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तोक्यो. जापान का 83 वर्षीय व्यक्ति प्रशांत महासागर में अकेले और बिना रुके यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को घर लौट आया और यह मील का पत्थर हासिल करने वाला सबसे वृद्ध व्यक्ति बन गया। केनिची होरी 69 दिन पहले मार्च में सैन फ्रांसिस्को में नौका बंदरगाह से प्रशांत महासागर यात्रा के लिये रवाना हुए थे और शनिवार को पश्चिमी जापान के की जलडमरूमध्य पहुंच गए। यह होरी की नयी उपलब्धि है। इससे पहले वह वर्ष 1962 में जापान से सैन फ्रांसिस्को के बीच प्रशांत क्षेत्र में अकेले और बिना रुके यात्रा पूरी करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने थे। 60 साल बाद अब वह सैन फ्रांसिस्को से वापस जापान की यात्रा पर निकले थे। शनिवार तड़के जापान पहुंचने के बाद उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा, ''मैंने समापन रेखा पार कर ली। मैं थका हुआ हूं।'' हालांकि ऐसा नहीं है कि उन्होंने बिना किसी संघर्ष के यह उपलब्धि हासिल कर ली हो। यात्रा के दौरान उन्हें तीन दिन तक जोरदार लहरों के साथ संघर्ष करना पड़ा। प्रायोजकों के अनुसार होरी यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए हैं।
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लंदन। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय 70 साल के अपने शासन काल के अवसर पर आयोजित प्लेटिनम जुबली शाही कार्यक्रमों में बहुत ही नियोजित तरीके से शिरकत रही हैं और उन्होंने चार-दिवसीय समारोह के तीसरे दिन शनिवार को अपने पसंदीदा घुड़दौड़ कार्यक्रम में हिस्सा न लेने का फैसला किया। घोड़ों की शौकीन होने के कारण 96 वर्षीया महारानी के दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के सरे स्थित एप्सम डर्बी में भाग लेने की उम्मीद थी, लेकिन बकिंघम पैलेस ने कहा कि महारानी इसके बजाय विंडसर कैसल में अपने आवास से टेलीविजन पर इस कार्यक्रम को देखेंगी। उन्होंने शुक्रवार को भी लंदन में सेंट पॉल कैथेड्रल में धन्यवाद ज्ञापन समारोह से भी अलग रहने का निर्णय लिया था, क्योंकि पहले दिन बृहस्पतिवार को लगातार विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद वह महल में खुद को असहज महसूस करने लगी थी। महारानी हाल के महीनों में उम्र से संबंधित समस्याओं का सामना कर रही हैं और राजमहल ने पहले से ही कहा था कि महारानी निजी तौर पर विचार करेंगी कि वह किस कार्यक्रम में भाग लेंगी। महारानी के आधिकारिक ट्विटर पर लिखा था, "लिलिबेट को पहले जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।" इसी प्रकार शाही परिवार के अन्य वरिष्ठ लोगों ने भी शनिवार को प्रिंस हैरी और मेघन मार्कल की बेटी के लिए जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। लिलिबेट का इस्तेमाल पहली बार महारानी के उपनाम के रूप में तब इस्तेमाल किया गया था, जब तत्कालीन राजकुमारी एलिजाबेथ बच्ची थीं और अपना नाम ठीक से उच्चारण करने में असमर्थ थीं। हैरी और मेघन विंडसर में अपने फ्रॉगमोर कॉटेज घर में रह रहे हैं और औपचारिक कार्यक्रमों के दौरान काफी हद तक लो-प्रोफाइल रहे हैं। इस बीच शनिवार को, लगभग 22,000 लोगों के बकिंघम पैलेस के बाहर एक ओपन-एयर कॉन्सर्ट में भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें डायना रॉस, इतालवी ओपेरा स्टार एंड्रिया बोसेली और जेम्स बॉण्ड के संगीतकार हैंस जिमर शामिल हैं। प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस चार्ल्स और उनके बड़े बेटे प्रिंस विलियम शनिवार को बकिंघम पैलेस के सामने एक विशेष संगीत कार्यक्रम में शरिकत करेंगे। विलियम भी वेल्स में कार्डिफ की यात्रा पर जा रहे हैं, जबकि महारानी के छोटे बेटे प्रिंस एडवर्ड उत्तरी आयरलैंड में है। रविवार दोपहर में विशाल भोज (बिग जुबली लंच) में लाखों लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। इस दौरान एक संगीतमय और रचनात्मक जुबली समारोह भी होगा जिसमें 10,000 लोग शामिल होंगे, जिसमें बकिंघम पैलेस के बाहर बॉलीवुड-थीम वाली वेडिंग पार्टी भी शामिल है।
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काठमांडू. इस साल अच्छी बारिश होने से नेपाल लगातार दूसरे साल अपने यहां की अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज बाजार के जरिये भारत को बेच रहा है। नेपाल बिजली प्राधिकरण (एनईए) ने यह जानकारी दी है। भारत के बिजली मंत्रालय के तहत गठित एनर्जी एक्सचेंज ने नवंबर 2021 में नेपाल को बिजली निर्यात की मंजूरी दी थी। नेपाल के समाचारपत्र 'द काठमांडू पोस्ट' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक एनईए अपनी अतिरिक्त बिजली भारत को बेचने के लिए तैयार है। दरअसल पिछले कुछ महीनों में नेपाल में लगातार अच्छी बारिश होने से बिजली उत्पादन बढ़ा है जिसकी वजह से नेपाल के पास जरूरत से अधिक बिजली हो गई है। ऐसी स्थिति में एनईए ने बृहस्पतिवार से भारतीय खरीदारों को 37.7 मेगावॉट बिजली बेचना शुरू कर दिया है। एनईए के प्रवक्ता सुरेश भट्टाराई ने बताया कि त्रिशुली संयंत्र से पैदा हुई 24 मेगावट बिजली और देवीघाट संयंत्र से पैदा हुई 15 मेगावाट बिजली बृहस्पतिवार को भारत को बेची गई। यह बिजली छह रुपये प्रति यूनिट की दर पर बेची गई जिससे नेपाल को करीब एक करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। प्रवक्ता ने कहा, "हमने आगे भी इंडिया एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) को इतनी ही मात्रा में बिजली बेचने का एक प्रस्ताव भेजा है।" यह लगातार दूसरा साल है जब नेपाल अपनी अतिरिक्त बिजली एक्सचेंज बाजार के जरिये भारत को बेच रहा है। नवंबर, 2021 में भी नेपाल ने भारत को 39 मेगावॉट बिजली भारत को बेची थी। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के हालिया भारत दौरे पर 364 मेगावॉट बिजली के निर्यात की मंजूरी भारत से मिली थी। भारत के बिजली मंत्रालय के अधीन संचालित आईईएक्स ने नेपाली बिजली प्राधिकरण को अतिरिक्त 326 मेगावॉट की आपूर्ति करने की मंजूरी दी थी। -
