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- महासमुंद / वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से जन एवं पशु हानि की आशंका को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने भारत सरकार द्वारा विकसित ’’दामिनी एप’’ एवं ’’मेघदूत एप’’ का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को मौसम संबंधी पूर्वानुमान और सुरक्षा उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने सभी जिला, तहसील एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में पटवारियों, शासकीय शिक्षकों एवं पंचायत सचिवों को इन एप्स के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।दामिनी एप आकाशीय बिजली गिरने की संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान लगभग 20 से 31 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से नागरिक समय रहते सतर्क होकर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपना सकते हैं तथा जन एवं पशु हानि की घटनाओं को कम किया जा सकता है। एप में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सावधानियां भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार मेघदूत एप किसानों के लिए उपयोगी मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करता है। इसमें तापमान, वर्षा की संभावना, हवा की गति एवं दिशा सहित अन्य महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध रहते हैं, जिससे किसान कृषि कार्यों की बेहतर योजना बना सकते हैं और मौसम जनित जोखिमों को कम कर सकते हैं। दोनों एप गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से किसी भी एंड्रॉइड मोबाइल में आसानी से डाउनलोड किए जा सकते हैं।जिला प्रशासन ने नागरिकों, किसानों एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे इन एप्स का उपयोग कर मौसम संबंधी समयपूर्व जानकारी प्राप्त करें तथा आकाशीय बिजली एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
- -किसानों को सरलता से उपलब्ध हो रहा उर्वरक, जिले में खाद का पर्याप्त भंडारणमहासमुन्द / खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा शासन के नियमानुसार किसानों को समय पर खाद का वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सहकारी समितियों में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले की सहकारी समितियों में वर्तमान में 11,310 टन यूरिया, 4,276 टन डीएपी, 1,912 टन पोटाश, 5,888 टन सुपर फास्फेट तथा 3,110 टन एनपीके सहित कुल 26,496 टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। वहीं किसानों को अब तक 1,365 टन यूरिया, 470 टन डीएपी, 240 टन पोटाश, 466 टन सुपर फास्फेट तथा 264 टन एनपीके का वितरण किया जा चुका है।महासमुंद विकासखंड के ग्राम बम्हनी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में वर्तमान में 93 टन यूरिया, 57 टन डीएपी, 20 टन सुपर फास्फेट, 7 टन पोटाश तथा 25 टन एनपीके उपलब्ध है। समिति में उर्वरक लेने पहुंचे ग्राम चिंगरौद के किसान गोविंद साहू एवं वेदलाल साहू ने बताया कि उन्हें समिति से बड़ी सरलता और सुगमता के साथ यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध हो गया, जिससे खेती-किसानी के कार्यों में सुविधा मिल रही है। इसी तरह ग्राम बरोंडा बाजार स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में उर्वरक लेने पहुंचे ग्राम लाफिनखुर्द के किसान अंजान राम ध्रुव एवं खुमन ध्रुव ने बताया कि उन्हें भी समिति से आसानी से यूरिया एवं डीएपी खाद प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से खेती की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद मिल सके।खरीफ फसल की तैयारी में जुटे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरे प्रदेश में कृषकों को खाद की आपूर्ति कि जा सकें इस हेतु कृषि भूमि के रकबे वार अलग से व्यवस्था कि गई है जिसमें कृषक (2.5 एकड़ से कम) को एक मुश्त खाद वितरण, सीमांत कृषकों (2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक) को दो किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) खाद वितरण एवं दीर्घ कृषक (2.5 एकड़ से अधिक) को तीन किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) उर्वरको का वितरण निजी एवं सहकारी दोनो क्षेत्रो में किया जावेगा।
- -समाधान शिविर में मिला मोबाइल, एमआर किट एवं श्रवण यंत्रमहासमुन्द / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में लगाए जा रहे समाधान शिविर जनसमस्याओं के निराकरण के साथ ही जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों को विभिन्न आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन सरल और सुगम बना रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचने से अनेक परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट रही है।इसी कड़ी में महामसुंद शहरी क्षेत्र लोहिया चौक में आयोजित समाधान शिविर तीन दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आया। शिविर में दृष्टिबाधित दिव्यांग योगेश चंद्राकर को अध्ययन एवं संचार में सहायता के लिए टॉकिंग मोबाइल एवं स्पीकर प्रदान किया गया। इस उपकरण की मदद से वे अपनी पढ़ाई अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे तथा शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर सहभागिता सुनिश्चित कर पाएंगे।इसी तरह दिव्यांग हार्दिक को एमआर (मेंटल रिटार्डेशन) किट प्रदान की गई। यह किट उनकी स्मरण शक्ति, तार्किक क्षमता, एकाग्रता तथा आंखों और हाथों के समन्वय को विकसित करने में सहायक होगी। साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास को गति मिलेगी। वहीं श्रवण बाधित दिव्यांग कान्हा मानिकपुरी को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। इस उपकरण के माध्यम से वे दैनिक जीवन की गतिविधियों, संवाद एवं सामाजिक सहभागिता में अधिक सहजता से जुड़ सकेंगे। समाधान शिविर में उनके परिजनों ने शासन की इस संवेदनशील पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता उनके जीवन को अधिक सरल, सुगम और आत्मनिर्भर बनाने में विशेष योगदान देगा।
