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- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने 27 जुलाई को जिला चिकित्सालय दुर्ग के चिकित्सकों/अधिकारियों को उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए सम्मानित किया। उक्त कार्यक्रम का आयोजन डॉ. वाय.के. शर्मा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय दुर्ग सह सचिव जीवन दीप कार्यकारिणी समिति के मार्गदर्शन में जीवन दीप समिति के सदस्यों श्री पुरूषोत्तम कश्यप, श्री दिलीप ठाकुर, श्री दुष्यंत देवांगन एवं श्री प्रशांत डोनगांवकर द्वारा आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में डॉ. कल्पना जैफ नेत्र रोग विशेषज्ञ को जिला चिकित्सालय में पहली बार कन्जेनाईटल कैरेक्ट सर्जरी की शुरूआत किये जाने के लिए, डॉ. कामिनी डडसेना डेंटल सर्जन को अस्पताल में पहली बार मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की शुरूआत करने के लिए, डॉ. वाय किरण शिशु रोग विशेषज्ञ प्रिमैच्युर बच्चों हेतु सफर््ेक्टेंट थेरेपी की शुरूआत करने के लिए, अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई के सफल संचालन के लिए डॉ. अनिल विवेक सिन्हा मेडिसीन विशेषज्ञ, डॉ. रचना दवे वरिष्ठ मेडिसीन विशेषज्ञ, डॉ. शाबिना, डॉ. अपूर्वा सेंगर, डॉ. साहजेब आसिफ, चिकित्सा अधिकारियों को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार ब्लड बैंक में ब्लड के समस्त कम्पोनेंट एवं रक्त दान शिविर के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के सतत कार्य हेतु डॉ. प्रवीण अग्रवाल एवं डॉ. नेहा नालवाय पैथालॉजिस्ट को, अस्पताल में ईएनटी की मेजर सर्जरी की शुरूआत के लिए डॉ. रीनू तिवारी ईएनटी विशषेज्ञ को, स्त्री रोग विभाग में रात्रिकालीन सिजेरियन प्रसव कराने एवं रिफर कम करने के महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ. बी.आर. साहू एवं डॉ. स्मिता स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. ए.के. साहू रेडियोलॉजिस्ट को अस्पताल के दोनों पालियों में मरीजों को सोनोग्राफी के साथ-साथ सीटी स्कैन की सुविधा निर्धारित समय पर उपलब्ध कराये जाने के कार्य हेतु सम्मानित किया गया। डॉ. बसंत चौरसिया निश्चेतना विशेषज्ञ को आपातकालीन एवं मेजर सर्जरी के कार्य हेतु सम्मानित किया गया, समय की पाबंदी एवं उत्कृष्ट सर्जन हेतु डॉ. सरिता मिंज सर्जिकल विशेषज्ञ को जिला चिकित्सालय में न्यूरो सर्जरी की शुरूआत किये जाने के लिए डॉ. कुलदीप सिंग न्यूरोसर्जन सम्मानित किये गये, डॉ. सुनीता, डॉ. श्रेया शर्मा, डॉ. सदफ फिरदौस चिकित्सा अधिकारियों एवं डॉ. तान्या जायसवाल दंत चिकित्सक को नियमित रूप से सौपे गये कार्यों को सुचारू रूप से संपादित किये जाने के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. अखिलेश यादव अस्थि रोग विशेषज्ञ सह आरएमओ को चिकित्सकीय कार्यों के साथ-साथ अतिरिक्त प्रशासकीय कार्यों की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए सम्मानित किया गया, श्री अरूण पवार अस्पताल सलाहकार को जिला चिकित्सालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि जैसे एनक्युएएस, लक्ष्य, मुस्कान एवं कायाकल्प में महत्वपूर्ण योगदान एवं अस्पताल प्रबंधन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु किये गये प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। अंत में कलेक्टर द्वारा डॉ. वाय.के. शर्मा सिविल सर्जन को भी उनके द्वारा अस्पताल में दी गई प्रशासकीय जिम्मेदारियों के लिए सम्मानित किया गया। जीवन दीप समिति के सदस्यों द्वारा कलेक्टर को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कलेक्टर श्री मीणा द्वारा भविष्य में उक्त कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित करने के निर्देश दिये गये, ताकि सभी कर्मचारियों में प्रतिस्पर्धा का भाव बना रहे एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारी समय-समय पर सम्मानित किये जा सकें।
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-छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी परिसर में पौधरोपण कर कैशलेस योजना का मसविदा जारी कियारायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में नई अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के प्रावधानों से विभिन्न कर्मचारी संगठनों को अवगत कराया गया। इस नई योजना के लिए कर्मियों से विकल्प मांगे गए हैं, जिसके लिए पॉवर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बारीकियों को बताया गया। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कैशलेस स्वास्थ्य योजना से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं को लेकर सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने निराकरण किया और कहा कि योजना में आने वाले समय में और भी नए प्रावधान शामिल किये जा सकेंगे। इस मौके पर मुख्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया।पॉवर कंपनी के डंगनिया मुख्यालय स्थित परिसर में निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) श्री केएस रामाकृष्णा पौधरोपण किया। इसके पूर्व सेवाभवन स्थित सभाकक्ष में पीपीटी प्रस्तुतीकरण हुआ। सर्वप्रथम कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री एके वर्मा ने कहा कि नई स्वास्थ्य योजना सभी कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हितों के लिए तैयार की गई है, इसमें इस तरह के प्रावधान बनाए गए हैं कि उन्हें इसका अधिक से अधिक लाभ मिले। अतिरिक्त मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री विनोद अग्रवाल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 15 अप्रैल को पॉवर कान्क्लेव में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना जल्द लागू करने की बात कही थी, जिसका त्वरित गति से पालन करते हुए इसे जल्द तैयार किया गया है। यह कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि इस योजना में तीन विकल्प दिये गए हैं, जिसमें एक हजार रुपए मासिक अंशदान पर 10 लाख का स्वास्थ्य रिस्क कवर प्रति परिवार प्रति वर्ष कैशलेस प्राप्त होगा। पांच सौ रूपए अंशदान देने पर 5 लाख रुपए प्रति परिवार प्रति वर्ष का स्वास्थ्य खबर रिस्क कवर मिलेगा। जिन कर्मचारियों को वर्तमान में जारी मेडिकल सुविधाए की योजना बेहतर लग रही है, वे उस विकल्प को चुन सकते हैं। श्री अग्रवाल ने बताया कि अभी इसके लिये क्रियान्वयन सहायता एजेंसी तय की जा रही है। 