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ठाणे. राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बुधवार को कहा कि उसने महीनों लंबी जांच के बाद पिछले साल के अंत में मुंबई के पास एक ट्रेन में हुई बड़ी चोरी में शामिल 10 सदस्यीय आपराधिक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से 1.62 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का चोरी का सोना बरामद किया है। मुंबई रेलवे अपराध शाखा ने बताया कि गिरोह के शेष छह फरार सदस्यों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।
रेलवे पुलिस ने कहा कि यह सफलता छह महीने तक चले व्यापक राज्यव्यापी अभियान के बाद मिली है, जिसमें दक्षिण-पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के सुदूर गांवों में छिपे संदिग्धों का पता लगाने के लिए कई तकनीकी दल, स्थानीय अपराध शाखाएं और दंगा नियंत्रण दस्ते शामिल थे। जीआरपी की विज्ञप्ति के अनुसार, चोरी की यह घटना छह और सात दिसंबर, 2025 की दरमियानी रात सोलापुर-मुंबई सीएसएमटी सिद्धेश्वर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12116) में हुई थी, जहां एक सराफा व्यापारी के बैग से सोना और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया गया था। शिकायतकर्ता मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) निवासी 52 वर्षीय स्वर्ण व्यवसायी है, जो सोलापुर से मुंबई के पास कल्याण तक वातानुकूलित (एसी) कोच में यात्रा कर रहा था। जीआरपी के बयान में कहा गया, ''शिकायतकर्ता दो ट्रॉली बैग के साथ यात्रा कर रहा था। जब वह सो गया तो अज्ञात चोरों ने सोने के आभूषणों और कीमती सामान से भरा एक बैग चुरा लिया।'' -
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस को बुधवार को अपने 28 साल के इतिहास में पहली फूट का सामना करना पड़ा, और पार्टी के 58 बागी विधायकों ने निष्कासित नेता रिताब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुनकर विधायक दल पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी प्राप्त कर ली, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी अपने गठन के बाद से अब तक के सबसे गंभीर आंतरिक संकट में घिर गई है। कुछ ही घंटों के भीतर, घबराए हुए तृणमूल नेतृत्व ने पूरे पश्चिम बंगाल में पार्टी की सभी समितियों और अग्रिम मोर्चों को भंग कर दिया। यह कदम तेजी से बढ़ते सत्ता संघर्ष के बीच राजनीतिक नियंत्रण वापस पाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के दो महीने के भीतर ही हुई इस नाटकीय बगावत ने संगठन और इसके निर्वाचित विधायकों के बीच एक गहरी दरार को उजागर कर दिया है। इसने नेतृत्व, उत्तराधिकार और उस पार्टी की भविष्य की दिशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका एक दशक से अधिक समय से बंगाल की राजनीति पर दबदबा रहा है। रिताब्रता और उनके साथी एवं निष्कासित विधायक संदीपन साहा के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को 58 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। यह संख्या दल-बदल रोधी कानून के तहत एक अलग गुट के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत की सीमा को आसानी से पार कर लेती है। विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद रिताब्रता ने पत्रकारों से कहा, ''विधानसभा अध्यक्ष ने हमारे दावे को स्वीकार कर लिया है।'' संख्याबल के माध्यम से अपनी वैधता का दावा करते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि अब विद्रोही गुट ही विधानसभा में असली तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, ''तृणमूल विधायक दल 58 विधायकों की एक टीम है, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता है। विधानसभा में असली तृणमूल हम ही हैं।'' विधानसभा अध्यक्ष की स्वीकृति ने प्रभावी रूप से उस पार्टी में पहली संगठनात्मक दरार को औपचारिक रूप दे दिया, जिसकी स्थापना ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होने के बाद की थी। बागी खेमे ने एक नयी नेतृत्व संरचना प्रस्तुत की, जिसमें रिताब्रता को नेता प्रतिपक्ष और अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक नामित किया गया। वरिष्ठ विधायकों और पार्टी के पुराने सदस्यों जावेद अहमद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा को उपनेता नियुक्त किया गया। तृणमूल कांग्रेस के तमाम दिग्गज विधायक भी इस विद्रोह में शामिल हो गए हैं, जिनमें समर मुखोपाध्याय, अरूप राय, रथीन घोष, जावेद खान और प्रसून बनर्जी जैसे नाम शामिल हैं। हालाँकि, गौर करने वाली बात यह है कि बागियों ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी की सर्वोच्चता को चुनौती नहीं दी। विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए अपने पत्र में, उन्होंने ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में मान्यता देना जारी रखा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे विधायक दल के कामकाज में उनके भतीजे तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के अधिकार को अब और स्वीकार नहीं करेंगे। बागी खेमे से जुड़े एक नेता ने कहा, ''हम ममता बनर्जी को अपना नेता स्वीकार करते हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को स्वीकार नहीं करते।'' रिताब्रता ने पूर्व मुख्यमंत्री से विधायक दल का मार्गदर्शन करने की अपील भी की।
उन्होंने कहा, ''हम ममता बनर्जी से अनुरोध करेंगे कि वह विधायक दल के मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाएं।'' हालाँकि, ममता बनर्जी खेमे ने बागियों के कदम की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि विधानसभा अध्यक्ष को दी गई जानकारी पार्टी के आधिकारिक लेटरहेड के बजाय सादा कागज पर जमा की गई। पार्टी का रुख है कि विधानसभा को इस तरह के किसी भी निर्णय की जानकारी देने का अधिकार केवल पार्टी अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पास ही है। रिताब्रता ने जोर देकर कहा कि हर कदम संसदीय परंपराओं और विधायी नियमों के अनुरूप उठाया गया है।
विद्रोह के तात्कालिक कारणों के तार चुनाव बाद नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर पैदा हुए विवाद से जुड़े हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब विधानसभा अध्यक्ष को वरिष्ठ तृणमूल विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को मान्यता देने के लिए भेजे गए एक प्रस्ताव में कथित तौर पर कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए। इन आरोपों के कारण इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और सीआईडी जांच शुरू कर दी गई। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संगठनात्मक मोर्चे पर तेजी से कदम उठाए और सभी संगठनात्मक इकाइयों के पुनर्गठन से पहले उनकी संरचना और कामकाज की व्यापक समीक्षा करने की घोषणा की। पार्टी ने एक बयान में कहा, ''गहन विचार-विमर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियों के साथ-साथ इसके सभी अग्रिम संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाए।'' महत्वपूर्ण बात यह है कि रिताब्रता तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष थे, जबकि अभिषेक बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव थे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इस कदम को इस स्वीकारोक्ति के रूप में देखा कि यह संकट सामान्य गुटबाजी से कहीं आगे निकल गया है और अब पार्टी पर नियंत्रण के संघर्ष के रूप में बदल चुका है। कई लोगों के लिए, ये घटनाएँ महाराष्ट्र के घटनाक्रम की स्पष्ट याद दिलाती हैं।
जिस तरह 2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को दो फाड़ किया था और 2023 में अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का विभाजन हुआ था, बंगाल की यह बगावत भी मूल संगठन पर नियंत्रण के बजाय विधायक दल के भीतर संख्या बल के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
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मथुरा. हरियाणा की एक गायिका ने अपनी 90 साल की सास को विशेष रूप से तैयार टोकरी में बैठाया और फिर उसे (टोकरी) सिर पर लादकर 84-कोस की ब्रज परिक्रमा करने की उनकी इच्छा पूरी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद गायिका काजल चौधरी को अपने इस कदम के लिए उपयोगकर्ताओं की काफी सराहना मिल रही है। काजल ने बताया कि उन्होंने अपनी सास को सिर पर उठाने का फैसला लिया, ताकि वह ब्रज क्षेत्र की परिक्रमा पूरी करने की उनकी बरसों पुरानी इच्छा पूरी कर सकें। उन्होंने कहा, "यह मेरा खुद का फैसला था। मेरी सास ने मुझसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा था। मैं यह अपनी खुद की संतुष्टि के लिए कर रही हूं।" चौरासी कोसी ब्रज परिक्रमा लगभग 260 किलोमीटर की यात्रा है, जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में भगवान कृष्ण की कथाओं से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों, तालाबों और जंगलों से होकर गुजरती है। गोवर्धन के श्री ढंगघाटी मंदिर के सेवायत पवन कौशिक ने बताया कि श्रद्धालु आमतौर पर इस परिक्रमा को पूरी करने में लगभग 40 दिन लगाते हैं, लेकिन कई लोग इसे मौजूदा 'अधिक मास' के दौरान ही पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। कौशिक ने कहा कि हिंदू कैलेंडर के इस महीने के दौरान परिक्रमा करना, मंदिरों में पूजा-अर्चना करना और यज्ञ करना शुभ माना जाता है।
