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- दुर्ग। दुर्ग जिले के धमधा स्थित बजरंग चौक की रहने वाली छात्रा नम्रता यादव ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के आगे आर्थिक कठिनाइयाँ भी छोटी पड़ जाती हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, धमधा की इस मेधावी छात्रा ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल परीक्षा 2026 में 92 प्रतिशत अंक (कुल 552) प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की और पूरे नगर का नाम रोशन किया।नम्रता के विषयवार अंक इस प्रकार हैं—हिंदी: 97,अंग्रेज़ी: 89,संस्कृत: 87,गणित: 97,विज्ञान: 86,सामाजिक विज्ञान: 96 अंकगणित और हिंदी में उनके उत्कृष्ट अंक उनकी मजबूत शैक्षणिक पकड़ को दर्शाते हैं।नम्रता का परिवार साधारण आय वर्ग से जुड़ा है। उनके पिता श्री धन्नुलाल यादव साइकिल से गांव-गांव जाकर छोटा व्यापार करते हैं, जबकि दादा जी श्री संतु यादव गाय चराकर एवं दूध बेचकर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करते हैं।सीमित संसाधनों के बावजूद नम्रता ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने यह सफलता अर्जित की।नम्रता की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है। यह सफलता उन विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है।उनके चाचा श्री राजू लाल यादव फोटोग्राफी के क्षेत्र में कार्यरत हैं, वहीं दूसरे चाचा श्री अनिल यादव ‘बबलू हिंद एथलेटिक्स क्लब’ के माध्यम से युवाओं को सेना में भर्ती के लिए निशुल्क प्रशिक्षण देकर समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं।
- - खचाखच भरे संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम में दो घंटे तक दर्शकों ने हर गाने पर बजाई तालियांरायपुर। आशा भोसले कितनी वर्सेटाइल गायिका थी, इसका उदाहरण आज फिर देखने को मिला, जब दर्शकों से खचाखच भरे महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में संगीत की हर विधा के गाने सुनने को मिले। हिंदी और मराठी के गाने ऐसे कि तालियों की गड़गड़ाहट आने वाली गायिकाओं को और भी प्रोत्साहित करती रही।कार्यक्रम में सुप्रिया शेष की ‘कजरा मोहब्बत वाला’ और अस्मिता कुसरे के ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’ की सुरीली प्रस्तुतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि करीब दो घंटे तक दर्शक अपनी सीटों पर जमे रहे। अंजलि कान्हे की मराठी गानों की प्रस्तुति ‘सांज ये गोकुळी’ और वैशाली जोशी की ‘रूपेरी वारूळ’ ने कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी।आशा भोसले के गानों की बात हो और ‘जब छाए मेरा जादू’ (मंजिरी बक्षी) ‘जवानी जानेमन, हसीन दिलररूबा’ (अंकिता किरवई), ‘ये मेरा दिल प्यार का दिवाना’ (भारती पलसोदकर), ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ (सुमिता रायजादा), दम मारो दम (मीना सोनी) का जिक्र न हो, ये कैसे हो सकता है। उमराव जान के गीत ‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए’ को मंडल के स्व. कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर आशीष शुक्ला ने प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी।इस तरह 21 गानों की 21 गायिकाओं की ओर से दी गई सुमधुर प्रस्तुतियों के इस कार्यक्रम को संगीतप्रेमी दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सफेद फूलों से सजे आशा भोसले की तस्वीर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ज्योति बाला नारापाराजू व विशिष्टि अतिथि चांदनी दुबे, सरिता नासरे, कुमुद लाड और कार्यक्रम के अध्यक्ष चेतन दंडवते ने माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया। साथी सभी वक्ताओं ने कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा ऐसे आयोजनों से नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
- रायपुर। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री डॉ. अलका गुर्जर अपने एक दिवसीय प्रवास पर बुधवार को छत्तीसगढ़ पहुँचीं। इस दौरान स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत किया।
- रायपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर बुधवार को अपने एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुँचीं। इस दौरान राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी ने उनका स्वागत किया। बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रियंका गिरी एवं प्रदेश सह-संयोजक (प्रोटोकॉल) पुष्पेंद्र सिंह सहित भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस मौके पर मौजूद रहीं।
- -महिला उत्पीड़न मामलों की समीक्षा बैठक में प्रशासन और पुलिस को दिए सख्त निर्देशबिलासपुर / राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहटकर ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान महिला सुरक्षा, उत्पीड़न और शिकायतों के निराकरण को लेकर समीक्षा बैठक ली। मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित महिला एवं बाल विकास, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में जिले में महिलाओं से संबंधित अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, मानव तस्करी, टोनही प्रथा और सामाजिक बहिष्कार, साइबर अपराध और महिला हेल्पलाइन से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज के संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध जांच और पीड़िताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्रीमती रहटकर ने अधिकारियों से कहा कि महिला शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानों और संबंधित विभागों में महिला प्रकरणों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा पीड़ित महिलाओं को कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में महिला सुरक्षा हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, मिशन शक्ति और जागरूकता अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली राशि से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने बताया कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा नियमित निगरानी, त्वरित शिकायत पंजीयन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त की जा रही है।