1 अक्टूबर 23 से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। लागू होने के बाद समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जाएगी, ताकि इसे और अधिक कर्मचारी हितैषी बनाया जा सके।अधिकारी कर्मचारियों को मोर बिजली कंपनी ऐप के माध्यम से तीनों विकल्प में से एक विकल्प के चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, सभी अधिकारी कर्मचारियों को 7 अगस्त तक अपना विकल्प देना है ताकि कैशलेस योजना को आगे शीघ्र अति शीघ्र लागू किया जा सके.। -
- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लगाएगी दो नए संयंत्र
रायपुर । छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने कल 29 जुलाई को कोरबा में 1320 मेगावाट सुपर क्रिटिकलव थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल रखेंगे। यह छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के मामले में सर्वोच्च बनाए रखने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ आने वाले भविष्य में अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर हो सकेगा।कोरबा घंटाघर मैदान में कल 29 जुलाई को सुबह 10.30 बजे शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, श्री दीपक बैज, विधायक श्री मोहित राम, श्री पुरूषोत्तम कंवर, श्री ननकीराम कंवर, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। समारोह में कोरबा के मेडिकल कालेज भी आधारशिला रखी जाएगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 2978.7 मेगावाट है। राज्य स्थापना के समय उत्पादन क्षमता 1360 मेगावाट थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ जीरो पॉवर कट स्टेट बना हुआ है। प्रदेश में तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660 मेगावाट के दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। यह 1320 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर हम बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगे दूसरी ओर रोजगार के नए सृजित होंगे। हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में इसके लिए पर्याप्त भूमि है। यहां कन्वेयर बेल्ट से कोयले की सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।माननीय मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त 2022 को इस संयंत्र की स्थापना का निर्णय लिया था। जिस पर तेज गति से कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी आवश्यक अनुमति एवं स्वीकृतियां प्राप्त की। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से टर्म ऑफ रिफसेन्स और कोयला मंत्रालय से कोल आबंटन प्रदान कर दिया गया है, जिसके बाद इसके लिये भूमिपूजन का कार्यक्रम तय किया गया है। इन दोनों संयंत्रों से 2029 और 2030 तक बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। - -प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की समीक्षा की- जुआ-सट्टा, पुराने गुंडे-बदमाशों और ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ाई से प्रभावी रोक लगाने के दिए निर्देशरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सुबह अपने निवास कार्यालय में प्रदेश के सभी रेंज के नए पुलिस महा निरीक्षको और उप महानिक्षको की बैठक लेकर प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की । बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में प्रदेश में कानून और व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने पुराने गुंडों बदमाशों, चाकुबाजो, सट्टा, जुआ और ऑन लाइन गेमिंग के संबध में की जा रही कार्रवाई की जानकारी लेते हुए इन पर कड़ाई से प्रभावी रोकथाम लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा आज शाम 4 बजे पुलिस मुख्यालय में सभी रेंज के महानिरीक्षकों की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए निर्देशों की विस्तृत और गहन समीक्षा करेंगे।
- -खाद्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी- ई-केवाईसी की कार्यवाही के दौरान निरंतर खाद्यान्न वितरण रहेगा जारीरायपुर, / भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी की कार्यवाही की तिथि अब बढ़ाकर 31 अगस्त तक 2023 तक किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा इस आशय का पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेज दिया गया है।‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है। राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने तथा आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है। विभागीय डेटाबेस में जिन हितग्राहियों का आधार दर्ज है, उनके आधार की जानकारी का प्रमाणीकरण के लिए ई-केवाईसी की कार्यवाही की जा रही है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवाईसी की कार्यवाही पूर्णतः निःशुल्क है। ई-केवाईसी की कार्रवाई के लिए राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपने-अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फ्रिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि शत्-प्रतिशत ई-केवाईसी अभियान को क्रेन्द्र शासन द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है तथा सप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों द्वारा 2.66 करोड़ हितग्राहियों में 1.56 करोड़ हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया गया है, जिसमें से 31.75 लाख़ हितग्राहियों का सत्यापन हो चुका है एवं 1.24 करोड़ हितग्राहियों का सत्यापन की कार्रवाही जारी है। वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए ई-केवाईसी की कार्यवाही की समय-सीमा पूर्व में 31 जुलाई थी, जिसमें 31 अगस्त 2023 तक वृद्धि की गयी है। ई-केवाईसी की कार्यवाही के दौरान निरंतर खाद्यान्न वितरण जारी रहेगा, किसी भी स्थिति में खाद्यान्न वितरण बाधित नहीं होगा ।
