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- 0- पाँच दिवसीय फेम टूर में मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय वैभवरायपुर। डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर" का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देश और दुनिया तक पहुंच सके।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सतरेंगा तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इन्फ्लुएंसर्स प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही वे विभिन्न डिजिटल मंचों के लिए आकर्षक फोटो, वीडियो और रचनात्मक सामग्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की विशेषताएं लाखों दर्शकों तक पहुंचेंगी।मैनपाट अपनी मनोहारी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विशेष स्थान रखता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ गंतव्य है, जहां विशाल जलाशय, प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत से भी रूबरू हो रहे हैं।यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के सक्षम संचालन तथा उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की टीम द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन का अंतिम दिन 30 जून को निर्धारित है।डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से तैयार की जा रही डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता और दृश्यता बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। इस प्रकार के नवाचार आधारित प्रचार अभियान राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी समय में भी पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभिनव प्रयास निरंतर किए जाते रहेंगे।
- 0- प्राकृतिक वादियां, झरने और शांत वातावरण पर्यटकों को कर रहे आकर्षितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और विविध पर्यटन स्थलों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।हरी-भरी पहाड़ियां, घने साल के जंगल, कल-कल बहते झरने, स्वच्छ नदी-नाले और शांत वातावरण जशपुर को प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। महानगरों की व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ पल बिताने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।जशपुर में प्रकृति, रोमांच, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलता है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित पर्यटन स्थल हर वर्ष हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।जशपुर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित रानीदाह जलप्रपात हरी-भरी पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित है। वर्षा ऋतु में इसकी प्राकृतिक छटा और भी मनमोहक हो जाती है। यह पिकनिक एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए पसंदीदा स्थल है।बगीचा विकासखंड में स्थित कैलाश गुफा घने जंगलों के बीच प्राकृतिक रूप से निर्मित अद्भुत गुफा है। यहां भगवान शिव का मंदिर तथा संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है। यह स्थान आध्यात्मिक शांति एवं प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम संगम प्रस्तुत करता है।बगीचा विकासखंड का राजपुरी जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहां पहुंचकर पर्यटक प्रकृति के बीच अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त करते हैं।कुनकुरी विकासखंड का मयाली नेचर कैम्प एडवेंचर और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां बोटिंग सहित प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया जा सकता है।कुनकुरी क्षेत्र में स्थित मधेश्वर पहाड़ प्राकृतिक रूप से शिवलिंग के आकार का विशाल पर्वत है। इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह स्थल धार्मिक आस्था और प्राकृतिक आश्चर्य दोनों का अद्भुत उदाहरण है।फरसाबहार विकासखंड में ईब नदी के तट पर स्थित कोतेबिरा अपनी विशाल प्राकृतिक चट्टानों, शांत वातावरण और मनोहारी पहाड़ी श्रृंखलाओं के लिए प्रसिद्ध है।बगीचा विकासखंड स्थित खुडिया रानी गुफा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का महत्वपूर्ण स्थल है, जहां प्रकृति और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।जशपुर सड़क मार्ग से प्रदेश के प्रमुख शहरों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन रांची (झारखंड) और झारसुगुड़ा (ओडिशा) हैं। रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे तथा झारसुगुड़ा हवाई अड्डे तक हवाई यात्रा कर पर्यटक लगभग तीन घंटे की सड़क यात्रा के बाद जशपुर पहुंच सकते हैं। रायगढ़, सरगुजा और बिलासपुर से भी सड़क मार्ग द्वारा जशपुर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच होमस्टे स्थापित किए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन एवं पर्यटक सेवाओं का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।जिला प्रशासन ने केरे गांव को एक आकर्षक एवं भरोसेमंद ग्रामीण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। इससे स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन शैली से पर्यटकों को परिचित होने का अवसर मिल रहा है।प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक आस्था, रोमांच और आदिवासी संस्कृति का अद्भुत संगम समेटे जशपुर आज छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक प्रकृति के बीच सुकून, रोमांच और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटता है।
