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- -जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकानों की गणना-छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तकरायपुर / छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में 24 अप्रैल 2026 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर ग्रामीणों को आगामी जनगणना 2027 और स्व-गणना प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से सही जानकारी भरने, मकान सूचीकरण, और जनगणना प्रगणकों को सहयोग देने के लिए प्रेरित करना है। ग्रामीणों को मोबाइल फोन के माध्यम से जनगणना पोर्टल पर स्वयं की जानकारी ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। तहसीलदार और ग्राम प्रभारी अधिकारियों द्वारा ग्राम सभा में जनगणना पोर्टल का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे लोग सही जानकारी दर्ज कर सकें। जनगणना के सही आंकड़ों से भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधन वितरण और प्रशासनिक निर्णयों को बेहतर बनाना है।ग्राम पंचायत देवदा तहसील मंदिर हसौद में, ग्राम पंचायत नाहरडीह में पंचायती राज दिवस, ग्राम पंचायत निमोरा,ग्राम पंचायत ख़मतराई तहसील आरंग में आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान सहजता से किया गया है। ग्राम सभा के दौरान जनगणना की प्रक्रिया, इसकी गोपनीयता, तथा सही जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है। जनगणना में दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। बैठक में सरपंच उप-सरपंच, पंचायत सचिव सहित जनप्रतिनिधिगण और ग्राम वासी उपस्थित रहे।भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census)” का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी- प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/ व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी (Self-Enumeration ID) प्रगणक को बतानी होगी।जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।
- -अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रखी जा रही है कड़ी निगरानी, प्रभावी नियंत्रण के लिए मैदानी अमला सक्रिय-केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला स्तरीय टीम की संयुक्त कार्यवाही में 02 चैन माउंटेन व 02 एक्सकेवेटर मशीनें जब्तरायपुर // छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इससे प्राप्त राजस्व का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि इन संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के तहत हो, ताकि प्रदेश को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समय-समय पर समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।इसी क्रम में संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, नया रायपुर के केन्द्रीय खनिज उड़नदस्ता दल और जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने संचालक खनिज के निर्देश पर 24 एवं 25 अप्रैल की रात और सुबह आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला सक्ती और जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्वीकृत रेत खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सक्ती जिले की घुरघट्टी, डोटमा, मरघट्टी, मिरौनी, सकराली, किकिरदा, देवरीमठ और करही खदानों में उत्खनन व परिवहन कार्य बंद पाया गया, जिससे नियमों के पालन की पुष्टि हुई। लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में मध्य रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान हसदेव नदी के पास हथनेवरा घाट क्षेत्र में अवैध रूप से मशीनों का संचालन करते हुए दो चैन माउंटेन मशीनें पकड़ी गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया।इसके अतिरिक्त ग्राम नवापारा में भी दो एक्सकेवेटर मशीनें जब्त की गईं, जिन्हें अग्रिम आदेश तक कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया है। कुल चार मशीनों की जब्ती कर प्रकरण दर्ज किया गया है।इन मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि खनिज संसाधनों की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। केन्द्रीय उड़नदस्ता और जिला टास्क फोर्स को राज्यभर में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।इस कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) श्री भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज सहित जिला स्तरीय टीम के अधिकारी शामिल रहे। file photo
- -ग्रामीणों के लिए खुले विकास के द्वाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में नारायणपुर जिला में विकास और सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है। जिले के ओरछा विकासखंड के सुदूर और दुर्गम छोर पर स्थित लंका गांव में दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन कर प्रशासन ने यह सिद्ध कर दिया कि विकास की किरणें अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।जिला मुख्यालय से लगभग 130 किलोमीटर दूर और इन्द्रावती नदी के किनारे बसा लंका गांव, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, वहां आजादी के बाद पहली बार जिला स्तरीय प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन की टीम ने नदी-नालों और पहाड़ों के कठिन रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उनका समाधान भी किया।इस शिविर में सबसे बड़ा आकर्षण 'सुशासन एक्सप्रेस' रही। वाई-फाई युक्त इस मोबाइल सेवा वाहन ने ग्रामीणों की तकनीकी बाधाओं को दूर कर दिया। इस वाहन के माध्यम सेतत्काल आधार कार्ड, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित 27 प्रकार के आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही तैयार किए गए। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिली। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 17,520 आवेदनों का त्वरित निस्तारण कर रिकॉर्ड बनाया गया है।दो दिवसीय शिविर में लंका सहित आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कुल 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इस शिविर में प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 179, मनरेगा जॉब कार्ड के 34, राशन कार्ड के 25 और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 18 आवेदन प्रमुख रहे। शिविर में कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा, "नियद नेल्लानार योजना के तहत आयोजित ये शिविर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शासन की मजबूत उपस्थिति का प्रमाण हैं। इससे न केवल ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का उनका सपना भी साकार हो रहा है। आगामी 29 और 30 अप्रैल को शिविर का आयोजन आदनार में किया जाएगा। जिसमें मलमेटा, कोंजे और बोडुम के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। सुशासन का यह कारवां निरंतर जारी रहेगा।
