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- -छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कति को देश-विदेश में मिल रहा पहचान- विदेश में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की गूंज-महिलाएं गले में कटली मोहर, कान में खुटी हाथ में नागमोरी और बहुटा के साथ माथे में बिंदी लगाकर छत्तीसगढ़ महतारी का रूप धारण किए हुए बेहद मनोहारी दिख रही थीं।रायपुर। छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया.. यूं ही नहीं कहा जाता। छत्तीसगढ़ और यहां के रीति-रिवाज की धमक अब विदेशों में भी देखने को मिल रही है। जी हां, लंदन की धरती पर भारतीय स्वतंत्रता की वर्षगांठ बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। हाय..डारा लोर गेहे रे.. के साथ लाली परसा बन म फुले और मउंहा झरे रे.. जैसे ख्यातनाम छत्तीसगढ़ी गीतों पर यहां के लोगों ने छत्तीसगढ़ मूल के रहवासियों के साथ नृत्य किया। भारतीय स्वतंत्रता की याद में आयोजित विदेशी धरती के समारोह में तिरंगा फहराने छत्तीसगढ़ियों ने एक-दूसरे को बधाई दी, मिठाईयां बांटी। समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और समृद्धि का बेजोड़ प्रस्तुतिकरण किया गया। लंदन में आयोजित इस समारोह के आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अद्धितीय योगदान रहा, आयोजकों ने मुख्यमंत्री के सहृदयता के लिए आभार संदेश भेजा है।कार्यक्रम में महिलाएं पारम्परिक वेशभूषा में संस्कृति को सहेजने की सन्देश पूरी दुनिया को दे रही है। गले में कटली मोहर, कान में खुटी, हाथ और भुजा में नागमोरी बहुटा पहुची और कलाई में आईठी चुरिया, माथे पर बिंदी लगाकर छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति अपनी अपार श्रद्धा व प्रेम व्यक्त करती दिखाई दीं। इस दौरान छत्तीसगढ़ी लोकगीत हाय डारा लोर गे हे रे..मउंहा झरे रे मउंहा झरे रे जैसे गानों को सुनकर सभी लोक नृत्य करते हुए अपनी सांस्कृतिक परंपरा के संवाहक बने थे।कार्यक्रम की शुरुआत फ्लैग होस्टिंग से हुई। भारतीय उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी ने ध्वजारोहण किया और उसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग आए थे।छत्तीसगढ़ राज्य का स्टाल लोगों को किया आकर्षितभारत के विभिन्न राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु से एनआरआई और प्रवासी नागरिकों ने अपने स्टॉल लगाए। छत्तीसगढ़ का स्टॉल सर्वाधिक लोकप्रिय रहा। छत्तीसगढ़ पीपल्स एसोसिएशन ने आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटक आकर्षणों, यहां के प्राकृतिक संसाधनों और निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन का वीडियो दिखाया गया। भारत के उच्चायुक्त ने छत्तीसगढ़ स्टाल का दौरा किया और प्राकृतिक सुंदरता से आश्चर्यचकित हुए।छत्तीसगढ़ कलाओं का किया प्रदर्शनछत्तीसगढ़ी टसर सिल्क साड़ी, सोपा, कोसा साड़ी, बस्तर डोखरा, टेराकोटा शिल्प, लकड़ी और बांस शिल्प, बड़ी, दही वाली मिर्ची जैसी छत्तीसगढ़ी कलाएँ प्रदर्शित की गईं जो बहुत लोकप्रिय रहीं। छत्तीसगढ़ पीपुल्स एसोसिएशन ने आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की कॉफी और चाय के बारे में बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी देने वाले पत्रक का भी वितरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ पीपुल्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, सीजी टूरिज्म बोर्ड, जनसंपर्क विभाग को उनके प्रोत्साहन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
- -छत्तीसगढ़ी, हिन्दी और क्लासिकल गीतों पर थिरके कलाकार-ट्रांसजेंडरों के कत्थक तिहाई, परन और ठुमरी नेे किया मंत्रमुग्धरायपुर /सांझ एक शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस समूह के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी और क्लासिकल गीतों से मनोरंजक और दिल को छू देने वाली प्रस्तुतियां दी। दर्शकों ने ट्रांसजेंडरों की प्रतिभा को सराहा। कलाकारों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।सांझ एक शाम तृतीय लिंग कलाकारों के नाम संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से तृतीय लिंग वर्ग के कलाकारों ने एक सुंदर शाम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत विगत वर्ष संस्कृति संचालक श्री विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में की गई थी। छत्तीसगढ़ में किन्नर समाज की प्रतिभा को साँझ के मंच पर राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता मिल रही है। सांझ एक शाम कायर्क्रम की मुख्य अतिथि पूर्व महापौर रायगढ़ तृतीय लिंग समूह की मधु बाई थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने की। तृतीय समुदाय के कलाकारों को मौका देने के लिए आयोजित सांझ एक शाम कार्यक्रम के लिए तृतीय लिंग समूह की ओर से विद्या राजपूत ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत को धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम में तृतीय लिंग समूह के कलाकारों ने उत्साह से हिस्सा लिया। जांजगीर चांपा से आए प्रतिमा ग्रुप के कलाकारों द्वारा मां काली वंदना एवं नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद स्वरागिनी ग्रुप के कलाकारों ने सुआगीत, कर्मा गीत, ददरिया व होली के गीतों में अपनी प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। रायपुर के श्री युवराज बाघ एवं साथी द्वारा कत्थक में शिव वंदना की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ-साथ उन्होंने कत्थक तिहाई, परन और ठुमरी में अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत लिया।दुर्ग के कांता एली महानंद ने क्लासिकल नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रतिमा डांस ग्रुप द्वारा किन्नर के जीवन पर आधारित आकर्षक एवं संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी ए.आई.जी. श्री संजय सिंह, जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक श्री आलोक देव, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री नदीम काजी, उप संचालक संस्कृति एवं राजभाषा श्री उमेश मिश्रा, आदिवासी कला परिषद के अध्यक्ष श्री नवल शुक्ला, तृतीय लिंग समूह से विद्या राजपूत, वरिष्ठ फोटो ग्राफर दीपेन्द्र दीवान सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के क्लब हाउस में रविवार को हमर संगवारी ग्रुप के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति तथा आधुनिक जीवनशैली के विविध रंगों के बीच तीज मिलन समारोह मनाया गया। इस दौरान तीज क्वीन प्रतियोगिता भी रखी गई। दस प्रतिभागियों के बीच हुए इस दिलचस्प मुकाबले में सुषमा चंद्राकर को तीज क्वीन का खिताब मिला, जबकि फर्स्ट रनरअप वंदना साहू को और सेकंड रनरअप दीपाली वर्मा को घोषित किया गया। इनके अलावा टॉप फाइव में बबीता केला एवं सुनीता ठाकुर ने भी जगह बनाई थी।प्रतियोगिता में जज के तौर पर छालीवुड अभिनेत्री जागेश्वरी मेश्राम, एसोसिएशन की उपाध्यक्ष कीर्तिलता वर्मा तथा संगीता साहू उपस्थित थीं। सभी प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया था, जिसके अंतर्गत उन्हें हरी साड़ी पहने हुए चश्मा लगाकर छत्तीसगढ़ी गीतों की धुन पर कैटवाकिंग करनी थी।कार्यक्रम की शुरुआत मातारानी की पूजा से की गई। इस अवसर पर एक ओर जहां विमला साहू ने राज्य गीत 'अरपा पैरी के धार' को बहुत ही सुरीली आवाज में गाया, तो दूसरी तरफ प्रहसन के अंतर्गत रश्मि साहू तथा देवप्रभा साहू ने हास्य नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को खूब लोटपोट किया। इस मौके पर महिलाओं ने एकल, युगल और समूह नृत्य भी पेश किया। एकल नृत्य में देव प्रभा, सुषमा चंद्राकर, सुनीता ठाकुर तथा नाशी वर्मा, युगल नृत्य में ममता वर्मा और नाशी वर्मा एवं समूह नृत्य में गायत्री देवांगन, सीमा देवांगन, आशा वर्मा, मंजू देवांगन, बबीता केला, सत्यभामा साहू, प्रतिमा, योगिता देवांगन, सविता पिस्दा, प्रतिभा देवांगन, सुनीता चंद्राकर, कविता सिन्हा, सुनीता ठाकुर, चेतन वर्मा तथा इंदू साहू ने शानदार परफॉर्म किया। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश की स्त्रियों का प्रमुख नृत्य 'सुआ नृत्य' भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपनी भाव-भंगिमाओं को उम्दा तरीके से अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन ममता वर्मा ने किया। -
*अब खरीफ के अलावा रबी की फसल का भी ले रहे हैं लाभ*
