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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित सभी विधायक करेंगे कार्यक्रम में शिरकत*
बिलासपुर/अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047 विषय पर संभाग स्तरीय संवाद कार्यक्रम 29 जुलाई को बिलासपुर के लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया है। संवाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त डॉ. संजय अलंग करेंगे। संवाद कार्यक्रम सवेरे 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में इस अवसर पर विधायक श्री अमर अग्रवाल,श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप लहरिया सहित महापौर श्री रामशरण यादव और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण चौहान शामिल होंगे। संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी भी इसमें शामिल होंगे।
संवाद कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से बिलासपुर स्थित सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, सिम्स के डीन ,इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर,जन स्वास्थ्य सहयोग गनियारी के प्रमुख, अपोलो के यूनिट हेड, एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के संभागीय रेल प्रबंधक, चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, रोटरी क्लब के प्रतिनिधि,कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, पांच प्राइवेट स्कूल के प्राचार्य, पांच शासकीय स्कूल के प्राचार्य, स्कूल एवं कॉलेज के मेधावी छात्र,युवा व्यवसायी,स्टार्टअप संस्था के प्रतिनिधि,उद्यमी, युवा क्षेत्र में अवार्ड प्राप्त करने वाले व्यक्ति, युवा क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ, प्रगतिशील किसान,एफपीओ प्रतिनिधि, कृषि प्रसंस्करण संस्था के प्रतिनिधि, कृषि क्षेत्र में अवार्ड प्राप्त करने वाले व्यक्ति, ड्रोन दीदी, ट्राइबल क्षेत्र के प्रतिनिधि,महिला एसएचजी के प्रतिनिधि, महिला उद्यमी लखपति दीदी, अवार्ड प्राप्त करने वाली महिलाएं, सामाजिक आर्थिक,कला इत्यादि क्षेत्र के ख्याति प्राप्त प्रबुद्ध जन और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। -
विष्णु के सुशासन का असर
*जनसमस्या निवारण काॅल सेंटर से नागरिकों की समस्या हो रही दूर*
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का असर अब दिखने लगा है। राजस्व प्रकरणों का समाधान भी जन समस्या निवारण काॅल सेंटर से होने लगा है। फौती नामांतरण डेढ़ महीने से दर्ज नहीं होने की समस्या काॅल सेंटर में पहुंची और दूसरे दिन प्रकरण को तहसील कार्यालय में दर्ज भी कर लिया गया और पेशी की तारीख भी जारी कर दी गई।
तिल्दा-नेवरा के श्री रितिश सरकार की जमीन का फौती नामांतरण नहीं होने की समस्या श्री राकेश मिश्रा ने दर्ज कराई थी। श्री मिश्रा का कहना था कि फौती नामांतरण के लिए तिल्दा-नेवरा तहसील कार्यालय में की थी, लेकिन डेढ़ माह से प्रकरण को दर्ज नहीं किया जा रहा था। महीनों तक प्रकरण दर्ज नहीं होने से परेशान थे, तभी काॅल सेंटर में फोन किया गया और अपनी समस्या दर्ज कराई गई। इसके तत्पश्चात समस्या दर्ज होने के दूसरे ही तिल्दा-नेवरा तहसील में दर्ज कर लिया गया है। राजस्व मामले का नंबर और पेशी की तारीख भी दे दी गई। इस संबंध में आवेदक को भी जानकारी दे दी गई। इस प्रकरण का निराकरण होने से आवेदक भी खुश है। -
नल कनेक्शन में पानी के लीकेज से आवेदक था परेशान, कॉल सेंटर में की शिकायत, घंटों भर में ही मिला समाधान*
रायपुर / जोन क्रमांक 9 मोवा से श्री चंद्रशेखर साहू, के घर में नए नल कनेक्शन लगा है लेकिन उसमे पानी का बहुत ज़्यादा लीकेज था उन्होंने कलेक्टर समस्या निवारण कॉल सेंटर में शिकायत की। उनके शिकायत को कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशन से निगम के अधिकारियों को प्रेषित किया गया। विभाग द्वारा तत्काल आवेदक के घर जाकर नल का जाँच किया गया एवं लीकेज को ठीक किया गया। तत्काल कार्यवाही से आवेदक श्री साहू ने प्रसन्नता व्यक्त की। - कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा खदान में उस वक्त हडकंप मच गया जब तेज बारिश के दौरान रेस्ट सेंटर में बैठे कर्मी बाढ़ आने पर भागने लगे। इस आपाधापी में दो कर्मी पानी के बहाव में फंस गए। एक अधिकारी को तो किसी तरह साथी कर्मियों ने बचा लिया पर दूसरे अधिकारी को पानी कोयले के साथ बहाता हुआ नीचे ले गया। तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। समाचार लिखे जाने तक खदान में बहे अधिकारी का पता नहीं चल सका है।एसईसीएल की कोयला खदानों में बारिश का कहर लगातार जारी है। बीते दिनों एसईसीएल के दीपका व गेवरा खदान में पानी का भराव होने से कोयला उत्खनन व ओबी कार्य ठप पड़ गया था। वहीं दूसरी ओर शनिवार को एसईसीएल के कुसमुंडा खदान में गोदावरी फेस के क्वारी इंचार्ज जितेंद्र विनायक नागरकर अपने साथी कर्मियों के साथ रेस्ट सेल्टर में बैठे हुए थे। इस दौरान तेज बारिश हो रही थी। तभी अचानक लगभग 4 बजे खदान के इस हिस्से में एकाएक पानी का सैलाब आया जिसके बाद सेल्टर पर बैठे कोयला अधिकारी व कर्मचारी भागने लगे। इसी दौरान दो अधिकारी पानी के बहाव में फंस गए। एक अधिकारी को तो किसी तरह साथी कर्मियों ने बचा लिया पर गोदावरी फेस के क्वारी इंचार्ज जितेंद्र विनायक नागरकर पानी के बहाव की चपेट में आ गए और पानी का सैलाब जितेंद्र विनायक नागरकर को कोयले के साथ बहाता हुआ नीचे ले गया। जिसके बाद साथी कर्मियों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के आला अधिकारियों को दी गई। कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया है। वहीं एसईसीएल की रेस्क्यू टीम भी पानी में गुम हुए गोदावरी फेस के क्वारी इंचार्ज जितेंद्र विनायक नागरकर की तलाश में जुटी हुई है। हालांकि अब तक क्वारी इंचार्ज जितेंद्र विनायक नागरकर की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
- -सरगुजा के विजय यादव ने 68 मीटर भाला फेककर दिखाया दम-केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने छत्तीसगढ़ के खेल प्रतिभाओं को सराहा-प्रशिक्षणरत् खिलाड़ियों के बीच पहुंचे केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मांडवियारायपुर / केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ के जैवलिन थ्रो के 16 वर्षीय खिलाड़ी श्री विजय यादव की तारीफ की और ओलंपियन श्री नीरज चोपड़ा से प्रेरणा लेने कहा। उन्होंने श्री यादव को शाबासी देते हुए कहा कि इतने कम उम्र में यह उम्दा प्रदर्शन है। सरगुजा जिले के इस खिलाड़ी ने 68 मीटर से अधिक की लंबी दूरी तक भाला फेंककर अपना दम दिखाया। केन्द्रीय खेल मंत्री राजधानी रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में खिलाड़ियों से मुलाकात करने पहुंचे थे।केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉलर सुश्री किरण पिस्दा का भी उत्साहवर्धन किया। किरण ने क्रोएशिया के फर्स्ट क्लास टीम डब्ल्यूएफसी डिनामो जाग्रेब की ओर से प्रोफेशनल खिलाड़ी के तौर पर यूरोपियन फुटबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी है। पिछले पांच वर्षों से वह रायपुर फुटबाल अकादमी ट्रेनिंग ले रही थी। सुश्री किरण केरला बालस्टर्स वुमन और सेतु एफसी के लिए भी खेल चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी देश की बेटिया इसी तरह खेल का प्रदर्शन कर देश का नाम रौशन करेंगे।केन्द्रीय खेल मंत्री ने खेलों इंडिया लघु केंद्र में वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों से मुलाकात की और खेलों में उनके प्रदर्शन को सराहा। राज्य के अलग-अलग जिलों से खेल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाते हुए उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। तीरंदाजी, फुटबॉल, एथलेक्टिक्स के खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, खेल सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा व खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम और बड़ी संख्या में खिलाड़ी भी उपस्थित थे।
