- Home
- छत्तीसगढ़
- बालोद ।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजेे ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम डुंडेरा एवं कमरौद के प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत चल रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री सेतलाल, श्री हरिश्चंद, श्री देवेन्द्र निषाद, श्री कुंजलाल पटेल तथा अन्य ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो के आवासों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आवास निर्माण के मटेरियल, राजमिस्त्री, बैंक आदि समस्याओं के निपटान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने 30 सितंबर 2024 के पूर्व समस्त निर्माणाधीन आवासों को शत प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। डाॅ. कन्नौजे ने योजना अन्तर्गत जनपद पंचायत के अमलों को वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु प्रदाय लक्ष्य के विरूद्ध में प्रथम किस्त अंतरित लाभार्थियों का ग्राम पंचायतवार, क्लस्टरवार उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित कर संबंधितों को पीएम आवास से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास योजना के शेष रह गए पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ प्रदान किये जाने हेतु आवास प्लस की सूची में शामिल करने संबंधी सर्वे का कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश दिए।जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत धनगांव में आंगनबाड़ी केन्द्र भवन का निरीक्षण किया। उन्होेंने वजन त्यौहार कार्यक्रम के तहत् बच्चांे के वजन, ऊँचाई एवं पोषण संबंधी संपूर्ण जानकारी भी ली। इस दौरान गुण्डरदेही विकासखण्ड के पीएम श्री स्कूल का औचक निरीक्षण कर पहली एवं दूसरी कक्षा के बच्चों से गिनती एवं सामान्य जानकारी पूछा तथा संबंधित शिक्षकांे को सभी बच्चो पर ध्यान देकर अच्छे से पढ़ाई कराने के भी निर्देश दिये। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी से गुण्डरदेही विकासखण्ड के अंतर्गत स्कूल मरम्मत के कार्यों की समीक्षा कर समस्त कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप संचालक पंचायत श्री आकाश सोनी सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शासन के निर्देशानुसार स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत भिलाई शहर के पर्यावरण की सुन्दरता को बनाये रखने वृहद वृक्षारोपण किया जा रहा है। स्वच्छता ही सेवा अभियान में एक पेड़ मां के नाम अधिक से अधिक पेड़ लगाने के निर्देश प्राप्त है। खुर्सीपार आई.टी.आई. ग्राउण्ड एवं केनाल रोड किनारे 200 पौधे एक पेड़ मां के नाम रोपण किया गया। इसी प्रकार सुपेला घड़ी चैंक पर 94.3 माय एफ एम लाइव स्टूडियो के माध्यम से नागरिको को एक पेड़ मां के नाम पौधे रोपित करने गमले में पौधे लगाकर वितरण किया जा रहा है।नगर निगम भिलाई के आयुक्त अशोक द्विवेदी ने पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग के उद्यान अधिकारी तिलेश्वर कुमार साहू निर्देशित किये है। कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान 17 सितम्बर से प्रारंभ किया गया है जो 02 अक्टूबर तक चलाया जायेगा। इस अभियान में शहर के जनप्रतिनिधियो, वार्ड के नागरिको, महिला समूह एवं पर्यावरण मित्र के साथ मिलकर पौधा रोपण किया जाए। जिससे भिलाई शहर को प्रदुषण मुक्त शहर बनाया जाए। अधिक से अधिक पेड़ लगाए एवं नागरिको को भी इस अभियान से जोड़ते हुए जागरूक किया जाए। जिससे हमारा भिलाई शहर हरा-भरा एवं साफ-सुथरा वातावरण बनाना है। महापौर नीरज पाल एवं उद्यान की विभाग के अध्यक्ष नेहा साहू ने कहा है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाना है और हम सबको मिलकर बचाना है तभी हमारी भिलाई हरी भरी रहेगी.वृक्षारोपण के दौरान जोन-04 से सहायक अभियंता प्रिया करसे, उपअभियंता चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, वेंकट, वार्ड पार्षद विनोद सिंह, पी श्याम सुन्दर राव, सरिता देवी, वृक्ष मित्र मुकेश पाण्डेय, डाॅ. हर्षिता शुक्ला सहित जोन के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -अटैचमेन्ट समाप्त करने के आदेश का पालन नहीं करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी होंगे निलंबित, कलेक्टर ने मंगाए प्रस्ताव-एसडीएम नियमित रूप से करें राशन दुकान की समीक्षा-30 सितम्बर के पहले दें स्कूल जतन योजना की जांच रिपोर्टबिलासपुर /सड़कों पर भिक्षावृत्ति जैसे हीन कार्यों में संलग्न गरीब लोगों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक व्यापक कार्य-योजना बनाई जायेगी। शासन की तमाम योजनाओं से जोड़कर योग्यता अनुसार उनका लाभ दिलाया जायेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक टीएल बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम कमिशनर अमित कुमार की अध्यक्षता में इस कार्य के लिए एक अधिकार संपन्न समिति भी गठित की है। अगले पन्द्रह दिवस में ऐसे लोगों का चिन्हांकन कर प्रस्ताव देने को कहा है। जरूरत पड़ने पर निराश्रित निधि का इस्तेमाल भी किया जायेगा।कलेक्टर अवनीश शरण ने आज बैठक में लगभग दो घण्टे तक शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री की कलेक्टर कॉन्फरेन्स में दिये गये निर्देशों की जानकारी देकर उन पर तेज गति से काम करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेन्ट खत्म करने के अपने आदेश का पालन नहीं किये जाने पर नाजाजगी जाहिर की। उन्होंने ऐसे डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन रोककर निलंबन का प्रस्ताव देने के कड़े निर्देश सीएमएचओ को दिए। उन्होंने कहा कि पीडीएस सिस्टम सही तरीके से काम करे, इसे सुनिश्चित करना संबंधित एसडीएम की जिम्मेदारी है। लिहाजा सभी एसडीएम माह में कम से कम एक दफा दुकान संचालकों की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा करें। स्कूल जतन योजना में गड़बड़ी की जांच के लिए गठित समिति को 30 सितम्बर के पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके बाद दोषियों को दण्डित भी किया जायेगा। प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी।कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड बनाने एक बार फिर अभियान चलाने के निर्देश दिए। एक से 15 अक्टूबर तक अभियान चलाया जायेगा। ज्ञातव्य है कि अभी भी लगभग 7 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध नहीं हो सका है। बताया गया कि हाई कोर्ट के आस-पास एक विश्राम गृह की स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई है। हाई कोर्ट से संबंधित काम के लिए पूरे राज्य भर से अधिकारी आते हैं। उनके ठहरने के लिए इसके बन जाने से कोई दिक्कत नहीं होगी। कलेक्टर ने फिर से जोर देकर कहा कि स्कूल, अस्पताल के 100 मीटर के दायरे में पान-गुटखा की बिक्री नहीं होनी चाहिए। अधिकारी गण निरंतर इस पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि 15 साल से पुराने शासकीय वाहनों का अपलेखन किया जायेगा। वाहन साफ्टवेयर में इससे जुड़ी जानकारी अपलोड किया जाये। ओबीसी सर्वे की भी जानकारी लेकर 25 सितम्बर तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी छात्रावासों में माह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश सीएमएचओ को दिए हैं।
