- Home
- छत्तीसगढ़
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत दुर्ग जिले के अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जन जाति के छात्र-छात्राओं जो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो, छ.ग. राज्य में मान्य अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग का हो इस हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक हो। छत्तीसगढ़ में संचालित किसी मान्यता प्राप्त शाला से कक्षा 5वीं नियमित अध्ययनरत हो तथा कक्षा 4थी की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया हो। पालक की आय समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय रुपये 2.50 लाख से अधिक न हो। निर्धारित प्रपत्र में पालक का स्वघोषणा पत्र होना चाहिये। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालय में ही अध्ययनरत विद्यार्थी इस योजना अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे। उन्हंे जिला स्तरीय उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थाओ में शासकीय व्यय पर अध्ययन उपलब्ध कराया जायेगा। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनके रहने, खाने एवं सामान्य चिकित्सा का व्यय भी शासन द्वारा वहन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन द्वारा देय छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति की पात्रता नही होगी। योजना अंतर्गत उत्कृष्ट शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अंतिम बोर्ड (12वीं) परीक्षा तक ही निर्धारित लाभ की पात्रता होगी। असफल होने की स्थिति में अगले सत्र से योजना का लाभ स्वयमेव समाप्त हो जाएगा।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन पत्र पूर्ण कर अध्ययनरत संस्था में 20 जून 2026 तक जमा करें। उक्त आवेदन पत्र शाला प्रमुख द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच कर 22 जून 2026 तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेंगे। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी 24 जून 2026 तक समस्त आवेदनों की सूची तैयार कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कार्यालय दुर्ग में कार्यालयीन समय तक जमा करेंगे। परीक्षा 05 जुलाई 2026 दिन रविवार को समय दोपहर 12.00 से 2.00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
- 0- 25 गांवों में जमीन खरीदी बिक्री प्रतिबंधितदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विगत 03 जून 2026 को जारी आदेश के माध्यम से दुर्ग जिले में प्रस्तावित ईस्ट एण्ड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर परियोजना के निर्माण हेतु तहसील दुर्ग एवं पाटन के ग्रामांे के निजी भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी-बिक्री आदि को प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा और परियोजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किये जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आदेश में संशोधित करते हुुए उक्त आदेश की कंडिका-4 में उल्लेखित ग्रामों के स्थान पर दुर्ग तहसील अंतर्गत ग्राम बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई, डुमरडीह, पाटन तहसील अंतर्गत ग्राम परेवाडीह, पहंडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह, बटंग एवं भिलाई-3 तहसील अंतर्गत सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा, उरला कुल 25 ग्राम शामिल किया है। आदेश की शेष शर्ते यथावत् रहेगी।
- 0- फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को मिला बढ़ावारायपुर. ग्राम पंचायत टेमरी में स्थापित 9 केएलडी क्षमता का फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। पंचायत द्वारा इस इकाई का संचालन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।राज्य कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत को डी-स्लज वाहन उपलब्ध कराया गया है। इस वाहन के माध्यम से आसपास के लगभग 15 से 20 ग्रामों एवं ग्राम पंचायतों के सेप्टिक टैंकों से स्लज को सुरक्षित रूप से एकत्रित कर एफएसटीपी में वैज्ञानिक विधि से उपचारित किया जा रहा है।इस पहल से सेप्टिक टैंकों की नियमित एवं सुरक्षित सफाई सुनिश्चित हुई है। साथ ही खुले में गंदगी फैलने तथा जल स्रोतों के प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। पर्यावरण अनुकूल उपचार प्रणाली के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में भी कमी आई है।ग्राम पंचायत द्वारा इस व्यवस्था के संबंध में लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण इस सेवा का लाभ लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
- दुर्ग. पीएम राहत भारत सरकार की एक कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना है। प्रायः देखा गया है कि दुर्घटना पीड़ितांे का सही समय पर इलाज नही मिलने के कारण मृत्यु हो जाती है जिसे गोल्डन हावर कहा जाता है, यह योजना समाज के सभी वर्गाे के लिए है। जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना में पीड़ित की मृत्यु केवल पैसों की कमी या समय पर इलाज न मिलने के कारण न हो, पीएम राहत योजना सड़क दुर्घटनाओं के घायल के लिए भारत सरकार की एक कैशलेस आपातकालीन उपचार की योजना है। दुर्घटना के पहले 7 दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकार के सहयोग से मेडिकल ट्रीटमेंट किसी भी पंजीकृत अस्पताल में कराया जा सकता है। दुर्घटना के 7 दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा आज अस्पताल से प्राप्त 09 प्रकरण का सफलता पूर्वक भुगतान किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, डीएचओ डॉ. संजीव ग्लेड अनूज कुमार रवि, आरटीओ से सनत बंजारे, लोकेश पाटिल एनआइसी से विपिन देवांगन एव अरूण सोनी उपस्थित थे।