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- -महिला स्व सहायता समूह से जुड़कर कार्य कर रही है नीतू, बनी लखपति महिला-मुद्रा लोन लेकर बढ़ाया अपना किराना का व्यवसाय, अब गांव के लोगों को लोन दिलाने में कर ही है मदद-व्यवसाय और खेती से विगत दो माह में कमा चुकी हैं लगभग 2 लाख रुपए से अधिक की राशिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने केंद्र हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बन रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं।ऐसी ही कहानी है जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की ग्राम झिक्की की रहने वाली श्रीमती नीतू गुप्ता की। जो बिहान योजना से जुड़कर लखपति दीदी बन गई हैं और सक्रिय महिला के रूप में कार्य कर रही है।श्रीमती नीतू गुप्ता मुद्रा लोन के माध्यम से अपना व्यवसाय को और बढ़ा रही है। सामान्य परिवार से आने वाली नीतू का सपना था की वह भी आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का सहारा बनें। इस तरह से अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह बिहान योजना के तहत लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुड़ी। नीतू ने बताया कि उनकी एक छोटी सी किराने की दुकान है। जिससे वे बैंक लिंकेज के माध्यम से मुद्रा लोन लेकर व्यवसाय को बढ़ा रही है। इससे पहले वे सक्रिय महिला के रूप में कार्य करते हुए लोगों को जागरूक कर रहीं थीं। वे बताती है कि महिलाओं को समूह में जोड़ रही है और लोगों को लोन दिलाने का कार्य भी कर रही हैं।पहले गांव के लोग दूसरे लोगों से ही लोन लेते थे जिससे अधिक ब्याज देना पड़ता था। अब बैंक लिकेज के माध्यम से मुद्रा लोन लेने की समझाईश देती है जिससे लोगों को कम ब्याज दर पर व्यवसाय के लिए पैसा मिल जा रहा है। साथ ही वे सिलाई का कार्य भी करती है। श्रीमती नीतू गुप्ता ने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन के माध्यम से एक लाख रूपए का लोन लिया है।श्रीमती नीतू गुप्ता अपने पति श्री सुनिल गुप्ता के साथ खेती कार्य में भी उनका साथ देती हैं। 07 एकड़ में वे टमाटर, खीरा, करेला लगाते हैं और माह में अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। इस तरह वह विगत दो माह में 2 लाख 50 हजार कमा कर लखपति दीदी बन गई हैं।
- भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आदेश जारी करते हुए अमरनाथ दुबे की पदस्थापना नगर पालिक निगम भिलाई में जोन आयुक्त के पद पर की गई है। नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शासन से प्राप्त आदेश के परिपालन में जोन आयुक्तो के कार्यो का विभाजन कर दायित्व सौंपा गया है। जिससे निगम भिलाई क्षेत्र में कराये जा रहे विकास/निर्माण कार्यो के साथ-साथ शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक रूप से परिपालन किया जा सके। जिससे इसका लाभ सीधे जनता को मिले।अधिकारी जिनके कार्यो का विभाजन किया गया है जो इस प्रकार से जोन क्रमांक-01 नेहरू नगर में अजय सिंह राजपूत, जोन क्रमांक-02 वैशालीनगर में सुश्री येशा लहरे, जोन क्रमांक-03 मदर टेरेसा नगर में सतीश यादव, जोन क्रमांक-04 शिवाजी नगर खुर्सीपार में अमरनाथ दुबे एवं जोन क्रमांक-05 सेक्टर 06 में कुलदीप गुप्ता को जोन आयुक्त के कार्य का दायित्व सौंपा गया है। जो अपने-अपने क्षेत्रों में दिये गये दायित्वों का निर्वहन करेगें।
- रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज नगर पालिक निगम रायपुर में प्रशासक के तौर पर पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। रेडक्रॉस जिला शाखा रायपुर द्वारा आयोजित सामान्य सभा बैठक में 15 उम्मीद्वारों का जिला प्रबंधन समिति के सदस्य के रूप में चयन किया गया। एवं शेष 5 सदस्यों का चयन निर्वाचन के माध्यम से किए जाने हेतु 07/01/2025 को सामान्य सभा की बैठक आयोजित किया गया है।07/01/2025 की बैठक को अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया जाता है एवं दिनांक 26/11/2024 को हुई कार्यवाही को शून्य किया जाता है।
- राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन के लिए देश भर से 10 लखपति दीदियों का चयनबिहान की बदौलत फल-फूल रहा मेरा घर : लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषादसालाना आय 4 लाख रूपए से अधिक, प्रतिमाह लगभग 33 हजार रूपए की हो रही आयरायपुर। राजनांदगांव जिले के ग्राम कुसमी की लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन में शामिल होंगी तथा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु उन्हें सम्मानित करेंगी। लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने विपरीत और संघर्षपूर्ण स्थिति में भी हार नहीं मानी और राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर सफलता की नई ईबारत लिखी है। श्रीमती दिव्या निषाद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान कि बात है कि लखपति दीदी के तौर पर राष्ट्रपति भवन जाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह जानकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है और घर में सभी खुश हैं।लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वर्ष 2021 में कोविड-19 की वजह से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि गरीबी की स्थिति थी और उन्हें किसी भी तरह का अनुभव और ज्ञान नहीं था। पति की आकस्मिक मृत्यु के दुख ने परिवार को अंदर तक झकझोर दिया। ऐसे समय में अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए तथा अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए समूह की दीदियों से मुझे हिम्मत मिली और मैंने कुछ कार्य करने का निर्णय लिया।लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुडऩे के बाद मेरे जीवन में परिवर्तन आया और आज बिहान की बदौलत मेरा घर फल-फूल रहा है। अंतर्मुखी स्वभाव होने के कारण बिहान से जुडऩे से आत्मविश्वास बढ़ा। प्रशिक्षण के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने बताया कि बैंक सखी, बैंक मित्र, पुस्तक लिखने का कार्य, समूह के अध्यक्ष एवं सचिव के कार्य तथा छोटे व्यापार प्रारंभ करने का कार्य सीखने लगी। उन्होंने बताया कि वह जय मां अम्बे स्वसहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह में कार्य करने के दौरान आत्मविश्वास बढ़ा और समूह के माध्यम से ऋण लेकर छोटा सा व्यापार प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि उनकी सालाना आय 4 लाख रूपए से अधिक है और वह बहुआयामी कार्य कर रही हैं। बैंक सखी, बैंक मित्र के अलावा उनकी ग्राम भर्रेगांव में साड़ी एवं बच्चों के रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। उन्होंने बताया कि समूह से ऋण लेकर ही उन्होंने अपने घर में ही किराने की दुकान भी प्रारंभ की है। अब उन्होंने अपना पक्के का मकान बना लिया है। आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ते हुए सिलाई एवं अन्य कार्य कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन के लिए देश भर से 10 लखपति दीदियों का चयन किया गया है। जिसमें से राजनांदगांव जिले से लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद का चयन किया गया है। केन्द्र शासन की लखपति दीदी योजना महत्वपूर्ण पहल है। जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए 5 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जाता है।
- -37 प्रदेश प्रतिनिधियों का निर्वाचन भी हुआ, शेष जिला अध्यक्षों का चुनाव 06 जनवरी को होगा,-रमेश सिंह ठाकुर रायपुर शहर जिला व श्याम नारंग रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष निर्वाचितरायपुर। भारतीय जनता पार्टी संगठन महापर्व के तहत चल रहे संगठनात्मक चुनाव के प्रदेश निर्वाचन अधिकारी खूबचंद पारख ने रविवार को निर्वीचन प्रक्रिया के पश्चात 15 जिलों के लिए जिला अध्यक्षों की सूची विधिवत रूप से जारी की है। श्री पारख ने कहा कि इन 15 जिलों में 37 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जहाँ से 37 प्रदेश प्रतिनिधियों का निर्वाचन भी विधिवत हो गया है। 18 प्रदेश प्रतिनिधि, जो एससी-एसटी और महिला वर्ग से आते हैं, के भी नाम तय किया जा चुके हैं जिनके चुनाव की प्रक्रिया प्रदेश से होगी। इस तरह से 55 प्रदेश प्रतिनिधियों का चुनाव हो चुका है।भाजपा जिला अध्यक्षों की घोषित सूची इस प्रकार है : रायपुर (शहर) जिला - रमेश ठाकुर, रायपुर (ग्रामीण) जिला - श्याम नारंग, कांकेर जिला - महेश जैन, भिलाई जिला - पुरुषोत्तम देवांगन, दुर्ग जिला - सुरेंद्र कौशिक, बीजापुर जिला - घासीराम नाग, गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला - लालजी यादव, बालोद जिला - चेमन देशमुख, सूरजपुर जिला - मुरलीधर सोनी, मुंगेली जिला - दीनानाथ केशरवानी, रायगढ़ जिला - अरुणधर दीवान, बलरामपुर जिला - ओमप्रकाश जायसवाल, जशपुर जिला - भरत सिंह, चौकी मोहला मानपुर जिला - श्रीमती नम्रता सिंह और कोरबा जिला - मनोज शर्मा।भाजपा संगठन चुनाव प्रदेश निर्वाचन अधिकारी श्री पारख ने बताया कि कल 06 जनवरी को बाकी जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 10 जनवरी से पहले होने का है।
- -36 शक्तिपीठों में से एक मां महामाया मंदिर आस्था का केंद्ररायपुर । रायपुर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में पुरानी बस्ती में स्थित देवी महामाया मंदिर शामिल है। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के 36 शक्तिपीठों में से एक है। यह प्राचीन मंदिर 17वीं-18वीं शताब्दी के बीच मराठा संघ के शासकों द्वारा पुनर्निर्मित किया गया। मंदिर परिसर में दो मंदिर हैं, मां महामाया मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर। इस मंदिर में खास आकर्षण का केन्द्र हैं, जो सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणें मां महामाया के चरणों को छूती हैं, और सूर्याेदय के समय किरणें मां समलेश्वरी के चरणों को छूती हैं।नगर निगम स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा इसके आस-पास सौर्दयीकरण कराया है और इसे हैरिटेज वाक में शामिल किया गया। जिसमें समय समय पर पर्यटक यहां भ्रमण के लिए आते रहे। यह रायपुर के मध्य स्थित होने के कारण यहां पर पहुंचना आसान है, स्थानीय यातायात के साधन से यहां पहुंचा जा सकता है।मां महामाया मंदिर लगभग 1400 वर्षों पुराना है। इतिहासकारों के मुताबिक, हैहय राजाओं ने छत्तीसगढ़ में छत्तीस किले बनवाए और प्रत्येक किले की शुरुआत में मां महामाया के मंदिर बनवाए और यह मंदिर उनमें से एक किला है। वर्तमान में किले का कोई प्रमाण यहां नहीं है, लेकिन महामाया और समलेश्वरी को समर्पित मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण हैहय के राजा मोरध्वज ने तांत्रिक विधि से करवाया था, जो इसे अघोरियों और तांत्रिकों के लिए तीर्थस्थल बनाता है। वर्तमान मंदिर का जीर्णाेद्धार नागपुर के मराठों द्वारा किया गया था।
- -10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगी राहतरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एवं कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में राजधानी के प्रमुख मार्गाें का यातायात दबाव कम किया जा रहा है। साथ ही राजधानी के लोगों को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। विधानसभा और सड्डू से शंकर नगर, खम्हारडीह की तरफ आवाजाही करने वालों को अब ट्रैफिक जाम होने पर भी समस्या नहीं होगी। क्योंकि खम्हारडीह से शिव नगर होते हुए श्री राम नगर के रास्ते तक नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इससे शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट चैक एवं खम्हारडीह के रास्ते में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।, नई सड़क का निर्माण होने से 10 हजार से अधिक लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा और नई सड़कों का उपयोग कर आसानी से विधानसभा से आने वाले खम्हारडीह तक पहुंचे सकेंगे और खम्हारडीह से विधानसभा तक जाने वालों को भी किसी भी तरह की परेशानियां नहीं होगी।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने यातायात को दुरूस्त करने के लिए समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया है।
