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- नई दिल्ली। भारतीय रेल ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन कंटेनर ट्रकों को रोल-ऑन रोल-ऑफ आधार पर ढ़ुलाई की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय द्वारा इस विशेष मंजूरी से भारतीय रेल जल्द ही देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक टैंकर ट्रकों को पहुंचाएगा।महाराष्ट्र सरकार द्वारा राज्य में तरल ऑक्सीजन पहुंचाने के अनुरोध पर रेल मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। रेलवे ने कहा कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनर ट्रकों को विशेष रेलवे वैगनों के माध्यम से नजदीकी गंतव्य शहरों तक ले जाया जाएगा। इसके बाद ट्रक अपने निर्धारित सुपुर्दगी स्थान पर जाएंगे जिनमें अस्पताल या विशेष चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। रेलवे ने कहा है कि कोरोना मामलों में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाने में इसमें कम परिवहन लागत लगेगी और समय की बचत होगी।
- नई दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को बताया कि देश में 75 प्रतिशत से अधिक वर्षा लाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस साल सामान्य रहने की संभावना है।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने बताया कि पांच प्रतिशत कम या ज्यादा के अंतर के साथ दीर्घावधि औसत (एलपीए) के हिसाब से 98 प्रतिशत बारिश होगी। राजीवन ने डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जून से सितंबर के बीच चार महीने के दौरान वर्षा के लिए पूर्वानुमान को जारी किया। राजीवन ने कहा, दीर्घावधि औसत के हिसाब से मॉनसून में 98 प्रतिशत बारिश होगी,जो कि सामान्य है। यह देश के लिए अच्छी खबर है और इससे कृषि क्षेत्र से अच्छे परिणाम मिलेंगे।
- -कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विकसितनई दिल्ली। शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को विश्व के पहले किफायती और टिकाऊ, स्वच्छ उत्पाद डूरोकिया श्रृंखला की शुरूआत की। इसके प्रयोग से 99 .99 प्रतिशत हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और इसका असर 35 दिनों तक रहता है। हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- आईआईटी ने कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए इसे विकसित किया है।श्री निशंक ने बताया है कि डूरोकिया नामक उत्पादों की पूरी जांच की जा चुकी है और इसे भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं और आईआईटी हैदराबाद की फिल्ड टेस्ट में सही पाया गया है।
- नई दिल्ली। स्वदेश में विकसित कोवैक्सिन की वर्तमान उत्पादन क्षमता इस साल मई जून तक दोगुनी हो जाएगी और इसके जुलाई-अगस्त तक लगभग छह से सात गुना बढ़ जाने की संभावना है। सितंबर तक इसका उत्पादन लगभग 10 करोड़ खुराक प्रति माह हो जाएगा।कुछ हफ़्ते पहले, एक अंतर-मंत्रालयीय टीम ने भारत में दो मुख्य वैक्सीन निर्माताओं के उत्पादन संयंत्रों का दौरा किया था। केंद्र सरकार द्वारा भारत बायोटेक के नए बैंगलोर संयंत्र के लिए 65 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है। वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों को भी मदद की जा रही है।महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम हैफकीन बायोफार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, मुंबई को 65 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। यह कम्पनी कोवैक्सीन की दो करोड़ खुराक का प्रतिमाह उत्पादन करेगी। हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड और बुलंदशहर स्थित भारत इम्युनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल लिमिटेड भी इस वर्ष अगस्त-सितम्बर तक कोवैक्सीन की प्रतिमाह एक से डेढ़ करोड़ खुराक का उत्पादन करने लगेंगी।
- नई दिल्ली। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। इस साल फरवरी में ब्रिटेन की एक अदालत ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था, जो बैंक घोटाला मामले में भारत में वांछित है। अदालत ने भारत सरकार के इस तर्क को स्वीकार कर लिया था कि मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं।---
- नई दिल्ली। आईसीएसई बोर्ड ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बोर्ड ने सूचित किया है कि परीक्षा की नई तारीखों पर अंतिम निर्णय इस वर्ष जून के प्रथम सप्ताह तक लिया जाएगा।10वीं के परीक्षार्थियों को यह छूट होगी कि वे बाद में परीक्षा दें या परीक्षा न देने का विकल्प चुनें। इससे पहले, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने भी इस वर्ष होने वाली 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी थी, जबकि बोर्ड की 12वीं की परीक्षा स्थगित की गई है।