- -मछली पालन व्यवसाय से समिति को 3 लाख रुपए से अधिक की हुई आयरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभ उठाकर मछली पालन का कार्य करने वाले मछुआ सहकारी समिति के सदस्य आर्थिक संपन्नता की ओर बढ़ रहे हैं और स्वयं आत्मनिर्भर हो रहे हैं तथा अन्य लोगों को भी इस कार्य से रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। जिले के कटघोरा विकासखण्ड के ग्राम छुरीकला के कोसगाई दाई मछुआ सहकारी समिति विभागीय योजनाओं से जुड़कर मछली पालन का कार्य कर रहे है। समिति के सदस्य मछली पालन को अपने आय का प्रमुख जरिया बनाया है। समिति के सदस्यों ने सफलता प्राप्त की ही नही बल्कि अब वे अपने इस काम को नई ऊंचाईयां दे रही है। समिति के सदस्यों द्वारा कृषि कार्य के साथ-साथ मछली पालन का व्ययसाय भी किया जा रहा है। उन्हें मछली पालन विभाग द्वारा आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देकर मछली पालन के लिए प्रेरित किया गया, जिससे समिति के सदस्य इस कार्य में संलग्न होकर छुरी के भेलवाडबरा सिंचाई जलाशय को पट्टे पर लेकर मत्स्य पालन का कार्य प्रारंभ किया। समिति द्वारा जलाशय में रोहू, कतला, मिरगल, ग्रासकार्प जैसे अन्य मछली बीज का संचयन किया गया है।दाई महुआ सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री आत्माराम केंवट ने बताया कि मत्स्य पालन कार्य से जुड़कर समिति के सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, इससे उन्हें आमदनी का अतिरिक्त साधन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 3 लाख का अनुदान एवं सहायक सामग्री के रूप में मत्स्य बीज अंगुलिका, चटजाल, आईस बॉक्स इत्यादि सामग्री भी उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उन्हें समय-समय पर आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। समिति के सदस्य मत्स्य बीज एवं जाल पाकर काफी उत्साहित हुए तथा मत्स्य पालन के प्रति रूचि लेने लगे, जिसका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है। समिति द्वारा अपने दैनिक कामकाज करने के साथ-साथ मत्स्य पालन का कार्य भी जिम्मेदारी पूर्वक कर रहे हैं। उनके द्वारा जलाशय की आवश्यक साफ-सफाई, मछलियों की देख-रेख, उन्हें मत्स्य आहार देने के साथ ही नियमित रूप से जलाशय की रख-रखाव का कार्य भी किया जा रहा है। आत्माराम ने बताया कि योजना से जुड़कर अब तक 3000 किलोग्राम से अधिक का मत्स्य उत्पादन किया है जिसके विक्रय से उन्हें 3 लाख से अधिक की आमदनी हुई है। कोसगाई दाई मछुआ सहकारी समिति के सभी सदस्यों ने नियमित रूप से मछली पालन से जोड़कर रोजगार दिलाने एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु जिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -भारत सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी यूडाइस आंकड़ों में मिले उत्साहजनक परिणाम-छत्तीसगढ़ के स्कूलों में ड्रॉप आउट की दर तेजी से हुई कम-स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और नवाचारों से बेहतर हुई स्थितिरायपुर / भारत सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्कूलों में पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉप आउट) वाले छात्रों के लिए यूडाइस आंकड़े जारी किए गए हैं। इसमें अन्य राज्यों और राष्ट्रीय दर की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहतर और उत्साहजनक है।छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद तेजी से शिक्षा के स्तर में सुधार किया गया है, जिससे ड्रॉप आउट की संख्या घटी है। वर्ष 2018-19 में छत्तीसगढ़ का ड्रॉप आउट रेट प्राथमिक स्तर के लिए 3.4 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक के लिए, 7 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक के लिए 19.8 प्रतिशत था। वहीं 2021-22 के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ का ड्रॉप आउट रेट तेजी से कम हुआ है। प्राथमिक स्तर के लिए यह दर 0.8 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक के लिए, 4.1 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक के लिए 9.7 प्रतिशत है, जबकि पूरे भारत के लिए प्राथमिक स्तर पर यह दर 1.5 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक पर 3 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 12.6 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या तेजी से कम हुई है। यह आंकड़े स्कूल स्तर के आधार पर छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग जारी किए गए हैं।पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से तुलना में छत्तीसगढ़ में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की दर बहुत कम है। मध्यप्रदेश का ड्रॉप आउट रेट प्राथमिक स्तर के लिए जहां 3.1 प्रतिशत है। वहीं छत्तीसगढ़ में यह दर 0.8 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश में ड्रॉप आउट रेट उच्च प्राथमिक के लिए 8.8 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक के लिए 10.1 प्रतिशत है, जो कि छत्तीसगढ़ की तुलना में अधिक है। वर्ष 2021-22 के लिए जारी भारत सरकार के डेटा के अनुसार उच्चतर माध्यमिक स्तर पर सर्वाधिक ड्रॉप आउट की दर ओड़िसा में 27.3 प्रतिशत इसके बाद बिहार में 21.7 प्रतिशत दर्ज की गई है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बजट में शिक्षा के लिए ज्यादा राशि खर्च की जा रही है। इससे शैक्षणिक संस्थाओं की अधोसंरचना बेहतर हो रही है। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई का बेहतर माहौल देने के लिए स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, इसके लिए स्कूलों में सबसे पहले आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया है। पुरानी बिल्डिंग का पुनरुद्धार कर उसे एक नया रूप दिया गया है। शैक्षणिक संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों के खुलने से राज्य में शिक्षा के प्रति फिर से रूझान बढ़ा है और प्रत्येक वर्ग के लोग अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। बालवाड़ी योजना के तहत 5 हजार 1 सौ 73 बालवाड़ी की शुरूआत की गयी है। स्कूल शिक्षा में निरंतर बेहतरी के प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ को कई पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है। आँगन म शिक्षा पहल के लिए छत्तीसगढ़ को 2022 का स्कॉच अवार्ड प्रदान किया गया था। इसी तरह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय स्तर के एमबिलीयंथ अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
- राजनांदगांव। गातापार में खेत को मताने के दौरान ट्रेक्टर पलट गया। ट्रेक्टर पलटने से चालक त्रिगुण मंडावी की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि खेत को मताने के दौरान ट्रेक्टर फंस गया। फंसे ट्रेक्टर को निकालने क लिए एक और ट्रेक्टर मंगाया गया। देखते ही देखते दोनों ट्रेक्टर फंस गया। इसके बाद दोनों ट्रेक्टरों को निकालने तीसरा ट्रेक्टर लेकर त्रिगुण मंडावी पहुंचा। दोनों ट्रेक्टर को जैस तैसे बाहर निकाल लिया गया, लेकिन त्रिगुण का ट्रेक्टर फंस गया। त्रिगुण अपने ट्रेक्टर को निकालने का प्रयास कर रहा था, तभी ट्रेक्टर पलट गया और वह ट्रेक्टर के नीचे दब गया। ट्रेक्टर के नीचे दबने से त्रिगुण की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में पुलिस ने धारा 304 ए के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में जुट गई है।त्रिगुण की मौत की खबर लगते ही परिवार में मातम छा गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने बताया कि दो लोग लीज में लेकर खेती किसानी कर रहे थे। उसी के खेत को मताने में ट्रेक्टर लगे हुए थे। ट्रेक्टर फंसने के बाद उसे बड़ी मशक्कत से बाहर निकाला गया, लेकिन त्रिगुण का ट्रेक्टर बाहर नहीं निकल पाया।
- -धान के अलावा गेहूं, अलसी, मसूर की खेती कर किसान कमा रहे मुनाफा-राज्य शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं किसानरायपुर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुसार क्रियान्वित योजनाओं से छत्तीसगढ़ के किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर राज्य के किसान अब धान के अलावा अन्य फसलों की तरफ भी रुचि दिखा रहे है। किसान ग्रीष्मकालीन धान के साथ ही साथ अन्य फसलों जैसे कि गेहूं, अलसी, मसूर, मूंग की अच्छी पैदावार प्राप्त कर रहे है।छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 70 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमी प्रतिकूलता, कृषि आदान में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत में किसानों को राहत देने के लिए राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में योजनाएं शुरू की गयी हैं जिसका लाभ लेकर किसान न सिर्फ बेहतर उत्पादन ले रहे हैं बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं।इसी के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा संचालित टरफा योजना के अंतर्गत किसानों को अनुदान राशि के माध्यम से बीज उपलब्ध कराया जा रहा है और उन्हें उन्हें धान की जगह अन्य फसलों की बुआई के लिए प्रेरित किया जार हा है। धान के अलावा दूसरी फसलों की कम पानी और कम लागत में अच्छी पैदावार होने से जिले किसान अच्छी आय भी अर्जित कर रहे हैं। योजना का लाभ लेते हुए बिलासपुर जिले के विकासखंड तखतपुर के सिलतरा निवासी किसान श्री राजेश यादव ने बताया कि उनके पास 1.5 एकड़ कृषि भूमि है। वे अपनी भूमि पर धान की फसल लगाया करते थे। इससे ग्रीष्म ऋतु में धान की फसलों को अत्यधिक पानी की आवश्यकता पड़ती थी। फलस्वरूप धान की पैदावार पर भी असर पड़ता था। श्री राजेश के अनुसार राज्य शासन की योजना के अंतर्गत कृषि विभाग के माध्यम से उन्हें धान के बदले अन्य फसलों जैसे गेहूं, मूंग, मसूर, मक्का की खेती कम लागत और कम पानी में किए जा सकने की जानकारी मिली।कृषि विभाग द्वारा गेहूं बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर और प्रदर्शन हेतु मसूर बीज प्राप्त हुआ। श्री यादव ने गेहूं और मसूर की मिश्रित बोनी की। कम पानी में फसलों की अच्छी पैदावार हुई, जिससे अच्छा लाभ प्राप्त हुआ।योजना से होने वाली अच्छी पैदावार और अच्छी आय को देखते हुए अब राज्य भर के किसान इस योजना की मिश्रित खेती के लिए प्रेरित हो रहे है।
