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- बिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण के मार्गदर्शन में आयकर विभाग और जिला कोषालय बिलासपुर द्वारा जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को आयकर टीडीएस के प्रति जागरूक करने कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभाकक्ष में आज दोपहर 2 बजे से टीडीएस जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में आयकर कटौती के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम मे अपर आयकर आयुक्त श्रीमती अनुभा टाह गोयल, आयकर अधिकारी अंजनी कुमार सिंह, कोषालय अधिकारी सौमित्र प्रधान, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे व तरला नुरुटी के साथ जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
- रायपुर/ सफ़लता यदि पानी है तो संकल्प लेकर मन मे विश्वास रख कार्य करें तो जीवन मे हर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है,ऊक्त बातें जैतुसाव मठ के ट्रस्टी श्री महेन्द्र अग्रवाल ने विकास शिक्षा महाविद्यालय में आयोजित कम्युनिटी प्रोग्राम की रैली में कही।ऊपस्थित श्री अजय तिवारी ने छात्र अध्यापक को कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी भी आपको उठानी चाहिये,जागरूक करना भी आपको ही है ।महाविद्यालय के संचालक डॉ सुरेश शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर छात्र अध्यापकों ने एक रैली निकाली जो देवपुरी वार्ड के विभिन्न मोहल्ले में जाकर स्वछता व मोबाइल स्केम के विषय मे लोगों को जागरूक किया।रैली में महाविद्यालय के विद्वान प्रध्यापक श्रीमती संगीता दुबे,अनुकृति शुक्ला हिमलता साहू डेनिता साहू वर्षा अग्रवाल वन्दना साहू डोलेश्वरी होता प्रदीप प्रधान आदि शामिल थे।
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*छात्रावास में मनाया गया शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान दिवस*
*जल, जंगल और जमीन के संरक्षक जनजातीय समुदाय*
बिलासपु/आदिवासी बालक-बालिका छात्रावास जरहाभाठा में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह जी के 167वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के आसंदी से श्री कश्यप ने जनजातीय समुदाय के छात्र-छात्राओं एवं उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में स्वतंत्रता की लड़ाई में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन्होंने हर कालखंड में अपने जल, जंगल और जमीन को बचाने व संरक्षित रखने के लिए हमेशा संघर्ष किया। आज जो जल, जंगल और जमीन संरक्षित है उसमें आदिवासियों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह कार्यक्रम पाली तानाखार के विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम की अध्यक्षता एवं विशिष्टि अतिथि बिंद्रा नवागढ़ विधायक श्री जनकराम ध्रुव जी के सानिध्य में संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी समाज से आते हैं और वे आदिवासियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आदिवासी वन पट्टा अधिकार देकर जनजातीय समुदाय को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिलेगी। हमारी सरकार वर्तमान समय में 70 प्रकार से अधिक के वनोपजों की खरीदी कर रही है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि की जाएगी जिससे जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से भी सशक्त होंगे। उन्होंने छात्रावास के उपस्थित बालक-बालिकाओं से कहा कि हमें अपने पूर्वजों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ते रहना है और अपने माता-पिता और गुरूजनों का नाम रोशन करना है। आज हमारे समाज में पाश्चात्य देशों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है जिससे बच कर हमें अपनी संस्कृति को बचाकर रखना है।
इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों के जनजातीय समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का फोटो प्रदर्शनी लगाया गया जिसमें उनके संघर्षो की गाथा लिखी गई है। छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा कम्प्यूटर, जिम एवं जिला में आदिवासी कौशल विकास प्रशिक्षण शाला की मांग की जिसे श्री कश्यप ने जल्द से जल्द पूर्ण करने का आश्वासन दिया। साथ ही जनजातीय समुदाय के प्रतिभावान बच्चों को पुष्पगुच्छ एवं शील्ड प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर डॉ. सी.एस. उईक, श्री ब्रजेन्द्र शुक्ला, श्री वेद सिंह मरकाम, श्री सुभाष सिंह परते, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग श्री सीएल जायसवाल, वार्ड पार्षद श्री विजय यादव, पूर्व महापौर श्री किशोर राय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे। - भिलाई/ बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के अंतिम दिवस जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी ने बताया कि वेदों शास्त्रों में भगवद्प्राप्ति के 3 मार्गों को प्रशस्त किया गया है कर्ममार्ग, ज्ञानमार्ग और भक्तिमार्ग। कर्म मार्ग का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि वेदों में अनेक कर्मकांडों का वर्णन मिलता है पूजा-पाठ, यज्ञ आदि, लेकिन वेदों में कर्मकांड की घोर निंदा भी की गई है। इसका कारण यह बताया कि कर्मकांड से स्वर्ग की प्राप्ति होती है लेकिन स्वर्ग भी क्षणभंगुर है मायिक है। अतः कर्मकांड करना घोर मूर्खता है कुछ लोग यज्ञ आदि करते हैं लेकिन वेदों में यज्ञ के लिए बड़े कड़े-कड़े नियम बताए गए हैं सही स्थान, सही समय, सही तरीके से कमाया धन, उससे एकत्रित हवन सामग्री और आहूति डालते समय, वेद मंत्रों का ठीक-ठीक उच्चारण आदि यदि नहीं होता तो यज्ञ करने वाले यजमान का नाश हो जाता है। इसके आगे ज्ञान मार्ग के बारे में बताया गया। वेदों में ज्ञान के दो प्रकार बताए गए - एक शाब्दिक ज्ञान और दूसरा अनुभवात्मक ज्ञान। किसी भी विषय का शाब्दिक ज्ञान से, लेकिन साधना द्वारा उसका अनुभव ना हुआ हो तो वह कोरी कल्पना ही समझिये। यह ज्ञान दो क्षेत्रों से संबंधित होता है एक माया का क्षेत्र और एक मायतीत ईश्वर का क्षेत्र। जो ज्ञानी होते हैं उन्हें किसी भी विषय का शाब्दिक ज्ञान होता है, इस आधार पर वें प्रवचन में बड़ी-बड़ी बातें बताते हैं, लेकिन अनुभवात्मक साधना के अभाव में उनके इस ज्ञान का कोई विशेष प्रभाव नहीं होता। वेदों में यह भी कहा गया है कि ज्ञानी व्यक्ति का पतन हो जाता है। वह ज्ञान अज्ञान है जिसमें ईश्वर प्रेम ना हो अर्थात कर्म स्वर्ग देकर समाप्त हो जाता है और ज्ञान से मोक्ष मिलता है यह भी निंदनीय है।