- नई दिल्ली। रूस में भारत के राजदूत बाला वेंकटेश वर्मा ने कहा है कि रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी इस माह भारत को मिल जाएगी। श्री वेंकटेश ने कहा कि भारत में वैक्सीन उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और इसके प्रतिमाह पांच करोड़ डोज से अधिक हो जाने की संभावना है।भारत में रूस के उप दूत रोमान बाबुश्किन ने बुधवार को कहा था कि भारत द्वारा स्पुतनिक वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति से विशेष साझेदारी का नया आयाम खुलेगा। रूसी वैक्सीन को अनुमति मिल जाने से भारत में कोविड के उपचार के लिए तीसरा टीका उपलब्ध हो गया है। स्पुतनिक-वी को स्वीकृति देने वाला भारत विश्व का 60वां देश है। इन देशों में विश्व की 40 प्रतिशत या कुल 3 अरब आबादी के लिए यह वैक्सीन स्वीकृत हो चुकी है।
- नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों को सलाह दी है कि वे अपने नियंत्रण में आने वाले अस्पतालों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से समर्पित कोविड-19 अस्पताल तैयार करने को कहें या वे अस्पतालों के भीतर ही अलग वार्ड या ब्लॉक विकसित करें।केंद्रीय मंत्रालयों को साथ ही यह सलाह भी दी गई है कि वह इस बारे में विस्तृत जानकारी आम जन से साझा करे। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब देश भर में कोविड-19 के ताजा मामलों में हर दिन तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंत्रालयों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि कोविड-19 के देश भर में बढ़ते ताजा मामलों को देखते हुए उनसे ठीक वैसी ही तैयारी का आह्वान किया जा रहा है जैसा उन्होंने पिछले साल किया था। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के गंभीर मरीजों को प्रभावी चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सके इसके लिए अस्पतालों के ढांचागत विकास को तेज करना होगा। इसके मद्देनजर मंत्रालयों को सलाह दी जाती है कि वे इस सिलसिले में अपनी अधीन अस्पतालों और उनके नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समर्पित कोविड-19 अस्पताल वार्ड या अलग से ब्लॉक स्थापित करने के लिए कहें।मंत्रालय ने कहा, इन समर्पित अस्पतालों के वार्ड या ब्लॉक ऑक्सीजन वाले बेड, आईसीयू बेड, विशेष गहन चिकित्सा कक्षा, प्रयोगशालाएं सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से लैस होने चाहिए जैसा पिछले साल किया गया था। इन अस्पतालों के वार्ड या ब्लॉक में कोविड-19 के मामलों के प्रबंधन के लिए अलग से प्रवेश और निकासी होना चाहिए ताकि पुष्ट हो चुके मामलों में मरीजों की विशेष देखभाल के साथ उपचार की सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये सुझाव भी दिया है कि ऐसे अस्पताल वार्ड या ब्लॉक के बारे में विस्तृत जानकारी आम जनता, राज्यों के स्वास्थ्य विभागों और जिन जिलों में ये स्थित हैं वहां के स्थानीय प्रशासन को मुहैया कराई जाए। मंत्रालय ने आवश्यक समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने का सुझाव दिया है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा का शुक्रवार सुबह यहां निधन हो गया और माना जा रहा है कि उनकी मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वे 68 वर्ष के थे।अधिकारियों ने बताया कि ऐसा समझा जा रहा है कि गुरुवार रात को सिन्हा के कोरोना वायरस संक्रमित होने का पता चला था। बिहार कैडर के 1974 बैच के अधिकारी सिन्हा ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) एवं रेलवे सुरक्षा बल का नेतृत्व किया था और 2012 में सीबीआई प्रमुख बनने से पहले उन्होंने पटना एवं दिल्ली में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी निभाई।
- नई दिल्ली। रेलवे ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बड़े शहरों से अपने गृहनगरों में जाने के लिए प्रवासी श्रमिकों की भीड़ की खबरों के बीच अपनी ट्रेन सेवाओं को कोविड से पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया है।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रेलवे ने अगले दो सप्ताह में 133 अतिरिक्त ट्रेनों - 88 ग्रीष्मकालीन विशेष और 45 त्योहार विशेष- ट्रेनों को शुरू करने योजना बनाई है। बुधवार तक, रेलवे ने साप्ताहिक सहित 9,622 विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी थी। रेलवे 5,387 उपनगरीय रेलगाडिय़ां (कोविड पूर्व समय की 92 प्रतिशत) चला रहा है, जिसमें मध्य रेलवे क्षेत्र में अधिकतम सेवाएं संचालित होती हैं, जिसके तहत मुंबई और पुणे आते हैं। इस समय 82 फीसदी मेल एक्सप्रेस और 25 फीसदी लोकल ट्रेनें संचालित हैं। गोरखपुर, पटना, दरभंगा, वाराणसी, गुवाहाटी, बरौनी, प्रयागराज, बोकारो, रांची और लखनऊ जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
