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- -जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिव्यांग को दिए वॉकररायपुर / मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में दुर्घटना में पैर खोने वाले विवेक को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वॉकर भेंट किया। वॉकर पाकर विवेक खुश हैं कि अब उन्हे चलने-फिरने सुविधा होगी। उनके चेहरे पर खुशी देखते ही बनती है।दरअसल रायपुर के भनपुरी स्थित बुनियाद नगर निवासी श्री विवेक शर्मा ने एक दुर्घटना में एक पैर खो दिया। चलने-फिरने में असमर्थ विवेक को इस वजह से काम भी नहीं मिल पा रहा था। इससे उन्हें अपने परिवार के पालन-पोषण में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। आज वे जनदर्शन में मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल विवेक को वॉकर उपलब्ध कराया और जब विवेक मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकले तो वॉकर के सहारे चलकर निकले। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि मुझे वॉकर के सहारे चलने में अब दिक्कतें नहीं होगी।
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रायपुर । बीते 10-12 दिनों से प्रभावी बरसात न होने की वजह से खेतों में खड़ी धान की फसल को एकबार फिर सिंचाई पानी की आवश्यकता है । गंगरेल बांध से छोड़े जा रहे पानी से महानदी मुख्य नहर व मांढर शाखा नहर के कमांड एरिया में आने वाले खेतों को तो सिंचाई पानी मिल रहा है पर भाटापारा शाखा नहर के खेतों को नहीं । प्रभावित ग्रामों के किसानों द्वारा ध्यानाकर्षण कराये जाने पर किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने महानदी जलाशय परियोजना के मुख्य अभियंता कुबेर सिंह गुरुवर को व्हाट्स ऐप के माध्यम से ज्ञापन भेज सिंचाई पानी देने में आ रही दिक्कत को प्राथमिकता के आधार पर दूर करवा इस शाखा नहर में अविलंब पानी छुड़वाने का आग्रह किया है।
ज्ञातव्य हो कि गंगरेल बांध से निकले महानदी मुख्य नहर के 101 किलोमीटर से भाटापारा शाखा नहर निकला है जिससे हजारों एकड़ खेतों को सिंचाई पानी मिलता है । बीते दिनों हुये व्यापक वर्षा के पूर्व इस शाखा नहर से सिंचाई पानी मिल रहा था पर बरसात बंद होने के बाद अब जब पानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है गंगरेल का पानी इस शाखा नहर में नहीं जा रहा जबकि अभी सामयिक सिंचाई पानी की आवश्यकता है । ज्ञापन में बीते दिनों हुये व्यापक वर्षा के चलते इस शाखा नहर के कहीं पर क्षतिग्रस्त होने की वजह से पानी न दिये जाने की जानकारी मिलने की बात कहते हुये प्राथमिकता के आधार पर त्वरित मरम्मत करवा पानी छुड़वाने का आग्रह किया गया है । इसमें किसी प्रकार दिक्कत होने पर क्षतिग्रस्त हिस्से के पहले पड़ने वाले क्रास रेग्युलर तक फिलहाल पानी देने व मरम्मत बाद आगे पानी दिलवाने की मांग की है ।
- बलौदाबाजार/कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दाैरान संयुक्त जिला कार्यालय मे संचालित संपर्क केंद्र 92018- 99925 की खूब प्रशंसा की। श्री कावरे ने सबसे पहले कक्ष का अवलोकन कर संपर्क केंद्र 92018-99925 के कार्य प्रणाली को बारीकी से जाना। कलेक्टर दीपक सोनी ने संपर्क केंद्र के बारे में ब्रीफ करते हुए बताया की संपर्क केन्द्र के माध्यम से फोन एवं वाट्सएप के जरिए विभिन्न विभागों से संबंधित अभी तक 126 आवेदन प्राप्त हुए है। जिसमें से 89 आवेदनों को त्वरित निराकरण किया गया है। साथ ही बचे हुए 37 आवेदनों को समय-सीमा में दर्ज कर निराकरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गांवों की समस्याओं को जानने एवं राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने हेतु विषय विशेषज्ञों द्वारा 58 गांवों के जनप्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा चुका है। जिसमें गांव वाले भी अलग से समस्याओं के बारे में जानकारी दर्ज कराएं है। संपर्क केन्द्र के माध्यम से हमने भाटापारा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बोरसी(ध) के दो भाईयों के बीच आपसी सुलह कर धान बोनस की राशि का बटवारा,कसडोल विकासखण्ड के ग्राम मोहतरा क निवासी बलराम कर्ष कर्नाटक के जिला कोलर में ईंट भट्ठा में 8 लोगों की बंधक बनाने की सूचना दी गई। जिस पर संपर्क केन्द्र के माध्यम से तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सकुशल घर वापसी कराई गई है। इसके साथ ही अन्य मिले सफलता एवं निदान के बारे में जानकारी प्रदान की गई है।श्री कावरे ने संपर्क केंद्र के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते हुए नवाचारी पहल के जरिए आमजनों के समस्या समाधान हेतु सार्थक सकारात्मक परिणाम मूलक कदम बताया। उन्होंने कहा आमजनों की समस्याओं का त्वरित निदान हो इसके प्रशासन को हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए। यही मुख्यमंत्री जी के सुशासन की अवधारणा भी है। संपर्क केंद्र बेहद ही प्रभावी है। हमारे संभाग के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को अपनाने का प्रयास करेंगे। जिससे अधिक से अधिक लोगो को इसका लाभ मिल सके।गौरतलब है कि नवाचारी पहल के तहत जिले में आम जनता के समस्याओं,मांगो के निराकरण, योजनाओं की जानकारी सहित सुझाव प्रदान करने के उद्देश्य से संपर्क 92018-99925 की स्थापना संयुक्त जिला कार्यालय में की गई है। इसके माध्यम से अब जिलेवासियों को घर बैठे ही अपनी मागों समस्याओं एवं सुझावों के निराकरण सहित योजनाओं संबधित जानकारी की सुविधा उपलब्ध होगी। जिसमें जिले का कोई भी व्यक्ति 92018- 99925 फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। न केवल इसमें शिकायत बल्कि रूटिन में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी मुहैया करायी जायेगी। इसके लिए बकायदा रूटिन में अधिकारी कर्मचारियों की विभागवार ड्यूटी भी लगायी गई है। जो भी शिकायतें दर्ज करायी जाती उनका लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उन्हे अलग से समय सीमा में दर्ज की जाती। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त श्रीमती सरिता तिवारी,जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल,अपर कलेक्टर दीप्ति गौते, एसडीएम अमित गुप्ता लेखाधिकारी पूजा रानी सोरी,अधीक्षक एम.एम.टाण्डेय,सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- दिव्यांग ने वाद्ययंत्र खरीदने मांगी सहायता, मुख्यमंत्री ने तत्काल दिए 15 हजार रूपए के चेकरायपुर । मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांग कलाकार की मांग चंद मिनटों में पूरी कर दी। दिव्यांग ने वाद्ययंत्र खरीदने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष सहायता राशि की मांग की। उन्होंने तत्काल 15 हजार रूपए का चेक प्रदान किया। इससे दिव्यांग के चेहरे पर मुस्कान आ गई और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। राजधानी रायपुर के राजा तालाब निवासी विवेक कुमार 8 वर्ष की उम्र से ढोलक बजा रहे है और वे ढोलक में पारंगत हासिल कर चुके है। बचपन से ही वे गायन वादन में विशेष रूचि भी रखते है। आर्थिक रूप से कमजोर विवेक ने अपने सपने को पूरा करने के लिए वाद्ययंत्र खरीदना चाहते थे। आज वे जनदर्शन में मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाकात करने के लिए पहुंचे। विवेक ने वाद्य यंत्र खरीदने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय से सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग कलाकार विवेक का हौसला बढ़ाने के लिए 15 हजार रूपए का चेक सौंपा और शुभकामनाएं दी। इससे राशि से विवेक वाद्ययंत्र खरीदकर अपनी प्रतिभा को निखार पाएंगे।