- धमतरी। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने ग्राम पीपरछेड़ी (ग), थाना अर्जुनी क्षेत्र में 52 पाव अवैध देशी प्लेन शराब जब्त की है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गठित टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर ग्राम पीपरछेड़ी निवासी सुमित कुमार भारती के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से 52 पाव अवैध देशी मदिरा प्लेन बरामद की गई। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। आबकारी विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या बिक्री संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सके।
- 0- किसान भईयों को कम लागत में होगी अधिक पैदावारी0- विशेष लेख- तेजबहादुर सिंह भुवाल, सहा. जनसंपर्क अधिकारीरायपुर। छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है। यहां की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और किसानों की समृद्धि राज्य के विकास से सीधे जुड़ी हुई है। बदलते समय के साथ खेती में नई तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है, जिनमें नैनो उर्वरक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में उभरा है। कम लागत, अधिक प्रभाव और पर्यावरण संरक्षण जैसे गुणों के कारण नैनो उर्वरक आज किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा हैं। नैनो उर्वरक अत्यंत सूक्ष्म कणों से निर्मित होते हैं, जिन्हें पौधे तेजी से और अधिक मात्रा में अवशोषित कर लेते हैं। इसके कारण पौधों को आवश्यक पोषक तत्व सही समय पर उपलब्ध हो जाते हैं और फसलों का विकास बेहतर तरीके से होता है। पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इनकी मात्रा कम लगती है, जिससे किसानों का खर्च घटता है और उत्पादन में वृद्धि होती है।छत्तीसगढ़ में धान, मक्का, चना, अरहर तथा सब्जी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में कई किसानों ने अनुभव किया है कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से फसल की पैदावार बेहतर होती है, पौधे अधिक हरे-भरे रहते हैं और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होता है।नैनो उर्वरकों का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव कम पड़ता है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से जहां भूमि की गुणवत्ता प्रभावित होती है, वहीं नैनो उर्वरक संतुलित पोषण प्रदान कर मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता करते हैं। साथ ही जल स्रोतों में रासायनिक तत्वों के बहाव को भी कम करते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।परिवहन और भंडारण की दृष्टि से भी नैनो उर्वरक काफी सुविधाजनक हैं। पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियों की जगह छोटी बोतलों में उपलब्ध नैनो उर्वरक किसानों के लिए आसानी से ले जाने और उपयोग करने योग्य होते हैं। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देकर खेती को अधिक उत्पादक, किफायती और टिकाऊ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित खेती ही भविष्य की कृषि का आधार है। नैनो उर्वरकों का उपयोग न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।छत्तीसगढ़ सरकार तथा कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने भी राज्य के किसानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और नवीन तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं। उन्होंने किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक होने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार इनका प्रयोग करने का आग्रह किया है, ताकि उत्पादन बढ़े, लागत घटे और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।वर्तमान में कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बीच नैनो उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर सामने आए हैं। यह तकनीक कम खर्च में बेहतर उत्पादन, स्वस्थ मिट्टी और सुरक्षित पर्यावरण का मार्ग प्रशस्त करती है। यदि छत्तीसगढ़ के किसान वैज्ञानिक सलाह और संतुलित उपयोग के साथ नैनो उर्वरकों को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में यह राज्य की कृषि उन्नति और किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है। निस्संदेह, नैनो उर्वरक छत्तीसगढ़ के किसान भाइयों के लिए आधुनिक खेती का नया वरदान साबित हो सकता है।
- 0- घर बैठे मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र, समय और धन की हुई बचत; डिजिटल सेवाओं से रोजगार की राह हुई आसान, ग्रामीणों में बढ़ा शासन पर विश्वासरायगढ़। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल सेवा वितरण को नई दिशा मिल रही है। शासन की जनहितैषी सोच और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा सेवा सेतु पोर्टल आज प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए भरोसेमंद माध्यम बन चुका है। इस पोर्टल के जरिए शासकीय सेवाएं अब घर बैठे सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आमजन का समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है।रायगढ़ जिले की तहसील पुसौर के ग्राम भाठनपाली निवासी श्री अजय कुमार प्रधान की सफलता की कहानी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की डिजिटल सुशासन की सोच को साकार करती है। लंबे समय से स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वे सरकारी कार्यालयों के लगातार चक्कर लगा रहे थे। बार-बार तहसील कार्यालय जाने से समय और आर्थिक संसाधनों की हानि हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आवश्यक प्रमाण पत्र समय पर प्राप्त नहीं हो पा रहा था। इसके कारण वे कई सरकारी नौकरियों में आवेदन करने से भी वंचित रह जाते थे।इसी दौरान उन्हें सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिली। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इस प्रमाण पत्र ने न केवल उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान किया, बल्कि रोजगार के नए अवसरों के द्वार भी खोल दिए।