रायपुर/ राज्य शासन की कृषि योजनाओं से किसानों का खेती के प्रति रूझान बढ़ा है। शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है जिनमें से शैलो ट्यूबवेल योजना महत्वपूर्ण है। इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। लघु और सीमांत किसानों के लिए खेती-किसानी हमेशा से चुनौती पूर्ण रही है। राज्य में कई किसान सिंचाई की कमी की वजह से उन्नत कृषि नहीं कर पाते। इसके अलावा रबी और खरीफ की फसल भी नहीं ले पाते। पूरी तरह मानसून पर आधारित खेती में किसान हमेशा चिंतिंत रहता है। ऐसे किसानों के लिए शैलो ट्यूबवेल योजना काफी लाभप्रद साबित हो रहे हैं।योजना का लाभ लेते हुए महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम चिंगरौद के ऐसे ही लघु सीमांत कृषक श्री तेजकुमार साहू ने खेती को घाटे से उबारते हुए कृषि को लाभदायक बनाया है। वे बताते है कि पूर्व में सिंचाई के साधन नहीं होने से खरीफ में ही खेती का कार्य करते थे, सिंचाई पूरी तरह मानसून पर निर्भर होने के कारण उत्पादन कम होता था। जिससे फसल उत्पादन की मात्रा उम्मीद से कम होता था। लागत की तुलना में आय कम प्राप्त होती थी। इस कारण घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी।कृषक श्री साहू ने कृषि विभाग द्वारा संचालित राजिम भक्तिन धारा योजना अंतर्गत शैलो ट्यूबवेल का लाभ उठाकर अपने खेत में ट्यूबवेल खुदवाया। जिससे अब वे रबी और खरीफ दोनों फसल लेते हैं। अब खेती का रकबा सिंचित होने से फसल का नुकसान नहीं होता है। कृषक अब वर्षा के ऊपर निर्भर नहीं है। कृषक के द्वारा खरीफ में धान फसल तथा रबी में दलहन, तिलहन व अन्य फसल का उत्पादन करता है। जिससे कृषक की आय में वृद्धि हुई। इस तरह कृषक वर्ष में खरीफ एवं रबी फसल लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया। विभाग की राजिम भक्तिन धारा योजना अंतर्गत शैलो ट्यूबवेल खनन से कृषक का जीवन स्तर एवं आर्थिक स्तर में सुधार हुआ।*किसानों को मिलता है शत प्रतिशत अनुदान*महासमुंद जिले में लगभग 400 शैलो बोर का खनन किया गया हैं। यह कम गहराई वाला या उथला ट्यूबवेल है , जिसकी अधिकतम गहराई 50 फ़ीट होती है। खासकर नदी किनारे बसे गावों के लिए बेहद उपयोगी है। एक शैलो ट्यूबवेल की लागत लगभग 20 हजार रुपये है और शासन इसके लिए किसानों को शत प्रतिशत अनुदान देती है । शासन द्वारा इसमे 5 हजार रुपये खुदाई के लिए और 15 हजार पम्प प्रतिस्थापन के लिए किसानो को प्रदान किया जाता है । -
राजनांदगांव|जल जीवन मिशन का काम देखने केंद्र सरकार के विशेषज्ञों की टीम जिले के दौरे पर है। गांवों में जाकर यह कामों का जायजा ले रही है। टीम ने जिले के 16 गांवों में दस्तक दी। इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यों का केंद्रीय टीम द्वारा अवलोकन किया गया और जानकारी ली गई।इस दौरान टीम में शामिल तकनीकी अधिकारियों ने पाइप लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे की गहराई नापकर देखा।
अविभाजित राजनांदगांव जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये वाले जल जीवन मिशन के कामों की गति व गुणवत्ता देखने दिल्ली से टीम पहुंची थी। लक्ष्य 1600 में शुद्ध व पर्याप्त पेयजल पहुंचाना है। कार्य की प्रगति व अन्य तकनीकी चीजें अधिकारियों द्वारा देखी गई। हर घर नल से जल पहुंचाने के उद्देश्य को लेकर जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी राष्ट्रीय जल जीवन मिशन टीम के कुलदीप कुमार व अनिल कुमार के नेतृत्व मे पहुंची थी। टीम ने जिले के 16 गांवों में जाकर निरीक्षण किया।0 इन गांवों मेंंची थी टीमदिल्ली से आए तकनीकी अधिकारियों की टीम ने बघेरा, देवादा , मुड़पार , मासूल , मानपुर , गिरगाव ,दिवानझीटिया, गोड़री ,ओडारबंध, मलाइडबरी, भवरमरा , केशला , टप्पा , गाटाटोला , भैसातरा और जोगीदल्ली) में जल जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यों का अवलोकन किया और ग्रामीणों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी ली। इनके द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जल जीवन मिशन के कार्यो के लिए बनायी गयी। ग्राम जल स्वच्छता समिति व ग्रामीणों से इसके संबंध में चर्चा की गयी और योजना के बारे में उनसे फीडबैक लिया गया।0 जल परीक्षण करवाया गयाटीम द्वारा हर घर शुद्ध जल पहुंचाने के उद्देश्य को लेकर जल की जांच के लिए बनी महिलाओ की टीम जल बहिनियों से अपने समक्ष जल गुणवत्ता का परीक्षण करवाया गया। साथ ही उपयोग संबंधित निर्देश दिए गए। टीम द्वारा निरीक्षण में गांव में जेजेएम तहत कनेक्शन दिए गए कुल घरों की संख्या, ग्रेवाटर प्रबंधन के निस्तारण, संचालन एवं रखरखाव के लिए क्षमता विकास प्रशिक्षण अंतर्गत दिए गए मानव संसाधन की जानकारी ली गई। सरकार द्वारा प्राप्त राशि का आय तथा व्यय का संपूर्ण विवरण लिया गया।0 समय पर जमा करने के निर्देशजमीनी स्तर पर मिशन को सुचारु रूप से चलाने के लिए ग्रामीणों से ली जाने वाली अंशदान की राशि को ग्राम जल स्वच्छता समिति के खाते में समय समय पर जमा करने के निर्देश दिए गए। सरकार के निर्देशानुसार टीम द्वारा फील्ड में हर घर जाकर पानी की मात्रा जांच की गयी व ग्रामीणों से चर्चा कर जल जीवन मिशन योजना की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया गया। इस दौरान कुछ जगह योजनाओं में आ रही कमियों को लेकर विभागीय स्तर के अधिकारियो को निर्देशित किया गया। अधिकांश जगह गुणवत्तापूर्ण कार्य पाने जाने पर टीम द्वारा हर्ष जाहिर की गई। इस दौरान लोक स्वास्थ्य यांंत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समीर शर्मा, विजिट की नोडल अधिकारी पलक कोठारी व प्रिया सोनी सहित अन्य उप अभियंता, समस्त आएसए, जिला समन्वयक, टीपीआइ., ठेकेदार व ग्रामों के सरपंच, सचिव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।कार्यपालन अभियंता, पीएचई समीर शर्मा ने बताया कि केंद्रीय टीम ने गांवों में जाकर मिशन के कामों का बारीकी से मुआयना किया। ग्रामीणों ने भी कार्यों को संतोषजनक बताया। टीम पूरी तरह से संतुष्ट होकर लौटी। कुछ जगह योजना के क्रियान्वयन में आ रही कमियों को लेकर निर्देशित भी किया। उसे दूर किया जाएगा। -
फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन का सराहनीय प्रयास, विद्यार्थियों ने सीखीं फोटोग्राफी की बारीकियाँ
रायपुर। फोटो पत्रकारों की प्रतिष्ठित संस्था फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन, प्रेस क्लब रायपुर द्वारा आयोजित फोटोग्राफी प्रदर्शनी का मैट्स यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग के छात्र-छात्राओं ने अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को एसोसिएशन के पदाधिकारियों व वरिष्ठ फोटो पत्रकारों ने फोटोग्राफी की बारीकियों से अवगत कराते हुए फोटो पत्रकार की चुनौतियों और इस क्षेत्र में संभावनाओं से अवगत कराया।
मैट्स यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा अंसारी ने बताया कि फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन, प्रेस क्लब, रायपुर द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष फोटो प्रदर्शनी का श्रेष्ठ आयोजन किया जाता रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से विभाग के विद्यार्थी फोटोग्राफी की बारीकियों से अवगत होते हैं तथा अनेक ज्ञानवर्धक जानकारियाँ प्राप्त करते हैं। फोटो प्रदर्शनी में कला, संस्कृति, धर्म, अध्यात्म, आम जन-जीवन के दिनचर्या सहित विभिन्न समसामयिक विषयों के आकर्षक छायाचित्रों का प्रदर्शन किया गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ फोटो पत्रकारों श्री गोकुल सोनी, श्री दीपक पाण्डेय, श्री जावेद खान, श्री किशन लोखण्डे, श्री रमन हलवाई, श्री मनोज देवांगन, श्री जय गोस्वामी, श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री पंकज ठाकुर, श्री दीपेंद्र सोनी सहित अनेक फोटो पत्रकारों ने फोटो पत्रकारिता की चुनौतियों और फोटोग्राफी की कला से अवगत कराया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल पुसदकर भी उपस्थित थे। उन्होंने पत्रकारिता के विविध आयामों की जानकारी दी तथा विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। फोटो पत्रकारों ने विद्यार्थियों को अच्छे फोटो पत्रकार के गुण, तकनीकी, डिजीटल फोटोग्राफी और फोटोग्राफी में कैरियर की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी प्रदान की। फोटो पत्रकारों ने अपने अनुभव और प्रेरक प्रसंग भी बताए।