- *जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांग को दिए वाकर*रायपुर । मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में दुर्घटना में पैर खोने वाले विवेक को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वाॅकर भेंट किया। वाॅकर पाकर विवेक अब चलने-फिरने लगे हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान भी लौट आई है। विवेक ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री ने वाॅकर प्रदाय किया हैं, इससे अब मुझे चलने में और अपना काम करने में परेशानी नहीं होगी।रायपुर के भनपुरी स्थित बुनियाद नगर निवासी श्री विवेक शर्मा एक दुर्घटना में एक पैर खो दिए। चलने-फिरने में असमर्थ विवेक को इस वजह से काम भी नहीं मिल पा रहा था। इससे उन्हें अपने परिवार के पालन-पोषण में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। आज वे जनदर्शन में मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल विवेक को वाॅकर उपलब्ध कराया और जब विवेक मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकले तो वाॅकर के सहारे चलकर निकले। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि मुझे वाॅकर के सहारे चलने में अब दिक्कतें नहीं होगी।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक में दस दिनों तक गणेशोत्सव मनाने के बाद ग्यारहवें दिन गणपति बप्पा धमाल बैंड की गूंज के बीच विदा हो गए। क्लब हाउस से भक्तों की भीड़ के बीच निकला विसर्जन जुलूस कॉलोनी के मुख्य मार्ग से गुजरते हुए मरोदा डैम पहुंचा, जहां भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जित की गई। मुख्य प्रतिमा के साथ घरों में विराजी गईं छोटी मूर्तियों का भी विसर्जन किया गया। गणेशोत्सव में संगीत संध्या, बॉलीवुड और छत्तीसगढ़ी गानों की धुन पर नृत्य, क्लासिकल डान्स, गायन तथा मनोरंजक खेल गतिविधियों सहित कई रंगारंग कार्यक्रम हुए, जिसमें सबसे ज़्यादा ध्यान सोलो बैंड एक्सपर्ट आशीष साहू और नृत्य कलामंदिर की नृत्यांगनाओं के परफॉरमेंस ने खींचा।उत्सव के अंतिम दिन निकले विसर्जन जुलूस में तालपुरी की महिलाओं का जोश अपने चरम पर था। पुरुष भी थिरक रहे थे, लेकिन महिलाएं पूरे उत्साह में नजर आईं। गाजे-बाजे के साथ शाम छह बजे निकले इस जुलूस को मरोदा डैम तक पहुचने में दो घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। डैम के तट पर विसर्जन से पहले एक बार फिर भगवान गजानन की सनातन विधि-विधान से पूजा की गई। विसर्जन के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा गया कि प्रतिमा खंडित न हो। तालपुरीवासी तब तक डटे रहे, जब तक प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न न हो गई। जब मूर्ति का विसर्जन हो रहा था, तब डबडबाई आंखों से लोगों ने गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के गगनभेदी नारे लगाए।पूरे दस दिनों तक पंडित अरुण शुक्ला के नेतृत्व में सुबह-शाम विघ्नहर्ता की पूजा-अर्चना की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग श्रद्धाभाव से शामिल हुए। गणेशोत्सव के अंतिम दो दिन चंद्रहास भक्तमाली ने अपनी मंडली के साथ छत्तीसगढ़ी में हरिकीर्तन किया, जिसमें भगवान विनायक के धड़ में हाथी के शीर्ष के प्रत्यारोपण और घटोत्कच विवाह की कथा का सुरुचिपूर्ण ढंग से वाचन किया। हर दिन भोग का वितरण भी किया गया, जिसे पंक्तिबद्ध होकर लोगों ने ग्रहण किया। रंगारंग कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले और प्रतियोगिताओं के विजेता पुरस्कृत भी किए गए।

- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलकर अपनी तकलीफ़ों के दूर होने की आशा और उम्मीदों का दामन थामे मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश भर से बुजुर्ग, महिलाएँ, युवा ,दिव्यांग, सब पहुँच रहे हैं/
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जनदर्शन में मुख्यमंत्री से मिलने आए लोगों ने जनसंपर्क विभाग की मासिक पत्रिका जनमन और रोजगार नियोजन की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जनदर्शन में मुख्यमंत्री से मिलने आए लोगों ने जनसंपर्क विभाग की मासिक पत्रिका जनमन और रोजगार नियोजन की सराहना की। जनमन एवं रोजगार नियोजन को लेकर विशेषकर युवाओं में रुचि और उत्साह देखने को मिला
- -एनपीएस खाता शुरु करनेवाले हितग्राहियों को स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या -प्राण प्रमाणपत्र का वितरण-बच्चों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई योजना- भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक राकेशकुमार सिन्हारायपुर। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में एनपीएस वात्सल्य योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य बच्चों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करना है। इसके साथ ही देश के 75 स्थानों पर भी एनपीएस वात्सल्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अन्य स्थानों के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।इसी कड़ी में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा नाबार्ड के सहयोग से छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, सुरजपुर और दुर्ग जिला के पाटन में एनपीएस वात्सल्य योजना शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में एनपीएस का खाता शुरु करनेवाले बच्चों और हितग्राहियों को ‘स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या –प्राण’ प्रमाणपत्र का वितरण किया गया।रायपुर में भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक राकेशकुमार सिन्हा, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख बी. आर. रामा कृष्णा नायक, भारतीय स्टेट बैंक तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ बैंक अधिकारियों की उपस्थिती में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। भाटागाव के ब्रह्मविद्या ग्लोबल स्कुल के निदेशक श्री प्रत्युष पदरहा और प्रशासनिक अधिकारी डा. गरिमा अग्रवाल विशेष अतिथी के तौर पर उपस्थित थे।इस योजना के बारे में बताते हुए भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक राकेशकुमार सिन्हा ने कहा की, एनपीएस वात्सल्य माता-पिता को पेंशन खाते में निवेश करके अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत करने के साथ दीर्घकालिक धन सुनिश्चित करने की अनुमति देगा । एनपीएस वात्सल्य लचीला योगदान और निवेश का विकल्प प्रदान करता है, जिससे माता-पिता बच्चे के नाम पर सालाना 1,000 रुपये का निवेश कर सकते हैं, जिससे यह सभी आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के लिए सुलभ हो जाता है । उन्होंने बताया की, यह नई पहल बच्चों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई है, जो भारत की पेंशन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम है । यह योजना पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के तहत चलाई जाएगी । एनपीएस वात्सल्य की शुरुआत भारत सरकार की सभी के लिए दीर्घकालिक वित्तीय योजना और सुरक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है । यह भारत की भावी पीढ़ियों को अधिक वित्तीय रूप से सुरक्षित और स्वतंत्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- बलरामपुर । बलरामपुर जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के एक जवान द्वारा अपनी सर्विस राइफल से गोलीबारी किए जाने के कारण दो जवानों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के सामरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भूताही गांव में स्थित सीएएफ के 11वीं बटालियन के शिविर में आज सुबह आरोपी जवान अजय सिदार ने अपनी सर्विस इंसास राइफल से गोलीबारी कर दी। इस घटना में जवान रूपेश पटेल और संदीप पांडेय की मौत हो गई तथा जवान अंबुज शुक्ला और राहुल बघेल घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में झारखंड की सीमा से लगे क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों को देखते हुए भुताही गांव में सीएएफ का शिविर बनाया गया है। भुताही शिविर में सीएएफ की 11 वीं बटालियन तैनात हैं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे सीएएफ के आरोपी जवान अजय सिदार ने सर्विस इंसास राइफल से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना में चार जवानों को गोली लगी। गोली लगने से जवान रूपेश पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। जब तीन घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा था तब संदीप पांडेय ने रास्ते में दम तोड़ दिया। सरगुजा क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग ने बताया कि घटना के बाद गोलीबारी करने वाले आरोपी जवान सिदार को पकड़ लिया गया है तथा उससे पूछताछ की जा रही है। गर्ग ने बताया कि घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।
