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- -प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों तथा चार शहर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं कोरबा में कोचिंग सेंटर के माध्यम से प्री-मेडिकल तथा प्री-इंजीनियरिंग की दी जाएगी कोचिंग-कक्षा 12वीं में अध्यनरत विद्यार्थियों को मिलेगी कोचिंग-चयन के लिए कक्षा दसवीं में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य-ख्याति प्राप्त एलन कैरियर इंस्टीट्यूट देगा निःशुल्क कोचिंग-एमओयू पर आज होंगे हस्ताक्षररायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इंजीनियरिंग एवं मेडिकल के प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की नवाचारी ’स्वामी आत्मानंद कोचिंग’ योजना का 3 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे अपने निवास कार्यालय से ऑनलाइन शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविंद्र चौबे एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस योजना में ख्याति प्राप्त एलन कैरियर इंस्टिट्यूट ने सीएसआर के तहत निःशुल्क कोचिंग देने सहमति दी है।प्रदेश के शासकीय स्कूलों में अध्यनरत 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन और एलन इंस्टिट्यूट के मध्य एम ओ यू पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग तथा मेडिकल पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा की ऑनलाइन कोचिंग योजना की घोषणा की थी।स्कूल शिक्षा विभाग की स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के अनुसार प्रदेश के कक्षा दसवीं में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा कक्षा 12वीं में अध्यनरत विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों तथा चार शहर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा प्री-मेडिकल नीट तथा प्री-इंजीनियरिंग आईआईटी की बेहतर रूप से तैयारी हेतु ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। कोचिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कोचिंग सेंटर की स्थापना की तैयारी कर प्रवेश प्रारंभ कर दिया गया है।स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना में मेरिट क्रम अनुसार विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। विद्यार्थी को संबंधित विकासखंड, शहर के शासकीय स्कूलों में कक्षा 12 वीं का नियमित विद्यार्थी होना अनिवार्य होगा। विकासखंड मुख्यालय की स्कूलों में कक्षा 12 वीं में जीव विज्ञान तथा गणित संकाय में अध्ययनरत विद्यार्थी ही पात्र होंगे। प्रत्येक कोचिंग सेंटर में 75 से 100 विद्यार्थियों का प्रवेश दिया जाना है। इसमें प्री-मेडिकल तथा प्री-इंजीनियरिंग के लिए अधिकतम 50-50 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएगी। यह कक्षाएं शाम 3 बजे से 6.30 बजे तक संचालित होंगी। इस संबंध में विषय विशेषज्ञ नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों का नियमित आकलन तथा शिक्षकों की कक्षाओं के अध्यापन का भी अवलोकन किया जाएगा। योजना के संबंध में पालकों का फीडबैक भी लिया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाओं की यह विशेषता रहेगी कि यह टू-वे संवाद रहेगा अर्थात विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से प्रश्न पूछ सकेंगे। जेईई एवं नीट के लिए अलग-अलग कक्षाएं प्रदेश में संचालित आत्मानंद विद्यालय एवं अन्य विद्यालय में संचालित होंगी। प्रत्येक कोचिंग केंद्र में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान एवं गणित विषय के लिए नोडल शिक्षक तथा एक मुख्य नोडल अधिकारी प्रिंसिपल अथवा सीनियर लेक्चरर स्टाफ के नियुक्त किए गए हैं। ऑनलाइन कोचिंग प्रदाता संस्थान विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का विश्लेषण विद्यार्थियों का फीडबैक पालकों का फीडबैक इत्यादि इस कार्यक्रम की सघन मॉनिटरिंग हेतु मॉनिटरिंग अधिकारी भी नियुक्त किया जा रहे हैं।
- रायपुर / भारत सरकार के मानव विज्ञान सर्वेक्षण निदेशालय, नई दिल्ली, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर एवं ग्राम-कोटमसर के ग्रामीणों द्वारा ग्राम कोटमसर में ‘‘स्वच्छता पखवाड़ा वर्ष 2023‘‘ का गत दिवस एक अक्टूबर को शुभारंभ किया गया।ग्राम कोटमसर में धुरवा जनजाति के लोग निवास करते है और आदिम जीवन शैली से ईको फेंडली जीवन उपयोगी सामग्रियों का उपयोग करते आ रहे है। किन्तु वर्तमान में आधुनिकता की दौड़ में प्लास्टिक के अधिक प्रदूषण को देखते हुए ग्रामीणों द्वारा पर्यटकों को प्लास्टिक से निर्मित सामग्रियों के स्थान पर इको फ्रैंडली सामग्रियों का उपयोग किए जाने हेतु संदेश दिया गया।इस वर्ष स्वच्छता अभियान अंर्तगत भारत सरकार के मानव विज्ञान सर्वेक्षण निदेशालय, नई दिल्ली के द्वारा कोटमसर ग्राम का चयन कर स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया। स्वच्छता अभियान के शुभारंभ के दौरान ग्राम कोटमसर के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाई और अपने घर-आंगन एवं गलीयों की सफाई की। घर के आंगनों में प्रकृति प्रदर्शित रंगोली सजाई गई।इस स्वच्छता अभियान में ईको फ्रेंडली सामग्रियों से निर्मित झाडू से लेकर टोकनी तक का उपयोग किया गया। स्वच्छता अभियान पश्चात् ग्रामीणों द्वारा ढोल, मांदर एवं पारम्परिक वेश-भूषा में गायन एंव नृत्य कर खुशी का इजहार किया गया। कार्यकम में भारत सरकार के मानव विज्ञान सर्वेक्षण निदेशालय के अधिकारी, राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारी, कर्मचारी और ग्राम कोटमसर के ग्रामीण उपस्थित थे।
- बिलासपुर / जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक 3 अक्टूबर को मंथन सभाकक्ष में टीएल बैठक के बाद आयोजित की गई है। कलेक्टर व समिति के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माण कार्य में संशोधित यूएसओआर के अंतर्गत प्राप्त निविदा की न्यूनतम दर की स्वीकृति, कॉल मी सर्विस देने वाले कर्मचारियों की अनुबंध अवधि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव, गहरे नलकूप खनन संबंधी प्रस्ताव, सपोर्ट एक्टिविटी के तहत प्रचार प्रसार संबंधी प्रस्ताव तथा जल जीवन मिशन की वर्ष 2023/24 के आय व्यय संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन किया जायेगा।
- रायपुर /मनमोहक छटा से भरपूर तीरथगढ़ जलप्रपात के परिसर में ‘‘स्वच्छता पखवाड़ा वर्ष 2023‘‘ का शुभारंभ गत दिवस एक अक्टूबर को किया गया। इसका आयोजन कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर, भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय, 241 बस्तरिया बटालियन केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सेडवा, अन एक्सप्लोर्ड बस्तर, युवोदय वन मितान और इको विकास समिति तीरथगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में हुआ।इस अभियान में विभिन्न संस्थानों से 500 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। जिसमें उक्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र-छात्राएं और ईको विकास समिति के सदस्यों द्वारा स्वच्छता एवं साफ-सफाई का कार्य बढ़-चढ़ कर किया गया एवं लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। गौरतलब है कि तीरथगढ़ वॉटरफॉल छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर से लगभग 38 किलोमीटर दूर कांगेर नेशनल पार्क में कांगेर नदी की सहायक नदी मुनगा और बहार नदी इस खूबसूरत झरने का निर्माण करती है। इसकी ऊंचाई लगभग 300 फीट है और यह छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। यह जलप्रपात पहाड़ी के सीढ़ी नुमा प्राकृतिक संरचनाओं पर गिरता है। इस कारण पानी दुधिया दिखाई देता हैं जो देखने में बहुत ही मनमोहक होता है।
