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रायपुर। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से रीपा योजना प्रारंभ किया गया है। जिसके तहत राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में व्यवसाय एवं लघु उद्योगों को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा दिया जा रहा है। रीपा योजना किस तरह से रोजगार मूलक कार्यों के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है, इसकी एक बानगी रायगढ़ जिले के बैहामुड़ा में स्थित रीपा में देखने को मिली। रीपा रोजगार मूलक कार्यों के साथ उद्यमी सृजित करने का कार्य यहां किया जा रहा है। यहां की निवासी सुश्री ऐश कुमारी राठिया, जिन्होंने स्नातक और डीसीए की शिक्षा प्राप्त की है। उसके पश्चात उन्होंने रीपा में स्वयं का सीएससी सेंटर प्रारंभ किया है। जहां ऑनलाइन फार्म, आधार से पैसा निकासी, फोटो कापी, टाइपिंग, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफी जैसे कार्य कर रही है। वर्तमान में अपने काम को विस्तार देते हुए कियोस्क शाखा प्रारंभ करने की ओर कार्य कर रही है। जिससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंक की सुविधा मिल सके एवं खाता खुलवाने, फसल बीमा, केवाईसी की सुविधा उपलब्ध हो सकें। ऐश कुमारी गांव के बुजुर्गों को पैसे निकासी हेतु घर पहुंच सेवा भी प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि यह सब रीपा के कारण संभव हो पाया हैं, जहां उन्हें वर्किंग शेड, जरूरी तकनीकी उपकरण के साथ हर कार्य में सहयोग मिल रहा हैं। जिससे वह हर माह 12 से 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर पा रही हैं।
इसी तरह रायगढ़ के ही विकासखंड पुसौर के ग्राम तरड़ा निवासी सुश्री ममता पाव ने रीपा तरडा में सीएससी सेंटर संचालित कर रही है। उनके द्वारा आधार कार्ड, पेन कार्ड, श्रमिक कार्ड बनाने के साथ ही पेंशन के ऑनलाईन फार्म भरने जैसे सभी कार्य किए जा रहे है। रीपा में भी सीएससी सेंटर चलाने हेतु 01 लाख का वर्किंग केपिटल दिया गया। साथ ही वर्किंग शेड भी प्रदान किया गया। जहां से ममता पाव अपना कार्य संचालित करती है। उनके द्वारा रकम निकासी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही कालेज के ऑनलाईन फार्म भरे गये। जिससे उन्हें लगभग 20 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। सीएससी सेंटर प्रारंभ होने से गांव में ही ग्रामीणों को काफी सहायता मिल रही है। -
कोरिया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 जिले में मतदाताओं को जागरुक करने के उद्देश्य से स्वीप कैलेण्डर तैयार कर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। जिसके अंतर्गत मतदाताओं को मतदान करने के लिए अभिप्रेरित किया जा रहा तथा निर्वाचन प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है।
माह अगस्त 2023 में स्वीप गतिविधि कैलेण्डर के अनुसार 07 अगस्त को महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राऐं स्वीप संकल्प कॉलेज एम्बेस्डर गतिविधयो का आयोजन महाविद्यालय कक्ष में संपन्न होगा जिसके नोडल अधिकारी कॉलेज प्राचार्य व ब्लॉक नोडल स्पीप समिति होगें, 11 अगस्त को समस्त उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में न्यू वोटर का चिन्हाकंन कर ईपिक के साथ तिलक लगाकर सम्मान किया जायेगा जिसके नोडल समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी व समस्त प्राचार्य होगें, 17 अगस्त को महाविद्यालयों में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं न्यू वोटर का चिन्हाकंन व ईपिक के साथ न्यू वोटर का कार्यक्रम मतदान से अवगत कराना जिसके नोडल महाविद्यालय के प्राचार्य होगें, 18 अगस्त को जनपद पंचायत सोनहत और बैकुण्ठपुर के सभाकक्ष में स्वीप कार्यशाला अंतर्गत स्व.सहायता समूह के पदाधिकारी (चुनई तिहार एवं चिन्हारी लोकतंत्र के) कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसके नोडल अधिकारी जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी होगें। -
कोरिया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में खुले में विचरण करने वाले घुमंतु पशुओं से सड़क हादसों से होने वाले पशु हानि एवं जनहानि से बचाव हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग 43 एवं अन्य मार्गाे के आस-पास घुमंतु पशुओ में रेडियम बेल्ट लगाने एवं टैग लगाने का अभियान चलाया जा रहा है।
पशु चिकित्सा सेवायें कोरिया के उप संचालक ने बताया कि इस अभियान के क्रियान्वयन हेतु विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियोें के 06 दल गठित किये है। जिसमें पशु चिकित्सकों के साथ-साथ सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, पीएआईडब्लू एवं पशुधन मित्रों को दायित्व सौपा गया है। अभियान दल के द्वारा नगर पालिका के कर्मचारियों के सहयोग से नगर के मुख्य मार्ग एवं चौक-चौराहों में घुमने वाले घुमंतु पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट एवं कानो में टैग लगाया जा रहा है। साथ ही पशुओं को घरों में बांधकर रखने की सलाह देकर लोगो को जागरूक भी किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में कुल 501 घुमंतु पशुओं का रेडियम बेल्ट एवं 109 पशुओं के कानों में टैग लगाया जा चुका है तथा जिस पशु के मालिक के पहचान नही हो रही उसे गौठान में भेजा जा रहा है।
उन्होनें बताया कि रेडियम बेल्ट लगाने से रात्रि में वाहनों की हेड लाईट की रौशनी से पशुओ को बांधे जाने वाले बेल्ट चमकते है एवं वाहन चालक सतर्क हो जाते है जिससे आमजनों के साथ-साथ पशु भी घायल होने से बचेगें। इस सार्थक प्रयास से रात्रि में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
पशु विकास विभाग के उप संचालक ने की अपील -
