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- -तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर दी विनम्र श्रद्धांजलिरायपुर, / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज उज्जैन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पूज्य पिता जी स्व. श्री पूनमचंद यादव के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. श्री पूनमचंद यादव जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की।
- रायपुर,। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू), भिलाई के तत्त्वावधान में शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर में जनजातीय गौरव दिवस के निमित्त एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में जनजातीय समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान को सामने लाना है।कार्यक्रम का आयोजन रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती (5 अक्टूबर) और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती (15 नवंबर) को ध्यान में रखते हुए किया गया, जिसके अंतर्गत पूरे राज्य में 5 अक्टूबर से 15 नवंबर तक 40 दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत, उनके सामाजिक मूल्यों और स्वतंत्रता आंदोलनों में महत्त्वपूर्ण भूमिका को समाज के सामने लाया जाएगा।इस कार्यशाला में राज्यभर के विभिन्न इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निकल एवं आईटीआई संस्थानों के समन्वयक एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा थे। मुख्य प्रशिक्षक एवं वक्ता के रूप में बस्तर से आए श्री रामनाथ कश्यप और सामाजिक कार्यकर्ता श्री वैभव सुरंगे ने जनजातीय समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर गहन प्रकाश डाला। कार्यक्रम स्थल पर जनजाति नायकों की सुंदर प्रदर्शनी भी लगाई गई जो विद्यार्थियों व प्राध्यापकों के बीच में आकर्षण का केंद्र रही।इस अवसर पर सीएसवीटीयू के कुलपति प्रो. एम. के. वर्मा, वनवासी विकास समिति के प्रांत अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, रजिस्ट्रार प्रो. अंकित अरोड़ा, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.आर. खान, डॉ अनुराग जैन प्रांत सचिव वनवासी विकास समिति,टेक्निकल एजुकेशन के उप संचालक और राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन श्री राजीव शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनजाति छात्राओं द्वारा आकर्षक स्वागत नृत्य की प्रस्तुति भी की गई ।कार्यक्रम में सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग से बड़ी संख्या में अध्येताओं और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
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-राज्य लोक निर्माण विभाग दोनों वार्डों में लगभग 3 करोड़ रूपये से अधिक के रोड कान्क्रीटीकरण कार्य कराएगा, लगभग सवा चार करोड़ के नए विकास कार्य शीघ्र कराये जायेंगे
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने आज रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के तहत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 के अंतर्गत सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड क्रमांक 25 एवं 38 के क्षेत्र में कर्मा चौक रामनगर सहित विभिन्न 16 स्थानों में कुल लगभग 1 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन विकास कार्यो का श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर वार्ड नम्बर 24 के पार्षद एवं जोन 7 जोन अध्यक्ष श्री मनीराम साहू, वार्ड नम्बर 25 के पार्षद श्री भोलाराम साहू , पूर्व पार्षद श्री ओंकार बैस, नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, जोन 7 कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री गोविन्द साहब बंजारे सहित गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों, अमजनों की बडी संख्या में उपस्थिति के मध्य कर्मा चौक रामनगर में भूमिपूजन करते हुए कार्यारंभ करवाते हुए शानदार सौगात दी. वहीं राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा रायपुर नगर निगम जोन 7 के तहत वार्ड नम्बर 24 एवं 25 के क्षेत्र में लगभग 3 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृत लागत से नवीन रोड कांक्रीटिकरण के विकास कार्य शीघ्र करवाए जायेंगे. इसमें नगर निगम जोन 7 के माध्यम से वार्ड 24 में 55 लाख रूपये एवं वार्ड 25 में लगभग 67 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन विविध विकास कार्य शीघ्र करवाने रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने भूमिपूजन करते हुए कार्यरम्भ करवाया. इस तरह वार्ड 24 एवं 25 के क्षेत्र में सवा चार करोड़ रूपये से अधिक के नवीन विकास कार्य शीघ्र करवाए जायेंगे।रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड क्रमांक 24 एवं संत रामदास वार्ड क्रमांक 25 में जोन 7 जोन अध्यक्ष श्री मनीराम साहू, पार्षद श्री भोलाराम साहू, पूर्व पार्षद श्री ओंकार बैस एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड एवं संत रामदास वार्ड क्षेत्र क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों सहित सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड नम्बर 24 के विभिन्न 6 स्थानों में 55 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, शेड निर्माण, सीसी रोड निर्माण कार्य, स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य हेतु नवीन विकास कार्यों को भूमिपूजन करते हुए कार्यारंभ करवाया,, वहीं संत रामदास वार्ड नम्बर 25 के विभिन्न 9 स्थानों में सीसी रोड निर्माण, नाली निर्माण कार्य, स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य हेतु लगभग 67 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से नए विविध विकास कार्यों को श्रीफल फोड़कर एवं कुदाल चलाकर भूमिपूजन सहित कार्यरम्भ करवाया.। रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने जोन नम्बर 7 के कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता को सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड क्रमांक 24 एवं संत रामदास वार्ड क्रमांक 25 के क्षेत्र में स्वीकृति अनुसार सभी नवीन विकास कार्यो को स्थल पर तत्काल प्रारंभ करवाकर तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखकर प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये, वहीं रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने राज्य लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल स्वीकृत नए विकास कार्यों को नगर निगम जोन 7 के वार्ड नम्बर 24 एवं 25 में प्रारम्भ करके तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता से सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्तायुक्त तरीके से जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है। -