प्रमाण पत्र मिलने के बाद श्री अजय कुमार प्रधान ने रोजगार सहायक के पद के लिए आवेदन किया। अब वे स्वयं सेवा सेतु पोर्टल का लाभ लेने के साथ-साथ अपने गांव के अन्य लोगों को भी जाति, आय, निवास सहित विभिन्न शासकीय प्रमाण पत्रों और सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि सेवा सेतु पोर्टल ने सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर समाप्त कर दिए हैं। अब घर बैठे आवेदन करना, समय पर सेवाएं प्राप्त करना और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सेवा सेतु पोर्टल इसी सोच का सशक्त परिणाम है, जिसने शासकीय सेवाओं को आमजन के द्वार तक पहुंचाकर प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया है। यह पहल न केवल नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा रही है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु भी बन रही है।श्री अजय कुमार प्रधान की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन आधारित डिजिटल पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। सेवा सेतु पोर्टल आज केवल एक ऑनलाइन मंच नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए सुविधा, विश्वास और सशक्तिकरण का माध्यम बन चुका है।
- 0- पिछले साल जितनी मात्रा इस बार भी मिलेगी\रायपुर। खरीफ सीजन में किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने उर्वरक वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में मिली यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।प्रदेश में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पहले लागू कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार यूरिया का वितरण किया जाएगा। यदि संबंधित सहकारी समिति में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तो किसानों को एकमुश्त यूरिया दिया जाएगा। वहीं, स्टॉक सीमित होने की स्थिति में उपलब्ध मात्रा पहले वितरित की जाएगी और शेष यूरिया बाद में स्टॉक पहुंचते ही संबंधित किसान को उपलब्ध कराया जाएगा।शासन ने स्पष्ट किया है कि डीएपी उर्वरक के वितरण की पूर्व व्यवस्था यथावत लागू रहेगी, जबकि संशोधित निर्देश केवल यूरिया वितरण के लिए प्रभावी होंगे। इसका उद्देश्य उर्वरकों का संतुलित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा सहकारी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि संशोधित व्यवस्था का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करें। सरकार का मानना है कि समय पर और सुचारु रूप से यूरिया उपलब्ध होने से खरीफ फसलों की बुवाई और पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होगी तथा किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की उर्वरक संकट की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- 0- सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गयानारायणपुर। नारायणपुर पुलिस द्वारा गौवंश संरक्षण संबंधी कानूनों के प्रभावी पालन हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना बेनूर पुलिस ने ग्राम मालिंगनार पटेलपारा में गौवंश वध की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।27 जून को थाना बेनूर को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मालिंगनार पटेलपारा में कुछ व्यक्तियों द्वारा गौवंश का वध किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बेनूर पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।मौके पर 12 व्यक्ति गौवंश को काटते हुए पाए गए। पुलिस ने घटनास्थल से गौवंश का मांस, पका हुआ मांस, गौवंश के चार पैर, पूंछ के टुकड़े, खाल तथा घटना में प्रयुक्त एक टंगिया एवं दो धारदार छुरियां बरामद कर जब्त कीं।प्रथम दृष्टया आरोपियों का कृत्य छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 5 एवं 10 के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर थाना बेनूर में अपराध क्रमांक 08/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।प्रकरण में नामजद आरोपियों में मंगलूराम सलाम (32 वर्ष), सिद्दू सलाम (58 वर्ष), मनकूर वड्डे (40 वर्ष), सुखमन करंगा (45 वर्ष), रामसिंग सलाम (35 वर्ष), इतवारु राम करंगा (42 वर्ष), मंगिया सलाम (30 वर्ष), सोमारू सलाम (27 वर्ष), मंगेल सलाम (50 वर्ष), मनकू वड्डे (40 वर्ष), सोमजी सलाम (30 वर्ष) तथा सन्नू (22 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम मालिंगनार पटेलपारा, थाना बेनूर, जिला नारायणपुर के निवासी हैं।प्रकरण में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।नारायणपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि गौवंश संरक्षण संबंधी कानूनों का पालन करें तथा इस प्रकार की किसी भी अवैधानिक गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय पर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
- 0- किसानों को दी गई समिति के कार्यों की जानकारीबलौदाबाजार. सहकारिता मंत्रालय गठन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सहकारी सप्ताह के दिनांक 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। जिले के सभी सहकारी समितियो एवं सहकारी बैंक शाखाओ में सहकारी ध्वजारोहण कर सोमवार को सहकारिता सप्ताह का शुभारम्भ किया गया।सहकारी सप्ताह में जिला स्तर पर अनेक सहकारी गतिविधियॉ तथा सहकारी चिंतन एवं सहकारी मेला का आयोजन किया जाएगा। जिले के 168 पैक्स, 15 बैंक शाखा एवं जिला सहकारी संघ, लघु वनोपज सहकारी समिति, दुग्ध एवं मत्स्य, विपणन सहकारी समिति, कृशक उत्पादक (एफपीओ) सहकारी समितियों में हर्षोल्लास के साथ ध्वाजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों, कृषक सदस्यों, जनप्रतिनिधि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों को संस्था की व्यवसाय, खाद-बीज, संस्था उपविधि का पाठ्न किया गया।आगामी दिवसों में समितियों मे होने वाले गतिविधियों, कृषक संगोष्ठी, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर, केसीसी कार्ड, रुपे कार्ड वितरण, विद्यालय एवं महाविद्यालय मे निबंध, क़्विज प्रतियोगिता एवं सहकार संकल्प दौड़ आयोजित की जाएगी।