इस अवसर पर मैट्स यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा अंसारी, सह प्राध्यापक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमलेश गोगिया सहित बी.ए. समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, बी.ए. ऑनर्स हिन्दी पत्रकारिता एवं पर्यटन, एम.ए. हिन्दी, पत्रकारिता एवं जनसंचार (एक वर्षीय डिप्लोमा) के अनेक विद्यार्थी, फोटो पत्रकार तथा वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित थे। हिन्दी विभाग द्वारा फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलपति प्रो. के.पी. यादव, उपकुलपति डॉ. दीपिका ढांढ, कुलसचिव श्री गोकुलानंदा पंडा, डीन एकेडमिक डॉ. विजय भूषण ने फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन तथा छाया पत्रकारों को शुभकामनाएँ देते हुए युवा पीढ़ी के लिए इस आयोजन को सराहनीय प्रयास बताया है। -
- यह मामला टेकारी स्थित ब्रांच पोस्ट आफिस का
रायपुर। पांच ग्रामों को पोस्टल सुविधा देने वाले टेकारी स्थित ब्रांच पोस्ट आफिस पिछले 4 माहों से कार्यालयीन दिवस में आधा दिन ही खुलता है । इसकी वजह यहां पदस्थ पोस्टमैन को बेलदार सिवनी सब पोस्ट आफिस में अटैच कर दिया जाना है जिसके चलते यहां पदस्थ पोस्टमास्टर आधा दिन पोस्ट आफिस बंद कर डाक बांटने का काम करता है। इसकी वजह से ग्रामीण परेशान हैं। किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने पदस्थ शाखा पोस्टमास्टर दीपक वर्मा को ग्रामीणों की परेशानी से अवगत कराते हुए इस समस्या की ओर अपने वरिष्ठ अधिकारी को भी अवगत कराने का आग्रह किया है व 7 दिन के भीतर समाधान न निकलने पर सीपीएमजी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी दी है। रायपुर मुख्य पोस्ट आफिस के अंतर्गत आने वाले खरोरा सब आफिस का ब्रांच है टेकारी शाखा। इस शाखा के अधीन 5 ग्राम टेकारी, कुंडा, खम्हरिया, अमेरी व संकरी आता है। इस शाखा के लिये एक पोस्टमास्टर व एक पोस्टमैन का पद स्वीकृत है। खरोरा सब आफिस के अंतर्गत आने वाले करीबन 22 शाखाओं में से सर्वाधिक राजस्व देने वाली शाखा है टेकारी। इस शाखा पोस्ट आफिस का प्रतिदिन खुलने का समय पूर्वाह्न 9 से 12 व अपराह्न 4 से 5 बजे का है । इस शाखा में पदस्थ पोस्टमैन को तकरीबन 4 माह पहले बेलदार सिवनी स्थित शाखा पोष्ट आफिस में अटैच कर दिया गया है जिसके चलते डाक बांटने की जिम्मेदारी भी पोष्टमास्टर पर आ गया है। इसकी वजह से अपराह्न में पोष्ट आफिस मे ताला लगा पोस्टमास्टर इन पांचों ग्रामों में डाक बांटने का काम करता है । ग्रामीणों से लगातार मिल रही शिकायत के बाद इसकी पुष्टि पश्चात श्री शर्मा ने यह जानकारी देते हुये बतलाया है कि खेती के इस व्यस्त मौसम में पूर्वाह्न में किसान खेती - किसानी के काम में व्यस्त रहते हैं और अपराह्न में उन्हें पोष्ट आफिस बंद मिलता है जिसकी वजह से उन्हें राशि जमा-निकासी सहित अन्य पोस्टल कार्यों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। - -अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कर कार्यशाला का समापनरायपुर । पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के निश्चेतना एवं पेन मेडिसिन विभाग में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा संचालित बेसिक लाइफ सपोर्ट तथा एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट कोर्स की 13 वीं कार्यशाला के अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों को वर्क स्टेशन पर हाई क्वालिटी के सीपीआर की प्रैक्टिस करवाई गयी। इसके साथ ही कार्डियक अरेस्ट के रिवर्सिबल कारणों की शीघ्र पहचान कर उनके प्रबंधन के बारे में भी बताया गया। इस कोर्स में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा ली गई जिसके बाद उत्तीर्ण लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।इस पाठ्यक्रम की प्रमुख प्रशिक्षक डॉ. प्रतिभा जैन शाह ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से चिकित्सक, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस तथा सामान्य जनता को जीवन रक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया ताकि वे आकस्मिक हृदयाघात/कार्डियक अरेस्ट या अन्य आपात स्थिति में मरीज को वक्त पर उपयुक्त सेवा प्रदान कर उनके बहुमूल्य जीवन को बचा सकें। एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस) जीवन रक्षक प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग हृदय की आपात स्थितियों जैसे कार्डियक अरेस्ट, स्ट्रोक, मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन और अन्य स्थितियों में तत्काल उपचार प्रदान करने के लिए किया जाता है। यह हृदय विफलता की आपात स्थितियों में जीवित रहने की दर को बढ़ा सकता है। इस प्रक्रिया के प्रोटोकाल के अंतर्गत कार्डियक अरेस्ट की तुरंत पहचान और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय करना, छाती के संपीड़न/कम्प्रेशन के साथ प्रारंभिक उच्च गुणवत्ता वाली सीपीआर, तीव्र डीफाइब्रिलेशन, प्रभावी उन्नत जीवन समर्थन, कार्डियक अरेस्ट के बाद एकीकृत देखभाल शामिल है। यह आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक प्रबंधन के तरीकों को सिखाता है। इस पाठ्यक्रम में डॉ. प्रतिभा जैन शाह के साथ ही डॉ. दर्शन मकवाना, डॉ. सपना गुप्ता, डॉ. पल्टियाल पैलेट, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. अनीशा नागरिया तथा इमरजेंसी मेडिसिन से डॉ. शिवम पटेल ने भी कोर्स इन्स्ट्रर्क्स के रूप में अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया।
- -बिहान दीदियों ने कलेक्टर संजीव झा को बांधे संकल्प सूत्र-रोचक कार्यक्रम कर दिए शत प्रतिशत मतदान का संदेश-शत प्रतिशत मतदान, बिलासपुर का अभिमान नारों से गूंज उठा शहरबिलासपुर /घर, परिवार और समाज की बुनियाद महिलाओं के कंधों पर होती है। परिवार संभालने का पूरा दारोमदार उन्हीं पर होता है। घर की जिम्मेदारी बखूबी निभाने वाली बिहान की दीदियों ने इस बार शत प्रतिशत मतदान बिलासपुर का अभिमान सूत्र को हकीकत में बदलने की जिम्मेदारी भी ले ली है। इन दीदियों ने आज रक्षाबंधन त्यौहार के पहले चुनई राखी तिहार मनाया और स्वयं मतदान करने के अलावा अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है। प्रार्थना भवन में आयोजित चुनई राखी त्यौहार में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा, सीईओं जिला पंचायत एवं स्वीप के नोडल अधिकारी श्री अजय अग्रवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां, कॉलेज के विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में नगर की समाज सेवी संस्था पायल फाउंडेशन एक नया सवेरा एवं मार्मिक चेतना संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। बेहद रोचक कार्यक्रम में शत प्रतिशत मतदान बिलासपुर का अभिमान के नारे से पूरा शहर गूंज उठा।कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के निर्देश पर साल के अंत में होने वाले विधानसभा निर्वाचन में मतदाताओं की शत प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर स्वीप की गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में आज चुनई राखी त्यौहार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहान की दीदियों ने स्वयं के द्वारा तैयार की गयी राखी संकल्प सूत्र बांधकर सभी से मतदान में आनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि मतदान लोकतंत्र का आधार है। एक-एक वोट से लोकतंत्र मजबूत होता है। वोट देने का अधिकार ऐसा अधिकार है जो हमें 18 साल इंतजार करने के बाद मिलता है। हमारे पास बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं जिनका हम बखूबी निर्वहन करते हैं। ठीक उसी प्रकार मतदान करना भी हमारी जिम्मेदारी है जो हमें संविधान ने दी है इसलिए हम सभी को अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि पात्र सभी लोग अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़ाएं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। सीईओ श्री अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर में मतदान का प्रतिशत कम है। इसे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से मतदान करने और अपने आस-पास के लोगों को प्रेरित करने की अपील की ताकि बिलासपुर जिला प्रदेश और देश के मानचित्र पर शत प्रतिशत मतदान से अपनी सशक्त भूमिका दर्ज कराएं।ली गई मतदाता शपथ -आगामी विधानसभा निर्वाचन एवं सभी निर्वाचनों में निष्पक्ष रूप से शत प्रतिशत अपने मताधिकार का उपयोग करने की मतदाता शपथ सभी ने ली।भाईयों की कलाईयों में बंधेगी स्वीप राखियां -इस रक्षाबंधन पर भाईयों की कलाईयों में बिहान दीदियों के द्वारा बनाई गई स्वीप राखियां बंधेगी। बिल्हा ब्लॉक की महिला प्रगति समूह और जलधारा समूह की महिलाओं ने धान की बालियों सहित अन्य सामग्रियों से आकर्षक राखियां बनाकर मतदाता जागरूकता का संदेश दे रही हैं।प्रश्नोत्तरी सहित अन्य रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन -कार्यक्रम में बिहान दीदियों से मतदान से जुड़े प्रश्नोत्तरी और उंगली का दम जैसी अन्य रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें विजयी प्रतिभागियों को कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने पुरस्कार भी दिया।कार्यक्रम में समूह की दीदियों ने अपने आसपास मतदाता जागरूकता के लिए की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम का सफल संचालन आरजे सुश्री संस्कृति और फीजा ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त तहसीलदार श्री शशिभूषण सोनी, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रभारी श्री मनोज सिन्हा, जिला पंचायत के पीओ श्री ओम पाण्डेय, एनआरएलएम के जिला समन्वयक श्री रामेन्द्र सिंह गुर्जर, श्री आशीष शर्मा सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
