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- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद की 06 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा को छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी आत्मानंद जी पर भी गहरा असर हुआ, जिससे उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा में बिता दिया। मठ और आश्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि उन्होंने अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत काम के लिए खर्च कर दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी का समाज सुधारक और शिक्षाविद् के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान हैं। उनके मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उनके आदर्शों और विचारों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार द्वारा इसी तर्ज पर जिला मुख्यालयों और विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिन्दी मीडियम स्कूल शुरू किये जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रामीण सहित दूरस्थ अंचलों में 753 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसी कड़ी में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कॉलेज भी प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना शुरू की है, जिससे गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध हो सके। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों और चार शहरों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।श्री बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी नेे आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। राज्य सरकार ने भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए वनवासियों से वाजिब दामों पर वनोपजों की खरीदी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अकाल के समय गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की शुरूआत की जिससे की बच्चे कुपोषित न हो। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए गरम भोजन की व्यवस्था करते हुए कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लेकर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की है। श्री बघेल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद के विचार मूल्य हमेशा सेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
- -आदिवासी जनजीवन पर आधारित पुस्तिका-पुरखती कागजात और सामाजिक ताना-बाना का मुख्यमंत्री करेंगे विमोचन-बस्तर मुक्ति संग्राम की डाक्यूमेंट्री सीरीज होगी जारी-बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की वेबसाईट का होगा शुभारंभरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 06 अक्टूबर को कांकेर में आयोजित ‘‘नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन’’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री समारोह में छत्तीसगढ़ में आदिवासी जनजीवन पर आधारित पुस्तिका-पुरखती कागजात और सामाजिक ताना-बाना का विमोचन करेंगे। इस मौके पर बस्तर मुक्ति संग्राम नामक तैयार की जा रही डाक्यूमेंट्री सीरीज का लोकार्पण और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की अधिकृत वेबसाईट का शुभारंभ भी होगा।बस्तर संभाग के देवगुड़ी एवं मातागुड़ियों के जीर्णोंद्धार कार्य का देश में पहली बार पुरखती कागजात में लिपिबद्ध किया गया है। बस्तर में क्षेत्रवार आदिवासी समुदायों के देवी-देवताओं की वाचिक परम्परा में प्रचलित मान्यताओं को लेखबद्ध कर उन्हें जारी किये गये सामुदायिक वन अधिकार के प्रपत्रों को संकलित कर “पुरखती कागजात’’ नामक (भाग एक) पुस्तिका तैयार की गई है। “पुरखती कागजात’’ (भाग-दो ) में संरक्षित खसरों का संकलन है, जिसमें भुईया के माध्यम से खसरे के कैफियत कॉलम में मातागुडी, देवगुड़ी के नाम एवं रकबा उल्लेखित कर राजस्व अभिलेख संरक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कांकेर में आयोजित ‘‘नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन’’ में इस पुस्तिका का विमोचन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा समारोह में आदिवासी समुदायों के परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। बस्तर संभाग में निवासरत प्रमुख आदिवासी समुदायों यथा- गोड, हल्बा, भतरा, धुरवा, मुण्डा, मुरिया, कोया समुदाय के लोगों के जीवन में प्रचलित सांस्कृतिक रीति-रिवाजों एवं विभिन्न प्रकार के जन्म-मृत्यु संस्कारों, त्यौहारों, विभिन्न परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना नामक पुस्तिका बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित की जा रही है। इन पुस्तकों को संबंधित समाजों के प्रतिनिधियों द्वारा लिपिबद्ध किया गया है।बस्तर का मुक्ति संग्राम नामक डॉक्यूमेंट्री सिरीज- बस्तर अंचल के महान वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की स्मृति को चिरस्थायी एवं जीवंत बनाए रखने के लिये वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की प्रतिमा की स्थापना हेतु 37 कार्य 392.03 लाख रूपए प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किये गये हैं। बस्तर के ऐतिहासिक गौरवपूर्ण इतिहास में 1774-1910 तक हुए विभिन्न प्रकार के आदिवासी विद्रोह, हल्बा विद्रोह, भोपालपट्नम विद्रोह, परल कोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, मेरिया माड़िया विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मुरिया विद्रोह, भूमकाल विद्रोह आदि की तत्कालीन परिस्थितियों से आज की आने वाले पीढ़ियों को अवगत कराने एवं अपने गौरवपूर्ण इतिहास के प्रति आत्म गौरव जागृत कराने हेतु बस्तर का मुक्ति संग्राम नामक डॉक्यूमेंट्री सिरीज तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा समारोह में इसका लोकार्पण किया जाएगा।मुख्यमंत्री करेंगे बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की अधिकृत वेबसाइट का शुभारंभ- बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के कार्यों को और अधिक ग्रामीणों तक सुलभ बनाने के लिये बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अधिकृत वेबसाइट www.tdabastar.cgstate.gov.in तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा समारोह में इसका भी शुभारंभ किया जाएगा।गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का गठन राज्य शासन द्वारा 27 फरवरी 2019 को किया गया था। इसके अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा सदस्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बनाया गया है। प्राधिकरण अन्तर्गत संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर, दन्तेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले समाहित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों की संस्कृति का परिरक्षण, संवर्धन एवं संरक्षण करना है, इस प्राधिकरण के अन्तर्गत क्षेत्र तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अन्य कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं।
- -स्वास्थ्य विभाग के लिए संस्था द्वारा अभी 250 एम्बुलेंस का किया जा रहा है संचालनरायपुर। प्रदेश में 102-महतारी एक्सप्रेस सेवा का परिचालन विगत 29 सितम्बर से नई संस्था 'कैम्प' द्वारा किया जा रहा है। 'कैम्प' द्वारा अभी सभी जिलों में कुल 250 एम्बुलेंस का परिचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 102-महतारी एक्सप्रेस सेवा के लिए नई एम्बुलेंस के संचालन के लिए निविदा जारी की गई थी। कैम्प नामक निजी संस्था जिसे 102 के संचालन का कार्य सौंपा गया है, यह एक निजी कंपनी है और इसे ड्राइवर, EMT इत्यादि नियुक्त का अधिकार स्वतंत्र रूप से है।स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में विभिन्न माध्यमों से संस्था द्वारा एम्बुलेंस चलाने के लिए ड्राइवरों के चयन के दौरान सिक्योरिटी के रूप में राशि जमा कराने की बात आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए संस्था को अभ्यर्थियों से ली गई सिक्योरिटी डिपॉज़िट वापस करने के निर्देश दिए गए थे। संस्था ने आज चयनित सभी 250 अभ्यर्थियों से ली गई सिक्योरिटी डिपॉज़िट की राशि उनके खातों में ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से वापस कर दी है।पूर्व निजी कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने कैम्प कंपनी में सभी कर्मचारियों को कार्य में रखने की माँग कल संचालक स्वास्थ सेवायें से की थी। उक्त संबंध में डायरेक्टर हेल्थ ने कैम्प कंपनी को नौकरी देने के एवज़ में सिक्योरिटी डिपाजिट तत्काल ऑनलाइन ट्रांसफ़र/ वापस करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन कैम्प कंपनी ने कर दिया है। कंपनी को कड़े शब्दों में निर्देश दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी से सुरक्षा निधि नहीं लेगा। इसे यह भी समझाईश दी गई कि पुराने एजेंसी के साथ कार्यरत कर्मियों को योग्यता अनुसार कार्य में रख सकता है, उसने आश्वासन् भी दिया है कि योग्यता अनुसार स्वतंत्र रूप से दक्ष कर्मियों को कार्य में रख सकता है। निजी कंपनी भविष्य में सिक्युरिटी डिपाजिट नहीं लेगा और यदि कैम्प के द्वारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति की जाती है तो कड़ी कार्यवाही हिदायत दी गई है।