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- कालोनी में अपरिचित रहने वाले लोगों के बीच पारिवारिक वातावरण बना गणेश स्थापना से- प्रश्नों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति को जानने का मिल रहा अवसररायपुर। राजधानी में ऐसे तो बड़े-बड़े गणेश पंडाल बनाए गए हैं और विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, परन्तु डीडीनगर सेक्टर 04 के गणपति गजानन समिति के गणेश स्थापना का ढंग वास्तव में न केवल अनुकरणीय है बल्कि लोगों को अपनी परंपराओं में लौटने का सकारात्मक संदेश दे रहा है। गणपति गजानन समिति ने पहली बार गणेश की स्थापना की और कालोनी में जहां पड़ोसी एक-दूसरे का नाम नहीं जानते थे, वहां ऐसा वातावरण तैयार किया, जिससे उनके बीच आत्मिक संबंध स्थापित हो गए हैं और लोकमान्य तिलक ने जिन उद्देश्य को लेकर इस पर्व की शुरूआत की थी, उसे चरितार्थ करते हुए दिखाई दे रही है।आमतौर पर गणेश स्थापना करने वाली समिति चंदा की रसीद बुक छपाई से कार्य का आरंभ करती है, परन्तु गणपति गजानन समिति ने इस पवित्र और आध्यात्मिक कार्य के लिए किसी से पैसे मांगने चंदा नहीं मांगने का निर्णय लिया। सर्वप्रथम प्रतापचंद अल्पना दास, लक्ष्मण ललिता भंडारकर, रत्ना पटेल ने अपने घरों में उपलब्ध बांस बल्ली, तिरपाल, स्टेज बनाकर कार्य आरंभ किया और आसपास के लोगों को वाट्सएप के माध्यम से ग्रुप बनाकर गणपति स्थापना की नियमित जानकारी पोस्ट करना आरंभ किया। गणपति की स्थापना में लोग एक-दूसरे को जाने-पहचाने इसके लिए 11 दिन 11 परिवार को बारी-बारी से आरती के लिए आमंत्रित किया गया। उनके पति-पत्नी,बच्चों के नाम की सूची तैयार की गई और उन्हें गणेश जी की सेवा की एक दिन की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसका यह लाभ हुआ कि पूरा परिवार एक दिन गणेश जी की पूजा की तैयार में लगा रहा, बच्चों ने हार बनाई तो घर में ही प्रसाद भी बनाया गया। धीरे-धीरे 11 परिवार से और अधिक परिवार जुड़ने लगे। गणेश को छप्पन भोग लगाकर प्रकृति प्रदत्त आहार का महत्व बच्चों को समझाया गया और फास्ट फुड का उपयोग कम करने की बात कही। महाआरती में 1001 दिये जलाकर सबसे लिये सद्भावना और सुख की कामना की गई।बुद्धिप्रिय प्रश्न के माध्यम से संस्कृति की जानकारीगणपति गजानन समिति ने प्रतिदिन बुद्धिप्रिय प्रश्न प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें रोज सुबह वाट्सएप पर संस्कृति एवं परंपरा से संबंधित प्रश्न भेजे जाते थे, जिसमें बच्चों के साथ बड़े उनका उत्तर वाट्सएप पर देते थे, इससे वे दिनभर रचनात्मक शोध में व्यस्त रहे। इसमें गणेश जी से संबंधित प्रश्नों के साथ ही देश के गणेश मंदिरों के सवाल होते थे। इसके अलावा प्रश्नों में अपने कुलदेवता का नाम, उसमें क्या भोग लगता है। उनके दादा-परदादा का क्या नाम था, जैसे सवाल पूछे जाते थे, जिनके जवाब बच्चे माता-पिता व अन्य संबंधियों से पूछकर देते थे।भीड़ वाला भंडारा नहीं, बैठ कर कराया भोजइस समिति ने आम भंडारे की तरह लाइन लगाकर और खड़े होकर प्रसाद वितरण जैसी व्यवस्था के बजाय भारतीय परंपरा के अनुरूप गणेश जी के साथ स्नेह भोज का आयोजन किया, जिसके लिए सब्जी, चावल, पुड़ी इत्यादि सभी परिवार के महिला-पुरुषों में मिलकर एकसाथ बनवाया और उसे आरती के बाद सबको जमीन पर बैठाकर पत्तल से वितरित किया। आयोजकों ने पंडाल में गणेश जी को भोग के साथ सबकी मंगलकामना के लिए इस प्रसाद को ग्रहण करने की भावना रखी। इससे प्रभावित होकर लोगों ने स्वैच्छिक रूप से सहयोग राशि देना प्रारंभ कर दिया, संभावित खर्च के अनुसार अधिक राशि मिल गई तो समिति ने लोगों को चंदा देने से मना भी किया। समिति के सदस्यों का कहना है कि यदि हमें किसी भी कार्य करने का प्रयोजन पता है तो उसके लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता नहीं पड़ती। लोगों में आपसी सामंजस्य, सौहार्द्रता और पारिवारिक वातावरण मिलजुलकर रहने से बनाती है, इसके लिए पैसा नहीं लगता, हमने वही कार्य किया। उनका कहना है कि आज सब काम श्रमिक और ठेके पर कराया जाता है जिससे बच्चों में ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ सामाजिक कार्य करने का संस्कार नहीं बन पाता। जब बच्चे अपने माता पिता को सार्वजनिक कार्य में खुद मेहनत करते हुए देखकर तो उनसे इसे संस्कार को रूप में ग्रहण करते हैं।अपने आसपास रहने वाले श्रेष्ठ व्यक्ति से लेते थे प्रेरणासमिति बुद्धिप्रिय प्रश्न प्रतियोगिता की पुरस्कार वितरण के लिए प्रतिदिन एक अतिथि को आमंत्रित करती थी, ये अतिथि आपने आसपास रहने वाले श्रेष्ठ व्यक्ति होते हैं। वे अपने विषय से संबंधित होते थे। जैसे छत्तीसगढ़ के गणेश मंदिर और ढोलकल की गणेश प्रतिमा को लेकर जिस दिन प्रश्न पुछा गया, उस दिन उस पुरातत्वविद् को आमंत्रित किया गया था, जिसमें ढोलकल की टूटी प्रतिमा को फिर से जोड़कर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी। कुल देवता और अपने पूर्वजों को लेकर जिस दिन प्रश्न पूछा गया, उस दिन पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पांडेय का उद्बोधन रखा गया। संस्कृति से संबंधित प्रश्न वाले दिन समाजसेवी और सीएसईबी के पूर्व एमडी श्री पीएल विधानी ने बच्चों को सबके साथ मिलजुलकर रहने की प्रेरणा दी।अलग प्रकृति के होने के बाद भी एकजुट होने का संदेशपरिवार पर आधारित प्रश्न वाले दिन डगनिया के पांच बेटे बहुओं वाले संयुक्त परिवार के मुखिया भीषम लाल ताम्रकार को आमंत्रित किया गया, उन्होंने शिव परिवार का उदाहरण देकर बताया कि नंदी, शेर, सांप, मोर और चूहा शेर ये सभी शिव परिवार के वाहन हैं, लेकिन इनकी कभी एक-दूसरे से नहीं जमती। इनका स्वभाव एक दूसरे के दुश्मन की तरह रहता है, परन्तु शिव परिवार में सभी एकसाथ तालमेल के साथ रहते हैं, हमें भी अपने परिवार के साथ ऐसा रहना चाहिए। इसमें चार्टेड अकाउंटेंट विकास शर्मा, साहित्यकार डॉ सुधीर शर्मा और माना वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेंद्र निगम को भी आमंत्रित किया गया, जिन्होंने बच्चों को अच्छे भविष्य के लिए शिक्षा के महत्व को बताया। - -मुख्यमंत्री मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना से पंकज के जीवन में आया बदलाव-राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने होनहार युवा पंकज साहू को किया सम्मानितरायपुर / एक छोटे से गांव से निकल कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना और वहां से आईआईटी धनबाद का सफ़र और फिर टाटा स्टील जैसे बड़ी कंपनी में मैनेजर का प्रतिष्ठापूर्ण पद प्राप्त करना किसी भी श्रमिक परिवार के बच्चे के लिए एक सपने जैसा है। इस सपने को हकीकत में बदलने का काम एक श्रमिक परिवार के होनहार बच्चे ने कर दिखाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में श्रमिक परिवार के इस होनहार युवा श्री पंकज साहू को इस शानदार कामयाबी के लिए सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वर्तमान में पंकज साहू ओडिशा के जैपुर जिले के कलियापानी स्थित टाटा स्टील कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। पंकज साहू इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार मानते हैं।