- - केन्द्रीय मंत्री ने खेलों इंडिया सेंटर में दिए जा रहे खेल सुविधाओं और श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा कीरायपुर, / केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दो जिलो में जल्द ही खेलों इंडिया सेंटर की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा खेलों इंडिया सेंटरों में अधोसंरचना निर्माण के लिए भरपूर मदद दी जाएगी। केन्द्रीय खेल मंत्री न्यू सर्किट हाउस में खेल एवं श्रम विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव सिंह, श्री सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 31 जिलों में खेलों इंडिया सेंटर का संचालन किया जा रहा है। दो जिलों में खेलों इंडिया सेंटर की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के सभी जिलों में खेलों इंडिया सेंटर प्रारंभ हो जाएंगे। इससे राज्य के खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा। इन सेंटरों में 1181 खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।केन्द्रीय खेल मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के संवर्धन और विकास के लिए राज्य में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए। राज्य में स्थापित उद्योगों से खेलों के लिए सीएसआर मद से राशि उपलब्ध कराने के प्रयास किया जाए। खेलों इंडिया के तहत राज्य में स्थापित सभी सेंटरों में खेलों के लिए आवश्यक सभी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री मांडविया ने कहा कि राज्य के श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही केन्द्रीय एवं राज्य योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाए जाएं। औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए औषधालयों में आवश्यक उपकरण और विशेषज्ञों के साथ-साथ आवश्यक दवाईयों का भण्डारण पर्याप्त रूप से हो। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों को उनके कौशल के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराएं। श्रमिकों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ सिकलसेल के परीक्षण एवं उपचार की भी व्यवस्था की जाए।वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम विभाग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राज्य में खेलों के विकास के लिए स्कूल स्तर से ही बच्चों को सुविधाएं और प्रशिक्षण की व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि खेल मैदान में आवश्यक संसाधन एवं सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।श्रम विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी. ने अवगत कराया कि राज्य के श्रमिकों का पंजीयन कर श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य के प्रवासी श्रमिकों के लिए विभिन्न राज्यों में प्रवासी संसाधन केन्द्र अर्थात मोर चिन्हारी भवन का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल सकेगा। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव श्री तारन प्रकाश सिन्हा,,खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -नगरीय निकायों में आज से शुरू हुए शिविरों में मिले कुल 7757 आवेदनरायपुर.। प्रदेश के नगरीय निकायों में आज से प्रारंभ हुए जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के पहले ही दिन लोगों के 4241 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में आयोजित शिविरों में आज जन समस्याओं और जन सुविधाओं से संबंधित कुल 7757 आवेदन प्राप्त हुए। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज स्वयं जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के पहले दिन सभी नगर निगमों के आयुक्तों और संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालकों से फोन पर बातकर शिविरों के सुचारु संचालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ शहरवासियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने को कहा है।10 अगस्त तक चलेगा जनसमस्या निवारण पखवाड़ानगरीय निकायों में आज से शुरू जनसमस्या निवारण पखवाड़ा 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का निदान किया जाएगा। इन शिविरों में स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निदान किया जाएगा और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आज रायपुर पहुंची केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर ने नया रायपुर स्थित विश्राम गृह में महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की समीक्षा और उनके प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना था। बैठक के दौरान, श्रीमती ठाकुर ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।श्रीमती ठाकुर ने कहा कि अधिकारी जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति का नियमित निरीक्षण करें और महिलाओं और बच्चों की बेहतरी के लिए हरसंभव मदद करें। उन्होंने कहा कि हमारे देश का भविष्य बच्चों और महिलाओं के हाथ में है, और उनके सर्वांगीण विकास के लिए हमें प्रतिबद्ध रहना होगा। बैठक में महतारी वंदन योजना, एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम, बाल संरक्षण योजना, आंगनवाड़ी सेवाएं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई। श्रीमती ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं और उन्हें योजना के लाभ से अवगत कराएं।इस अवसर पर सचिव एवं आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने राज्य में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और उनकी अद्यतन प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संचालक, महिला एवं बाल विकास तुलिका प्रजापति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -लारा और खरसिया में ईएसआईसी औषधालय होंगे प्रांरभरायपुर / केंद्रीय रोजगार, खेल और श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा है कि राज्य के रायगढ़, कोरबा, भिलाई और रायपुर में संचालित ईएसआईसी अस्पताल में चिकित्सक सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त की जाएगी। उन्होंने श्रम विभाग के प्रस्ताव पर रायगढ़ जिले के लारा और खरसिया में ईएसआईसी औषधालय प्रारंभ किए जाने की सहमति भी दी। इस अवसर पर बैठक में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, खेल मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक श्री किरण देव और श्री सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रायपुर पहुंचे केंद्रीय रोजगार, खेल और श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने केंद्रीय मंत्री श्री मंडाविया को प्रदेश के ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ की कमी के संबंध में अवगत कराया।मंत्री श्री देवांगन ने बताया की प्रदेश में ईएसआईसी द्वारा रायपुर, भिलाई, कोरबा और रायगढ़ में क्रमशः 100-100 बेड के अस्पतालों का निर्माण कराया गया है। सभी जगह स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन कोरबा, भिलाई और रायगढ़ में अब तक आईपीडी की सुविधा शुरु नही हुई है। उक्त दोनों जिलों में क्रमशः 40 हजार और 50 हज़ार श्रमिक परिवार पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ नहीं होने से श्रमिक परिवारों को अन्य शहर रेफर करना पड़ता है। मंत्री श्री देवांगन ने ईएसआईसी के सभी चारों अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर व अन्य सुविधाएं प्रारंभ करने का अनुरोध किया।इस पर केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने ईएसआईसी के अधिकारियों को अस्पताल की सारी कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग के प्रस्ताव पर लारा, खरसिया में ईएसआईसी के औषधालय की सहमति दी। बैठक में ईएसआईसी में ईपीएफओ में पंजीकृत श्रमिक समीक्षा हुई। केन्द्रीय श्रम मंत्री ने ईपीएफओ के अधिकारियों पर नाराजगी भी जाहिर की और अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर श्रमिकों को पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।
