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- रिटायरमेंट अब और भी रहेगा यादगार
- मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डाॅ. सिंह की पहल अब सेवानिवृत्त सेवकों के लिए साबित हुई वरदान- रिटायर्ड शासकीय सेवकों ने जताई खुशी, 44 अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हुआ सम्मान समारोहरायपुर । एक वक्त था, जब शासकीय सेवकों को रिटायरमेंट के वक्त पेंशन सहित अन्य सत्वों के लिए कई बार शासकीय कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह की रिटायरमेंट के वक्त में दिक्कतें नहीं होगी। प्रोजेक्ट वंदन के जरिए सारे सत्वों एवं पेंशन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की चिंता न हो। दरअसल, प्रोजेक्ट वंदन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल पर शुरू की गई है। विगत अप्रैल माह में 44 अधिकारी-कर्मचारी रिटायर हुए उन्हें सम्मान के साथ रिटायरमेंट की शुभकामनाओं के साथ ही शाॅल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया गया। जिनमें 7 अधिकारी-कर्मचारियों के सारे सत्वों का भुगतान किया गया तथा बाकियों का 10 दिन के भीतर सभी सत्व प्रदान किए जाएंगे।खमतराई के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक श्री अब्दुल याकुब खान ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट वंदन सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी पहल हैं। पहले रिटायरमेंट के वक्त कई बार पेंशन को लेकर बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था और कार्यालयांे का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट के माध्यम से विदाई समारोह के दिन जिले के कलेक्टर द्वारा पीपीओ एवं सत्वों का भुगतान 40 लाख रूपए तत्काल कर दिया गया। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ।अम्लीडीह के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता श्री नारायण लाल साहू ने कहा कि पहली बार सामूहिक विदाई समारोह देखा, जिसमें स्वयं जिले के कलेक्टर किसी शिक्षक या अन्य शासकीय कर्मचारी को श्रीफल, प्रशस्ती पत्र एवं पीपीओ देकर सम्मानित कर रहे हों मुझे पहली बार अपने सेवा काल में कलेक्टर द्वारा सम्मानित होने का अवसर मिला। यह मेरे लिए एक सुखद अनुभव रहा, “प्रोजेक्ट वंदन” सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए एक मिसाल साबित हो रहा है। पहले साथी कर्मचारी रिटायर होने पर कार्यालयों में भटकते थे, लेकिन उनका काम नहीं होता था। अब रिटायरमेंट के दिन मेरे सभी प्रकरण पहले ही समाप्त करके मुझे पीपीओ एवं सत्वों की भुगतान राशि 71 लाख रूपए प्राप्त हुई। इस पहल के लिए जिला प्रशासन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह का आभार व्यक्त करता हूँ।तिल्दा विकासखण्ड के शासकीय हाईस्कूल ग्राम बहेसर के लेक्चरर श्री मोतीराम साहू ने कहा कि प्रोजेक्ट वंदन के तहत मुझे कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा विदाई समारोह में श्रीफल, शॉल एवं प्रशस्ती पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभाग द्वारा मुझे तत्काल पीपीओ एवं सत्वों की भुगतान राशि 30 लाख 62 हजार रूपए से अधिक राशि दी गई। इस प्रोजेक्ट वंदन के लिए मैं जिला प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ। अब किसी कर्मचारी को अपने पेंशन संबंधित प्रकरणों के लिए किसी शासकीय कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, यह प्रोेजेक्ट वंदन एक अच्छी पहल है।अब जिले के किसी भी विभाग के सेवानिवृत्त होने वाले प्रत्येक शासकीय सेवक को आत्मीयता और सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। सेवानिवृत्ति को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया न मानकर, उनके जीवनभर के योगदान के उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।सेवानिवृत्ति के उपरांत अधिकारियों-कर्मचारियों के बहुमूल्य अनुभव और कौशल का लाभ समाज को मिलता रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेण्ड इनिंग की भी शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी अपनी इच्छा और दक्षता के अनुरूप शिक्षण, मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में स्वैच्छिक योगदान दे सकेंगे। - -जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-श्रीकांत वर्मा मार्ग,तालापारा,मगरपारा और हंसा विहार में जल भराव से मिलेगी से मुक्ति-कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर का बनेगा आधुनिक आरसीसी बॉक्स नालाबिलासपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव की पहल पर शहर के प्रमुख क्षेत्र में जल भराव की समस्या से निजात मिलने वाली है। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा बिलासपुर को एक बड़ी सौगात देते हुए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक 3×3 मीटर के आधुनिक आरसीसी बॉक्स नाले का निर्माण किया जाएगा। इस नाले की मांग बहुत पुरानी थी,जिसके बन जाने से शहर के एक प्रमुख क्षेत्र में बारिश के दिनों में होने वाली जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। नाला निर्माण के बाद शहर के श्रीकांत वर्मा मार्ग, तालापारा मगरपारा और हंसा विहार जहां हर साल जल भराव होता हैं,उससे राहत मिलेगी।छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री श्री अरुण साव के सतत प्रयासों और प्रभावी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप बिलासपुर शहर को जल निकासी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। लंबे समय से लंबित जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में राज्य शासन द्वारा नगर पालिक निगम बिलासपुर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अधोसंरचना मद अंतर्गत ₹5 करोड़ 55 लाख 87 हजार की राशि स्वीकृत की गई है।यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदान की गई है, जिनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उनके निर्देशन में नगरीय निकायों की आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा रही है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परियोजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा छत्तीसगढ़ वर्क्स डिपार्टमेंट मैनुअल एवं विभागीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जियोटैग्ड फोटोग्राफी को अनिवार्य किया गया है, जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति का सटीक आकलन किया जा सके।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कहा कि यह परियोजना बिलासपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में राज्य में शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह की योजनाओं से न केवल शहरों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।वर्जन“शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। बिलासपुर में आरसीसी बॉक्स नाला निर्माण जैसी परियोजनाएं नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्य गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।"
श्री अरुण सावउपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के भारसाधक मंत्री - -खाद्य सुरक्षा टीम ने रायपुर में 11 बेकरी फर्मों का किया निरीक्षण, 5 नमूने जांच हेतु भेजे-एक्सपायर्ड बर्गर बर्न एवं व्हाइट ब्रेड मौके पर नष्ट, 2 फर्मों को सुधार सूचना पत्र जारीरायपुर । लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने हेतु ‘सही दवा, शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार’ थीम पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।अभियान के छठवें दिन खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा रायपुर शहर में केक एवं बेकरी उत्पाद विक्रेता 11 फर्मों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुल 5 नमूने संग्रहित कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए।जांच में पाई गई कमियों के आधार पर 2 फर्मों को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। एक फर्म में अवसान तिथि समाप्त होने के बाद भी विक्रय हेतु रखे गए बर्गर बर्न 200 ग्राम के 4 पैकेट एवं व्हाइट ब्रेड 800 ग्राम के 2 पैकेट पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कराया गया। सभी फर्म संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का ही विक्रय करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। खाद्य प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ सुरक्षा कवच साबित हो रही है।अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कठिया में ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत हाई स्कूल प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर ने ग्राम कठिया निवासी श्रीमती विद्या बाई माहिलांग के लिए राहत की नई किरण जगाई।श्रीमती विद्या बाई ने शिविर में आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु आवेदन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया। हितग्राही श्रीमती विद्या बाई ने कहा कि अब बीमार होने पर मुझे इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी। सरकार के इस आयुष्मान कार्ड से मेरा इलाज निःशुल्क हो सकेगा। यह योजना हम जैसे गरीबों के लिए वरदान है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद देती हूँ।प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस एवं निःशुल्क इलाज। परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं। सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज। कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी सहित अनेक गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल।आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: PMJAY पोर्टल या 'Ayushman App' के माध्यम से। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अटल सेवा केंद्र या पैनलबद्ध सरकारी अस्पताल में जाकर। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर। यह कार्ड पूरी तरह से निःशुल्क बनाया जाता है।‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत लग रहे समाधान शिविरों के माध्यम से राज्य शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल रही है।
- - महाराष्ट्र मंडल के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर छह जून को शिवाजी राज्याभिषेक दिवस पर होगा मंचनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में इन दिनों अभिषेक बक्षी निर्देशित व अभिनीत हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ की जोरशोर से रिहर्सल जारी है। लगभग दो दर्जन कलाकारों वाले नाटक को लेकर सभी रंगसाधक अब रंगमंच पर ही रिहर्सल कर रहे हैं। यह नाटक छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस पर 6 जून को महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर मंचित किया जाएगा। इसी दिन मंडल भवन के लॉन एरिया में शिवाजी महाराज की सिंहासन पर बैठी भव्य प्रतिमा भी प्रतिष्ठित की जाएगी।नाटक के लेखक, निर्देशक और छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका साकार कर रहे अभिषेक बक्षी ने बताया कि नाटक के करीब सभी पात्र फाइनल हो गए हैं और उनकी संवाद अदायगी व भाव भंगिमाओं पर लगातार कार्य जारी है। इसके लिए ‘शिव शौर्य’ के कलाकार अपने- अपने डायलॉग यादकर शाम को रिहर्सल में घंटों पसीना बहा रहे हैं। करीब पखवाड़े भर से नाटक को लेकर वाचन और बैठकर रिहर्सल करने के बाद अब हम रंगमंच पर भरपूर एक्शन के साथ इसकी रिहर्सल कर रहे हैं।