पंकज साहू की कहानी संघर्ष, मेहनत, इच्छाशक्ति और सरकारी योजनाओं से मिले सहयोग का एक जीता जागता उदाहरण है। धमतरी जिले के छोटे से गाँव दर्री के निवासी पंकज एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पंकज साहू बताते हैं कि उनके पिता श्री जयलाल साहू धमतरी के एक निजी दुकान में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे और उनकी माता श्रीमती ज्ञानबती साहू रेज़ा मज़दूर के रूप में काम करती थी। वे छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग में निर्माणी श्रमिक के तौर पर पंजीकृत है। पंकज की प्रारंभिक पढ़ाई गाँव में ही हुई थी।पंकज बताते है कि उन्हें बचपन से ही मैथ्स, साइंस जैसे विषयों में विशेष रूचि थी, उनके पिता भी मैथ्स ग्रेजुएट है। आर्थिक परिस्थिति के चलते उन्हें श्रमिक के रूप में कार्य करना पड़ रहा था। पंकज साहू ने स्कूल के दिनों में ही तय कर लिया था कि इंजीनियर बनकर परिवार की परिस्थिति को बदलेंगे। लेकिन जब इंजीनियरिंग करने की बारी आई, तो परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियाँ खड़ी हो गईं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च वहन करना उनके परिवार के लिए नामुमकिन था।पंकज साहू और उनके परिवार के लिए छह हज़ार की सीमित आय में शिक्षा की ऊँचाइयों को छूना आसान नहीं था। पंकज साहू भावुक होकर कहते हैं कि उन्होंने अपने स्कूल शिक्षा के दौरान ही स्वयं सेवी संस्था के साथ जुड़कर काम करना शुरू कर दिया था। गर्मियों की छुट्टियों में आस पड़ोस के बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन दिया करते थे। उससे मिली मेहताना से अपने पढ़ाई का खर्चा उठाते थे। उन्होंने बताया कि 12वीं पास होने के बाद पैसे की कमी होने के कारण वे पीईटी का फार्म तक नहीं भर पाये थे।ऐसे में उन्हें बीएससी में एडमिशन लेना पड़ा। लेकिन पंकज साहू की इंजीनियरिंग करने की चाहत तब भी क़ायम रही। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के साथ धमतरी में निजी दुकानों में काम करना शुरू किया, साथ ही प्राइवेट कोचिंग और एनजीओ के साथ काम जारी रखा। इस तरह उन्होंने पैसे जोड़कर पीईटी परीक्षा में पास होकर शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज जगदलपुर में माईनिंग डिपार्टमेंट में बीई में दाखिला लिया। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही एनजीओ में वॉलंटियर के रूप में कार्य करते रहे जिससे वे अपने कॉलेज और हॉस्टल का व्यय वहन कर सका।इंजीनियरिंग के बाद भी पंकज की राह आसान नहीं थी। उन्होंने एम टेक करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने गेट की परीक्षा पास की, लेकिन मुश्किलें थमी नहीं थी, एम टेक की पढ़ाई का खर्च सालाना लगभग एक लाख रुपये था, जो उनके परिवार के लिए एक भारी बोझ था। इतनी सीमित आय में उच्च शिक्षा ग्रहण करना मुश्किल था, लेकिन पंकज के जीवन में श्रम विभाग द्वारा संचालित मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना मील का पत्थर साबित हुई। उन्हें गांव के कुछ जागरूक जनप्रतिनिधियों से योजना के बारे में पता चला, जिसने उनके सपनों को नई उड़ान मिली। योजना के तहत पंकज की एमटेक की शिक्षा का पूरा खर्च छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहन किया गया। इस योजना का लाभ लेते हुए उन्होंने आईआईटी धनबाद से एमटेक की डिग्री प्राप्त की और अपनी कड़ी मेहनत और लगन के कारण गोल्ड मेडल हासिल किया।धनबाद में अपनी एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद पंकज को वेदांता रिसोर्स में प्लेसमेंट मिला, और जल्द ही उन्हें टाटा स्टील कंपनी में मैनेजर के पद पर नियुक्ति मिली। आज पंकज सालाना 18 लाख रुपये के पैकेज पर कार्यरत हैं और उनका जीवन पूरी तरह से बदल चुका है।पंकज ने भावुक होते हुए कहते हैं कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना और उनके माता-पिता का सहारा न मिलता, तो शायद उनके लिए इतनी बड़ी कंपनी में मैनेजर की पोस्ट तक पहुँचना एक सपना ही रह जाता। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया, जिसके चलते उनके जैसे कई गरीब बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। पंकज की कहानी उन लाखों बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। यह कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएँ यदि सही ढंग से लागू हों और जरूरतमंदों तक पहुँचें, तो वे किसी के भी जीवन में चमत्कारी बदलाव ला सकती हैं।
- -18 माह के शब्बीर की गंभीर बीमारी का हुआ इलाज-क्लेफ्ट पैलेट की समस्या का हुआ सफल ऑपरेशन, आकाश के चेहरे पे लौटी मुस्कानरायपुर / शासन द्वारा दी जाने वाली की मूलभूत सुविधाओं में से एक स्वास्थ्य सुविधा है और केंद्र सरकार बचपन में ही बीमारियों का पता लगाकर उसे समूल समाप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित कर रही है, जिसके अंतर्गत जटिल से जटिल बीमारियों का निःशुल्क इलाज किया जाता है। एक ओर जहां निजी अस्पतालों में उपचार के लिए लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं, वहीं सीमित आय वाला व्यक्ति अपने बच्चों का जीवन बचाने में नाकामयाब हो जाते हैं। इन्हीं तकलीफों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों की टीम “चिरायु“ योजना अंतर्गत स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करती है किसी प्रकार की असाधारण व्याधि परिलक्षित होने पर चिरायु और आयुष्मान योजना के तहत आगे उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर किया जाता है।कांकेर जिला के विकासखंड चारामा के वार्ड क्र. 7 निवासी श्री मोईनुद्दीन खान के पुत्र शब्बीर खान आयु 18 माह का स्वास्थ्य परीक्षण चिरायु दल द्वारा किया गया। इसके पहले, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के द्वारा चिरायु दल को सूचित किया गया था स उसके उपरांत चिरायु दल द्वारा उसके घर जाकर शारीरिक परीक्षण किया गया, जिसमें बालक के सिर में डर्माेइड सिस्ट होना पाया गया। आगे के इलाज की कार्रवाई करते हुए चिरायु दल द्वारा रायपुर के एक निजी अस्पताल में बच्चे की जाँच कराई गई, जिसका निःशुल्क ऑपरेशन अगस्त माह में डीकेएस हॉस्पिटल रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परिणामस्वरूप वर्तमान में बालक पूर्ण रूप से स्वस्थ है एवं बालक के परिजन भी चिरायु योजना एवं आयुष्मान योजना के तहत हुए इलाज से संतुष्ट और प्रसन्न हैं। इसके बाद चिरायु टीम द्वारा ऑपरेशन के पश्चात बच्चे का नियमित फॉलोअप लिया जा रहा है। बच्चा वर्तमान में सामान्य बच्चों की तरह अपने व्यवहार में वापस लौट आया है बालक के माता-पिता और परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन को धन्यवाद दिया है।इसी तरह मुंगेली जिला के नगर पंचायत सरंगाव के आकाश साहू को जन्म से ही क्लेफ्ट पैलेट की समस्या थी। इस समस्या का निजात पाने के लिए उसके परिजन कई स्वास्थ्य केन्द्रों का चक्कर लगा चुके थे। लेकिन अत्यधिक खर्च के कारण उनके लिए उपचार कराना संभव नहीं था। इसी बीच चिरायु टीम पथरिया द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला हकीमनगर में 11 वर्षीय आकाश साहू का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और क्लेफ्ट पैलेट की समस्या के उपचार के लिए बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 11 जुलाई 2024 को स्माइल ट्रेन फाउंडेशन के तहत् निःशुल्क सर्जरी कराई गई।