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- -जावंगा कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखारायपुर । बस्तर संभाग में कार्यों के निरीक्षण और उनकी प्रगति की समीक्षा के लिए निकले उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज तीसरे दिन दंतेवाड़ा जिले में कॉलेज भवन, जल जीवन मिशन और स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा। उन्होंने गीदम के पास जावंगा शासकीय महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। 4 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से इस सर्वसुविधायुक्त कॉलेज भवन का निर्माण किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाकर भवन का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भवन में जितनी जल्दी हो सके, कॉलेज प्रारंभ होना चाहिए। इससे दंतेवाड़ा के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता का सर्वसुविधायुक्त कालेज मिलेगा।श्री साव ने ग्राम टेकनार में जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने दो घरों में जाकर नल से जल की आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्राम पंचायत और जनभागीदारी के माध्यम से नल जल योजना के संचालन-संधारण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया।श्री साव ने दंतेवाड़ा नगर पालिका में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन देखा। उन्होंने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) पहुंचकर स्वच्छता दीदियों के कार्यों को देखा और उनके काम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और उसके सेग्रीगेशन के बारे में भी पूछा। श्री साव ने स्वच्छता दीदियों से मिलकर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। विधायक श्री चैतराम अटामी, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव और दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता भी इस दौरान मौजूद थीं।
- -ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर की सहभागिता, रोजगार मांग पंजीयन और जॉब कार्ड अद्यतन के कार्य संपन्नरायपुर / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण परिवारों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जशपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए रोजगार की मांग दर्ज कराई तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।रोजगार दिवस के दौरान ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड निर्माण एवं संशोधन, कार्य मांग पंजीयन, मजदूरी भुगतान प्रणाली तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रोजगार सहायकों, तकनीकी सहायकों और पंचायत कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।इस दौरान आगामी कार्यों के लिए रोजगार मांग आवेदन प्राप्त किए गए तथा पात्र परिवारों के नवीन जॉब कार्ड बनाने और पुराने जॉब कार्डों के अद्यतन का कार्य भी किया गया। पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।रोजगार दिवस में मनरेगा के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। बताया गया कि जिले में सोक पिट, कंटूर ट्रेंच, वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT), नवा तरिया, आजीविका डबरी, तालाब निर्माण एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यों के माध्यम से एक ओर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भू-जल संवर्धन को भी बढ़ावा मिल रहा है।इन कार्यों से जल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। मनरेगा के माध्यम से जिले में विकास और आजीविका सशक्तिकरण के दोहरे उद्देश्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं तथा कमजोर वर्गों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मनरेगा एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्हें विभिन्न स्वरोजगार और रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए गए।जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे रोजगार दिवस का उद्देश्य प्रत्येक इच्छुक ग्रामीण परिवार को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना, योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी को मजबूत करना है। रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी मंच उपलब्ध हो रहा है।
- -सोक पिट, वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच, कंटूर ट्रेंच, आजीविका डबरी और नवा तरिया जैसी संरचनाएं बढ़ा रही जल संचयन क्षमता-मनरेगा और जनभागीदारी से जल सुरक्षा की दिशा में जशपुर का अभिनव मॉडलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में जशपुर जिला एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। जिले में मनरेगा तथा जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए विभिन्न नवाचार आधारित संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण आजीविका को भी नई मजबूती मिल रही है। जशपुर जिले में वर्षा जल के अधिकतम संचयन और भू-जल पुनर्भरण के उद्देश्य से घरों, शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में सोक पिट बनाए जा रहे हैं। इन संरचनाओं से उपयोग किए गए जल का पुनर्भरण संभव हो रहा है तथा जलभराव की समस्या में भी कमी आ रही है। पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच और कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तीव्र बहाव को नियंत्रित कर मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ जल को भूमि में समाहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे भू-जल स्तर में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिल रहा है।ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए जिले में आजीविका डबरी निर्माण कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 495 आजीविका डबरियां निर्माणाधीन हैं। इन डबरियों में वर्षा जल संग्रहित होने से किसानों को रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई सुविधा मिलेगी, वहीं सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में ‘नवा तरिया’ अभियान भी उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। नए तालाबों के निर्माण और पुराने जलाशयों के जीर्णाेद्धार से जल भंडारण क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके सकारात्मक प्रभाव कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन गतिविधियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।जशपुर जिले में 5 प्रतिशत मॉडल को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के कम से कम 5 प्रतिशत हिस्से को जल संरक्षण संरचनाओं से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल से वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जल संरक्षण कार्यों में सभी विभागों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए कहा है कि जल संरक्षण केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित जन आंदोलन है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जशपुर जिले में संचालित ये नवाचार आधारित जल संरक्षण प्रयास जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। साथ ही ये पहल कृषि उत्पादन बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- -पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय और विकास संबंधी विषयों पर हुई विस्तृत चर्चारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और साध्वी निरंजन ज्योति के बीच पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय, शैक्षणिक उन्नयन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है।साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद सहित आयोग के सदस्यगण उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सुझाव प्रदान करता है तथा उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करता है। आयोग पिछड़ा वर्गों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।
- -‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गतिरायपुर । जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है।भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।
- -जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- - महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा के अनावरण समारोह में राज्यपाल ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों को तक दिया अहम संदेश- गरीब जरूरतमंद मरीजों की सेवा करने के साथ अपने सेवाभावी कार्यों में विस्तर करने के लिए महाराष्ट्र मंडल को गवर्नर ने दिया एबुंलेंसरायपर। आज हमें अपनों के हित के लिए छोटे–छोटे कार्य करने का संकल्प लेना है। हम इस मंच से किसी एक सेवाभावी काम का संकल्प लें, चाहें फिर वह घर के बाहर फैली गंदगी की सफाई का संकल्प हो या किसी जरूरतमंदों की बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने का। किसी को शिक्षा में मदद का संकल्प भी हो सकता है। उक्ताशय के विचार राज्यपाल रमेन डेका ने महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा अनावरण समारोह में व्यक्त किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हम असम से आते हैं, असम औऱ मराठी दोनों में ही मां को आई कहते है। मराठी और असमिया में 48 फीसद संस्कृत के शब्द है, इसलिए दोनों में काफी समानता है। उन्होंने अपने पुरानों दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 52 साल पर जब उनके पास युवा मोर्चा की कमान हुआ करती थी, तब हम लोग शिवाजी महाराज की जयंती मनाया करते थे। शिवाजी के बलिदानों के बारे में आज हमें अपने आने वाली पीढ़ी को बताना होगा।राज्यपाल ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनती जा रही है। इसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ से बाहर निकलने की आवश्यकता है, क्योंकि यह सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर केवल कृत्रिम संतुष्टि प्रदान करता है।इससे पूर्व राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल परिसर पर स्थापित शिवाजी महाराज की राजस्थान से बनकर आई संगमरमर की खूबसूरत प्रतिमा का अनारण किया। तत्पश्चात शिवाजी महाराज के किलों की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल आकर उन्हें सुकून मिलता है। वे शहर की प्रथम नागरिक होने नाते शहर की बड़ी समस्याओं को दूर करने का भरसक प्रयास कर रहीं हैं। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी प्रकल्पों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सचिव चेतन दंडवते और आभार प्रदर्शन गीता दलाल ने किया।
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में बैठे सैकड़ों दर्शकों नेअभिषेक बक्षी निर्देशित नाटक को देखते हुए बार- बार बजाईं तालियांरायपुर। ‘लोगों को लगता है… शिवाजी होना बहुत आसान है, आगे-पीछे भगवा लहराया और बन गए शिवाजी। उन्हें दिखता है सिर्फ रण में तलवार लिए लड़ता हुआ शिवाजी, पर उस शिवाजी का भी एक मन है, जिसे दर्द होता है… तकलीफ़ होती है… यादें सताती हैं। क्या करें वो शिवाजी, छोड़ दे सब कुछ। मैंने ये नहीं किया, तो कोई भी नहीं करेगा। रण के युद्ध जीतने से पहले, मन के युद्ध जीतने पड़ते हैं, बाजी। अपने परममित्र बाजी प्रभु देशपांडे के सामने बोला गया शिवाजी महाराज का यह संवाद दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है।बात हो रही है हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ की, जिसका मंचन शनिवार की देर शाम महाराष्ट्र मंडल में रंगप्रेमी दर्शकों से खचाखच भरे संत ज्ञानेश्वर सभागृह में कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर किया गया। शिवाजी महाराज की केंद्रीय भूमिका में नाटक के लेखक, संगीत संयोजक व निर्देशक अभिषेक विद्याधर बक्षी खूब जमे हैं। ‘शिव शौर्य’ में शिवाजी महाराज के विभिन्न प्रसंगों को कड़ी दर कड़ी मंच पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने की अहम जिम्मेदारी सूत्रधार दीपक हटवार ने अच्छे से निभाई।