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- नयी दिल्ली अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू एकदिवसीय श्रृंखला के लिए शुक्रवार को चुनी गयी 15 सदस्यीय भारतीय टीम में वापसी की जबकि श्रेयस अय्यर भी फिटनेस मंजूरी मिलने पर इस टीम का हिस्सा होंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में नजरअंदाज किए गए सिराज की वनडे टीम में वापसी हुई है।नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में वनडे श्रृंखला के दौरान ‘स्प्लीन' (तिल्ली) में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती हुए अय्यर को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) से फिटनेस मंजूरी पाने के लिए इस महीने विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी मैच फिटनेस साबित करनी होगी। दिग्गज हरफनमौला हार्दिक पंड्या को सीओई से मैच में 10 ओवर गेंदबाजी करने की अनुमति नहीं मिली इसलिए चयनकर्ताओं ने उन्हें 11 जनवरी से वडोदरा में शुरू होने वाली श्रृंखला के लिए टीम में शामिल नहीं किया। इस श्रृंखला के बाकी दो मैच राजकोट और इंदौर में क्रमशः 14 और 18 जनवरी को खेले जाएंगे।बीसीसीआई ने यहां जारी बयान में कहा, ‘‘ श्रेयस अय्यर की उपलब्धता बीसीसीआई सीओई से फिट होने का प्रमाण मिलने पर निर्भर है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ बीसीसीआई सीओई ने हार्दिक पंड्या को एक मैच में 10 ओवर गेंदबाजी करने की अनुमति नहीं दी है और आगामी आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के मद्देनजर उनके कार्यभार को नियंत्रित किया जा रहा है।'' दक्षिण अफ्रीका श्रृंखला के दौरान शानदार शतक बनाने के बावजूद ऋतुराज गायकवाड़ को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज किया। कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे श्रृंखला का हिस्सा नहीं थे ऐसे में गायकवाड़ को मौका मिला था। उन्होंने रायपुर में नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए 83 गेंदों में शानदार 105 रन बनाए थे। गिल टी20 विश्व कप टीम से बाहर किए जाने के बाद वनडे कप्तानी की जिम्मेदारी केएल राहुल से वापस लेंगे, जिन्होंने गिल की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाली थी। ऋषभ पंत ने अटकलों के बावजूद टीम में दूसरे विकेटकीपर के रूप में अपनी जगह बरकरार रखी है। पिछली श्रृंखला में टीम का हिस्सा रहे तिलक वर्मा और ध्रुव जुरेल सीनियर खिलाड़ियों के चोट से वापसी करने के कारण टीम से बाहर हो गये हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण में सिराज, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह शामिल हैं जबकि ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चौथे विकल्प के रूप में मौजूद हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सुपरस्टार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब सिर्फ वनडे प्रारूप में खेलते है और टीम में उनकी मौजूदगी से एक बार फिर तीनों स्टेडियम में भारी भीड़ जुटाने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला के लिए भारतीय टीम:शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान; फिटनेस मंजूरी के अधीन), वाशिंगटन सुंदर, रविंद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जयसवाल।
- राजकोट/ भारत के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश करते हुए शनिवार को यहां विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में बड़ौदा की तरफ से खेलते हुए विदर्भ के खिलाफ 93 गेंदों में 133 रन बनाए, जिसमें एक ओवर में लगाए गए पांच छक्के शामिल हैं। बड़ौदा का स्कोर एक समय छह विकेट पर 136 रन था लेकिन इसके बाद हार्दिक ने अपना कमाल दिखाया। उन्होंने अपनी पारी में कुल मिलाकर 11 छक्के और आठ चौके लगाए। इस प्रतियोगिता में अपना पहला मैच खेल रहे हार्दिक ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली। इस तरह से वह अपने 119वें मैच में लिस्ट ए में अपना पहला शतक जमाने में सफल रहे। उनकी इस पारी की मदद से बड़ौदा ने नौ विकेट पर 293 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया। हार्दिक ने 39वें ओवर में विदर्भ के स्पिनर पार्थ रेखाडे को निशाना बनाया। उन्होंने इस ओवर में कुल 34 रन बटोरे, जिसमें पांच छक्के और एक चौका शामिल था। उन्होंने पहली पांच गेंदों पर छक्के लगाए लेकिन आखिरी गेंद पर चौका ही लगा सके। हार्दिक के दबदबे का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि बड़ौदा की तरफ से दूसरा सर्वोच्च स्कोर विष्णु सोलंकी का था जिन्होंने 26 रन बनाए।