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-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति किसानों को 'पीएम प्रणाम' योजना लागू कर अनेक सौगातें देने के लिए प्रदेश भाजपा व प्रदेश के किसानों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित की है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त के लिए 17 हजार करोड़ रुपए की राशि जारी की। गुरुवार को सल्फर कोटेड यूरिया गोल्ड खाद लॉन्च कर किसानों को समर्पित की गई और खाद के लिए आगामी वर्ष के लिए 3.8 लाख करोड़ रुपए का सब्सिडी पैकेज घोषित किया गया।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और विकास की दृष्टि से लगातार काम कर रही है। किसान समृद्धि केंद्र पर भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और किसानों के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी को बधाई देने पहुंचे श्री शर्मा ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और खेती की तकनीक को उन्नत बनाने की दृष्टि से किए जा रहे कार्यों को केंद्र सरकार गति प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पूरे देश में किसान समृद्धि केंद्रों की शुरुआत की है जहां पर किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित होंगीं। इसी के साथ सल्फर कोटेड यूरिया गोल्ड के तौर पर यूरिया खाद के एक नए तीसरे प्रकार को लॉन्च किया गया। इस नई यूरिया गोल्ड खाद से किसानों को बहुत फायदा होगा। यह यूरिया तेजी से घुलेगा नहीं जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचत होगी। खाद के लिए 3.8 लाख करोड़ की सब्सिडी के पैकेज की घोषणा करके प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किसानों को बड़ी राहत पहुंचाई है। श्री शर्मा ने कहा कि ऐसी अनेक योजनाएं लागू करके प्रधानमंत्री श्री मोदी युवा केंद्र सरकार द्वारा किसानों के जीवन में खुशहाली लाने का काम लगातार किया जा रहा है।श्री शर्मा ने कहा पीएम प्रणाम योजना के अंतर्गत केमिकल फर्टिलाइजर के विकल्पों की तलाश के लिए राज्यों को प्रोत्साहन देने राशि दी जाएगी। जो राज्य केमिकल फर्टिलाइजर का उपयोग घटाएंगे उन राज्यों को घटी मात्रा के कारण बचे सब्सिडी राशि की 50 प्रतिशत अनुदान में दे दिया जाएगा जिससे राज्य उस राशि से जैविक विकल्पों के क्षेत्र में कार्य कर सकेंगे । - - रायपुर जिले में कीटनाशी-उर्वरक केन्द्रों का किया जा रहा औचक निरीक्षणरायपुर /कृषि विभाग के निरिक्षकों द्वारा 24 जुलाई 2023 से विभिन्न कृषि केन्द्रो का निरंतर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखण्ड तिल्दा के मेसर्स केशरवानी कृषि सेवा केन्द्र, का निरिक्षण किया गया। वहां उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रय संबंधी रिकार्डी का संचारित किया जाना नहीं पाया गया। साथ ही बिना स्त्रोत प्रमाण पत्र के उर्वरक एवं कीटनाशकों का विक्रय किया जा रहा था, जिस कारण दुकान को नोटिस दिया गया एवं सील भी किया गया। इसी प्रकार विकासखण्ड धरसींवा के मेसर्स वर्मा कृषि केन्द्र और विकाखण्ड आरंग के सिलयारी में स्थित मेसर्स छत्तीसगढ़ कृषि सेवा केन्द्र चन्दखुरी के विक्रय परिसर का निरीक्षण किया गया,जिसमें एक्सपायरी डेट की कीटनाशक दवायें पाये गए और रिकार्ड संधारण भी नहीं किया गया था। अतः उक्त केन्द्रों को भी नोटिस जारी किया गया।पूर्व में जिला स्तरीय कीटनाशी निरीक्षक दल द्वारा मेसर्स वर्मा कृषि केन्द्र चन्दखुरी विकासखंड आरंग में निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी डेट की कीटनाशक दवाई पाये जाने पर तथा मूल्य सूची, रिकार्ड संधारण नहीं पाये जाने पर उक्त परिसर को नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा में फर्म द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किये जाने पर उक्त विक्रय परिसर का जारी लायसेंस को 15 दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया है।
- -कलेक्टर डॉ भुरे के निर्देश पर पशुधन विकास विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई-नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे सहित शहर के सड़कों पर बैठने वाले आवारा पशुओं में लगाए जा रहे रेडियम बेल्टरायपुर / जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कटौती करने आवारा पशुओं को रेडियम बेल्ट लगाये जा रहे हैं। रेडियम बेल्ट की वजह से पशु दूर से नजर आ जाते हैं और इससे गंभीर हादसों को टाला जा सकता है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले में सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए आवारा पशुओं में रेडियम के पट्टे और टैग लगाने के निर्देश दिए थे। जिले के पशुधन विकास की टीम द्वारा 250 आवारा पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाए गए है। इसमें रायपुर-जगदलपुर, रायपुर-महासमुंद नेशनल हाईवे और रायपुर-बलौदाबाजार स्टेट हाईवे, पुराना धमतरी रोड़ सेजबहार, रिंग रोड नं.-02, गोंदवारा, टाटीबंध, गुढ़ियारी इत्यादि शामिल हैं।रेडियम बेल्ट अंधेरे में लाइट पड़ने पर दूर से ही चमकता है। पशुओं में इसे लगाने से वाहन चालक दूर से जानवरों को देख पाते हैं और अपने वाहनों को जानवरों का बचा सकते है, जिससे रात में होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। पशुधन विकास विभाग की टीम द्वारा पशुओं की टैगिंग का कार्य भी किया जा रहा है। पशुओं की पहचान के लिए उनके कान पर एक पीले रंग का टैग लगाया जाता है। टैग में 12 अंक होते है जो पशुओं के पहचान पत्र की तरह काम करता है। टैग पर अंकित नंबर के माध्यम से पशुओं की नस्ल, स्वास्थ्य आदि की जानकारी सॉफ्टवेयर में डाली जाती है। जिससे पशुओं की पहचान और उन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो पाती है।संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ शंकर लाल उईके ने बताया कि बारिश में पानी और कीचड़ के कारण मवेशी रोड पर बैठ जाते हैं ऐसे में अक्सर वाहन चालकों और मवेशियों के एक्सीडेंट की आशंका बनी रहती है। इसे कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य सड़कों में रेडियम बेल्ट लगाया जा रहा है। जल्द ही शहर के भीतर अन्य सड़कों में आवारा पशुओं को बेल्ट लगाया जाएगा।