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- पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मार्च तिमाही 2026 के तहत जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने विभिन्न बैंकिंग एवं शासकीय योजना अंतर्गत लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक एवं विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचाए। उन्होंने एलडीएम द्वारा जून माह में पीएम स्वनिधि महोत्सव एवं खेत बचाओ अभियान के संबंध में जानकारी ली। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, एसएचजी बैंक क्रेडिट लिंकेज, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड फिशरीज, केसीसी पशुपालन, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई एवं पीएम अजय योजना के प्रगति की समीक्षा गई।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय एवं यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा राजनांदगांव के शाखा प्रबंधकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड श्री मनोज नायक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक राजनांदगांव व प्रभारी निदेशक आरसेटी श्री मुनीश शर्मा, श्री अमित मिश्रा सहित विभिन्न बैंकों एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। -
- किसान लगातार कर रहे खाद का उठाव
- अब तक 17205 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण
- सहकारी समितियों में अब तक 7236 क्विंटल बीजों का भंडारण
- किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने हरी खाद को भी किया जा रहा प्रोत्साहित
राजनांदगांव । जिले के किसानों द्वारा जून माह में मानसून की आहट के साथ ही खरीफ फसलों की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। आगामी खरीफ मौसम में जिले में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न खरीफ फसलों की बोनी संभावित है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए 1 अप्रैल से ही सहकारी समितियों में भंडारण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 45650 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 18500 मीट्रिक टन यूरिया, 4000 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), 3600 मीट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तथा विभिन्न प्रकार के 9800 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरकों का लक्ष्य शामिल है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक जिले में 12000 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया, 365 मीट्रिक टन से अधिक सिंगल सुपर फॉस्फेट, 2755 मीट्रिक टन से अधिक म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा लगभग 3000 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा खरीफ सीजन की तैयारी के साथ लगातार उर्वरकों का उठाव किया जा रहा है और अब तक 17205 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके बावजूद जिले में 12584 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध है, जो जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता को दर्शाता है।
इसी प्रकार खरीफ 2026 के लिए धान सहित विभिन्न दलहनी एवं तिलहनी फसलों के लिए 14331 क्विंटल बीज की मांग का आंकलन किया गया है। इसके विरूद्ध अब तक 7236 क्विंटल बीजों का भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है। किसानों द्वारा लगातार बीजों का उठाव किया जा रहा है तथा अब तक 1533 क्विंटल बीजों का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा प्राकृतिक रूप से नत्रजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरी खाद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत जिले में 350 क्विंटल मूंग बीज तथा 100 क्विंटल धैचा बीज का भंडारण किया गया है, जिससे किसान हरी खाद के रूप में इनका उपयोग कर भूमि की उत्पादकता में वृद्धि कर सकें। कृषि विभाग द्वारा किसानों से खरीफ फसलों की बुआई के लिए आवश्यक खाद एवं बीज का समय पर उठाव करने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की अपील की है। - - राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, अभिलेखों के संधारण एवं आमजन सुविधाओं पर दिया विशेष जोरराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने गुरुवार को तहसील कार्यालय डोंगरगांव का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, राजस्व प्रकरणों एवं नागरिक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तहसील कार्यालय में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम बाकल निवासी श्री तोरण खूंटे वर्ष 2000 से वर्ष 2024 तक के बी-1 नकल प्राप्त करने हेतु आवेदन करने पहुंचे थे। कलेक्टर ने उनके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए नियत अवधि में दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम आलीखुंटा के बुजुर्ग ग्रामीण श्री बल्दु राम पिता मेहतर सीमांकन नहीं होने की समस्या लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे थे। उनकी समस्या सुनकर तत्काल आवेदन लिखवाकर सीमांकन का प्रकरण दर्ज कराया गया। ग्राम पैरी निवासी श्री छन्नू लाल साहू पिता दीनालाल जन्म प्रमाण पत्र संबंधी कार्य से तहसील कार्यालय आए थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राजस्व प्रकरणों की अपील अवधि पूर्ण हो चुकी है, उनसे संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों को नियमानुसार रिकॉर्ड रूम में जमा कराया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण एवं संरक्षण सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने चालक श्री अनिल कुमार के वेतन भुगतान संबंधी प्रकरण को स्वयं ई-कोष पोर्टल में प्रोसेस कर त्वरित कार्य निष्पादन का उदाहरण प्रस्तुत किया।