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- -समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की-अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को बच्चों के अभिभावक की भूमिका निभाने को कहाबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि शासन द्वारा संचालित आश्रम एवं छात्रावास निम्न, मध्यमवर्गीय तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए संरक्षण स्थली है। जिसे ध्यान में रखते हुए जिले के आश्रम, छात्रावासों में निवासरत् विद्यार्थियों घर जैसे माहौल एवं जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिससे कि बच्चों को अनुकूल परिवेश एवं सुविधा मिल सके। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल शुक्रवार को संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा जिले में संचालित आश्रम, छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की बैठक लेकर उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के मद्देनजर छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को छात्रावास एवं आश्रम प्रारंभ होने के पूर्व सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चन्द्राकर एवं अन्य अधिकारियों के अलावा अधीक्षक-अधीक्षिकागण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने छात्रावास, आश्रमों में साफ-सफाई की व्यवस्था, मरम्मत, शिक्षा सत्र 2024-25 में छात्रावास, आश्रमों में प्रवेश की पूरी तैयारी, कन्या छात्रावास एवं आश्रमों में मूलभूत सुविधा, शिष्यवृत्ति आॅनलाईन भूगतान की वर्तमान स्थिति, अधीक्षक-अधीक्षिकाओं के व्यक्तित्व एवं क्रियाकलाप आदि की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने छात्रावास एवं आश्रमों में पेयजल व्यवस्था, कन्या छात्रावास आश्रमों की विशेष निगरानी तथा शिक्षा सत्र 2023-24 के परीक्षा परिणाम के अलावा छात्रावास एवं आश्रमों में वर्षाकाल के पूर्व वृक्षारोपण की तैयारी आदि के संबंध में भी बारी-बारी से जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने छात्रावास एवं आश्रमों के साफ-सफाई की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली तथा सभी अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को साफ-सफाई समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने छात्रावास, आश्रमों के शौचालयों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान यदि छात्रावास, आश्रमों में समुचित साफ-सफाई नही पाए जाने तथा शौचालयों की स्थिति ठीक नही होने पर संबंधित अधीक्षक-अधीक्षिकाओं के विरुद्ध कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शौचालयों में दरवाजे एवं पानी आदि की उपब्धता समुचित होनी चाहिए। श्री चन्द्रवाल ने सभी अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को दरवाजे आदि की मरम्मत की आवश्यकता पड़़ने पर एक सप्ताह के भीतर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने छात्रावास, आश्रमों में विद्यार्थियों के प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रावास, आश्रमों में प्रवेश मिल सके इसके लिए सभी अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को आसपास के विद्यालय में इसका समुचित प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश के लिए निर्धारित तिथि तक बच्चों का आवेदन लेने तथा मेरिट के आधार पर बच्चों का चयन करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने छात्रावास, आश्रमों के स्वीकृत सीट के आधार पर बच्चों का शत प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित हो सके इसके लिए जरूरी उपाय भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास, आश्रमों में प्रवेश लेने विद्यार्थियों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि निरीक्षण के दौरान वे स्वयं इसका माॅनिटरिंग करेंगे। कन्या छात्रावास, आश्रमों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिले के सभी कन्या छात्रावास, आश्रमों की सुरक्षा की पुख्ता उपाय तथा देखरेख की समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने सभी कन्या छात्रावास, आश्रमों में महिला होमगार्ड की तैनादगी सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में कलेक्टर ने आश्रम, छात्रावास के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं के व्यक्तित्व एवं क्रियाकलापों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधीक्षक-अधीक्षिकाओं का व्यवहार विनम्र, सौम्य एवं मिलनसार होनी चाहिए। जिससे बच्चों को अपने माता-पिता एवं अभिभावक के भाव का बोध हो सके। श्री चन्द्रवाल ने अधीक्षक-अधीक्षिकाओं के कार्य एवं दायित्व को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए पूरे निष्ठा एवं लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर देश के नौनिहालों के तकदीर गढ़ने के महती कार्य में महत्वपूर्ण निभाने को कहा।
- -हर महीने खाते में राशि जमा होने से आत्मनिर्भर हुई डिलेश्वरी, छोटी-मोटी जरूरतों के लिए अब नही पड़ रही है किसी के पास हाथ फैलाने की आवश्यकताबालोद ।छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना निम्न एवं मध्यम वर्ग के महिलाओं के लिए अनेक दृष्टि से लाभप्रद सिद्ध होकर मुश्किल वक्त का सहारा बन गया है। उल्लेखनीय है कि आज भी पुरुष प्रधान भारतीय समाज में महिलाओं को छोटी-बड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पुरुषों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। आज के दौर में भी कामकाजी महिलाओं के द्वारा अपने मेहनत से किए गए अनेक कार्यों का पैसा भी उनके पिता, पति, ससूर या उनके घर के मुखिया के पास जमा होता है। लेकिन राज्य सरकार के महतारी वंदन योजना की राशि प्रतिमाह संबंधित महिला के खाते में सीधे जमा होने से यह राशि राज्य के महिलाओं के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो रहा है। पूरे राज्य की भाँति बालोद जिले में भी इस योजना का बेहतरीन प्रतिसाद देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार की इस लोक कल्याणकारी योजना के माध्यम से प्रतिमाह 01 हजार रूपये की राशि मिलने से जिले के ग्राम झलमला के वार्ड नंबर 08 की निवासी दुलेश्वरी के लिए आर्थिक संबलता का आधार बन गया है। इस योजना के फलस्वरूप राशि मिलने से डिलेश्वरी अपने छोटे बच्चों के लिए नियमित रूप से पौष्टिक भोज्य पदार्थों की प्रबंध करने के अलावा जरूरत पड़ने पर ईलाज एवं साबून सोडा इत्यादि छोटी-मोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। अब उन्हें अपने दैनिक आवश्यकताओं के लिए लगने वाली चीजों की पूर्ति तथा ईलाज आदि आवश्यक कार्यों के लिए अब किसी के पास हाथ फैलाने की आवश्यकता नही पड़ रही है।इस योजना की सराहना करते हुए वार्ड नंबर 08 झलमला निवासी श्रीमती डिलेश्वरी पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना हमारे जैसे अनेक गरीब एवं मध्यम वर्ग के महिलाओं के लिए हर तरह से उपयोगी सिद्ध होकर मुश्किल वक्त का सहारा बन गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लागू होने के पूर्व उसे अनेक महिलाओं को बीमारियों के ईलाज तथा दैनिक उपयोग की चीजों की खरीदी एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अपने पति, ससूर तथा घर के मुखिया के ऊपर आश्रित रहना पड़ता था। लेकिन प्रत्येक माह इस योजना की राशि उनके खाते में जमा होने से अब उसे इन चीजों का प्रबंध करने में किसी प्रकार की कठिनाई नही हो रही है। इसके अलावा वे अपने दो छोटे बच्चे कुमारी पूर्वी एवं 02 वर्षीय बालक जतिन पटेल के लिए भी आसानी से पौष्टिक खाद्य पदार्थों का प्रबंध कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा एक सच्चे अभिभावक की भाँति राज्य की असंख्य महिलाओं की वास्तविक पीड़ा एवं जरूरतों को समझते हुए राज्य में जो महतारी वंदन योजना लागू की गई है वह हर दृष्टि से सराहनी एवं काबिले तारीफ है। श्रीमती डिलेश्वरी ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा इस योजना को लागू कर महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाने का कार्य किया है। जिसके फलस्वरूप हम महिलाओं में आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है। उन्होंने राज्य के महिलाओं की वास्तवित जरूरतों को समझते हुए छत्तीसगढ़ में इस अत्यंत महत्वाकंाक्षी योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।