बैठक के अंत में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को महिला सुरक्षा के प्रति और अधिक सजग एवं उत्तरदायी होकर कार्य करने के निर्देश दिए तथा कहा कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग चेतना अभियान पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया और इसकी प्रशंसा की। श्रीमती रहटकर ने आयोग की तेरे मेरे सपने योजना को जिले में लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत एक केंद्र में बैठकर विवाह पूर्व युवक युवतियों के आपसी समझ को बढ़ाने के लिए परामर्श दिया जाएगा। आयोग द्वारा पूरे देश में ऐसे 100 सेंटर पिछले एक साल में खोले गए हैं। श्रीमती रहटकर ने जिले की बिहान समूह की चुनिंदा लखपति दीदियों और सफल महिला उद्यमियों से चर्चा की और उनका हौसला बढ़ाया। निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल,जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- - ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण से स्व सहायता समूह की महिलाओं को डिजिटल दक्षता की मिलेगी नई दिशा- दीदियों ने कहा प्रशिक्षण से खुलेंगे अवसरों के नए रास्तेबिलासपुर /राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में स्व सहायता समूह की महिलाओं (दीदियों) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं एडिशनल एसपी सुश्री रश्मित कौर चावला, आयोग के डिप्टी डायरेक्टर श्री रामअवतार सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने समूह की दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आयोग द्वारा अब तक 31 कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें हजारों स्व सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से लगातार आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि सतत संवाद और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम है। अध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं का तकनीक से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण के जरिए उन्हें उत्पादों की मार्केटिंग, टैगलाइन और डिजाइन तैयार करने सहित तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे उनके व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।कार्यक्रम में समूह की दीदियों ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए तथा प्रशिक्षण के दौरान अपनी जिज्ञासाओं को भी रखा, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें डिजिटल माध्यमों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी मिली है, जो उनके कार्यों में सहायक होगी। कार्यशाला में प्रशिक्षकों द्वारा ‘यशोदा एआई’ का प्रशिक्षण बारीकी से प्रदान किया गया, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ मिल सकी। महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित करते हुए उन्हें तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- -58 प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देशबिलासपुर / राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की उपस्थिति में आज जल संसाधन विभाग परिसर स्थित प्रार्थना सभा कक्ष में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, साइबर अपराध, पारिवारिक विवाद तथा सामाजिक उत्पीड़न से जुड़े कुल 58 प्रकरण प्राप्त हुए। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राप्त प्रकरणों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों, पुलिस विभाग, नवा बिहान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला थाना एवं सखी वन स्टॉप सेंटर को हस्तांतरित किया गया। साथ ही सभी प्रकरणों में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन तैयार कर राष्ट्रीय महिला आयोग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए। श्रीमती रहाटकर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
- - सड़क दुर्घटना में युवक की मौत, परिजनों ने सहायता राशि की लगाई गुहार- जनदर्शन में प्राप्त हुए 117 आवेदनदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुँचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुँचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन एवं डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 117 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में जिले के निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और गर्मी छुट्टी का भी शुल्क लिए जाने के कारण अभिभावकों ने शिकायत की। अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूल बिना स्पष्ट कारण हर साल 700 से 1000 रुपये प्रतिमाह तक फीस बढ़ा देते हैं, जिससे सालाना बोझ 10 से 12 हजार रुपये तक बढ़ जाता है। इससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। निजी स्कूलों द्वारा हर साल फीस बढ़ाने की प्रक्रिया से सभी अभिभावक परेशान है। अभिभावकों ने मांग की है कि निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले शासन से अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए और शुल्क वृद्धि के स्पष्ट कारण बताए जाएं। साथ ही, अवकाश अवधि में फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग भी की। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत अमलीडीह की सरपंच ने जल संकट से निदान पाने के लिए खारून नदी पानी लाने की मांग की। उन्होंने बताया कि जिले के ग्राम पंचायत अमलीडीह में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद बोरवेल से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की जमीन सूखी होने के कारण जल उपलब्धता नहीं हो पा रही है, जिससे पूरे गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने खारून नदी से पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाकर पंचायत की टंकी में आपूर्ति कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। इस पर कलेक्टर ने पीएचई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।बोरसी निवासी पिता ने अपने पुत्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद आर्थिक सहायता की मांग की। पिता ने बताया कि उनके पुत्र की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मौके पर ही मृत्यु हो गई। एक वाहन चालक ने उनके पुत्र को टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने के कारण युवक ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्नरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
- -राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने साधा निशाना : कांग्रेस का ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का नारा सिर्फ चुनावी ढोंग-‘बिलासपुर जिले की ब्लॉक कमेटियों में महिलाओं की उपेक्षा से कांग्रेस का राजनीतिक पाखण्ड उजागर’रायपुर। राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने बिलासपुर जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी के गठन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि जो पार्टी अपने संगठन के भीतर महिलाओं को तय मापदण्ड के अनुसार जगह नहीं दे सकती, वह देश और प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी क्या सुनिश्चित करेगी?राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि बिलासपुर जिले के 11 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की सूची कांग्रेस के दोहरे चरित्र का प्रमाण है। कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि संगठन में 30 प्रतिशत पदों पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन वास्तविकता यह है कि महिलाओं को मात्र 13 प्रतिशत पदों पर ही सीमित कर दिया गया है। 341 पदाधिकारियों की सूची में केवल 43 महिलाओं को स्थान मिलना यह दर्शाता है कि कांग्रेस की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है! श्रीमती वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मंचों से महिलाओं के सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ जैसे लुभावने नारे देते हैं; लेकिन जब संगठन में जिम्मेदारी देने की बारी आती है, तो महिलाओं को हाशिए पर धकेल दिया जाता है। जो पार्टी अपने संगठन में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण नहीं दे पा रही, वह लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के प्रति कितनी ईमानदार होगी, यह प्रदेश की जनता देख रही है।राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने कहा कि यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि सूची में जिन महिलाओं को स्थान मिला है, उन्हें भी केवल कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर पर रखा गया है, प्रभावशाली और निर्णायक भूमिका वाले पदों से महिलाओं को दूर रखकर कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि वह महिलाओं को केवल ‘वोट बैंक’ समझती है, नेतृत्व का अवसर देने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि कांग्रेस का यह महिला विरोधी दृष्टिकोण छत्तीसगढ़ की माताएँ-बहनें देख रही हैं। पंचायती राज में महिलाओं को आगे बढ़ाने का श्रेय लेने वाली कांग्रेस आज खुद अपने संगठन में महिलाओं को अपमानित कर रही है। आने वाले समय में प्रदेश की महिलाएँ कांग्रेस के इस राजनीतिक पाखण्ड और छलावे का मुँहतोड़ जवाब देंगीं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बेहतर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिउच्चदाब उपकेंद्रों में निरंतर क्षमता विस्तार का कार्य कर रही है। इसी कड़ी में छूरीखुर्द 132 केव्ही उपकेंद्र में 40 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया है। लगभग 4.31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण इस कार्य से क्षेत्र की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।इस ट्रांसफार्मर के शुरू होने से कोरबा जिले के कटघोरा-पाली स्थित छुरीखुर्द 132 केव्ही उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 गांवों के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के समय बेहतर वोल्टेज मिलेगा, घरेलू उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाले वोल्टेज उतार-चढ़ाव और बाधित आपूर्ति से राहत मिलेगी, वहीं छोटे व्यवसायों को भी सुचारु रूप से संचालन में सुविधा होगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने स्विच दबाकर ट्रांसफार्मर का शुभारंभ किया। उन्होंने ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कंपनी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। आने वाले समय में भी इसी तरह के कार्यों के माध्यम से बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (उपकेंद्र) श्रीमती कल्पना घाटे, अधीक्षण अभियंता श्री व्ही.बी.एस. कंवर, श्री रवि चंद्राकर, श्री डी.एस. पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री एस.सी. भगत, श्री नवीन केरकेट्टा, श्री प्रवीण कुमार ठाकुर, श्री अजय कंवर, श्री जी.