कलेक्टर ने पूर्व में निराकृत राजस्व प्रकरणों के आदेशों का अवलोकन कर उनकी समीक्षा की तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी मामलों में नियमानुसार एवं विधिसम्मत आदेश पारित किए गए हो। साथ ही लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आगामी पेशी तिथियां न्यूनतम अंतराल पर निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सके और आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक शाखा एवं कक्ष के बाहर स्पष्ट सूचना एवं साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को यह आसानी से जानकारी मिल सके कि किस प्रकार का कार्य किस कक्ष में संपादित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा तथा कार्यालयीन कार्यों में और अधिक सुगमता आएगी। उन्होंने तहसील कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजनों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके आवेदनों एवं समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- राजनांदगांव । कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान सहित विभिन्न फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। नैनो उर्वरक आधुनिक कृषि तकनीक पर आधारित हैं, जिनके उपयोग से पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है। धान की फसल में नैनो डीएपी का पहला छिड़काव रोपाई के 25 से 30 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव आवश्यकता अनुसार 10 से 15 दिन बाद किया जा सकता है। नैनो यूरिया का पहला छिड़काव रोपाई के 30 से 35 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव बालियां निकलने के पूर्व 15 से 20 दिन के अंतराल पर किया जाना लाभकारी पाया गया है। प्रति एकड़ 250 मिलीलीटर नैनो डीएपी अथवा नैनो यूरिया को लगभग 125 लीटर पानी में घोलकर पत्तियों पर समान रूप से छिड़काव करने की अनुशंसा की जाती है। नैनो यूरिया की 500 मिलीलीटर की एक बोतल लगभग 45 किलोग्राम पारंपरिक यूरिया के बराबर प्रभाव प्रदान करती है। इसी प्रकार नैनो डीएपी फसलों में नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस की उपलब्धता बढ़ाकर जड़ों के विकास, पौधों की वृद्धि एवं कल्ले बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की एक बोरी का मूल्य लगभग 266 रूपए तथा डीएपी की 50 किलोग्राम की एक बोरी का मूल्य लगभग 1350 रूपए है। इसके विपरीत नैनो यूरिया की 500 मिलीलीटर की एक बोतल लगभग 225 रूपए तथा नैनो डीएपी की 500 मिलीलीटर की बोतल लगभग 600 रूपए में उपलब्ध है। पारंपरिक उर्वरकों का केवल 30 से 50 प्रतिशत भाग ही फसल द्वारा उपयोग किया जा पाता है, जबकि शेष भाग बहाव, वाष्पीकरण अथवा भूमि में स्थिरीकरण के कारण नष्ट हो जाता है। इसके विपरीत नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता 80 प्रतिशत से अधिक होती है, जिससे पौधों को पोषक तत्व सीधे एवं प्रभावी रूप से प्राप्त होते हैं। इससे उर्वरक की बचत होने के साथ-साथ उत्पादन एवं गुणवत्ता में भी सुधार होता है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से परिवहन एवं भंडारण की लागत कम होती है, मिट्टी एवं जल प्रदूषण में कमी आती है तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने में सहायता मिलती है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन के अंतर्गत नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो रहा है। कृषि विभाग द्वारा विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों से अपने नजदीकी कृषि कार्यालय, कृषि विस्तार अधिकारी अथवा किसान कल्याण केंद्र से संपर्क कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी कर आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की अपील की गई है।
- - किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक का मक्का खरीदा गया- 605 किसानों ने 1763 एकड़ में की पॉपकॉर्न मक्का की खेती- अनुबंध खेती से बढ़ी आय और मिला मार्केट- फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावाराजनांदगांव । जिले में फसल चक्र परिवर्तन के तहत ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का की खेती अपनाने वाले किसानों को बेहतरीन आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी के साथ अनुबंध खेती करने वाले किसानों ने उत्पादन एवं आय के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कंपनी द्वारा जिले के किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।रबी वर्ष 2025-26 में गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी द्वारा जिले के 605 किसानों के साथ अनुबंध कुल 1763 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कराई गई। किसानों को औसतन 19.33 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कंपनी ने 1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी करते हुए 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का मक्का खरीदा। इसमें से अब तक 3.73 करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है तथा शेष भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है। छुरिया विकासखंड के ग्राम भरीटोला के किसान श्री ललित कुमार साहू ने 23.56 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर जिले में सर्वाधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का गौरव प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 6 लाख 95 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। इसी प्रकार राजनांदगांव विकासखंड के किसान श्री वेद प्रकाश चंद्राकर ने 9.5 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर 32.66 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 5 लाख 27 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। वहीं ग्राम जमलेश्वर के किसान श्री देवराम पटेल ने 35.5 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त कर लगभग 4 लाख 67 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। कृषि विभाग के अनुसार धान के स्थान पर मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों को अधिक लाभ मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता तथा फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिले के किसानों की यह सफलता अन्य किसानों को भी फसल चक्र परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
- राजनांदगांव । नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत 8 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जाएगा। मेला में विभिन्न प्रतिष्ठानों को अप्रेंटिसशिप व प्लेसमेंट के लिए आमंत्रित किया गया है। आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त शैक्षणिक एवं आवश्यक प्रमाण पत्र के साथ मेला में शामिल हो सकते हैं।
- राजनांदगांव । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में 8 जून 2026 को सुबह 9 बजे से क्वेस कॉर्प लिमिटेड (बिजनेस सर्विस प्रोवाइडर) द्वारा टाटा मोटर्स पुणे महाराष्ट्र के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में 18 से 23 आयु के आईटीआई एवं कक्षा 12वीं उत्तीर्ण उम्मीदवार अपने समस्त शैक्षणिक एवं आवश्यक प्रमाण पत्र 10वीं, आईटीआई, आधार कार्ड, पेन कार्ड, दो पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ के साथ उपस्थित हो सकते है।
