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- मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को फिनटेक क्षेत्र से एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) की वैश्विक पहुंच बढ़ाने, इसे अन्य देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ने और प्रवासी भारतीयों के लिए पैसा भेजने की लागत कम करने में मदद करने का आह्वान किया। मोदी ने यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन के सातवें संस्करण के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि ने पूरी दुनिया को भरोसा दिया है। यह प्रदर्शन ऐसी चुनौतीपूर्ण तिमाही में आया, जब पश्चिम एशिया संघर्ष का असर सबसे अधिक था। प्रधानमंत्री ने फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) क्षेत्र से पिछले एक दशक की उपलब्धियों पर संतुष्ट होकर रुकने के बजाय यूपीआई की पहुंच को और व्यापक बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने को कहा।उन्होंने कहा, ''इस साल अगस्त तक यूपीआई के जरिये वास्तविक समय में किए जाने वाले भुगतान की संख्या बढ़कर 24.51 अरब हो गई है और अब अगला लक्ष्य यूपीआई की वैश्विक पहुंच का विस्तार करना होना चाहिए।'' मोदी ने कहा कि ध्यान उन देशों पर होना चाहिए जहां बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय रहते हैं, भारत के साथ व्यापार की मात्रा अधिक है या जो भुगतान प्रणालियों को जोड़ने में भारत के साथ साझेदारी करने के इच्छुक हैं। मोदी ने कहा, ''यह जरूरी है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय विदेशों में काम करते हैं। वे सबसे अधिक पैसा भेजने वाले लोग हैं। जो पैसा भेजा जाता है, उसका एक हिस्सा लेनदेन लागत में चला जाता है। यूपीआई इस लागत को बचाने में मदद कर सकता है और पैसा परिवारों तक तेजी से भी पहुंच सकता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीआई मंच अब 11 देशों में काम कर रहा है और इसे सिंगापुर की स्थानीय भुगतान प्रणाली से भी जोड़ा गया है। इससे दोनों देशों के बीच लेनदेन उसी तरह आसान हो गया है, जैसे किसी स्थानीय इलाके में दो पड़ोसियों के बीच भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक कार्ड भुगतान फिलहाल अन्य देशों में विकसित प्रणालियों पर चलते हैं, लेकिन भारत के पास अब इसका विकल्प मौजूद है। मोदी ने कहा, "हम अपने नियम और मानक खुद तय कर सकते हैं और उन्हें दुनिया से जोड़ सकते हैं।"प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि यूपीआई केवल प्रौद्योगिकी की कहानी नहीं है, बल्कि यह सभ्यता से भी जुड़ी है। मोदी ने कहा कि पिछले कई वर्षों में भुगतान के क्षेत्र में मिली बड़ी सफलताओं के बाद भारतीय फिनटेक उद्योग का अगला अध्याय गैर-भुगतान लेनदेन होना चाहिए। इसके तहत लोगों को बचत उत्पादों, पेंशन, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों को कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम-स्वनिधि) पहल यूपीआई की वजह से संभव हो सकी। इससे इस योजना के लाभार्थियों की औसत वार्षिक आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी से किसी व्यक्ति की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसके लिए विशेष रूप से तैयार वित्तीय मॉडल उपलब्ध कराना संभव है। फिनटेक क्षेत्र को इस दिशा में काम करना चाहिए और गैर-भुगतान लेनदेन को भी उतना ही आसान बनाना चाहिए, जितना क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करना है। मोदी ने कहा कि 'एजेंटिक' कृत्रिम मेधा (एआई) क्वांटम टेक्नोलॉजी आदि जैसे प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आगामी विकास नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। उन्होंने फिनटेक क्षेत्र से इन पर ध्यान केंद्रित करने और इनके लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने का आग्रह किया। मोदी ने कहा, ''जैसे-जैसे हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, फिनटेक समुदाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत में साइबर सुरक्षा सर्वोच्च स्तर की हो, उद्योग के पास निजी जानकारी के संरक्षण के अपने मानक हों। साथ ही एक फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक भी हो, जो प्रत्येक कंपनी की पारदर्शी तरीके से रेटिंग करे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को एक मजबूत फिनटेक-नियामक-उद्योग-नवोन्मेष परिवेश बनाने की भी जरूरत है।वैश्विक मोर्चे पर मोदी ने कहा कि दुनिया संघर्ष और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है। ऊर्जा और जिंस की आपूर्ति शृंखलाओं पर दबाव है और तेल को लेकर भी चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रदर्शन को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मोदी ने कहा कि जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की रेटिंग को 'बीबीबी+' से बढ़ाकर 'ए-' करना दुनिया के भारत पर भरोसे को बताता है। तीन दशक में पहली बार है कि जब इस स्तर की रेटिंग मिली है। उन्होंने कहा, ''यह बताता है कि भारत की वृद्धि की गति, वृहद आर्थिक स्थिरता और पिछले कुछ वर्षों में किए गए संरचनात्मक सुधार दुनिया को भरोसा दे रहे हैं।"
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पणजी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारत ने वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद अन्य देशों के साथ जुड़ाव बढ़ाकर और रणनीतिक साझेदारियां कायम कर अपनी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा है। शाह ने गोवा पुलिस को राष्ट्रपति ध्वज प्रदान करने के लिए यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि दूसरे देशों के साथ बढ़े आर्थिक जुड़ाव का भी वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने में अहम योगदान रहा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध और अब अमेरिका, ईरान एवं खाड़ी देशों के बीच संघर्ष के कारण वैश्विक कूटनीतिक परिदृश्य में अस्थिरता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 देशों की यात्रा की, जबकि करीब 15 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भारत का दौरा किया। शाह ने कहा, "जब भी कोई मुद्दा आता है तो पूरी दुनिया इस पर नजर रखती है कि भारत के प्रधानमंत्री की इस पर क्या राय और नजरिया है। लंबे समय बाद हमारे नेता नरेन्द्र मोदी ने दुनिया में भारत के लिए यह सम्मान हासिल किया है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लगातार प्रयासों और वैश्विक पहुंच के कारण भारत की कूटनीति ने दुनिया में अपनी जगह मजबूत की है। उन्होंने कहा कि 2026 तक भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं और 38 देशों के साथ ऐसे समझौते प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि भारत व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर आगे बढ़ रहा है। शाह ने कहा कि भारत ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, निवेश और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अन्य देशों के साथ ठोस समझौते किए हैं। उन्होंने कहा, ''चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का एक कारण व्यापक आर्थिक जुड़ाव भी है।'' उन्होंने कहा कि मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जो अब 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प में बदल गया है। शाह ने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां दुनिया के साथ साझा की हैं तथा कई देशों को आपदा राहत और क्षमता निर्माण में सहायता दी है। उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस खतरे से निपटने के लिए राज्यों के साथ सीधे संवाद की शुरुआत की है और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन '1930' आने वाले समय में एक बड़ा सुरक्षा कवच बनेगी। गृह मंत्री ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए पहली शर्त आंतरिक और सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि गोवा पुलिस ने आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत करने में भी अच्छा काम किया है।