बाजी प्रभु देशपांडे की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ रंगसाधक चेतन गोविंद दंडवते, सईबाई के रोल में कीर्ति हिशीकर, भारती पलोसदकर जीजा भाई के रूप में और अफजल खान की खूंखार भूमिका में शशि वरवंडकर के साथ आवश्यकतानुसार दोपहर को भी महाराष्ट्र मंडल में प्रैक्टिस की जा रही है। अभिषेक ने बताया कि नाटक में बीसियों छोटी- छोटी भूमिकाएं हैं, जिनके लिए हमारे सहायक कलाकारों का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। उन्हें रंगप्रेमी दर्शक बार-बार मंच पर विभिन्न भूमिकाओं को साकार करते देख सकेंगे।शिव शौर्य की विभिन्न भूमिकाओं में योगेश दंडवते, श्वेता निगम, अभय भागवतकर, पराग दलाल, गणेशा जाधव पाटिल, यशस्वी दंडवते, प्रार्थना दंडवते, अनुष्का टेंबे, श्याम सुंदर खंगन, अतुल गद्रे, पवन ओगले, रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक रंगमंचीय कलाकार नजर आएंगे। बैकस्टेज नरेशन भारी भरकम आवाज वाले दीपक हटवार करेंगे। मंच पर नेपश्य में अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर और परितोष डोनगांवकर की भूमिकाएं अहम होंगी।
- बिलासपुर / जिले में यूनिसेफ एवं छत्तीसगढ़ एग्रिकोन समिति के सहयोग से मनोबल स्वयं सेवकों के लिए दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवोदय के ब्लॉक स्तरीय क्लब स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों की क्षमता वृद्धि करते हुए उन्हें समुदाय स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार करना था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा और बिल्हा ब्लॉक के स्वयं सेवकों के लिए आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को जीवन कौशल (लाइफ स्किल्स), ‘सर्कल ऑफ केयर’ की अवधारणा, सामुदायिक समन्वय की रणनीतियों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग एवं हकदर्शक जैसे प्रमुख हितधारकों की भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए यह भी बताया गया कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सुदृढ़ एवं प्रभावी रेफरल तंत्र का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। प्रशिक्षण में व्यावहारिक उदाहरणों एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी अवगत कराया गया।दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस में कोटा ब्लॉक तथा द्वितीय दिवस में बिल्हा ब्लॉक के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विभिन्न विषयों पर समूह चर्चा के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर जिला मुख्यालय में 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, क्योंकि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने परिसर में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री, कार्य की प्रगति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नालंदा परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, समृद्ध अध्ययन सामग्री एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे युवाओं को एक समग्र और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाते हुए परिसर को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।उन्होंने निरीक्षण के दौरान परिसर में प्रस्तावित अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और कहा कि नालंदा परिसर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत युवाओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अवसर का एक सशक्त केंद्र बनेगा तथा उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और असम में आगामी सरकार गठन को लेकर दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा की ऐतिहासिक और क्रांतिकारी जीत सुनिश्चित है, वहीं असम की जनता लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार चुनकर विकास की निरंतरता पर मुहर लगाएगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब तुष्टीकरण और अराजकता की राजनीति से त्रस्त हो चुकी है। बंगाल की माटी अब परिवर्तन मांग रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकासवादी नीतियों के प्रति वहाँ की जनता का अटूट विश्वास इस चुनाव में एक क्रांतिकारी परिणाम लेकर आएगा। प.बंगाल में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनना तय है। श्री देव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भयमुक्त वातावरण और सुशासन की स्थापना के लिए जनता ने भाजपा को विकल्प के रूप में चुन लिया है। यह जीत केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक पुनर्स्थापना की जीत होगी।भाजपा प्रदेश ऐ श्री देव ने असम में भाजपा की जीत की हैट्रिक का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा के कुशल नेतृत्व और केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट' पॉलिसी के कारण असम आज उत्तर-पूर्व के विकास का इंजन बन चुका है। वहाँ की जनता शांति और प्रगति के पक्ष में तीसरी बार भाजपा को सत्ता सौंपने जा रही है। श्री देव ने कहा कि बंगाल-असम के परिणाम आगामी राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे। बंगाल और असम की जनता भी 'डबल इंजन सरकार' चुनकर विकास के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने प्रदेश के उन सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का आभार जताया, जिन्होंने असम के साथ-साथ नितांत प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने पुरुषार्थ से प. बंगाल में भाजपा की शानदार जीत सुनिश्चित करने के लिए अनथक परिश्रम किया