- 0- जन्मदिन पर बधाई देने पहुंचे अध्यक्ष अजय काले व टीम से मंडल के विकास कार्यों को लेकर की बातचीत, हरसंभव साथ देने का आश्वासन भीरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक बार फिर महाराष्ट्र मंडल के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यों को एक तरह से मान्यता देते हुए तमाम सेवाभावी कार्यों की सराहना की। चौधरी ने महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधियों से कहा कि आप लोगों के पास आमजनों की सेवा करने को लेकर जो दूरदृष्टि है, वो मंडल को बाकी समाजिक व समाजसेवी संस्थाओं से अलग और आगे करती है।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन और बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से बुधवार रात को उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। अजय काले ने उन्हें मंडल के भावी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बुलाने का आग्रह किया, तो उन्होंने कहा कि ज्यादातर रायगढ़ क्षेत्र के दौरों और रायपुर में अति व्यस्तता के कारण वे महाराष्ट्र मंडल के कार्यों में चाहकर भी नहीं आ पाते।चौधरी ने कहा कि कहीं किसी काम में परेशानी आती है, तो भी वे हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं। चौधरी ने महाराष्ट्र मंडल में छह जून को आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के भव्य समारोह को लेकर अग्रिम शुभकामनाएं दी।
- 0- छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक दिवस पर शनिवार शाम को राज्यपाल रमेन डेका शिवराया प्रतिमा का करेंगे अनावरणरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शनिवार, 6 जून को छत्रपति शिवाजी महाराज की सिंहासनास्थ प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम की विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे होंगी। मंडल के कार्यकारिणी सदस्यों व विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों व महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं की तैयारी बैठक में अनेक समितियां गठित की गईं। कार्यक्रम को गरिमामय और भव्य बनाने के लिए पदाधिकारियों के सुझाव भी बैठक में लिए गए।बैठक का संचालन करते हुए सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि राजनीतिक जन प्रतिनिधियों की तुलना में राज्यपाल का डेकोरम बिल्कुल अलग और सख्त रहता है। ऐसे में हमारा पहला दायित्व लोक भवन (राज भवन) की ओर से आने वाली सुरक्षा व प्रशासनिक टीम के साथ हमें पूरा सहयोग करना है और उनके बताए हर एक दिशा- निर्देश का पालन करना है। चूंकि राज्यपाल सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर होंगे, ऐसे में हमारे सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच के सामने रिक्त रखे गए स्थान पर ही होंगे। इस मौके पर दंडवते ने स्वागत समिति, बैठक व्यवस्था समिति, स्टेज समिति, प्रतिमा अनावरण समिति, चित्र प्रदर्शनी समिति, रंगोली समिति, नाश्ता समिति, पार्किंग- ट्रैफिक समिति सहित अनेक समितियों का गठन कर पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने जोर देकर कहा कि पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने साथ कम से कम 20 लोगों को साथ लेकर आएं। 600 सीटों की क्षमता का हमारा संत ज्ञानेश्वर सभागृह पूरी तरह पैक होना चाहिए। चेतन दंडवते ने कहा कि सभागृह में आने वाले हमारे अतिथि न केवल प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम अटैंड करें बल्कि उसके बाद अभिषेक विद्याधर बक्षी द्वारा निर्देशित हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ के मंचन में भी उपस्थित रहें और शिवाजी के जीवन, खासकर शौर्य पर आधारित इस नाटक का लुत्फ लें।बैठक में अंत में उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सबसे अहम जिम्मेदारी है कि हम कार्यक्रम शुरू होने से आधे घंटे पहले पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियां संभाल लें। बैठक व्यवस्था के दौरान हमें पूरे धैर्य के साथ विनम्र बने रहना है और किसी भी दशा में विवाद की स्थिति निर्मित नहीं होने देना है। गीता ने सभी पदाधिकारियों से सिर्फ सोशल मीडिया के भरोसे कार्यक्रम का प्रचार करने से बचने और व्यक्तिगत रूप से फोन करने का आग्रह किया। बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकारिणी सदस्यों व समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं ने शिवाजी महाराज प्रतिमा अनावरण समारोह को सफल बनाने दृढ़ इच्छा जताई।
- 0- अतिक्रमणों के विरुद्ध संयुक्त अभियान के द्वारा शासकीय भूमि को कराया गया अतिक्रमणमुक्तदुर्ग. जल संसाधन विभाग के अधीन हनोदा माइनर नहर, जो नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्रांतर्गत डी.पी.एस. स्कूल से वी.आई.पी. नगर तक प्रवाहित है। उक्त नहर क्षेत्र एवं विभागीय स्वामित्वाधीन शासकीय भूमि पर विगत कई वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने हेतु जल संसाधन विभाग एवं नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान संचालित कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही संपादित की गई।नहरें एवं उनसे संबद्ध शासकीय भूमि केवल विभागीय परिसंपत्तियां मात्र नहीं हैं, बल्कि वे सार्वजनिक उपयोगिता की महत्वपूर्ण संरचनाएं हैं, जिनका संरक्षण, अनुरक्षण एवं अतिक्रमणमुक्त रखा जाना जनहित, जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन तथा विभागीय दायित्वों के सुचारू निर्वहन के लिए अत्यंत आवश्यक है। नहर क्षेत्र में किया गया अवैध अतिक्रमण न केवल शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जे की श्रेणी में आता है, बल्कि इससे नहरों के नियमित अनुरक्षण, निरीक्षण, मरम्मत कार्यों एवं अन्य विभागीय गतिविधियों में भी अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न होती हैं, जिससे सार्वजनिक परिसंपत्तियों की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार संचालित इस कार्यवाही के पूर्व संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के उपरांत जल संसाधन विभाग एवं नगर पालिक निगम रिसाली के संयुक्त दल द्वारा स्थल पर पहुंचकर विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।