सर्जरी होने के बाद अब आकाश साहू पूरी तरह से स्वस्थ्य है और उनके चेहरे की मुस्कान लौट आयी है। बच्चे का निःशुल्क सफल ईलाज होने पर पिता देवकुमार साहू ने इस योजना की सराहना की तथा खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन का आभार किया है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिरायु योजना (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) का संचालन किया जा रहा है। योजना अंतर्गत कटे-फटे होंठ, जन्मजात मोतियाबिंद, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर, श्रवण बाधा सहित विभिन्न प्रकार की बीमारी तथा विकृति पर निःशुल्क उपचार होता है। किसी केस में टीम के सहयोग से बच्चों का उच्च स्थान में रेफर कर ईलाज भी होता है, इसके लिए किसी प्रकार का कोई धन खर्च नहीं करना पड़ता।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय के अंतर्गत सहायक मार्शल पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 6 अक्टूबर 2024 को किया जाएगा। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा इस परीक्षा का संचालन किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक होगी।सहायक मार्शल पद हेतु छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय के वेबसाईट पर पहले ही ऑनलाइन आवेदन जमा किया गया था, जिसमें विभागीय शारीरिक नाप-जोख एवं दक्षता परीक्षण उपरांत पात्र अभ्यर्थियों को अब व्यापम की वेबसाइट पर जाकर पंजीयन करना होगा। पंजीयन प्रक्रिया 9 सितंबर 2024 से शुरू हुई और 22 सितंबर 2024 तक चलेगी। इसके साथ ही, अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा जिले का चयन करना अनिवार्य होगा।नियंत्रक छत्तीसगढ़ व्यावसायिक शिक्षा मंडल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापम पंजीयन नंबर व परीक्षा जिला के चयन के आधार पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को 30 सितंबर 2024 को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा, जिस अभ्यर्थी द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट में पंजीयन नहीं किया जायेगा। उन्हें संचालक, छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय के निर्देशानुसार लिखित परीक्षा से वंचित माना जायेगा व जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी के स्वयं की होगी तथा इस सम्बंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में जमा किये गये ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी योजनाएं न सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि राज्य की महिलाओं के सपनों को नई उड़ान भी दे रही हैं। ऐसी ही एक योजना है महतारी वंदन योजना, जिसने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टुंडरी की निवासी श्रीमती दुजेमती सोनवानी के जीवन में अद्वितीय बदलाव ला दिया है।श्रीमती दुजेमती, एक घरेलू महिला है, जो पहले कभी भी हवाई यात्रा करने के बारे में नहीं सोच पाई थीं, अब इस योजना की मदद से अपने इस सपने को साकार कर चुकी हैं। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से मिलती है। श्रीमती दुजेमती ने धीरे-धीरे इस राशि को एकत्रित किया और अपनी पहली हवाई यात्रा की योजना बनाई।श्रीमती दुजेमती ने रायपुर से जगदलपुर की हवाई यात्रा की और जगदलपुर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। यह यात्रा उनके जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव था, जिसे उन्होंने वर्षों से सपनों में संजोया हुआ था। श्रीमती दुजेमती ने बताया कि बचपन से ही वह हवाई जहाज में सफर करने का सपना देखती थीं, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण यह कभी संभव नहीं हो पाया था।महतारी वंदन योजना ने न केवल उनके इस सपने को पूरा किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का एक नया अहसास भी दिया। उन्होंने खुशी-खुशी बताया कि इस योजना से उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता मिलती है, जिसका उपयोग वे कभी त्योहारों की खरीदारी में करती हैं, तो कभी अपनी यात्रा की इच्छाओं को पूरा करने में।श्रीमती दुजेमती ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उनके जैसे कई महिलाओं के जीवन में उम्मीद की नई किरण जलाई है। आज वे गर्व महसूस करती हैं कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ पाकर वे अपने सपनों को पूरा कर पा रही हैं। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है।श्रीमती दुजेमती सोनवानी की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। महतारी वंदन योजना ने दिखा दिया कि सही योजना और प्रयासों से कोई भी सपना पूरा हो सकता है।गौरतलब है कि प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज मे महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो ऐसी महिलाओ को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बटन दबाकर प्रथम किश्त की राशि जारी की थी।योजना के तहत पहले चरण में करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभार्थी के तौर पर चुना गया है जिनके बैंक खाते में योजना की सात किश्ते ट्रांसफर कर दी गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मार्च से सितंबर तक 07 माह की सहायता राशि4578 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान महिलाओं ने खाते में किया जा चुका है।
- -मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को घायलों का समुचित इलाज करने के निर्देश दिएरायपुर। जशपुर जिले के प्रसिद्ध शिव धाम कैलाश गुफा से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरे एक पिकअप वाहन से पलट जाने से कई लोग घायल हो गए हैं। इस वाहन में 25 से 30 श्रद्धालु सवार थे। मामला बगीचा थाने के सोनगेरसा का है।मिली जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन लौटते समय खाई में गिर कर पलट गई। आसपास के ग्रामीणों ने हर संभव प्रयास करते हुए घायलों को इलाज के लिए तत्परता दिखाते हुए अपने स्वयं के वाहन से बगीचा अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को अंबिकापुर के जिला अस्पताल में दाखिल किया गया है।घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिकित्सकों को घायलों का समुचित इलाज करने के निर्देश दिए हैं। बगीचा क्षेत्र में हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को इलाज की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए ।