- -3456 देवगुड़ियों और मातागुड़ियों को मिला सामुदायिक वनाधिकार पत्र-6466 एकड़ भूमि देवगुड़ी और मातागुड़ी के नाम से संरक्षितरायपुर / छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर अंचल में सदियों से अनेक जनजातीय समुदाय निवासरत हैं। इन जनजातीय समुदायों की अपनी अलग सांस्कृतिक विरासत है। आदिवासियों के विरासत में आस्था का केन्द्र देवगुड़ी-मातागुड़ी है, जिसकी जनजातीय समुदायों में अपनी महत्ता है। राज्य शासन की मंशानुरूप देवगुड़ियों-मातागुड़ियों को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के द्वारा विभिन्न मदों के अभिसरण से इन देवगुड़ियों-मातागुड़ियों का जीर्णोद्धार करने सहित उन्हें संवारने के लिए व्यापक पहल की गई है।जनजातीय समुदाय के अधिकांश समूह प्रकृति पूजक हैं वे पेड़-पौधों में अपने देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इसी आस्था के फलस्वरूप वनों को बचाने के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। यही वजह है कि इन देवस्थलों पर बहुतायत मात्रा में पेड़-पौधे पाये जाते हैं। इन देवस्थलों के परिसरों में वृहद स्तर पर फलदार एवं छायादार पौधरोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही उक्त देवस्थलों का सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान कर देवगुड़ियों एवं मातागुड़ियों सहित गोटुल एवं प्राचीन मृतक स्मारकों के भूमि को संरक्षित करने के उद्देश्य से सम्बंधित देवी-देवताओं के नाम से भूमि को राजस्व अभिलेख में दर्ज किया गया है। वहीं इन देवगुड़ियों-मातागुड़ियों और गोटुल एवं प्राचीन मृतक स्मारकों को उनके नाम से सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र जारी किया गया है, ताकि इन सांस्कृतिक-सामाजिक धरोहरों के परिसरों को अवैध कब्जा से बचाया जा सके। साथ ही इन धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में स्थानीय जनजातीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित किया जा सके।देश में पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य एवं बस्तर संभाग देश का ऐसा संभाग है, जो आदिवासी समुदायों की आस्था एवं जीवित परम्पराओं के केन्द्र मातागुडी, देवगुडी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक, सेवा - अर्जी स्थल आदि के संरक्षण, संवर्धन तथा परिरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम के तहत देवी-देवताओं के नाम से ग्राम सभा को 2453 सामुदायिक वनाधिकार पत्र प्रदान किये गये हैं। इनमें कुल 7075 मातागुडी, देवगुडी, गोटूल, प्राचीन मृतक स्मारक के लिये 2607.20 हेक्टेयर (6466 एकड़) भूमि राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि कर संरक्षित किया गया है। बस्तर संभाग में कुल 22884 बैगा, सिरहा, मांझी, गुनिया, गायता, पुजारी, बजनिया, अटपहरिया आदि को राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना अन्तर्गत पंजीकृत किया जाकर प्रत्येक को प्रतिवर्ष 7000 रूपए प्रदान किया जा रहा है। बस्तर में क्षेत्रवार आदिवासी समुदायों के देवी-देवताओं की वाचिक परम्परा में प्रचलित मान्यताओं को लेखबद्ध कर उन्हें जारी किये गये सामुदायिक वन अधिकार के प्रपत्रों को संकलित कर “पुरखती कागजात’’ नामक (भाग एक) पुस्तिका तैयार की गई है। “पुरखती कागजात’’ (भाग-दो ) में संरक्षित खसरों का संकलन है, जिसमें भुईया के माध्यम से खसरे के कैफियत कॉलम में मातागुडी, देवगुड़ी के नाम व रकबा उल्लेखित कर राजस्व अभिलेख संरक्षित किया गया है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुसार और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल के मार्गदर्शन में आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए देवगुड़ी तथा मातागुड़ी निर्माण एवं जीर्णोद्धार सहित गोटुल निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जा रहा है। बस्तर अंचल की आस्था और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में 6283 देवगुड़ी और मातागुड़ी में से 3244 का जीर्णोद्धार की स्वीकृति दी गई है और अब तक 2320 देवगुड़ी एवं मातागुड़ियों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वहीं स्वीकृत 297 गोटुल निर्माण कार्यों में से 200 कार्यो को पूर्ण किया गया है।बस्तर संभाग के अंतर्गत कुल 7075 देवगुड़ियों एवं मातागुड़ियों सहित गोटुल एवं प्राचीन मृतक स्मारकों में से 3619 देवगुड़ी-मातागुड़ी और गोटुल एवं मृतक स्मारक राजस्व, गैर वनभूमि, निजी भूमि तथा अन्य मदों की भूमि पर अवस्थित हैं, जिससे 898 हेक्टेयर रकबा भूमि संरक्षित है। वहीं शेष सभी 3456 देवगुड़ियों-मातागुड़ियों और घोटुल एवं प्राच्य मृतक स्मारकों का सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र समुदाय को प्रदान कर करीब 1709 हेक्टेयर रकबा भूमि संरक्षित किया गया है। लगभग 6466 एकड़ राजस्व भूमि को देव-मातागुड़ी के रूप में संरक्षित किया गया है। जिससे प्रोत्साहित होकर जनजातीय समुदाय के लोग स्वयं एक कदम आगे आकर देवगुड़ी तथा मातागुड़ियों को संवारने के लिये सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं और सांस्कृतिक-सामाजिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में शासन के प्रयासों को सराहनीय निरूपित कर रहे हैं।इसके अलावा प्राधिकरण के द्वारा विगत पांच वर्षों में संभाग के सातों जिलों में 01 अरब 50 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत के 7334 विकासमूलक कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इसी अनुक्रम में दन्तेवाड़ा जिले में गरीबी उन्मूलन हेतु निजी भूमि पर नलकूप एवं समूह तार फेंसिंग, बायोफ्लॉक मछलीपालन आदि के लिये 2500 हितग्राहियों को 49 करोड़ 43 लाख 73 हजार रूपए की लागत के कार्य स्वीकृत किये गये हैं।आदिवासी समुदायों के परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बानाबस्तर संभाग में निवासरत प्रमुख आदिवासी समुदायों यथा- गोड, हल्बा, भतरा, धुरवा, मुण्डा, मुरिया, कोया समुदाय के लोगों के जीवन में प्रचलित सांस्कृतिक रीति-रिवाजों एवं विभिन्न प्रकार के जन्म-मृत्यु संस्कारों, त्यौहारों, विभिन्न परम्पराओं एवं मान्यताओं पर आधारित सामाजिक ताना-बाना नामक पुस्तिका बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित की जा रही है। इन पुस्तकों का संबंधित समाजो के प्रतिनिधियों द्वारा लिपिबद्ध किया गया है।बस्तर वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की प्रतिमा की स्थापनाबस्तर अंचल के महान वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की स्मृति को चिरस्थायी एवं जीवंत बनाए रखने के लिये वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं की प्रतिमा की स्थापना हेतु 37 कार्य के लिए 392.03 लाख रूपए प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किये गये हैं। बस्तर के ऐतिहासिक गौरवपूर्ण इतिहास में 1774-1910 तक हुए विभिन्न प्रकार के आदिवासी विद्रोह, हल्बा विद्रोह, भोपालपट्नम विद्रोह, परल कोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, मेरिया माड़िया विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मुरिया विद्रोह, भूमकाल विद्रोह आदि की तत्कालीन परिस्थितियों से आज की आने वाले पीढ़ियों को अवगत कराने एवं अपने गौरवपूर्ण इतिहास के प्रति आत्मगौरव जागृत कराने हेतु बस्तर का मुक्ति संग्राम नामक डॉक्यूमेंट्री सिरीज तैयार की जा रही है।