उन्होनें पशुपालकों से आग्रह एंव अपील कि है कि अपने-अपने पशुओं को खुले मे न छोड़े एवं टैगिगं-रेडियम बेल्ट लगाने में पशुधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के दल को सहयोग कर जनहानि एवं पशुहानि से होने वाले दुर्घटना से बचें।
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छत्तीसगढ़ के जंगलों की प्राकृतिक शुद्धता की पूरे देश में बिखरेगी छटा
स्व-सहायता समूह की महिलाओं की समृद्धि के लिए तीन सरकारी संस्थाओं का एमओयू
रायपुर। यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण है, जब वनवासियों के सतत् विकास, आजीविका और महिला सशक्तिकरण की दिशा में तीन सरकारी संस्थान साथ आए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उपज सहकारी संघ, आईआईएम रायपुर और केंद्रीय भंडार ने छत्तीसगढ़ हर्बल्स को लेकर एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। इस एमओयू के तहत सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव के सभी केंद्रीय भंडार स्टोर्स पर अब छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद उपलब्ध होंगे। प्रदेश की स्व-सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक विकास और समृद्ध भविष्य के लिए यह तीनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी, इससे वनवासी ग्रामीण महिलाओं और वन संग्राहकों की मेहनत को अब देश भर में नई पहचान मिलेगी।
इस एमओयू का सबसे बड़ा लाभ वनवासी महिलाओं को मिलेगा, जो हर दिन कड़ी मेहनत, लगन और विश्वास से छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद बना रही हैं। इनके बनाए उत्पादों को राष्ट्र व्यापी बाजार सुलभता से उपलब्ध होगा। छत्तीसगढ़ हर्बल्स भारत का पहला लघु वनोपज आधारित ब्रांड बनने की दिशा में तेजी से विकसित हो रहा है। प्रदेश के जंगलों की प्राकृतिक शुद्धता अब पूरे देश में पहुंचेगी और राज्य की इन वनवासी महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी। वे स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेगी।
आदिवासी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए आईआईएम रायपुर केंद्रीय भंडार के कर्मचारियों को रिटेल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। केन्द्रीय भंडार को आईआईएम रायपुर की प्रशिक्षण विशेषज्ञता से लाभ होगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में लघु वनोपजों के संग्रहण के साथ-साथ उनके प्रसंस्करण तथा विपणन आदि की सुगम व्यवस्था के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर सीजीएमएफपी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री अनिल राय ने कहा कि ये छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है कि तीन बड़ी सरकारी संस्थाएं ग्रामीण महिलाओं के बनाए उत्पाद छत्तीसगढ़ हर्बल्स की बिक्री के लिए सहयोग करेंगे। जिससे स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।
आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. राम कुमार काकानी ने कहा कि आईआईएम रायपुर पूर्ण रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की आजीविका की समृद्धि में सहयोग करेगा। हमारे विशेषज्ञों की टीम केंद्रीय भंडार के कर्मचारियों और राज्य लघु वनोपज संघ के साथ मिलकर निरंतर बेहतर काम करने के लिए संकल्पित है।
केंद्रीय भंडार के प्रबंध निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने वीडियो के माध्यम से शुभकामनाएं संदेश में कहा कि हमारे और पूरे देश के लिए यह स्वर्णिम अवसर है कि अब छत्तीसगढ़ आदिवासी भाई-बहनों के बनाएं प्रोडक्ट देशभर के केंद्रीय भंडार स्टोर्स पर उपलब्ध होंगे। आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञ दिल्ली आकर केंद्रीय भंडार के कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद के प्रमोशन और बिक्री से हम उन लाखों वनवासियों को आर्थिक सशक्त करने के लिए सहयोग करेंगे। -
स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन देने भारत पिचाथॉन 9 अगस्त को*
*नए स्टार्टअप को लगेंगे पंख, नए निवेशक भी मिलेंगे*
रायपुर / राज्य के ग्रामीण शहरी इलाकों के युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए शार्क टैंक की तर्ज़ पर पिचाथॉन का आयोजन रायपुर में किया जाएगा। ग्रामीण औद्योगिक पार्कों से जुड़े रोजगार-आजीविका मूलक कामों के साथ स्थानीय स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में इस पिचाथॉन की बडी भूमिका होगी। स्थानीय युवा उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलता पूर्वक आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन और सलाह भी पिचाथॉन में मिलेगी। इस आयोजन में प्रदेश के युवा उद्यमी और स्टार्टअप अपने बिज़नेस आईडिया सफल उद्यमियों और निवेशकों को बताएंगे। पसंद आने पर रूचि अनुसार निवेश इस पिचाथॉन केे स्टार्टअप और बिजनेस आईडिया में निवेश भी कर सकते हैं। रायपुर जिले के रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (रीपा), आईआईटी और एनआईटी के साथ मिलकर हेडस्टार्ट नेटवर्क फाउंडेशन द्वारा इस पिचाथॉन का आयोजन किया जा रहा है।
जिला पंचायत के सीईओ श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि इस आयोेजन में भाग लेने के लिए स्थानीय उद्यमियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यमी www.headstart.in वेबसाईट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदनों की स्क्रूटनी कर चयनित स्थानीय उद्यमियों को 09 अगस्त को रायपुर शहर के सिविल लाइन फस्टअप स्पेस कार्यालय में भारत पिचाथॉन 2.0 में शामिल किया जाएगा। चयनित स्थानीय उद्यमियों के स्टार्टअप संबंधी प्रेजेंटेशन एवं चर्चा चयन समिति द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रायोजक भी शामिल होंगेे जो उद्यमियों को उनके आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहयोग और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेंगे।