- 0- समस्त श्रेणी के नवीन कृषकों का एग्रीस्टेक में पंजीयन जरुरीबलौदाबाजार. राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन हेतु नवीन किसान पंजीयन एवं संशोधन के लिये 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक समय -सीमा निर्धारित किया गया है।धान उपार्जन हेतु समस्त श्रेणी के किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य है।ऐसे कृषक जिनके द्वारा विगत वर्ष 2025-26 में धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया गया है एवं जिनके पास एग्रीस्टेक फार्मर आई.डी. तथा किसान कोड उपलब्ध है उन्हें पृथक से कोई नवीन पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इन कृषकों द्वारा खरीदी-बिकी,नामांतरण,बटवारा,फौती,अन्य माध्यम से यदि नवीन भूमि प्राप्त की गई हो, तो केवल ऐसी भूमि,खसरा नंबर का संशोधन धान विक्रय हेतु संबंधित उपार्जन केन्द्रों या समितियों में किया जाएगा।वन पटटाधारी,डुबान,शासकीय पटटेदार,कोटवार, संस्थागत कृषकों को भी धान विक्रय किये जाने हेतु एग्रीस्टेक में पंजीयन किया जाना अनिवार्य होगा।अधिया,रेगहा बटाईदार,लीज के माध्यम से धान विक्रय करने वाले कृषकों को एग्रीस्टेक पोर्टल में प्रदाय किये गये ऑथराईजेशन मॉड्यूल के माध्यम से अधिकृत किया जाना है।विगत खरीफ वर्ष 2025-26 में धान विक्रय हेतु पंजीयन नहीं कराया गया था एवं जिनके पास किसान कोड उपलब्ध नहीं है, ऐसे नवीन कृषकों के एग्रीस्टेक में पंजीयन उपरांत, संबंधित समिति,उपार्जन में संपर्क कर अपनी भूमि,खसरे का पंजीयन, बैंक का विवरण, नॉमिनी विवरण ऑनलाईन सोसायटी माड्यूल में समिति या उपार्जन केन्द्र करेंगे।वन पटटाधारी,डुबान श्रेणी के नवीन कृषक के एग्रीस्टेक में पंजीयन हेतु इनके खसरे,कम्पार्टमेंट नंबर की फॉर्म आई.डी. बनाये जाने हेतु आवश्यक जानकारी खाद्य अधिकारी मॉड्यूल में किया जाएगा। एग्रीस्टेक में पंजीयन उपरांत वन पटटाधारी,डुबान श्रेणी के उक्त नवीन कृषक भी संबंधित समिति में अपने भूमि,खसरा नंबर का मैपिंग कर किसान कोड प्राप्त करेंगे। विगत वर्ष 2025-26 के संस्थागत पंजीयन एवं नवीन पंजीयन कृषकों के एग्रीस्टेक आई.डी. बनाये जाने हेतु संस्था के प्रतिनिधि का नाम, मोबाईल नंबर, आधार नंबर, पंजीयन कमांक इत्यादि की प्रविष्टि खाद्य अधिकारी माड्यूल में किया जावेगा, जिसके उपरांत संस्था को एग्रीस्टेक आई.डी. प्राप्त हो सकेगी।
- बलौदाबाजार. खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी क्षेत्र में यूरिया वितरण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूरिया की वर्तमान पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पूर्व में जारी कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है।नए निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को यह उर्वरक एकमुश्त अथवा संबंधित सहकारी समिति में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर चरणबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा। यदि किसी समिति में तत्काल पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं है, तो शेष मात्रा बाद में स्टॉक उपलब्ध होते ही संबंधित किसान को प्रदान की जाएगी। शासन ने सभी जिला कलेक्टर, कृषि अधिकारियों तथा सहकारी संस्थाओं को संशोधित निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध हो सके और खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
- -खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर 37 गोल्ड एवं 27 सिल्वर मेडल किया प्राप्तबिलासपुर /खेलों ताइक्वांडो युथ स्पोर्ट्स फेडरेशन एवं पीसीए मैनेजमेंट स्पोर्ट्स नेपाल द्वारा इंडो नेपाल इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप का आयोजन पोखरा में 12 से 18 जून 2026 तक किया। इस इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान ताईक्वांडो के खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिसमें भारत के 61 खिलाड़ी एवं बिलासपुर जिले से 17 खिलाडी प्रतियोगिता में शामिल हुए। शामिल हुए। खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 37 गोल्ड एवं 27 सिल्वर मेडल प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। भारत के लिए यह गौरव की बात है। द्वितीय स्थान पर नेपाल और तृतीय स्थान बांग्लादेश ने प्राप्त किया। विजेता खिलाड़ियों ने एसएसपी श्री रजनेश सिह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, टीवायएफ स्पोर्ट्स फेडरेशन के अध्यक्ष टी आर बाबा पात्रे, उपाध्यक्ष उमाशंकर साहू, कमलेश वाशनिक से सौजन्य मुलाक़ात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जिनमें खिलाडी अमन गेंडारे, नीलिमा, रिमझिम गुप्ता, गुलमित्रा बाँधी, राजवीर, सिल्वर मेडल पाने वाले खिलाडी ऋषभ, जतिन, गौरव, मानसी, उपाशना, आसना, मिहिल, आदित्य, संजनी, गीतांजलि साहू ने पदक अपने नाम किया। सभी पदक विजेता को इंटरनेशनल मास्टर गणेश सागर ने बधाई दी।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन-रामगढ़ सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर है : मंत्री श्री अग्रवाल-समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथिरायपुर / आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर सरगुजा अंचल की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का शुभारंभ सोमवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया। पारंपरिक गरिमा, सांस्कृतिक उल्लास और ऐतिहासिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन में लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व और पर्यटन का अद्भुत समागम देखने को मिला। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं नई दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर सांसद श्री चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान आगंतुकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला के रूप में प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इतिहास एवं पुरातत्व विशेषज्ञ इन स्थलों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेगी।उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का समय यहां व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास ने भी यहीं मेघदूतम् की रचना की थी। सीताबेंगरा, जोगीमारा, राम-जानकी मंदिर तथा हाथीपोल जैसे ऐतिहासिक स्थल विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से रामगढ़ को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाएगी।लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक एवं साहित्यिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रचारित एवं संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान भविष्य में विश्वस्तर पर और अधिक सशक्त होगी तथा अधिकाधिक पर्यटक इस धरोहर से जुड़ेंगे। उन्होंने सभी आगंतुकों से महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में सहभागिता कर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का आनंद लेने का आग्रह किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री राम किशुन सिंह, पूर्व सांसद श्री कमलभान सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधा रवि एवं श्रीमती रायमुनिया कुरियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री आलोक सिंह, उपाध्यक्ष श्री सिद्धार्थ सिंह, पार्षद श्री आलोक दुबे, एल्डरमैन श्री करता राम गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, साहित्यकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- - देवेंद्र नगर महिला केंद्र की नई संयोजिका बनी नम्रता, सेवाभावी कार्यों के विस्तार और नए सदस्य बनाने पर भी चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की देवेंद्र नगर महिला केंद्र की टीम ने शीतल रनदीवे के निवास पर मासिक बैठक में रोचक गेम्स खेले। ‘ऑड एंड ईवन’ के गेम में रोशनी मेढ़ेकर विजेता रहीं। वहीं दूसरे गेम में पेसिंल में सबसे ज्यादा बैंगल्स फंसाकर साक्षी टोले विनर रहीं। महिलाओं ने अपने केंद्र की संयोजिका का कार्यकाल खत्म होने पर नम्रता गगने को नई संयोजिका चुना गया। वहीं मंडल के सेवाभावी कार्यों के विस्तार और मंडल की सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक शामिल होने पर चर्चा की गई।साक्षी टोले ने बताया कि केंद्र की मासिक बैठक की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। वहीं दो रोचक गेम्स में महिलाओं में गजब का उत्साह देखा गया। पहले गेम में एक बाउल में चावल लेकर उसमें पेंसिल को खड़ा किया गया। फिर निश्चित दूरी से सभी ने पेंसिल में चूडियां फंसाना शुरू किया। किसी के एक तो किसी ने दो चूड़ियां फंसाई। खेल में तीन चूड़ी फंसाकर साक्षी टोले विनर रहीं। इस खेल के साथ महिलाओं ने बचपन के मीना बाजार की यादें ताजा कर लीं।साक्षी के अनुसार दूसरा रोचक गेम ऑड एंड इवन नंबर का खेला गया। इसमें पहले टेबल से छह चूड़ियां रखीं गईं। फिर सभी महिलाओं ने एक-एक करके छह-छह बार पासा फेंका। जिस प्रतिभागी के जितने नंबर आए, उन चूड़ियों में उतना नंबर लिखा गया। छह बार डायस फेंकने के बाद बाउल में दो पर्ची रखी गई। इसमें ऑड और इवन लिखा था। महिलाओं को जिसमें से एक पर्ची उठानी थी। ऑड आने पर चूड़ियों में लिखे ऑड नंबर को जोड़ा जाता और इवन आने पर इवन नंबरों को जोड़ा जाता।इस रोचक खेल में रोशनी मेढ़ेकर विजेता रहीं। उन्होंने ऑड पर्ची उठाई, छह में पांच चूड़ियों में ऑड नंबर थे, जिसका जोड़ 18 आया। इस तरह वह विजेता बनीं। बैठक में रोशनी मेढ़ेकर, श्वेता सायंकर, शीतल रनदीवे, चित्रा खोनदे, साक्षी टोले, हर्षला भारंबे, दीपाली अमीन, सविता भागडीकर, मीना लोनकर, पद्मजा लाड, कुमुद लाड, विद्या लोखंडे, खुशी, नम्रता गंगने उपस्थित थीं।
- - महाराष्ट्र मंडल के आयोजन में समाज कल्याण विभाग के लोक कलाकारों ने दी संगीतमय प्रस्तुतिरायपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज कल्याण विभाग रायपुर के लोक कलाकारों की टीम ने सियान गुड़ी में नशा मुक्ति पर संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सियान गुड़ी में आए बुजुर्गों ने रायपुर को नशा मुक्त बनाने और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।जिला समाज कल्याण विभाग के प्रभारी और प्रमुख कलाकार संतोष चंद्राकर ने वंदेमातरम... वंदेमातरम्..., 'इतनी शक्ति हमें देना दाता’, ‘बैठो मत, हार के छेड़ों सरगम', 'काम बहुत करना है जिंदगी है कम’ देवी जसगीत और नशा मुक्ति पर सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी। इनके साथ दुर्गा कालेज की प्रो. सुनीता चंसोरिया ने गायन में साथ दिया। वहीं तबले पर परमात्मा स्वरूप वस्त्रकार और हारमोनियम पर रमेश सिंह ठाकुर ने संगत दी। अंत में प्रो. सुनीता चंसोरिया ने सभी को नशा न करने और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित करते हुए शपथ दिलाई।समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी के इस कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन में अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल के कई सेवा प्रकल्पों में एक सियान गुड़ी वरिष्ठ नागरिकों के डे केयर के रूप में स्थापित हो रहा है। इसके अलावा संत ज्ञानेश्वर स्कूल, सखी निवास, दिव्यांग बालिका विकास गृह, हाईटेक आंगनबाड़ी, मेडिकल एक्यूपमेंट, फिजियोथैरेपी सेंटर जैसे प्रकल्पों के माध्यम से आमजन की सेवा की जा रही है। जल्द ही महाराष्ट्र मंडल की एबुंलेंस सेवा भी शुरू हो रही है। मंडल के 17 महिला केंद्रों के माध्यम से समय- समय पर नशा मुक्ति को लेकर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।इस अवसर पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, सह सचिव मालती मिश्रा, आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, स्वास्थ्य समिति की समन्वयक डाॅ. कमल वर्मा, अंजलि काले, प्रवीण क्षीरसागर, हेमंत मार्डीकर, डीडी ढगे, कोठेराव ढगे, डा. ओपी सोनी, विकासचंद सिन्हा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, राजेश शर्मा, रामदयाल अवधिया, रामसिंह नायक, डा. ओसी बिसेन, विष्णु कुमार मिश्रा, सुशील कुमार श्रीवास्तव, अनिल पांडे, रामाराव सेंदरे, हिमांचल परगहनिया, केके पाठक, एसएन चौहान, श्याम दलाल, कैलाश कुमार अग्रवाल, श्याम कुमार नायडू, कमला सोनी, डीएल कश्यप, प्रतिभा रामटेके सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।