- -पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जंयती के अवसर पर किया यादरायपुर /राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय भवन में मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ। इस मौके पर उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्तागण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।महात्मा गांधी के 154वें जयंती के अवसर पर मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने आगंतुको को संबोंधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, जिन्हें प्यार से बापू के नाम से जाना जाता है, वह न केवल एक नाम है, बल्कि एक अद्वितीय प्रतिष्ठा की संस्था हैं, जो जाति, धर्म व राष्ट्र की सीमा से परे है। उन्होंने उच्च न्यायालय को न्यायिक व्यवस्था का उच्चतम संस्थान बताते हुए न्याय एवं निष्पक्षता का केन्द्र बताया। महात्मा गांधी के आदर्शाे को सम्मान देने हेतु यूनाइटेड नेशन जनरल असेम्बली द्वारा आज के दिन को विश्व अंहिसा दिवस घोषित किया गया है। मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने आज के दिन आत्मावलोकन करने एवं बापू के आदर्शाे से प्रेरणा लेते हुए देश को साफ-सुथरा, प्रतिष्ठित एवं शांति बढ़ाने हेतु कार्य करने की आवश्यकता बतायी। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जंयती के अवसर पर याद करते हुए व्यक्त किया कि उनकी सादगी एवं निर्णायकता के लिए उन्हें देश भर में सराहा जाता है। कार्यक्रम को महाधिवक्ता श्री सतीश चन्द्र वर्मा, छ.ग. उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अब्दुल वहाब खान तथा भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल श्री रमाकांत मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया।
- -साई मुबई को 5-4 से किया पराजितरायपु / मेजर ध्यानचंद कप ऑल इंडिया वूमेन हॉकी टूर्नामेंट 2023 में छत्तीसगढ़ की टीम स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल अकादमी छत्तीसगढ़ (आवासीय एक्सीलेंस सेंटर) बहतरई बिलासपुर ने आज एक रोमांचक मुकाबले में साई मुंबई को 4 के मुकाबले 5 गोल से पराजित कर फाइनल मुकाबला जीत लिया। अमरावती तेलंगाना में आयोजित इस टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ की टीम शुरूआत से ही बेहतर प्रदर्शन कर फाइनल में पहुंची थी। फाइनल मैच में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए गीता यादव, रुक्मणी, अनीता, संपदा और ममता सभी ने 1-1 गोल दागे। इस जीत पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री नीलम नामदेव एक्का, संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा सहित कोच, मैनेजर एवं खेलप्रेमियों ने टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।इससे पहले हुए मुकाबले में स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल अकादमी छत्तीसगढ़ (आवासीय एक्सीलेंस सेंटर) बहतरई बिलासपुर की टीम ने पटना को 4-0 से , कोलकाता को 2-0 से पराजित किया और स्टील प्लांट दिल्ली से 1-1 गोल की बराबरी कर फाइनल में प्रवेश किया। पहले मैच में गीता यादव ने 2 गोल, दूसरे मैच में जाह्नवी ने 01 गोल और सेमीफाइनल में मधु सीडर ने 01 गोल दागे थे। इसके अलावा टीम के अन्य सदस्य संप्रदाय निर्मलकर, ममतेश्वरी लहरे, रुक्मणी खुसरो, अनीता खुसरो, यशोदा, मीनाक्षी उमरी, भूमिका धनकर, दामिनी खुसरो, करुणा साहू, अक्षिता आहूजा, अंजलि बंजारे, ट्विंकल, डोली, स्मिता ने भी पूरे टूर्नामेंट में बेहतर खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट के हेड कोच विकास पाल, मैनेजर आरती शेंडे, अनीस अहमद की भी इस टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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बिलासपुर/ फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 4 अक्टूबर को किया जाएगा। प्रकाशन के पश्चात निर्वाचक नामावलियों से संबंधित अन्य विषयों पर चर्चा हेतु मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक 4 अक्टूबर को दोपहर 4 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई है।
- बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन किया। उन्होंने जिला कार्यालय परिसर में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री जी को भी आज उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री कुणाल दुदावत, एडीएम श्री आरए कुरुवंशी, श्री शिवकुमार बनर्जी सहित जिला कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
- -गोड़बहाल गौठान बना मॉडल आवर्ती चराई क्षेत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि की महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप राज्य शासन द्वारा महत्वाकांक्षी नरवा, गरुवा, घुरूवा एवं बाड़ी योजना का आरंभ किया गया। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवर्ती चराई क्षेत्र विकास व गौठान निर्माण कर पशुपालन में वृद्धि करना व पशुओं को चारागाह के माध्यम से चारा उपलब्ध कराना व साथ ही ग्रामीणों को रोजगारोन्मुखी कार्य उपलब्ध कराकर उन्हे सुदृढ़ बनाना है। इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत सामान्य वनमंडल महासमुन्द के वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत “आवर्ती चराई विकास कार्य“ हेतु 30 स्थल तथा “गौठान निर्माण कार्य“ हेतु 16 स्थलों को चयन कर कार्य सम्पादन किया गया है। आवर्ती चराई एवं गौठान गोड़बहाल को परिक्षेत्र में मॉडल के रूप में चयन किया गया।आवर्ती चराई विकास कार्य गोड़बहाल में चारागाह विकास कार्य हेतु 2 हेक्टेयर क्षेत्र का चयन कर चयनित क्षेत्र में सी.पी.टी, डब्ल्यू.ए.टी. व शोकपीट का निर्माण कराया गया। कार्य के तहत् क्षेत्र में पानी एकत्रीकरण हेतु पानी टंकी का निर्माण किया गया, पानी की व्यवस्था हेतु नलकूप खनन कराकर मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई। गौठान क्षेत्र में वर्मी कम्पोस्ट पीट 10 नग, अंजोला टैंक 12 नग तथा 0.20 हेक्टेयर क्षेत्र में 3 स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा सब्जी भाजी का उत्पादन कर अपने आय में वृद्धि कर आर्थिक रूप से सशक्त व सुदृढ़ हो रहे है।10 हेक्टेयर क्षेत्र में नेपियर घास का रोपण किया गया है। जिससे स्थानीय निवासियों द्वारा चक्रिय निधि मद के तहत ऋण लेकर 250 गायों के लिए उत्तम चारा उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है। अंजोला टैंक से भी पशुओं के लिए चारा उपलब्ध हो रहा है। इस प्रकार पशुपालकों, ग्रामीण महिलाओं को जमीनी स्तर में लाभ मिल रहा है।गांव के पशुपालक अपने मवेशियों को चराई केंद्र में लाते हैं, जिससे वे निश्चिंत होकर कृषि कार्यों में अपना समय का बेहतर सदुपयोग कर पाते हैं। स्व सहायता समूह की महिलाएं एकता और आत्मविश्वास से स्वावलंबन कि दिशा में बढ़ते हुए उन्नति की ओर अग्रसर हो रही हैं। साथ ही क्षेत्रीय ग्रामीणों को रोजगार के नए नये मौके मिलना शुरु हो गये हैं जिससे आर्थिक सशक्तीकरण भी सुनिश्चित हुआ है।