प्राधिकरण की अधिकृत वेबसाइट का शुभारंभबस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के कार्यों को और अधिक ग्रामीणों तक सुलभ बनाने के लिये बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अधिकृत वेबसाइट www.tdabastar.cgstate.gov.in तैयार किया गया है। गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का गठन राज्य शासन द्वारा 27 फरवरी 2019 को किया गया था। इसके अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा सदस्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बनाया गया है। प्राधिकरण अन्तर्गत संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर, दन्तेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले समाहित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों की संस्कृति का परिरक्षण, संवर्धन एवं संरक्षण करना है, इस प्राधिकरण के अन्तर्गत क्षेत्र तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अन्य कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं।
- -मधुमक्खी पालन और रेशम कीट पालन को कृषि का दर्जा-मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में कृषि मंत्रालय ने जारी किया आदेशरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के परिपालन में आज यहां कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा राज्य में मधुमक्खी पालन और रेशम कीट पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने के साथ ही इसके पालकों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। कृषि विकास एवं कृषि कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के तहत छत्तीसगढ़ में मधुमक्खी एवं रेशम कीट पालकों को संस्थागत अल्पकालीन एवं मध्यकालीन कृषि ऋण पर ‘राज्य के कृषकों को सहकारी ऋणों पर ब्याज अनुदान नियम 2021’ के आधार पर प्रदान किए जाएंगे।गौरतलब है कि केन्द्र प्रवर्तित एकीकृत बागवानी मिशन अंतर्गत मधुमक्खी पालन की एक यूनिट की इकाई लागत 2.31 लाख रूपए निर्धारित की गई है, जिसमें हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत मधुमक्खी पालन के लक्ष्यों की शतप्रतिशत पूर्ति होने की दशा में लंबित आवेदनों को निर्धारित ऋणमान के अनुसार बैंक एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा अल्पकालीन कृषि ऋण दिया जाएगा। मधुमक्खी पालको को बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से प्राप्त ऋण पर राज्य के कृषकों को सहकारी ऋणों पर ब्याज अनुदान नियम 2021 के अंतर्गत सहकारिता एवं वित्त विभाग के द्वारा वहन किया जायेगा। देय ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा मुख्य योजना के समान होगी।इसी तरह रेशम कीट पालकों को संस्थागत मध्यकालीन कृषि ऋण पर ब्याज अनुदान तथा राज्य के किसानों के समान विद्युत प्रभार में अनुदान मिलेगा। जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा संचालित सिल्क समग्र-2 योजना के तहत रेशम कीट पालन करने वाले लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसानों को केन्द्रांश और राज्यांश को मिलाकर कुल 90 प्रतिशत तथा अन्य कृषकों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।शहतूत पौधों पर रेशम कीट पालन हेतु प्रति एकड़ लागत 5 लाख रूपए ऋणमान के आधार पर ऋण स्वीकृति दी जाएगी। निर्धारित ऋणमान में सिल्क समग्र-2 में देय अनुदान के अतिरिक्त कृषक श्रेणीवार हितग्राही अंश को बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से संस्थागत ऋण कृषि फसलों के भांति शून्य प्रतिशत ब्याज के रूप मध्यकालीन कृषि ऋण के रूप में स्वीकृत किया जायेगा। वित्तीय वर्ष में सिल्क समग्र-2 योजना के तहत प्रदेश को प्रदायित लक्ष्यों की शतप्रतिशत पूर्ति होने की दशा में लंबित आवेदनों को निर्धारित ऋणमान के अनुसार बैंक एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा मध्यकालीन कृषि ऋण की सुविधा दी जाएगी और प्राप्त ऋण पर 03 वर्षाे तक वित्त पोषण राज्य के कृषको को सहकारी ऋणों पर ब्याज अनुदान नियम 2021 के अंतर्गत सहकारिता एवं वित्त विभाग के द्वारा वहन किया जायेगा। सभी बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा सिल्क समग्र-2 योजना में भारत सरकार द्वारा निर्धारित नार्म्स अनुसार कृषकों को ऋण की स्वीकृति प्रदाय की जायेगी। देय ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा मुख्य योजना के समकक्ष होगी।
- रायपुर, /नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया आज श्रम विभाग के अंतर्गत संचालनालय औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा दुर्घटनाओं की रोकथाम और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रबंधन की भूमिका विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में शामिल हुए। संचालनालय औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा इसका आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रम विभाग के आयुक्त श्री भीम सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। श्रम मंत्री डॉ. डहरिया ने कल कारखानों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कारखाने में काम के दौरान सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के विषय पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने कंपनी अधिनियम के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत श्रमिकों के हित में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।संचालनालय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्थापित कारखानों में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा एवं उनके कल्याण से संबंधित अधिनियमों के प्रावधानों का क्रियान्वयन कराना है। एक दिवसीय सेमिनार में कारखाने में संयंत्र और काम की प्रणालियों का प्रावधान और रखरखाव के संबंध में जानकारी दी। कारखाने में काम के सभी स्थानों को ऐसी स्थिति में बनाए रखना जो सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए जोखिम के बिना हो और ऐसे स्थानों तक पहुंच और निकास के ऐसे साधनों का प्रावधान और रख रखाव जो सुरक्षित और ऐसे जोखिमों के बिना हों, श्रमिकों के लिए कारखाने में ऐसे कामकाजी माहौल का प्रावधान, रख रखाव या निगरानी करना जो सुरक्षित हो, स्वास्थ्य के लिए जोखिम रहित हो और काम पर उनके कल्याण के लिए सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में पर्याप्त हो, विषय पर चर्चा एवं विचार विमर्श किया गया।
- -राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, संरचना आदि से अवगत हुए राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी-शैक्षिक भ्रमण कर ज्ञानवर्धन किया राजिम के पी जी कॉलेज राजीव लोचन के विद्यार्थीरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर गरियाबंद ज़िले के राजिम स्थित पीजी कॉलेज के विद्यार्थी पहुँचे । राजनीति शास्त्र के इन 26 विद्यार्थियों ने एक ओर जहां राज्य निर्वाचन आयोग के सभी कक्षों का भ्रमण किया वहीं भ्रमण के अंत में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री ठाकुर राम सिंह , सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ से सभाकक्ष में सौजन्य मुलाक़ात भी की । आयुक्त श्री ठाकुर ने सबसे पहले विद्यार्थियों के इस शैक्षिक भ्रमण को उनके ज्ञानवर्धन में सहयोगी बताया । उन्होंने राजधानी पहुँचे इन कोतुहूल बच्चों की निर्वाचन प्रक्रिया , आदर्श आचरण संहिता , निर्वाचन के दौरान उपयोग में लाये जाने वाले ईवीएम, बैलट पेपर इत्यादि के बारे में जिज्ञासाओं को बारी बारी से शांत किया । उन्होंने विद्यार्थियों को हिदायत भी दी कि मन में जिज्ञासा बनी रहनी चाहिए, उससे बारीकी से बातों को समझने में आसानी होती है । वहीं हर काम की बेहतरी के लिए तैयारी भी ज़रूरी है । यह तैयारी हममें आत्म विश्वास लाती है और मन के झिझक को भी दूर करती है। मुलाक़ात के दौरान पहले तो विद्यार्थी थोड़ा झिझक रहे थे लेकिन आयुक्त श्री सिंह के स्नेहिल व्यवहार से उत्साहित हो विद्यार्थियों ने अनेक सवाल किए । लगभग 45 मिनट की इस बातचीत के बाद विद्यार्थी बड़े संतुष्ट नज़र आये और आयुक्त और सचिव का धन्यवाद भी ज्ञापित किया । इस अवसर पर अवर सचिव द्व श्री आलोक श्रीवास्तव , श्री प्रणय वर्मा सहित आयोग के अधिकारी भी मौजूद रहे ।