- दंतेवाड़ा । बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक हेड कांस्टेबल की भी जान चली गई। अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम को सुरक्षाकर्मियों का एक संयुक्त दल नक्सल रोधी अभियान में नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के एक जंगल में गया था तभी मुठभेड़ शुरू हुई। उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात गोलीबारी थमने के बाद घटनास्थल से चार नक्सलियों के शव और एके-47 राइफल तथा सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) सहित स्वचालित हथियार बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी के हेड कांस्टेबल सन्नू करम की भी जान चली गई। उन्होंने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है। file photo
- दुर्ग/ भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित दुर्ग प्रवास कार्यक्रम के सन्दर्भ में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दुर्ग सर्किट हाउस के सभागार में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी भी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 10 जनवरी 2025 को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा, बुनियादी आवश्यकताएं एवं सभी सुविधाओं हेतु सम्बंधित विभाग प्रमुख अधिकारी को निर्देशित किया। इस दौरान एडीएम श्री अरविंद एक्का, एसपी श्री जितेंद्र शुक्ला, एएसपी अभिषेक झा, जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री बजरंग दुबे एवं सभी संबंधित विभागों के विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- - छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीत थे - विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह- स्वतंत्रता सेनानी पंडित लखन लाल मिश्र प्रतिमा आने वाले 600 वर्षों तक नवयुवकों को प्रेरणा देती रहेगी- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मादुर्ग / मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह व अति विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के आतिथ्य में आज नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र अंतर्गत सर्किट हाउस के समीप त्याग और समर्पण के प्रतीक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी पंडित लखनलाल मिश्र के प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी के जीवन पर आधारित किताब का विमोचन भी किया गया।छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी पंडित लखनलाल मिश्र छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीत थे। उन्होंने ऐसे समय में चुनौती बनकर अपनी ताकत दिखाई जब अंग्रेजांे का शासन था। उनका जीवन स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ के एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखते थे और उनके पारिवारिक परिवेश में सामाजिक सेवा और देश-भक्ति की गहरी जड़े थीं। वे ब्रिटिश प्रशासन का हिस्सा जरूर थे, लेकिन उनके भीतर जल रही राष्ट्र-प्रेम की ज्वाला कभी मंद नही हुई। पुलिस की वर्दी पहने होने के बावजूद वे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और गांधी जी के सिद्धांतों के प्रति गहरी आस्था रखते थे और स्थानीय क्रांतिकारियों के बहुत सहयोग किया करते थे। पंडित मिश्र ने छात्रों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गाे को संगठित कर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी पंडित लखनलाल मिश्र की मूर्ति की स्थापना से दुर्ग व जिले से आने-जाने वाले युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। युवा इससे सीख लेंगे कि जीवन में कैसे काम किया जाना चाहिए। यह मूर्ति आने वाले 600 वर्षों तक नवयुवकों को प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्रवादी विचारों की सरकार होगी, तब-तब स्वतंत्रता संग्राम लड़ने वाले सभी परिवारों का पूरा सम्मान होता रहेगा। उनकी जीवनी से सीख मिलती है कि देश के लिए समाज के लिए कोई बड़ा बलिदान देता है तो समाज उतना ही उनका सम्मान करती है। पंडित लखन लाल मिश्र ने लगातार दो वर्षों तक स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने देश के लिए अपने नौकरी का त्याग किया और कभी भी पलटकर नौकरी को स्वीकार नही किया। यह पूरे समाज की धरोहर है, हम सब का सम्मान इनके प्रति है और इनसे प्रेरणा लेने के लिए हमे अपने युवाओं को प्रेरित करते रहना चाहिए। 16 मार्च 1984 को पंडित मिश्र ने अपनी जन्मभूमि मुरा में अंतिम साँस लीं। आने वाली पीढ़ियों के लिए वे प्रेरणा बन गये। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि पद और परिस्थितियों से ऊपर उठकर, सच्ची राष्ट्रसेवा का मार्ग अपनाया जा सकता है। उनकी गाथा छत्तीसगढ़ और पूरे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव अमर रहेगी।इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव, संभागायुक्त श्री सत्यनाराण राठौर, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, निगम कमिश्नर श्री सुमित अग्रवाल, एसपी श्री जितेंद्र शुक्ला, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी श्री मुरली मनोहर खंडेलवाल, सेवानिवृत्त आईएएस श्री गणेश शंकर मिश्र सहित परिवार के सदस्य एवं जनप्रतिनिधि तथा आमजनता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- -विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा गायत्री यज्ञ मे हुये शामिल-अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक और संरक्षक आचार्य श्री राम शर्मा जी को डॉ रमन सिंह ने किया नमनदुर्ग, / जिले के ग्राम पंचायत सेलूद के स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेंकडरी स्कूल मे 24 कुण्डीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ एवं श्रीमद् प्रज्ञा महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन में विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुये। मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं गायत्री परिवार की शरण में आया। आज यहां उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक और संरक्षक आचार्य श्री राम शर्मा जी जैसे महापुरुष हर युग में एक नया अवतार लेकर पृथ्वी पर आते है। जो गायत्री मंत्र का उच्चारण करता है वह भगवान आचार्य शर्मा जी के साथ बैठकर यज्ञ में भाग लेता है और उन सब को गायत्री परिवार में सम्मिलित करने का अवसर मिलता है। पूरे हिंदुस्तान और दुनिया में गायत्री परिवार के, आचार्य और माताजी के आप और हम जैसे करोड़ों फॉलोअर्स है। आचार्य जी ने न केवल एक आचार्य और संत के रूप में हमारा मार्गदर्शन किया बल्कि भारत की आज़ादी के लिए स्वतंत्रता आंदोलन के अहिंसक संघर्ष में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, सविनय अवज्ञा आंदोलन, व्यक्तिगत सत्याग्रह, और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रियता से हिस्सा लिया। कई बार जेल का तजुर्बा किया। उन्होंने आध्यात्मिक साधनों के ज़रिए सामाजिक और नैतिक उत्थान के लिए काम किया। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा निश्चित रूप से आचार्य जी का जीवन हम सबको प्रेरित करता है। आज आप सब के बीच में मैं आचार्य जी को प्रणाम करने आया हूं। इस 24 कुंडली यज्ञ का लाभ आप सबको मिले आप सब का घर, परिवार आगे बढ़े। आप सबके ऊपर आचार्य जी का माता जी की कृपा बनी रहे गायत्री परिवार के विचारों को जन-जन तक ले जाने का प्रयास करें।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा मैं इस यज्ञ में शामिल होने से अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं। मैं ईश्वर से और माता गायत्री से सभी प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं। सभी क्षेत्र में इस तरह के आयोजन होने चाहिए। आने वाले समय में भी यह कार्यक्रम अनवरत होता रहे। समाज को उचित दिशा प्रदान करने वाली यह धारा और प्रबल हो। हम सब एकजुट होकर के अपने भारत को महान बनाएंगे।इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव, संभागायुक्त श्री सत्यनाराण राठौर, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, जिले के समस्त विभाग के प्रमुख अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा आमजनता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- बिलासपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 6 जनवरी को रायपुर और बलौदाबाजार में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे 6 जनवरी को दोपहर एक बजे रायपुर के स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय अधिकारी-कर्मचारी अधिवेशन में शामिल होंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव दोपहर ढाई बजे रायपुर से बलौदाबाजार के लिए रवाना होंगे। वे शाम चार बजे बलौदाबाजार में जिला ऑडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे। वे शाम पांच बजे बलौदाबाजार से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे शाम साढ़े छह बजे वापस रायपुर पहुंचेंगे।
- -पर्यटकों को यहाॅ मिलता है एक रोमांचकारी अनुभव- सूर्योदय और सूर्योदयके समय दिखता है मनमोहक नजाराबालोद ।बालोद जिले में प्राकृतिक सौन्दर्यता से परिपूर्ण स्थलों की कमी नहीं है, यहाॅ कई ऐसे पर्यटक स्थल है जो लोगो को अपनी ओर आकर्षित करती है। अगर आपको घूमने के साथ ही एडवेंचर का शौक हो तो प्राकृतिक नजारों से परिपूर्ण दुर्गडोंगरी माॅ किल्लेवाली मंदिर में आप जरूर आ सकते हैं। यह स्थान प्राकृतिक वनों के बीच उँचे पहाड़ पर स्थित है, जहाँ पहुँचने पर दिखने वाला नजारा आपकी सारी थकान को मिनटों में ही उत्साह में बदल देगा। यहाॅ दिखने वाला नजारा, आपके सफर को रोमांचक और बेहद ही अविस्मरणीय बना देता है। यह स्थान प्रकृति की सुंदरता को करीब से निहारने का एक बेहतर ठिकाना बन गया है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव के समीप स्थित इस जगह ने अपने प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को अपने करीब आकर्षित किया है। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता, बोईरडीह जलाशय, दुर्गडोंगरी माॅ किल्लेवाली मंदिर सहित एडवेंचर पसंद लोगों के लिए एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। यहाॅ हर मौसम में प्रतिदिन आने वाले पर्यटक माॅ किल्लेवाली का आर्शीवाद लेने के साथ ही प्रकृति की खूबसूरती से भरपूर इस स्थान का आनंद लेते हैं। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण इस स्थान के चारों ओर वनक्षेत्र हैं, तो वहीं पास स्थित बोईरडीह जलाशय का खुबसुरत दृश्य और दल्लीराजहरा तथा महामाया की पहाड़ियों का दृश्य पर्यटकों में एक रोमांचकारी अनुभव पैदा कर देता है। बारिश के दिनों में यहाॅ चारों ओर हरियाली नजर आती है, जिससे इस जगह की खुबसुरती कहीं ज्यादा ही बढ़ जाती है। उँचे वृक्षों के बीच सीढ़ियों और कच्चे पगडंडी वाले रास्ते के साथ ही बढ़ती उँचाई इस सफर को और भी ज्यादा रोमांचक बना देती है। उपर जाते-जाते थकान भी होती है, लेकिन उपर मंजिल तक पहुँचने पर यहाँ के नजारे सारी थकान को उत्साह में बदल देता है।जिला मुख्यालय बालोद से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है दल्लीराजहरा, जहाँ से महामाया रोड में 10 किलोमीटर का सफर तय करने के पश्चात आपको किल्लेवाली माता मंदिर जाने का द्वार नजर आता है। यहाॅ काफी उॅचाई तक वाहनों के आवागमन हेतु सीसी सड़क का निर्माण किया गया है। जिसके पश्चात वाहन पार्किंग की सुविधा भी है। यहाॅ से पर्यटक पैदल ही सीढ़ियों के माध्यम से उपर मंदिर तक जाना आना करते हैं। जानकारों के अनुसार बालोद जिले के इस पर्यटन स्थल को दुर्ग डोंगरी के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें दुर्ग का मतलब किला तथा डोंगरी का अर्थ पहाड़ होता है वही दोनों का शाब्दिक अर्थ पहाड़ पर किला होता है। पहले इस जगह पर किला था, आज सिर्फ अवशेष बचे हैं। यहाॅ सुर्योदय व सुर्यास्त का बेहद ही मनमोहक नजारा भी दिखाई देता है।
