- Home
- देश
-
टीवीके प्रमुख की मुख्य टीम को मंत्रिमंडल में मिली जगह
चेन्नई. सी जोसेफ विजय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में रविवार को यहां रंगारंग समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसी के साथ ही इस दक्षिणी राज्य में 60 साल में पहली बार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से इतर किसी दल की सरकार बनी। अभिनेता (51) से नेता बने विजय के पहले मंत्रिमंडल में युवा और अनुभवी दोनों तरह के नेता हैं। तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख की मुख्य टीम को भी इसमें जगह मिली है। विजय ने अपने पहले संबोधन में कहा कि वह किसी राजघराने से नहीं हैं, लेकिन लोगों ने उन्हें स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह झूठे वादे कर लोगों को धोखा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि एक नयी शासन व्यवस्था शुरू हुई है तथा वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष एवं सामाजिक न्याय का नया युग आरंभ हो रहा है। विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर और उनकी मां शोभा, शीर्ष अभिनेत्री तृषा तथा बड़ी संख्या में आमंत्रित लोग जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विजय ने सरकारी फाइलों पर पहली बार हस्ताक्षर करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल गठित करने को मंजूरी दी। राज्यपाल आर वी आर्लेकर ने विजय और उनके मंत्रिमंडल के नौ सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले मंत्रियों में द्रविड़ राजनीति के अनुभवी नेता के ए सेंगोट्टैयन और युवा चेहरे डॉ. टी के प्रभु तथा एस कीर्तना शामिल हैं। टीवीके कार्यकर्ताओं की लगातार गूंजती सीटियों के बीच विजय ने ईश्वर के नाम पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके मंत्रियों ने भी ईश्वर के नाम पर शपथ ली जो पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के अधिकतर मंत्रियों के शपथ ग्रहण से अलग रहा। टीवीके नेता आधव अर्जुन, एन आनंद, आर निर्मल कुमार, के जी अरुणराज और सेंगोट्टैयन ने मंत्री पद की शपथ ली। इन सभी को विजय की करीबी टीम का सदस्य माना जाता है। आमतौर पर सफेद कमीज और खाकी पतलून में नजर आने वाले विजय रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में अलग अंदाज में दिखे। उन्होंने सफेद कमीज और गहरे रंग की पतलून के साथ कोट पहना था। उनके अधिकतर मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी कमीज और पतलून में नजर आए। इस तरह टीवीके मंत्रिमंडल की पोशाक भी सामान्य परंपरा से अलग दिखी। इससे पहले तमिलनाडु में पुरुष नेता ऐसे अवसरों पर आम तौर पर सफेद धोती और सफेद कमीज पहने नजर आते रहे हैं। विजय के माता-पिता उनके बेटे को पहले ही चुनाव में राजनीतिक शिखर पर पहुंचते देख बेहद खुश और भावुक नजर आए। विजय ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के गठन के दो साल बाद यह चुनाव जीता। रविवार के शपथग्रहण समारोह के साथ ही द्रविड़ राजनीति के गढ़ तमिलनाडु में करीब 60 साल में पहली बार द्रमुक और अन्नाद्रमुक से इतर किसी दल की सरकार बनी। करीब एक घंटे तक चले कार्यक्रम के अंत में विजय ने मंच पर मौजूद राहुल गांधी और अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों एवं अन्य लोगों के साथ सेल्फी ली। कार्यक्रम के दौरान जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम उत्साह से सराबोर दिखा जहां हजारों लोग अपने 'थलपति' (कमांडर) को 'मुथलमाइचर' यानी मुख्यमंत्री बनते देखने के लिए एकत्र हुए थे। यहां हर तरफ कठिन संघर्ष के बाद मिली जीत के जश्न का माहौल था।
समारोह स्थल के भीतर माहौल बेहद उत्साहपूर्ण दिखा। सुबह से ही पहुंच रही भीड़ की भावनाओं को व्यक्त करते हुए एक समर्थक ने कहा, ''हम थलपति की वजह से बहुत खुश हैं।'' टीवीके के चुनाव चिह्न सीटी की आवाजें चारों ओर गूंज रही थीं, वहीं समर्थक अपने नेता के सत्ता में आने का जश्न मनाते हुए पीले रंग की प्रधानता वाले पार्टी के शॉल लहरा रहे थे। अभिनेत्री सनम शेट्टी ने पत्रकारों से कहा कि यह क्षण तमिलनाडु की राजनीति के लिए एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा, ''बहुमत हासिल करने और इतिहास रचने के बावजूद... राजनीतिक समीकरणों में बदलाव से भरा पिछला एक सप्ताह इतना कठिन रहा कि हम चैन से सो नहीं पाए। आज हम अपने प्रिय थलपति जोसेफ विजय के सुरक्षित हाथों में बेहतर तमिलनाडु के सपने के साथ चैन से सो पाएंगे।'' इस दिन का भावनात्मक महत्व विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर के आवास पर सबसे अधिक दिखाई दिया।
विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने नयी जिम्मेदारी को लेकर अपने बेटे पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, ''विजय इसे अच्छी तरह निभायेगा। मुझे उसपर पूरा विश्वास है।'' अभिनेत्री तृषा सहित फिल्म जगत की कई हस्तियां समारोह में शामिल हुईं। यह समारोह संयोग से मातृ दिवस के दिन हुआ और कई परिजनों तथा समर्थकों ने इसे ''तमिलनाडु के सच्चे बेटे'' के लिए एक अच्छी शुरुआत बताया। - चेन्नई. । तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण को लेकर उनके परिवार ने अत्यंत प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया। विजय के पिता एवं वरिष्ठ फिल्म निर्माता एस. ए. चंद्रशेखर के आवास से रवाना होते समय परिवार के सदस्यों ने इस अवसर को ''सपने के सच होने जैसा'' बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर इसलिए भी अधिक खास है, क्योंकि यह 'मदर्स डे' के दिन हो रहा है। विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने अपने बेटे की नयी भूमिका पर अपार विश्वास व्यक्त किया।उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''विजय इस जिम्मेदारी को बहुत अच्छी तरह निभाएंगे। मुझे उन पर पूरा भरोसा है।'' उन्होंने 'मदर्स डे' के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं भी दीं और इस राजनीतिक उपलब्धि को एक विशेष उपहार बताया। एस ए चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले तीन दिनों से समर्थक बेसब्री से इस पल का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज लोगों के लिए बहुत खुशी का दिन है और टीवीके नेता का राज्य की जनता से गहरा जुड़ाव है। सेंट ब्रिट्टो एकेडमी से विजय की पूर्व शिक्षिका विमला ने भी यही भावना व्यक्त की। उन्होंने विजय की सफलता का श्रेय उनके ''समर्पण और दृढ़ता'' के साथ-साथ लोगों के प्रति उनके सच्चे प्रेम को दिया। उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु के लोगों से मिले प्यार से हम बेहद खुश और भावुक हैं।''विजय की रिश्तेदार कीर्तना और पल्लवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस उपलब्धि पर गर्व जताया।कीर्तना ने कहा कि पूरा परिवार उनकी इस उपलब्धि पर ''बेहद गर्व'' महसूस कर रहा है और यह उनके पूरे परिवार के लिए सम्मान की बात है। परिवार की मित्र रूपा सारनाथन ने कहा कि 'मदर्स डे' पर इस सपने का पूरा होना ''सबसे बड़ा उपहार'' है।अभिनेता से नेता बने विजय अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनका चुनाव अभियान खासकर तमिलनाडु के युवा मतदाताओं के बीच काफी लोकप्रिय रहा। उनका मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