पेरिस. टेनिस की दिग्गज और ‘एलजीबीटीक्यू' अधिकार कार्यकर्ता बिली जीन किंग को शुक्रवार को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लीजन ऑफ ऑनर' मिला। किंग फ्रेंच ओपन के समापन समारोह के लिये फ्रांस में हैं। उन्हें महिलाओं के खेल, लैंगिक समानता और एथलेटिक्स में ‘एलजीबीटीक्यू' लोगों के अधिकारों में उनके योगदान के सम्मान में यह पुरस्कार मिला। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर एलिसी पैलेस में आयोजित इससे जुड़े संक्षिप्त समारोह में भाग लिया।
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ह्यूस्टन. मिशेलिन स्टार प्राप्त शेफ विकास खन्ना को गजेट रिव्यु द्वारा विश्व के शीर्ष 10 शेफ की सूची में स्थान दिया गया है। इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने वाले खन्ना पहले भारतीय बन गए हैं। गजेट रिव्यु ने खन्ना को छठा और ब्रिटिश शेफ गॉर्डन रामसे को पहला स्थान दिया है। अमृतसर में जन्मे और न्यूयार्क में रहने वाले 50 वर्षीय खन्ना को भारतीय व्यंजनों को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए जाना जाता है। वह भारतीय मूल के एकमात्र शेफ हैं जिन्होंने इस सूची में स्थान प्राप्त किया है। खन्ना ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिये यह जानकारी साझा की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, “दुनिया के शीर्ष 10 शेफ की 2022 की सूची में स्थान हासिल करने पर खुशी हुई। गजेट रिव्यु की 2022 की सर्वश्रेठ की सूची में स्थान मिला है। मेरे कुछ गुरुओं के साथ इस सूची में होना प्रसन्नता की बात है।” इस सूची में खन्ना के अलावा एंथनी बोर्डेन, पॉल बोकुज, एलन दुकास, एमेरिल लगासे, मार्को पियरे वाइट, हेस्टन ब्लूमेंथल, वोल्फगांग पक और जेमी ओलिवर का नाम शामिल है। खन्ना, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त करने वाले सबसे पहले भारतीय शेफ में से एक हैं। न्यूयार्क सिटी में स्थित उनके मुख्य रेस्तरां को 2011 से मिशेलिन स्टार प्राप्त है।
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काठमांडो। नेपाल के पर्वतीय मुस्तांग जिले में विमान दुर्घटना में मारे गये एक भारतीय परिवार के चार सदस्यों की अंत्येष्टि पोस्टमार्टम के बाद यहां पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में की जाएगी। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कारोबारी अशोक त्रिपाठी (54), अपनी पत्नी वल्लभी बांडेकर त्रिपाठी (51) अपने बेटे धनुष (22) और बेटी रीतिका (15) के साथ नेपाल की यात्रा पर आये थे। रविवार को हुई विमान दुर्घटना में मारे गये 22 लोगों में वे भी शामिल थे। भारतीय दूतावास सूत्रों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को अपने प्रियजनों के शव मिलने के बाद मंदिर परिसर में अंत्येष्टि की जाएगी। यह मंदिर बागमती नदी के तट पर स्थित है। यह नेपाल में सर्वाधिक प्रमुख हिंदू मंदिर है।
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संयुक्त राष्ट्र/ जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि तंबाकू उत्पादों से फैली गंदगी की सफाई का खर्च करदाताओं को उठाना होगा, ना कि यह समस्या पैदा करने वाले उद्योगों को। साथ ही, हर साल भारत को इसके लिए 76.6 करोड़ डॉलर खर्च करना होगा। ‘तंबाकू निषेध दिवस' पर डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि हर साल तंबाकू उद्योग विश्व में 80 लाख लोगों की जान ले रहा है। डब्ल्यूएचओ ने इस बारे में नयी जानकारी दी है कि किस कदर तंबाकू पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है। संगठन ने उद्योग को उसके द्वारा की जा रही तबाही के लिए कहीं अधिक जवाबदेह ठहराने के वास्ते कदम उठाने का आह्वान किया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि सिगरेट, धुआंरहित तंबाकू और ई -सिगरेट प्लास्टिक प्रदूषण को बढ़ाते हैं। सिगरेट के फिल्टर में माइक्रो प्लास्टिक होते हैं और यह विश्व में प्लास्टिक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार सामग्री में दूसरे स्थान पर है। डब्लयूएचओ ने कहा, ‘‘तंबाकू उत्पादों से गंदे हुए स्थानों की सफाई का बोझ करदाताओं को उठाना पड़ेगा, ना कि उद्योगों को जिसने यह समस्या पैदा की है। हर साल चीन को करीब 2.6 अरब डॉलर और भारत को करीब 76.6 करोड़ डॉलर खर्च करना होगा।'' इसने कहा कि फ्रांस और स्पेन जैसे देशों और अमेरिका में कैलिफोर्निया एवं सेन फ्रांसिस्को जैसे शहर ने ‘प्रदूषक भुगतान करे सिद्धांत'को अपनाया है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ‘तंबाकू: हमारी धरती को विषाक्त करता' में यह रेखांकित किया गया है कि तंबाकू उद्योग का पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। तंबाकू से उत्पन्न होने वाला कार्बन डॉइऑक्साइड हर साल वाणिज्यिक एयरलाइन उद्योगों के उत्सर्जन का पांचवां भाग है। -