- -प्रभावी कानून व्यवस्था से छत्तीसगढ़ बना शांति का गढ़-नक्सल वारदातों में आयी कमी, छत्तीसगढ़ चिटफंट का पैसा लौटाने वाला देश का एकमात्र राज्यरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के ध्येय के साथ काम करते हुए राज्य में न्याय, विश्वास व सुरक्षा के मूल मंत्र पर आगे बढ़ते हुए पिछले पांच वर्षों में जीरो टालरेंस की नीति अपनायी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन में राज्य की बेसिक पुलिसिंग ने जनता का भरोसा जीता है और जीरो टालरेंस से राज्य में अपराधों पर अंकुश भी लगा है।महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताछत्तीसगढ़ में 2015 से 2018 की तुलना में 2019 से अब तक महिला अपराधों में 40 फीसदी की कमी आयी है। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की है जिसमें महिलाओं से दुष्कर्म के आरोपियों को शासकीय नौकरी देने पर रोक लगा दी गयी है। महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए राज्य के 4 जिलों में अलग से महिला थाना की स्थापना की गयी है। जबकि 455 पुलिस थानों और चौकियों में महिला सेल का संचालन किया जा रहा है।नक्सल वारदातों में कमीमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस को विशेष संबल मिला है इसी का नतीजा है कि वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2022 तक नक्सल वारदातों में 52 फीसदी की कमी आई है। नक्सल क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या शिक्षा की थी। नक्सलियों के द्वारा स्कूलों को निशाना बनाया गया था। नक्सली हिंसा के कारण डेढ़ दशक से बंद पड़े 314 स्कूलों का मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति से फिर से संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही 589 गांव भी नक्सल मुक्त हो चुके है और 5.74 लाख से अधिक लोग हिंसा और दहशत से मुक्त हुए हैं।आनलाइन जुआ पर नकेल, चिटफंट का पैसा लौटाने वाला देश का एकमात्र राज्यछत्तीसगढ़ में जुआ सट्टा के प्रभाव को रोकने के लिए राज्य में जुआ प्रतिषेध अधिनियम में कड़े प्रावधानों को शामिल किया गया जिसमे आनलाइन जुआ के लिए भी सजा का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ पुलिस नशीले पदार्थों को लेकर विशेष अभियान चला रही है जिससे नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सका है। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जो चिटफंड कंपनियों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने वालों का पैसा लौटा कर उनके साथ न्याय कर रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री और शायर हाजी हसन अली की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन भी उपस्थित थे ।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने महात्मा गांधी के देश के लिए अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरे विश्व के सामने मिसाल कायम की। उन्होंने देश में जिस ग्राम स्वराज की कल्पना की थी, छत्तीसगढ़ सरकार उसे पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री को स्मरण करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने सादगी से जीवन जिया और अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में अर्पित कर दिया। वास्तव में वे सच्चे गांधीवादी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय देश को कुशल नेतृत्व प्रदान किया और ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया, जिससे सारा देश एकजुट हो गया। श्री बघेल ने कहा कि शास्त्री जी जैसे कर्मयोगी सदा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।मुख्यमंत्री ने श्री हसन के उर्दू भाषा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को याद करते हुए कहा है कि श्री हाजी हसन अली ‘हसन‘ ने उर्दू भाषा को जनप्रिय बनाने के लिए कई काम किए। श्री हाजी हसन ने हिन्दी से उर्दू पढ़ना-लिखना सीखने के लिए कई किताबें लिखी, इससे दोनों भाषाओं को सीखने और समझने में रूचि रखने वालों को आसानी हुई है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में राज्य अलंकरण की स्थापना की है। श्री बघेल ने कहा है कि उनका साहित्य उर्दू भाषा को जानने और जनसामान्य में प्रचलित करने के लिए हमेशा रौशनी देता रहेगा।
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कोरबा. जिले में एक ट्रेलर ट्रक और स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की टक्कर में दो भाइयों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसा शनिवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-130 (कटघोरा-अंबिकापुर रोड) पर तानाखार गांव के पास हुआ। पुलिस ने बताया कि पीड़ित अपने पिता को लेने के लिए मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित अपने मूल स्थान से बिलासपुर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि ट्रक एसयूवी से टकरा गया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान ज्ञान दुबे और प्रेम दुबे के रूप में की गई है, जिनकी उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच थी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित घटनास्थल से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। -
रायपुर. सत्तारूढ़ कांग्रेस अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में दो अक्टूबर को ‘भरोसा यात्राएं' निकालेगी। कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई की संचार शाखा के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने एक बयान में बताया कि महात्मा गांधी की जयंती पर आयोजित होने वाले इस मार्च के दौरान उनकी पार्टी लोगों के बीच पहुंचेगी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘‘बेनकाब'' करेगी। शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने 15 साल के शासन (2003-2018) के दौरान राज्य के लोगों को ‘‘धोखा दिया।'' उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके कैबिनेट सहयोगी, कांग्रेस विधायक और सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मार्च में हिस्सा लेंगे। शुक्ला के मुताबिक, चार पहिया वाहनों और मोटरसाइकिल के जरिये निकाली जाने वाली यात्रा प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 25-30 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और इस दौरान ‘नुक्कड़ सभाएं' एवं सार्वजनिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान अधिक से अधिक गांवों और पंचायतों में पहुंचा जाएगा।
छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य सरकार ने पिछले कुछ महीनों में विभिन्न स्थानों पर ‘भरोसे का सम्मेलन' आयोजित किया है और इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाद्रा भी शामिल हुई हैं। इस कार्यक्रम के दौरान ‘भूपेश है तो भरोसा है' और ‘भरोसे की सरकार' जैसे नारे लगाए गए। विपक्षी दल भाजपा ने बिलासपुर शहर में अपनी दो ‘परिवर्तन यात्रा' शनिवार को समाप्त कीं, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समापन समारोह को संबोधित किया। पहली ‘परिवर्तन यात्रा' 12 सितंबर को दंतेवाड़ा (दक्षिण छत्तीसगढ़) से और दूसरी 15 सितंबर को जशपुर (उत्तरी छत्तीसगढ़) से निकाली गई थी। - शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना हम सब का दायित्व - नगर पालिका अध्यक्षबालोद । भारत सरकार, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ के निर्देश अनुसार स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पूर्व दिवस पर नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज एक अक्टूबर को पालिका सीमांतर्गत पूरे 20 वार्डों में सुबह 10 बजे से 11 बजे तक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा के नेतृत्व में अनुविभागीय दंडाधिकारी श्रीमती शीतल बंसल, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर तनवीर खान एवं पीआईसी के प्रभारी सदस्यों, वार्ड पार्षदों व रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों, आम नागरिको द्वारा आज प्रातः ऐतिहासिक धार्मिक स्थल कपिलेश्वर महादेव मंदिर सहित मुक्तिधाम,उद्यान,सरोवर आदि स्थानों में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत 01 घंटा श्रमदान कर स्थलों की सफाई की गई।स्वच्छता जागरूक अभियान में पूरे शहर में एक घंटे का श्रमदान कर शहर वासियों ने स्व.महात्मा गांधी जी को भावांजलि दिया। रविवार सुबह 10 बजे से एक घण्टा पूरे शहर में स्वच्छता ही सेवा के तहत श्रमदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रमदान में नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष श्री विकास चोपड़ा ने स्वच्छता के संकल्प की शपथ दिलाई । श्रमदान में स्थलों में साफ सफाई के साथ,खरपतवार की सफाई व सड़क पर झाड़ू लगाकर साफ सफाई किया गया । श्रमदान अभियान में बड़ी संख्या में सभी वर्गों के लोगों ने जुड़कर एक साथ बढ़ चढ़कर सफाई अभियान को सफल बनाने में अपना अपना सहयोग दिया । स्वच्छता ही सेवा के तहत स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम में नगर पालिका बालोद के द्वारा विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसी कड़ी में रेडक्रास सोसाइटी,गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, महिला स्व सहायता समूह, स्वच्छता कमांडो, स्वच्छता दीदी ने श्रमदान कर स्वच्छता ही सेवा का संदेश दिया एवं जन जागरूकता लाने के उद्देश्य को सफल बनाने में शहर के सभी वर्गों ने जनप्रतिनिधियों ने सहयोग कर एक अच्छे नागरिक होने का परिचय दिया ।नगर पालिका द्वारा इस अवसर पर एकल एवं ग्रुप सेल्फी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें श्रमदान करने वाले सहभागियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के सभापति श्री निर्देश पटेल, श्री सुनील जैन, पार्षद वार्ड क्रमांक 8 एवं श्रीमती ज्योति भोलू शर्मा पार्षद वार्ड क्रमांक 4, श्री रिक्षेद मोहन कलिहारी पार्षद वार्ड क्रमांक 3, एल्डरमैन श्री नारायण साहू वार्ड क्रमांक 3 एवं बालोद नगर के वार्ड नंबर 1 से 20 तक सभी पार्षदों एवं एल्डरमैन के द्वारा स्वच्छता जागरूकता में अपनी सहभागिता प्रदान की गई ।
- - तंबाकू नियंत्रण के लिए राज्य में ‘एमपावर’ नीति लागू की जा रही-सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध की 15वीं वर्षगांठ पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से प्रदेश को तंबाकूमुक्त बनाने की अपील कीरायपुर । विश्वव्यापी तंबाकू दुर्व्यसन से निपटने के लिए दुनिया भर में कई तरह के सार्थक उपाय किए जा रहे हैं, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ) की एमपावर (MPOWER) नीतियों पर आधारित हैं। इसके आधार पर ही देश में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। प्रदेश को तंबाकू और धूम्रपान मुक्त राज्य बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ एमपावर (MPOWER) के सभी छह उपायों की ओर अग्रसर है। इसका प्रदेश के लोगों को लाभ भी मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू के दुर्व्यसन से मुक्ति और सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध नियम को सख्ती से लागू करने के लिए सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी है।एमपावर (MPOWER) रणनीति के सभी छह सिद्ध नीतियों पर कार्य करते हुए प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य के दो जिले धमतरी और कोंडागांव के स्कूल पूर्णतः तंबाकूमुक्त स्कूल के रूप में अग्रसर हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धमतरी के 91 प्रतिशत यानि 1556 स्कूल और कोंडागांव के 55 प्रतिशत यानि 1091 स्कूल तंबाकूमुक्त हो चुके हैं। शेष स्कूल भी शीघ्र ही तंबाकूमुक्त हो जाएंगे। तंबाकू उपयोग की निगरानी के लिए राज्य तंबाकू नियंत्रण यूनिट लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों जिला समन्वय समिति का गठन किया गया है। इनके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक 1732 लोगों पर कार्रवाई कर दो लाख 73 हजार 425 रुपए का चालान काटा गया है।राज्य में अब तक 6172 स्कूलों को तंबाकूमुक्त घोषित किया गया है। ग्राम पंचायतों को भी तंबाकूमुक्त किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। तंबाकू नियंत्रण की गतिविधियों की सतत निगरानी, चालानी कार्यवाही एवं अधिक से अधिक संस्थानों को तंबाकूमुक्त बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। तंबाकू नियंत्रण की दिशा में अग्रसर छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन टोबैको मोनिटरिंग एप (TMA) के माध्यम से भी सतत निगरानी की जा रही है। वहीं सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों पर खरे उतरने वाले संस्थानों को तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) भी घोषित किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 33 जिलों में तंबाकू नशा मुक्ति केन्द्र (TCC) खोले गए हैं जिनके माध्यम से तंबाकू और धूम्रपान सेवन के गिरफ्त में फंसे लोगों को इस बुरी लत को छुड़वाने में मदद की जा रही है।राज्य शासन ने एमपावर (MPOWER) रणनीति को और प्रभावी बनाने एवं तंबाकूमुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के लिए कई असरकारी कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए मार्गदर्शिका भी जारी की है जिसके तहत 2 अक्टूबर के साथ ही नवम्बर और जून में ग्राम सभा का आयोजन करने के प्रावधान किए हैं जिसमें तंबाकूमुक्त ग्राम सभा के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा का प्रावधान है। राज्य में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लागू करने के साथ बिलासपुर देश का पहला जिला है जिसने ई-सिगरेट के संदर्भ में पहली कार्यवाही की। हुक्का बार पर कानूनी प्रतिबंध लगाने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य है। जशपुर को 26 जनवरी 2020 को तंबाकू मुक्त जिला घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने सिगरेटों की खुली बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया है।