- भिलाई,l नगर निगम भिलाई क्षेत्र में नालियों एवं सड़क के ऊपर का अवैध कब्जा तोड़ने का कार्य लगातार जारी है l जो कब्जाधारी सड़क के ऊपर अवैध कब्जा कर लिए है, नाली को जाम कर दिए हैं, उनके ऊपर ही कार्रवाई चल रही है l अवैध कब्जाधारियों को पूर्व में नोटिस दिया गया था l मुनादी भी चल रही है l प्रमुख रूप से कार्यवाही संतोषी पारा वार्ड 33 अंबेडकर भवन के पीछे से दुर्गा पंडाल, वार्ड 36 महामाया मंदिर, वार्ड 51 रेलवे लाइन के पीछे, वार्ड 14 नाली के ऊपर अवैध कब्जा हटाया गया l नगर निगम भिलाई द्वारा लगातार मुनादी भी कब्जा हटाने के लिए कराया जा रहा है l कार्रवाई के दौरान जोन कमिश्नर, zon स्वास्थ्य अधिकारी,zon के राजस्व अधिकारी, सुपरवाइजर आदि उपस्थित रहे l सभी क्षेत्रों में तोड़फोड़ के साथ ही, डंपर से मालवा भी हटाया जा रहा है l
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रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पर्यावरण हितैषी मंशा के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन की पहल पर नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 3 के स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विगत 10 दिनों से राजधानी शहर रायपुर के तेलीबाँधा तालाब के पानी का ट्रीटमेंट रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार किया जा रहा है. तेलीबाँधा तालाब में पर्यावरण प्रदूषण एवं पानी में ऑक्सीजन की मात्रा में कमी आने को लेकर नगर निगम में प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर दिये गए नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही और जोन 3 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री उमेश नामदेव द्वारा तेलीबाँधा तालाब के पानी में किये जा रहे ट्रीटमेंट कार्य का निरीक्षण किया गया, साथ ही कार्य की मॉनिटरिंग की जा रही है. नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तेलीबांधा तालाब के किनारे चुना एवं ब्लीचिंग पावडर की बोरियां रखवाई जा रही हैँ, ताकि इसके शीघ्र तालाब के पानी में घुलने से तेलीबाँधा तालाब के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा शीघ्र बढ़ सके एवं यह तालाब में मछलियों के जीवन की सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हो सके. इस कार्य से तालाब के क्षेत्र में समाज हित में पर्यावरण सुधार का कार्य भी हो सकेगा. ।
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रायपुर / दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल और खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज दुर्ग जिले के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, शाखा प्रतापपुर का शुभारंभ किया। दुर्ग सांसद श्री बघेल ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवीन बैंक शाखा खुलने पर इससे ग्रामीण क्षेत्र के आमजनों को लाभ होगा और इस क्षेत्र के किसानों को सुविधा मिलेगी। सहकारी समिति एक ऐसी संस्था है जिसमें काम करने का बहुत अच्छा अवसर रहता है।
खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों ने मांग की थी कि हमारे क्षेत्र मेें जिला सहकारी बैंक खोला जाए। आज उनकी बरसों की मांग पूरी हो गई है। आस-पास के गांव के किसानों में खुशी की लहर है अब अपने गांव के नजदीक ही प्रत्येक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बैंक से किसानों को न्यूनतम ब्याज दर में ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी और सहकारी केन्द्रीय बैंक से लाभ लेकर अच्छी खेती-किसानी कर सकेंगे। - -ग्राम पंचायत गुल्लू पहुँच की समीक्षा, मौके पर ग्रामीणों से भी की मुलाकात-कलेक्टर ने ग्राम पंचायत कार्यालय में रिकार्ड संधारण, जन्म-मृत्यु पंजी आदि की जानकारी लीरायपुर / शासकीय योजनाओं का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन और ग्रामीणों को होने वाले फायदों को जानने कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज जनपद पंचायत आरंग की ग्राम पंचायत गुल्लू एवं देवरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने ग्राम पंचायत में विगत वर्षों से दिवंगत व्यक्तियों की जन्म-मृत्यु पंजी की जाँच की। कलेक्टर डॉ. सिंह ने ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों और हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। कलेक्टर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड बनाने से लेकर ग्रामीणों को राशन वितरण आदि की भी जानकारी अधिकारियों से ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत सचिव कार्यालय के पूरे रिकॉर्ड की जाँच भी की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि शासकीय योजनाओं का ग्रामीणों को ज़मीनी स्तर कितना फायदा मिल रहा है और सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर आगे भी ऐसा निरीक्षण जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर राशन, दवाई, ईलाज की सुविधा, आंगनबाड़ी-स्कूल, राजस्व संबंधी मामलांे के निराकरण साथ साथ जनहित की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगांे को दिलवाने का भरसक प्रयास रहेगा। इस दौरान ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) श्री पुष्पेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने चम्पेश्वर लोधी घर के नल जल योजना से प्राप्त जल की स्थिति जाँचीग्राम पंचायत गुल्लू, जनपद पंचायत आरंग में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने जल नल योजना के हितग्राही श्री चम्पेश्वर लोधी के घर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने नल जल योजना से आ रहे पानी का समय, गति और गुणवत्ता की जाँच की। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने नागरिकों से भी उनकी समस्या सुनी एवं निराकरण हेतु अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गुल्लू के शासकीय उचित मूल्य की दुकान का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राशन दुकान से राशन वितरण एवं स्टॉक के बारे में जानकारी ली। साथ ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने दुकान में उपस्थित नागरिकों से चर्चा की।कलेक्टर ने किया ग्राम पंचायत गुल्लू के आयुर्वेद औषधालय का औचक निरीक्षणजनपद पंचायत आरंग की गुल्लू ग्राम पंचायत के शासकीय आयुर्वेद औषधालय में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं एवं चिकित्सक के अलावा पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने औषधालय में उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली। आयुर्वेद औषधालय में होने वाले ईलाज के तरीकों के बारे में भी कलेक्टर ने उपस्थित डाक्टर और कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने इस औषधालय मे ईलाज के लिए आने वाले मरीजों की दैनिक संख्या भी पूछी। कलेक्टर ने औषधालय को निर्धारित समय पर प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय निवासियों को ईलाज की सुविधा मिल सके।