काठमांडू। नेपाल ने मंगलवार को उड़ानों के परिचालन के लिए नियमों को और सख्त कर दिया। अब विमानन कंपनियों को उड़ान भरने से पहले गौर करना होगा कि पूरे रास्ते में मौसम साफ हो। नेपाल ने यह कदम रविवार को मुस्तांग जिले में हुए विमान हादसे की प्राथमिक जांच में हादसे की मुख्य वजह खराब मौसम बताए जाने के बाद उठाया है। उस हादसे में विमान में सवार सभी 22 लोगों की मौत हो गई। अब तक नेपाल का उड्डयन नियामक नेपाल नागरिक विमानन प्राधिकरण (सीएएन) उड़ान शुरू होने के स्थान और गंतव्य पर मौसम साफ होने पर उड़ान भरने की अनुमति देता था। हालांकि, अब से उड़ान के पूरे रास्ते के मौसम पर भी गौर किया जाएगा। नेपाल पहाड़ी देश है और यहां मौसम में तेजी से बदलाव होता है। ऐसे में उचित मौसम पूर्वानुमान प्रणाली के अभाव में उड़ानों का परिचालन मुश्किल है। नए प्रावधान ‘विजुअल फ्लाइट रुल्स' के तहत सभी उड़ानों पर लागू होगा। सीएएन द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक उड़ान की योजना जमा करने के साथ विमानन कंपनियों को जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग द्वारा दिए गए पूरे रास्ते का मौसम पूर्वानुमान भी जमा कराना होगा। गौरतलब है कि प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि कनाडा में निर्मित तारा एयर का विमान खराब मौसम की वजह से बाएं के बजाय दाहिनी ओर मुड़ा जिससे यह दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इस विमान में चार भारतीय, 13 नेपाली और दो जर्मन यात्री थे। इनके अलावा चालक दल के तीन सदस्य थे। -
लंदन। ब्रिटेन में महारानी एलिजाबेथ-द्वितीय के शासन की 70वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर मध्य लंदन में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 'हेलो !' पत्रिका की शाही संपादक एमिली नैश ने कहा कि यह वर्षगांठ शाही परिवार के लिए परिवर्तन व विविधता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का एक अवसर है, जिसे महारानी ने पिछले 70 वर्षों में दुनियाभर की यात्रा के दौरान मूर्त रूप दिया है। नैश ने कहा, ''वह हर जगह रही हैं और उनका जीवन के सभी क्षेत्रों और सभी धर्मों के लोगों के साथ जुड़ाव रहा है।'' एलिजाबेथ द्वितीय (96), अपने पिता के निधन के बाद छह जून 1952 को ब्रिटेन की महारानी बनी थीं।
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ब्रासीलिया. ब्राजील के पूर्वोत्तर राज्य परनंबुको में शनिवार को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पूर्वोत्तर के एक अन्य राज्य अलागोस में शुक्रवार को नदी में आई बाढ़ में बह जाने से दो लोगों की मौत हो गई। नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि परनंबुको में बाढ़ के कारण 1,000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। परनंबुको में नागरिक सुरक्षा एजेंसी के कार्यकारी सचिव, लेफ्टिनेंट कर्नल लियोनार्डो रोड्रिग्स ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करके कहा कि राज्य में भूस्खलन या बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में लगभग 32,000 परिवार रहते हैं। रेसिफे शहर में लोगों को शरण देने के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। राज्य सरकार ने कहा कि अलागोस में पिछले कई दिनों में भारी बारिश के प्रभाव के कारण 33 नगर पालिकाओं ने आपातकाल की घोषणा की है। राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने ट्वीट किया कि क्षेत्रीय विकास मंत्रालय और सशस्त्र बलों की टीम को राहत और मानवीय सहायता'' के लिए भेजा जाएगा। -
लंदन. किसी हिंदी उपन्यास के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने से पहले का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। श्री के मूल उपन्यास का नाम ‘रेत समाधि' है और इसका अंग्रेजी संस्करण है ‘टॉम्ब ऑफ सैंड'। इसका अनुवाद डेजी रॉकवेल ने किया है। पुरस्कार की घोषणा होने के बाद से श्री और रॉकवेल को दुनिया भर से बधाई संदेश मिल रहे हैं और दोनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इस पुरस्कार के बाद से हिंदी साहित्य भी चर्चा के केंद्र में बना हुआ है, लेकिन लेखिका का मानना है कि इस लय को बनाए रखने के लिए कुछ गंभीर प्रयासों की आवश्यकता होगी। श्री ने कहा, ‘‘इसके (पुरस्कार की घोषणा के) तत्काल बाद से हिंदी साहित्य की लोकप्रियता बढ़ाने में निश्चित ही मदद मिली है। इसमें रुचि और उत्सुकता पैदा हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बहरहाल, हिंदी को केंद्र में लाने के लिए अधिक गंभीरता से सतत एवं संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है। इसमें प्रकाशकों को, खासकर इस प्रकार के साहित्य का अच्छा अनुवाद मुहैया कराने में अहम भूमिका निभानी होगी। मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि यह बात केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि सभी दक्षिण एशियाई भाषाओं पर लागू होती है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इस बात का डर है कि भारत में अंग्रेजी किसी तरह से हिंदी पर हावी हो सकती है, लेखिका ने कहा कि किसी एक का चुनाव करने का सवाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि भाषाओं में एक दूसरे को समृद्ध बनाने की क्षमता है। श्री ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हिंदी या अंग्रेजी में से किसी एक के चयन का सवाल नहीं होना चाहिए। द्विभाषी या त्रिभाषी या बहुभाषी होने में समस्या क्या है?'