- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. भारत ने शनिवार को अरब लीग के सदस्य देशों से स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करना एक "अडिग सार्वभौमिक मानदंड" होना चाहिए। उन्होंने नयी दिल्ली में आयोजित भारत–अरब लीग देशों के विदेश मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन में यह बात कही, जिसमें अरब लीग के 19 सदस्य देशों ने भाग लिया। अरब लीग को एक प्रभावशाली समूह माना जाता है। बैठक शुरू होने से पहले, कई देशों के विदेश मंत्रियों समेत प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। मोदी ने कहा, "अरब जगत भारत के विस्तारित पड़ोस का हिस्सा है, जो गहरे सभ्यतागत संबंधों, जीवंत जन संपर्कों और स्थायी भाईचारे के रिश्तों के साथ-साथ शांति, प्रगति व स्थिरता के साझा संकल्प से जुड़ा है।" उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "मुझे विश्वास है कि प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, व्यापार और नवाचार में सहयोग बढ़ने से नए अवसर पैदा होंगे और हमारी साझेदारी नयी ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।" विदेश मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन भाषण में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक शांति योजना को आगे बढ़ाना एक साझा प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "विभिन्न देशों ने इस शांति योजना पर, व्यक्तिगत रूप से या सामूहिक रूप से, नीतिगत घोषणाएं की हैं। इसी व्यापक संदर्भ में हम क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।" जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम एशिया में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं, जिनमें से अनेक का प्रभाव क्षेत्र से बाहर तक महसूस किया गया है। उन्होंने कहा कि इन अनेक चुनौतियों पर विचार करते हुए हमारे साझा हित की मांग है कि स्थिरता, शांति और समृद्धि जैसी ताकतों को मजबूत किए जाए। जयशंकर ने अपने संबोधन में आतंकवाद से उत्पन्न गंभीर चुनौतियों पर चिंता जताई और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। विदेश मंत्री ने कहा, "आतंकवाद के सभी रूप एक साझा खतरा हैं।"
उन्होंने कहा कि सीमा-पार आतंकवाद विशेष रूप से अस्वीकार्य है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन होता है। जयशंकर ने कहा, "जिन समाजों को आतंकवाद निशाना बनाता है, उन्हें आत्मरक्षा का अधिकार है और वे स्वाभाविक रूप से इसका उपयोग करेंगे।" उन्होंने कहा कि इस "वैश्विक अभिशाप" से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। जयशंकर ने कहा, "आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करना एक अडिग सार्वभौमिक मानदंड होना चाहिए।" -
नयी दिल्ली. देश में फरवरी में मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहने और बारिश कम होने का अनुमान है, खासकर हिमालयी क्षेत्र में जहां सर्दियों के शुष्क होने को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जोड़ा जा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को यह जानकारी दी। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे देश में फरवरी में होने वाली बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है और न्यूनतम और अधिकतम तापमान, दोनों सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, ''गेहूं और जौ जैसी फसलों में समय से पहले पकने की समस्या हो सकती है, जिससे बाली में दाने नहीं बनेंगे और दाने हल्के हो जायेंगे तथा पैदावार कम हो जायेगी।'' महापात्र ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी भारत (जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं) में फरवरी में मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी के ज्यादातर भागों में पश्चिमी विक्षोभ की गैर मौजूदगी के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों में मौसम शुष्क बना रहा, जहां 20 जनवरी के बाद ही हिमपात हुआ। उन्होंने कहा, ''समय के साथ पश्चिमी हिमालय में वर्षा में कमी का रुझान देखा गया है, जिसका कारण आईएमडी और अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों में जलवायु परिवर्तन को बताया गया है।'' उन्होंने हालांकि कहा कि यह बताना मुश्किल है कि जलवायु परिवर्तन का कौन सा विशेष पहलू पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश में कमी का कारण है। उन्होंने कहा कि लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण देश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश हुई।
जनवरी में बंगाल की खाड़ी में बने हवा के निम्न दबाव के क्षेत्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को छोड़कर देश के पूर्वी हिस्सों को बारिश से वंचित रखा। महापात्र ने कहा कि फरवरी में न्यूनतम तापमान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, सिवाय दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों के, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य रहने का अनुमान है। इसी तरह, देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, मध्य भारत के दूरदराज के कुछ इलाकों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अधिकतम तापमान के सामान्य रहने का अनुमान है। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं। वित्त मंत्री 1 फरवरी रविवार को सुबह 11 बजे संसद में बजट पेंश करेंगी। इस बार सभी की निगाहें बहुप्रतीक्षित सीमा शुल्क सुधारों पर टिकी होंगी। सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में दशकों से चले आ रहे चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक 'बही-खाता' का अनुकरण किया था। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया जाएगा। बजट में सैलरीड क्लास के लिए टैक्स में फिर से कोई राहत मिल सकती है। वहीं इंडस्ट्री को भी जीएसटी में राहत मिलने की कुछ उम्मीद है।