आर. जायसवाल, सहायक अभियंता श्री असीम मिश्रा, श्री विजय पात्रे, श्री बसंत टोप्पो सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -साय सरकार की 'बिजली बिल समाधान योजना' बनी अनाथ बेटी का संबलरायपुर / बस्तर के घने जंगलों के बीच बसे छोटे से गांव बालेंगा में रहने वाली पद्मा कश्यप के लिए बीते कुछ साल अंधेरे और अनिश्चितता से भरे थे। लेकिन आज पद्मा के चेहरे पर मुस्कान है और उसके छोटे से घर में उम्मीदों का उजाला है। यह बदलाव आया है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ से।पद्मा की कहानी संघर्ष और धैर्य की दास्तां है। कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद पद्मा घर में अकेली रह गईं। आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था और जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना ही एक बड़ी चुनौती थी। इसी तंगहाली के बीच घर का बिजली बिल बकाया होते-होते 9,000 रुपये तक जा पहुँचा। एक अनाथ बेटी के लिए, जिसे दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा हो, इतनी बड़ी राशि चुकाना नामुमकिन था। बिल न पटा पाने के कारण घर की बिजली कटने की कगार पर थी और पद्मा का भविष्य अंधेरे की ओर बढ़ रहा था।जब पद्मा को राज्य सरकार की बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के बारे में पता चला, तो उसे उम्मीद की एक किरण दिखाई दी। योजना के तहत पद्मा के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें बकाया बिल पर 4,000 रुपये की सीधी राहत प्रदान की गई। यह केवल पैसों की छूट नहीं थी, बल्कि एक अनाथ बेटी को यह अहसास कराना था कि उसकी सरकार उसके साथ खड़ी है। इस सहायता के बाद पद्मा अपना शेष बकाया चुकाने में सक्षम हुईं और उनके घर की बिजली कटने से बच गई।अपनी खुशी साझा करते हुए पद्मा कहती हैं— "जब बिल 9 हजार हो गया था, तो मुझे लगा अब कभी घर में उजाला नहीं होगा। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की योजना ने मुझे सहारा दिया। 4 हजार की छूट मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। आज मेरा घर फिर से रोशन है और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद देती हूँ।"पद्मा कश्यप की यह कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करती है, जो आर्थिक तंगी के कारण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह नीति दर्शाती है कि शासन का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि 'अंत्योदय' यानी अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा है।बस्तर के सुदूर वनांचल में जलता पद्मा के घर का वह बल्ब आज केवल बिजली से नहीं, बल्कि सरकार के प्रति अटूट विश्वास से चमक रहा है।
- -17 मरीज रेफर, 14 आयुष्मान कार्ड, 11 को मुफ्त चश्मा, स्वास्थ्य बस्तर अभियान की बड़ी सफलतारायपुर / स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के मरीज को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय प्रयास किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में पोटकपल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुटेपढ़ गांव से मरीज को पहले किस्टाराम और फिर जिला अस्पताल सुकमा तक पहुंचाया। इस दौरान मरीज ने कुल 310 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका।यह सफलता सतत स्क्रीनिंग, प्रभावी काउंसलिंग, समय पर रेफरल और मजबूत फॉलो-अप व्यवस्था के कारण संभव हो पाई। सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के समन्वय और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अभियान के अंतर्गत किस्टाराम और मरईगुड़ा के अंदरूनी गांवों से कुल 17 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाकर प्रिंट किए गए, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। वहीं 2 अस्थमा और 2 पैरों में सूजन से पीड़ित मरीजों को विशेष जांच और उपचार के लिए भेजा गया।इसके साथ ही कोंटा क्षेत्र से आए मरीजों की आंखों की जांच कर 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरईगुड़ा सेक्टर और पोटकपल्ली टीम के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य बस्तर अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वास्तव में जीवनदायी पहल बनकर उभर रहा है।
- -प्रतिमाह कमा रहीं 8 से 10 हजार रूपये-सुकमा में 4 सेवा एक्सप्रेस के माध्यम से 5500 से अधिक महिलाएं बनी लखपति दीदीरायपुर /जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार ग्राम पोलमपल्ली की श्रीमती करतम सविता ने यह साबित कर दिया है कि यदि मेहनत को शासन की सही योजनाओं का साथ मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता आसान हो जाता है। जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर सविता ने मजदूरी के जीवन से बाहर निकलते हुए अपने परिवार के लिए सम्मानजनक और स्थायी आय का साधन तैयार किया है।करतम सविता बताती हैं कि पहले उनका परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर था, जिससे आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर बनी रहती थी। लेकिन ‘प्रिया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा मिली। समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ‘कृति किराना स्टोर’ की शुरुआत की, जिससे आज उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और गांव में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में बन गई है।आज सविता की किराना दुकान से सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। यह आय केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार की खुशहाली का आधार बन गई है। सविता बताती हैं कि अब उन्हें रोज़गार के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि दुकान से नियमित आमदनी होती है और परिवार में सुख-शांति के साथ समृद्धि आई है। उनके व्यवसाय में परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से जिले की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में नवाचार पहल के तहत दूरस्थ अंचलों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के लिए 4 सेवा एक्सप्रेस संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अब तक लगभग साढ़े 5 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनाया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। लखपति दीदी योजना महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और एक नई पहचान भी प्रदान कर रही हैं।अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए श्रीमती सविता ने कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के सपनों को पंख दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान जैसी पहल ने उन्हें मजदूरी छोड़कर अपना व्यवसाय स्थापित करने का अवसर दिया। आज वे गर्व से कहती हैं कि वे आत्मनिर्भर हैं और उनके जैसे अनेक ग्रामीण महिलाएं शासन की योजनाओं से नई पहचान बना रही हैं।