भगवद्प्राप्ति के तीनों मार्गों में केवल भक्ति मार्ग ही सर्वसुगम, सर्वसाध्य एवं सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। हमारे वेदों में भक्ति से युक्त कर्म धर्म की प्रशंसा की गई है और भक्ति से रहित कर्म धर्म निंदनीय है। गीता में कहा गया है कि जो अनन्य भाव से निरंतर मेरी भक्ति करता है, मैं उसका योगक्षेम वहन करता हूं। भक्ति सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि भक्ति करने से अंतःकरण शुद्ध होता है। अंतःकरण शुद्धि पर गुरुद्वारा दिव्य इंद्रिय मन बुद्धि प्राप्त होते हैं तभी भगवान का दर्शन उनका प्रेम उनकी सेवा मिलती है। भगवद्प्राप्ति के बाद भी भक्ति बनी रहती है और यह भक्ति उत्तरोत्तर बढ़ती जाती है। इस प्रकार भक्ति अजर अमर है।प्रवचन का समापन श्री राधा कृष्ण भगवान की एवं जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की भव्य आरती के साथ हुआ।
- रायपुर। अग्रोहा कॉलोनी, रायपुरा निवासी उषा किरण शर्मा उषा किरण शर्मा (चचेड़ी वाले) का गुरुवार रात्रि निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम में किया गया। वे स्व. डी.आर तिवारी की पत्नी, वरिष्ठ पत्रकार हरीश तिवारी, कल्याणी पांडे, कात्यायनी तिवारी, गिरीश तिवारी की माता व देवांश तिवारी, दक्षेस तिवारी की दादी थीं।
- बेमेतरा। बेमेतरा जिले के ग्राम - मारो निवासी, प्रसिद्ध शिक्षाविद,पूर्व प्राचार्य श्री जीवनधर दीवान का 96 वर्ष की अवस्था में 20 दिसंबर को निधन हो गया। वे श्री रामधर दीवान के बड़े भाई एवं डॉ. बसुबंधु दीवान के पिताश्री और सुमित्र दीवान, अन्वेष दीवान के दादा थे। उनका अंतिम संस्कार, आज संघौरी मुक्तिधाम, बेमेतरा में किया गया।
- -योजना से मिली एक मुश्त राशि से किसान श्री गंगाराम के जीवन और खेती में आया बड़ा बदलावरायपुर ।किसानों को भारत की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है। जब उनके खेत लहलहाते हैं, तो देश की समृद्धि अपने चरम पर होती है। छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों की इस ताकत को पहचानते हुए उनकी उन्नति और सशक्तिकरण के लिए सतत् कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू कृषक उन्नति योजना न केवल किसानों के जीवन को बदल रही है, बल्कि उनकी मेहनत को सम्मान और सही मूल्य भी दे रही है। कवर्धा जिले के मोटियारी गांव के किसान श्री गंगाराम पटेल इस योजना के लाभार्थियों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिले एक लाख रुपये के बोनस ने उनके रुके हुए काम पूरे करने में मदद की। इस राशि से उन्होंने अपना अधूरा घर पूरा किया, जो अब बनकर तैयार है। इसके साथ ही, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाई कराने की उनकी चिंता भी खत्म हो गई।श्री गंगाराम बताते है कि उनके पास 7 एकड़ जमीन है, जिसमें से 5 एकड़ में वे धान की खेती करते हैं। पिछले साल उन्होंने 118 क्विंटल धान बेचा था, जिसका समर्थन मूल्य उन्हें तुरंत उनके खाते में प्राप्त हो गया। वहीं कृषक उन्नति योजना के तहत एक लाख रुपये एक मुश्त मिलने से उसका सही उपयोग कर पाए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3100 रूपये प्रति क्विंटल तय किए जाने से खेती अब लाभकारी हो गई है। इसके अलावा, धान खरीदी केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं और टोकन प्रक्रिया की सरलता ने किसानों का समय और मेहनत बचाई है।श्री गंगाराम ने कहा कि कृषक उन्नति योजना से मिली राशि का उपयोग वे खेती के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने और उत्पादन बढ़ाने में के रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार को किसानों के हित में उठाए गए कदमों के लिए धन्यवाद दिया। छत्तीसगढ़ सरकार के ये प्रयास यह साबित करते हैं कि जब योजनाएं और नीतियां सही दिशा में होती हैं, तो किसानों की उन्नति और समृद्धि सुनिश्चित होती है।
- एमसीबी/ कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन पर खाद्य विभाग जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा सभी राशनकार्डधारियों के लिये यह जानकारी प्रसारित की गई है कि शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में प्रचलित राशनकार्डों के नवीनीकरण की तिथि 28 फरवरी 2025 तक बढ़ायी गयी है। जिन राशनकार्डधारियों ने अपने राशन कार्ड का नवीनीकरण नहीं करवाया हैॉ वे दिए गए अवधि तक अपने राशन कार्ड का नवीनीकरण करा सकते हैं। नवीनीकरण हेतु राशन कार्ड के सदस्यों का ई-केवाईसी होना अनिवार्य है। दिसंबर 2023 की स्थिति में जिले में कुल 105946 राशनकार्ड प्रचलित थे। जिनमें से 97310 राशन कार्डों का नवीनीकरण किया जा चुका है।
- बेमेतरा । बेमेतरा शहर के कृष्णा वर्मा, उम्र 12 वर्ष, एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें क्रोनिक किडनी डिजीज (ब्ज्ञक्) स्टेज-5 से ग्रसित पाया गया, जिसके चलते उन्हें तत्काल किडनी के इलाज की आवश्यकता थी। उनके पिता दिनेश वर्मा, जो एक मिस्त्री का कार्य करके अपने परिवार का जीवन-यापन करते हैं, आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं थे कि बेटे का महंगा इलाज करा सकें। परिवार में कुल 5 सदस्य हैं, जिनमें उनकी दो बेटियां भी हैं।कृष्णा की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी। परिवार के लिए यह एक बेहद कठिन समय था। इलाज के लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता थी, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ने उन्हें असहाय बना दिया। तभी उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बेमेतरा के मार्गदर्शन में इस योजना के अंतर्गत कृष्णा वर्मा के इलाज के लिए 6 लाख 53 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई। यह राशि उनके इलाज के लिए संजीवनी साबित हुई। जून 2024 में कृष्णा का किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा हुआ, और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।कृष्णा के पिता दिनेश वर्मा ने इस योजना का लाभ मिलने पर गहरी राहत महसूस की। उनका कहना था कि यदि यह आर्थिक सहायता न मिली होती, तो उनका बेटे का इलाज कराना उनके लिए असंभव था। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और इस योजना के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उनका मानना है कि इस योजना ने न केवल उनके बेटे को नया जीवन दिया, बल्कि उनके परिवार को आर्थिक संकट से भी बचा लिया।मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने कृष्णा वर्मा जैसे कई जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उनकी जिंदगी बदल दी है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को जीवन रक्षक इलाज मुहैया कराना सरकार की एक अत्यंत सराहनीय पहल है। दिनेश वर्मा जैसे गरीब और मेहनतकश व्यक्ति के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।कृष्णा वर्मा की यह सफलता कहानी यह साबित करती है कि सही समय पर मिली सरकारी सहायता और सामूहिक प्रयास किसी की भी जिंदगी बदल सकते हैं। अब कृष्णा न केवल स्वस्थ जीवन जी रहे हैं, बल्कि उनके परिवार के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई है। यह कहानी सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