- दुर्ग / रविवार को ग्राम-जुनवानी, डी.पी.एस. भिलाई, जिला दुर्ग स्थित भूमि पर न्यायिक कर्मचारियों के 28 नग जी-टाईप, व 20 नग एच टाईप एवं 20 नग आई-टाईप इस प्रकार कुल 68 नग शासकीय आवासगृह निर्माण हेतु 3.30 एकड़ आबंटित भूमि का वर्चुअल भूमिपूजन माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश कुमार सिन्हा, न्यायमूर्ति महोदय, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा प्रातः 10 बजे किया गया।वर्चुअली भूमिपूजन के अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश कुमार सिन्हा, विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर एवं पोर्टफोलियो न्यायाधीश जिला दुर्ग माननीय न्यायमूर्ति श्री एन. के. चंद्रवंशी, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, प्रधान जिला एवं सत्र महोदया दुर्ग एवं अन्य न्यायिक अधिकारीगण, अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ दुर्ग व पदाधिकारी, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य विभागों के अधिकारियों, निर्माणकार्य कंपनी के अधिकारी/कर्मचारी, जिला न्यायालय के कर्मचारी, प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारंभ में सम्माननीय न्यायाधिपति व अन्य न्यायिक अधिकारियों व उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए स्वागत उद्बोधन डॉ० प्रज्ञा पचौरी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग द्वारा किया गया।माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा, माननीय मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर, द्वारा उक्त अवसर पर अपने उद्बोधन में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा गया कि आज हम सभी यहां न्यायिक कर्मचारियों के आवासीय कॉलोनी के वर्चुअल भूमिपूजन कार्यक्रम में उपस्थित हुए हैं। विगत 02 वर्षों में मेरे द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न न्यायिक जिलों में अधोसंरचना को विकसित करने हेतू विभिन्न कार्यों का वर्चुअली लोकार्पण किया गया है। आज का यह भूमिपूजन इसी दिशा में एक और कदम है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना लगभग 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं साथ ही उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ की स्थापना भी वर्ष 2000 में हुई है। जिसकी रजत जयंती हमारे द्वारा मनाई जा रही है। कल मेरे द्वारा जिला न्यायालय रायगढ़ में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय कॉलोनी का वर्चुअल शुभारंभ किया गया और आज दुर्ग में न्यायिक कर्मचारियों के लिये आवासीय कॉलोनी के वर्चुअल भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ हूं, इस अवसर पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं साथ ही आवासीय कॉलोनी के निर्माण हेतु संबंधित एजेंसियों को मेरे द्वारा यह निर्देश है कि आवासीय कॉलोनी का निर्माण निविदा में निर्धारित समयावधि 18 माह के भीतर पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा किया जावे तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदया, दुर्ग एवं जिला कलेक्टर व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत तौर पर निर्माण कार्य में पर्यवेक्षण करते हुए यह सुनिश्चित किया जावे कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।न्यायिक कर्मचारियों के शासकीय आवासगृह के वर्चुअली भूमिपूजन कार्यक्रम के समापन अवसर पर अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री पंकज दीक्षित, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग द्वारा किया गया जिसके पश्चात् माननीय न्यायाधिपति की अनुमति उपरांत वर्चुअल भूमिपूजन कार्यक्रम का समापन किया गया।
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-गणेश की आराधना से हुआ अनुष्ठानारंभ-एक करोड़ बार माता के सहस्रनामों का पाठटी सहदेवभिलाई नगर। बालाजी मंदिर में रविवार को आंध्र महिला मंडली के तत्वावधान में भक्तों की भारी भीड़ के बीच त्रिपुरा सुंदरी एवं स्त्री ऊर्जा का प्रतीक देवी ललिता के सहस्रनाम का पारायण (पाठ) किया गया। शहर में पहली बार हुए भव्य धार्मिक अनुष्ठान में पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने एक करोड़ बार माता के सहस्रनामों का एक स्वर में पाठ किया। ऐसी मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्य अकाल मृत्यु एवं अनिष्ट से बच सकते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने के साथ-साथ मन को शांति भी मिलती है। इस दौरान महिलाओं ने कुमकुम पूजा भी की। ललितासहस्रनाम एक हिंदू धार्मिक ग्रंथ है, जिसमें देवी ललिता के हजार नामों का वर्णन है।गणेश की आराधना से हुआ अनुष्ठानारंभआंध्र साहित्य समिति के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का आरंभ भगवान गणेश की आराधना से हुआ। ललिता पारायण से पहले पूजा स्थल के मध्य में विभिन्न आभूषणों एवं नूतन वस्रों से सुसज्जित देवी ललिता समेत दुर्गा माता के नौ रूपों की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। उसके बाद अभिमंत्रित गंगाजल, हल्दी-कुमकुम, अक्षत और चंदन से भरे मुख्य कलश को प्रतिमाओं के समक्ष प्रतिष्ठित किया गया। तत्पश्चात वैदिक विधि-विधान से संकल्प पूजा की गई, जिसके अंतर्गत भगवान विष्णु के सेनापति विष्वक्सेन पूजा, पुण्याहवचनम, रक्षासूत्र बंधन, अष्टलक्ष्मी पूजा, नव दुर्गा पूजा एवं देवी ललितांबिका की पूजा-अर्चना की गई।पूजा स्थल पर उमड़ी भक्तों की भीड़पंडित गोपालाचारी के सान्निध्य में हुए अनुष्ठान में ट्विनसिटी के आसपास के क्षेत्रों दुर्ग, चरोदा तथा रायपुर से डेढ़ हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें बच्चों से लेकर वयोवृद्ध व्यक्ति भी थे। इस धार्मिक अनुष्ठान में पुरुषों की तादाद भी अच्छी खासी थी। जिन श्रद्धालुओं को पूजा स्थल में जगह नहीं मिली, वे अपने स्थान पर ही खड़े-खड़े ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करने लगे। पारायण में शामिल हर महिला को ललितासहस्रनाम की एक पुस्तक तथा एक थैली भी भेंट की गई, जिसमें हल्दी- कुमकुम, चूड़ियां, मेहंदी, ब्लाउज पीस सहित सुहाग की निशानियां थीं।एक करोड़ बार माता के सहस्रनामों का पाठपूजा स्थल पर उन्हीं महिलाओं को प्रवेश की अनुमति थी, जिन्होंने टोकन लिया हुआ हो। जिन महिलाओं का पाठ पूर्ण हो जाता था, वे अपने टोकन काउंटर में जमा कर देती थीं, ताकि अन्य महिलाएं टोकन लेकर प्रवेश कर सकें। रायपुर स्थित ललिता मंदिर के पुजारी डी अनंत राव ने बताया कि हर चक्र में पांच-पांच सौ महिलाओं ने देवी ललिता के हजार नामों का पाठ किया। इस तरह ललिता पारायण बीस चक्रों में पूरा हुआ। इन बीस चक्रों में एक करोड़ बार माता के सहस्रनामों का पाठ किया गया, जिसका सीधा प्रसारण बड़ी स्क्रीन के माध्यम से किया गया। भक्तों के लिए भंडारा भी रखा गया था।