- -विकसित भारत के आधार स्तंभ हैं युवा : मंत्री टंकराम वर्मारायपुर । धमतरी के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दो दिवसीय 'युवा फेस्ट-2026' का आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल में समापन हुआ। इस महाकुंभ ने न केवल युवाओं की प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम से पूरे शहर को ऊर्जा से सराबोर कर दिया।इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि युवा फेस्ट जैसे आयोजन न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं, बल्कि उनमें नवाचार और आत्मविश्वास का संचार भी करते हैं। आज का युवा ही 'विकसित भारत-2047' का मुख्य आधार स्तंभ है। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलकर आप सभी राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करें।उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की युवा-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन 'दायरा बैंड' (जादू बस्तर) की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। बैंड ने छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और समकालीन फ्यूजन के ऐसे सुर छेड़े कि पूरा परिसर झूम उठा। लोक और आधुनिक संगीत के इस बेजोड़ मेल ने युवा पीढ़ी के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के दर्शकों का मन मोह लिया। मंत्री श्री वर्मा ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, विशेषकर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री रामू रोहरा ने भी युवाओं से अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।समापन समारोह में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और नवाचार से जुड़ी 23 विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पीजी कॉलेज ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रनिंग ट्रॉफी अपने नाम की। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि फेस्ट का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना था, जहाँ वे स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और कला-संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर करता रहेगा।शिक्षा विभाग और महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयानों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि नारी वन्दन अधिनियम का लोकसभा में कांग्रेस यदि समर्थन करती तो आज परिस्थितियाँ कुछ और होतीं, लेकिन कांग्रेस ने इस बिल का विरोध करके मातृ शक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है और अब जले पर नमक छिड़कने का काम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कर रहे हैं।प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जिस तरह से विशेष सत्र को लेकर बैज का बयान आया है, वह बेहद ही निंदनीय है। हम विधानसभा में मातृ भावनाओं के मुताबिक मुद्दे पर चर्चा कर मातृ शक्ति की हितों की रक्षा को लेकर संकल्प लेंगे। श्री कश्यप ने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ नारी शक्ति वन्दन अधिनियम एक दिन जरूर लोकसभा में पारित होगा। इसकी चिंता बैज को नहीं करनी चाहिए। उनके लिए तो मातृ वन्दन का मतलब ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की नेत्रियाँ सोनिया गांधी व प्रियंका वाड्रा है। इसके अलावा देश की मातृ शक्ति से कांग्रेसियों का कोई जुड़ाव नहीं है। यदि होता तो कांग्रेस जरूर इस बिल का समर्थन करती।
- बालोद जिले के खिलाड़ी 26 अप्रैल तक कर सकेंगे आवेदनबालोद । रायपुर में संचालित आवासीय खेल अकादमियों में नए खिलाड़ियों के प्रवेश के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित हॉकी, तीरंदाजी, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स (बालक एवं बालिका वर्ग) के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज की जाएगी। इस चयन प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक बालोद जिले के पात्र खिलाड़ी 26 अप्रैल 2026 की दोपहर 12 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि चयन ट्रायल में वही खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं जिनकी आयु 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में 13 से 17 वर्ष के बीच है। उन्होंने बताया कि जिले के इच्छुक प्रतिभागी अपना पंजीयन प्रपत्र और आवश्यक दस्तावेज निर्धारित तिथि एवं समय में व्हाट्सएप नंबर 8305819579 पर भेज सकते हैं। पंजीकृत खिलाड़ियों को ही तय तिथियों पर रायपुर में आयोजित होने वाले ट्रायल में शामिल होने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि चयन ट्रायल का आयोजन रायपुर के कोटा स्टेडियम और तीरंदाजी एरिना में किया जाएगा। तीरंदाजी, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के लिए ट्रायल 28 से 29 अप्रैल तक चलेंगे। वहीं, हॉकी और एथलेटिक्स के लिए चयन प्रक्रिया 30 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विभाग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
