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- रायपुर / प्रदेश के किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर और आधुनिक खेती किसानी की तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदानी में इजाफा कर रहे हैं। ऐसे ही महासमुन्द जिले के अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह के किसान श्री दुबेलाल कोसरे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। श्री कोसरे, बताते हैं कि पूर्व में वे पारंपरिक रूप से धान एवं अन्य फसलों की खेती करते थे। इस पारंपरिक खेती में लागत अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद उन्हें सीमित लाभ ही प्राप्त हो पाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें यह जानकारी प्राप्त हुई कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन एवं अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। इस जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन घटक का लाभ लिया। श्री कोसरे बताते है कि योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपने 0.40 हेक्टेयर सिंचित भूमि में आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राफ्टेड टमाटर की खेती प्रारंभ की।कृषक श्री दुबेलाल कोसरे द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली ग्राफ्टेड पौध, सिंचाई हेतु ड्रिप प्रणाली तथा खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया गया। वे बताते हैं कि उन्नत तकनीकों के समुचित उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 16 से 18 टन तक उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में टमाटर का औसत विक्रय मूल्य लगभग 20 रुपए प्रति किलोग्राम मिलने से उन्हें कुल लगभग 3 लाख 9 हजार रुपए का लाभ प्राप्त हुआ। यह लाभ धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। श्री कोसरे द्वारा अन्य किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। उनके मार्गदर्शन से ग्राम बम्बुरडीह के अन्य कृषक भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और आधुनिक खेती को अपनाने लगे हैं।
- बलरामपुर। वाड्रफनगर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर आज एक तेज रफ्तार ट्रक ने दुपहिया सवार दो शिक्षिकाओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई हैं, वहीं दूसरी शिक्षिका को गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोडक़र मौके से फरार हो गया।मिली जानकारी अनुसार, करमडीहा स्कूल में पदस्थ रामकली मिंज (लैब सहायक) और शिक्षिका रजनी केवट शनिवार सुबह स्कूटी से विद्यालय के लिए निकली थीं। इसी दौरान बसंतपुर थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सडक़ पर दूर जा गिरीं।हादसे में रामकली मिंज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रजनी केवट गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल शिक्षिका को तत्काल वाड्रफनगर सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रक को जब्त कर लिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार चालक की तलाश में जुटी है।
- -बस रायपुर से जगदलपुर होते हुए जयपुर (ओडिशा) जा रही थीकोंडागांव । जिले में शनिवार तडक़े एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से 9 लोग घायल हो गए हैं। जिनमें से 3 यात्रियों की हालत गंभीर है। हादसा इतना गंभीर था कि एक यात्री का हाथ शरीर से अलग हो गया।जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 4 बजे सिटी कोतवाली कोण्डागांव क्षेत्र के घोड़ागांव चिलबहार नाला के पास हुआ। यात्री बस रायपुर से जगदलपुर होते हुए जयपुर (ओडिशा) जा रही थी। इसी दौरान अचानक बस अनियंत्रित हो गई और सडक़ किनारे पलट गई।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह बस के सामने अचानक किसी जानवर के आ जाने को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि चालक रोशन साहू ने वाहन को बचाने के लिए अचानक मोडऩे की कोशिश की, जिससे बस पर नियंत्रण खो गया। हालांकि चालक की हालत गंभीर होने के कारण इस कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली कोण्डागांव पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घायलों को जिला अस्पताल कोण्डागांव पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को इलाज के लिए जगदलपुर भेजा गया है।थ.फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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सफलता की कहानी
रायपुर // नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए “प्रोजेक्ट धड़कन” ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया।नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में “प्रोजेक्ट धड़कन” की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी।अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी।जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई।आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है।कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “प्रोजेक्ट धड़कन” का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।“प्रोजेक्ट धड़कन” अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है। -
