- Home
- छत्तीसगढ़
-
महासमुंद। महासमुंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल शिशुपाल पर्वत से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहाँ सांकरा थाना क्षेत्र के दो युवक-युवती ने पर्वत से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पिथौरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम बारीकपाली के दो परिवारों में उस वक्त मातम छा गया, जब घर से निकले युवक और युवती के शिशुपाल पर्वत से कूदने की खबर मिली। युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि दोनों कल दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच अपने घर से निकले थे। शिशुपाल पर्वत पहुँचने के बाद उन्होंने फोन पर अपने परिजनों को इस आत्मघाती कदम की सूचना दी। बदहवास परिजन जब शाम 6 बजे मौके पर पहुँचे, तो उन्हें पर्वत के नीचे केवल उनकी मोटरसाइकिल खड़ी मिली।परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से कल देर रात 12 बजे तक ऊबड़-खाबड़ रास्तों और झाड़ियों में दोनों की तलाश की, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। आज सुबह घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँच चुकी है। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इन दोनों ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया - भिलाईनगर । भिलाई नगर क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मचारी से 45.18 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद भिलाई नगर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आमदी नगर, हुडको निवासी 61 वर्षीय जयंत बागची ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को फेसबुक देखते समय उन्हें निवेश संबंधी बातें दिखाई गईं। इन बातों से प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन कराया। प्रार्थी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर पंजीयन शुल्क के रूप में 18,998 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद कथित अकाउंट मैनेजरों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर लगातार रकम जमा करानी शुरू कर दी।आरोपियों ने खुद को अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग नेटवर्क से जुड़ा बताया। इसी भरोसे में जयंत बागची ने अलग-अलग तारीखों में कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपये निवेश कर दिए। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने ट्रेडिंग खाते में भारी लाभ दिखाया और करीब 2.70 लाख अमेरिकी डॉलर की निकासी का विकल्प बताया। लेकिन जब प्रार्थी ने रकम वापस मांगी तो क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन और टैक्स के नाम पर पहले 34 लाख रुपये, बाद में 12 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया। लगातार अतिरिक्त रकम की मांग और संदिग्ध गतिविधियों के बाद प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी।प्रार्थी जयंत बागची की रिपोर्ट पर भिलाई नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 0217/26 दर्ज किया है। पुलिस ने मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के धारकों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खाते, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि ठगी में शामिल नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
- कोण्डागांव । जिले की पारंपरिक शिल्पकला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राजस्थान की प्रतिष्ठित संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट्स एंड डिजाइन (IICD), जयपुर के विशेषज्ञों ने कोण्डागांव के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर यहां के शिल्पकारों के कौशल को नजदीक से समझा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप ढालना तथा शिल्पकारों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ गांव-गांव पहुंचकर शिल्पकारों से सीधे संवाद करते हुए उनके कार्यों का अवलोकन कर सराहना की।ग्राम करनपुर में ढोकरा शिल्प की जटिल निर्माण प्रक्रिया ने विशेषज्ञों को विशेष रूप से प्रभावित किया। वहीं ग्राम छोटेराजपुर एवं कुसमा में रॉट आयरन शिल्पकला को बारीकी से समझते हुए संबंधित समूहों से चर्चा की गई और बाजार से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।इस दौरान राज्य कार्यालय से सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनोज मिश्रा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोण्डागांव श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री कुंजलाल सिन्हा ने शिल्पकारों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित किया।विशेषज्ञों ने माना कि कोण्डागांव के शिल्पकारों में अद्भुत कौशल और सृजनात्मकता है। उन्होंने कहा कि यदि इन उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर फिनिशिंग और प्रभावी ब्रांडिंग का सहयोग मिले, तो इनके मूल्य में कई गुना वृद्धि संभव है। साथ ही उन्होंने बाजार के नए रुझान, ग्राहकों की पसंद और आकर्षक पैकेजिंग के महत्व के प्रति शिल्पकारों को जागरूक किया।इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईआईसीडी जयपुर ने बस्तर के शिल्पकारों को जयपुर आमंत्रित किया है, जहां उन्हें विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से ई-कॉमर्स, डिजाइन नवाचार और आधुनिक विपणन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। संस्था का उद्देश्य शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन मानकों में दक्ष बनाकर उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।ऐसे बदलेगी शिल्पकारों की तकदीरइस पहल के अंतर्गत शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जयपुर में प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर से शिल्पकारों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ेगी और आय में वृद्धि होगी।मोर सुआद के व्यंजनों का लिया स्वादजयपुर से आए IICD के प्रतिनिधियों ने ‘मोर सुआद’ के तहत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। ‘मोर सुआद’ का संचालन कर रही लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके नवाचार की प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।
- -अस्पतालों व होटलों में की जा रही सघन जांचमुंगेली । जिले में नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री और औषधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान तेजी से जारी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में यह अभियान 11 मई तक संचालित किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा अभियान के अंतर्गत जिले में निजी अस्पतालों एवं उनसे जुड़ी फार्मेसियों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वैक्सीन स्टोरेज एवं कोल्ड चैन व्यवस्था का विशेष रूप से परीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश स्थानों पर वैक्सीन निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखी गई थीं। हालांकि, कुछ अस्पतालों में रेफ्रिजरेटर में पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में भी वैक्सीन सुरक्षित रह सके।इसी तरह खाद्य शाखा द्वारा शहर के प्रमुख होटल एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों में भी सघन निरीक्षण किया गया। कुल 08 प्रतिष्ठानों की जांच में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर किचन व बर्तनों की नियमित सफाई, कर्मचारियों को हेड कवर व एप्रन पहनने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कीट नियंत्रण के लिए इंसेट कैचर लाइट लगाने और डस्टबिन को ढंककर रखने की सलाह दी गई। जिन प्रतिष्ठानों के पास खाद्य पंजीयन नहीं पाया गया, उन्हें तत्काल पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीयन संचालन करने पर कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ एवं पंजीकृत होटल-रेस्टोरेंट में ही भोजन करें। भोजन की गुणवत्ता या स्वच्छता में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, वैक्सीन केवल पंजीकृत चिकित्सकों से ही लगवाने और चोट या पशु काटने की स्थिति में आवश्यक टीकाकरण अवश्य कराने की सलाह दी गई है।
- -छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना-भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवासरायपुर ।छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री श्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया।श्री कश्यप ने कहा कि सरोधा दादर का वातावरण इतना सुकून, शांतिपूर्ण और स्फूर्तिदायक है कि यहाँ एक दिन का प्रवास भी कम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यहाँ का मौसम और नैसर्गिक परिवेश मानसिक शांति, योग और ध्यान के लिए सर्वथा उपयुक्त है। पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सतत विकास के कारण छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को भी वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सानिध्य में पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली का एक अनूठा और जीवंत अनुभव प्राप्त होता है। प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे शीघ्र ही पुनः इस शांत और सुरम्य स्थल का भ्रमण करेंगे। यह प्रवास क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