- -प्रधानमंत्री आवास दिलाने वाले बिचौलियों के संपर्क करने पर करें शिकायत: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह-अभनपुर विकासखंड के केंद्री गांव में जनसमस्या शिविर का हुआ आयोजन-शिविर में 306 आवेदनों का हुआ निराकरण-सरस्वती सायकिल योजना के तहत छात्राओं को सायकिल का वितरणरायपुर, । जिले के आज अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम केन्द्री में जनसमस्या शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सरस्वती सायकिल योजना के तहत स्कूली छात्राओं को सायकिल का वितरण किया गया। शिविर में 360 आवेदन प्राप्त किए गए जिनमें से 306 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। विधायक श्री इन्द्र कुमार साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि आम जनता की समस्या का समाधान जल्द से जल्द हो और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ भी मिले। इसलिए ऐसे जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा श्रम विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं का अवश्य लाभ लें। सभी पात्रता रखने वाले हितग्राही अपना श्रम कार्ड बनवाएं एवं नवीनीकरण भी करवाएं। श्री साहू ने कहा कि 17 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त हितग्राहियों के खाते में अंतरित की। विधायक श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री के मंशा के अनुरूप जिन हितग्राहियों का नाम आवास प्लस और सर्वे सूची में शामिल नहीं है उनका नाम सर्वे कराने के पश्चात शामिल कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए एक बड़ा उपहार है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। गांव-गांव में जिन लोगों के नाम सर्वे सूची में नहीं आए हैं उनके नाम भी अब सूची में जोड़े जाएंगे।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि जिले में होने वाले ऐसे जनसमस्या शिविर में आम जनता अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखें, उनका समाधान जल्द से जल्द करने का प्रयास किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर शुरू की गई है, इसमें भी आम जनता अपनी समस्याएं बता सकते हैं। डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि पीएम आवास योजना का पात्रता अनुसार सभी हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए यदि कोई भी बिचौलिया हितग्राहियों से संपर्क करता है, तो उसकी शिकायत प्रशासन के समक्ष कीजिए उस पर कड़ी से कड़ी से कार्रवाई की जाएगी। शिविर में हितग्राहियों को हित मूलक वस्तुओं का वितरण भी किया गया। इस शिविर में एसएसपी श्री संतोष सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, एसडीएम श्री रवि सिंह, जनपद सीईओ श्री राजेन्द्र पाण्डेय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
-
-24 सितम्बर तक 95 प्रकार की ओबीसी जाति का सर्वे
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शासन के निर्देशानुसार मतदाता पुनरीक्षण का कार्य बीएलओ द्वारा सर्वे किया जा रहा है। आगामी कुछ माह में निकाय स्तर का चुनाव की घोषणा होने वाला है। जिसके पूर्व नगर निगम भिलाई क्षेत्र में निवासरत नागरिको/परिवारो का मतदाता परिचय पत्र का पुनरीक्षण कर रहे है। जिसमें बीएलओ नागरिको के घर-घर जाकर उनके मतदाता परिचय पत्र का निरीक्षण कर रहे है एवं जिनकी आयु 18 वर्ष हो चुकी है उनका नया परिचय पत्र बनाने जानकारी ली जा रही है।आयुक्त अशोक कुमार द्विवेदी ने बैठक में बताया कि ओबीसी सर्वेच्छण के लिए बीएलओ घर-घर जाकर 6 बिन्दुओ में जानकारी एकत्रित करेगे। जिसमें जिले का नाम, नगरीय निकाय का नाम, वार्ड का नाम, पिछड़ा वर्ग परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के सदस्यो की संख्या, व्यस्क-अव्यस्क महिला/पुरूष की कुल संख्या, मोबाईल नम्बर इत्यादि दर्ज की जावेगी। सर्वे के अनुसार लगभग 46700 ओबीसी परिवार नगर निगम भिलाई क्षेत्र में निवासरत है, उनका सर्वे करना है। बीएलओ द्वारा किये गये सर्वे का सत्यापन वार्ड सुपरवाईजर एवं सहायक राजस्व अधिकारी द्वारा किया जावेगा। पिछड़े वर्ग से संबंधित सभी निवासियो को सर्वे में भाग लेना आवश्यक है। इसी सर्वे के आधार पर उनके भविष्य में अन्य प्रमाण पत्र तैयार होगे। अगर कोई छूट जायेगा तो बाद में उसी परिवार को परेशानी होगा।बैठक में उपायुक्त, जोन आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी, जनसम्पर्क अधिकारी, वार्ड सुपरवाईजर सहित निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। - -डिजिटल लेन-देन से नीलम कमा रही सालाना ढाई लाख रूपए-ग्रामीणों को गांव में ही मिला बड़ा सहारारायपुर । रायपुर जिले के अभनपुर ब्लाॅक के डोमा गांव की रहने वाली श्रीमती नीलम साहू खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही है। नीलम की सोच थी कि छोटी-छोटी बचत कर अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने की और वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए एलआईसी में भी राशि जमा कर रही है। साथ ही ग्रामीणों का डिजिटल लेन-देन में सहयोग भी कर रही है।नीलम वर्ष 2021 से बैंक सखी का कार्य कर रही है। साथ ही च्वाइस सेंटर भी शुरू कर ली है। जहां पर डिजिटल लेनदेन कार्य जैसे पैन कार्ड, आधार संबंधी कार्य, श्रमिक कार्ड, रेलवे टिकट, पैसा ट्रांसफर अनेकों डिजिटल कार्य कर रही है। इसके अलावा ग्रामीणों के पेंशन और आधार के माध्यम से पैसे दिलाने में मदद कर करती है। इस कार्य से नीलम प्रतिमाह 20 हजार रूपए से अधिक कमा रही है और सालभर में ढाई लाख रूपए तक कमा रही है। इससे उनका परिवार खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है।नीलम बताती हैं कि पहले गांव के बाहर घूम-घूम कर करना पड़ता था, लेकिन अब एक सुरक्षित जगह मिल गया है। जहां से डिजिटल कारोबार कर रही है। वे बताती हैं कि उनके नाम दो बच्चे है। 9 साल की दुर्गा और 7 साल का देवांश है। उनके भविष्य की चिंता होती थी, लेकिन अब च्वाइस सेंटर से होने वाली कमाई से वे अपने परिवार भी चला रही है और बच्चों के भविष्य के लिए एलआईसी में राशि भी जमा कर रही है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में अब एक फोन से समस्या का निराकरण हो रहा है। वार्ड 23 के कोटा निवासी श्री संजय राव ने मोहल्ले में नशीला पदार्थ बेचे जाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि मोहल्ले में स्थित कोटेश्वर मंदिर के पास कुछ लोग नशीला पदार्थ बेचने का कारोबार करते हैं। इससे मोहल्ले में नशा करने वाले लोगों का जमावाडा लगा रहता है। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर मारपीट करने को भी तैयार हो जाते है। इसको लेकर उन्होंने पुलिस महकमे में भी शिकायत की थी। लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से लगातार परेशान हो रहे थे। जिसके बाद उन्होंने कलेक्टोरेट के जन समस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया। जहां से संबंधित विभाग को मामले की जानकारी दी गई। जिसके संबंधित विभाग ने मौके पर जाकर नशीले पदार्थो की ब्रिक्री करने वाले पर कार्रवाई की गई। (प्रतीकात्मक फोटो)