- -पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर, असम में भी फिर से बनेगी भाजपा की सरकार : मुख्यमंत्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत का भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का दावा किया है। श्री साय ने कहा कि पार्टी कल आने वाले परिणाम को लेकर बेहद आशान्वित है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, 'कल चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव के परिणाम आने हैं और हम लोग बहुत आशावान हैं। दो राज्यों- पश्चिम बंगाल और असम में निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट बहुमत की सरकार बना रही है।' अन्य राज्यों में भी एनडीए की मजबूत स्थिति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने गठबंधन की सफलता का दावा कर कहा कि उन्होंने (मुख्यमंत्री श्री साय ने) स्वयं केरल का दौरा किया और वहां के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों का विश्वास बढ़ा है, जिसका लाभ एनडीए को मिलेगा। श्री साय ने उन सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया जो छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए गए थे।बंगाल में 'परिवर्तन की लहर'पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर चर्चा करते हुए श्री साय ने कहा कि वहाँ की जनता वर्तमान ममता बनर्जी सरकार और टीएमसी के कामकाज से असंतुष्ट है। बंगाल में इस बार 'परिवर्तन की लहर' चल रही है और जनता का जनसैलाब भाजपा के पक्ष में उमड़ रहा है।
- -योजनाओं से मिले लाभ एवं उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में बताया, मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित कियाअंबिकापुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जब सिलमा गांव में जनचौपाल में ग्रामीणों से संवाद कर रहे थे। तब विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा करते हुए, उनका आभार व्यक्त किया। हितग्राहियों ने योजनाओं से मिले लाभ एवं उनके जीवन में आए बदलाव की कहानी सभी के समक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया।लखपति दीदियों ने साझा किए अनुभव-जनचौपाल में लखपति दीदी महिमा एक्का ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वे बिहान स्वसहायता समूह से 2019 से जुड़ी हुई हूँ। मैंने समूह से 60 हजार का लोन लिया था, जिससे मैंने गांव में ही एक छोटा फूडकोर्ट शुरू किया, आज उस फूडकोर्ट के जरिए मैं अच्छी इनकम कर रही हूं। मेरी सालाना आय 2 से 2.5 लाख रुपए है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। वहीं लखपति दीदी संगीता तिर्की ने मुख्यमंत्री को बताया कि मैंने लोन ले के पोल्ट्री फार्म खोला है, 2 लाख रुपए तक वार्षिक आय हो जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इसी तरह मेहनत करें आगे बढ़ें और करोड़पति बनें। अर्चना तिग्गा ने बताया कि उनके पास खेती के लिए भूमि थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नही थी। समूह से जुड़कर मैंने लोन लिया और सीजनल खेती करना शुरू किया। अभी एक एकड़ में मैंने खीरा लगाया है, जिससे अच्छी आमदनी हो रही है।महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग आत्मनिर्भर हुई महिलाओं ने बताई अपनी कहानी-मुख्यमंत्री श्री साय के चौपाल में महतारी वंदन से मिल रही सहायता पर ग्राम कुनकुरीकला की श्रीमती सनिता पैंकरा ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिली राशि का उपयोग बच्चों को पढाने में लगाती हूं। साथ ही घर का राशन और साग-सब्जी के लिए भी मैं पैसों का उपयोग करती हूँ। पहले मुझे छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अपने पति से पैसे मांगने पड़ते थे, लेकिन अब महतारी वंदन योजना के कारण मुझे किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। मैं अपनी मर्जी से इन पैसों का उपयोग कर सकती हूँ। इसके लिए मुख्यमंत्री को मैं हृदय से धन्यवाद देती हूं।वहीं हितग्राही सुनीता तिग्गा ने कहा कि मुझे महतारी वंदन योजना की राशि नियमित रूप से मिलती है। इन पैसों को इकट्ठा करके मैंने एक छोटी सी किराने की दुकान खोली है। पहले मैं बहुत परेशान थी, लेकिन अब दुकान की बचत से अपने घर-परिवार का खर्च चलाती हूं। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।प्रधानमंत्री आवास योजना राजेश और उनके परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई-प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही राजेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका कच्चा घर था। बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था, बरसात में सबसे ज्यादा समस्या होती थी। प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ और 2025 में पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। अब मैं पूरे परिवार के साथ खुशी-खुशी रहता हूं, आवास योजना हमारे लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। मुख्यमंत्री ने राजेश से अन्य योजनाओं से मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी ली।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि से सुरेश प्रसाद को खेती किसानी में मिली सहायता-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राही सुरेश प्रसाद ने बताया कि योजना के तहत उन्हें सालाना 6 हजार रुपए मिल रहा है। अब उन्हें खेती कार्य के दौरान छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में परेशानी का सामना करना नहीं पड़ता है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिली राशि के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