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रांची. झारखंड में भाजपा नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की दो दिवसीय यात्रा की तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की। पार्टी प्रमुख की इस यात्रा के दौरान कई संगठनात्मक बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। नवीन छह और सात जून को झारखंड का दौरा करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद राज्य की उनकी यह पहली यात्रा होगी। रांची स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस यात्रा से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा की गई। भाजपा के राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश ने कहा, "उनकी यात्रा से पार्टी को नयी ऊर्जा और गति मिलेगी। कार्यकर्ता नये उत्साह और जोश के साथ अपनी सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।" पार्टी नेताओं के अनुसार, नवीन के यात्रा कार्यक्रम में भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ बैठकें, कोर कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा तथा जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ एक सम्मेलन शामिल है। प्रदेश भाजपा महासचिव अमर बौरी ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, इसलिए इसका विशेष महत्व है। राज्यसभा चुनाव 18 जून को होना है, जिसके लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है और आठ जून तक जारी रहेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद एक सीट रिक्त हुई है, जबकि दूसरी सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने वाला है। -
नयी दिल्ली. दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके की एक तंग गली में बिना अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के चल रहे एक होटल में बुधवार को भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें वे 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनके रिश्तेदारों का पास के अस्पतालों में इलाज जारी है। मालवीय नगर के हौज रानी स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई, जिससे लोग स्तब्ध रह गए। कई स्थानीय लोगों सहित बचावकर्मी पांच मंजिला संकरी इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंचे। घटना के समय कई लोग तो सो रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इमारत में प्रवेश और निकास का केवल एक ही द्वार था, खिड़कियां स्थायी रूप से सील थीं और मुख्य द्वार सेंसर से संचालित होता था। इन सभी कारकों से मिलकर इमारत एक तरह से मौत का जाल बन गई थी। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 58 लोगों को होटल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 21 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में 10 भारतीय शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायल गंभीर हालत में हैं। यह हाल के वर्षों में शहर की आग लगने की सबसे भीषण घटनाओं में से एक है। मृतकों में अधिकांश मध्य एशियाई और अफ्रीकी देशों के हैं। उनके परिजनों का इलाज चंद दूरी पर स्थित मैक्स अस्पताल में किया जा रहा था, जिस वजह से वे होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वह 25 कमरे का उपयोग कर रहा था। तहखाने में भी कमरे बनाए गए थे। इमारत के भूतल पर एक रेस्तरां था, जबकि तहखाने और ऊपरी मंजिलों का उपयोग होटल के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि छह-सात साल पहले तक इमारत में केवल भूतल के अलावा एक और मंजिल थी। बाद में बिना अधिकारियों को सूचित किए अतिरिक्त मंजिलें बना दी गईं। इसके अलावा, इमारत का पूरा नक्शा भी जमा नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि इमारत की ऊंचाई कथित तौर पर 15 मीटर से अधिक है, जिसके कारण अग्नि सुरक्षा संबंधी मंजूरी अनिवार्य है। उप मुख्य दमकल अधिकारी एके मलिक ने कहा, "जहां तक अग्नि संबंधी एनओसी का सवाल है, हमें भवन प्राधिकरण या लाइसेंसिंग एजेंसी से कोई संदर्भ प्राप्त नहीं हुआ था।" उन्होंने कहा कि इमारत की बनावट ऐसी थी कि वहां से निकलना लगभग नामुमकिन था।
उन्होंने कहा, "इस तरह की इमारतें एक शाफ्ट की तरह काम करती हैं, जहां आग से उत्पन्न तपिश और धुआं कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे निकासी और भी मुश्किल हो जाती है।" पुलिस सूत्रों के अनुसार, होटल का संचालन तीन साझेदारों द्वारा किया जा रहा था, जिनके बारे में माना जाता है कि वे दिल्ली भर में अन्य होटलों और गेस्ट हाउस के भी मालिक हैं। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-इरादतन हत्या की धारा और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार, भवन के मालिक की पहचान लवकेश के रूप में हुई है, लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर जारी किया गया था और होटल के मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है। अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
संदिग्धों को भागने से रोकने के लिए रेलवे और हवाई अड्डा अधिकारियों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। भवन मालिक और पर्यटन विभाग में पंजीकृत लाइसेंस धारक के आवास सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। इलाके से मिले दृश्यों में संकरी गलियां, लटकते तार और तंग इमारतें बेतरतीब ढंग से एक-दूसरे से सटी हुई दिखाई दे रही हैं। इनमें हवा में उठती आग की ऊंची लपटें भी दिख रही हैं। इमारत के चारों ओर कांच बिखरा पड़ा था। दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस और आपदा राहत इकाइयों की टीम ने धुएं से काली पड़ी इमारत में जीवित बचे लोगों की तलाश की। पीड़ितों को तहखाने से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग 'लेमन ग्रीन रेस्तरां' में लगी थी, लेकिन पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि यह एक होटल की इमारत है। अग्निशमन अधिकारी ए. के. मलिक के अनुसार, इमारत में एक तहखाना, भूतल और पांच ऊपरी मंजिलें हैं। रेस्तरां भूतल पर था, जबकि इमारत के बाकी हिस्से का उपयोग होटल के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आग इमारत के भूतल, पहली और दूसरी मंजिल तक ही सीमित थी तथा इमारत की ऊपरी मंजिलें तपिश और धुएं से प्रभावित थी। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, तहखाना बंद था और उन्होंने दमकल टीम को दरवाजा खोलने में मदद की।
उन्होंने बताया, "तहखाने का दरवाजा खोलने में 20 मिनट से अधिक का समय लगा।" हर तरफ भयावह दृश्य देखने को मिला। जैसे ही इमारत में घना धुआं भर गया और आग तेजी से फैलने लगी, कई लोग खिड़कियों के शीशे तोड़ते और मदद के लिए गुहार लगाते नजर आए। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर इमारत की तीसरी मंजिल से कूद गई।
व्यक्ति ने बताया, "इमारत में फंसे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा नीचे सड़क पर गद्दे बिछाए गए और अपने छोटे बच्चे को गोद में लिये एक महिला तीसरी मंजिल से कूद गई।" चौथी मंजिल पर फंसे एक विदेशी दंपति ने खिड़की का शीशा और एल्युमिनियम की ग्रिल तोड़ दी और पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। दोनों नीचे गिर गए। ऊपर से गुजर रहे तारों में फंसते हुए महिला सिर के बल जमीन पर गिरी। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वे बच पाए या नहीं।
होटल के सामने कंबल की दुकान के मालिक अरमान ने लोगों के कूदने पर उन्हें चोट लगने से बचाने के लिए अधिक से अधिक रजाई और गद्दे सड़क पर बिछा दिए, जबकि अन्य लोगों ने घायलों को सीपीआर दिया। अरमान ने ' बताया, "उस समय हमने किसी और चीज के बारे में नहीं सोचा। हमने जरूरत के हिसाब से गद्दे/रजाइयां मुहैया कराईं।" अन्य प्रत्यक्षदर्शी शेख अली ने कहा, "आग लगने के कारण दरवाजे बंद हो गए और खिड़कियां पूरी तरह से सील थी। अंदर फंसे लोग काफी देर तक बाहर नहीं निकल सके।" स्थानीय निवासियों ने बताया कि फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने खिड़कियां और मुख्य द्वार तोड़ने के लिए पत्थरों और हथौड़ों का इस्तेमाल किया। एक अन्य निवासी, आसिफ ने दावा किया कि इमारत के अंदर उपलब्ध अग्निशामक यंत्र बड़ी आग से निपटने के लिए बहुत छोटे थे। सड़क के उस पार स्थित मैक्स अस्पताल में, स्तब्ध रिश्तेदार अपने प्रियजनों की तलाश में प्रतीक्षा क्षेत्र में जमा हो गए, घायल और मृतकों को लाए जाने पर सूचियों को खंगालते रहे और घबराकर फोन करते रहे। एक व्यक्ति ने रोते हुए कहा, "तस्वीरों को देखकर हम उन्हें पहचान नहीं सकते; सभी बुरी तरह झुलस गए हैं।" इन्हीं लोगों में शामिल नमित गोयल ने बताया कि उनके छह रिश्तेदार इस आग की चपेट में आ गए। इनमें से चार शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान होना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, "चार शव मैक्स साकेत के शवगृह में हैं और दो शव दूसरे अस्पताल में हैं। हम उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" वहीं अन्य व्यक्ति ने कहा कि वह अपनी बेटी और दो नातिन की तलाश कर रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार को उसके दामाद की मौत की सूचना मिल चुकी है, जिसका शव बरामद कर लिया गया है। व्यक्ति ने कहा, "उन्होंने इमारत में एक कमरा लिया था। हमें मेरे दामाद के शव के बारे में खबर मिली है, लेकिन बाकी लोगों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है।" मैक्स अस्पताल ने बताया कि लाए गए 39 लोगों में से 18 को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 15 को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जिनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है। अस्पताल के बयान के