- -जिले में घर-घर पहुंचकर किया जा रहा 70 एंव 70+ आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकां का पंजीयन-पंजीयन कराने हेतु आधारकार्ड मे मोबाइल नम्बर लिंक अनिवार्यधमतरी। जिले में 70 एवं 70+ आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकां का आयुष्मान वय वन्दना कार्ड पंजीयन कराया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का अमला जहां ग्राम पंचायतों, ग्राम और शहरों में शिविर लगा रहा है, वहीं शिविर स्थल में नहीं पहुंच पाने वाले वृद्धजनों का घर-घर पहुंचकर आयुष्मान वय वन्दना कार्ड पंजीयन किया जा रहा है। नतीजन धमतरी जिला आयुष्मान वय वन्दना कार्ड पंजीयन में पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। जिले में अब तक 5 हजार 700 से अधिक आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन किया जा चुका है।बता दें कि आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन के लिए आधारकार्ड मे मोबाइल नम्बर अनिवार्यतः लिंक होना चाहिए। इससे 5 लाख रूपये तक मुफ्त उपचार लाभ की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। योजनांतर्गत जिले के सभी वरिष्ठ नागरिको (आधार कार्ड के अनुसार जिनका उम्र 70 या 70 से अधिक हो) को आयुष्मान वय वन्दना कार्ड पंजीयन कार्य, ग्राम, वार्ड, पंचायत स्तर पर लगातार बनाया जा रहा है। धमतरी जिले के सभी वरिष्ठ नागरिको (70 व 70+ आयु वाले) को अपने नजदिकी, किसी भी उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिविल अस्पताल कुरुद, नगरी, बोरई, सामु. स्वा. केन्द्र गुजरा, मगरलोड, भखारा, जिला अस्पताल धमतरी, योजना मे पंजकृत किसी भी निजि अस्पताल के चिन्हाकित च्वाइस सेंटर, आधार सेवा केन्द्र मे आधार कार्ड एंव आधार लिंक मोबाइल नबर सहित हितग्राही स्वयं उपस्थित होकर आयुष्मान वय वन्दना कार्ड पंजीयन करा रहे है।पंजीयन टीम को अनेक पात्र वरिष्ठ नागरिको का आधारकार्ड अपडेट नही होने के कारण, कार्ड पंजीयन करने मे दिक्कत आ रही है। इसके मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.कौशिक ने ऐसे पात्र हितग्राही (वरिष्ठ नागरिक 70-70+) को नजदीकी आधार सेवा केन्द्र मे जाकर अपने आधार कार्ड मे घर या स्वयं का ही कोई एक एक्टीव मोबाइल नम्बर को लिंक कराने कहा गया है, जो कि आगामी 2-4 अथवा 24 घंटे के भीतर अपडेट हो जाता है। इस प्रकार आयुष्मान वय वंन्दना योजना के अलावा शासन की विभिन्न योजनाओ का लाभ सुगमता से प्राप्त किया सकेगा। वरिष्ठ नागरिको को संयुक्त रुप से अतिरिक्त 5 लाख रूपये का टाप-अप योजनांतर्गत प्राप्त होगा, जो कि परिवार के अन्य सदस्यो द्वारा योजनांतर्गत उनकी पात्रता के अनुसार प्रस्तावित बीमा कवर का आंशिक या पूर्ण उपयोग कर लेने के बाद भी वरिष्ठ नागरिको को प्रदान किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिको को जल्द से जल्द अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या च्वाइस सेंटर, आधार सेवा केन्द्र मे उपस्थित होकर आयुष्मान वय वन्दना कार्ड पंजीयन कराकर योजना का लाभ लेने की अपील की है । इसके लिए अनिवार्य दस्तावेज आधारकार्ड एंव आधार लिंक मोबाइल नम्बर प्रस्तुत करना होगा।
- सफलता की कहानीमहासमुंद ।महासमुंद के सुभाषनगर में रहने वाली निम्न और मध्यम वर्गीय महिलाओं ने छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि को एक नई दिशा देकर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की है। अहिरवार समाज की 14 महिलाओं ने सामूहिक रूप से इस योजना की राशि को बचत और बड़े कार्यों में निवेश का जरिया बनाया है, जिससे उनका जीवन न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, बल्कि सामूहिकता की भावना भी मजबूत हुई है।हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपए की राशि को व्यक्तिगत खर्चों में उपयोग करने के बजाय इन महिलाओं ने इसे मिलकर 14,000 रुपए के सामूहिक फंड में तब्दील कर दिया। यह फंड हर महीने की 5 तारीख को आयोजित बैठक के माध्यम से जरूरतमंद महिला को दिया जाता है। इस राशि से महिलाएं अपने परिवार की बड़ी आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।समूह की सदस्य उत्तरा कहती हैं, “पहले यह राशि छोटे-मोटे खर्चों में खत्म हो जाती थी। लेकिन जब हमने इसे मिलकर बचाने का निर्णय लिया, तो इसे बड़े कामों में लगाना संभव हो पाया।“ अब तक इस सामूहिक प्रयास के तहत सविता ने अपने पति की जूते की दुकान को बढ़ाने में मदद की, चंद्रिका ने अपने दामाद की बरसी पर होने वाले खर्च को पूरा किया, कोमिन ने अपने घर का पलस्तर कराया, नरगिस ने अपनी फैंसी स्टोर को विकसित किया, और गणेशी ने अपने जीवन का सपना पूरा करते हुए गंगा दर्शन किया। इसी प्रकार से शकीला ने अपनी नातिन को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाया, जबकि ईश्वरी हठीले ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर में सीढ़ी बनवाई। उत्तरा ने अपनी बेटी की हॉस्टल फीस भरी, और रेमा ने गोदरेज की आलमारी खरीदकर अपने परिवार के लिए सहूलियत बढ़ाई। महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का अनुभव कराया है। गणेशी कहती हैं, “कोई हमें एक रुपए देने तैयार नहीं था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने हमें हर महीने 1,000 रुपए देकर ऐसा सहारा दिया, जैसे मायके में पिता और बड़े भाई देते हैं।“महतारी वंदना योजना से सुभाषनगर की महिलाओं ने यह साबित किया है कि सही दिशा में किया गया छोटा प्रयास भी बड़ी उपलब्धियों की ओर ले जा सकता है।