वहीं बाजी प्रभु देशपांडे की प्रभावी भूमिका में चेतन दंडवते असरदार रहे। शिवाजी महाराज के सामने बोले गए उनके डायलॉग ‘मैं आपके साथ इस मुहिम पर केवल इसलिए आया हूं क्योंकि मैं अपने बेटे की नज़रों में में खोई हुई इज़्ज़त और सम्मान वापस पाना चाहता हूँ, लोगों को प्रभावित करता है। उनकी पत्नी देशपांडे बाई के रोल में श्वेता निगम ने कमाल का अभिनय किया है। अफजल खान के क्रूर किरदार में शशि वरवंडकर अपनी भारी आवाज में शिवाजी महाराज के सामने बोले गए डॉयलॉग ‘अभी भी वक़्त है, शिवाजी। सल्तनत के आगे सर झुका दो, माफ़ी मिलेगी… जागीर मिलेगी… ओहदा… इज़्ज़त… सब मिलेगा, पर दर्शकों ने सीटियां... तालियां बजाईं।कीर्ति हिशीकर (शिवाजी की पत्नी सई बाई), भारती पलसोदकर (जिजाऊ माता), पाटिल (रविंद्र ठेंगडी), यशस्वी दंडवते (दासी केसर बाई) ने अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया। विनोद राखुंडे, पवन ओगले, पंकज सराफ, अभय भागवतकर, पराग दलाल, अक्षदा मातुरकर, योगेश दंडवते, अनुष्का टेम्बे, प्रार्थना दंडवते, अतुल गद्रे, हेमंत मोहिते, गणेशा जाधव पाटिल, ज्योतिर्मय भोसले, रवि किरण दशपुत्रे ने भी अपनी भूमिकाओं से न्याय किया। मंच सज्जा प्रवीण क्षीरसागर, रूपसज्जा दिनेश धनगर, संगीत संचालन परितोष डोनगांवकर का रहा। नेपथ्य में प्रकाश गुरव व उत्कर्ष हटवार की भूमिका नोट की गई। शिव शौर्य में विशेष सहकार्य वैभव किशोर, लोकेश साहू सहित अन्य उनके साथियों का रहा।
- मानपुर। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पुलिस ने एक ट्रक से 50.28 लाख रुपये मूल्य की शराब के 800 बॉक्स जब्त किए हैं।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह खेप महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की सीमा के पास स्थित गांवों में अवैध रूप से भेजी जानी थी जहां शराब की दुकानें नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह बड़ी खेप मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से लोड की गई थी और इसे छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा क्षेत्र तक पहुंचाया जाना था।पुलिस के अनुसार तस्करों ने शराब परिवहन के लिए लंबा और सुनियोजित रूट तैयार किया था। खेप को नागपुर, देवरी, चिचोला, राजनांदगांव, अंबागढ़ चौकी, मोहला, मानपुर और औंधी मार्ग से महाराष्ट्र सीमा तक पहुंचाने की योजना थी। इसके बाद शराब को गढ़चिरौली जिले की सीमा से लगे गांवों में अवैध रूप से खपाया जाना था।मानपुर पुलिस को शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंबिकापुर पासिंग का एक ट्रक भारी मात्रा में शराब लेकर महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही एसडीएम कार्यालय के पास मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर वाहनों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस ने एक ट्रक को रोका, लेकिन चालक भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान महाराष्ट्र के नागपुर निवासी बलराम सिंह डांगी के रूप में बताई।तलाशी में ट्रक से 100 पेटी रायल स्टेज, 300 पेटी बीयर और 400 पेटी गोवा व्हिस्की बरामद की गई। कुल 800 पेटी शराब की कीमत 50.28 लाख रुपये आंकी गई है। जब्त ट्रक की कीमत 25 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह कार्रवाई में कुल 75.28 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।पुलिस अधिकारियों के अनुसार गढ़चिरौली जिले में कई क्षेत्रों में शराब बिक्री पर प्रतिबंध और सीमित उपलब्धता का फायदा उठाकर तस्कर लंबे समय से सीमा क्षेत्र के गांवों को निशाना बना रहे हैं। इसी मांग को देखते हुए शराब की बड़ी खेपें अवैध रूप से पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही शराब की खेप भेजने वाले और प्राप्त करने वाले लोगों की तलाश की जा रही है।
- रायपुर । समय सीमा ( टी एल ) मामलों को निपटारे की एक निश्चित समयावधि होती है और ऐसे मामलों की समीक्षा इस हेतु निर्धारित बैठकों में समय-समय पर हर जिले का जिलाधीश करता है पर मंदिर हसौद तहसील के ग्राम टेकारी में हुये व्यापक बंदोबस्त त्रुटि को सुधरवाने ग्राम में शिविर लगवा सुधरवाने के आवेदन पर दर्ज टी एल प्रकरण आज भी कहीं फाईलों में दबा पड़ा है । बीते 18 मई को मंदिर हसौद तहसील के ग्राम सिवनी में आयोजित सुशासन तिहार में पंचायत द्वारा आवेदन देने पर नौकरशाही का यह रव्वैया सामने आया है ।ज्ञातव्य हो कि ग्राम टेकारी में बंदोबस्त के दौरान हुये व्यापक त्रुटियों की ओर ग्राम के लगभग 70 प्रतिशत किसानों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन पंचायत ने सन् 2017 के 11 दिसंबर को तात्कालिक संभागायुक्त व जिलाधीश को सौंप ग्राम में शिविर लगवा त्रुटियों के सुधार करवाने का आग्रह किया था । ज्ञापन में जानकारी दी गयी थी कि कई भूमिस्वामियों के भूमि दूसरे भूमिस्वामियों के नाम कर दी गयी है तो किसी के रकबे को बढ़ा दिया गया है तो किसी के रकबे को कम कर दिया गया है । इतना ही नहीं वरन् जहां ग्रामीण सिंचाई नालियां भी न केवल गायब कर दी गयी है वहीं कई शासकीय भूमियों को भी भूमिस्वामी हक में दर्ज कर दिया गया है । बंदोबस्त के पूर्व ग्राम के निस्तार के लिये निस्तार पत्रक में सुरक्षित कई भूमियां भी गायब है । इसके परिप्रेक्ष्य में बंदोबस्त के पूर्व के सभी संबंधित व वर्तमान अभिलेखों को ले ग्राम में व्याप्त लगवा किसानों के सामने त्रुटियां सुधरवाने का आग्रह किया गया था । मामले की गंभीरता व संवेदनशीलता को देखते हुये तात्कालीन जिलाधीश ने इसे टी एल प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही हेतु आरंग के अनुविभागीय अधिकारी को भेजा था जिन्होंने सन् 2018 के 10 जनवरी को मंदिर हसौद के नायब तहसीलदार को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया था । 