- -दो दिनों के भीतर लोकसेवा केंद्र में 389 आवेदनों का हुआ निराकरण-सुचारू रूप से संचालित होने लगा है बलौदाबाजार जिला कार्यालय, ग्रामीण आवेदन लेकर पहुंचने लगेरायपुर, / संयुक्त जिला कार्यालय में लोगों की समस्याओं का निराकरण गंभीरता से किया जा रहा है। दूर दराज से ग्रामीणजन आवेदन लेकर जिला कार्यालय बलौदाबाजार पहुंच रहे हैं। उचित मूल्य दुकानों में प्रत्येक माह लोगों को राशन वितरण किया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राशनकार्ड बहुत जरूरी है। खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवेदन दिया गया हैं। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रूप से राशनकार्ड से संबंधित आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है।कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करके 11 हितग्राहियों को मौके पर ही राशनकार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवनीकरण राशन कार्ड और 3 को आधारकार्ड बनाकर दिया गया। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसड़ोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से श्रीमती दुर्गेश्वरी यादव, छाछी की श्रीमती प्रीति साहू,सेल से श्रीमती गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा को नया राशनकार्ड दिया गया। नवीनीकरण राशनकार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। हितग्राहियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे कुमारी मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने कहा घर में छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप से कराले।लोकसेवा केंद्र में 2 दिनों में 389 आवेदनों का किया गया निराकरणइनमें आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञा, विवाह पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र सुधार, सुखद सहारा योजना, न्यायालय आदेश प्रमाण पत्र (राजस्व न्यायालय), जन्म प्रमाण पत्र सुधार, दुकान एवं स्थापना पंजीयन हेतु आवेदन निराकरण किया गया है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आदिम जाति विभाग ने की पहल-दिल्ली के अलावा रायपुर में भी यूपीएससी की तैयारी की बनाई कार्ययोजनानई दिल्ली । देश के सिविल सर्विस के टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट अब रायपुर में अपनी शाखा खोलेंगे, जिससे राज्य के अनुसूचित जाति, जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को दिल्ली के अलावा रायपुर में भी उच्च स्तरीय कोचिंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए आदिम जाति विकास विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल का दौरा कर छात्रों से मुलाक़ात किया। इस दौरान उन्होंने कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के प्रतिनिधियों से बात की। इन संस्थानों के छात्रों को प्रदान की जा रही सुविधाओं और पठन-पाठन के तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही, उन्होंने रायपुर में इन कोचिंग इंस्टीट्यूट्स की शाखाएं खोलने के विषय पर भी चर्चा की। प्रमुख सचिव ने पूछा कि यदि रायपुर में उनकी शाखाएं खोली जाती हैं, तो उन्हें शासन से किस प्रकार की मदद चाहिए होगी। इस संबंध में कोचिंग संस्थानों को एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करने को कहा है।श्री बोरा ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल दिल्ली के छात्रों से उनकी शिक्षा और करियर संबंधी विभिन्न बातों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। श्री सोनमणि बोरा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, वहां पर एयर कंडीशनर लगाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने मेस को सुव्यवस्थित ढंग से तैयार करने और हॉल में तत्काल एसी टीवी लगाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिये गए निर्देशों के पालन की जानकारी ली।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण कोचिंग सुविधा के साथ-साथ बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। रायपुर में कोचिंग इंस्टीट्यूट खुलने से अनुकूल वातावरण में विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।‘वहीं, आदिम जाति और अनुसूचित जनजाति मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा, "हमारी सरकार शिक्षा के महत्व को समझती है और हम चाहते हैं कि हमारे आदिवासी और अनुसूचित जाति के विद्यार्थी भी सर्वोत्तम शिक्षा और सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह योजना उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होने कहा सिर्फ सिलेबस पढ़ना महत्वपूर्ण नहीं है, जरूरी है अनुकूल वातावरण मिले जिससे बच्चे परीक्षा के मानसिक तौर पर तैयार हो सकें। इसी सोच के साथ रायपुर में कोचिंग शुरू की जा रही है। रायपुर में तैयारी के बाद विद्यार्थी चाहे तो तैयारी के लिए दिल्ली जा सकते हैं।प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री और विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के निर्देश पर दिल्ली के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी देश के प्रतिष्ठित सिविल सर्विस कोचिंग इंस्टीट्यूट की शाखाएं खोलने पर कार्ययोजना तैयार की गई है। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और कोचिंग प्रदान करके उनके करियर को संवारना है। दिल्ली के प्रमुख कोचिंग इंस्टीट्यूट्स की रायपुर में शाखाएं खोलने से विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
- -रायगढ़ पुलिस के हेलमेट वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए वित्त मंत्री-ट्रैफिक नियमों की जागरूकता के लिए रायगढ़ जिला पुलिस चला रहा यातायात सुरक्षा अभियानरायपुर / यातायात जागरूकता को लेकर रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हेलमेट वितरण कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने हेलमेट के उपयोग को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देने की बात कही है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सड़क में दोपहिया चलाते हुए हेलमेट का उपयोग किए जाने का महत्व हम सभी को पता है। सड़क दुर्घटनाओं में बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना लोगों के जान जाने का बड़ा कारण है। लेकिन अधिकांश लोग लापरवाही बरतते हुए इसको नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक स्वयं पर विपदा नहीं आती तब तक मामले की गंभीरता नहीं समझने की प्रवृत्ति छोडऩी चाहिए। परिवार में किसी की भी असमय मृत्यु से पूरा परिवार बुरी तरह से प्रभावित होता है। उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी सुरक्षा और अपने परिवार, समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे, गाड़ी चलाते समय हेलमेट जरूर पहने। ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करें। उन्होंने रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की और प्रदेशवासियों से अपील की है कि यातायात के नियमों का पालन करके जिम्मेदार नागरिक के रूप में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में योगदान दें।रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने तथा लोगों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने के लिए नियमानुसार चालानी कार्यवाही करते हुए हेलमेट का वितरण किया जा रहा है। रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा अभियान के दौरान पांच हजार से अधिक व्यक्तियों को हेलमेट वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में जिले के उद्योगों एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बिना हेलमेट के चल रहे दो पहिया चालकों को समझाइश के साथ हेलमेट का वितरण किया। इस दौरान सभी से सुरक्षित यातायात के लिए हेलमेट पहनने की अपील की गई। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य और आम नागरिक शामिल हुए।