- -छत्तीसगढ़ सरकार की एक साल की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी इवेंट के माध्यम से पहुँच रही लोगों के बीच-प्रश्नों का सही जवाब देने पर प्रतिभागियों को मिले आकर्षक इनामरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की दास्तान और पिछले एक साल की उपलब्धियों को लोगों के बीच ले जाने के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित खुशहाल एक साल इवेंट शाम को घूमने फिरने निकलने वाले युवाओं को बहुत भा रहा है । इसी कड़ी में 19 दिसंबर को साइंस कॉलेज स्थित चौपाटी में इवेंट आयोजित किया गया। युवा सड़क किनारे रुक कर आयोजन के ज़रिए छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं को जानने के लिए उत्सुक दिखे ।इवेंट में राह चलते लोगों ने भी रुक कर न केवल कार्यक्रम में हिस्सेदारी निभाई, बल्कि सही जवाब देकर विजेता भी बने । यहाँ न केवल एनआईटी एवं साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, चौपाटी में सैर करने आए लोगों ने भी इवेंट में हिस्सा लेने में बड़ी दिलचस्पी दिखायी ।ख़ुशहाल एक साल इवेंट में गुदगुदा देने वाले टंग ट्विस्टर गेम्स , छत्तीसगढ़ की पहचान बताते गीत , पासिंग द बॉल , शासकीय योजनाओं के पांपलेट देखकर योजनाओं की जानकारी देना आदि मनोरंजक आयोजन के साथ क्विज भी रखा जाता है। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को बिहान के स्व सहायता समूहों की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद उपहार स्वरूप दिए गए। इसके साथ ही चौपाटी स्थित फ़ूड जोन के गिफ्ट वाउचर्स भी प्रदान किए गए।
- रायपुर । किसी घटना विशेष में उनके अदम्य साहस के लिए प्रत्येक वर्ष पांच बालक-बालिकाओं को राज्य वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके तहत पांच बालक-बालिकाओं को 25-25 हजार रुपए व प्रशस्ति पत्र पुरस्कार के रूप में प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के बच्चों को दिये जाने वाले राज्य वीरता पुरस्कार के लिए 2 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।आवेदक जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग में 2 जनवरी 2025 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। पुरस्कार के लिए बालक-बालिका की आयु-घटना दिनांक को अधिकतम 18 वर्ष तक होनी चाहिए। वीरता कार्य 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के मध्य की होनी चाहिए। आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी होना आवश्यक है। यह पुरस्कार किसी भी बालक-बालिका को केवल एक ही बार प्राप्त हो सकेगा।प्रविष्टियों में बालक या बालिकाओं का पूर्ण परिचय बालक-बालिकाओं द्वारा किसी घटना विशेष में अदम्य साहस, शौर्य एवं बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में किये गये कार्यों की सप्रमाण विस्तृत जानकारी उल्लेखित हो। आवेदक को यह प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा कि उपलब्धि वास्तविक तथ्यों पर आधारित है। साथ ही समाचार पत्र-पत्रिका की कतरन ,पुलिस डायरी जिसमें घटना का विवरण दर्शित हो साथ ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापित बालक-बालिका के दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ संलग्न करना होगा। घटना का विस्तृत विवरण (सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित) अन्य सुसंगत दस्तावेज जमा करना होगा।
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अम्बिकापुर । उपसंचालक रोजगार ने बताया कि जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र अम्बिकापुर के द्वारा 23 दिसम्बर 2024 को प्रातः 11:00 बजे से सायं 04:00 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया है जिसमें निजी नियोजक निवा बुपा हेल्थ इंश्योरेन्स ऑफिस पता-अम्बेडकर चौक अम्बिकापुर, सरगुजा के शाखा प्रमुख श्री खिलावन प्रसाद जांगडे़ उपस्थित रहेंगे। प्लेसमेंट कैंप के अंतर्गत सेल्स मैनेजर के 10 पद, टेली कॉलर के 10 पद एवं हेल्थ एडवाईजरी के 80 पदों पर भर्ती की जानी है। इस हेतु आवेदक की उम्र 20 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और न्यूनतम योग्यता 10वीं से स्नातक तक हो, संभावित वेतन 5000 हजार से 18000 हजार रूपये एवं कमीशन निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्लेसमेंट कैम्प पूर्णतः निःशुल्क है, नियुक्ति की शर्तों के लिए नियोजक स्वयं जिम्मेदार होंगे। कार्यालय की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ सुविधा प्रदाता के रूप में होगी।
उन्होंने बताया कि जिले के इच्छुक, ऐसे समस्त आवेदक, जो उपरोक्त पदों हेतु योग्यता रखते हैं, वे अपने साथ शैक्षणिक योग्यता की अंकसूची , निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज की फोटो के साथ 23 दिसंबर 2024 को प्रातः 11ः00 बजे से 04ः00 बजे तक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, गंगापुर, अम्बिकापुर में आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होकर रोजगार के अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। -
राज्य शासन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा सम्मान समारोह का किया गया आयोजन
कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने दिव्यांगजनों को शाॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर दी शुभकामनाएंबालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले राज्य सरकार के 01 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज समाज कल्याण विभाग बालोद द्वारा जिले के दिव्यांग कलाकारों, खिलाड़ियों एवं प्रतिभाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज झलमला स्थित समाज कल्याण विभाग कार्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होकर दिव्यांगजनों को शाॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती की छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान ग्राम कचांदुर के दिव्यांग बच्चों द्वारा स्वागत गीत का मनमोहक प्रदर्शन किया गया। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार के 01 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले के दिव्यांग कलाकारों, खिलाड़ियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित करने का यह अनूठा कार्यक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता को अपनी कमजोरी न समझे, अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहें, कठिन परिश्रम और मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने उपस्थित दिव्यांग कलाकारों और खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों ने अपने जीवन के संघर्ष और उपलब्धियों को भी साझा किया। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री अजय गेडाम सहित अन्य कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में जिले के दिव्यांगजन उपस्थित थे। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में अलग-अलग जगहो पर आश्रय संचालित किया जा रहा है। यहां पर बाहर से आए हुए यात्री, विद्यार्थी, काम करने वाले मजदूर, राजनैनिक व्यक्ति आदि को ठहरने की सुविधा दी जाती है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी आश्रय स्थलो पर पहुंचकर, बाहर से आए हुए व्यक्तियों से जाकर मिले और उनको प्रदान की जाने वाली सुविधाओ के बारे में उनसे जानकारी प्राप्त किए। यह भी पूछे की उनको किसी प्रकार की समस्या तो नहीं हो रही है। यदि किसी को ठहरने की मूलभूत सुविधा की आवश्यकता हो तो उसे शीध्र पूरा करने का निर्देश दिए।आयुक्त पाण्डेय ने अधिकारियो को निर्देशित किए कि जो भी बाहर से आए हुए व्यक्ति है। उनको शासन के नियमानुसार मकान आबंटन की सुविधा दी जा सकती हो तो उन्हे मकान दिलाया जाए। आश्रय स्थलो के कमरे, दवारजा, खिड़की, पानी, बिजली, सोने के बिस्तर, शौचालय एवं साफ-सफाई का जायजा लिए और वहां के देखरेख करने वाले कर्मचारियो को निर्देशित किए कि समय पर आए एवं नियमित साफ-सफाई करवाते रहे। किसी प्रकार की समस्या होने पर उसका शीध्र निराकरण करे। आश्रय स्थलो पर ठहरे हुए लोगो से आयुक्त ने पास बैठक चर्चा की, उनके पढ़ाई, कला आदि को पूछा। कुछ बुजुर्गजनों ने आयुक्त को गाना गाकर भी सुनाए, गाना सुनकर आयुक्त बहुत ही प्रशन्न हुए। कुछ आश्रय स्थलो में जो असुविधा थी, उसे शीध्र दूर करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किए। साथ ही यह भी कहा कि शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है, इसका पालन करना सुनिश्चित करें।निरीक्षण के दौरान नेता प्रतिपक्ष भोज राज सिन्हा, जोन आयुक्त अजय कुमार सिंह, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, शशिभूषण मोहंती, राष्ट्रीय अजीविका मिशन के मिशन मैनेजर अमन पटले आदि उपस्थित रहे।
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- 12 गांवों में किया गया प्रचार, लोगों से एक-एक मुठ्ठी अन्न दान करने की अपील
- 21 दिसंबर से धमधा में होगा नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ
धमधा। ऐतिहासिक नगर धमधा में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत 21 दिसंबर से होगी। पहले दिन नगर में महिलाएं पीला वस्त्र धारण कर कलश यात्रा निकालेंगी। दूसरे दिन 22 दिसंबर को सुबह नौ कुंडीय गायत्री यज्ञ के साथ विभिन्न संस्कार कराये जाएंगे। शाम को दीपयज्ञ होगा। महायज्ञ की पूर्णाहुति 23 दिसंबर को होगी।
नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने के लिए 12 गांवों में प्रचार रथ पहुंचा। गायत्री परिवार के परिजनों ने लोगों को घर-घर जाकर पीला चावल से न्यौता दिया। गायत्री परिवार के ब्लाक संयोजक वीरेंद्र देवांगन ने बताया कि गायत्री परिवार के संस्थापक परम पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने कहा है कि भव्य निर्माण, मठ-मंदिर तो अनेक बने हैं व बनते रहते हैं, किन्तु उनकी सार्थकता तभी है, जब उसमें काम करने वाले प्राणवान हों और किसी लोक कल्याण के श्रेष्ठ उद्देश्य के साथ जुड़े हों। गायत्री परिवार मनुष्य में देवत्व के उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण के लक्ष्य को सामने रखकर आध्यात्मिक आधार पर एक नैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक पुनरूस्थान का कार्यक्रम चला रहा है। सभ्य समाज की स्थापना के उद्देश्य से नौ कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया है। धमधा में गायत्री मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर सालभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इसी कड़ी में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में धमधा के बस स्टैंड के पास 21 से 23 दिसंबर 2024 तक नौ कुंडीय महायज्ञ होगा। इसमें मेड़ेसरा से ऊषा केसरा, शांता साहू, लोकेश्वरी देवांगन, मनीषा ताम्रकार, धर्मशीला शर्मा, मंजू धीवर के नेतृत्व में प्रचार अभियान अंतिम चरण में चल रहा है। आसपास के गांव सोनेसोरार, तितुरघाट, परोड़ा, दानीकोकड़ी, परोड़ा, करेली, बसनी, बिरझापुर, डगनिया, सिरना, बरहापुर, जाताघर्रा में लगभग एक हजार घरों में संपर्क किया गया। उन्हें गायत्री मंत्र की महिमा बताते हुए यज्ञ के लिये आमंत्रित किया गया।इसके साथ ही नगर में घर-घर जाकर पीला चावल दिया गया। लोगों को यज्ञ में आहूति के लिये स्वेच्छा से दिये गए घी, चावल व अंशदान के महत्व को बताया गया। प्रचार यात्रा में कल्याण सिंह चौहान, सुनील गुप्ता, ईश्वरी निर्मलकर, सुजीत ताम्रकार, चंद्रेश यादव, उमेश सोनी, केशव देवांगन, अनिल यादव, सुरेंद्र सोनी पथरिया, खोमन पटेल परसुली, बीरेंद्र सोनी, राजू कहार, सजल गुप्ता, श्रेया देवांगन सहित कार्यकर्ता शामिल रहे। -
भव्य शोभा यात्रा में 30 कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्थानीय संस्कृति की झांकी प्रस्तुत की
चार दिनों तक बिखरी रहेगी कला - संस्कृति के विविध रंगों की छटा_*
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में दिनांक 19 से 22 दिसम्बर 2024 तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय 30वें अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2024’’ का यहां रंगा-रंग शुभारंभ हुआ। कृषि महाविद्यालय रायपुर परिसर में आयोजित मड़ई की शुरूआत भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा से हुई जिसमें कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपने-अपने जिलों की लोक संस्कृति, लोक पर्व, स्थानीय रीति-रिवाज, पर्यटन स्थल तथा अन्य विशेषताओं को प्रदर्शित करने वाली झांकी प्रस्तुत की। पारंपरिक परिधानों में सजे इन सांस्कृतिक दलों ने स्थानीय लोक गीतों एवं लोक नृत्यों की अनुपम छटा बिखेरी। इन दलों ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख नृत्य - कर्मा, पंथी नृत्य, राऊत नाचा, सरगुजिहा नृत्य, मुड़िया नृत्य, जवारा नृत्य, गौरी-गौरा आदि का आकर्षक प्रस्तुतिकरण दिया। शोभा यात्रा के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने बस्त दशहरा, अक्ती तिहार, शिव बारात, शिव तांडव, महिषासुर मर्दन, घांसीदास जयंती आदि पर केन्द्रित झांकियों का प्रदर्शन किया। इन झांकियों में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नारी सशक्तिकरण, सुपोषण, कृषि संपदा विकास, प्रौद्योगिकी विकास आदि महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संदेश भी दिये गये।
शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय रायपुर, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता, निदेशकगण उपस्थित थे। इस चार दिवसीय युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालयों के एक हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। शुभारंभ समारोह में कृषि महाविद्यालय भाटापारा की छात्रा कुमारी भूमिका साहू ने छत्तीसगढ़ के राज गीत ‘अरपा पैरी के धार’ का सुमधुर प्रस्तुतिकरण दिया। शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय, जगदलपुर के विद्यार्थी द्वारा नृत्य एवं गीत के माध्यम से बस्तर की आदिवासी संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। चार दिवसीय युवा सांस्कृतिक महोत्सव मड़ई 2024 के दौरान कला संस्कृति पर केन्द्रित विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा।
मड़ई 2024 के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ है और हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में मड़ई जैसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के युवा महोत्सव में सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह मेरे लिए एक अदभुत आध्यात्मिक अनुभव है। शोभा यात्रा में विद्यार्थियों ने गीत-संगीत एवं नृत्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति के विविध रंगों को संतृप्तता के साथ प्रस्तुत किया जो आल्हादित कर गया। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया वे पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होकर देश व प्रदेश का नाम रौशन करें। समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की अंतरनिहीत सांस्कृतिक प्रतिभाओं के विकास के लिए प्रति वर्ष विश्वविद्यालय स्तर पर मड़ई युवा महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पिछले 30 वर्षां से यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि वे उन्होंने विद्यार्थी के रूप में वर्ष 1990 में विश्व भारतीय विश्वविद्यालय शांति निकेतन पश्चिम बंगाल में कृषि विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। वह एक अविस्मरणीय यादें हैं। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एग्री युनिफेस्ट में अनेकों बार स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक प्राप्त किये हैं उन्होंने आशा व्यक्त कि की मड़ई 2024 के विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय तथा छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाएंगे।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। 19 से 22 दिसम्बर तक चलने वाले इस चार दिवसीय अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2024’’ में विभिन्न विधाओं की 25 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसके तहत 20 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से 1ः30 बजे तक एकल अभिनय, तात्कालिक भाषण, ऑन दी स्पॉट पेंटिंग, एकांकी, समूह गायन, कोलाज मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 03 बजे से मिमिक्री, भाषण, कार्टूनिंग, एकांकी, समूह गायन (भारतीय), लोक एवं आदिवासी नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 21 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से मूक अभिनय, भाषण, लघु नाटिका, वाद-विवाद, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, एकांकी, देश भक्ति गीत गायन, पश्चिमी एकल गीत गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 03 बजे से लघु नाटिका, वाद-विवाद, मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 22 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से लघु नाटिका, तात्कालिक भाषण, लोक एवं आदिवासी नृत्य तथा पाश्चात्य समूह गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 22 दिसम्बर को अपरान्ह 04 बजे अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2024’’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। शुभारंभ समारोह के अंत में मड़ई 2024 के आयोजन सचिव डॉ. बी.पी. कतलम ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न कृषि महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। -
रायपुर। आबकारी आयुक्त सुश्री आर. शंगीता तथा कलेक्टर जिला रायपुर, डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग जिला रायपुर द्वारा अवैध शराब के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। शराब तस्करी की सूचना पर 18 दिसम्बर को लोहार चौक वार्ड नम्बर 64 थाना पुरानीबस्ती जिला रायपुर में छापामार कार्यवाही कर आरोपी सतीश कौशल पिता श्री शिवनारायण कौशल के आधिपत्य से 8 बोतल विदेशी मदिरा रॉयल स्टैग एवं लायन्स व्हिस्की (पंजाब राज्य में विक्रय हेतु) कुल 6.0 बल्क लीटर, जिसका बाजार मूल्य 6800 है. जप्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के कायम प्रकरण में आरोपी को मौके पर गिरफ्तार किया गया तथा उक्त मदिरा परिवहन में प्रयुक्त दो पहिया वाहन, जिसका बाजार मूल्य 45000 को भी कब्जे आबकारी लिया गया।
इसी क्रम में 19 दिसंबर को आरोपी दीपक खण्डेलवाल पिता श्री लक्ष्मीनारायण खण्डेलवाल उम्र 50 वर्ष साकिन रामसागर पारा वार्ड 37 थाना मौदहापारा जिला रायपुर के आधिपत्य मकान से 39 बोतल विदेशी मदिरा रॉयल स्टैग एवं लायन्स व्हिस्की (पंजाब राज्य में विक्रय हेतु) कुल 29.25 बल्क लीटर, जिसका बाजार मूल्य 37800 है. जप्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के कायम प्रकरण में आरोपी को मौके पर श्री आशीष सिंह के द्वारा गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त कार्यवाहियों में सहायक जिला आबकारी अधिकारीगण श्री राजेन्दनाथ तिवारी, श्री डी.डी. पटेल, श्री आशीष सिंह, श्री वैभव मित्तल, श्री रविशंकर पैकरा, सुश्री जेबा खान तथा आबकारी उप निरीक्षकगण श्री प्रकाश देशमुख एवं श्री कौशल किशोर सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अवैध शराब विक्रय एवं तस्करी तथा अन्य आबकारी अपराधों पर नियंत्रण हेतु रायपुर जिले के आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। आबकारी नियंत्रण कक्ष, रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2428201 पर आबकारी अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत एवं सूचना दर्ज करायी जा सकती है। -