- रायपुर । घर से 30 किमी दूर रायपुर शहर में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले श्री राजेश यादव के लिए खुद का पक्का मकान कभी एक सपना था। दिनभर की मजदूरी से केवल दो वक्त की रोटी और तन ढकने लायक कपड़ों का ही इंतजाम हो पाता था।इसी बीच एक दिन ग्राम पंचायत से श्री राजेश यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पक्का आवास मिलने की जानकारी मिली। कुछ दिनों बाद उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बरतनीन यादव को आवास स्वीकृति का पत्र प्राप्त हुआ। पत्र देखकर राजेश की दिनभर की थकान गायब हो गई और बच्चों की आंखों में नए पक्के घर का सपना साफ दिखने लगा।राजेश को अपना टूटा-फूटा कच्चा मकान तोड़कर नया आवास बनाना था। निर्माण के दौरान रहने की समस्या पर गांव के सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणों ने सहयोग किया और सामुदायिक भवन में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर दी।कुछ महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। आवास के साथ शौचालय भी मिला, जिससे धर्मपत्नी बरतनीन यादव और बच्चे बेहद खुश हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस चूल्हा मिलने से अब परिवार का खाना भी जल्दी तैयार हो जाता है। हितग्राही श्री राजेश यादव व श्रीमती बरतनीन यादव का कहना है कि शासन की कल्याणकारी योजना उनके जीवन के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना ने न केवल उनके बल्कि हजारों परिवारों की जीवनशैली की दिशा और दशा बदल दी है।
- -यातायात जागरूकता मॉडल में स्वामी आत्मानंद अडवानी आर्लिकॉन स्कूल बिरगांव अव्वलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा ‘प्रोजेक्ट सिग्नल – सुरक्षित यातायात, सुरक्षित भविष्य’ का संचालन किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 30 स्कूली बच्चों की टीम द्वारा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर समय-समय पर यातायात जागरूकता अभियान चलाया जाता है।इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों एवं युवाओं को यातायात नियमों और हेलमेट के उपयोग के प्रति जागरूक करना है। जिला शिक्षा विभाग, यातायात पुलिस एवं होंडा कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में यह तय किया गया था कि जिले के सभी स्कूलों के बच्चे यातायात जागरूकता पर आधारित मॉडल तैयार करेंगे और विजेता मॉडल बनाने वाले विद्यालय को होंडा एक्टिवा उपहार स्वरूप दी जाएगी।इसके साथ ही सभी विद्यालयों में “रोड सेफ्टी क्लब” के गठन पर भी जोर दिया गया, ताकि छात्र-छात्राओं के माध्यम से समाज में यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाई जा सके।इसी कड़ी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रोजेक्ट सिग्नल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अभियान के विजेता स्वामी आत्मानंद अडवानी आर्लिकॉन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिरगांव के विद्यार्थियों को एक्टिवा की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यातायात नियमों के प्रति जागरूकता से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। प्रोजेक्ट सिग्नल के माध्यम से स्कूली बच्चे समाज में सुरक्षित यातायात का संदेश पहुंचा रहे हैं, जो सराहनीय है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन-4 खुर्सीपार अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में निर्मित 4 नए एस.एल.आर.एम. सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयुक्त ने इन केंद्रों को अविलंब शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।आयुक्त ने खुर्सीपार और छावनी क्षेत्र के अंतर्गत 4 नवनिर्मित केंद्रों का बारीकी से अवलोकन किए। जिसमें छावनी अंतर्गत पानी टंकी के समीप निर्मित सेंटर, ट्रांसपोर्ट नगर बीरा चौक समीप नवनिर्मित SLRM सेंटर, स्टेडियम के समीप स्थित सेंटर एवं कैनाल रोड किनारे स्थित नवनिर्मित सेंटर हैं।मूलभूत व्यवस्थाओं पर विशेष जोर देने कहा गया है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने प्रत्येक सेंटर में स्वच्छता दीदियों और कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता जांची। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों पर प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण की जाएं जैसे कि कार्य के दौरान पर्याप्त लाइटिंग, पंखा, शुद्ध पेयजल की सुचारू उपलब्धता के साथ सुव्यवस्थित शौचालय एवं अन्य अनिवार्य सुविधाओ का अवलोकन किए। सभी सेंटरों में ब्यूटीफिकेशन एवं हरियाली को प्राथमिकता देने कहा गया है जिससे वातावरण अनुकूल रहे ।आयुक्त ने नवनिर्मित भवनों के साथ-साथ पूर्व से संचालित एस.एल.आर.एम. सेंटरों का भी बारीकी से निरीक्षण किया और कचरा संग्रहण व पृथक्करण की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के सुझाव दिए।दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम खुर्सीपार के समीप बने सामुदायिक शौचालय का भी जायजा लिए, सफाई सुव्यस्थित पाया गया ।इस निरीक्षण के दौरान निगम के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से संजय वर्मा कार्यपालन अभियंता, जावेद अली स्वास्थ्य अधिकारी, उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू, हेमंत मांझी जोन स्वास्थ्य अधिकारी, अतुल यादव स्वच्छता निरीक्षक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में यह कदम शहर को कचरा मुक्त बनाने और अपशिष्ट प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा है कि जल-जीवन मिशन को लेकर कांग्रेस यदि संवेदनशील होती तो प्रदेश में जल आपूर्ति की तस्वीर कुछ और होती लेकिन कांग्रेस ने जल जीवन मिशन को गंभीरता से नहीं लिया और अब इस मसले पर कांग्रेस भ्रम फैला रही है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री दीपक ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने जल-मिशन शिकायत को लेकर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालात तब गंभीर हो गए जब इस मामले में स्वत: न्यायालय को संज्ञान लेना पड़ा। श्री दीपक ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1084 ठेकेदारों को नोटिस दी गई है। इसके साथ ही अनुबंधों को निरस्त किया गया है। अमानक कार्यों के चलते कांग्रेस के शासनकाल में जल-जीवन मिशन प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही पूरी तरह से केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कांग्रेस की सरकार में असफल रही है। यह सारी योजनाएँ समय रहते पूर्ण कर ली जातीं तो जल-जीवन मिशन को लेकर बेहतर कार्य होते। श्री दीपक ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि इतनी महत्वाकांक्षी योजना आखिरकार क्यों धरी की धरी रह गई और कांग्रेस पूरे योजना में भ्रष्टाचार को केन्द्र बिन्दु बनाकर कार्य कर रही थी जिसका नुकसान प्रदेशवासियों को झेलना पड़ा है।