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-शत प्रतिशत और शुद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश
बिलासपुर /राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार ग्रामीण इलाकों में इन दिनों गिरदावरी की जा रही है। पटवारी के नेतृत्व में मैदानी अधिकारियों की टीम खेतों में लगे फसलों का सर्वे कर रही है। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने इस सिलसिले में आज बिलासपुर शहर से लगे ग्राम बिरकोना और खमतराई का दौरा किया। उन्होंने स्वयं कुछ खेतों में उतरकर गिरदावरी करते हुए फसल संबंधी जानकारी दर्ज की ,वहीं टीम द्वारा किए जा रहे गिरदावरी कार्य का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। गिरदावरी अभियान इस साल 1 अगस्त से शुरू हुआ है जो की 30 सितंबर को संपन्न होगा।
कलेक्टर श्री संजीव झा ने शहर के आसपास के ग्रामों में अत्यधिक सजगता के साथ गिरदावरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खेतों को बिना डायवर्ट कराए मकान बनवा लेते हैं। मकान होने के बाद भी राजस्व रिकार्ड में ये खेत के रूप में दर्ज होते हैं। ऐसे रकबे में धान की खेती बताकर गड़बड़ी करने की आशंका ज्यादा होती है। ऐसे निहित स्वार्थ के लोगों को अभी से लगाम लगा दी जाए तो वास्तविक किसानों को धान बेचने में सहूलियत होगी।
कलेक्टर ने दोनों ग्रामों में करीब आधा दर्जन खसरों में लगी फसलों का मुआयना किया। उन्होंने अफसरों को शत प्रतिशत और त्रुटिविहीन गिरदावरी एंट्री के साथ खसरा अनुरूप नक्शे बटांकन के निर्देश दिए। साथ ही खसरा अनुसार शासकीय भूमि एवं अन्य मदों में दर्ज भूमि का गोशवारा रखने को कहा है। नक्शे में दर्ज चांदा मुनारा को संरक्षित रखते हुए भूमि के चिन्हांकन हेतु फिक्स्ड पॉइंट्स के निर्धारण हेतु निर्देशित किया गया। खसरे में स्थित वृक्ष, नलकूप की एंट्री फील्ड निरीक्षण कर किये जाने सहित ऑनलाइन प्रविष्टि में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मौके पर मौजूद कुछ किसानों से चर्चा कर फसलों की स्थिति, कीट प्रकोप, खाद की उपलब्धता आदि की भी जानकारी ली। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री हथेश्वर, अतिरिक्त तहसीलदार श्री शशिभूषण सोनी राजस्व एवं कृषि विभाग के अमले तथा किसान उपस्थित थे। - -प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा बीजापुर जिले में हुई कम सरगुजा जिले मेंरायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 722.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 26 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1264.8 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 336.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 655.3 मिमी, बलरामपुर में 688.7 मिमी, जशपुर में 589.6 मिमी, कोरिया में 705.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 713.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 823.1 मिमी, बलौदाबाजार में 723.2 मिमी, गरियाबंद में 658.3 मिमी, महासमुंद में 750.2 मिमी, धमतरी में 721.4 मिमी, बिलासपुर में 736.8 मिमी, मुंगेली में 884.0 मिमी, रायगढ़ में 812.2 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 660.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 615.6 मिमी, सक्ती में 608.2 मिमी, कोरबा में 711.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 733.2 मिमी, दुर्ग में 578.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 562.0 मिमी, राजनांदगांव में 780.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 917.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 745.3 मिमी, बालोद में 764.0 मिमी, बेमेतरा में 558.8 मिमी, बस्तर में 745.3 मिमी, कोण्डागांव में 672.5 मिमी, कांकेर में 677.1 मिमी, नारायणपुर में 658.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 835.0 मिमी और सुकमा में 1050.7 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में 4 दिन तक चला प्रशिक्षण कार्यशाला-छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विज्ञान रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के सहयोग से दिया गया प्रशिक्षणरायपुर / माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयीन शिक्षकों के कौशल विकास और ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 22 से 25 अगस्त का किया गया था। छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में 4 दिन तक चले इस कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों ने नई शिक्षण पद्धतियों को लागू करने के बारे में अपना उत्साह व्यक्त किया। कार्यशाला में शिक्षक नवीन शिक्षण पद्धतियों से अवगत हुए एवं जाना कि किस प्रकार से मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों के लिए विज्ञान की गतिविधियों एवं प्रयोगों को सिखाने एवं समझाने के लिए अधिक सुलभ एवं आकर्षक बनाया जा सकता है।प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व प्रसिद्ध शिक्षक डेवलपर, रॉयल सोसायटी ऑफ केमेस्ट्री के जया स्वामीनाथन ने किया। उन्होंने विज्ञान की गतिविधियों और व्यावहारिक प्रयोगों को एक श्रृंखला के माध्यम से शिक्षकों के समक्ष प्रदर्शित किया। इन शिक्षण तकनीकों को मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों को जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने हेतु सावधानीपूर्वक डिजाइन किया गया था। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री एस.एस. बजाज ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर बधाई दी। उन्होंने राज्य के शिक्षा स्तर को ऊँचा उठाने में ऐसी पहल पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक हमारे देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें उन्हें प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करके, अपने छात्रों के विकास और समाज की प्रगति में अग्रसर करना है। कार्यशाला के अन्त में वैज्ञानिक डॉ. श्रीमति जे. के. राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला के आयोजन में परियोजना निदेशक वैज्ञानिक डॉ. शिरीष कुमार सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा कदम, इंजीनियर अमित कुमार मेश्राम, एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान केन्द्र की टीम ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।उल्लेखनीय है कि यूसुफ हामिद इंस्पिरेशनल साइंस प्रोग्राम भारत में विज्ञान शिक्षकों के लिए रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री का व्यावसायिक विकास पाठ्यक्रम है। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, यू.के., रसायन विज्ञान और रसायन विज्ञान शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है। जिनके मास्टर प्रशिक्षकों ने भारत के कुछ सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर विज्ञान शिक्षकों को अपने कौशल को बढ़ाने और छात्रों को विश्वविद्यालय में विज्ञान का अध्ययन करने के लिए प्रेरित करने में मदद करने के लिए इस कार्यक्रम को विकसित किया है। रॉयल सोसाइटी टीचर डेवलपर्स भारत के स्कूलों में विज्ञान शिक्षकों के लिए कार्यशालाएँ आयोजित कर रहे हैं, जिससे उन्हें माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्तर पर छात्रों के लिए विज्ञान को अधिक रोचक और आकर्षक बनाने की तकनीकें दी जा रही हैं। प्रशिक्षण कार्यशालाएँ निःशुल्क प्रदान की जा रही है और इनमें सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने वाले योजनाएँ शामिल है।
