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- गंगासागर (पश्चिम बंगाल) ।गंगासागर मेला इस साल 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ अब तक के सबसे बड़े आयोजन का गवाह बन सकता है। यह जानकारी मुख्य पुजारी स्वामी ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने रविवार को दी। दास ने मंदिर परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण, गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित कपिल मुनि मंदिर में आने वाले सनातनी हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। दास ने मंदिर में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि इस साल 1.5 करोड़ से अधिक लोग तीर्थयात्रा के लिए आएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सरकार को मंदिर के सामने तटरेखा कटाव के खतरे को लेकर कदम उठाने चाहिए, क्योंकि ज्वार के दौरान पानी से मंदिर की दूरी केवल लगभग 500 मीटर रह जाती है। दास ने कहा, ‘‘मंदिर को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार को तट कटाव के मुद्दे का गंभीरता से समाधान करना चाहिए।'' उन्होंने बताया कि सदियों में दो मंदिर पहले ही बढ़ते समुद्र की लहरों के कारण समुंदर में चले गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कपिल मुनि मंदिर इसी स्थान पर बनी तीसरी इमारत है। दास ने कटाव रोकने के उपाय करने के लिए ममता बनर्जी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि मंदिर प्रशासन इस मुद्दे पर सहयोग करेगा और मिलकर काम करेगा। दास ने कहा कि प्रस्तावित मुरिगंगा नदी पर बन रहा पुल तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बहुत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि यह पुल सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ता है और जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री सोमवार को करेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत अच्छी परियोजना है।''दास ने आगे कहा, ‘‘भगवान राम ने रामेश्वरम को लंका से जोड़ने के लिए रामसेतु बनाया था; दीदी (ममता बनर्जी) इस पुल का निर्माण गंगासागर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कर रही हैं।'' पुजारी ने बताया कि इस साल मकर संक्रांति के लिए पवित्र स्नान का समय 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक है। उन्होंने कहा, ‘‘तीर्थयात्री 15 जनवरी के पूरे दिन पवित्र स्नान कर सकते हैं, क्योंकि शुभ समय का प्रभाव अपराह्न 1:19 बजे के बाद भी आठ घंटे तक रहेगा।'' गंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है, जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
- पुडुकोट्टई (तमिलनाडु)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे देश की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया, जहां ‘20 प्रतिशत कमीशन' का नियम प्रचलित है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विजयी होगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन द्वारा शुरू की गई पदयात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए शाह ने 2024 से भाजपा-राजग की विजय उपलब्धियों का ब्योरा दिया, जिसमें हरियाणा में लगातार तीसरी जीत और दिल्ली एवं बिहार में मिली जीतें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की बारी है।उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक, भाजपा और अन्य दलों के मजबूत गठबंधन से राजग विजयी होगा। शाह ने द्रमुक सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। भाजपा की यह भव्य जनसभा नागेंद्रन की राज्यव्यापी यात्रा ‘तमिलगम थलैनीमिरा तमिलानिन पयानम' (तमिलनाडु के उत्थान के लिए एक तमिल की यात्रा) के समापन का प्रतीक है, जो 12 अक्टूबर, 2025 को मदुरै से शुरू हुई थी। शाह ने कथित भ्रष्टाचार को लेकर सत्ताधारी द्रमुक की जमकर आलोचना की और उसे भ्रष्टाचार का पर्याय बताया। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य ‘भ्रष्ट मंत्रियों की फौज' के साथ प्रगति कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘नौकरी के बदले रिश्वत घोटाले में एक द्रमुक नेता का नाम सामने आया है, वहीं दूसरे नेता का नाम धनशोधन मामले में आया है।'' उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि एक अन्य नेता का नाम ‘कोयला घोटाले' में आया है। शाह ने आरोप लगाया, ‘‘क्या तमिलनाडु की प्रगति भ्रष्ट मंत्रियों की ऐसी फौज के साथ हो सकती है? बीस प्रतिशत ‘कट मनी' (कमीशन) भ्रष्टाचार का हिस्सा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कर्ज और शराब की बिक्री के आधार पर चल रही है।'' शाह ने कहा कि द्रमुक सरकार का एकमात्र मकसद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना है, लेकिन परिवारवाद को कायम रखने का उनका सपना पूरा नहीं होगा। शाह ने कहा कि तमिलनाडु में परिवारवाद की राजनीति को खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि द्रमुक के दिवंगत अध्यक्ष के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके बेटे एम.के. स्टालिन भी मुख्यमंत्री बने थे और उदयनिधि को भी मुख्यमंत्री बनाने की योजना है। उन्होंने सत्ताधारी दल पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने सत्ताधारी दल की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘तमिलनाडु में महिलाओं की कोई सुरक्षा नहीं है।'' उन्होंने विश्वास जताया कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राजग अप्रैल 2026 तक तमिलनाडु में सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा-अन्नाद्रमुक का गठबंधन स्वाभाविक था और दोनों ने 1998 और 2019 के संसदीय चुनावों के अलावा 2021 का विधानसभा चुनाव भी मिलकर लड़ा था। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर स्टालिन सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं की पूजा पद्धतियों का ‘अपमान' किया जा रहा है, और दावा किया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान तमिलनाडु में ‘अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया था'। शाह ने कहा, ‘‘उनके वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदुओं की शोभा यात्रा और विसर्जन यात्रा (हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन) पर रोक है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं, आपने हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार करके संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।'' जनसभा में मौजूद अन्य नेताओं में भाजपा नेता पीयूष गोयल, एल मुरुगन, तमिलिसाई सौंदरराजन और पी. राधाकृष्णन शामिल थे।