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मनुष्यों में एक से अधिक भाषा को जानने की क्षमता है। हमारी ऐसी शिक्षा प्रणाली होनी चाहिए, जो लोगों को अपनी मातृ भाषा या अन्य भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी को जानने के लिए प्रोत्साहित करे, इसमें समस्या क्या है, लेकिन इसके राजनीति में घिर जाने से यह एक तरह की अनसुलझी समस्या बन गया है।'' 64 वर्षीय लेखिका का मानना है कि रचनात्मक अभिव्यक्ति तभी श्रेष्ठ होती है, जो व्यक्ति के लिए सबसे सहज भाषा में की जाए। बेतहरीन अनुवादक रॉकवेल को अपने कॉलेज के दिनों से ही हिंदी से प्रेम हो गया था और वह ‘रेत समाधि' को ‘‘हिंदी भाषा के प्रेम पत्र'' की तरह देखती हैं। रॉकवेल ने कहा, ‘‘यह खुशी की बात है कि जिस किताब की बुकर के न्यायमंडल ने ‘‘भारत और बंटवारे का दीप्तिमान उपन्यास'' करार देकर प्रशंसा की, उसे कई द्विभाषी पाठकों ने दोनों भाषाओं में साथ पढ़ा, ताकि उसका पूरा आनंद लिया जा सके।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि कई लोग दोनों को साथ में पढ़ रहे हैं। मुझे लगता है कि यही अनुवाद का असल महत्व है, जब यह लोगों को मूल को पढ़ने के लिए उत्सुक करता है।'' रॉकवेल ने कहा, ‘‘मूल शीर्षक समाधि के कई अर्थ हैं। यह बहुत समृद्ध शब्द है, इसलिए उन्हें (श्री को) लगा कि इसका ‘टॉम्ब' अनुवाद करने से यह समृद्ध शब्द खो जाएगा... लेकिन मैंने वादा किया कि मैं पूरे पाठ में इस शब्द को समाहित करूंगी।'' तीन उपन्यासों और कई कहानी संग्रहों की लेखिका श्री ने यह नहीं बताया कि अब क्या लिख रही हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि उनकी अगली रचना प्रकाशक को सौंपे जाने के लिए लगभग तैयार है। -
नई दिल्ली। खिड़की से लटकते हुए एक बच्ची को बचाने के लिए एक शख्स बिना किसी सेक्युरिटी इक्युप्मेंट के इमारत की छठवीं मंजिल पर चढ़ गया। यह कारनामा करने के बाद उस बहादुर शख्स की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना की जा रही है।
यह घटना मध्य चीन के शांक्सी प्रांत में हुई, जहां एक 5 साल की बच्ची गिरने के बाद खिड़की से लटकी रह गई। सुरक्षा ग्रिलों के बीच फंसी बच्ची ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। पड़ोसी एन पेंग ने बच्ची की दर्दनाक चीख सुनी, तो वह उसे बचाने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए।
एक रिपोर्ट के अनुसार अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना, उसने आवासीय ब्लॉक के सामने लगे सेक्युरिटी बार का यूज करके इमारत के बाहर चढऩा शुरू कर दिया। छठवीं मंजिल पर जैसे ही वह शख्स पहुंचा तो उसने खिड़की के ग्रिल से लटक रही छोटी बच्ची को पकड़ लिया और 10 मिनट तक उसे निकालने की कोशिश में लगा रहा। बाद में, बच्ची की मां मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित नीचे लाने में उसकी मदद की।
शख्स ने सरकारी मीडिया आउटलेट पीपुल्स डेली को बताया, वह बहुत डरी हुई थी और रोती रही। मैंने उसे डरने के लिए मना किया, और समझाया कि मैं उसे बचाने के लिए आ रहा हूं। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, और लोगों ने अच्छे इंसान की बेहद प्रशंसा की। नेटिजन्स ने उस शख्स की बहादुरी और निस्वार्थता के लिए धन्यवाद दिया। एक यूजर ने लिखा, एक सच्चे हीरो ने उसे बचाया। भगवान भला करे उसका। - नई दिल्ली। पहली बार एक हिंदी उपन्यास को अनुवाद श्रेणी में प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार मिला है। हिंदी लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास 'रेत समाधि के अंग्रेजी अनुवाद 'टूंब ऑफ सैंड को यह पुरस्कार मिला है।'रेत समाधि' का अंग्रेजी अनुवाद जानीमानी अनुवादक डेजी रॉकवेल ने किया है। यह किसी भी भारतीय भाषा में लिखी गई पहली किताब है जिसने अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता है। पुरस्कार में 50 हजार पाउंड यानी लगभग 50 लाख रुपये की राशि दी जाती है, जिसे लेखक और अनुवादक के बीच आधा-आधा बांटा जाएगा।अनुवादक फ्रैंक वाएन उस निर्णायक मंडल के अध्यक्ष थे, जिसने पुरस्कृत रचना चुनी। वाएन ने कहा कि निर्णायकों ने एक जोश भरी बहस के बाद पूरे उत्साह के साथ 'टूंब ऑफ सैंड' को पुरस्कार के लिए चुना. 'रेत समाधि' 80 बरस की उम्र पार कर चुकी एक महिला की कहानी है, जो परंपराओं की बेडिय़ां तोड़कर 1947 के बंटवारे के दौरान के अपने अनुभवों का सामना करती है। वाएन ने कहा कि भले ही इस किताब में बेहद दर्दनाक अनुभवों का वर्णन है, लेकिन "यह अद्भुत रूप से प्रफुल्लित कर देने वाली किताब है।" वाएन ने कहा, "यह किताब मातम, खोने और मृत्यु जैसे बेहद गंभीर मुद्दों को उठाती है और आवाजों के शोर को एक समूहगान में तब्दील कर देती है। यह अप्रत्याशित रूप से मजेदार और मजाकिया किताब है। "'रेत समाधि' के साथ पांच और किताबें इस पुरस्कार के लिए दौड़ में थीं, जिनमें पोलैंड की नोबेल पुरस्कार विजेता ओल्गा तोकारश्चुक के अलावा अर्जेंटीना की क्लाउडिया पिन्योरो और दक्षिण कोरिया के बोरा चुंग भी शामिल हैं. पुरस्कार समारोह लंदन में हुआ। पुरस्कार स्वीकार करते वक्त लेखिका गीतांजलि श्री ने कहा, "मैंने कभी बुकर पुरस्कार जीतने की कल्पना भी नहीं की थी। कभी सोचा ही नहीं कि मैं ऐसा भी कुछ कर सकती हूं। यह एक बड़ा सम्मान है. मैं हैरान, प्रसन्न, सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हूं। " उन्होंने कहा, "मैं और यह किताब दक्षिण एशियाई भाषाओं में एक समृद्ध साहित्यिक परंपरा से जुड़े हैं। विश्व साहित्य इन भाषाओं के कुछ अद्भुत लेखकों को जानकर और समृद्ध होगा। "हिंदी में 'रेत समाधि' को राजकमल प्रकाशन ने छापा है। गीतांजलि श्री लंबे समय से हिंदी लेखन में सक्रिय है । उनका पहला उपन्यास 'माई' था जो 1990 के दशक में छपा था। 