- -पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (आरवीएसएफ) से स्क्रैपिंग कराने पर नये गाड़ी ख़रीदने से टैक्स में 25 प्रतिशत छूट का प्रावधान-आरवीएसएफ से स्क्रैपिंग कराने पर बकाया एक साल का टैक्स, पेनाल्टी और ब्याज में छूट-15 वर्ष से पुरानी सभी शासकीय वाहन अनिवार्यतः स्क्रैप किए जाएँगेरायपुर /राज्य में 15 साल पुरानी गाड़ी को बेचने के लिए अब आपको भटकना नहीं पड़ेगा। इसे आप स्क्रैप सेंटर पर दे सकेंगे। परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज गुरुवार को रायपुर जिले के अंतर्गत ग्राम धनेली में स्क्रैपिंग सेंटर का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि शासकीय विभाग के 15 वर्ष से पुरानी सभी गाड़ियो को भी आवश्यक रूप से स्क्रैप करने का निर्णय लिया जा चुका है।छत्तीसगढ़ में यह पहला स्क्रैपिंग सेंटर खोला गया है। इस दौरान परिवहन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के लिए वाहन स्क्रैपिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, स्क्रैपिंग की सुविधा को बढ़ावा देने के लिए इस सेंटर को पूरी तरह डिजिटलीकृत किया गया है। छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत पंजीकृत व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर (आरवीएसएफ) को उच्च प्राथमिकता वाले उद्योगों की श्रेणी में रखने हेतु अधिसूचना जारी की गई है। राज्य में स्थापित होने वाले आरवीएसएफ भी उच्च प्राथमिकता वाले उद्योग हेतु निर्धारित छूट का लाभ ले सकते हैं। इस सेंटर का संचालन मेटल कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया के द्वारा किया जाएगा।परिवहन मंत्री श्री अकबर ने बताया कि पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर से गाड़ी को स्क्रैप कराने के बाद नये गाड़ी ख़रीदने के लिए टैक्स में 25 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा। छूट के लिए पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर के द्वारा ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिससे सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपोजिट कहा जाएगा। सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपोजिट ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जो परिवहन विभाग के वाहन सॉफ्टवेर में प्रदर्शित होगा और संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सभी ऑटोमोबाइल डीलरशिप में मान्य होगा। इसके अतिरिक्त मासिक या त्रैमासिक कर देने वाली ऐसी गाड़िया जिनका टैक्स बकाया है और स्क्रैपिंग कराना चाहते है, उन्हें भी गाड़ी में बकाया पिछले एक साल के टैक्स, पैनल्टी और ब्याज में छूट दी जाएगी।धातु को ब्लॉकों में बदलने के लिए बेल प्रेस मशीन का उपयोग किया जाता है, जिसे बाद में विभिन्न कंपनियों को आपूर्ति की जाती है। वहीं कार के अन्य घटकों को पुनर्नवीनीकरण किया जाता है और इन्हे निजी कंपनियों को बेच दिया जाता है।कार्यक्रम में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ में सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। इस नई स्क्रैपेज सुविधा के उद्घाटन के साथ, हम अपने परिवहन क्षेत्र के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। यह सुविधा न केवल पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग के लिए एक सुविधाजनक और सुरक्षित माध्यम प्रदान करती है बल्कि परिवहन के लिए नयी टेक्नोलॉजी के साथ क्लीन और अधिक कुशल गाड़ियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करती है। इस परियोजना को साकार करने में शामिल सभी पक्षों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं, साथ ही अपने नागरिकों से स्वच्छ और हरित भविष्य की खोज में हमारे साथ एकजुट होने का आग्रह करते हैं।स्क्रैपिंग का प्रॉसेस क्या है?जब कोई वाहन स्क्रैप सेंटर में पहुंच जाता है, तो उसे वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया जाता है। अलग-अलग चरणों की बात करें तो स्टेशन पर टायर और इंजन किट हटा दिए जाते हैं। अगले चरण में बैटरियों और फ्री-ऑन गैस किटों को नष्ट कर दिया जाता है। उसके बाद वाहन की सीटें, स्टीयरिंग, इंजन और रेडिएटर हटा दिए जाते हैं, जिससे धातु से बना एक खोखला ढांचा रह जाता है।कैसे करे आवेदन?आपको अपने पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग के लिए पंजीकृत करने के लिए कुछ सरल चरणों का पालन करना होगा। एक विकल्प यह है कि आधिकारिक वेबसाइट https://vscrap.parivahan.gov.in पर जाएं और एक फॉर्म भरें। फिर निकटतम स्क्रैप सेंटर आवेदक से संपर्क करें और इस प्रक्रिया को शुरू कर दें।इस संबंध में परिवहन आयुक्त श्री दीपांशु काबरा ने बताया कि पुराने वाहनों के संचालन में ईंधन व रखरखाव पर ज्यादा लागत आती है। ऐसे पुराने वाहनों के सड़क से हटने पर वायु प्रदूषण में कमी आएगी। प्रदेश में विभाग द्वारा इसे लागू करने की तैयारी कर ली गई है। 15 साल से अधिक पुराने सरकारी वाहनों को अक्टूबर से अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराना होगा। समस्त श्रेणी के भारी वाहनों को हर दो साल में स्वचालित परीक्षण केंद्र से ही फिटनेस टेस्ट कराना होगा। यदि कोई वाहन स्वचालित फिटनेस परीक्षण में विफल रहता है, तो इसे एंड-आफ-लाइफ वाहन घोषित किया जाएगा। ऐसे वाहनों को अनिवार्य रूप से पंजीकृत सुविधा केंद्र के माध्यम से स्क्रैप कराना होगा।इस अवसर पर परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री वेदव्रत सिरमौर, सहायक परिवहन आयुक्त श्री शैलाभ साहू, एआरटीओ मुख्यालय सुश्री युगेश्वरी वर्मा, ऑटोमोबाईल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गर्ग तथा ट्रक एसोसिएशन के प्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- केन्द्रीय मंत्री ने श्रीरावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय रायपुर में‘’खेलो इंडिया’’ के दो सेंटर स्थापित करने की घोषणारायपुर। ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान से देश के छह लाख गांवों से एकत्र माटी से नई दिल्ली के इंडिया गेट में ‘’आजादी का अमृत महोत्सव स्मारक’’ बनाया जाएगा। यह जानकारी आज, केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री, श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नेहरू युवा संगठन द्वारा श्रीरावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय युवा उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर कही ।युवा उत्सव को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का अंतिम कार्यक्रम है । उन्होंने बताया कि इस अभियान में देशभर के 6 लाख गांवों और 25 करोड़ से अधिक घरों से माटी एकत्रित की जा रही है, जिसे 75 सौ कलशों में भरकर नई दिल्ली लाया जाएगा । इन 75 सौ कलशों की माटी से नई दिल्ली के इंडिया गेट में आजादी के ‘अमृत महोत्सव स्मारक’ का निर्माण किया जाएगा । उन्होंने बताया कि राज्यस्तरीय युवा उत्सव के विजेता युवाओं को भी इस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा ।एशियन गेम्स में भारतीय खिलाडि़यों के प्रदर्शन की प्रशंसाचीन में आयोजित किए जा रहे एशियन गेम्स में भारतीय खिलाडि़यों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अब तक 84 मेडल चीत चुका है, जोकि अब तक के एशियन गेम्स में सबसे ज्यादा हैं । यह भारत का सॉफ्टपावर है । उन्होंने युवाओं से आह्वान किया वे भारत को सॉफ्टपावर का हब बनाएं, चाहे वह खेल में हो, संगीत में या सिनेमा में । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, उसमें छत्तीसगढ़ के युवाओं का योगदान महत्वपूर्ण होगा ।‘’खेलो इंडिया’’ के दो सेंटर की घोषणाइस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने श्रीरावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में ‘’खेलो इंडिया’’ के दो सेंटर स्थापित करने की घोषणा की । उन्होंने बताया कि इन सेंटरों में कम से कम दो खेलों के लिए प्रशिक्षण संबंधी संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी ताकि भविष्य में इन सेंटरों से उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार हो सकें ।केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अमृतकाल के पंच प्रण स्मरण कराते हुए कहा कि हमें विकसित भारत बनाना है, गुलामी की सोच से मुक्ति पाना है, अपने विरासत पर गर्व करना है, एकजुटता लाना है और अपने नागरिक कर्तव्य के माध्यम देश की सेवा करना है । उन्होंने बताया कि पहले इतिहास में आक्रांताओ का महिमामंडन किया जाता था, लेकिन अब नई शिक्षा नीति के माध्यम युवाओं को सही इतिहास की जानकारी दी जा रही है । इसके अलावा कक्षा-6 से कक्षा-10 तक कौशल विकास को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है ताकि छात्रों को कैरियर चयन में मदद मिल सके ।उन्होंने कहा कि हमें अधिकारों की मांग नहीं, बल्कि हमें यह सोचना है कि अपने कर्तव्यों से समाज में बदलाव कैसे लाएं । उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि वे चाहते हैं कि समाज नशामुक्त हो, शिक्षा प्रणाली अच्छी हो, देश की स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी हों, पर्यावरण अनुकूल हो, तो उन्हें आज से ही इस बदलाव के कार्य लग जाना चाहिए । स्वयं एक राजदूत बनकर आगे आएं और समाज को एक नई दिशा दें ।केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज मदद का पाने वाला नहीं, बल्कि मदद करने वाला बन गया है । चाहे वह तुर्किये में आए भूकम्प में, पीडि़तों की मदद करनी हो या फिर ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत रूस-यूक्रेन की युद्धभूमि से 23 हजार छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना हो ।उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित जी-20 सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सफलता है कि सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी की जा सकी । उन्होंने बताया कि यदि एक देश भी असहमत होता तो नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी नहीं की जा सकती थी, यह भारत की ताकत है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मान रही है । उन्होंने बताया कि एशिया-यूरोप कॉरीडोर के लिए समझौता होना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है ।श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि पहले हम दुनिया भर में मोबाइल आयात करने में दूसरे नंबर पर थे, पर आज हम, मोबाइल निर्यात करने वाले देशों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं । उन्होंने बताया कि दुनिया में र्स्टाटअप वाले देशों की सूची में हम तीसरे नंबर पर हैं । श्री ठाकुर ने कहा पिछले आठ वर्षों के दौरान करीब एक लाख र्स्टाटअप शुरू हुए हैं और इनमें से 107 स्टार्टअप यूनीकार्न बन गए हैं ।केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में धान की खरीद का जिक्र करते हुए बताया कि भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों से धान खरीदने के लिए एक लाख करोड़ रूपए आवंटित किए हैं । उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 37 लाख किसानों को पीएम किसान निधि अंशदान की राशि जारी की जा रही है ।उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना को बढ़ाना देने का आग्रह किया । उन्होंने कहा यदि छत्तीसगढ़ के किसी जिले के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है तो न केवल उस जिले के लोगों को रोजगार मिलता है, बल्कि राज्य के साथ ही देश में आर्थिक प्रगति होती है ।युवा गोठ कार्यक्रम का शुभारम्भइस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय परिसर में सात करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित ‘नर्मदा गर्ल्स होस्टल का उद्घाटन किया । इसके साथ ही उन्होंने नेहरू युवा केन्द्र संगठन के ‘युवा गोठ’ कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया । कार्यक्रम स्थल पर मां बमलेश्वरी स्वरोजगार अभियान, यूसएड, यूनीसेफ, बीआईएस और कोपलवाणी संगठन द्वारा लगाए स्टॉल तथा केन्द्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा ‘9-साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ विषय पर लगी चित्र-प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।कार्यक्रम को सांसद, श्री सुनील सोनी, रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति, श्री हर्ष गौतम और नेहरू युवा केन्द्र संगठन, रायपुर के निदेशक, श्री श्रीकांत पाण्डेय ने भी संबोधित किया । इस अवसर पर खेल विभाग की निदेशक, सुश्री श्वेता सिन्हा और पूर्व विधायक, श्री महेश गागड़ा उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सुकमा, बेमेतरा और महासमुंद से आए युवा सांस्कृतिक दलों द्वारा मनमोहक सामुहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया ।
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दावा-आपत्ति 16 अक्टूबर तक आमंत्रित
बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप तखतपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गनियारी एवं मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत मस्तूरी को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग महानदी भवन रायपुर द्वारा इस आशय की अधिसूचना का 25 सितम्बर को प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया गया है। इस संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वे अपनी दावा/आपत्ति 16 अक्टूबर 2023 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। गनियारी ग्राम पंचायत के सबंध में दावा/आपत्ति जनपद पंचायत तखतपुर अथवा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी तखतपुर और मस्तुरी ग्राम पंचायत के संबंध मंे आपत्ति जनपद पंचायत मस्तुरी अथवा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय मस्तुरी में उक्त तिथि तक प्रस्तुत की जा सकती है। गनियारी ग्राम पंचायत की वर्तमान मंे जनसंख्या 10 हजार 28 और मस्तुरी ग्राम पंचायत की जनसंख्या 5,934 है। नगर पंचायत की सीमाएं वहीं होंगी जो ग्राम पंचायत के रूप में स्वीकृत हैं। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती साहस और वीरता की प्रतीक हैं। उन्होंने घुड़सवारी, तीरंदाजी, तलवारबाजी जैसे युद्धकलाओं में महारत हासिल की और अपनी शूरवीरता से दुश्मनों को भी चकित किया। वह भारतीय नारी की दृढ़ इच्छाशक्ति और शौर्य को रेखांकित करती हैं। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद धैर्य और कुशलता के साथ अपने साम्राज्य को सम्हाला और सम्पन्न बनाया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। उनके पराक्रम और बलिदान ने उन्हें अमर बना दिया है।
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निलंबित स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली किए जाने पर व्यक्त किया आभार
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। संघ ने मुख्यमंत्री को निलंबित स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली किए जाने पर धन्यवाद दिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ की ओर से डॉ. रीना राजपूत, श्री टार्जन गुप्ता, श्रीमती सुमन शर्मा, श्री प्रवीण डिडवंशी, श्री संतलाल साहू, श्रीमती सविता कन्नौजे और श्रीमती सरस्वती साहू और सुश्री तृप्ति साहू मौजूद थी। -
जिले में 06 लाख 88 हजार से अधिक मतदाताओं के लिए है 814 मतदान केन्द्र
प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक मतदान केन्द्रों का संचालन महिला मतदान कर्मी करेंगी
जिले में एक-एक मतदान केन्द्र का संचालन दिव्यंाग मतदान कर्मियों एवं सबसे युवा मतदान कर्मियों द्वारा किया जाएगा