-घने जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम रास्तों के बीच पहली बार पहुँची बिजली
नारायणपुर। कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया।ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।
घने जंगलों के बीच चला विकास अभियानकलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है।ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है।बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा।भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है।ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। - खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में ठाकुरटोला जमीदारी क्षेत्र में स्थित रहस्यमयी मण्डीप खोल गुफा 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोली जाएगी। खास बात यह है कि यह गुफा साल में सिर्फ एक दिन खुलती है। मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया के बाद आने वाले पहले सोमवार को यह गुफा खोली जाती है । मंडीप खोल गुफा को लेकर कई रियासत कालीन मान्यताएं हैं। वर्षों से ठाकुरटोला के जमींदार इस गुफा को अक्षय तृतीया के बाद पड़ने वाले सोमवार को केवल एक दिन के लिए खोलते हैं। इसके बाद विधिवत पूजा अर्चना करते हैं। चट्टान हटाने के बाद जंगली जानवरों से बचाव के लिए पहले हवाई फायर भी किया जाता है। गुफा में पहला प्रवेश जमींदार परिवार के लोग ही करते हैं। वहां स्थित शिवलिंग सहित अन्य देवी देवताओं की विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं।मंडीप खोल गुफा के खुलने से पूर्व आज मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल एवं अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र कुमार ठाकुर ने स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पूजारीगण एवं ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने गुफा परिसर में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं, आवागमन, साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- -प्रमोशन से बढ़ता है पुलिस बल का मनोबल - विजय अग्रवालदुर्ग । छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में पदस्थ 4 सहायक उप निरीक्षकों को उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को बैच (स्टार) अलंकरण लगाकर शुभकामनाएं दीं।एसएसपी अग्रवाल ने कहा कि पदोन्नति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाने की अपेक्षा रहती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ करने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान अधिकारियों की अब तक की सेवाओं, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। पदोन्नत अधिकारियों ने भी अपने दायित्वों के प्रति समर्पण दोहराते हुए कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।पदोन्नति प्राप्त अधिकारी इस प्रकार हैं:▪️उप निरीक्षक गोरख नाथ चौधरी▪️उप निरीक्षक पूर्ण बहादुर कांकी▪️उप निरीक्षक चन्द्रशेखर सोनी▪️उप निरीक्षक केशव दयाल तिवारीयह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां अधिकारियों को औपचारिक रूप से नई जिम्मेदारियों के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- - आरोपी महिला गिरफ्तारभिलाईनगर ।दुर्ग जिले के स्मृति नगर चौकी क्षेत्र स्थित एसटीएफ कॉलोनी में शनिवार सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक आरक्षक के घर में घुसकर आरोपी महिला ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक की पत्नी और 9 वर्षीय बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बेटी को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज ने पत्नी पर 18 और बच्चे पर 14 बार चाकू से हमला किया।यह वारदात सुबह करीब 6:30 से 8 बजे के बीच हुई, जब घर का मुखिया ललितेश यादव किसी काम से बाहर गया हुआ था। मृतक महिला की पहचान रीना यादव के रूप में हुई है, जबकि घायल बच्चियों का इलाज जारी है। एक बेटी ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई, जबकि दूसरी ने बाहर जाकर पड़ोसियों को सूचना दी।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में आरक्षक और आरोपी महिला के बीच अवैध संबंधों की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला एक दिन पहले भी आरक्षक के घर पहुंची थी, जिसे समझाइश देकर वापस भेज दिया गया था।इसी आपसी विवाद और रंजिश के चलते महिला ने शनिवार सुबह घर में घुसकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।मामले में भिलाई सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि घायल रीना यादव और उनके बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें आरोपी और परिवार के बीच संबंधों की भी पड़ताल शामिल है।