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में एमपीडब्ल्यू मेल श्री कमलेश मल्होत्रा ने आंगनबाड़ी केंद्र अभनपुर, स्थल सहायक श्री मुकेश कुमार यादव ने आंगनबाड़ी केंद्र मोवा, अमीन श्री बसंत सिंह राजपूत ने आंगनबाड़ी केंद्र तिल्दा नेवरा एवं स्थल सहायक सुश्री के. ज्योति ने आंगनबाड़ी केंद्र पंडरी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- ईसीसीई गतिविधियों और नवाचारों से बढ़ी बच्चों की उपस्थिति एवं पालकों का विश्वासरायपुर. विकासखंड आरंग के आंगनबाड़ी केंद्रों में निरंतर नवाचार और प्रभावी गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल सेवा प्रदाय केंद्र न रहकर बच्चों के समग्र विकास के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित हो रहे हैं। केंद्रों में ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) गतिविधियों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिससे बच्चों के सीखने का वातावरण रोचक और प्रभावी बना है। खेल-खेल में सीखने की पद्धति से बच्चों का सामाजिक एवं मानसिक विकास भी सुनिश्चित हो रहा है।बच्चों के पोषण, स्वास्थय और देखभाल संबंधी जानकारी देने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को सुपोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही बच्चों के अंकन कार्ड (प्रोग्रेस रिपोर्ट) नियमित रूप से पालकों के साथ साझा किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बच्चों की प्रगति और पोषण स्तर की जानकारी मिल रही है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता विकास हेतु सतत प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है। केंद्र स्तर पर टीएलएम (शैक्षणिक सामग्री) का निर्माण और उपयोग बढ़ने से बच्चों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनी है। केंद्रों में नियमित रूप से जन्मोत्सव एवं स्थानीय त्योहारों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों को अपनापन, आनंद और अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।प्रत्येक शनिवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है तथा पालकों का केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ी है।
- 0- तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह के नेतृत्व में ‘प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बेलपान’ अभियान को मिली नई ऊर्जाबिलासपुर. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड तखतपुर के ऐतिहासिक ग्राम बेलपान में "प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बेलपान" थीम पर भव्य जनजागरूकता एवं संकल्प अभियान का आयोजन किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों, स्वच्छता दीदियों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वानकार्यक्रम के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, हरियाली और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर ही सतत विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग त्यागने तथा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जनपद पंचायत तखतपुर अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, नर्मदा उत्थान समिति बेलपान के सदस्य एवं वरिष्ठ नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।सामूहिक शपथ के साथ हुआ अभियान का शुभारंभकार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। स्कूली विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वच्छता दीदियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उपस्थित जनसमुदाय ने स्वच्छ और हरित ग्राम निर्माण के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।श्रमदान और स्वच्छता अभियान में दिखी जनभागीदारीविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम बेलपान में व्यापक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिसरों, गलियों तथा तालाबों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा एकत्रित किया गया। ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर स्वच्छ वातावरण निर्माण में योगदान दिया। इस अभियान ने सामुदायिक सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।डस्टबिन वितरण से कचरा पृथक्करण को मिलेगा बढ़ावास्वच्छता एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण संबंधी संदेशों के साथ टिकाऊ टीन के डस्टबिन वितरित किए गए। लोगों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा घर स्तर पर कचरा प्रबंधन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सीड बॉल रोपण और पौध वितरण से हरियाली का संदेशपर्यावरण संरक्षण की हरित पहल के अंतर्गत सीड बॉल रोपण किया गया तथा विद्यार्थियों को पौधे वितरित किए गए। बच्चों और युवाओं को प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर बनाई गई पर्यावरण दिवस की आकर्षक कलाकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही और उसने पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया।महिला समूहों और सामाजिक संगठनों का हुआ सम्मानपर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महिला स्व-सहायता समूहों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को नई दिशा और गति मिल रही है।माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की दी गई जानकारीस्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी नियमों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि कचरे का स्रोत स्तर पर ही गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष श्रेणी में पृथक्करण आवश्यक है। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कंपोस्टिंग इकाइयों, बायोगैस संयंत्रों एवं मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।स्वच्छता नियमों के पालन और जनसहभागिता पर दिया गया बलग्राम सभा में खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए स्वच्छता नियमों के पालन की आवश्यकता बताई गई। पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।स्वच्छता रैली के साथ लिया हरित भविष्य का संकल्पकार्यक्रम के समापन पर स्वच्छता दीदियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों द्वारा स्वच्छता रैली निकाली गई। सभी उपस्थित नागरिकों ने विश्व पर्यावरण दिवस के संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने तथा स्वच्छ, सुंदर, हरित और प्लास्टिक मुक्त बिलासपुर के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