- -27 अगस्त से 04 सितंबर तक चलेगी स्पर्धारायपुर / छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तीन चरण की प्रतियोगिता के समापन के उपरांत अब जिला स्तर पर यह स्पर्धा आयोजित होगी। 27 अगस्त से शुरू होने वाली चौथे चरण की इस प्रतियोगिता का समापन 04 सितंबर का होगा। जिला स्तरीय प्रत्येक खेल प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी एवं दल आयुवार एवं वर्गवार संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन पर वर्ष 2022 को शुरू की गई पहली छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को अभूतपूर्व लोकप्रियता मिली थी। बूढ़े, बच्चों एवं महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। दिव्यांगजनों ने भी इस ओलंपिक में भाग लिया और कई प्रतिस्पर्घा के विजेता भी रहे। अभी चल रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद, 100 मीटर दौड़ एवं कुश्ती के खेल में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने की घोषणा की है। यह प्रावधान इसी सत्र से लागू होगा।जिला स्तर की स्पर्धा में तीसरे चरण में आयोजित विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी एवं दल शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता के समापन के बाद पांचवे चरण में संभाग स्तर पर स्पर्धा 10 सितंबर से 20 सितंबर तक और अंतिम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 सितंबर से 27 सितंबर तक आयोजित होंगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत हरेली त्योहार के दिन 17 जुलाई से हुई। राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर हुई पहले चरण की इस प्रतियोगिता का समापन 22 जुलाई का हुआ। दूसरे चरण में जोन स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक एवं तीसरे चरण में विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिताएं 18 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित की गई थी।छत्तीसगढ़ के 16 पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।
- -मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि 27 अगस्त पर उन्हें नमन करते हुए कहा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में मानव सेवा एवं शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने सबसे बड़ा धर्म बताया। छत्तीसगढ़ उनकी कर्मभूमि रही है। स्वामी आत्मानंद ने शहरी और आदिवासी क्षेत्र में बच्चों में संस्कार, युवाओं में सेवा भाव और बुजुर्गों में आत्मिक संतोष का संचार किया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर भी गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुःखियों की सेवा में बिता दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वामी आत्मानंद जी के मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार ने इससे प्रेरणा लेते हुए उनके नाम पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए हैं, जिनमें हर वर्ग के बच्चों को अच्छी कक्षा, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित अच्छी पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। श्री बघेल ने कहा कि स्वामी अत्मानंद जी के आदर्श और जीवन मूल्य सदा जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
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छत्तीसगढ़ के महुआ की महक पहुंचने लगी देश-विदेश तक
राज्य में फूड ग्रेड महुआ फूल के संग्रहण में मनेन्द्रगढ़ वनमंडल रहा प्रथम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में संग्रहित फूड ग्रेड महुआ फूल को राज्य लघुवनोंपज संघ द्वारा विदेश में विपणन करने की महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से महुआ फूल से अतिरिक्त लाभ मिलता है। उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्ष 2023-24 में संग्रहित 694.94 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल में से 503.65 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण केवल मनेन्द्रगढ़ वनमंडल द्वारा किया गया है। इस तरह वनमंडल मनेन्द्रगढ़ फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण कार्य में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष प्रथम रैंक पर रहा।
छत्तीसगढ़ में महुआ फूल की अपनी गुणवत्ता और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही नई तकनीक आदि की सुविधा से इसकी महक अब देश-विदेश तक पहुंचने लगी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में वनवासियों को लघुवनोंपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण आदि कार्यो से संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने निरंतर प्रयास हो रहे है। इसी कड़ी में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण संग्राहकों के लिए बहुत फलदायी साबित हो रहा है।
वनमंडलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला यूनियन मनेन्द्रगढ़ की प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति भौंता, बेलबहरा, घुटरा, कछौड़, केल्हारी, बेलगांव, जुनंवा एवं माड़ीसरई के अंतर्गत फूड ग्रेड महुआ फूल (कच्चा महुआ) का नेट के माध्यम से संग्रहण कराया गया । संग्राहकों से 10.00 रु. प्रति किलोग्राम की दर से 503.65 क्विंटल कच्चा महुआ फूल संग्रहित किया गया है। संग्रहण उपरांत महुआ फूल सोलर ड्रायर के माध्यम से सुखाया गया । महुआ फूल के संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में संग्राहकों को 5 लाख 3 हजार 650 रूपए का भुगतान किया गया। सोलर ड्रायर में सुखाकर प्रसंस्करण के उपरांत कुल 99.60 क्विंटल (ए ग्रेड- 78.30 क्विंटल एवं बी ग्रेड-21.30 क्विंटल) फूड ग्रेड महुआ फूल प्राप्त हुआ । उक्त कच्चा महुआ फूल का प्रसंस्करण कार्य वन धन विकास केन्द्र जनकपुर एवं कठौतिया अंतर्गत स्व-सहायता समूह के 20-20 महिलाओं सदस्यों द्वारा संपन्न किया गया है। समूह की महिलाओं को माह अप्रैल से मई 2023 के मध्य 60 दिवस का रोजगार प्रदाय किया गया। महिलाओं को प्रतिदिन 200 रूपये की दर से पारिश्रमिक भुगतान किया गया है। प्रसंस्करण उपरांत प्राप्त महुआ फूल ए एवं बी ग्रेड का बोरा भर्ती उपरांत एक्वाफुड एंड फोल्ड स्टोरेज, बिलासपुर बायपास, रिंग रोड नंबर 03 विधानसभा रोड गिरौद रायपुर में सुरक्षित भंडारण कराया गया है ।
इस संबंध में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल राय ने बताया कि फूड ग्रेड महुआ फूल को सुखाने से 5 किलोग्राम महुआ फूल से 1 किलोग्राम सूखा महुआ फूल प्राप्त होता है। इस प्रकार सुखा महुआ का खरीदी दर 50 रूपए प्रति किलोग्राम प्राप्त हुआ जबकि बाजार में सूखा महुआ फूल की खरीदी दर 30 से 35 रूपए प्रति किलोग्राम था। इस तरह फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण से हितग्राहियों को अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। साथ ही महुआ पेड़ों के नीचे नेट बांधकर महुआ फूल संग्रहण करने पर तेज गर्मी के मौसम मे एक-एक महुआ फूल एकत्र करने के मेहनत से संग्राहक बच गये। महुआ फूल का संग्रहण आसान हो गया। महुआ फूल को बेचने हेतु बाजार ले जाने की आवश्यकता नही पड़ी। वित्तीय वर्ष 2023-24 मे 123 महुआ हितग्राहियों के द्वारा 213 महुआ वृक्षों के नीचे नेट बांधकर फूड ग्रेड महुआ एकत्र किया गया।
फूड ग्रेड महुआ फूल के संग्रहण कार्य को ग्रामीणों द्वारा बहुत पसन्द किया जा रहा है और आगामी वर्षों में अधिक संख्या में हितग्राही नेट के माध्यम से फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण करने के लिए तैयार हुए है। हितग्राही इस कार्य के लिए काफी उत्साहित है। फूड ग्रेड महुआ संग्रहण के दौरान पेड़ों में नेट बांधने, संग्रहण, परिवहन, ड्रायर में सुखाने, बोरा भर्ती एवं जीरा निकालने के कार्य से स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त रोजगार प्राप्त हुआ। -
दुर्ग/ छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के तत्वाधान में एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग श्रीमती नीता यादव के मार्गदर्शन में ’’माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’’ के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आज दिनांक 25/08/2023 को दोपहर 2ः00 बजे जिला न्यायालय, दुर्ग के सभागार स्थल पर आयोजित की गयी है।