ये थे सफल आयोजन के सूत्रधारइस अभूतपूर्व अनुष्ठान के सफल आयोजन में महिला मंडली की अध्यक्ष पेरी पद्मा, उपाध्यक्ष पावनी मोहन, सचिव अनंत लक्ष्मी, कोषाध्यक्ष वर लक्ष्मी, सहसचिव विजय निर्मला एवं नाग कुमारी, प्रबंधकारिणी सदस्यों एम पद्मजा, ज्योति महेश, पदाधिकारियों राज्यलक्ष्मी, पद्मा, विमला, आदि लक्ष्मी, मंजूश्री एवं बी सुशीला तथा आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, उपाध्यक्ष के सुब्बाराव, कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर की अहम भूमिका रही। इस अवसर पर रायपुर के सत्य सांई वैदिक स्कूल के अस्सी बच्चे, तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवलु, विष्णु केमिकल के उपाध्यक्ष एमवी राव एवं समाजसेवी एनएन राव विशेष रूप से उपस्थित थे। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सामाजिक क्रांति की अग्रदूत पद्मश्री राजमोहिनी देवी की 6 जनवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया है। श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज से आने वाली स्वर्गीय राजमोहिनी देवी का संपूर्ण जीवन हमें सामाजिक बुराइयों से लड़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री राजमोहिनी देवी ने आदिवासी महिलाओं की स्वतन्त्रता व स्वायत्तता के लिए संघर्ष करने के साथ ही अंधविश्वास और मदिरा पान की समस्याओं के उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय राजमोहिनी देवी की समर्पित सेवा भावना और समाज के प्रति निस्वार्थ योगदान हम सभी के लिए प्रेरणा के स्त्रोत का कार्य करता रहेगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिखों के 10वें गुरू और खालसा पंथ के संस्थापक गुरू गोविन्द सिंह जी की 6 जनवरी को जयंती के अवसर पर सिख समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि गुरु गोविंद सिंह जी आध्यात्मिक गुरू और निडर योद्धा भी थे। उन्होंने प्रेम, एकता, भाईचारे का संदेश लोगों को दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह जी के बताए रास्ते पर चलकर हम सभी को देश और समाज के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 6 जनवरी को जांजगीर-चांपा और महासमुंद जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर पुलिस ग्राउंड मैदान से पूर्वान्ह 11.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 12.15 बजे जांजगीर-चांपा जिले के खोखरा भांठा, जांजगीर पहुंचेंगे और खोखरा में स्पोर्टस कॉम्पलेक्स तथा कचहरी चौक में हसदेव क्रेटर्स हब का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के बाद कार द्वारा 12.55 बजे हाई स्कूल ग्राउंड जांजगीर आएंगे और वहां विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री जिले के कलेक्टोरेट परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।मुख्यमंत्री अपरान्ह 2.30 बजे पुलिस लाइन हेलीपेड खोखरा भांठा, जांजगीर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.15 बजे महासमुंद जिले के ग्राम मचेवा पहुंचेंगे और कार द्वारा वहां से स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण महासमुंद आएंगे। मुख्यमंत्री यहां विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.50 बजे रायपुर लौट आएंगे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाल में पहुंचकर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने माताओं के साथ आए शिशुओं का अन्नप्राशन कराया और उन्हें दुलार कर उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
- आरंग। आनंद नगर, रायपुर निवासी, क्षेत्रीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता , ग्राम नारा के पूर्व सरपंच और कृषि उपज मंडी आरंग के पूर्व अध्यक्ष शत्रुघ्न चंद्राकर का आज 5 जनवरी को निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे। वे प्रवीण और विनय चंद्राकर के पिता थे। उनका अंतिम संस्कार कल रायपुर के मारवाड़ी मुक्तिधाम में किया जाएगा।
- -धवलपुर, जिडार, जुगाड़ एवं पीपरछेड़ी में बनेगा सर्वसुविधायुक्त छात्रावास-विशेष पिछड़ी जनजाति बच्चों को अब पढ़ाई के लिए मिलेगी बेहतर सुविधा-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया शिलान्यासरायपुर /गरियाबंद के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद प्रवास के दौरान केन्द्र सरकार की विशेष योजना ‘पीएम जनमन’ के तहत 4 नये छात्रावास भवनों का शिलान्यास किया। ये छात्रावास धवलपुर, जिडार, जुगाड़ और पीपरछेड़ी में बनाए जाएंगे। इन छात्रावासों को पूर्ण करने के लिए 10 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।उल्लेखनीय है कि वनांचल गरियाबंद जिले में कमार विशेष पिछड़ी जनजाति निवास करती है। इन वर्गों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के तहत इन छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इससे इन वर्गों के बच्चों की पढ़ाई निरंतरता आएगी। साथ ही वे अपने बेहतर कैरियर का भी निर्माण कर सकेंगे। पीएम जनमन योजना के तहत बनाए जाने वाले ये छात्रावास सर्वसुविधायुक्त होंगे। इन छात्रावासों में पुस्तकालय एवं कंप्यूटर कक्ष का भी निर्माण किया जाएगा।