- -ऑक्सीजन के जरूरमंद राज्यों में छत्तीसगढ़ भीनई दिल्ली। केंद्र ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते 50 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी, जबकि इसके संसाधनों और उत्पादन क्षमता का अत्यधिक मामलों वाले 12 राज्यों की जरूरतों को पूरा करने के लिए चिह्नीकरण किया गया है। इसने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को इसके लिए निविदा प्रक्रिया को पूरा करने तथा विदेश मंत्रालय के मिशनों द्वारा चिह्नित आयात के लिए संभावित संसाधन तलाशने का भी निर्देश दिया गया है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह इस संबंध में आदेश जारी कर रहा है और इसे गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। जरूरत वाले इन 12 राज्यों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं।
- नई दिल्ली। देशभर में कोविड के बढ़ते मामलों के बीच बैंक यूनियनें अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बैंक यूनियनों ने वित्त मंत्रालय से बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा के उपाय करने को कहा है।बैंक यूनियनों ने मंत्रालय से कहा है कि इसके तहत बैंकों के कार्य दिवसों में कमी और शाखाओं को न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति जैसे उपाय किए जा सकते हैं। नौ यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव देवाशीष पांडा को दिए ज्ञापन में कहा कि सभी बैंक शाखाएं और प्रतिष्ठान संक्रमण के प्रसार का संभावित 'हॉटस्पॉट' हैं। ऐसे में उनके लिए कुछ सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है। इसके अलावा यूनियन ने कामकाज के घंटे या कार्यदिवस घटाने का भी सुझाव दिया है। पिछले साल भी ऐसा ही किया गया था। यूएफबीयू ने कहा, ''हम आपसे आग्रह करते हैं कि सभी बैंकों को शाखाओं/कार्यालयों में न्यूनतम कर्मचारियों को बुलाने का निर्देश दिया जाये। अगले चार से छह माह तक एक-तिहाई कर्मचारियों के साथ काम, घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए स्टाफ अधिकारियों को बारी-बारी से बुलाया जाना चाहिए।''यूनियन ने बैंककर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाने की मांग की है। इससे बैंक कर्मियों का विश्वास बढ़ेगा। यूनियन ने कहा कि कई केंद्रों पर सभी शाखाएं खोलने के बजाय इनकी संख्या सीमित की जानी चाहिए। बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार कुछ चुनिंदा शाखाओं तक किया जाना चाहिए। इसे अनिवार्य रूप से सभी शाखाओं को खोलने की जरूरत नहीं होगी और बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों की संक्रमण से सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
- इंदौर (मप्र)। पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा की कथित कालाबाजारी में यहां बृहस्पतिवार को मेडिकल स्टोर संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को ऐसे वक्त पकड़ा गया, जब राज्य भर में रेमडेसिविर की भारी किल्लत है और मरीजों के परेशान परिजन इसकी कालाबाजारी की लगातार शिकायतें कर रहे हैं।एसटीएफ की इंदौर इकाई के पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाकर पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश पाटीदार, ज्ञानेश्वर बारस्कर और अनुराग सिंह सिसोदिया के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से रेमडेसिविर की दो अलग-अलग ब्रांड की 12 शीशियां बरामद की गई हैं। शीशियों के पैकेट पर छपा है कि इनका उत्पादन "केवल निर्यात के लिए" किया गया है। खत्री ने बताया, "इन शीशियों पर रेमडेसिविर दवा का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) नहीं छपा है। लेकिन आरोपी इसकी एक शीशी को 20,000 रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे।" उन्होंने बताया कि आरोपियों में शामिल सिसोदिया यहां मेडिकल स्टोर चलाता है, जबकि पाटीदार पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने इंदौर के अलावा पड़ोसी धार जिले में भी रेमडेसिविर की शीशियां ऊंचे दामों पर बेची हैं। मामले में एसटीएफ की विस्तृत जांच जारी है।