- अयोध्या।. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को कहा कि राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और 30 जून तक निर्माण कंपनियां 'लार्सन एंड टुब्रो' और 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' मंदिर परिसर से हट जाएंगी। मिश्र ने पत्रकारों से कहा हालांकि, मंदिर परिसर के रखरखाव के लिए 'एलएंडटी' की एक टीम स्थायी रूप से मंदिर परिसर में तैनात रहेगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो गया है और सभी उप-मंदिरों में भक्तों के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। मिश्र ने कहा कि सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए चार किलोमीटर लंबी 'हाई-टेक बाउंड्री वॉल' बनाई जा रही है, जिसे 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राम मंदिर ट्रस्ट का कार्यालय और एक अत्याधुनिक संग्रहालय अभी निर्माणाधीन हैं, जिसमें 20 गैलरी बनाई जा रही हैं। नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि संग्रहालय की एक विशेष गैलरी 'सेवेन डी' तकनीक पर आधारित होगी, जहां भक्तों को मंदिर दर्शन जैसा ही अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मंदिर को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए जल्द ही 'फैकेड लाइटिंग' का काम भी शुरू होगा।
- जामनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम ने पूरे देश के लोगों को राहत दी है, जिसका मतलब है कि राज्य के लोगों को पीड़ा बहुत अधिक थी। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके परिणाम चार मई को घोषित किए गए। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट जीतकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। तृणमूल कांग्रेस को मात्र 80 सीट मिलीं। गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचने के बाद एक अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी चुनाव का ऐसा प्रभाव शायद ही कभी महसूस किया गया हो। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है और बड़े-बड़े लोग इस पर विचार कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ''मैंने कई चुनाव लड़े हैं, कई जीते हैं। जीत-हार चलती रहती है। लेकिन पश्चिम बंगाल के चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद पूरे देश के लोगों ने राहत की सांस ली। इसका मतलब है कि बंगाल के लोगों ने बहुत कष्ट झेले हैं।'' उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में लगभग 300 भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई है।''गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके परिणाम विशेषज्ञों के लिए इस बात के लिए अध्ययन का विषय बन सकते हैं कि लोग बार-बार एक ही पार्टी को वोट क्यों देते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्थानीय निकाय चुनाव में शानदार जीत हासिल की, जिसके परिणाम पिछले महीने के अंत में घोषित किए गए थे। भाजपा ने सभी 15 नगर निगमों और 34 में से 33 जिला पंचायतों में जीत दर्ज की।
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र की ताकत संघर्ष में नहीं, बल्कि संस्थागत संतुलन और आपसी सम्मान में निहित है। तुषार मेहता की दो पुस्तकों ''द बेंच, द बार एंड द बिजार'' और ''द लॉफुल एंड द ऑफुल'' के विमोचन के अवसर पर शाह ने कहा कि लेखक ना केवल भारत के सॉलिसिटर जनरल और एक जानकार वकील हैं, बल्कि उनके मित्र भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की नींव मजबूत करने में संविधान और न्यायपालिका का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गृहमंत्री ने कहा, ''1947 से संसद और विधानसभाओं द्वारा लाये गए बदलाव बिना किसी संघर्ष के स्वीकार किए गए हैं, जो दर्शाता है कि हमारे देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है। इसे हासिल करने में अदालतों और संविधान की बड़ी भूमिका है।'' उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों को विश्वास है कि किसी भी अन्याय की स्थिति में संविधान उनकी रक्षा के लिए मौजूद है। उन्होंने कहा, ''यदि अधिकारों पर हमला होता है, तो न्याय के द्वार खुले हैं और यदि कहीं भी किसी कमजोर व्यक्ति की आवाज दबाई जाती है, तो अदालतें निश्चित रूप से उन आवाजों को सुनेंगी।'' शाह ने कहा कि आम आदमी का विश्वास, समाज का सुचारू संचालन और किसी राष्ट्र के चरित्र का प्रमाण एक मजबूत न्याय व्यवस्था में निहित है, विश्वास बनाए रखने में निहित है, जिसमें "एक समाज के रूप में हम काफी हद तक सफल रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी खामियां हों, कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक ठोस, समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से उन्हें दूर करना होगा। गृहमंत्री ने कहा, ''हमारे लोकतंत्र की सुंदरता यह है कि संविधान ने संस्थाओं का निर्माण टकराव के लिए नहीं, बल्कि एक-दूसरे को संतुलित करने के लिए किया है। कार्यपालिका निर्णय लेती है और न्यायपालिका न्यायिक समीक्षा करती है। हमारे संविधान निर्माताओं ने संवाद, मर्यादा और संतुलन को अत्यंत सूक्ष्मता से बनाए रखने की भावना से संविधान लिखा है।" उन्होंने कहा कि 76 वर्षों में शायद ही किसी अन्य देश ने ऐसे मूल्यों को संरक्षित करते हुए प्रगति की हो। उन्होंने कहा, ''यह हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि यहां, कुल मिलाकर, सभी संवैधानिक मर्यादाएं बरकरार हैं और हमने उन्हें परंपराओं के माध्यम से भी आगे बढ़ाया है।" शाह ने कहा, ''लोकतंत्र की शक्ति टकराव से नहीं, बल्कि संस्थागत संतुलन और आपसी सम्मान से आती है। जब मैं पारस्परिक सम्मान की बात करता हूं, तो हमारे संविधान ने कई जगहों पर इस भावना को स्वीकार किया है, जिसे हम सभी ने देखा भी है।" उन्होंने कहा कि इस भावना को और आगे ले जाना चाहिए, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन बनाए रखने की उस अच्छी प्रथा को मजबूती और बढ़ावा देना चाहिए जो 76 वर्षों में विकसित हुई है, और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मई सोमवार को सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में भाग लेंगे। इसके बाद, पीएम मोदी वडोदरा के लिए रवाना होंगे, जहां वे शाम लगभग 6 बजे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। वे दोनों अवसरों पर जनसभाओं को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। प्रधानमंत्री मोदी भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और भारत की अटूट आस्था और सभ्यतागत विरासत के प्रतीक पवित्र सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे। सोमनाथ अमृत महोत्सव पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।