क्या है डब्ल्यूएचओ की एमपावर रणनीतिविश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक तंबाकू दुर्व्यसन से निपटने के लिए छह सिद्ध रणनीति (MPOWER) बनाई है। इसमें 'एम' यानि तंबाकू के उपयोग और रोकथाम नीतियों की निगरानी करना, 'पी' यानि लोगों को तंबाकू के धुएं से बचाना, 'ओ' यानि तम्बाकू का सेवन छोड़ने वालों की सहायता की पेशकश करना, 'डब्ल्यू' यानि तम्बाकू एवं तंबाकू सेवन के खतरों के बारे में चेतावनी देना व लोगों में प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता लाना, 'ई' यानि तम्बाकू विज्ञापन, प्रचार और प्रसार पर प्रतिबंध को लागू करना और 'आर' यानि तम्बाकू एवं तंबाकू उत्पादों पर कर बढ़ाना शामिल है।क्या कहते हैं तंबाकू नियंत्रण की रणनीति पर विशेषज्ञतंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन का कहना है कि डब्ल्यूएचओ ने तंबाकू की लत से निपटने के लिए छह सिद्ध रणनीति एमपावर (MPOWER) बनाई है। राज्य में इसका पूरी तरह पालन किया जा रहा है। इसके तहत तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 कोटपा के प्रावधानों के क्रियान्वयन एवं उनके उल्लंघन होने पर कार्रवाई को बेहतर किए जाने के लिए ‘टोबैको मॉनिटरिंग ऐप’ का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे चालानी कार्रवाई किए जाने का दायरा बढ़ेगा और सभी सक्षम अधिकृत अधिकारियों द्वारा चालानी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी। तंबाकू नियंत्रण के लिए राज्य में मितानिनों की भी मदद ली जा रही है। राज्य में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से ही तम्बाकू उत्पाद प्रतिबंध नीतियों कोटपा एक्ट, 2003 के साथ ही हुक्का बार के लिए कोटपा छत्तीसगढ़ (संशोधन) अधिनियम, 2021 (हुक्का बार कानून) एवं ई-सिगरेट प्रतिबंध अधिनियम 2019 को भी प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। डॉ. जैन ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध की 2 अक्टूबर को 15वीं वर्षगांठ पर लोगों से प्रदेश को तंबाकूमुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की अपील की है।तंबाकू व तंबाकूयुक्त उत्पादों के सेवन का नशा और धूम्रपान छुड़वाने में सक्रिय रायपुर डेंटल कॉलेज की एसोशिएट प्रोफेसर एवं राज्य तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की मास्टर ट्रेनर डॉ. शिल्पा जैन कहती हैं - “नशापान की पहली सीढ़ी तंबाकू और धूम्रपान का सेवन करना ही है। सबसे चिंतनीय बात यह है कि 13 वर्ष से 15 वर्ष के बच्चे प्रदेश में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं और उम्रदराज महिलाएं तक इन उत्पादों के सेवन से अछूती नहीं हैं। हालांकि पुरूषों के मुकाबले इनकी संख्या कम है, परंतु इनकी पहचान करना, उन्हें इलाज के लिए प्रेरित करना और उनकी काउंसिलिंग कर उनके मन में तंबाकू सेवन करने के विचारों को पनपने से रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। टीसीसी केन्द्रों में धूम्रपान या तंबाकू सेवन की आदत छोड़ने आने वालो की संख्या काफी कम है और जो पहुंचते हैं वे नियमित परामर्श के लिए नहीं पहुंचते हैं। इसकी वजह से राज्य में धूम्रपान या तंबाकू सेवन छोड़ने वालों की संख्या कम है।“वॉलंटरी हेल्थ एसोशिएशन ऑफ इंडिया के बिनॉय मैथ्यू का कहना है कि तंबाकू नियंत्रण की दिशा में सरकार द्वारा सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 2 अक्टूबर 2008 को सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध किया गया था। 15 वर्ष हो गए हैं इस कानून को जिस पर सख्ती की आवश्यकता है। विशेषकर जुर्माने की राशि को बढ़ाया जाना और होटल, एयरपोर्ट आदि सार्वजनिक स्थलों पर स्मोकिंग जोन को हटाना चाहिए और 2008 में बने कानून का सख्ती से पालन करना चाहिए।क्यूं तंबाकू से दूरी है जरूरीतंबाकू न सिर्फ शरीर को अस्वस्थ बनाता है, बल्कि अकाल मौत का मुख्य कारण भी बनता है। तंबाकू उत्पादों के सेवन से शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है।तंबाकू के सेवन से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, फेफड़ों का कैंसर, आंख का कैंसर, लिवर और मुंह का कैंसर, दांत खराब होना, कमजोर बाल, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होना, मस्तिष्क और मांसपेशियां कमजोर होना तथा फेफड़ों में म्यूकस कोशिकाओं की वृद्धि का खतरा रहता है। इससे आंखों की रोशनी कमजोर होकर मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटीनोपैथी भी हो सकती है।
- रायपुर /राज्य के वन मंडल कटघोरा के अंतर्गत वन परिक्षेत्र एटमानगर के बुका पर्यटन केन्द्र से हाथी मानवद्वंद जागरूकता कार्यक्रम के तहत ‘गज यात्रा’ रथ को हरी झण्डी दिखाकर सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत द्वारा रवाना किया गया और वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के कार्यक्रम की शुरूआत की गई।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक श्री मोहित राम केरकेट्टा, विधायक पाली तानाखार श्री हरिश परसाई, सदस्य खाद्य आयोग श्री असरफ मेमन और श्री मनोज चौहान, सुश्री उषा तिवारी, सरपंच एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ लोक कलाकारों की प्रस्तुति के साथ बड़े ही मनमोहक ढंग से किया गया।गौरतबल है कि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा मानव-हाथी द्वंद पर नियंत्रण के लिए जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस तारतम्य में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर कटघोरा वन मंडल अंतर्गत उक्त कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।इस अवसर पर सांसद श्रीमती महंत ने आस-पास से बड़ी संख्या में आये ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलों को दूर करने हर परिस्थिति में छत्तीसगढ़ शासन उनके साथ है। कार्यक्रम को विधायक तथा सदस्य खाद्य आयोग ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम में बताया गया कि प्रकृति में हर जीव-जन्तु का साहचर्य जरूरी है। अतएव इनका संरक्षण एवं संवर्धन में हम सबकी सहभागिता हो। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत द्वारा गज यात्रा रथ एवं वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गज यात्रा रथ पूरे कटघोरा वन मंडल के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर ग्रामीणों को चलचित्र, लोक गीत एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से हाथियों से बचाव हेतु जागरूक करने का कार्य करेगा। इसमें मुख्य रूप से हाट बाजार तथा स्कूलों में जाकर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि मानव-हाथी द्वंद में कमी लाई जा सके।हाथी यात्रा रथ के माध्यम से हाथी प्रभावित सभी ग्रामों में जागरूकता लाने वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान की ग्रामीणों ने सराहना की। कार्यक्रम में उप वन मंडलाधिकारी श्री चन्द्रकांत टिकरिया, परिक्षेत्र अधिकारी एटमानगर श्री दशहंस प्रसाद सूर्यवंशी सहित ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर, /कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान द्वारा वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के उपलक्ष्य में 01 अक्टूबर 2023 को तीरथगढ़ में ‘चिरई संरक्षण मैराथन‘ का आयोजन किया गया। यहां उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित 10 किलोमीटर मैराथन में पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु स्थानीय जन-जीवन में जागरूकता लाने व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तीरथगढ़ में आयोजित चिरई संरक्षण मैराथन में 350 से अधिक पुरूष एवं महिला प्रतिभागी शामिल हुए। प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग में प्रथम - श्री ईश्वर सिंग प्रसाद, निवासी-जिला बलौदाबाजार, द्वितीय - श्री भोजराज साहू, निवासी-जिला बलौदाबाजार तृतीय-श्री कलजुुग, निवासी-जिला बस्तर विजेता रहे एवं महिला वर्ग में प्रथम - कु. कमली पोयाम, निवासी-पखनार,जिला बस्तर, द्वितीय - प्रमिला मण्डावी, निवासी -जिला बस्तर तृतीय - ममता कश्यप, निवासी-जिला बस्तर रहे।