- नई दिल्ली । वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को विश्वास जताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को पेश किया जाने वाला 2026-27 का बजट एक अच्छा बजट होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री ने पिछले कुछ सालों में शानदार बजट पेश किए हैं और यह उनका नौवां बजट होने के नाते, यह भी अलग नहीं होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या एमएसएमई कुछ मदद की उम्मीद कर सकते हैं, तो मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों के माध्यम से इस क्षेत्र को लगातार समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमएई के महत्व के प्रति बहुत जागरूक रही है।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने पर सुनेत्रा पवार को शुभकामनाएं दीं। वह राज्य में इस जिम्मेदारी को संभालने वाली पहली महिला हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करेंगी एवं दिवंगत अजीतदादा पवार के सपनों को साकार करेंगी।”प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा: "महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल शुरू करने वाली सुनेत्रा पवार जी को हार्दिक शुभकामनाएं। वह राज्य में इस पद को संभालने वाली पहली महिला हैं। मुझे विश्वास है कि वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करेंगी और दिवंगत अजीतदादा पवार के सपनों को साकार करेंगी।"
-
मुंबई। एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने लोकभवन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और इस अवसर पर ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे भी लगाए गए।
लोकभवन में आयोजित शपथ समारोह के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी संभाली। शपथ के बाद पार्टी नेताओं ने इसे संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से अहम क्षण बताया। इससे पहले, सुनेत्रा पवार के एनसीपी विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद पार्टी नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी।एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि अजित पवार के निधन के बाद संगठन को कैसे संभाला जाए। उन्होंने कहा कि यह आघात बहुत बड़ा है और सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना आसान नहीं है, लेकिन पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए किसी को जिम्मेदारी संभालनी ही थी।अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं और ऐसे समय में पार्टी को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अजित पवार जिन उम्मीदवारों के लिए खुद प्रचार कर रहे थे, अब उनकी जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार निभाएंगी।एनसीपी विधायक सना मलिक ने कहा कि पार्टी में यदि अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो वह सुनेत्रा पवार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से सुनेत्रा पवार लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में रही हैं और संगठन को समझती हैं।शरद पवार की पार्टी के साथ संभावित विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि इस दिशा में अजित पवार की ओर से कुछ प्रयास जरूर चल रहे थे। कुछ नेताओं के बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन किन मुद्दों पर और किस स्तर पर चर्चा हुई, इसका स्पष्ट जवाब अब देना मुश्किल है। -
नई दिल्ली। संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पंजाब का दौरा करेंगे। इस दौरान वे दोपहर करीब 3:45 बजे आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां एयरपोर्ट का नया नाम ‘श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट, आदमपुर’ अनावरण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री लुधियाना स्थित हलवारा एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण उस महान संत और समाज सुधारक के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिनकी समानता, करुणा और मानवीय गरिमा की शिक्षाएं आज भी भारत के सामाजिक मूल्यों को प्रेरित करती हैं।पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हलवारा एयरपोर्ट पर जिस नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जाएगा, वह पंजाब के लिए एक नया एविएशन गेटवे साबित होगा। इससे लुधियाना और आसपास के औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्रों की कनेक्टिविटी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि हलवारा लुधियाना जिले में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय वायुसेना स्टेशन भी है।लुधियाना के पुराने एयरपोर्ट पर रनवे छोटा होने के कारण केवल छोटे विमानों का संचालन संभव था। कनेक्टिविटी में सुधार और बड़े विमानों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए हलवारा में एक नया सिविल एन्क्लेव विकसित किया गया है। यहां बना लंबा रनवे ए320 जैसे विमानों के संचालन में सक्षम है।बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के सतत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास के विजन के अनुरूप इस टर्मिनल भवन में कई हरित और ऊर्जा-कुशल सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें एलईडी लाइटिंग, इंसुलेटेड छत, रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम, सीवेज और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा लैंडस्केपिंग के लिए रिसाइकल वाटर का उपयोग शामिल है।टर्मिनल का आर्किटेक्चरल डिजाइन पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है, जिससे यात्रियों को एक विशिष्ट और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा यात्रा अनुभव मिलेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना बर्ड सेंचुरी और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढांड का रामसर साइट बनना खुशी का विषय है। उन्होंने स्थानीय समुदाय और वेटलैंड संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि ये वेटलैंड्स प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में आगे भी फलते-फूलते रहेंगे।इससे पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी थी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढांड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने यह घोषणा दो फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व वेटलैंड्स दिवस से पहले की।भूपेंद्र यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रामसर नेटवर्क 2014 में 26 साइट्स से बढ़कर अब 98 साइट्स तक पहुंच गया है। यह लगभग 276% से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है, जो वेटलैंड संरक्षण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।