समारोहों के भाग के रूप में, प्रधानमंत्री कई शुभ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे विशेष महा पूजा, जिसके बाद कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगे। ये मंदिर के अभिषेक और ध्वजारोहण के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री इस अवसर पर सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व को याद करते हुए एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे। इसके बाद, वडोदरा में पीएम मोदी सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना में 1,000 लड़कों और 1,000 लड़कियों के लिए छात्रावास की सुविधा के साथ-साथ केंद्रीय भोजन कक्ष, पुस्तकालय और सभागार जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री सरदारधाम परिसर में स्वागत क्षेत्र, नागरिक सुविधाएं, भोजन क्षेत्र और ई-पुस्तकालय सहित विभिन्न सुविधाओं का भी दौरा करेंगे। -
मुंबई. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आधुनिक डाकघर डाक विभाग द्वारा विकसित की जा रही नयी कार्य संस्कृति को दर्शाते हैं, जिसमें तकनीक, दक्षता, पारदर्शिता और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने शुक्रवार को नवीनीकृत 'फ्यूचर-रेडी' अंधेरी रेलवे स्टेशन डाकघर के उद्घाटन के दौरान कहा कि विस्तारित सेवाएं, आधुनिक डिजिटल सुविधाएं और सहज नागरिक अनुभव भारत की डाक सेवाओं को नए दौर की जरूरतों के अनुरूप सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आधुनिक डाकघर डाक विभाग की नयी कार्य संस्कृति का प्रतिबिंब हैं, जहां तकनीक, दक्षता, पारदर्शिता और जनसुविधा को सबसे अधिक महत्व दिया जा रहा है।'' वर्ष 1932-33 में स्थापित अंधेरी रेलवे स्टेशन डाकघर को डाक विभाग की 'जन सेवा कनेक्ट' परियोजना के तहत आधुनिक और तकनीक-सक्षम सेवा केंद्र में बदल दिया गया है। नवीनीकृत डाकघर में बेहतर आधारभूत ढांचा, ग्राहकों के लिए उन्नत सुविधाएं, आधुनिक इंटीरियर और डिजिटल एकीकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि तेज, सहज और नागरिक-अनुकूल डाक सेवाएं प्रदान की जा सकें। इस नवीनीकरण का कार्य 'स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर', नयी दिल्ली के सहयोग से किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2025-26 के दौरान डाक विभाग के सकल डाक राजस्व में 16 प्रतिशत की स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई, जो देश में डाक सेवाओं के बढ़ते भरोसे और विस्तारित भूमिका को दर्शाती है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्थानीय विधायक अमीत साटम और महाराष्ट्र एवं गोवा सर्किल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल अमिताभ सिंह उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि डाक विभाग अब तक मानवीय भावनाओं का वाहक रहा है और यह सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, मैसेजिंग सेवाओं और ईमेल के दौर में बदलते समय के साथ खुद को ढालना और प्रासंगिक बनाए रखना बेहद जरूरी है तथा डाक विभाग ने यह काम सफलतापूर्वक किया है। -
कोलकाता. पिछले एक महीने से अधिक समय तक तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कड़वी सियासी जंग का अप्रत्याशित प्रतीक बन चुकी झालमुड़ी की शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्य की पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी धूम रही। भाजपा की राज्य इकाई ने मध्य कोलकाता के विशाल ब्रिगेड परेड ग्राउंड इलाके में झालमुड़ी के 20 स्टॉल लगाए, जबकि कई स्वतंत्र विक्रेता भी आयोजन स्थल के पास अच्छा कारोबार करते हुए देखे गए। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए सैकड़ों लोग मुरमुरे, हरी मिर्च और तरह-तरह के मसालों से बने इस स्वादिष्ट नाश्ते का स्वाद लेने के लिए स्टॉल पर उमड़ पड़े। कोलकाता के दक्षिणी इलाके टॉलीगंज से शपथ ग्रहण समारोह देखने आई मंजरी बसु ने कहा, ''चुनाव में हमारी शानदार जीत के कारण आज मुझे झालमुड़ी और भी ज्यादा पसंद आ रही है।'' उत्तर 24 परगना के बैरकपुर के मनीष यादव ने हाथ में झालमुड़ी का एक पैकेट पकड़े हुए कहा कि भाजपा की ऐतिहासिक जीत के कारण इस नास्ते का स्वाद मसालेदार के बजाय मीठा लग रहा है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान, जब प्रधानमंत्री ने अपने चुनाव प्रचार के चरम पर 19 अप्रैल को झाड़ग्राम में सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान से झालमुड़ी खरीद कर खाया, तब इस साधारण से नाश्ते ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। तब से, 'झालमुड़ी' राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी का दुकान पर रुकना 'सिर्फ एक नाटक' था और प्रधानमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि नाश्ता करने के बाद प्रतिद्वंद्वी पार्टी को मिर्ची लग रही है। मोदी ने कहा था कि भाजपा चार मई को जीत का जश्न मनाएगी और लोगों में मिठाई और झालमुड़ी बांटेगी। वहीं, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री को भेलपुरी भेजेंगी, जो दिल्ली में उपलब्ध है।