- Home
- छत्तीसगढ़
-
कृपया ध्यान दें
*एक माह के लिए घोषित*
*जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश*
रायपुर / राजधानी में स्काई वॉक का निर्माण कार्य प्रारंभ है। वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं दंडाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक तथा शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10ः00 बजे से सुबह 06ः00 बजे तक एक माह तक एकांकी मार्ग होगा। प्रथम 15 दिन में शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग तथा अगले 15 दिन में शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक एकांकी मार्ग होगा। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि एकांकी मार्ग किए जाने के लिए बंद मार्ग को प्रवेश एवं निर्गम स्थान पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बेरिकेट्स लगाकर बंद करेंगे। वाहनों को परिवर्तित करने एवं यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे एवं बंद मार्ग के प्रारंभ एवं अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड प्रदर्शित करेंगे। - रायपुर / भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने दुर्गम इलाकों में भी रफ्तार पकड़ ली है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ सुदूर पहाड़ी अंचलों, घने जंगलों और नदी-नालों से होकर हर घर तक पहुँच रही हैं, ताकि कोई भी नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।ज्ञात हो कि जिले में वर्तमान में 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची को आधार मानकर बीएलओ लगातार घर-घर गणना पत्रक वितरित कर रहे हैं। इन पत्रकों को भरना सभी मतदाताओं के लिए अनिवार्य है। अब तक 47.02 प्रतिशत गणना पत्रक प्राप्त कर उनके डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।विशेष पुनरीक्षण के इस चरण में वर्ष 2025 के पंजीकृत मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से किया जा रहा है। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसंबर 2025 को निर्धारित है। सूची में उसी मतदाता का नाम शामिल किया जाएगा, जिसका गणना पत्रक बीएलओ को प्राप्त हो गया हो या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा किया गया हो।प्रारंभिक प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियाँ 8 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। इसके पश्चात सभी प्रकरणों के निराकरण के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।इसी क्रम में बीएलओ और प्रशासनिक टीमें दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों और दूरस्थ बसे गांवों तक पैदल मीलों चलकर, नदी-नालों को पार करते हुए लगातार पहुँच रही हैं। उनका लक्ष्य है कि “हर मतदाता महत्वपूर्ण” केवल एक नारा न रहकर जमीनी हकीकत बने। सुदूर अंचलों में चल रहा यह व्यापक जुड़ाव अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाते हुए मतदाता जागरूकता और सहभागिता को नए आयाम दे रहा है।
- रायपुर। इन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने दिनांक 24-11-2025 को कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर का भ्रमण किया। भ्रमण अंतर्गत के वि के बस्तर में एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम के आरंभ में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ संतोष नाग ने स्वागत उद्बोधन के साथ केंद्र की गतिविधिओं का संक्षिप्त विवरण दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने विस्तार पूर्वक कृषको का मार्गदर्शन किया, उन्होने अपने उद्बोधन में कहा बस्तर के लोकल सुगंधित धान कि किस्में अत्यधिक प्रचलित हैं, जिन्हे जीआई टैग के द्वारा विशेष पहचान दिलाई जा सकती है। साथ ही बस्तर काजू को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र को आगे आकर कार्य करने के लिए निर्देश दिये। उद्यानिकी फसलों में विशेषकर गुलाब की खेती को भी बस्तर के लिए बेहतर विकल्प बताया।निदेशक विस्तार सेवाएँ, इन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर डॉ एस. एस. टूटेजा ने लघु धान्य फसलों के क्षेत्र विस्तार एवं प्रसंस्करण पर विशेष ज़ोर देने की बात कही।कुलपति महोदय द्वारा विभिन्न योजनाओं अंतर्गत आदान सामाग्री का वितरण किया गया।कुलपति डॉ गिरीश चंदेल द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर के माध्यम से कृषकों के साथ किए जा रहे विभिन्न गतिविधियों अंतर्गत आदान सामग्रियों का वितरण किया गया, जिसमें प्रक्षेत्र परीक्षण एवं प्राकृतिक खेती अंतर्गत चना बीज वितरण, प्राकृतिक खेती अंतर्गत स्व सहायता समूह के महिलाओं को प्लास्टिक ड्रम का वितरण, कृषि विभाग बस्तर के साथ संयुक्त तत्वाधन में द्विफ़सली विकास हेतु गेहूं बीज का वितरण, जन-जातीय उपयोजनांतर्गत बटेर एवं मछली आहार का वितरण। इस प्रकार कुल 50 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आदान सामाग्रियों का वितरण किया गया।कार्यक्रम में शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र जगदलपुर के अधिष्ठाता डॉ आर.एस. नेताम, डॉ अश्विनी ठाकुर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक धर्मपाल केरकेटटा, डॉ. राहुल साहु, श्री दुष्यंत पाण्डेय, श्वेता मण्डल, इंजी. कमल ध्रुव, श्री दिनेश ध्रुव, सम्पूर्ण जिले से 55 कृषक उपस्थित थे।
- -एकता के संदेश को जन–जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यूनिटी मार्चरायपुर। सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश भर में एकता के संदेश को जन–जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यूनिटी मार्च का आयोजन मध्य क्षेत्र नागपुर (नर्मदा प्रवाह) से प्रारंभ होकर आज बैतूल की ओर प्रस्थान कर रही है। यह यात्रा विभिन्न स्थानों से गुजरात स्टैचू ऑफ यूनिटी की पहुंचेगी। जिसमे छत्तीसगढ़ भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए है। यह यात्रा एक भारत श्रेष्ठ भारत के भाव पर आधारित है। छत्तीसगढ़ से निकले हुए युवाओं की टोली का यह दूसरा दिन है।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अभिनेता धर्मेंद्र हमेशा सिनेमा के माध्यम से समाज जीवन के चरित्रों को रूपहले पर्दे पर उकेरते थे। वे भाजपा सांसद होने के नाते समाज कल्याण के लिए लगातार बेहतर कार्य करते रहे एवं सिनेमा के जरिए सार्थक समाज में परिवर्तन के लिए अनुकरणीय कार्य किया। उनकी अभिनीत फिल्मों को दर्शकों का बेहतर प्रतिसाद मिलता रहा है। उनका आम जीवन से सीधा जुड़ाव रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ईश्वर से उनके पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें।