-ग्राम उमरिया की गायत्री जैविक खेती और कृषि सखी का कार्य कर बनी लखपति दीदी
-खेतों में चला रही ट्रैक्टर, परिवार की बनी मजबूत ढालबिलासपुर / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना के जरिए स्व सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम उमरिया की श्रीमती गायत्री महर समूह से जुड़कर न केवल जैविक खेती कर लाभ कमा रही है , बल्कि कृषि सखी का कार्य कर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर रही है। मिलने वाले मानदेय से अब अपनी उच्च शिक्षा भी पूरी कर रही हैं। गायत्री का चयन छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट में विचार रखने के लिए भी किया गया था।बिल्हा के उमरिया गांव की रहने वाली श्रीमती गायत्री महर स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद मिली जानकारी से अब स्वयं जैविक खेती करती है, अपने खेतों में ट्रैक्टर चलाकर बुआई और खेती के अन्य काम करती है। इसके साथ ही गांव में कृषि सखी का कार्य भी कर रही है। गायत्री बताती हैं कि वह अन्नपूर्णा स्व सहायता और हरियाली आजीविका समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनके भीतर इतना आत्म विश्वास नहीं था ,स्वयं की कोई पहचान भी नही थी लेकिन अब कृषि सखी के रूप में उन्हें पूरा गांव जानता है। स्व सहायता समूह के माध्यम से छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट के लिए अपने विचार रखने का भी अवसर मिला जो उनके लिए गौरव की बात हैं। शादी के 7 वर्ष के बाद अब वह अपने कृषि सखी के रूप में कार्य के मानदेय के पैसों से अपना ग्रेजुएशन भी पूरा कर रही है। गायत्री कहती हैं कि बिहान योजना हम ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। योजना से जुड़कर अब मैं लखपति दीदी भी बन गई हूं।उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना बिहान गांवो की महिलाओं के लिए वरदान बन रही है,जहां महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। - रायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सोमवार 16 सितम्बर को कोरबा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका दौरा कार्यक्रम इस प्रकार है दोपहर 2 बजे निवास चारपारा कोहड़िया से निहारिका कोरबा में निजी कार्यक्रम में शामिल होकर दोपहर 3 बजे कोबरा के वार्ड क्रमांक 48 सेमीपाली बस्ती में खनिज एवं न्यास मद से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यो के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। विकास कार्यो में शामिल वार्ड क्रमांक 47 जमनीपाली के.पी.एस स्कूल के पास से रमला देवी से होते हुए ग्राम सभा भवन के सामने तक नाली निर्माण पूर्ववास एवं गोपालपूर में कोसगई दाई प्रांगण चबुतरा में छत का निर्माण लागत राशि 7.99 लाख रूपए एंव वार्ड क्रमांक प्राथमिक शाला सेमीपाली में नवीन भवन का निर्माण कार्य लागत 13.64 लाख रूपए तथा वार्ड क्रमांक 53 तुलसी नगर स्वीपर मोहल्ला में पण्डाल निर्माण कार्य लागत 4.95 रूपए की स्वीकृत की गई है, जिसका भूमिपूजन करेगे . तत्पश्चात मंत्री श्री देवांगन शाम 4 बजे सेमीपाली कोरबा से प्रस्थान कर शाम 7 बजे राजधानी रायपुर लौट आएंगे।
- -दाई ओ दीदी ओ पढ़ना लिखना है जरूरी गीत ने बांधा समां-भोपाल की धरती पर छत्तीसगढ़ महतारी का वंदन-उल्लास की नवाचारी गतिविधियों पर शानदार प्रस्तुतिरायपुर /भोपाल में आयोजित उल्लास के रीजनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ के अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने हर कार्य में बेहतर प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जहां एक ओर नवाचारी गतिविधियों की बेहतर प्रस्तुति दी गई, जिसमें कठपुतली इत्यादि को संजोकर छत्तीसगढ की प्रदर्शनी लगाई गई। शिक्षार्थी व स्वयंसेवी शिक्षक ने चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर उपाय बताएं वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ छाया रहा।भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी, एनसीईआरटी नई दिल्ली की एनसीएल प्रभारी प्रोफेसर उषा शर्मा राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण व राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर श्री राजेंद्र कुमार कटारा के कुशल नेतृत्व में दो दिवसीय उल्लास क्षेत्रीय सम्मेलन रीजनल कॉन्फ्रेंस NITTTR भोपाल में आयोजित कियागया। श्री कटारा ने छत्तीसगढ़ में उल्लास कार्यक्रम की प्रगति से संयुक्त सचिव श्रीमती अवस्थी को अवगत कराया। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण में उल्लास कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी कार्यक्रम में प्रोजेक्टर के द्वारा छत्तीसगढ़ में उल्लास में किए गए कार्यों एवं बेस्ट प्रैक्टिसेस को बताया। प्रस्तुतिकरण में साक्षरता चौक साक्षरता रथ साक्षरता ताली स्थानीय संसाधनों से पढ़ने के नए-नए तरीके के साथ यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम चरण में 10 लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया है, उसमें से 75 प्रतिशत नाम उल्लास पोर्टल में दर्ज कर लिया गया है।एससीईआरटी एससीएल प्रकोष्ठ प्रभारी डेकेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि उल्लास प्रवेशिका को छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय संदर्भ लोक संस्कृति, लोक कला को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के 16 स्थानीय भाषाओं में उल्लास गीत पुस्तक एवं ऑडियो निर्माण किए गए है।छत्तीसगढ़ तथा अन्य प्रदेशों के सेल्फ टीचिंग लर्निंग मटेरियल स्टॉल लगाए गए थे । छत्तीसगढ़ का स्टॉल आकर्षक रहा ओर सभी अतिथियों ने किए गए कार्यों की सराहना की। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह क्षेत्रीय सम्मेलन विशेष रहा है रायपुर की जिला परियोजना अधिकारी डॉ कामिनी बावनकर के संयोजन में छत्तीसगढ़ की टीम ने सेल्फ टीचर लर्निंग मटेरियल को तैयार करके मंच पर बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। जिसकी सभी राज्यों ने प्रशंसा की। संचालक श्री कटारा के आतिथ्य में सांस्कृतिक संध्या के प्रतिभागियों को अंग वस्त्र एवं पौधा भेंट किया गया।भोपाल की धरती पर छत्तीसगढ़ महतारी का वंदन गीत पर शानदार नृत्य निर्जला धीवर, स्वयंसेवी शिक्षक एवं छत्तीसगढ़ के सरगुजा नृत्य हाय रे सरगुजा नाचे... गीत के नृत्य में, हेम धर साहू एवं ग्रुप ने सभी प्रतिभागियों को झूमने पर मजबूर किया । सांस्कृतिक संध्या मेंठछत्तीसगढ़ के बैगा संस्कृति व वेशभूषा से बीएड कॉलेज के छात्र अध्यापकों ने सभी को प्रभावित किया। छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति के परिधान में साक्षरता के लिए किए गए कार्यों से लोग प्रभावित हुए और क्षेत्रीय सम्मेलन में अमिट छाप छोड़ी।