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हरियर पौधा – सुघ्घर रिजल्ट)रायपुर। मिशन उत्कर्ष एवं हरियर पाठशाला प्रोजेक्ट के सकारात्मक प्रभाव के साथ-साथ जे.आर. दानी स्कूल में आयोजित 11वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण कार्यक्रम में एक नवाचारी पहल देखने को मिली। कक्षा 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्राओं को उनके रिजल्ट के साथ हरित फलदार पौधे उपहार स्वरूप प्रदान किए गए, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान दे सकें।इस अवसर पर शिक्षाविद एवं समाजसेवी श्री हरीश भाई जोशी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता एवं गुरूजनों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहें तथा समय के महत्व को समझें।संस्था के प्राचार्य डॉ. हितेष दीवान ने परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित मिशन उत्कर्ष, हरियर पाठशाला एवं प्रोजेक्ट घंटी के साथ-साथ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण योजनाओं से छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि छात्राएं अपने पालकों एवं शिक्षकों के साथ लगाए गए पौधों का मोबाइल एप के माध्यम से संरक्षण भी सुनिश्चित कर रही हैं।प्राचार्य ने इस वर्ष लागू वार्षिक परीक्षा के 70 प्रतिशत एवं अर्धवार्षिक के 30 प्रतिशत मूल्यांकन पैटर्न के अंतर्गत समयबद्ध परिणाम तैयार करने हेतु परीक्षा विभाग एवं समस्त शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही छात्राओं को सकारात्मक सोच, खेल भावना एवं मानवता के गुणों को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि उन्हें यह विश्वास होना चाहिए कि “आज का दिन हमारा है।”परिणाम की दृष्टि से कक्षा 6वीं एवं 7वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जबकि कक्षा 9वीं का 78 प्रतिशत एवं कक्षा 11वीं का 88 प्रतिशत परिणाम रहा। कक्षा 11वीं (कॉमर्स संकाय) में कुमारी मुस्मत तहरीमा खातून ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं कक्षा 9वीं में कुमारी स्वर्णलता बंजारे 96 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम रहीं।कार्यक्रम में उपस्थित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में मिडिल स्कूल की प्रधान पाठिका श्रीमती क्रांति चंद्राकर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। - रायपुर। मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद बी.डी. शर्मा एक दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास में रायपुर पहुंचे। इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ परिसर में उनका आगमन हुआ। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव उनका आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर, रायपुर शहर जिला प्रभारी राजेन्द्र शर्मा, सत्कार प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक पुष्पेन्द्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता जसविंदर बग्गा सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
- -अब तक करीबन 12 हजार से अधिक पुस्तकें दान-आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए सहायक खाद्य अधिकारी, खैरागढ़ श्री संजय ठाकुर को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। श्री ठाकुर ने यूपीएससी, पीएससी, इतिहास भूगोल, मानव अधिकार सहित अन्य विषयों की 50 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।श्री ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 11 हजार 8 सौ 72 पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- -जिला हेल्पलाइन में शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, मिला नया सिलेंडर-नागरिक ने मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर / आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संचालित जिला हेल्पलाइन नंबर एक बार फिर प्रभावी साबित हुई है। गुढ़ियारी, श्रीनगर रोड निवासी श्री सुरेंद्र अग्रवाल को गैस सिलेंडर की समस्या से जूझना पड़ रहा था, जिसका समाधान हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के मात्र दो घंटे के भीतर कर दिया गया। श्री अग्रवाल के घर का गैस सिलेंडर समाप्त होने के बाद उन्होंने नया सिलेंडर बुक किया था। सिलेंडर तो समय पर प्राप्त हो गया, लेकिन उसका नोजल खराब होने के कारण उसका उपयोग संभव नहीं हो पा रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक सहायता नहीं मिल सकी। लगातार हो रही असुविधा के कारण परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्हें जिला हेल्पलाइन नंबर, कॉल सेंटर की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया। परिणामस्वरूप मात्र दो घंटे के भीतर नया गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया, जिससे समस्या का तत्काल समाधान हो गया। त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- -लखीराम ऑडिटोरियम में लगा जन समस्या निवारण शिविर, हितग्राहियों को मिली त्वरित राहतबिलासपुर / बिलासपुर के लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर अत्यंत उपयोगी एवं सफल रहा। शिविर का शुभारंभ स्थानीय विधायक श्री अमर अग्रवाल ने किया। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 123 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से मांग से जुड़े कुछ प्रकरणों को छोड़ अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की गई।मुख्य अतिथि श्री अमर अग्रवाल ने शिविर में श्रम विभाग की दो योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को 1.20 लाख रुपए की सहायता राशि के चेक वितरित किए तथा राजस्व विभाग की ओर से तीन किसानों को किसान किताब प्रदान कर लाभान्वित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासनिक कार्यों में सुशासन लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यालय से दूर आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए इस प्रकार के शिविर प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं विद्युत विभाग से संबंधित लंबित समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी सुशासन शिविरों में लोगों को और अधिक संतोषजनक परिणाम मिल सकें।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आगामी 1 मई से सुशासन शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ होगी, जिससे अधिकाधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने भी शिविर को संबोधित करते हुए इसे जनहितकारी पहल बताया। शिविर में आरटीओ विभाग द्वारा 4 लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए, वहीं राजस्व विभाग ने डेढ़ दर्जन से अधिक प्रमाण पत्र बनाकर वितरित किए। श्रम विभाग द्वारा 3 श्रमिकों का पंजीयन किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने राज्य शासन की प्रमुख योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में महापौर पूजा विधानी, निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जनपद पंचायत बिल्हा उपाध्यक्ष विक्रम सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। एसडीएम मनीष साहू के मार्गदर्शन में शिविर का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
- -किसानों को कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित म्यूटेंट धान बीज के मिनी किट का वितरण किया गयारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा भाभा अटामिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के सहयोग से विकसित धान की छह उन्नत म्यूटेंट किस्मों का कृषि महाविद्यालय रायपुर में आज आयोजित एक समारोह में प्र्गतिशील कृषकों को वितरण किया गया। धान की ये सभी म्यूटेंट किस्में परंपरागत प्रजातियों की अपेक्षा जल्दी पकती हैं, ज्यादा उपज देती हैं, कम ऊंची होती हैं और कीट-व्याधियों के प्रति अधिक सहनशील होती हैं। मिनी किट बीज वितरण समारोह की मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समारोह में प्रदेश भर से आए प्रगतिशील किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा भाभा अटामिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के सहयोग से विकसित किस्मों-विक्रम ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ राईस (विक्रम टीसीआर), ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ विष्णुभोग म्यूटेंट, ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ सोनागाथी म्यूटेंट, ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ दुबराज म्यूटेंट-1, बौना लुचाई एवं ट्रॉम्बे छत्तीसगढ़ जवाफूल म्यूटेंट के मिनी किट का वितरण किया गया।समारोह का संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हीरा और सोना यहां का धान ही है। उन्होंने कहा कि वे देश के विभिन्न क्षेत्रों में पली-बढ़ीं, पढ़ी-लिखी तथा नौकरी में रही लेकिन उन्होंने छत्तीसगढ़ जैसा चांवल न कहीं देखा और न कहीं खाने को मिला। श्रीमती निगार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए चलाई जा रही विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन कृषि विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि विश्वविद्यालय द्वारा बार्क के सहयोग से विकसित धान की ये म्यूटेंट किस्में भी इस बात का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि रेडियेशन के माध्यम से विकसित फसलों की विभिन्न किस्में कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष में धान की 40 प्रतिशत पुरानी किस्मों को नवीन उन्नत किस्मों से प्रतिस्थापित करने की योजना है जिसमें ये किस्में अहम योगदान दे सकती हैं। उन्होंने किसानां से परंपरागत फसलों की जगह अधिक मुनाफा देने वाली फसलें उगाने का आव्हान किया।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विगत 10 वर्षों से भाभा अटामिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के सहयोग से म्यूटेशन ब्रीडिंग के माध्यम से विभिन्न फसलों की नवीन किस्में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ की परंपरागत किस्मों में म्यूटेशन के माध्यम से फसल सुधारने का कार्य किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत अबतक धान की 7 म्यूटेंट किस्मों के साथ ही अन्य फसलों की नवीन उन्नत किस्में भी विकसित की गई हैं। म्यूटेशन ब्रीडिंग के माध्यम से विभिन्न किस्मों अवांछित गुण दूर करके वांछित गुणों का समावेश किया जा रहा है जिससे ज्यादा उपज, कम अवधि, कम उंचाई, कीट व्याधियों के प्रति सहनशील सूखा सहनशील अधिक पोषण देने वाली किस्में विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ की परंपरागत किस्मों के दुर्लभ गुणों का किया जा सकेगा।भाभा अटामिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के अपर संचालक प्रोफेसर पी.ए. हसन ने म्यूटेशन ब्रीडिंग की तकनीक तथा रेडियेशन के द्वारा विभिन्न फसलों में वांछित गुणों के समावेश के महत्व के बारे में जानकारी दी। भाभा अटामिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के नाभिकीय कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख डॉ. ए.