बालोद। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा ने कहा कि जिले में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन कार्य सम्पन्न किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा आदर्श आचार सहिंता के प्रावधानों के अनुरूप जिले में निर्वाचन कार्य सम्पन्न होगा। कलेक्टर श्री शर्मा बुधवार को जिले में निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के अंतिम प्रकाशन के पश्चात संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 06 लाख, 88 हजार, 281 मतदाता हैं। जिसमें 03 लाख, 38 हजार, 582 पुरूष मतदाता, 03 लाख 49 हजार 688 महिला मतदाता और 11 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। सर्विस वोर्टर्स की संख्या 2669, 18 से 19 वर्ष के नये मतदाताओं की संख्या 26 हजार 25, दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 6360, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजूर्ग मतदाताआंें की संख्या 4554 है।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 814 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें विधानसभा 59-संजारी बालोद के 258 मतदान केन्द्र, विधानसभा 60-डौण्डीलोहारा के 270 मतदान केन्द्र और विधानसभा 61-गुण्डरदेही के 286 मतदान केन्द्र शामिल हंै। पूर्व में जिले में 815 मतदान केन्द्र थे, जिसमें युक्तियुक्तकरण के पश्चात डौण्डीलोहारा विधानसभा के दल्लीराजहरा स्थित एक मतदान केन्द्र का विलोपन किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा निर्वाचन में जिले के 50 प्रतिशत मतदान केन्द्रों (407 मतदान केन्द्रों) में वेबकास्टिंग किया जाएगा। जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में 01-01 मतदान केन्द्रों का संचालन महिला मतदान कर्मियों के द्वारा किया जाएगा। जिले के 01-01 मतदान केन्द्र का संचालन दिव्यांग मतदान कर्मियों एवं सबसे युवा मतदान कर्मियों के द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम एवं मोबाईल नंबर दर्ज होने पर आयोग द्वारा संचालित वोटर सर्विस पोर्टल (https://voters-eci-gov-in ) में जाकर आप ई-ईपिक डाउनलोड कर सकते है, यदि किसी का मोबाइल नम्बर दर्ज नहीं है तो वह फॉर्म 8 में संशोधन के माध्यम से मोबाइल नंबर दर्ज कराकर उसके तत्काल बाद ई-ईपिक डाउनलोड टैब में जाकर दर्ज ई-ईपिक डाउनलोड कर सकते है । उन्होंने बताया कि निर्वाचक नामावली में फार्म-6 के माध्यम से नये नाम जोड़ने की कार्यवाही एवं फार्म-8 के माध्यम से शिफ्टिंग वाले आवेदन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के 10 दिवस पूर्व तक प्राप्त किये जाएंगे तथा ऐसे सभी आवेदन की प्रोसेसिंग इन 10 दिवसों में की जाकर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि को मतदाता सूची फीज हो जाएगी। निर्वाचन की घोषणा होने के उपरांत प्राप्त फार्म-7 के माध्यम से नाम विलोपन एवं फार्म-8 के माध्यम से शिफ्टिंग केटेगरी के आवेदनों को छोड़कर अन्य तीन श्रेणियों के आवेदनों (संशोधन, पीडब्ल्यूडी मार्किंग एवं रिप्लेसमेंट एपिक) की प्रोसेसिंग पूर्णतः बंद हो जाएगी।
उन्होंने बताया आदर्श आचरण संहिता लागू होते ही संपत्ति विरूपण की कार्यवाही शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। प्रचार सामग्री में सिंगल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि नाम निर्देशन प्राप्ति हेतु जिला कार्यालय में कक्ष स्थापित किए गए हैं। जिसमें विधानसभा 59- संजारी बालोद के रिटर्निंग आफिसर श्रीमती शीतल बंसल हेतु जिला कार्यालय का कक्ष क्रमांक क्रमांक-57, विधानसभा 60- डौण्डीलोहारा के रिटर्निंग आफिसर श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा हेतु जिला कार्यालय का कक्ष क्रमांक क्रमांक - 35, विधानसभा 61- गुण्डरदेही के रिटर्निंग आफिसर श्री मनोज मरकाम हेतु जिला कार्यालय का कक्ष क्रमांक क्रमांक-31 निर्धारित किया गया है। प्रेसवार्ता में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चंद्रकंात कौशिक, एडीएम श्री शशंाक पाण्डेय सहित रिटर्निंग आॅफिसर व जिले के पिं्रट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारगण मौजूद थे। -
रायपुर। राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन गत दिवस ओडीशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में समाज-समाचार पत्र के 104वें स्थापना दिवस के समारोह में शामिल हुए।
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कलेक्टर ने ली सभाकक्ष में प्रेसवार्ता
मनेन्द्रगढ़। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों की जिला स्तरीय पदाधिकारियों तथा पत्रकारों के साथ आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के संबंध में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का द्वितीय विशेष पुनरीक्षण अर्हता तिथि 01 अक्टूबर 2023 का अंतिम प्रकाशन 04 अक्टूबर 2023 को समस्त मतदान केन्द्रों में किया गया। इसके लिए आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभा कक्ष में बैठक आहूत की गयी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 02 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (भरतपुर- सोनहत 01 तथा मनेन्द्रगढ़ 02), जिले में कुल मतदान केन्दों की संख्या- 388 (क्रमांक 01- भरतपुर- सोनहत में 232), क्रमांक 02- मनेन्द्रगढ़ में 156 मतदान केन्द्र है। निर्वाचक नामावलियों 01 अक्टूबर 2023 की जानकारी इस प्रकार है। प्रारम्भिक प्रकाशन 02 अगस्त 2023 तक मतदाताओं की स्थिति पुरूष मतदाता 151357, महिला मतदाता 150522, थर्ड जेंडर 08 कुल मतदाता 301887 थी। अंतिम प्रकाशन के 04 अक्टूबर 2023 को पुरूष मतदाता 155119 , महिला मतदाता 155816, थर्ड जेंडर 08 सहित कुल मतदाताओं की संख्या 310943 है। मतदाता सूची में पीडब्ल्यूडी चिन्हाकिंत मतदाताओं की संख्या प्रारम्भिक प्रकाशन से बढ़कर 3211 हो गयी है। 18-18 आयुवर्ग समूह में 13183 मतदाता पंजीकृत है। प्रारंभिक प्रकाशन में 18-19 आयु वर्ग के कुल मतदाता 8425 थे। इस प्रकार इस आयुवर्ग में पुनरीक्षण अवधि के दौरान कुल 4756 मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। जिले में वर्तमान में 18 से 19 आयु वर्ग के फर्स्ट टाईम वोटर्स की संख्या 13183 है, जो इस विधानसभा निर्वाचन में पहली बार मतदान करेंगे। वरिष्ठ नागरिक मतदाता (80- आयु वर्ग) के 1952 है। छत्तीसगढ़ राज्य में निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन तिथि 04 अक्टबर 2023 को सर्विस वोटर्स की कुल संख्या 318 दर्ज है। वर्तमान पुनरीक्षण में कुल 11880 नये मतदाताओं के नाम फार्म -6 के माध्यम से जोड़ गये हैं। कुल 4582 नामों को फार्म-7 के आधार पर नियमानुसार विलोपित किया गया है।
जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारियों के द्वारा 04 अक्टूबर 2023 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर जिला स्तर पर बैठक आयोजित की जाकर एक फोटोयुक्त हार्ड प्रति एवं एक फोटो रहित सॉफ्ट कॉपी (बिना फोटो की) में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को प्रदाय की गई। यह अंतिम प्रकाशन की फोटो सहित मतदाता सूची इस कार्यालय के वेबसाईट में आज 04 अक्टूबर 2023 को होस्ट कर दी गई है। आम जनता मतदान केन्द्रवार मतदाता सूची डाउनलोड कर इसका अवलोकन कर सकते हैं। मतदाता सूची में आपका नाम एवं मोबाईल नम्बर दर्ज होने पर आयोग द्वारा संचालित वोटर सर्विस पोर्टल
https://votes.eci.gov.in
में जाकर आप e-EPIC डाउनलोड कर सकते है. यदि किसी का मोबाईल नम्बर दर्ज नहीं है तो वह फॉर्म 8 में संशोधन के माध्यम से मोबाईल नम्बर दर्ज कर उसको तत्काल बाद में जाकर दर्ज e-EPIC डाउनलोड कर सकते है। निर्वाचक नामावली में फार्म-6 के माध्यम से नये नाम जोड़ने की कार्यवाही एवं फार्म-8 के माध्यम से शिफ्टिंग वाले आवेदन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के 10 दिवस पूर्व तक किये जायेंगें तथा ऐसे सभी आवेदन की प्रोसेसिंग इन 10 दिवसों में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि को मतदाता सूची फ्रीज हो जायगी। निर्वाचन की घोषणा होने के उपरांत प्राप्त फार्म-7 के माध्यम से नाम विलोपन एवं फार्म-8 माध्यम से शिफ्टिंग केटेगरी के आवेदनों को छोड़कर अन्य तीन श्रेणियों के आवेदनों पीडब्ल्यूडी मार्किंग एवं रिप्लेसमेंट एपिक) की प्रोसिंग पूर्णतः बंद हो जायेगी एवं इनका निराकरण निर्वाचन संपन्न होने के उपरांत अतिशीघ्र किया जाएगा।
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनिल कुमार सिदार, संयुक्त कलेक्टर श्री सी.एस. पैकरा, डिप्टी कलेक्टर प्रवीण कुमार भगत, प्रितेश सिंह राजपूत, एसडीएम बिजेन्द्र सारथी, राजनैतिक दल के कांग्रेस से अशोक श्रीवास्तव, आम आदमी से विकास पाण्डेय, जनता कांग्रेस से आदित्य राज डेविड, कांग्रेस प्रवक्ता शुद्धुलाल, तथा विनय पाण्डेय, राजा मिश्रा, राजेश सिन्हा, डी.सी. बघेल, मो. शकील अंसारी, राजकुमार केशरवानी, गोपाल रैकवार, सुरेश मिनोचा, खगेन्द्र यादव, मनीराम सोनी, महेन्द्र शुक्ला, नागेन्द्र दुबे, ऋषि शर्मा, राकेश मेघानी, अशोक श्रीवास्तव, पंकज कान्त दुबे, शरफराज अहमद, प्रवीण निशि, सरवर अली सहित प्रिन्ट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक के सदस्य उपस्थित थे। -