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*गांव-गांव रथ के माध्यम से किसानों को फसल बीमा कराने दिया जाएगा संदेश*
*कलेक्टर की अपील: 16 अगस्त तक किसान भाई करांए अपनी फसलों का बीमा*
रायपुर / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रचार-प्रसार हेतु कलेक्टर द्वारा रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। जिले के लिए एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को बीमा हेतु चयनित किया गया है।
योजना के माध्यम से जिला रायपुर हेतु खरीफ में मुख्य फसल-धान सिंचित एवं असिंचित के साथ अन्य फसल-मक्का, कोदों, कुटकी, रागी, सोयाबीन, मूंगफली, तुअर (अरहर), मूंग एवं उड़द को अधिसूचित किया गया है तथा बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त तक निर्धारित की गई है।
कलेक्टर ने सभी किसान भाईयों से अपील की है कि किसान भाई समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अपनी फसलों का बीमा कराएं। बीमा करवाने के लिए क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से या अपने नजदीकी बैंक शाखा को-ऑपरेटिव सोसायटी, पोस्ट ऑफिस एवं लोक सेवा केन्द्र से बीमा आवेदन कर सकते हैं। जिससे विपरीत परिस्थिति आने पर बीमा आवरण का लाभ मिल सके एवं हानि से बच सकें।
उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों के कारण फसल नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा कव्हरेज और इसकी सहायता प्रदान की जाती है, ताकि कृषि में होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके। खरीफ फसलों के अंतर्गत धान सिंचित एवं असिंचित, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंग एवं उड़द अधिसूचित फसलें हैं, जिनका बीमा किसान करा सकते हैं। उक्त फसलों का बीमा कराने के लिए किसानों को प्रीमियम राशि का मात्र 2 प्रतिशत राशि देनी होती है, शेष राशि का वहन शासन द्वारा किया जाता है।
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दुर्ग / विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए विधानसभा क्षेत्र वार नियुक्त सेक्टर अधिकारियों का 07 अगस्त 2023 को दोपहर 12.00 बजे बी.आई. टी. ऑडिटोरियम दुर्ग में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है । जिसमें सभी सेक्टर अधिकारियों को राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जायेगा। सभी सेक्टर अधिकारियों को निर्धारित स्थान एवं समय पर अनिवार्यतः उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है। अनुपस्थित सेक्टर अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
- बिलासपुर,/कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2023 में जिले के किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विभिन्न कृषि आदान-सामग्री विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 5 प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन एवं गड़बड़ी पाये जाने पर उन्हें नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी गई। उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम द्वारा यह कार्यवाही की गई।इस दौरान सेवा सहकारी समिति, मोपका में उर्वरक लाईसेंस की अनुज्ञप्ति कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं होने पर नोटिस दिया गया। में. कौशिक कृषि केन्द्र, हरदीकला में कीटनाशक एवं बीज विक्रय में निर्धारित बिल एवं स्टाक पंजी संधारित नहीं करने एवं मे. लक्ष्मी खाद भंडार, हरदीकला के द्वारा कीटनाशक बिक्री में निर्धारित बिल बुक, स्टाक पंजी एवं मूल्य सूची नहीं लगाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। नियमों का पालन नहीं करने पर लायसेंस निलंबन की कार्यवाही हेतु चेतावनी दी गई। इसी तरह शनिचरी बाजार स्थित में. नवीन कृषि केन्द्र एवं मे. गोयल कृषि केन्द्र के द्वारा भी कीटनाशक बिक्री में निर्धारित बिल बुक एवं स्टाक पंजी का संधारण नहीं किए जाने के फलस्वरूप नियमों के पालन हेतु 3 दिवस का समय देकर नोटिस जारी करते हुए लायसेंस निलंबन हेतु कड़ी चेतावनी दी गई।
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बिलासपुर/उद्यानिकी फसल उत्पादन कर रहे किसानों के लिए टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक के लिये खरीफ वर्ष 2023 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी के द्वारा संचालित की जा रही है। उप संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 16 अगस्त 2023 तक निकटतम राष्ट्रीय बैंक शाखा, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक सहकारी समितियों, लोक सेवा केन्द्र, भारत सरकार की बीमा पोर्टल अथवा डाक विभाग के माध्यम से फसल बीमा करा सकते है। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया जा सकता है। इस हेतु बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री थानेश्वर साहू मो0न0 99071-22727, बिल्हा में उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री अशोक कुमार परस्ते 94796-19829, तखतपुर में उद्यान विकास अधिकारी श्री जेनेन्द्र कुमार पैंकरा 62659-81957, कोटा में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री साधूराम नाग 91654-90297 एवं मस्तूरी में प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्री आरके जगत 80852-80923 से संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।