- - महासमुंद ज़िले के श्रमिक परिवार की 5981 बेटियों के खाते में आये 11 करोड़ 96 लाख से ज़्यादा राशि-सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए प्रतिबद्धमहासमुंद / छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक परिवारों की बेटियों के जीवन स्तर में सुधार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।महासंमुद जिले में इस योजना के तहत कुल 5981 हितग्राहियों की बेटियों को लाभान्वित किया गया है। प्रत्येक बेटी के बैंक खाते में 20,000 रुपये की राशि जमा की गई है। इस प्रकार, कुल 11 करोड़ 96 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। यह राशि उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहे थे।नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से न केवल श्रमिक परिवारों को राहत मिल रही, बल्कि यह ज़िले की बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा और उनके समग्र विकास को बढ़ावा मिल रहा है।महासमुंद अयोध्या नगर निवासी हितग्राही गीता निषाद ने बताया कि इस योजना की राशि उनके बैंक खातें में आ गयी है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग कॉलेज की पढ़ाई पर खर्च करेंगी।उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह राशि उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी। शासन की इस योजना से उनका परिवार बहुत खुश है।जिला श्रम कल्याणअधिकारी श्री निशांत श्रीवास्तव ने बताया कि महासंमुद जिले में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के शुरू होने से अब तक 5981 पात्र हितग्राहियों की पुत्रियों के लिए 20-20 हजार रूपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डाली गयी है। इस योजना के कारण श्रमिकों की बेटियां अब सशक्त एवं आत्मनिर्भर भी बन रही।यह योजना लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ सामाजिक सहायता भी प्रदान कर रही है। श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार के साथ ही उनके विवाह में यह राशि मजबूत सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिक ही पात्र है। पात्रधारियों को योजना का लाभ लेने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना की अधिकारिक वेबसाइट cglabour.nic.in पर ऑन लाइन पंजीयन करना होगा। श्रमिक परिवार की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तथा उन्हें शिक्षा और रोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत पात्र श्रमिक परिवार की प्रथम दो बेटियों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए 20-20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में डाली जाती है। इस योजना मेंं श्रमिक/मजदूर परिवार बेटी जिसकी उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और 21 वर्ष से अधिक न हो तथा वह अविवाहित हो उन्हें 20-20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- -स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप कर स्थिति को सुधारने में जुटा-कई ग्रामीण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती, एक मेडिकल कॉलेज रेफर, हैंड पंप किया गया सीलमोहला। मोहला- मानपुर जिले के अंबागढ़ चौकी विकासखंड अंतर्गत लेडीजोब गांव में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। महिलाओं बच्चों, बुजुर्गों समेत 100 से अधिक ग्रामीण डायरिया की चपेट में हैं। अंबागढ़ चौकी, कौड़ीकसा समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती इन पीड़ित ग्रामीणों का इलाज किया जा रहा है। वहीं एक ग्रामीण को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर भी किया गया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक स्थानीय स्वास्थ्य अमला डायरिया का प्रकोप सामने आने के बाद से निरंतर गांव में कैंप कर प्रभावितों को इलाज मुहैया करा रहा है।दरअसल गांव के एक हैंडपंप से निकलने वाले गंदे पानी को पीने से यहां ग्रामीणों की बीच उक्त हालात निर्मित हुए हैं। 27 जुलाई को जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मंडावी ने आकाशवाणी को बताया कि लेडीजोब गांव के एक मोहल्ले में मौजूद एक हैंडपंप से दूषित पानी निकल रहा था जिसे पीने के चलते उक्त मोहल्ले के ग्रामीण डायरिया की चपेट में आ गए। सी एम एच ओ डाक्टर मंडावी के मुताबिक मोहल्ले के करीब 104 ग्रामीण उक्त दूषित पानी पीने के चलते बीमार हुए हैं। कुछ बीमार ग्रामीणों का अंबागढ़ चौकी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तथा कुछ का कौड़ीकसा स्थित प्राथिमिक स्वास्थ्य केंद्र में बहरहाल इलाज जारी है। डॉक्टर मंडावी के मुताबिक डायरिया प्रभावित ग्रामीणों में कोई गंभीर स्थिति में नहीं है। हालांकि एक पीड़ित ग्रामीण को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव भेजा गया है। पता यह भी चला है कि अपनी सुविधा के अनुरूप कई ग्रामीण निकटतम निजी अस्पतालों में भी भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं।सी एम एच ओ डॉक्टर मंडावी ने यह भी बताया कि उक्त हैंडपंप जिसका पानी पीने से से लोग डायरिया की चपेट में आए है उस हैंडपंप को शील कर दिया गया है। वहीं स्थानीय स्वास्थ्य अमला लगातार गांव में कैंप कर तथा ग्रामीणों को जरूरी इलाज मुहैया कराकर स्थिति को सुधारने में जुटा हुआ है। सी एम एच ओ के मुताबिक करीब 3_4 दिन से लेडीजोब गांव के एक मोहल्ले में ग्रामीणों के बीच डायरिया की शिकायत बनी हुई है। बता दें कि लेडीजोब गांव की कुल आबादी करीब करीब एक हजार है। जिसमे गांव की एक बड़ी आबादी वाले मोहल्ले में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है।
- -छत्तीसगढ़ में इस कानून का लागू करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने लिखा शासन को पत्ररायपुर, /छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर में शुक्रवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 (द पब्लिक एक्जामिनेशन, प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मींस, एक्ट 2024) पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में केन्द्र सरकार द्वारा पारित नये कानून के प्रावधानों के संदर्भ में आयोग के पैनल अधिवक्ता डॉ. सुदीप अग्रवाल, अधिवक्ता उच्च न्यायालय द्वारा उक्त कानून के संबंध में व्याख्यान दिया गया। विदित हो कि उक्त कानून 21 जून 2024 से भारत सरकार द्वारा लागू किया गया है, जिसके तारतम्य में उत्तरप्रदेश तथा बिहार सरकार द्वारा भी इस कानून को राज्य की परीक्षाओं में लागू करने का अध्यादेश पारित किया गया है।छत्तीसगढ़ राज्य में इस कानून को लागू करने के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा शासन को पत्र प्रेषित किया गया है। कार्यशाला में आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण वर्मा, सदस्य डॉ. सरिता उईके, सदस्य श्री संतकुमार नेताम एवं आयोग के सचिव श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा, विधिक सलाहकार श्री सुधीर कुमार, परीक्षा नियंत्रक श्रीमती लीना कोसम एवं विधि अधिकारी श्री अपूर्व श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