मंत्री ने बताया कि इन दोनों वेटलैंड्स में सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके साथ ही ये क्षेत्र चिंकारा, भेड़िया, कैरकल, रेगिस्तानी बिल्ली और रेगिस्तानी लोमड़ी जैसी प्रजातियों तथा कई लुप्तप्राय पक्षियों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास प्रदान करते हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को डिब्रूगढ़ में असम विधानसभा के प्रस्तावित दूसरे परिसर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद ऊपरी असम में शासन को मजबूत करना और लोगों के लिए प्रशासनिक पहुंच में सुधार करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि यहां पर लगभग 825 करोड़ रुपए की लागत से 5 परियोजनाओं का भूमि पूजन और उद्घाटन हुआ है। मैं असम के मुख्यमंत्री को बहुत बधाई देता हूं, जिन्होंने 2025 में घोषणा की कि असम को हम समावेशी बनाएंगे। उन्होंने डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि नया विधानसभा परिसर, विधायक छात्रावास के साथ, पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में शासन की आसानी को काफी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऊपरी असम के लोगों को सुशासन के लाभों के करीब लाने में मदद करेगी और प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करेगी।इसी बीच कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, “हमने कांग्रेस की सरकारें देखी हैं, कई सारी घोषणाएं सिर्फ घोषणाएं बनकर रह जाती थीं। लेकिन हिमंत बिस्वा शर्मा ने घोषणा की और ढाई सौ एकड़ में असम के दूसरे विधानसभा परिसर का शिलान्यास हुआ है। आज पूरे भारत में डिब्रूगढ़ के वासी राजधानी असम के वासी माने जाएंगे।”उन्होंने कहा, “यह डिब्रूगढ़ की धरती है, जहां से असम की चाय की खुशबू दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचती है और भारतीय चाय का स्वादिष्ट स्वाद दुनिया भर में पसंद किया जाता है। इस इलाके ने भारत को दुनिया भर में एक अलग पहचान दी है। यहां के मेहनती चाय बागानों के मज़दूरों ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और एक्सपोर्ट को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।”अधिकारियों के अनुसार, नए विधानसभा परिसर और विधायक छात्रावास की अनुमानित लागत 284 करोड़ रुपए से 300 करोड़ रुपए के बीच होगी। इमारतों को पारंपरिक असमिया वास्तुकला तत्वों और आधुनिक सुविधाओं के मिश्रण के साथ डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान और कार्यात्मक दक्षता दोनों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रशासनिक गतिविधियों के विकेंद्रीकरण और ऊपरी असम में संस्थागत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। -
नई दिल्ली। पर्यटन मंत्रालय गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में प्रतिवर्ष 26 से 31 जनवरी तक दिल्ली के लाल किले के सामने स्थित लॉन और ज्ञानपथ पर भारत पर्व का आयोजन करता है। भारत पर्व 2026 का समापन समारोह 31 जनवरी 2026 को शाम 5:30 बजे होगा। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
पर्यटन मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। भारत पर्व देश की सांस्कृतिक और रचनात्मक विरासत की झलक प्रदर्शित करता है, जिसमें गणतंत्र दिवस की झांकियां, सशस्त्र बलों की बैंड प्रस्तुतियां और उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और दिल्ली स्थित सांस्कृतिक समूहों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं।इस आयोजन में अखिल भारतीय फूड कोर्ट, हस्तशिल्प और हथकरघा बाजार, केंद्रीय मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के पंडालों के साथ-साथ स्टूडियो किचन सत्र, नुक्कड़ नाटक और डू-इट-योरसेल्फ कार्यशालाओं जैसी क्रियात्मक गतिविधियां भी शामिल हैं। भारत पर्व शनिवार दोपहर 12:00 बजे से रात 9:00 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा। -
नई दिल्ली। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मार्च में अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन और पूजा कर सकती हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मिश्रा ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति ने अनौपचारिक रूप से इस दौरे के लिए अपनी सहमति दे दी है।
नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने हाल ही में राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और उन्हें अयोध्या आने का औपचारिक निमंत्रण दिया था। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, “ट्रस्ट के सदस्यों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें अयोध्या आकर भगवान के दर्शन करने के लिए निमंत्रण दिया। हमें उम्मीद है कि वह अपने शेड्यूल में, शायद मार्च में, कोई तारीख तय कर पाएंगी। हालांकि हमें कोई फॉर्मल जानकारी नहीं मिली है, लेकिन अनौपचारिक रूप से हमें पता चला है कि वह मान गई हैं।”श्री राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन ने कहा कि रामायण से जुड़ी पुरानी पांडुलिपियों के बारे में भी जानकारी दी, जिन्हें मंदिर परिसर में रखा जाएगा। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने ट्रस्ट को एक दुर्लभ 400 साल पुरानी पांडुलिपि गिफ्ट की है, जिसमें वाल्मीकि की बातें पुरानी संस्कृत लिपि में लिखी हुई हैं। यह पांडुलिपि पहले राष्ट्रपति भवन म्यूजियम को दी गई थी, लेकिन यह जानने के बाद कि अयोध्या मंदिर की दूसरी मंजिल पर रामायण से जुड़े साहित्य के लिए एक खास जगह होगी, यूनिवर्सिटी ने ट्रस्ट के रिक्वेस्ट पर पांडुलिपि को हमेशा के लिए गिफ्ट करने का फैसला किया।उन्होंने कहा कि ट्रस्ट मंदिर परिसर में अलग-अलग भारतीय भाषाओं में प्राचीन रामायण और वाल्मीकि अनुवादों को संरक्षित और सुरक्षित रखने की योजना बना रहा है, जिससे यह धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा। राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी, 2024 को लगभग 7,000 मेहमानों की मौजूदगी में हुआ। इस समारोह में आध्यात्मिक नेता, प्रमुख कारोबारी हस्तियां, खिलाड़ी और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसे देश और विदेश में व्यापक ध्यान मिला।उन्होंने कहा कि उद्घाटन के बाद मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। प्राण प्रतिष्ठा के अगले दिन लगभग 3 लाख भक्त भगवान राम के पांच साल के रूप को दर्शाने वाली राम लला की नई स्थापित मूर्ति के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, जबकि इतनी ही संख्या में लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। -
