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- -लक्ष्य के विरुद्ध 106.5 प्रतिशत उपलब्धि, 863 पात्र हितग्राहियों का हुआ पंजीयनरायपुर। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत भारत शासन द्वारा 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक संचालित विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) में जांजगीर-चांपा जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती अनिता अग्रवाल ने बताया कि 25 जून 2026 तक जिले में 863 पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 106.5 प्रतिशत उपलब्धि है।इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे जिला स्तर पर की गई सतत मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा तथा सभी पर्यवेक्षकों को समय-समय पर दिए गए प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों का समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित हुआ और उन्हें योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का लाभ समय पर प्राप्त हो रहा है।प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे कार्य के कारण होने वाली आय की आंशिक क्षति की भरपाई में भी सहायता मिल रही है।योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। वर्तमान में भी नवीन पात्र हितग्राहियों का पंजीयन लगातार जारी है, ताकि जिले का कोई भी पात्र हितग्राही प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के लाभ से वंचित न रहे।
- 0- ऑनलाइन आवेदन से एक हफ्ते के भीतर बना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के तहत सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं अब घर बैठे सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आमजन का समय और धन दोनों की बचत हो रही है। इसी क्रम ग्राम पिपरौद निवासी श्री आशीष देवनाथ एवं श्रीमती शिवानी को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। श्री आशीष एवं श्रीमती शिवानी का विवाह अप्रैल 2026 में हुआ, उन्होंने अपना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनवाने हेतु पोर्टल में ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद पंचायत स्तर पर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के 1 सप्ताह के भीतर उन्हें डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया।उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में विवाह प्रमाण-पत्र प्राप्त होने से वे इसका उपयोग विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं अन्य आवश्यक कार्यों में आसानी से कर सकेंगे। प्रमाण-पत्र में उपलब्ध क्यूआर कोड एवं डिजिटल सत्यापन की सुविधा ने इसकी विश्वसनीयता को भी सुनिश्चित किया है। श्री आशीष देवनाथ एवं श्रीमती शिवानी ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह पंजीयन की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई तथा बिना किसी परेशानी के आवश्यक सेवा प्राप्त हो गई।
- 0- 90 प्रतिशत श्रवण बाधित दिव्यांगसुश्री पूजा टंडन को मिला श्रवण यंत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत का समयबद्ध निराकरण करते हुए श्रवण बाधित दिव्यांग सुश्री पूजा टंडन को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया।सुश्री टंडन सरोना में निवासरत हैं। वे 90 प्रतिशत श्रवण बाधित दिव्यांग हैं जिससे उन्हें दैनिक जीवन में संवाद करने तथा दैनिक कार्यों को करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के निराकरण हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गई।प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा हितग्राही को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र मिलने से अब वे अपने आसपास के लोगों से बेहतर संवाद कर सकेंगी तथा दैनिक कार्यों को अधिक सहजता से कर पाएंगी। इससे उनके सामाजिक जीवन, आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।श्रवण यंत्र प्राप्त करने पर सुश्री टंडन एवं उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
- 0- 12 शालाओं वाली प्रतियोगिता के फाइनल में 55 अंक हासिल कर महाराष्ट्र मंडल की शाला को मिला तीसरा स्थानरायपुर। क्विज मेनिया सीजन-2 में महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी) के बच्चे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल राउंड तक पहुंचे। न्यू शांति नगर स्थित सभागृह में आयोजित इस प्रतियोगिता में रायपुर के 13 विद्यालयों के प्रतिभाशाली बच्चों के ज्ञान की परीक्षा ली गई।एसडीवी की शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने बताया कि स्पर्धा का आयोजन तीन राउंड में किया गया, पहला राउंड पजल, दूसरा विजुअल और तीसरा ऑडियो राउंड था। स्पर्धा में एसडीवी की वर्षा परिदा, पूर्वी साहू, तन्मय भगाड़े और डिंपल अवधिया ने भाग लिया। पहले राउंड में बच्चों ने सवालों का जवाब तत्परता से दिया और 45 अंक प्राप्त कर फाइनल राउंड के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की।तृप्ति के अनुसार फाइनल राउंड में बेहद कठिन सवालों के बाद भी बच्चों ने उत्सुकता व धैर्य के साथ सवालों के जबाव दिए। स्पर्धा में संत ज्ञानेश्वर स्कूल की टीम पांचवें स्थान पर रही। इस स्पर्धा में वीर छत्रपति शिवाजी इंग्लिश मीडियम स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल नवा रायपुर, शिवांश इंटरनेशनल स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल डूंडा, छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, कष्णा पब्लिक स्कूल तेंदुआ, मां शारदा स्कूल भिलाई की टीमों ने भी भाग लिया। स्पर्धा के बाद विजेता, उप विजेता सहित सभी प्रतिभागी टीमों को ट्रॉफी, पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र भी दिए गए।