- -हर वार्ड में 10 अगस्त तक लगेंगे शिविर , समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविरों में मौजूद रहकर लोगों की दिक्कतें दूर करने के दिए निर्देश-नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा में सक्रिय भागीदारी की अपील कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण का आयोजन प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आज 27 जुलाई से 10 अगस्त तक किया जाएगा। इस दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर समस्याओं का त्वरित निदान किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा में नागरिकों की समस्याओं को हल करने विभागीय अधिकारियों, नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को समुचित इंतजाम के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वार्डों में आयोजित शिविरों में महापौरों, अध्यक्षों, पार्षदों और अन्य जन प्रतिनिधियों से उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि इनमें आमजन की ज्यादा से ज्यादा सहभागिता हो सके।राज्य शासन द्वारा जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के लिए नगरीय निकायों को परिपत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि स्थानीय रहवासियों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना निकाय का मुख्य दायित्व है। नल कलेक्शन, राशन कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामांतरण, स्वरोजगार के प्रकरण तथा कई विविध छोटे-छोटे कार्य होते हैं, जिनका निराकरण शीघ्र अपेक्षित होता है। इनके साथ ही जलापूर्ति में लीकेज, नलों में पानी न आना, नालियों व गलियों की सफाई, सार्वजनिक नलों के प्लेटफार्म से पानी बहना, कचरे की सफाई व परिवहन, टूटी-फूटी नालियों की मरम्मत, सड़कों के गड्ढे पाटना, स्ट्रीट लाइट्स का बंद रहना जैसी समस्याएं भी होती हैं। वार्डवार जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य इन समस्याओं के निराकरण के साथ ही नागरिकों को जरूरी जनसुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।नगरीय प्रशासन विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में करदाताओं को करों के भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिक शिविर का पूरा लाभ प्राप्त कर सके।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य की सभी 184 नगरीय निकायों में लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए वार्डवार शिविर आयोजित कर उनका मौके पर ही निराकरण के निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को दिए हैं। उन्होंने कहा कि वार्डवार शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निदान होगा और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से होने से शहरी सरकार के प्रति लोगों में सद्भाव भी बढ़ेगा।
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रायपुर। केंद्रीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय श्रीमती सावित्री ठाकुर 27 एवं 28 जुलाई को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रहेंगी। प्राप्त दौरा कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती ठाकुर 27 जुलाई को शाम 6.30 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी। उसके बाद 6.45 बजे सर्किट हाउस रायपुर पहुंचेगी। रात्रि 7.30 बजे सड़क मार्ग से रायपुर से अंबिकापुर के लिए प्रस्थान करेंगी। रात्रि 11.55 बजे सर्किट हाउस अंबिकापुर पहुंचेंगी। 28 जुलाई को सुबह 9.30 बजे मंत्री श्रीमती ठाकुर द्वारा आंगनबाड़ी और सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया जायेगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात“ कार्यक्रम में शामिल होंगी। दोपहर 12.15 बजे प्रेस कांफ्रेंस लेंगी। दोपहर 12.30 बजे से छत्तीसगढ़ शासन से महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री एवं अधिकारियों के साथ बैठक लेंगी। बैठक के बाद दोपहर 2 बजे सर्किट हाउस अंबिकापुर से रायपुर के लिए रवाना होंगी। रात्रि 7.30 बजे रायपुर पहुंचकर 9.30 बजे वायु मार्ग से दिल्ली के रवाना होंगी।
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वनांचल गांव तुपेंगा के ग्रामीण जल जीवन मिशन से हो रहे लाभान्वित
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना जल जीवन मिशन के तहत गरियाबंद जिला के वनांचल गांव तुपेंगा के ग्रामीणों को अब पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। उन्हें पेयजल के लिए झरिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। ग्राम पंचायत मोंहदा के आश्रित ग्राम तुपेंगा में घर-घर तक नल जल का कनेक्शन पहुंच गया है। अब महिलाओं को लंबी दूरी तय कर पानी लेने नहीं जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों को सदियों के बाद पानी लाने की झंझट से मुक्ति मिली है। घर में पानी मिल जाने से लोगों को काफी आराम एवं राहत मिली है। इसके लिए ग्रामीणों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जल जीवन मिशन को कारगर बताते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया है।
उल्लेखनीय है कि खेतों एवं जंगलों के बीच बसे इस गांव में कुल घर 12 हैं। जल जीवन मिशन के पहले ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के जल की पूर्ति के लिए एक मात्र शासकीय हैण्डपम्प एवं झरिया पर निर्भर रहना पड़ता था। ग्राम में मुख्यतः आदिवासी वर्ग निवास करते है। जिनका मुख्य आय स्त्रोत वनोपज संग्रहण एवं कृषि हैं। पहले दूर से पानी लाने के लिए अन्य कार्यों को छोड़कर पैदल दूर जाना पड़ता था। गर्मी, सर्दी, बरसात में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इससे घर के सदस्यों पर विपरीत स्वास्थ्य प्रभाव भी पड़ता था। गांव की रहने वाली जयमति की बताती है कि दूर दूर से पानी लाकर थक जाते थे। जल जीवन मिशन के द्वारा प्रत्येक घरों में नल लगने से सभी के स्वास्थ्य में सुधार एवं शारीरिक कार्य क्षमता में वृध्दि हुई है। साथ ही छोटे बच्चों के साथ खेलने एवं समय बिताने का मौका मिल रहा है। गांव की रहने वाली श्रीमोतिन, रोमिन एवं जयमति जल जीवन मिशन के तहत घर में ही मिल जा रहे पेयजल के बचत पानी के सदुपयोग के लिए अपनी बाड़ियों में साग भाजी भी लगाने का फैसला किया है। साथ ही अच्छे उदाहरण के रूप में अपने आपको पेश कर अन्य ग्रामीणों को भी पानी के सदुपयोग एवं संरक्षण करने को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया है। -
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी निगम आयुक्तों और क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों से बात कर नागरिकों की समस्याएं निराकृत करने के दिए निर्देश
शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां जारी करने जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराने कहा