अनुसार, कई लोगों को धुएं की वजह ले सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, कई मामूली रूप से झुलसे हुए थे और कई अन्य को 'फ्रैक्चर' था। इसने कहा कि मामूली रूप से घायल पांच मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक मरीज को गंभीर रूप से जलने के कारण सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 13 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से तीन इमारत से गिरने की वजह से घायल हुए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य लोगों को बचाते समय 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए और उन्हें एम्स ले जाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई अन्य लोगों ने हादसे को लेकर शोक संवेदना व्यक्त की। मुर्मू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत पीड़ादायक है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'' प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "दिल्ली के मालवीय नगर में आग की घटना में जनहानि अत्यंत दुखद है। अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।" मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने घटना पर दुख व्यक्त किया। गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहायता देने का आग्रह करता हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना से बेहद दुखी हूं। उन परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।" उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार और प्रशासन को पीड़ितों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के साथ समय पर मुआवजा प्रदान करना चाहिए। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस घटना में जनहानि पर दुख जताया। संधू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हौज रानी, मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने की घटना को लेकर मैं बहुत दुखी हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' गुप्ता ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर कहा, "मालवीय नगर में आग लगने की विनाशकारी घटना में जनहानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस दिल दहला देने वाली त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति और साहस मिलने की प्रार्थना करती हूं। - ओएसएम निविदा प्रक्रिया की जांच के आदेशनयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को लेकर जारी विवाद पर मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए दो शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की सीबीएसई द्वारा खरीद की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया। सरकार ने यह कदम 12वीं कक्षा के लिए लागू डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं के बाद उठाया है। इसी बीच, सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से प्रभावित झारखंड के 17 वर्षीय एक छात्र ने संसद की एक समिति के समक्ष प्रस्तुति दी। सूत्रों ने बताया कि सार्थक सिद्धांत ने ऑनलाइन मूल्यांकन की खातिर 'वेंडर' के चयन के लिए सीबीएसई की निविदा प्रक्रिया में विसंगतियों का उल्लेख किया और बोर्ड के समक्ष कई सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसद की शिक्षा, महिला बाल, युवा और खेल की स्थायी समिति के समक्ष सात पन्नों में अपने बिंदुओं को रखा। समिति के सदस्यों ने सार्थक की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और सीबीएसई अधिकारियों से जवाब मांगा। सीबीएसई ने इस बीच दावा किया कि ''दुर्भावनापूर्ण तत्वों'' ने सिलसिलेवार साइबर हमलों के माध्यम से उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया, जिसमें एक ऐसा हमला भी शामिल है जिसके कारण दो मिनट के भीतर प्लेटफॉर्म पर 15 लाख 'हिट' हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के एक लाख से अधिक प्रयास किये गए। सीबीएसई उस समय विवादों में घिर गया, जब 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं, जिससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान में संभावित गड़बड़ी को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया और उनके स्थान पर क्रमशः वरिष्ठ नौकरशाह लोखंडे प्रशांत सीताराम और वरुण भारद्वाज को नियुक्त किया गया है। इसके बाद, कैबिनेट सचिवालय ने एक परिपत्र जारी कर सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद से संबंधित मामलों की जांच करने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की। इसके मुताबिक, समिति की अध्यक्षता क्षमता विकास आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी।परिपत्र में कहा गया है कि चौहान को आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के अधिकारियों की मदद हासिल करने का अधिकार दिया गया है, जबकि क्षमता विकास आयोग समिति को सचिवालय संबंधी सहायता प्रदान करेगा। संबंधित परिपत्र के अनुसार, समिति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। चौहान के नाम पर जारी परिपत्र को विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के साथ साझा किया गया है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया में ओएसएम प्रणाली के कार्यान्वयन को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई। तकनीकी खामियों, शुल्क भुगतान में समस्या और सत्यापन एवं पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी को लेकर बोर्ड को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है, जिसकी वजह से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई गई है। सार्थक ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव (स्कूल शिक्षा) संजय कुमार के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समिति के समक्ष प्रस्तुति दी। सीबीएसई ने समिति के सदस्यों को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर अपना पक्ष रखा गया था और सांसदों को आश्वासन दिया गया कि उसके पोर्टल से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और छात्रों के पास अब अपनी उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की खातिर छह जून तक का समय है। सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली पर विवाद के बीच, समिति ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में इस प्रणाली के उपयोग के मुद्दे और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा के लिए बोर्ड और स्कूल शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था। समिति ने शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ नौवीं और 10वीं कक्षाओं में त्रि-भाषा फॉर्मूला लागू करने पर भी चर्चा की। समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में सार्थक की प्रस्तुति के बारे में जानकारी दी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह सीबीएसई के जवाबों से संतुष्ट हैं, सिंह ने कहा, ''यह समिति को तय करना है।'' उन्होंने त्रि-भाषा फॉर्मूले के मुद्दे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा, "मेरा मानना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।" दिग्विजय ने संवाददाताओं द्वारा बैठक के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''समिति हमेशा से छात्रों के मुद्दों और उनकी समस्याओं पर ध्यान देती रही है। समिति ने ठीक यही किया है।'' सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि '''सबसे हालिया घटना एक 'डिनायल ऑफ सर्विस' हमले का प्रयास है, जिसके कारण 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख हिट हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के 1 लाख से अधिक प्रयास किये गए।'' सीबीएसई ने कहा कि पोर्टल वर्तमान में 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को सहायता प्रदान कर रहा है, और अपराह्न 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपनी प्रविष्टियां जमा कर दीं। बोर्ड ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा ''आज हजारों छात्रों ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल का उपयोग किया, लेकिन दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने साइबर हमलों की एक शृंखला के माध्यम से सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।'' 'डिनायल-ऑफ-सर्विस' हमला एक दुर्भावनापूर्ण साइबर खतरा है जो किसी मशीन, नेटवर्क या वेबसाइट को उसके लक्षित उपयोगकर्ताओं को अनुपलब्ध करता है। छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर, सीबीएसई ने कहा कि उसने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया है, जिसमें सत्र की समय सीमा बढ़ाना भी शामिल है, ताकि प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुगम हो सके।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को कहा कि भाजपा और नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के बीच दलीय स्तर पर संबंधों को और मजबूत करने को लेकर 'सार्थक चर्चा' हुई। नवीन ने यह टिप्पणी आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ मंगलवार को यहां भाजपा के मुख्यालय में हुई मुलाकात के बाद की। प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर भाजपा मुख्यालय में उनका भव्य स्वागत किया गया।