- -घने जंगलों और पहाड़ों के बीच पहली बार चमके बिजली के बल्ब-ग्रामीणों ने कहा- यह किसी चमत्कार से कम नहींरायपुर । छत्तीसगढ़ के धोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाकों में शामिल सुकमा जिले के पुसगुड़ा गांव में आखिरकार विकास का नया सूरज उगा है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद गांव के 106 घरों में पहली बार बिजली का कनेक्शन पहुँचा है। कोंटा विकासखंड के अंतर्गत घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव के लिए यह महज एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है।साहस और संकल्प की जीतजिला मुख्यालय से लगभग 108 किलोमीटर दूर स्थित पुसगुड़ा तक पहुँचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। कच्चे रास्ते, ऊंची चढ़ाई और दलदली पगडंडियों के कारण यह क्षेत्र दशकों तक मुख्यधारा से कटा रहा। प्रशासन ने इस दुर्गम कार्य को श्मिशन मोडश् में हाथ में लिया और विभाग की टीम ने मानव श्रम व स्थानीय सहयोग से खंभे और तार जंगलों के पार पहुँचाए।कलेक्टर का वक्तव्यसुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पुसगुड़ा तक बिजली पहुँचाना प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनहित के संकल्प की परीक्षा थी। यह केवल उजाला नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य और गांव के आत्मविश्वास का नया सवेरा है। शासन की प्राथमिकता अंतिम छोर पर बसे हर गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुँचाना है।गांव की निवासी श्रीमती सुन्नम लक्ष्मी ने भावुक होते हुए कहा कि गांव में बिजली आना उनके लिए किसी चमत्कार जैसा है। अब गांव में टीवी, पंखा और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और बच्चों की पढ़ाई रात में भी सुगम हो सकेगी। वर्षों से लालटेन की मद्धम रोशनी पर निर्भर रहने वाला पुसगुड़ा अब आधुनिकता की ओर कदम बढ़ा रहा है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के कार्यपालन अभियंता श्री हिलोन ध्रुव ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जहाँ मशीनें नहीं पहुँच सकीं, वहाँ विभागीय टीम ने कड़ी मेहनत कर समयबद्ध तरीके से लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।छत्तीसगढ़ के सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई किरण देखने को मिल रही है। हाल ही में, बस्तर क्षेत्र के बेहद दुर्गम गांव पुसगुड़ा में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार बिजली पहुँचने से वहां की रातों का अंधेरा दूर हुआ है। गांव में बिजली पहुँचने पर मुंदराजू, सुन्नम रामे, तोड़म सच्चू और अन्य ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया।मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने “लखपति दीदी” श्रीमती सुमिला कोरवा और श्रीमती पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले। इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -सादगी और अपनापन: बच्चों के साथ खेलते दिखे मुख्यमंत्री श्री साय-सीएम का स्नेहिल अंदाज: बच्चों के साथ खेलकर बढ़ाया उत्साहरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी।बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके। मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।
- -भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्यों का किया अवलोकन, दिए आवश्यक दिशा-निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इसके पश्चात सभी ने भोरमदेव के निर्माणाधीन कॉरिडोर का निरीक्षण किया। जहां उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण रूप से समय सीमा में पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल रहे।
- -'एक पेड़ माँ के नाम' के तहत रोपा पौधा-सिकल सेल जांच और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने के निर्देशरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज धमतरी के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जल संरक्षण, "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान, कामकाजी महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता, नशा मुक्ति, जनमन कार्यक्रम और रेडक्रॉस गतिविधियों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधा भी रोपा।योजनाओं का प्रस्तुतीकरणकलेक्टर धमतरी श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जल जीवन मिशन, जल संरक्षण, कृषि में एआई के उपयोग, पर्यटन विकास और नवाचारों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने नशा मुक्ति अभियान के तहत की गई कार्रवाई और दर्ज प्रकरणों की जानकारी साझा की।जल संकट पर जताई चिंताराज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन धान अधिक पानी वाली फसल है। आने वाले वर्षों में जल संकट गंभीर हो सकता है, इसलिए अभी से पानी बचाने पर काम करना होगा। उन्होंने कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।पौधरोपण बने जन आंदोलनराज्यपाल ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं पौधरोपण कर नियमित देखभाल करने की अपील की, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में पहचान बनें। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खाली भूमि पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण के निर्देश दिए।