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नयी दिल्ली. प्रबंधन के शिक्षण से जुड़े भारत के 14 संस्थानों को फाइनेंशियल टाइम्स (एफटी) की नवीनतम रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 100 में जगह मिली है। इनमें सात भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) शामिल हैं। सोमवार को जारी 'मास्टर्स इन मैनेजमेंट' (एमआईएम) 2026 रैंकिंग में शामिल भारतीय संस्थानों में आईआईएम बेंगलूर सबसे आगे रहा। उसे वैश्विक स्तर पर 21वां स्थान मिला है। इसके बाद मुंबई के एसपी जैन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एसपीजेआईएमआर) का स्थान रहा, जो 26वें पायदान पर है। आईआईएम अहमदाबाद 27वें, एक्सएलआरआई 33वें और आईआईएम कलकत्ता 39वें स्थान पर रहे।
आईआईएम बेंगलूर ने पिछले साल के 28वें स्थान से सुधार करते हुए इस साल 21वां स्थान हासिल किया है। वह 2024 में 41वें स्थान पर रहा था। रैंकिंग में शामिल अन्य भारतीय संस्थानों में आईआईएम कोझिकोड 54वें, आईआईएम इंदौर 62वें, मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (एमडीआई) गुरुग्राम 67वें, आईआईएम लखनऊ 72वें और नरसी मोंजी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस) मुंबई 73वें स्थान पर रहे। वहीं, आईआईएम उदयपुर 83वें, इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (आईएमटी) गाजियाबाद 86वें, इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट (आईएमआई) दिल्ली 90वें और टीए पई मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट कर्नाटक 98वें स्थान पर रह। आईआईएम बेंगलूर के प्रभारी निदेशक यू दिनेश कुमार ने कहा, "एफटी की रैंकिंग संस्थान की शिक्षा और उसके छात्रों के वैश्विक स्तर पर प्रभाव को दर्शाती है। संस्थान अपने पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और परिणामों की तुलना दुनिया के बेहतरीन संस्थानों से करता है।" वैश्विक स्तर पर स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट गैलेन ने रैंकिंग में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। पुर्तगाल की नोवा स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इकॉनमिक्स दूसरे और चीन की शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी का अंताई कॉलेज ऑफ इकॉनमिक्स एंड मैनेजमेंट तीसरे स्थान पर रहा। फाइनेंशियल टाइम्स की एमआईएम रैंकिंग में रोजगार के अवसर, वेतन वृद्धि, शिक्षा पर खर्च के मुकाबले लाभ, अंतरराष्ट्रीय अनुभव, छात्रों की विविधता और टिकाऊ विकास से जुड़ी पहल जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर संस्थानों का आकलन किया जाता है। रैंकिंग में कुल 19 मानकों को शामिल किया गया है। इसमें पूर्व छात्रों की प्रतिक्रिया को 56 प्रतिशत और संस्थानों से मिले आंकड़ों को 44 प्रतिशत भारांक दिया गया है। रोजगार, निवेश पर लाभ, विविधता, पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ईएसजी) मानकों तथा अंतरराष्ट्रीयकरण जैसे परिणामों को भी आकलन में शामिल किया जाता है। -
बेगूसराय. केंद्रीय वस्त्र मंत्री एवं बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह को डाक के जरिए जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिला है, जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजा गया यह धमकी भरा पत्र बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली स्थित केंद्रीय मंत्री के कार्यालय के पते पर प्राप्त हुआ था। नगर थाना प्रभारी (एसएचओ) सतीश कुमार हिमांशु ने शुक्रवार को दर्ज अपने बयान में घटना की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि गिरिराज सिंह के निजी सचिव योगेंद्र सिंह ने मामले की सूचना बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी, जिसके बाद एसपी के निर्देश पर नगर थाना में मामला दर्ज किया गया। पत्र में अंग्रेजी में लिखा था, "यू विल बी किल्ड शॉर्टली बाय हार्डकोर टेररिस्ट्स" (तुम्हें जल्द कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा)। पत्र में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज थे। इसके अलावा पत्र पर कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुर तालुका के एक गांव के निवासी रामकृष्ण रेड्डी का नाम और पता भी अंकित था। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी में अज्ञात प्रेषक के साथ-साथ पत्र में उल्लिखित नाम, पते और मोबाइल नंबर से जुड़े व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है तथा धमकी से उनके संभावित संबंध की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि जांच अधिकारी पत्र मूल रूप से कहां से भेजा गया और धमकी के उद्देश्य का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
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वडोदरा. गुजरात के वडोदरा में मंगलवार को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी के लिए पहली बार 'बुकमाईशो' के जरिए नि:शुल्क पंजीकरण की सुविधा दी गई और एक घंटे के भीतर ही सभी सीट बुक हो गईं। मोदी गुजरात के इस शहर में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्धाटन व शिलान्यास करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि अपनी तरह की पहली पहल के तहत, मंगलवार को होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए 'बुकमाईशो' के जरिए नि:शुल्क पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई, जिसमें वडोदरा नगर निगम ने पंजीकरण का प्रबंधन करने के लिए इस निजी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिली और पंजीकरण शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही सभी सीट बुक हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि बाद में पंजीकरण बंद कर दिया गया और 42,000 से अधिक आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है, जो इस कार्यक्रम के लिए लोगों में भारी उत्साह को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में पूरी तरह से डिजिटल और प्रौद्योगिकी आधारित प्रवेश प्रणाली होगी। पंजीकृत भागीदारों को उनके 'बुकमाईशो' खाते पर एक डिजिटल एम-टिकट मिलेगा, जिसमें प्रवेश सत्यापन के लिए एक सुरक्षित 'लाइव क्यूआर कोड' होगा। पंजीकरण और सत्यापन से लेकर आयोजन स्थल पर प्रवेश और बैठने की व्यवस्था तक, पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से प्रबंधित की जा रही है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया सुगम हो और लोगों की आवाजाही आसानी से हो सके। प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन अहम खंड देश को समर्पित करेंगे जो 326 मार्ग किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। इनमें न्यू साणंद (एन)-न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-न्यू जेएनपीटी खंड शामिल हैं। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) की सीधी कनेक्टिविटी से एक्जिम कार्गो की आवाजाही तेज होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा, साजो-सामान संबंधी लागत कम होगी और मुंबई के रेलवे नेटवर्क पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। मोदी न्यू साणंद (नॉर्थ), न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव और न्यू जेएनपीटी, मुंबई से मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा, वह टांडा रोड और वडोदरा (प्रतापनगर) के बीच एक नयी यात्री ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे। यह रेल लाइन अलीराजपुर के दूर-दराज के और आदिवासी इलाकों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
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तिरुवनंतपुरम. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग का अंतराल तत्काल प्रभाव से 25 दिन करने को कहा है। गोपी ने सोशल मीडिया मंच 'फेसबुक' पर पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से एलपीजी आपूर्ति पर बने दबाव के बीच गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग का अंतराल शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया था। उन्होंने कहा, ''हालांकि, अब एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में सुधार और रिफिल के लंबित मामलों में उल्लेखनीय गिरावट को देखते हुए सरकार ने इस पाबंदी में ढील दी है। अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ता 25 दिन के अंतराल पर सिलेंडर की दोबारा बुकिंग करा सकेंगे।'' केंद्रीय मंत्री ने अपनी पोस्ट के साथ पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को भेजे गए पत्र की प्रति भी साझा की। इस पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गैस बुकिंग की अवधि 45 दिन से घटाकर 25 दिन करने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन का गैस बुकिंग अंतराल पश्चिम एशिया संघर्ष के समय से ही लागू है।