- -आज 6659 किसानों से 34,280.84 मे. टन हुई धान की खरीदीदुर्ग / जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में तेजी आई है। 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत सभी 102 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जा रही है। 15 नवम्बर से अब तक 3,45,822.80 क्विंटल की धान खरीदी की गई है। जिसमें धान मोटा की मात्रा 117042.40 क्विंटल, धान पतला की मात्रा 83571.60 क्विंटल और धान सरोना की मात्रा 145208.80 क्विंटल शामिल हैै। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य धान पतला 2389.00 प्रति क्विंटल, मोटा 2369.00 प्रति क्विंटल तथा धान सरोना 2369.00 प्रति क्विंटल दर से खरीदी की जा रही है। जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में सोमवार 24 नवम्बर को 6659 किसानों से 34280.80 मे. टन धान की खरीदी की गई है। उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी हेतु पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था की गई है।
- -कलेक्टर ने अवैध कब्जा, लापता पति के कर्ज और नेत्रहीन को आवास ऋण मामलों में त्वरित राहत का दिलाया भरोसा-जनदर्शन में प्राप्त हुए 91 आवेदनदुर्ग, / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा एवं श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 91 आवेदन प्राप्त हुए।ग्राम निकुम निवासी ने आवासीय आबादी भूमि के नवनीकरण पट्टा जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1968-69 में प्रदत्त पट्टे का रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है, पर वर्ष 2024-25 के पुनः सर्वे के बाद नया पट्टा अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। पटवारी द्वारा उच्च स्तर से आदेश लंबित बताए जाने पर वारिसों ने शीघ्र आदेश जारी कर नया आवासीय भूमि पट्टा सौंपने के लिए आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने भू-अभिलेख को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।वार्ड 42 सुभाष नगर निवासी ने अपने गुमशुदा पति द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट और निजी वित्तीय कंपनियों के दबाव को लेकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनके पति अगस्त से लापता हैं। पति द्वारा कई निजी फाइनेंस कंपनियों बजाज फाइनेंस, बंधन बैंक व अन्य से उनके नाम पर कर्ज लिया गया है। कर्ज का दबाव अब उन पर बनाया जा रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने और दो बच्चों की जिम्मेदारी होने के कारण उन्होंने वित्तीय कंपनियों को उधारी वसूली के नाम पर परेशान न करने के लिए आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने लीड बैंक मैनेजर को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।वार्ड 25, बजरंग नगर निवासी नेत्रहीन युवक ने अपने जर्जर मकान के पुनर्निर्माण हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ऋण प्रदान करने की मांग की। उन्होंने बताया कि उनका मकान अत्यंत खराब स्थिति में है और आर्थिक संसाधन न होने के कारण वे स्वयं निर्माण कार्य कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने अपने आवेदन के साथ नेत्रहीनता प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और आधार कार्ड भी संलग्न कर शीघ्र सहायता प्रदान करने आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने दुर्ग नगर निगम आयुक्त को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- - आईटी पार्क युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और नवाचार की नई राह खोलेगा - स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव- दुर्ग का आईटी पार्क देगा रोजगार, युवाओं को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा- आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त पहल ने किया एमओयू- समझौते पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश और दुर्ग नगर निगम आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल ने किया हस्ताक्षरदुर्ग / दुर्ग जिला अब तेजी से आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरने जा रहा है। जिले में पहला आईटी पार्क स्थापित करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच आईटी पार्क स्थापना को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसे जिले के लिए तकनीकी युग की शुरुआत बताया। यह आईटी पार्क शहर के बीचोबीच सिविल लाईन्स में स्थापित किया गया है। इसका निर्माण लगभग 3,900 वर्ग मीटर भूमि पर किया गया है, कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्ग मीटर है।इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, महापौर श्रीमती अलका बाघमार शामिल हुए। समझौते पर आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ.राजीव प्रकाश और नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इससे जिले में आईटी सेक्टर का विस्तार तेज होगा और युवाओं के लिए रोजगार तथा नवाचार के अनेक अवसर तैयार होंगे। यह पहल दुर्ग जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। इससे युवाओं को उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण, वास्तविक उद्योग अनुभव और रोजगार अपने ही जिले में उपलब्ध होंगे। इसमें देश और प्रदेश की करीब 35 कंपनियां इस आईटी पार्क में आने और अपने स्टार्टअप शुरू करने में गहरी रुचि दिखाई हैं।