'हमारा शहर उस बरस' भी उसी दौरान प्रकाशित हुआ। वह 'तिरोहित' 'खाली जगह' के लिए भी चर्चित हो चुकी हैं। उनके कई कहानी संग्रह भी छप चुके हैं और उनकी रचनाओं का भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन आदि में भी अनुवाद हो चुका है। 'माई' का अंग्रेजी अनुवाद 'क्रॉसवर्ड अवॉर्ड' के लिए भी नामित हुआ था। इसका अंग्रेज़ी अनुवाद मशहूर अनुवादक डेजी रॉकवेल ने किया है। 50 हजार पाउंड यानी करीब 50 लाख रुपये के साहित्यिक पुरस्कार के लिये पांच अन्य किताबों से इसकी प्रतिस्पर्धा हुई। पुरस्कार की राशि लेखिका और अनुवादक के बीच बराबर बांटी जाएगी।अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार हर साल ऐसी किताबों को दिया जाता है जो किसी अन्य भाषा से अनुवादित है और युनाइटेड किंग्डम या आयरलैंड में प्रकाशित हुई हो। इस पुरस्कार की स्थापना उन अनुवादकों के काम को सम्मानित करने के लिए की गई थी जो विभिन्न भाषाओं के साहित्य को अंग्रेजी में उपलब्ध करवाते हैं।
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बीजिंग. ब्रिक्स देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और सदस्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों को दूर संवेदी उपग्रह अवलोकन एवं डेटा साझा करने के क्षेत्रों में एक साथ मिलकर काम करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से एक संयुक्त समिति की शुरुआत की है। ब्रिक्स देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने बुधवार को अंतरिक्ष सहयोग संबंधी संयुक्त समिति की आधिकारिक रूप से शुरुआत की। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के प्रमुख झांग केजियन ने बुधवार को समिति की पहली वर्चुअल बैठक में कहा कि यह सदस्य देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक विकास में बेहतरी लाने के लिए ब्रिक्स दूर संवेदी उपग्रह सहयोग पर मार्गदर्शन करेगी। सरकार संचालित शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, झांग ने कहा कि नई संयुक्त समिति ब्रिक्स अंतरिक्ष एजेंसियों को पर्यावरण संरक्षण, आपदा रोकथाम के साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए मिलकर काम करने में सक्षम बनाएगी। बैठक में, पांच सदस्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ने संयुक्त समिति के संदर्भ की शर्तों, डेटा विनिमय के लिए तकनीकी विशिष्टताओं और संयुक्त अवलोकन के लिए कार्यान्वयन प्रक्रियाओं पर दस्तावेजों की समीक्षा की एवं उन्हें अंगीकार किया। पिछले साल अगस्त में, पांचों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ने ब्रिक्स दूर संवेदी उपग्रह सहयोग को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता इस साल चीन के पास है। - न्यूयॉर्क। फाइजर ने दावा किया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को कंपनी के कोविड-रोधी टीके की तीन खुराक देने से उनमें मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। अमेरिका में छोटे बच्चों को जल्द ही टीके की खुराक दिये जाने के बीच कंपनी का ये बयान सामने आया है।फाइजर ने इस सप्ताह के बाद इन नतीजों को अमेरिकी नियामकों के पास जमा कराने की योजना बनायी है। अमेरिका में खाद्य एवं औषधि प्रशासन पहले ही छोटे बच्चों के लिए टीके की दो खुराक की पेशकश करने वाली प्रतिद्वंद्वी कंपनी मॉर्डना के आवेदन का मूल्यांकन कर रहा है। नियामक ने अपने वैज्ञानिकों द्वारा एक या दोनों कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर सार्वजनिक बहस के लिए 15 जून की तारीख तय की है। वर्तमान में अमेरिका में पांच साल से कम आयु के करीब एक करोड़ 80 लाख बच्चों को कोविड-रोधी टीके लगाए जाने का इंतजार है।
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लंदन | विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसुस के पांच साल के दूसरे कार्यकाल की संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी के सदस्य देशों ने मंगलवार को पुष्टि कर दी। घातक कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए मौजूदा कठिनाइयों के बीच किसी अन्य उम्मीदवार ने इस पद के लिए टेड्रोस को चुनौती नहीं दी। डब्ल्यूएचओ के एक अन्य अधिकारी ने कमरे में मौजूद सभी से खड़े होने और उनकी सराहना करने के लिए कहा तब टेड्रोस ने कहा, ‘‘यह भाव विह्वल करने वाला है।'' टेड्रोस अत्यंत भावुक हो गए थे और उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने अपने आंसुओं को रोकते हुए खुद को ‘‘युद्ध का नौसिखिया'' बताया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में अपने छोटे भाई की मृत्यु देखने के बाद, ‘‘किस्मत ने मुझे यहां तक पहुंचाया।'' इथियोपिया में मंत्री रहे टेड्रोस ने वैश्विक स्तर पर कोविड-19 से निपटने में विश्व स्वास्थ्य संगठन का अपने प्रबंधन कौशल से नेतृत्व किया और कभी-कभी इसके कई गलत कदमों पर आलोचना का सामना किया। वह एजेंसी का नेतृत्व करने वाले पहले अफ्रीकी हैं और एकमात्र महानिदेशक हैं जो डॉक्टर नहीं हैं। टेड्रोस के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी चीन सहित कई देशों को उनकी गलतियों के लिए रोकने में विफल रही। इन देशों ने