- -बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास पर दिया विशेष जोरदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शासकीय बालगृह, बाल खुला आश्रय गृह, सेवा भारती मातृछाया बोरसी, सम्प्रेक्षण गृह पुलगांव एवं प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भ्रमण कर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी संस्थानों में बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर श्री सिंह शासकीय बालगृह पहुंचे, जहां वर्तमान में 16 बच्चे निवासरत हैं। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खान-पान की जानकारी ली। बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए उन्होंने गणित के जोड़-घटाव से जुड़े प्रश्न भी पूछे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधीक्षक को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे का उसकी आयु के अनुरूप विद्यालय में प्रवेश कराया जाए तथा अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने बालगृह में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने को कहा।इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने बाल खुला आश्रय गृह का निरीक्षण किया, जहां सात बच्चे रह रहे हैं। उन्होंने सभी बच्चों की नियमित काउंसिलिंग कराने और उनके पुनर्वास की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सात में से पांच बच्चों को बिहार से एक ठेकेदार द्वारा फैक्ट्री में काम कराने के उद्देश्य से लाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को संबंधित ठेकेदार एवं फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध बाल संरक्षण कानूनों के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर श्री सिंह सेवा भारती मातृछाया बोरसी भी पहुंचे। यहां उन्होंने नवजात एवं छोटे बच्चों की देखभाल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। संस्थान में छह केयर टेकर बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। कलेक्टर ने यहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।इसके पश्चात उन्होंने पुलगांव स्थित सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। यहां वर्तमान में 38 किशोर रह रहे हैं, सम्प्रेक्षण गृह में किसी अपराध में शामिल पाए गए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जेल भेजने के बजाय एक सुरक्षित और सुधारात्मक वातावरण में रखकर उनका पुनर्वास करना है। बच्चों को अपराधी बनने से रोकना, उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति में सुधार करना है। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद कर भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर पुलगांव स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भी जायजा लिया। यहां 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के गंभीर अपराधों में संलिप्त किशोरों को पृथक रूप से रखा जाता है। वर्तमान में यहां 38 किशोर रह रहे हैं। कलेक्टर ने संस्थान की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ ही स्टॉक पंजी का अवलोकन किया और आवश्यक अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / दुर्ग वनमंडल के अंतर्गत पाटन क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक टीम पूरी तरह मुस्तैद है। ग्राम देमार-अरसनारा मुख्य मार्ग के समीप वन विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का सघन मुआयना कर प्राकृतिक परिस्थितियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधियों का कोई अस्तित्व नहीं है और संपूर्ण परिक्षेत्र में हरियाली पूरी तरह सुरक्षित है।विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अरसनारा स्थित एक निजी स्वामित्व की भूमि पर वर्षा जल की सुचारू निकासी के लिए कार्य कराया जा रहा था। इस कार्य के दौरान कहुआ प्रजाति का एक वृक्ष (लंबाई लगभग 6-7 मीटर एवं गोलाई 100 से.मी.) प्राकृतिक रूप से जड़ से उखड़कर गिर गया। प्रशासनिक सजगता का परिचय देते हुए उक्त वृक्ष को तुरंत स्थानीय ग्रामवासी श्री बुधारू साहू के सुपुर्दनामे में सुरक्षित सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आवश्यक प्रक्रियात्मक एवं अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। वनमंडलाधिकारी दुर्ग द्वारा हरियाली और वृक्षों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को सुपेला स्थित कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में भर्ती मरीजों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उपचार एवं काउंसलिंग की जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने केंद्र के संचालक श्री अजय कल्याणी को भोजन, दवाइयों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था तथा चिकित्सकीय सेवाओं की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र केवल उपचार का स्थान नहीं, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने मरीजों के समग्र पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने की बात कही।