चयनित उद्यानिकी फसलों खरीफ के लिए किसानों द्वारा द्वेय प्रीमियम दर बीमित राशि का 5 प्रतिशत है। बिलासपुर जिले में खरीफ मौसम के फसलों हेतु 150 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। अधिसूचित फसल टमाटर के लिए प्रति एकड़ बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 6 हजार, बैगन के लिए बीमित राशि 77 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 3 हजार 850 रुपए, अमरुद के लिए बीमित राशि 45 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 2 हजार 250, केला के लिए बीमित राशि 1 लाख 65 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 8 हजार 250 रुपए, पपीता के लिए बीमित राशि 1 लाख 25 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 6 हजार 250, मिर्च के लिए बीमित राशि 90 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 4 हजार 500 रुपए और अदरक के लिए बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 7 हजार 500 रुपए निर्धारित है।
किसानों के हानि का मूल्यांकन अधिसूचित क्षेत्र में स्थापित स्वचलित मौसम केंद्र से प्राप्त 4 आवरित जोखिमों जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक या बेमौसम वर्षा, वायु गति, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम के प्रमाणित आंकड़ों एवं अधिसूचित टर्मशीट के अनुसार दावा गणना की जाएगी। दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। किसानों को फसल क्षति की संबंधित सूचना बीमा कंपनी को देने की आवश्यकता नहीं है। स्थानीय आपदाएं अंतर्गत ओला वृष्टि एवं चक्रवाती हवाअेां से फसलों में नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर बीमित फसलों के ब्यौरे, क्षति की मात्रा, क्षति का कारण, फोटो इत्यादि के साथ किसान सूचित करें।*जरूरी दस्तावेज -* नवीनतम आधारकार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र, बी 1, पी 2 की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो। फसल बुआई प्रमाण पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र, किसान का वैद्य मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा अथवा कास्तकार का घोषणा पत्र।
- बालोद.. विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के लिए अभ्यर्थियों द्वारा प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग में लाये जाने वाले आवश्यक सामग्री की दर निर्धारण समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट बालोद स्थित उप जिला निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री योेगेन्द्र श्रीवास, सहायक आयुक्त आबकारी श्री राजेश जयसवाल, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा सहित न्यायाधिपतिगणों ने अर्पित की श्रद्धांजलिरायपुर, /छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रथम माननीय मुख्य न्यायमूर्ति डब्ल्यू. ए. शिशॉक के दुखद निधन पर आज उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा, माननीय न्यायाधिपतिगण, अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री राघवेन्द्र प्रधान, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक परिषद के प्रतिनिधि श्री प्रफुल्ल एन. भारत, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल श्री रमाकान्त मिश्रा, हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री अब्दुल वहाब खान, अधिवक्तागण तथा रजिस्ट्रार जनरल सहित रजिस्ट्री के समस्त अधिकारीगणों की संयुक्त उपस्थिति में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।माननीय मुख्य न्यायमूर्ति डब्ल्यू. ए. शिशॉक का दुखद निधन 03 अगस्त, 2023 को 82 वर्ष की उम्र में इम्फाल में हुआ। उनका जन्म 01 जनवरी, 1941 को मणिपुर के उखरूल जिले के आदिवासी गांव में हुआ था। उन्होंने 1963 में स्नातक करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. की परीक्षा उत्तीर्ण कर सन् 1967 से वकालत प्रारंभ किया। वे संवैधानिक एवं प्रशासनिक मामलों में दक्ष थे। वे नागालैण्ड सरकार के वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे एवं नागालैण्ड अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भी रहे।इनकी प्रथम नियुक्ति न्यायाधीश के रूप में 02 जनवरी, 1989 को गोहाटी उच्च न्यायालय के कोहिमा बेन्च में हुई, तत्पश्चात् 04 दिसम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में प्रथम मुख्य न्यायाधिपति के रूप में इनकी नियुक्ति हुई तथा 24 जनवरी, 2002 को हिमांचल प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधिपति के रूप में स्थानान्तरण हुआ। श्री शिशॉक को देश के नागा जनजाति समुदाय के प्रथम न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायाधीश होने का गौरव प्राप्त है। न्यायाधिपति श्री शिशॉक सौम्य, सरल, धैर्यवान तथा प्रतिभा के धनी होने के साथ ही जमीन से जुड़े हुए प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। उनके न्यायिक क्षेत्र में विशेष योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पूर्व मंत्री और लोकप्रिय नेता स्वर्गीय श्री महेंद्र कर्मा की 5 अगस्त को जयंती पर उन्हेें नमन किया है। श्री बघेल ने उन्हें याद करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता और मंत्री के रूप में महेन्द्र कर्मा जी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और छत्तीसगढ़ के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील, जागरूक और भावुक इंसान भी थे। कर्मा जी आदिवासियों के हक की हर लड़ाई में दमदारी से अपनी बात रखते थे, इसलिए वे बस्तर टाइगर के नाम से भी जाने जाते थे। उनके जैसे निःस्वार्थ व्यक्ति और पारदर्शी मित्र का साथ मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। कर्मा जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक आदिवासियों की बेहतरी के लिए संघर्ष किया। झीरम घाटी नक्सल हमले में उनकी शहादत छत्तीसगढ़ भुला नहीं पाएगा।श्री बघेल ने कहा कि श्री महेन्द्र कर्मा की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए राज्य सरकार ने बस्तर विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया और उनके नाम पर प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई है। श्री बघेल ने कहा कि कर्मा जी के विचार और जीवन मूल्य हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। file photo