05 माह तक कोई सुगबुगाहट न होने व ग्राम से रेलवे लाइन गुजरने की जानकारी किसानों द्वारा दिये जाने पर मुआवजा का भी समस्या उठ खड़े होने की समस्या की ओर किसानों द्वारा ध्यानाकर्षण कराये जाने पर किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने सन् 2018 के 23 मई को तात्कालीन संभागायुक्त ब्रजेश चंद्र मिश्रा व जिलाधीश ओ पी चौधरी ( वर्तमान वित्त मंत्री ) को ज्ञापन सौंप सभी अभिलेखों को ले टेकारी में अविलंब शिविर लगवाने का आग्रह किया था । इसके बाद भी कोई सुगबुगाहट न होने से ग्रामीणों की मांग पर सुशासन तिहार में पंचायत द्वारा आवेदन सौंप जिलाधीश का भी ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया । जानकारी के अनुसार इसके बाद मंदिर हसौद में पदस्थ नायब तहसीलदार ने बीते 3 जून को एक ज्ञापन जारी कर टेकारी में कल सोमवार 08 जून को एक दिवसीय शिविर लगा किसानों से पुनः आवेदन लेने राजस्व निरीक्षक भुनेश्वर वर्मा व पटवारी राजेश शर्मा को अधिकृत करते हुये आवश्यकता पड़ने पर पुनः सर्वेक्षण किये जाने हेतु जिला कार्यालय को प्रस्ताव प्रेषित करने की बात लिखा गया है । ज्ञापन मिलने की पुष्टि सरपंच ने की है । इसकी जानकारी मिलने पर श्री शर्मा ने कहा है कि ग्राम के 70 प्रतिशत किसानों द्वारा पूर्व में पंचायत के माध्यम से 9 वर्षों पूर्व दिये गये ज्ञापन के आधार पर दर्ज टी एल प्रकरण के अनुसार शिविर लगा त्रुटि सुधारने के बदले पुनः आवेदन मांगना प्रशासन का एक बार फिर टाल-मटोल पूर्ण रव्वैया है । पूर्व में दिये गये आवेदन के आधार पर सीधे संबंधित अभिलेखों को ले शिविर लगना चाहिये ।
- -नगर निगम रायपुर का मोर खारून मोर सम्मान सफाई महाअभियान--जीवन दायिनी खारून मईया की सफाई करके स्वच्छ रखना हम सबका सामूहिक दायित्व है- महापौररायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के मोर खारून मोर सम्मान सफाई महाअभियान में महादेवघाट में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अपील पर नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधि वार्ड पार्षदगण जुटे और आयुक्त श्री संबित मिश्रा की उपस्थिति में लगभग 600 सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों सहित खारून मईया को जलकुम्भी से मुक्त करने समाजहित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सफाई श्रमदान कर जन - जन को महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में स्वच्छता का सकारात्मक सन्देश दिया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर की जीवनदायिनी खारून मईया की सफाई कर उसे स्वच्छ रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे हम सब मिलकर अवश्य पूरा करेंगे. सफाई को बनाये रखने सभी नागरिक नदी के भीतर गन्दगी, कचरा, पॉलीथिन, पूजन सामग्री ना डालें और सफाई बनाये रखने सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाएं. नगर निगम रायपुर ने खारून की सफाई करवाकर अपना दायित्व निभाया है, अब नागरिकों को खारून नदी को स्वच्छ बनाये रखने सहभागिता दर्ज करवानी है. खारून नदी की सफाई के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिली, तो जवाबदेही तय करवाकर सम्बंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी.नगर निगम रायपुर के एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा ने कहा कि पहली बार जीवन दायिनी खारून मईया की सफाई का महाभियान महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में रायपुर नगर निगम द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें सभी नगरवासी आगे आकर रायपुर की जीवनदायिनी खारून मईया को स्वच्छ बनाने अवश्य जुड़ें.आज नगर निगम रायपुर के मोर खारून मोर सम्मान सफाई महाअभियान में महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री संबित मिश्रा सहित प्रमुख रूप से नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, एमआईसी सदस्य श्रीमती सरिता आकाश दुबे, श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, सर्वश्री महेंन्द्र खोडियार, मनोज वर्मा, अमर गिदवानी, भोलाराम साहू, नन्दकिशोर साहू, खेम कुमार सेन, जोन 1 अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, जोन 3 अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ प्रमोद साहू, जोन 4 अध्यक्ष श्री मुरली साहू, जोन 5 अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, जोन 6 अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, जोन 7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा,जोन 8 अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, जोन 9 अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, वार्ड पार्षद सर्व श्री महेन्द्र औसर,अर्जुन यादव, श्रीमती प्रभा मनोज विश्वकर्मा, श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, सर्वश्री आशु चन्द्रवंशी, आनंद अग्रवाल,देवदत्त द्विवेदी, राजेश कुमार देवांगन, मोहन साहू, सोहन साहू, नगर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, सभी जोन कमिश्नरों, सभी कार्यपालन अभियंताओं, स्वच्छ भारत मिशन नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु, सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वच्छता निरीक्षकों, लगभग 600 से अधिक सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों ने सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों, पर्यावरण प्रेमियों, वरिष्ठ नागरिकों, नवयुवकों, आमजनों ने मिलकर सफाई श्रमदान महाभियान चलाकर जीवनदायिनी खारून मईया को महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में जलकुम्भी दर्जनों टाटा एस वाहनों में भरकर उसका तत्काल परिवहन करवाकर जनजन को समाजहित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से स्वच्छता का सकारात्मक सन्देश दिया.साथ ही समस्त नगरवासियों से राजधानी शहर शहर को स्वच्छ, सुन्दर, विकसित, स्वस्थ और हरित शहर बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील रायपुर नगर पालिक निगम की ओर से महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री संबित मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदों द्वारा की गयी.