- -पीएम जनमन योजना के लिए बजट में 300 करोड़ रूपए का प्रावधानरायपुर / छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना पीएम जनमन योजना से प्रीमीटिव टाईब्स के बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही उन्हें पक्के आवास दिए जा रहे हैं। राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस वर्ष की बजट में 300 करोड़ रूपये की राशि आबंटित की है। आदिवासी अंचलों में इस योजना के तेजी से अमल के लिए सभी जिला कलेक्टरों को विशेष निर्देश दिए गए हैें।देश में पहली बार इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बनाई गई है। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु से शुरू की थी। छत्तीसगढ़ में इस योजना पर तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। पीएम जनमन योजना की क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में रह रहे बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है। घास-फूस के घरों की जगह इन परिवारों को पक्के घर दिए जा रहे हैं। इन जनजाति परिवारों के बसाहटों में पेयजल, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं भी दी जा रही है।छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनजाति, आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के तहत वर्ष 2023-24 में 847 करोड़ रूपए की लागत की 1180 कि.मी. लंबाई की 333 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गयी, इन सड़को से 366 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटों लाभान्वित होगी। इस योजना के अंतर्गत 15,154 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 1419 कि.मी. लंबाई 346 सड़कों हेतु राशि 349 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।लाभार्थियों की जुबानीबलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत हरगवां निवासी श्रीमती भुखना ने बताया कि वह अपने पति और बच्चों के साथ कच्चे के घर में जीवन-यापन कर रही थी। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए भावुकता से बताया कि सोचा नहीं था कि इस जीवन मे कभी पक्के मकान में रह पाऊंगी, उनके लिये पक्के का मकान एक सपने जैसा था, लेकिन पीएम जनमन अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास बनाने के लिए शासन से स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि और स्वयं की बचत राशि को मिलाकर उन्होंने पक्का मकान बना लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
- -राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने ली विभागीय समीक्षा बैठकरायपुर, 14 जून 2024/ छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन को चुस्त-दुरूस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य में अब डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए तैयारियां की जा रही हैं, इस सर्वे को अंजाम देने के लिए राजस्व विभाग द्वारा भूमि का जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। एक ओर जियो-रेफ्रेंसिंग से भूमि विवादों में कमी आएगी। वहीं दूसरी ओर फसलों की ई-गिरदावरी का कार्य आसान हो जाएगा।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में सुशासन के लिए पारदर्शी और बेहतर प्रशासन के लिए शासकीय काम-काज में अधिक से अधिक आईटी का उपयोग करने के निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व अधिकारियों को भूमि के जियो-रेफ्रेंसिंग का कार्य तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।
भ्रष्टाचार की शिकायत पर होगी कार्यवाहीराजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बैठक में कहा कि ग्रामीणों और किसानों को नामांतरण, बटवारा, सीमांकन और व्यपवर्तन कार्य में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनता की दिक्कतों को पूरी संवदेनशीलता के साथ दूर करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र को ध्यान रखते हुए सभी राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि बच्चों को आय और जाति प्रमाण पत्र के लिए भटकना न पड़ें।भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए अभियान चलेगाराजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि अविवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में यह देखा गया है कि ऐसे प्रकरणों को बिना किसी कारण के अनावश्यक खारिज किया जा रहा है। ऐसे प्रकरणों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के भू-अभिलेख में त्रुटि सुधार के लिए अभियान चलाया जाए, इसके लिए पंचायत स्तर पर आवेदन लेकर उसका निराकरण किया जाए। उन्होंने युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय खेल आयोजन के लिए मैदान का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।राजस्व प्राप्ति बढ़ाने पर जोरराजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को विभिन्न स्त्रोतों से हो रही राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य हो। डायवर्सन भूमि का लंबित शुल्क वसूली की जाए। अधिक राजस्व प्राप्तियों से ही विकास और जनकल्याणमूलक कार्यों को गति मिलेगी।राजस्व मामलें के निराकरण के लिए ठोस रणनीतिसमीक्षा बैठक में राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत ने कहा कि राज्य में राजस्व संबंधी प्रकरणों के तेजी से निराकरण के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। संचालक श्री रमेश शर्मा ने बताया कि भुइँया सॉफ्टवेयर में राजस्व रिकार्ड अद्यतन है। साथ ही जमीनों के स्थायी चिन्हांकन के लिए चांदा-मुनारा निर्माण करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। - -जल जीवन मिशन के तहत 3234 गांवों में पहुंचाया जाएगा नदी का पानी, 10 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा मीठा जल-प्रदेश में कुल 4527 करोड़ रुपए लागत की 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम शुरू-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देशरायपुर . ।प्रदेश में भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत मल्टी-विलेज योजना (Multi-Village Scheme) शुरू की जा रही है। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में इन योजनाओं के माध्यम से नदी का मीठा पानी पहुंचाया जाएगा। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रारंभ हो चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इन गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने सभी मल्टी-विलेज योजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे लोगों तक यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके।राज्य के अनेक जिलों में नलकूपों के गिरते हुए जल स्तर के कारण गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या आती है। ऐसे गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिंगल-विलेज योजनाओं के लिए सफल पेयजल स्त्रोतों की कमी को देखते हुए सतही स्त्रोत पर आधारित मल्टी-विलेज योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से प्रदेश में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर सभी योजनाओं के अवयवों की ड्राइंग एवं डिजाइन की चेकिंग राष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. (Indian Institute of Technology & National Institute of Technology) के माध्यम से कराए जा रहे हैं।जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा कार्यस्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान योजनाओं में प्रयोग की जा रही सामग्रियों, उपकरणों एवं आर.सी.सी. के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मल्टी-विलेज योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों एवं उपकरणों की गुणवत्ता की जांच (टेस्टिंग) के लिए थर्ड पार्टी इन्सपेक्सन (Third Party Inspection) भी कराए जा रहे हैं।18 जिलों के 3234 गांवों को मिलेगा साफ पेयजलजल जीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी-विलेज योजनाओं के माध्यम से 18 जिलों के 3234 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी। इनमें रायगढ़ जिले के 396, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 16, कोरबा के 245, जांजगीर-चांपा के 32, राजनांदगांव के 393, महासमुंद के 48, कबीरधाम के 31, गरियाबंद के नौ, बिलासपुर के 93, सूरजपुर के 413, मुंगेली के 240, दुर्ग के 201, बलौदाबाजार-भाटापारा के 192, बेमेतरा के 219, कोरिया के 292, बालोद के 148, सरगुजा के 190 और धमतरी जिले के 76 गांव शामिल हैं।किस जिले में कितनी योजनाएं ?जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें सूरजपुर जिले की 11, कोरिया की दस, दुर्ग की सात, बलौदाबाजार-भाटापारा और रायगढ़ की छह-छह, बालोद, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर की चार-चार, बेमेतरा की तीन, धमतरी, मुंगेली, कबीरधाम और जांजगीर-चांपा की दो-दो तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, महासमुंद और गरियाबंद जिले की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल दस लाख 445 परिवार लाभान्वित होंगे।