- -तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली सामाजिक सुरक्षा - वन मंत्री अकबररायपुर, /छत्तीसगढ़ में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रारंभ होने की तिथि 5 अगस्त 2020 से अब तक 6 हजार 460 प्रकरणों में हितग्राहियों को 97 करोड़ 73 लाख 80 हजार रूपए की राशि का भुगतान किए जा चुके हैं। इनमें वर्षवार 2020-21 में 355 हितग्राहियों को 5 करोड़ 33 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 3 हजार 472 हितग्राहियों को 52 करोड़ 19 लाख 20 हजार रूपए की राशि और वर्ष 2022-23 में 2 हजार 323 हितग्राहियों को 35 करोड़ 37 लाख रूपए तथा वर्ष 2023-24 में 308 हितग्राहियों को अब तक 4 करोड़ 82 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा वनवासी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का कुशलतापूर्वक संचालन हो रहा है। देश में इस तरह की यह पहली योजना है, जो तेंदूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि 5 अगस्त 2020 से यह योजना छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है।इस संबंध में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल राय ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया, जिनकी आयु मृत्यु दिनांक को 18 से 50 वर्ष तक हो, उसकी सामान्य मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दो लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए की राशि अतिरिक्त रूप से प्रदान की जाती है। दुर्घटना से पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में दो लाख रूपए तथा आंशिक निःशक्तता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दुर्घटनाग्रस्त पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक को प्रदान की जाती है।इसी तरह तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया, जिनकी आयु मृत्यु दिनांक को 51 से 59 वर्ष के बीच हो, उसकी सामान्य मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 30 हजार रूपए तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए की सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना में पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में 75 हजार रूपए तथा आंशिक निःशक्तता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि दुर्घटनाग्रस्त पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक को प्रदान की जाती है।
- -हितग्राहियों को अब तक हो चुका है 526 करोड़ का भुगतानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 5 अगस्त को गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 73वीं किश्त के रूप में 15 करोड़ 72 लाख रूपए की राशि का अंतरण सीधे उनके बैंक खातों में करेंगे। ऑनलाईन राशि अंतरण का यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में होगा। मुख्यमंत्री इस मौके पर 14-31 जुलाई 2023 तक गौठानों में गोबर विक्रय करने वाले ग्रामीण पशुपालक किसानों को 5 करोड़ 60 लाख रूपए तथा गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 9 करोड़ 69 लाख रूपए की राशि जारी करेंगेेे। गौठानों में जुलाई माह के द्वितीय पखवाड़े में 2 लाख 80 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी गोधन न्याय योजना के तहत की गई है।गौठानों में गोबर खरीदी में स्वावलंबी गोठानों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। गोबर विक्रेताओं को होने वाले 5.60 करोड़ रूपए के भुगतान में से मात्र 2.29 करोड़ रूपए का भुगतान शासन की ओर से किया जाएगा, जबकि 3.31 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से करेंगे। राज्य में 10,278 गौठान निर्मित एवं संचालित हैं, जिसमें से 5985 गौठान पूरी तरह से स्वावलंबी हो चुके हैं। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक 70.27 करोड़ रूपए का गोबर पशुपालक किसानों से स्वयं की राशि से किया है।गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को अब तक 526 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 5 अगस्त को 15.72 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 541.66 करोड़ रूपए हो जाएगा, जिसमें महिला समूहों को जारी 18 करोड़ रूपए की बोनस राशि भी शामिल है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में अब 128.34 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हो चुकी है, जिसमें से 125.54 लाख क्विंटल गोबर खरीदी की एवज में गोबर विक्रेताओं को 250.08 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 05 अगस्त को 5.60 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह राशि 556.68 करोड़ रूपए हो जाएगी। गौठानों समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 257.29 करोड़ रूपए के भुगतान किया जा चुका है। 9.69 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 266.98 करोड़ रूपए हो जाएगा।