वन्य एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के दिशा-निर्देश तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल के मार्गदर्शन में उक्त प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्रीय निदेशक इन्द्रावती टायगर रिजर्व श्री राजेश पाण्डेय, सेवानिवृत्त, मुख्य वनसंरक्षक, जगदलपुर वृत्त श्री मोहम्मद शाहिद, निदेशक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर श्री धम्मशील तथा सरपंच तीरथगढ़ मुख्य अथिति के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के समस्त क्षेत्रीय कर्मचारी, तीरथगढ़ इको विकास समिती के सदस्य, मैना मित्र, युवोदय वन मितान उपस्थित थे।
- -नई दिल्ली में भाषा उत्सव एवं भाषा प्रौद्योगिकी समागम में छत्तीसगढ़ का लगा स्टॉल-केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केन्द्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने किया निरीक्षणरायपुर /नई दिल्ली के डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ नई दिल्ली में 30 सितम्बर और 01 अक्टूबर को दो दिवसीय भारतीय भाषा उत्सव एवं भारतीय भाषा प्रौद्योगिकी समापन का आयोजन किया गया। भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सिर्फ छत्तीसगढ़ और असम राज्य के भाषा शिक्षण स्टाल को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रारंभिक कक्षाओं में स्थानीय भाषा में तकनीकी प्रौद्योगिकी पर शिक्षकों द्वारा किये जा रहे कार्य पर लगे स्टॉल की सराहना देश-विदेश से आये शिक्षाविदों एवं भाषा शिक्षण के स्कॉलरों ने की है।केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने 30 सितम्बर और केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितेन्द्र सिंह ने 01 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के स्टॉल का निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के स्टॉल में समग्र शिक्षा समूह की ओर से भाषा सीखने में टेक्नोलॉजी के उपयोग को बेहतरीन तरीके से समझाया गया है। इस टेक्नोलॉजी से बच्चों में नवाचारों को लाने की उपयोगिता को भी बखूबी से दर्शाया और व्याख्यान करके समझाया गया। श्ैाक्षणिक परिवेश में छत्तीसगढ़ के नवाचार बहुत उपयोगी हैं।उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में पूरे देश भर से सिर्फ छत्तीसगढ़ व असम को इस कार्यक्रम में स्टाल के लिए स्थान मिला। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य में स्कूली बच्चों को शिक्षा दिए जाने के लिए स्थानीय भाषा-बोली में पाठ्यक्रम तैयार कर पुस्तकें प्रकाशित की है और इसके माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। इसका मूल उद्देश्य स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों में शिक्षा के प्रति रूचि एवं उनके ज्ञान के स्तर को बेहतर बनाना है। स्थानीय भाषा पर आधुनिक तकनीक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते किये जा रहे कार्याे की अब देश विदेश में प्रशंसा होने लगी है।कार्यक्रम स्थल पर भारतीय भाषा के विकास व उसके संवर्धन के लिए कार्य करने वाली देश की महत्वपूर्ण नामी संस्थाओं जैसे मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन भारत सरकार के अधीन अनुवादिनी, आईसेक्ट भारतीय भाषा पुस्तकें, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यायल, भारतीय भाषा संस्थान, केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान, वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्टाल लगाया गया है।राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थानीय भाषा में तकनीक प्रौद्योगिकी उपयोग करते हुए शिक्षण करने वाले शिक्षक महेंद्र राम मंडावी बस्तर, नित्यानन्द यादव जशपुर, श्रीमती योगेश्वरी साहू बलौदाबाजार, राजमोहन श्रीवास्तव रायपुर, सावित्री साहू बेमेतरा को चयनित किया गया है। इनके द्वारा नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती स्थानीय भाषा को संरक्षित करने के लिए शिक्षण में तकनीकी प्रौद्योगिकी उपयोग के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक की प्रस्तुति दी गई।
- -मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की न्याय योजनाओं का परिणाम: लोगों के जेब में अंतरित दो लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि-राज्य में नवरात्र तथा दशहरा-दिवाली के पहले से ही वाहनों की बम्पर खरीदी की शुरूआत-रायपुर आरटीओ में सबसे ज्यादा 8,645 मोटरयानों का हुआ पंजीयनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा सुगम यातायात व्यवस्था सहित जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए निरंतर नवाचारी पहल जारी है। गौरतलब है कि समाज के वंचित वर्ग के कल्याण और लोगों के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न न्याय योजनाओं का कुशलतापूर्वक संचालन किया। इन न्याय योजनाओं के फलस्वरूप राज्य में पांच सालों में दो लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि लोगों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई। यही वजह है कि आज राज्य के गांव, शहर और बाजार सभी जगह व्यापार-व्यवसाय से गुलजार हो गए हैं और नवरात्र तथा दशहरा-दिवाली के पहले से ही यहां वाहनों के बम्पर खरीदी की शुरूआत हो चुकी है।इस तारतम्य में वाहनों की खरीद-बिक्री सुविधाजनक होने के फलस्वरूप प्रदेश में लगातार मोटरयानों के पंजीयन की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रदेश में सितम्बर 2022 में 30,597 मोटरयानों का पंजीयन हुआ था, वहीं सितम्बर 2023 में 42,186 मोटरयानों का पंजीयन हो चुका है। इस तरह माह सितम्बर 2022 की तुलना में माह सितम्बर 2023 में मोटरयानों के पंजीयन में लगभग 37.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।आयुक्त परिवहन श्री दीपांशु काबरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में सितम्बर 2022 से सितम्बर 2023 तक रायपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत सबसे ज्यादा 8,645 मोटरयानों का पंजीयन हुआ। इनमें सरगुजा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 2,128, बिलासपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 3,187, दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 3,589, जगदलपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अंतर्गत 1,215 मोटरयानों का पंजीयन हुआ है।इसी तरह जिला परिवहन कार्यालय अंतर्गत बैकुंठपुर में 1,049, बालोद में 688, बलोदाबाजार-भाटापारा में 1,391, बलरामपुर में 655, बेमेतरा में 574, बीजापुर में 337, दंतेवाड़ा में 424, धमतरी में 1,035, गरियाबंद में 581, गौरेला-पेंड्रा-मारवाही में 366, जांजगीर-चांपा में 2,009, जशपुर में 1017, कांकेर में 1,029, कवर्धा में 913, कांेडागांव में 792, कोरबा में 2,469, महासमुंद में 1,385, मुंगेली में 685, नारायणपुर में 250, राजनांदगांव में 1,912, सुकमा में 267, सूरजपुर में 829 और रायगढ़ में 2,765 मोटरयानों का पंजीयन हुआ है। इन वाहनों में ट्रैक्टर, एम्बुलेंस, बस, ई-रिक्शा, माल वाहक, हारवेस्टर, टैक्सी (कैब), मोटरसाइकिल, भारी वाहन आदि मोटरयान शामिल हैं।