छत्तीसगढ़ के स्वयंसेवी शिक्षकों, नव साक्षर, शिक्षार्थी ने साक्षर बनाने में आ रही चुनौतियो को बताते हुएठ उल्लास में किए गए कार्यों की सफलता की कहानी बताई। स्वयंसेवी शिक्षकों की नवाचारी गतिविधियां कठपुतली के माध्यम से ‘‘दीदी ओ दाई ओ पढ़ना लिखना है जरूरी........’’ जैसे गीतों के साथ स्वयं सेवी शिक्षकों, नव साक्षर, शिक्षार्थी में आत्मविश्वास बना रहा। शिक्षक तस्कीन खान ने बताया कि वह शिक्षार्थियों को कक्षा में जोड़ने के लिए मुस्लिम होने के बावजूद रामचरितमानस सुनाकर रामायण पढ़ने की ललक जगाकर शिक्षार्थियों को पढ़ने की ओर प्रेरित किया।जन जन साक्षर... जय अक्षर का संकल्प लेते हुए छत्तीसगढ़ की टीम ने अपनी उपलब्धियां से दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। लोगों ने कहा छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।इस अवसर पर राज्य शिक्षा केंद्र के डायरेक्टर श्री हरजिंदर सिंह, शिक्षा मंत्रालय की सलाहकार सुनीता चौहान श्रीमती बानी बोरा, राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के नियंत्रक राकेश दुबे, सिद्धांत ज्योति, किरण खलको निर्जला धीवर, श्रुति तिवारी, शालिनी, प्रतिमा शिक्षार्थी एवं नव साक्षर सुमंती तिग्गा, धनराजी तिग्गा, श्यामापति का विशेष योगदान रहा।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी किफायती आवास के अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई के डॉ बीआर अंबेडकर सर्व मांगलिक भवन, गौरव पथ बैकुंठ धाम भिलाई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया जाएगा। यह मकान पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो गया है। जो प्रमुख रूप से सूर्य बिहार के पीछे खमरिया भिलाई, अविनाश मेट्रोपोलिस जुनवानी कोहका ,एवं स्वप्निल बिल्डर कुरूद में स्थित है । मोर मकान मोर आस घटक के 150 आवंटित हितग्राही, मोर जमीन मोर मकान घटक के 596 लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा। जिनके द्वारा केंद्र एवं राज्यांश की राशि प्राप्त कर स्वयं के द्वारा मकान निर्माण कर लिया गया है। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। सभी हितग्राहियों के लिए वहां पर व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर नगर के सांसद, विधायक, महापौर, पाषर्दगढ़, आयुक्त उपस्थित रहेंगे ।कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। नगर निगम भिलाई द्वारा सभी हितग्राहियों को सूचित किया गया है। हिसग्रही अपने जमा राशि का कागज लेकर आएंगे, वहां पर उन्हें मकान प्रवेश का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा । समय का सब ध्यान रखेंगे। जनसंपर्क विभाग, नगर पालिक निगम भिलाई ।
- बिलासपुर /प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले के विकासखंड बिल्हा में 78, कोटामें 80, मस्तूरी में 86, तखतपुर में 57 कुल 301 पदों में “आवास मित्र / समर्पित मानव संसाधन" की भर्ती किया जाना है। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विज्ञापन जारी कर दिया गया है एवं जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सूचना पटल में चस्पा करा दिया गया है। इन पदों पर इच्छुक पात्र उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर, जिला बिलासपुर (छ.ग.) के नाम से दिनांक 18 सितंबर 2024 को सायं 05.30 बजे तक रजिस्टर्ड डाक/ स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज सकते हैं। इस हेतु विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन पत्र का प्रारूप कार्यालय के सूचना पटल एवं जिला बिलासपुर की वेब साईड www.bilaspur.gov.in पर देखा जा सकता है।रचना/
- बिलासपुर /अमर शहीद लांस नायक वीरेन्द्र कुमार कैवर्त के 18वें बलिदान दिवस पर ग्राम नरगोड़ा तहसील सीपत जिला बिलासपुर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हरिश चन्द्र तिवारी ,कल्याण संयोजक सूबेदार मेजर शिवेन्द्र नारायण पाण्डेय,थाना प्रभारी सीपत श्री नीलेश कुमार पांडेय के साथ स्थानीय पूर्व सैनिक संगठन ,जन प्रतिनिधि गण,परिवार जन और ग्राम वासियों ने शहीद लांस नायक वीरेन्द्र कुमार कैवर्त जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
- -भाव-भंगिमाओं और मुद्राओ ने किया रोमांचितरायगढ़/ / 39वां चक्रधर समारोह के नौवे दिन आज सांस्कृतिक संध्या में बिलासपुर की वेदिका शरण ने मंच पर भावभंगिमाओं मुद्राओ के साथ आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी। रामलीला मैदान में आयोजित चक्रधर समारोह में आज कथक में वेदिका की सुंदर प्रस्तुति ने दर्शकों को आनंदित किया। उन्होंने संगीत की धुन में अपनी कलात्मक नृत्य की अभिनव प्रस्तुति दी। 10 साल की सुश्री वेदिका शरण 6 वर्ष की आयु से कथक नृत्य में निपुण है। इनकी गुरु शुश्री अंजली ठाकुर ( लखनऊ घराना) है।
- बिलासपुर, /छ.ग. डिग्री इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा भारत के सर्वोच्च इंजीनियर भारत रत्न सर मोक्षमुण्डम विश्वेश्रैया जी का जन्म दिवस अभियंता दिवस के रूप में मनाया गया ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अमर अग्रवाल विधायक बिलासपुर, अध्यक्षता इंजीनियर बी.एस. चावला प्राचार्य जी.ई.सी. बिलासपुर, विशिष्ट अतिथि विधायक श्री धरमजीत सिंह, विधायकश्री सुशांत शुक्ला एवं विधायक इंजी. अटल श्रीवास्तव उपस्थित रहे। लोक निर्माण विभाग के इंजी. बी.एस. कोराम मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग के इंजी. जे.आर. भगत मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग के इंजी. संजय सिंह मुख्य अभियंता अतिथि के रूप में उपस्थित रहें।कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग से इंजी. के.के. पीपरी, प्रमुख अभियंता को उत्कृष्ट अभियंता एवार्ड से नवाजा गया। इंजी. जी.पी. पवार सेवानिवृत्त अभियंता को लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड से नवाजा गया है। जल संसाधन विभाग से इंजी. के.एस. गुरूवर जी मुख्य अभियंता को उत्कृष्ट अभियंता एवार्ड से नवाजा गया।इंजी. ए.के. सोमावार, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता को लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग से इंजी. संजय सिंह मुख्य अभियंता को उत्कृष्ट अभियंता एवार्ड से नवाजा गया एवं इंजी. ए.के. साहू सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता को लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। छ.ग. ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण से इंजी. सुनील नामदेव जी अधीक्षण अभियंता को उत्कृष्ट अभियंता एवार्ड से नवाजा गया एवं पंचायत ग्रामीण विकास विभाग से इंजी. राजेश कुमार देवांगन जो सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता को लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड से नवाजा गया है। इस अवसर पर मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