- -गौमूत्र कीटनाशक एवं जीवामृत के विक्रय से 59.04 लाख की आयरायपुर, /गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में 4 रूपए लीटर की दर से अब तक 2 लाख 25 हजार 507 लीटर गौमूल क्रय किया गया है जिसका मूल्य 9 लाख 2 हजार 28 रूपए है। गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा गौमूत्र से अब तक 96,968 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और 35,290 लीटर वृद्धिवर्धक जीवामृत का उत्पादन किया जा चुका है, जिसका विक्रय किया जा रहा है। इससे राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य के किसानों द्वारा अब तक 93,777 लीटर जैविक कीटनाशक ब्रम्हास्त्र और 33,193 लीटर वृद्धिवर्धक जीवामृत क्रय कर खेती में उपयोग किया गया है। जिससे समूहों को कुल 59 लाख 4 हजार 475 रूपए की आय हुई है।
- रायपुर /गौठानों में विविध आयमूलक गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ गोबर से प्राकृतिक पेंट का उत्पादन तेजी से होने लगा है। वर्तमान में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए 51 यूनिटें स्थापित की जा चुकी है, जिसमें से 49 यूनिटों में गोबर से प्राकृतिक पेंट उत्पादन किया जा रहा है। क्रियाशील यूनिटों के माध्यम से अब तक 2,03,483 लीटर प्राकृतिक पेंट, 1,00,427 लीटर डिस्टेम्पर तथा 9064 किलो पुट्टी का उत्पादन किया गया है, जिसमें से 1,66,020 लीटर प्राकृतिक पेंट, 68,260 लीटर डिस्टेम्पर तथा 2840 किलो पुट्टी के विक्रय से कुल 4 करोड़ 78 लाख 37 हजार रूपए की आय हुई है।
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-सूचना देने में लापरवाही पर राज्य सूचना आयुक्त की कार्यवाही
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने आवेदकों को समय पर सूचना देने में लापरवाही बरतने और सूचना का अधिकार अधिनियम का समुचित क्रियान्वयन नहीं किए जाने पर ग्राम पंचायतों के 3 सचिवों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी ने कोंडागांव जिले के केशकाल जनपद पंचायत के डुंडाबेडमा ग्राम पंचायत के सचिव श्री दयानंद भारद्वाज, जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत करमा के सचिव श्री सीलसर्जन खैरवार और कोरबा जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत रजगामार के सचिव और तत्कालीन जन सूचना अधिकारी पर यह जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त ने संबंधित जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को जुर्माने की राशि वसूल कर शासन के खाते में जमा कर आयोग को पालन प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए हैं।राज्य सूचना आयोग को प्राप्त द्वितीय अपील के एक प्रकरण में ग्राम पंचायत डुंडाबेडमा में आवेदक के द्वारा तत्कालीन जन सूचना अधिकारी से ग्राम पंचायत से संबंधित आय-व्यय, कैशबुक की छाया प्रति मांगी गई थी। किंतु जन सूचना अधिकारी के द्वारा जानकारी देने में विलंब किया गया और आयोग के नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। अन्य एक प्रकरण में ग्राम पंचायत करमा में आवेदक द्वारा वार्षिक लेखा रिपोर्ट की प्रति मांगी गई थी। किंतु जन सूचना अधिकारी के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई। इसी तरह ग्राम पंचायत रजगामार में आवेदक द्वारा अनुमोदित वार्षिक लेखा की रिपोर्ट की कॉपी मांगी गई। किंतु जन सूचना अधिकारी के द्वारा समय सीमा 30 दिवस में जानकारी नहीं दी गई और प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा भी कोई औपचारिक आदेश पारित नहीं किया गया। अतः राज्य सूचना आयुक्त ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत के सचिवों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। - -सभी किसानों से 16 अगस्त तक फसल बीमा कराने की अपीलरायपुर / कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज दुर्ग स्थित अपने निवास कार्यालय से राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा के प्रचार-प्रसार के लिए 8 जागरूकता रथों को रवाना किया। किसान राज्य में खरीफ फसलों का ज्यादा से ज्यादा बीमा कराएं, इसके लिए यह जागरूकता रथ गांव-गांव घूमकर किसानों को बीमा संबंधी जानकारी देंगे।उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों के कारण फसल नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा कव्हरेज और इसकी सहायता प्रदान की जाती है, ताकि कृषि में होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके। राज्य में खरीफ फसलों के अंतर्गत धान सिंचित एवं असिंचित, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंग एवं उड़द अधिसूचित फसलें हैं, जिनका बीमा किसान करा सकते हैं। उक्त फसलों का बीमा कराने के लिए किसानों को प्रीमियम राशि का मात्र 2 प्रतिशत राशि देनी होती है, शेष राशि का वहन शासन द्वारा किया जाता है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के राज्य प्रभारी ने बताया कि अब तक राज्य के 10 लाख 52 हजार 308 किसान अपनी फसलों का बीमा करा चुके हैं। कृषि विभाग ने शत्-प्रतिशत किसानों से अपनी फसलों का बीमा 16 अगस्त तक कराने जाने की अपील की है, ताकि जोखिम से बचा जा सके।