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-सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत
रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे। -
-निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। यह पहल स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति को भी नई पहचान दे रही है।जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया गया है। यहां अब तक 5 होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, अतिथि सत्कार और प्रबंधन से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।हाल ही में केरे स्थित ‘महुआ होमस्टे’ में ठहरे यात्रियों का अनुभव इस पहल की सफलता को दर्शाता है। बिलासपुर से रांची जा रहे तीन यात्रियों ने यात्रा के दौरान आरामदायक ठहराव के लिए इस होमस्टे का चयन किया। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी मिलने के बाद वे यहां पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें घर जैसा स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिला, साथ ही साफ-सुथरी और आरामदायक व्यवस्था का अनुभव भी हुआ। अतिथियों ने मेजबानों के व्यवहार और सुविधाओं की खुलकर सराहना की।यह सकारात्मक अनुभव दर्शाता है कि केरे गांव अब एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल से न केवल ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है। साथ ही, यह मॉडल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है।
- महासमुंद। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। अभी स्वगणना की प्रक्रिया जारी है तथा आगामी 01 मई 2026 से मकान सूचीकरण का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा। इसी कड़ी में 24 अप्रैल 2026 को तहसील सरायपाली के अंतर्गत सभी ग्रामों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनगणना सुपरवाइजरों द्वारा आगामी जनगणना हेतु स्वगणना की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन किया गया तथा समस्त प्रक्रिया बताई गई। विभिन्न ग्रामों में जनगणना पर्यवेक्षकों के द्वारा आगामी मकान सूचीकरण चरण के सभी 33 प्रश्नों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई तथा सभी ग्रामवासियों को जनगणना कार्य में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। तहसीलदार सरायपाली एवं चार्ज जनगणना अधिकारी श्रीधर पंडा ग्राम पंचायत घाटकछार में ग्राम सभा में सम्मिलित रहे तथा उनके द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित किया गया एवं सभी प्रक्रियाओं को पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से विस्तार से समझाया गया। उन्होंने आमजनता से अपील किया कि सभी व्यक्ति जनगणना कार्मिकों को समुचित सहयोग प्रदान करते हुए सही जानकारी प्रदान करें एवं आगामी जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू एवं सफल संपादित करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
- महासमुंद ।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए इच्छुक व्यक्तियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। महाप्रबंधक जिला व्यापार एव उद्योग केन्द्र ने बताया कि इस योजना के तहत राइस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला, बेकरी उत्पाद, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पापड़-बड़ी, नमकीन-मिक्चर, अचार, सॉस, जैम, जेली, गुड़, चॉकलेट, कन्फेक्शनरी, मिठाई उत्पाद, आइसक्रीम, पशु आहार, मछली आहार, मशरूम उत्पाद, मुर्गी आहार, चटनी, जूस, साबुदाना, घी, पोहा निर्माण, लहसुन-प्याज एवं अदरक पेस्ट, पेठा, तिलकुट सहित अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं।योजना अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नवीन इकाई की स्थापना के साथ-साथ पूर्व में स्थापित इकाइयों के विस्तार एवं अपग्रेडेशन भी पात्र होंगे। व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मान्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट लिंक्ड पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये होगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। लाभार्थी को परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत अंशदान स्वयं करना होगा, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।इकाई स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति योजना की वेबसाइटhttps://pmfme.mofpi.gov.in/पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, इंदिरा गांधी महिला जिम के सामने, जे.के. सीमेंट के बाजू गली, पंचवटी विहार, महासमुंद में संपर्क किया जा सकता है। साथ ही मोबाइल नंबर +91-9806387523, +91-7587724731 एवं +91-7987379574 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जिले के डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन सौरभ जैन (महासमुंद) मोबाइल +91-9444424220, चिराग गंडेचा मोबाइल +91-9039915011, योगेश कुमार पटेल मोबाइल +91-8982815220 (बागबाहरा), मनीष सोनी (बसना) मोबाइल +91-7697973720 तथा सचिन अग्रवाल (सरायपाली) मोबाइल +91-7509447771 से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है।