उक्त आयोजित कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में श्री संजीव कुमार टॉमक, प्रथम अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग, श्री विवेक नेताम, नवम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग, कु0 पॉयल टोप्नो, षष्ठदश व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग, श्री आशीष डहरिया, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं कार्यशाला में प्रतिभागियों के रूप में श्री विनय कुमार सोनी, संयुक्त कलेक्टर, दुर्ग/अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धमधा , श्री विपुल कुमार गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर दुर्ग/अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन तथा श्री सी.एस.कनवर, तहसीलदार धमधा, श्री प्रफुल्ला गुप्ता अति. तहसीलदार दुर्ग, के अलावा लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम दुर्ग के समस्त कौंसिलगण, पेनल अधिवक्तागण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के समस्त पैरालीगल वार्लेिन्टयर्स बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’’ के संबंध में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए श्री संजीव कुमार टॉमक, प्रथम अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग, द्वारा कार्यशाला में उपस्थिति प्रतिभागियों को उक्त एक्ट की स्थापना माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों को दिलाने हेतु होना बताते हुए, आज माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित होने को समाज के बदलते स्वरूप को जिम्मेदार होना बताते हुए कहा गया कि समाज/घर में अधिकांश लोग आज किस ओर जा रहे हैं उनकी भूमिका समाज/घर में क्या होनी चाहिए ये समझने वाला कोई नहीं है। हमें इसी बात को आमजनों/समाज के लोगों को समझाना है कि समाज/घर में उनकी भूमिका क्या होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में उपस्थित ट्रिब्यूनल के प्रतिभागियों /अधिकारियों को उक्त अधिनियम के तहत ट्रिब्यूनल में संपादित होने वाले कार्य संपादन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उक्त एक्ट के तहत पुलिस विभाग व चिकित्सा विभाग तथा अन्य विभागों की मदद कैसे ली जा सकती है के बारे में बताया गया तथा उपस्थित पैरालीगल वालेन्टियर्स को संबंधित अधिनियम के तहत उनकी भूमिका क्या होनी चाहिए के बारे में बताते हुए उन्हें वरिष्ठ नागरिकों की हरसंभव मदद करते हुए तथा उन्हें उनके अधिकार दिलाने में विधिवत आवश्यक रूप से सहायता प्रदत्त करने प्रेरित करते हुए कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को उनके द्वारा पूछे गये विभिन्न प्रश्नों का विधिनुरूप समुचित उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
रिसार्स पर्सन श्री विवेक नेताम, नवम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग द्वारा अपने उद्बोधन में ’’माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उक्त अधिनियम की धारा 4, 7, 10 धारा 11 एवं धारा 11(2), धारा 12, 15, 16, 23, 19, 20, 24 27 एवं धारा 34 की विस्तार से व्याख्या की गयी।
कु. पॉयल टोप्नो, षष्ठदश व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दुर्ग, ने अपने उद्बोधन में उपस्थित प्रतिभागियों को संबंधित अधिनियम की धारा 32 के बारे में बताते हुए उक्त अधिनियम के प्रयोजनों को कार्र्यािन्वत करने के नियमों के बारे में बताते हुए कहा गया कि तत्संबंध में मामला ट्रिब्यूनल में प्रस्तुत किया जा सकता है तथा ट्रिब्यूनल में मामला प्रस्तुत होने उपरांत उसके निराकरण की प्रक्रिया क्या होगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। -
दुर्ग /खरीफ 2023 में जिले के कृषकों हेतु उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री यथा-खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये कृषि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाते हुए जिले के निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों का सतत् निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि श्री ललित मोहन भगत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री सौरभ वर्मा, विकासखण्ड निरीक्षक दुर्ग श्री नवीन खोब्रागड़े, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अनिल कुमार चन्द्राकर, वाहन चालक यदुसुदन ठाकरे के संयुक्त दल द्वारा विकासखंड-दुर्ग में प्रतिस्थापित मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री मेसर्स सुहाने एग्रो (इंडिया) प्रा.लि. हथखोज का 25 अगस्त 2023 को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री से निर्मित उर्वरक 1630:0-3 नमूने, 20:20:10-1 नमूने, सिंगल सुपर फास्फेट 16 प्रतिशत (Raw Material) का 01 नमूना लिया जा कर गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला प्रेषित किया गया। निरीक्षण के दौरान मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री में 10 वर्ष पु्राना कच्चे सामग्री का उपयोग एवं भण्डारण पाया गया। जिससे निर्मित उर्वरको की गुणवत्ता में कमियां सुनिश्चित है तथा निर्माण संबंधी संधारित स्कंध पंजी एवं अन्य दस्तावेजों का अवलोकन नहीं कराने के कारण संबंधित निर्माता कम्पनी को कारण बताओं नोटिस जारी कर जवाब 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही समयावधि में समाधान कारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की दशा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत मिश्रित उर्वरक निर्माण फैक्ट्री को सील करने की कार्यवाही की जावेगी। उप संचालक कृषि द्वारा निर्माता को उर्वरकों की अच्छी गुणवत्ता युक्त आदान सामग्री का निर्माण एवं सुखे हवादार जगहों पर नियमानुसार उर्वरकों का भण्डारण करने हेतु निर्देश दिये गये।
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शत प्रतिशत और शुद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश
बिलासपुर/राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार ग्रामीण इलाकों में इन दिनों गिरदावरी की जा रही है। पटवारी के नेतृत्व में मैदानी अधिकारियों की टीम खेतों में लगे फसलों का सर्वे कर रही है। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने इस सिलसिले में आज बिलासपुर शहर से लगे ग्राम बिरकोना और खमतराई का दौरा किया। उन्होंने स्वयं कुछ खेतों में उतरकर गिरदावरी करते हुए फसल संबंधी जानकारी दर्ज की ,वहीं टीम द्वारा किए जा रहे गिरदावरी कार्य का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। गिरदावरी अभियान इस साल 1 अगस्त से शुरू हुआ है जो की 30 सितंबर को संपन्न होगा।
कलेक्टर श्री संजीव झा ने शहर के आसपास के ग्रामों में अत्यधिक सजगता के साथ गिरदावरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खेतों को बिना डायवर्ट कराए मकान बनवा लेते हैं। मकान होने के बाद भी राजस्व रिकार्ड में ये खेत के रूप में दर्ज होते हैं। ऐसे रकबे में धान की खेती बताकर गड़बड़ी करने की आशंका ज्यादा होती है। ऐसे निहित स्वार्थ के लोगों को अभी से लगाम लगा दी जाए तो वास्तविक किसानों को धान बेचने में सहूलियत होगी।
कलेक्टर ने दोनों ग्रामों में करीब आधा दर्जन खसरों में लगी फसलों का मुआयना किया। उन्होंने अफसरों को शत प्रतिशत और त्रुटिविहीन गिरदावरी एंट्री के साथ खसरा अनुरूप नक्शे बटांकन के निर्देश दिए। साथ ही खसरा अनुसार शासकीय भूमि एवं अन्य मदों में दर्ज भूमि का गोशवारा रखने को कहा है। नक्शे में दर्ज चांदा मुनारा को संरक्षित रखते हुए भूमि के चिन्हांकन हेतु फिक्स्ड पॉइंट्स के निर्धारण हेतु निर्देशित किया गया। खसरे में स्थित वृक्ष, नलकूप की एंट्री फील्ड निरीक्षण कर किये जाने सहित ऑनलाइन प्रविष्टि में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मौके पर मौजूद कुछ किसानों से चर्चा कर फसलों की स्थिति, कीट प्रकोप, खाद की उपलब्धता आदि की भी जानकारी ली। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री हथेश्वर, अतिरिक्त तहसीलदार श्री शशिभूषण सोनी राजस्व एवं कृषि विभाग के अमले तथा किसान उपस्थित थे। -
डेंगू से बचने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और मितानिनों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