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने इस महत्वपूर्ण पहल को प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में आईआईटी भिलाई एवं छत्तीसगढ़ सरकार के मध्य आईटी पार्क स्थापना हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम का साक्षी बना। उन्होंने आईटी पार्क के महत्व, उसके प्रभाव और जिले पर पड़ने वाले दूरगामी परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले में आईटी पार्क का यह प्रयास युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और नवाचार की नई राह खोलेगा और प्रदेश के तकनीकी भविष्य को नए आयाम देगा। आने वाले वर्षों में दुर्ग जिले को एक ऐसे टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां स्टार्टअप, नवाचार और उद्योग मिलकर नए अवसर तैयार करेंगे। मंत्री श्री यादव ने कहा कि आईटी पार्क का प्रभाव सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह शिक्षा, प्रशिक्षण, रिसर्च और उद्यमिता को भी नई दिशा देगा। महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने भी इस पहल को युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि आईटी पार्क जिले में तकनीकी अवसरों का नया द्वार खोलेगा।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि यह एक छोटा सा कदम ज़रूर प्रतीत होता है, लेकिन आगे चलकर यह बड़े अभियान का रूप ले लेगा। प्रतिभा सिर्फ शहरों या गांवों में सीमित नहीं है, वह हर जगह जन्म लेती है। लेकिन अवसरों की कमी के कारण लोग पलायन करने को मजबूर होते हैं। भारत से आज भी युवा अमेरिका, जापान और जर्मनी जा रहे हैं, क्योंकि वहाँ अवसर उपलब्ध हैं। भारत कृषि प्रधान देश है, लेकिन सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देना समय की मांग है। आईटी पार्क उसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में बड़े वृक्ष का रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि इस पार्क में लगभग 200 लोग एक साथ बैठकर काम कर सकेंगे। जिला प्रशासन इस परियोजना को पूरा सहयोग देगा ताकि अधिक से अधिक युवा इससे जुड़ सकें। कलेक्टर कहा कि नगर निगम के गौरवशाली इतिहास में यह आईटी पार्क नई उपलब्धि के रूप में जुड़ने जा रहा है, जो दुर्ग-भिलाई को प्रदेश में आईटी और सर्विस सेक्टर के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।आईआईटी निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि यह बहुप्रतिक्षित कार्य आज शुरू हुआ है। हमारी हमेशा यही कोशिश रही है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों को छत्तीसगढ़ में ही रोजगार मिले, उन्हें बाहर न जाना पड़े। आईटी पार्क इस दिशा में एक अनूठी पहल है और यह राज्य का पहला आईटी पार्क बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईटी पार्क का उद्देश्य आईटी से जुड़े सभी प्रकार के रोजगारों को एक ही छत के नीचे लाना है, ताकि विभिन्न कंपनियाँ युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार दे सकें। यह बिल्डिंग के बीचोंबीच स्थित है, जिसमें 40 बड़े ऑफिस रूम, पाँच बड़े हॉल, मैस और पूरा बिल्डिंग एक बाउंड्रीवॉल से घिरा है। हर ऑफिस में कंपनियाँ आसानी से संचालित हो सकती हैं। हमारे पास मेनपावर की कमी नहीं है। यदि बच्चों को अच्छी ट्रेनिंग दी जाए, तो उन्हें कहीं बाहर जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। इसका प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट दिखाई देगा।आईटी पार्क के निर्माण से दुर्ग न केवल तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रगति का नया केंद्र बनेगा, बल्कि यह स्थानीय युवाओं और तकनीकी प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा मंच भी साबित होगा। पार्क में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा एनालिटिक्स, फिनटेक, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। आईटी पार्क की स्थापना न केवल रोजगार और कौशल विकास को गति देगी, बल्कि दुर्ग-भिलाई को छत्तीसगढ़ का अग्रणी तकनीकी और नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम सिद्ध होगी। आईटी पार्क बनने के बाद युवा अपने ही शहर में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और स्थानीय कंपनियों को कुशल तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध होंगे। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दुर्ग-भिलाई की कंपनियां सॉफ्टवेयर उत्पाद और अत्याधुनिक तकनीकों पर तेजी से काम कर सकेंगी। यह पहल युवाओं के पलायन को कम करेगी और जिले को एक प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित करेगी। भिलाई लंबे समय से देश को तकनीकी मैनपावर प्रदान करता रहा है। यहां के युवा इंजीनियर देश भर के विभिन्न राज्यों में कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद एक बड़ी चुनौती हमेशा से रही कि जिले में उच्च स्तरीय आईटी अवसर सीमित होने के कारण छात्रों को राज्य छोड़ना पड़ता था। साथ ही दुर्ग-भिलाई क्षेत्र की आईटी कंपनियाँ भी स्किल्ड विशेषज्ञों की कमी के कारण बड़े प्रोजेक्ट लेने और नई तकनीकों पर काम करने में कठिनाई महसूस करती थीं। इस आईटी पार्क की स्थापना इसी अंतर को समाप्त करने और स्थानीय आईटी सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर सभापति श्री श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्य श्री देवनारायण चंद्राकर, श्री ज्ञानेश्वर ताम्रकार, पार्षद श्री युवाराज कुंजाम, श्री लोकेश्वरी ठाकुर, श्रीमती ललिता ठाकुर, तकनीकी टीम, आईआईटी के विद्यार्थी सहित निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