- महासमुंद। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल और विष्णुदेव साय के सुशासन एवं पारदर्शिता के संकल्प को साकार करते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को तेजी से अपनाया है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप ई-ऑफिस प्रणाली अब जिले के लगभग सभी विभागों में गति पकड़ चुकी है। जिले के लगभग सभी विभागों में अब परंपरागत कागज़ी फाइलों के स्थान पर ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। 1366 अधिकारी-कर्मचारियों का ई-ऑफिस के लिए ऑनबोर्डिंग किया जा चुका है, जो इस प्रणाली के व्यापक क्रियान्वयन को दर्शाता है। अब तक लगभग साढ़े 5 हजार से अधिक फाइलों का मूवमेंट डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है, जिससे कार्यों में गति और दक्षता आई है।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट का अधिकांश कार्य ई-ऑफिस प्रणाली से संचालित हो रहा है। प्रत्येक सप्ताह समय-सीमा की बैठकों में इसकी समीक्षा कर विभागवार प्रगति की समरी रिपोर्ट ली जाती है। सभी शासकीय पत्राचार, नियमित फाइलें और वित्तीय स्वीकृतियाँ यहां तक कि छोटी नोटशीट्स भी अब ऑनलाइन दर्ज की जा रही हैं, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी आसान हो गई है।ई-ऑफिस प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण लाभ इसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा है। अब किसी भी फाइल की स्थिति को आसानी से देखा जा सकता है, वह किस अधिकारी के पास लंबित है और कितने समय से। इससे कार्यों में अनावश्यक विलंब कम हुआ है और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। इस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे फाइल निर्माण, नोटशीट लेखन और दस्तावेज अपलोडिंग में दक्ष हो चुके हैं। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एनआईसी और तकनीकी टीम का सहयोग भी लगातार लिया जा रहा है।शासन की मंशा है कि भविष्य में संपूर्ण पत्राचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। शासन की यह कदम समय की बचत और विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा। महासमुंद जिले में यह पहल निश्चित रूप से डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में सार्थक रूप से संचालित हो रहा है।
- 0- हर घर मिल रहा शुद्ध पेयजलराजनांदगांव। डोंगरगढ़ विकासखंड के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम घीकुडिय़ा में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित जल आपूर्ति शुरू होने से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब हर घर तक शुद्ध पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो गई है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पानी टंकी का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने तथा टेप नल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक घर तक जल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस सुविधा से विशेष रूप से महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता और वे अपने अन्य कार्यों पर ध्यान दे पा रही हैं। इस पहल का असर बच्चों की दिनचर्या पर भी देखने को मिला है। पहले जहां पानी लाने में समय व्यतीत होता था, वहीं अब बच्चे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में अधिक समय दे पा रहे हैं। साथ ही गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। ग्रामीणों ने पानी की महत्ता को समझते हुए हर घर नल के साथ जिम्मेदारी भी निभानी शुरू कर दी है। जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।गौरतलब है कि जल जीवन मिशन से पहले गर्मी के मौसम में गांव में पानी की भारी किल्लत रहती थी। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और स्वास्थ्य समस्याएं होती थी, लेकिन अब जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से ग्राम घीकुडिय़ा के हर घर तक नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन, तकनीकी समाधान और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह परिवर्तन संभव हो सका है, जो दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास की एक मिसाल बन गया है।--