- -महापौर, आयुक्त, स्वच्छता दीदियों ने ऑक्सीजोन की सफाई कर जन-जन को दिया स्वच्छ राजधानी शहर का सकारात्मक सन्देशरायपुर / 01 अक्टूबर को स्वच्छता श्रमदान अभियान के अवसर पर आज आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों ने समय निकालकर श्रमदान के इस महाभियान में बढ़़-चढ़कर हिस्सा लिया और गांधी जयंती के अवसर पर राज्य के हर गली-मोहल्ले को सेवा ग्राम बनाने में अपना योगदान देने हेतु प्रयास करने का संकल्प लिया।स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आज शनिवार को नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन शाखा एवं रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों में प्रत्येक वार्ड के 2-2 स्थानों कुल 140 विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में सभी वार्ड पार्षदगणों, जनप्रतिनिधियों, ग्रीन आर्मी सहित विभिन्न स्वयंसेवी, समाजसेवी संगठनों, स्वयंसेवकों, स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रों, युवाओं, गणमान्य जनों, नगर पालिक निगम एवं रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों, कर्मचारियों सहित नगर पालिक निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने आयुक्त मयंक चतुर्वेदी, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष नागभूषण राव, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग अध्यक्ष एवं पण्डित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 35 के पार्षद आकाश तिवारी ने स्वयंसेवकों, सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों, कर्मचारियों, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर ऑक्सीजोन पहुंचकर झाडू लगाकर कचरा एकत्रित कर स्वच्छता कायम कर आमजनों को स्वच्छ नगर का सकारात्मक सन्देश दिया. महापौर, आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष ने नागरिकों से कचरा सड़क, नाली, नाला,तालाब में नहीं डालने एवं सूखा एवं गीला कचरा पृथक करके सफाई मित्र को देकर रायपुर को देश का सबसे स्वच्छ शहर राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के अंतर्गत बनाने का संकल्प लेने का पुनः आव्हान किया।
- -मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से की थी स्वच्छता के लिए श्रमदान की अपील-उत्साह के साथ अपने आसपास के इलाकों की साफ-सफाई के लिए जुटे आम नागरिक-स्वच्छता दीदियों ने लोगों को सफाई के लिए घर-घर जाकर एक घंटा श्रमदान का दिया था आमंत्रणरायपुर /राज्य को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के महासंकल्प के साथ आज पूरे प्रदेश में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का आगाज हुआ। प्रदेशभर के 169 शहरों के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने अपने आसपास की सफाई के लिए श्रमदान कर एकजुटता दिखाई। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आह्वान पर प्रदेशभर के लोग स्वच्छता श्रमदान अभियान से जुड़े और इसे सफल बनाया।प्रदेश में सभी शहरों में सुबह से ही लोग उत्साह के साथ अपने आसपास के इलाके की साफ-सफाई के लिए जुटे रहे। स्कूली बच्चों ने स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने रैली निकाली और स्वच्छता ही सेवा का संदेश भी दिया। सामाजिक संगठनों ने भी शहर को स्वच्छ बनाने के लिए लोगों से प्लास्टिक का उपयोग न करने, कचरा न फैलाने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।महात्मा गांधी के स्वच्छता को लेकर दिखाए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ को लगातार स्वच्छतम राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है, जिससे स्वच्छता का छत्तीसगढ़ मॉडल सफल हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का मानना है कि स्वच्छता केवल एक दिन का विषय नहीं है बल्कि यह हमारे जीवन से जुड़ी सबसे प्रमुख जिम्मेदारी है। सामूहिक रूप से यह जिम्मेदारी निभाकर हम महात्मा गांधी के स्वच्छता के संकल्प और उद्देश्य को साकार कर पाएंगे।प्रदेश के राजधानी रायपुर से लेकर बलरामपुर, सुकमा और राजनांदगांव से लेकर महासमुंद तक सभी जिलों में आज स्वच्छता महाभियान उत्साह के साथ मनाया गया। जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों ने सुबह से ही अपने वार्डाें के सार्वजनिक स्थल, व्यावसायिक परिसर, कार्यालयों, हाट-बाजार, स्कूल-कॉलेज, कृष्ण कुंज सहित सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई का अभियान चलाया। इस दौरान आम नागरिकांे ने स्वतःस्फूर्त अभियान में अपनी भागीदारी निभाई और स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि स्वच्छ प्रकृति और स्वच्छ वातावरण से ही जीवन को सुखमय बनाया जा सकेगा।इस मौके पर कई जिलों में सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर किए गए नवाचारी पहल को भी लोगों ने सराहा। लोगों ने उत्साह के साथ साफ-सफाई करते हुए तस्वीरें निकाय के पोर्टल और स्वच्छ भारत, छत्तीसगढ़ मॉडल हैशटैग के साथ सोशल मीडिया में साझा की। घर-घर से कचरा इकट्ठा करने वाली दीदियों ने 01 तारीख को स्वच्छता के लिए एक घंटा श्रमदान का निमंत्रण दिया था, जिससे लोगों की भारी भीड़ जुटी।
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-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुजुर्गों का शॉल और श्रीफल देकर किया सम्मान
-बुजुर्गों को 825 सहायक उपकरणों का किया गया वितरणरायपुर/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों का शॉल और श्रीफल देकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल संवेदनशीलता के साथ मंच से उतरकर स्वयं बुजुर्गों के पास पहुंचे और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर, चश्मा और हियरिंग एड सहित 825 सहायक उपकरण भी प्रदान किए। इस अवसर पर सभी जिलों के लगभग साढ़े छः हजार से अधिक वरिष्ठजन उपस्थित थे।अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मानव जीवन की तीन प्रमुख अवस्थाएं हैं- बाल्यावस्था, युवावस्था और वृद्धावस्था। मनुष्य की वृद्धावस्था उसके जीवनभर के ज्ञान और अनुभवों का निचोड़ है, उसकी जीवनभर की तपस्या का संचय है। इसीलिए हमारे बुजुर्ग हमारे समाज के प्रकाश-स्तंभ हैं। उनके अनुभवों के प्रकाश में ही नयी पीढ़ियां आगे बढ़ती हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि बुजुर्गों की सेवा करने से आयु, विद्या, यश और बल बढ़ता हैं।श्री बघेल ने कहा है कि नये दौर के समाज में हमारे पुरातन जीवन-मूल्य बहुत पीछे छूटते जा रहे हैं। बुजुर्गों ने जीवनभर जिन लोगों के लिए मेहनत की, त्याग किया वे उन्हीं के द्वारा उपेक्षित कर दिए जाते हैं। राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के लिए सियान हेल्प लाइन नम्बर शुरू किया गया है। इस हेल्पलाईन का उपयोग दिव्यांग, विधवा और उभयलिंगी व्यक्ति भी कर सकते हैं। सियान हेल्पलाइन सेंटर और टोल फ्री नंबर के सेटअप की स्थापना के लिए बजट में एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हेल्पलाइन नंबर पर अभी तक 76 हजार से ज्यादा कॉल आ चुके हैं, इनमें से 1493 कॉल बुजुर्गों ने किए हैं। हमें खुशी है कि इस हेल्पलाइन सेंटर के माध्यम से हम बुजुर्गों की मदद कर पा रहे हैं।