- अहमदाबाद। गांधीनगर शहर में टाइफॉयड के लगभग 100 संदिग्ध मामले सामने आने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करने के रविवार को निर्देश दिए। यह जानकारी गुजरात सरकार ने दी। राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति में बताया कि पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण टाइफॉयड के संदिग्ध मामले कुछ दिन पहले गांधीनगर शहर के सेक्टर 24, 28 और आदिवाडा इलाके में सामने आए थे। टाइफॉयड एक जलजनित बीमारी है। विज्ञप्ति के अनुसार, अमित शाह ने पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए हैं।राज्य की राजधानी में अब तक टाइफॉयड के 113 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं।विज्ञप्ति के अनुसार, इनमें से 19 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर छुट्टी पा चुके हैं, जबकि 94 मरीज वर्तमान में गांधीनगर सिविल अस्पताल और सेक्टर 24 व 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज करा रहे हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है। विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रभावित इलाकों में 24 घंटे ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) शुरू कर दी गई हैं और सिविल अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। विज्ञप्ति में बताया गया कि गांधीनगर से लोकसभा सदस्य अमित शाह लगातार उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के संपर्क में हैं ताकि वर्तमान स्थिति की जानकारी मिलती रहे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया है।रविवार को शाह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से टेलीफोन पर बातचीत की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि टाइफॉयड से प्रभावित बच्चों और नागरिकों को शीघ्र और उचित उपचार मिले। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने अधिकारियों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन के रिसाव की तत्काल मरम्मत और गहन निरीक्षण का आदेश दिया ताकि बीमारी को और फैलने से रोका जा सके। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कि टाइफॉयड के संदिग्ध मामलों को देखते हुए गांधीनगर शहर में 75 स्वास्थ्य टीम द्वारा गहन स्वास्थ्य प्रबंधन और सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। गांधीनगर नगर निगम के सर्वेक्षण दलों ने अब तक 20,800 से अधिक घरों का निरीक्षण किया है और इसके तहत 90,000 से अधिक लोगों को कवर किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एहतियात के तौर पर 30,000 क्लोरीन की गोलियां और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। सर्वेक्षण टीम घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करके जागरूकता पत्रक वितरित कर रही हैं और उनसे पानी उबालने, बाहर का खाना ना खाने और अपने हाथों को स्वच्छ रखने का आग्रह कर रही हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन में पाई गई कुछ लीकेज को तत्काल आधार पर ठीक कर दिया गया है।
- डिब्रूगढ़ (असम। असम के डिब्रूगढ़ जिले में रविवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के काफिले का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से चार पुलिसकर्मियों सहित कम से कम छह लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डिब्रूगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव अभिजीत दिलीप ने बताया कि यह दुर्घटना चाबुआ थाना क्षेत्र के हाटियाली के पास उस समय हुई, जब सोनोवाल के काफिले के एक एस्कॉर्ट वाहन की टक्कर एक नागरिक के वाहन से हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘हादसे में चार पुलिसकर्मियों समेत छह लोग घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।'' एसएसपी ने बताया कि सभी घायल असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब सोनोवाल चाबुआ के बिन्धकाटा स्थित अपने पैतृक घर जा रहे थे।दुर्घटना के समय राज्यसभा सदस्य रामेश्वर तेली भी सोनोवाल के साथ थे। हालांकि, किसी भी सांसद को कोई चोट नहीं आई और वे अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
- नई दिल्ली। वेनेजुएला में अमेरिका के हमले के बाद से देश में अस्थिरता का माहौल है। वेनेजुएला में हालात को लेकर भारत ने जताई चिंता और बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की अपील की है।विदेश मंत्रालय ने आज रविवार को प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा, “वेनेजुएला में हाल की घटनाएं गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध। हम सभी संबंधित लोगों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांति से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहे।”मंत्रालय ने आगे लिखा कि काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में है और हर मुमकिन मदद देता रहेगा। वहीं, विदेश मंत्रालय की ओर से वेनेजुएला में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई।मंत्रालय का यह बयान कल शनिवार को वेनेजुएला में अमेरिकी डेल्टा फोर्स के एक सैन्य बेस पर हमला करने के बाद आया है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में अलग-अलग जगहों पर हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ पकड़ लिया।अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को एक वॉरशिप पर बिठाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां फेडरल कोर्ट में “नार्को-टेररिज्म” के चार्ज फाइल किए गए हैं।अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने वेनेजुएला के नेता के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र को सार्वजनिक किया। ये आरोप पत्र न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के जिला कोर्ट में फाइल किया गया था। अभियोजक ने आरोप लगाया है कि मादुरो ने दो दशक से ज्यादा समय तक पावर का इस्तेमाल करके भारी मात्रा में कोकीन अमेरिका की ओर भेजी। उन पर नार्को-टेररिज्म की साजिश, कोकीन इम्पोर्ट करने की साजिश, फायरआर्म्स अपराध आदि में शामिल होने का आरोप है।दूसरी ओर, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को वहां की अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पकड़े जाने के बाद, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ऑफ जस्टिस ने शनिवार देर रात वहां की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपने का आदेश दिया।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के पारंपरिक शॉल उद्योग ने यहां आयोजित ‘लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) फेस्ट' में एक ही छत के नीचे 4,000 से अधिक हस्तनिर्मित शॉल प्रदर्शित कर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया। रिज मैदान में आयोजित तीन-दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन करते हुए सुक्खू ने कहा कि इस उपलब्धि से राज्य के हथकरघा उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों और अन्य उद्यमियों ने इन शॉलों को बनाया है। खादी के सभी शॉल हस्तनिर्मित हैं और प्रत्येक प्रदर्शित शॉल को हथकरघा प्रमाणन और भौगोलिक संकेतक (जीआई) मिला हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये शॉल कुल्लू, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर सहित लगभग हर जिले के बुनकरों की कारीगरी हैं, जो जटिल डिजाइन और बहुरंगी पैटर्न की सैकड़ों वर्षों पुरानी विरासत को संजोए हुए हैं। किन्नौर में तो एक शॉल तैयार करने में सात से आठ महीने तक का समय लग जाता है।”