- -अप्रैल माह में 2 करोड़ 57 लाख एवं मई माह में 3 करोड़ 15 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार के अवसर सृजन कर रचा नया कीर्तिमान-विगत 6 माह में 10 करोड़ 93 लाख मानव दिवस सृजित, 1 लाख 73 हजार निर्माण कार्य पूर्णरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। इसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत 4 साल का रिकार्ड टूटा है। छत्तीसगढ़ में मनरेगा न सिर्फ मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है बल्कि उनके जीवन में व्यापक बदलाव भी ला रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के क्रियान्वयन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह अप्रैल में 2 करोड़ 57 लाख तथा माह मई में 3 करोड़ 15 लाख रोजगर सृजित हुआ इसप्रकार मई तक 5 करोड़ 82 लाख से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर विगत चार वित्तीय वर्ष के माह अप्रैल और मई में हुए सृजित मानव दिवस का आंकड़ा प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में मई माह तक 4 करोड़ 81 लाख, वर्ष 2022-23 में मई माह तक 1 करोड़ 19 लाख, वर्ष 2023-24 में मई माह तक 4 करोड़ 49 लाख तथा 2024-25 में मई माह तक 5 करोड़ 72 लाख रोजगार का सृजन हुआ है। मनरेगा अंतर्गत विगत 6 माह में 10 करोड़ 93 लाख मानव दिवस सृजित हुआ वही 1 लाख 73 हजार निर्माण कार्य पूर्ण हुआ।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक आजीविका संवर्धन एवं रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। अमृत सरोवर के निर्माण में प्रतिदिन लगभग 59 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, जो देशभर में सर्वाधिक है। अमृत सरोवर के क्रियान्वयन में प्रदेश के कार्यों का केंद्र स्तर पर सराहना की गई है। आगामी चार वर्षों में 8966 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायतों को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नियद नेल्लानार योजनान्तर्गत माओवाद प्रभावित ईलाके के 87 ग्रामों को चिन्हित कर मनरेगा योजना से वृहद पैमाने पर कार्यों की स्वीकृति कर नियमित रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं,जिससे उक्त अंदरूनी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार सुलभ हो रहा है। मनरेगा अंतर्गत वनाधिकार पट्टाधारी परिवारों को हितग्राहीमूलक कार्यों के माध्यम से जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश स्तर से विभागीय अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मनरेगा को रोजगार सृजन के साथ आजीविका संवर्धन हेतु दूरगामी मंशा के अनुरूप कार्यान्वयन के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में नियमित समीक्षा और राज्य स्तर से बेहतर क्रियान्वयन रणनीति का परिणाम है कि मनरेगा नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
- -अब तक 20 से अधिक उद्योग संगठनों से मिल चुके सुझाव, कई प्रदेशों की उद्योग नीति पर की जा रही स्टडी-उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने नई उद्योग नीति के लिए मेल आईडी पर सुझाव किए आमंत्रितरायपुर, 14 जून 2024/ उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 के पहले ड्राफ्ट को 31 जुलाई तक जारी करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। नई औद्योगिक नीति के लिए उद्योग विभाग द्वारा लगातार अलग-अलग उद्योग संगठनों से विचार-विमर्श कर उनके अमूल्य सुझाव लिए जा रहे हैं, अब तक प्रदेश के 20 अलग-अलग उद्योग संघों से सुझाव लिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिसा, मध्यप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के उद्योग नीति पर स्टडी भी विभाग द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश प्रोत्साहन बढ़ाने की दिशा में जोर दिया जा रहा है।उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं की नई औद्योगिक नीति में हर सेक्टर पर फोकस होना चाहिए। नए सेक्टर जैसे फार्मास्युटिकल, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल समेत अन्य सेक्टरों के उद्योग ज्यादा से ज्यादा लगें, ताकि रोजगार भी अधिक लोगों को मिले और प्रदेश में निवेश भी बढ़े। इन सेक्टरों के उद्योग लगने से प्रदूषण के बढ़ने की संभावना भी कम रहेगी।नई औद्योगिक नीति के लिए इस मेल आईडी पर भेज सकते हैं सुझावउद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया की नई औद्योगिक नीति 2024-29 के लिए मेल आईडी [email protected] पर या फिर सीधे विभाग में अपने अमूल्य सुझाव दे सकते हैं।उद्योग मंत्री स्वयं जाएंगे अन्य राज्य, उद्योग प्रतिनिधियों से लेंगे सुझावनई नीति के लिए उद्योग मंत्री श्री देवांगन स्वयं अन्य राज्यों का दौरा कर वहां के उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुझाव लेंगे। ताकि उन राज्यों के उद्योग नीति के अच्छे और प्रोत्साहन परक अनुदान मांगों पर अध्ययन परीक्षण किया जा सके। अभी हाल ही में मंत्री श्री देवांगन ने नई दिल्ली में आईसीसी के प्रतिनिधियों से नई नीति हेतु विचार विमर्श किया था।सभी मंत्रीगण और विभागों से भी लिए जाएंगे रायप्रदेश की नई औद्योगिक नीति के लिए सभी विभागों और मंत्री गणों से विमर्श के पश्चात ही आगे 5 वर्षों के लिए नीति बनाई जाएगी। ताकि नीति में सभी विभागों का समावेश हो और हर सेक्टर में उद्योग लग सके।
- -मुख्यमंत्री ने कहा कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना अंतर्गत भू-अर्जन की कार्यवाही जल्द-25 करोड़ की लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास-मुख्यमंत्री फरहदा में भक्त माता कर्मा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि आने वाले समय में मुंगेली जिला रेल नेटवर्क में शामिल हो जाएगा, इससे मुंगेली जिले में रेल की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि कटघोरा-डोंगरगढ़ विशेष रेल परियोजना के लिए राज्य शासन द्वारा 300 करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति दी जा चुकी है। शीघ्र ही भू-अर्जन की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। इस परियोजना अंतर्गत मुंगेली जिले में 38.02 किलोमीटर रेल लाईन गुजरेगी, जिससे इस क्षेत्र के लोग भी आने वाले समय में रेल सेवा से लाभान्वित होंगे। श्री साय आज मुंगेली जिले के ग्राम फरहदा में भक्त माता कर्मा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्राम फरहदा में साहू समाज के सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, आदिवासी एवं सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 6-6 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में लगभग 25 करोड़ से अधिक की राशि के 19 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने ग्राम फरहदा में शासकीय हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल के रूप में उन्नयन और ग्राम भालापुर से अचानकपुर तक और हरियरपुर से टेढ़ाधौंरा तक सड़क नवीनीकरण कार्य के लिए भी घोषणा की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने भक्त माता कर्मा प्राण-प्रतिष्ठा के लिए साहू समाज एवं उपस्थित सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की ग्राम फरहदा में भक्त माता कर्मा मंदिर का निर्माण बिना किसी शासकीय सहयोग के सभी ग्रामवासियों ने मिलकर करवाया है। यह ग्रामवासियों के सामूहिक एकता को दर्शाता है। उन्होंने बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से श्री तोखन साहू को सांसद के रूप में जिताने के लिए जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रीमंडल में सांसद श्री तोखन साहू को आवास एवं शहरी मामलों के