बिलासपुर/ राज्य के सभी नगरीय निकायों में आज से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा प्रारंभ हो गया है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों और विभाग के पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालकों से फोन पर बात कर गंभीरता से नागरिकों की समस्याएं निराकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान वार्डवार आयोजित शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, नल कलेक्शन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने तथा नामांतरण व स्वरोजगार के प्रकरणों का निपटारा करने भी कहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगर निगम आयुक्तों और संयुक्त संचालकों को वार्डवार आयोजित शिविरों के सतत निरीक्षण और इनके सुचारू संचालन के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व मामलों के निराकरण के साथ ही संपत्ति कर और अन्य करों की वसूली की भी व्यवस्था बनाने को कहा है।
10 अगस्त तक चलेगा जनसमस्या निवारण पखवाड़ा
प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में आज से शुरू जनसमस्या निवारण पखवाड़ा 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का निदान किया जाएगा। इन शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निदान होगा और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। -
-सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
रायपुर। आजाद चौक-ब्राह्मणपारा, रायपुर निवासी श्री शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा (उपाध्याय) (टेकारी -करही वाले) का अंतिम संस्कार मारवाड़ी मुक्तिधाम में किया गया। उनके पार्थिव काया को उनके बड़े पुत्र शशांक शर्मा ने मुखाग्नि दी। श्री शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा स्व. शारदा प्रसाद उपाध्याय के पुत्र, श्रीमती भारती शर्मा के पति, शशांक शर्मा (पत्रकार), डॉ. समीर शर्मा, श्रीमती स्वाति शुक्ला और श्रीमती सोनल तिवारी के पिता थे। - विप्र समाज ने दी विनम्र श्रद्धांजलि श्री शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा (उपाध्याय) के निधन पर श्री भूपेन्द्र, अरुण शर्मा, प्रशांत शर्मा, प्रवीण शर्मा, ईशान शर्मा, जय शर्मा, कल्पना दुबे, धीरज उपाध्याय, राजेन्द्र उपाध्याय, ललित उपाध्याय, विजय (छोटकू) उपाध्याय, नेहा उपाध्याय, संतोष उपाध्याय (राजिम), पद्मा दीवान, छन्नू उपाध्याय, आनंद उपाध्याय, संतोष उपाध्याय (बालोद), सरोज शर्मा, रीतेश पांडे, किरण उपाध्याय, नीरज चौबे, अमिता शर्मा, प्रभा उपाध्याय, ओम प्रकाश उपाध्याय, सीमा- अनिल शर्मा, सूरज उपाध्याय, राहुल उपाध्याय, प्रकाश उपाध्याय, प्रतिमा शर्मा, प्रशांत- जितेन्द्र उपाध्याय, सीमा उपाध्याय, वीणा शर्मा,नीता शुक्ला, भारती तिवारी, प्रदीप कुमार शुक्ला, संजय तिवारी, अजय शर्मा, ज्योति पांडे, अनिल तिवारी (सेमरा वाले), प्रीति, सुनीता-जितेन्द्र मिश्रा, राजशेखर चौबे, सुधांशु दीवान, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, नीलिमा जोशी, सुरेन्द्र शुक्ला, दीपक दीवान, अर्पणा मिश्रा, ज्ञानेश शर्मा, डॉ. मेघेश तिवारी, विकास तिवारी, अर्पणा, संध्या, रमेन्द्र , ब्रजेश चौबे, समीर कुमार चौबे, जयश्री दीवान, प्रीति दुबे, राजश्री शर्मा, संगीता तिवारी, सीमा पांडे, प्रणिता शर्मा , सीमा दुबे, चंद्रशेखर द्विेदी, अश्विनी उपाध्याय, नीलिमा शर्मा, पायल शर्मा, आलेख शर्मा, मनोज उपाध्याय, शशांक शुक्ला , नीलिमा तिवारी, मनीष वोरा राजेंद्र निगम, नवीन जैन, गौस मोहम्मद, प्रभा पांडेय, हरिहर शर्मा, मृदुला शुक्ला, नीतू, एकता गौरहा, केके शुक्ला, योगेश शर्मा, किरण शर्मा, आयुषी चौबे, छोटी, अजीता शुक्ला, अर्चना दुबे, उषा तिवारी, मुकेश दुबे, प्रतिभा शुक्ला, समीर पांडेय, रेखा दीवान, दीक्षा चौबे, रीता शर्मा, कुसुम शर्मा, एस्ट्रो योगेश तिवारी, विनय तिवारी, राजेश शर्मा, विनय कुमार शर्मा, नटराज शर्मा, कैलाश मिश्रा, सुनील दीवान, सुयश शुक्ला, सरिता शर्मा, राजेंद्र तिवारी, बृजेश शर्मा, जनसंपर्क संपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी एवं उमेश मिश्रा, पवन केसरवानी, सौरभ शर्मा, सचिन शर्मा', छग स्टेट पॉवर कंपनी के एजीएम उमेश मिश्रा, रुचिर गर्ग, संजय नैयर, चंद्रकांत दौंड, प्रहलाद दमाहे, बाबूलाल शर्मा, जितेंद्र शर्मा, जगदीश वाढेर, प्रकाश शर्मा, कमल उपाध्याय, शांतनु उपाध्याय, अजय शर्मा, वीणा शर्मा, डॉ. अनुपमा, ज्योति, किशोर उपाध्याय, रवि शर्मा, सुनील उपाध्याय, रीता शर्मा, प्रवीण (गरियाबंद) लता उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, सविता शर्मा, स्वाधा शर्मा, सरिता उपाध्याय, अनिल पवार, प्रफुल्ल ठाकुर, शिखर वर्मा, प्रवीण वर्मा, भागवत शर्मा, राघवेंद्र मिश्रा, संजय शर्मा (बड़कू), राजेश शर्मा (बबलू भैया), नवीन (पपल्लू) उपाध्याय, अशोक तिवारी, रितेश चंद्र तिवारी, डॉ. वैभव बेमेतरिया, अब्दुल शमीम, अनिल पुरोहित, प्रशांत दुबे, संदीप पुराणिक, महेश साहू, कृष्णा वर्मा, विपिन, आरएस साहू, मोनिश सिंग, राजू, ईश्वरी कुमार कन्नौजे, युगेश वर्मा, तुलेंद्र कुमार पटेल, जीके पटेल, जीएल साहू, एमएन वर्मा, नंदा यादव, शुभम, मनहरे, हेमप्रकाश साहू, सुरेंद्र कन्नौजे, शीरीष मिश्रा, विकल्प शुक्ला, संजीव वर्मा, विजय मिश्रा, शीला मिश्रा, राजेश जानपाल, राजेश शर्मा, राजेश उपाध्याय, संगीता राजेश उपाध्याय, युगल किशोर उपाध्याय, गीत उपाध्याय आदि विप्र जनों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। - -बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ सदन नई दिल्ली से राष्ट्रपति भवन के लिए रवानानई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज प्रातः 9 बजे नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुँचे। मुख्यमंत्री की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में दोपहर दो बजे उद्बोधन और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा मे शासन की योजनाओं पर प्रजेंटेशन होगा ।इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री साय बैठक में छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं, चुनौतियों और विकास योजनाओं पर चर्चा करेंगे। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और डिजिटल अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा, वे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार को सदन की समाप्ति पर सभी सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से सदन की कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई है।डॉ. सिंह ने विशेष रूप से उन सदस्यों की सराहना की जिन्होंने अपनी महत्वपूर्ण बातें रखी और विधायकों के बीच स्वस्थ चर्चा और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सदन के सभी कर्मचारियों नेअपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन किया और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।विधानसभा अध्यक्ष ने इस सत्र के दौरान पारित किए गए महत्वपूर्ण विधेयकों और प्रस्तावों का भी उल्लेख किया और कहा कि ये विधेयक राज्य के विकास और जनहित में महत्वपूर्ण साबित होंगे।अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने सभी को शुभकामनाएँ देते हुए सदन की समाप्ति की घोषणा की और कहा कि वह भविष्य में भी सभी के सहयोग की अपेक्षा करते हैं।