उक्त संयुक्त अभियान में नगर पालिक निगम रिसाली के श्री योगेश सूरे, सहायक राजस्व निरीक्षक, श्री संतोष तिवारी, सहायक राजस्व निरीक्षक, श्री रामेशर राम, सहायक राजस्व निरीक्षक, श्री खिलेश कोसरे, प्लेसमेंट कर्मचारी, श्री भावेश सोनवानी, प्लेसमेंट कर्मचारी, श्री झामुनंद, प्लेसमेंट कर्मचारी, श्री दयालदास, प्लेसमेंट कर्मचारी एवं श्री किरण देशमुख, प्लेसमेंट कर्मचारी तथा जल संसाधन विभाग के श्री भास्कर यादव, उप अभियंता, सुश्री भावना सिन्हा, उप अभियंता, सुश्री साक्षी सिंह, उप अभियंता एवं श्री प्रखर यादव, अमीन की सक्रिय सहभागिता रही।कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सारश्वत ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विभाग के अधीनस्थ नहरों, जल संरचनाओं, अनुरक्षण मार्गों एवं शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण शासन के हितों, विभागीय अधिकारों तथा व्यापक जनहित के प्रतिकूल है। शासकीय भूमि पर अनाधिकृत कब्जा अथवा अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है तथा ऐसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।विभाग द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र अंतर्गत स्थित समस्त नहरों, जल संरचनाओं एवं विभागीय भूमि की सतत निगरानी की जा रही है। जहां कहीं भी शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा। शासकीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके मूल उद्देश्य के अनुरूप उपयोग बनाए रखना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है।जल संसाधन विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे शासकीय भूमि, नहरों एवं अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की संरचनाओं पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। शासकीय भूमि एवं जल संसाधन संरचनाओं का संरक्षण सामूहिक उत्तरदायित्व है, जिसके माध्यम से जनहित एवं सार्वजनिक सुविधाओं की निरंतरता को प्रभावी रूप से बनाए रखा जा सकता है।
- 0- रंगप्रेमी दर्शकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में महाराष्ट्र मंडल रायपुर की प्रस्तुति को कलेक्टर, एसएसपी, सिम्स के डीन ने सराहारायपुर। न्यायधानी बिलासपुर के सिम्स सभागार में मंचित हुए हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने दर्शकों को भावनात्मक, रोमांचक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का अनुभव दिया। रविवार को मंचन के दौरान एक ओर जहां आईपीएल का फाइनल मैच चल रहा था। उसी समय बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में नाट्य प्रेमी दर्शकों की जबर्दस्त भीड़ यह साबित कर रही थी कि बिलासपुर में नाटकों की दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है और यहां रंगमंच का भविष्य अन्य शहरों की तुलना में बेहतर है।लंबे अरसे बाद सस्पेंस, थ्रिलर, रोचक हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ को देखने के लिए जुटे सैकड़ों दर्शक अनिकेत की केंद्रीय भूमिका निभाने वाले निर्देशक शशि वरवंडकर के प्रभावशाली अभिनय से बंधे रह जाते हैं। भारद्वाज वकील की भूमिका में चेतन दंडवते की चातुर्य भरी अभिनयशैली नाटक में कसावट लाती है। अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी शर्मा के किरदार में डा. अनुराधा दुबे कहानी को गति प्रदान करतीं हैं।घरेलू नौकर धर्मा के रोल में रविंद्र ठेंगड़ी, सावित्री शशिकांत जाधव के रूप में भारती पलसोदकर, मुनीम जी प्रकाश खांडेकर, अनिकेत के साले के बने समीर टल्लू, जज दिलीप लांबे, डॉ. कुमारी सुधा गुप्ता की भूमिका में डॉ. प्रीता लाल ‘ के अलावा डाॅ. अभया जोगलेकर, डॉ. शुचिता देशमुख, विनोद राखुंडे, पंकज सराफ, श्याम सुंदर खंगन नाटक में दिलचस्प मोड़ लाते हैं। अंतिम गवाह डा. गजानन ब्रह्मानंद शिरोड़कर यानी आचार्य रंजन मोड़क अपनी गवाही से नाटक को बेहद संवदनशील बना देते हैं। अनिकेत के रूप में शशि वरवंडकर का छह मिनट का अंतिम एकल संजीदा अभिनय दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है। साथ ही यह सोचने पर मजबूर भी करता है कि कटघरे में खड़ा व्यक्ति अनिकेत है या शशिकांत जाधव। यह नाटक जितना प्रभावशाली है, उसका तकनीकी पक्ष यानी संगीत, प्रकाश व ध्वनि संयोजन भी उतना ही असरदार है। यह जिम्मेदारी अनिकेत टीम के अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर और प्रकाश गुरव बखूबी निभाते हैं।नाटक शुरू होने से पहले मुख्य अतिथि कलेक्टर संजय अग्रवाल, विशेष अतिथि एसएसपी रजनेश सिंह और सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति, रोटरी क्लब के डॉ. देवेंदर, संस्कार भारती के गजानन फडके ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसका आयोजन जीआई हेल्थ फाउंडेशन बिलासपुर ने किया। जबकि संस्कार भारती, श्री हैरिटेज और ऑल रोटरी क्लब्स ऑफ बिलासपुर सह आयोजक रहे। तमाम अतिथियों ने संक्षिप्त संबोधनों में ‘मैं अनिकेत हूं’ को रंगमंच की यादगार अनुभव बताया और नाटक के निर्देशक शशि वरवंडकर से आग्रह किया है कि वे जल्दी ही अपना कोई नया नाटक लेकर यहां आएं।
- दुर्ग. कृषि के क्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक तौर-तरीकों को अपनाकर महिलाएं अब न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा दे रही हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम उतई की एक महिला कृषक श्रीमती अंजनी ने नैनो टेक्नोलॉजी (उर्वरक) का सफल प्रयोग कर पारंपरिक खेती की पूरी तस्वीर बदल दी है। उन्होंने चालू रबी सीजन में अपने 40 डिसमिल रकबे में बोई गई गेंहू की फसल में रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग को बंद करते हुए, पूरी तरह से कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के छिड़काव को प्राथमिकता दी। इस आधुनिक तकनीकी बदलाव का सुखद परिणाम यह रहा कि उन्हें इस बार गेंहू की गुणवत्तापूर्ण और रिकॉर्ड पैदावार हासिल हुई, साथ ही खेती की इनपुट कॉस्ट (लागत) में भी भारी गिरावट आई।