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 और 11 मई को कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात का दौरा करेंगे। इस दौरान वह हैदराबाद में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भी भाग लेंगे। दो आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि मोदी बेंगलुरु में 'द आर्ट ऑफ लिविंग' के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी भाग लेंगे और तेलंगाना में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री रविवार सुबह, बेंगलुरु में वर्षगांठ समारोह में भाग लेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। वह बेंगलुरु मे स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में नव-निर्मित ध्यान मंदिर का उद्घाटन करेंगे, जो आंतरिक शांति व समग्र कल्याण के लिए समर्पित एक ध्यान भवन है। मोदी 'आर्ट ऑफ लिविंग' की राष्ट्रव्यापी सेवा पहल भी शुरू करेंगे, जिनमें मानसिक कल्याण, ग्रामीण विकास, प्राकृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित पूरे वर्ष चलने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। इसके बाद वह हैदराबाद जाएंगे और लगभग 9,400 करोड़ रुपये मूल्य की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन व राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे और इसके बाद हैदराबाद में स्थित सिंधु अस्पताल राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक सड़क को चौड़ा करने से जुड़ी परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह हैदराबाद-पणजी आर्थिक कॉरिडोर का हिस्सा है और इसकी कुल परियोजना लागत 3,175 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना से यातायात को सुगम और सुरक्षित होगा, यात्रा समय लगभग एक घंटा 30 मिनट कम हो जाएगा और ईंधन खपत व वाहन रखरखाव लागत घटाएगी। यह राजमार्ग तेलंगाना और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी मजबूत बनाएगा और दोनों राज्यों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। मोदी सांगरेड्डी जिले में जहीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया का शिलान्यास भी करेंगे, जो हैदराबाद-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एचएनआईसी) के तहत राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। तेलंगाना में वह कई और परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री इसके बाद गुजरात के जामनगर पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री 11 मई को पूर्वाह्न 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे। बाद में वह वडोदरा जाएंगे, जहां वह शाम छह बजे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे और दोनों अवसरों पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ में प्रधानमंत्री सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे।
सोमनाथ अमृत महोत्सव, पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह इस अवसर पर सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व की स्मृति में एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे। -
नयी दिल्ली. त्वरित गश्ती पोत (एफपीवी) 'अचल' को शनिवार को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल कर लिया गया, जिससे समुद्री बल की अभियानगत क्षमताओं को मजबूती मिली है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 'अचल' तटरक्षक बल के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा निर्मित किए जा रहे आठ एफपीवी की शृंखला में पांचवां है। बल के एक प्रवक्ता ने बताया कि नयी पीढ़ी के अदम्य श्रेणी के त्वरित गश्ती पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया, जो ''क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि'' का प्रतीक है। रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक (खरीद) ए. अनबरासु द्वारा, महानिरीक्षक टेकुर शशि कुमार, कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम), केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जीएसएल के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पोत को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि यह जहाज गुजरात के वडीनार में तैनात रहेगा और तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम) के कमांडर के प्रशासनिक एवं परिचालन नियंत्रण में काम करेगा।
-
कांठी (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मां गायत्री अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य में भाजपा की पहली सरकार की बागडोर उनके बेटे के हाथों में होने से प्रदेश के लोग उनसे भी अधिक खुश है। शुभेंदु और भाजपा के पांच अन्य विधायकों ने शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में शपथ ली। अपने बेटे के मुख्यमंत्री बनने पर गर्व व्यक्त करते हुए गायत्री ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका पुत्र यह सुनिश्चित करे कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म एवं हत्या मामले में पीड़िता को सच्चा न्याय मिले। अपने बेटे के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु को तीन-चार बार जानलेवा हमलों का सामना करना पड़ा था। शुभेंदु की मां ने कहा, ''मैं बहुत खुश हूं, लेकिन बंगाल की जनता मुझसे भी ज्यादा खुश है।''
शुभेंदु की अथक मेहनत का जिक्र करते हुए उनकी मां ने कहा, ''उन्होंने अपने पिता से ही जुझारू भावना को आत्मसात किया है, जिसकी वजह से वह आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उनके पिता भी ऐसे ही हैं।'' शुभेंदु के पिता शिशिर अधिकारी, कांठी लोकसभा क्षेत्र से तीन बार तृणमूल कांग्रेस के सांसद रहे हैं। परिवार 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा कर ली थी। गायत्री ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और समाज के गरीब वर्गों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दे। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शनिवार को शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे और उन्होंने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभालने से पहले महान कवि को पुष्पांजलि अर्पित की। धोती और भगवा कुर्ता पहने अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में काम शुरू करने से पहले वह कविगुरु का आशीर्वाद लेना चाहते थे। उन्होंने कहा, ''कविगुरु को श्रद्धांजलि देने के बाद मेरा आधिकारिक कामकाज शुरू होगा।''
अधिकारी ने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उनके शब्द ''चरैवेति, चरैवेति'' (चलते रहो, चलते रहो) दोहराए और लोगों से नए बंगाल के निर्माण के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने बंगाल के लिए नयी सुबह की कामना की।
अधिकारी ने कहा, ''आइए, हम बंगाल का पुनर्निर्माण करें।''
उन्होंने कहा कि यह दोषारोपण या आलोचना का समय नहीं है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन की कामना की थी और उन्होंने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। -
नयी दिल्ली । वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अगले नौसेना प्रमुख होंगे।वाइस एडमिरल स्वामीनाथन नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लेंगे, जो 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे।