महीनों तक मास्क पहनने के खिलाफ सलाह दी थी और शुरू में कहा था कि कोरोना वायरस के तेजी से स्वरूप बदलने की संभावना नहीं है। चीन में कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा भेजे गए वैज्ञानिकों ने कहा था कि पिछले साल एक रिपोर्ट जारी करने के बाद महत्वपूर्ण जांच ‘‘ठप'' हो गई थी, यहां तक कि टेड्रोस ने भी स्वीकार किया था कि रिपोर्ट में प्रयोगशाला से वायरस के प्रसार की आशंका से इनकार करने में जल्दबाजी की गई थी। वाशिंगटन में सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट में वैश्विक स्वास्थ्य नीति के निदेशक जेवियर गुजमैन ने कहा, ‘‘कुछ घटनाएं हुई हैं, लेकिन टेड्रोस भी महामारी के दौरान समान रूप से आवाज उठाते रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि टेड्रोस के नेतृत्व के बारे में आपत्तियों के बावजूद, कुछ देश बदलाव के लिए जोर देने को तैयार नहीं हैं। गुजमैन ने कहा, ‘‘हम महामारी के बीच में हैं और हमें इस कठिन क्षण से निकालने के लिए एक सतत नेतृत्व की आवश्यकता है।'' दुनिया में कोविड-19 रोधी टीकों की सीमित आपूर्ति और टीकों की जमाखोरी के लिए टेड्रोस ने अक्सर अमीर देशों को निशाना बनाया है और इस बात पर जोर दिया है कि दवा कंपनियां अपनी दवाएं गरीबों को उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेन पर लगभग सभी का ध्यान केंद्रित होने के बीच टेड्रोस ने यमन, सीरिया और अफगानिस्तान सहित अन्य जगहों पर संकटों के हल के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने को लेकर वैश्विक समुदाय की खिंचाई की थी और कहा था कि ऐसा संभवतः इसलिए हुआ क्योंकि पीड़ित गोरे नहीं थे। फिर भी, आलोचकों का कहना है कि टेड्रोस कुछ मूलभूत मुद्दों पर विफल रहे हैं। -
कोलंबो। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में मुद्रास्फीति का बढ़ना लगातार जारी है। अप्रैल महीने में मुद्रास्फीति एक साल पहले की तुलना में बढ़कर 33.8 प्रतिशत पर पहुंच गई है। श्रीलंका के जनगणना एवं सांख्यिकी विभाग ने मंगलवार को बताया कि अप्रैल, 2022 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 33.8 प्रतिशत पर रही जो एक साल पहले के 5.5 प्रतिशत की तुलना में छह गुना से भी अधिक है। इसके साथ ही अप्रैल में खाद्य मुद्रास्फीति भी 45.1 प्रतिशत के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई। देश में जरूरी सामानों की भारी किल्लत को देखते हुए मुद्रास्फीति में यह तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। इस बीच, सरकार ने पेट्रोल की खुदरा कीमत में 24.3 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 38.4 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। ईंधन उत्पादों की भारी कमी का सामना कर रहे श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी लाने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है। गत 19 अप्रैल के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में श्रीलंका सरकार ने दूसरी बार बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि के बाद श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत 420 रुपये और डीजल की कीमत 400 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है जो कि अबतक का सर्वोच्च स्तर है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 82 रुपये और डीजल के दाम में प्रति लीटर 111 रुपये की भारी वृद्धि कर दी। ऊर्जा एवं बिजली मंत्री कंचना विजयशेखर ने ट्विटर पर कहा कि मंत्रिमंडल से स्वीकृत ईंधन कीमत-निर्धारण फॉर्मूले के आधार पर नई कीमतें तय की गई हैं। विदेशी मुद्रा के भारी संकट के कारण ईंधन एवं खाद्य उत्पादों की भी खरीद कर पाने में श्रीलंका सरकार नाकाम हो रही है। इस बीच, भारत ने ईंधन खरीद के लिए श्रीलंका को 50 करोड़ डॉलर की ऋण-सुविधा देकर किस्तों में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति की है। इस मुश्किल दौर में सात विकसित देशों के समूह जी-7 ने श्रीलंका को ऋण राहत दिलाने में मदद करने की घोषणा की है। -
दावोस। कर्नाटक सरकार ने सोमवार को, लूलू समूह के साथ राज्य में दो हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक से इतर वैश्विक उद्योगपतियों के साथ कई बैठकें की। लूलू समूह का चार शॉपिंग मॉल और हाइपर मार्केट खोलने का इरादा है। राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि इन परियोजनाओं से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री बोम्मई ने दावोस में जुबिलेंट समूह, हिताची और सीमेंस कंपनी के प्रमुखों से भी बातचीत की। -
दावोस। ऑक्सफेम इंटरनेशनल ने ‘ग्लोबल साउथ' में बाल देखभाल, शिक्षा और महिलाओं के लिए काम के अवसरों के वित्तपोषण के लिए कोविड-19 महामारी के सबसे धनी लाभार्थियों पर कर लगाने का सोमवार को आह्वान किया। यहां विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2022 के दौरान लैंगिक समानता पर एक सत्र में बोलते हुए, ऑक्सफेम इंटरनेशनल की कार्यकारी निदेशक गैब्रिएला बुचर ने कहा कि कुछ उद्योग बहुत अच्छा कर रहे हैं और महामारी के दो वर्षों के दौरान अरबपतियों की संपत्ति में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हालांकि, दूसरी तरफ, लाखों महिलाएं प्रभावित हुई हैं, खासकर ‘ग्लोबल साउथ' (लातिन अमेरिका, एशिया और अफ्रीका के कुछ देशों) में ऐसा हुआ है और उन्हें अनौपचारिक क्षेत्र में अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता हासिल करने में अब 136 साल लगेंगे क्योंकि महामारी ने प्रगति को एक पीढ़ी पीछे धकेल दिया है। बुचर ने कराधान के माध्यम से अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तनों का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘मोटे तौर पर जो शीर्ष पर मुनाफा कमा रहे हैं उनमें ज्यादातर पुरुष हैं और पूरी व्यवस्था, अवैतनिक देखभाल कार्य के संबंध में वास्तव में महिलाओं के कंधों पर है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम समाधानों के वित्तपोषण के लिए धन पर कर लगाने की वकालत करते हैं।