- 0- त्रिनेत्र बनेगा बिलासपुर का सुरक्षा प्रहरी0- अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और महिला सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती0- शहर में लगेंगे 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे0- कलेक्टर, एसएसपी और त्रिनेत्र समिति ने प्रेस वार्ता में दी जानकारीबिलासपुर. शहर की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनसहयोग आधारित महत्वाकांक्षी ‘त्रिनेत्र’ योजना बहुत जल्द शुरू होगी। इस योजना के माध्यम से बिलासपुर को अपराधमुक्त, सुरक्षित और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। तारबहार स्थित एकीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे,त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रामावतार अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने योजना की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि त्रिनेत्र योजना प्रशासन, पुलिस, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों की साझेदारी से संचालित एक जनहितैषी पहल है। इसका उद्देश्य शहर में अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की शीघ्र पहचान, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से शहर की निगरानी व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। योजना के अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं तथा संवेदनशील क्षेत्रों में 1000 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इनमें एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे, हाई-रिजोल्यूशन बुलेट कैमरे, पीटीजेड कैमरे तथा लंबी दूरी तक निगरानी करने वाले विशेष फोकस कैमरे शामिल होंगे।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि यह परियोजना पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाएगी। कैमरों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी, अपराधों की जांच में तेजी आएगी तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित निगरानी से साइबर अपराध, चोरी, लूट, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं की रोकथाम में भी सहायता मिलेगी।प्रेस वार्ता में बताया गया कि योजना के संचालन के लिए एक आधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम विकसित किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक वीडियो वॉल डिस्प्ले और नवीन सर्वर प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसमें एक साथ हजारों कैमरों की निगरानी और डेटा प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध होगी। यह कंट्रोल सेंटर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का केंद्रीय तंत्र बनेगा।त्रिनेत्र सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रामावतार अग्रवाल ने कहा कि यह देश की उन चुनिंदा परियोजनाओं में शामिल होगी, जो बिना किसी सरकारी बजटीय प्रावधान के पूर्णतः जनसहयोग और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से साकार की जा रही हैं। उन्होंने शहर के उद्योगपतियों, व्यापारियों, संस्थाओं और नागरिकों से इस अभियान में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया। कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने बताया कि नागरिक और संस्थाएं सीएसआर अथवा स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से इस जनहितकारी योजना से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बिलासपुर को अपराध नियंत्रण, सुरक्षित यातायात, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस जनअभियान का हिस्सा बनकर “सुरक्षित, सजग और स्मार्ट बिलासपुर” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, चिंगराजपारा, बिलासपुर में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रवीश गुप्ता (राज्य मुख्यालय आयुक्त, स्काउट) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजेन्द्र कुमार साहू (जिला मुख्य आयुक्त) एवं श्री विजय कुमार टांडे (जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला आयुक्त, स्काउट) संस्था की प्राचार्य श्रीमती अल्का चौबे उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा उपस्थित विद्यार्थियों, स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अपने उद्बोधन में अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता जैसे कार्यों के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। सभी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।कार्यक्रम में श्रीमती बीना यादव (राज्य संयुक्त सचिव), श्री विजय कुमार यादव (सहायक राज्य आयुक्त), सुश्री लता यादव (जिला सचिव), डॉ. पूनम सिंह (जिला संगठन आयुक्त गाइड), श्रीमती माधुरी यादव (जिला प्रशिक्षण आयुक्त, गाइड), श्री संतोष कुमार त्रिपाठी (जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट), डॉ. प्रदीप कुमार निर्णेजक, श्री शत्रुघ्न सूर्यवंशी, श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती अपर्णा सारखेल, डॉ. शीला शर्मा, श्रीमती शोभा जायसवाल, सुश्री निधि कश्यप, सुश्री निशा साहू, शशांक विश्वकर्मा (जिला मीडिया प्रभारी), चंद्रशेखर पंकज (अध्यक्ष, जिला यूथ कमेटी) सहित जिले के स्काउटर-गाइडर, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारीगण उपस्थितh रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं अधिकाधिक वृक्षारोपण के संकल्प के साथ हुआ।