- राजनांदगांव । राज्य शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले के नागरिकों एवं राशनकार्डधारियों की सुविधा को दृष्टिगत सभी पात्र हितग्राहियों को माह अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों को तीन माह का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की सभी दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण कार्य तीव्र गति से किया गया है, जिसमें कुल आबंटन के विरूद्ध लगभग 75 प्रतिशत भंडारण पूर्ण किया जा चुका है। इसके साथ ही वितरण की स्थिति भी संतोषजनक है। जिले में तीन माह के आबंटन के विरूद्ध लगभग 41 प्रतिशत राशनकार्डधारियों को तीन माह का चावल एकमुश्त वितरित किया जा चुका है। शेष हितग्राहियों को भी निरंतर वितरण प्रक्रिया के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी द्वारा जिले में भंडारण एवं वितरण की वास्तविक स्थिति के आकलन करने राजनांदगांव शहर के मोतीपुर, नवागांव, नया ढाबा, राहुल नगर, पुलिस लाईन, स्टेडियम वार्ड के उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हितग्राही उर्मिला चंद्राकर, देवकी पटेल, मनीषा वर्मा, कमलेश्वरी साहू, टाकेश्वरी साहू, भुवन ढीमर एवं अन्य हितग्राहियों ने बताया कि तीन माह का चावल एकमुश्त मिल हो रहा है। वितरण प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी रूप से संचालित हो रही है। निरीक्षण के दौरान शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों को तीन माह का राशन एकमुश्त वितरण के निर्देश दिये गये। नागरिकों से संबंधित उचित मूल्य दुकानों से निर्धारित प्रक्रिया अनुसार तीन माह का चावल प्राप्त करने की अपील की गई है। वितरण के दौरान किसी प्रकार की समस्या या अनियमितता की शिकायत होने पर तत्काल खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 या 1967 पर शिकायत दर्ज करा सकते है।
- राजनांदगांव । केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए सुजल ग्राम संवाद के 6वें संस्करण का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने जल जीवन मिशन के माध्यम से सोर्स सस्टेनेबिलिटी को लेकर जल संरक्षण के लिए परकोलेसन टैंक, इंजेक्शन वेल, सोख्ता गड्ढा सहित अन्य संरचनाओं के संबंध में जानकारी दी। राष्ट्रीय स्तर से जल संरक्षण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।जल जीवन मिशन अंतर्गत आयोजित सुजल ग्राम संवाद के 6वें संस्करण से डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बाघमार से पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम में पेयजल व्यवस्था के संबंध में सरपंच श्रीमती उर्वशी धु्रव एवं जल बहिनीयों के साथ विशेष चर्चा की गई। इस दौरान जल जीवन मिशन से पूर्व ग्राम में पेयजल की स्थिति एवं वर्तमान सुधार, एफ टीके किट के माध्यम से जल गुणवत्ता की जांच की प्रक्रिया, जल संरक्षण के लिए सोख्ता गड्ढा निर्माण का महत्व, जल उपयोग एवं प्रबंधन अंतर्गत वाटर टैक्स के संबंध में जागरूक किया गया। ग्रामवासियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जल के समुचित उपयोग एवं संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया।
- 0- उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट0- क्रिकेट पिच पर दिखा युवाओं का जोश, खेल भावना से जीता सबका दिलबिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस अवसर पर खिलाड़ियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।श्री साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुश्री अनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति श्री वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- 0- जल जीवन मिशन की समीक्षा : समय सीमा और गुणवत्ता पर कलेक्टर का जोर0- अधूरे कार्यों पर नहीं मिलेगा अंतिम भुगतानबिलासपुर. जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज समस्त कार्य एजेंसियों एवं ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में वर्क्स-2 के भुगतान से संबंधित शर्तों को स्पष्ट करते हुए कलेक्टर ने कहा कि हर घर तक जल पहुंचने और योजना के पूर्ण हस्तांतरण के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा।कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की गहन समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी योजना का अंतिम भुगतान तभी किया जाएगा, जब संबंधित कार्य एजेंसी द्वारा “हर घर जल” की उपलब्धता सुनिश्चित कर योजना का पूर्ण हस्तांतरण (हैंडओवर) किया जाए तथा शत-प्रतिशत कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाए। बैठक के दौरान “वर्क्स-2” भुगतान प्रक्रिया एवं उससे जुड़ी शर्तों की विस्तृत जानकारी देते हुए कलेक्टर ने कहा कि अपूर्ण कार्यों या अधूरी योजनाओं पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्य एजेंसियों को चेताया कि गुणवत्ता और समयसीमा में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक के दौरान कार्य एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रोत (सोर्स) से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि जल आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही एक ही गांव में एकाधिक योजनाओं के संचालन की स्थिति में समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक घर तक जल पहुंचाने की सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।विद्युत कनेक्शन से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने तथा स्रोत निरंतरता के लिए आवश्यक कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करना मिशन की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी कार्य एजेंसियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करें और शासन की “हर घर जल” परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करें। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, ईई पीएचई श्री धनंजय सहित अन्य विभागीय अधिकारी और ठेकेदार उपस्थित थे।--