- नयी दिल्ली/प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है तथा बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल अवशेष नहीं हैं, बल्कि भारत की वंदनीय विरासत का एक अटूट हिस्सा हैं। साल 1898 में मिले पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध सभी के हैं और सभी लोगों को एकजुट करते हैं। उन्होंने बौद्ध विद्वानों, राजनयिकों और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में कहा, “भारत के लिए, बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल अवशेष नहीं हैं, बल्कि हमारी वंदनीय विरासत व सभ्यता का एक अटूट हिस्सा हैं।” मोदी ने कहा कि 125 वर्ष प्रतीक्षा करने के बाद, भारत की विरासत लौट आई है।उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है। मोदी ने बुद्ध के अवशेषों की उनकी मातृभूमि पर वापसी सुनिश्चित करने के लिए गोदरेज समूह का आभार व्यक्त किया। पिपरहवा अवशेषों का बौद्ध धर्म के आरंभिक पुरातात्विक अध्ययन में एक खास स्थान है।
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नयी दिल्ली. भारत ने शनिवार रात अपने नागरिकों को वेनेजुएला की स्थिति को देखते हुए वहां गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। मंत्रालय ने यह परामर्श वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने से जुड़े घटनाक्रम के मद्देनजर जारी किया। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से भी अत्यधिक सावधानी बरतने और अपनी आवाजाही सीमित रखने को कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि कराकस में बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमलों के दौरान मादुरो को पकड़ लिया गया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सख्ती से सलाह दी जाती है।” बयान में कहा गया, “जो भारतीय किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी गतिविधियां सीमित रखने और कराकस स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।” वेनेजुएला में लगभग 50 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और 30 भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। रूस और चीन सहित कई प्रमुख देशों ने मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिये जाने की कार्रवाई के लिए वॉशिंगटन की आलोचना की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े गिरोहों को समर्थन देने के आरोपों में मुकदमे का सामना करना होगा। -
भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज का आंतरिक हिस्सा है और इसे मजबूत करने के लिए निरंतर संवाद तथा सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। वह यहां कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित कर रहे थे।
संघ की ओर से जारी बयान में भागवत के हवाले से कहा गया कि आदिवासी और अन्य समुदायों के बीच भ्रम फैलाकर विभाजन पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि हजारों वर्षों से इस उपमहाद्वीप में रहने वाले लोगों का ‘डीएनए' एक ही है। आरएसएस प्रमुख ने निरंतर जुड़ाव और आपसी समझ की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत वर्गों को कमजोर वर्गों का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून समाज को नियंत्रित कर सकते हैं, लेकिन सद्भावना ही समाज को वास्तव में जोड़ती है और बनाए रखती है। भागवत ने कहा कि ‘विविधता में एकता' भारत की मूल पहचान है और सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज का स्वाभाविक गुण है। बयान के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘हम बाहरी रूप से भिन्न दिखाई दे सकते हैं, लेकिन राष्ट्र, संस्कृति और आध्यात्मिक स्वभाव के स्तर पर हम एक हैं।'' उन्होंने हिंदू समाज को विविधता में एकता को आत्मसात करने वाला समाज बताया।बैठक में आरएसएस के मध्य भारत क्षेत्र के 16 प्रशासनिक जिलों से विभिन्न सामाजिक समूहों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। पहले सत्र में आध्यात्मिक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सामाजिक समूह अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्र के प्रति अपने योगदान पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आलोचना के बावजूद संघ संयम के साथ राष्ट्रीय हित में कार्य करता रहता है। मिश्रा ने धर्मांतरण के खिलाफ चेतावनी देते हुए इसे एक ‘‘गंभीर साजिश'' बताया और कहा कि इसका प्रभाव न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। इससे पहले विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, आर्थिक सहायता और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी पहलों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। बयान में कहा गया कि बैठक का समापन इस प्रस्ताव के साथ हुआ कि समाज सरकारी हस्तक्षेप की प्रतीक्षा किए बिना सामूहिक प्रयासों से स्थानीय समस्याओं का समाधान करेगा। वक्ताओं ने पूरे समाज को मजबूत बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया। -
प्रयागराज. पौष पूर्णिमा स्नान के साथ शनिवार से संगम की रेती पर माघ मेला प्रारंभ हो गया। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सुबह से ही गंगा और संगम की ओर जाते दिखाई दिए। शाम छह बजे तक लगभग 23 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि माघ मेले के प्रथम स्नान पौष पूर्णिमा पर शनिवार शाम छह बजे तक 23 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इस स्नान पर्व के साथ एक माह का कल्पवास भी आज से शुरू हो गया। त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब पांच लाख कल्पवासियों का आज से कल्पवास प्रारंभ हो जाएगा जिसके तहत वे दिन में दो बार गंगा स्नान और एक पहर भोजन लेते हैं और बाकी समय अपने आराध्य देवता का ध्यान, पूजन आदि करते हैं। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण सुबह स्नानार्थियों की भीड़ थोड़ी कम थी, लेकिन दिन निकलने के साथ उनकी संख्या तेजी से बढ़ी। पौष पूर्णिमा स्नान के लिए दिनभर लोग आते रहे। मेला प्रशासन के मुताबिक सुबह 10 बजे तक नौ लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया था। प्रयाग धाम संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि सुबह से ही कोहरा होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन यदि कल्पवासियों की संख्या को जोड़ दें तो शाम तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पौष पूर्णिमा का स्नान किया। उन्होंने बताया कि आज शाम चार बजे तक पौष पूर्णिमा स्नान मुहूर्त था। वहीं, कल्पवासियों ने आज स्नान करने के बाद अपने पुरोहित से एक माह के कल्पवास का संकल्प लिया और उसी के अनुसार वे यहां मेले में प्रवास करेंगे। मेले में लाउडस्पीकर पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे का जयकारा लगाते हुए कड़ाके की ठंड में संगम में डुबकी लगाई। इन्हीं श्रद्धालुओं के बीच कंबल ओढ़े साधु संत भी दिखाई दिए। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डिजिटल माध्यम से माघ मेला के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, सुविधा और कुशल व्यवहार पर जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के अधिकारियों को घाटों और मंदिरों में साफ सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति, भीड़ प्रबंधन, महिलाओं के वस्त्र बदलने के कक्ष और मेला क्षेत्र में सुगम प्रवेश एवं निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने पौष पूर्णिमा पर 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माघ मेले में 10,000 फुट क्षेत्र के 10 स्नान घाट बनाए गए हैं और नौ पांटून पुल बनाए गए हैं। कोलकाता से सपरिवार स्नान करने आईं पूजा झा ने कहा कि माघ मेला में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। स्नान का पहला दिन होने के कारण भीड़ थोड़ी कम है। हालांकि भीड़ कम होने से लोग आराम से स्नान कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के रीवा से लड्डू गोपाल को लेकर आईं शिवानी मिश्रा ने कहा कि वह महाकुंभ में तीन बार स्नान करने आई थीं और माघ मेले में भीड़ कम होने से अच्छे से स्नान हुआ। एडीएम (माघ मेला) दयानंद प्रसाद ने बताया कि पहली बार माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के लिए एक अलग से नगर बसाया गया है। 950 बीघे में बसाए गए इस नगर को प्रयागवाल नाम दिया गया है। नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार इसे बसाया गया है। माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्वों में पौष पूर्णिमा (तीन जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी), माघी पूर्णिमा (एक फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी) शामिल हैं।
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श्री विजयपुरम. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह अगले 10 वर्षों में देश के राजस्व में एक प्रमुख योगदानकर्ता बन जाएगा। उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि दो वर्षों में भारत वर्तमान में चौथे स्थान से आगे बढ़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। शाह अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 373 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री ने द्वीपसमूह में अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई परियोजना, तेल अन्वेषण परीक्षण और अन्य विकासात्मक परियोजनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि द्वीपों के इस समूह को कभी देश के राजस्व पर बोझ माना जाता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी की दूरदृष्टि के तहत, मुझे विश्वास है कि अगले 10 वर्षों के बाद, यह द्वीपसमूह देश के राजस्व में एक प्रमुख योगदानकर्ता होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और मुझे विश्वास है कि दो वर्षों में यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।'' शाह ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान को मुक्त कराया था और उनकी इच्छा के अनुरूप प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सम्मान में अंडमान एवं निकोबार के दो द्वीपों का नाम क्रमशः ‘शहीद' और ‘स्वराज' रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए यह भूमि एक तीर्थस्थल है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, सेनानियों पर हुए अत्याचार और उनकी आवाज दुनिया तक नहीं पहुंच सकी।'' केंद्रीय गृह मंत्री ने यहां नेताजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब वीर सावरकर का स्मारक और सेलुलर जेल में जलती मशाल दुनिया को बता रही है कि कई शहीदों ने यहां अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने 2023 में प्रधानमंत्री द्वारा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के 21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी ने द्वीपों का नामकरण वीर योद्धाओं के नाम पर करने का कार्य अपने हाथ में लिया है।'' शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों को समझने के वास्ते लोगों को ब्रिटिश कानूनों को समाप्त करने के लिए लागू की गईं न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी अवश्य देखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज के समय में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता, समुद्री शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का केंद्रबिंदु बन गया है।'' शाह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थिति के कारण, इन द्वीपों में समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएं और पर्यटन के लिए व्यापक क्षमता है, तथा केंद्र इसकी विरासत को संरक्षित करते हुए पूरे द्वीपसमूह को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘विकसित भारत' अभियान के बारे में कहा, ‘‘2047 में, भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी समारोह के दौरान, जब हमारा देश हर क्षेत्र में नंबर एक होगा, तब आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर देना बहुत महत्वपूर्ण होगा।'' शाह ने ग्रेट निकोबार ब्लॉक में ‘जीरो पॉइंट' से ‘ईस्ट वेस्ट रोड' तक एक सड़क परियोजना, उपभोक्ता आयोग भवन, 155 बिस्तरों वाले अस्पताल के पहले चरण, 50 बिस्तरों वाली गहन चिकित्सा इकाई, एकीकृत नियंत्रण और कमान सेंटर केंद्र, तथा डीएनए और साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।
- नई दिल्ली। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की शनिवार को जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों के लिए सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर हम उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं जिन्होंने सेवा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने ज्ञान और अध्ययन के जरिए जिंदगी में परिवर्तन लाने पर जोर दिया। जरूरतमंदों के लिए उनका काम भी सराहनीय है।”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा, “सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण में सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।”केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “नारी शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, श्रद्धेय माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। शोषितों-वंचितों और नारी उत्थान के लिए आपने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं, वे सदैव समाज के नवनिर्माण के लिए हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