नवीन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भाजपा को जानो पहल के तहत, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल के अध्यक्ष रवि लामिछाने और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का भाजपा मुख्यालय में स्वागत करना और उनसे बातचीत करना मेरे लिए खुशी की बात है।'' उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसपी के बीच दलीय स्तर पर संबंधों को और मजबूत करने को लेकर 'सार्थक चर्चा' हुई। नवीन ने कहा, ''इस बात पर भी व्यापक चर्चा हुई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का शासन मॉडल विकास और जनसेवा पर केंद्रित है।'' लामिछाने के नेतृत्व में आरएसपी का यह प्रतिनिधिमंडल भाजपा अध्यक्ष नवीन के निमंत्रण पर भारत के दौरे पर है। यह प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर को नयी दिल्ली पहुंचा। भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने एक बयान में कहा, "प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, नवीन ने साझा सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक संबंधों और मजबूत जन-केंद्रित संबंधों पर आधारित भारत और नेपाल के बीच घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया।" चौथाईवाले ने कहा कि नवीन ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की बातचीत से भाजपा और आरएसपी के बीच "लोकतांत्रिक संवाद मजबूत होता है और दलों के बीच जुड़ाव गहरा होता है"। उन्होंने कहा कि नवीन ने भाजपा की यात्रा, विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक जुड़ाव के लिए उसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण के बारे में जानकारी साझा की। चौथाईवाले ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी के संगठनात्मक मॉडल से अवगत कराया और जमीनी स्तर पर लोगों के साथ सीधा और निरंतर संपर्क बनाए रखने में भाजपा कार्यकर्ताओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "बातचीत के दौरान, आरएसपी प्रतिनिधिमंडल भाजपा की सदस्यता प्रक्रिया, उम्मीदवार चयन प्रणाली और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की पहचान करने तथा उनके साथ जुड़ने के पार्टी के तंत्र को जानने के लिए काफी उत्सुक नजर आया।" चौथाईवाले ने कहा कि नवीन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकासोन्मुख शासन मॉडल पर भी प्रकाश डाला। पार्टी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी ने कहा, "उन्होंने (नवीन ने) कहा कि विकास, सेवा, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भाजपा के जनसंपर्क और शासन के दृष्टिकोण के केंद्र में रहा है।" चौथाईवाले ने बताया कि दोनों नेताओं ने राजनीति में 'जेन जेड' की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की, विशेष रूप से लोकतांत्रिक भागीदारी, सार्वजनिक संवाद और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में उनकी भूमिका को लेकर बातचीत हुई। 'जेन जेड' से अभिप्राय 1997 से 2012 के बीच जन्में युवाओं से है। भाजपा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर, मुलाकात का एक वीडियो साझा करते हुए पोस्ट किया, "नेपाल की आरएसपी पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने आज नयी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।"
- नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना ने हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल रुद्र एम-दो का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि प्रक्षेपण के बाद मिसाइल को पूर्वनिर्धारित लक्ष्य की ओर निर्देशित किया गया और उन्होंने अत्यंत सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदा। परीक्षण के सभी उद्देश्यों को पूरी तरह सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया। मंत्रालय ने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया। मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''प्रक्षेपित सभी मिसाइल ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।'' रुद्र एम-दो को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्र एम-दो के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी।
- प्रयागराज (उप्र). प्रयागराज के कोतवाली थानाक्षेत्र के साउथ मलाका में मंगलवार को एक मकान में चार व्यक्ति मृत पाए गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। डीसीपी (नगर) मनीष शांडिल्य ने बताया कि मंगलवार शाम पुलिस को एक मकान से दुर्गंध आने की सूचना मिली और जब पुलिस मौके पर पहुंची एवं उसने मकान का दरवाजा खोला तो वहां चार शव पाए गए जो संभवतः दो दिन पुराने हैं। उन्होंने बताया कि तीन शवों की शिनाख्त वीरेंद्र वैश्य (70), उनकी पत्नी अनिता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के रूप में की गई है। उन्होंने कहा कि चौथे शव की शिनाख्त अभी हो नहीं सकी है। शांडिल्य ने बताया कि इन लोगों के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका लगती है। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र वैश्य के दो लड़के- अश्वनी और अभिषेक तथा एक लड़की मीनाक्षी थी।पुलिस का कहना है कि चौथा शव अभिषेक का हो सकता है लेकिन अभी उस शव की शिनाख्त नहीं हुई है।शांडिल्य ने बताया कि वीरेंद्र का दूसरा लड़का अश्वनी किसी मामले में कौशांबी में जेल जा चुका है, जबकि बहू भी ठगी के मामले में जेल जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस पता लगा रही है कि ये जेल में हैं या बाहर हैं, यदि बाहर हैं तो हो सकता है कि इन्होंने ही घटना को अंजाम दिया हो। उन्होंने बताया कि चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को कहा कि ''दुर्भावनापूर्ण तत्वों'' ने साइबर हमलों की एक श्रृंखला के माध्यम से उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया, जिसमें एक ऐसा हमला भी शामिल है जिसके कारण दो मिनट के भीतर प्लेटफॉर्म पर 15 लाख 'हिट' हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के एक लाख से अधिक प्रयास किये गए। सीबीएसई ने कहा कि पोर्टल वर्तमान में 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को सहायता प्रदान कर रहा है, और अपराह्न 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपनी प्रविष्टियां जमा कर दीं। बोर्ड ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा ''आज हजारों छात्रों ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल का उपयोग किया, लेकिन दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने साइबर हमलों की एक श्रृंखला के माध्यम से सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।'' पोस्ट में कहा गया है, ''सबसे हालिया घटना एक 'डिनायल ऑफ सर्विस' हमले का प्रयास है, जिसके कारण 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख हिट हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के 1 लाख से अधिक प्रयास किये गए।'' 'डिनायल-ऑफ-सर्विस' हमला एक दुर्भावनापूर्ण साइबर खतरा है जो किसी मशीन, नेटवर्क या वेबसाइट को उसके लक्षित उपयोगकर्ताओं को अनुपलब्ध करता है। छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर, सीबीएसई ने कहा कि उसने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया है, जिसमें सत्र की समय सीमा बढ़ाना भी शामिल है, ताकि प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुगम हो सके। बोर्ड ने कहा, ''हमारी टीम सतर्क और तत्पर है ताकि हमारे प्रिय छात्रों को हर संभव तरीके से सुविधा मिल सके।'' सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर साइबर हमले के संबंध में टिप्पणी करते हुए, 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की साइबर सुरक्षा सहायक कंपनी '63सैट्स साइबरटेक' के संयुक्त प्रबंध निदेशक और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीनिवास एल. ने इस घटना को ''समन्वित हमला'' करार दिया। उन्होंने कहा, ''दो मिनट में 15 लाख अनुरोध किया जाना और फाइल हासिल करने का एक लाख प्रयास किया जाना कोई मामूली गड़बड़ी या किसी लापरवाह हैकर का काम नहीं है। यह एक समन्वित हमला है। असल मकसद फाइल हासिल करना था...।'' हालांकि, श्रीनिवास ने आगाह किया कि ''एक बार स्थिति संभाल लेना कोई रणनीति नहीं, बल्कि खुशकिस्मती है।'' उन्होंने कहा, ''आप बार-बार इन प्रणालियों का बचाव करके हर बार जीत की उम्मीद नहीं कर सकते। भारत की परीक्षा व्यवस्था को (साइबर) हमले से निपटने के लिए तैयार किया जाना चाहिए, न कि हमले के बाद उसमें सुधार किया जाए।'' इससे पहले दिन में, सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन से असंतुष्ट छात्रों के लिए उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन एवं उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियों में पाई गई समस्याओं के सत्यापन हेतु मंगलवार को ऑनलाइन पोर्टल चालू कर दिया। बोर्ड के अनुसार, यह सुविधा केवल उन छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त की हैं। सीबीएसई ने कहा, ''उत्तर पुस्तिका की उपलब्ध कराई गई स्कैन प्रति में देखी गई समस्याओं के सत्यापन और उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन हेतु आवेदन के लिए पोर्टल दो जून 2026 को शुरू कर दिया गया है। उत्तर पुस्तिका की उपलब्ध कराई गई स्कैन प्रति में यदि कोई समस्या है तो छात्र उसके सत्यापन और मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होने पर उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।'' पोर्टल दो जून से छह जून (मध्यरात्रि) तक चालू रहेगा और समयसीमा के बाद कोई ऑफलाइन आवेदन या अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियों में समस्याओं के सत्यापन के लिए छात्र पन्ने गायब होने, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका गायब होने, मानचित्र या ग्राफ गायब होने, धुंधले पन्ने, गलत उत्तर पुस्तिका या किसी अन्य प्रश्नपत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन जैसी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड ने कहा, ''छात्रों को अंतिम आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि सभी विषयों से जुड़े अनुरोध उसमें शामिल हों।'' उसने कहा कि उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति में पाई गई समस्याओं के सत्यापन के लिए शुल्क 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका है जबकि उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क लिया जाएगा। सीबीएसई ने कहा, ''छात्र समस्याओं के सत्यापन/पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल एक-एक आवेदन जमा कर सकते हैं इसलिए उन्हें पहले ही तय कर लेना चाहिए कि वे एक विषय के लिए आवेदन करना चाहते हैं या कई विषयों के लिए।'' बोर्ड ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान पूरा होने के बाद ही आवेदन को सफल माना जाएगा।