- - महाराष्ट्र मंडल के बाल संस्कार शिविर के समापन समारोह में सिर्फ बच्चों की बेहतरीन प्रस्तुतियों की चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बाल संस्कार शिविर में एक माह तक गुरुजनों के मार्गदर्शन में संस्कृत के श्लोकों का नियमित अभ्यास करने वाली उर्वी चंद्रवंशी ने शिव ताडंव स्त्रोत ‘जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्’ को बेहिचक, बिना अटके बोला। नन्हीं अभिज्ञा शुक्ला ने अनुभवी उद्घोषक की तरह अपने धाराप्रवाह संवादों के साथ मंच संचालन किया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले के अनुसार आरोही अलकरी ने गणेश वंदना पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। शिविर को बच्चों की उम्र के अनुसार तीन वर्गों में विभक्त किया गया था। प्रथम वर्ग के बच्चों ने बिना कुछ देखे संस्कृत के श्लोकों का पाठ किया। इसके बाद अर्णव कुसरे, आरोही अलकरी, विधिका पंडित, प्रशस्ति आकांत, विशाल काले, वरदा चांदे ने संस्कृत के श्लोंकों का पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते के अनुसार वर्ग दो के बच्चों ने राम रक्षा स्तोत्र और गीता के 12वें और 15वें अध्याय का पाठ किया। फिर उर्वी चंद्रवंशी ने शिव तांडव स्तोत्र का पूरे जोश के साथ बुलंद आवाज में पाठ किया। वहीं सभी बच्चों ने एक साथ मिलकर सूर्य नमस्कार कर सभी का मन मोह लिया।शिविर के सफल संचालन के लिए समिति की समन्वयक आस्था काले, प्रमुख सृष्टि दंडवते, आकांक्षा गद्रे, मंजूषा मरकले, चारूशीला देव, संध्या खंगन, मंजूषा वैशंपायन, साक्षी टोले, वर्षा चोपकर, अक्षता पंडित, रीना बाबर, रचना ठेंगड़ी, सुमीता रायजादा, शुचिता देशमुख के कार्यों की प्रशंसा कर उन्हें प्रमाण पत्र अध्यक्ष अजय काले ने दिया व इसी तरह कार्य करने के लिए उन्हें प्रेरित किया। सचिव चेतन दंडवते ने अभिभावकों को बताया कि महाराष्ट्र मंडल जल्द ही बच्चों के लिए गुरुकुल शुरू करने जा रहा है, ताकि हम अपने बच्चों को अपनी सनातन संस्कृति और संस्कार सीखा व समझा सकें।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत दुर्ग जिले के अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जन जाति के छात्र-छात्राओं जो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो, छ.ग. राज्य में मान्य अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग का हो इस हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक हो। छत्तीसगढ़ में संचालित किसी मान्यता प्राप्त शाला से कक्षा 5वीं नियमित अध्ययनरत हो तथा कक्षा 4थी की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया हो। पालक की आय समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय रुपये 2.50 लाख से अधिक न हो। निर्धारित प्रपत्र में पालक का स्वघोषणा पत्र होना चाहिये। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालय में ही अध्ययनरत विद्यार्थी इस योजना अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे। उन्हंे जिला स्तरीय उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थाओ में शासकीय व्यय पर अध्ययन उपलब्ध कराया जायेगा। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनके रहने, खाने एवं सामान्य चिकित्सा का व्यय भी शासन द्वारा वहन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन द्वारा देय छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति की पात्रता नही होगी। योजना अंतर्गत उत्कृष्ट शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अंतिम बोर्ड (12वीं) परीक्षा तक ही निर्धारित लाभ की पात्रता होगी। असफल होने की स्थिति में अगले सत्र से योजना का लाभ स्वयमेव समाप्त हो जाएगा।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन पत्र पूर्ण कर अध्ययनरत संस्था में 20 जून 2026 तक जमा करें। उक्त आवेदन पत्र शाला प्रमुख द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच कर 22 जून 2026 तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेंगे। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी 24 जून 2026 तक समस्त आवेदनों की सूची तैयार कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कार्यालय दुर्ग में कार्यालयीन समय तक जमा करेंगे। परीक्षा 05 जुलाई 2026 दिन रविवार को समय दोपहर 12.00 से 2.00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
- 0- 25 गांवों में जमीन खरीदी बिक्री प्रतिबंधितदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विगत 03 जून 2026 को जारी आदेश के माध्यम से दुर्ग जिले में प्रस्तावित ईस्ट एण्ड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर परियोजना के निर्माण हेतु तहसील दुर्ग एवं पाटन के ग्रामांे के निजी भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी-बिक्री आदि को प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा और परियोजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किये जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आदेश में संशोधित करते हुुए उक्त आदेश की कंडिका-4 में उल्लेखित ग्रामों के स्थान पर दुर्ग तहसील अंतर्गत ग्राम बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई, डुमरडीह, पाटन तहसील अंतर्गत ग्राम परेवाडीह, पहंडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह, बटंग एवं भिलाई-3 तहसील अंतर्गत सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा, उरला कुल 25 ग्राम शामिल किया है। आदेश की शेष शर्ते यथावत् रहेगी।
- 0- फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को मिला बढ़ावारायपुर. ग्राम पंचायत टेमरी में स्थापित 9 केएलडी क्षमता का फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। पंचायत द्वारा इस इकाई का संचालन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।राज्य कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत को डी-स्लज वाहन उपलब्ध कराया गया है। इस वाहन के माध्यम से आसपास के लगभग 15 से 20 ग्रामों एवं ग्राम पंचायतों के सेप्टिक टैंकों से स्लज को सुरक्षित रूप से एकत्रित कर एफएसटीपी में वैज्ञानिक विधि से उपचारित किया जा रहा है।इस पहल से सेप्टिक टैंकों की नियमित एवं सुरक्षित सफाई सुनिश्चित हुई है। साथ ही खुले में गंदगी फैलने तथा जल स्रोतों के प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। पर्यावरण अनुकूल उपचार प्रणाली के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में भी कमी आई है।ग्राम पंचायत द्वारा इस व्यवस्था के संबंध में लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण इस सेवा का लाभ लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