- बिलासपुर. कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत द्वारा आज जनपद पंचायत तखतपुर के सचिवों और रोजगार सहायकों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि सभी कार्य समयसीमा में पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने तथा अधूरे आवासों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाने और अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।इस अवसर पर जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ सत्यव्रत तिवारी, एसडीओ आर.बी. साहू, सभी सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहे।
- 0- हजारों जिंदगियों को मिला नया जीवनबिलासपुर. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के रक्त केंद्र ने वित्तीय वर्ष 01अप्रैल 2025 से 31मार्च 2026 के दौरान कुल *10,043 यूनिट* रक्त संग्रह कर संभाग के मरीजों के लिए जीवनरक्षक की भूमिका निभाई है। सिम्स की यह उपलब्धि न केवल संख्यात्मक है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि संस्थान ने सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बिना डोनर के भी नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया है।सेवा और समर्पण का विजन- सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्थान के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:> "सिम्स का मूल मंत्र केवल चिकित्सकीय उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद आर्थिक या संसाधनों के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। हमने एक ऐसी व्यवस्था विकसित की है जहाँ सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बिना किसी डोनर की अनिवार्यता के नि:शुल्क रक्त दिया जा रहा है। 10 हजार यूनिट का आंकड़ा हमारे स्टाफ की मेहनत और जनता के भरोसे का परिणाम है।"विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. बी.पी. सिंह (चिकित्सा अधीक्षक सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल): बेहतर प्रबंधन से सुलभ हुई राह**रक्त केंद्र के सुदृढ़ प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया:> "पिछले एक साल में हमने ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाया है। हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों, विशेषकर दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर एनीमिया के मरीजों को तत्काल रक्त प्राप्त हो। बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के कारण ही हम 33 रक्तदान शिविरों के माध्यम से भारी मात्रा में यूनिट एकत्रित कर पाए। अब सिम्स में रक्त की उपलब्धता पहले से कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित है।"चिकित्सा अधीक्षक सिम्स डॉ. लखन सिंह सामाजिक सहभागिता और स्वैच्छिक रक्तदान पर जोररक्तदान मुहिम को जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ने सामाजिक संगठनों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा:> "रक्त कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता, यह केवल दान से ही संभव है। इस 10,043 यूनिट के संग्रह में उन स्वैच्छिक रक्तदाताओं का बड़ा हाथ है जिन्होंने बिना किसी पहचान के मानवता के लिए रक्तदान किया। विशेष रूप से *संत निरंकारी मंडल* जैसे संगठनों का सहयोग अनुकरणीय रहा है। मेरा युवाओं से आह्वान है कि वे आगे आएं, क्योंकि आपका एक यूनिट रक्तदान तीन जिंदगियां बचा सकता है।"*रक्त संग्रह एवं उपयोग का विश्लेषण (2025-26)* संस्थान ने न केवल रक्त एकत्रित किया, बल्कि उसके घटकों (Components) का भी वैज्ञानिक तरीके से वितरण किया:| विवरण इकाई (यूनिट) कुल रक्त संग्रह 10,043 | स्वैच्छिक रक्तदान (इन-हाउस) | 3,541 रक्तदान शिविर (33 शिविर) 1,340 परिजनों द्वारा (रिप्लेसमेंट) | 5,162 | *घटकों का उपयोग:* * लाल रक्त कणिकाएं** 4,282 यूनिट (एनीमिया और सर्जरी हेतु) * प्लाज्मा 977 यूनिट मरीजों को एवं 2,260 यूनिट दवा निर्माण हेतु। * प्लेटलेट्स221 यूनिट (डेंगू व अन्य संक्रमण हेतु) *मानवीय पहल: बिना डोनर के नि:शुल्क रक्त*सिम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि थैलेसीमिया और सिकल सेल के मरीजों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इन मरीजों को बार-बार रक्त की आवश्यकता होती है, जिसे सिम्स प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी प्रतिस्थापन (Replacement) के उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही, नेगेटिव ब्लड ग्रुप के प्रबंधन के लिए एक विशेष डेटाबेस भी तैयार किया गया है ताकि संकट के समय समय न गंवाना पड़े।*अपील:* सिम्स प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि वे रक्तदान को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं ताकि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की कमी से होने वाली मौतों को शून्य पर लाया जा सके।