- रायपुर । उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर रहे किसानों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी के द्वारा टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक के लिये खरीफ वर्ष 2023 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। उद्यानिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 16 अगस्त 2023 तक निकटतम राष्ट्रीय बैंक शाखा, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक सहकारी समितियों, लोक सेवा केन्द्र, भारत सरकार की बीमा पोर्टल अथवा डाक विभाग के माध्यम से फसल बीमा करा सकते है। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया जा सकता है।किसानों के हानि का मूल्यांकन अधिसूचित क्षेत्र में स्थापित स्वचलित मौसम केंद्र से प्राप्त 4 आवरित जोखिमों जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक या बेमौसम वर्षा, वायु गति, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम के प्रमाणित आंकड़ों एवं अधिसूचित टर्मशीट के अनुसार दावा गणना की जाएगी। दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। किसानों को फसल क्षति की संबंधित सूचना बीमा कंपनी को देने की आवश्यकता नहीं है। स्थानीय आपदाएं अंतर्गत ओला वृष्टि एवं चक्रवाती हवाओं से फसलों में नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर बीमित फसलों के ब्यौरे, क्षति की मात्रा, क्षति का कारण, फोटो इत्यादि के साथ किसान सूचित करें।चयनित उद्यानिकी फसलों खरीफ के लिए किसानों द्वारा द्वेय प्रीमियम दर बीमित राशि का 5 प्रतिशत है। बिलासपुर जिले में खरीफ मौसम के फसलों हेतु 150 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। अधिसूचित फसल टमाटर के लिए प्रति एकड़ बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 6 हजार, बैगन के लिए बीमित राशि 77 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 3 हजार 850 रुपए, अमरुद के लिए बीमित राशि 45 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 2 हजार 250, केला के लिए बीमित राशि 1 लाख 65 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 8 हजार 250 रुपए, पपीता के लिए बीमित राशि 1 लाख 25 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 6 हजार 250, मिर्च के लिए बीमित राशि 90 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 4 हजार 500 रुपए और अदरक के लिए बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 7 हजार 500 रुपए निर्धारित है।इस हेतु बिलासपुर जिले में बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री थानेश्वर साहू मो.न. 99071-22727, बिल्हा में उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री अशोक कुमार परस्ते 94796-19829, तखतपुर में उद्यान विकास अधिकारी श्री जेनेन्द्र कुमार पैकरा 62659-81957, कोटा में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री साधूराम नाग 91654-90297 एवं मस्तूरी में प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्री आरके जगत 80852-80923 से संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।आवश्यक दस्तावेजनवीनतम आधारकार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र, बी 1, पी 2 की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो। फसल बुआई प्रमाण पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र, किसान का वैद्य मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा अथवा कास्तकार का घोषणा पत्र।
- -, एनआईटी रायपुर बना था नोडल संस्थानरायपुर। एनआईटी रायपुर को भारत सरकार के युवा संगम कार्यक्रम का नोडल इंस्टिट्यूट बनाया गया था। एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम, युवाओं के लिए एक्सपोजर टूर आयोजित करने पर केंद्रित रहा, जिसमें मुख्य रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र और देश भर के विभिन्न राज्यों के कुछ ऑफ-कैंपस युवा शामिल रहे। इस टूर ने युवाओं के लिए जीवन के कई पहलुओं, विकास स्थलों उपलब्धियों और मेजबान राज्य में युवाओं के जुड़ाव का एक व्यापक अनुभव प्रदान किया ।छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2023 में भाग लिया, जो भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 29 - 30 जुलाई को आयोजित किया गया था, अखिल भारतीय शिक्षा समागम में सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देने वाली है और हम उस क्षण का हिस्सा बन रहे हैं जो हमारे देश के भविष्य के निर्माण की नींव रख रहा है। साथ ही उन्हें माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान , माननीय शिक्षा मंत्री (राज्य) श्री सुभाष सरकार , एआईसीटीई के अधिकारियों के साथ विशेष रूप से बातचीत करने का अवसर मिला। इस यात्रा के दौरान श्री सुरेन्द्र नायक, युवा संगम कंसल्टेंट, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन का विशेष सहयोग छत्तीसगढ के प्रतिनिधियों को मिला |इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमन्ना राव भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। युवा संगम की टीम में छत्तीसगढ़ राज्य के 10 छात्र, जो छत्तीसगढ के विभिन्न जिलों और उच्च शिक्षा संस्थाओं के प्रतिभावान छात्र छात्राएं शामिल रहे , जो अपने क्षेत्र विशेष जैसे एनएसएस , एन सी सी, गायन और नृत्य इत्यादि में निपुण हैं | इस यात्रा के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर, एप्लाइड जियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डी. सी. झरिया एवं इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मृदु साहू रहे |छत्तीसगढ़ और नागालैंड के प्रतिनिधियों ने एक साथ मिलकर अंतर सांस्कृतिक छत्तीसगढ़ी और नागामी लोक नृत्य का प्रदर्शन किया , जिसे उपस्थित दर्शकों द्वारा खुब सराहना मिली , इस नृत्य के दौरान दोनो संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने साथ मिलकर आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी| इसके साथ ही इस समागम के दौरान, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षण प्रतियोगिताओं, शिक्षा में तकनीकी एकीकरण, व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा नीतियाँ, और अन्य विषयों पर चर्चा की गई।