- दुर्ग. पीएम राहत भारत सरकार की एक कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना है। प्रायः देखा गया है कि दुर्घटना पीड़ितांे का सही समय पर इलाज नही मिलने के कारण मृत्यु हो जाती है जिसे गोल्डन हावर कहा जाता है, यह योजना समाज के सभी वर्गाे के लिए है। जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना में पीड़ित की मृत्यु केवल पैसों की कमी या समय पर इलाज न मिलने के कारण न हो, पीएम राहत योजना सड़क दुर्घटनाओं के घायल के लिए भारत सरकार की एक कैशलेस आपातकालीन उपचार की योजना है। दुर्घटना के पहले 7 दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकार के सहयोग से मेडिकल ट्रीटमेंट किसी भी पंजीकृत अस्पताल में कराया जा सकता है। दुर्घटना के 7 दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा आज अस्पताल से प्राप्त 09 प्रकरण का सफलता पूर्वक भुगतान किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, डीएचओ डॉ. संजीव ग्लेड अनूज कुमार रवि, आरटीओ से सनत बंजारे, लोकेश पाटिल एनआइसी से विपिन देवांगन एव अरूण सोनी उपस्थित थे।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में एमपीडब्ल्यू मेल श्री कमलेश मल्होत्रा ने आंगनबाड़ी केंद्र अभनपुर, स्थल सहायक श्री मुकेश कुमार यादव ने आंगनबाड़ी केंद्र मोवा, अमीन श्री बसंत सिंह राजपूत ने आंगनबाड़ी केंद्र तिल्दा नेवरा एवं स्थल सहायक सुश्री के. ज्योति ने आंगनबाड़ी केंद्र पंडरी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- ईसीसीई गतिविधियों और नवाचारों से बढ़ी बच्चों की उपस्थिति एवं पालकों का विश्वासरायपुर. विकासखंड आरंग के आंगनबाड़ी केंद्रों में निरंतर नवाचार और प्रभावी गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल सेवा प्रदाय केंद्र न रहकर बच्चों के समग्र विकास के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित हो रहे हैं। केंद्रों में ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) गतिविधियों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिससे बच्चों के सीखने का वातावरण रोचक और प्रभावी बना है। खेल-खेल में सीखने की पद्धति से बच्चों का सामाजिक एवं मानसिक विकास भी सुनिश्चित हो रहा है।बच्चों के पोषण, स्वास्थय और देखभाल संबंधी जानकारी देने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को सुपोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही बच्चों के अंकन कार्ड (प्रोग्रेस रिपोर्ट) नियमित रूप से पालकों के साथ साझा किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बच्चों की प्रगति और पोषण स्तर की जानकारी मिल रही है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता विकास हेतु सतत प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है। केंद्र स्तर पर टीएलएम (शैक्षणिक सामग्री) का निर्माण और उपयोग बढ़ने से बच्चों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनी है। केंद्रों में नियमित रूप से जन्मोत्सव एवं स्थानीय त्योहारों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों को अपनापन, आनंद और अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।प्रत्येक शनिवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है तथा पालकों का केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ी है।
- 0- तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह के नेतृत्व में ‘प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बेलपान’ अभियान को मिली नई ऊर्जाबिलासपुर. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड तखतपुर के ऐतिहासिक ग्राम बेलपान में "प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बेलपान" थीम पर भव्य जनजागरूकता एवं संकल्प अभियान का आयोजन किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों, स्वच्छता दीदियों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वानकार्यक्रम के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, हरियाली और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर ही सतत विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग त्यागने तथा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जनपद पंचायत तखतपुर अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, नर्मदा उत्थान समिति बेलपान के सदस्य एवं वरिष्ठ नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।सामूहिक शपथ के साथ हुआ अभियान का शुभारंभकार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। स्कूली विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वच्छता दीदियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उपस्थित जनसमुदाय ने स्वच्छ और हरित ग्राम निर्माण के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।श्रमदान और स्वच्छता अभियान में दिखी जनभागीदारीविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम बेलपान में व्यापक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिसरों, गलियों तथा तालाबों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा एकत्रित किया गया। ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर स्वच्छ वातावरण निर्माण में योगदान दिया। इस अभियान ने सामुदायिक सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।डस्टबिन वितरण से कचरा पृथक्करण को मिलेगा बढ़ावास्वच्छता एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण संबंधी संदेशों के साथ टिकाऊ टीन के डस्टबिन वितरित किए गए। लोगों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा घर स्तर पर कचरा प्रबंधन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सीड बॉल रोपण और पौध वितरण से हरियाली का संदेशपर्यावरण संरक्षण की हरित पहल के अंतर्गत सीड बॉल रोपण किया गया तथा विद्यार्थियों को पौधे वितरित किए गए। बच्चों और युवाओं को प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर बनाई गई पर्यावरण दिवस की आकर्षक कलाकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही और उसने पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया।महिला समूहों और सामाजिक संगठनों का हुआ सम्मानपर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महिला स्व-सहायता समूहों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को नई दिशा और गति मिल रही है।माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की दी गई जानकारीस्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी नियमों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि कचरे का स्रोत स्तर पर ही गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष श्रेणी में पृथक्करण आवश्यक है। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कंपोस्टिंग इकाइयों, बायोगैस संयंत्रों एवं मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।स्वच्छता नियमों के पालन और जनसहभागिता पर दिया गया बलग्राम सभा में खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए स्वच्छता नियमों के पालन की आवश्यकता बताई गई। पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।स्वच्छता रैली के साथ लिया हरित भविष्य का संकल्पकार्यक्रम के समापन पर स्वच्छता दीदियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों द्वारा स्वच्छता रैली निकाली गई। सभी उपस्थित नागरिकों ने विश्व पर्यावरण दिवस के संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने तथा स्वच्छ, सुंदर, हरित और प्लास्टिक मुक्त बिलासपुर के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