- -रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई में जल्द शुरू होगी ई-बस सेवा-नागरिकों को मिलेगी किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा – उप मुख्यमंत्री अरुण सावबिलासपुर.। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन के लिए 240 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन बसों का संचालन राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई में किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के ढांचे को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम ई-बस सेवा योजना प्रारंभ की गई है। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा रायपुर के लिए 100, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 तथा कोरबा के लिए 40 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन सेवा की इस अभिनव योजना में केंद्र सरकार द्वारा शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। योजना के अंतर्गत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। विभिन्न राज्यों में शहरों की जनसंख्या के आधार पर बसों की संख्या निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा। कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि भारत सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना राज्यों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता को पारदर्शिता और उनके प्रदर्शन से जोड़ने की कोशिश का हिस्सा है। इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले। योजना के तहत शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। 20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है। इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों तथा कोरबा को 20 मीडियम एवं 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।पीएम ई-बस सेवा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों का क्रय तथा संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। एजेंसी को केंद्रीय सहायता सुनिश्चित किलोमीटर संचालन के आधार पर दी जाएगी। अगर बसें इससे कम किलोमीटर चलती हैं तो केंद्रीय सहायता उसी के अनुपात में कम हो जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा शहरों के प्रदर्शन के आधार पर पैसा दिया जाएगा। पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत हर तीन महीने में बसों के संचालन का हिसाब-किताब देना होगा। योजना की सामान्य शर्तों में यह भी शामिल है कि प्रोजेक्ट के तहत दिए जाने वाले पैसे का थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य होगा, ताकि पूरी पारदर्शिता रहे।
- - सुकमा के ग्राम एटकला में अंधविश्वास के कारण हुईं 5 हत्याएं.#अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने सुकमा के ग्राम एटकला में जादू टोना, टोनही के संदेह में 3 महिलाओं सहित 5 व्यक्तियों की निर्मम हत्या की कडी निंदा की है और टीवी आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है.डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कहा जादू टोने का कोई अस्तित्व नही हैं .ग्रामीणों को अंधविश्वास में पड़कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए.डॉ दिनेश मिश्र ने कहा पिछले कुछ दिनों में टोनही /डायन के सन्देह में हत्या मारपीट ,प्रताड़ना की घटनाएं सामने आयी हैं सिर्फ अंधविश्वास ,जादू टोने जैसी भ्रामक मान्यताओं पर भरोसा कर किसी निर्दोष महिला एवं उसके परिवार पर हमला करने की घटनाएं, अनुचित है,दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए.समिति प्रवास कर प्रताड़ित परिवारों से मिलेगी और ग्रामीणों को जागरूक करेगी .डॉ. मिश्र ने कहा हर व्यक्ति की बीमारी,समस्या और उसके कारण अलग-अलग होते हैं जिनका समाधान सही चिकिसकीय उपचार ,तर्कसंगत उपाय से किया जा सकता है. बीमारियाँ अलग अलग कारणों से होती हैं संक्रमण होने से ,दुर्घटना होने,कुपोषण से व्यक्ति बीमार होता है संक्रमण भी विभिन्न बैक्टीरिया, वायरस ,फंगस से होता है ,तथाकथित जादू टोने ,से कोई बीमार नही हो सकता ,क्योंकि जादू टोने जैसी काल्पनिक मान्यताओं का कोई अस्तित्व ही नहीं है,इस लिए तथाकथित जादू टोने से ना ही कोई व्यक्ति किसी को भी मार कर सकता है, न ही किसी को परेशानी में डाल सकता हैं और न ही किसी व्यक्ति का किसी प्रकार से फसल आदि का कोई नुकसान कर सकता है ,जादू टोने ,टोनही, डायन की मान्यता सिर्फ अंधविश्वास है. जिसका का कोई अस्तित्व नहीं है ,और इस प्रकार के शक या सन्देह में किसी भी महिला को प्रताड़ित करना उसके व उसके परिवार के साथ मारपीट करना ,अग्निपरीक्षा लेना,,उसको जान से मारना अनुचित,क्रूर और अपराधिक है .ग्रामीणों को इस प्रकार के अंधविश्वास में नहीं पड़ना चाहिए .डॉ मिश्र ने प्रशासन मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्यवाही की जाए तथा आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की अनुचित हरकत करने की चेष्टा ना कर सके.समिति इन सभी मामलों में ग्रामीणों से मिलेगी और जागरूक करेगी.डॉ. मिश्र ने कहा देश के अनेक प्रदेशों में डायन/ टोनही के सन्देह में प्रताडऩा की घटनाएँ आम है , जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई जादुई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है। जनजागरूकता के कार्यक्रमों से अंधविश्वास का निर्मूलन सम्भव है .डॉ .दिनेश मिश्र ,अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समितिMob.9827400859