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मनीला। फिलीपीन में 130 से अधिक लोगों को उत्तर-पूर्वी प्रांत क्वेजोन ले जा रही एक नौका में सोमवार सुबह आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। तटरक्षक बल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज्यादातर यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है।
पोलिलियो द्वीप से क्वेजोन जा रही एम/वी मेरक्राफ्ट-2 में आग लगने से कम से कम चार लोग लापता हो गए।
तटरक्षक बल के अधिकारियों ने बताया कि 134 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से ज्यादातर को आग लगने के कारण पानी में कूदना पड़ा। हालांकि, इलाके में तैनात जहाजों ने उन्हें बचा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि आग नौका के इंजन कक्ष में भड़की होगी। उन्होंने बताया कि नौका के मलबे को तट तक लाया गया है। तटरक्षक बल द्वारा जारी तस्वीरों में नौका से आग की लपटें और धुआं उठता नजर आ रहा है। इसमें स्ट्रेचर पर घायल लोगों को एम्बुलेंस में ले जाते हुए और एक बचावकर्ता को बेहोश हो चुके एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। -
कोलंबो। श्रीलंका की विदेश सचिव आरूणि विजेवर्दने ने सोमवार को देश के विदेश मंत्रालय में कार्यभार संभाल लिया । श्रीलंका इस वक्त सबसे बुरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और कठिनाइयों से निपटने के लिये दूसरे देशों से मदद की गुहार लगा रहा है। विजेवर्दने को इस महीने की 20 तारीख को देश का नया विदेश सचिव नियुक्त किया गया था ।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद एक साधारण समारोह में विजेवर्दने ने विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को संबोधित किया। श्रीलंका विदेश सेवा की सदस्य, विजेवर्दने के पास विदेश सेवा के क्षेत्र में 34 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने कोलंबो में विदेश मंत्रालय में तथा विदेशों में श्रीलंका के मिशनों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में कई पदों पर कार्य किया है। उन्होंने ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से एमफिल की पढ़ाई की है । उन्होंने कोलंबो विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी से स्नातक किया है। श्रीलंका में उत्पन्न गंभीर आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे से त्यागपत्र देने की मांग हो रही है। इसी संकट के कारण राष्ट्रपति के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को नौ मई को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था । -
नई दिल्ली। अमरीका के राष्ट्रपति जो. बाइडेन ने कहा है कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमरीका सैन्य हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ताइवान की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। दशकों में अमरीका के किसी राष्ट्रपति की ओर से यह सर्वाधिक सशक्त बयान है।
अमरीका पारम्परिक रूप से ताइवान को सीधे सुरक्षा गारंटी मुहैया कराने से बचता रहा है। ताइवान के साथ अमरीका का कोई रक्षा समझौता नहीं है। वर्ष 1979 के ताइवान संबंध अधिनियम के अनुसार अमरीका को चीन के हमला करने की स्थिति में ताइवान की रक्षा के लिए सैन्य हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हालांकि यह संधि अमरीका को, ताइवान की सुरक्षा के लिए संसाधन सुनिश्चित करने में मदद करने और चीन द्वारा ताइवान की स्थिति में कोई एकतरफा बदलाव करने से रोकने का अधिदेश करती है। - बर्लिन। कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कमी के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रमुख ने रविवार को चेताया कि निश्चित तौर पर कोविड महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने सरकारों से कहा, ''हम अपने जोखिम पर हमारे बचाव नियमों में कमी करें।'' जिनेवा में संगठन की वार्षिक बैठक की शुरुआत करते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस ने मौजूद अधिकारियों से कहा, ''नमूनों की जांच और अनुक्रमण में कमी का मतलब है कि हम वायरस की उपस्थिति को लेकर अपनी आंखें मूंद रहे हैं।'' उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि कम आय वाले देशों के करीब एक अरब लोगों को अब भी कोविड-रोधी टीके की खुराक नहीं दी जा सकी है। वैश्विक हालात पर आधारित हालिया साप्ताहिक रिपोर्ट के मद्देनजर घेब्रेयसस ने कहा कि संक्रमण के नये मामलों में मार्च के बाद कई सप्ताह से कमी दर्ज किए जाने के बाद मामलों में स्थिरता देखी गई है जबकि मौत के मामलों में भी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि हालात में सुधार और दुनिया की 60 फीसदी आबादी का टीकाकरण होने के बावजूद जब तक महामारी हर जगह खत्म नहीं हो जाती, तब तक ये हर जगह खत्म नहीं होगी।