वाइस एडमिरल स्वामीनाथन फिलहाल पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है।फ्लैग ऑफिसर एक जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और वह संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ हैं।वह खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), ब्रिटेन के श्रीवेनहैम स्थित ‘ज्वाइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज’, कारंजा स्थित नौसेना युद्ध महाविद्यालय और न्यूपोर्ट स्थित ‘यूएस नेवल वार कॉलेज’ के पूर्व छात्र हैं।परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित एडमिरल ने अपने नौसैन्य करियर में अभियान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर और विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान संभाली है। -
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को देश का नया प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) नियुक्त किया गया है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उस महत्वाकांक्षी ‘‘थिएटराइजेशन’’ योजना को लागू करने की होगी, जिसका मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। सुब्रमणि, जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है।फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को पाकिस्तान और चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।वह पिछले साल 31 जुलाई को थलसेना उपप्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर सहित दो कोर की कमान संभालने का गौरव भी प्राप्त है।रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो सैन्य मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
-
नई दिल्ली। भारत ने कल ओडिसा के डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (एम.आई.आर.वी.) प्रणाली से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
एम.आई.आर.वी. ऐसी तकनीक है जिससे एक ही मिसाइल कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण कई पेलोड के साथ किया गया, जिसका निशाना हिंद महासागर के भौगोलिक क्षेत्र में फैले विभिन्न लक्ष्यों पर था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एम.आई.आर.वी क्षमता से लैस अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ), सेना और उद्योग जगत की सराहना की है। श्री सिंह ने कहा कि बढ़ते खतरे के मद्देनजर इस उन्नत मिसाइल से देश की रक्षा तैयारियों को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। -
कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में शनिवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण किया। इस मौके पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच सच्ची दोस्ती के इतिहास में पश्चिम बंगाल की एक खास जगह है।
बांग्लादेश अवामी लीग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना की तरफ से सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं। मैं अपनी और बांग्लादेश की जनता की तरफ से सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत और भारत के पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनने पर दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।”उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के लोगों का फैसला सुवेंदु अधिकारी की मजबूत और लोगों को ध्यान में रखकर काम करने वाले नेतृत्व के लिए उनके गहरे भरोसे और सारहान को साफ दिखाता है। बांग्लादेश और भारत के बीच सच्ची दोस्ती के इतिहास में पश्चिम बंगाल की एक खास जगह है। हम एक जैसी भाषा, संस्कृति और विरासत से जुड़ा एक संबंध साझा करते हैं और मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में यह संबंध भविष्य में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।”शेख हसीना ने कहा कि पड़ोसी होने के नाते हमने हमेशा पश्चिम बंगाल की खुशहाली और शांति की कामना की है। मुझे उम्मीद है कि सुवेंदु अधिकारी के कार्यकाल में हमारे बीच आपसी सहयोग की पुरानी परंपरा और भी मजबूत होगी और हम दोनों बंगाल के लोगों के साझा विकास और भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।बधाई संदेश के आखिरी में शेख हसीना ने कहा, “मैं सुवेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल की नई चुनी हुई कैबिनेट के सभी सदस्यों को लगातार सफलता, अच्छी सेहत और लंबी उम्र की शुभकामनाएं देती हूं।”कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है। -
कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है बल्कि यह सामाजिक और जातीय संतुलन की एक नई राजनीतिक रणनीति का भी संकेत मानी जा रही है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में अलग-अलग जातीय और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि उसका लक्ष्य केवल राजनीतिक जीत नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता भी है।नई कैबिनेट की संरचना पर नजर डालें तो इसमें पश्चिम बंगाल के कई प्रभावशाली सामाजिक वर्गों को जगह मिली है। खुद सुवेंदु अधिकारी ब्राह्मण समुदाय से आते हैं जबकि दिलीप घोष ओबीसी चेहरे के रूप में लंबे समय से भाजपा की राजनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। अग्निमित्रा पॉल कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं अशोक कीर्तनिया को मंत्री बनाकर भाजपा ने मतुआ समुदाय को बड़ा संदेश दिया है, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक प्रभाव रखता है।
इसके अलावा, खुदीराम टुडू के जरिए आदिवासी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है जबकि निसिथ प्रामाणिक राजबंशी समुदाय का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उत्तर बंगाल की राजनीति में राजबंशी वोट बैंक बेहद अहम माना जाता है और भाजपा लंबे समय से इस सामाजिक समीकरण पर काम करती रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने बंगाल में वही सामाजिक मॉडल अपनाने की कोशिश की है जो उसने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अपनाया था। यानी अलग-अलग जातीय समूहों को सत्ता में भागीदारी देकर व्यापक सामाजिक गठबंधन तैयार करना।इस पूरी रणनीति में नितिन नवीन की भूमिका भी चर्चा में रही। चुनाव से पहले भाजपा ने उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर संगठनात्मक स्तर पर बड़ा संदेश दिया था। बिहार की राजनीति से आने वाले नितिन नवीन को भाजपा ने ऐसे चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया, जो पूर्वी भारत की सामाजिक संरचना और जातीय समीकरणों को बेहतर तरीके से समझते हैं।पश्चिम बंगाल चुनाव में नितिन नवीन ने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार, वसूली (कटमनी) और घुसपैठ को बढ़ावा देने के मुद्दे प्रमुखता से उठाए। उन्होंने सिलीगुड़ी में ट्रेड, कॉमर्स और बिज़नेस प्रोफेशनल्स के साथ संवाद किया और ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का भाजपा का एजेंडा पेश किया। उन्होंने उत्तरी कोलकाता के बारानगर में रोड शो किया और भद्रलोक (मध्यम वर्ग) को मतदान केंद्रों तक जाने के लिए प्रेरित किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि 20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद 90 दिनों के भीतर नितिन नवीन के नेतृत्व में बंगाल और असम में भाजपा को बड़ी जीत मिली है।विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की यह नई ‘सोशल इंजीनियरिंग’ केवल चुनावी रणनीति नहीं बल्कि राज्य में दीर्घकालिक राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश है।( -