- 0- पंचायत दिवस पर स्व-गणना के लिए ग्रामीणों को किया प्रेरितबिलासपुर. पंचायत दिवस के अवसर पर जिले की सभी ग्राम सभाओं में जनगणना से संबंधित व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत जिले के जनगणना अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को जनगणना की प्रक्रिया, उसके महत्व तथा विकास योजनाओं में इसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या का आंकलन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार भी है। उन्होंने ग्रामीणों को स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक समय पर और सही जानकारी देकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभाओं में बैनर, पोस्टर एवं प्रचार सामग्री का वितरण किया गया, जिससे लोगों में जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़े। साथ ही अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि कैसे वे डिजिटल माध्यम से या निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। लोगों ने अभियान में रुचि दिखाते हुए प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा उत्तर दिया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जनगणना के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें समय पर, सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना रहा, ताकि आगामी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।--
- 0- कलेक्टर ने की अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपीलबिलासपुर. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में आमजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु 1 मई से 10 जून 2026 तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तिथि-वार शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान के अंतर्गत जिलेभर में कुल 73 शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगरीय निकाय क्षेत्रों में 24, नगर पंचायत क्षेत्रों में 18 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 31 शिविर शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य शासन की सेवाओं को आमजन तक उनके द्वार तक पहुंचाना एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। कलेक्टर के निर्देशन में यह अभियान जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से संचालित होगा, जिसमें सभी विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।निगम में आयोजित वार्डवार शिविर*निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नगर निगम क्षेत्रों में 1 मई को वार्ड 1 एवं 2, 4 मई सोमवार को वार्ड 5, 6, 7 एवं 8, 5 मई को वार्ड 15, 16 एवं 17, 6 मई को वार्ड 23,और 24 , 7 मई को वार्ड 30, 35 एवं 36, 8 मई को वार्ड 38, 39एवं 41, 11 मई सोमवार को वार्ड 47 , 48, 51, एवं 52, 12 मई को वार्ड 59, 60, 61 एवं 62, 13 मई को वार्ड 03, 04, 14 मई को वार्ड 09, 15 मई को वार्ड 19, 20 एवं 21, 18 मई को वार्ड 25 एवं 26, 19 मई को वार्ड 31, 32, एवं 40, 20 मई को वार्ड 42, एवं 43, 21 मई को वार्ड 49 एवं 50, 53, 54, एवं 55, 22 मई शुक्रवार को वार्ड 63, 64, 65, 66, 25 मई को वार्ड 13, 14, 26 मई को वार्ड क्रमांक 10, 11, एवं 12, 28 मई को वार्ड 18, 22, 2 जून मंगलवार को वार्ड 27, 28 एवं 29, 3 जून को वार्ड 33, 34 एवं 37, 4 जून को वार्ड 44, 45, 46, 69 एवं 70, 5 जून शुक्रवार को वार्ड 56, 57 एवं 58, 8 जून को वार्ड 67 एवं 68 में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार नगर पंचायतों में भी वार्डवार शिविर आयोजित किये जाएंगे।ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतवार शिविर*इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम अनुसार 1 मई को ग्राम पंचायत हरदीकला, 2 मई को ग्राम पंचायत रानीडेरा, 4 मई को सोंठी, 5 मई को बिटकुली, 6 मई को उच्चभट्ठी , 7 मई को सीपत, तथा 8 मई को तखतपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत विजयपुर, 9 मई को कोटा ब्लाॅक के बानाबेल में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार 11 मई को बिल्हा ब्लाॅक के खम्हारडीह, 13 मई को मस्तुरी ब्लाॅक के पंधी, 14 मई को हरदी, 15 मई को पोंड़ी मोहदा, 16 मई को नेवसा, एवं 18 मई को मस्तुरी ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे। 