- रायपुर । संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सर्विस मुख्य परीक्षा का आयोजन आगामी 20 सितंबर से किया जाएगा। यह परीक्षा 20,21,22 व 28 और 29 सिंतबर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली में सुबह 9 से 12 बजे व दूसरी पाली में दोपहर 2.30 से 5.30 बजे तक होगी। परीक्षा संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को प्रभारी अधिकारी परीक्षा शाखा एवं रोजगार अधिकारी श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में अब एक फोन से समस्या का निराकरण हो रहा है। रायपुर के वार्ड 55 के हनुमान नगर निवासी श्री मुकुल कुंजाम ने बताया कि हनुमान नगर स्थित कर्मा धाम के पास मवेशी ने बछड़े को जन्म दिया है। जिससे गाय का रक्तसाव ज्यादा हो रहा है। उपचार की किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं होने से कलेक्टोरेट के जन समस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया। जहां से संबंधित विभाग को मामले की जानकारी दी गई। जिसके संबंधित विभाग ने तत्काल डाक्टरों की टीम मौके पर भेजी, साथ ही इलाज भी करवा दिया। जिसके बाद श्री कुंजाम को इसकी जानकारी दी गई।(प्रतीकात्मक फोटो)
- दुर्ग / राज्य शासन के आबकारी विभाग की सचिव श्रीमती आर संगीता ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की उपस्थिति में आबकारी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से मदिरा दुकानों में संलग्न सेल्स मेन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले की सभी दुकानों का निरीक्षण करें और ध्यान रखे कि किसी भी दुकान में निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर मदिरा विक्रय ना किया जाए। साथ ही मदिरा दुकानदार को वर्दी में रहने के निर्देश दिए। आबकारी अधिकारी को हर महीने दुकानों का ऑडिट करने को कहा। सेटअप के संदर्भ में उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय पदोन्नति एवं रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही शीघ्र ही किया जाएगा। बैठक में प्रबंध संचालक श्री श्याम धावरे, एसपी श्री जितेन्द्र शुक्ला, सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, आबकारी अधिकारी श्री राजेश जायसवाल सहित आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
- बिलासपुर, /कलेक्टर अवनीश शरण ने बिलासपुर शहरी क्षेत्र में स्थित शासकीय एवं नजूल भूमि की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। एसडीएम बिलासपुर जांच टीम का नेतृत्व करेंगे। उनकी अध्यक्षता में गठित टीम में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 9 दल बनाये गये है। ये टीमें विस्तृत रूप से भू-अभिलेख की जांच कर 15 अक्टूबर तक रिपोर्ट देगी। मुख्य रूप से शासकीय भूमि एवं नजूल भूमि का मिशल बंदोबस्त एवं अधिकार अभिलेख से भौतिक सत्यापन करेगी। इस आधार पर वर्तमान अभिलेख की स्थिति एवं भूमि स्वामी दर्ज होने का कारण सहित विवरण देना होगा। जांच टीम अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे एवं भौतिक सत्यापन का कार्य करेगी।कलेक्टर द्वारा गठित प्रत्येक टीम में पांच सदस्य होंगे। टीम का नेतृत्व संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी करेंगे। संबंधित क्षेत्र के नगर निगम के जोन अफसर एवं राजस्व निरीक्षक, राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक एवं हलका पटवारी इसके सदस्य होंगे। इनमें पहली टीम का नेतृत्व नजूल अधिकारी एसएस दुबे, दूसरी टीम में तहसीलदार अतुल वैष्णव, तीसरे टीम में अतिरिक्त तहसीलदार मुकेश देवांगन, चौथे टीम में अतिरिक्त तहसीलदार गरिमा ठाकुर, पांचवे टीम में अतिरिक्त तहसीलदार सिद्धी गबेल, छठें टीम में नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा, सातवें टीम में नायब तहसीलदार राहुल शर्मा, आठवें टीम में तहसीलदार संकरी अश्विनी कंवर और नवें टीम में नायब तहसीलदार रूचिका अग्रवाल नेतृत्व करेंगी। कलेक्टर ने प्रतिबंध की बावजूद कुछ मामालों में पंजीयन किये जाने की जांच के निर्देश भी दिए हैं। इस आधार पर ठोस प्रस्ताव बनाकर उप पंजीयक के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जायेगा। मुख्यमंत्री की कलेक्टर कॉन्फरेंस में दिए गए निर्देशों के अनुरूप टीएल बैठक में आज राजस्व मामले को लेकर सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
- -राष्ट्रव्यापी उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है पोषण माह अभियान-पोषण अभियान से महिलाओं और बच्चों के आहार और व्यवहार में आ रहा सकारात्मक बदलाव-राज्य के 52 हजार से अधिक आंगनबाड़ियों में चल रहा है पोषण अभियानरायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर राष्ट्रीय पोषण अभियान ने एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है। चालू माह में पोषण अभियान को राष्ट्रव्यापी उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य के 52 हजार से अधिक आंगनबाड़ियों में पोषण अभियान संचालित हो रहा हैं। वहीं स्वास्थ्यवर्धक विभिन्न गतिविधियों को आयोजन भी किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों और छह वर्ष की आयु तक के बच्चों की पोषण स्थिति पर ध्यान केंद्रित करके कुपोषण को दूर करने के लिए वर्ष 2018 में ’राष्ट्रीय पोषण अभियान’ के रूप में शुरू किया था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुपोषण छत्तीसगढ़ बनाने के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है, उन्होंने राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से अपील करते हुए कहा है कि पोषण माह की गतिविधियों में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने में सहभागी बने। महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए है जन प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला स्वसहायता समूह, प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जन समुदाय को शामिल किया गया है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सितंबर माह के प्रथम दिवस से पोषण माह 2024 मनाया जा रहा है, जो पोषण जागरूकता को बढ़ावा देने और एक स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में समर्पित एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है। इस वर्ष अपने 7वें चरण में, पोषण माह अभियान एनीमिया की रोकथाम, विकास निगरानी, सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रभावी सेवा वितरण, पोषण भी पढ़ाई भी और पूरक पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत् छत्तीसगढ़ के लगभग 52 हजार आंगन बाड़ी केन्द्रों में महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उनके पोषण संबंधित देख-भाल के लिए समझाईश दी जा रही है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ को एनीमिया और कुपोषण मुक्त बनाने के लिए गांवों में महिला बाल विकास विभाग द्वारा सुुपोषण रथ के माध्यम से जागरूकता लाई जा रही।राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रो में प्रतिदिन पोषण व स्वच्छता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। साथ ही जिले में 23 सितंबर 2024 तक सभी केंद्रों में वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापना, पोषण स्तर की जांच एवं उनके अभिभावकों को पोषण संबंधित जानकारी दी जा रही है। राज्य में राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत अब तक डैशबोर्ड में 29 लाख 60 हजार 333 गतिविधियों की एंट्री की जा चुकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तूलिका प्रजापति ने विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को की जा रही शत-प्रतिशत गतिविधियों की ऑनलाइन एंट्री करने के निर्देश दिए हैं।सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समूह बैठक में वजन त्यौहार के बारे में चर्चा की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं से चर्चा के दौरान 0 से 06 साल के बच्चे, किशोरी बालिकाओं को खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बताया जा रहा है। महिला बाल विकास की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही गर्भवती महिलाओं से पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है।राष्ट्रीय पोषण माह के साथ ही 12 से 23 सितम्बर तक प्रदेश की आंगनबाड़ियों में वजन त्यौहार भी मनाया गया। जिसके अंतर्गत बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही सामुदायिक जागरूकता का कार्य भी किया गया। वजन त्यौहार के दौरान बच्चों के वजन सहित अन्य विवरण महिला और बाल विकास विभाग के मोबाइल ऐप पर दर्ज किया गया। इसी तरह, पोषण माह के दौरान सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन, स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत ग्राम पंचायत के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों और शालाओं में पोषण वाटिका भी विकसित की जा रही है।राष्ट्रीय पोषण माह 2024 सिर्फ़ एक अभियान नहीं है - यह एक आंदोलन है। किशोरियों को शामिल करके ’एनीमिया मुक्त भारत’ कार्यक्रम के लिए निरंतर समर्थन देकर और सामुदायिक भागीदारी का लाभ उठाकर, भारत कुपोषण मुक्त भविष्य की ओर अपनी यात्रा को तेज़ कर रहा है।पोषण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता सतत विकास के लिए उसकी महत्वाकांक्षा का आधार है। आइए हम सब मिलकर काम करने का संकल्प लें, ताकि भारत में हर बच्चे, माँ और परिवार को पौष्टिक भोजन और स्वस्थ भविष्य मिल सके। इस अभियान में हम सभी शामिल हों। साथ मिलकर हम कुपोषण मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
- -प्रदेश में 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण--अब तक 1094.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्जरायपुर, / कृषि विभाग के प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही राज्य के किसानों को अब तक 13.63 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है जो लक्ष्य के विरूद्ध लगभग शत-प्रतिशत है। इसी प्रकार किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 91 प्रतिशत है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 99 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है।किसानों को लक्ष्य का लगभग शत-प्रतिशत रासायनिक खाद वितरितप्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 17 सितम्बर 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 6 लाख 81 हजार 374 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 83 हजार 444 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 73 हजार 352 मीट्रिक टन एनपीके, 55 हजार 836 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2 लाख 8 हजार 172 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है।चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 16.08 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 13.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।किसानों को 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरितप्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 92 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 91 प्रतिशत है।गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.92 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 91 प्रतिशत है।राज्य में लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्णचालू खरीफ सीजन में अब तक लक्ष्य का 99 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है, जबकि इस सीजन में राज्य सरकार द्वारा 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों के बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 48.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है।राज्य में अब तक 1094.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्जराज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1094.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 03 सितम्बर 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2282.0 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 570.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है।प्रदेश के किसानों को मिला 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋणमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 6606 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ब्याज मुक्त कृषि ऋण वितरण किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 6 हजार 544 करोड़ रूपए के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किए गए थे।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किया गया हैं। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक और खेती-किसानी की जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि भी हो रही है।