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया है कि देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं। यह फैसला मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि छात्राओं का अधिकार है कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहौल मिले। कोर्ट ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अलग-अलग जेंडर के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था करें और वहां पूरी प्राइवेसी सुनिश्चित करें। साथ ही, दिव्यांग छात्रों के अधिकारों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।अदालत ने यह भी कहा है कि स्कूलों के टॉयलेट के अंदर मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी पैड उपलब्ध होने चाहिए। ये पैड मशीनों के माध्यम से या स्कूल परिसर में तय किए गए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा छात्राओं को दिए जाएं ताकि किसी तरह की झिझक या परेशानी न हो।इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्कूलों में ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन कॉर्नर’ बनाने का निर्देश दिया है। इन कॉर्नर में मासिक धर्म से जुड़ी सभी जरूरी चीजें और जानकारी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि छात्राएं खुद को सुरक्षित और जागरूक महसूस कर सकें।अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दें और बताएं कि इस फैसले को जमीन पर कैसे लागू किया गया है। साथ ही, कोर्ट ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर एक नीति बनाने को भी कहा है ताकि देशभर में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।दरअसल, यह याचिका मध्य प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता जया ठाकुर ने दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड और अन्य मेंस्ट्रूअल प्रोडक्ट उपलब्ध कराए जाएं ताकि किसी भी छात्रा की पढ़ाई सिर्फ इस वजह से न रुके।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी कहा कि वे मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर अपने-अपने स्तर पर जो योजनाएं और फंड से चलने वाली नीतियां हैं, उनकी जानकारी केंद्र सरकार को दें। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस परेड तथा बीटिंग रिट्रीट समारोह 2026 में भाग लेने वाले तीनों सेनाओं के बैंड टुकड़ियों और तीनों सेनाओं के प्रोवोस्ट आउट्राइडर्स के कर्मियों से मुलाकात की।
शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के बैंड तथा प्रोवोस्ट आउट्राइडर्स के अधिकारियों और जवानों के साथ ग्रुप फोटोग्राफ भी खिंचवाया। गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोहों में इन टुकड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।उल्लेखनीय है कि त्रि-सेवा बैंड और प्रोवोस्ट आउट्राइडर्स गणतंत्र दिवस और उसके समापन अवसर पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह की औपचारिक और पारंपरिक गरिमा को बनाए रखने में अहम योगदान देते हैं। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित इन समारोहों में सशस्त्र बलों की अनुशासनबद्ध प्रस्तुतियां और परंपरागत सैन्य परिधान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।गौरतलब है कि इस वर्ष 26 जनवरी को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में देश की मजबूत होती स्वदेशी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और जन भागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला। कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं और पुलिस बलों द्वारा भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया। इस अवसर पर यूरोपीय यूनियन के दो वरिष्ठ नेता एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल, देश की विकास यात्रा, स्वदेशी सैन्य उपकरणों, सशस्त्र बलों की ताकत, भारत की सांस्कृतिक विरासत और आम लोगों की भागीदारी को एक साथ प्रदर्शित किया गया। इसके उपरांत गुरुवार शाम को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन हुआ।बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन हुआ। राष्ट्रपति भवन के सामने विजय चौक भारतीय धुनों और देशभक्ति के संगीत से गूंज उठा। इस दौरान सैन्य बैंड द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शक्ति को दर्शाया गया, वहीं मार्चिंग के माध्यम से ड्यूटी पर तैनात भारतीय सेना के जवानों के अनुशासन और समर्पण को भी प्रस्तुत किया गया।विजय चौक पर आयोजित इस भव्य समारोह में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंडों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनें प्रस्तुत कर माहौल को भावुक और गर्वपूर्ण बना दिया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति में आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस सभा में प्रधानमंत्री ने बापू के जीवन और विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी लाखों लोगों के लिए आशा और प्रेरणा का स्रोत है।
प्रार्थना सभा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गांधी स्मृति की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि उन्होंने गांधी स्मृति में आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लिया और बापू के आदर्शों को नमन किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के प्रयासों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा बदल दी। उनके विचारों और कार्यों ने न केवल आज़ादी की लड़ाई को नैतिक आधार दिया, बल्कि भारत की विकास यात्रा पर भी एक अमिट छाप छोड़ी है, जिसका प्रभाव पीढ़ियों तक महसूस किया जाता रहेगा।प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके शाश्वत आदर्श हमारे राष्ट्र के मार्गदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने न्याय, सद्भाव और मानवता की सेवा पर आधारित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।प्रधानमंत्री ने कहा कि पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। अहिंसा वह शक्ति है, जो बिना हथियार के भी दुनिया को बदल सकती है। उन्होंने अहिंसा पर आधारित श्लोकों का उल्लेख करते हुए बापू के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर दिया।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर श्रद्धा और सम्मान के वातावरण में कार्यक्रम आयोजित किया गया। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित आनंदपुर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पश्चिम बंगाल के आनंदपुर में हुआ हालिया अग्निकांड अत्यंत दुखद और दर्दनाक है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों। नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी।बताया गया है कि आनंदपुर अग्निकांड में एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 25 हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।जानकारी के मुताबिक, 26 जनवरी की सुबह आनंदपुर इलाके में एक गोदाम के भीतर आग लग गई थी। उस समय गोदाम के अंदर सो रहे कई मजदूर आग की चपेट में आ गए थे। राज्य अग्निशमन सेवा विभाग और फोरेंसिक टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि आग ‘वाओ मोमो’ फैक्ट्री से नहीं, बल्कि पास स्थित पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम से लगी थी।हालांकि, घटना के बाद गिरफ्तार किए गए पुष्पांजलि गोदाम के मालिक गंगाधर दास ने दावा किया है कि आग सबसे पहले मोमो फैक्ट्री से फैली थी। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आनंदपुर अग्निकांड पर स्वत: संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को जल्द से जल्द कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। एनएचआरसी ने वाओ मोमो फैक्ट्री में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद इस मामले में हस्तक्षेप किया है। - नई दिल्ली। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा अकाउंटिंग सम्मेलन शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित इस मेगा इवेंट में 40 से अधिक देशों के 10,000 से ज्यादा डेलीगेट्स हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाला यह आयोजन अकाउंटिंग, फाइनेंस और ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय विमर्श का बड़ा मंच बनकर उभरा है।द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से आयोजित वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स 2.0 (वोफा 2.0) का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। पहले दिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन को संबोधित किया और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की वैश्विक भूमिका, आर्थिक विकास में उनके योगदान और बदलते वैश्विक परिदृश्य में लेखा पेशे की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।इस तीन दिवसीय अकाउंटिंग महाकुंभ में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता करीब 50 तकनीकी और विषयगत सत्रों में भाग ले रहे हैं। इन सत्रों में अकाउंटिंग, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टैक्सेशन, कैपिटल मार्केट, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, सस्टेनेबिलिटी और गवर्नेंस जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है।वोफा 2.0 की थीम “नेशन बिल्डिंग से ग्लोबल कोलैबोरेशन: ट्रस्ट को मजबूत करना, ग्रोथ को आगे बढ़ाना” रखी गई है। यह थीम भारत के अकाउंटिंग प्रोफेशन की देश निर्माण में भूमिका और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। सम्मेलन में नीति-निर्माता, रेगुलेटर्स, उद्योग जगत के नेता, कॉरपोरेट एक्सपर्ट्स और फाइनेंस प्रोफेशनल्स एक साथ मंच साझा कर रहे हैं।इस सम्मेलन में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। इनमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल, राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, प्रतापराव जाधव और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संजय के. मूर्ति सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।आईसीएआई के अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने कहा कि वोफा 2.0 को बेहद सोच-समझकर डिजाइन किया गया है। इसमें 50 से अधिक सत्र, 200 से ज्यादा वक्ता और लगभग 100 एग्जिबिटर्स हिस्सा ले रहे हैं, जो नए आइडियाज, इनोवेटिव सॉल्यूशंस और बेस्ट प्रैक्टिसेज पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों से आए डेलीगेट्स की भागीदारी भारत को एक भरोसेमंद ग्लोबल नॉलेज हब के रूप में स्थापित करती है।वोफा 2.0 में भारत की आर्थिक विकास यात्रा, डिजिटल इंडिया, गवर्नेंस सुधार, स्वदेशी विकास, सस्टेनेबिलिटी और इंडिया @ 2047 जैसे भविष्य से जुड़े विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह मंच अकाउंटिंग प्रोफेशन को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 78वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि बापू के आदर्श हमें एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा पोस्टप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”उन्होंने आगे लिखा कि पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। इसमें वह शक्ति है जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है। ‘अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः। अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते।’ अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है, अहिंसा ही सबसे बड़ा तप है और अहिंसा ही परम सत्य है, जिससे धर्म की स्थापना होती है।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। सत्य, अहिंसा और सद्भाव के उनके आदर्श आज भी भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को मानवता का मार्ग दिखाते हैं। उनका जीवन हमें सेवा, समर्पण और नैतिक साहस की प्रेरणा देता रहेगा।”केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अहिंसा परमो धर्म: के पथ प्रदर्शक, सत्य और करुणा के अग्रदूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। पूज्य बापू ने स्वच्छता को स्वराज की आधारशिला माना- आइए, स्वच्छ भारत के संकल्प के साथ उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लें।”मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपने सत्य, अहिंसा एवं एकता के संदेश से मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया। आपका जीवन लोककल्याण के पावन ध्येय की प्राप्ति का अनुकरणीय अध्याय है।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “विश्व को सत्य, अहिंसा और सेवा का मार्ग दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। आपका जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा का अमर संदेश है, जो हमें सदैव न्याय, समरसता और शांति के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।” -
नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने वर्तमान समय में मोबाइल सिनेमा के महत्व का उल्लेख करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह उद्योग आधुनिक विज्ञान के साथ अध्यात्मिक ज्ञान भी लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है क्योंकि इसमें 'बॉक्स आफिस' की कोई बंदिश नहीं है। नकवी के कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने नोएडा में 'अंतरराष्ट्रीय सेल फोन सिनेमा फैस्टिवल' को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब फाल्के की मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' से शुरू हुए भारतीय सिनेमा के सफ़ल सफ़र का मोबाइल सिनेमा के प्रभावशाली पड़ाव पर पहुंचना, भारतीय कला की काबलियत का कमाल है।
उनका कहना था कि भारत की लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा स्मार्ट मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं वाली आबादी है और यह बात भारतीय सेल सिनेमा के लिए ''मौक़ा, मार्केट, माहौल'' और सफ़लता की संभावनाओं को प्रबल बनाती है।
पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री नकवी ने कहा, ''सेल फिल्म उद्योग आधुनिक विज्ञान के साथ अध्यात्मिक ज्ञान भी लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता हैं, यहां फिलहाल किसी बॉक्स आफिस और प्रायोजित प्रोग्राम की बंदिश नहीं है।'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत द्वारा परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के निर्णय से 2047 तक आण्विक ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने और स्थिर एवं शून्य-कार्बन आधारित बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद है। मिश्रा यहां आईआरएडीई में 'सतत ऊर्जा संक्रमण - वैश्विक परिप्रेक्ष्य' विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ''भारत ने हाल ही में किए गए विधायी प्रयासों के माध्यम से निजी भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को खोलकर एक ऐतिहासिक सुधार किया है। इससे 2047 तक परमाणु क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने और स्थिर, शून्य-कार्बन आधारित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।'' मिश्रा ने कहा कि ये ऊर्जा स्रोत में बदलाव को सीधे ऊर्जा सुरक्षा और आयात में कमी के साथ जोड़ते हैं, जिससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा भारत के विकसित भारत के दृष्टिकोण में निहित है और विकास, प्रतिस्पर्धा, सामाजिक समावेश और ऊर्जा सुरक्षा के लिए केंद्रीय महत्व रखती है।
-
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित 18,000 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से कुल 2.22 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि देश में रोजगार सृजन बढ़ रहा है और बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एकीकृत मंच के रूप में राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल की स्थापना की है। मांडविया ने कहा, "पिछले एक वर्ष में देशभर में 18,000 रोजगार मेले आयोजित किए गए और इस अवधि में कुल 2.22 करोड़ लोगों को रोजगार मिला।" उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में एनसीएस पोर्टल को मजबूत किया गया है और वर्तमान में इससे 55 लाख कंपनियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्य सरकारों के रोजगार मंच भी इस पोर्टल से जोड़े गए हैं। पिछले 10 वर्षों में रोजगार तलाशने वाले छह करोड़ से अधिक युवाओं ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा, "एनसीएस पोर्टल को ई-माइग्रेट पोर्टल, युवा-भारत और कौशल विकास मंचों से जोड़ा गया है, ताकि रोजगार के लिए एकल खिड़की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।" मंत्री के अनुसार, बिहार में एनसीएस पोर्टल पर 53 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 39.8 लाख को चुन कर उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित किए गए। उन्होंने बताया कि कुल 4.5 लाख युवाओं ने रोजगार मेलों में भाग लिया, जिनमें से 90,000 को चुना गया और केंद्र व राज्य स्तर की कंपनियों ने 43,000 लोगों को रोजगार दिया। अपने लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकारों, मंत्रालयों और विभागों द्वारा नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य स्थानीय नियोक्ताओं और रोजगार चाहने वालों के बीच संपर्क स्थापित करना है। मंत्री ने बताया कि 20 जनवरी 2026 तक बिहार में एनसीएस परियोजना के तहत 3,280 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिनमें 8,492 नियोक्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि एनसीएस पोर्टल पर अंतिम नियुक्ति आंकड़ों की सूचना देना अनिवार्य नहीं है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मांडविया ने बताया कि आरबीआई आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में 17 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि 2004-14 के दौरान जहां रोजगार के अवसर 44.23 करोड़ से बढ़कर 47.15 करोड़ हुए, वहीं 2024 के आंकड़ों के अनुसार देश में 64.33 करोड़ रोजगार अवसर उपलब्ध कराए गए। मंत्री ने कहा, "भारत में बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत है, जो विकसित देशों से भी कम है।"
''गिग'' श्रमिकों से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह रोजगार का एक नया स्वरूप है और एक अनुमान के मुताबिक, देश में करीब दो करोड़ ''गिग वर्कर'' कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नयी श्रम संहिता (लेबर कोड) से उनकी सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। ''गिग वर्कर'' उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्थायी होता है। -