- 0- पंचायतों में राजस्व प्रकरणों के पंजीयन का हो रिकार्ड दुरूस्ती0- अधोसंरचनात्मक कार्यों की बेस लाईन सर्वे हेतु जानकारी देवें अधिकारी0- कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में विभागवार समय-सीमा के लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा की। साथ ही लंबित आवेदनों का निराकरण समयावधि में करने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, जनशिकायत पोर्टल के लंबित आवेदनों के निराकरण की जानकारी लेते हुए कहा कि जनशिकायत संबंधी आवेदनों का अधिकारी त्वरित निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जनशिकायत से संबंधित आवेदन लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों कोे कड़ी फटकार लगायी। कलेक्टर श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत विभागों को प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। साथ ही एल-1 अधिकारी को समय-सीमा के भीतर प्रकरण निराकृत करने कहा। विभागीय अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत तकनीकी दिक्कतों से अवगत कराया। कलेक्टर श्री सिंह ने ई-डिस्ट्रिक मैनेजर को उच्च स्तर पर आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये हैं।कलेक्टर श्री सिंह ने ग्राम पंचायतों में राजस्व प्रकरण अविवादित, नामांतरण, बंटवारा पंजीयन की जानकारी ली। साथ ही पंचायत सचिवों द्वारा राजस्व प्रकरणों के पंजीयन उपरान्त रिकार्ड दुरूस्ती पर जोर देते हुए एसएलआर को पंचायतों में पंजीकृत प्रकरणों के रिकार्ड दुरूस्ती कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय प्रयोजन हेतु विभागों को भू-आबंटन के लंबित प्रकरण होने पर संबंधित विभाग राजस्व विभाग को प्रकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें ताकि भू-आबंटन की कार्यवाही में प्रगति लायी जा सके। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम एवं अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने सीएमएचओ को एनएचएम भर्ती काउंसलिंग तिथि पश्चात उसी दिन नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिये। इसके अलावा शेष अन्य पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण कराने निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले में अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों को गति प्रदान करने विभागीय बेस लाइन सर्वे अंतर्गत नगरीय निकायों/जनपद पंचायतों से जानकारियां मंगायी जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारी अधिनस्त अधिकारियों को उक्त जानकारी मय हस्ताक्षर के साथ संबंधित निकायों/जनपद को उपलब्ध कराने निर्देशित करें।बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पांडे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. माननीय उच्चतम न्यायालय, भारत द्वारा न्याय को जनसामान्य तक सुलभ, सरल एवं सहभागी स्वरूप में उपलब्ध कराने की अभिनव पहल "समाधान समारोह, 2026" के अंतर्गत समापन चरण में दिनांक 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति, संवाद एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है, ताकि पक्षकारों को सहज, मानवीय एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है। जिन पक्षकारों को इस संबंध में नोटिस प्राप्त हुआ है, वे निर्धारित तिथि की प्रतीक्षा किए बिना पूर्व में ही मध्यस्थता केन्द्र, दुर्ग में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पक्षकार दूरभाष, ई-मेल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से भी संपर्क स्थापित कर अपने प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।विशेष लोक अदालत में पक्षकार अपनी सुविधा के अनुसार प्रत्यक्ष (Physical Mode) अथवा वर्चुअल माध्यम (Virtual Mode) से सम्मिलित होकर विवादों के समाधान की प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।इच्छुक पक्षकार एवं अधिवक्तागण निर्धारित Google Form के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन हेतु लिंक माननीय उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।वेबसाइट : www.sci.gov.inGoogle Form भरने की अंतिम तिथि : 31 जुलाई 2026इसके अतिरिक्त पक्षकार अन्य सहायता एवं जानकारी हेतु One Stop Centre (War Room) In-charge समाधान समारोह (Special Lok Adalat) के संपर्क नंबर 011-23112428 एवं 011-23112528 पर भी संपर्क कर सकते हैं।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा समस्त नागरिकों, अधिवक्तागण एवं संबंधित पक्षकारों से अपील की गई है कि वे इस महत्त्वपूर्ण पहल का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने लंबित प्रकरणों के त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