- आगरा (उप्र). 'ब्रिक्स' सदस्य देशों के मुख्य न्यायाधीशों सहित 65 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बारिश के बीच यहां ताजमहल का भ्रमण किया और करीब दो घंटे तक इस प्रतिष्ठित स्मारक को देखा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को ताजमहल के इतिहास और स्थापत्य महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बारिश के बावजूद स्मारक पर फोटो सत्र भी आयोजित किया गया। जिला सूचना अधिकारी शीलेन्द्र शर्मा ने बताया कि 'ब्रिक्स' सदस्य देशों के सभी मुख्य न्यायाधीशों और प्रतिनिधियों का आगरा में स्वागत किया गया और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें ताजमहल ले जाया गया। शर्मा ने बताया कि मेहमान यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा पहुंचे। बारिश के मौसम के बावजूद प्रतिनिधियों ने स्मारक का भ्रमण किया और उसकी सुंदरता की सराहना की। इस वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की गयी। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका एवं अन्य सदस्य देशों से बना 'ब्रिक्स' दुनिया के प्रमुख उभरते हुए देशों का एक समूह है।
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नयी दिल्ली. भारत ने रविवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र की पहल पर प्रस्तावित विश्व मानचित्र में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को देश के आधिकारिक मानचित्र के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए तथा इनका कोई भी ''गलत'' या ''भ्रामक'' चित्रण स्वीकार्य नहीं होगा। भारत ने महाद्वीपों के भूभाग को ''अधिक सटीकता से प्रदर्शित'' करने के उद्देश्य से विश्व मानचित्र में सुधार से जुड़े संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जिसके दो दिन बाद विदेश मंत्रालय ने यह बयान दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों ने 'मानचित्र में सुधार: वैश्विक मानचित्रण प्रतिनिधित्व में संतुलन कायम करना और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से अफ्रीका का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना' शीर्षक वाले प्रस्ताव को शुक्रवार को भारी बहुमत से पारित किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि यह प्रस्ताव किसी विशेष मानचित्र, मानचित्रण पद्धति या राष्ट्रीय सीमाओं के किसी खास चित्रण का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा, ''भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और मतदान पर अपने स्पष्टीकरण में 'इक्वल एरिया' (भूभागों के क्षेत्रफल का वास्तविक अनुपात बनाए रखने वाली) मानचित्रण पद्धतियों को बढ़ावा देने के मूल सिद्धांत पर जोर दिया।'' जायसवाल ने इस मुद्दे पर मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा, ''केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत के संप्रभु क्षेत्र को भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए। कोई भी गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार्य नहीं है।'' उन्होंने कहा, ''भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमारा रुख स्पष्ट और अडिग है तथा इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।'' जायसवाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उद्देश्य ''ऐसी 'इक्वल एरिया' मानचित्रण पद्धतियों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है, जिनमें महाद्वीपों के भूभागों के आपसी क्षेत्रफल का वास्तविक अनुपात बना रहता है।'' उन्होंने कहा, ''यह प्रस्ताव न तो किसी विशेष विश्व मानचित्र को अपनाता है और न ही उसे प्रमाणित करता है। यह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, विवादित क्षेत्रों या स्थानों के नाम समेत राजनीतिक मानचित्रण से भी संबंधित नहीं है।'' टोगो द्वारा पेश प्रस्ताव के पक्ष में 164 देशों ने मतदान किया। एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन ने मतदान में भाग नहीं लिया जबकि अमेरिका ने इसके खिलाफ एकमात्र मत दिया।
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इंदौर (मप्र)। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने रविवार को कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से परिचालित करने का प्रयास किया जा रहा है और अन्य रेल खंडों पर भी इसके संचालन को लेकर विचार किया जा रहा है। कुमार ने आला अफसरों के साथ इंदौर और इसके आस-पास के क्षेत्रों की कई रेल परियोजनाओं की समीक्षा की। इनमें अलग-अलग रेल लाइन के निर्माण के साथ ही इंदौर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य काम शामिल हैं। उन्होंने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ''अब तक हाइड्रोजन ट्रेन की परिचालन गति अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। हालांकि, इसका 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए परीक्षण कर लिया गया है। इसके बाद इसे अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।'' हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित की जा रही भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जुलाई को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। कुमार ने कहा कि सभी हितधारकों से चर्चा करके तय किया जा रहा है कि नयी हाइड्रोजन ट्रेन को देश के किन रेल खंडों में चलाया जा सकता है और इस सिलसिले में तकनीकी पहलुओं व ईंधन की आपूर्ति की व्यवस्थाओं को भी परखा जा रहा है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन हावड़ा और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच परिचालित की जा रही है, जबकि ऐसी चार और ट्रेन बनकर आ चुकी हैं तथा आने वाले दिनों में उनका विधिवत उद्घाटन होना है। उन्होंने कहा कि रेलवे को इस साल 11 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिलने की उम्मीद है।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि 200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बनायी जा रही हैं और इन्हें तैयार होने में एक से डेढ़ साल लगेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन में 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ मेले के वास्ते 100 से 125 विशेष ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है और इस विशाल धार्मिक आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। कुमार ने कहा कि रेलगाड़ियों में चूहों की समस्या के निदान के लिए जरूरी प्रशासनिक कदम उठाने के साथ ही व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि रेलगाड़ियों और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरा के साथ कृत्रिम मेधा (एआई) को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में स्वीकृत इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए तेज गति से भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि 18,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम चार से पांच साल में पूरा किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि बौद्धिक स्वतंत्रता मजबूत होने के साथ भारत आज "आत्मविश्वास से भरा और बेझिझक" है तथा अपनी विरासत के अध्ययन के लिए अब किसी और की अनुमति का इंतजार नहीं करता है। यहां फाउंडेशन फॉर इंडियन हिस्टोरिकल एंड कल्चरल रिसर्च की ओर से आयोजित वार्षिक इतिहास पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "1991 में हमें आर्थिक स्वतंत्रता मिली थी, अब जाकर बौद्धिक स्वतंत्रता