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गरियाबंद में राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिलरायपुर / भारत की सनातन परंपरा एक उदार परम्परा है, जो सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सनातन परम्पराओं और संस्कारों से हम सभी को जोड़ने के लिए अनेक अभिनव प्रयास किया जा रहा है। पिछले वर्ष ही अयोध्या धाम में बने भव्य राम मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी जी ने श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा की। आज देश-दुनिया से बड़ी संख्या में लोग श्रीरामलला के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। हमारी सरकार श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के जरिए भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के लोगों को श्रीरामलला के दर्शन करा रही है। अब तक छत्तीसगढ़ से 20 हजार से अधिक लोगों ने योजना का लाभ उठाते हुए श्रीरामलला जी का दर्शन किया है। हमने राज्य की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजिम मेले का आयोजन पुनः उसके व्यापक स्वरूप में राजिम कुंभ कल्प के रूप में शुरू किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय गरियाबंद के गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में आमसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश की सभ्यता है कि हम स्त्री को देवी का स्वरूप मानते हैं। हमारी सरकार ने देवी स्वरूप माताओं-बहनों के लिए महतारी वंदन योजना लागू कर उन्हें सम्मान देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि गायत्री परिवार के सदस्यों ने वेदमाता गायत्री के 108 कुण्डीय महायज्ञ का भव्य आयोजन किया है और गायत्री महायज्ञ के माध्यम से समाज को धर्म, सद्कर्म से जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने का प्रयास किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री परिवार के सदस्यों ने देश को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है, क्योंकि कोई भी देश तभी मजबूत हो सकता है, जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परम्पराओं में है। उन्होंने बताया कि हमारा परिवार कई दशकों से गायत्री परिवार के साथ जुड़ा हुआ है। गायत्री परिवार के सदस्य धर्म जागरण का कार्य कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश माता कौशिल्या की धरती है तथा भगवान श्रीराम जी का ननिहाल है। गायत्री महामंत्र वेदों का और हमारी सनातन परम्परा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह हमें सन्मार्ग की ओर चलने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के उप कुलाधिपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि मनुष्य को जीवन एक स्वर्णिम अवसर के रूप में मिला है, जिसे अच्छे उद्देश्य में लगाना चाहिए। गायत्री परिवार इंसान के अंदर देवत्व की भावना को जगाने वाला परिवार है। यज्ञ हमें श्रेष्ठ कर्म की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने गायत्री परिवार के सदस्यों को आह्वान किया कि वे समाज से नशे की बुराई को दूर करने के लिए लगातार प्रयास करें। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयालदास बघेल, महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित गायत्री परिवार के सदस्यगण एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
- -जिला प्रशासन के विशेष अभियान से 50 अनुकंपा नियुक्ति एवं 206 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- सहायिकाओं की हुई है भर्तीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर गरियाबंद जिले में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण एवं आंगनबाड़ी के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इसके फलस्वरूप लगभग 50 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति मिल चुकी है, साथ ही 206 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती भी हुई है। आज गरियाबंद जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शामिल होकर जिला प्रशासन के इस विशेष अभियान की प्रशंसा की। साथ ही लाभान्वित हितग्राहियों ने एक स्वर में थैंक्यू सीएम सर कहकर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताया। कार्यक्रम स्थल में लगाये गये विभागीय स्टॉल के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय से नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका ने मुलाकात की। सभी ने प्रसन्न होकर हुए मुख्यमंत्री को अपनी नियुक्ति के संबंध में जानकारी दी। सभी ने शासन के विशेष पहल से नौकरी मिलने की जानकारी देते हुए खुशी जताई।अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों में छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाण्डुका निवासी 18 वर्षीय दीपशिखा सिन्हा भी शामिल है। उन्होने बताया कि उनकी मां श्रीमती दुर्गा सिन्हा प्राथमिक बालक शाला पाण्डुका में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ थी। 23 मई 2022 को अचानक उनका निधन हो गया। अचानक मां के आकस्मिक निधन से जीवनयापन का बड़ा संकट आ पड़ा। परंतु राज्य सरकार की पहल से मुझे 10 सितंबर 2024 चतुर्थ श्रेणी में भृत्य के पद पर नियुक्ति प्रदान की है। मेरी पोस्टिंग शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अतरमरा में दी गई है। उन्होंने बताया कि सरल प्रशासनिक प्रक्रिया से अनुकंपा नियुक्ति मिल जाने से कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब शासकीय नौकरी मिल जाने से परिवार के भरण पोषण एवं भविष्य की भी चिंता दूर हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए निष्ठा एवं लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शुभकामनाएं दी।
- -छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर मुख्यमंत्री साय के विजन से अमेरिकी राजदूत हुए परिचित-रक्षा, लॉजिस्टिक्स, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर हुई अहम चर्चा-छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट, यहां निवेश की अपार संभावनाएं: राजदूत श्री एरिक गार्सेटी-मुख्यमंत्री ने भेंट किए छत्तीसगढ़ हर्बल के स्थानीय उत्पाद-मुख्यमंत्री के साथ चाय का आनंद लेकर श्री गार्सेटी ने कहा - आई लव चायरायपुर /छत्तीसगढ़ आना मेरा सपना था, मैने छत्तीसगढ़ की प्रकृति और यहां के पर्यटन स्थलों, संस्कृति के विषय में बहुत कुछ पढ़ और सुन रखा था। आज यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय मुलाकात के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत श्री एरिक गार्सेटी ने कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांत और सुंदर प्रदेश है। इस सुंदर प्रदेश की विकास यात्रा में अब अमेरिका भी साझेदार बनेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान राजदूत श्री गार्सेटी ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक पहलुओं और आर्थिक संभावनाओं पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों और नई औद्योगिक नीति से निवेशकों के लिए बने अनुकूल वातावरण के बारे में विस्तार से बताया। श्री साय ने कहा कि हमारा राज्य वैश्विक निवेशकों के लिए खुला है और यहां हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास हो रहा है। अमेरिका जैसे मित्र राष्ट्रों का सहयोग हमारे लिए गौरव की बात है।