- -विज्ञापन दाताओं, विज्ञापन एजेंसियों को स्व-घोषणा देकर प्रमाणित करना होगा: विज्ञापन निर्धारित कोड का उल्लंघन नहीं-विज्ञापन के मुद्रित, प्रसारित और प्रदर्शित होने के पहले देना होगा स्व-घोषणा-सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रसारण सेवा पोर्टल और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पोर्टल पर स्व-घोषणा अपलोड करने की सुविधा प्रारंभरायपुर / सर्वसाधारण, आयुष औषधि निर्माता, विज्ञापनदाता, विज्ञापन एजेंसियों को भ्रामक विज्ञापन पर अंकुश लगाने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने के उदद्देश्य से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ से इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में भ्रामक विज्ञापन पर अंकुश लगाने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने के उदद्देश्य से सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा 07 मई 2024 को आदेश पारित किया गया है, जिसके तहत विज्ञापन दाताओं, विज्ञापन एजेंसियों द्वारा अपने विज्ञापन के प्रसारण प्रकाशन से पहले स्व-घोषणा प्रस्तुत कर यह प्रमाणित किया जाएगा कि उसका विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के तहत निर्धारित विज्ञापन कोड का उल्लंघन नहीं करता है।सर्वाेच्च न्यायालय ने निर्देश जारी किए हैं कि किसी विज्ञापन के मुद्रित, प्रसारित, प्रदर्शित होने से पहले विज्ञापनदाता, विज्ञापन एजेंसी द्वारा निर्दिष्ट पोर्टल पर एक स्व-घोषणा प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि उसका विज्ञापन केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के तहत निर्धारित विज्ञापन कोड का उल्लंघन नहीं करता है। संबंधित प्रसारक, प्रिंटर, प्रकाशक, टीवी चैनल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर अपलोड करने का प्रमाण जैसा भी मामला हो रिकार्ड के लिए रखा जाएगा।सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी और रेडियो के लिए प्रसारण सेवा पोर्टल https:// new.broadcastseva.gov.in/digigov-portal-web-app/ और प्रिंट, डिजिटल, इंटरनेट मीडिया के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पोर्टल https:/www.presscouncil.nic.in/ पर एक नई सुविधा शुरू की है जिसके तहत विज्ञापन दाताओं, विज्ञापन एजेंसियों द्वारा अपने विज्ञापन के प्रसारण प्रकाशन से पहले अपलोड करने और स्वयं प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा होगी। यह पोर्टल 04 जून 2024 से चालू है।
- -जीएसटी लागू होने से पंजीकृत व्यवसायियों की संख्या में 50 लाख से अधिक की हुई बढ़ोत्तरी-जीएसटी में विभिन्न करों को किया गया है शामिलरायपुर / वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2024 विधानसभा में प्रस्तुत किया। सदन में विस्तृत चर्चा के पश्चात् संशोधन विधेयक 2024 सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पंजीकृत व्यवसायियों की संख्या में 50 लाख से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। जीएसटी में विभिन्न करों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 19 जुलाई 2024 को आयोजित केबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2024 का अनुमोदन किया गया था।जीएसटी परिषद की अनुशंसा के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक संशोधन किया जा चुका है। जिसके अनुसरण में राज्य शासन द्वारा भी संशोधन किया गया है, जिसके अंतर्गत हेड ऑफिस द्वारा इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपने ब्रांच ऑफिस को किया जाएगा तथा तंबाकू उत्पादन निर्माताओं द्वारा मशीन का पंजीयन नहीं कराने पर 1 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।श्री चौधरी ने बताया कि समय-समय पर आवश्यकता अनुसार जीएसटी परिषद् द्वारा जीएसटी अधिनियम में संशोधनों का निर्णय लिया जाता है। ताकि व्यापार सुगम हो एवं कर राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।इसी तारतम्य में जीएसटी काउंसिल द्वारा इनपुट सर्विस ड्रिस्टीब्यूटर के संबंध में आगत कर प्रत्यय लिये जाने के प्रावधान को युक्तियुक्त बनाने एवं पान मसाला, गुटखा इत्यादि के विनिर्माण में लगने वाले मशीनों के रजिस्ट्रीकरण के लिए, अधिनियम में कतिपय संशोधन का निर्णय लिया गया था। जीएसटी काउंसिल द्वारा लिए गए निर्णय के परिप्रेक्ष्य में केन्द्रीय माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2024 दिनांक 15 फरवरी, 2024 से अधिसूचित हैै। अतः छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम 2017 में भी तद्नुसार संशोधन किया जाना आवश्यक है।उक्त संशोधन में अन्य बातों के साथ निम्नानुसार संशोधन किया गया है:-पूरे देश में इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट के वितरण हेतु अपनाई जा रही प्रक्रिया में समरूपता लाने के प्रयोजन से परिभाषा खंड में संशोधन किया जा रहा है। साथ ही रिवर्स चार्ज लेव्ही को भी इसके अंतर्गत शामिल किया जा रहा है। उक्तानुसार प्रकरणों में इनपुट टैक्स वितरण की रीति विहित करने के लिए सुसंगत धारा में आवश्यक संशोधन किया गया है। श्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी परिषद् की सिफारिशों पर तंबाकू उत्पाद निर्माण क्षेत्र में सर्वाधिक राजस्व लिकेज होने के कारण उनके लिए अनुपालन भार में बढ़ोतरी की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक मशीन का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। ऐसे निर्माताओं द्वारा मशीन का पंजीयन नहीं कराये जाने पर प्रत्येक मशीन के लिए राशि एक लाख रूपये जुर्माना अधिरोपित किये जाने का प्रावधान है।वाणिज्यकर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी स्वतंत्रता के पश्चात् के सर्वाधिक महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व आर्थिक सुधारों में से एक है, जिसमें केंद्र और राज्यों में लागू अप्रत्यक्ष कर समाहित है। इन करों में केन्द्रीय उत्पाद कर, सर्विस टैक्स, केन्द्रीय अधिभार एवं उपकर, वैट, प्रवेशकर, केन्द्रीय विक्रय कर, विलासिता कर, मनोरंजन कर आदि 17 प्रकार के करों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं कर्तृत्व का ही परिणाम है कि उनकी दूरदर्शिता के कारण ही जीएसटी लागू किया जाकर एक राष्ट्र, एक कर एवं एक बाजार की संकल्पना को साकार किया जा सका है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि माल और सेवा कर (जीएसटी) भारत में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाए जाने वाला एक समग्र अप्रत्यक्ष कर है। इसे 1 जुलाई 2017 को कई करों को बदलकर और एकल एकीकृत कर प्रणाली बनाने के लिए पेश किया गया था। जीएसटी ने देश में सहकारी संघवाद की नई परिपाटी बनाई है, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण जीएसटी परिषद है। जीएसटी परिषद में केन्द्रीय वित्त मंत्री अध्यक्ष और सभी राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य होते हैं। जीएसटी परिषद में केन्द्र व राज्य आपसी सहमति से सामूहिक निर्णय लेते हैं। जीएसटी लागू होने से कर प्रणाली सरल और प्रबंधनीय हो गई है। जीएसटी लागू होने के पूर्व उत्पादों पर केन्द्रीय उत्पाद कर लगता था एवं इस कर पर राज्य में वेट लगता था। इस प्रकार कर के ऊपर कर लगता था एवं केन्द्रीय करों का क्रेडिट भी राज्य के व्यापारियों को नहीं मिलता था। इस प्रकार अंततः माल की लागत में बढ़ोतरी होती थी। जीएसटी लागू होने के उपरांत ऐसा Cascading प्रभाव समाप्त हो गया है एवं सप्लाई चेन में इनपुट टैक्स क्रेडिट का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित हुआ है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं पर समग्र कर भार कम हुआ है। सामग्री एवं सेवा की लागत में कमी आई है और खपत को प्रोत्साहन मिला है और आर्थिक वृद्धि में सुधार हुआ है एवं उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है।