को मजबूती मिल रही है... बौद्धिक स्वतंत्रता से ही हमें खुद को जानने का अधिकार मिलेगा।" उन्होंने सभी नजरियों वाले विचारकों को बहस में शामिल करने की वकालत की, ताकि अलग-अलग विचारों के बीच टकराव हो सके और जागरूक जनता खुद तथ्यों व प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष निकाल सके। वित्त मंत्री ने कहा, "आज का भारत आत्मविश्वास से भरा है और इसे लेकर उसे कोई झिझक नहीं है; हमने अपनी विरासत का अध्ययन करने के लिए किसी और की मंजूरी का इंतजार करना भी छोड़ दिया है।" उन्होंने कहा, "हम अपने शिलालेखों को फिर से पढ़ रहे हैं, समुद्री व्यापार को समझ रहे हैं, अपने गणित की ओर लौट रहे हैं और इन कहानियों को सच्ची खुशी और पूरी सटीकता के साथ सुना रहे हैं। मुझे लगता है कि उपनिवेश-मुक्ति का यही मतलब होना चाहिए। यह सिर्फ एक तय पाठ्यपुस्तक की जगह दूसरी पाठ्यपुस्तक लाने का मामला नहीं हो सकता।" सीतारमण ने कहा, "इसका मतलब है एक बड़ा अभिलेख, ज्यादा भाषाएं, मुश्किल सवाल और विद्वानों का एक बहुत बड़ा दायरा, जिनके काम को असल में पढ़ा जाए। सबसे बड़ी बात यह है कि किसी भी संस्था को यह पहले से तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि कौन से सबूत देखे जा सकते हैं।" इस अवसर पर वित्त मंत्री ने एसएल भैरप्पा स्मृति व्याख्यान भी दिया।
सीतारमण ने कहा कि भैरप्पा ने कभी अपने अनुयायियों की कोई सेना नहीं जुटाई; बल्कि उन्होंने इस बात को बेहतर बनाने की कोशिश की कि इंसान सच को किस नजरिए से देखते हैं। उन्होंने कहा कि पांच सितंबर को हम अपने शिक्षकों और विचारकों के प्रति सबसे अच्छी कृतज्ञता यही व्यक्त कर सकते हैं कि भारत के बौद्धिक मंच के दोनों पक्षों को रोशन बनाए रखें। एसएल भैरप्पा एक प्रसिद्ध उपन्यासकार, दार्शनिक और पटकथा लेखक थे, जिन्होंने कन्नड़ भाषा में लेखन किया। वर्ष 2025 में 94 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। -
पणजी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में 'विकसित भारत' का नेतृत्व करे तथा इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार किया है। शाह ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए मोदी सरकार देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ठीक वैसे ही जैसे उसने नक्सलवाद और आतंकवाद की समस्या को खत्म करने के लिए काम किया है। शाह ने कहा, ''नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करे।'' उन्होंने कहा, ''वर्ष 2014 से पहले मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अधिकतर छोटी इकाइयों द्वारा और अलग-थलग रहकर लड़ी जाती थीं। एजेंसियां अक्सर छोटे-मोटे आरोपियों को पकड़कर ही संतुष्ट हो जाती थीं। हमारी सरकार इस लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से प्राथमिकता बना रही है।'' उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में, आतंकवाद में कमी आने के बाद जम्मू-कश्मीर तरक्की और विकास की राह पर है और वहां आतंकवाद धीरे-धीरे खत्म होने के करीब है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अलगाववाद की भावना कम हुई है।
उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिन लोगों ने तिरुपति से पशुपति तक 'लाल' (माओवादी) गलियारा बनाने का सपना देखा था, उन्होंने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। पूर्वोत्तर में भी शांति है। 10,000 से ज़्यादा युवाओं ने हथियार डाल दिए हैं।'' शाह ने कहा कि पांच दशकों तक चलने वाला नक्सलवाद अब अतीत की बात हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ''हमने नक्सलवाद को खत्म कर दिया है और नशीले पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटेंगे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार अक्टूबर, 2027 से भारत एनसीएपी 2.0 शुरू करने की योजना बना रही है। इसमें वाहनों की पूरी सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा और देश में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। सियाम के 66वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने भारत एनसीएपी की सफलता का उल्लेख किया। भारत एनसीएपी (भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम) देश की आधिकारिक और स्वतंत्र वाहन सुरक्षा रेटिंग प्रणाली है, जिसे 2013 में शुरू किया गया था। इसके तहत यात्री वाहनों का 'दुर्घटना' परीक्षण किया जाता है और उन्हें एक से पांच स्टार तक की सुरक्षा रेटिंग दी जाती है। इसमें दुर्घटना के दौरान वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से वाहनों का आकलन किया जाता है। भारत में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या से निपटने की जरूरत पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा, "हम भारत एनसीएपी-2 की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह एक बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत अक्टूबर, 2027 से सुरक्षा की पूरी श्रृंखला का आकलन किया जाएगा। यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या हैं... हम दुनिया में पहले स्थान पर हैं।" गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन बाजार है। भारत में वाहनों के परीक्षण में लगने वाला समय और लागत, एनसीएपी के तहत वैश्विक स्तर पर लगने वाली 2.5 करोड़ रुपये की लागत की तुलना में काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बावजूद देश में सड़क दुर्घटनाओं और इनमें जान गंवाने वालों की संख्या अब भी काफी अधिक है। हर साल पांच लाख दुर्घटनाएं होती हैं और 1.80 लाख लोगों की मौत होती है। मंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग 18 से 36 वर्ष की आयु के होते हैं।
उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बेहद गंभीर स्थिति है और हर कीमत पर इन आंकड़ों को कम करना होगा। इस दिशा में वाहन की पूरी मूल्य श्रृंखला का आकलन करना बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हम दुर्घटना से जुड़ी पूरी मूल्य श्रृंखला का आकलन करने जा रहे हैं और इसमें नई प्रौद्योगिकियों के साथ भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों का भी इस्तेमाल करेंगे।" सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए गडकरी ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था पर भी काम कर रही है, जिसके तहत सुरक्षा नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा जबकि जिम्मेदारी से वाहन चलाने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चालक का व्यवहार एक बड़ी समस्या है। लगातार गलतियां करने वाले व्यक्ति को वाहन चलाने से रोकना उचित होगा। मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र में चरणबद्ध अंक प्रणाली शुरू करने की योजना बना रहा है। मंत्री ने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण और अच्छी योजना है। हर अपराध पर ड्राइविंग लाइसेंस के अंक कम होंगे और एक निश्चित सीमा के बाद लाइसेंस निलंबित या आगे चलकर रद्द भी किया जा सकेगा। वहीं, जिन लोगों के अंक अच्छे होंगे, उन्हें बीमा कंपनियों की ओर से प्रोत्साहन और अन्य लाभ मिलेंगे।" उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को हतोत्साहित करने की जरूरत है जिनके गलत कृत्यों के कारण आम लोगों की जान जाती है। -
नयी दिल्ली/भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को पार्टी शासित राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों की एक कार्यशाला की अध्यक्षता की। इसमें बेहतर समन्वय, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों को सुशासन उपलब्ध कराने के मुद्दों पर चर्चा की गई। भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक आशीष उषा अग्रवाल ने बताया कि इस पहल का आयोजन भाजपा के सुशासन प्रकोष्ठ की ओर से किया गया है। 'जल मंथन' नाम से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत बुधवार शाम नवीन के आवास पर उनके संबोधन के साथ हुई थी। सूत्रों ने बताया कि कार्यशाला के समापन के बाद सभी मंत्री बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सुशासन प्रकोष्ठ के प्रमुख विनय सहस्रबुद्धे ने कार्यशाला का ब्योरा साझा करते हुए कहा कि इसमें भाजपा शासित 24 राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि देश में जल संसाधनों की स्थिति, विभिन्न कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा पार्टी और उसकी सरकारों के बीच बेहतर समन्वय सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। सहस्रबुद्धे ने संवाददाताओं से कहा, ''कार्यशाला का समग्र उद्देश्य सुशासन सुनिश्चित करना है।''