केन्द्रीय राज्यमंत्री बनाया गया है, जो पूरे प्रदेश एवं इस क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा की हमारी सरकार विकास की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत दे रहे है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर-मुंगेली रोड से ग्राम फरहदा मार्ग जिसकी कुल लंबाई साढ़े पांच किलोमीटर है, बजट में इसे स्वीकृत किया गया है, जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के लिए समर्पित है। प्रदेश सरकार पानी, बिजली, आवास सहित विकास के सभी आयामों पर बेहतर तरीके से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में वाणिज्य, उद्योग, श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवागंन ने धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक रायपुर श्री मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद श्री लखनलाल साहू, पूर्व विधायक श्री विक्रम मोहले, श्री कृष्णमूर्ति बांधी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीलू साहू, श्रीमती अम्बालिका साहू, श्रीमती दुर्गा उमाशंकर साहू अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रदेश, जिला एवं तहसील साहू समाज के पदाधिकारीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में सामाजिक बन्धु मौजूद रहे।लोकार्पण और शिलान्यासमुख्यमंत्री श्री साय ने जिन कार्यों का लोकार्पण किया उनमें ग्राम पा. खम्हरिया में 1.89 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 33/11 व्ही सब स्टेशन, ग्राम कंतेली में 1.87 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित 33/11 के. व्ही सब स्टेशन और आगर व्यपवर्तन योजना के तहत 19 करोड़ 12 लाख 57 हजार रूपए की लागत से निर्मित 15 माईनर नहर में सी.सी. लाईनिंग व स्ट्रक्चरों के जीर्णाेद्वार के कार्य शामिल हैं। इसी तरह 01.37 करोड़ रूपए की लागत से नवागढ़ चौक से खैरवार बायपास रोड में 06 किलोमीटर तक एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य, 34.35 लाख रूपए की लागत से देवरी से खेढ़ा कालोनी में एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य, शासकीय हाईस्कूल फुलवारी एफ., जोता, भटगांव तथा हायर सेकेण्डरी स्कूल खुड़िया, बैगाकापा, सुकली, देवरहट, मनोहरपुर, नगर पालिका मुंगेली, पदमपुर, जरहागांव, सिलतरा, लौदा और बैतलपुर में प्रत्येक में 07 लाख 63 हजार रूपए की राशि से कक्ष निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।
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रायपुर, /भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत वर्ष 2023-24 राष्ट्रीय कार्यक्रम सुप्रजा सचालित किया जा रहा है।
सुप्रजा कार्यक्रम गर्भवती, नवजात शिशु की देखभाल एवं सुरक्षा हेतु प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में राज्य के 06 जिलों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, धमतरी) के कुल 28 संस्थाओं में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को भारत सरकार की गाईडलाइन के तहत गतिविधियों जैसे प्रतिमाह गर्भवती जांच, शिशु विकास परीक्षण, गर्भवती महिलाओं को शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। उत्तम गुणयुक्त संतान प्राप्ति के लिए गर्भसंस्कार करवाया जा रहा है। गर्भावस्था अनुरूप आहार-विहार संबंधित सलाह (प्रत्येक माह अनुसार आयुर्वेद आहार) तथा प्रत्येक गर्मीणी को गर्भावस्था में किये जाने वाली उपयोगी योगासन की जानकारी योग प्रशिक्षक एवं आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा दी जा रही है। ज्यादा से ज्यादा गर्मीणी महिला योग का लाभ ले सके इसलिए आयुष संस्थाओं में योगसत्र का आयोजन भी किया जा रहा है। गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को आयुर्वेद औषधियां निःशुल्क प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भावस्था की जटिलताएं कम हुई हैं। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी की संख्या घट रही है। जननी एवं नवजात शिशु की प्रसवोत्तर 06 माह तक चिकित्सक द्वारा फॉलोअप किया जा रहा है तथा नवजात शिशु को स्तनपान करवाने हेतु जननी को सलाह दी जा रही है।अब तक सुप्रजा कार्यक्रम के तहत विगत 05 माह में चिन्हांकित 28 संस्थाओं में लगभग 945 गर्भिणी महिलाओं ने लाभ प्राप्त किया है। गर्भवती माताओं में आयुर्वेदिक जीवनशैली तथा गर्भ की देखभाल के प्रति रुझान में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, इसलिए छत्तीसगढ़ आयुष संचालक इफ्फत आरा के आदेशानुरूप सुप्रजा कार्यक्रम के द्वितीय चरण में 20 अन्य संस्थाओं में भी यह कार्यकम राष्ट्रीय संचालित करने की योजना है। - -जिला कार्यालयों में सुचारू रूप से संचालित होने लगा दैनिक कार्य-ग्रामीण भी आवेदन लेकर पहुंच रहे कार्यालयों में-कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 11 हितग्राहियों को तत्काल जारी किया गया नया राशन कार्डरायपुर / बलौदाबाजार के कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में बीते दिनों हुई आगजनी की घटना के बाद अब जिले में शांति का वातावरण है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कार्यालयों में अब दैनिक व शासकीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से होने लगा है। जिले के ग्रामीणों द्वारा भी अब जिला कार्यालयों में आकर अपनी समस्याओं व शासकीय कार्यों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री सोनी के निर्देश पर आज 11 हितग्राहियों को उनकी मांग पर तत्काल राशनकार्ड जारी कर किया गया। वहीं दो दिनों में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से 389 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है।बालौदाबाजार जिले के कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने आज यहां बताया कि जिले में कलेक्टोरेट (कम्पोजिट बिल्डिंग) में आगजनी की घटना के बाद एक ओर जहां रेस्टोरेशन के कार्यों में तेजी लाई गई है, वहीं दूसरी ओर दूर दराज से कामकाज के सिलसिले में ग्रामीण आवेदन लेकर जिला कार्यालय पहुंच रहे है। कलेक्टर ने बताया कि आज खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवदेक राशन संबधित कार्यों के सिलसिले में पहुंचे थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवीनकरण राशन कार्ड प्रदान किया गया।कलेक्टर श्री सोनी ने इस दौरान ग्रामीणों का हालचाल पूछा और कामकाज के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीण कविता बाई ने महिला समूह से जुड़कर काम करने की इच्छा जताई जिस पर कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि हम आने वाले दिनों में बिहान समूह का विस्तार करते हुए आजीविका गतिविधियों में तेजी लाएंगे और आपको समूह से जोड़कर आजीविका गतिविधियों से प्रशिक्षित भी करेंगे। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से श्रीमती दुर्गेश्वरी यादव, छाछी से श्रीमती प्रीति साहू, सेल से श्रीमती गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा, 8 नवीकरण राशन कार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। सभी ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।इसी तरह ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे कुमारी मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे, जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने लोगों से छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप नवीन आधार कार्ड अपग्रेड करने के लिए प्रेरित किया।गौरतलब है कि कलेक्टर श्री दीपक सोनी आज सुबह 10 बजे जिला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियमित कामकाज करते हुए अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सोनी ने आमजनों से मुलाकात कर उनके आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।