- वाराणसी । पवित्र माघ महीने की शुरुआत शनिवार से हो गई है। पौष पूर्णिमा और माघ मेले की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालु भारी संख्या में पवित्र नदियों में स्नान करने पहुंच रहे हैं। कड़कड़ाती सर्दी में भी सुबह से ही वाराणसी और हरिद्वार में श्रद्धालु अपने पितृ पक्ष की शांति के लिए घाटों पर पूजा-पाठ भी कर रहे हैं।वाराणसी में आज सुबह से मौसम कई रंग दिखा रहा है। सर्द हवा के साथ कोहरे और हल्की बूंदों की वजह से सर्दी का सितम बढ़ गया है, लेकिन इससे श्रद्धालुओं की आस्था पर कमी देखने को नहीं मिल रही है। 11 डिग्री के तापमान और हल्की बारिश में भी घाटों पर भक्त स्नान कर रहे हैं और अपने पितरों की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान भी करा रहे हैं।एक श्रद्धालु ने बताया कि मौसम सुबह से ही खराब है, लेकिन फिर भी भक्तों की संख्या में कमी नहीं है। प्रशासन की तरफ से भी कैम्प लगाए गए हैं और कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम और जगह-जगह अलाव की व्यवस्था भी की गई है।एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि आज पौष पूर्णिमा का पवित्र स्नान है। मान्यता के अनुसार, यह पवित्र स्नान कई वर्षों में एक बार होता है। गंगा में स्नान करने से माता गंगा की कृपा प्राप्त होती है और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद हमारे साथ बना रहता है। स्नान के लिए घाटों पर लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।वहीं हरिद्वार में भी आस्था का सैलाब देखा जा रहा है। सुबह से ही भक्त देश के अलग-अलग राज्यों से गंगा नदी में स्नान करने पहुंच रहे हैं। घाटों पर विशेष पूजा-पाठ और दान-दक्षिणा भी की जा रही है। हरिद्वार का मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था पर भारी नहीं पड़ा है, बल्कि श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ ठंडे पानी में हर-हर महादेव का नाम लेकर डुबकी लगा रहे हैं। पौष पूर्णिमा को आध्यात्म की दृष्टि से शुभ दिन माना जाता है। माना जाता है कि आज के दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है।
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नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' को कड़ा नोटिस जारी करते हुए मंच से सभी एआई-जनित अश्लील एवं गैरकानूनी सामग्रियों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कहा कि खासकर 'एक्स' के कृत्रिम मेधा (एआई) ऐप ‘ग्रोक' के जरिए तैयार की गई सामग्री को तत्काल हटाना होगा। ऐसा नहीं करने पर सोशल मीडिया कंपनी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने भारत में एक्स के मुख्य अनुपालन अधिकारी को भेजे नोटिस में कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत निर्धारित वैधानिक ‘जांच-पड़ताल' दायित्वों का पालन न करने का आरोप है। आदेश के मुताबिक, “एक्स को निर्देश दिया जाता है कि वह लागू कानूनों का उल्लंघन कर पहले से तैयार या प्रसारित की गई सभी सामग्री को बिना किसी देरी के हटाए या उसकी पहुंच को निष्क्रिय करे। यह कार्रवाई आईटी नियम, 2021 में निर्धारित समयसीमा के भीतर सख्ती से सुनिश्चित की जाए, ताकि साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ न हो।मंत्रालय ने एक्स से तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है। नोटिस में खासकर ‘ग्रोक' के दुरुपयोग से तैयार अश्लील, नग्न, आपत्तिजनक एवं यौन गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाली सामग्री के होस्टिंग, निर्माण, प्रकाशन, प्रसारण, साझा करने या अपलोड करने पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का पालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसा होने पर मंच, उसके जिम्मेदार अधिकारियों तथा कानून का उल्लंघन करने वाले उपयोगकर्ताओं के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, आईटी नियमों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और अन्य लागू कानूनों के तहत की जाएगी। - नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया और अहम अध्याय जुड़ने वाला है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश को 15 अगस्त 2027 तक पहली बुलेट ट्रेन मिलने जा रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस प्रोजेक्ट ने अब एक बड़ा मील का पत्थर भी हासिल कर लिया है। रेल मंत्री ने बताया कि यह बुलेट ट्रेन न सिर्फ आधुनिक तकनीक का उदाहरण होगी, बल्कि आम मध्यम वर्ग के लिए भी उपयोगी और व्यावहारिक साधन बनेगी।नई दिल्ली के रेल भवन में रेल मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में कुल 12 स्टेशन होंगे, जिसमें महाराष्ट्र में मुंबई (बीकेसी), ठाणे, विरार और बोईसर स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि गुजरात में वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं। साबरमती और मुंबई के बीकेसी को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। पूरे 508 किलोमीटर लंबे रूट पर 3 डिपो बनाए जा रहे हैं, जबकि आमतौर पर इतनी दूरी के लिए दो डिपो ही पर्याप्त होते हैं।अश्विनी वैष्णव ने बताया कि महाराष्ट्र में पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार के कार्यकाल के दौरान लंबे समय तक जरूरी अनुमतियां और स्वीकृतियां अटकी रहीं। इसी वजह से परियोजना में देरी हुई और अतिरिक्त व्यवस्थाओं के तहत तीसरे डिपो की योजना बनानी पड़ी। इस देरी के बावजूद अब प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में हाल ही में एक अहम तकनीकी उपलब्धि हासिल की गई है। परियोजना के तहत बनने वाली सात पहाड़ी सुरंगों में से माउंटेन टनल-5 का सफल ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा एक अंडर-सी टनल भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित 1.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग इलाके की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है और विरार व बोईसर स्टेशनों के बीच बनाई गई है। इससे पहले ठाणे और बीकेसी के बीच 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग सितंबर 2025 में पूरी हो चुकी है।मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए डिजाइन किया गया है। यह ट्रेन 508 किलोमीटर की पूरी दूरी महज 2 घंटे 17 मिनट में तय करेगी। ट्रैक की अधिकतम क्षमता 350 किमी प्रति घंटे तक रखी गई है। पूरे कॉरिडोर पर नॉइज बैरियर लगाए जाएंगे और सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 95 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।