- 0- ग्राम गनियारी में स्थापित बायोगैस संयंत्र का कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने किया आकस्मिक निरीक्षणबिलासपुर। जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों, तकनीकी अमले तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संयंत्र की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और उपयोगिता का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोबर की उपलब्धता, गैस उत्पादन क्षमता, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और जैविक कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने संयंत्र के नियमित संचालन और अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसकी निरंतरता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।कलेक्टर ने स्थानीय गौठानों एवं पशुपालकों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की सतत उपलब्धता से ही संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा और ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिलेगा अधिकारियों ने ग्रामीणों को बायोगैस के उपयोग, उसके आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ ईंधन के रूप में बायोगैस अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि संयंत्र से प्राप्त गैस घरेलू ईंधन की आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ इससे निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी है। इसके उपयोग से खेती की लागत कम होगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी।अधिकारियों ने जैविक खाद के उपयोग और विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर हो सकें। कलेक्टर ने संयंत्र की पाइपलाइन, वाल्व, डाइजेस्टर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के अंत में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनपद पंचायत तखतपुर के अधिकारियों को संयंत्र की दैनिक प्रगति की निगरानी करने तथा नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की इस पर्यावरण हितैषी एवं जनकल्याणकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब संयंत्र पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा और उससे प्राप्त गैस एवं जैविक खाद का अधिकतम उपयोग ग्रामीणों द्वारा किया जाएगा। ग्राम गनियारी में किया गया यह निरीक्षण जिले में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- बालोद. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। यह राशि केंद्रीय और राज्यांश मद से एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से आबंटित की गई है, जिससे पात्र हितग्राहियों के घर समय पर और पारदर्शी तरीके से बन सकें। इसी क्रम में बालोद जिले में पीएम आवास योजनांतर्गत कुल 3077 लाभार्थियों के किश्तों की राशि कुल 9.53 करोड़ रुपए के अंतरण हेतु एसएनए स्पर्श माड्युल पर एफटीओ साईन किया गया है। यथाशीघ्र जिले के लाभार्थियों को किश्तों की राशि उनके खातो में डीबीटी के माध्यम से अंतरित होंगे, जिससे योजनांतर्गत स्वीकृत आवासों को यथाशीघ्र पूर्ण किया जा सकेगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में कुल स्वीकृत 54151 आवासों के विरूद्ध में 48275 (89.14ः) आवास पूर्णता के पश्चात् कुल 5876 आवास लंबित, निर्माणाधीन, प्रगतिरत आवासो को यथाशीघ्र शतप्रतिशत पूर्ण कराने हेतु लाभार्थियों से संपर्क कर समन्वय स्थापित करते हुए उन्हे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही पूर्ण आवासो के हितग्राहियों को जन-सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोकपीट का निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बताया कि वर्तमान में लाभार्थियों के किश्तो की राशि एसएनए स्पर्श माड्यूल के माध्यम से एफटीओ के तहत् प्रदान की जा रही है। जिले में कुल 3077 लाभार्थियों के किश्तों की राशि कुल 09.53 करोड़ रुपये के अंतरण हेतु एस.एन.ए. स्पर्श माड्युल पर एफ.टी.ओ. साईन करा लिया गया है तथा आवासों के भौतिक प्रगति अनुसार आगे भी सुगमता से किश्तो की राशि का अंतरण की जाएगी।
- 0- नैनो उर्वरक के इस्तेमाल से सोनसाय ने धान और चना की फसल में लिया बंपर उत्पादन0- कृषक उन्नति योजना और नैनो यूरिया-डीएपी के तालमेल से किसान सोनसाय की आर्थिक स्थिति हुई मजबूतबालोद. जिले के किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बना रहे हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम हसदा के प्रगतिशील किसान श्री सोनसाय साहू ने। उन्होंने नैनो उर्वरक को अपनाकर न सिर्फ अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि अपनी खेती को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में जब उन्होंने अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया, तो परिणाम बहुत ही बेहतर मिले। सोनसाय बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल से धान और चना फसल की सेहत सुधरी और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई। इसका असर खेतों में साफ दिखाई देता है।