- 0- किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगादुर्ग. राज्य सरकार के फैसले से जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ 2026 के दौरान किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी क्षेत्र में यूरिया वितरण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूरिया की वर्तमान पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पूर्व में जारी कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। नए निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई ने बताया कि किसानों को यह उर्वरक एकमुश्त अथवा संबंधित सहकारी समिति में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर चरणबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा। सहकारी समिति मे यूरिया की अल्प उपलब्धता की स्थिति में कृषक की पत्रातानुसार यदि यूरिया प्राप्त किया जाना शेष हो, तो शेष मात्रा समिति में यूरिया उपलब्ध होने पर प्राप्त की जा सकेगी।जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर श्री अभिजित सिंह के मार्गदर्शन में सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 22688 मीट्रिक टन यूरिया, 4376 मीट्रिक टन डीएपी, 11725 मीट्रिक टन एनपीके, 5901 मीट्रिक टन एमओपी तथा 11067 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 55757 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 11986 मीट्रिक टन यूरिया, 3431 मीट्रिक टन डीएपी, 5371 मीट्रिक टन एनपीके, 3612 मीट्रिक टन एमओपी तथा 7161 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 31561 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 10701 मीट्रिक टन यूरिया, 946 मीट्रिक टन डीएपी, 6354 मीट्रिक टन एनपीके, 2289 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3906 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 24196 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।जिले के सभी किसान भाईयों से अपील की गई है कि फसलों के बेहतर उत्पादन एवं भूमि कि सेहत के लिए वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित संतुलित खाद का ही उपयोग करें। किसान भाई अपनी पात्रता के अनुसार निकटतम सहकारी समिति से संपर्क कर सुगमतापूर्वक यूरिया का उठाव कर सकते हैं।
- दुर्ग. जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में विकासखंड पाटन द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा की रानीतराई एवं दिग्गाभाठा शाखाओं के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने हेतु सतत समन्वय एवं अनुश्रवण किया गया। इसके परिणामस्वरूप अप्रैल से जून 2026 की अवधि में कुल 27 स्वयं सहायता समूहों को 1,08,50,000 करोड़ रुपए (एक करोड़ आठ लाख पचास हजार रुपये) का बैंक ऋण वितरित किया गया। बैंक ऋण वितरण से स्वयं सहायता समूहों के उद्यम विकास, स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन को नई गति मिलेगी। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता सुदृढ़ होगी तथा वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।इसी क्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा की रानीतराई एवं दिग्गाभाठा शाखाओं में "संध्या पखवाड़ा – SHG Login Day" कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रक्रिया, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल बैंकिंग एवं उद्यमिता विकास की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही पात्र समूहों के ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर स्वीकृत ऋण का वितरण भी किया गया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध कराना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला पंचायत, विकासखंड पाटन एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के समन्वित प्रयासों से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और जिले में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
- 0- सहकार से समृद्धि योजना अंतर्गत समितियों के विस्तार पर हुई रायशुमारीदुर्ग. देश में सहकारिता मंत्रालय के स्थापना की 05 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रस्तावित गतिविधियों के अंतर्गत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सहकार से समृद्धि योजना अंतर्गत सहकारी समितियों के विस्तार हेतु रायशुमारी की गई। मत्स्य एवं दुग्ध समिति के गठन पर जोर देते हुए समितियों के विस्तार के साथ समिति सदस्यों को सक्षम बनाने हेतु विभागीय प्रयास करने के निर्देश दिये गये। बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, उपायुक्त सहकारी संस्थाएं श्री सतीश पाटले, उप संचालक मत्स्य श्रीमती सीमा चन्द्रवंशी, उप संचालक पशुपालन एवं दुग्ध विकास डॉ. वसीम सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
- दुर्ग. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत दुर्ग जिले में आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के माध्यम से वास्तविक परिवारों को लाभांवित करने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है। योजना के तहत ऐसे परिवारों को जोड़ा गया है, जिनके नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 या आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं थे। जिले में कुल 95,783 हितग्राहियों का सर्वे किया गया था, जिसमें से 81,600 का सर्वेयरों द्वारा और 14,183 का हितग्राहियों द्वारा स्वयं (सेल्फ सर्वे) कर भौतिक सत्यापन कराया गया। भारत सरकार के आवास सॉफ्ट पोर्टल द्वारा ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद प्रारंभिक रूप से 80,835 हितग्राही पात्र और 14,948 हितग्राही अपात्र श्रेणी में दर्ज हुए हैं। इस सूची को पारदर्शी बनाने और त्रुटियों को सुधारने के लिए विगत 24 जून 2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया, जहां सूची का सार्वजनिक वाचन कर प्राथमिकता तय की गई। स्थानीय स्तर पर संवेदनशीलता का उदाहरण देते हुए ग्राम पंचायत डूमरडीह में 32 अपात्र प्रकरणों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत सेलूद में तकनीकी कारणों से सूची में नहीं दिख रहे 252 छूटे हुए हितग्राहियों को ग्रामसभा ने विचार-विमर्श के बाद वास्तविक रूप से पात्र मानते हुए विशेष प्रस्ताव जनपद कार्यालय को भेजा है।जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन डेटाबेस पर आधारित है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर किसी भी मनमाने फेरबदल की गुंजाइश नहीं है। वर्तमान में ग्रामसभाओं से प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों का शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद नियमों के तहत पात्र पाए जाने वाले सभी हितग्राहियों के प्रकरण अविलंब आगे बढ़ाए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी वास्तविक और जरूरतमंद परिवार पक्के मकान के लाभ से वंचित न रहे।