उसने यह भी कहा कि समस्याओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल एक-एक आवेदन की अनुमति होगी।बोर्ड ने कहा, ''छात्र आवश्यक विवरण, जैसे प्रश्न संख्या और पृष्ठ संख्या आदि देकर एक या अधिक विषयों में एक या अधिक प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।'' बोर्ड ने कहा, ''जिन बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, रिश्तेदार या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग कर सकते हैं।' बोर्ड ने कहा, ''ऐसी स्थिति में आधार पर दर्ज नाम, जन्मतिथि और लिंग उसी व्यक्ति का होना चाहिए जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।'' यह पोर्टल देरी से चालू किया गया है। सीबीएसई ने पहले कहा था कि उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन पोर्टल 29 मई तक शुरू होने की संभावना है। यह घटनाक्रम 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) प्रणाली को लेकर कुछ छात्रों और अभिभावकों द्वारा चिंता जताए जाने के बाद सामने आया है। सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियों, भुगतान विफल होने और पोर्टल तक पहुंच से जुड़ी समस्याओं को लेकर बोर्ड को छात्रों और अभिभावकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है।
- सूरत। गुजरात के सूरत जिले के बारडोली कस्बे के पास मंगलवार को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की दो बसों की टक्कर में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और करीब 40 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बारडोली तालुका के उवा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर हुई दुर्घटना के बाद एक बस पलट गई और उसमें आग लग गई। यह मार्ग महाराष्ट्र को गुजरात से जोड़ता है। सूरत जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश गढ़िया ने बताया कि एक बस सूरत से धुले जा रही थी, जबकि दूसरी बस महाराष्ट्र के चालीसगांव से सूरत आ रही थी। गढ़िया ने कहा, "बारडोली-व्यारा राजमार्ग पर, महाराष्ट्र जा रही एक बस ने एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। संतुलन बिगड़ने के बाद, बस डिवाइडर को पार कर गई और महाराष्ट्र की तरफ से आ रही दूसरी बस से टकरा गई, जिससे वह पलट गयी और सड़क किनारे एक निचले इलाके में गिर गई। उसके बाद बस में आग लग गई।" उन्होंने कहा कि पुलिस, दमकल विभाग और सूरत तथा पड़ोसी तापी जिले के अधिकारियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा, "हमने बस में फंसे कई यात्रियों को बचाया और घायलों को बारडोली अस्पताल पहुंचाया। दोनों बसों में सवार लगभग 40 लोग घायल हुए, जबकि सात लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक उस बस में सवार थे जिसमें आग लगी थी।" मुंबई में, राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा करते हुए हादसे को "बेहद दुखद और दर्दनाक" बताया। एक बयान के अनुसार, एमएसआरटीसी के अध्यक्ष ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों और एमएसआरटीसी कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सरनाइक ने कहा, "मृतकों के वारिसों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को घायल यात्रियों के लिए मुफ्त और बेहतर चिकित्सा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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नई दिल्ली। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश की युवा पीढ़ी से साइकिल को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की विशेष अपील की है।मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा, “आज देश की युवा शक्ति से विशेष अपील करना चाहता हूं। साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यह केवल एक व्यायाम या एक दिन की हॉबी नहीं, बल्कि सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली की पहचान है। साइकिल हमें फिट रखती है, शरीर को ऊर्जावान बनाती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखती है।’मंत्री ने साइकिलिंग को पर्यावरण संरक्षण का सबसे सस्ता, सुंदर और टिकाऊ माध्यम बताते हुए कहा कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने से प्रदूषण कम होगा, पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और देश को भी फायदा पहुंचेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए साइकिल एक प्रभावी और सकारात्मक समाधान है।मनसुख मांडविया ने ‘फिट इंडिया’ आंदोलन के तहत चलाए जा रहे ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों युवा इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और इसे जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। उन्होंने सभी युवाओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस अभियान को मिल रहे स्नेह, समर्थन और ऊर्जा के लिए उनका हृदय से आभार है।मांडविया ने बताया कि आने वाले रविवार को पूरे देश में ‘संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन विश्व साइकिल दिवस को समर्पित होगा। उन्होंने सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे उत्साहपूर्वक इसमें भाग लें। युवाओं से फिट इंडिया ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने और अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों को भी इससे जोड़ने की अपील की।मंत्री ने कहा, “इस खास दिन पर हम सभी संकल्प लें कि साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और एक फिट, स्वस्थ तथा विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।”
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नई दिल्ली। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने भारतीय मूल के ऐप ‘गिटार विज’ को एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड 2026 के ‘समावेशिता’ (इनक्लूसिविटी) श्रेणी का विजेता घोषित किया है। यह सम्मान विभिन्न क्षमताओं वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ और समावेशी संगीत अनुभव उपलब्ध कराने के लिए दिया गया है।एप्पल ने इस वर्ष के एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा की, जिनमें समावेशिता, नवाचार, इंटरैक्शन, सामाजिक प्रभाव, आनंद और मनोरंजन तथा विजुअल्स एवं ग्राफिक्स जैसी विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं।
भारतीय डेवलपर बिजॉय थंगराज द्वारा विकसित गिटार विज एक ऑल-इन-वन टूलकिट है, जिसे नए और अनुभवी दोनों प्रकार के गिटार वादकों के लिए तैयार किया गया है। यह ऐप सुर, कॉर्ड्स, उंगलियों की सही स्थिति और गिटार सीखने से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए वॉइस-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।एप्पल के अनुसार, इस ऐप को समावेशिता श्रेणी में इसलिए चुना गया क्योंकि यह विभिन्न पृष्ठभूमियों, क्षमताओं और भाषाओं के उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है तथा संगीत सीखने और बजाने में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है।कंपनी ने बताया कि गिटार विज में कई उन्नत एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं और एप्पल तकनीकों का उपयोग किया गया है। इनमें डायनेमिक टाइप, इन्क्रीज्ड कॉन्ट्रास्ट और डिफरेंशिएट विदाउट कलर जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो विभिन्न जरूरतों वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप का उपयोग आसान बनाती हैं।एप्पल ने गिटार विज को ऐसा प्रभावशाली ऐप बताया है, जो एक्सेसिबिलिटी-केंद्रित डिजाइन और सहज उपयोगकर्ता अनुभव के माध्यम से सभी क्षमताओं वाले संगीत प्रेमियों का समर्थन करता है।एप्पल की वर्ल्डवाइड डेवलपर रिलेशंस की उपाध्यक्ष सुसान प्रेस्कॉट ने कहा कि इस वर्ष के एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड विजेता इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण हैं कि डेवलपर्स किस तरह उपयोगकर्ताओं के लिए असाधारण अनुभव तैयार कर रहे हैं।एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड्स के माध्यम से हर वर्ष आईफोन, आईपैड, मैक, एप्पल वॉच, एप्पल टीवी और एप्पल विज़न प्रो जैसे प्लेटफॉर्मों पर नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करने वाले ऐप और गेम डेवलपर्स को सम्मानित किया जाता है।यह उपलब्धि उन भारतीय मूल के ऐप्स की बढ़ती सूची में नया नाम जोड़ती है, जिन्हें एप्पल डिज़ाइन अवॉर्ड्स में वैश्विक पहचान मिली है। इससे पहले ल्यूमी, डेनिम, इवॉल्व और मेडिटेट जैसे भारतीय मूल से जुड़े ऐप विभिन्न श्रेणियों में फाइनलिस्ट और विजेता रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एप्पल ने भारत में उपयोगकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी नई सुविधाएं भी शुरू की थीं। इनमें एप्पल वॉच पर स्लीप एपनिया नोटिफिकेशन और एयरपॉड्स प्रो में चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित श्रवण परीक्षण सुविधा शामिल है। -