संचालक श्री अजय कल्याणी ने बताया कि केंद्र में मरीजों को सकारात्मक वातावरण के साथ नियमित काउंसलिंग, योग, व्यायाम, मेडिटेशन एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। उन्होंने बताया कि मरीजों को सामान्यतः एक माह तक केंद्र में रखकर उपचार एवं पुनर्वास कराया जाता है। घर लौटने के बाद भी उनकी नियमित फॉलोअप काउंसलिंग की जाती है, ताकि वे दोबारा नशे की ओर न लौटें। निरीक्षण के दौरान संचालक ने केंद्र के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं एवं पुनर्वास गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी. गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - अंधविश्वास, डायन-टोनही जैसी कुप्रथाओं तथा इनके नाम पर होने वाली हिंसा और प्रताडऩा को रोकने के लिए पूरे देश में एक प्रभावी कानून बनाया जाएरायपुर। वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अभाव के कारण आज भी देश में हजारों निर्दोष लोग शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक प्रताडऩा का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं को डायन/टोनही होने के संदेह में अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं तथा अनेक मामलों में उनकी हत्या तक कर दी जाती है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और सभ्य समाज के लिए गंभीर चुनौती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में अंधविश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश देकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंधविश्वास केवल एक गलत धारणा नहीं, बल्कि ऐसा भय है जो व्यक्ति को तर्क, विवेक और सत्य से दूर कर देता है।डॉ. मिश्र ने बताया कि अंधविश्वास निर्मूलन समिति पिछले तीन दशकों से अंधविश्वास, टोनही प्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान चला रही है। इस दौरान हजारों महिलाओं को डायन/टोनही के आरोपों के कारण होने वाली प्रताडऩा से बचाया गया है। समिति द्वारा पीडि़त महिलाओं के उपचार, पुनर्वास तथा समाज में सम्मानजनक पुनस्र्थापना के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा इस गंभीर विषय पर ध्यान दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अंधविश्वास उन्मूलन के प्रयासों को नई गति मिलेगी और समाज में वैज्ञानिक चेतना का विस्तार होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अंधविश्वास, डायन-टोनही जैसी कुप्रथाओं तथा इनके नाम पर होने वाली हिंसा और प्रताडऩा को रोकने के लिए पूरे देश में एक प्रभावी एवं सशक्त राष्ट्रीय कानून बनाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्गों को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।
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बेमेतरा .जिले में रविवार को घर की दीवार गिरने से आठ और 10 साल उम्र की दो बहनों की मौत हो गई तथा 30 साल की एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना बेमेतरा थाना क्षेत्र के रौरपुर गांव में सुबह के समय हुई। उन्होंने कहा कि जान गंवाने वालों की पहचान वंशिका कोसले (10) और उसकी छोटी बहन राधिका (8) के तौर पर हुई है। अधिकारी ने बताया कि दोनों बहनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।
ग्रामीणों ने खंडेलवाल को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें रायपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। - रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सोमवार को आयोजित आम महोत्सव उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, क्लब के पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान आत्मीयता, सौहार्द और संवाद का माहौल देखने को मिला।मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि "आम हर किसी का खास है। यह केवल फलों का राजा नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों की पसंद और हमारी संस्कृति का हिस्सा है। आम किसानों की मेहनत और प्रकृति की अनमोल देन का प्रतीक भी है।" उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने अतिथियों एवं पत्रकार साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रेस क्लब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों का परिवार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पत्रकारों के बीच आपसी भाईचारे, संवाद और सौहार्द को मजबूत करते हैं। व्यस्त दिनचर्या के बीच ऐसे कार्यक्रम एक-दूसरे से मिलने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रामावतार तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय में पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने युवा पत्रकारों से सतत अध्ययन, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ पत्रकारिता करने का आह्वान किया।महोत्सव में विभिन्न किस्मों के स्वादिष्ट आम, आम पन्ना, आम की कुल्फी सहित अन्य व्यंजनों का सभी ने आनंद लिया। पत्रकारों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर समसामयिक विषयों पर चर्चा की और आयोजन की सराहना की।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं पत्रकारों ने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल को सराहा।कार्यक्रम में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, अंशुमन शर्मा, संजीव सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार राजेश दुबे, प्रशांत शर्मा, मंजूषा शर्मा, बृजेश चौबे, प्रदीप दुबे, नारायण भोई, नंदकुमार कंसारी, अनिल पवार, बाबूलाल शर्मा, मनीष वोरा, ठाकुरराम साहू, गोकुल सोनी, बल्ला तिवारी, सनत तिवारी, अजीत शर्मा, कुणाल मिश्रा, अंकित मिश्रा, सैय्यद सलमा, शगुफ्ता, व्यास पाठक, प्रिया पाठक, मीनल शर्मा, विनिता मंडल, रत्ना पांडे, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।