- मुंगेली-जिला मुख्यालय अंतर्गत ग्राम जमकोर में जनगणना कार्य के दौरान एक युवक द्वारा शासकीय कर्मचारियों से दुर्व्यवहार और धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया एवं जेल भेजने की कार्यवाही की गयी।मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज ने बताया कि 02 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी ग्राम जमकोर में सर्वे हेतु पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय निवासी आरोपी रंजीत कुमार चेलकर के घर जनगणना हेतु पहुंचने पर आरोपी ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की बात कहते हुए कर्मचारियों को अपशब्द कहे और डराने-धमकाने लगा। स्थिति को गंभीर होते देख मौके पर ग्राम प्रमुख और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने पर भी आरोपी शांत नहीं हुआ और उत्तेजित व्यवहार करता रहा। संभावित अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांति भंग की आशंका में मामला दर्ज किया गया है, साथ ही धारा 126(बी) और 135(3) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। file photo
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है।इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की श्रीमती पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच श्रीमती खुशबू सिंह एवं सचिव श्रीमती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई दिशा तय करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाओं की यह भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।
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महासमुंद। महासमुंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल शिशुपाल पर्वत से एक हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहाँ सांकरा थाना क्षेत्र के दो युवक-युवती ने पर्वत से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पिथौरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम बारीकपाली के दो परिवारों में उस वक्त मातम छा गया, जब घर से निकले युवक और युवती के शिशुपाल पर्वत से कूदने की खबर मिली। युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि दोनों कल दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच अपने घर से निकले थे। शिशुपाल पर्वत पहुँचने के बाद उन्होंने फोन पर अपने परिजनों को इस आत्मघाती कदम की सूचना दी। बदहवास परिजन जब शाम 6 बजे मौके पर पहुँचे, तो उन्हें पर्वत के नीचे केवल उनकी मोटरसाइकिल खड़ी मिली।परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से कल देर रात 12 बजे तक ऊबड़-खाबड़ रास्तों और झाड़ियों में दोनों की तलाश की, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। आज सुबह घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँच चुकी है। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इन दोनों ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया - भिलाईनगर । भिलाई नगर क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मचारी से 45.18 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद भिलाई नगर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आमदी नगर, हुडको निवासी 61 वर्षीय जयंत बागची ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को फेसबुक देखते समय उन्हें निवेश संबंधी बातें दिखाई गईं। इन बातों से प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए लिंक पर रजिस्ट्रेशन कराया। प्रार्थी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर पंजीयन शुल्क के रूप में 18,998 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद कथित अकाउंट मैनेजरों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर लगातार रकम जमा करानी शुरू कर दी।आरोपियों ने खुद को अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग नेटवर्क से जुड़ा बताया। इसी भरोसे में जयंत बागची ने अलग-अलग तारीखों में कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपये निवेश कर दिए। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने ट्रेडिंग खाते में भारी लाभ दिखाया और करीब 2.70 लाख अमेरिकी डॉलर की निकासी का विकल्प बताया। लेकिन जब प्रार्थी ने रकम वापस मांगी तो क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन और टैक्स के नाम पर पहले 34 लाख रुपये, बाद में 12 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया। लगातार अतिरिक्त रकम की मांग और संदिग्ध गतिविधियों के बाद प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी।प्रार्थी जयंत बागची की रिपोर्ट पर भिलाई नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 0217/26 दर्ज किया है। पुलिस ने मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के धारकों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खाते, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि ठगी में शामिल नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