- 0- त्रिनेत्र बनेगा बिलासपुर का सुरक्षा प्रहरी0- अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती0- शहर में लगेंगे 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे0- कलेक्टर, एसएसपी और त्रिनेत्र समिति ने प्रेस वार्ता में दी जानकारीबिलासपुर. शहर की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनसहयोग आधारित महत्वाकांक्षी ‘त्रिनेत्र’ योजना बहुत जल्द शुरू होगी। इस योजना के माध्यम से बिलासपुर को अपराधमुक्त, सुरक्षित और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। तारबहार स्थित एकीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे,त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रामावतार अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने योजना की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि त्रिनेत्र योजना प्रशासन, पुलिस, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों की साझेदारी से संचालित एक जनहितैषी पहल है। इसका उद्देश्य शहर में अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की शीघ्र पहचान, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से शहर की निगरानी व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। योजना के अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं तथा संवेदनशील क्षेत्रों में 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इनमें एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे, हाई-रिजोल्यूशन बुलेट कैमरे, पीटीजेड कैमरे तथा लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले विशेष फोकस कैमरे शामिल होंगे।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि यह परियोजना पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाएगी। कैमरों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी, अपराधों की जांच में तेजी आएगी तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित निगरानी से साइबर अपराध, चोरी, लूट, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं की रोकथाम में भी सहायता मिलेगी।प्रेस वार्ता में बताया गया कि योजना के संचालन के लिए एक आधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम विकसित किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक वीडियो वॉल डिस्प्ले और नवीन सर्वर प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसमें एक साथ हजारों कैमरों की निगरानी और डेटा प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध होगी। यह कंट्रोल सेंटर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का केंद्रीय तंत्र बनेगा।त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रामावतार अग्रवाल ने कहा कि यह देश की उन चुनिंदा परियोजनाओं में शामिल होगी, जो बिना किसी सरकारी बजटीय प्रावधान के पूर्णतः जनसहयोग और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से साकार की जा रही हैं। उन्होंने शहर के उद्योगपतियों, व्यापारियों, संस्थाओं और नागरिकों से इस अभियान में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया। कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने बताया कि नागरिक और संस्थाएं सीएसआर अथवा स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से इस जनहितकारी योजना से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बिलासपुर को अपराध नियंत्रण, सुरक्षित यातायात, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस जनअभियान का हिस्सा बनकर “सुरक्षित, सजग और स्मार्ट बिलासपुर” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, चिंगराजपारा, बिलासपुर में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रवीश गुप्ता (राज्य मुख्यालय आयुक्त, स्काउट) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजेन्द्र कुमार साहू (जिला मुख्य आयुक्त) एवं श्री विजय कुमार टांडे (जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला आयुक्त, स्काउट) संस्था की प्राचार्य श्रीमती अल्का चौबे उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा उपस्थित विद्यार्थियों, स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अपने उद्बोधन में अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता जैसे कार्यों के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। सभी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।कार्यक्रम में श्रीमती बीना यादव (राज्य संयुक्त सचिव), श्री विजय कुमार यादव (सहायक राज्य आयुक्त), सुश्री लता यादव (जिला सचिव), डॉ. पूनम सिंह (जिला संगठन आयुक्त गाइड), श्रीमती माधुरी यादव (जिला प्रशिक्षण आयुक्त, गाइड), श्री संतोष कुमार त्रिपाठी (जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट), डॉ. प्रदीप कुमार निर्णेजक, श्री शत्रुघ्न सूर्यवंशी, श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती अपर्णा सारखेल, डॉ. शीला शर्मा, श्रीमती शोभा जायसवाल, सुश्री निधि कश्यप, सुश्री निशा साहू, शशांक विश्वकर्मा (जिला मीडिया प्रभारी), चंद्रशेखर पंकज (अध्यक्ष, जिला यूथ कमेटी) सहित जिले के स्काउटर-गाइडर, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारीगण उपस्थितh रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं अधिकाधिक वृक्षारोपण के संकल्प के साथ हुआ।