- रायपुर, / निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई), 2009 के प्रभावी कियान्वयन हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठन का किया गया है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर सहित 9 सदस्यीय जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत), आयुक्त, नगर निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, सहायक आयुक्त, आ.जा.क.वि.वि., जिला समन्वयक, मिशन संचालक, समग्र शिक्षा, एक प्राचार्य, एक पालक को सदस्य बनाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।जिला स्तरीय समिति का उत्तरदायित्व होगा कि जिलों में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा पूरी होने तक विद्यालयों में बनाये रखने हेतु सतत प्रयास करेगा। विद्यालयों में आर.टी.ई. पोर्टल में लॉटरी के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करवाना एवं विद्यालयों में इन विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो यह सुनिश्चित करना। जिलों में संचालित सभी गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय आर.टी.ई. पोर्टल पर पंजीकृत हो यह सुनिश्चित करना।इसी प्रकार निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत विद्यालयों के द्वारा विद्यार्थियों को स्कूल पाठ्यपुस्तकें, गणवेश एवं लेखन सामग्री विद्याथियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना है। इसका पालन सुनिश्चित करायें। जिला स्तरीय समिति नियमित रूप से समीक्षात्मक बैठकों का त्रैमासिक आयोजन करेगी तथा विद्यालयों के सघन निरीक्षण का तंत्र विकसित कर जिले में इस योजना के सफल संचालन हेतु उत्तरदायी होगी। जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर समिति के सदस्य के रूप में एक प्राचार्य और एक पालक को नामांकित करेंगे।
- -आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा समीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले में हो रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा आज समीक्षा की गई। नीति आयोग नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के 20 विकासखण्डों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और ब्लॉक फैलो से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें।राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सभी के समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास के दौर में पिछड़ चुके जिलों में समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबंधित सेवाएं, बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास के सभी इंडीकेटर पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में यह देखा जाना चाहिए कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे हो रहा है। बैठक में उन्होंने बेसलाईन डाटा में किए गए सुधार और कार्यक्रम से जुड़े अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की।श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्य को स्थानीय बनाया जाए। बैठक में भारत नेट परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। व्यवस्थित ढंग से डाटा एंट्री के लिए ट्रेनिंग की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। इस मौके पर सभी ब्लॉक फैलो और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के संबंध में पावर प्वाइंट के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन भी दिया।बैठक में नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रितेश अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, कृषि, स्कूल शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग हर एक योजना की विस्तृत समीक्षा की-स्वास्थ्य अमले का युक्तियुक्तकरण करने के निर्देश, विशेषज्ञ डाक्टरों की होगी नियुक्ति, बनेगी कार्ययोजना-संस्थागत प्रसव शतप्रतिशत करने मिशन मोड पर होगा काम-108 का रिस्पांस टाइम होगा बेहतर, कमियां दूर करने मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश-नियद नेल्लानार योजना के हितग्राहियों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने दिये निर्देशरायपुर / प्रदेश के सुपेबेड़ा में लंबे समय से किडनी पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की सुविधा के लिए गरियाबंद में किडनी यूनिट आरंभ की गई है लेकिन इस समस्या के स्थाई निदान पर भी काम करने की जरूरत है। इसके लिए बीमारियों के कारण जानने संबंधी जो भी रिसर्च किया जा सकता है वह किया जाए। इसके साथ ही मरीजों के पर्याप्त इलाज की सुविधा भी हो ताकि सुपेबेड़ा के लोगों को भविष्य में किडनी संबंधी समस्याओं से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। साथ ही पंखाजूर जैसे क्षेत्रों में जहां अधिक मरीज आ रहे हैं, वहां डायलिसिस सेंटर की स्थापना की जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कही। 4 घंटे से अधिक समय तक चली इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी ली एवं उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 महीने में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। पिछली सरकार में जो काम अधूरे रह गए थे उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए मौसमी बीमारियों की आशंका से निपटने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। एंटी वेनम आदि की उपलब्धता भी रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में युक्तियुक्तकरण की जरूरत है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ्य अमले की कमी है वहां पर पर्याप्त स्वास्थ्य अमले की पदस्थापना की जाए। विशेषज्ञ डाक्टरों की पूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पदस्थापना के समय विशेष रूप से यह ध्यान दिया जाए कि कहीं पर गाइनिकोलॉजिस्ट की पदस्थापना की जाती है तो वहां पर एनेस्थीसिया के चिकित्सक भी हो ताकि वहां पर जरूरत पड़ने पर आसानी से सीजेरियन डिलीवरी हो सके।मुख्यमंत्री ने रिस्पांस टाइम के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108, 102 और शव वाहन जैसी गाड़ियां अच्छी स्थिति में रहे। 108 जैसी गाड़ियों की स्क्रीन में ड्राइवर को पता चल जाए कि उसे मरीज को कौन से निकटतम अस्पताल में ले जाना है। सबसे निकट के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को भी मैसेज के माध्यम से अलर्ट कर दिया जाए ताकि अस्पताल में इमरजेंसी रिस्पांस की तैयारी की जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग मुख्यालय में कम से कम 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत प्रसव को शत प्रतिशत करना सबसे अहम कार्य है। इसके लिए नियमित अंतराल पर एएनसी जांच करना सुनिश्चित करें। शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए अस्पताल में न्यू बार्न केयर यूनिटों को बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अधिकतम संख्या में लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में जो खामियां हैं उन्हें दूर करें। नियद नेल्लानार योजना के सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बन जाए, यह सुनिश्चित करें। इसके लिए आधार कार्ड बनाने इन क्षेत्रों में नियमित कैंप लगाया जाए।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड से लाभ दिया जा रहा है। 6 महीने में 1373 हितग्राहियों ने एक करोड़ 38 लाख रुपए के क्लेम किए हैं।मुख्यमंत्री ने जन औषधि केंद्रों पर भी विशेष फोकस करने कहा। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र ऐसी जगह पर स्थापित किए जाएं जहां अधिकाधिक संख्या में लोग दवा लेने सुविधा से पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के अभियान में काफी सफलता मिली है लेकिन बस्तर को मलेरिया मुक्त करने इसे और बेहतर करने की जरूरत है।सिकल सेल के संबंध में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल के मरीजों की नियमित रूप से काउंसलिंग हो और इनका बेहतर उपचार होता रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में जहां उपकरण तो है लेकिन आपरेटर नहीं है वहां ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए। कीमोथेरेपी की सुविधा का विस्तार करें। डायलिसिस की सुविधा का लाभ ब्लॉक मुख्यालयों में भी आरंभ करें। मुख्यमंत्री ने मानसिक मरीजों के लिए भी नए अस्पताल आरंभ करने अधिकारियों को निर्देशित किया।