- -स्मार्ट क्लास से कठिन विषय भी होंगे रोचक और आसान– उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा-उपमुख्यमंत्री ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के 09 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का किया शुभारम्भ-उप मुख्यमंत्री ने मुख्य सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए सीसी रोड निर्माण की घोषणा की-कवर्धा के सहसपुर लोहारा तथा बोड़ला विकासखंड के 50 शासकीय विद्यालयों में हुआ स्मार्ट क्लास की सुविधा का विस्ताररायपुर / कबीरधाम जिले के स्कूलों में डिजिटलीकरण की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज ग्राम सिलहाटी के उच्चतर माध्यमिक शाला से सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 9 शासकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधा का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में सहसपुर लोहारा विकासखंड के सभी 9 स्कूल भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा भी बच्चों के साथ बच्चे बन गए और उनके साथ डिजिटल कक्षा में पढ़ाई की। इस दौरान जीव विज्ञान के शिक्षक ने उन्हें जीव विज्ञान में डिजिटल बोर्ड द्वारा थ्रीडी एनिमेटेड डिजिटल कंटेंट से आंख की संरचना, दिमाग की संरचना के संबंध में पढ़ाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने बच्चों की तरह शिक्षकों से सवाल भी किए।ज्ञात हो कि कवर्धा में डिजिटल कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत विकासखंड कवर्धा में डिजिटल कक्षाओं की सुविधा का शुभारंभ पहले ही किया जा चुका है, जिसके बाद अब सहसपुर लोहारा क्षेत्र में भी डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए सीसी रोड निर्माण की भी घोषणा की।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से जुड़े विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास के लाभ बताते हुए समझाया कि वे इस आधुनिक तकनीक का उपयोग कर किस प्रकार अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी और रोचक बना सकते हैं। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी कल्पना शक्ति को हमेशा सक्रिय और प्रबल रखें। स्मार्ट क्लास के माध्यम से भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और भूगोल जैसे विषयों में जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझा जा सकेगा, विशेषकर सौर मंडल, संरचनात्मक प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक विषयों को समझने में आसानी होगी।कार्यक्रम में श्री शर्मा ने स्मार्ट क्लास की संपूर्ण तकनीकी कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया और शिक्षकों से इसकी संरचना, संचालन एवं उपयोग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरणों की स्थापना या तकनीक की उपलब्धता भर नहीं है, बल्कि संपूर्ण शिक्षा-तकनीक में परिवर्तन लाने वाली एक दूरदर्शी पहल है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विज़ुअलाइजेशन और इंटरएक्टिव लर्निंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए रोचक, आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली कला, वाणिज्य, विज्ञान और गणित सभी विषयों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि अब सम्पूर्ण शिक्षण सामग्री त्रि-आयामी स्वरूप में प्रदर्शित हो रही है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से हम सीखने की पद्धति को पूरी तरह बदल सकते हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंच पर ही एआई का लाइव उपयोग करके विद्यार्थियों को नई तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करे, ताकि स्मार्ट क्लास का उपयोग व्यवस्थित, प्रभावी और लक्ष्य आधारित रूप से हो सके।कवर्धा जिले के मिडिल, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण प्रणाली की सुविधा उपलब्ध हो गई है। स्मार्ट क्लास के शुभारंभ से अब विद्यार्थियों को विषयों की गहराई, जिज्ञासा आधारित शिक्षण और आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा। अगले चरण में बोड़ला विकासखंड के शासकीय स्कूलों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। जिले में सीएसआर मद से कुल 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की योजना है, अन्य स्कूलों में भी यह पहल शुरू की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के सोनझरी, रक्से, सिलहाटी, सहसपुर लोहारा, सुरजपुरा वन, कोयलारी, छिरबांधा, खोलवा, राम्हेपुर के विद्यालयों में आज डिजिटल क्लास रूम का शुभारंभ किया।
- - शतरंज प्रतियोगिता में बनी स्वर्ण पदक विजेताजगदलपुर। बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढिय़ा की कक्षा 8 वीं की होनहार छात्रा सुभद्रा कश्यप ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सुभद्रा ने हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित चौथे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्पोर्टस मीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढिय़ा लोहण्डीगुड़ा की इस प्रतिभाशाली बालिका ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उसकी निर्णायक चालों और एकाग्रता ने उसे पोडियम के शीर्ष पर पहुँचाया।संस्था प्रमुख ऊषा शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि सुभद्रा ने न केवल अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उसने यह भी साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। उसकी यह जीत क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। सुभद्रा कश्यप की यह सफलता बस्तर के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र की अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा का नया स्रोत बन गई है। एक छोटे से क्षेत्र की बालिका का राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना यह दर्शाता है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य और पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव का विषय है।