महिला स्वास्थ्य पर विशेष निर्देशस्वास्थ्य के मुद्दे पर राज्यपाल ने सिकल सेल बीमारी और मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए मरीजों की जानकारी ली। उन्होंने 40 वर्ष से अधिक आयु की शासकीय एवं कामकाजी महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और महिलाओं को स्वयं भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने को कहा।कमार जनजाति के उत्थान पर चर्चाजनमन कार्यक्रम के तहत कमार जनजाति के जीवन स्तर में सुधार पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि उनकी पारंपरिक संस्कृति को बनाए रखते हुए उन्हें स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर जीवन सुविधाओं से जोड़ा जाए।एलोरा फसल और फूड प्रोसेसिंग की सराहनाराज्यपाल ने जिले में एलोवेरा फसल की खेती की सराहना करते हुए इसके व्यापक बाजार की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के सुझाव दिए। साथ ही रेडक्रॉस से जुड़कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।राज्यपाल ने अधिकारियों से समाज हित में स्वच्छता, जागरूकता या सहयोग से जुड़ा कम से कम एक सकारात्मक कार्य व्यक्तिगत स्तर पर करने की अपील की। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने राज्यपाल को स्मृति चिह्न भेंट किया।
-
-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ
-वन्यजीव, पहाड़ और झरनों के बीच पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव-भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा से शुरू होगी 36 किमी की जंगल सफारीरायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री लोकचंद साहू, अध्यक्ष, संयुक्त वन प्रबंधन समिति थवरझोल श्री जग्गू सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा श्रीमती दुर्गा लांझे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन रायपुर श्री अरुण कुमार पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर श्री गुरूनाथन एन., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफारी के संचालन में वाहन चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। सफारी प्रारंभ होने से अब प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ आकर विभिन्न वन्यजीवों और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगे। सांसद श्री पाण्डेय ने भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ पर सभी जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से कबीरधाम को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोड़ना है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है। सफारी मार्ग को इस प्रकार विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाड़ियों, नदियों और घास के मैदानों के बीच प्रकृति को उसके वास्तविक स्वरूप में अनुभव कर सकें।भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।सफारी के दौरान पर्यटकों को विभिन्न इन आकर्षक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगाटेडगा सालेह ग्रास लैंड – जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं।जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड – संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग।बर खोल्हा व्यू प्वाइंट – चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव।बकोदा ग्रासलैंड – साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं।दूरदूरी झरना – जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है।भाई-बहन कोरा – स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल।बाज़ार डोंगरी – सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है।कारियाआमा – प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। - बच्चों के साथ खेला क्रिकेट, ग्रामीण बच्चों से किया संवादबच्चों को क्रिकेट किट उपलब्ध कराने के दिए निर्देशजशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल मैदान पहुंचे। मुख्यमंत्री जब विद्यालय परिसर पहुंचे, तब उन्होंने स्कूल के मैदान में बच्चों को क्रिकेट खेलते देखा। बच्चों का उत्साह देखकर वे स्वयं रुक गए और उनके साथ मैदान में उतरकर क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत करते हुए पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और खेलकूद के प्रति उनकी रुचि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों और स्कूली बच्चों से सीधे संवाद किया। बच्चों में खेल के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के बच्चों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी बेहतर खेल सुविधाओं से जुड़ सकें और अपने कौशल का विकास कर सकें। इस दौरान उनका सहज और आत्मीय व्यवहार देखने को मिला, जिसने स्थानीय लोगों का मन जीत लिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी चर्चा की और उनके अनुभव एवं खेल से जुड़े पहलुओं को जाना। बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और खेल गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, विकास कार्यों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने गांव के समग्र विकास के लिए प्रशासन को आवश्यक पहल करने के संकेत दिए। मुख्यमंत्री का यह औचक निरीक्षण न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज क्षणों ने ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल भी बनाया।