रेल मंत्री ने साफ कहा कि भारत में बुलेट ट्रेन को मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य इसे केवल लग्जरी नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए उपयोगी बनाना है। फिलहाल पश्चिम भारत में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और आने वाले समय में पूर्व, उत्तर और दक्षिण भारत में भी ऐसे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। बुलेट ट्रेन के शुरू होने से औद्योगिक विकास, आईटी हब और नए आर्थिक केंद्रों को बढ़ावा मिलेगा।बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण कार्य में अब तक करीब 90 हजार से 1 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है। ट्रेन के संचालन के बाद भी बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल तेज और सुरक्षित यात्रा का विकल्प देगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा।रेल मंत्री ने यह भी बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पूरी टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसका पहला रूट गुवाहाटी-कोलकाता प्रस्तावित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इसे हरी झंडी दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और आधुनिक यात्रा अनुभव देगी।पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रगति का निरीक्षण किया था। इस दौरान वे सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पहुंचे थे और वहां काम कर रहे इंजीनियरों व कर्मचारियों से बातचीत भी की थी। सरकार का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से काम किया जा रहा है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बृहस्पतिवार को ‘कौशल मंथन' कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता की जिसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के लिए परिणाम-आधारित ग्रेडिंग व्यवस्था लाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे राज्य मंत्री चौधरी की अध्यक्षता में हुई इन चर्चाओं का केंद्र राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सुधारों और पहलों की पहचान पर रहा। एक सप्ताह चले ‘कौशल मंथन' कार्यक्रम में क्षेत्रीय कौशल परिषदों (एसएससी) को सशक्त करने और प्रशिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाने जैसे सुधारों पर भी चर्चा हुई। समापन सत्र के दौरान ‘कौशल संकल्प 2026' को अंतिम रूप दिया गया जो आने वाले साल में नीतिगत कार्रवाई और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, चर्चाओं में अगले चरण के सुधारों पर जोर दिया गया। इनमें परिणामों पर आधारित दृष्टिकोण, राज्य सरकारों और उद्योग के साथ बेहतर समन्वय तथा प्रशिक्षण गुणवत्ता, मूल्यांकन और प्रमाणन की निगरानी को मजबूत करना शामिल है। इन चर्चाओं का एक प्रमुख विषय संस्थागत ढांचे को मजबूत करते हुए प्रक्रियाओं को सरल बनाना रहा। प्रस्तावित दिशा-निर्देशों में आईटीआई के लिए परिणाम-आधारित ग्रेडिंग व्यवस्था लागू कर गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय एवं संस्थागत स्तर पर शक्तियों का विकेंद्रीकरण शामिल है। बैठक में एसएससी के पुनर्गठन एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही उनकी नियमित समीक्षा की जरूरत पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा प्रौद्योगिकी बदलाव और उद्योग की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रमों में लगातार सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
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ब्रह्मपुर. वैज्ञानिकों के एक समूह ने भारतीय जलक्षेत्र में पहली बार गोबी मछली (बैथीगोबियस मेगेटी) होने का पता लगाया है। यह गोबी मछली ओडिशा के गंजम जिले में गोपालपुर के पास आर्यपल्ली में देखी गयी है। गोपालपुर स्थित भारतीय प्राणि सर्वेक्षण (जेडएसआई) के मुहाना जीवविज्ञान क्षेत्रीय केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अनिल महापात्रा ने बताया कि हालांकि मछली की यह प्रजाति जापान, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका और फारस की खाड़ी सहित भारत-पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में पाई जाती है, लेकिन इससे पहले भारत में इसके पाए जाने की कोई सूचना नहीं थी। पिछले वर्ष दिसंबर में आर्यपल्ली के कृत्रिम चट्टानी ज्वारीय क्षेत्र से तीन जीवित नमूने एकत्र किए गए थे। आर्यपल्ली मछली पालन पर आधारित एक प्रमुख गांव है। विस्तृत अध्ययन के बाद, वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति की पहचान गोबी मछली के रूप में की और कहा कि यह भारत में पहली बार पाई गई है। उन्होंने कहा, ‘‘ बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्र में पाई जाने वाली बैथीगोबियस मेगेटी पर एक रिपोर्ट सोमवार को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका नेशनल एकेडमी साइंस लेटर्स में प्रकाशित हुई।''
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नयी दिल्ली. केंद्रीय उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बृहस्पतिवार को एकीकृत ई-बिल प्रणाली शुरू की। इससे सरकार लगभग दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी प्रदान कर सकेगी। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह प्रणाली मानव संचालित, कागज आधारित लेनदेन से पूरी तरह डिजिटल कामकाज की ओर बदलाव को दिखाता है, जिससे बिलों के आदान प्रदान को खत्म किया जा सकेगा। नड्डा ने पेशकश के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, "यह ऑनलाइन प्रणाली पारदर्शी, प्रभावी और प्रौद्योगिकी संचालित प्रशासन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।" उर्वरक सचिव, रजत कुमार मिश्रा ने इस पेशकश को विभाग के वित्तीय परिचालन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह पहल उर्वरक विभाग के एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) और वित्त मंत्रालय के महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के बीच एक प्रौद्योगिकीय साझेदारी का नतीजा है। यह प्रणाली खर्चों पर वास्तविक समय पर निगरानी और मजबूत वित्तीय नियंत्रण देता है, जिसमें सभी भुगतानों को केन्द्रीय स्तर पर देखा और रिपोर्ट किया जा सकता है। ई-बिल मंच उर्वरक कंपनियों को ऑनलाइन दावा पेश करने और वास्तविक समय में भुगतान स्थिति का पता लगाने की सुविधा देता है। इससे भौतिक रुप से उसका पता लगाने और उसके लिए कहीं आने जाने की जरुरत खत्म हो जाती है।