डीजे पर जिला प्रशासन सख्त
मनेन्द्रगढ़। जिला मजिस्ट्रेट श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा के निर्देशानुसार आज ग्राम नौदिया निवासी श्री इन्द्रजीत पटेल, रामराज अहिरवार, राम बिहार साहू तथा ग्राम जनकपुर निवासी श्री जयदीप गुप्ता, श्री रोहित मेहरा को कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 13 में उल्लेखित अवसरों को छोड़कर अधिनियम की धारा 2 क, ख एवं ग के अन्तर्गत परिभाषित कोलाहल और ध्वनि विस्तारक यत्रों के प्रतिबंध के बावजूद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करते पाये जाने पर अनुविभागीय अधिकारी (रा.) श्री मूलचन्द्र चोपडा, तहसीलदार भरतपुर श्री एम. एस. राठिया, थाना प्रभारी श्री नरेन्द्र पुजारी के द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में जप्ती की कार्यवाही की गई। जप्त वाहन को थाना प्रभारी नरेंद्र पुजारी के अभिरक्षा में थाना के सुपुर्द किया गया।- file photo
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मनेन्द्रगढ़। कलेक्टर श्री नरेन्द्र दुग्गा की अध्यक्षता में डीएलसीसी एवं डीएलआरसी की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा रोजगार, स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों के लिए बैंकों को भेजे गए ऋण प्रकरणों की स्वीकृति की बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न बैंकों में लंबे समय से ऋण प्रकरण लंबित होने की जानकारी लेते हुए तत्काल लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा व्यावसायिक कार्यों हेतु ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों को प्रेषित किए गए प्रकरणों का परीक्षण कर ऋण स्वीकृत करने कहा। उन्होंने कहा कि ऋण हेतु भेजे गए प्रकरणों में यदि कोई त्रुटि या कमी हो तो आवेदक का काउंसलिंग कर पूर्ण करें और यदि प्रकरण निरस्त करने की स्थिति में है तो कारण सहित आवेदक को अवगत कराएं। उन्होंने सभी बैंकर्स को ऋण जमा अनुपात, क्रेडिट पोर्टफोलियो, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई आदि जैसे सामाजिक सुरक्षा खातों के नामांकन में सुधार करने हेतु एक सप्ताह के भीतर 100 प्रतिशत आधार सीडिंग करने, अधिकतम ऋण वितरण करने के निर्देश दिये। सरकार प्रायोजित योजनाएं और सभी पात्र पीएम किसान लाभार्थियों को केसीसी जारी करने के साथ ही सभी सरकारी प्रायोजक एजेंसियों को सभी बैंकों को ऋण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। कलेक्टर द्वारा समाज के गरीब तबके का बैंक लिंकेज करने और आवश्यकतानुसार ऋण सुविधा प्रदान कर प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र में ऋण बढ़ाने के निर्देश दिए। एनआरएलएम के ऋण प्रकरणों को समयावधि में स्वीकृति करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में नाबार्ड के डीडीएम श्री एन. जाधव सर, एलडीओ श्री पी. गोपीनाथ जी, और एनआरएलएम, एनयूएलएम, केवीआईबी, एग्री, एएचडीएफ आदि के अन्य सरकारी अधिकारी और सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित थे। बैठक की जानकारी जिला एमसीबी के एलडीएम श्री संजीव पाटिल ने दी और अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री सामंत, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई, मनेंद्रगढ़ ने दिया। -
सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी स्वत्वों का भुगतान समय पर करें...कलेक्टर
मनेन्द्रगढ़ । कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने जिला कोषालय वभिग के माध्यम से जिले के सेवानिवृत कर्मचारी श्री जयमंगल भगत, प्रधान पाठक शिक्षा विभाग को शॉल, श्रीफल तथा पेंशन व ग्रेच्युटी भुगतान आदेश अपने हाथों से देकर सम्मानित किया और सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी। श्री भगत 33 वर्ष की सेवा पूर्ण कर सेवा निवृत्त हुए हैं। जिला कोषालय अधिकारी श्री सी. एस. सराफ ने पेंशन प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 30 सितम्बर 2023 को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले प्रधान पाठक को पेंशन व ग्रेच्युटी भुगतान आदेश जारी कर दिया गया है।
इस दौरान कलेक्टर द्वारा सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि सेवानिवृत कर्मचारियों को देय पेंशन हितलाभ का भुगतान, नियमानुसार समय-सीमा में पूर्ण करें। कोषालय अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक पास बुक, सेवा पुस्तिका एंव कार्मिक संपदा में समस्त कर्मचारियों का नाम व जन्म तिथि हिन्दी व अंग्रेजी में एक समान हो, इसका सत्यापन कर आवश्यक सुधार करा लें ताकि पेंशन प्रकरण के निराकरण में विलंब न हों
इस दौरान कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा जिला कोषालय अधिकारी श्री सी. एस. सराफ, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री जीतेन्द्र गुप्ता तथा सहायक कोषालय अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र प्रजापति सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -
केन्द्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा
रायपुर / सांसद सुनील सोनी के अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। रायपुर कलेक्टर डॉं सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा, उपस्थित थे।
बैठक में सांसद श्री सोनी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस बैठक का उद्देश्य जनता को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ देना है इसलिए बैठक में शामिल जनप्रतिनिधि अपनी क्षेत्र की समस्याओं के बारे में निशंकोच अधिकारियों के सामने अपनी बात रखें, जिससे वास्तविक जानकारी सामने आए और समस्या का समाधान हो। जिले के सभी अधिकारियों को योजनाओं के तहत मंजूर किए गए कामों की सतत मॉनिटरिंग-समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजनों की सहुलियत के लिए स्वीकृत किए गए विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए लगातार समीक्षा की जानी चाहिए।
श्री सोनी ने प्रधानमंत्री सड़क योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि संबंधित विभाग सड़कों की मरम्मत करें। जलजीवन मिशन की तहत दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर और गुणवत्तापूर्ण कार्य करें। राजधानी में दशहरा, दीपावली तथा अन्य त्योहार आने वाले हैं। सड़कों एवं प्रमुख बाजारों में भीड़-भाड की स्थिति निर्मित होगी, उससे पहले नगर निगम शहर की सड़कों का सुधार करें और साफ सफाई में विशेष ध्यान दें। सांसद आदर्श ग्राम में मूलभूत सुविधाओं का मुहैया कराएं। सांसद श्री सोनी ने मनरेगा की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों में गति लाने का निर्देश दिए। साथ ही उपलब्धियों की जानकारी ली। -
राजनैतिक दलों की बैठक हुई, दी गई आवश्यक जानकारी
72 हजार 443 मतदाता बढ़े
रायपुर / विधानसभा चुनाव 2023 के परिपेक्ष्य में कालेक्टोरेट परिसर के सभाकक्ष में राजनैतिक दलों की बैठक हुई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गजेन्द्र ठाकुर तथा विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में श्री ठाकुर ने बताया कि आज मतदाता सूची का प्रकाशन तय किया गया है। जिसे संबंधित राजनैतिक दलों को दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 04 अक्टूबर 2023 को स्थिति के अनुसार कुल मतदाता 18 लाख 77 हजार 753 है, जिनमें पुरूष 9 लाख 43 हजार 584, महिला 9 लाख 33 हजार 876 और थर्ड जेंडर 293 है। इसके पूर्व 02 अगस्त 2023 में कुल मतदाता 18 लाख 05 हजार 310 जिनमें पुरूष 9 लाख 09 हजार 826, महिला मतदाता 8 लाख 95 हजार 189 और थर्ड जेंडर 293 थे।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सर्वेश्वर भुरे के मार्गदर्शन में जिले में मतदाता पुनरीक्षण का काम भी पूरा कर लिया गया है। अगस्त माह की तुलना में दो महीने में जिले में 72 हजार 443 नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया है। अगस्त माह में जिले में कुल 18 लाख 05 हजार 310 मतदाता थे, पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या 18 लाख 77 हजार 753 हो गई है। जिले में 33 हजार 755 नए पुरूष मतदाताओं और 38 हजार 687 नई महिला मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया है। एक नए ट्रांसजेंडर मतदाता ने भी अपना नाम सूची में शामिल कराया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस समय संक्षिप्त पुनरीक्षण के पश्चात जिले में कुल 1 हजार 869 मतदान केन्द्र हैं। फॉर्म-06 के अनुसार 86 हजार 575 नए मतदाता जोडे़ गए और फॉर्म-07 के अनुसार 13 हजार 640 मतदाता के नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए। साथ ही 33 हजार 604 मतदाताओं के नाम मे फॉर्म-08 के अनुसार संशोधन किए गए। श्री ठाकुर ने राजनैतिक दलों को निर्वाचन के अन्य प्रावधानों की भी जानकारी दी। -