- -पैदल और हाथों से उठाकर नेटवर्क क्षेत्र तक लाया गया, 108 एम्बुलेंस से पखांजूर, फिर जीएमसी कांकेर रेफररायपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कांकेर की रिपोर्ट के अनुसार, एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बिनागुंडा से कठिन परिस्थितियों में निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बिनागुंडा गांव अत्यंत दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है, जहां न तो सड़क संपर्क उपलब्ध है और न ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा। यह इलाका हाल ही में कैंप स्थापित होने के बाद पहुंच में आया है और कांकेर जिले की सीमा से लगा हुआ है।रिपोर्ट के अनुसार, मरीज की तबीयत अचानक 22 अप्रैल 2026 को बिगड़ गई थी। प्रारंभ में परिजनों ने स्थानीय बैगा (पारंपरिक वैद्य) से उपचार कराया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर मरीज को अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया।गांव में सड़क और संचार सुविधा के अभाव के चलते परिजनों ने मरीज को पैदल और हाथों से उठाकर उस स्थान तक पहुंचाया, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था। वहां से 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई। इसके बाद मरीज को पहले नजदीकी कैंप तक लाया गया और फिर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से पाखांजूर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर जांच एवं इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) कांकेर रेफर किया है।स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं।
- रायपुर । उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा की होनहार छात्रा रिया केशरवानी को कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर दूरभाष के माध्यम से बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने रिया की इस उत्कृष्ट उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बताया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रा रिया केशरवानी के साथ-साथ उनके माता-पिता, परिजनों तथा विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि रिया की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी।उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, कवर्धा की छात्रा रिया केशरवानी ने 600 में से 593 अंक प्राप्त कर 98.83 प्रतिशत के साथ प्रदेश की मेरिट सूची में द्वितीय स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है।उप मुख्यमंत्री ने रिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छूने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
- -ड्रोन निगरानी से अवैध खनन पर हुआ कड़ा प्रहार-हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई प्रणाली से लैस ड्रोन से होती है व्यापक और सटीक निगरानी-ड्रोन तकनीक ने बढ़ाई कार्रवाई की गति और सटीकता-ड्रोन की मदद से कांकेर जिले में हुई बड़ी कार्रवाई, पोकलेन मशीन और हाईवा जप्तरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लेते हुए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। इसी कड़ी में अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की शुरुआत कर दी गई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, खनिज संसाधन की सुरक्षा तथा राजस्व संरक्षण की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब खनन क्षेत्रों में रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे अवैध उत्खनन, परिवहन और संबंधित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह कदम न केवल राजस्व हानि को रोकेगा, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगा। खनिज विभाग का मैदानी अमला पहले से ही अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब ड्रोन तकनीक के जुड़ने से इस कार्रवाई की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी। ड्रोन से लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज और 120 मीटर तक ऊंचाई से निगरानी की क्षमता के चलते बड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्तों के बच निकलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो व्यापक और सटीक निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इसके जरिए बड़े और दुर्गम खनन क्षेत्रों पर भी आसानी से नजर रखी जा सकती है।यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। ड्रोन निगरानी की यह नई व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।इसी कड़ी में 29 अप्रैल 2026 को जिला कांकेर के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी और छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों एवं उपकरणों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी शुरू होते ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।इसके बाद केंद्रीय उड़नदस्ता दल और कलेक्टर (खनिज शाखा) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए महानदी के किनारे भूईगांव की सीमा पर विशेष अभियान चलाकर एक चेन माउंटेन पोकलेन मशीन जेसीबी (215 एलसी) तथा एक हाईवा (क्रमांक CG08AV0975) जब्त किया गया।