- नन्हीं मानविका के सपनों को मिला मुख्यमंत्री का स्नेहिल स्पर्शभैंसामुड़ा में आत्मीय मुलाकात ने जीता सबका दिल“डॉक्टर बनना है” सुनकर मुस्कुराए मुख्यमंत्री, बढ़ाया हौसलारायपुर /सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है। मुख्यमंत्री श्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - "मुझे डॉक्टर बनना है", तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है।यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।
- मुख्यमंत्री ने ईंट जोड़कर किया श्रमदान : भैंसामुड़ा में पीएम आवास निर्माण का किया औचक अवलोकनहितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने जताया आभाररायपुर /सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी।विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है।इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया।हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री श्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय और अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- सुशासन तिहार बना सहारारायपुर/ सुशासन तिहार के तहत ग्राम कठिया, अभनपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ने गृहिणी श्रीमती ऐश्वर्या ध्रुव के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क गैस कनेक्शन, चूल्हा और सुरक्षा नली प्रदान की गई, जिससे अब उनका दैनिक जीवन पहले से कहीं अधिक सरल हो गया है।श्रीमती ऐश्वर्या को खाना बनाने के लिए लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ता था। धुएं और गर्मी के बीच काम करना उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन अब समस्याएं समाप्त हो गई है।श्रीमती ऐश्वर्या ने बताया कि योजना के तहत आवेदन किया, जांच उपरांत खाद्य विभाग द्वारा उनका चयन किया गया और शिविर में कैबिनेट मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब के हाथों गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ।गैस चूल्हा मिलने के बाद श्रीमती ऐश्वर्या ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन्हें वास्तविक लाभ मिला है और सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।
- सुशासन तिहारमुख्यमंत्री श्री साय ने खुद चुकाया सामान का मूल्य : मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसालरायपुर /प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।मुख्यमंत्री श्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।” उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है।सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनहित में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कठिया में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम नवागांव निवासी दो भाई-बहन सुश्री खुशबू साहू एवं श्री पूनम कुमार साहू का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस मौके पर ही बनाकर प्रदान किया गया।सुश्री खुशबू साहू ने बताया कि वे लंबे समय से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहती थीं, लेकिन लाइसेंस केंद्र दूर होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में आवेदन करने के साथ ही आज उन्हें तत्काल लाइसेंस प्राप्त हुआ। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।इसी प्रकार श्री पूनम कुमार साहू ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने के कारण उन्हें कॉलेज आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविर में उनका लर्निंग लाइसेंस बन जाने से अब उन्हें राहत मिली है। उन्होंने भी इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया
- 0- प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में कुशल सहायक श्री गेंदलाल वर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक - 02 पडरभट्टा एवं कलाकार श्री संतोष चंद्राकर ने आंगनबाड़ी केंद्र नयापारा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- ग्राम कठिया में लगे शिविर में श्रम विभाग ने किया त्वरित पंजीयन, श्रमिकों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम कठिया में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम गोरभट्टी निवासी श्री कोमल तारक, जो पेशे से मिस्त्री हैं, को मौके पर ही मजदूर कार्ड प्रदान किया गया।श्री कोमल तारक ने कहा मैं लंबे समय से अपना मजदूर कार्ड बनवाना चाहता था, लेकिन जानकारी के अभाव में नहीं बनवा पा रहा था। आज शिविर में आते ही मेरा कार्ड बन गया। अब मैं शासन की योजनाओं का लाभ ले सकूंगा। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद देता हूँ।पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज :- आयु 14 वर्ष से अधिक। मासिक आय शहरी क्षेत्र में 15,000 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र में 10,000 रुपये से अधिक न हो। आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र (अंकसूची/मतदाता परिचय पत्र/जन्म प्रमाण-पत्र), स्व-घोषणा पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटो। पंजीयन हेतु आवेदक की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य है, क्योंकि लाइव फोटो मौके पर लिया जाता है।