- -कब्जाधारियों का नया रायपुर के सेक्टर-30 में किया जा रहा है व्यवस्थापन-कार्रवाई के दौरान भोजन, पेयजल, चिकित्सा, परिवहन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की रही व्यवस्थारायपुर । धरसींवा विकासखंड के ग्राम सम्मानपुर (नकटी) में सोमवार को राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अमले ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लगभग 9 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर बने 77 अवैध मकानों को हटाया।संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उक्त शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। कार्रवाई से पूर्व प्रशासन द्वारा सभी कब्जाधारियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे तथा अंतिम सूचना भी दी गई थी।कार्रवाई के पश्चात सभी कब्जाधारियों के व्यवस्थापन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित आवासों में की जा रही है। वहां उनके लिए भोजन एवं पेयजल तथा स्वास्थ्य के लिए एम्बुलेंस एवं डॉक्टर्स की टीम की व्यवस्था भी की गई है। सामान के परिवहन के लिए मालवाहक वाहनों की व्यवस्था की गई है तथा सामान सुरक्षित रखने के लिए कोटवारों की ड्यूटी लगाई गई है। व्यवस्थापन स्थल तक लोगों को पहुंचाने के लिए बसों की भी व्यवस्था की गई है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में जनसमस्याओं के निवारण और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए संचालित 'सहयोग केन्द्र' की नियमित कड़ी में मंगलवार 30 जून को लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के माध्यम से आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
- -कम लागत में मिलेगी जीवनरक्षक सुविधा, उप मुख्यमंत्री ने की अग्रवाल महासभा के सेवा कार्य की सराहना-समाज सेवा की प्रेरक मिसाल बना अग्रवाल समाज, महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलने का आह्वानबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को बिलासपुर के अग्रसेन चौक में अत्याधुनिक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस का लोकार्पण किया। यह एंबुलेंस सर्व समाज के लोगों को कम लागत पर उपलब्ध होगी। इस जनसेवा के कार्य के लिए उन्होंने अग्रवाल महासभा को बधाई और शुभकामनाएं दी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अक्सर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है। ऐसे समय में वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। इसके अभाव में कई बार मरीज की जान पर भी संकट आ जाता है।डिप्टी सीएम श्री साव ने कहा कि अग्रवाल महासभा ने लोगों की इस आवश्यकता को समझते हुए समाज को अत्याधुनिक एंबुलेंस समर्पित की है। यह सेवा अनेक जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। समाज को पोर्टेबल वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।श्री साव ने कहा कि यह एंबुलेंस समाज के हर वर्ग के लिए कम कीमत पर उपलब्ध रहेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा मानवता और जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज हमेशा से समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के अनेक कार्यों में समाज की सक्रिय भागीदारी रही है। अत्याधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध कराकर समाज ने अनुकरणीय कार्य किया है।उन्होंने विश्वास जताया कि अग्रवाल समाज भविष्य में भी महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलते हुए सेवा और परोपकार के ऐसे कार्य करता रहेगा। उन्होंने सभी सदस्यों को समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर अग्रवाल महासभा अध्यक्ष श्री बाबूलाल अग्रवाल जी, महामंत्री श्री ओमप्रकाश अग्रवाल जी, प्रदेश महामंत्री श्री राजेंद्र अग्रवाल जी, समाज के प्रबुद्धजन श्री चतुर्भुज अग्रवाल जी, श्री राजकुमार अग्रवाल जी, श्री मनीष अग्रवाल जी, श्री नित्यानंद अग्रवाल जी, श्री सुरजमल अग्रवाल जी, श्री इन्द्रसेन अग्रवाल जी, श्री संतोष अग्रवाल जी, श्री सुरेश जी, श्री प्रह्लाद जी, श्री रामदेव कुमावत जी, श्री राजेश सिंह जी एवं समाज के अलग-अलग विंग के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में डीलर दीदी मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान-आरसेटी और कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी हुई प्रशंसा-राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मारायपुर । नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया।छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा “डीलर दीदी” के रूप में किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और 10,000 से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरसेटी के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक राज मिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है ।उन्होंने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार संवर्धन और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश के जनकल्याणकारी कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
- रायपुर ।सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल तक आवागमन सुगम बनाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुँचाने में मदद करना और ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई, जिससे उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली है।बाजारपारा निवासी वैष्णवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी, जिससे समय के साथ-साथ पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।वैष्णवी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है।
















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