- 0- जिला, जनपद और 486 ग्राम पंचायतों में होंगे कार्यक्रम, उत्कृष्ट हितग्राहियों का होगा सम्मानबिलासपुर. विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) का शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इस अवसर पर बिलासपुर जिले में जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तरीय जन सम्मेलन सह-शुभारंभ कार्यक्रम प्रार्थना सभागार, बिलासपुर में प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा।जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले की सभी जनपद पंचायतों तथा 486 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान मिशन के राष्ट्रीय शुभारंभ का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। साथ ही योजना के उद्देश्यों, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों तथा विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी आमजन को दी जाएगी।आयोजन में उत्कृष्ट श्रेणी के हितग्राहियों को सम्मानित भी किया जाएगा। जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता रहेगी।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्याएं, हितग्राही, युवा, कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता कर मिशन की जानकारी प्राप्त करने और रोजगार एवं आजीविका से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने की अपील की है।
- बिलासपुर. कार्यालय परियोजना संचालक (आत्मा) सह उप संचालक कृषि द्वारा DAESI (Diploma in Agricultural Extension Services for Input Dealers) के नवीन बैच के लिए पात्र इच्छुक उम्मीदवार एवं इनपुट डीलरों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।जिले के सभी विकासखंडों बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी एवं कोटा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के इच्छुक एवं पात्र इनपुट डीलरों से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित 15 जुलाई 2026 तक कार्यालय परियोजना संचालक (आत्मा), बिलासपुर को भेजना सुनिश्चित करें। आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र न्यूनतम 10+2 या नियमानुसार पात्रता, आधार कार्ड, पासपोर्ट रंगीन फोटो, निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे। कृषि विभाग ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है, ताकि डीएईएसआई पाठ्यक्रम के नए बैच में प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-2 वैशाली नगर क्षेत्र का निरीक्षण कर विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सीसी रोड और सीवर सिस्टम पाइपलाइन एवं बैक लाइन की कच्ची नालियों की सफाई व्यवस्था अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कार्य जल्द पूर्ण कराने निर्देशित किये है।निगम आयुक्त ने ओम शांति चौक से कालीबाड़ी हाउसिंग बोर्ड के बीच निर्माणाधीन सीसी रोड का निरीक्षण किया और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना क्षेत्र में सीवर सिस्टम पाइपलाइन एवं बैक लाइन की कच्ची नालियों की सफाई व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के मौसम को देखते हुए नालियों की समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उप अभियंता अशोक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर सहानी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, जोनल एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर नागरिकों को उनकी भूमि की पहचान एवं स्वामित्व संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पट्टा सर्वे अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के तहत पात्र नागरिकों के पट्टों का सर्वे कर किया जाएगा।नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार पट्टा सर्वे कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न जोनों में ड्यूटी लगाई गई है। नियुक्त दल अपने-अपने जोन क्षेत्र में पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर पट्टों का सर्वे करेंगे। उपायुक्त सह नोडल अधिकारी दिनेश कोसरिया की उपस्थिति में मंगलवार को नगर निगम सभागार में पट्टा सर्वे अभियान के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पट्टा सर्वे की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन, हितग्राहियों तक पहुंचने की कार्ययोजना तथा सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई।उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पट्टा सर्वे का कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य नागरिकों को उनकी भूमि से संबंधित अधिकारों को सुदृढ़ करना तथा प्रशासनिक सेवाओं को उनके घर-घर तक पहुंचाना है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए 8 कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कर्मचारियों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके लंबे एवं समर्पित सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में समयपाल एवं कार्य सहायक ग्रेड-2 बंछोर लाल, पम्प सहायक विष्णु प्रसाद साहू, संजीव तिवारी, अनिल कुमार शर्मा, प्रकाश साहू, वाहन चालक विश्राम सिंह वर्मा, चौकीदार बसंत तथा सफाई कामगार कोटेश्वर को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में आयुक्त एवं उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से संस्था को मजबूती मिलती है तथा उनकी सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। विदाई समारोह में निगम के उपायुक्त डी के कोसरिया, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू, सहायक अभियंता फत्ते लाल साहू, के के सिंह, शशिभूषण मोहंती, राज सच्चर, सागर दुबे सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।