नई दिल्ली। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि के रूप में महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू तालुका के अंबेसारी गांव में तीसरी पर्वतीय सुरंग (एमटी-07) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना उन्नत सुरंग, निगरानी और निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाने को बढ़ावा दे रही है। सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य के लिए रेल परिवहन की नींव रखे जाने से देश की हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्षमताएं मजबूत हो रही हैं।
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी इसकी जानकारी दी है। बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की दोनों ओर की पटरियों के लिए हाल ही में बनकर तैयार हुई एमटी-07 पर्वतीय सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है। इस सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से नियंत्रित ड्रिलिंग और विस्फोट विधि द्वारा की गई। निर्माण के दौरान उन्नत इंजीनियरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।खुदाई की पूरी प्रक्रिया की अवधि में संरचनात्मक स्थिरता, श्रमिकों की सुरक्षा और सटीक निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों और भू-तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया। सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स (एसएसपी), 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ सहित वास्तविक समय की निगरानी व्यवस्थाओं द्वारा कंपन, सुरंग की गतिविधि और आसपास की संरचनाओं पर निरंतर नजर बनाई रखी गई।सुरंग निर्माण कार्यों के दौरान वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, नियंत्रित पहुंच और निरंतर भू-तकनीकी पर्यवेक्षण सहित व्यापक श्रमिक सुरक्षा उपायों में कोई भी ढील नहीं दी गई। आपको बता दें, महाराष्ट्र में पिछले पांच महीनों के भीतर तीन पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह देश के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सबसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण खंडों में से एक में हुई तीव्र प्रगति को दर्शाता है।यह सफलता परियोजना के महाराष्ट्र खंड में पहले हासिल की गई उपलब्धियों पर आधारित है। 1.5 किलोमीटर लंबी पहली पर्वतीय सुरंग (एमटी-05) का निर्माण 2 जनवरी 2026 को पालघर जिले के सफाले के पास पूरा हुआ। यह उपलब्धि महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना की पहली सफल पर्वतीय सुरंग निर्माण के रूप में सामने आई। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को दूसरी सुरंग (एमटी-06) का निर्माण हुआ, इसमें न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके 454 मीटर लंबी सुरंग खोदी गई। इस तरह पालघर जिले में लगभग एक महीने के भीतर दो सफल निर्माण पूरे हुए।महाराष्ट्र में निर्माणाधीन सात पर्वतीय सुरंगों में से, एमटी-05, एमटी-06 और एमटी-07 में अब तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एमटी-08 (350 मीटर) में 5 अक्टूबर 2023 को खुदाई का काम पूरा हो गया था, एमटी-03 की खुदाई 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है, एमटी-04 लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि एमटी-01 और एमटी-02 में काम लगातार जारी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की कुल आठ पर्वतीय सुरंगों में से सात महाराष्ट्र के पालघर जिले के अंतर्गत आती हैं और एक गुजरात के वलसाड जिले में है और उस सुरंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है। वापी और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच तीनों पर्वतीय सुरंगों की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर महाराष्ट्र के बोइसर और गुजरात के वापी के बीच एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरता है। वहां के निर्माण कार्य तेजी से प्रगति हो रही है। इन दोनों शहरों के बीच के मार्ग में तीन (03) पर्वतीय सुरंगें (एमटी 08, एमटी -07 और एमटी-06) शामिल हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिससे बाढ़, बिजली आपूर्ति बाधित होने, संपत्ति को नुकसान और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, तिरुप्पुर, तिरुनेलवेली, तेनकासी, डिंडीगुल, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।आईएमडी ने यह भी कहा है कि गुरुवार को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब मंगलवार को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। वहीं नमक्कल जिले के रसिपुरम में पुराने बस स्टैंड के पास सरकारी अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा। नए बस स्टैंड बाजार क्षेत्र में भी जलभराव हुआ, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।तिरुपत्तूर जिले में अंबूर, अलंगकुप्पम और पेरियंकुप्पम में ओलावृष्टि (ओले गिरना) दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए। विनमंगलम में नागालम्मन मंदिर के पास एक पूवारसु का पेड़ घर पर गिर गया, जबकि एक बड़ा बरगद का पेड़ डांडू मारियम्मन मंदिर पर गिर पड़ा।तिरुवन्नामलाई जिले के अरनी, सावूर, कुन्नाथुर और कामाक्कुर में तीन घंटे से अधिक भारी बारिश हुई, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। मेलनगर गांव में एक इमली का पेड़ एक चलती मिनी बस पर गिर गया, जिसमें ड्राइवर सहित 10 से अधिक यात्री घायल हो गए।तिरुप्पुर, इरोड, करूर, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, शिवगंगा और डिंडीगुल जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों पर पानी भर गया और मदुरै के कुछ हिस्सों जैसे मट्टुथवानी, पेरियार बस स्टैंड, सिम्मक्कल, मेलूर, थिरुमंगलम और एयरपोर्ट क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही।पहाड़ी पर्यटन स्थल कोडईकनाल में शाम के समय अचानक घना कोहरा छा गया और हल्की बारिश भी हुई। कई क्षेत्रों में दृश्यता बहुत कम हो गई, जिससे दिन में भी रात जैसा माहौल बन गया। चेन्नई के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ( -
मुंबई. महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण को माफ करने की योजना को मंगलवार को मंजूरी दे दी। इस फैसले से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसून के मौसम से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कृषि ऋण माफी 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत 'महायुति' गठबंधन के प्रमुख वादों में से एक थी। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि विधान परिषद चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होने के कारण फिलहाल इसकी आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना नहीं है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के दायरे में 65 लाख से अधिक ऋण खाते आएंगे और करीब 56 लाख किसानों के 36,585 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने नियमित रूप से कृषि ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन देने का भी निर्णय लिया है।
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नयी दिल्ली/ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा संबंधी कथित ''उल्लंघन'' को लेकर अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह के खिलाफ जांच के तहत उसके आधिकारिक परिसरों में छापेमारी की। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि वैश्विक खनन समूह के खिलाफ छापेमारी सोमवार को शुरू की गई और दिल्ली, मुंबई एवं राजस्थान के उदयपुर स्थित परिसरों सहित वेदांता लिमिटेड के चार परिसरों की तलाशी ली गई। जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय कंपनी वेदांता लिमिटेड की लंदन स्थित मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज द्वारा 2023 में वेदांता लिमिटेड को ब्रांड शुल्क का एक हिस्सा लौटाए जाने का एक मामला संघीय जांच एजेंसी की जांच के दायरे में है। उन्होंने बताया कि जारी जांच में समूह की कुछ अन्य व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जा रही है।
वेदांता के एक प्रवक्ता ने ईडी की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी ''प्राधिकारियों को पूरा सहयोग दे रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रही है।'' प्रवक्ता ने कहा, ''कंपनी सभी कानूनों और नियमों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है।''
उन्होंने कहा, ''चूंकि मामला फिलहाल नियामकीय प्रक्रिया के तहत है इसलिए हम इस स्तर पर आगे कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।'' वेदांता लिमिटेड धातुओं, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रमुख वैश्विक उत्पादक है। कंपनी का कारोबार भारत, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और पूर्वी एशिया में फैला है। -