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नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम घोषित कर दी है, जिसकी कमान एडेन मार्करम को सौंपी गई है। उनके साथ युवा तेज गेंदबाज क्वेना मफाका और टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज जेसन स्मिथ को शामिल किया गया है। हालांकि, रयान रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स इस टीम में जगह नहीं बना सके हैं।
स्मिथ का चयन उनकी हालिया शानदार फॉर्म के कारण हुआ है। स्मिथ ने 2024 में अपना टी20 डेब्यू किया था और उनका स्ट्राइक रेट 128.30 है। वह फिलहाल एसए20 में एमआई केपटाउन के लिए खेल रहे हैं।स्मिथ और मफाका के अलावा, कॉर्बिन बॉश, देवाल्ड ब्रेविस, टोनी डी जोरजी, डोनोवन फरेरा और जॉर्ज लिंडे को पहली बार टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में शामिल किया गया है।हेड कोच शुक्री कॉनराड ने कहा, “हम उपमहाद्वीप में लौट रहे हैं, जहां हमने हाल ही में मेजबान भारत के खिलाफ खेला था। उन परिस्थितियों में खेलने से हमें जो अनुभव मिला है, वह निश्चित रूप से इस टूर्नामेंट में हमारे लिए फायदेमंद होगा। वर्ल्ड कप टीम के लिए चुने गए कई खिलाड़ी उस दौरे पर थे और उन्होंने उन पिचों का अनुभव किया है जिनका सामना हमें शायद करना पड़ेगा। जब हम भारत पहुंचेंगे तो यह उनके लिए बहुत काम आएगा। वर्ल्ड कप के लिए रवाना होने से पहले हमने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज खेलनी है, जिसके लिए इस महीने के अंत में टीम का ऐलान किया जाएगा।”कगिसो रबाडा पसली की चोट के कारण भारत के खिलाफ हालिया व्हाइट बॉल दौरे से बाहर रहे थे, जिसके बाद उन्हें विश्व कप टीम में शामिल किया गया है। साउथ अफ्रीका की इस टीम में तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्त्जे का नाम भी शामिल है, जो टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लिए सर्वाधिक विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज थे।भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होगी। इसका फाइनल 8 मार्च को खेला जाना है। साउथ अफ्रीकी टीम को ग्रुप डी में अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ रखा गया है। यह टीम 9 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कनाडा के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।साउथ अफ्रीकी टीम: एडेन मार्करम (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, देवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी जोरजी, डोनोवन फरेरा, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, क्वेना मफाका, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्त्जे, कगिसो रबाडा और जेसन स्मिथ। -
नई दिल्ली। भारतीय टीम साल 2026 में बांग्लादेश का दौरा करेगी। इसके अलावा, बांग्लादेश साल 2026 में तीनों फॉर्मेट में द्विपक्षीय सीरीज के लिए पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज की मेजबानी करेगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है।
भारत का बांग्लादेश दौरा असल में अगस्त 2025 में होना था, लेकिन देश में राजनैतिक अशांति के कारण इसे सितंबर 2026 तक स्थगित कर दिया गया। बीसीबी के नए कार्यक्रम के अनुसार, भारत 28 अगस्त को बांग्लादेश पहुंचेगा। दोनों देशों के बीच 1 सितंबर से वनडे सीरीज की शुरुआत होगी। इसके बाद 3 और 6 सितंबर को शेष दो मुकाबले खेले जाने हैं। दोनों टी20 सीरीज की शुरुआत 9 सितंबर से होगी। दूसरा मैच 12 सितंबर को होगा। इसके बाद 13 सितंबर को तीसरे मुकाबले का आयोजन होगा।इससे पहले, पाकिस्तान 12-16 मार्च के बीच खेले जाने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए 9 मार्च को बांग्लादेश पहुंचेगा।न्यूजीलैंड की टीम बांग्लादेश के दौरे पर 17 अप्रैल से तीन वनडे मुकाबलों की सीरीज खेलेगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच 27 अप्रैल से 2 मई के बीच इतने ही टी20 मैच खेले जाएंगे।पाकिस्तान आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल के हिस्से के तौर पर दो टेस्ट खेलने के लिए 4 मई को बांग्लादेश पहुंचेगा। पहला टेस्ट 8-12 मई तक खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला 16-20 मई तक होगा। ऑस्ट्रेलिया का व्हाइट-बॉल टूर 5 जून को तीन वनडे मुकाबलों के साथ शुरू होगा, जिसके बाद 15-20 जून तक तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी।भारत की मेजबानी करने के बाद, बांग्लादेशी टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। 