- 0- मुख्यमन्त्री बिजली बिल समाधान योजना से मिली राहतबिलासपुर. सुशासन तिहार 2026 आमजन के लिए राहत और समाधान का सशक्त माध्यम बन रहा है। ग्राम हरदी कला निवासी ननकी बाई के लिए यह वरदान साबित हुआ, आर्थिक कारणों से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान करने में असमर्थ ननकी बाई को योजना के तहत 23 हजार से अधिक की छूट मिली है, ननकी बाई ने इस राहत के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।ग्राम हरदी कला की ननकी बाई लंबे समय से बढ़े हुए बिजली बिल की समस्या से परेशान थीं। उनका कुल बिजली बिल 69,890 रुपये हो गया था, जिसे चुकाना उनके लिए अत्यंत कठिन था। ननकी बाई ने भावुक होकर बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह बिल का भुगतान नहीं कर पा रही थी। वह बिल को लेकर लगातार चिंता में थीं और समाधान का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था।सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने अपनी समस्या दर्ज कराई। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच की और मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत उन्हें राहत प्रदान की गई। इस योजना के तहत ननकी बाई को 23,115 रुपये की छूट मिली, उन्हीने रजिस्ट्रेशन के रूप में 6700 रुपए का भुगतान किया, जिसके बाद उनके बकाया बिल में कमी की गई। अब वे 45885 का भुगतान करेंगी जिसमे उन्हें किश्त की भी सुविधा मिलेगी।मुख्यमन्त्री बिजली बिल समाधान योजना से मिली इस राहत से भावुक ननकी बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें बड़ी मदद मिली है। अब वे आसानी से अपना बिजली बिल चुका पाएंगी।--
- 0- रानीडेरा समाधान शिविर बना जनसेवा का केंद्र, आवास स्वीकृति से आयुष्मान कार्ड तक मिली सुविधाएं0- सुशासन की ओर एक और कदम : रानीडेरा शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधानबिलासपुर. तखतपुर विकासखंड के ग्राम रानीडेरा में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 207 आवेदनों में से 196 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया। शेष 11 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा निर्धारित की गई। शिविर का शुभारंभ जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर किया।शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आमजनों को शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही, विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए चेक, स्वीकृति आदेश एवं आवश्यक दस्तावेज वितरित किए गए।श्रम विभाग की सियान सहायता योजना अंतर्गत घोघरा निवासी मजदूर राजाराम को 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।लोक सेवा केंद्र द्वारा 10 आधार कार्ड अपडेट किए गए, साथ ही 4 एमबीयू एवं 1 बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया पूरी की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सकेरी एवं रानीडेरा के 6 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति आदेश वितरित किए। समाज कल्याण विभाग की कृत्रिम अंग सहायता योजना के तहत जोगीपुर निवासी दिव्यांग अक्षय जगत को बैसाखी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 हितग्राहियों के मौके पर आयुष्मान कार्ड बनाकर वितरित किए गए। वहीं, भीमपुरी, घोघरा, जोगीपुर, रानीडेरा एवं जूनापारा के लगभग डेढ़ दर्जन श्रमिकों को जॉब कार्ड जारी किए गए। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 8 जाति प्रमाण पत्र जारी किए तथा महिला किसान राधा डनसेना को किसान किताब वितरित की।खाद्य विभाग ने दर्री और सिंघनपुरी के 6 हितग्राहियों को तत्काल राशन कार्ड उपलब्ध कराए। पीएचई विभाग को डोमनपुर, घोघरा और रानीडेरा में नए हैंडपंप खनन एवं टेप कनेक्शन से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। बिजली विभाग को बिजली मीटर स्थापना, जर्जर तारों के सुधार एवं अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने संबंधी मांगें मिलीं। शिविर में 13 नए श्रमिक पंजीयन किए गए। आयुर्वेद विभाग ने 55 मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियां वितरित कीं। पशुधन विकास विभाग द्वारा 27 पशुपालकों को कृमिनाशक एवं किलनीनाशक दवाइयां प्रदान की गईं।एसडीएम नितिन तिवारी एवं सीईओ सत्यव्रत तिवारी की देखरेख में आयोजित शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।--