20 मई को मोछ, 21 मई को मिट्ठुनवागांव, 22 मई को हिर्री, 23 मई को भटचैरा, 25 मई को सकर्रा, 28 मई को कोटा ब्लाॅक के रानीगांव, 29 मई को गोढ़ी, 30 मई को परसोड़ी, 01 जून को गनियारी ,03 जून को मनपहरी, 04 जून को गोंदईया, 05 जून को केंवटाडीह टांगर, 06 जून को भरारी, 08 जून को बिल्हा के नगोई एवं कोटा ब्लाॅक के पिपरतराई, 09 जून को बूढ़ीखार, 10जून को तखतपुर ब्लाॅक के बोड़सरा में शिविर आयोजित किए जाएंगे।शिविरों में मिलेगी सभी प्रमुख सेवाएं एक ही स्थान पर*इन शिविरों में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।कलेक्टर ने कहा है कि “सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की सेवाओं को आमजन तक उनके द्वार तक पहुंचाना है। उन्होने निर्देश दिये है कि सभी अधिकारी शिविरों में पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहें और अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण मौके पर ही सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने निकटतम शिविर स्थल में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में शिविरों का लाभ उठाएं और शासन की योजनाओं से जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं।
- दुर्ग. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के सभी 300 ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ‘नवा तरिया आय के जरिया’, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली।ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘संपदा’ ऐप में परिसंपत्तियों का अपलोड, ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन, तथा ‘नवा तरिया आय के जरिया’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनगणना के लिए स्वयं गणना पत्रक भरने की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित जानकारियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह द्वारा पूर्व में ही सभी ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशानुसार ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित कर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्राम सभाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदियों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संरक्षण एवं आजीविका बढ़ाने के उपायों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के अंतर्गत एक अभिनव पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन की दीवारों पर गांव के जलस्तर (वॉटर लेवल) की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे आम नागरिक अपने क्षेत्र के भू-जल स्तर से अवगत हो सकें।‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जलस्तर से संबंधित आंकड़े संकलित कर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं तथा एकरूपता के साथ दीवार लेखन कार्य किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।ग्राम पंचायत रसमड़ा में आयोजित ग्राम सभा में भी ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्राम सभा में सरपंच श्रीमती मोतीराम निषाद, उपसरपंच बालकिशन निषाद, ग्राम पंचायत सचिन कमिनी चंद्राकर, पंच बसंत निर्मलकर, कौशल्या साहू, संजू कुमार निषाद एवं प्रीति शिक्का सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। जिले के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपने गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाएं।--
- दुर्ग. पंचायती राज दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग द्वारा आज 24 अप्रैल को पाटन विकासखण्ड के दो ग्राम पंचायतों खम्हारिया एवं पाहंदा (अ) में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वैज्ञानिक श्री मनीष कुमार वर्मा ने खाद की कमी होने पर घबराने के बजाय आगामी खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए विकल्प सुझाए। उन्होंने बताया कि किसान पारम्परिक खाद के जगह नैनों यूरिया, नैनो डी.ए.पी, नील हरित काई, पी.एस.बी., के.एस.बी. जेड.एस.बी., एजोस्पाईरिलम का उपयोग कर सकते है। इससे न केवल खेती की लागत कम होगी बल्कि लाभ भी बढ़ेगा।मृदा वैज्ञानिक डॉ. ललिता रामटेके ने बताया कि असंतुलित मात्रा में खाद डालने से केवल फसल का उत्पादन ही प्रभावित नहीं होता बल्कि हमारी मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी लगातार घट रही है। उन्होंने मिट्टी की जॉच करवाने और जैविक रासायनिक खाद दोनों को संतुलित रूप में उपयोग करने पर जोर दिया। साथ ही साथ मिट्टी को सेहतमंद बनाने के लिए केचुऑ खाद, हरी खाद, एजोला बनाने की विधि के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत खम्हारिया की सरपंच श्रीमती सोनिया यदु एवं पाहंदा (अ) की सरपंच श्रीमती ईसरावती ठाकुर, सचिव एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।



