- नई दिल्ली। .अनिवासी भारतीय (ओसीआई) कार्डधारकों को अब केवल 20 साल की उम्र होने पर अपने दस्तावेज को फिर से जारी कराने की आवश्यकता होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक 20 साल उम्र होने से पहले ओसीआई कार्डधारक के तौर पर पंजीकरण कराने वाले व्यक्ति को 20 साल उम्र होने पर नया पासपोर्ट जारी करते समय ही कार्ड फिर से जारी होगा ताकि वयस्क होने पर चेहरे में आया परिवर्तन उसमें शामिल हो जाए।अगर किसी व्यक्ति ने 20 साल की उम्र होने के बाद ओसीआई कार्डधारक के तौर पर पंजीकरण कराया लिया है तो ओसीआई कार्ड दोबारा जारी कराने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक के चेहरे में परिवर्तन आने के चलते वर्तमान में 20 साल की उम्र होने तक नया पासपोर्ट जारी कराने पर हर बार और 50 साल उम्र होने के बाद ओसीआई कार्ड जारी किया जाता है। बयान में कहा गया कि प्रक्रिया को सरल करने और ओसीआई कार्ड पुन: जारी कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर यह फैसला किया गया। बयान के मुताबिक ओसीआई कार्ड अनिवासी भारतीयों के बीच लोकप्रिय होगा और भारतीय मूल के नागरिक या अनिवासी भारतीय सुगमता से देश आ सकेंगे और जब तक चाहे रह सकेंगे। भारत सरकार ने अब तक करीब 37.72 लाख ओसीआई कार्ड जारी किए हैं।
- नई दिल्ली। दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में ''अप्रत्याशित वृद्धि'' के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अवर सचिव स्तर के अपने अधिकारियों को घर से ही काम करने को कहा है और केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक कार्यालय पत्र में कहा कि सभी अधिकारी सुबह नौ बजे से 10 बजे के बीच कार्यालय में आने के साथ उसी हिसाब से अपने जाने के समय में भी बदलाव कर सकते हैं। निषिद्ध क्षेत्रों में रहने वालों को कार्यालय आने से छूट होगी।गृह मंत्रालय ने कहा, ''दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि के चलते संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाने का फैसला किया गया है।'' गृह मंत्रालय ने कहा कि अवर सचिव या समकक्ष स्तर के अधिकारियों और इससे निचले स्तर के अधिकारियों को घर से काम करने की अनुमति होगी और कार्यालय में कुल कर्मचारियों का 50 प्रतिशत कार्यबल ही मौजूद रहेगा। संबंधित विभाग के प्रमुख कार्यालय में उपस्थिति के लिए कर्मचारियों की सूची तैयार करेंगे।उप सचिव, समकक्ष या इससे ऊपर के सभी अधिकारी नियमित रूप से दफ्तर आएंगे। गृह मंत्रालय ने कहा, ''सभी अधिकारी सुबह नौ बजे से 10 बजे के बीच कार्यालय में आने के साथ उसी हिसाब से अपने जाने के समय में भी बदलाव कर सकते हैं। इससे लिफ्ट या कॉरिडोर में भीड़-भाड़ नहीं होगी। विभाग प्रमुख इस संबंध में 'रोस्टर सिस्टम' बनाएंगे।'' किसी खास दिन नहीं आने वाले कर्मचारी अपने आवास पर हर समय टेलीफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जुड़े रहेंगे और घर से ही काम करेंगे। कार्यालय आने वाले सभी कर्मचारी कोविड-19 के संबंध में दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।
- इंदौर । कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच यहां प्रशासन 7,000 बिस्तरों की क्षमता वाला कोविड देखभाल केंद्र शुरू करने में जुटा है। खास बात यह है कि यह केंद्र गत्ते के उन पलंगों (बिस्तरों) से तैयार किया जा रहा है, जिन्हें इस्तेमाल के बाद आसानी से नष्ट किया जा सकता है। जिलाधिकारी मनीष सिंह ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि खंडवा रोड के एक सामुदायिक सत्संग परिसर में गत्ते से बने पलंगों से कोविड देखभाल केंद्र तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया, "हालांकि, पहले चरण में यह केंद्र 500 बिस्तरों के साथ शुरू होगा। लेकिन जरूरत पड़ने पर इसमें बिस्तरों की तादाद बढ़ाकर 7,000 की जा सकती है।" अधिकारियों ने बताया कि कोविड देखभाल केंद्र में खासकर बिना लक्षण वाले उन मरीजों को संक्रमणमुक्त होने तक रखा जाएगा जिनके घर छोटे होने के कारण वे पृथक-वास में नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि कोविड देखभाल केंद्र में मरीजों को कमोबेश वैसी ही चिकित्सा और नर्सिंग सुविधाएं मिलेंगी जो किसी अस्पताल में मिलती हैं। गौरतलब है कि इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित जिला है जो संक्रमितों की तादाद में भारी वृद्धि के चलते इन दिनों अस्पतालों में बिस्तरों, मेडिकल ऑक्सीजन, रेमडेसिविर दवा और अन्य जरूरी संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। इस बीच, परोपकार के लिए मशहूर फिल्म अभिनेता सोनू सूद इंदौर की मदद के लिए आगे आए हैं। सोशल मीडिया पर गुरुवार को वायरल वीडियो में सूद कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि वह शहर के संक्रमितों के लिए 10 ऑक्सीजन जेनरेटर भेज रहे हैं। यह मशीन हवा से खुद ही ऑक्सीजन अलग कर लेती है। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक महामारी के कुल 84,290 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,023 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।-file photo