नयी दिल्ली. केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून चार जून के आसपास दस्तक दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को यह पूर्वानुमान जताया। केरल में मानसून आम तौर पर एक जून के आसपास पहुंच जाता है, जिसे दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून-सितंबर) की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आईएमडी ने अपने दैनिक पूर्वानुमान में कहा, ''दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप तथा केरल और तमिलनाडु के कुछ भागों में चार जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।'' पूर्वानुमान के मुताबिक, मानसून दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बाकी भागों में भी इसी तारीख के आसपास आगे बढ़ेगा। आईएमडी ने पहले अनुमान जताया था कि केरल में मानसून की दस्तक 26 मई के आसपास होगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। बाद में विभाग ने 29 मई को कहा कि मानसून अगले हफ्ते पहुंच सकता है। पिछले हफ्ते विभाग ने अपने संशोधित पूर्वानुमान में कहा कि इस बार मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहेगी।
आईएमडी ने कहा कि भारत में इस साल दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की 90 फीसदी बारिश होने की संभावना है।
एलपीए से आशय किसी विशेष क्षेत्र में एक निश्चित अवधि (जैसे कि एक महीने या एक मौसम) के दौरान दर्ज की गई बारिश से है, जिसका औसत आमतौर पर 30 से 50 वर्षों की लंबी अवधि के आधार पर निकाला जाता है। देशभर में मौसमी बारिश का औसत एलपीए 87 सेंटीमीटर है, जो 1971 से 2020 तक के आंकड़ों पर आधारित है।
अगर मानसून के मौसम में एलपीए के 90 प्रतिशत से कम बारिश होती है, तो आईएमडी इसे "अपर्याप्त" के रूप में वर्गीकृत करता है। सामान्य से कम बारिश का एक कारण अल-नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है, जिसके चलते देश में मानसून के मौसम में कम पानी बरसता है। मौजूदा समय में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थितियां अल नीनो की स्थितियों में तब्दील हो रही हैं। तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में एक मध्यवर्ती जलवायु अवस्था है, जिसमें समुद्र की सतह का तापमान और वायुमंडलीय दबाव न तो अल नीनो (गर्म) स्थिति में होते हैं और न ही ला नीना (ठंडी) स्थिति में। आईएमडी ने कहा कि जून में अल-नीनो की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है, जबकि सितंबर में यह मौसम प्रणाली मध्यम से मजबूत स्थिति में हो सकती है। - नयी दिल्ली. जल शक्ति मंत्रालय और अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने देश में जल संसाधन प्रबंधन के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों के उपयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा यहां डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित जल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत जल संसाधन विभाग और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जलाशय निगरानी, जल-प्रसार आकलन, नदी-प्रवाह विश्लेषण, उपग्रह-आधारित जल गुणवत्ता आकलन और जल निकायों में प्लास्टिक के कचरे के अत्यधिक मात्रा में फैलने पर अध्ययन सहित 24 प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करेंगे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जल सुरक्षा महत्वपूर्ण है और जल संबंधी चुनौतियों का समाधान प्रौद्योगिकी, नवाचार, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी के माध्यम से किया जाना चाहिए। पाटिल ने जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान के तीसरे चरण की भी शुरुआत की और जून 2026 से मई 2027 के बीच दो करोड़ जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि पिछले चरण में 1.5 करोड़ संरचनाओं के निर्माण का आंकड़ा पार हो चुका है। इस कार्यशाला में जल शक्ति मंत्रालय और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) की संयुक्त पहल जल के लिए उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रगति का मिशन (एमएएचए)-जल कार्यक्रम का आरंभ भी हुआ। साथ ही, भारत जल नवाचार नेटवर्क (भारत विन) मंच के तहत स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्यम (एमएसएमई) के लिए एक खुला आमंत्रण भी जारी किया गया। इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी. नारायणन ने कहा कि यह समझौता दोनों संगठनों के बीच सहयोग को और गहरा करेगा और जल प्रबंधन के लिए उपग्रह-आधारित अनुप्रयोगों के उपयोग को मजबूत करेगा। नारायणन ने कहा, ''आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जल संसाधनों के अवलोकन, मूल्यांकन, पूर्वानुमान और प्रबंधन के लिए अभूतपूर्व क्षमता प्रदान करती है।''
- नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय में सोमवार को पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई और इसी के साथ शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। यह संख्या बढ़ाई गई स्वीकृत संख्या 38 से एक कम है। केंद्रीय विधि मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा सोमवार सुबह जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के अनुसार, उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली को शीर्ष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनके शपथ लेने और पदभार ग्रहण करने के बाद उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या औपचारिक रूप से 37 हो जाएगी। सरकार ने पिछले महीने एक कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया था जिसके तहत भारत के प्रधान न्यायाधीश सहित शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई। न्यायालय में पहले से ही दो पद खाली थे। स्वीकृत संख्या बढ़ाए जाने के बाद शीर्ष अदालत में कुल पद रिक्त छह हो गए थे। उच्चतम न्यायालय में सोमवार को पांच नियुक्तियों के बाद एक पद रिक्त रहेगा।उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने 27 मई को इन पांच नामों की सिफारिश की थी और चार दिन के भीतर नियुक्तियां कर दी गईं।
- कोटा। सोशल मीडिया से पूरी तरह किनारा, नकारात्मक खबरों से दूरी और लक्ष्य पर अटूट ध्यान- बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने इसी मंत्र के दम पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में शीर्ष स्थान हासिल किया। सोमवार सुबह घोषित परिणामों के अनुसार, शुभम ने जेईई एडवांस्ड 2026 में 360 में से 330 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, गुरुग्राम निवासी कबीर छिल्लर महज एक अंक से पिछड़कर 329 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों ने ही कोटा के कोचिंग संस्थान से तैयारी की थी। शुभम ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, कोटा के शिक्षकों और अपनी कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा, ''मैं दो साल से इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था, इसलिए अच्छे अंकों की उम्मीद स्वाभाविक थी।'' वह दो साल पहले कोटा आए थे जब वह कक्षा 11वीं में थे। शुभम के पिता शिव कुमार बिहार के गया में हार्डवेयर व्यवसायी हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं।कोटा अक्सर छात्रों की आत्महत्या की खबरों के कारण सुर्खियों में रहता है, लेकिन शुभम ने इन नकारात्मक खबरों और मीडिया कवरेज से खुद को दूर रखा। उन्होंने कोटा की उस विशेष पारिस्थितिकी पर भरोसा जताया, जहां हर साल हजारों छात्र विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। शुभम ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी और फोन का उपयोग केवल माता-पिता और शिक्षकों से संपर्क के लिए करते थे। उन्होंने कहा कि वह रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे और अपने शौक के लिए क्रिकेट व बैडमिंटन केवल रविवार को ही खेलते थे। उन्होंने कहा, ''तनाव होने पर मैं पांच से 10 मिनट ध्यान करता था। मुझे लगता है कि तनाव के क्षणों में परिवार, रिश्तेदार और दोस्त बहुत काम आते हैं।'' शुभम ने कहा, ''कोटा शहर का योगदान उनकी सफलता में कम नहीं है।''उन्होंने कहा कि विशेष अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षक और प्रतिस्पर्धी माहौल केवल कोटा जैसे शहर में ही मिल सकता है, कहीं और नहीं। उन्होंने कहा, ''मन में जनून होना चाहिए कि हमें कुछ करना है, तभी लक्ष्य हासिल होता है। मैंने हर चुनौती को प्रेरणा में बदला। मेरा पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर था। अब मैं आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) बॉम्बे से कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक करूंगा।'' पिता शिव कुमार ने कहा कि उन्हें बेटे की सफलता का पूरा भरोसा था।उन्होंने कहा, ''वह यहां इतने समय से तैयारी कर रहा था, मुझे पता था वह अपना सर्वश्रेष्ठ देगा।'' मां कंचन देवी ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताया। दूसरी तरफ, एक अंक से शीर्ष स्थान चूकने वाले कबीर ने कहा कि वह पढ़ाई या परीक्षा को लेकर कभी तनाव नहीं लेते। उन्होंने खुद को ''मानसिक रूप से बहुत मजबूत'' बताया और कहा कि किसी भी विषय को एक बार पढ़ना ही उनके लिए काफी होता है व जरूरत पड़ने पर वे उसे आसानी से याद कर लेते हैं। दोनों टॉपर्स में एक बात समान थी-सोशल मीडिया से पूरी दूरी।कबीर ने कहा, ''मैं सोशल मीडिया बिल्कुल नहीं इस्तेमाल करता। व्हॉट्सएप और इंस्टाग्राम केवल शिक्षकों और दोस्तों से विषय चर्चा के लिए हैं।'' कबीर भी आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर विज्ञान करना चाहते हैं।कबीर के पिता मोहित छिल्लर खुद आईआईटी से पढ़ाई कर चुके हैं और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। प्रियंका ने कहा, ''जिस तरह उसने मेहनत की, यह उम्मीद थी कि वह कुछ असाधारण करेगा।