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में अधिकारियों को कहा कि छत्तीसगढ़ लिंगानुपात में बेहतर स्थिति में है। हमें इसे और अच्छा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिरायु योजना शासन की बहुत अच्छी योजना है इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए ताकि इसका लाभ अधिकतर लोग उठा सकें। श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शहरी क्षेत्रों के मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं धन्वंतरी जैसी योजनाओं को स्वास्थ्य विभाग में शामिल कर दिया जाए, ताकि बेहतर समन्वय से इन योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन किया जा सके।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसव राजू एस, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री ऋतुराज रघुवंशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री जगदीश सोनकर, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक श्री कुलदीप शर्मा, सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, आयुष की प्रबंध संचालक सुश्री इफ्फत आरा,चिकित्सा शिक्षा के संचालक डॉक्टर यू एस पैकरा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर /राज्य शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मस्योद्योग अधिनियम 1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। अतएव प्रदेश के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं में किये जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपर मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के चार अधिकारियों सुश्री अनुपमा आनंद, श्री तन्मय खन्ना, श्री एम भार्गव और श्री दुर्गाप्रसाद अधिकारी को छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में इन अधिकारियों ने आठ सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात इनकी पदस्थापना रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग व जांजगीर-चांपा जिलों में की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनसे प्रशिक्षण के दौरान हुए अनुभवों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रशिक्षण अवधि का पूरा लाभ उठाकर प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करें ताकि उत्कृष्टता के साथ पदेन दायित्वों का निर्वहन कर सकें। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपके पास राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टीसी महावर और प्रशिक्षण संचालक श्रीमती सीमा सिंह उपस्थित रहीं।
- -गंभीर, अस्पताल में भर्ती, मुख्यमंत्री द्वारा श्रेष्ठतम उपचार के निर्देशरायपुर, । तेज आंधी-तूफान-बारिश के कारण 13 जून को सरायपाली अंचल में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई, जिसमें सुधार के लिए बिजली कर्मियों के दल के साथ कार्यपालन अभियंता (एक्जिक्यूटिव इंजीनियर) श्री आर.के अरोरा भी मौके पर उपस्थित थे। पीपल पेड़ की एक मोटी शाखा उनके ऊपर गिर जाने से श्री अरोरा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी श्री पी. दयानंद, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी द्वारा तत्काल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दी गई। जिस पर श्री साय ने श्री अरोरा को श्रेष्ठतम उपचार दिलाने के निर्देश दिए, साथ ही उनकी कर्तव्य-परायणता की सराहना की है।श्री दयानंद ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बात को लेकर संतोष जताया है कि प्राकृतिक संकट के दौरान विद्युत मण्डल के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात की परवाह किए बिना फील्ड पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। अपने मातहत दल के साथ सुधार कार्यों में तत्परता दिखा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 13 जून के अंाधी-तूफान-बारिश में सरायपाली शहर सहित आसपास के गांवों, बलौदा, मलदामाल आदि स्थानों पर 33 के.वी. तथा 11 के.वी. लाइनों के ऊपर पेड़ों की भारी शाखाएं टूटकर गिर गई थी। 11 के.वी के 7 तथा 132 के.वी के 5 फीडर प्रभावित हुए थे। रात करीब 9ः30 बजे जब सरायपाली में 33 के.वी. उपकेंद्र के पास 33 के.वी. लाइन पर सुधार किया जा रहा था, तब पीपल पेड़ की एक मजबूत टहनी श्री अरोरा के ऊपर गिर गई, जिससे उनके सिर, पसलियों और पैरों में चोट आई है। वे बेहोश होकर गिर पड़े थे। घटना की सूचना तत्काल एम.डी. पारेषण श्री राजेश कुमार शुक्ला, ई.डी. श्री भीमसिंह कंवर तथा श्री संदीप वर्मा को मिली। निर्देशानुसार श्री अरोरा को रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल लाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई गई है। एम.डी. श्री शुक्ला ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचकर श्री अरोरा तथा उनके परिवारजनों से भेंट की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। इस घटनाक्रम के बीच सरायपाली में विद्युत आपूर्ति बहाली का काम भी पूरा किया गया।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज मैराथन बैठक लेकर शासकीय भवनों, सड़कों आदि निर्माण कार्यो की विस्तार से समीक्षा की। सभी कार्यो को तय सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश संबंधित निर्माण एजेंसियों को दिए है। जल जीवन मिशन के कामों में धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों को तलब किया है। उन्होेंने निर्माण कार्योे की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इसमें किसी प्रकार की कोताही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, राष्ट्रीय राजमार्ग, एडीबी, पीएमजीएसवाई और नगरीय निकायों में संचालित निर्माण कार्यो की गहन समीक्षा की गई।कलेक्टर ने नगर निगम को निर्देश दिए कि बारिश के पहले सभी नालों की साफ-सफाई अनिवार्य रूप से कर ली जाए ताकि जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने बीटी के चल रहे कामों को जल्द पूरा करने कहा। कलेक्टर ने विभागवार एक-एक प्रगतिरत कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि जमीन विवाद के कारण किसी कार्य में विलंब हो रहा है तो इसकी जानकारी दे ताकि टीएल बैठक में इसका निराकरण किया जा सके। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पीव्हीटीजी बैगा बहुल इलाकों में बसाहटों को जोड़ने के लिए प्राथमिकता से काम करने कहा हे। कलेक्टर ने कहा कि ईई से लेकर सब इंजीनियर तक सभी लगातार फील्ड का दौरा कर कामों की गुणवत्ता मॉनिटर करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच कही समन्वय में दिक्कत आ रही है तो तत्काल इसकी जानकारी दे ताकि इसका निराकरण किया जा सके। निर्माण कार्यो को समय-सीमा के भीतर पूरा होना जरूरी है ताकि लोगों को समय पर इसका लाभ मिल सके। कलेक्टर ने निर्माण कार्यो में निर्धारित मापदंडों और प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए जिससे कामों की गति और गुणवत्ता बरकार रखने कहा।बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान, संयुक्त कलेक्टर श्री मनीष साहू, सभी जोन कमिश्नर, सभी निर्माण एजेंसियों के कार्यपालन अभियंता सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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दुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में 21 जून 2024 को दशम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन पंडित रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में सुबह 06 बजे से 07 बजे के मध्य होगा। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक द्वारा जिलेवासियों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने हेतु निमंत्रित किया गया है।
















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