- बिलासपुर. तखतपुर विकासखंड के ग्राम घोघरा निवासी बुजुर्ग श्रमिक श्री राजाराम साहू के लिए श्रम विभाग की सियान सहायता योजना कठिन समय में बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण अब वे पहले की तरह मेहनत-मजदूरी नहीं कर पा रहे थे, जिससे परिवार के भरण-पोषण की चिंता लगातार बनी हुई थी। ऐसे समय में श्रम विभाग की योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने उन्हें नई उम्मीद दी है।करीब 60 वर्ष की आयु के श्री साहू पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। लंबे समय तक मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले राजाराम साहू अब उम्र बढ़ने के साथ कठिन श्रम करने में असमर्थ हो रहे हैं। आय के सीमित साधनों के बीच आर्थिक संकट गहराने लगा था। इसी दौरान रानीडेरा में आयोजित समाधान शिविर में श्रम विभाग द्वारा उनके आवेदन का परीक्षण कर उन्हें सियान सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता कश्यप ने शिविर में उन्हें सहायता राशि का चेक सौंपा। चेक मिलते ही राजाराम साहू के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। उन्होंने कहा कि यह सहायता उनके लिए किसी संबल से कम नहीं है और इससे परिवार की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। श्री साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सियान सहायता योजना बुजुर्ग श्रमिकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने अन्य श्रमिकों से भी विभाग में पंजीयन कर शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। समाधान शिविर में मौजूद सहायक श्रम आयुक्त श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके।--
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एक बार फिर जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 32 वर्षीय युवक को नया जीवन दिया है। गिरने के कारण बिगड़ चुकी हिप रिप्लेसमेंट की स्थिति को सुधारते हुए डॉक्टरों ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण रिविजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर मरीज को दोबारा सामान्य जीवन की राह पर लौटा दिया। यह सफलता सिम्स की उन्नत चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता का उदाहरण मानी जा रही है।बिलासपुर निवासी अमन कश्यप का लगभग एक वर्ष पूर्व सिम्स में दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण किया गया था। ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य दिनचर्या की ओर लौट रहा था। लेकिन कुछ समय बाद घर पर अचानक गिर जाने से उसके कूल्हे में लगाए गए इम्प्लांट अपनी स्थिति से खिसक गए। इसके बाद मरीज को तेज दर्द, चलने में कठिनाई और कूल्हे में अस्थिरता की गंभीर समस्या होने लगी।स्थिति बिगड़ने पर मरीज ने सिम्स के अस्थिरोग विभाग में संपर्क किया। डॉ. संजय घिल्ले की सलाह पर किए गए एक्स-रे परीक्षण में पता चला कि इम्प्लांट की पोजिशन गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. ए.आर. बेन के नेतृत्व में तत्काल रिविजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी करने का निर्णय लिया गया।विशेषज्ञों के अनुसार यह सर्जरी सामान्य हिप रिप्लेसमेंट की तुलना में कहीं अधिक जटिल होती है। इसमें पुराने इम्प्लांट को हटाकर नए इम्प्लांट को अत्यंत सटीकता और सावधानी के साथ स्थापित करना पड़ता है। ऑपरेशन के दौरान मरीज के दाएं कुल्हे का कंपोनेंट पूरी तरह अपनी जगह से हिल चुका था। डॉक्टरों ने सूक्ष्म तकनीक और विशेषज्ञता का परिचय देते हुए केवल एसिटाबुलर कंपोनेंट को बदला, जबकि फीमर में लगे कंपोनेंट को सुरक्षित रखा गया। कई तकनीकी चुनौतियों और जटिल परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया। चिकित्सकीय निगरानी और नियमित फिजियोथेरेपी की मदद से मरीज अब दोबारा सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो गया है। यह मामला दर्शाता है कि समय पर उपचार, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमवर्क से गंभीर परिस्थितियों में भी मरीजों को नई जिंदगी दी जा सकती है।विशेष बात यह रही कि यह पूरी जटिल सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूरी तरह नि:शुल्क की गई, जबकि निजी अस्पतालों में ऐसी सर्जरी का खर्च लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक आता है।इस सफल ऑपरेशन में अस्थिरोग विभागाध्यक्ष डॉ. ए.आर. बेन के नेतृत्व में डॉ. संजय घिल्ले, डॉ. प्रवीन द्विवेदी तथा पीजी स्टूडेंट्स डॉ. प्रियांश, डॉ. निरंजन और डॉ. लेखराज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. मिल्टन और डॉ. श्वेता का विशेष योगदान रहा।अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा“सिम्स में लगातार जटिल और उच्चस्तरीय सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और समर्पित टीमवर्क के माध्यम से हम मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सफलता सिम्स की बढ़ती चिकित्सा क्षमता और विशेषज्ञता का प्रमाण है।”चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा“रिविजन हिप रिप्लेसमेंट जैसी चुनौतीपूर्ण सर्जरी का सफल होना हमारे चिकित्सकों की कुशलता, अनुभव और समर्पण को दर्शाता है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराना हमारे संस्थान की बड़ी उपलब्धि है।”विभागाध्यक्ष डॉ. ए.आर. बेन ने बताया“यह सर्जरी तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल थी, क्योंकि इम्प्लांट अपनी मूल स्थिति से पूरी तरह अस्थिर हो चुका था। हमारी टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर ऑपरेशन किया और मरीज को सफल उपचार प्रदान किया। सही समय पर उपचार और उचित पुनर्वास से मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहा है।”--
- 0- बहुत आसानी से दर्ज की जा रही जानकारी,एक घर में औसतन पांच मिनट का समय लग रहा0- अधिकारियों ने जनगणना कार्य का किया निरीक्षणबिलासपुर. राष्ट्रीय जनगणना कार्य के दूसरे दिन शहरी क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा लेने और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन के लिए जिले के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल,एसएसपी श्री रजनेश सिंह और निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र के जोन क्रमांक 7 अंतर्गत वार्ड 58 में रामा ग्रीन सिटी फेज 2 में चल रहें जनगणना कार्य को अधिकारियों ने देखा। इस दौरान काॅलोनी के कुछ मकानों में कलेक्टर,एसएसपी और निगम कमिश्नर ने खुद प्रगणक बनकर रहवासियों से जानकारी एकत्रित किया और पोर्टल में सबमिट किया।इस दौरान उन्होंने गणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा कर कार्य की प्रगति और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि जनगणना देश के विकास और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग करें। चर्चा करने पर प्रगणकों ने बताया कि लगभग 5 मिनट में 33 बिंदुओं पर आधारित जानकारी ऑनलाइन पोर्टल में सफलतापूर्वक दर्ज हो रही है। हाईटेक व्यवस्था हो जाने से जनगणना कार्य सरल और सहज रूप से क्रियान्वित हो रहा है।विदित है कि जनगणना में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। व्यक्तिगत आंकड़ों को किसी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जा सकता तथा यह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। इन आंकड़ों का उपयोग केवल शासन की नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में किया जाता है। इस अवसर पर एडीएम सह जिला जनगणना अधिकारी शिव कुमार बनर्जी, जोन कमिश्नर भी उपस्थित थे।--
- 0- ’’सही दवा-शुद्ध आहार - यही छत्तीसगढ़ का आधार’’ थीम के अंतर्गत अभियानदुर्ग. राज्य शासन द्वारा 27 मई से 11 मई 2026 तक ’’सही दवा-शुद्ध आहार - यही छत्तीसगढ़ का आधार’’ थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।औषधि शाखा द्वारा जांच अभियान के पाचवां दिवस 01 मई को जिले में स्थित अस्पतालों एवं अस्पतालों से जूडे फार्मेसी में वेक्सीन स्टोरेज/कोल्ड चेन सुविधा का निरीक्षण किया गया। जूनवानी भिलाई में स्थित अभिषेक मिश्रा अस्पताल श्री शंकराचार्य अस्पताल, नेहरू नगर स्थित हाईटेक अस्पताल में संचालित ओ.पी.डी. आई.पी.डी. एवं सेंट्रल मेडिकल स्टोर, राम नगर स्थित स्पर्श अस्पताल के तीनों ओ.पी.डी. आई.पी.डी. एवं सेंट्रल मेडिकल स्टोर तथा शा़त्री नगर भिलाई मे संचालित बी.एम. शाह अस्पताल के ओ.पी.डी.एवं सेंट्रल मेडिकल स्टोर में वेक्सीन स्टोरेज/कोल्ड चेन सुविधा का जांच किया गया। इस संबंध में रेफ्रिजरेटर टेम्परेचर डिस्प्ले, लागर रिकार्ड एवं वेक्सीन ट्रांस्पोर्ट सुविधा/वैक्सीन कैरियर उपलब्धता की जांच की गई। उक्त के साथ-साथ वैक्सीन के क्रय-विक्रय रिकार्ड का मिलान किया गया, इस प्रकार कुल 10 फर्मों के वैक्सीन स्टोर का निरीक्षण किया गया।समस्त संस्थानों में वैक्सीन का संधारण नियमानुसार उचित तापमान पर पाया गया। समस्त फर्मो को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियम 1945 का कडाई से पालन करते हुए फर्म संचालन के निर्देश दिये गए। । भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।इसी प्रकार खाद्य शाखा द्वारा जांच अभियान दुर्ग में संचालित मेसर्स हॉटल कैम्बियन, हॉटल गारनेट, मेसर्स अरिहंत रेस्टॉरेंट, मेसर्स सुर्या पैलेस, मेसर्स के.एफ.सी. मेसर्स मिस्टर ईडली, मेसर्स इंडियन कॉफी हाउस, मेसर्स वृंदावन हॉटल की जांच/निरीक्षण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया गया, जिसमें संचालकों को उचित साफ-सफाई के साथ व्यवसाय संचालित किये जाने का निर्देश दिया गया एवं अखबारी पेपर उपयोग नहीं किये जाने व तेल का उपयोग बार-बार नहीं करने एवं वेज-नानवेज को पृथक-प्थक संधारण किये जाने व हेडकैप, ग्लब्स, एपरॉन उपयोग में लाये जाने हेतु हिदायत दी गई एवं निर्देशित किया गया कि नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।



