- बेमेतरा ।समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कड़ी निगरानी के साथ अभियान चलाया जा रहा है। अवैध भंडारण एवं परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर जिले में व्यापक कार्रवाई की जा रही है, जिसके अंतर्गत धान खरीदी प्रारंभ होने से अब तक लगभग 4640 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। इसकी अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1 करोड़ 02 लाख 62 हजार रुपये आंकी गई है।विभिन्न अनुविभागों में बड़ी जब्ती, कुल 45 प्रकरण दर्जजिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध धान के परिवहन, भंडारण व बिक्री पर कार्रवाई के दौरान कुल 4640 क्विंटल धान जप्त किया गया। इसमें विभिन्न व्यापारियों एवं राइस मिलरों की संलिप्तता भी पाई गई।बेमेतरा विकासखंड अंतर्गत 13 प्रकरण दर्ज जिसमे राइस मिलरों से 2737 बोरी धान जप्त, थोक एवं फुटकर व्यापारियों से 466 बोरी धान जप्त, कुल 1095 क्विंटल धान की जब्ती | अनुविभाग बेरला अंतर्गत 08 प्रकरण दर्ज, जिसमे कुल 1190 क्विंटल धान जप्त | अनुविभाग साजा मे 22 प्रकरण दर्ज, कुल 1991 क्विंटल धान की जब्ती | अनुविभाग नवागढ़ मे 02 प्रकरण दर्ज, 150 बोरी, कुल 60 क्विंटल धान जप्तचेकपोस्ट और उड़नदस्ता दल की कड़ी निगरानीखरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अवैध धान के भंडारण एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए 10 चेकपोस्ट का गठन किया गया है, जहां सतत निगरानी की जा रही है। प्रत्येक अनुविभाग में उड़नदस्ता दल की तैनाती की गई है। यह दल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार के निर्देश पर अचानक छापेमार कार्रवाई कर रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य है कि केवल पात्र एवं पंजीकृत कृषकों से ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाए और वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले।430500 क्विंटल धान उपार्जित, 15 दिनों में 4640 क्विंटल की अवैध जब्तीजिले में अब तक पंजीकृत किसानों से 430500 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया जा चुका है। खरीदी प्रारंभ होने के सिर्फ 15 दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा 4640 क्विंटल अवैध धान पकड़ना बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। यह संयुक्त कार्रवाई राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग एवं मंडी विभाग की टीमों द्वारा की गई है, और यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। इस कठोर और प्रभावी कार्रवाई से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध व्यापार या परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केवल वास्तविक और पात्र किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- -उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की, मौके पर आवेदनों का किया त्वरित निराकरण-गांव-गांव पहुंचकर जनता से सीधा संवाद शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीकरायपुर, / उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा आज अपने विधानसभा क्षेत्र कवर्धा के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में जाकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा सबसे पहले सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम भैंसबोड़ पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच अपने सहज अंदाज में सभी के साथ जमीन पर बैठकर आमजनों की समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना।इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपने गांव से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पानी, बिजली, आवास, नाली, शौचालय, सामाजिक भवन, पुलिया एवं अन्य विकास कार्यों से संबंधित मांगें उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रत्येक समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करते हुए अधिकारियों को शेष मामलों का त्वरित जांच कर समाधान करने के निर्देश दिए।जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम भैंसबोड़ के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने शीतला मंदिर के पास अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 2.50 लाख रूपए, ग्राम में नाली निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, बजरंगबली मंदिर के पास अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 2.50 लाख रूपए, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रूपए, धनगांव चौक में सामुदायिक शौचालय निर्माण, धनगांव चौक में सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने की घोषणा की। उन्होंने गाढ़ाघाट में पुलिया निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी कार्यों की शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति एवं तकनीकी प्रक्रिया पूरी कराते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाएं तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। भैंसबोड़ में जनसंपर्क कार्यक्रम के पश्चात उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम तालपुर, बिरमपुर एवं मचगांव में भी जनसंपर्क कर ग्रामीणों से संवाद किया और समस्याओं को सुना तथा स्थानीय विकास कार्यों की समीक्षा की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि जब गांवों का विकास होगा, तभी राज्य और देश सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन हर गांव तक बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि इन चौपालों का उद्देश्य औपचारिकता नहीं बल्कि जनता से सीधा संवाद कर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करना है। इससे शासन-प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का पुल मजबूत होता है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के ग्रामवासियों के बीच पहुंचने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने जमीन पर बैठकर सीधे संवाद करने के उनके सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना की।