- कोण्डागांव । जिले की पारंपरिक शिल्पकला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राजस्थान की प्रतिष्ठित संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट्स एंड डिजाइन (IICD), जयपुर के विशेषज्ञों ने कोण्डागांव के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर यहां के शिल्पकारों के कौशल को नजदीक से समझा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप ढालना तथा शिल्पकारों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ गांव-गांव पहुंचकर शिल्पकारों से सीधे संवाद करते हुए उनके कार्यों का अवलोकन कर सराहना की।ग्राम करनपुर में ढोकरा शिल्प की जटिल निर्माण प्रक्रिया ने विशेषज्ञों को विशेष रूप से प्रभावित किया। वहीं ग्राम छोटेराजपुर एवं कुसमा में रॉट आयरन शिल्पकला को बारीकी से समझते हुए संबंधित समूहों से चर्चा की गई और बाजार से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।इस दौरान राज्य कार्यालय से सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनोज मिश्रा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोण्डागांव श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री कुंजलाल सिन्हा ने शिल्पकारों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित किया।विशेषज्ञों ने माना कि कोण्डागांव के शिल्पकारों में अद्भुत कौशल और सृजनात्मकता है। उन्होंने कहा कि यदि इन उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर फिनिशिंग और प्रभावी ब्रांडिंग का सहयोग मिले, तो इनके मूल्य में कई गुना वृद्धि संभव है। साथ ही उन्होंने बाजार के नए रुझान, ग्राहकों की पसंद और आकर्षक पैकेजिंग के महत्व के प्रति शिल्पकारों को जागरूक किया।इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईआईसीडी जयपुर ने बस्तर के शिल्पकारों को जयपुर आमंत्रित किया है, जहां उन्हें विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से ई-कॉमर्स, डिजाइन नवाचार और आधुनिक विपणन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। संस्था का उद्देश्य शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन मानकों में दक्ष बनाकर उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।ऐसे बदलेगी शिल्पकारों की तकदीरइस पहल के अंतर्गत शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जयपुर में प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर से शिल्पकारों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ेगी और आय में वृद्धि होगी।मोर सुआद के व्यंजनों का लिया स्वादजयपुर से आए IICD के प्रतिनिधियों ने ‘मोर सुआद’ के तहत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। ‘मोर सुआद’ का संचालन कर रही लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके नवाचार की प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।
- -अस्पतालों व होटलों में की जा रही सघन जांचमुंगेली । जिले में नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री और औषधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान तेजी से जारी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में यह अभियान 11 मई तक संचालित किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा अभियान के अंतर्गत जिले में निजी अस्पतालों एवं उनसे जुड़ी फार्मेसियों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वैक्सीन स्टोरेज एवं कोल्ड चैन व्यवस्था का विशेष रूप से परीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश स्थानों पर वैक्सीन निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखी गई थीं। हालांकि, कुछ अस्पतालों में रेफ्रिजरेटर में पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में भी वैक्सीन सुरक्षित रह सके।इसी तरह खाद्य शाखा द्वारा शहर के प्रमुख होटल एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों में भी सघन निरीक्षण किया गया। कुल 08 प्रतिष्ठानों की जांच में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर किचन व बर्तनों की नियमित सफाई, कर्मचारियों को हेड कवर व एप्रन पहनने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कीट नियंत्रण के लिए इंसेट कैचर लाइट लगाने और डस्टबिन को ढंककर रखने की सलाह दी गई। जिन प्रतिष्ठानों के पास खाद्य पंजीयन नहीं पाया गया, उन्हें तत्काल पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीयन संचालन करने पर कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ एवं पंजीकृत होटल-रेस्टोरेंट में ही भोजन करें। भोजन की गुणवत्ता या स्वच्छता में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, वैक्सीन केवल पंजीकृत चिकित्सकों से ही लगवाने और चोट या पशु काटने की स्थिति में आवश्यक टीकाकरण अवश्य कराने की सलाह दी गई है।
- -छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना-भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवासरायपुर ।छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री श्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया।श्री कश्यप ने कहा कि सरोधा दादर का वातावरण इतना सुकून, शांतिपूर्ण और स्फूर्तिदायक है कि यहाँ एक दिन का प्रवास भी कम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यहाँ का मौसम और नैसर्गिक परिवेश मानसिक शांति, योग और ध्यान के लिए सर्वथा उपयुक्त है। पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सतत विकास के कारण छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को भी वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सानिध्य में पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली का एक अनूठा और जीवंत अनुभव प्राप्त होता है। प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे शीघ्र ही पुनः इस शांत और सुरम्य स्थल का भ्रमण करेंगे। यह प्रवास क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