- -विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेरायपुर.। विश्व बांस दिवस पर आज केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने बेमेतरा में तैयार विश्व के सबसे ऊंचे बांस के टॉवर (Bamboo Tower) का ऑनलाइन लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह भी लोकार्पण कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में भव्य सृष्टि उद्योग द्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे बांस के टॉवर का निर्माण किया गया है। करीब 11 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस टॉवर की ऊंचाई 140 फीट और वजन 7400 किलोग्राम है। पेरिस के एफिल टॉवर जैसी डिजाइन वाला यह टॉवर भव्य सृष्टि उद्योग के फाउंडर और बांस प्रौद्योगिकी से जुड़े श्री गणेश वर्मा ने बनाया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने बांस-टॉवर का लोकार्पण करते हुए कहा कि भव्य सृष्टि उद्योग बांस पर लगातार अनुसंधान कर इसकी नई-नई खासियतों को सामने ला रहा है। अपनी नई सोच और पहल से उन्होंने 140 फीट ऊंचा यह टॉवर बनाया है। यह टॉवर वजन में हल्का है और इसका जीवन काल कम से कम 25 वर्षों का है। वॉच टॉवर, टेलीकॉम टॉवर, ट्रांसमिशन टॉवर और रेडियो टॉवर के रूप में इसका उपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि भव्य सृष्टि उद्योग बांस के उपयोग और इससे निर्मित सामग्रियों की नई-नई डिजाइन और परिकल्पना पर लगातार काम कर रहा है। हम लोग उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनके इस कार्य के लिए मैं उन्हें बहुत बधाई देता हूं।श्री गडकरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार यदि बांस के उपयोग के बारे में कोई नीति बनाती है और उसे प्रोत्साहित करती है, तो वहां के आदिवासियों का जीवन बदल जाएगा। छत्तीसगढ़ के हैंडलूम्स, हैंडीक्रॉफ्ट्स और मेटल-क्रॉफ्ट्स में नए डिजाइन बनेंगे तो उनकी अच्छी बिक्री होगी। मैं डॉ. रमन सिंह के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार से अनुरोध करूंगा कि बांस से फर्नीचर और अन्य सामग्रियों के नए-नए डिजाइन उनकी उपयोगिता के आधार पर तैयार करने के लिए डिजाइन सेंटर बनेंगे तो राज्य में निर्यात करने लायक उत्पाद भी तैयार हो सकेंगे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि 140 फीट के इस नवनिर्मित टॉवर से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। दुनिया के सबसे ऊंचे 140 फीट के बांस के टॉवर को देखकर मैं गौरवान्वित हुआ हूं। इसके लिए मैं भव्य सृष्टि उद्योग से जुड़े सभी साथियों को बधाई देता हूं। छत्तीसगढ़ का यह नया स्टार्ट-अप धरती से जुड़ा है, किसान से जुड़ा है और हमारे वनवासियों से जुड़ा है। सांसद श्री विजय बघेल तथा विधायकद्वय श्री दीपेश साहू और श्री ईश्वर साहू भी कठिया में बांस-टॉवर के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। भव्य सृष्टि उद्योग के फाउंडर श्री गणेश वर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी के उत्पादों को नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, भारतीय रेलवे, भारतीय सड़क कांग्रेस और अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा मान्यता प्राप्त है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस पर्यावरण अनुकूल और अभिनव समाधान को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय देश के 25 राज्यों में सैकड़ों किलोमीटर की लंबाई में बांस क्रैश बैरियर्स लगाने की परीक्षण परियोजनाएं शुरू करने के लिए तैयार है, जिनका क्रियान्वयन अगले कुछ महीनों के भीतर किया जाएगा। इसके आधार पर बांस क्रैश बैरियर्स की व्यापक स्थापना की संभावनाओं का आंकलन किया जाएगा, जो किसानों, गांवों की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए वरदान साबित हो सकता है।
- -इंटरलॉकिंग सड़क बनने से शिक्षा में आया सुधाररायपुर, / छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ने क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। इस योजना का उद्देश्य न केवल गरीब ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करना है, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाना है। ऐसी ही एक कहानी है छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत पीपरबहरा की जहाँ मनरेगा के माध्यम से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का कार्य किया गया और इसका सीधा लाभ विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों को मिला।मनरेगा से शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन की शुरुआतग्राम पंचायत पीपरबहरा, एक ऐसा गाँव है जहाँ वर्षों से विद्यालय और आंगनबाड़ी तक जाने का मार्ग बेहद कठिन था। मुख्य मार्ग से मझपारा आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला तक का रास्ता कच्चा था, जिससे बारिश के दिनों में बच्चों और शिक्षकों के लिए आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता था। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती थी कि कीचड़ और पानी भरने की वजह से स्कूल की गतिविधियाँ प्रभावित होती थीं। आखिरकार मनरेगा के तहत इस समस्या का समाधान किया गया। शासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत पीपरबहरा को सड़क निर्माण हेतु कुल स्वीकृत राशि 8 लाख 69 हजार 571 रुपए की मंजूरी प्राप्त हुई थी, जिससे ग्राम पंचायत पीपरबहरा में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मझपारा आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला तक एक सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग प्रदान करना था। कार्य शुरू होते ही गाँव के लोगों और विशेष रूप से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। सड़क का निर्माण तेजी से हुआ और कुछ ही महीनों में यह सड़क बनकर तैयार हो गई। अब बच्चों और शिक्षकों के लिए यह सड़क न केवल आसान पहुँच प्रदान करती है, बल्कि उनके दैनिक जीवन में भी कई सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। पहले जहाँ बरसात के दिनों में कीचड़ और पानी भरने की समस्या थी, अब वहाँ एक साफ और सुंदर मार्ग है, जिससे विद्यालय तक पहुँचना बहुत आसान हो गया है।इंटरलॉकिंग सड़क बनने से शिक्षा में आया सुधारइस सड़क निर्माण का सबसे बड़ा प्रभाव गाँव के शिक्षा स्तर पर पड़ा है। जहाँ पहले बच्चों का स्कूल आना-जाना असुविधाजनक होने के कारण उनकी उपस्थिति कम होती थी, अब बच्चों की उपस्थिति में स्पष्ट सुधार देखा गया है। उनके चेहरे पर पढ़ाई के प्रति उत्साह साफ दिखाई देने लगा है। इसके अलावा स्कूल के शिक्षक भी अब बच्चों को और अधिक ध्यान देकर पढ़ाने में सक्षम हैं, क्योंकि वे बिना किसी कठिनाई के स्कूल पहुँच सकते हैं। इस प्रकार मनरेगा के तहत सड़क निर्माण ने गाँव के शिक्षा स्तर को सुधारने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्राम पंचायत पीपरबहरा की यह सफलता केवल एक सड़क निर्माण की कहानी नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना ने न केवल बच्चों और शिक्षकों के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि गाँव के समग्र विकास में भी एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ग्राम पंचायत पीपरबहरा में मनरेगा के तहत इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण केवल एक भौतिक संरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि यह गाँव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सड़क ने न केवल बच्चों और शिक्षकों के जीवन को बेहतर बनाया है, बल्कि पूरे गाँव के लिए एक नई उम्मीद जगाई है।