- -लोगों को बेहतर यातायात सुविधा दिलाने नारायणपुर से कस्तुरमेटा तक चलाई जाएगी बस-महिला एवं बाल विकास विभाग के वजन त्यौहार कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्रीरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्र कस्तुरमेटा में पहली बार पहुंच कर आमजनों की समस्याएं सुनी और निराकरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कस्तुरमेटा शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में पहुंच कर बच्चों और माताओं को आशीर्वाद दिया। श्री कश्यप ने गर्भवती माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण की उचित देखभाल हेतु विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया।मंत्री श्री कश्यप ने पुलिस जवानों की अफजाई करते हुए कहा कि नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों में 18 से अधिक पुलिस कैंप स्थापित किया गया है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि नारायणपुर से कस्तुरमेटा तक नियमित रूप से बस सेवा प्रारंभ की जाएगी। स्थानीय लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र सहित सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने के लिए भटकना नही पड़ेगा। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है।मंत्री श्री कश्यप ने शिविर में आए महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों से रोजगार की व्यवस्था और मनरेगा के माध्यम से कार्य के बारे में चर्चा किया। मंत्री श्री कश्यप ने ग्रामीणों के मांग पर कुतुल में पानी की समस्या को हल करने का भी भरोसा दिलाया। शिविर में पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी, तहसीलदार श्री चिराग रामटेके, श्री सौरभ कश्यप, जनपद सीईओ श्री मेघलाल मण्डावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश अनुसार राज्य में कुपोषण से मुक्त करने सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चे उत्साह से भाग ले रहे हैं। नवाचार गतिविधियों से बच्चों का उत्साह वर्धन किया जा रहा है। पोषण संबंधित देख-भाल के लिए पोषण माह का आयोजन राज्य के विभिन्न जिलों में किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान अंतर्गत बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही वजन त्यौहार, चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जा रही है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समूह बैठक में वजन त्यौहार के बारे में चर्चा की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं से चर्चा के दौरान शून्य से 06 साल तक के बच्चे, किशोरी बालिकाओं की खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में विशेषज्ञों के माध्यम से बताया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है। पोषण माह अभियान के तहत जशपुर जिले में करीब 4315 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लाभ जिले के 76 हजार से अधिक बच्चों को मिलेगा।
- -इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम मे होगा कार्यक्रम का आयोजनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह सम्मेलन राजधानी के इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम में आयोजित होगा।श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकांे एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
- -कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम होगा कार्यक्रमरायपुर / प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा मंगलवार 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन राजधानी के इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए संचालित 30 जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाईन प्राप्त आवेदन में से पात्र हितग्राहियों को योजना में प्रावधान अनुरूप सहायता राशि से लाभान्वित किया जाना है। साथ ही कार्यक्रम अंतर्गत श्रमिक हित में किये जा रहे विभाग के प्रयासों एवं सफलताओं को विभिन्न गतिविधियों के स्टालों के माध्यम से प्रदर्शित भी किया जा रहा है।
- रायपुर / मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत तारा बहरा, तहसील केल्हारी के निवासी श्री अरविन्द कुमार सिंह एक साधारण किसान थे। उनका जीवन भी अन्य ग्रामीण किसानों की तरह संघर्ष पूर्ण और चुनौतियों से भरा हुआ था। सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती के साधनों के माध्यम से आजीविका चलाने वाले अरविंद के लिए अपने परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था। फिर भी अरविन्द ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और हमेशा कुछ नया करने की कोशिश की। उनकी जिजीविषा और आत्मविश्वास ने उन्हें एक ऐसे रास्ते पर अग्रसर किया, जिसने न केवल उनके जीवन को बदल दिया, बल्कि उनके जैसे सैकड़ों किसानों के लिए एक नया मार्ग भी प्रशस्त किया। अरविन्द कुमार सिंह का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता खेती से जुड़े थे, और खेती ही उनके परिवार की मुख्य आजीविका का स्रोत था। अपने परिवार के अन्य सदस्यों की तरह अरविन्द भी बचपन से ही खेतों में काम करने लगे थे। उन्होंने अपने परिवार के साथ खेतों में मेहनत की और फसल उगाने के पारंपरिक तरीकों को सीखा। उनका परिवार खेती से होने वाली मामूली आय पर निर्भर था, जो अक्सर मौसम की अनिश्चितताओं, फसल की बर्बादी, और बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अपर्याप्त साबित होती थी। अरविन्द को यह अहसास हुआ कि पारंपरिक खेती से मिलने वाली आय उनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं थी, और उन्हें किसी वैकल्पिक आय स्रोत की तलाश करनी होगी। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अरविन्द ने पारंपरिक खेती के अतिरिक्त अन्य विकल्पों के बारे में सोचना शुरू किया। वे जानते थे कि कृषि के क्षेत्र में कुछ नया करना आसान नहीं होगा, लेकिन उनका दृढ़ निश्चय और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य की चाहत उन्हें नए रास्तों की खोज के लिए प्रेरित करती रही।मछली पालन की दिशा से पहली कदम में ही मिली सफलताइसी दौरान अरविंद को राज्य की मछली पालन योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने महसूस किया कि मछली पालन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने इसे एक नए अवसर के रूप में देखा, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार सकता था, बल्कि उनके जैसे अन्य किसानों के लिए भी एक नया रास्ता खोल सकता था। अरविन्द ने मछलीपालन के अपने विचार को मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का निर्णय लिया। उस समय छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार, के शासन में मछलीपालन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही थी। वहीं से अरविन्द ने भी अपने विचारों को स्थानीय प्रशासन और कृषि अधिकारियों के साथ साझा किया, जिन्होंने उनकी योजनाओं को समझा और उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया। सरकार की तरफ से उन्हें डबरी (तालाब) निर्माण के लिए 70,000 रुपए की सब्सिडी दी गई। इसके अलावा उन्हें मछली के बीज (अंडे) भी उपलब्ध कराए गए, जिससे वे मछली पालन के व्यवसाय को प्रारंभ कर सके।