श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने निराश्रितों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत दी जाने वाली मासिक पेंशन की राशि को 350 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिमाह कर दिया है। प्रदेश के 13 लाख से ज्यादा बुजुर्गजन मासिक पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार बुजुर्गों को 49 हजार आवश्यक सहायक उपकरणों का वितरण भी कर चुकी है। राज्य शासन के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना शुरू की गई है। इससे उनके बुढ़ापे में सहायता मिलेगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि बुजुर्गों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए राज्य सरकार द्वारा सियान जतन क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश के आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी बुजुर्गों के लिए विशेष ओपीडी और पंचकर्म सेवाएं दी जा रही हैं। राज्य में श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स में 72 प्रतिशत तक कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस योजना का लाभ भी हमारे वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा है।श्री बघेल ने सभी से अपने परिवार या आसपास बुजुर्गों की समस्याओं को समझने का प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा के फल से बढ़कर कोई पूजा-आराधना नहीं है। उनका आशीर्वाद ही सबसे बड़ा पुण्यफल है। बुजुर्गों को हमसे उतने ही प्रेम की उम्मीद होती है, जितना प्रेम उन्होंने हमें दिया है।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने बुजुर्गों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल बुजुर्गों, निराश्रितों, दिव्यांगों, किसानों सहित हर वर्ग का ध्यान सुचारू रूप से रख रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा पैसा नहीं देने पर भी राज्य सरकार ने योजनाओं के लिए अग्रिम स्वीकृति दी है, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।कार्यक्रम में बुजुर्गों को 25 इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर, 600 हियरिंग एड और 200 चश्मा सहित 825 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस अवसर पर दिव्यांग महाविद्यालय रायपुर के बच्चों द्वारा शानदार देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। बुजुर्गों का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। यहां श्रवण और नेत्र जांच कर चश्मा प्रदान किया गया। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा बुजुर्गों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाया गया। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशीष सिंह,संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा, विधायक श्री सत्य नारायण शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री अमृत खलखो सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित थे। -
-छत्तीसगढ़ में समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव की जो अलख बापू ने जगाई वह आज भी प्रेरित कर रही है : श्री बघेल
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। महात्मा गांधी के देश के लिए अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा है कि महात्मा गांधी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरे विश्व के सामने मिसाल कायम की। उन्होंने देश में जिस ग्राम स्वराज की कल्पना की थी, छत्तीसगढ़ सरकार उसे पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना शुरू कर नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी को नये रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत बने गौठान अब आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुपालकों और ग्रामीणों से गोबर और गोमूत्र खरीदा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार मिला है।श्री बघेल ने कहा कि गांधी जी ने सबकी अच्छी सेहत के लिए कई प्रयोग किए इसलिए हमने सार्वभौम स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिता दी है। छत्तीसगढ़ में 2019 में गांधी जयंती के दिन से ही कुपोषण के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई थी। इसके फलस्वरूप प्रदेश के 02 लाख 65 हजार बच्चे कुपोषण मुक्त हो चुके हैं। लगभग डेढ़ लाख महिलाएं एनीमिया से बाहर आ गई हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से भी हम अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं।श्री बघेल ने महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ महात्मा गांधी की यादें आज भी जीवंत हैं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान छत्तीसगढ़ में उनके कंडेल आने की खबर ने ही किसानों को जीत दिला दी थी। गांधीजी के छत्तीसगढ़ आगमन ने महिलाओं, विद्यार्थियों, सफाई कर्मचारियों सहित सभी नागरिकों को नई ऊर्जा से भर दिया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सत्य-अहिंसा, समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव की जो अलख जगायी वह आज भी प्रेरित कर रही है। श्री बघेल ने कहा कि गांधीजी के दिखाए रास्तों पर चलते हुए हम ‘नया छत्तीसगढ़‘ गढ़ेंगे और उनके ग्राम स्वराज्य के सपने को साकार करेंगे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 02 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंनेे अपने संदेश में कहा है कि शास्त्री जी ने सादगी से जीवन जिया और अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में अर्पित कर दिया। वास्तव में वे सच्चे गांधीवादी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय देश को कुशल नेतृत्व प्रदान किया और ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया, जिससे सारा देश एकजुट हो गया। श्री बघेल ने कहा कि शास्त्री जी जैसे कर्मयोगी सदा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
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रायपुर/मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शायर हाजी हसन अली ’हसन’ की 02 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने श्री हसन के उर्दू भाषा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को याद करते हुए कहा है कि श्री हाजी हसन अली ‘हसन‘ ने उर्दू भाषा को जनप्रिय बनाने के लिए कई काम किए। श्री हाजी हसन ने हिन्दी से उर्दू पढ़ना-लिखना सीखने के लिए कई किताबें लिखी, इससे दोनों भाषाओं को सीखने और समझने में रूचि रखने वालों को आसानी हुई है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में राज्य अलंकरण की स्थापना की है। श्री बघेल ने कहा है कि उनका साहित्य उर्दू भाषा को जानने और जनसामान्य में प्रचलित करने के लिए हमेशा रौशनी देता रहेगा।















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