उन्होनंे जिले के किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को जरूर अपनाएं। सोनसाय ने बताया कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता दी है। कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतर मूल्य मिलने से सोनसाय को जबरदस्त आर्थिक लाभ हुआ। धान बेचकर मिले इसी मुनाफे की बदौलत आज वे अपने घर के निर्माण और परिवार में विवाह जैसे बड़े सामाजिक कार्यों को बिना किसी कर्ज या परेशानी के आसानी से संपन्न करा सके हैं। अपनी इस सफलता से प्रसन्नचित किसान श्री सोनसाय साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- भिलाई नगर। तालपुरी स्पोर्ट्स क्लब द्वारा आयोजित तीन सेटों के रोमांचक वॉलीबॉल मैच में पर्पल जर्सी में उतरी रॉयल बंगाल टाइगर्स टीम (आरबीटी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पीली जर्सी में दमखम दिखाने वाली वाइल्ड वाटर बफैलो टीम (डब्ल्यूडब्ल्यूबी) को पराजित कर जीत अपने नाम की। यह मैच छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने एवं बच्चों में खेल भावना और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया था। ऑर्किट ग्राउंड में खेला गया यह मैच खिलाड़ियों के उत्साह, खेल भावना और दर्शकों के जोश के बीच संपन्न हुआ।मैच के पहले सेट में आरबीटी ने 25 अंकों के साथ बढ़त बनाई, जबकि डबल्यूडबल्यूबी ने 22 अंक अर्जित किए।दूसरे सेट में भी आरबीटी ने 25 अंक बनाकर अपनी श्रेष्ठता कायम रखी, जबकि डबल्यूडबल्यूबी जोरदार टक्कर देते हुए 24 अंकों तक ही पहुंच सकी। लगातार दो सेट जीतकर आरबीटी ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। विजेता टीम आरबीटी के खिलाड़ी सूर्य, विनय (कप्तान), सूरज, मनीष, यश तथा महेश रहे। वहीं डबल्यूडबल्यूबी टीम में आर्य (कप्तान), जीत, रितेश, तनीष, अरमान और सुनील ने अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया और उनके उत्साहवर्धन के लिए संयोजक ओपी मिश्रा, रिसाली मंडल की मंत्री राजेश्वरी पशीने, एसोसिएशन के महासचिव आरके दत्ता, उपाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह, उप महासचिव एसएल साहू, पूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह सहित कॉलोनी के कई खेल प्रेमी मौजूद रहे।
- 0- राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने के दिए निर्देश0- संवेदनशीलतापूर्वक करें राजस्व प्रकरणों का समाधानराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के मद्देनजर राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने नक्शा, नामांकन, सीमांकन, विवादित नामांतरण, अविवादित नामांतरण, बटवारा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलतापूर्वक राजस्व प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम से अनुविभागवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण की गहन समीक्षा की।कलेक्टर ने कहा कि जिले में गिरदावरी का कार्य प्राथमिकता देते हुए करें। कृषि भूमि पर ली गई फसल खेती के रकबे एवं भूमि स्वामी का विवरण दर्ज करने के कार्य में गति लाएं। गिरदावरी का कार्य गुणवत्तापूर्वक होना चाहिए। उन्होंने राजस्व शिविर लगाकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने कहा। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करने कहा। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व शिविर लगाकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, खाता विभाजन के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण परिणाममूलक होना चाहिए और आम जनता को इससे लाभ मिलना चाहिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- अनियमितता पाए जाने पर कृषि केंद्र का विक्रय परिसर सीलराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में किसानों को सहकारी एवं निजी क्षेत्रों के माध्यम से आवश्यक मात्रा में उर्वरकों का सुगम, पारदर्शी एवं निर्धारित दर पर वितरण सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की अवैध जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम द्वारा राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत घुमका स्थित देवांगन कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेता के पास बिना अभिलेख एवं वैध दस्तावेजों के 39 बैग डीएपी, 24 बैग 20 : 20 : 0 :13 तथा 8 बैग 28 : 28 : 0 उर्वरक का भंडारण पाया गया, जो प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत हुआ।कृषि विभाग की टीम द्वारा जांच में पाया गया कि डीएपी उर्वरक निर्धारित भंडारण स्थल के बजाय अन्य स्थान पर रखा गया था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके अलावा उपस्थित किसानों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें डीएपी उर्वरक 2400 रूपए प्रति बैग तथा यूरिया 700 रूपए प्रति बैग की दर से विक्रय किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने संबंधी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा संबंधित विक्रेता के विक्रय परिसर को सील करने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक श्री अविनाश दुबे एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मिथलेश साहू शामिल रहे।इसी तरह कृषि विभाग की टीम द्वारा शिकायत मिलने पर श्री राम कृषि केंद्र अर्जुनी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेता द्वारा बिल न देना, पंजी का संधारण सही तरीके से ना होना, बिना पर्चा देखे खाद का विक्रय करना सहित अन्य अनियमित पाई गई। जिसके कारण 7 दिवसों के लिए जप्ती सुपुर्दगी की कार्रवाई करते हुए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया एवं नोटिस दिया गया। कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों के संरक्षण तथा उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- 0- जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को हर घर नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे कार्यों की दी गई जानकारी0- ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संरचनाओं के समुचित रखरखाव में सहयोग करने की अपील गईराजनांदगांव। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत टेड़ेसरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा ग्रामीणों से प्राप्त समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को हर घर नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता एवं जल संरक्षण के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई तथा ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संरचनाओं के समुचित रखरखाव में सहयोग करने की अपील की गई। शिविर में बताया गया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत एवं सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने का कार्य किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिविर में श्री संतोष अग्रवाल, डॉ. खिलेश्वर साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- 0-कवर्धा के पांच खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदकरायपुर। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडि़यों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा श्री विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडि़यों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने खिलाडि़यों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडि़यों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडि़यों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडि़यों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडि़यों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडि़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।
- 0- कवर्धा में परिवहन व्यवस्था को मिली नई गति, हाईटेक बस स्टैंड से बस का संचालन शुरूरायपुर। कवर्धा नगर वासियों को लंबे अर्से बाद मिली हाईटेक बस स्टैण्ड की सौगात। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर बस संचालन कार्य का शुभारंभ किया। हाईटेक बस स्टैण्ड प्रारंभ होने से 8 वर्षों का इंतजार खत्म हुआ और विकाद का नया अध्याय प्रारम्भ हो गया है। कवर्धा वासियों के साथ-साथ बस ऑपरेटरों ने बस संचालन का शुभारंभ होने से खुशी जताई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कवर्धा वासियों के साथ-साथ उपस्थित बस ऑपरेटरों, संचालकों, टैक्सी, ऑटो चालकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा आज के दिन को कवर्धा के लिए स्वर्णिम दिन बताया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि कवर्धा शहर के विस्तार का आज नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने बनाया है हम ही संवारेंगे का कथन आज चरितार्थ हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सोच कर निर्णय से इसको बनाने का निर्णय लिया और तैयार किया गया और आज से इसका संचालन प्रारंभ हो रहा है।उन्होंने कहा कि बस स्टैंड में सुगम आने जाने के लिए घोटिया रोड का निर्माण किया गया है। कवर्धा शहर के विस्तार के लिए यहां की जनता ने सहयोग किया और सड़क तैयार किया गया। आज उसी का परिणाम है कि नया बस स्टैंड प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि पुराने बस स्टैंड के खाली होने के बाद उस स्थान का भी बेहतर उपयोग किया जाएगा। महिलाओं की सुविधाओं अथवा अन्य जनोपयोगी कार्यों के लिए उसका उपयोग करने की दिशा में आगे योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नए बस स्टैंड परिसर में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे पुलिस जवान तैनात रहेंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश ने बताया कि 10 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त हाईटेक बस स्टैंड से प्रतिदिन बस का संचालन होने से कबीरधाम जिले के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया। बस स्टैंड तक पहुंचने वाले घोठिया-जुनवानी मार्ग के सकरे होने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। उप मुख्यमंत्री के सहयोग से मार्ग का चौड़ीकरण एवं निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई। अवैध कब्जों को हटाकर चमचमाती सड़क निर्मित होने से कवर्धावासियों को हाईटेक बस स्टैण्ड की सौगात मिल पाई है।कवर्धा शहर के पुराने बस स्टैण्ड से संचालन होने वाली बसें अब हाईटेक बस स्टैण्ड से होगा। जिसके लिए यातायात विभाग, परिवहन विभाग व नगर पालिका परिषद कवर्धा सहित बस संचालक, ऑपरेटर, ऑटो संचालक के साथ समन्वय बनाकर रूट तय किया गया है। हाईटेक बस स्टैंड स्थानांतरण को लेकर बस संचालकों, ऑटो संचालकों तथा पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर सभी आवश्यक बिंदुओं पर सहमति बनाई गई है। विशेष रूप से विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑटो संचालकों ने पहचान पत्र दिखाने वाले छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता देने तथा न्यूनतम किराये पर सेवा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही स्कूल कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं को सुबह 9 बजे पुराने बस स्टैण्ड तक छोड़ा जायेगा। इसी तरह रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव से रात्रि 8 बजे के बाद आने वाले यात्रियों को पुराने बस स्टैण्ड में उतारा जायेगा।बस स्टैंड परिसर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे एवं बस स्टैण्ड परिसर में ही पुलिस सहायता के लिए चौकी की भी स्थापना की गई है। परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ऑटो स्टैंड एवं पार्किंग स्थल चिन्हांकित किया गया है। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री सियाराम साहू एवं श्री मोतीराम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नागरिक, बस एवं ऑटो रिक्शा संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।--