- नयी दिल्ली ।कोरोना संकट के बीच केंद्र ने गुरुवार को राज्य सरकारों से घबराहट में लोगों को जरूरत से ज्यादा खरीदारी से रोकने के लिये कदम उठाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रमुख जिंसों के दाम नहीं बढ़े। केंद्र ने राज्यों को निर्देश ऐसे समय दिया है जब कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामले के कारण जरूरी जिंसों के दाम में वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ी है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव निधि खरे ने राज्य सरकारों को लिखे पत्र में कहा है कि कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में अचानक वृद्धि से आम लोगों के लिये उचित मूल्य पर जरूरी सामानों की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। राज्यों से आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिये किराना दुकानों/गोदामों और दवा की दुकानों को धारा 144 के तहत पाबंदियों से अलग रखने को कहा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जरूरी सामानों के दाम नहीं बढ़े और उनकी आपूर्ति उचित मूल्य पर बनी रहे। जब तक कच्चे माल की लागत या विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण दाम बढ़ाना जरूरी नहीं हो, कीमत में वृद्धि नहीं होनी चाहिए।'' खरे ने कहा कि राज्यों से लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिये जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है ताकि वे जरूरी सामानों की खरीदारी घबराहट में आकर नहीं करे। इसके अलावा राज्यों से प्रभावी निगरानी और आदेश के अनुपालन को लेकर राज्य/जिला स्तर पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, माप-तौल, स्वास्थ्य और नीति विभाग की संयुक्त टीम गठित करने को कहा गया है ताकि मांग-आपूर्ति में अंतर, जमाखोरी और जरूरी जिंसों के दाम में अत्यधिक बढ़ोतरी जैसी चीजें न हों। खरे ने कहा कि राज्यों को जरूरी सामानों की आपूर्ति को लेकर ग्राहकों के लिये हेल्पलाइन भी स्थापित करने को कहा गया है ताकि वे अपनी शिकायत दर्ज करा सके और सार्वजनिक प्राधिकरण उसका समाधान कर सके। राज्यों से स्थिति की समीक्षा करने और स्थिति के हिसाब से उचित कार्यवाही करने को कहा गया है।
- लखनऊ । कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य के 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल आगामी 15 मई तक बंद रखने और उप्र बोर्ड की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित करने का फैसला किया। साथ ही दो हजार से ज्यादा उपचाराधीन मामलों वाले 10 जिलों में रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ और गोरखपुर शामिल हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा रेफर किए गए कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने में टालमटोल करने वाले अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया कि प्रदेश में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल 15 मई तक बंद कर दिए गए हैं और इस दौरान कोई परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (उप्र बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 20 मई तक टाल दी गई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह फैसला लिया गया।
- रूड़की । आईआईटी रुड़की के परिसर में बने पृथक-वास केंद्र में बुधवार रात एक छात्र की मृत्यु हो गई। गढ़वाल क्षेत्र के मंडलायुक्त रविनाथ रमन ने बृहस्पतिवार को बताया कि मृतक छात्र प्रेम सिंह की हाल ही में कराई गई आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी। रमन ने कहा कि चंडीगढ़ निवासी 23 वर्षीय छात्र की मृत्यु के कारण की तह तक जाने के लिए इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। प्रेम सिंह आईआईटी रुड़की में एमटेक प्रथम वर्ष के छात्र थे और परिसर में ही रहते थे।हाल में आईआईटी रूड़की में करीब 100 छात्र कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद प्रशासन ने परिसर में स्थित तीन इमारतों को निषिद्ध जोन घोषित कर दिया था।