- -खनिज शाखा के लेखापाल को कारण बताओ नोटिस जारी, कार्यालय जिला पंचायत को 3 दिन के भीतर कैश बुक पूर्ण करने के दिए निर्देश-लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले विभागों को कार्यालयों के सामने डिस्प्ले बोर्ड एवं कर्मचारियों के नेमप्लेट लगाने के दिए निर्देशबलौदाबाजार /कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे ने आज पहली दफा यहां जिला कार्यालय सहित एसडीएम, तहसील एवं जिला पंचायत कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने बलौदाबाजार जिले के बचे हुए भू-अभिलेख के रिकार्ड जल्द पुराने जिले रायपुर से यहां भिजवाने का भरोसा दिलाया है. भू-अभिलेख शाखा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर दीपक सोनी ने उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया।श्री कांवरे ने लगभग घण्टे भर तक जिला कार्यालय की विभिन्न शाखाओं और कार्यालयों के काम-काज का अवलोकन किया। उन्होंने सरकारी अभिलेखों का व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से रख-रखाव करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला कार्यालय को अन्य कार्यालयों के लिए आदर्श होने चाहिए। उन्होंने वित्त शाखा,भू-अभिलेख,शिकायत शाखा,उद्योग विभाग,नजारत शाखा,खनिज शाखा,महिला एवं बाल विकास, खाद्य,आदिवासी विकास,आबकारी,श्रम,उद्यानिकी, सांख्यिकीय,समाज कल्याण,रिकार्ड रूम अपर कलेक्टर कक्ष सहित अन्य कई कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खनिज शाखा के लेखापाल कामता प्रसाद बंजारे द्वारा रिकार्ड दुरुस्त एवं कैश बुक के संधारण नही करने पर कारण बताओं नोटिस दिया गया है। इसी तरह कार्यालय जिला पंचायत में निरीक्षण के दौरान अधूरे कैश बुक संधारण पर नाराजगी जताते हुए तीन दिवस के भीतर ही कैश बुक पूर्ण कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही कावरे ने कर्मचारियों के नेम प्लेट एवं उनके शाखा के नाम नहीं लिखने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तीन दिवस के भीतर ही समस्त कार्यालयों में कर्मचारियों के बैठने के स्थान पर नेम प्लेट लगाने के निर्देश संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों को दिए है साथ ही साथ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले विभागों को कार्यालय के सामने डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं।इस दौरान उन्होंने अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय और तहसील कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त श्रीमती सरिता तिवारी,जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल,अपर कलेक्टर दीप्ति गौते,एसडीएम अमित गुप्ता लेखाधिकारी पूजा रानी सोरी,अधीक्षक एम.एम.टाण्डेय, सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- महासमुंद / बसना विकासखंड के ग्राम चनाट की निवासी श्रीमती भूमिका पटेल ने अपनी लगन और मेहनत से खुद के जीवन को एक नई दिशा दी है। पति के निधन के बाद जब परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था, तब इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में, श्रीमती पटेल ने हार नहीं मानी और खुद का व्यवसाय करने का निर्णय लिया। आर्थिक संकट से जूझ रही भूमिका को पता चला की मुख्यमंत्री सक्षम सुरक्षा योजना द्वारा महिलाओं को व्यापार करने के लिए ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक से हुई। उन्होंने इसके बारे में अधिक जानकारी दी और जाना कि वह इस योजना के लिए योग्य हैं। भूमिका ने योजना के तहत आवेदन किया और अपने स्वरोज़गार की योजना को प्रस्तुत किया। आवेदन करने पर उन्हें बालविकास परियोजना बसना द्वारा 40,000 रुपये का ऋण प्रदान किया गया, जिसका उपयोग उन्होंने बकरी पालन के व्यवसाय में किया। उनके इस प्रयास ने उन्हें न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद की, बल्कि उन्हें अपने आत्म-सम्मान को भी बढ़ाने का अवसर दिया। भूमिका ने बताया कि सक्षम के तहत जो ऋण लिया था उसकी नियमित किस्त जमा करती है। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष के भीतर, बकरी पालन से होने वाले मुनाफे ने उनके परिवार को स्थिर आय प्रदान की। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने गांव में कृषि भूमि को गिरवी रखकर खेती की शुरुआत भी की, जिसने उनके व्यवसायिक विस्तार और आर्थिक सुदृढ़ता को बढ़ाया है।सक्षम योजना के अंतर्गत मिले इस सहयोग ने श्रीमती भूमिका पटेल को न केवल आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके परिवार को एक सम्मानजनक जीवन भी प्रदान किया। यह योजना आर्थिक परेशानियों से घिरी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ अपने पैरों में खड़े होने का मौका भी प्रदान कर रही है। भूमिका ने इस योजना के संचालन के लिए शासन को धन्यवाद दिया है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं सक्षम सुरक्षा योजना प्रदेश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य शुरू किया गया है इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार ने सभी पात्र महिलाओं को कम ब्याज दर पर हमें प्रदान करने का प्रावधान किया है जिससे वह सभी महिलाएं अपना लघु उद्योग शुरू कर सकें । व्यवसाय आरंभ करने हेतु आसान शर्तों पर एक लाख रुपये तक का प्रदाय किया जाता है । उक्त की वापसी साधारण वार्षिक ब्याज की दर पर किस्तों में की जाती है।
- *प्रचार रथ के जरिए एचआईवी के प्रति किया जायेगा जागरूक*बिलासपुर/ एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रचार रथ के जरिए जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण, आयुक्त नगर निगम श्री अमित कुमार द्वारा एचआईवी एड्स प्रचार प्रसार रथ को कलेक्टोरेट कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। प्रचार रथ के जरिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों , ब्लॉक के गांवों में भ्रमण कर एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ.प्रभात श्रीवास्तव,,सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ,नोडल अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी, डीपीएम,व स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- - शत्-प्रतिशत् स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाया जाए-ओबीसी सर्वे पर प्रगति लाए नगरीय निकाय- भारत सरकार की परियोजनाओं से प्रभावित किसानों का मुआवजा भुगतान समय पर हो- विभागों को उपलब्ध 15 वर्षों से पुरानी शासकीय वाहनों की जानकारी देवें अधिकारी- बाढ़ प्रभावितों को राहत मुआवजा राशि वितरण प्रारंभ करें अधिकारी- स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पकाने हेतु गैस सिलेण्डर का उपयोग किया जाएदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज अधिकारियों की बैठक में कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में संचालित वजन त्यौहार की मॉनिटरिंग हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कलेक्टर के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने वजन त्यौहार के दौरान बच्चों के वजन नापने की प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक अधिकारियों को जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि वजन त्योहार के दौरान गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु अधिकारियों को मॉनिटरिंग का कार्य सौंपा जा रहा है। अधिकारी आंगनबाड़ी केन्द्र जहां पर वजन त्यौहार के दौरान बच्चों की जांच कर ली गई हो, ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर 1-2 बच्चों के वजन और ऊंचाई की जांच समक्ष में कराएं। इसके अलावा केंद्र में रनिंग वॉटर, बिजली व पंखे की व्यवस्था और गैस सिलेण्डर की उपयोगिता आदि का भी अवलोकन करना है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने विगत दिवस कलेक्टर कान्फ्रेंस में जिले में विभागीय कार्यों की स्थिति साझा करते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में जिले का स्थान टॉप 5 से ऊपर हो इस पर अधिकारी विशेष ध्यान देवें। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाई जाए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को ऐसे स्कूली बच्चे जो दूसरे जिले से इस जिले के विद्यालय में अध्ययनरत् है, जिनका जाति प्रमाण पत्र इस जिले से नहीं बन सकता ऐसे बच्चों की विद्यालयवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के प्रकरण संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज कर जाति प्रमाण पत्र बनवाने पहल किया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने हाई-स्कूल स्तर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम एवं तहसीलदार से समन्वय कर शिविर लगाने के निर्देश दिए। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र बनाई जाए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके पालक के पास जाति के संबंध में कोई आधार न हो, ऐसे स्थिति में ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित जाति को मान्य किया जाए और इसके आधार पर बच्चे का जाति प्रमाण पत्र बनाया जाए।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने एकीकृत किसान पोर्टल में कृषकों के पंजीयन के संबंध में अवगत कराया कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्विन करने की दृष्टि से कृषक पंजीयन की प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु एकीकृत किसान पोर्टल विकसित किया गया है। इस हेतु शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों का नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल/रकबे में संशोधन की कार्यवाही 31 अक्टूबर तक की जाएगी। पोर्टल में पंजीकृत किसानों के डाटा का कैरी फारवर्ड करने, नवीन कृषकों के पंजीयन/संशोधन की कार्यवाही प्राथमिक कृषि शाख-सहकारी समिति स्तर से किया जाना है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को भी आरईओ वार पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सभी नगरीय निकायों में ओबीसी सर्वे की समीक्षा कर इसमें सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को बीएलओ के साथ निकाय के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये। साथ ही 25 सितम्बर तक सर्वे कार्य पूर्ण कराने निर्देशित किया है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि भारत सरकार की परियोजनाओं के अंतर्गत जिले में निर्माणाधीन कार्यों से प्रभावित किसानों का मुआवजा राशि का भुगतान समय पर हो यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गेल, पावर ग्रिड टावर एवं भारत माला परियोजना से प्रभावितों के मुआवजा राशि वितरण हेतु संबंधित एसडीएम को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि जिले के सभी स्कूली बसों में जीपीएस सिस्टम और पैनिंग बटन लगाना जरूरी है। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी से इस हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार विभागों में उपलब्ध 15 वर्ष से पुरानी शासकीय वाहनों को स्क्रैप किया जाना है। इसके लिये 15 वर्ष पुरानी शासकीय वाहनों का डाटा परिवहन विभाग के साफ्टवेयर 0.4 में उपलब्ध होना आवश्यक है। ऐसे सभी वाहनों का 30 नवम्बर 2024 तक राइट-ऑफ होना है। उन्हांेने अधिकारियों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक ऐसे वाहनों की जानकारी कलेक्टोरेट में उपलब्ध कराने कहा है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने समीक्षा के दौरान सांसद एवं विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों के टीएस, यूसी/सीसी जिला योजना सांख्यिकी कार्यालय को उपलब्ध कराने और आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने स्कूलों में उपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को एलर्ट सिस्टम पर विशेष जोर देेने कहा। इसी प्रकार स्कूल जतन योजना अंतर्गत गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य नहीं होने पर संबंधित संस्था प्रमुख के रिपोर्ट अनुसार निर्माण एजेंसी विभाग द्वारा कान्टेªक्टर पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मुआवजा राशि वितरण प्रारंभ करने संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पकाने हेतु गैस सिलेण्डर का उपयोग किया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने विभागीय समय-सीमा प्रकरण, मुख्यमंत्री जनदर्शन, जनशिकायत निवारण एवं कलेक्टर जनदर्शन के निराकृत प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को 31 जुलाई के पहले के सभी आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में आगामी 21 सितम्बर 2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया। साथ ही संबंधित विभागों को 20 सितम्बर तक कलेक्टोरेट में जानकारी उपलब्ध कराने कहा गया है।बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम भिलाई के प्रभारी आयुक्त श्री अशोक द्विवेदी, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्री विजेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
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दुर्ग, / छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ एम.के. वर्मा के निर्देश एवं मार्गदर्शन में सेक्शन 8 कंपनी फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप का सफल संचालन किया जा रहा है। सीएसवीटीयू फोर्ट का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को टेक्नोलॉजी एवं उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रदेश को आगे ले जाना है। आज फोर्ट के प्रतिनिधियों और स्टार्टअप्स के द्वारा माननीय राज्यपाल से मुलाकात की गई। इस बैठक की शुरुआत सीएसवीटीयू फोर्ट के सीईओ श्री अग्रांशु द्विवेदी द्वारा फाउंडेशन और इसके द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के परिचय से हुई, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करना है।
बैठक में फोर्ट से जुड़े 6 प्रमुख स्टार्टअप्स ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। पहली प्रस्तुति विनिता पटेल के नेतृत्व में आरुग नामक स्टार्टअप द्वारा दी गई, जो जनजातीय महिलाओं के लिए पुनरू प्रयोज्य सैनिटरी नैपकिन तैयार करता है। राज्यपाल महोदय इस महिला-केंद्रित स्टार्टअप के प्रभाव रिपोर्ट और उपलब्धियों से बहुत प्रभावित हुए और भविष्य में विनिता पटेल के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा करने की इच्छा जताई। दूसरा स्टार्टअप आत्मनिर्भर गांव था, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सौर ऊर्जा आधारित उपकरण विकसित कर रहा है। इस स्टार्टअप का नेतृत्व सीएसवीटीयू फोर्ट के निदेशक, डॉ. आर.एन. पटेल और राहुल बघेल कर रहे हैं। राज्यपाल ने इस विचार को बहुत रोचक पाया और समाधान की लागत प्रभावशीलता और विस्तार क्षमता पर ध्यान देने का सुझाव दिया। तीसरी प्रस्तुति करण चंद्राकर द्वारा दी गई, जो केले के अपशिष्ट का उपयोग कर कपड़ा, उर्वरक और ईंटें बना रहे हैं। राज्यपाल ने ईंटों की मजबूती के बारे में जानकारी ली और प्रोटोटाइप परिणामों से संतुष्ट हुए। चौथा स्टार्टअप वॉबल लैब्स था, जो ड्रोन तकनीक पर आधारित है। राज्यपाल और उनके एडीसी श्री सुनील शर्मा ने संस्थापकों को उनके स्टार्टअप के विस्तार के लिए कई सुझाव और समर्थन का आश्वासन दिया। राज्यपाल ने यह भी सुझाव दिया कि तकनीकी विश्वविद्यालय ड्रोन क्लब स्थापित करे, ताकि छात्रों को ड्रोन तकनीक से सुसज्जित किया जा सके। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सीएसवीटीयू ने छत्तीसगढ़ में पहला आरटीपीओ स्थापित किया है और ड्रोन दीदी योजना पर भी काम कर रहा है। पांचवां स्टार्टअप कोशल आर्ट्स था, जिसका संचालन अंकित बंजारे कर रहे हैं। यह स्टार्टअप छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला को पुनर्जीवित करने और इसे वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। राज्यपाल ने इसे ग्रामीण आजीविका सुधारने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण पाया और किफायती उत्पादों के लिए फाइबर ग्लास का उपयोग करने का सुझाव दिया। अंतिम प्रस्तुति छत्तीसगढ़ इंस्टेंट मिलेट फूड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई, जो एनीमिया और कुपोषण से लड़ने वाले रेडी-टू-ईट उत्पाद विकसित कर रही है। राज्यपाल महोदय इस स्टार्टअप से बहुत प्रभावित हुए।