235 पदों पर आठवीं-दसवीं पास युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर
रायपुर / स्थानीय बेरोजगार शिक्षित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 06 अक्टूबर को रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर में जॉब फेयर आयोजित होगा। सुबह 11 बजे से शुरू होने वाले इस जॉब फेयर में न्यूनतम आठवीं-दसवीं पास युवाओं को लगभग 235 पदों पर भर्ती का अवसर मिलेगा। रोजगार प्राप्त युवाओं को 8 हजार रूपये से लेकर 45 हजार रूपये तक मासिक वेतन मिल सकेगा। इस जॉब फेयर में जैनिक्स नौकरी एंड कंन्सल्टेंसी रायपुर, मौर्या ढ़ाबा चरौदा, एलआईसी ऑफिस आरंग, अलर्ट एसजीएस प्राईवेट लिमिटेड रायपुर द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। जॉब फेयर के माध्यम से आठवीं से लेकर ग्रेजुएट एवं कम्प्यूटर उत्तीर्ण अनुभवी और फ्रेशर सभी युवा रोजगार पा सकते हैं। जॉब फेयर के माध्यम से अकाउंटेट, टैली कॉलर, ग्राफिक्स डिजाईनर, हिन्दी टाईपिस्ट, वीडियो एडिटर, सेल्स एसोसिएट, तंदूरी शैफ, किचन हेेल्पर, नॉर्थ-साउथ इंडियन कुक, सर्विस असिस्टेंट, मार्केटिंग मैनेजर, एलआईसी एडवाईजर, सिक्योरिटी गार्ड, कम्प्यूटर ऑपरेटर, ट्रेडर एक्सक्यूटिव जैसे पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक आवेदक शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अनुभव आदि दस्तावेजों के साथ जॉब फेयर में शामिल हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन की बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने वाले हितग्राहियों को जॉब फेयर में होने वाली भर्तियों में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। -
रायपुर/ राज्य शासन ने अभनपुर नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अधिसूचना भी जारी की गई है। अभनपुर को नगर पालिका का दर्जा देने के संबंध में छत्तीसगढ़ राजपत्र में भी प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया गया है। अभनपुर नगर पालिका क्षेत्र की सीमाएं पहले के नगर पंचायत क्षेत्र की सीमाएं ही निर्धारित की गई हैं। वर्ष-2011 की जनगणना के अनुसार अभनपुर नगर पालिका की जनसंख्या 14 हजार 432 है। अभनपुर नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने पर किसी प्रकार की आपत्ति या सुझाव रायपुर कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-12 में कार्यालयीन दिवस पर प्रस्तुत किए जा सकते है।
- -गांव उत्पादन और शहर विपणन का केंद्र हैं अतः गांवों को स्वावलंबी होना चाहिएः मुख्यमंत्री-“भरोसा अउ सरकार” कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज शाम एक निजी टीवी न्यूज चैनल के द्वारा आयोजित “भरोसा अउ सरकार” कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में गांवों की संख्या अधिक है और शहरों की कम है । गांव जहां उत्पादन के केंद्र हैं वहीं शहर ग्रामीण उत्पादों के विपणन का केंद्र हैं अतः गांवों को स्वावलंबी होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वावलंबी बनाने के लिए ही छत्तीसगढ़ में ग्रामीण औद्योगिक पार्क की शुरूआत की गयी है और वर्तमान में राज्य में 300 रीपा की स्थापना हो चुकी है जहां रोजगार के साथ ही फ्री वाईफाई की सुविधा के साथ युवा आनलाइन शिक्षा का भी लाभ ले रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों को स्वावलंबी बनाने का कार्य किया है, इसके लिए पहले किसानों के कर्ज माफ किए गए और फिर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की गयी। इतना ही नहीं जिनके पास स्वयं की जमीन नहीं थी उन्हें भी न्याय योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है और 7 हजार रूपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रत्येक वर्ग की जेब में योजनाओं के माध्यम से पैसे पहुंच रहे हैं और इसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिल रहा है , यही वो वजह थी कि कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ में मंदी का प्रभाव नहीं रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों व मजदूरों के सपने छोटे-छोटे हैं। राज्य सरकार ने योजनाओं का विकेंद्रीकरण कर के 3 करोड़ लोगों के सपने सच किए हैं और इससे हर किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं से वर्तमान सरकार ने सरगुजा से लेकर बस्तर तक के लोगों का भरोसा जीता है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 5 अक्टूबर को शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में पूर्वान्ह 12 बजे पद्मश्री एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय और समाज सेवी स्वर्गीय श्री नारायण प्रसाद अवस्थी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 5 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11.50 बजे मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 12 बजे शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर पहुंचकर वहां आयोजित प्रतिमा अनावरण समारोह में शामिल होंगे।
- रायपुर. । छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और सबसे बड़े पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के हीरक जयंती वर्ष के विभिन्न समारोहों की कड़ी में आज एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पैथोलॉजी विभाग के मॉडल ब्लड बैंक द्वारा अम्बेडकर अस्पताल के टेलीमेडिसिन हाल में आयोजित इस शिविर में महाविद्यालय के 60 लोगों ने रक्तदान किया। इस शिविर की ख़ास बात ये रही कि इसमें चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के 17 वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षकों ने रक्तदान किया। ऐसा पहली बार हुआ है कि चिकित्सा शिक्षकों ने इतने उत्साह के साथ रक्तदान में भाग लिया। यह उनके महाविद्यालय और इसके हीरक जयंती समारोह के प्रति संवेदनशील लगाव और जुड़ाव प्रदर्शित करता है। महाविद्यालय के हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने के कारण रक्तदाताओं में भावनात्मक रूप से इस शिविर के लिये सक्रियता देखने मिली।प्रोफेसर विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. अरविंद नेरल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मॉडल ब्लड बैंक चिकित्सकों और टेक्नीशियनों ने इस शिविर का संचालन किया। डॉ. नेरल ने 63 वर्ष की उम्र में 124 वीं बार रक्तदान कर अन्य सभी के लिए उत्साहवर्धन का कार्य किया। रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. तृप्ति नागरिया एवं अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. एस. बी. एस. नेताम भी शिविर में उपस्थित रहे। डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि महाविद्यालय को 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 60 लोगों ने रक्तदान किया। यह रक्त विशेषतौर पर थैलीसीमिया और सिकल सेल के ज़रूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।रक्तदान करने वाले चिकित्सकों में डॉ. अरविंद नेरल, डॉ. निकिता शेरवानी, डॉ. ज्योति जायसवाल, डॉ. निर्मल वर्मा, डॉ. सुमित त्रिपाठी, डॉ. नागेन्द्र सिंह, डॉ. विकास बाम्बेश्वर, डॉ. रीति शर्मा, डॉ. उत्कर्ष नायक, डॉ. सुदित पाल, डॉ. प्रशांत जायसवाल, डॉ. संगम केशरी साहू, डॉ. जी. के. साहू, डॉ. पेवा वी. जैकब, डॉ. शेख शरीफ, डॉ. दिनेश साहू, डॉ. शिखा सोनी, डॉ. खुशबू बैद के साथ अन्य चिकित्सा छात्र भी शामिल रहे।

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