डेंगू तथा अन्य बीमारियों से बचने के बताए प्रभावी तरीके
रायपुर। कलेक्टर डॉक्टर नरेंद्र सर्वेश्वर भूरे ने आज राजधानी के रामनगर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों से डेंगू तथा अन्य संक्रामक बीमारियों को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने बस्तियों के अंदरूनी क्षेत्रो का दौरा कर सफाई सहित अन्य व्ययस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर डॉक्टर भूरे ने बस्ती में जाकर नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने बस्ती के घरों में कूलर सहित अन्य पानी के जमाव वाले स्थलों का निरीक्षण किया और जमे हुए पानी को फेंकने का निर्देश दिया ।
डॉ. भूरे ने कहा कि अपने आसपास पानी जमा न होने दे। विशेषकर कूलर का पानी नियमित रूप से खाली करें, यह डेंगू के लार्वा पनपने की अनुकूल जगह है। पानी फेंक देने से लार्वा नहीं पनप पाएगा। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि मितानिनों की बैठक लें ओर उन्हें घर-घर जाकर जाकर लोगों से संपर्क करें और जिन लोगों में बुखार इत्यादि के लक्षण हो उनका डेंगू परीक्षण करें। साथ ही वे उन घरों में डेंगू फ्लॉस दवाई प्रदान करे, जिसका वे लिक्विड बनाकर कुलर तथा एकत्र पानी में डाल सके। यदि कोई डेंगू पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे डॉक्टर के पास या नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में लेकर जाएं। दवाईयां लेकर उनका ईलाज करें और सावधानी बरते। सही समय पर इलाज कराएं और दवाईयां लें। इसके ताजा भोजन ग्रहण करें, साफ सुथरा रहें। मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
डेंगू उन्मूलन का सघन अभियान
भिलाई । डेंगू प्रभावित सेन्टर 2 के मकानो का दुसरी बार जाँच मे डेंगू के लार्वा पाये जाने पर निगम एवं बी.एस.पी.की संयुक्त टीम ने दो व्यवसायिक प्रतिष्ठा तथा तीन मकान के मालिक पर अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया । नगर निगम आयुक्त रोहित व्यास के निर्देश पर नगर निगम एवं भिलाई इस्पात संयंत्र की गठित संयुक्त टीम ने सेक्टर 02 के डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर डेंगू के उन्मूलन के लिए लगातार कार्य कर रही है। जिन घरों में दूसरी बार जाॅच में लार्वा पाये गये है ऐसे सेक्टर 2 मार्केट के व्यवसायी शुभम डेकोरेशन, दादा वेल्डिंग,के साथ ही मकान मालिक अमित कापसे, संजय कौशिक, एम सुरेश , आर. राजू पर दण्ड अधिरोपित करते हुए पाँच हजार रूपये का जुर्माना राशि वसूली कर मकान मालिकों को डेंगू के लार्वे को खत्म करने की सलाह दी एवं टेमिफास का वितरण किये।
ज्ञात हो कि गत दिनो राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के स्वास्थ्य प्रतिनिधियों के साथ निगम आयुक्त श्री व्यास सेक्टर 02 के डेगू प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर आवश्यक निर्देश दिये थे। जिसके तहत यह भी निर्देश था कि दुसरी बार जाॅच में जिस मकान में डेंगू के लार्वे पाये जाते है, ऐसे मकान के मालिको से अर्थदण्ड की वसूली की जाये। निगम का स्वास्थ्य अमला भिलाई इस्पात संयंत्र के जन स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शुक्रवार को सड़क 5, 12, 13, 14 एवं 15 के लगभग 100 मकान का फिर से सघन जाँच कर घर के चार दिवारी के भीतर रखे कबाड़ की वस्तू, पुराने टायर, गमले, कुलर तथा फ्रीज का डिफ्रास पात्र की जाॅच की और 6 स्थानो पर डेंगू के लार्वा पाये जाने पर जुर्माना लगाया गया । लोगों को टेमिफास का वितरण कर साफ-सफाई रखने वर्षा जल को जमा न होने देने, मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी। बता दे कि आयुक्त के निर्देश के बाद नगर निगम की टीम क्वाकोथरिन के घुआँ का छिडकाव सुबह एवं सायं को बताये गये समय पर सेक्टर 02 के सड़को में कर रहे है। जिससे एडल्ट मच्छर का उन्मूलन हो सके।
टीम मे निगम के आर.पी. तिवारी, व्ही.के.सेमुवल, अंजनी सिंह, बी.एस.पी.के गोपाल कृष्ण वर्मा, अशोक चंद्राकर, शरद सहित निगम एवं बी.एस.पी के स्वास्थ विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। -
रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तीन चरण की प्रतियोगिता के समापन के उपरांत अब जिला स्तर पर यह स्पर्धा आयोजित होगी। 27 अगस्त से शुरू होने वाली चौथे चरण की इस प्रतियोगिता का समापन 04 सितंबर का होगा। जिला स्तरीय प्रत्येक खेल प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी एवं दल आयुवार एवं वर्गवार संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन पर वर्ष 2022 को शुरू की गई पहली छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को अभूतपूर्व लोकप्रियता मिली थी। बूढ़े, बच्चों एवं महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। दिव्यांगजनों ने भी इस ओलंपिक में भाग लिया और कई प्रतिस्पर्घा के विजेता भी रहे। अभी चल रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद, 100 मीटर दौड़ एवं कुश्ती के खेल में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने की घोषणा की है। यह प्रावधान इसी सत्र से लागू होगा।
जिला स्तर की स्पर्धा में तीसरे चरण में आयोजित विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागी एवं दल शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता के समापन के बाद पांचवे चरण में संभाग स्तर पर स्पर्धा 10 सितंबर से 20 सितंबर तक और अंतिम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 सितंबर से 27 सितंबर तक आयोजित होंगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत हरेली त्योहार के दिन 17 जुलाई से हुई। राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर हुई पहले चरण की इस प्रतियोगिता का समापन 22 जुलाई का हुआ। दूसरे चरण में जोन स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक एवं तीसरे चरण में विकासखंड व नगरीय क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिताएं 18 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित की गई थी।
छत्तीसगढ़ के 16 पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं। -
जनपद पंचायत सभाकक्ष सारंगढ़ में होगा प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन
रायगढ़। निजी क्षेत्र की रिक्तियों में प्लेसमेंट को बढ़ावा देने के लिए 28 अगस्त 2023 को प्रात: 10 बजे, स्थान-जनपद पंचायत सभाकक्ष सारंगढ़ में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया है। जिसमें दो नियोजक के माध्यम से लगभग 325 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र आवेदक समस्त मूल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित होकर प्लेसमेंट कैम्प में भाग ले सकते है।
जिला रोजगार अधिकारी, रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि मे.वेदांता स्किल स्कूल बालको, कोरबा में वेल्डर एवं फिटर में पुरूष वर्गो के लिए 50-50 पद रिक्त है। जिसके लिए शैक्षणिक योग्यता 8 एवं 10 वीं उत्तीर्ण जरूरी है। इसी तरह होटल प्रबंधन में 10 वीं उत्तीर्ण महिला एवं पुरूष दोनों वर्ग के लिए 50 पद, सिलाई मशीन ऑपरेटर में 8 वीं उत्तीर्ण महिला एवं पुरूष दोनों वर्ग के लिए 50 पद, इलेक्ट्रीशियन में 10 वीं उत्तीर्ण पुरूष वर्ग के लिए 50 पद एवं सोलर टेक्नीशियन में आईटीआई उत्तीर्ण पुरूष वर्ग के लिए 50 पद रिक्त है। इसी तरह मे.शिवशक्ति बायो टेक्नोलॉजी लिमिटेड रायपुर में सेल्स ऑफिसर 25 पद रिक्त है। जिसके लिए शैक्षणिक योग्यता 10 एवं 12 वीं उत्तीर्ण एवं आयु सीमा 22 से 35 वर्ष के बीच है, जिसका कार्यक्षेत्र खरसिया, सक्ती, डभरा, चंद्रपुर है। इस संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायगढ़ में संपर्क कर सकते है। -
छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में 4 दिन तक चला प्रशिक्षण कार्यशाला