- रायपुर । राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों के साथ की गई।बैठक में गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति एवं सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का सटीक आकलन किया जाता है, तथा मकान सूचीकरण एवं गणना इसकी आधारशिला है।जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। फील्ड कार्य के दौरान डेटा संग्रहण की विधि, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा संभावित चुनौतियों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से न छूटे और न ही किसी क्षेत्र का दोहराव हो।बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को फोटोयुक्त पहचान-पत्र जारी किए जाएं, ताकि आम नागरिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। इसके अतिरिक्त नगरीय निकायों एवं उनसे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बड़ी आवासीय कॉलोनियों एवं अपार्टमेंट्स में जनगणना कार्य के सुचारू संचालन हेतु आवासीय कल्याण समितियों को आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी बल दिया गया।जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने कहा कि इस बार जनगणना के आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से एकत्र किए जा रहे हैं, अतः प्रत्येक प्रविष्टि को अत्यंत सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इस कार्य में उच्च स्तर की जिम्मेदारी एवं सतर्कता आवश्यक है।मॉनिटरिंग एवं त्वरित समस्या समाधानकार्य की नियमित निगरानी हेतु प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या बाधा उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए।जनजागरूकता के महत्व पर बल देते जीहुए जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने निर्देशित किया कि स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों को जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि वे स्वेच्छा से सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। साथ ही सोशल मीडिया की सतत निगरानी कर किसी भी प्रकार की जाभ्रामक सूचना या फेक न्यूज का तत्काल खंडन किया जाए। नागरिकों की सुविधा के लिए टोलफ्री नंबर 1855 पर संपर्क की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।अंत में, जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे पूर्ण समर्पण, समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करें।
- -आवेदन की अंतिम तिथि 29 मई तकरायपुर /संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के आदेशानुसार आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिये 01 मई 2026 से 29 मई 2026 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें।इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन- पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र ही मान्य होगा। प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला,नगर घड़ी चौक रायपुर को 29 मई 2026 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं निर्देश रायपुर संभाग के समस्त जिला कोषालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किये जा सकते हैं।
- -ग्राम पंचायतों में QR कोड आधारित जागरूकता अभियान और समन्वित कार्यप्रणाली को बताया अनुकरणीयरायपुर / केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के प्रावधानों को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए सुविचारित, व्यापक एवं रणनीतिक पहल की जा रही है, जो ग्रामीण विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विशेष रूप से ग्राम चौपालों, ग्राम सभाओं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में QR कोड स्थापना की पहल को नवाचारपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक सरलता से पहुंचेगी तथा पारदर्शिता एवं मॉनिटरिंग को मजबूती मिलेगी।अपने पत्र में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने उल्लेख किया कि वन क्षेत्रों एवं विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PGVT) के समग्र विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जो राज्य के समावेशी एवं सतत विकास दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ के श्रम बजट को राज्य में मानव-दिवस सृजन रुझान को देखते हुए 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के सतत प्रयासों एवं बढ़ती कार्यगत आवश्यकता का सकारात्मक परिणाम बताया।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य प्रशासन इसी प्रतिबद्धता एवं ऊर्जा के साथ योजनाओं के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सृजन को नई गति देगी, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -रिफॉर्म : अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर-प्रिंटिंग पॉलिसी पर किया जा रहा है अन्य राज्यों की पॉलिसी का अध्ययनरायपुर / सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ”प्रचार ऐप” विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा।इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।