बिलासपुर/68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का रंगारंग शुभारंभ पुलिस ग्राउंड में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान के करकमलों से हुआ। कार्यक्रम में श्री रामदेव कुमावत एवं श्री महर्षि बाजपेई की मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा अर्चना से हुई इसके बाद खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथियों को सलामी दी। कार्यक्रम के दौरान पीएमश्री शासकीय कन्या शाला सरकंडा के द्वारा सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई जिसमें उन्होंने अलग-अलग राज्यों के नृत्य कला का समागम करते हुए अदभुत प्रस्तुति दी है।
बच्चों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अरुण सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2024-25 में बेसबॉल खेल के आयोजन की मेजबानी हमारा बिलासपुर जिला कर रहा है। इस आयोजन में विभिन्न राज्यों से आए हुए खिलाड़ी छात्र-छात्राएं एवं उनके कोच, मैनेजर आयोजन समिति के सदस्य आप सभी को मैं सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देता हूं। खेल जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है, खेल में हार जीत होते रहती है जो हारता है वह भी कुछ न कुछ जरूर जीतता है और जो खेलेगा वही हारेगा या जीतेगा इसलिए हमें अपने जीवन में इसको चरितार्थ करना है। खेल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है इसलिए हम सभी को खेल को अपने जीवन में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। उद्घाटन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और व्यायाम शिक्षक मौजूद थे। -
*24 दिसंबर तक मनाया जाएगा सुशासन दिवस*
बिलासपुर/भारत सरकार और राज्य सरकार की पहल पर 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक गांवों की ओर सुशासन सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा और विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। आज से सुशासन सप्ताह का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश सभी जनपद सीईओ एवं योजना प्रभारियों के दिए हैं। सुशासन सप्ताह के शुभारंभ में आज विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में सभी योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजनांतर्गत माह दिसंबर तक ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के लक्षित 330 कार्यों में से 279 कार्य (85 प्रतिशत), सामुदायिक शौचालय निर्माण के लक्षित 175 कार्य में से 95 कार्य (54 प्रतिशत), व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लक्षित 2326 कार्यों में से 1095 कार्य (47 प्रतिशत), फिकल स्लज अपशिष्ट प्रबंधन के लक्षित 03 कार्यों में से 01 कार्य (33 प्रतिशत) तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के लक्षित सभी 04 कार्यों (100 प्रतिशत) को पूर्ण कर लिया गया है। लोगों को प्रदूषण व संबंधित स्वास्थ्य मुद्दों से बचाने के लिए स्वच्छ और हरित जिले का निर्माण करने के इरादे से जिला प्रशासन ने ग्रामीण समुदाय के सहयोग से जागरूकता पैदा करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न ओडीएफ प्लस गतिविधियों का भी आयोजन किया गया है।
*राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान-*
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2024-25 में माह दिसम्बर, 2024 तक कुल 3452 स्व-सहायता समूहों का गठित कर 43056 परिवारों को सम्मिलित किया गया है। जिसमे से 1753 स्व-सहायता समूहों को राशि रु. 262.95 लाख का चक्रिय निधि (आरएफ) एवं 1785 स्व-सहायता समूहों को राशि रु. 1071.00 लाख का सामुदायिक निवेश कोष (सीआईएफ) तथा जिले में विभिन्न आजीविका गतिविधि में सम्मिलित 3383 समूहों को राशि रू. 8454.87 लाख का बैंक क्रेडिट लिंकेज के माध्मय से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराया गया है। साथ ही शासन की महत्वकांक्षी लखपति दीदी पहल के तहत 2860 लखपति दीदी के रूप में विकसित किया गया है, उक्त लखपति दीदियों द्वारा प्रतिमाह 10हजार से 15 हजार रूपये की आय अर्जित कर रहे है। आगामी दो वर्ष में 28541 लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिसका बिजनेस प्लान तैयार किया जा रहा है। एक वर्ष की उत्कृष्ट गतिविधियां हुए जिसमें गामेंट फैक्ट्री, फ्लाई एश ब्रिक्स निर्माण, पशु आहार निर्माण, प्रिटिंग प्रेस, एवं मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही है।
*महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना-*
जिला बिलासपुर में वर्ष 2024-25 में महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत माह दिसंबर तक लक्षित 49.11 लाख मानव दिवस के विरूद्ध 40.36 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। जिसमें 6896 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। कुल 43.60 लाख मानव दिवस में से 23.24 लाख मानव दिवस (54 प्रतिशत) का सृजन महिलाओं द्वारा किया गया है। जिले के 2108 दिव्यांगजनों को 1133 मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 तक के 122431 कार्यों में से 117948 (96 प्रतिशत) कार्य पूर्ण कराये गये है। प्रोजेक्ट उन्नति के तहत जिले को प्रदाय लक्ष्य 101 के विरूद्ध 181 युवाओं/युवतियों को स्व-रोजगार हेतु विभिन्न विधाओं में कौशल प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है। - -उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात के बाद संघ के पदाधिकारियों ने निःशर्त खत्म की हड़ताल-छत्तीसगढ़ सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए सजग और गंभीर : श्री अरुण सावरायपुर।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात के बाद विभिन्न नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारी, स्वच्छता दीदियां एवं कमांडोज तथा प्लेसमेंट कर्मचारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल नि:शर्त समाप्त कर काम पर लौट आए हैं। श्री साव के रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में 18 दिसम्बर को हुई मुलाकात के बाद दोनों संघों द्वारा तत्काल हड़ताल समाप्ति की घोषणा के उपरांत आज से सभी काम कर लौट आए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ एवं छत्तीसगढ़ स्वच्छता दीदी, महिला/पुरूष महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर अपनी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया। श्री साव ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी मांगों पर संवेदनशील है। विभाग इन पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगा। हमारी कोशिश होगी कि मांगों पर उचित कार्यवाही हो।