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 मिशन उत्कर्ष के तहत बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक

0- कमजोर परीक्षा परिणाम, फर्जी पंजीयन और अनियमितताओं पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह
0- शिक्षा का मंदिर है स्कूल, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
रायपुर. जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को और बेहतर बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने आज रेडक्रॉस भवन रायपुर में जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की। बैठक में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा सत्र 2025-26 के परिणामों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक समीक्षा के दौरान डीएमसी श्री अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में जिले का औसत परीक्षा परिणाम कक्षा 10वीं में 71.05 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 84.79 प्रतिशत रहा है। यह परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा है और जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। हालांकि समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई अशासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शासकीय विद्यालयों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहा है तथा कुछ विद्यालयों के परिणामों में पिछले सत्र की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह अधिकारी ने बिना पूर्व सूचना बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय में लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और आवश्यकतानुसार ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाए।
कलेक्टर डॉ सिंह ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार निम्न स्तर का है, उनकी विस्तृत समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में विद्यालयों की गुणवत्ता, शैक्षणिक स्तर एवं कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष निरीक्षण दल गठित करने के निर्देश दिए गए। यह दल समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित करेगा तथा शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करेगा।
कलेक्टर ने फर्जी पंजीयन, नियमित कक्षाओं के अभाव तथा आरटीआई के दुरुपयोग करने वाले ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उसके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने निरीक्षण दल को विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संबंधित जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों से कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क कर विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं के संबंध में उनकी संतुष्टि का फीडबैक प्राप्त करने को कहा। यदि किसी विद्यालय के संबंध में गंभीर शिकायतें अथवा असंतोषजनक स्थिति सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि "विद्यालय शिक्षा का मंदिर है, इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। शिक्षा के नाम पर अनियमितता और विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"
बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली व्यय कम करने का प्रभावी माध्यम है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने प्राचार्यों से स्वयं योजना का लाभ लेने और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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