माननीय राज्यपाल ने सीएसवीटीयू फाउंडेशन के इन होनहार उद्यमियों के साथ पर्याप्त समय बिताया और उन्हें आश्वस्त किया कि राजभवन से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। फोर्ट के प्रतिनिधियों के साथ सहकार भारती के अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मीकांत द्विवेदी भी उपस्थित थे। सहकार भारती और फोर्ट के सहयोग को ग्रामीण समुदाय की आजीविका के लिए एक बड़ा कदम बताया गया, जिसकी राज्यपाल महोदय ने सराहना की। फोर्ट तथा सहकार भारती के समन्वय से चलने वाले प्रोग्राम्स तथा उनके सकारात्मक परिणाम पर भी जानकारी राज्यपाल जी को दी गई। फोर्ट के प्रतिनिधि तथा स्टार्टअप में आज की इस मुलाकात के पाश्चात् अपने आप मे एक अत्यंत सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार दिखा। राज्यपाल द्वारा दिए गए सलाहों से सभी स्टार्टअप को अत्यधिक प्रेरणा मिली है और इस बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए सभी ने राज्यपाल महोदय को धन्यवाद ज्ञापन किया । -
-निगम द्वारा उपलब्ध क्रेन से हो रहा व्यवस्थित विसर्जन
-18 घंटे में विसर्जन कुण्ड में श्रद्धालुओं द्वारा 6 हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन
रायपुर । राजधानी शहर रायपुर में विगत दिवस अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व अवसर से प्रथम पूज्य देव विघ्नहर्ता श्रीगणेश की मूर्तियों का श्रद्धापूर्वक विसर्जन करने महादेवघाट के समीप नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा दी गयी विसर्जन कुण्ड की व्यवस्था के अंतर्गत मूर्ति विसर्जन करने श्रीगणेश भक्तों का मेला आज भी लगातार दूसरे दिन सुबह से लगा रहा. भक्तजन श्रीगणेश की घरों एवं पंडालों में बिठायी मूर्तियों को लाकर नगर निगम के विसर्जन कुण्ड में उपलब्ध क्रेन एवं रोलिंग मशीन की सहायता से पूजा - अर्चना, आरती के बाद नम आँखों से गणपति बप्पा को दस दिवसीय श्री गणेशोत्सव पर्व के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर्व को कल विगत दिवस और आज लगातार दूसरे दिन बिदाई देने जुटे रहे. नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सफाई मित्रों के विशेष गैंग की सहायता से महादेवघाट के समीप विसर्जन कुण्ड स्थल की निरन्तर विशेष सफाई अभियानपूर्वक करवाई जा रही है. पूजन सामग्रियों, फूल हार आदि के अपशिष्ट को तत्काल उठवाया जा रहा है एवं स्वच्छता कायम की जा रही है. स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत जिस जोन की टीम की विसर्जन कुण्ड स्थल पर ड्यूटी होती है, उक्त जोन के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से स्वच्छता सिग्नेचर कैंपेन चलाकर आमजनों कोजीवन में स्वच्छता का महत्व की जानकारी देकर स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. जानकारी दी गयी है कि नगर निगम के विसर्जन कुण्ड में महादेवघाट के समीप विगत दिवस दिनांक 17 सितम्बर को सुबह 6 बजे से लेकर आज 18 सितम्बर को संध्या 6 बजे तक उक्त लगातार 18 घंटे की अवधि में श्रद्धालुजनों द्वारा श्रीगणेश की 5595 छोटी मूर्तियों एवं 784 बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया जा चुका है. श्रीगणेश की मूर्तियों के श्रद्धापूर्ण विसर्जन का सिलसिला अभी भी विसर्जन कुण्ड स्थल पर श्रद्धालु भक्तजनों द्वारा निरन्तर जारी है. यहां यह उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर रायपुर जिला पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर माननीय एनजीटी, छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल के दिशा - निर्देश के अनुरूप प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी परम्परागत तरीके से विसर्जन व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से विसर्जन कुण्ड में दी गयी है. इस हेतु 8 - 8 घंटे की तीन पालियों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जोनवार ड्यूटी आज दिनांक 17 सितम्बर से लेकर 23 सितम्बर तक लगायी गयी है. क्रेन, गोताखोर, फायर ब्रिगेड, फर्स्ट एड मेडिकल कैंप लगाया गया है. नगर निगम सहित गृह विभाग, होम गार्ड, सीएमएचओ का सहयोग निर्देशानुसार प्रशासनिक व्यवस्था में मिल रहा है.इस हेतु नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा ने पूर्व में ही आवश्यक निर्देश प्रशासनिक तौर पर श्रीगणेश मूर्तियों की विसर्जन व्यवस्था देने जारी किये हैँ एवं इस हेतु एक समिति गठित की है
- रायपुर । उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा निर्देश अनुरूप रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम के सभी जोनों द्वारा सड़क मार्गों में काउकेचर एवं विशेष टीम के श्रमवीरो की सहायता से आवारा मवेशियों की धरपकड़ करने अभियान सतत निरंतर जारी है। अभियान के तहत आज जोन 1 ने 4, जोन 2 ने 2, जोन 3 की टीम ने मार्गो से 2 आवारा मवेशियों की धरपकड़ कर गौठान में छोडा। जबकि जोन 4 ने 6, जोन 5 ने 5 आवारा मवेशियों की धरपकड़ की। जोन 6 की टीम ने 6 आवारा मवेशियों की धरपकड़ की। जोन 7 ने 3, जोन 8 ने 11, जोन 9 ने 8 आवारा मवेशियों की धरपकड़ की। जोन 10 से 7 आवारा मवेशियों की धरपकड़ काउकेचर वाहन एवं विशेष टीम की श्रमवीरों की सहयोग से करते हुए उन्हें गौठान छोड़ा। आज अभियान के तहत जोनों की काऊकैचर टीमों ने कुल 54 आवारा मवेशियों की धरपकड़ की आवारा मवेशियों की धरपकड़ का अभियान सतत निरंतर जारी रहेगा।
- दुर्ग / मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत जिले में प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में उक्त विद्यालय का परीक्षा परिणाम बहुत अच्छा होने पर वर्ष 2024-25 में अध्ययनरत कक्षा 11वीं के 48 एवं कक्षा 12वीं के 42 कुल 90 बालिकाओं को शैक्षणिक उद्देश्य से आई.आई.टी. भिलाई (जेवरा सिरसा) का भ्रमण कराया गया। सहायक कलेक्टर श्री मोहन भार्गव, संयुक्त कलेक्टर श्री मुकेश रावटे एवं डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव के सौजन्य से सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग श्री हेमन्त कुमार सिन्हा द्वारा भ्रमण की व्यवस्था की गई। जिसमें सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री सिन्हा, प्रशासकीय अधिकारी, शिक्षक एवं छात्रावास के अधीक्षक, अधीक्षिकाएं सम्मिलित हुए। भ्रमण से छत्तीसगढ़ के घोषित अनुसूचित क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च प्रकृति के संस्था में प्रवेश लेकर पढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। भ्रमण में आई.आई.टी. के संचालन तथा उक्त संस्था में अध्यापन कर रहे विषयों की पद्धति, प्रवेश पश्चात् दी जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त होगी। इससे छात्राओं को तत्कालीन कक्षा के पाठ्यक्रम में अध्ययन करते हुए उच्च से उच्च प्रतिशत प्राप्त करने का प्रोत्साहन मिलेगा।
- बालोद । बालोद जिला प्रशासन द्वारा अग्निवीर थलसेना भर्ती हेतु निःशुल्क दक्षता प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भारतीय अग्निवीर थलसेना भर्ती अंतर्गत लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी निःशुल्क दक्षता प्रशिक्षण का लाभ प्रतिदिन सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम बालोद में सुबह 06 बजे से 08 बजे तक ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि पीटीआई शिक्षक श्री सुरेश प्रसाद शांडिल्य के मोबाइल नंबर 9981966989 से संपर्क कर दक्षता प्रशिक्षण के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।

























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