- नयी दिल्ली। भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान' में सहयोग के लिए इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी ने बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते की घोषणा भारत की यात्रा पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां इव लि द्रीयां के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय दौरे के दौरान की गई। इसरो ने फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी ‘सेंटर नेशनल डी'इट्यूड्स स्पेतियल्स' (सीएनईएस) से ‘गगनयान' मिशन में मदद करने और इस कार्य में इसके एकल यूरोपीय सहयोगी के रूप में सेवा देने को कहा है। फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि समझौते के तहत सीएनईएस भारत के ‘फ्लाइट फिजीशियन' और सीएपीसीओएम मिशन नियंत्रण टीमों को सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण एप्लीकेशन्स के विकास के लिए फ्रांस में सीएडीएमओएस केंद्र में तथा अंतरिक्ष अभियानों के लिए सीएनईएस के ताउलेस अंतरिक्ष केंद्र में तथा जर्मनी के कोलोग्ने स्थित यूरोपीय अंतरिक्षयात्री केंद्र (ईएसी) में प्रशिक्षण देगा। समझौते के तहत सीएनईएस, इस मिशन के दौरान वैज्ञानिक प्रयोग योजना के क्रियान्वयन, भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा फ्रांसीसी उपकरणों, उपभोज्य वस्तुओं और चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल किए जाने जैसी चीजों में सहयोग करेगा। सीएनईएस द्वारा विकसित फ्रांसीसी उपकरण परीक्षणों में खरे उतर चुके हैं और ये अब भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) में काम कर रहे हैं तथा ये भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के काम आएंगे। इसने कहा कि सीएनईएस फ्रांस निर्मित अग्निरोधी बैग भी उपलबध कराएगा जो उपकरणों को विकिरण से बचाएंगे।सीएनईएस ने कहा कि सहयोग को आगे और भी बढ़ाया जा सकता है। ‘गगनयान' मिशन के तहत 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भारतीय भूमि से अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। हालांकि, कोविड-19 महामारी की वजह से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मिशन में विलंब हो चुका है।
- नयी दिल्ली । दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव ने कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच बल के कर्मियों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त एहतियात बरतने, शारीरिक दूरी का ध्यान रखने और एन-95 या थ्री प्लाई सर्जिकल मास्क पहनने को कहा है। बृहस्पतिवार को जारी एक वीडियो संदेश में, पुलिस प्रमुख ने अपने कर्मियों से अधिक सतर्क रहने और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की नयी लहर पहले की तुलना में “अधिक गंभीर'' प्रकृति की है। कोविड-19 से लड़ने में दिल्ली पुलिस द्वारा निभाई गई महत्त्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में, हमारे कुछ कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही, जो चिंता का कारण है।” इस साल के लिए उपलब्ध कराए गए पुलिस आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 73 कर्मियों में कोविड-19 की पुष्टि हुई जबकि फरवरी में 33 और मार्च में 390 कर्मी वायरस से संक्रमित हुए। श्रीवास्तव ने बल के कर्मियों से ड्यूटी करते हुए और खासकर एक-दूसरे से संवाद के दौरान, सत्यापन अभियान चलाते हुए, चालान जारी करते वक्त, पिकेट ड्यूटी पर रहने या अस्पतालों का दौरा करने के दौरान पर्याप्त एहतियात बरतने को कहा है ताकि संक्रमित होने की आशंका कम रहे। उन्होंने कहा कि यदि किसी इकाई का कोई कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित होता है तो वह अपनी इकाई के साथ ही मु्ख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर सकता है ताकि उचित उपचार सुनिश्चित हो सके और उनके लिए अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कर्मियों से टीका लगवा लेने के बाद भी “लापरवाह'' नहीं होने के लिए कहा है।
- पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ में प्रेमी युगल द्वारा एक ही रस्सी के फंदे से लटक कर जान देने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के निपनिया सिमरीटोला में सामने आई इस घटना में प्रेमी युगल दोनों करीबी रिश्तेदार होने के बावजूद एक-दूसरे को प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे। हालांकि, परिजन इसके खिलाफ थे। उन्होंने बताया कि दोनों मंगलवार देर शाम अपने-अपने घरों से निकल गए। बुधवार को जब परिजन उन्हें घर में न देख खोजबीन करने लगे तो शाम करीब चार बजे दोनों को गांव से कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकते पाया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों एक ही रस्सी के फंदे से लटकते पाए गए।पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि मामले की सभी दृष्टिकोण से जांच की जा रही है और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- जयपुर। राजस्थान के अजमेर जिले के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक जीप नील गाय से टकरा कर पलट गई जिससे जीप में सवार एक महिला की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये। रूपनगढ़ थाने के हैड कांस्टेबल नवरतन चौधरी ने बताया हनुमानगढ़-किशनगढ़ मेघा हाइवे पर दरदून गांव के पास एक जीप नील गाय से टकरा कर पलट गई जिससे जीप में सवार उत्तरप्रदेश निवासी कमला देवी जाट (30) की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये। उन्होंने बताया कि तीन घायलों में से दो गंभीर घायलों को अजमेर रैफर किया गया है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली में पश्चिमपुरी के शहीद भगत सिंह कैम्प में एक झुग्गी बस्ती में आग लगने के बाद करीब 30 झुग्गियां जलकर खाक को गई। दमकल विभाग ने इसकी जानकारी दी । दिल्ली दमकल विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि बुधवार रात को हुई घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने के बारे में रात करीब नौ बजकर 55 मिनट पर सूचना मिली और दमकल की 25 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि आग की घटना में करीब 30 झुग्गियां जलकर खाक हो गई। उन्होंने बताया कि बाद में दमकल की दो और गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया और आग पर काबू पा लिया जबकि ‘‘कूलिंग अभियान'' देर रात डेढ़ बजे तक जारी रहा। अधिकारी ने बताया कि आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रात को कर्फ्यू लगे होने के बावजूद 200 से अधिक लोग घटनास्थल के पास एकत्रित हो गए जिसके बाद पुलिस और दमकल कर्मियों ने उन्हें तितर-बितर किया। झुग्गी बस्ती के पास रहने वाली दीपिका ने बताया, ‘‘मुझे लगता है कि सिलेंडर में विस्फोट होने के कारण आग लगी क्योंकि मैंने रात करीब नौ बजकर 50 मिनट पर विस्फोट की आवाज सुनी थी। मैं बालकनी में आई लेकिन कुछ देख नहीं सकी। कुछ ही मिनट बाद मैंने आग की बड़ी लपटें उठती देखी।-File photo
- नई दिल्ली। देश में चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने कहा है कि इसका पर्याप्त स्टाक उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया है कि इस समय देश में ऑक्सीजन का भंडार 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक है।मंत्रालय ने यह भी कहा है कि देश की दैनिक ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता सात हजार मीट्रिक टन से अधिक है। इसमें बढ़ोतरी भी की गयी है। केन्द्र सरकार ने बढती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्यों से कहा है कि वे चिकित्सा में काम आने वाली ऑक्सीजन का सही ढंग से उपयोग करें और बरबादी पर रोक लगाएं।इस संबंध में अधिकार प्राप्त समूह ने भी चिकित्सा में काम आने वाली ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस्पात संयंत्रों के पास उपलब्ध अतिरिक्त ऑक्सीजन का उपयोग भी आवश्यकतानुसार किया जा रहा है। राज्यों से कहा गया है कि वे नियंत्रण कक्ष स्थापित करें ताकि जिलों को ऑक्सीजन की सुचारु रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।सरकार ने महामारी से ग्रस्त विभिन्न राज्यों को चिकित्सा में काम आने वाली ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किये हैं। ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने, इस्पात कारखानों के पास उपलब्ध अतिरिक्त ऑक्सीजन का उपयोग करने और राज्यों की ऑक्सीजन की आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए भी कदम उठाये गये हैं।महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता वाले राज्यों की मांग को पूरा करने के लिए उत्पादकों, राज्यों और अन्य संबद्ध पक्षों के साथ मिलकर उनकी आवश्यकताओं का आकलन करने के कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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