- -घने जंगलों और पहाड़ों के बीच पहली बार चमके बिजली के बल्ब-ग्रामीणों ने कहा- यह किसी चमत्कार से कम नहींरायपुर । छत्तीसगढ़ के धोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाकों में शामिल सुकमा जिले के पुसगुड़ा गांव में आखिरकार विकास का नया सूरज उगा है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद गांव के 106 घरों में पहली बार बिजली का कनेक्शन पहुँचा है। कोंटा विकासखंड के अंतर्गत घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव के लिए यह महज एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है।साहस और संकल्प की जीतजिला मुख्यालय से लगभग 108 किलोमीटर दूर स्थित पुसगुड़ा तक पहुँचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। कच्चे रास्ते, ऊंची चढ़ाई और दलदली पगडंडियों के कारण यह क्षेत्र दशकों तक मुख्यधारा से कटा रहा। प्रशासन ने इस दुर्गम कार्य को श्मिशन मोडश् में हाथ में लिया और विभाग की टीम ने मानव श्रम व स्थानीय सहयोग से खंभे और तार जंगलों के पार पहुँचाए।कलेक्टर का वक्तव्यसुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पुसगुड़ा तक बिजली पहुँचाना प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनहित के संकल्प की परीक्षा थी। यह केवल उजाला नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य और गांव के आत्मविश्वास का नया सवेरा है। शासन की प्राथमिकता अंतिम छोर पर बसे हर गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुँचाना है।गांव की निवासी श्रीमती सुन्नम लक्ष्मी ने भावुक होते हुए कहा कि गांव में बिजली आना उनके लिए किसी चमत्कार जैसा है। अब गांव में टीवी, पंखा और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और बच्चों की पढ़ाई रात में भी सुगम हो सकेगी। वर्षों से लालटेन की मद्धम रोशनी पर निर्भर रहने वाला पुसगुड़ा अब आधुनिकता की ओर कदम बढ़ा रहा है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के कार्यपालन अभियंता श्री हिलोन ध्रुव ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जहाँ मशीनें नहीं पहुँच सकीं, वहाँ विभागीय टीम ने कड़ी मेहनत कर समयबद्ध तरीके से लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।छत्तीसगढ़ के सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई किरण देखने को मिल रही है। हाल ही में, बस्तर क्षेत्र के बेहद दुर्गम गांव पुसगुड़ा में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार बिजली पहुँचने से वहां की रातों का अंधेरा दूर हुआ है। गांव में बिजली पहुँचने पर मुंदराजू, सुन्नम रामे, तोड़म सच्चू और अन्य ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया।मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने “लखपति दीदी” श्रीमती सुमिला कोरवा और श्रीमती पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले। इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -सादगी और अपनापन: बच्चों के साथ खेलते दिखे मुख्यमंत्री श्री साय-सीएम का स्नेहिल अंदाज: बच्चों के साथ खेलकर बढ़ाया उत्साहरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी।बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके। मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।
- -भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्यों का किया अवलोकन, दिए आवश्यक दिशा-निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इसके पश्चात सभी ने भोरमदेव के निर्माणाधीन कॉरिडोर का निरीक्षण किया। जहां उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण रूप से समय सीमा में पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल रहे।
- -'एक पेड़ माँ के नाम' के तहत रोपा पौधा-सिकल सेल जांच और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने के निर्देशरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज धमतरी के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जल संरक्षण, "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान, कामकाजी महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता, नशा मुक्ति, जनमन कार्यक्रम और रेडक्रॉस गतिविधियों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधा भी रोपा।योजनाओं का प्रस्तुतीकरणकलेक्टर धमतरी श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जल जीवन मिशन, जल संरक्षण, कृषि में एआई के उपयोग, पर्यटन विकास और नवाचारों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने नशा मुक्ति अभियान के तहत की गई कार्रवाई और दर्ज प्रकरणों की जानकारी साझा की।जल संकट पर जताई चिंताराज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन धान अधिक पानी वाली फसल है। आने वाले वर्षों में जल संकट गंभीर हो सकता है, इसलिए अभी से पानी बचाने पर काम करना होगा। उन्होंने कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।पौधरोपण बने जन आंदोलनराज्यपाल ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं पौधरोपण कर नियमित देखभाल करने की अपील की, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में पहचान बनें। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खाली भूमि पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण के निर्देश दिए।महिला स्वास्थ्य पर विशेष निर्देशस्वास्थ्य के मुद्दे पर राज्यपाल ने सिकल सेल बीमारी और मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए मरीजों की जानकारी ली। उन्होंने 40 वर्ष से अधिक आयु की शासकीय एवं कामकाजी महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और महिलाओं को स्वयं भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने को कहा।