- विधानसभा आम निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में आयोजित आवश्यक बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशसभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की दिलाई शपथबालोद.. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा ने निर्वाचन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ तथा त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिससे की बालोद जिले में विधानसभा आम निर्वाचन 2023 का कार्य बिना किसी अवरोध के निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके। कलेक्टर श्री शर्मा आज जिला पंचायत सभाकक्ष में विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के तैयारियों के संबंध में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के अलावा नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने विधानसभा आम निर्वाचन से जुड़े विभिन्न तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की शपथ भी दिलाई। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, एडीएम श्री शशांक पाण्डेय, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री योगेन्द्र श्रीवास सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन कार्य से जुड़े विभिन्न बारिकियों पर प्रकाश डालते हुए इसके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक सुझाव भी दिए। श्री शर्मा ने निर्वाचन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु मानवीय संसाधनों एवं मतदान सामग्रियों एवं मशीनों के प्रबंध के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बालोद जिले में विधानसभा आम निर्वाचन के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों, नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति कर ली गई है। श्री शर्मा ने निर्वाचन संबंधी विभिन्न दायित्वों को निर्वहन करने हेतु नियुक्त किए गए सभी नोडल अधिकारियों को अपने सहायक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी सेक्टर एवं प्रभारी अधिकारियों के पास अनिवार्य रूप से निर्वाचन कार्य से जुडे़ मास्टर कैलेण्डर उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को अपने सहायक अधिकारियों के साथ अनिवार्य रूप से बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को टीम वर्क के साथ निर्वाचन कार्य का संपादन करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारी को अनिवार्य रूप से मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के अलावा निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों के प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के अलावा निर्वाचन संबंधी दायित्वों का निर्वहन कर रहे सभी अधिकारियों को पूरे निर्वाचन प्रक्रिया का समुचित जानकारी होना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि निर्वाचन संबंधी कार्यों के अंतर्गत सेक्टर अधिकारियों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्हांेने सभी सेक्टर अधिकारियों से मतदान केंद्रोें के निरीक्षण के संबंध में जानकारी ली तथा सभी सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने मतदान केंद्रोें का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी सेक्टर अधिकारियों को रूट प्लान का भी भली-भाँति अवलोकन करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने 02 अगस्त से प्रारंभ हो रहे फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का द्वितीय चरण के अंतर्गत विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।बैठक में श्री शर्मा ने लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंताओं को आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत आदि के कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने बूथ लेवल एजंेट के कार्यों की जानकारी के अलावा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, निर्वाचन के दौरान कानून व्यवस्था, आदर्श आचार संहिता, व्यय लेखा, यातायात व्यवस्था, मीडिया माॅनिटरिंग सेल आदि विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से निर्वाचन कार्य के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिए। इस अवसर पर बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने निर्वाचन कार्य से जुड़े अपने अनुभव एवं आवश्यक सुझाव भी साझा किए।
- बिलासपुर.कौशल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बुधवार को बिल्हा विकासखण्ड के जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज निपनिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती आबिदी द्वारा कॉलेज में प्रशिक्षणरत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों से बातचीत की। उन्होंने प्रशिक्षण उपरांत प्राप्त होने वाले रोजगार एवं स्वरोजगार के संबंध में प्रशिक्षणार्थियों से चर्चा की। स्वरोजगार हेतु विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त होने वाले ऋण की जानकारी हितग्राहियों को देने हेतु महाविद्यालय में कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्य कार्यालय से उपमुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रमोद साहू, आजीविका महाविद्यालय के प्राचार्य, सहायक परियोजना अधिकारी एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -कुछ अधिकारियों के तबादलेरायपुर। राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान 15600-39100 और ग्रेड वेतन 6600 (वेतन मैट्रिक्स लेवल 13) में कार्यरत 35 अधिकारियों की क्रमोन्नति एवं नवीन पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन ने आज इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।देखें पूरी सूची-


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*स्कूली छात्राओं ने बताया मताधिकार का महत्व*