नयी दिल्ली। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ने बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय सहयोगी अनुसंधान संघ की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने हेतु सभी एम्स संस्थानों के निदेशकों की एक बैठक की मेजबानी की। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप समन्वित जैव चिकित्सा एवं नैदानिक अनुसंधान को सुदृढ़ करना है। समझौता ज्ञापन (एमओयू) देश भर के 20 एम्स संस्थानों के बीच सहयोग के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करता है। यह संघ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, बहु-संस्थागत अध्ययनों, नैदानिक परीक्षणों और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाएगा। इसका उद्देश्य ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं का व्यवस्थित आदान-प्रदान सुनिश्चित करना भी है। भाग लेने वाले संस्थानों में एम्स दिल्ली, बठिंडा, भोपाल, भुवनेश्वर, बीबीनगर, बिलासपुर, देवघर, गोरखपुर, गुवाहाटी, जम्मू, जोधपुर, कल्याणी, मदुरै, मंगलगिरी, नागपुर, पटना, रायबरेली, रायपुर, राजकोट और ऋषिकेश शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि इस संघ को एक राष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क के रूप में परिकल्पित किया गया है जो प्राथमिकता वाली स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए एम्स प्रणाली की संयुक्त नैदानिक विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचे और रोगी आधार का लाभ उठाएगा। बैठक के दौरान, अधिकारियों ने राष्ट्रीय अनुसंधान प्राथमिकताओं को निर्धारित करने और बहु-केंद्रित नैदानिक परीक्षणों को मजबूत करने पर चर्चा की। ध्यान दिए जाने वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, किफायती कैंसर उपचार, स्वास्थ्य संबंधी संक्रमण और चयापचय संबंधी विकार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि इस सहयोगी अनुसंधान संघ की स्थापना उच्च गुणवत्ता वाले, राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "भारत भर में एम्स संस्थानों की शक्तियों को एक साथ लाकर, हमारा उद्देश्य ठोस वैज्ञानिक प्रमाण जुटाना, नवाचार को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य सेवा में सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता करना है। यह मंच आने वाले वर्षों में सहयोगात्मक अनुसंधान के एक प्रमुख प्रेरक के रूप में विकसित होता रहेगा।
-
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि भारत में प्रति 10 लाख आबादी पर करीब 22 न्यायाधीश हैं। विधि आयोग ने 1987 में अपनी 120वीं रिपोर्ट में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 50 न्यायाधीशों का अनुपात रखने की सिफारिश की थी। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि वर्तमान में, देश में न्यायाधीशों का अनुपात प्रति दस लाख जनसंख्या पर लगभग 22 न्यायाधीश है। उन्होंने कहा, ''किसी खास वर्ष में प्रति दस लाख जनसंख्या पर न्यायाधीशों के अनुपात की गणना करने के लिए, विधि एवं न्याय मंत्रालय 2011 की जनगणना के आंकड़ों और वर्ष 2026 में उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों और जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या के आधार पर मानदंड का उपयोग करता है।'' मेघवाल ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में देश में विचाराधीन कैदियों की संख्या 3,89,910 थी। मेघवाल ने कहा कि मामलों का निपटारा न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। अदालतों में मामलों के लंबित रहने के कई कारण हैं, जिनमें तथ्यों की जटिलता, साक्ष्य की प्रकृति, हितधारकों (बार, जांच एजेंसियां, गवाह और वादी) का सहयोग, भौतिक बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की उपलब्धता आदि शामिल हैं।
-
श्री विजय पुरम. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 'लाभार्थियों के उपचार' श्रेणी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को सर्वश्रेष्ठ केंद्र शासित प्रदेश का पुरस्कार दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह पुरस्कार एबी-पीएमजेएवाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के सम्मान स्वरूप प्रदान किया गया।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिव चंद्र भूषण कुमार ने कहा, "मैं एबी-पीएमजेएवाई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी टीम की सराहना करता हूं। इस तरह का सम्मान जनसेवा करते समय टीम को हमेशा प्रोत्साहित करता है।" इस केंद्र शासित प्रदेश में एबी-पीएमजेएवाई के 83,538 लाभार्थी हैं जिनमें 41,450 महिलाएं हैं।
हाल ही में पुरस्कार प्राप्त करने वाले नोडल अधिकारी डॉ. पी लाल ने कहा, "द्वीपों के बाहर उपचार करा रहे लाभार्थियों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) के माध्यम से एबी-पीएमजेएवाई के तहत एक संरचित परिवहन और वेतन हानि प्रतिपूर्ति प्रणाली लागू की है।" उन्होंने ने बताया कि जब भी किसी मरीज को दूसरे अस्पताल भेजा गया तो उन्हें आने-जाने के लिए 40,000 रुपये तक की मदद दी गई। साथ ही, काम न कर पाने के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें हर दिन 1,000 रुपये (अधिकतम 20 दिनों तक) दिए गए। इस पूरे खर्च का भुगतान केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के फंड से किया गया। एबी-पीएमजेएवाई केंद्र सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। यह योजना प्रति वर्ष हर एक परिवार को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान करती है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से राज्य की राजनीति में ऐसा शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसे जल्द भर पाना संभव नहीं होगा। शाह ने बारामती में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख अजित पवार (66) के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पवार को लोकप्रिय रूप से 'दादा' (बड़े भाई) के नाम से जाना जाता था। पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार को एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पवार का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज के मैदान में अंतिम संस्कार किया गया। यह कॉलेज पवार परिवार द्वारा स्थापित किया गया है। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, "अजित पवार जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज और जनता के लिए समर्पित अजित पवार जी के असामयिक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसी शून्यता उत्पन्न हुई है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।" यह दुर्घटना बारामती हवाई अड्डे के पास उस समय हुई जब विमान लैंडिंग का प्रयास कर रहा था।
-