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए चालू वित्तवर्ष 2025-26 में दिसंबर के अंत तक 1.82 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सरकार के मुताबिक रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने जनवरी 2025 से देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाने के लिए 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें स्वदेशीकरण के माध्यम से आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 की समीक्षा और संशोधन, रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहन, मित्र देशों के साथ बेहतर जुड़ाव, भारत मैत्री शक्ति सहित रक्षा ऋण और रक्षा प्रतिष्ठानों के निकट प्रतिबंधित दूरी मानदंडों का युक्तिकरण प्रगति पर हैं।'' बयान में कहा गया कि इसके अलावा, निर्यात प्रोत्साहन निकाय का गठन, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) में गुणवत्ता आश्वासन 4.0 और उद्योग 4.0 का कार्यान्वयन और रक्षा उपकरणों के लिए एक राष्ट्रीय एकीकृत परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना ‘‘प्रगति पर है''। रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2025 को ‘‘सुधारों का वर्ष'' घोषित किया था।
बयान में कहा गया कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में,मंत्रालय ने तीन सेनाओं के समन्वय को मजबूत करने, रक्षा तैयारियों को बढ़ाने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और कल्याणकारी वितरण तंत्र में सुधार लाने के उद्देश्य से व्यापक सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। बयान के मुताबिक मंत्रालय में किए गए ये सुधार, एक आधुनिक, एकीकृत और भविष्य के लिए तैयार रक्षा प्रणाली के निर्माण की दिशा में ‘‘संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण'' को दर्शाते हैं। इसमें कहा गया, ‘‘रक्षा अधिग्रहण परिषद ने जनवरी 2025 से देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाने के लिए कुल 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें स्वदेशीकरण के माध्यम से आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है।'' बयान के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में, दिसंबर 2025 के अंत तक, मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए 1.82 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। मंत्रालय ने बताया कि उसने दिसंबर 2025 के अंत तक पूंजी अधिग्रहण बजट के तहत 80 प्रतिशत (लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये) व्यय कर लिया है। इस आवंटन का उपयोग सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर किया जा रहा है। बयान के मुताबिक, ‘‘रक्षा मंत्रालय का कुल पूंजीगत व्यय भी 76 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिसमें पूंजी अधिग्रहण के अलावा बुनियादी ढांचे, भूमि, अनुसंधान और विकास आदि पर किया गया व्यय शामिल है।'' सरकार ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई गई है। इसमें रक्षा विनिर्माण लाइसेंसों को सुव्यवस्थित करना, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की क्षमताओं का आकलन करना और रक्षा खरीद में मांग-आपूर्ति विश्लेषण को बढ़ाने के लिए बाजार खुफिया रिपोर्ट तैयार करना शामिल है। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त संचालन नियंत्रण केंद्र की स्थापना, सशस्त्र बलों के लिए दृष्टिकोण 2047 का प्रकाशन, भविष्य संचालन विश्लेषण समूह का गठन, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना और एकीकृत क्षमता विकास योजना को अंतिम रूप देना ‘‘कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं''। इसमें कहा गया है कि इस दिशा में उठाए गए कदम ऑपरेशन सिंदूर की योजना और क्रियान्वयन के दौरान फलदायी साबित हुए। मंत्रालय ने कहा कि युद्ध और नेतृत्व पदों में महिलाओं की भूमिकाओं का विस्तार, सैन्य पर्यटन को बढ़ावा देना और परिचालन बुनियादी ढांचे और आवास के लिए एक दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने का काम पूरा हो चुका है। -
शिमला. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बृहस्पतिवार को एक खड़े ट्रक से एक गाड़ी के टकरा जाने के कारण तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे चारों दोस्त कुल्लू लौट रहे थे, तभी उनकी गाड़ी सड़क किनारे एक चबूतरे से टकराकर एक खड़े ट्रक से जा भिड़ी। पुलिस ने कहा कि वे नव वर्ष की पूर्व संध्या और स्थानीय टैटू कलाकार सतपाल का जन्मदिन मनाने के लिए कसोल आए थे। अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया, जिससे कुल्लू जिले के सतपाल (25) , कशीश तथा लाहौल एवं स्पीति की अंकिता की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार चौथी रतिंजलि को मंडी के मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। रतिंजलि भी कुल्लू की रहने वाली थी। पुलिस के मुताबिक, इस दुर्घटना के सिलसिले में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच चल रही है। उसने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मृतक के परिजनों को सौंप दिये जाएंगे।
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राजकोट. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 जनवरी को राजकोट शहर में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) का उद्घाटन करेंगे। एक मंत्री ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य के कृषि मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी ने बताया कि कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र पर केंद्रित यह दो दिवसीय सम्मेलन 11 और 12 जनवरी को राजकोट स्थित मारवाड़ी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र में उभरते आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक अवसरों को प्रदर्शित करना और उन पर प्रकाश डालना है। वाघाणी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए दूसरे वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन के लिए 6,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण करा लिया है और 21 देशों के प्रतिनिधियों एवं व्यापारिक हस्तियों के भाग लेने की उम्मीद है।''
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नयी दिल्ली. इस साल जनवरी से मार्च तक की अवधि में दक्षिण और मध्य भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। महापात्रा ने हालांकि बताया कि देश के कुछ हिस्सों में औसत से कम बारिश के पूर्वानुमान का रबी की फसल पर असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सिंचाई की अच्छी व्यवस्था है और मानसून की अच्छी बारिश के कारण जलाशय भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर, बिहार और विदर्भ के कुछ हिस्सों में एक से तीन दिन अतिरिक्त ठंड पड़ने की संभावना है, जबकि राजस्थान में कम ठंड पड़ने का अनुमान है। महापात्रा ने कहा कि देश के अधिकांश क्षेत्रों में जनवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ प्रायद्वीपीय भारत में भी सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिसंबर महीने में लगभग सूखे मौसम का कारण पश्चिमी विक्षोभों की अनुपस्थिति को बताया, जो आमतौर पर देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में बारिश और गरज के साथ बौछारें लाते हैं। महापात्रा ने कहा, ‘‘पश्चिमी