- 0- सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है - श्री अरुण साव0- 'सन्डे ऑन सायकल' कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीबिलासपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित 'सन्डे ऑन सायकल' (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।श्री साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र अभिषेक खरे की उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने कवर्धा निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर के कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक का चयन इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) के लिए हुआ है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि अभिषेक की सफलता केवल उनके परिवार या विद्यालय की ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अभिषेक जैसे प्रतिभाशाली छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। श्री शर्मा ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों
- रायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग और नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा स्वच्छता और सी एंड डी वेस्ट से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देश पर जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आदिव्य हाजरी, स्वच्छता निरीक्षक सर्वश्री महेंन्द्र कलिहारी, अजय शर्मा, अभिषेक जायसवाल, नगर निवेश विभाग एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत मठपुरैना में बेकरी में स्वच्छता का औचक निरीक्षण किये जाने पर गन्दगी मिलने और जनशिकायत सही मिलने पर सम्बंधित बेकरी संचालक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना किया गया.वहीं जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर सीएंड डी वेस्ट मिलने पर सम्बंधित भवन स्वामियों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना किया गया. विभिन्न स्थानों पर दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने और कचरा फैलाने पर सम्बंधित दुकानदारों को तत्काल डस्टबिन रखने, स्वच्छता बनाये रखने के कड़े निर्देश नगर निगम जोन 6 द्वारा दिए गए और सम्बंधित दुकानदारों पर भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना किया गया. अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग और नगर निवेश विभाग द्वारा बेकरी में गन्दगी मिलने, विभिन्न स्थानों सी एंड डी वेस्ट मिलने और और विभिन्न दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने, कचरा फैलाये जाने पर सम्बंधितों को कड़ी चेतावनी देते हुए जोन 6 जोन कमिश्नर के निर्देश पर कुल 44200 रूपये जुर्माना वसूला गया.
- 0- राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य अनुसार सुनिश्चित करने के जिले के नगरीय निकायों को दिए निर्देश0- सीएम हेल्पलाइन की प्रारम्भिक तैयारियों सहित शासकीय योजनाओं की जानकारी लेकर दिए निर्देशरायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ के अपर संचालक एवं रायपुर जिला नगरीय निकाय प्रभारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने रायपुर जिला अंतर्गत रायपुर नगर निगम, बिरगांव नगर निगम सहित जिले के अन्य नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेकर नगरीय निकायों के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेकर गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए.अपर संचालक ने केन्द्र प्रवर्तित, राज्य प्रवर्तित योजनाओं, अधोसंरचना मद, 15वां वित्त आयोग मद, पी एम स्वनिधि, अमृत मिशन 0.2, प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी ली, रायपुर जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य अनुसार राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश समीक्षा बैठक में दिए गए और विकास कार्यों की धीमी गति पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए विकास कार्यों को सभी नगरीय निकायों में तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करवाने निर्देशित किया.अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ एवं रायपुर जिला नगरीय निकाय प्रभारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने सीएम हेल्पलाइन की प्रारम्भिक प्रशासनिक तैयारियों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक निर्देश दिए.अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य द्वारा की गयी समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख रूप से बिरगांव नगर निगम आयुक्त, नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, श्री विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा,स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही, कार्यपालन अभियंताओं, रायपुर जिले के नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की उपस्थिति रही.2025-26,,राजस्व वसूली अभियान, विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी ली और विकास कार्यों की धीमी गति पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए विकास कार्यों को सभी नगरीय निकायों में तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करवाने निर्देशित किया.अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ एवं रायपुर जिला नगरीय निकाय प्रभारी श्री पुलक भट्टाचार्य ने लोकहितकारी सीएम हेल्पलाइन के सम्बन्ध में प्रारम्भिक प्रशासनिक तैयारियों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक निर्देश दिए.अपर संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ श्री पुलक भट्टाचार्य द्वारा की गयी विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख रूप से बिरगांव नगर निगम आयुक्त, नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, श्री विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े, उपायुक्त डॉ अंजलि शर्मा,स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही, कार्यपालन अभियंताओं, जिले के नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं उपअभियंताओं की उपस्थिति रही.