- 0- ग्राम गनियारी में स्थापित बायोगैस संयंत्र का कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने किया आकस्मिक निरीक्षणबिलासपुर। जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों, तकनीकी अमले तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संयंत्र की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और उपयोगिता का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोबर की उपलब्धता, गैस उत्पादन क्षमता, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और जैविक कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने संयंत्र के नियमित संचालन और अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसकी निरंतरता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।कलेक्टर ने स्थानीय गौठानों एवं पशुपालकों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की सतत उपलब्धता से ही संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा और ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिलेगा अधिकारियों ने ग्रामीणों को बायोगैस के उपयोग, उसके आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ ईंधन के रूप में बायोगैस अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि संयंत्र से प्राप्त गैस घरेलू ईंधन की आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ इससे निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी है। इसके उपयोग से खेती की लागत कम होगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी।अधिकारियों ने जैविक खाद के उपयोग और विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर हो सकें। कलेक्टर ने संयंत्र की पाइपलाइन, वाल्व, डाइजेस्टर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के अंत में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों को संयंत्र की दैनिक प्रगति की निगरानी करने तथा नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की इस पर्यावरण हितैषी एवं जनकल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब संयंत्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा और उससे प्राप्त गैस एवं जैविक खाद का अधिकतम उपयोग ग्रामीणों द्वारा किया जाएगा। ग्राम गनियारी में किया गया यह निरीक्षण जिले में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- बालोद. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। यह राशि केंद्रीय और राज्यांश मद से एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से आबंटित की गई है, जिससे पात्र हितग्राहियों के घर समय पर और पारदर्शी तरीके से बन सकें। इसी क्रम में बालोद जिले में पीएम आवास योजनांतर्गत कुल 3077 लाभार्थियों के किश्तों की राशि कुल 9.53 करोड़ रुपए के अंतरण हेतु एसएनए स्पर्श माड्युल पर एफटीओ साईन किया गया है। यथाशीघ्र जिले के लाभार्थियों को किश्तों की राशि उनके खातो में डीबीटी के माध्यम से अंतरित होंगे, जिससे योजनांतर्गत स्वीकृत आवासों को यथाशीघ्र पूर्ण किया जा सकेगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में कुल स्वीकृत 54151 आवासों के विरूद्ध में 48275 (89.14ः) आवास पूर्णता के पश्चात् कुल 5876 आवास लंबित, निर्माणाधीन, प्रगतिरत आवासो को यथाशीघ्र शतप्रतिशत पूर्ण कराने हेतु लाभार्थियों से संपर्क कर समन्वय स्थापित करते हुए उन्हे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही पूर्ण आवासो के हितग्राहियों को जन-सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोकपीट का निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बताया कि वर्तमान में लाभार्थियों के किश्तो की राशि एसएनए स्पर्श माड्यूल के माध्यम से एफटीओ के तहत् प्रदान की जा रही है। जिले में कुल 3077 लाभार्थियों के किश्तों की राशि कुल 09.53 करोड़ रुपये के अंतरण हेतु एस.एन.ए. स्पर्श माड्युल पर एफ.टी.ओ. साईन करा लिया गया है तथा आवासों के भौतिक प्रगति अनुसार आगे भी सुगमता से किश्तो की राशि का अंतरण की जाएगी।
- 0- नैनो उर्वरक के इस्तेमाल से सोनसाय ने धान और चना की फसल में लिया बंपर उत्पादन0- कृषक उन्नति योजना और नैनो यूरिया-डीएपी के तालमेल से किसान सोनसाय की आर्थिक स्थिति हुई मजबूतबालोद. जिले के किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बना रहे हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम हसदा के प्रगतिशील किसान श्री सोनसाय साहू ने। उन्होंने नैनो उर्वरक को अपनाकर न सिर्फ अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि अपनी खेती को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में जब उन्होंने अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया, तो परिणाम बहुत ही बेहतर मिले। सोनसाय बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल से धान और चना फसल की सेहत सुधरी और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई। इसका असर खेतों में साफ दिखाई देता है।उन्होनंे जिले के किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को जरूर अपनाएं। सोनसाय ने बताया कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता दी है। कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतर मूल्य मिलने से सोनसाय को जबरदस्त आर्थिक लाभ हुआ। धान बेचकर मिले इसी मुनाफे की बदौलत आज वे अपने घर के निर्माण और परिवार में विवाह जैसे बड़े सामाजिक कार्यों को बिना किसी कर्ज या परेशानी के आसानी से संपन्न करा सके हैं। अपनी इस सफलता से प्रसन्नचित किसान श्री सोनसाय साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- भिलाई नगर। तालपुरी स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित तीन सेटों के रोमांचक वॉलीबॉल मैच में पर्पल जर्सी में उतरी रॉयल बंगाल टाइगर्स टीम (आरबीटी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पीली जर्सी में दमखम दिखाने वाली वाइल्ड वाटर बफैलो टीम (डब्ल्यूडब्ल्यूबी) को पराजित कर जीत अपने नाम की। यह मैच छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने एवं बच्चों में खेल भावना और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया था। ऑर्किट ग्राउंड में खेला गया यह मैच खिलाड़ियों के उत्साह, खेल भावना और दर्शकों के जोश के बीच संपन्न हुआ।मैच के पहले सेट में आरबीटी ने 25 अंकों के साथ बढ़त बनाई, जबकि डबल्यूडबल्यूबी ने 22 अंक अर्जित किए।दूसरे सेट में भी आरबीटी ने 25 अंक बनाकर अपनी श्रेष्ठता कायम रखी, जबकि डबल्यूडबल्यूबी जोरदार टक्कर देते हुए 24 अंकों तक ही पहुंच सकी। लगातार दो सेट जीतकर आरबीटी ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। विजेता टीम आरबीटी के खिलाड़ी सूर्य, विनय (कप्तान), सूरज, मनीष, यश तथा महेश रहे। वहीं डबल्यूडबल्यूबी टीम में आर्य (कप्तान), जीत, रितेश, तनीष, अरमान और सुनील ने अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया और उनके उत्साहवर्धन के लिए संयोजक ओपी मिश्रा, रिसाली मंडल की मंत्री राजेश्वरी पशीने, एसोसिएशन के महासचिव आरके दत्ता, उपाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह, उप महासचिव एसएल साहू, पूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह सहित कॉलोनी के कई खेल प्रेमी मौजूद रहे।



