श्री चौधरी ने जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और भुगतान के लिए ऑनलाइन प्रणाली होने से अनुपालन सरल हुआ है और पारदर्शिता आई है। अब छोटे व्यापारी स्वयं ही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। जीएसटी प्रणाली के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट को समाप्त किया गया है, जिससे लॉजिस्टिक्स और वितरण क्षेत्र सुव्यवस्थित हो गया है, परिणामस्वरूप वस्तुओं की आवाजाही की लागत और समय कम हो गया है। जीएसटी ने कई अनौपचारिक व्यवसायों को कर दायरे में लाकर कर आधार को बढ़ाया है और सरकार के लिए अधिक राजस्व सुनिश्चित हुआ है। साथ ही अब राज्यों को भी सेवाओं पर करारोपण का अधिकार प्राप्त है।वाणिज्यिक कर मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी के अंतर्गत सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कंपोजिशन की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत 1.5 करोड़ रू. तक के टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों को अपने टर्नओव्हर का बहुत ही अल्प भाग जैसे- 2 प्रतिशत कर के रूप में जमा करना होता है एवं उनके लिए अनुपालन भार जैसे रिटर्न प्रस्तुत करने एवं कर भुगतान की प्रणाली को सरल व सुगम बनाया गया है। साथ ही उन्हें विभिन्न प्रकार के लेखाओं के संधारण की अनिवार्यता नहीं है।जीएसटी लागू होने से पंजीकृत व्यवसाईयों की संख्या लगभग 1.28 लाख थी जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 1.80 लाख हो गयी है। पड़ोसी राज्य जैसेे झारखंड एवं उड़ीसा में पंजीकृत व्यवसाईयों की संख्या क्रमशः 2.05 लाख एवं 3.38 लाख है। आज विभाग में रजिस्ट्रेशन को लेकर होने वाली अधिकांश समस्याओं को दूर कर लिया गया है। जहां वर्ष 2024 की शुरूआत में रजिस्ट्रेशन के आवेदन की प्रक्रिया में औसतन 15 दिन का समय लगता था वह आज केवल 07 दिनों में पूर्ण किया जा रहा है।जीएसटी लागू होने बाद राजस्व संग्रहण में उत्तरोत्तर वृद्धि दर्ज की गई है। यद्यपि वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में कोविड-19 महामारी के कारण अपेक्षित वृद्धि प्राप्त नहीं हुआ है।जीएसटी लागू होने के कारण विभिन्न राज्यों के राजस्व वृद्धि में संभावित कमी की क्षतिपूर्ति हेतु केन्द्र की सरकार ने अपने वादे के अनुरूप सभी राज्यों को कानून बनाकर क्षतिपूर्ति किया जाना सुनिश्चित किया है। छत्तीसगढ़ राज्य को अप्रैल 2018 से जून 2022 तक कुल 21 हजार 679 करोड़ रूपये क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई है।श्री चौधरी ने सदन को बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में कमी से कंपनसेशन फंड में राशि नहीं होने पर वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में राज्यों को क्षतिपूर्ति देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 2.59 लाख करोड़ रूपये का ऋण लिया गया, जो कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को क्षतिपूर्ति देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छत्तीसगढ को बैक टू बैक लोन के रूप में कुल राशि रूपये 8 हजार 074 करोड़ प्राप्त हुआ है।जीएसटी की राशि राज्य को सीधे ही प्राप्त हो जाती है एवं केन्द्रीय जीएसटी की राशि का 42 प्रतिशत केन्द्रांश राज्यों को Devolution के रूप में प्राप्त होता है। इस प्रकार जीएसटी में वृद्धि से राज्यों को प्रत्यक्षतः लाभ तो मिलता ही है साथ ही केन्द्रांश के रूप में राज्यों को राशि प्राप्त होती है। छत्तीसगढ़ में राज्य को वर्ष 2017-18 से 2023-24 तक प्राप्त राजस्व एवं इसी अवधि में Devolution से प्र्राप्त राजस्व रू. 1.41 लाख करोड़ है।व्यवसाईयों की सुविधा के लिए वाणिज्यिक कर विभाग में एक समर्पित EODB (Ease of Doing Business) कक्ष का गठन किया गया है, जिसके द्वारा व्यवसाईयों की समस्याओं का निराकरण, जी.एस.टी. के हितधारकों (करदाता व्यावसायिक संगठन, बार एसोसिएसन, चार्टर्ड एकाउंटेंट एसोसिएसन) के साथ बेहतर समन्वय के लिए आउटरीच प्रोग्राम के माध्यम से कर अनुपालन में वृद्धि हेतु प्रोत्साहन दिया जा सके। उक्त कक्ष का प्रभारी संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी को बनाया गया है। कक्ष द्वारा प्रतिमाह सभी हितधारकों के साथ नियमित बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं व सुझावों के संबंध में निर्णय लिया जाता है। व्यवसाईयों की समस्याओं को दूर करने के लिए टोल फ्री हेल्पलाईन नंबर भी शुरू किया गया है। विभाग अंतर्गत बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट (B.I.U.) का गठन किया गया है। जिसके द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तकनीकों का प्रयोग कर डाटा आधारित कर अपवंचन के तरीकों को पता लगाकर कार्यवाही की जा रही है।श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य कर (जीएसटी) विभाग द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग कर नई पहल करते हुए 11 जून 2024 को “ई-संवीक्षा” पोर्टल लाँच किया गया है। इससे न केवल विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की मानिटरिंग की जा सकेगी, बल्कि एनालीटिक्स में इससे प्राप्त होने वाले आँकड़ों का राजस्व हित में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा राज्य के व्यापारियों को होने वाली व्यवहारिक परेशानियों जैसे एक ही अवधि के लिये एक से अधिक अधिकारियों द्वारा नोटिस दिया जाना आदि का निराकरण करने में भी “ई-संवीक्षा” माड्यूल कारगर साबित होगा। इन सभी प्रयासों से छोटे व्यापारियों को एवं उपभोक्ताओं को लाभ प्राप्त हुआ है। जीएसटी संशोधन विधेयक 2024 के संबंध में विधायक सर्वश्री उमेश पटेल, राघवेन्द्र सिंह ने चर्चा में हिस्सा लिया। चर्चा पश्चात विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
- 0 1 अगस्त को महिलाएं लगाएंगी 4.25 लाख पौधेबिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की गहन समीक्षा की। आवास योजना की मॉनीटरिंग के लिए मैदानी स्तर पर 63 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कलेक्टर ने कार्यो की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपूर्ण कार्यो को हरहाल में 30 सितम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए। 1 अगस्त को जिले में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। महतारी वंदन योजना की सवा 4 लाख महिलाएं भी इस पौधरोपरण अभियान में बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगी। कलेक्टर ने इसकी समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि समस्त अधूरे लगभग 4 हजार कार्यो को सितम्बर तक पूर्ण किया जाए। इसमे किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि वे कार्यों की मॉनीटरिंग सतत रूप से करें। इसी प्रकार पीएम जनमन आवास योजना के अधूरे कार्यो पर भी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में बताया गया कि 1 हजार 97 पीव्हीटीजी के पात्र हितग्राही है। जिनमें 655 कार्य स्वीकृत किए गए है। 475 कार्य के लिए प्रथम किस्त की राशि जारी की गई है, 250 हितग्राहियों को दूसरी किस्त की राशि, 147 हितग्राहियों को तीसरी किस्त और 13 हितग्राहियों को चौथी किस्त जारी की जा चुकी है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 1 अगस्त को किये जाने वाले सघन पौधरोपण के लिए नगर निगम कमिश्नर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अभियान में मुख्य रूप से फलदार एवं छायादार पौधे रोपे जाएंगे। महिलाएं घर की बाड़ी, सार्वजनिक जगह या अन्य किसी स्थान पर भी पौधा लगा सकती है। पौधा लगाने के बाद तैयार किए गए एप पर फोटो भी अपलोड किया जाएगा। पौधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी वन विभाग को दी गई है।कलेक्टर ने निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) की भी समीक्षा करते हुए स्कूलों में नियुक्त किए गए मेंटर को अगले 15 दिन में सभी स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इसकी समीक्षा टीएल बैठक में नियमित रूप से की जाएगी। उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि 4 साल में लगभग साढ़े 3 हजार बच्चे ड्रॉपआउट हुए है। उल्लेखनीय है कि आरटीई के तहत बच्चों एवं पालकों को प्रेरित और सहायता प्रदान करने, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के मध्य समन्वय कर विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा निरंतर रखने में आने वाले अवरोधों को दूर करने 117 मेंटर की नियुक्ति की गई है। इसमंे कलेक्टर समेत जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी शामिल है। कलेक्टर ने मिशन 90 प्लस पोर्टल की भी समीक्षा की। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, डीएफओ श्री सत्यदेव शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्री आरपी चौहान सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