- -10-17 अगस्त तक सात जिलों में आयोजित होगा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमरायपुर। प्रदेश में आगामी 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। राज्य के सात जिलों दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, मुंगेली और महासमुंद में 10 अगस्त से 17 अगस्त तक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम (MDA) भी आयोजित किए जाएंगे।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान 10 अगस्त को प्रदेश में एक वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। 10 अगस्त को दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोरों को 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी। आंगनबाड़ियों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बच्चों को कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। एक वर्ष से दो वर्ष के बच्चों को अलबेंडाजॉल की आधी गोली खिलाई जाएगी तथा दो साल से अधिक उम्र के सभी लाभार्थियों को अलबेंडाजाल की एक गोली खिलाई जाएगी।बच्चों व किशोरों के अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण, बौद्धिक विकास, शाला में नियमित उपस्थिति और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी एवं सुधार लाने के लिए कृमिनाशक दवा देना अति आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 अगस्त से 17 अगस्त तक सात जिलों में 67 लाख से अधिक लोगों को सामूहिक दवा सेवन (MDA) का लक्ष्य रखा गया है। इन जिलों में गर्भवती महिलाओं एवं अति बीमार व्यक्तियों को छोड़कर एक साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को एल्बेण्डाजाॅल के साथ डी.ई.आई.सी. की दवा का सेवन कराया जाएगा।
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-पारेषण प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए सोप कमेटी की हुई बैठकरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के राज्य भार प्रेषण केंद्र में वियुत पारेषण प्रणाली के सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सबकमेटी फॉर आपरेशन एंड प्रोटेक्शन (सोप) की बैठक हुई, जिसमें बायोमास से बिजली उत्पादन करने वाले उत्पादकों को ग्रिड के संचालन एवं सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। इसमें एक वेबसाइट पेज का भी लोकार्पण किया गया, जिससे बायोमास से बिजली उत्पादन करने वाले उत्पादक पारेषण ग्रिड से जुड़ने संबंधी प्रक्रिया का निष्पादन में सहायता मिलेगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्जवला बघेल के मार्गदर्शन में हुई बैठक में जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। डंगनिया स्थित भार प्रेषण केंद्र के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में कार्यपालक निदेशक श्री केएस मनोठिया ने सर्वप्रथम सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के निर्देश पर सबकमेटी फॉर आपरेशन एंड प्रोटेक्शन का गठन किया जाता है, इसका उद्देश्य पारेषण ग्रिड कोड के प्रावधानों के अनुरूप उत्पादन, वितरण, उपकेंद्र तथा भार प्रेषण केंद्र के बीच सामंजस्य बनाकर कार्य करना है। इसमें विचार-विमर्श से पारेषण प्रणाली सुचारू रुप से संचालित करने में सहायता मिलता है। बैठक में प्रदेश की विद्युत उत्पादन की स्थिति एवं बढ़ती मांग के बारे में विस्तार से बताया गया। इसमें कार्यपालक निदेशकगण सर्वश्री आरके शुक्ला, डीके चावड़ा, आरए पाठक, एमएस चौहान, मुख्य अभियंता श्री अविनाश सोनेकर, श्रीमती कल्पना घाटे, एसीई श्री गिरीश गुप्ता सहित अधिकारीगण उपस्थित थे। - बिलासपुर /कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष एवं ड्रेसर ग्रेड 1 के रिक्त पदों पर प्राप्त आवेदनों के जांच के उपरांत जारी पात्र-अपात्र की सूची के संबंध में दावा आपत्ति मंगाये गये है। दावा आपत्ति 12 अगस्त शाम 5 बजे तक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के ई मेल आईडी ड्रेसर पद हेतु [email protected] एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष पद हेतु [email protected] के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे। दावा आपत्ति हेतु जारी सूची जिले के वेबसाईट https://bilaspur.gov.in एवं www.cghealth.nic.in पर अपलोड एवं कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है।
- दुर्ग / जिले में 1 जून से 04 अगस्त तक 486.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सार्वाधिक वर्षा 680.6 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 235.0 मिमी. बोरी तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 462.8 मिमी, तहसील धमधा में 495.7 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 510.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 533.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। 04 अगस्त तहसील दुर्ग में 8.0 मिमी, तहसील धमधा में 9.3 मिमी, तहसील पाटन में 7.3 मिमी, तहसील बोरी में 13.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 18.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 27.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- बिलासपुर/जिला पंचायत की सामान्य सभा एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक 10 अगस्त को जिला पंचायत सभाकक्ष में रखी गई है। जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान करेंगे। सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक शाम 4.30 बजे होगी। बैठक में विद्युत, क्रेडा, कृषि, पशु पालन, उद्यानिकी एवं शिक्षा विभाग, रीपा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, गोधन न्याय योजना आदि के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी, समीक्षा एवं अन्य विषयों पर चर्चा करेंगे।








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