कोलकाता । पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए इसे पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सुवेंदु अधिकारी को बधाई। उन्होंने एक ऐसे नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जो लोगों से गहराई से जुड़े रहे हैं और उनकी आकांक्षाओं को बहुत करीब से समझा है। उनके आगामी कार्यकाल के सफल होने के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।’ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘पोचिशे बोइशाख’ के पावन अवसर पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को याद करना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने टैगोर को भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का महान प्रतीक बताया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नई लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का संगम हो रहा है। बंगाल ने देश को कई महान चिंतक, समाज सुधारक, लेखक, कलाकार और राष्ट्रवादी नेता दिए हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उन्होंने ‘सोनार बांग्ला’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की जनता की उम्मीदों और बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतीक है।बता दें कि कोलकाता में शनिवार को आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी को गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस मौके पर भाजपा नेताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है।8 मई को भाजपा विधायक दल ने सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है। उन्होंने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद वे तीन बार पार्षद रहे और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी बने। उन्हें 20 साल से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पांच साल तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। -
कोलकाता। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खासियत है कि वे कभी भी अपने कार्यकर्ताओं के योगदान को नहीं भूलते हैं। कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से ही पार्टी बनती है और संगठन में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कार्यकर्ता से सफर की शुरूआत की और पीएम बनने तक का रास्ता तय किया। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को कोलकाता में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान देखने को मिला जब भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के साथ पीएम मोदी रूबरू हुए। पीएम मोदी ने उनके पैर छूए और स्नेह सहित गले लगाया।
पीएम मोदी अपने कार्यकर्ताओं के योगदान को नहीं भूलते हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारे गए भाजपा कार्यकर्ता देबाशीष मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार ने शपथ ली है तो हम सभी के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद करना स्वाभाविक है। उनके विजन को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।उन्होंने लिखा कि कोलकाता में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुझे माखनलाल सरकार से मिलने का अवसर मिला। एक कट्टर राष्ट्रवादी के तौर पर उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ काम किया और उनके साथ रहते हुए जम्मू-कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन हमारी पार्टी को समर्पित कर दिया; उन्होंने पूरे पश्चिम बंगाल में पार्टी का आधार बढ़ाया और जीवन के हर क्षेत्र से लोगों को पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। भाजपा में हम इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि हमारे पास ऐसी प्रेरणादायक हस्तियां हैं, जिन्होंने लोगों के बीच रहकर काम किया और पार्टी को मजबूत बनाया। वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेने पर दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक को बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि इन नेताओं ने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है और लोगों की सेवा की है। मुझे विश्वास है कि मंत्री के रूप में ये पश्चिम बंगाल की विकास यात्रा को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। मेरी ओर से शुभकामनाएं। - कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई और सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।=सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है। 8 मई को भाजपा विधायक दल ने सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया।सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है। उन्होंने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद वे तीन बार पार्षद रहे और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी बने। उन्हें 20 साल से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पांच साल तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।राज्य सरकार में रहते हुए उन्होंने परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इसके अलावा वे हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरमैन भी रहे। हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में अहम भूमिका निभाई। सहकारिता आंदोलन में भी उनका बड़ा योगदान रहा है। वे एग्रीकल्चर रूरल बैंक, कांथी अर्बन कोऑपरेटिव और विद्यासागर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं।सुवेंदु अधिकारी का परिवार भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है। कांथी के प्रसिद्ध अधिकारी परिवार के बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी बंगाल के कई स्वतंत्रता सेनानियों के करीबी सहयोगी थे। बिपिन अधिकारी को अंग्रेजों ने जेल भेजा था और ब्रिटिश शासन के दौरान अधिकारी परिवार का घर दो बार जला दिया गया था।