विक्षोभ या तो उत्तर की ओर बढ़ रहे हैं या बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसका कारण जलवायु परिवर्तन है।'' उन्होंने कहा कि दिसंबर से मार्च के दौरान कम बर्फबारी दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में अच्छी बारिश के संकेतकों में से एक है। महापात्रा ने कहा कि वर्तमान में ला नीना की स्थिति बनी हुई है - यानी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह ठंडी हो रही है - और वैश्विक पूर्वानुमान ने मार्च तक ईएनएसओ तटस्थ स्थितियों का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा, ‘‘ जून-जुलाई तक ईएनएसओ की तटस्थ परिस्थितियां हावी रहने की संभावना है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह अच्छी मानसूनी बारिश का सूचक है।'' महापात्रा ने कहा कि 2025, 1901 के बाद से आठवां सबसे गर्म वर्ष था, जिसमें अखिल भारतीय वार्षिक औसत भूमि सतह वायु तापमान 1991-2020 के दीर्घकालिक औसत से 0.28 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। अब तक का सबसे गर्म वर्ष 2024 था, जब पूरे भारत में तापमान दीर्घकालिक औसत से 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक था। आईएमडी के महानिदेशक ने कहा कि शीतकालीन (जनवरी-फरवरी) और मानसून-पूर्व (मार्च-मई) ऋतुओं के दौरान अखिल भारतीय मौसमी औसत तापमान दीर्घकालिक औसत से अधिक रहा, जिसमें क्रमशः 1.17 डिग्री सेल्सियस और 0.29 डिग्री सेल्सियस की विसंगति देखी गई।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 वर्ष की आयु में बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करने वाले कर्नाटक के विधायक एस. सुरेश कुमार से फोन पर बातचीत की और उनके साहस व जज्बे की जमकर तारीफ की।
पीएम मोदी ने कहा कि बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक साइकिल से यात्रा करना न केवल तारीफ के काबिल है, बल्कि यह समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने के बाद यह उपलब्धि हासिल करना उनकी हिम्मत और कभी हार न मानने वाले जज्बे को दर्शाता है। साथ ही, यह फिटनेस को लेकर एक मजबूत संदेश भी देता है।प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं सुरेश कुमार से फोन पर बात कर उनके इस प्रयास के लिए बधाई दी। वहीं, एस. सुरेश कुमार ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आना मेरे लिए बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर साइकिल चलाने के लिए मुझे बधाई दी। उन्हें यह जानकर भी खुशी हुई कि 51 वर्षों बाद यह मेरी कन्याकुमारी तक दूसरी साइकिल यात्रा थी, वह भी एक गंभीर बीमारी से उबरने के बाद।”बेंगलुरु के राजाजीनगर से विधायक सुरेश कुमार एक दुर्लभ बीमारी चिकनगुनिया एन्सेफेलोपैथी (सीई) से पीड़ित हो गए थे। बीमारी के कारण वह महीनों तक बिस्तर पर रहने को मजबूर थे और अपनी उंगलियां तक हिलाने में असमर्थ थे। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने 12 लोगों के एक समूह के साथ ‘राजाजीनगर पेडल पावर’ के बैनर तले बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर की साइकिल यात्रा शुरू की, जिसे उन्होंने पांच दिनों में सफलतापूर्वक पूरा किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से महाभारत के एक श्लोक से प्रेरणा लेते हुए दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कामना की है कि हर प्रयास में सफलता मिले। नए साल में संकल्प की सिद्धि हो।पीएम मोदी ने कहा- ‘दृढ़संकल्प और इच्छाशक्ति से नए साल में आपके संकल्प की सिद्धि हो’
उन्होंने ने आज शुक्रवार सुबह एक्स पर लिखा, ”मेरी कामना है कि आने वाले समय में आपको अपने हर प्रयास में सफलता मिले। दृढ़संकल्प और इच्छाशक्ति से नए साल में आपके संकल्प की सिद्धि हो।”प्रधानमंत्री मोदी ने यह श्लोक को भी किया उद्धृतप्रधानमंत्री मोदी ने इस पोस्ट के साथ ”उत्थातव्यं जागृतव्यं योक्तव्यं भूतिकर्मसु। भविष्यतीत्येव मनः कृत्वा सततमव्यथैः।।” श्लोक को भी उद्धृत किया है।यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (135/29) कायह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (135/29) का है। इसका अर्थ है, “उठना चाहिए, जागते रहना चाहिए, और ऐश्वर्य (कल्याणकारी) कार्यों में लग जाना चाहिए। ‘मेरा कार्य अवश्य सिद्ध होगा’ ऐसा मन में दृढ़ निश्चय करके, लगातार विषाद (चिंता) रहित होकर कर्म करते रहना चाहिए।” (इनपुट-एजेंसी) - नई दिल्ली। सार्वजनिक सुविधा बढ़ाने और राजमार्गों का उपयोग करने वाले लोगों को सक्रिय किए जाने के बाद होने वाली परेशानियों से बचाने हेतु, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 1 फरवरी 2026 से सभी नए जारी किए गए फास्टैग वाली कारों (कार/जीप/वैन श्रेणी फास्टैग) के लिए ‘नो योर व्हीकल (Know Your Vehicle (KYV) की प्रक्रिया को बंद करने का फैसला किया है।आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सुधार सड़क का उपयोग करने वाले उन लाखों आम लोगों को बड़ी राहत देगा, जिन्हें वाहनों के मान्य दस्तावेज होने के बावजूद फास्टैग के सक्रिय होने के बाद जारी होने के उपरांत केवाईवी संबंधी जरूरतों के कारण असुविधा और देरी का सामना करना पड़ रहा था।कारों के लिए पहले से जारी मौजूदा फास्टैग के लिए, अब केवाईवी रूटीन जरूरत के तौर पर अनिवार्य नहीं होगा। केवाईवी केवल वैसे खास मामलों में जरूरी होगा जहां ढीले फास्टैग, गलत जारी होने, या गलत इस्तेमाल से जुड़ी समस्याएं जैसी शिकायतें मिलती हैं। किसी भी शिकायत के न होने पर, मौजूदा कार फास्टैग के लिए किसी केवाईवी की जरूरत नहीं होगी।वहीं, सटीकता, अनुपालन और प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपयोग करने वाले लोगों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने हेतु, एनएचएआई ने साथ ही जारीकर्ता बैंकों के लिए सक्रिय होने से पहले सत्यापन के नियमों को भी मजबूत किया है:-• अनिवार्य वाहन-आधारित सत्यापन: फास्टैग को सक्रिय करने की अनुमति केवल वाहन डेटाबेस से वाहन के विवरण के सत्यापन के बाद ही दी जाएगी।• सक्रिय होने के बाद कोई सत्यापन नहीं: सक्रिय होने के बाद सत्यापन की अनुमति देने वाला पहले का प्रावधान बंद कर दिया गया है।• केवल असाधारण मामलों में आरसी-आधारित सत्यापन: जहां वाहन का विवरण वाहन पर उपलब्ध नहीं है, वहां जारीकर्ता बैंकों को पूरी जवाबदेही के साथ सक्रिय किए जाने से पहले पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) का उपयोग करके विवरण को सत्यापित करना होगा।• ऑनलाइन फास्टैग शामिल: ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से बेचे जाने वाले फास्टैग भी बैंकों द्वारा पूर्ण सत्यापन के बाद ही सक्रिय किए जायेंगे।इन उपायों से सभी गाड़ियों का सत्यापन पहले ही पूरा हो जाना सुनिश्चित होगा, जिससे फास्टैग के सक्रिय होने के बाद ग्राहकों से बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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