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अयोध्या. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा ने बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचने के बाद ट्रस्ट के सदस्यों के साथ अपनी पहली बैठक में भाग लिया। यह बैठक राम मंदिर की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के जारी प्रशासनिक पुनर्गठन के बीच हुई।
रामघाट स्थित ट्रस्ट के श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में आयोजित बैठक मुख्य रूप से परिचयात्मक थी। मिश्रा ने इस दौरान ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों से मुलाकात की तथा उन्हें लेखांकन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं सहित ट्रस्ट के कामकाज के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। मिश्रा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "यह एक परिचयात्मक बैठक थी, जिसमें मैंने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। मुझे अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझने में कुछ और दिन लगेंगे।" ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने कहा, "आज (बुधवार को) ट्रस्ट के सदस्यों का नए सीईओ से औपचारिक परिचय हुआ। आगे का कामकाज और जिम्मेदारियों का आवंटन आने वाले दिनों में किया जाएगा।" सूत्रों ने बताया कि मिश्रा फिलहाल मंदिर ट्रस्ट कार्यालय में ठहरे हुए हैं और उनके दिन में ट्रस्ट की कुछ अन्य बैठकों में शामिल होने की उम्मीद है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व करने वाले 62 वर्षीय पूर्व एयर मार्शल बृहस्पतिवार सुबह विमान से दिल्ली से अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर जाकर रामलला की पूजा भी की।
इससे पहले दिन में मिश्रा ने कहा था कि वह चयन समिति के आभारी हैं और अपनी नियुक्ति को भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने कहा था, "मैं आज खुद को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, एक बार राष्ट्रीय सेवा के लिए और अब श्री राम के मंदिर के संगठन एवं प्रशासन तथा श्री राम के भक्तों के लिए।" सीईओ की नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रशासनिक बदलाव का हिस्सा है। यह बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर उपजे विवाद के बाद किया गया है।
इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट ने बुधवार को गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया।
इसके अलावा मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव सहित नए ट्रस्टियों को शामिल किया गया। इस पुनर्गठन का उद्देश्य राम मंदिर से जुड़ी बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को मजबूत करना है। इस बीच, गिरि ने बृहस्पतिवार को कारसेवक पुरम स्थित भरत कुटी में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। बैठक में पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य तथा विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य दिनेश जी भी मौजूद थे। बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली।
प्रशासनिक बदलाव के बाद ट्रस्ट के महासचिव पद से हटाए गए गिरि और राय के बीच यह बैठक बंद कमरे में हुई। -
नयी दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत शुक्रवार को 26 मोबाइल ई-सेवा वैन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज और सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक ई-कोर्ट सेवाओं, कानूनी सहायता और विवाद समाधान की सुविधाएं पहुंचाना है। उच्चतम न्यायालय की ई-कमेटी द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और विधि विभाग के सहयोग से आयोजित ध्वजारोहण समारोह उच्चतम न्यायालय के प्रशासनिक भवन परिसर की एबी लॉबी में होगा। शीर्ष अदालत के एक बयान के अनुसार, उच्चतम न्यायालय से शुरू की जा रही ये 26 वैन कुल 73 मोबाइल ई-सेवा वैन के पहले चरण का हिस्सा हैं। इन्हें देशभर में चिन्हित उच्च न्यायालयों और जिला अदालतों के अधिकार क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से तैनात किया जाएगा। यह पहल ई-कोर्ट परियोजना के विस्तार के रूप में शुरू की गई है।
ये वैन नागरिकों को डिजिटल ई-फाइलिंग, सुरक्षित ई-भुगतान, मोबाइल लोक अदालत, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम और ई-कोर्ट की अन्य सुविधाएं सीधे उपलब्ध कराएंगी। -
- दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी
इंदौर. ''मैं अगर अंग्रेजी माध्यम में सिविल इंजीनियरिंग पढ़ता, तो मुश्किल विषय समझने के लिए मुझे गूगल और चैटजीपीटी की मदद लेनी पड़ती, लेकिन मातृभाषा हिन्दी में पढ़ाई के दौरान शिक्षक अंग्रेजी की तकनीकी बातों को भी आसानी से समझा देते हैं।'' इंजीनियरिंग के छात्र रोहित शर्मा का यह अनुभव नयी शिक्षा नीति के मुताबिक मध्यप्रदेश में मौजूदा अकादमिक सत्र से शुरू हुए हिन्दी माध्यम के नये बी.टेक. पाठ्यक्रम की तस्वीर पेश करता है।
मध्यप्रदेश में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हिन्दी माध्यम में उपलब्ध कराने की पहल इंदौर के श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) में की गई है। एसजीएसआईटीएस, सरकारी सहायता प्राप्त स्वायत्त संस्थान है और इसकी गिनती मध्य भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में होती है। अधिकारियों के मुताबिक खास बात यह है कि हिन्दी माध्यम से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में राज्य सरकार की ओर से दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम के विशेष बैच के लिए 30 सीट निर्धारित की गई हैं और इसमें करीब 20 विद्यार्थियों का दाखिला हो चुका है। एसजीएसआईटीएस के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख सुनील अजमेरा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया,''गुजरे बरसों में हमने देखा है कि 12वीं तक हिन्दी माध्यम में पढ़े कई विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम में इंजीनियरिंग की पढ़ाई में कठिनाई महसूस करते हैं और इनमें से कुछ बीच में ही पाठ्यक्रम छोड़ देते हैं।' -
अगले दशक के लिए भारत का दृष्टिकोण बताया
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को रक्षा कूटनीति पर एक दस्तावेज का विमोचन किया। रक्षा नामक यह व्यापक दस्तावेज अगले 10 वर्षों में वैश्विक रक्षा साझेदारियों पर देश के रणनीतिक खाके और दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ''रक्षा कूटनीति भारत की विदेश नीति का एक मुख्य स्तंभ है, इसलिए यह दस्तावेज अगले दशक के लिए एक स्पष्ट और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि भारत बदलते वैश्विक परिदृश्य में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना रहे।'' मंत्रालय ने कहा कि यह दस्तावेज देश की रणनीतिक प्रतिबद्धता में एक बदलाव को दर्शाता है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को सक्रिय वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ा गया है। इससे दीर्घकालिक स्थिरता और पारस्परिक विकास को बढ़ावा मिलता है। सिंह ने नयी दिल्ली में रक्षा कूटनीति पर इस दस्तावेज का विमोचन किया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''यह व्यापक दस्तावेज अगले 10 वर्षों में वैश्विक रक्षा साझेदारियों पर देश के रणनीतिक खाके और दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।'' रणनीतिक खाके में जिन प्रमुख स्तंभों को रेखांकित किया गया है, उनमें रणनीतिक साझेदारी, दक्षता विकास, स्वदेशी निर्यात और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं। बयान में कहा गया कि रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। दक्षता विकास के अंतर्गत संयुक्त सैन्य अभ्यासों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना तथा मित्र देशों के साथ रक्षा के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करना शामिल है। स्वदेशी निर्यात के तहत भारत में निर्मित रक्षा प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देकर देश को एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। समुद्री सुरक्षा के तहत लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता और किसी घटना, आपदा की स्थिति में सबसे पहले कदम उठाने वाले के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करना है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के वाहन उद्योग से नवाचार जारी रखने, उत्कृष्टता हासिल करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सक्रिय रूप से साहसिक राह बनाने का बृहस्पतिवार को आह्वान किया। 'सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स' (सियाम) के वार्षिक सम्मेलन 2026 में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पढ़ा गया। मोदी ने इसमें कहा कि हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलने के साथ, भारत का वाहन क्षेत्र जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही पहचान मिली हुई है, अब वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी और बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है। वाहन उद्योग संगठन सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ते हुए कहा, ''मैं भारतीय वाहन उद्योग से नवाचार जारी रखने, उत्कृष्टता हासिल करने और सक्रिय रूप से विकसित भारत की दिशा में साहसिक राह बनाने का आह्वान करता हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा से परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाने वाले अवसर तथा उल्लेखनीय वृद्धि आएगी तथा राष्ट्रीय विकास के प्रमुख आधार के रूप में परिवहन और मजबूत होगा। मोदी ने कहा, ''पिछले एक दशक में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है। जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, वाहनों की मांग भी बढ़ रही है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि राजमार्गों तथा अन्य बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार से लोगों और वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो रही है तथा वाहन उद्योग के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मोदी ने कहा, ''बेहतर संपर्क और अधिक दक्ष लॉजिस्टिक, लागत कम कर रहे हैं और भारतीय विनिर्माण को अधिक प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं। इससे वाहन क्षेत्र मजबूत हो रहा है और भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान मिल रहा है।'' उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ और अधिक सतत परिवहन व्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''चार्जिंग से जुड़े बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक अपनाने को बढ़ावा मिल रहा है और नवाचार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।'' मोदी के संदेश में कहा गया कि भारत जब परिवहन की अगली पीढ़ी की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में सियाम इस बदलाव को आकार देने और भारत की वाहन विनिर्माण क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हाल के वर्षों में कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए सुधारों से उद्योग को नई गति मिली है। इनमें अप्रचलित कानूनों को हटाना और अनावश्यक अनुपालन समाप्त करना शामिल है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों ने वाहन उद्योग की विनिर्माण क्षमताओं को और मजबूत किया है।'' -
नई दिल्ली। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत का राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें बुधवार को बचाए गए तीन लोग भी शामिल हैं। वहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा और अन्य गतिविधियों के लिए तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र गए 410 भारतीय नागरिक बुधवार को चीन से रवाना हो गए।
भारत ने बुधवार को राहत सामग्री की पांचवीं खेप नेपाल भेजी। भारतीय वायुसेना का एक विमान काठमांडू पहुंचा, जिसमें करीब 5.5 टन चिकित्सा सामग्री भेजी गई। इसमें एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, सर्जिकल उपकरण और अन्य आवश्यक दवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही विमान में 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल और छह टन से अधिक आधुनिक रेस्क्यू उपकरण भी भेजे गए। भारत अब तक नेपाल को लगभग 74 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है।विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने राहत सामग्री नेपाल सरकार को सौंपी। यह सहायता 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर ध्वस्त होने के बाद आई भीषण फ्लैश फ्लड से प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए दी गई है। भारतीय सुरंग बचाव दल ने अपना बेस त्रिशूली से स्याब्रुबेसी स्थानांतरित कर दिया है, जिससे चिलीमे सुरंग तक पहुंचने में कम समय लगेगा। नेपाली सेना के साथ संयुक्त अभियान के दौरान दल ने कीचड़ और मलबे से भरी सुरंग में लगभग 100 मीटर आगे तक पहुंचने में सफलता हासिल की।एमईए ने बताया कि भारी मशीनरी पहुंचाने के लिए सुरंग तक अस्थायी सड़क बनाने की संभावना भी तलाश की जा रही है। बुधवार को भारत से पहुंचे 11 विशेषज्ञ त्रिशूली बाजार के पास पहुंच चुके हैं और गुरुवार से नेपाली सेना के साथ अभियान में शामिल होंगे। भारतीय फॉरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच और पहचान का काम कर रही है।नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बुधवार सुबह तक बाढ़ में बहकर गए 1,114 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3,916 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने संसद में कहा कि हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से बढ़ते खतरों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि यह आपदा नेपाल के भविष्य और जलवायु संकट को लेकर कई बड़े सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास लेंगदे खोला पर हिमस्खलन से प्राकृतिक बांध बन गया था। बाद में यह बांध टूटने से भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आई, जिसने त्रिशूली नदी तक के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। -
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), दिल्ली के डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने बदलते मौसम के साथ बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले को लेकर आयुर्वेदिक सावधानियां बताईं। उन्होंने बुधवार को कहा कि डॉक्टर की सलाह के बाद ही गर्म पानी और सुदर्शन घनवटी एवं दशमूलारिष्ट जैसी दवाएं लें।
उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामले बदलते मौसम की वजह से बढ़ रहे हैं। बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। बैक्टीरिया और वायरस भी पनपता है। हमारे खान-पान में भी गड़बड़ी होती है और वर्षा ऋतु में हमारी इम्यूनिटी भी सबसे कम होती है, इसलिए इस मौसम में बैक्टीरिया का प्रभाव हमारे शरीर पर ज्यादा होता है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष जो स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं, इससे बहुत लोग परेशान हो रहे हैं। इसी को लेकर हमने 10 केस पर स्टडी की है। उन्होंने कहा कि मैं और मेरे परिवारवालों को भी स्वाइन फ्लू हुआ। इसके अलावा हमारे जानने वाले भी इस वायरस से संक्रमित हुए। स्वाइन फ्लू के केसेज को स्टडी करने के दौरान हमने देखा कि इसमें 4 दिन बुखार नहीं उतरता। 4 दिनों तक लोगों को 100 डिग्री फारेनहाइट के ऊपर बुखार रहता है। हालांकि, इसको लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस दौरान हमें गरम पानी पीना है। डॉक्टरों की सलाह के बाद ही दवाइयां लेनी हैं।डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट के परिमाण बहुत अच्छे सामने आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू होने पर लोगों को भूख-प्यास कम लगती है और सिर में दर्द रहता है। ऐसी स्थिति में हमें काम से थोड़ा आराम लेने की जरूरत है। गर्म-गर्म हल्का-फुल्का खाना खाएं और खुद की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें। उन्होंने कहा कि 4 दिन के बाद धीरे-धीरे बुखार खुद कम होता जाएगा और आपका स्वास्थ्य बेहतर हो जाएगा। डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्रजापति ने साफ किया कि यह कोरोना वायरस जैसा नहीं है, इसलिए बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी है तो आप 3 दिन में भी इस वायरस से रिकवर कर सकते हैं। वहीं, अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी नहीं है, तो रिकवर करने में आपको 5 दिन या उससे ज्यादा लग सकता है। बुखार उतरने के बाद की कंप्लीकेशन की बात करें तो उसमें सिर दर्द, सर्दी और जुकाम जैसी समस्या होती है। इसके लिए हमें ध्यान देने की जरूरत है। खान-पान पर ध्यान देने के साथ अच्छी नींद, साफ-सफाई और स्टीम लेने की जरूरत है। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने संजय लीला भंसाली की 2018 की फिल्म ''पद्मावत'' में जौहर के चित्रण पर टिप्पणी की थी। भाजपा ने कहा कि एक महिला को दूसरी महिला का सम्मान करना चाहिए।
भाजपा की यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई, जब भास्कर ने ''पद्मावत'' में जौहर के चित्रण की आलोचना की और फिल्म के आखिरी दृश्य से मिलने वाले संदेश पर सवाल उठाए। हाल में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ''मैं इसे देख रही थी और मैंने सोचा कि भगवान ना करे, यदि मैं दुष्कर्म पीड़िता होती तो यह फिल्म मुझे क्या बता रही होती? मैं खुद को कायर महसूस करती कि मैंने अपनी इज्जत बचाने के लिए आत्महत्या नहीं की... क्या हम यह कह रहे हैं कि दुष्कर्म किसी महिला की जिंदगी का अंत है? यह दृश्य बहुत ही आपत्तिजनक है।'' उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने स्वरा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ''आपने एक ऐसी महिला का नाम लिया है जिनका स्वर खराब हो गया है। कहा जाता है कि उनका 'स्वर' वैसा ही होता है जैसा उन्हें निर्देश दिया जाता है। मेरा मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए। यह जरूरी है कि एक महिला दूसरी महिला का सम्मान करे।'' बाद में, स्वरा ने स्पष्ट किया कि संजय लीला भंसाली की 2018 की फिल्म ''पद्मावत'' के जौहर दृश्य की आलोचना करने वाली उनकी बातों का ''पूरी तरह से गलत अनुवाद'' किया गया और उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली अन्य महिलाओं को ''कायर'' नहीं कहा था। पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणियों की वजह से अभिनेत्री को सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा था कि फिल्म में जौहर को महिमामंडित किया गया है। यह कुछ राजपूत समुदायों में प्रचलित एक प्रथा थी, जिसमें युद्ध में हार तय प्रतीत होने पर महिलाएं पकड़े जाने, बंधक बनाये जाने या यौन हिंसा से बचने के लिए सामूहिक रूप से आत्मदाह कर लेती थीं। भास्कर ने मंगलवार रात 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपनी टिप्पणियों के संदर्भ के बारे में बताया। उन्होंने कहा, ''आज सुबह सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है। यह कल के एक कार्यक्रम का है, जहां मुझसे पूछा गया कि 'पद्मावत' देखने के बाद मैंने संजय लीला भंसाली को खुला पत्र क्यों लिखा था। मैंने जो कहा था, उसका अब पूरी तरह से गलत अनुवाद किया जा रहा है और गलत बातें फैलाई जा रही हैं; दावा किया जा रहा है कि मैंने कहा था कि रानी पद्मावती और जौहर करने वाली अन्य महिलाएं कायर थीं।'' उन्होंने कहा, ''मैंने कहा था कि जब मैं क्लाइमैक्स देख रही थी, मुझे लगा, भगवान ना करे अगर मैं दुष्कर्म पीड़िता होती तो मैं कायर महसूस करती कि मैंने अपनी जान क्यूं नहीं ली, कि मैं दुष्कर्म के बाद जिंदा बच गयी तो मैं कायर हूं। -
मथुरा . जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में केवल एक बार मध्यरात्रि पश्चात होने वाली मंगला आरती का पहली बार सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती आम तौर पर सुबह दिन निकलने के बाद ही होती है। परंतु, जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यरात्रि में महाभिषेक संपन्न होने के उपरांत रात में ही 1.45 बजे से दर्शन खोले जाने के 10 मिनट बाद 1.55 बजे मंगला आरती शुरू हो जाएगी। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर बांकेबिहारी मंदिर के कुशल प्रबंधन के लिए गठित की गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंगला आरती का आयोजन विशेष महत्व रखता है तथा यह आरती वर्ष में केवल एक बार होती है, इसलिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु रात से ही बड़ी संख्या में मंदिर के बाहर एकत्रित होने लग जाते हैं। समिति के अध्यक्ष के अनुसार, ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल 600 श्रद्धालु ही मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए प्रवेश पा सकेंगे। इस मौके पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश मिल सकेगा, जिनके पास विशेष प्रवेश पास होंगे। यहां तक कि मंदिर के सेवायत गोस्वामी भी पास होने पर ही प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य सभी श्रद्धालुओं को भी दर्शन सुलभ कराने के लिए मंदिर प्रबंधन ने मंगला आरती का सीधा प्रसारण किए जाने की व्यवस्था की है, जिससे दुनिया भर में कहीं भी निवास करने वाले श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन कर पाएंगे। कुमार ने कहा कि इसके बाद ठाकुरजी के विशेष दर्शन सुबह पांच से छह बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। बिहारी जी के अलावा वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर, चंद्रोदय मंदिर, रंगजी मंदिर व प्रेम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी जन्मोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ठा. राधारमण मंदिर, शाहजी मंदिर एवं ठा. राधा दामोदर आदि मंदिरों में चार सितंबर को अष्टमी तिथि पर दिन में ठाकुर जी का जन्माभिषेक संपन्न होगा। गोकुल के पुजारी मथुरा दास ने बताया कि उनके यहां प्राचीन परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व तीन सितंबर को शाम सात बजे छठ पूजा की जाएगी और चार सितंबर को अन्य मंदिरों के समान रात में 12 बजे अभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अगले दिन सुबह 10 बजे से रास चबूतरा पर नन्दोत्सव मनाया जाएगा।
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अयोध्या/ 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पश्चिमी वायुसेना कमान का नेतृत्व संभालने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। पदाधिकारी ने बताया कि गोविंद देव गिरि को ट्रस्ट का महासचिव और नवनियुक्त ट्रस्टी महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठे विवाद के बाद हुई ट्रस्ट की तीसरी बैठक में इन नामों पर मुहर लगायी गयी। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बैठक में लिये गये निर्णयों की जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि सीईओ पद के लिये 5,585 आवेदनों में से चयनित किए गए तीन उम्मीदवारों में से मिश्रा को इस पद के लिये चुना गया। छह जुलाई को ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव बनाये गये मोहन ने बताया कि अब नियमित महासचिव के पद पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे गोविंद देव गिरि को नियुक्त करने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि अब कोषाध्यक्ष का दायित्व नवनियुक्त न्यासी महेश भागचंदका संभालेंगे।