अरविन्द कुमार सिंह ने अपने मछलीपालन के प्रयासों को विस्तार देने के लिए 3 से 4 एकड़ भूमि में बड़े तालाबों का निर्माण किया, जिन्हें स्थानीय भाषा में श्डबरी श् कहा जाता है। इन तालाबों में उन्होंने मछली की कई किस्मों का पालन शुरू किया, जैसे कि कतला, रोहू, मृगल, पंगेसियस (कैटफिश), रूपचंदा, और कारी मछली उन्होंने तालाबों में स्वच्छ पानी, उचित ऑक्सीजन का स्तर, और मछलियों के लिए उचित भोजन की व्यवस्था की। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें मछलीपालन में शीघ्र ही सफलता दिलाई। अरविन्द की पहली सफलता ने उन्हें और अधिक तालाब बनाने और मछलीपालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मछलियों के प्रजनन और पालन-पोषण की नई तकनीकों को भी सीखा और अपने तालाबों में उनका सफलतापूर्वक उपयोग किया।मछली के बच्चों का उत्पादन और नवाचारअरविन्द ने केवल मछली पालन में ही नहीं, बल्कि मछलियों के बच्चों के उत्पादन में भी नवाचार किया। उन्होंने पांच छोटे तालाबों का निर्माण किया, जिन्हें विशेष रूप से मछली के बच्चों के पालन-पोषण के लिए तैयार किया गया था। इन तालाबों में उन्होंने कैटफिश (पंगेसियस) के बच्चों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया। इस नवाचार ने उन्हें न केवल छत्तीसगढ़ में, बल्कि पूरे क्षेत्र में पहचान दिलाई। अरविन्द इस तकनीक को अपनाने वाले शायद छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति थे। उनकी इस सफलता ने उन्हें मछलीपालन के क्षेत्र में एक अग्रणी के रूप में स्थापित किया और अन्य किसानों को भी मछलीपालन के लिए प्रेरित किया।आर्थिक लाभ और आत्मनिर्भरता की ओर कदमअरविन्द के मछली पालन व्यवसाय ने तेजी से सफलता प्राप्त की। उनके तालाबों में मछलियों की अच्छी उपज और उच्च गुणवत्ता के कारण, उन्होंने बाजार में मछलियों को बेचना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे सालाना लगभग 5 से 6 लाख रुपए की आय प्राप्त कर रहे हैं। उनकी आय में यह वृद्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित हुई, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर को भी सुधारने में सहायक रही। अब अरविन्द के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन था, और उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना शुरू किया। मछली पालन के क्षेत्र में अरविन्द केवल एक व्यवसायी नहीं थे, बल्कि वे मछलियों के पोषण और स्वास्थ्य लाभ के प्रति भी जागरूक थे। अरविन्द ने बताया कि मछलियों में प्रोटीन की भी भरपूर मात्रा होती है, जो हड्डियों, उपास्थि, त्वचा, और मांसपेशियों के विकास के लिए आवश्यक होती है। उन्होंने अपने ग्राहकों को मछलियों के इन फायदों के बारे में जागरूक करने की भी कोशिश की और उन्हें मछलियों के सेवन के लिए प्रेरित किया।अरविन्द कुमार सिंह की कहानी न केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी है, बल्कि यह एक संपूर्ण समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने दिखाया कि यदि सही दिशा में मेहनत की जाए और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो कोई भी किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है। उनकी इस यात्रा ने यह भी साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद, यदि व्यक्ति में जुनून और समर्पण है, तो वह असाधारण सफलता हासिल कर सकता है। आज अरविन्द न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि अपने गाँव और पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि किस प्रकार एक सामान्य किसान अपने सपनों को साकार कर सकता है और अपने परिवार और समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
- -ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को दिया धन्यवादरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बगिया में खोले गए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में लोगों की मांगों और समस्याओं का सामाधान का क्रम सतत रूप से जारी है। यहां पर आयोजित जनदर्शन में लोग बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचते हैं। उनके आवेदनों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से निराकरण किया जाता है। इसी कड़ी में ग्राम सोकोडिपा में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल यहां पर ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।हाथी विचरण क्षेत्र होने की वजह से बिजली की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों में भी निर्बाध रूप से जारी रहे इसके लिए कैंप कार्यालय के निर्देश पर समस्या आने पर तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने, ग्रिप चेंज, लाईन सुधारने का कार्य किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
- रायपुर, / 01 नवम्बर 2024 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के सर्वाेत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिए जाने वाले महाराजा प्रवीरचंद्र भजदेव एवं गुण्डाधूर सम्मान वर्ष 2024-25 हेतु 25 सितम्बर 2024 तक निर्धारित प्रारूप में अनुशंसाए आमंत्रित की गई है। महाराजा प्रवीरचद्र भंजदेव एंव गुण्डाधूर सम्मान प्रतिवर्ष एक-एक खिलाड़ी को दिया जाता है। प्रत्येक अलंकरण में 01 लाख रूपये नगद, अलंकरण फलक, प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।महाराजा प्रवीरचंद्र सम्मान उन पात्र खिलाडियों को दिए जाएंगे, जिन्होंने वर्ष 2023-24 (विगत वर्ष) में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कांस्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। यदि तीरंदाजी में उपरोक्त उपलब्धियों वाले खिलाडी किसी वर्ष नहीं मिले तो इस नियम के जारी होने वाले वर्ष को सम्मिलित करते हुए तीन वर्षों तक तीरंदाजी की राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता या राष्ट्रीय अंतरविश्वविद्यालयीन प्रतियोगिता में पदक प्राप्त खिलाड़ी को यह सम्मान देने हेतु चयन के लिए विचार में लिया जाएगा। यदि तीरदाजी में उपरोक्त उपलब्धियों वाले खिलाडी किसी वर्ष नहीं मिले तो उस वर्ष अन्य ऐसे खेल, जिन्हें भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय स्तर के खेल अलकरण हेतु विचार क्षेत्र में लेता है, ऐसे खिलाडियों को जिन्होंने विगत वर्ष की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कास्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो, इस सम्मान हेतु चयन के लिए विचार में लिए जाएंगे।