- रायपुर / नमो ड्रोन दीदी योजना अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के स्व सहायता समूह की अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन उडाने क़ा प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को इस सबंध में जरुरी निर्देश दिए हैं। ड्रोन दीदी श्रीमती निरुपा साहू एवं ड्रोन पायलट निखिल कन्नौजे ने कलेक्टर श्री सोनी से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किये। कलेक्टर ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणा स्रोत बताया।उन्होंने उर्वरक व कीटनाशक छिड़काव में ड्रोन के उपयोग को किसानों के लिए फायदेमंद कहा और ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की बात कही।विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम लाहौद निवासी ड्रोन दीदी श्रीमती निरुपा साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ड्रोन से दवाई छिड़काव क़ा कार्य अप्रैल 2024 से शुरू किया है। इसके पूर्व उन्होंने ग्वालियर स्थित प्रशिक्षण संस्थान से ड्रोन उडाने का 15 दिन का प्रशिक्षण लिया। उन्होने बताया कि बिहान अंतर्गत वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुडी हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के बारे में जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियो से मिली। ड्रोन दीदी ने बताया कि ड्रोन से यूरिया या कीटनाशक छिड़काव के लिए प्रति एकड 300 रुपये शुल्क लेती हैं और उन्हें अब तक करीब 25 हजार रूपये की आय हो चुकी है। ग्राम लटुआ निवासी ड्रोन पायलट निखिल कन्नौजे ने बताया कि वह इफ्को कंपनी से जुडा है और कंपनी के माध्यम से ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने बताया कि ड्रोन को 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तक उड़ाया जा सकता है। विगत अप्रैल माह से करीब 88 एकड़ खेतों में दवाई का छिड़काव ड्रोन से कर चुके हैं।ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि आने वाले चार वर्षों में 15 हजार स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराया जाए। यह ड्रोन, महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इन ड्रोन्स का इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में उर्वरकों का छिड़काव करने के लिए किया जाएगा।
- रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव अमेरिका का अपना आठ दिवसीय अध्ययन प्रवास पूर्ण कर 19 सितम्बर को स्वदेश लौटेंगे। वे अमेरिकी समय के अनुसार 18 सितम्बर को सवेरे 09:05 बजे सेन फ्रांसिस्को से भारत के लिए रवाना होंगे। वे भारतीय समय के अनुसार 19 सितम्बर को दोपहर पौने तीन बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री साव और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह एशियन डेवलपमेंट बैंक के आमंत्रण पर विगत 10 सितम्बर से अमेरिका के अध्ययन प्रवास पर हैं।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने अमेरिका में अपने आठ दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और सेन फ्रांसिस्को में सड़क एवं भवन निर्माण परियोजनाओं का भ्रमण किया। उन्होंने निर्माण विशेषज्ञों के साथ बैठक कर बड़ी निर्माण परियोजनाओं (Construction Projects) की प्लानिंग, डिजाइनिंग, निर्माण सामग्रियों, निर्माण तकनीकों तथा चरणबद्ध ढंग से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से कार्यस्थलों पर निर्माण कार्मिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अमेरिका में निर्माण स्थलों के भ्रमण के दौरान वहां कार्यरत आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरों से चर्चा कर प्रयुक्त सामग्री, धातु एवं मशीनरी की जानकारी ली। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उन्नत सड़क परियोजनाओं और भवन निर्माण में आधुनिक तकनीकों व मशीनरी के उपयोग के संबंध में भी निर्माण विशेषज्ञों से चर्चा की। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता की टिकाऊ सड़कों और भवनों के निर्माण के लिए अमेरिका में प्रचलित नई तकनीकों और उपायों का विस्तृत अध्ययन कर लोक निर्माण विभाग में लागू करने पर विचार किया जाएगा। श्री साव अपने अध्ययन भ्रमण के दौरान न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और सेन फ्रांसिस्को में भारतीय समुदायों और छत्तीसगढ़ मूल के लोगों से भी मिले।
- -गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का हो रहा है सफल उपचाररायपुर /बच्चों में कुपोषण एक अत्यंत ही गंभीर स्थिति मानी जाती है। इससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है तथा इसके कारण शिशु मृत्यु दर भी बढ़ने का भी खतरा रहता है। ऐसे में राज्य शासन द्वारा जिला बलौदाबाजार भाटापारा में पोषण पुनर्वास केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए गंभीर रूप से कुपोषण से पीड़ित बच्चों को इससे निकालने हेतु सफल प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार के पोषण पुनर्वास केन्द्र से ठीक हुई पलारी विकासखंड के ग्राम कोनारी की 6 माह की बच्ची की माता हेमिन बाई ध्रुव के अनुसार उनकी बच्ची का वजन 3 किग्रा था जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कर पोषण आहार दिया गया। पोषण आहार देने के पश्चात उसका वजन 6 किग्रा हो गया, अब बच्ची पूरी तरह ठीक है। ऐसे ही पलारी विकासखंड अंतर्गत ग्राम चरौदा की 2 साल की गंभीर कुपोषित बच्ची का वजन मात्र 4 किलो 400 ग्राम था, जिसे अस्पताल में भर्ती कर पोषण आहार दिया जा रहा है। बच्ची की मां सरिता ध्रुव के अनुसार अस्पताल में उन्हें बेहतर उपचार तथा पोषण आहार समय पर मिल रहा है।बलौदाबाजार में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल तथा पलारी में पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र एक सुविधा आधारित इकाई है जहां 5 वर्ष से कम एवं गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को पोषण सुविधा प्रदान की जाती है साथ ही बच्चे के पालकों को आवश्यक देखभाल तथा खान-पान संबंधित कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाता है जिससे वह घर पर भी अपने बच्चों को कुपोषण से दूर करने का प्रयास कर सकें। जनवरी 2024 से अब तक जिला अस्पताल में 94,पलारी में 135 तथा कसडोल में 141 बच्चे भर्ती किये जा चुके हैं।चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में कुपोषण मुख्यतः दो प्रकार का पाया जाता है पहला सूखा रोग जिसमें शरीर की मांसपेशियां बहुत कमजोर हो जाती हैं, तथा वजन में कमी आ जाती है। शरीर दुबला पतला हो जाता है ,हड्डियां दिखाई देने लगती हैं। उम्र के अनुपात में शारीरिक वजन में कमी आ जाती है। कुपोषण का दूसरा प्रकार क्वाशियोरकर है जिसकी शुरुआत अपर्याप्त व असंतुलित भोजन से होती है इसमें हाथ पैर व पूरे शरीर में सूजन,बालों का रंग फीका हो जाना तथा आसानी से उखड़ जाते हैं,विटामिन ए की कमी के लक्षण जैसे आंखों में धुंधलापन,तेज रोशनी में नहीं देख पाना इत्यादि प्रकट हो जाते हैं।पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती हेतु बच्चों में कुपोषण की पहचान मुख्यतः आंगनबाड़ी केंद्रों में की जाती है इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों में भी इसके लिए व्यवस्था की गई है। क्योंकि कुपोषित बच्चों में संक्रमण की संभावना अधिक होती है इस कारण वे बार-बार बीमार पड़ते हैं और उनके ठीक होने में लंबा समय लगता है। पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती हेतु बच्चों के लिए कुछ मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अंतर्गत यदि 6 माह से कम उम्र का शिशु अत्यंत कमजोर हो,वह प्रभावी ढंग से दूध पी नहीं पा रहा हो या 45 सेंटीमीटर से ज्यादा लंबाई के बच्चे का वजन लंबाई अनुसार ना हो, गंभीर सूखापन दिखाई दे या फिर दोनों पैरों में सूजन हो जबकि 6 माह से लेकर 60 माह तक के बच्चों के लिए ऊंचाई के अनुसार वजन, ऊपरी बांह के मध्य भाग की गोलाई 11.5 सेंटीमीटर से कम हो अथवा दोनों पैरों में सूजन हो यह मापदंड निश्चित किये गए हैं। ऐसी स्थिति के बच्चों को तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की आवश्यकता होती है। हर पोषण पुनर्वास केंद्र में डाइट चार्ट के आधार पर बच्चों को आहार दिया जाता है। यह डाइट चार्ट सप्ताह के 7 दिनों के लिए अलग-अलग प्रकार से बनाया गया है ताकि भोजन में नवीनता और रुचि बनी रहे। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती होने की दशा में बच्चे के साथ अटेंडर के रूप में आए उसके एक परिजन को भी भोजन तथा 15 दिन तक 150 रूपये प्रतिदिन के आधार पर सहायता राशि दी जाती है। कलेक्टर दीपक सोनी ने महिला बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग को गंभीर कुपोषित बच्चों की त्वरित पहचान कर उन्हें इन केंद्रों में सतत रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पालकों से भी अपील की है कि अपने कुपोषित बच्चों को शासन की इस सुविधा का लाभ लेकर कुपोषण मुक्त करें ताकि बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।
- -ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के साथ जैविक खाद भी बना रहा समूहरायपुर । बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम डोड़की में स्वसहायता समूह की महिलाएं कचरा प्रबंधन कर अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का कार्य कर रही हैं। कचरा प्रबंधन से जैविक खाद बनाने में समूह की दीदियां अहम भूमिका निभा रही हैं। शासन द्वारा दिए जा रहे सहयोग से समूह की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुधार आया है और वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों में बखूबी अपना योगदान दे रही हैं। ग्राम पंचायत केवांछी के आश्रित ग्राम डोड़की के जय मां अम्बे समूह की महिलाओं ने बताया कि गांव में मनरेगा के तहत एसएलडब्लयूएम शेड, नाफेड एवं वर्मी टैंक का निर्माण किया गया है। इन कार्यों के लिए मनरेगा से दस लाख 29 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे। शेड के माध्यम से ठोस एवं तरल अपशिष्ट के रूप में निकलने वाले कचरे का प्रबंधन किया जा रहा है। समूह की महिलाएं अपने तिपहिया वाहन में घर-घर घूमकर कचरा एकत्र कर शेड में लाकर इन कचरों से खाद बना रही हैं।डोड़की के रहवासियों ने बताया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड के निर्माण से गांव में अस्वच्छता संबंधी समस्याओं का निदान हुआ है। गांव में अब स्वच्छता का माहौल बना रहता है। महिलाओं द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य रोज किया जा रहा है। गांव में हर परिवार को नीले एवं हरे रंग का डस्ट-बिन दिया गया है। कचरा संग्रहण के लिए तिपहिया वाहन खरीदे गए हैं। जय मां अम्बे समूह ने गांव को रोगमुक्त रखने का भी बीड़ा उठाया है। समूह की महिलाएं जन-चौपाल लगाकर गांववालों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारियां भी दे रही हैं। कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट से तैयार जैविक खाद और ठोस कचरे के रूप में प्राप्त प्लास्टिक की बिक्री से समूह को सालाना 30 हजार से 40 हजार रुपए तक की आमदनी अनुमानित है। समूह की महिलाओं ने बताया कि वे इस कार्य से बहुत खुश हैं। इससे हो रही आय से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। गांव में पहले इधर-उधर कचरा फैले होने से गंदगी का वातावरण रहता था और बीमारियों का खतरा बना रहता था। ठोस एवं तरल कचरा खुले में जगह-जगह पड़ा रहता था। लेकिन अब समूह द्वारा कचरे का सही प्रबंधन किया जा रहा है। गांव में पेयजल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। सरकार की मदद से स्वसहायता समूहों को रोजगार एवं आजीविका का जरिया मिला है। इससे उनकी माली हालत में सुधार आ रहा है।
- -कांकेर, कोंडागांव, कोरिया और सूरजपुर में प्रगतिरत कार्यों का करेंगे परीक्षण, समीक्षकों के मोबाइल नम्बर पर साझा कर सकते हैं शिकायतेंरायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी, नई दिल्ली के निरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माणाधीन कार्यों में तृतीय स्तर के गुणवत्ता परीक्षण के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। वे कांकेर, कोंडागांव, कोरिया और सूरजपुर जिले का दौरा कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों का परीक्षण करेंगे। संबंधित जिले के राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर प्रगतिरत सड़कों की गुणवत्ता के संबंध में शिकायत साझा की जा सकती है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (Chhattisgarh Rural Road Development Agency) के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री नीलमाधब साहू (मोबाइल नम्बर 9437111027) सितम्बर माह में कोरिया और सूरजपुर जिले में सड़कों की गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे। वहीं राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री अब्दुल माजिद सबनम (मोबाइल नम्बर 9419130403 और 7006290384) चालू सितम्बर माह में कोंडागांव और कांकेर जिले में सड़कों की गुणवत्ता जांचेंगे। file photo