- 0 कलेक्टर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया0 वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
बिलासपुर। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में आज कारगिल विजय दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अवनीश शरण मौजूद थे। कारगिल युद्ध के दिनों को याद करते हुए उन्होंने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं पूर्व सैनिकों द्वारा कारगिल युद्ध के शहीद जवानों के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण मुख्य ने कारगिल युद्ध के दिनों को याद करते हुए कहा कि सीमा पर लड़ने वाले वीर जवानों के कारण ही आम नागरिक सुरक्षित रहकर अपना काम कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों का योगदान अविस्मरणीय है। कार्यक्रम में शहीद वीर जवानों के परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे श्री शरण ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को होने वाली किसी भी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा। भूत पूर्व सैनिकों ने ज्ञापन सौंपकर शहर में शहीद स्मारक स्थापना के लिए आग्रह किया।इस मौके पर कारगिल युद्ध में शामिल जवानों ने अपने अनुभव साझा किए। जिला सैनिक बोर्ड के कल्याण अधिकारी श्री हरि शंकर तिवारी, सैनिक कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष कर्नल राकेश सिंह बिसेन , पूर्व सैनिक,भूतपूर्व सैनिकों के परिजनों के साथ जिला पंचायत सीईओ श्री आर पी चौहान भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के सेनाओं के बीच कारगिल युद्ध हुआ था, जिसमें 26 जुलाई 1999 को भारत ने विजय हासिल किया। कारगिल युद्ध के शहीदों की याद में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है और उनके शौर्य और बलिदान को याद किया जाता है। - रायपुर। जिला कलेक्टर महोदय डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी, एवम आर बी एस के नोडल अधिकारी डॉक्टर श्वेता सोनवानी के मार्गदर्शन में "राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु "के अंर्तगत दिनांक 10 जुलाई 2024 को ग्राम तुलसी, विकासखण्ड आरंग, जिला रायपुर के, श. पू. मा. शाला में, हेल्थ टीम द्वारा चेकअप करने हेतु भ्रमण किया। हेल्थ चेकअप के दौरान अंशु निषाद पिता श्री रामरतन, कक्षा 8 वीं की छात्रा की हृदय गति असमान्य पाई गई। चेकअप के दौरान पाया गया कि बच्ची का चेहरा अन्य बच्चों से अलग है। स्कूल कैंपस में उक्त छात्रा को दौड़ने कहा गया तो डॉक्टर द्वारा देखा गया कि बच्ची तुरंत ही थक जा रही है और चेहरा भी नीला पड़ जा रहा है। तुरंत ही बच्चे के माता पिता को बुलाकर अवगत कराया गया कि इसे हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाना होगा । अतः चिरायु टीम की मदद से सत्य साईं हॉस्पिटल नवा रायपुर में विशेषज्ञ डाक्टर द्वारा ECG-ECHO कराया गया एवं पता चला कि दिल में छेद है, जिसे बंद करना आवश्यक है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अंनत को अवगत कराया गया। अधिकारियों द्वारा चिरायु टीम को निर्देशित किया गया कि अतिशीघ्र ही एडमिट कराया जाए। दिनांक 23 जुलाई 2024 को एडमिट उपरांत सर्जरी भी हो गई और 25 जुलाई 2024 को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इस जटिल कार्य को सफलतापुर्वक कराने पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष कुमार मैजरवार, चिरायु टीम के नोडल डॉ. स्वेता सोनवानी, सलाहकार डॉ. रंजना गायकवाड़ एवं विकासखंड आरंग के बी.पी.एम. दीपक मीरे ने, चिरायु टीम के डॉ. अबरार आलम, डॉ. शोभा निषाद, ए.एन.एम.श्रीमती टिकेश्वरी साहु एंव एल.टी. मुकेश कुमार साहु की सराहना की। अंशु निषाद के माता पिता ने पूरे स्वास्थ्य विभाग का आभार प्रकट किया।
- दुर्ग। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अश्वनी देवांगन ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक ली और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता अभियान की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम पंचायत में साफ-सफाई का कार्य करने तथा नियमित रूप से डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने को कहा। साथ ही कचरा संग्रहण के लिए स्वच्छता कर बिल के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि सखियों के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध कराने कहा। ग्राम पंचायत स्तर पर पीएमजेजेबीवाई पीएमएसवाई के तहत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर जिला पंचायत स्तर से बीमा राशि दावा भुगतान जिला पंचायत स्तर पर बीमा राशि देने में सहायता की जानी है। महात्मा गांधी मनरेगा व स्वच्छ भारत मिशन के तहत अभिसरण से निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मनरेगा व आवास के अभिसरण से जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें एमआईएस में अपडेट किया जाए। अमृत सरोवर के निर्माण कार्य में दुर्ग के लिए 15, धमधा के लिए 15 तथा पाटन के लिए 12 प्रस्ताव दिये गये हैं। शासन की इस महत्वपूर्ण योजना को गंभीरता से लेने तथा निर्माण के लिए अधिक प्रस्ताव देने को कहा गया। स्वच्छ भारत मिशन सामुदायिक, व्यक्तिगत शौचालयों की लंबित जियो टैगिंग को तत्काल पूर्ण किया जाए। कचरा संग्रहण के लिए पंचायतों को प्रेरित किया जाए। किसी भी स्थिति में कचरा बाहर न फेंका जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कर निर्धारित करने तथा हाट, बाजार, दुकानों में नियमित रूप से बिल राशि वसूलने को कहा गया। उप अभियंता एवं जिला स्तरीय अधिकारी की टीम से ओडीएफ की तैयारी करने तथा घोषित सर्वे की जांच करने के निर्देश दिए गए। लखपति दीदी स्व-सहायता समूह की बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मनरेगा अंतर्गत अभिसरण के स्व-सहायता समूह की बहनों के लिए योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने संबंधित विभाग अंतर्गत बकरी, गाय, मुर्गी, मछली बीज के वितरण की जानकारी अनुसार अभिसरण के तहत निर्माण कार्य स्वीकृत करने को भी कहा। स्वयं सहायता समूह की बहनों को कन्वर्जेंस के माध्यम से लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल करने के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बीज उत्पादन निगम में कृषि सखी के माध्यम से समन्वय स्थापित कर किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाए। स्वयं सहायता समूह की बहनों को बैक लिंकेज करने को भी कहा गया। बैठक में समस्त परियोजना अधिकारी एवं जनपद सीईओ उपस्थित थे।



















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