गुण्डाघूर सम्मान ऐसे पात्र खिलाडियों को दिये जाऐंगे, जिन्होंने वर्ष 2023-24 (विगत वर्ष) में ऐसे खेल जिन्हें भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण हेतु विचार क्षेत्र में लेता है, ऐसे खिलाडियों को जिन्होंने विगत वर्ष की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कास्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। यह सम्मान पुरूष एवं महिला वर्ग के खिलाडियों के लिए सम्मिलित रूप से होगा अर्थात् उपलब्धियों की तुलना सम्मिलित रूप से की जाएगी। इस सम्मान के लिए उन खिलाडियों की उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी है या उपलब्धि वर्ष एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य की किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था में नियमित अध्ययनरत रहे हों या उपलब्धि वर्ष एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय/अर्द्धशासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रम में निरंतर कार्यरत रहे हों। सम्मान हेतु वर्ष की गणना 01 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। यदि चयन समिति की राय में किसी विशेष वर्ष में इस सम्मान को पाने योग्य प्रदर्शन नहीं होता है तो उस वर्ष सम्मान देने की आवश्यकता नहीं है। यह सम्मान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अन्य खेल पुरस्कारों के अलावा होगा जो खिलाडी को उसकी उपलब्धि के लिए दिया गया है, लेकिन महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव सम्मान अथवा गुण्डाधूर सम्मान से अलंकृत खिलाड़ी इस सम्मान के लिए पात्र नहीं होंगे। यह सम्मान किसी खिलाड़ी को उसके जीवनकाल में केवल एक बार ही दिया जाएगा। यदि किसी खिलाड़ी या दल को उपलब्धि वर्ष या सम्मान वर्ष में मान्यता प्राप्त खेल संगठन द्वारा राज्य या राष्ट्रीय चौम्पियनशिप से निष्कासित किया गया हो तो उसे संबंधित वर्ष के लिए यह सम्मान प्राप्त करने की पात्रता नहीं होगी। अनुशंसा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 सितम्बर, 2024 निर्धारित की गई है। विभागीय वेबसाईट http://sportsyw.cg.gov.in से आवेदन का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है। इस अवधि में अनुशंसा पत्र संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड रायपुर अथवा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला कार्यालय में कार्यालीयन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
- -मंत्री ने अभियंता आवासीय परिसर बनाने के लिए 30 लाख रूपए की घोषणा कीरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, कौशल विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज यहां नारायणपुर के घड़ी चौक में अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि अभियंता सर विश्वेश्वरैया ने अभियांत्रिकी क्षेत्र में देश को अलग पहचान दिए। श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर, राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, देश के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान को भुलाया नही जा सकता। श्री कश्यप ने कर्नाटक राज्य में स्थित कृष्णा राजसागर बांध को उनकी प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताया। भारत के प्रथम अभियंता सर विश्वेश्वरैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।वन मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा दुरस्त अंचल के जिलों को विकसित करने की दिशा में विशेष कार्य किए जा रहा है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता मनरेगा के कार्य करते हैं, वे बच्चे भी आईआईटी में चयनित होकर कामयाबी हासिल किए हैं। नारायणपुर को विकसित करने में हमारी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। अभियंताओं द्वारा आवासीय परिसर बनाए जाने की मांग करने पर मंत्री श्री कश्यप ने 30 लाख रुपए की घोषणा की।इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक श्री रूपसाय सलाम, कलेक्टर श्री बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, डीएफओ श्री सचिकानंदन के., एसडीएम श्री वासु जैन, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जे.एल.मानकर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता श्री एस. के वर्मा, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री विनय वर्मा सहित सभी विभागीय अभियंता मौजूद थे।
- -आदिवासी शक्तिपीठ में की पूजा-अर्चनारायपुर / कोरबा जिले के महाराणा प्रताप चौक स्थित विश्व के प्रथम आदिवासी शक्ति पीठ में छत्तीसगढ़ आदिवासी धनवार समाज द्वारा आयोजित करमा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के वरिष्ठ जनों के साथ शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना की। करमा देव का पूजन कर उन्होंने सभी लोगों को करमा महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रकृति पर्व करमा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। प्रकृति की रक्षा के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है। करमा संस्कृति एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज, प्रकृति का पूजक हैं। प्रकृति से प्रेम और पर्यावरण की रक्षा में समाज की अहम भूमिका है।इससे समाज में आपसी भाईचारा भी प्रगाढ़ होता है। प्रकृति के प्रति लोगों का यही प्रेम, सम्मान और समर्पण से एकजुटता भी बढ़ती है। अपनी संस्कृति और अपने धर्म की रक्षा के लिए हम सभी आदिकाल से पूजन करते आ रहे हैं। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री आदिवासी वर्ग से आते हैं। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पवन सिंह, बुटुल सिंह, ओम प्रकाश, महेश धनवार, लखन सिंह धनवार, बेरला बाई धनवार, कीर्तन धनवार, वीर साय धनवार, शिव नारायण कंवर, निर्मल सिंह राज, रामायण सिंह कंवर, सुमन सिंह नेताम, कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा, गुलजार सिंह राजपूत सहित अधिक संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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महासमुंद. जिले में ‘ट्रायल रन' के दौरान दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव करने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। रेलवे सुरक्षा बल (महासमुंद) के निरीक्षक प्रवीण सिंह धाकड़ ने बताया कि घटना शुक्रवार रात लगभग नौ बजे बागबाहरा रेलवे स्टेशन के करीब हुई, जब ट्रेन ‘ट्रायल रन' के दौरान विशाखापत्तनम से दुर्ग लौट रही थी। धाकड़ ने बताया कि ट्रेन ‘ट्रायल रन' के लिए दुर्ग से रवाना हुई और रायपुर से गुजरते हुए महासमुंद पहुंची थी। यह शुक्रवार सुबह 7.10 बजे आगे की यात्रा के लिए रवाना हुई थी। उन्होंने बताया कि वापसी में कुछ असामाजिक तत्वों ने बागबाहरा के पास चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके, जिससे तीन डिब्बों सी2, सी4 और सी9 की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में यात्रा कर रहे ट्रेन सुरक्षा दल ने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों के एक दल को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में बागबाहरा निवासी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि सभी पांचों बदमाश हैं और उन पर रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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-मांदर पर थाप देते हुए, करमा तिहार के उल्लास में झूमे मुख्यमंत्री