चर्चा के दौरान राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट है। यहां ऊर्जा, रक्षा, लॉजिस्टिक्स, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राजदूत ने कहा, हम छत्तीसगढ़ में विभिन्न अमेरिकी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में मिलकर काम करेंगे। छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन सकता है। मुख्यमंत्री ने श्री गार्सेटी से कहा कि सभी निवेशकों का छत्तीसगढ़ में स्वागत है और उनके लिए सभी जरूरी सुविधाएं देने का काम सरकार करेगी।राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा परिवार के साथ आऊंगा बस्तरमुख्यमंत्री श्री साय ने बातचीत के बीच अमेरिकी राजदूत श्री एरिक गार्सेटी से कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। यहां प्रकृति की गोद में बसे मनोरम पर्यटन स्थल हैं। आप छत्तीसगढ़ आए है तो बस्तर जरूर घूमें। मुख्यमंत्री के आग्रह पर श्री गार्सेटी ने कहा कि मैं पूरे परिवार के साथ बस्तर जरूर घूमने आऊंगा।मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं राजदूत श्री गार्सेटी के बीच विभिन्न विषयों पर बात हुई। मुख्यमंत्री से राजदूत ने कई रोचक प्रश्न भी किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी बड़ी सहजता से अपने सार्वजनिक व व्यक्तिगत जीवन से जुड़े विषयों पर बातचीत की। दोनों ने घर के सदस्यों के बारे में जानकारी ली, उनका हालचाल जाना। बड़े मित्रवत अंदाज में दोनों इन बातों को साझा कर रहे थे, जिससे यह लगा ही नहीं कि वे पहली बार मिल रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजदूत श्री गार्सेटी के भांगड़ा डांस और हिन्दी सिनेमा के गानों के प्रति उनके जुड़ाव की खूब प्रशंसा की। इस पर श्री गार्सेटी ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगली दिवाली हम साथ मनाएंगे और डांस करेंगे।छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर जाना मुख्यमंत्री का विजनमुख्यमंत्री श्री साय से बातचीत में राजदूत श्री गार्सेटी ने छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर मुख्यमंत्री के विजन और इस दौरान आ रही चुनौतियों पर भी बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा के विपुल भण्डार वाला अग्रणी राज्य है। कई रेयर अर्थमेटल भी छत्तीसगढ़ में पाए जाते है। लिथियम आयन की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य है। 44 प्रतिशत वन क्षेत्र यहां मौजूद है। छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। श्री साय ने उन्हें हाल ही में राजधानी नई दिल्ली में आयोजित इंवेस्टर मीट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 50 हजार करोड़ रूपए से अधिक के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह प्रदेश की नई औद्योगिक नीति की बड़ी सफलता है। प्रदेश भौगोलिक रूप से महत्वूपर्ण स्थान रखता है। बढ़ते रेल, हवाई और रोड कनेक्टिविटी ने निवेशकों को आकर्षित करने का काम किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना के बारे में भी उन्हें जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश का आदिवासी बाहुल्य बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित है, जो अब तक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। हमारी सरकार इन इलाकों में शांति स्थापना की दिशा में और आदिवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से इन दूरस्थ अंचलों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का काम तेजी से हो रहा है। नए कैम्प खुलने से नक्सलियों का दायरा सिमटा है और विकास का रास्ता तेजी से खुल रहा है। मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से बस्तर के युवा, बुजुर्ग, महिलाओं ने मिलकर न केवल अपनी क्षमता और खेल कौशल को दिखाया बल्कि शांति का बड़ा संदेश देने का काम किया। राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में ओलंपिक विजेता एथलीट को भी आमंत्रित करें ताकि दुनिया बस्तर को जाने और बस्तर भी दुनिया से उस अंदाज से जुड़ पाए। मुख्यमंत्री ने उनके इस सुंदर के लिए धन्यवाद दिया। श्री गार्सेटी ने मुख्यमंत्री को 2028 में अमेरिका में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।चाय की चुस्कियों के साथ स्वीकार किया मुख्यमंत्री का आतिथ्य, कहा आई लव चायछत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे अमेरिकी राजदूत श्री गार्सेटी जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिले तो उन्होंने शॉल और बेलमेटल की नंदी भेंट कर उनका छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। अतिथि परम्परा निभाते हुए जब मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि आप चाय या कॉफी क्या लेना पसंद करेंगे, मुख्यमंत्री श्री साय की बात सुनते ही राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा कि आई लव चाय और मुख्यमंत्री के साथ चाय का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने गुड़ के रसगुल्ले का भी स्वाद चखा। मुख्यमंत्री ने श्री गार्सेटी एवं उनके सहयोगियों को छत्तीसगढ़ हर्बल के स्थानीय उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सर्व श्री राहुल भगत, सचिव श्री पी. दयानंद, सचिव डॉ. बसवराजु एस, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक और अमेरिकी राजदूत के साथ आए अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









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