- --प्रदेश में सैन्य शिक्षा को बढ़ावा: धमतरी में सबसे बड़े सैनिक स्कूल की तैयारीधमतरी ।धमतरी जिले के लिए गौरव का विषय है कि यहां 500 सीटों की क्षमता वाला सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य स्तर से अनुमोदित होकर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को प्रेषित कर दिया गया है। यह प्रस्ताव स्वीकृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पार कर चुका है और अब केंद्रीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित सैनिक स्कूल के स्थापित होने पर धमतरी जिला न केवल रायपुर संभाग बल्कि पूरे प्रदेश में एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरेगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सैनिक स्कूल रायपुर संभाग का सबसे बड़ा सैनिक स्कूल होगा, जो आधुनिक सुविधाओं एवं उच्च स्तरीय अधोसंरचना से सुसज्जित रहेगा। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस द्वारा शीघ्र ही संभावित स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण उपरांत उपयुक्त स्थल का चयन कर आगे की औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।सैनिक स्कूल की स्थापना से धमतरी जिले सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। यहां छात्रों को अनुशासित वातावरण में शैक्षणिक, शारीरिक एवं नेतृत्व क्षमता के समग्र विकास का अवसर मिलेगा। यह संस्थान विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा जो भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं। सैनिक स्कूलों के माध्यम से छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) एवं अन्य प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों में प्रवेश हेतु सुदृढ़ आधार मिलता है।इस पहल से क्षेत्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे जिले के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी। विद्यालय परिसर में अत्याधुनिक कक्षाएं, खेल सुविधाएं, छात्रावास, पुस्तकालय एवं प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जो विद्यार्थियों को उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेंगे।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी में 500 सीटर सैनिक स्कूल की स्थापना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से प्रस्ताव स्वीकृत होकर रक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया जाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। जिला प्रशासन इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर रहा है, ताकि मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण एवं अनुशासित शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सैनिक स्कूल की स्थापना से धमतरी जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा और यहां के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्राप्त होगा।उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।जिला प्रशासन द्वारा इस परियोजना को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। संबंधित विभागों के समन्वय से भूमि चयन, आवश्यक अधोसंरचना एवं अन्य व्यवस्थाओं पर कार्य किया जा रहा है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।धमतरी में सैनिक स्कूल की स्थापना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने वाला एक सशक्त मंच भी सिद्ध होगा। यह पहल आने वाले समय में जिले की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -'सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-आधुनिक तकनीक और AI से सशक्त हुआ सुशासन: ‘सेवा सेतु’ से 441 सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर-अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं-ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी नागरिक सेवाओं की डिजिटल सुविधारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे।वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है।‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा।इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका आज यहां लोकभवन में संत गोविंद राम शदाणी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर की छात्राओं से रूबरू हुए। उन्होंने शैक्षणिक विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन दिया और उनके प्रश्नों का उचित समाधान किया।लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आयोजित कार्यक्रम में श्री डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उसके बिना सफलता नहीं मिलती है। जीवन को पूर्ण करने के लिए योजना पूर्वक कार्य करना चाहिए। अच्छी योजना से जीवन भी अच्छा होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम भी करना होगा। मानवीय गुणों का होना भी आवश्यक है और शिक्षा से ही इन गुणों का विकास होता है। श्री डेका ने कहा कि अपनी खुशी अपने अंदर होती है। दूसरों से तुलना कर दुखी ना रहे बल्कि जो अपने पास उपलब्ध है उससे संतुष्ट रहिए।श्री डेका ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं का सर्वाेच्च स्थान है। उन्होंने नारी की तुलना पानी से करते हुए कहा कि पानी के बिना जीवन असंभव है, उसी तरह नारी के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। चर्चा के दौरान छात्राओं ने राज्यपाल से तनाव को सकारात्मक ऊर्जा में कैसे बदलें, सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए क्या प्रयास करना चाहिए, कौशल एवं प्रशिक्षण का महत्व, देश व प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण, उनके स्कूल एवं कॉलेज के जीवन की कोई प्रेरक घटना और छत्तीसगढ़ में उनकों सर्वाधिक क्या पसंद आया जैसे रोचक प्रश्न पूछे गए।क्षेत्रीय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी छात्राओं के प्रश्नों का समाधान कर मार्गदर्शन दिया। राज्यपाल श्री डेका ने छात्राओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा अग्रवाल, महाविद्यालय परिवार के सदस्य, शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल जी महराज, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी।















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