महिला किसान अंजनी ने अपने इस सफल जमीनी अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पूर्व के वर्षों में उन्हें गेंहू की बुवाई से लेकर बालियां आने तक पारंपरिक बोरी वाले खादों पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता था। कई बार ऐन वक्त पर बाजार या सोसायटियों में रासायनिक खादों की किल्लत होने से फसल का सही चक्र प्रभावित हो जाता था, जिससे फसलों की ग्रोथ रुक जाती थी और जेब पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। इस बार उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए जिला कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों से संपर्क किया। कृषि विशेषज्ञों की सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन में उन्होंने गेंहू की फसल में पारंपरिक यूरिया व डीएपी की जगह नैनो उर्वरकों के लिक्विड (तरल) फॉर्मूलेशन का इस्तेमाल किया। यह लिक्विड खाद पौधों द्वारा बेहद कम मात्रा में भी आसानी से सोख ली जाती है, जिससे पौधों को हर स्तर पर भरपूर पोषण मिला और फसलों की हरियाली तथा बालियों का आकार पिछले सालों के मुकाबले कहीं बेहतर रहा। श्रीमती अंजनी के मुताबिक, नैनो उर्वरकों का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुलभता और कम कीमत के रूप में सामने आया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कम खर्च में अधिक और स्वस्थ उत्पादन मिलने से शुद्ध मुनाफे में खासी बढ़ोतरी हुई है, जिसने उनकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति को पहले से ज्यादा मजबूत किया है।
- दुर्ग. जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 11 जून 2026 को जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 12.30 बजे आयोजित की गई है। बैठक में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वीबी-जी-राम-जी, खाद्य विभाग, पर्यावरण विभाग, खनिज विभाग के कार्याे सहित अन्य विषयों पर समीक्षा की जाएगी।
- दुर्ग. जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक 11 जून 2026 को 11.30 बजे जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक में जिला पंचायत कर्मचारियों की पदोन्नति हेतु समिति गठन के संबंध में, जीरामजी के बजट पर चर्चा एवं अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- दुर्ग. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हनोदा (विकासखंड निकुम) में पदस्थ स्टाफ नर्स श्रीमती अनीता साहू द्वारा प्रसव कार्य के एवज में राशि लिए जाने के मामले में कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर कदाचरण पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित स्टाफ नर्स की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। ज्ञात हो कि, उक्त स्टाफ नर्स के खिलाफ प्रसव कार्य के लिए राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) जिला दुर्ग द्वारा जांच कराई गई थी, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके पश्चात सीएमएचओ दुर्ग ने विगत 2 जून 2026 को संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय को संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया था। प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं (रायपुर संभाग) द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 (चार) के तहत तत्काल प्रभाव से अनीता साहू की आगामी 02 वार्षिक वेतन वृद्धियों को असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया गया है।
- 0- लापरवाही बरतने पर स्टाफ नर्स की रुकी दो वेतन वृद्धियांदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के जनदर्शन में आम जनता की शिकायतों पर हो रही त्वरित कार्यवाही के तहत जिला चिकित्सालय दुर्ग में पदस्थ स्टाफ नर्स मोनिका पटेल को कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कड़े दंड से दंडित किया गया है। ज्ञात हो कि जिले के पचरी पारा की निवासी प्रसूता श्रीमती राखी यादव पति श्री अजय कुमार यादव ने विगत दिवस कलेक्टर जनदर्शन में स्टाफ नर्स की इस लापरवाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री सिंह के निर्देशन में सीएमएचओ जिला दुर्ग द्वारा कराई गई जांच में स्टाफ नर्स दोषी पाई गईं। इस पर कार्यवाही करते हुए विगत 2 जून 2026 को संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय को संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया। प्राप्त प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के आधार पर स्टाफ नर्स मोनिका पटेल द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है। कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं (रायपुर संभाग) द्वारा नियमों की धारा 10 (चार) का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से मोनिका पटेल की आगामी 02 वार्षिक वेतन वृद्धियों को असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ती (दंड) अधिरोपित किया गया है।
- 0- आजीवन कारावास बंदी विमल ने 12वीं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण कर रचा नया कीर्तिमानदुर्ग. शिक्षा वह प्रकाश है जो जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों में भी आशा की नई किरण जगाता है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण केन्द्रीय जेल दुर्ग में देखने को मिला, जहां एक आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे बंदी विमल ने शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा देने का अनुकरणीय कार्य किया है। सुपेला, भिलाई निवासी बंदी वर्ष 2018 से भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 302 के प्रकरण में केन्द्रीय जेल दुर्ग में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। अशिक्षित होने के बावजूद वह शिक्षा के महत्व को भली-भांति समझता था। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से उसने जेल प्रशासन द्वारा संचालित पाठशाला में अध्ययन प्रारंभ किया। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच उसने कक्षा पहली से लेकर कक्षा बारहवीं तक की शिक्षा पूरी की।उसकी लगन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम यह रहा कि उसने कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा अंग्रेजी विषय में डिस्टिंक्शन प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन, आत्मविश्वास और पुनर्वास की दिशा में एक सशक्त कदम है। सजा पूरी कर जेल से बाहर आने के बाद उक्त बंदी ने समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जीने की इच्छा व्यक्त करते हुए स्वयं को शिक्षक के रूप में स्थापित करने तथा बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया है। उसका यह संकल्प इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे प्रभावी शक्ति है।प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्रीय जेल दुर्ग में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों के अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 में महिला एवं पुरुष बंदियों ने कक्षा पहली से लेकर एम.