- रायपुर // मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में 19 सितंबर को जनदर्शन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनदर्शन में लोगों से सीधे रुबरु होकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। जनदर्शन का आयोजन सबेरे 11:00 बजे से 1:00 बजे तक किया जाएगा। file photo
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 20 सितंबर को पूर्वान्ह 11.30 बजे कैबिनेट की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई है। file photoi
- *प्रचार रथ के जरिए जन मानस को एचआईवी के प्रति किया जायेगा जागरूकबिलासपुर/एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रचार रथ के जरिए जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण, आयुक्त नगर निगम श्री अमित कुमार द्वारा एचआईवी एड्स प्रचार प्रसार रथ को कलेक्टोरेट कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। प्रचार रथ के जरिए शहर के विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ.प्रभात श्रीवास्तव,,सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ,नोडल अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी, डीपीएम,व स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -सेल और एनएमडीसी का प्रोडक्शन बढ़ाने पर विचार-विमर्श-सीएसआर मद के कार्यों को और अधिक गति देने की आवश्यकता-स्थानीय युवाओं के कौशल उन्नयन के अधिक से कार्य किए जाएंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास में केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री एच.डी. कुमार स्वामी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री कुमारस्वामी का अपने निवास में आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने श्री कुमारस्वामी को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री कुमारस्वामी के साथ अनौपचारिक चर्चा के दौरान सेल और एनएमडीसी का प्रोडक्शन बढ़ाने, दोनों उपक्रमों और राज्य सरकार के मध्य और बेहतर समन्वय से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों उपक्रमों सेल और एनएमडीसी को सीएसआर मद के कार्यों को और अधिक गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगरनार अंचल में स्थानीय युवाओं के कौशल उन्नयन के अधिक से कार्य किए जाएं, ताकि युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर मिल सकें।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर आये केन्द्रीय मंत्री श्री कुमारस्वामी बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट और भिलाई स्टील प्लांट का निरीक्षण करने के बाद आज राजधानी रायपुर पहुंचे। सेल के चेयरमेन श्री अमरेन्दु प्रकाश, एनएमडीसी के सीएमडी श्री अमिताव मुखर्जी, मुख्यमंत्री और खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस. और श्री राहुल भगत, भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक श्री अनिर्बान दासगुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
- -श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता योजना होगी प्रारंभ-मुख्यमंत्री ने 57 हजार श्रमिकों को 49.43 करोड़ राशि का डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की-विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजनरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में राज्य के सभी जिलों में अन्नपूर्णा दाल-भात केन्द्र और पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को श्रेष्ठ आवासीय विद्यालय में निःशुल्क अध्ययन की सुविधा देने के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता योजना शुरू करने की घोषणा की।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इस मौके पर श्रमिकों को विश्वकर्मा दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए 57 हजार से अधिक पंजीकृत परिवारों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 49.43 करोड़ रूपए की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से उनके खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में श्रमवीरों को शाल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने श्रम विभाग द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘क्रेडल्स ऑफ होप’ का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने की।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों के हित में श्रम विभाग द्वारा शुरू किए गए श्रमेव जयते एप और श्रमिक हेल्पलाइन नंबर की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पहले कार्यकाल में उन्होंने ढाई से 3 साल तक केंद्र में श्रम राज्य मंत्री के रूप में काम किया। तब श्रमिकों को बहुत ही कम पेंशन राशि मिलती थी। प्रधानमंत्री की पहल पर यह राशि बढ़ाकर एक हजार रूपए की गई। साथ ही प्रोविडेंट फंड बनाकर श्रमिकों को यूनिवर्सल नंबर आबंटित किए गए। इस यूनिवर्सल नंबर के जरिए श्रमिकों को देश के किसी भी स्थान जाने पर इस स्थायी नंबर के जरिए विभिन्न लाभ मिलते हैं। इसी प्रकार श्रमिक भाई पीएफ की राशि क्लेम नहीं करते थे, उन्हें 27 हजार करोड़ रूपए दावा राशि का भुगतान कराया गया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार में योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। श्रमिकों को आज विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। श्रमिकों के बीच अब कोई बिचौलिया नहीं आएगा। श्रमिकों को अब राशि सीधे उनके बैंक खातों में मिल रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए संचालित अनेक कल्याणकारी योजनाएं जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दी थी। मुख्यमंत्री श्री साय उन योजनाओं को पुनः शुरूआत कर रहे हैं। यह श्रमिकों के लिए खुशी का अवसर है। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा 235 करोड़ रूपए अलग-अलग योजना के माध्यम से सहायता राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रमेव जयते एप और शिकायत निवारण पोर्टल एवं टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। अब श्रमवीरों द्वारा किसी भी समय अपने शंका, समस्या का निवारण घर बैठे कर सकते हैं। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्रमवीर हमारे प्रदेश के रीड़ की हड्डी है, इनके दम पर ही हमारा राज्य प्रगतिशील है। श्रमवीरों के सच्चे सम्मान के लिए हमारी सरकार हमेशा कार्यरत है। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों के बच्चों के भविष्य व शिक्षा के लिए हमें बेहतर से बेहतर प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त श्रीमती अलेरमंगई डी., इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, अपर श्रमायुक्त श्रीमती सविता मिश्रा एवं एल.ए. जांगड़े सहित बड़ी संख्या श्रमवीर, विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।







.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)





.jpg)


.jpg)
.jpg)
.jpg)



.jpg)
