपये और एक मोबाइल क़ीमत 15 हजार जब्त किया। कुल जप्त संपत्ति की कीमत लगभग 3 लाख रूपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। कार्रवाई में सउनि सुमन चौहान, प्र.आर. सुरेंद्र सिदार, सत्यम मंडलोई, श्रवण टंडन सहित थाना स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
- -समूह की महिलाएं 2 लाख 50 हजार रूपए की आमदनी कर रही अर्जितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा मछली पालन अर्थात जलीय कृषि करने वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने हेतु खेती किसानी के साथ-साथ अन्य रोजगार से जोड़ा जा रहा है।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन भी किया जा रहा है। मत्स्य विभाग द्वारा शासकीय तालाब को पट्टे पर देकर मछली पालन कार्य हेतु महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान पर मत्स्य बीच के साथ ही विभागीय योजना अंतर्गत निःशुल्क जाल और आईस बॉक्स भी दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिला के मनोरा विकासखण्ड में श्री गणेश महिला स्व सहायता समूह के द्वारा मनोरा के बथानडीपा शासकीय तालाब को पट्टे पर लेकर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है।समूह की अध्यक्ष गुड़िया साहू ने बताया कि गणेश महिला स्व सहायता समूह की 11 महिलाओं द्वारा मनोरा में शासकीय तालाब को पट्टे पर लेकर मछली पान का कार्य किया जा रहा है। तालाब 0.801 हेक्टर में निर्माण किया गया है। उक्त तालाब में मछली पालन के लिए विभागीय योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर मत्स्य बीज उपलब्ध कराया गया है। साथ ही योजना अंतर्गत निःशुल्क जाल एवं आईस बॉक्स भी दिया गया है। मछली पालन से समूह की महिलाओं ने 2 लाख 50 हजार रुपए की आय अर्जित किया है। समूह की सदस्यों ने बताया कि पहले से ही मछली पकड़ाने पालन विभाग द्वारा वे लाभान्वित हो चुके हैं। मछली पालन के व्यवसाय से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है।
- -प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि पर हुआ राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन का आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से विगत रात्रि आयोजित राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य और संस्कृति की धरा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाकवि कालिदास ने इसी धरती पर मेघदूत जैसे अमर काव्य की रचना की, वहीं गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे यशस्वी साहित्यकारों ने इसी मिट्टी से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र रायगढ़ के सुप्रसिद्ध संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग का यह अभिनव प्रयास प्रदेश की कला, साहित्य और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहन देने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा साहित्यकारों, रचनाकारों और कलाकारों को निरंतर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित तीनों विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से युवा कवियों को देश के ख्यातिलब्ध कवियों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे उनके रचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी।छत्तीसगढ़ की संस्कृति गीत, नृत्य और भावनाओं का जीवंत संगम है : उपमुख्यमंत्री श्री अरुण सावकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि यह सम्मेलन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा कवियों के लिए सीखने और सृजन की प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति आरंभ से ही समृद्ध रही है — यहाँ मनुष्य के जीवन से लेकर मृत्यु तक हर अवसर पर गीत गाए जाते हैं।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब खेतों में बुआई का समय आता है, तो पूरे वातावरण में ददरिया की मधुर ध्वनि गूंजती है। यहाँ विविध वाद्य, गीत, नृत्य और लोककलाओं की अनूठी परंपरा रही है। श्री साव ने कहा कि यह प्रदेश संतों, महात्माओं और कवियों की कर्मभूमि रहा है, जहाँ से समाज को सदैव नई दिशा मिली है। उन्होंने प्रदेशभर से आए युवा कवियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।प्रख्यात कवियों का मनमोहक काव्यपाठसम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवि श्री शशिकांत यादव, श्री दिनेश बावरा, श्री नीलोत्पल मृणाल, सुश्री कविता तिवारी और सुश्री मनु वैशाली ने अपनी ओजपूर्ण एवं भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।प्रदेश की प्रतिभाओं को मिला सम्मानराज्य स्तरीय युवा कवि प्रतियोगिता में बिलासपुर जिले की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, मीरा मृदु ने द्वितीय स्थान तथा कोरिया जिले की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर सहित विभिन्न आयोग एवं मण्डल के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, कवि एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया आभाररायपुर /केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने रायपुर जिले के आरंग में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय न केवल आरंग क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि आस-पास के ग्रामीण अंचलों में भी शिक्षा की नई चेतना जागृत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी अंचलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने, स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग प्रारंभ हो रहा है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1182.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 1617.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 545.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1113.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 981.3 मि.मी., गरियाबंद में 1195.3 मि.मी., महासमुंद में 1028.6 मि.मी. और धमतरी में 1120.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1179.7 मि.मी., मुंगेली में 1141.3 मि.मी., रायगढ़ में 1365.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1097.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1379.2 मि.मी., सक्ती में 1252.0 मि.मी., कोरबा में 1159.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1077.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 921.2 मि.मी., कबीरधाम में 842.7 मि.मी., राजनांदगांव में 989.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1423.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 886.0 मि.मी. और बालोद में 1280.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 790.5 मि.मी., सूरजपुर में 1172.7 मि.मी., बलरामपुर में 1578.4 मि.मी., जशपुर में 1084.3 मि.मी., कोरिया में 1238.5 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1115.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1593.0 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1165.6 मि.मी., कांकेर में 1368.5 मि.मी., नारायणपुर में 1423.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1617.6 मि.मी. और सुकमा जिले में 1217.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।



















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