- -किसान राजेश साहू ने 80 क्विंटल धान बेचकर बढ़ाया कृषि विकास का रास्तारायपुर / जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था इस वर्ष और अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित तथा किसानों के अनुकूल रूप में संचालित हो रही है। तकनीकी नवाचारों और प्रशासनिक सुव्यवस्था के चलते किसान अब सुगमता और गति से अपनी उपज बेच पा रहे हैं। इसका लाभ सीधे जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।ग्राम रुद्री के किसान श्री राजेश साहू इसी परिवर्तन की मिसाल हैं। उन्होंने ‘टोकन तुहर द्वार’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर सेवा सहकारी समिति सोरम पहुँचकर बिना किसी भीड़ या प्रतीक्षा के 80 क्विंटल धान की बिक्री की। श्री साहू बताते हैं कि ऑनलाइन टोकन सुविधा ने किसानों को लंबी कतारों और समय की बर्बादी से पूरी तरह छुटकारा दिला दिया है, जिससे खरीदी प्रक्रिया और अधिक सहज बनी है।इस वर्ष श्री साहू ने 4 एकड़ भूमि में धान की खेती की। समय पर सिंचाई, उन्नत बीजों का उपयोग और आधुनिक कृषि यंत्रों ने उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले वर्ष खरीदे गए नए ट्रैक्टर ने खेत की जुताई, समतलीकरण, कटाई और परिवहन जैसे कार्यों को तेज, कम खर्चीला और अधिक प्रभावी बना दिया है।धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे ट्रैक्टर की किस्त चुकाने, कृषि ऋण के भुगतान, रबी फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज खरीदने तथा सिंचाई सुविधाओं को और मजबूत करने में करेंगे। इसके साथ ही वे खेत के एक हिस्से में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने की भी तैयारी कर रहे हैं, जिससे भविष्य में उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके।श्री साहू ने बताया कि शासन द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाएँ जैसे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, पारदर्शी खरीदी प्रक्रियाएँ, कृषि यंत्रों पर अनुदान और हर स्तर पर सहयोग से ग्रामीण कृषकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रही हैं। इससे किसानों का समय, श्रम और धन तीनों की बचत हो रही है तथा वे अधिक आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।धमतरी जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक किसान को निर्बाध, पारदर्शी और तकनीक आधारित खरीदी व्यवस्था का लाभ मिले, ताकि कृषि कार्य अधिक लाभकारी और उत्साहवर्धक बन सके।
-
, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे।मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह अनुरोध भी किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए।मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत तथा इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती रितु सेन उपस्थित थीं। - -3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य से किसानों को सीधा लाभरायपुर / प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है।किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा।उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
- -स्कूलों में बच्चों को आवारा कुत्तों से बचाने के लिए शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था लागूरायपुर /माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तथा छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के पत्र क्रमांक E-166671 & 153108/LAW-42/1802/2025/1724 दिनांक 13.11.2025 के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किया गया है।शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के प्रत्येक स्कूल के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। नोडल अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल परिसर या आसपास यदि आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को दें। साथ ही स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक अवरोधक उपाय सुनिश्चित करें। यदि किसी बच्चे के साथ आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटना होती है, तो बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी, ताकि आवश्यक प्राथमिक इलाज समय पर उपलब्ध कराया जा सके।शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप तथा पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे प्रदेश में तेजी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है।शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी तथा स्कूल प्रबंधन समितियों से अपेक्षा की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का कठोरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
- - अंतरक्षेत्रीय पॉवर कंपनीज खेल स्पर्धा का आयोजन कोटा मेंरायपुर। अंतरक्षेत्रीय पॉवर कंपनीज टेनीकोइट प्रतियोगिता का आयोजन कोटा रेयानटर्फ मैदान में किया गया, जिसमें यशोदा रौतिया एवं अमिता बारा विजेती रहीं। प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर रहे। उन्होंने कहा कि टेनीकोइट चुस्ती-फुर्ती और संतुलन का खेल है। यह हमें शरीरिक रूप से मजबूत बनाता है और हमारी कर्तव्य स्थल पर हमारी दक्षता वृद्धि में सहायता करता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज क्रीड़ा एवं कला परिषद रायपुर क्षेत्र ने इस प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें कोरबा पूर्व, कोरबा पश्चिम, रायपुर ग्रामीण व रायपुर सेंट्रल क्षेत्र की टीम शामिल हुई। प्रतियोगिता में कई राऊंड के मैच के पश्चात् फाइनल मुकाबला रायपुर सेंट्रल व रायपुर क्षेत्र के बीच हुआ, जिसमें रायपुर सेंट्रल की यशोदा रौतिया व अमिता बारा विजेता रहीं एवं रायपुर क्षेत्र की अलिश मेरी केरकेट्टा व ज्योति कंवर उपविजेती रहीं। प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने अखिल भारतीय महिला टेनीकोइट स्पर्धा हेतु चयनित खिलाड़ियों की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री संजीव सिंह, छत्तीसगढ़ टेनीकोइट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा व एसोसिएशन की निर्णायक श्रीमती बी जया लक्ष्मी विशेष रूप से उपस्थित थीं। मंच संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल एवं आभार प्रदर्शन क्रीड़ा सचिव श्री विनय चंद्राकर ने किया।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम को प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत नेताजी सुभाषचन्द्र बोस स्टेडियम से बैजनाथपारा होकर मालवीय रोड जाने वाले मुख्य बायपास मार्ग में मार्ग के किनारे खुली बड़ी नाली को तत्काल ढाक कर आवागमन के लिए आमजनों के लिए सुरक्षित करते हुए प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया.