डी. बल्लाल ने भी किसानों को कृषि में नाभिकीय ऊर्जा के उपयोग के बारे जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में पादप प्रजनन विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दक्षिचि के तहत मानवता और जनसेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री राम नारायण वर्मा ने अंगदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत उन्होंने अंग दान के लिए पंजीयन कर जनजागरूकता का संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर आयोजित कार्यक्रम में सम्मान पत्र प्रदान कर । जिला प्रशासन के पुनीत कार्य की सराहना की तथा कहा कि अंगदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।श्री वर्मा ने अपने संकल्प के बारे में कहा कि “मेरे जाने के बाद यदि मेरे अंगों से किसी को स्वस्थ जीवन मिल सके, तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं हो सकती।” उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 91 से अधिक लोगों ने अंग एवं संपूर्ण शरीर दान का संकल्प लिया है, जिससे समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस पुनीत कार्य से जुड़कर अंगदान का संकल्प लें। अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु 9406049000 संपर्क नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर, /नक्सलमुक्त आबूझमाड़ क्षेत्र में अब बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कार्य तेजी से किये जा रहे हैं । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक, लघु सिंचाई योजना सहित अन्य कार्यो ने जोर पकड़ लिया है । पिछले दिनों नक्सलमुक्त आबूझमाड़ में सीटीई की टीम ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया ।टीम ने नारायणपुर के हरिमार्कटोला, सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि निर्मित सड़कों मोटाई और चौड़ाई को सही मानक स्तर की है, इसी तरह ग्राम दूरस्थ ओरछा ब्लाक में निर्मित शेड की निरीक्षण किया गया । जिले के ग्राम पालकी में निर्मित ओवरहेड टैंक की टीम ने निरीक्षण किया। इसी तरह से जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बैनूर रिजर्वायर के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली एवं अधिकारियों को जरूरी मार्गदर्शन भी दिया।नक्सलमुक्त बस्तर में अब विभिन्न निर्माण कार्यों के निरीक्षण करने जांच एजेन्सीयों के दल आसानी से पहुंच रहे हैं। तकनीकी टीमों द्वारा निर्माण कार्यों को कराने स्थानीय अधिकारियों को उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे अब सुदूर अबूझमाड़ में निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तेजी से किए जाने लगे हैं।
- -श्रीनगर में खेल चिंतन शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-भारत को खेल शक्ति बनाने केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय तथा राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों के बीच गंभीर मंथन-पहले दिन मेडल स्ट्रेटजी, केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय तथा डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर हुई गंभीर चर्चारायपुर। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (Sher-i-Kashmir International Conference Centre) में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।श्री साव ने बताया कि आज शिविर के पहले दिन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर मंथन किया गया। यह पहल न केवल नीतियों को मजबूत करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर शहर से नए खिलाड़ी उभरें और देश-विदेश के खेल मंचों पर अपना परचम लहराएं, यह हमारा लक्ष्य है।26 अप्रैल तक चलने वाला यह शिविर देश में खेलों के समग्र विकास, नीति सुधार, वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है।चिंतन शिविर के पहले दिन के प्रमुख सत्रों में ‘मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया’ पर गहन मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल को विकसित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही वर्ष 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल करने के रोडमैप पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार एवं उसके प्रभावी उपयोग को खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया। खेल मंत्रालय द्वारा इस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।द्वितीय सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस को साझा किया गया। खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रभावी उपयोग, प्रतिभा पहचान (Talent Identification) तथा खेल अकादमियों के मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया। सत्र के दौरान विद्यालय स्तर पर खेलों को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ने, खेल शिक्षकों की भर्ती एवं उन्हें उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी। साथ ही खिलाड़ियों का समग्र डॉटा-बेस तैयार करने पर राज्यों एवं केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभाओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके।इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि खिलाड़ियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ समर्पित होकर खेलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक अवसर, सम्मान एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था (मॉडल) विकसित की जाए, जिससे वे नौकरी प्राप्त करने के बाद भी खेल जारी रखें और अपने खेल करियर को बीच में न छोड़ें।ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने, जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार तथा बच्चों को अधिक समय खेल गतिविधियों में देने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेल अधोसंरचना के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान की प्रांतीय कार्यशाला प्रारंभ। कार्यशाला में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जम्वाल जी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण देव जी, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ नवीन मार्कंडेय, भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय सहित भाजपा पदाधिकारी एवं प्रशिक्षण महाभियान टोली मौजूद।