ए. अंतिम वर्ष तक की परीक्षाओं में भाग लिया, जिनमें से कुल 103 बंदियों ने सफलता प्राप्त की। यह उपलब्धि जेल परिसर में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक वातावरण को दर्शाती है। इस प्रेरणादायी सफलता के पीछे केन्द्रीय जेल दुर्ग के जेल अधीक्षक, जेल प्रशासन तथा पाठशाला में अध्ययनरत बंदियों को मार्गदर्शन प्रदान करने वाले शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके सतत प्रयासों से बंदियों को न केवल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की आशा भी मिली।इस सफलता की कहानी इस तथ्य को रेखांकित करती है कि अपराध व्यक्ति की पहचान नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक अवसर उसके जीवन को नई पहचान दे सकते हैं। केन्द्रीय जेल दुर्ग में शिक्षा के माध्यम से हो रहा यह परिवर्तन सुधारात्मक न्याय व्यवस्था की सार्थकता का जीवंत उदाहरण है तथा समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
- 0- कलेक्टर ने कृषि, सहकारिता, मार्कफेड, नान, खाद्य एवं सीसीबी के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश0- उपलब्ध खाद व बीज का वितरण समय पर हो0- वैकल्पिक खाद के उपयोग के संबंध में किसानों को करें प्रेरित0- दुकानों की जांच कर खाद के अवैध भण्डारण पर करें कार्यवाही0- एग्रीस्टेक पोर्टल में शत्-प्रतिशत किसानों का हो पंजीयन0- खरीदी एवं संग्रहण केन्द्रों से 15 जून तक धान का उठाव करें सुनिश्चितदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, सहकारिता, मार्कफेड, नान, खाद्य एवं सीसीबी के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में खाद एवं बीज उपलब्धता की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता पर्याप्त है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसान खाद व बीज का अग्रीम उठाव कर रहे हैं। जिले की समितियों में खाद बीज भंडारण एवं वितरण की मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि समितियों में किसानों को खाद का वितरण समय पर हो यह सुनिश्चित किया जाए। किसानों को उपलब्ध कराए गए खाद के अलावा आवश्यकता के मुताबिक वैकल्पिक खाद नैनो युरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग हेतु कृषकों को प्रेरित किया जाए। नील हरित काई एवं हरित खाद ढेंचा के संबंध में भी किसानों को अवगत कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि खाद का अवैध भण्डारण एवं कालाबाजारी ना हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। जांच टीम गठित कर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।अधिकारियों ने बताया कि जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 15910 मीट्रिक टन यूरिया, 2643 मीट्रिक टन डीएपी, 2919 मीट्रिक टन एनपीके, 4544 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6956 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 32970 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 6054 मीट्रिक टन यूरिया, 2195 मीट्रिक टन डीएपी, 2042 मीट्रिक टन एनपीके, 2016 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3575 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 15882 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 9856 मीट्रिक टन यूरिया, 447 मीट्रिक टन डीएपी, 877 मीट्रिक टन एनपीके, 2528 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3381 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 17089 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। फसलों की अवस्थाओं के आधार पर यूरिया की आवश्यकता 3 किस्तों में होती है इसलिए दीर्घ श्रेणी के कृषकों को केवल यूरिया दो किस्तों में उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है तथा लघु श्रेणी के कृषकों को यूरिया का वितरण उनके रकबे के आधार पर एकमुश्त की जा रही है।इसी प्रकार जिले की सहकारी समितियों में धान एंव अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का उठाव और वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले को सहकारी क्षेत्र के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। जिसके विरूद्ध 31134 क्वि. बीज की उपलब्धता है और समितियों में 17013.40 क्वि. बीज का भण्डारित किया गया है जिसमें से 11066.40 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है।कलेक्टर श्री सिंह ने धान उर्पाजन एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 15 जून से पहले संर्पूण धान का उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी खरीदी केन्द्र में भौतिक रूप से धान नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कृषक पंजीयन के संबंध में कहा कि जिले के शत्-प्रतिशत किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने अनियमितता के कारण निरस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के रिक्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के नवीन आबंटन हेतु विज्ञापन जारी करते हुए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम भिलाई-3/भिलाई छावनी श्री महेश राजपूत, एसडीएम दुर्ग शहर श्री उत्तम ध्रुव, उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई, खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग भदोरिया, जिला विपणन अधिकारी श्री राहुल कुमार, सीसीबी दुर्ग के सीईओ श्री सुनील वर्मा, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री सतीश पाटले, जिला प्रबंधक नान श्रीमती दीपिका जायसवाल, बीज प्रबंधक श्री एस.के. बेहरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बालोद. बालोद जिले में नेशनल मिशन ऑन इडियल ऑयल-ऑयल सीड योजना अंतर्गत रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि नेशनल मिशन ऑन इडिबल ऑयल-ऑयल सीड योजना अंतर्गत वर्ष 2026-27 में मूल्य श्रृंखला भागीदार (वीसीपी) के माध्यम से सपोर्ट आॅफ वैल्यू चैन क्लस्टर क्राॅप्स रेपसीड एंड मस्टर्ड डिस्ट्रीब्यूशन सर्टिफाइड सीड 100 प्रतिशत सब्सिडी में कृषकों को वितरण हेतु 100 विवंटल बीज, 2000 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य एवं 10.50 लाख रूपये का वित्तीय लक्ष्य प्रदाय किया गया है। मिशन गाईल लाईन में दिए गए दिशा-निर्देशानुसार वैल्यू चेन पार्टनर के माध्यम से किया जाएगा।जिनका कार्य प्रमाणित बीज वितरण, स्वॉयल हेल्थ कार्ड योजनांतर्गत मृदा परीक्षण, कृषक प्रशिक्षण, कृषक खेत पाठशाला एवं कृषक मैपर में पंजीयन का कार्य किया जाना है। उन्होंने बताया कि उक्त कार्य का संपादन मूल्य श्रृंखला भागीदार के चयन हेतु प्रतिष्ठित एजेंसी, संस्था आदि से 15 जून 2026 को शाम 05 बजे तक निर्धारित प्रपत्रों में केवल स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी कार्यालय उप संचालक कृषि बालोद के सूचना पटल पर एवं जिले के वेबसाई बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन में प्राप्त की जा सकती है।