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0- शादी के बाद पत्नी का आधार अपडेट कराने डेढ़ महीने से हो रही थी समस्या
0- टेमन लाल ने त्वरित समाधान होने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारबालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। सुशासन की मिसाल बन रहे सीएम हेल्पलाइन 1076 से बालोद जिले के ग्राम बोरी निवासी श्री टेमन लाल साहू की ढेड़ माह से हो रही एक समस्या का निवारण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से महज 6 घंटे के भीतर हो गया है।श्री टेमन लाल साहू का विवाह तीन माह पूर्व हुआ था। वे अपने राशन कार्ड में नवविवाहित पत्नी का नाम दर्ज कराना चाहते थे, जिसके लिए तकनीकी नियमानुसार पत्नी के आधार कार्ड में पति का नाम और पता अपडेट होना अनिवार्य था। इस छोटे से सुधार के लिए टेमन लाल पिछले डेढ़ महीने से लगातार विभिन्न केंद्रों के चक्कर काट रहे थे। तकनीकी दिक्कतों और कई कोशिशों के बाद भी उनका काम नहीं हो पा रहा था, जिससे वे काफी निराश हो चुके थे। इसी निराशा के बीच टेमन लाल को बालोद डिस्ट्रिक्ट के सोशल मीडिया एकाउंट के माध्यम से राज्य सरकार की सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में पता चला। उन्होंने बिना समय गंवाए इस नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज कराई।हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होते ही जिले के ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने सीधे टेमन लाल से संपर्क किया और उनके आवश्यक दस्तावेज लेकर त्वरित कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक तत्परता और संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस काम के लिए हितग्राही डेढ़ महीने से परेशान था, वह मात्र 06 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। आधार कार्ड में सुधार होने के बाद अब टेमन लाल अपनी पत्नी का नाम राशन कार्ड में आसानी से दर्ज करा सकेंगे, जिससे उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। अपनी खुशी और राहत साझा करते हुए टेमन लाल साहू ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 हम जैसे आम लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। जहाँ महीनों से काम अटका हुआ था, वहाँ सिर्फ एक कॉल से कुछ ही घंटों में समाधान मिल गया। इसके सुचारू संचालन के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को सहृदय धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रशासनिक समस्या या काम में देरी होने पर सीएम हेल्पलाइन 1076 का लाभ जरूर उठाएं। - 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- खनिज पदार्थों के अवैध भण्डारण, परिवहन एवं उत्खनन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सुशासन तिहार 2026 के दौरान प्राप्त आवेदनों के अंतर्गत निराकरण हेतु शेष रह गए आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को निराकरण हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत आवेदनों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने-अपने विभागों के अंतर्गत निराकरण हेतु शेष रह गए आवेदनों का आगामी साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक के पूर्व शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में खनिज पदार्थों के अवैध भण्डारण, परिवहन एवं उत्खनन करने वालों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने राजस्व, खनिज एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को खनिज पदार्थों के अवैध भण्डारण, परिवहन एवं उत्खनन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने मौजूदा खरीफ सीजन के मद्देनजर जिले में खाद, बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी से जिले के सहकारी समितियों में खाद, बीज की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को समय पर खाद, बीज की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में युरिया खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इसे देखते हुए किसानों की आवश्यकता एवं पात्रता के अनुरूप उन्हें शत प्रतिशत युरिया खाद का वितरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बीज निगम के प्रबंधक से धान, बीज की उलपब्धता के संबंध में भी जानकारी ली तथा जिले में पर्याप्त मात्रा में धान, बीज की भण्डारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने और प्रत्येक पात्र परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को जिले में इस अभियान के बेहतर क्रियान्वयन हेतु विस्तृत योजना बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बिना रबड टायर के दोहरे पिंजरे वाले (आयरन केजीविल) ट्रेक्टर के सड़कों पर उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों, तहसीलदारों तथा पुलिस एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को