श्री साव ने संघ के प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए सजग और गंभीर है। समस्याएं मनुष्य के निजी एवं सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। किन्तु किसी भी विषय व समस्याओं को रखने के लिए केवल हड़ताल या आंदोलन ही उचित माध्यम नहीं है। समस्याओं को रखने के अन्य विकल्प भी हैं। आपके हड़ताल पर जाने से शहरों की महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित होती हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मुकेश तिवारी, प्रवक्ता श्री विकास मिश्रा, कोषाध्यक्ष श्री संदीप चन्द्राकर और संरक्षक श्री संजय शर्मा मौजूद थे। वहीं छत्तीसगढ़ स्वच्छता दीदी, महिला/पुरूष महासंघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन नायक, उपाध्यक्ष सुश्री निर्मला मैथ्यू और सचिव सुश्री सुनीता देवांगन उपस्थित थीं।
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- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की संवेदनशील पहल
-वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे परिजनों को मिलेगी नौकरीरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की संवेदनशील पहल पर विभाग ने प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए 353 नए पद मंजूर किए हैं। श्री साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने मंत्रालय से नए पदों की स्वीकृति के संबंध में आदेश जारी किया है। राज्य शासन के इस आदेश से वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे परिवारों को नियमित नौकरी मिलेगी। शासन के इस निर्णय से नियुक्ति के लिए प्रतीक्षारत परिजन काफी खुश हैं।राज्य शासन ने प्रदेशभर के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 353 नवीन पदों की स्वीकृति दी है। इनमें भृत्य के 275, सफाई कामगार के 21, कुली के 19, तृतीय श्रेणी के सात, चौकीदार और माली के पांच-पांच, वाहन चालक का एक तथा 20 अन्य पद शामिल हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार रायपुर संभाग के लिए 102 पद, दुर्ग संभाग के लिए 144 पद, बिलासपुर संभाग के लिए 78 पद, सरगुजा संभाग के लिए 16 पद तथा बस्तर संभाग के लिए 13 पद मंजूर किए गए हैं।शासन द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधानों के तहत शासकीय नौकरी में कार्यरत कर्मचारी या अधिकारी की सेवानिवृत्ति के पूर्व मृत्यु के बाद उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाती है। इसके माध्यम से कर्मचारी के परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। नगरीय निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित अधिकांश प्रकरण कोरोना महामारी के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के हैं, जो वर्तमान में लंबित हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय समीक्षा बैठकों में नगरीय निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित मामलों की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए थे। निकायों से प्राप्त जानकारी के आधार पर राज्य शासन ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए नए पद स्वीकृत कर नियुक्ति की कार्यवाही के लिए निर्देश जारी किए हैं। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण लंबित रहने से प्रभावित परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शासन द्वारा इसके लिए नए पद मंजूर कर नियुक्ति प्रदान करने से संबंधित परिवारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही निकायों को विभिन्न कार्यों के लिए कर्मचारी भी मिलेंगे। - -छत्तीसगढ़ में आवासहीन परिवारों के लिए बड़ी पहल: 18 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज-प्रधानमंत्री आवास योजना: वित्त विभाग ने जारी की 2560 करोड़ की राशिरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है।अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारीवित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके।
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- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह, मुख्यमंत्री श्री साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने किया विमोचन
रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित तीन किताबों का आज विमोचन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा परिसर स्थित अध्यक्ष के कक्ष में षष्ठ्म विधानसभा के सदस्यों की परिचयात्मक जानकारियों पर केन्द्रित प्रकाशन ‘‘सदस्य परिचय षष्ठ्म विधानसभा’’, ‘‘छत्तीसगढ़ विधानसभा एक परिचय’’ एवं विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल के ‘‘प्रथम वर्ष’’ का विमोचन किया गया।इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व विधानसभा श्री धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, विधायकगण एवं विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे ।‘‘सदस्य परिचय षष्ठ्म विधानसभा’’ पुस्तक में छत्तीसगढ विधानसभा के प्रत्येक सदस्य के जीवन परिचय के अंत में उनके निर्वाचन के परिणाम का विवरण निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर सम्मिलित किया गया है।छत्तीसगढ़ विधान सभा की संसदीय कार्यप्रणाली का जन-जन तक प्रसार हो और विधान सभा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं संपादित होने वाले कार्यों से जनता को अवगत कराने हेतु "छत्तीसगढ़ विधानसभा एक परिचय" (संक्षेप में) का प्रकाशन किया गया है। पुस्तक के अंत में सदस्यों के संबंध में विभिन्न विश्लेषणात्मक विवरण भी दिये गये हैं ।इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 14 दिसम्बर, 2024 से विधानसभा की स्थापना दिवस का रजत जयंती वर्ष आरंभ हो गया है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए उच्च मानकों को स्पर्श किया है। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि है कि षष्ठ्म विधानसभा के शेष कार्यकाल में छत्तीसगढ़ विधानसभा का वर्तमान सदन संसदीय नवाचारों को आत्मसात करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने के अपने गुरुत्तर संसदीय दायित्वों का सफलता पूर्वक निर्वहन करने में सफल होगा।





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