- -27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विशेष शिविर, कर्मचारियों और पेंशनधारकों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुविधा-पीएफ दावा, केवाईसी अपडेट, यूएएन सक्रियण और पेंशन मामलों का मौके पर निस्तारण-ईपीएफओ की पहल से क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर कम होंगे, शिकायत समाधान प्रक्रिया बनेगी आसानरायपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा सदस्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से “निधि आपके निकट 2.0” कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों, पेंशनधारकों और नियोक्ताओं को जिला स्तर पर ही उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय तक बार-बार आने की आवश्यकता न पड़े।ईपीएफओ द्वारा आयोजित इन शिविरों में पीएफ दावा (Claim) संबंधी समस्याएं, यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रियण, केवाईसी अपडेट, बैंक खाते की जानकारी सुधार, पेंशन से जुड़े प्रकरण, डिजिटल सेवाओं का उपयोग तथा शिकायत निवारण से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में उपस्थित अधिकारी मौके पर शिकायतों का पंजीकरण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद समाधान प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जिला नोडल अधिकारियों की निगरानी में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना तथा लाभार्थियों को उनके अधिकारों एवं ऑनलाइन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना है। ईपीएफओ का मानना है कि जिला स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से सदस्यों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और सेवाओं की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।“निधि आपके निकट 2.0” अभियान के माध्यम से ईपीएफओ सदस्य-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस पहल से कर्मचारियों और पेंशनधारकों को स्थानीय स्तर पर सहायता मिलने के साथ-साथ लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में भी मदद मिलेगी। शिविरों में लाभार्थियों को ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं, पोर्टल उपयोग और डिजिटल सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य में स्वयं भी सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।ईपीएफओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों, नियोक्ताओं और पेंशनधारकों से अपील की है कि वे अपने जिले में आयोजित शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें। कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सदस्य संबंधित जिला नोडल अधिकारी अथवा ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से संपर्क कर सकते हैं।
- -अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने ली राइस मिलर्स की बैठकरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत रायपुर जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आदेश के उल्लंघन पर 74 राइस मिलर्स को काली सूची में दर्ज किए जाने, सक्षम न्यायालय में अभियोजन की कार्यवाही करने तथा उनके मिल पंजीयन क्रमांक को ब्लॉक करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। अपर कलेक्टर ने कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अनुबंध के विरुद्ध उठाव किए गए धान के अनुपात में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है।समीक्षा के दौरान अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिनमें सर्वाधिक चावल जमा किया जाना शेष है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान धान की कमी पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसके साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन मिलर्स द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया जाता है, उनकी राशि की वसूली 01 मई 2026 से बैंक गारंटी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए।अपर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कहा कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराने की कार्रवाई पूर्ण करें। इस अवसर पर जिला खाद्य नियंत्रक श्री भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नायब तहसीलदार लाल बहादुर नगर श्री राजेश नेताम द्वारा पाटेकोहरा चेकपोस्ट बैरियर के समीप चारामा (कांकेर) से रेत परिवहन कर रहे हाईवा क्रमांक सीजी 08 बीडी 5999 की जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम बैरागीभेड़ी तहसील छुरिया निवासी वाहन चालक हेमचंद से खनिज परिवहन हेतु आवश्यक पीट पास एवं अन्य वैध दस्तावेजों की मांग की गई। वाहन चालक द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर रेत सहित वाहन को जप्त कर थाना चिचोला को सुपुर्द किया गया। राजस्व विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण की रोकथाम के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है तथा इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार आज कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुंद में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आवश्यक तैयारियों, विभागीय योजनाओं की समीक्षा तथा लंबित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के त्वरित निराकरण हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों को समयबद्ध सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा सभी कार्यालयीन अभिलेखों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखना रहा। बैठक का संचालन संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर श्री संजीव श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा द्वारा किया गया।