- जम्मू। अगले महीने शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस साल 57 दिनों की अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई को दो मार्गों, अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा छोटा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बाल्टल मार्ग से शुरू होगी। यह तीर्थयात्रा श्रावण मास की पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन पर 28 अगस्त को समाप्त होगी। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम सेन टूटी ने भगवती नगर आधार शिविर का दौरा किया और पंजीकरण काउंटर, आरएफआईडी केंद्र, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा सहित तैयारियों की समीक्षा की। कुमार ने कहा कि भगवती नगर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जो वार्षिक यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आधार शिविर के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा, ''इस निरीक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करना और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना था। पंजीकरण सुविधाओं, आरएफआईडी सेवाओं, स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वच्छता व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया।'' संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी कार्यों को समय पर पूरा करने और तीर्थयात्रा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ चर्चा की गई। आईजीपी ने सुरक्षा बलों की तैनाती योजना की समीक्षा की और सभी ठहरने के केंद्रों पर उचित रोशनी की व्यवस्था और यात्रा के निर्धारित समय का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। टूटी ने कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा संबंधित तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर अधिकतम सतर्कता बनाए रखने तथा निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिरीक्षक ने लखनपुर में आधार शिविर, यात्री निवास केंद्र और आगंतुक स्वागत सुविधाओं का निरीक्षण किया, साथ ही सुरक्षा तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, पहुंच नियंत्रण प्रणाली, तलाशी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। इसके बाद कठुआ के जिला पुलिस लाइन में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई जहां कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने अधिकारियों को निगरानी उपायों, काफिले के प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं के बारे में जानकारी दी। आईजीपी ने तीर्थयात्रियों के साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल और पेशेवर व्यवहार का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। वहीं जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने अधिकारियों को लंगर और निवास केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करने और संदिग्ध तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।
- नयी दिल्ली. विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक यहां आठ जून को होने की संभावना है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को घेरने और विपक्षी एकजुटता को फिर से प्रदर्शित करने की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। बैठक में करीब 15 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भाग ले सकते हैं।यह बैठक हाल में संपन्न राज्य विधानसभा चुनावों में 'इंडिया' गठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की क्रमश: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हार की पृष्ठभूमि में आई है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि के भाग लेने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली. म्यांमा के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आश्वासन दिया कि भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ उनके देश की धरती का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वार्ता की। आंग ह्लाइंग पांच दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। म्यांमा में संसदीय चुनावों के बाद राष्ट्रपति बनने के दो महीने से भी कम समय में वह भारत यात्रा पर आए हैं। सत्ताधारी सैन्य जुंटा के खिलाफ वर्षों से जारी प्रदर्शनों के बाद ये चुनाव दिसंबर और जनवरी में कराए गए। सैन्य जुंटा ने एक फरवरी, 2021 को तख्तापलट कर आंग सान सू ची की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को बेदखल कर दिया था। दोनों पक्षों ने कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना और भारत-म्यांमा-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर भी जोर दिया। सू ची के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यात्रा पर आए राष्ट्रपति के साथ इस मुद्दे को उठाया और चर्चा मुख्य रूप से म्यांमा में जारी शांति प्रक्रिया के संदर्भ में हुई थी। इस मुद्दे पर भारत के निरंतर रुख को स्पष्ट करते हुए विदेश सचिव ने कहा कि भारत स्थायी शांति, समावेशिता और सभी हितधारकों को बातचीत की मेज पर लाने की आवश्यकता का समर्थन करता रहा है। उन्होंने कहा, ''यह एक खुली और अनौपचारिक चर्चा थी। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि म्यांमा के साथ हमारा जुड़ाव उस देश की आंतरिक राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करने के उद्देश्य से नहीं है।'' मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमा की ओर से गतिविधियां संचालित कर रहे सशस्त्र समूहों का मुद्दा भी उठाया। मिसरी ने बताया, ''प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ये उग्रवादी समूह हमारी सीमाओं के निकटवर्ती क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। इसके जवाब में, म्यांमा सेना द्वारा इन समूहों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान भी अक्सर सीमा के बहुत करीब होते हैं।" मिसरी ने कहा, "इसके परिणामस्वरूप, सीमा के भारतीय हिस्से में रहने वाले लोगों पर असर पड़ता है। कई बार उन क्षेत्रों में नुकसान या व्यवधान हो सकता है। जैसा कि आपने भी उल्लेख किया है, बड़ी संख्या में शरणार्थी कभी-कभी सीमा के दूसरी ओर से भारत में प्रवेश करते हैं।" मिसरी ने कहा कि सीमा पर बाड़बंदी का काम जारी है और कई स्थानों पर निर्धारित प्रवेश द्वार तथा जांच चौकी स्थापित की जाएंगी। मिसरी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में व्यापार और आर्थिक संबंधों, रक्षा और सुरक्षा संबंधी मुद्दों, सीमा प्रबंधन, विकास सहायता और क्षेत्रीय हालात सहित द्विपक्षीय मुद्दों की पूरी श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में रुचि व्यक्त की। विदेश सचिव ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने म्यांमा की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की और दोनों पक्षों ने संप्रभु क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने के महत्व पर बल दिया, ताकि ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके जो उनके सुरक्षा हितों के लिए हानिकारक हों।'' उन्होंने कहा, ''म्यांमा के राष्ट्रपति ने विशेष रूप से इस बात को दोहराया कि म्यांमा के क्षेत्र का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के विरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा।'' म्यांमा भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और यह उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। मिसरी ने कहा, ''कुल मिलाकर म्यांमा के राष्ट्रपति की इस यात्रा ने एक बार फिर दोनों पक्षों की दीर्घकालिक साझेदारी को गहरा करने और क्षेत्र में पारस्परिक लाभ, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।'' राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रविवार को आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। म्यांमा के नेता के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योगपति शामिल हैं। राष्ट्रपति ह्लाइंग दो जून को मुंबई जाएंगे।
- नयी दिल्ली. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें देशभर में पार्टी के और विस्तार की रणनीति पर चर्चा की गई। नयी दिल्ली में स्थित भाजपा कार्यालय में पांच घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और समाज के अन्य वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "आज पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की एक लंबी बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार प्रगति कर रहा है और उनके नेतृत्व में भाजपा भी अधिक मजबूत हुई है तथा देशभर में अपना विस्तार कर चुकी है। पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा-राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 22 राज्यों में सरकार के माध्यम से जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि पार्टी का और विस्तार करना इस बैठक का मुख्य एजेंडा था।भाजपा कार्यालय में आयोजित यह मंथन बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पार्टी ने अगले वर्ष होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। साल 2027 में गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें पंजाब और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बाकी पांच राज्यों में भाजपा सत्ता में है।






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