- संयुक्त राष्ट्र/जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार को भारत की 10 लाख महिला आशा स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। आशा स्वयंसेवकों को यह सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया है। मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता या आशा स्वयंसेवक भारत सरकार से संबद्ध स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं जो ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करते हैं। भारत में कोरोना वायरस महामारी के चरम पर रहने के दौरान रोगियों का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर जांच करने को लेकर आशा कार्यकर्ता विशेष तौर पर चर्चा में आईं। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने रविवार को छह पुरस्कारों की घोषणा की। ये पुरस्कार वैश्विक स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने, क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के लिए नेतृत्व और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करने के लिए दिए गए हैं। महानिदेशक घेब्रेयेसस ने ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड' के लिए विजेताओं का फैसला किया। इन पुरस्कारों की स्थापना 2019 में की गई थी और पुरस्कार समारोह 75वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के उच्च-स्तरीय उद्घाटन सत्र का हिस्सा था। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि सम्मानित लोगों में आशा भी हैं जिसका हिंदी में अर्थ उम्मीद है। भारत में 10 लाख से अधिक महिला स्वयंसेवकों को समुदाय को स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा, "ऐसे समय, जब दुनिया असमानता, संघर्ष, खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट और एक महामारी का एक साथ सामना कर रही है, यह पुरस्कार उन लोगों के लिए है जिनका दुनिया भर में स्वास्थ्य की रक्षा और बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान रहा है।
- सिडनी। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीस ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री चुने गए हैं।अल्बानीस (59) ने उन्हें देश का 31वां प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदाताओं का कैंपरडाउन उपनगर में आभार व्यक्त किया और सिडनी में हुई अपनी परवरिश का उल्लेख किया।अल्बानीस ने अपने समर्थकों से कहा, ‘‘यह हमारे महान देश के बारे में बहुत कुछ कहता है कि एक पेंशनभोगी अकेली मां का बेटा, जो कैंपरडाउन में सार्वजनिक आवास में पला-बढ़ा, वह आज रात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के रूप में आपके सामने खड़ा हो सकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हर माता-पिता अपनी अगली पीढ़ी के लिए बेहतर की उम्मीद करते हैं। मेरी मां ने मेरे लिए एक बेहतर जिंदगी का सपना देखा था और मुझे उम्मीद है कि मेरी यात्रा ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सितारों की बुलंदियों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।’’हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अल्बानीस की पार्टी बहुमत के साथ सरकार बना सकती है या उसे निर्दलीय अथवा अन्य छोटे दलों के निर्वाचित सांसदों का समर्थन चाहिए होगा।डाक मतपत्रों की गिनती अभी जारी है, जिससे कई दिनों तक मतगणना चलने की संभावना है और इसे देखते हुए अल्बानीस संभवतः रविवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं, ताकि वह तोक्यो में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंगलवार के क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग ले सकें।विश्लेषकों का मानना है कि जलवायु और कोविड-19 के अलावा महिलाओं के अधिकारों, राजनीतिक अखंडता और प्राकृतिक आपदाओं जैसे कई मुद्दों से निपटने में देश के निवर्तमान प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और उनकी टीम की नाकामी चुनाव में उनकी हार का कारण बनी।ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टर्स कॉर्प (एबीसी) की खबर के अनुसार, सरकार बनाने के लिए निचले सदन प्रतिनिधि सभा में 76 सीटों की आवश्यकता है और रविवार दोपहर तक 67 प्रतिशत वोट की गिनती के साथ 71 सीट पर जीत दर्ज करने वाली लेबर पार्टी को विजयी घोषित किया गया है। लिबरल नेशनल गठबंधन को महज 52 सीटें मिली हैं। निर्दलीयों या छोटे दलों के उम्मीदवारों ने 15 सीटें जीती हैं, जिनमें पर्यावरण केंद्रित ग्रीन पार्टी ने तीन सीटों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अन्य 12 सीटों पर जीत दर्ज की है।अल्बानीस ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों को एक साथ लाने, सामाजिक सेवाओं में निवेश बढ़ाने और ‘‘जलवायु युद्धों को समाप्त करने’’ का संकल्प लिया। अल्बानीस ने अपनी जीत को रविवार सुबह ‘‘वास्तव में एक बड़ा क्षण’’ बताया।उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह मेरे जीवन का एक बड़ा क्षण है, लेकिन मैं चाहता हूं कि यह देश के लिए एक बड़ा क्षण हो। मैं देश बदलना चाहता हूं। मैं इस देश में राजनीति के काम करने के तरीके को बदलना चाहता हूं।’’वहीं, ग्रीन पार्टी के नेता एडम बैंड्ट ने कहा कि उनकी पार्टी ‘‘जलवायु संकट से निपटने’’ के लिए अगली सरकार के साथ काम करना चाहती है और उन्होंने कहा कि ‘‘असमानता का संकट’’ ऑस्ट्रेलिया के लिए खतरा है।













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