-मुख्यमंत्री करमा तिहार 2024 कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम में छ. ग. कंवर समाज युवा प्रभाग, रायपुर महानगर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत- करमा तिहार 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की देन है। प्रगति के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति का संरक्षण भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने पारम्परिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी बात है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का शुभारंभ किया जा रहा है। यह एक बहुत अच्छी परंपरा की शुरआत है। मुख्यमंत्री श्री साय करमा तिहार के उल्लास में शामिल होने से खुद को रोक नहीं पाए और मांदर पर थाप देते हुए 'हाय रे सरगुजा नाचे' गीत पर जमकर झूमे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज करमा तिहार मनाया जा रहा है । आदिवासी संस्कृति में कई तरह के करमा तिहार मनाये जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है। आज का त्योहार हमारी कुंवारी बेटियों का त्योहार है। इस करमा पर्व को मनाने का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को अच्छा वर और अच्छा घर मिले। भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करके बेटियां अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का त्योहार भी आता है, जिसमें शादी के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है तो वह उपवास रहकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। पुत्र-पुत्रियों के लंबे जीवन की कामना के साथ जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है। यह एक बहुत कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएं चौबीस घण्टे बिना अन्न-जल ग्रहण किये इस करमा पर्व को मनाती हैं। हमारी संस्कृति में कृषि कार्य से भी करमा पर्व जुड़ा है। एक त्योहार बाम्बा करमा भी होता है । बाम्बा एक प्रकार का कीट होता है जो धान के दाने में बीमारी पैदा करता है। इस करमा में नौजवान बेटे उपवास रहते हैं बाम्बा कीड़े को नदी में विसर्जित करते हैं। करमा तिहार प्रकृति से जुड़ा तिहार है। जब वर्षा नहीं होती तब पानी कर्मा मनाया जाता है। इस पर्व में करमा पूजा करके वर्षा के लिये प्रार्थना की जाती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हर साल राजधानी रायपुर में करमा त्योहार मनाया जाना चाहिए ।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आदिवासी संस्कृति को कभी भूलना नहीं है। हमें अपनी संस्कृति को जिंदा रखना है। ये नृत्य-गीत हमारे समाज को जोड़ के रखते हैं । प्रगति के साथ हमें इसे बरकरार रखना है। ये बहुत गर्व का विषय है कि आज आपका एक आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री है । कल ही हमारी सरकार को बने नौ माह पूर्ण हुए हैं। इन नौ महीनों में काफी कार्य हुआ है । 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है । धान का मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल हम दे रहे हैं। दो साल का बकाया बोनस भी हमने दिया है । महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1 हज़ार रुपये माताओं-बहनों के खाते में दिया जा रहा है। हमारे वनवासी भाइयों को हम तेंदूपत्ता की राशि प्रति मानक बोरा 4 हज़ार से बढ़ा कर 5500 रुपये दे रहे हैं। रामलला दर्शन योजना भी शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है। बड़ी संख्या में राज्य से श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने जा रहे हैं। पहली कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृत दी गयी ।मुख्यमंत्री श्री साय ने हिंदी दिवस के अवसर पर सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। इस साल से हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई होगी । जो विद्यार्थी हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहेंगे उनके लिए यह सुविधा होगी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी जो हिंदी माध्यम से पढ़ते हैं, उन्हें इससे लाभ होगा। पढ़ाई से जुड़ी सारी बारीकियां उन्हें अच्छे से समझ आएंगी । इसकी सारी व्यवस्था सरकार करेगी । कई बड़े और विकसित देशों के बच्चे मातृभाषा में पढ़ाई करके सफल होते हैं।आज हम 18 भाषाओं मे प्राथमिक शिक्षा दे रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री नंद कुमार साय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरवंश सिँह मिरी, महासचिव श्री नकुल चंद्रवंशी, श्री टूकेश कंवर, श्री तिमिरेन्दू शेखर सिंह कंवर सहित कंवर समाज से अनेक लोग उपस्थित थे।
- रायपुर । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अब्दुल जाहिद कुरेशी अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री रमेश चौहान के द्वारा केंद्रीय जेल रायपुर के निरीक्षण के दौरान किचन एवं भंडार कक्ष में निरीक्षण कर खाद्य सामग्रियों की गुणवक्ता में और सुधार करने की हिदायत दी गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा जेल बंदियों को दिए जाने वाले खाने का स्वयं चख कर गुणवत्ता एवं स्वाद के बारे में और बेहतर करने की सलाह जेलर को दी गई। निरीक्षण के दौरान जेल के कैदियों से मिलकर उनकी परेशानियों को सुने और जेल प्रशासन को कैदियों के साथ मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बेहतर भोजन एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया। जेल परिसर के अंदर निर्मित हॉस्पिटल में जाकर बंदी मरीज से बात कर एवं डॉक्टर को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए प्रोत्साहित किया और आवश्यकता होने पर रायपुर राजधानी में स्थित सरकारी मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में इलाज करवे जाने के लिए भी कहा गया। इसके अलावा 21 सितंबर 2024 को होने वाले नेशनल लोक अदालत में जिनका राजीनामा योग्य मामला चल रहा है उनको राजीनामा करने हेतु भी प्रोत्साहित किया गया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाने एवं जेल के बंदियों को परिवार के सदस्य की तरह होना बता कर उनकी प्रति हमारी जिम्मेदारी के बारे में बता उन्हे समाज के मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करना भी हमारी जिम्मेदारी है कहा।





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