- -दोनों पालियों में 93% से अधिक उपस्थिति, अभ्यर्थियों के लिए की गई थी विशेष व्यवस्थाएंरायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 आज राजधानी रायपुर के तीन परीक्षा केंद्रों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा कड़ी सुरक्षा और निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की गई। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सदस्य डॉ. प्रवीण वर्मा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।परीक्षा के लिए रायपुर में जे.आर. दानी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, कालीबाड़ी चौक, शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, संजय नगर एवं स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, लालपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।प्रथम पाली प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें पंजीकृत 1099 अभ्यर्थियों में से 1026 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चली, जिसमें 1099 में से 1021 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में कूलर, ठंडे पेयजल, ओआरएस पैकेट, आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सा दल की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक उपचार की सुविधा केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई।
- - स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आए अलग-अलग कारण-संयुक्त दल ने किया प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण, किसी भी गांव में सामूहिक संक्रमण के प्रमाण नहीं मिलेरायपुर / विकासखंड मैनपाट में पीलिया से पांच लोगों की मृत्यु होने संबंधी जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सभी मृतकों की मृत्यु के कारण अलग-अलग थे तथा इन्हें सामूहिक रूप से पीलिया या जलजनित संक्रमण से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।संयुक्त दल द्वारा मृतकों के परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी, संभावित मरीजों की स्वास्थ्य जांच तथा पेयजल स्रोतों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि ग्राम कुनिया निवासी जितेन्द्र यादव की मृत्यु अस्पताल की रिपोर्ट एवं वर्बल ऑटोप्सी के अनुसार सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) के कारण हुई थी। वहीं ग्राम बरिमा निवासी श्रीमती भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, जबकि रायपुर स्थित चिकित्सकीय संस्थानों की रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण यकृत संबंधी जटिलताएं एवं कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है।इसी प्रकार ग्राम बरिमा के विकास यादव की मृत्यु के संबंध में प्राप्त चिकित्सकीय रिपोर्टों में अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों का उल्लेख है। वहीं ग्राम नर्मदापुर निवासी विकास यादव को हेपेटाइटिस नहीं था तथा वे बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे। रायपुर में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई। ग्राम केसरा निवासी आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं। वे लंबे समय से टीबी एवं श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं तथा उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई।जांच दल ने बताया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों एवं पारों के निवासी थे, जिनके बीच लगभग 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य अमले द्वारा मृतकों के परिवारों एवं आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने पर किसी अन्य सदस्य में पीलिया अथवा हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए। इससे जल स्रोतों के माध्यम से किसी सामूहिक संक्रमण की पुष्टि नहीं होती है।एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया जा रहा है। साथ ही आवश्यक दवाइयों का वितरण एवं पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।
- -अब सहकारी समिति से मिलेगा ऋण, खाद और बीज की सुविधा, खेती होगी अधिक लाभकारीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार किसानों के लिए राहत और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की इस पहल के तहत गांव-गांव आयोजित समाधान शिविरों में किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।सरगुजा जिले के ग्राम लटोरी निवासी किसान श्री निर्मल राम को सुशासन तिहार के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ मिला है। केसीसी बनने से अब उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता, खाद और बीज की उपलब्धता पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गई है।निर्मल राम ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें खेती के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पूंजी की कमी के चलते खाद और बीज निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदने पड़ते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी।सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में आवेदन देने के बाद उनका किसान क्रेडिट कार्ड तत्काल बनाकर प्रदान किया गया। अब वे सहकारी समिति के माध्यम से कृषि ऋण प्राप्त कर सकेंगे तथा उचित मूल्य पर खाद और बीज भी आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।किसान निर्मल राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान गांव में ही हो रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में बड़ी सुविधा होगी और आर्थिक चिंता भी कम होगी।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है तथा वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।



