जिला प्रशासन द्वारा जुलाई 2026 में आयोजित की जाने वाली वृहद वृक्षारोपण अभियान हेतु वृहद कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान के अंतर्गत सभी विभागों के अलावा जिले के स्वयं सेवी तथा शासकीय-अशासकीय संस्थानों सहित समाज के सभी वर्गों के सहभागिता से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण किए जाने की भी जानकारी दी। श्रीमती मिश्रा ने कृषि विभाग के अधिकारियों से किसानों को शासन के योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में जिले के किसानों के पंजीयन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पंजीयन हेतु शेष रह गए किसानों का शत प्रतिशत पंजीयन कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिला खनिज संस्था न्यास निधि के अंतर्गत 2025-26 के स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी से जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के आयोजन की तैयारियों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारियों को स्कूल, आंगनबाड़ी तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं तक के पहुँच मार्गों का मरम्मत एवं अन्य जरूरी निर्माण कार्यों को पूरा कर समुचित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
- 0- कलेक्टर, एडीएम सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके कार्य एवं व्यवहार की भूरी-भूरी सराहना कीबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा आज जिला कोषालय अधिकारी श्री मुकुंद सिंह भारद्वाज को 62 वर्ष की आयु पूरी होने के उपरांत सेवानिवृत्त होने पर विदाई दी गई। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संक्षिप्त विदाई समारोह के अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित समारोह में उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने श्री भारद्वाज के सौम्य, मधुर एवं आत्मीय व्यवहार तथा उनके कार्य कुशलता की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्र्रेरणादायी बताया।विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने श्री भारद्वाज के सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार की सराहना करते हुए कुशल प्रशासनिक अधिकारी के साथ-साथ एक बेहतरीन इंसान बताया। इस अवसर पर उन्होंने श्री भारद्वाज के सफल, सुखद एवं मंगलमय जीवन तथा सेवानिवृत्त के पश्चात उनकी उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हम सभी की मंगल कामना है कि सेवानिवृत्ति के पश्चात श्री भारद्वाज अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने श्री मुकुंद भारद्वाज को लंबी शासकीय सेवा का सफलतापूर्वक संपादन के उपरांत आज सेवानिवृत्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।उन्होंने श्री भारद्वाज के सौम्य एवं मधुर व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि विपरित परिस्थितियों में भी धैर्य एवं पूरी शिद्दत के साथ कार्य करने का गुण वास्तव में काबिले-तारीफ है। उन्होंने कहा कि हम सभी ईश्वर से यह कामना करते हैं सेवानिवृत्ति के पश्चात श्री भारद्वाज अपने जीवन की नई पारी की शुरूआत कर अपने परिवार के साथ सुखद एवं मंगलमय जीवन व्यतीत करेंगे। इस अवसर पर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों ने श्री भारद्वाज को शाॅल एवं पौधा भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स द्वारा 25, 26 एवं 27 जून को गुरूर व गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम भैसमुंडी एवं धनगांव का औचक निरीक्षण संयुक्त टीम राजस्व विभाग, खनिज विभाग, पुलिस विभाग द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज रेत, मिट्टी (ईंट) के अवैध भण्डारण, परिवहन करते पाए जाने के कारण 01 जेसीबी व 02 ट्रेक्टर, महेन्द्रा युवो (मय ट्रॉली) तथा 02 ट्रॉली को जप्त कर थाना, आरक्षी केन्द्र अर्जुन्दा, मरकाटोला कैम्प, पुरूर के अभिरक्षा में रखा गया है।इसी तरह खनिज विभाग द्वारा 30 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम रेंगाकठेरा एवं बघमरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज रेत, मिट्टी (ईंट) के अवैध उत्खनन, परिवहन करते पाए जाने के कारण 01 ट्रेक्टर (मय ट्रॉली) तथा 02 ट्रॉली को जप्त कर थाना, आरक्षी केन्द्र गुण्डरदेही के अभिरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूद्ध निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन खनिज साधन विभाग के द्वारा गौण खनिज नियमों के परिवर्तन हेतु केबिनेट की बैठक में मंजूरी उपरांत गौण खनिज के नियमों में संशोधन किया गया। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण, परिवहन के मामलों में प्रशमन की राशि में बढोत्तरी की गई है। संशोधित नियमानुसार खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण के मामलों में, दोषी व्यक्ति द्वारा अपराध का प्रशमन कर प्रकरण समाप्त करना चाहता हो तो, न्यूनतम प्रशमन राशि जो किसी भी मामले में हो 25 हजार के कम नहीं होगी। परन्तु अवैध खनिज परिवहन के मामले में परिविहित खनिज मात्रा के विरूद्ध धारा 21 (5) अनुसार राशि के अतिरिक्त धारा 23 के अनुसार प्रतिटन दो हजार रूपये की दर से प्रशमन राशि, किन्तु किसी भी मामले में पच्चीस हजार के कम नहीं होगी। स्पष्ट है कि खनिज नियमों के तहत् न्यूनतम समझौता राशि 25 हजार से कम नहीं होगी।