नवनियुक्त महासचिव गिरि ने बताया कि सीईओ के कामकाज के लिये मानक संचालन प्रक्रियाएं आने वाले दिनों में तैयार की जाएंगी, जिनमें उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का विवरण होगा। मोहन ने बताया कि बैठक में अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉक्टर निर्मला यादव को ट्रस्ट में नए ट्रस्टी के तौर पर शामिल करने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में आंतरिक अंकेक्षण के लेखे पेश किये गये, जिनके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 237 करोड़ की आय हुई और खर्च 91 करोड़ रुपये हुए, निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ का पूंजीगत व्यय हुआ है तथा 31 मार्च 2026 को ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध धनराशि 1882 करोड़ रुपये थी। मोहन ने बताया कि न्यासी मंडल ने इन लेखों को अनुमोदित किया है।
सूत्रों के मुताबिक सीईओ की नियुक्ति का फैसला एक 'सर्च कमेटी' की सिफारिशों पर विचार-विमर्श के बाद लिया गया, जिसने इस पद के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम तय किये थे। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली 'सर्च कमेटी' में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी तथा पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल थे और इस समिति ने मंगलवार को ट्रस्ट के तत्कालीन कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी। समिति के सचिव समीर पंडा ने बताया कि समिति ने नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन की विशेषज्ञता, ईमानदारी और अन्य मानकों के अनुरूप आकलन करने के बाद तीन 'बहुत योग्य पेशेवरों' की सिफारिश की थी। सूत्रों के मुताबिक नवनियुक्त सीईओ मिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। छह दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना में शामिल हुए फाइटर पायलट मिश्रा ने 30 अप्रैल 2026 को रिटायर होने से पहले 39 साल से अधिक समय तक सेवा की। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (पुणे), 'एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल' (बेंगलुरु), अमेरिका में 'एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज' और ब्रिटेन में 'रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज' के छात्र रहे मिश्रा एक 'फाइटर कॉम्बैट लीडर' और पायलट हैं, जिन्हें तीन हजार घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। मिश्रा ने अपने करियर के दौरान एक 'फाइटर स्क्वाड्रन' और दो 'फ्रंटलाइन एयर बेस' की कमान संभाली तथा 'चीफ टेस्ट पायलट' तथा बाद में 'एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट' (एएसटीई) के कमांडेंट के तौर पर काम किया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले मिश्रा ने वायु सेवा मुख्यालय में कई वरिष्ठ पदों पर भी काम किया। एक जनवरी 2025 को पश्चिमी वायु सेवा कमान का कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने 'इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स)' के उप प्रमुख के तौर पर काम किया। अपने इस सफर के दौरान मिश्रा को 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' और 'विशिष्ट सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन की प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से स्क्रीनिंग और परंपरागत आकलन, दोनों ही शामिल थे। उन्होंने बताया कि कुल 5,585 आवेदनों में से 3,577 उम्मीदवारों ने 600 अंकों वाली व्यवस्था के तहत मूल्यांकन के लिए अपनी जानकारी साझा की। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद, 'डिजिटल' बातचीत के लिए 470 या उससे अधिक अंक पाने वाले 108 उम्मीदवारों को चुना गया। उन्होंने बताया कि उसके बाद 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में 16 उम्मीदवारों का प्रत्यक्ष साक्षात्कार लिया गया। -
नई दिल्ली। नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत लगातार मानवीय सहायता पहुंचा रहा है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का पांचवां राहत विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। विमान में 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल, अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरण और 5.5 टन आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं।विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, काठमांडू पहुंचने पर भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने राहत सामग्री नेपाल सरकार को सौंपी। यह सहायता 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर ध्वस्त होने के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजी गई है।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत का पांचवां राहत विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है, जिसमें 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं।भारत अब तक नेपाल को 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेज चुका है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, भारी क्षमता वाली तिरपाल, प्लास्टिक शीट, स्वच्छता किट, आवश्यक दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर शामिल हैं।नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक, बुधवार सुबह तक बाढ़ में बह गए 1,114 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3,916 लोग अब भी लापता हैं।नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने संसद में कहा कि हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से बढ़ते खतरों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आपदा जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों की चेतावनी है और नेपाल को इस मुद्दे को वैश्विक स्तर पर और मजबूती से उठाना होगा।विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी की सहायक लेंगदे खोला पर हिमस्खलन के कारण प्राकृतिक अवरोध बन गया था। बाद में पानी का दबाव बढ़ने पर यह अवरोध टूट गया, जिससे भीषण बाढ़ आई और भोटेकोशी से त्रिशूली नदी तक के कई इलाके तबाह हो गए। -
नयी दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नये सदस्यों की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव से ट्रस्ट को राम मंदिर का निर्माण कार्य और बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को यहां हुई एक बैठक में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), ट्रस्ट के पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को नया महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। एक बयान में, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गिरी को महासचिव पद संभालने पर बधाई दी और कहा कि उनका नेतृत्व सभी के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायुसेना कमान के प्रमुख रहे मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त किए जाने का स्वागत करते हुए, कुमार ने उन्हें एक वरिष्ठ, सम्मानित और अनुभवी व्यक्ति बताया, जिनके व्यापक अनुभव से ट्रस्ट का कामकाज और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा। कुमार ने भागचंदका को राम जन्मभूमि आंदोलन का ''अग्रणी सिपाही'' बताया तथा उन्हें ट्रस्टी और कोषाध्यक्ष नियुक्त किए जाने का भी स्वागत किया। कुमार ने कहा कि भागचंदका ने अशोक सिंघल फाउंडेशन के जरिए पूर्व विहिप नेता अशोक सिंघल और हिंदुत्व से जुड़े कामों को आगे बढ़ाया है। विहिप अध्यक्ष ने वकील मदन मोहन पांडे को ट्रस्टी बनाए जाने का भी स्वागत किया और राम जन्मभूमि से जुड़ी कानूनी लड़ाई में एक वकील के तौर पर उनके योगदान का जिक्र किया। कुमार ने कहा, ''राम जन्मभूमि वाद जीतने में उनके समर्पण का अहम योगदान रहा है।'' उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को पांडे के कानूनी नजरिए और अनुभव का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्टी के तौर पर निर्मला यादव की नियुक्ति से ट्रस्ट में हिंदू समाज के कई वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा और इसे महिला सशक्तीकरण के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। विहिप ने भरोसा जताया कि अनुभवी सदस्यों के शामिल होने से ट्रस्ट को भव्य राम मंदिर का काम और बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी और ''अयोध्या से राम राज्य का रास्ता साफ होगा।


























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