कमार जनजाति के उत्थान पर चर्चाजनमन कार्यक्रम के तहत कमार जनजाति के जीवन स्तर में सुधार पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि उनकी पारंपरिक संस्कृति को बनाए रखते हुए उन्हें स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर जीवन सुविधाओं से जोड़ा जाए।एलोरा फसल और फूड प्रोसेसिंग की सराहनाराज्यपाल ने जिले में एलोवेरा फसल की खेती की सराहना करते हुए इसके व्यापक बाजार की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के सुझाव दिए। साथ ही रेडक्रॉस से जुड़कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।राज्यपाल ने अधिकारियों से समाज हित में स्वच्छता, जागरूकता या सहयोग से जुड़ा कम से कम एक सकारात्मक कार्य व्यक्तिगत स्तर पर करने की अपील की। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने राज्यपाल को स्मृति चिह्न भेंट किया।
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-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ
-वन्यजीव, पहाड़ और झरनों के बीच पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव-भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा से शुरू होगी 36 किमी की जंगल सफारीरायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री लोकचंद साहू, अध्यक्ष, संयुक्त वन प्रबंधन समिति थवरझोल श्री जग्गू सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा श्रीमती दुर्गा लांझे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन रायपुर श्री अरुण कुमार पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर श्री गुरूनाथन एन., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफारी के संचालन में वाहन चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। सफारी प्रारंभ होने से अब प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ आकर विभिन्न वन्यजीवों और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगे। सांसद श्री पाण्डेय ने भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ पर सभी जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से कबीरधाम को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोड़ना है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है। सफारी मार्ग को इस प्रकार विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाड़ियों, नदियों और घास के मैदानों के बीच प्रकृति को उसके वास्तविक स्वरूप में अनुभव कर सकें।भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।सफारी के दौरान पर्यटकों को विभिन्न इन आकर्षक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगाटेडगा सालेह ग्रास लैंड – जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं।जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड – संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग।बर खोल्हा व्यू प्वाइंट – चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव।बकोदा ग्रासलैंड – साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं।दूरदूरी झरना – जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है।भाई-बहन कोरा – स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल।बाज़ार डोंगरी – सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है।कारियाआमा – प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। - बच्चों के साथ खेला क्रिकेट, ग्रामीण बच्चों से किया संवादबच्चों को क्रिकेट किट उपलब्ध कराने के दिए निर्देशजशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल मैदान पहुंचे। मुख्यमंत्री जब विद्यालय परिसर पहुंचे, तब उन्होंने स्कूल के मैदान में बच्चों को क्रिकेट खेलते देखा। बच्चों का उत्साह देखकर वे स्वयं रुक गए और उनके साथ मैदान में उतरकर क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत करते हुए पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और खेलकूद के प्रति उनकी रुचि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों और स्कूली बच्चों से सीधे संवाद किया। बच्चों में खेल के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के बच्चों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी बेहतर खेल सुविधाओं से जुड़ सकें और अपने कौशल का विकास कर सकें। इस दौरान उनका सहज और आत्मीय व्यवहार देखने को मिला, जिसने स्थानीय लोगों का मन जीत लिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी चर्चा की और उनके अनुभव एवं खेल से जुड़े पहलुओं को जाना। बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और खेल गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, विकास कार्यों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने गांव के समग्र विकास के लिए प्रशासन को आवश्यक पहल करने के संकेत दिए। मुख्यमंत्री का यह औचक निरीक्षण न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज क्षणों ने ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल भी बनाया।
- नन्हीं मानविका के सपनों को मिला मुख्यमंत्री का स्नेहिल स्पर्शभैंसामुड़ा में आत्मीय मुलाकात ने जीता सबका दिल“डॉक्टर बनना है” सुनकर मुस्कुराए मुख्यमंत्री, बढ़ाया हौसलारायपुर /सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है। मुख्यमंत्री श्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - "मुझे डॉक्टर बनना है", तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है।यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।



