इसी तरह अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में जप्त वाहन, मशीन, खनिज या अन्य जप्त सामग्री को सुपुर्दी दिए जाने संबंधी अंतिम निर्णय के पूर्व किसी भी सक्षम न्यायायल को वाहन के प्रकार अनुरूप 50 हजार से 03 लाख रूपये तक जमानत राशि जमा नियम 46 (क) में निर्धारित सुरक्षा जमा मद में जमा कराये जाने उपरांत ही संलिप्त वाहन को सुपुर्दगी में दिया जा सकेगा। शासकीय निर्माण कार्य हेतु उत्खनन अनुज्ञापत्र दिये जाने हेतु रकबा 01 हेक्टेयर से बढ़ा कर 02 हेक्टेयर तथा अनुज्ञापत्र की अवधि 02 वर्ष से बढ़ा कर 03 वर्ष किया गया है। खनिज अन्वेषण, व्यवस्थि विकास और बुनियाढ ढाँचे के विकास हेतु छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास 2025 की स्थापना 12 सितंबर 2025 को की गई। इसके अंतर्गत गौण खनिज पट्टा एकत्रित रायल्टी को 02 प्रतिशत ट्रस्ट में जमा कराया जाएगा।विभिन्न रीति से उत्खनन पट्टे (जैसे बिना ई-नीलामी, निविदा अथवा ई-नीलामी, निविदा अथवा निजी भूमि के प्रकरणों) की स्वीकृति प्रीमियम राशि लिया जाकर किया जा रहा है। ऐसे में पट्टों का समामेलन करने से शासन को अलग-अलग मद में राशि प्राप्त होने से पट्टा समामेलन में व्यवहारिक कठिनाई आ रही थी। इसके दृष्टिगत नवीन प्रावधान किये गये है जिसके अनुसार ’जहां कोई समामेलित पट्ट, ई-नीलामी, निविदा अथवा प्रीमियम पर आधारित है, तो ऐसे पट्टे के समामेलित होने के पश्चात् रायल्टी, डीएमएफ, एसएमईटी, नीलामी राशि प्रीमियम राशि देय होगी तथा ऐसी राशि का भुगतान करने की सहमति पर, संचालक द्वारा पट्टों का समामेलन अनुज्ञात करेगा।राज्य के निर्माण विभाग में रायल्टी कटौती एवं रायल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने में एकरूपता सुनिश्चित किये जाने बावत् नियम 71क में आवश्यक संशोधन किये गये है। संशोधित नियम के तहत् बाजार मूल्य के बराबर राशि के स्थान पर शब्द रायल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अंधोसंरचना विकास उपकर, एसएमईटी व अन्य कर के समतुल्य राशिष् प्रतिस्थापित किया गया है। गौण खनिजों से प्राप्त राजस्व राशि का वितरण अब नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों के साथ-साथ जिला पंचायतों में उक्त राशि का वितरण किया जाएगा। बंद खदानों, निष्क्रिय खदानों हेतु डेंडरेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में 30 वर्षों में बढोत्तरी की गई है, ताकि निष्क्रिय खदानों को वापस लेकर दोबारा नीलाम अथवा नवीन स्वीकृति के तहत् खदान संचालन की अनुमति प्रदान की जा सके।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में एमपीडब्ल्यू श्री प्रेम शंकर ब्रम्हभट्ट ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सिलतरा एवं हेड कॉन्स्टेबल श्री संतोष कुमार गुप्ता ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 अमलीडीह में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- शासकीय सेवकों की प्रोजेक्ट वंदन के तहत सम्मान के साथ विदाई0- मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डाॅ. सिंह की पहल अब सेवानिवृत्त सेवकों के लिए साबित हुई वरदान0- रिटायर्ड शासकीय सेवकों ने जताई खुशी, 112 अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हुआ सम्मान समारोहरायपुर। रायपुर जिले में आज प्रोजेक्ट वंदन के तहत जून माह में सेवानिवृत्त हुए 112 शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। साथ ही उनकी पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति संबंधी प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की पहल भी सुनिश्चित की गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल पर शुरू किए गए प्रोजेक्ट वंदन का उद्देश्य सेवानिवृत्ति को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया न मानकर, शासकीय सेवकों के वर्षों के योगदान का सम्मान करना है। पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन एवं अन्य लाभों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब उनकी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।अब जिले के किसी भी विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले प्रत्येक शासकीय सेवक को आत्मीयता और सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। जिला प्रशासन सेवानिवृत्ति को उनके जीवनभर की सेवाओं के उत्सव के रूप में मना रहा है।सेवानिवृत्ति के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिलता रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेंड इनिंग भी शुरू किया है। इसके अंतर्गत इच्छुक सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी रुचि और दक्षता के अनुसार शिक्षण, मार्गदर्शन तथा प्रशासनिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में स्वैच्छिक योगदान दे सकेंगे।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री सतीश नायर, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत AHP घटक के अंतर्गत आवास आवंटन हेतु पात्र हितग्राहियों से 3 दिनों के भीतर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।शासन को भेजे गए कुल 4,372 आवासों के प्रस्ताव में से 4,200 आवास व्यवस्थापन के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 172 आवासों पर सामान्य पात्र आवेदकों की भर्ती की जानी है।इस विज्ञप्ति के जारी होने की तिथि से आगामी 3 दिवस 3 जुलाई तक जोन 3 कार्यालय एवं मुख्य कार्यालय, नगर पालिक निगम, भिलाई में आवेदन कर सकते हैं।आवेदक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के निर्धारित मापदंडों को पूरा करता हो। भिलाई नगर निगम क्षेत्र का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक के पास स्वयं का पक्का मकान नहीं होना चाहिए।आवश्यक दस्तावेजआधार कार्ड एवं राशन कार्डआय प्रमाण पत्र / जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) बैंक पासबुक की छायाप्रतिनिवासरत होने का प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो लाना है। निर्धारित समय-सीमा 3 जुलाई के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जाएगा। रिक्त सीटें सीमित होने के कारण आवंटन प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की जाएगी।