नयी दिल्ली. देश की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे साफ है कि व्यापार जोखिम और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। संसद में बृहस्पतिवार को पेश आर्थिक समीक्षा में यह कहा गया। हालांकि, अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह अनुमान मौजूदा वित्त वर्ष के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से कम है। इसका मुख्य कारण उपभोग और निवेश में कमी है। देश की आर्थिक स्थिति को बयां करने वाली 2025-26 की समीक्षा में कहा गया, ''हाल के वर्षों में नीतिगत सुधारों के प्रभाव से अर्थव्यवस्था की मध्यम अवधि की वृद्धि क्षमता 6.5 से 6.8 प्रतिशत से बढ़कर सात प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।'' ''यही कारण है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच मजबूत वृद्धि का दृष्टिकोण बना हुआ है और इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन निराशावादी होने की जरूरत नहीं है।'' चालू वर्ष के लिए 7.4 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान पिछले वर्ष की समीक्षा में अनुमानित 6.3 से 6.8 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। लेकिन अगले वर्ष के लिए अनुमान से साफ है कि अमेरिका के साथ व्यापार तनाव के बावजूद भारत दुनिया में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाला देश बना रहेगा। भारत उन कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जिसने अभी तक अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं किया है। अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले सामान पर 50 प्रतिशत का उच्चतम शुल्क लगाया है। श्रम-प्रधान क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले शुल्क के जवाब में, नरेन्द्र मोदी सरकार ने नीति और कर सुधारों की शुरुआत की है। इनमें जीएसटी दरों में कटौती, आयकर सीमा को बढ़ाना, कंपनियों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन और मई, 2025 के बाद से चार मुक्त व्यापार समझौते शामिल हैं। इनमें यूरोपीय संघ के साथ एक बड़ा समझौता भी शामिल है। हालांकि महंगाई कम है, कंपनियों और परिवारों की बही-खाते बेहतर है और उपभोग मांग मजबूत बनी हुई है, पर अमेरिकी शुल्क के कारण रुपये में पिछले साल लगभग पांच प्रतिशत की गिरावट आई है और अब यह अपनी क्षमता से निचले स्तर पर है। समीक्षा में कहा गया, ''रुपये का मूल्यांकन भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को सही रूप से प्रतिबिंबित नहीं करता है। हालांकि, रुपये के मूल्य में गिरावट 'भारतीय वस्तुओं पर उच्च अमेरिकी शुल्क के प्रभाव को कुछ हद तक कम करती है।' हालांकि, इसमें कहा गया है कि वृहद आर्थिक परिस्थितियां 'बाह्य झटकों' के प्रति मजबूती प्रदान करती हैं और वृद्धि की गति को बनाए रखने में सहायक हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि यदि उच्च शुल्क लागू रहता हैं तो आगामी वित्त वर्ष में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन द्वारा तैयार आर्थिक समीक्षा में कहा गया, ''अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता इस वर्ष समाप्त होने की उम्मीद है। इससे बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता कम करने में मदद मिल सकती है।'' समीक्षा में वैश्विक व्यापार और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए सुझाए गए उपायों में से एक 'स्वदेशी' है, जिसे अनुशासित रणनीति के रूप में लागू करने की बात कही गयी है। इसमें कहा गया है कि हालांकि सभी आयात प्रतिस्थापन न तो व्यावहारिक हैं और न ही वांछनीय, लेकिन विकसित देशों द्वारा निर्यात नियंत्रण और प्रौद्योगिकी पर पाबंदियों के मद्देनजर स्वदेशी अपरिहार्य और आवश्यक है। समीक्षा में 'कच्चे माल की लागत में कमी के लिए राष्ट्रीय रणनीति' का आह्वान किया गया है।
राजस्व के दृष्टिकोण से, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह दोनों ही मजबूत बने हुए हैं। विशेष रूप से गैर-कंपनी कर संग्रह (जिसमें व्यक्तिगत कर संग्रह शामिल है) की वृद्धि अन्य करों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से तेजी से हो रही है। यह स्पष्ट रूप से कर संग्रह के विभिन्न श्रेणियों, प्रशासनिक सुधारों और यहां तक कि भविष्य के कर सुधारों की सफलता को बताता है। समीक्षा में नए आयकर कानून के महत्व के बारे में भी बताया गया है, जो एक अप्रैल से प्रभावी होने वाला है। इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए सरलता और संरचनात्मक स्पष्टता प्रदान करना तथा स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक फरवरी को 2026-27 का बजट पेश करने से पहले जारी समीक्षा में विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में देश की निर्यात नीतियों में कमियों को उजागर किया गया है। समीक्षा में कहा गया है कि मूल्य के हिसाब से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देश चार वर्षों के भीतर कृषि, समुद्री और खाद्य एवं पेय पदार्थों के निर्यात में 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। साथ ही, इसमें चेतावनी दी गई है कि बार-बार नीतिगत बदलावों से आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान उत्पन्न होने, अनिश्चितता बढ़ने और विदेशी खरीदारों को वैकल्पिक स्रोतों की ओर जाने का खतरा है। इससे खोए हुए निर्यात बाजारों को फिर से प्राप्त करना मुश्किल होगा। इसमें पूंजी की लागत को कम करने और बैंकों के अलावा वित्तपोषण के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई कदम उठाने का भी आह्वान किया गया है। इसमें अन्य कदमों के साथ-साथ ऋण उत्पादों पर कर कम करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में 'डिजिटल लत' से निपटने के लिए सोशल मीडिया ऐप तक पहुंच पर आयु-आधारित सीमाएं निर्धारित करने का आह्वान किया गया है। साथ ही, कोविड-19 के दौरान विस्तारित ऑनलाइन शिक्षण उपकरणों पर निर्भरता को कम करने और ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसमें बच्चों के लिए बेसिक फोन या ऑनलाइन सामग्रियों के नियमन के साथ केवल पठन-पाठन के लिए टैब जैसे उपकरणों को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया। समीक्षा में सभी मीडिया मंचों सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (यूपीएफ) के विपणन पर प्रतिबंध लगाने और नवजात एवं छोटे बच्चों के दूध और पेय पदार्थों के विपणन पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की गई। समीक्षा में स्विगी, जोमैटो जैसी कंपनियों में काम करने वाले अस्थायी कामगारों (गिग) के लिए काम की शर्तों को नया रूप देने वाली नीति का समर्थन किया गया है। साथ ही गोपनीय रिपोर्ट को छूट देने के लिए आरटीआई अधिनियम में संशोधन की भी बात कही गयी है।
--

.jpeg)
.jpeg)

.jpg)







.jpg)