- बिलासपुर/संजय अपार्टमेंट आवासीय सहकारी समिति मर्यादित बिलासपुर के संचालक मंडल निर्वाचन हेतु सदस्यता सूची का प्रथम प्रकाशन कर दिया गया है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति 30 नवम्बर 2025 तक समिति कार्यालय में लिखित में प्रस्तुत कर सकते है। आपत्तियों का निराकरण कर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवम्बर को ही किया जाएगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोलंबो में आयोजित विमेंस T20 वर्ल्ड कप क्रिकेट फॉर द ब्लाइंड में नेपाल को 7 विकेट से हराकर पहली बार विश्व चैंपियन बनी भारतीय महिला टीम को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने इसे पूरे देश के लिए गर्व, प्रेरणा और भावनाओं से भरा ऐतिहासिक क्षण बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह जीत केवल एक खेल उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि हिम्मत, विश्वास और अदम्य इच्छाशक्ति की विजयगाथा है। भारतीय बेटियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। विशेष रूप से दृष्टिबाधित महिलाओं की टीम द्वारा विश्व मंच पर हासिल की गई यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल दीपक बनेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की बेटियाँ हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया इतिहास लिख रही हैं—खेल, शिक्षा, विज्ञान, आर्ट, टेक्नोलॉजी और नेतृत्व—हर जगह उनकी चमक राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही है। यह जीत न सिर्फ क्रिकेट की जीत है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मविश्वास और ‘नए भारत’ की भावना की जीत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रदर्शन विश्व खेल जगत में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों पर ले गया है।
- दुर्ग. निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता दिनांक 01.01.2026 के संबंध में आज जिला कार्यालय दुर्ग के सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा बैठक में उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नई दिल्ली द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधी कार्यक्रम की जानकारी दी गई।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने का मुख्य उद्देश्य है कि कोई अवैध नागरिक न जुड़े एवं भारत के वैध नागरिक न छुटे, जिससे मतदाता सूची शुद्ध हो। एसआईआर के तहत मृत एवं अन्यत्र निवासरत व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा तथा अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 की स्थिति में नए मतदाताओं का नाम फार्म-6 भरकर दर्ज करने की कार्यवाही की जा सके एवं मतदाता सूची में त्रुटि सुधार हेतु फार्म-8 का उपयोग कर, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। वर्तमान में राज्य में संपन्न कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण में जिले अंतर्गत मतदाता केन्द्रों के लिए बूथ लेवल अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका/दायित्व निभाया जा रहा है। बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना पत्रक उपलब्ध करायी गई है एवं उनसे गणना पत्रक भरवाकर प्राप्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु जिले में राजनीतिक दलों द्वारा बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति की गई है।बैठक का मूल उद्देश्य सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को गणना पत्रक के साथ फोटो चस्पा करना अनिवार्य नहीं होने से अवगत कराना था, जहां मतदाताओं को लगता है कि फोटो अस्पष्ट अथवा धुंधली है, पुरानी हो चुकी है, वहां मतदाता अपनी नवीनतम फोटो चस्पा कर बीएलओ को अवगत करा देवंे। साथ ही फोटो न उपलब्ध हो तो बीएलओ एप में भी फोटो कैप्चर का प्रावधान दिया गया है, उसका उपयोग बीएलओ द्वारा किया जा सकता है। सभी बीएलओ के पास समुचित संख्या में फार्म-6 उपलब्ध, जो मतदाता द्वारा मांगे जाने पर उपलब्ध कराया जाना है। नये बूथ अथवा विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं को भी फार्म-6 भरने की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे मतदाता जिनका निवास स्थान परिवर्तन हो चुका है एवं वर्तमान में अपना एसआईआर गणना पत्रक भरने से वंचित हो चुके है, वे भी फार्म-6 भरकर अपना नाम नये बूथ/विधानसभा क्षेत्र जुड़वा सकते है। सभी बीएलओ को मतदाताओं के घर-घर जाकर ही गणना पत्रक बांटने एवं जमा करने के निर्देश है। बीएलओ अपने बूथ क्षेत्र में मतदाताओं की सुविधा के लिए यदि कहीं बैठ रहे हो तो वह स्थान तटस्थ स्थान होना चाहिए। किसी भी प्रकार के राजनैतिक दलों से संबद्ध नहीं होना चाहिए।गणना पत्रक भरने के लिए छत्तीसगढ़ में निवासरत् मतदाताओं के वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर की वेबसाईट ceochhattisgarh.nic.in में उपलब्ध है। आप, अपने नाम एवं पिता के नाम से 2003 की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण सर्च कर सकते हैं। जो मतदाता 2003 में छत्तीसगढ़ में निवासरत् नहीं थे और जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है ऐसे मतदाता सूची में दर्ज नहीं है ऐसे मतदाता जिस राज्य में निवासरत् थे, उस राज्य की 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम सर्च करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट http://voters.eci.gov.in लिंक के माध्यम से अपना नाम सर्च कर, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक व नाम, भाग संख्या एवं मतदाता सरल क्रमांक सर्च कर सकते हैं।विशेष गहन पुनरीक्षण के बारे में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार करने एवं बीएलओ का सहयोग करने हेतु अनुरोध किया गया है। जिले के मतदाताओं से भी अनुरोध किया गया है कि इस कार्यक्रम हेतु अपनी सहभागिता प्रदान करने की अपील की गई है।