बिलासपुर/शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चकरभाठा में स्वीप कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। छात्राओं ने स्कूल परिसर में मानव श्रृंखला बनाकर मतदान के प्रति लोगों को जागरूक किया। इसके साथ ही विद्यालय की छात्रों ने मतदान के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये। मस्तूरी ब्लॉक के एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में श्री महेश शर्मा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित ग्रामीणों को मतदाता जागरूकता कार्यक्रम ‘‘स्वीप’’ के तहत मताधिकार की शपथ दिलाई गई। स्वीप भारत में मतदाता शिक्षा, मतदाता जागरूकता फैलाने और मतदाता साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम नागरिकों एवं मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के बारे में शिक्षित करने के लिए आयोजित किये जाते है ताकि उनकी जागरूकता बढ़ाई जा सके।
- रायपुर। राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान 15600-39100 और ग्रेड वेतन 5400 (वेतन मैट्रिक्स लेवल 12) में कार्यरत 13 अधिकारियों की क्रमोन्नति एवं नवीन पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं। सामान्य प्रशासन ने आज इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इनमें से केवल रायपुर की डिप्टी कलेक्टर रुचि शर्मा के कार्यभार में परिवर्तन करते हुए उन्हें बलरामपुर- रामानुजगंज का संयुक्त कलेक्टर बनाया गया है।देखें पूरी सूची-

- रायपुर / आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, विभाग, द्वारा रायपुर जिला मुख्यालय में नवीन अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या एवं बालक छात्रावास प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वर्ष 2023-24 के शिक्षण सत्र में नवीन छात्रावास का संचालन प्रारंभ किया जाना है। इस संदर्भ में सौ सीटर कन्या एवं सौ सीटर बालक छात्रावास के संचालन के लिए किराए के भवन की आवश्यकता है। इच्छुक मकान मालिक 31 जुलाई 2023 तक भवन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज के साथ कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास रायपुर में आवेदन जमा कर सकते है।
- रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के 6 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. आनंद छाबड़ा को बिलासपुर रेंज की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रतनलाल डांगी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ रायपुर जिले के पुलिस महानिरीक्षक बनाए गए हैं।देखें पूरी सूची -

- -केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने विगत जून में अस्पताल का किया था मूल्यांकनरायपुर। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जांजगीर जिला चिकित्सालय को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – National Quality Assurance Standard) प्रमाण पत्र प्रदान किया है। अस्पताल को बेहतर प्रसूति सुविधाओं और बाल चिकित्सा सेवाओं के लिए भी क्रमशः लक्ष्य (LaQshya) और मुस्कान (MusQan) कार्यक्रम के तहत गुणवत्ता प्रमाण पत्र से नवाजा गया है।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने विगत जून माह में जांजगीर जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया था। टीम ने इस संबंध में मरीजों से भी फीडबैक लिया था। ‘एनक्यूएएस’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मूल्यांकन में अस्पताल को 90 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। यहां के नौ विभागों ए एंड ई, ओपीडी, आईपीडी, ओटी, ब्लड-बैंक, लैब, रेडियोलॉजी, फॉर्मेसी और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र जारी किया गया है। ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम के तहत लेबर रूम के मूल्यांकन में 92 प्रतिशत और मैटरनिटी ओटी के मूल्यांकन में 90 प्रतिशत अंक मिले हैं। बाल चिकित्सा सेवाओं के लिए ‘मुस्कान’ कार्यक्रम के तहत चिकित्सालय के पीडियाट्रिक ओपीडी, पीडियाट्रिक वार्ड, एनआरसी और एसएनसीयू का गुणवत्ता सर्टिफिकेशन किया गया है। इनके मूल्यांकन में अस्पताल को 79 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं।राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व भारत सरकार के विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।
- -बसोड़ों, पानबरेजा परिवारों और हस्तशिल्प कारीगरों को मिलेगा लाभ-चार वर्षों में 01 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में बिगड़े बांस वनों का सुधाररायपुर, / वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश में चार वर्षों के दौरान 01 लाख 9 हजार हेक्टेयर रकबा में सुधार का कार्य किया गया है।बिगड़े बांस वनों के सुधार योजना के अंतर्गत प्रदेश के बसोड़ों, पानबरेजा परिवारों एवं बांस का काम करने वाले हस्तशिल्प कारीगरों को अधिक मात्रा में अच्छा बांस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में बिगड़े बांस वनों का सुधार तथा बांस रोपण का कार्य कराया जाता है। इसके तहत बिगड़े बांस वनों में गुथे हुए बांस के भिर्रों की सफाई कराकर मिट्टी चढ़ाई का कार्य किया जाता है, जिससे अच्छे करले प्राप्त होते है और बांस वनों की उत्पादकता में वृद्धि भी होती है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2019-20 में 30 हजार हेक्टेयर, वर्ष 2020-21 में 28 हजार 970 हेक्टेयर तथा वर्ष 2021-22 में 14 हजार 600 हेक्टेयर रकबा में बिगड़े बांस वनों का सुधार कार्य किया गया है। इसी तरह वर्ष 2022-23 में माह दिसंबर तक 35 हजार 515 हेक्टेयर रकबा में बिगड़े बांस वनों का सुधार कार्य हुआ है।