- 0- कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं, आम नागरिकों सहित निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति व्यक्त किया आभारबालोद. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए निर्वाचन कार्यक्रम अनुसार बालोद जिले के नवगठित नगर पंचायत पलारी में आम निर्वाचन पलारी के अलावा त्रि स्तरीय पंचायत उप निर्वाचन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले में नगरीय निकाय आम निर्वाचन एवं त्रि स्तरीय पंचायत उप निर्वाचन का कार्य बिना किसी अवरोध के निर्विघ्न, शांतिपूर्ण ढंग एवं सफलतापूर्वक संपन्न होने पर निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा निर्वाचन के राष्ट्रीय कार्य में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाने वाले मतदाताओं, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के सभी नागरिकों के कार्यों एवं सक्रिय भागीदारी की भूरी-भूरी सराहना की है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में सभी वर्गों के सहभागिता से नगरीय निकाय आम निर्वाचन एवं त्रि स्तरीय पंचायत उप निर्वाचन सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं एवं आम नागरिकों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इन सभी के प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।
- 0- अवैध उत्खनन, परिवहन में संलग्न वाहन को किया गया जप्तबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग द्वारा 03 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खेरूद एवं कोटगांव का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा अर्जुन्दा तहसील के ग्राम खेरूद तथा गुण्डरदेही तहसील के ग्राम कोटगांव में निरीक्षण के दौरान गौण खनिज मिट्टी, रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन कार्य में संलग्न वाहन 02 जेसीबी सीजी 08 बीबी 4464, सीजी 24 वाय 5439, 01 हाईवा सीजी 07 बीई 7747 एवं 01 ट्रेक्टर मय ट्राली महिन्द्रा सोल्ड कुल 04 वाहनों को जप्त किया गया। जिसे थाना, आरक्षी केन्द्र अर्जुन्दा के अभिरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही की जाएगी एवं भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0- शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही0- मौके पर 1435 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम माहुद बी में आज जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम माहुद बी में आज आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत माहुद बी सहित माहुद बी कलस्टर में शामिल आसपास के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अंतर्गत आज माहुद बी में आयोजित शिविर में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, पूर्व विधायक श्री बीरेन्द्र साहू एवं श्री राजेन्द्र राय, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य मीना उमाशंकर साहू, जनपद सदस्य श्रीमती मीना देशमुख, श्री आसिफ गहलोत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया।प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र, नवीन जाॅब कार्ड एवं राशन कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम माहुद बी में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1653 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 1435 आवेदनों का मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने विभिन्न विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे कि सुशासन तिहार का आयोजन सार्थक हो सके। इस मौके पर श्री कुंवर सिंह निषाद ने शिविर में उपस्थित लोगों को नीर चेतना अभियान के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। पूर्व विधायक श्री वीरेन्द्र साहू ने राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए इस सुशासन तिहार की भूरी-भूरी सराहना करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार को जनहितैषी सरकार बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र राय ने शिविर में आम नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थित पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजन की सराहना की। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जनपद अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम चंद्राकर ने ग्राम माहुद बी में सुशासन तिहार के अंतर्गत आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के बेहतर आयोजन की सराहना की। उन्होंने आम नागरिकों से शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना उमाशंकर साहू ने राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए इस सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में सभी विभाग के अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि माहुद बी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम खुटेरी रंग, रेंगाकठेरा, सिकोसा, लिमोरा, ईरागुड़ा, सरेखा, दनिया, भाठागांव बी, बिरेतरा, माहुद बी, पसौद, मटिया ह, पैरी, मोंगरी और सलौनी ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। माहुद बी शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 1000 आवेदन, खाद्य विभाग को 149, राजस्व विभाग को 134, ऊर्जा विभाग को 103, समाज कल्याण विभाग को 50, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 42 आवेदन सहित विभिन्न विभागों से कुल 1653 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 1435 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित माहुद बी कलस्टर में शामिल 16 ग्राम पंचायतों के सरपंचों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।










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