15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के करकुली गांव में जन्मे सुवेंदु अधिकारी ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से एम.ए. की पढ़ाई की है। वे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री शिशिर अधिकारी के पुत्र हैं और फिलहाल अविवाहित हैं।सुवेंदु अधिकारी 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे, जिसने 34 साल पुराने वाम मोर्चा शासन को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई थी। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में रहे और 2020 तक ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी थे। दिसंबर 2020 में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्हें ‘जायंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 2021 में नंदीग्राम और 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के साथ खुली जीप में सवार होकर वहां मौजूद हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया। पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में सजा हुआ नजर आया। समारोह में बड़ी संख्या में कलाकार पारंपरिक ढोल की थाप पर प्रस्तुति दे रहे थे।जीप यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। 98 वर्ष की आयु में भी, माखनलाल सरकार आज़ादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती ज़मीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। 1952 में, उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार किया गया था।साल 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया। उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम किया। साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया। उस समय यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में किया था। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नियमों के अनुसार लोक भवन जाकर राज्यपाल आरएन रवि के सामने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है और शनिवार सुबह होने वाला शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता और राज्य के अगले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाला यह समारोह बंगाल के लिए ‘ऐतिहासिक सवेरा’ साबित होगा।सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह शपथ ग्रहण समारोह तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत और विकास, शांति व समृद्धि के नए दौर की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने से बंगाल में ‘डबल इंजन’ विकास का रास्ता खुलेगा और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में सुवेंदु अधिकारी ने लिखा कि पश्चिम बंगाल के लिए यह गर्व और उत्साह का ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सिटी ऑफ जॉय’ (खुशियों के शहर) में स्वागत करना हमारे लिए अत्यंत गर्व और उल्लास का क्षण है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार का गठन हो रहा है, जो संस्थापक नेताओं के सपनों को पूरा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि आज दशकों के कथित कुशासन का अंत हो रहा है और विकास, शांति और समृद्धि के नए युग की शुरुआत हो रही है।कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनन्द बोस नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हो रहे हैं। इस समारोह के दौरान यह भी साफ हो जाएगा कि सुवेंदु अधिकारी के साथ नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे। नई सरकार कोलकाता स्थित पुराने सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग से काम करेगी जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हावड़ा जिले के नबान्ना सचिवालय से काम करती थीं।सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार ‘सामूहिक नेतृत्व’ के आधार पर चलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य को केवल ‘मैं’ नहीं, बल्कि ‘हम’ मिलकर चलाएंगे। साथ ही केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के जरिए बंगाल के विकास को नई गति दी जाएगी।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे। समारोह में शामिल होने के लिए भाजपा समर्थकों, साधु-संतों और पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।समारोह में पहुंचे एक साधु ने बातचीत में कहा, “समारोह में आने की एक वजह यह है कि हम भी राज्य का हिस्सा हैं। काफी समय से यहां कम्युनिस्टों और कांग्रेस का राज रहा। तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह से मुस्लिमों की पार्टी बन चुकी थी। टीएमसी की सरकार बनने पर मुस्लिम लोग आते थे, आज भाजपा की सरकार बन रही है तो साधु-संत आ रहे हैं।” इस दौरान साधु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी हिंदुओं की पंसद हैं। वे जहां भी जाते हैं, वहां भगवा झंडा लहराता है। इसीलिए सभी के दिल में उनके लिए सम्मान है।”कार्यक्रम में पहुंचे साधु-संत ‘जयकारे’ लगाते नजर आए। साथ ही, कुछ संतों ने ‘शंख’ भी फूंका। एक अन्य साधु ने कहा, “अब राम राज्य शुरू हो गया है, इसीलिए साधु यहां आए हैं।” दिल्ली से कोलकाता पहुंचे एक भाजपा समर्थक ने कहा, “आज पश्चिम बंगाल में सनातनी सरकार बनने जा रही है। हम सनातनी के तौर पर अपना कर्तव्य निभाने आए हैं। यहां चारों तरफ आज खुशी का माहौल है। ऐसा लग रहा है, जैसे कोलकाता में कोई त्योहार मनाया जा रहा है। बड़ी संख्या में साधु-संत शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आए हैं।”एक अन्य भाजपा समर्थक रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर लेकर शपथ समारोह को देखने के लिए पहुंचा। कार्यकर्ता ने कहा, “आज गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की भी जयंती है। इसलिए मैं एक तस्वीर लेकर आया हूं। हमारे प्रधानमंत्री ‘भारत के शेर’ हैं।” एक महिला कार्यकर्ता ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सोनार बांग्ला’ का नारा दिया था और आज राज्य ‘सोनार बांग्ला’ बनने की ओर बढ़ रहा है। बंगाल में कमल खिल चुका है और हम मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह देखने को लेकर उत्साहित हैं।
-
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के ठीक एक साल बाद भारत ने ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर ‘टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन’ (तारा) हथियार प्रणाली के पहले सफल परीक्षण के साथ, अपनी स्वदेशी मारक क्षमता में एक और निर्णायक छलांग का प्रदर्शन किया। रक्षा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। ऑपरेशन सिंदूर ने देश की सैन्य रणनीति में व्यापक बदलाव लाया था और दूर से सटीक हमला करने की क्षमता (स्टैंड-ऑफ प्रिसिजन वॉरफेयर) की दिशा में महत्त्वपूर्ण दक्षता दिखाई थी।