- -’कभी घर तक सीमित थीं, आज अपने उत्पाद से कमा रही हैं सम्मान और आय’रायपुर ।कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा की कुछ महिलाओं ने शायद कभी नहीं सोचा था कि रसोई में बनने वाला आम का अचार एक दिन उनकी पहचान बन जाएगा। जो महिलाएं पहले केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वे आज अपने हाथों से तैयार अचार के जरिए न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी बन गई हैं। इस बदलाव की मजबूत नींव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ने रखी।सहसपुर लोहारा के माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने आसपास उपलब्ध आम को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी। बाजार, पैकेजिंग और व्यवसाय का अनुभव नहीं था, लेकिन बिहान के तहत मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास ने उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदल दी। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने गुणवत्ता के साथ आम का अचार तैयार करना शुरू किया। धीरे-धीरे स्थानीय बाजार में उनके उत्पाद की मांग बढ़ने लगी। आज समूह की महिलाएं स्वयं अचार तैयार करती हैं, उसकी पैकेजिंग करती हैं और बाजार तक पहुंचाकर बिक्री भी करती हैं। इस उद्यम से उन्हें नियमित आय मिल रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ा है।समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब अपनी मेहनत से कमाई कर परिवार की जिम्मेदारियों में बराबरी से भागीदारी निभा रही हैं। उनकी पहचान अब केवल गृहिणी के रूप में नहीं, बल्कि सफल महिला उद्यमी के रूप में भी बनने लगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। आज माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सही अवसर, प्रशिक्षण, विश्वास और अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार का भविष्य संवार रही, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
- -एनएमसी ने जारी किया लेटर ऑफ रिन्यूअल, प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयामरायपुर । राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी), नई दिल्ली के स्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड (यूजीएमईबी) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण (लेटर ऑफ रिन्यूअल) जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र में 150 विद्यार्थियों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हो गया है।यह उपलब्धि सिम्स में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक आधारभूत संरचना, अनुभवी संकाय तथा मरीजों को प्रदान की जा रही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है। एनएमसी द्वारा जारी यह नवीनीकरण संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्ता मानकों के सफल अनुपालन एवं निरंतर प्रगति की राष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि करता है।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण पूरे सिम्स परिवार के लिए गौरव का विषय है। यह संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, समर्पित शिक्षकों, आधुनिक संसाधनों और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। उन्होंने कहा कि सिम्स को मध्य भारत के अग्रणी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आधुनिक अधोसंरचना तथा उत्कृष्ट नैदानिक प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।उन्होंने बताया कि सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा शासकीय चिकित्सा संस्थान है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 मरीज बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में उपचार के लिए पहुँचते हैं तथा लगभग 900 मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती रहकर उपचार प्राप्त करते हैं। संस्थान में 24 घंटे संचालित ब्लड बैंक, अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर एवं विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों के माध्यम से उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों के कारण मेडिकल विद्यार्थियों को समृद्ध व्यावहारिक एवं नैदानिक प्रशिक्षण प्राप्त होता है, जिससे वे दक्ष एवं संवेदनशील चिकित्सक बनने की दिशा में तैयार होते हैं। यह मान्यता प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी।उल्लेखनीय है कि सिम्स छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में से एक है। संस्थान में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों को निःशुल्क रक्त एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान ने 10,043 यूनिट रक्त संग्रह कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं जनस्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सिम्स निरंतर नए मानक स्थापित कर रहा है तथा प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का यह नवीनीकरण केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, दक्ष चिकित्सकों के निर्माण और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।



























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