- रायपुर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत संभागायुक्त रायपुर एवं रोल आब्जर्वर श्री महादेव कावरे, भा.प्र.से. ने रायपुर जिले के ग्रामीण एवं रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया।संभागायुक्त श्री कावरे ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत जोन कार्यालय—जोन क्रमांक 09 और जोन क्रमांक 03—में चल रहे फॉर्म डिजिटाइजेशन कार्य का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के लिए वर्तमान कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाए। साथ ही शिफ्टवार व्यवस्था बनाकर रात्रिकालीन कार्य भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिकतम प्रगति हासिल की जा सके।निरीक्षण के दौरान आयुक्त महोदय ने फील्ड में कार्यरत बीएलओ से बैठक कर फॉर्म-06, फॉर्म-08 आदि के वितरण, प्राप्ति एवं पूर्ण किए गए फॉर्मों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बीएलओ को समय पर फॉर्म वितरण और प्राप्ति सुनिश्चित करने, तथा आवश्यकता पड़ने पर राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) का सहयोग लेने के निर्देश दिए।ज्ञात हो कि रायपुर जिले में अब तक केवल 14 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण हुआ है। संभागायुक्त श्री कावरे ने अधिकारियों को प्रतिदिन 10 प्रतिशत प्रगति दर्ज करने तथा निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
- रायपुर। कैंसर के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर में रविवार को ग्रैंड IMA मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। रन फॉर हेल्थ, वॉर अगेंस्ट कैंसर थीम पर आधारित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, ऊर्जा और सामुदायिक एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण बना।रविवार की सुबह राजधानी में फिटनेस और उत्साह का खास नजारा देखने को मिला, जब 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने मैराथन में भाग लिया। इनमें डॉक्टर, विद्यार्थी, बुजुर्ग, महिला धावक तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ऊर्जावान संगीत और जुम्बा सत्र के साथ हुई, जिसने प्रतिभागियों में जोश और उत्साह भर दिया।मैराथन का फ्लैग-ऑफ IMA अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी ने किया। निर्धारित दूरी पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल प्रदान किए गए। इसके बाद आयोजकों की ओर से पौष्टिक नाश्ते की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी धावकों ने भाग लिया। इस दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और कैंसर से बचाव के उपायों को लेकर जागरूकता संदेश भी दिया गया।कार्यक्रम में विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 फिनिशर्स को आगामी द ग्रेट छत्तीसगढ़ रन (tgcg.run) में नि:शुल्क प्रवेश दिया गया, जो 7 दिसंबर 2025 को नवा रायपुर में आयोजित होगा। ग्रैंड IMA मैराथन ने न केवल फिटनेस का माहौल बनाया, बल्कि शहर में स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक एकता की भावना को भी और मजबूत किया।
- 0- साइंस कॉलेज के समीप यूथ हब वेंडिंग जोन आमानाका रेल्वे ओवर ब्रिज के समीप नवीन वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया गया0रायपुर. रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा दिनांक 31 मई 2023 को यूथ-हब वेंडिंग जोन का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया एवं दिनांक 5 अक्टूबर 2023 को एजेंसी मेसर्स गुरू हरकिशन होटल एण्ड रिसोर्ट्स को संचालन हेतु दिया गया। इस परियोजना के अंतर्गत अस्थायी प्रवृत्ति के 60 कियोस्क, 57 टेन्साइल कैनोपी, विद्युत पोल, बैठक व्यवस्था तथा पाथवे एवं पार्किंग इत्यादि का निर्माण कार्य किया गया, जिसमे कुल व्यय राशि रू. 6.12 करोड़ का हुआ।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त निर्देशानुसार उक्त स्थल पर 1000 सीटर नालंदा परिसर का निर्माण किये जाने हेतु भूमि उपलब्ध कराया जाना है, जिसके परिपालन में दिनांक 22 नवम्बर 2025 को जिला प्रशासन रायपुर, नगर पालिक निगम रायपुर एवं रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की संयुक्त टीम द्वारा 60 कियोस्क को आमानाका ओव्हरब्रिज के समीप नवीन वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जा चुका है।उक्त 60 कियोस्क कुल परियोजना लागत का लगभग 50 प्रतिशत का है तथा भविष्य में टेन्साईल कैनोपी एवं विद्युत पोलों को भी शिफ्ट किया जाना प्रस्तावित है।दिनांक 21 नवम्बर 2025 को ही छ.ग. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के परिणाम में नालंदा परिसर के विद्यार्थियों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। नालंदा परिसर हमेशा ही अपने क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को समायोजित किए हुए है तथा हमेशा ही इसमें अनेक छात्र वेटिंग लिस्ट में रहते हैँ। राज्य शासन द्वारा इसकी क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से साइंस काॅलेज के समीप 1000 सीटर नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है। उक्त स्थल का चयन कई शैक्षणिक संस्थानों जैसे - एन.आई.टी., साईंस काॅलेज, रविशंकर विश्वविद्यालय, राजकुमार काॅलेज, आयुर्वेदिक काॅलेज इत्यादि के मध्य स्थित होने के कारण किया गया है। नवीन नालंदा परिसर निर्माण से आने वाले समय में सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा।
- 0- समर्थन मूल्य और कृषक हितैषी योजनाओं से किसानों को मिल रही राहत0- धान खरीदी की पारदर्शी प्रक्रिया से किसानों में हर्षबिलासपुर. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा धान खरीदी करने और किसान हितैषी विभिन्न योजनाओं से किसानों को राहत मिल रही है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का किसान हितैषी योजनाओं के लिए आभार जताया।बिल्हा विकासखंड के गांव सेमरताल के किसान श्री रामायण लाल साहू धान उपार्जन केन्द्र सेमरताल में धान बेचने पहुंचे, उन्होंने ऑनलाईन माध्यम से टोकन कटवाया, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हुई उन्होंने बताया कि वे 14 एकड़ में खेती करते हैं और यही उनकी आजीविका का साधन है,जिससे वे 10 सदस्यीय परिवार का पालन पोषण करते हैं। धान खरीदी केन्द्र में वे 200 क्विंटल धान बेचने आए हैं उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र सेमरताल में धान खरीदी पूरी पारदर्शिता से की जा रही है।इलेक्ट्रानिक मशीन से धान खरीदी कार्य तेजी से हुआ जिससे समय कम लगा। केंद्र में किसानों के लिए अच्छी व्यवस्थाएं की गई है। इसी तरह केंद्र में टोकन कटाने पहुंचे ग्राम भदोरियाखार के किसान श्री सुजीत लोनिया ने बताया कि वे 13 एकड़ में खेती करते हैं और लगभग 250 क्विंटल धान बेचते हैं उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसानो को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर किसान अब समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं, उन्होंने कहा कि अब खेती करना लाभकारी है,जिससे किसानों का जीवन बदल रहा है।





-copy.jpg)










.jpg)