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 01 मई 2026 से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जाना है, जिसके अंतर्गत मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी ग्रामों में पहुंचकर जनभावनाओं की समीक्षा करेंगे तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। इस दृष्टि से शिक्षा विभाग की सभी तैयारियों को पूर्ण रूप से अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया।संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर श्री संजीव श्रीवास्तव ने निर्देशित किया कि सभी शैक्षणिक एवं कार्यालयीन अभिलेख पूर्ण, अद्यतन एवं व्यवस्थित रखें जाएं। सभी बीईओ एवं एबीईओ को हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शैक्षणिक गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे द्वारा बैठक एजेंडा के सभी बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, आवश्यक नवीन प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने तथा शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, नियमित निरीक्षण तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। विशेष रूप से विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति से संबंधित ऑनलाइन प्रविष्टियां, आधार आईडी, अपार आईडी, भवन जानकारी पोर्टल में प्रविष्टि, आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल की स्थिति, लंबे समय से अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी, सेवापुस्तिका, पासबुक तथा अन्य कार्यालयीन अभिलेखों की पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अनिवार्य रूप से पेयजल व्यवस्था, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण अंतर्गत बची पुस्तकों की जानकारी तथा आवासीय विद्यालयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विद्यालय स्तर पर किसी भी प्रकार की जानकारी लंबित न रहे तथा सभी अभिलेख समय-सीमा में पूर्ण कर लिए जाएं।विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि वितरण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। प्रत्येक विद्यार्थी तक शासन की सुविधाएं समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा द्वारा अपार आईडी एवं आधार संबंधी कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल बनाई जाए तथा पोर्टल में सुधार विकल्प खुलने पर सभी विद्यार्थियों का अपार क्रिएट सुनिश्चित किया जाए।बैठक में डीईओ श्री विजय लहरे द्वारा निर्देशित किया गया कि आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर लंबित रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए। लंबे समय से अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी संकलित कर आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में समस्त अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहित से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। अधिकारियों ने भी समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, टी.सी. पटेल, बी.व्ही. जोल्हे, रामता मन्नाडे, श्रीमती लक्ष्मी डड़सेना, बीआरसी जागेश्वर सिन्हा,भुपेश्वरी साहू, अनिल पटेल, देवानंद नायक, अकील खान, डिगेश ठाकुर सहित समस्त संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। - -बुधरी मड़कम को प्रशासन की तत्परता से एम्स रायपुर में मिला नया जीवन-आयुष्मान कार्ड से हुआ निःशुल्क इलाजरायपुर। सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के मिचवार निवासी आदिवासी महिला बुधरी मड़काम के लिए मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। गंभीर बीमारी से जूझ रही बुधरी की हालत लगातार बिगड़ रही थी और शुरुआती लक्षणों के आधार पर कैंसर या टीबी जैसी आशंका जताई जा रही थी। लेकिन समय रहते कैंप में हुई जांच ने स्थिति की गंभीरता को पहचान लिया और प्रशासन की तत्परता से उसे सही उपचार की दिशा में तुरंत आगे बढ़ाया गया।मरीज की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई और बुधरी को तत्काल एम्स रायपुर रेफर कराया गया। यह निर्णय मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता ने यह सुनिश्चित किया कि दूरस्थ इलाके की यह महिला इलाज के लिए बड़े अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर पहुंच सके।करीब एक सप्ताह की जांच के बाद बुधरी को दुर्लभ बीमारी सरकॉइडोसिस होने की पुष्टि हुई और 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 15 दिनों के इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई। सबसे बड़ी राहत यह रही कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पूरा उपचार निःशुल्क हुआ। यह घटना स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के उस संकल्प को भी साकार करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गंभीर मरीजों को रायपुर ले जाकर बेहतर इलाज दिलाया जाएगा। यह कहानी सुकमा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है, जिसने एक आदिवासी महिला को नया जीवन देकर मानवता और सेवा की मिसाल कायम की है।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप के माध्यम से गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें हायर हेल्थ सेंटर रेफर किया जा रहा है। बुधरी मड़कम का सफल इलाज इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि किसी भी जरूरतमंद मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।पूरे उपचार के दौरान आयुष्मान कार्ड विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री अमृतेश सिंह ने मरीज और उसके परिजनों को हर कदम पर सहयोग प्रदान किया। अपॉइंटमेंट से लेकर भर्ती तक, डॉक्टरों से समन्वय और लगातार मार्गदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रशासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी मरीजों के साथ खड़ा रहता है। भाषा की समस्या भी बड़ी चुनौती थी, क्योंकि परिजन केवल गोंडी भाषा जानते थे, फिर भी समन्वय और मानवीय प्रयासों से एम्स में भर्ती और इलाज पूरी सफलता से संभव हो पाया।


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