- -मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस संवेदनशील मामले में तत्परता से कार्रवाई करने पुलिस की प्रशंसा की-जघन्य कृत्य को देखते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने दिये निर्देशरायपुर। सुकमा जिले के एर्राबोर में कन्या आवासीय विद्यालय पोटा केबिन में अध्ययनरत बालिका के साथ हुए दुष्कृत्य मामले में थाना एर्राबोर में पाक्सो एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए आरोपी माड़वी हिरमा को गिरफ्तार कर लिया है। पाक्सो एक्ट के अंतर्गत आवासीय विद्यालय की अधीक्षिका पर भी पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता से की गई कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सुकमा पुलिस की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री ने मामले में आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकरियों को दिये हैं।आरोपी पोटाकेबिन में कार्यरत भृत्य का पति माड़वी हिड़मा हैं ।उल्लेखनीय है कि इस मामले में सुकमा पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के नेतृत्व में 8 सदस्यीय जाँच दल का गठन किया था। जांच दल ने लगभग 50 व्यक्तियों से पूछताछ की और काल रिकार्ड देखे। इसके आधार पर पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर माड़वी हिड़मा उर्फ राजू उम्र लगभग 35 साल निवासी एर्राबोर को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में यह भी पाया गया कि प्रकरण में अधीक्षिका श्रीमती हिना ने उक्त आपराधिक घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ कार्यालय एवं पुलिस को उचित समय पर नहीं दी। उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
- रायपुर, /प्रदेश में सूबेदार, उप निरीक्षक, प्लाटून कमाण्डर संवर्ग- 2021 की भर्ती प्रक्रिया अंतर्गत प्रारंभिक एवं मुख्य लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। मुख्य परीक्षा परिणाम जारी होने के उपरांत 18 जुलाई 2023 से 30 जुलाई 2023 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा जिला रायपुर में किया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार जो भी अभ्यर्थी किसी कारणवश अपनी शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु निर्धारित तिथि को परीक्षा में उपस्थित नहीं हुए हैं, ऐसे सभी उम्मीदवारों को अवसर देते हुए 30 जुलाई 2023 को उनकी शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऐसे समस्त अभ्यर्थी उक्त तिथि को प्रातः 06.30 बजे अनिवार्य रूप से प्रवेश पत्र में दर्शित निर्धारित स्थल पर उपस्थित हो सकते हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई 2023 के उपरांत किसी भी अभ्यर्थी को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए कोई अवसर नहीं दिया जायेगा।
- बिलासपुर /घोंघा सिंचाई जलाशय के गेट भी घोषणा अनुरूप आज खोल दिये गए। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जरूरत के अनुरूप किसानों को पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव ने विधिवत् पूजा अर्चना कर गेट खोलने की औपचारिकता पूरी की। इससे कोटा विकासखण्ड के हजारों किसानों को राहत मिली है। बंद पड़ चुके रोपा-बियासी एवं अन्य कृषि कार्याें में अब तेजी आएगी। गौरतलब है कि विगत लगभग पखवाड़े भर से क्षेत्र में अल्प एवं खण्ड वर्षा के कारण खेती किसानी के काम रूके पड़े हुए है। नहर शुरू होने पर अंचल के किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, अरपा बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री अभय नारायण राय सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित थे।
- दुर्ग / प्रदेश के लोक निर्माण कृषि व गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू आज स्वामी विवेकानंद सभागार पदमनाभपुर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, जनपद अध्यक्ष श्री देवेन्द्र देशमुख सहित अधिकारी मौजूद थे।मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों की देखभाल करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शासन की कन्या विवाह योजना, सक्षम योजना एवं नोनी सुरक्षा आदि योजनाओं का क्रियान्वयन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा पूरा हो पाता है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा मायने रखता है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि वह एक परिवार के रूप में कार्य करती है। अपने घर का संचालन करने के साथ साथ फील्ड के दौरान बच्चों को सीखने का कार्य भी करती है। उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर एक आदमी बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी वर्गो के लिए योजना बनाई है, जिससे सभी को लाभ मिल सके।बेटी पढाओं बेटी बचाओं का उद्देश्य उसे आगे बढ़ाना और साथ ही उनका संरक्षण करना है। बेटी आगे बढ़ेगी तो समाज आगे बढ़ेगा। बेटी को सुरक्षित नही कर पाएंगे तो इस नारे का कोई अर्थ नही है। बेटो को संस्कारी बनाओं और बेटी को सम्मान दो।उत्कृष्ट कार्यो के लिए महिला स्व सहायता समूह हुए सम्मानित- गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने श्रीमती देवकी साहू पर्यवेक्षक छत्तीसगढ़ महिला को सक्षम योजना में बेहतर वसूली के प्रयास, श्रीमती रेखा लोनारे पर्यवेक्षक नोनी सुरक्षा योजना में सबसे अधिक हितग्राही लाभान्वित, श्रीमती इंदु मिश्रा पर्यवेक्षक सेक्टर में सबसे कम कुपोषण श्रीमती शशि रैदास पर्यवेक्षक शाला पूर्व शिक्षा के बेहतर संचालन, श्रीमती ममता साहू पर्यवेक्षक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सबसे अधिक हितग्राही लाभान्वित, श्रीमती कंचन गौतम पर्यवेक्षक सुकन्या योजना में सबसे अधिक हितग्राही लाभान्वित, श्रीमती प्रमिला वर्मा पर्यवेक्षक समुदाय में योजना को बेहतर क्रियान्वयन, श्रीमती गीतांजलि भैसारे पर्यवेक्षक कुपोषण मुक्त करने में बेहतर प्रयास, श्रीमती तृप्ति शर्मा पर्यवेक्षक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का बेहतर ज्ञान, श्री गतेश्वर रावटे सहायक ग्रेड 2 कार्यालय में अधिकारी एवं सहकर्मी के साथ बेहतर समन्वय के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया।





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