यह परीक्षण भारतीय वायु सेना के सहयोग से एयर-बॉर्न प्लेटफॉर्म से किया गया। एक रक्षा अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘इस पहले परीक्षण ने न केवल विंग्ड ग्लाइड कॉन्फिगरेशन के एरोडायनामिक को प्रदर्शित किया बल्कि हथियार के नेविगेशन, मार्गदर्शन और नियंत्रण आर्किटेक्चर को भी प्रमाणित किया।‘फाइबर-ऑप्टिक जाइरो आधारित इनर्टियल नेविगेशन मल्टी-जीएनएसएस गाइडेंस और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इमेजिंग इन्फ्रारेड टर्मिनल के साथ मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट के तौर पर डिजाइन किया गया ‘तारा’ लड़ाकू विमानों को काफी सुरक्षित दूरी से दुश्मन की जमीन पर मौजूद अहम ठिकानों को सटीक निशाने के साथ नष्ट करने में सक्षम बनाता है।रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तारा को हैदराबाद की रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह भारत का पहला स्वदेशी मॉड्यूलर ग्लाइड हथियार है जो पारंपरिक बिना गाइड वाले वॉरहेड को लंबी दूरी के सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों में बदल सकता है। इस सफल परीक्षण ने भारत की स्वदेशी रूप से किफायती लेकिन अत्यधिक प्रभावी सटीक मारक क्षमता वाले हाथियार विकसित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कीर्तिमान कायम किया है। यह कम लागत वाली प्रणाली मौजूदा हवाई हथियारों की परिचालन पहुंच, सटीकता और मारक क्षमता को बढ़ाएगी।एक रक्षा वैज्ञानिक ने कहा, ‘तारा अत्याधुनिक, कम लागत वाली प्रणालियों का उपयोग करने वाला पहला ग्लाइड हथियार है। यह वायु सेना को काफी उच्च सटीकता के साथ सामरिक लक्ष्यों को भेदने की क्षमता प्रदान करेगा। साथ ही पायलटों और विमानों को दुश्मन के रडार-निर्देशित मिसाइल प्रणालियों के संपर्क में आने के खतरे को भी कम करेगा।‘उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इमेजिंग इन्फ्रारेड टर्मिनल मार्गदर्शन का समावेश विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में भी काम कर सकता है जब सैटेलाइट नेविगेशन को खराब या जाम किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर यह सफल परीक्षण हाल के संघर्षों से सबक लेकर आंतरिक क्षमता विकसित करने के भारत के प्रयास को मजबूत करता है।भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी एन के सामल ने कहा, ‘आधुनिक युद्धक्षेत्रों में यह क्षमता जरूरी होती है कि दुश्मन के हमले के दायरे से बाहर रहते हुए भी उसके बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक केंद्रों, रडार स्टेशनों, कमांड सेंटरों और अलग-अलग सैन्य टुकड़ियों पर हमला किया जा सके। तारा भारतीय वायु सेना को स्वदेशी, कम लागत वाला ‘स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक’ विकल्प देकर इन जरूरतों को पूरा करता है। इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है।‘तारा पहले ही विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश कर चुका है, जिससे इसके जल्द ही परिचालन में शामिल होने की उम्मीद है। अब विकास-सह-उत्पादन भागीदारों और अन्य उद्योगों के सहयोग से उत्पादन गतिविधियों पर काम चल रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के चेयरमैन समीर वी कामत ने इस सफल परीक्षण से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, भारतीय वायु सेना और औद्योगिक भागीदारों को बधाई दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पहली उड़ान-परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में महत्त्वपूर्ण प्रगति बताया।तारा क्या है और यह कैसे काम करता है?तारा को एयर-लॉन्च, लंबी दूरी के हवा से जमीन पर मार करने वाले सटीक हथियार के तौर पर डिजाइन किया गया है, ताकि बिना गाइड वाले पारंपरिक हथियारों को कुशल ग्लाइड वाले हथियार में बदला जा सके। यह 650 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकता सकता है। इसके पीछे लगे पंख इस सिस्टम को आखिरी चरण में जटिल युद्धाभ्यास में मदद करते हैं।सूत्रों ने बताया कि यह हथियार कई कॉन्फिफगरेशन में उपलब्ध होगा, जिसमें तारा-250 लगभग 308 किलोग्राम के वजन के साथ जबकि तारा-450/500 का वजन लगभग 546 किलोग्राम होगा। मॉड्यूलर ग्लाइड और गाइडेंस किट का वजन लगभग 98 किलोग्राम है, जिससे प्रमुख संरचनात्मक संशोधनों के बिना मौजूदा बम इन्वेंटरी के साथ एकीकरण सक्षम हो जाता है। - लखनऊ:। पुलिस ने शुक्रवार को नकली आईपीएल टिकट बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह चैटजीपीटी और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके नकली टिकट बनाकर इकाना स्टेडियम के बाहर बेच रहा था।अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) (दक्षिण लखनऊ) रल्लापल्ली वसंत कुमार ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की तस्वीरें लेकर कोरलड्रॉ में एडिट करते थे। टिकट के साइज और पेपर क्वालिटी की जानकारी के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया गया, ताकि नकली टिकट असली से हूबहू मिलते-जुलते दिखें।पुलिस के मुताबिक, गिरोह 170-जीएसएम पेपर पर टिकट प्रिंट कर भोले-भाले दर्शकों को ऊंचे दामों पर बेचता था और यूपीआई से भुगतान लेता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर (30), नूतन कुमार साहू (28), राजेंद्र चौधरी (29) और विश्वजीत साहू (22) के रूप में हुई है। विश्वजीत 2डी/3डी डिजाइनर है और टिकट एडिटिंग का काम करता था।मामला तब सामने आया जब जालौन निवासी प्रदीप सिंह ने शिकायत की कि उन्होंने एकाना स्टेडियम के बाहर 1,000 रुपये में दो टिकट खरीदे, जो प्रवेश के समय फर्जी निकले। इसके बाद साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम चारों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने पहले रायपुर में ब्लैक से टिकट लेकर मैच देखा था। यहीं से नकली टिकट बनाने का विचार आया। चार मई को गिरोह दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने गया था, लेकिन बारकोड न मिलने से कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद डिजाइन सुधारकर वे छह मई को लखनऊ पहुंचे और होटल में रुककर अगले दिन इकाना स्टेडियम के बाहर टिकट बेचे।पुलिस ने 15 नकली टिकट, 170-जीएसएम पेपर शीट पर प्रिंटेड 14 नकली टिकट, 4 मोबाइल, एक लैपटॉप, पेपर कटर, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज और एक रिट्ज कार बरामद की है। मामले में जांच की जा रही है।



.jpg)
.jpg)



















.jpg)
.jpg)


.jpg)