रायपुर। माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयीन शिक्षकों के कौशल विकास और ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 22 से 25 अगस्त का किया गया था। छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में 4 दिन तक चले इस कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों ने नई शिक्षण पद्धतियों को लागू करने के बारे में अपना उत्साह व्यक्त किया। कार्यशाला में शिक्षक नवीन शिक्षण पद्धतियों से अवगत हुए एवं जाना कि किस प्रकार से मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों के लिए विज्ञान की गतिविधियों एवं प्रयोगों को सिखाने एवं समझाने के लिए अधिक सुलभ एवं आकर्षक बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व प्रसिद्ध शिक्षक डेवलपर, रॉयल सोसायटी ऑफ केमेस्ट्री के जया स्वामीनाथन ने किया। उन्होंने विज्ञान की गतिविधियों और व्यावहारिक प्रयोगों को एक श्रृंखला के माध्यम से शिक्षकों के समक्ष प्रदर्शित किया। इन शिक्षण तकनीकों को मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों को जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने हेतु सावधानीपूर्वक डिजाइन किया गया था। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री एस.एस. बजाज ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर बधाई दी। उन्होंने राज्य के शिक्षा स्तर को ऊँचा उठाने में ऐसी पहल पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक हमारे देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें उन्हें प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करके, अपने छात्रों के विकास और समाज की प्रगति में अग्रसर करना है। कार्यशाला के अन्त में वैज्ञानिक डॉ. श्रीमति जे. के. राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला के आयोजन में परियोजना निदेशक वैज्ञानिक डॉ. शिरीष कुमार सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा कदम, इंजीनियर अमित कुमार मेश्राम, एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान केन्द्र की टीम ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि यूसुफ हामिद इंस्पिरेशनल साइंस प्रोग्राम भारत में विज्ञान शिक्षकों के लिए रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री का व्यावसायिक विकास पाठ्यक्रम है। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, यू.के., रसायन विज्ञान और रसायन विज्ञान शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है। जिनके मास्टर प्रशिक्षकों ने भारत के कुछ सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर विज्ञान शिक्षकों को अपने कौशल को बढ़ाने और छात्रों को विश्वविद्यालय में विज्ञान का अध्ययन करने के लिए प्रेरित करने में मदद करने के लिए इस कार्यक्रम को विकसित किया है। रॉयल सोसाइटी टीचर डेवलपर्स भारत के स्कूलों में विज्ञान शिक्षकों के लिए कार्यशालाएँ आयोजित कर रहे हैं, जिससे उन्हें माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्तर पर छात्रों के लिए विज्ञान को अधिक रोचक और आकर्षक बनाने की तकनीकें दी जा रही हैं। प्रशिक्षण कार्यशालाएँ निःशुल्क प्रदान की जा रही है और इनमें सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने वाले योजनाएँ शामिल है। - रायपुर /राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) से जुड़कर युवा उद्यमी बनने का सफर तय कर रहे है। जांजगीर चांपा जिले में स्थापित रीपा में फेब्रिकेशन कारोबार करने वाले लखन कश्यप की कहानी भी कुछ ऐसी है।सफर तय कर रहे हैं। जहां पर रीपा के माध्यम से कंस्ट्रक्शन एंड एग्रो फेब्रिकेशन यूनिट का निर्माण किया गया। इस यूनिट के बनने के बाद से पचेड़ा के रहने वाले लखन कश्यप जुड़ गए। वह बताते हैं कि फेब्रिकेशन का कार्य गांव में बहुत पहले से कर रहे थे, लेकिन कार्य को करते हुए उतनी आमदनी नहीं हो रही थी, या यूं कहें कि गुजर-बसर ही चल रहा था। अपने कार्य में दक्ष होने के बाद भी अपना कुछ भी नहीं था, दूसरों की मजदूरी करके, घर-घर जाकर एक मजदूर के रूप में ही काम मिलता था, मन में ऊंचे ख्वाब देखने का बहुत शौक रहा कि एक दिन अपना खुद का बड़ा व्यवसाय हो लेकिन इतनी आमदनी नहीं थी कि कुछ बड़ा कर सकूं। ऐसे में हम जैसी सोच रखने वाले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी रीपा योजना लेकर आए। इस योजना में पचेड़ा गौठान में शासन की तरफ से समुचित स्थान के साथ वर्क शेड, अत्याधुनिक मशीनें, बिजली, पानी व अन्य समस्त आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई, वह कहते हैं कि इन सुविधाओं के साथ ही अब वह अपने काम को गति देने एवं कच्चे सामान इत्यादि के लिए बड़ी आसानी से लोन ले सकते हैं। आज वह रीपा से मिली सुविधाओं का लाभ लेकर दिन दूनी रात चौगनी मेहनत करते हुए दिन प्रतिदिन सफलता की ओर बढ़ रहे हैं।हाथ ठेला बनाने में है महारथलखन कश्यप बताते हैं कि रीपा से जुड़ने के बाद बहुत काम मिल रहा है। वह भवन निर्माण कार्य से संबंधित समस्त लोहे की सामग्री का निर्माण करते हैं, इसके अलावा कृषि उपकरण भी बनाते हैं, उन्हें हाथ ठेला बनाने में महारथ हासिल है, इसके चलते ही आसपास के दुकानदार उनके पास हाथ ठेला का निर्माण कराने पहुंचते हैं। वह खिड़की, दरवाजे, रौशनदान, रैलिंग, मेनगेट एवं महाराजा गेट आदि का निर्माण करते हैं, इसके अलावा केज व्हील, नांगर, पलाऊ एवं कोपर भी बनाते हैं। उन्होंने बताया कि यह सब इसलिए संभव हो सका क्योंकि रीपा ने उनका साथ दिया, नहीं तो इतनी बड़ी रकम लगाकर अपना स्वयं का व्यवसाय कर पाना संभव नहीं था, आज गांव के दूसरे युवाओं को भी वह इस रोजगार से जोड़ रहे हैं, उनके साथ चार से पांच युवा काम कर रहे हैं और अपने व परिवार की आर्थिक रूप से मदद कर पा रहे हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने फेब्रिकेशन का कार्य करते हुए 4 लाख 28 हजार रूपये का विक्रय किया है, जिससे उन्हें 1 लाख 7 हजार रूपए का मुनाफा हुआ। अब उन्हें फेब्रिकेशन का कार्य पचेड़ा गांव के अलावा दूसरे गांव से भी मिलने लगा। अब वह भविष्य को और अधिक सुनहरा बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने ट्रेक्टर ट्रॉली, पानी टैंकर और कांक्रीट मिक्सचर मशीन निर्माण के काम को सीखने की तैयारी करने का विचार किया है, इस क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण लेकर वह इस कार्य को भी शुरू करेंगे।
- -पॉवर कंपनी के मैदानी कर्मियों ने खराब मौसम और दुर्गम रास्ते को पार कर निभाई अपनी जिम्मेदारी-20 घरों वाले गाँव का सड़क मार्ग से टूटा संपर्क तो भी डोंगे में लेकर पहुँचे ट्रांसफार्मररायपुर । जब मौसम की मार के आगे सब बेमानी हो जाता है तब इंसान का हौसला की उसे आगे बढ़ता है। प्रदेश के वनाच्छादित क्षेत्र कांकेर के पखांजूर में ऐसा ही एक वाकया सामने आया । पखांजूर के बांगोघोड़िया गाँव में खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिए विद्युत कर्मियों ने प्रतिकूल परिस्थिति होने पर भी नए ट्रांसफार्मर को डोंगी ( छोटी नाव ) में रख नदी पार पहुंचाया और जल्द ही उसे बदलकर वहाँ के घरों की बिजली बहाल की। घटना शुक्रवार 25 अगस्त की है जब छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के पखांजूर संभाग के छोटेबेथिया वितरण केन्द्र अंतर्गत बांगोघोड़िया गांव में बिजली आपूर्ति करने के लिए ट्रांसफार्मर बदलने पहुँचे।पखांजूर के कार्यपालन अभियंता श्री आदित्य ठाकुर ने बताया कि कोटरी नदी के पार लगभग 20 – 30 घरों वाले गाँव बांगोघोड़िया में ट्रांसफार्मर में खराबी आने से बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। ऐसे में पखांजुर के सहायक अभियंता श्री आर एस करपाल और छोटेबेठिया वितरण केन्द्र के कनिष्ठ अभियंता श्री डोमेंद्र ठाकुर नया ट्रांसफार्मर लेकर बांगोघोड़िया के लिए रवाना हुए पर मौसम की प्रतिकूलता और नदी नाले के उफान में होने के कारण गाँव का सड़क संपर्क सभी तरफ से टूट गया था। ऐसे में गाँव में नया ट्रांसफार्मर पहुँचाने के लिए बीच में पड़ने वाले कोटरी नदी को पार करना ही एक मात्र रास्ता था। लगभग तीन सौ पचास किलो वजनी ट्रांसफार्मर को नदी पार कराने के लिए वहाँ कोई बड़े जेट्टी का नहीं बल्की स्थानीय लोगों का सहारा डोंगी ( छोटी नाव) था। पखांजूर के एई श्री करपाल अपने लाइन स्टॉफ सहित ट्रांसफार्मर को बेचाघाट से डोंगी में लवाकर बांगोघोड़िया के पार पर ले गए। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से डोंगी में लाए गए इस ट्रांसफार्मर को ट्रेक्टर में भर कर गाँव में ले जाया गया। उसके बाद बिजली कंपनी के लाइन स्टॉफ ने बिना समय गंवाए बंद ट्रांसफार्मर को बदलकर गाँव की बिजली आपूर्ति बहाल की। विद्युत कंपनी के कर्मचारियों की इस जीवटता से किये कार्य के लिए ग्रामीणों ने उनके प्रति आभार जताया। जगदलपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री एस के ठाकुर ने कर्मियों की इस समर्पण भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि कंपनी के हर कर्मी के लिए उपभोक्ता हित ही सर्वोपरि है।











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