22-24 अक्टूबर तक होने वाले तीन दिवसीय वार्म-अप मैच के बाद, पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगा, जबकि दूसरा मुकाबला 5-9 नवंबर के बीच खेला जाना है। बीसीबी ने कहा कि श्रीलंका ‘ए’ टीम भी मई 2026 में मेजबान ‘ए’ टीम के खिलाफ बांग्लादेश का दौरा करेगी, जिसमें दो चार दिवसीय मैच और 50 ओवरों के मैच शामिल होंगे। - नयी दिल्ली. अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने बुधवार को बताया कि एक महिला सहित तीन भारतीय रैफरी को फीफा की 2026 अंतरराष्ट्रीय मैच अधिकारियों की सूची में शामिल किया गया है। गुजरात की रचना कमानी को महिला रैफरी की फीफा सूची में शामिल किया गया है जबकि पुडुचेरी के अश्विन कुमार और दिल्ली के आदित्य पुरकायस्थ को पुरुष रैफरी के रूप में जगह मिली है। एआईएफएफ ने कहा कि अश्विन कुमार और आदित्य पुरकायस्थ ने मलेशिया के कुआलालंपुर में एएफसी रैफरी अकादमी का कोर्स पूरा कर लिया है जबकि रचना कमानी वर्तमान में यह कोर्स कर रही हैं। इसके अलावा पुडुचेरी के मुरलीधरन पांडुरंगन और महाराष्ट्र के पीटर क्रिस्टोफर को फीफा सहायक रैफरी के रूप में शामिल किया गया है। इस तरह 2026 के लिए फीफा अंतरराष्ट्रीय मैच अधिकारियों की सूची में भारत के कुल 19 अधिकारी शामिल हो गए हैं। इसमें आठ रैफरी, 10 सहायक रैफरी और एक फुटसाल रैफरी शामिल हैं।
- नयी दिल्ली. दिल्ली की किशोरी आद्या कात्याल ने मंगलवार को यहां कर्णी सिंह रेंज में राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में जूनियर महिला ट्रैप स्पर्धा का खिताब जीता। पंद्रह साल की आद्या ने 42 हिट के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। उत्तर प्रदेश की सबीरा हारिस 41 हिट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की तनिष्का सेंथिलकुमार ने 28 हिट के साथ कांस्य पदक जीता। आद्या ने इससे पहले क्वालीफिकेशन दौर में 112 निशानों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और फिर फाइनल में इस फॉर्म को बरकरार रखा। दिल्ली की भाव्या त्रिपाठी क्वालीफिकेशन में 110 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं लेकिन फाइनल में छठे स्थान पर फिसल गईं। तनिष्का ने 105 अंक के साथ क्वालीफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल किया।दिल्ली ने आद्या, भाव्या त्रिपाठी और अनन्या यदुवंशी की बदौलत कुल 323 अंक के साथ जूनियर महिला ट्रैप टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। तमिलनाडु (तनिष्का सेंथिलकुमार, नीला राजा बालू, अंतरा राजशेखर) ने 295 अंक के साथ रजत जबकि राजस्थान (दर्शना राठौड़, मैत्रेयी सिंह, माहिका कितावत) ने 274 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
- जयपुर. कप्तान शारदुल ठाकुर की शानदार गेंदबाजी से मुंबई ने विजय हजारे वनडे ट्रॉफी के ग्रुप सी मैच में सोमवार को यहां छत्तीसगढ़ को नौ विकेट से हराकर अपनी जीत की हैट्रिक पूरी की। टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला करने के बाद शारदुल ने सुबह में तेज गेंदबाजों की मददगार परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए पांच ओवर के अंदर छत्तीसगढ़ का स्कोर चार विकेट पर 10 रन कर दिया। कप्तान अमनदीप खरे (63) और अजय मंडल (46) के बीच पांचवें विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी के बावजूद छत्तीसगढ़ की टीम शुरुआती झटकों से कभी नहीं उबर सकी। टीम 38.1 ओवर में 142 रन पर आउट हो गयी। शारदुल ने खेल के शुरुआती आधे घंटे में छत्तीसगढ़ के खिलाफ कहर बरपाया तो वहीं वामहस्त स्पिनर शम्स मुलानी ने आखिरी छह में से पांच विकेट झटक कर छत्तीसगढ़ की पारी को सस्ते में समेटने में योगदान दिया। मुलानी ने 31 रन देकर पांच विकेट लिये जिससे छत्तीसगढ़ ने अंतिम छह विकेट 27 रन के अंदर गंवा दिये। अंगकृष रघुवंशी (66 गेंदों पर 68 नाबाद) और अनुभवी सिद्धेश लाड (42 गेंदों पर 48 नाबाद) ने दूसरे विकेट के लिए 102 रन की अटूट साझेदारी कर महज 24 ओवरों में ही मुंबई को नौ विकेट से एकतरफा जीत दिला दी। मुंबई को एकमात्र झटका ईशान मूलचंदानी के आउट होने से लगा जो 19 रन बनाकर हर्ष यादव की गेंद पर आउट हुए। मुंबई तीन मैचों में इतनी ही जीत से 12 अंक के साथ ग्रुप सी की तालिका में शीर्ष पर है।पुखराज मान की 110 रन की पारी से सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मैच में हिमाचल प्रदेश ने महाराष्ट्र को सात रन से हराया। रामकृष्ण घोष (42 रन पर सात विकेट) की कमाल की गेंदबाजी के बावजूद हिमाचल प्रदेश की टीम 49.4 ओवर में आउट होने से पहले 271 रन बनाने में सफल रही। अंकित बावने (97) की क्रीज पर मौजूदगी ने महाराष्ट्र को मैच में बनाये रखा था लेकिन 48वें ओवर में उनके आउट होने के साथ टीम की पारी लड़खड़ा गयी। रोहित कुमार और आर्यमान धालीवाल के दो-दो विकेट से महाराष्ट्र 50 ओवर में 264 रन पर आउट हो गया।ललित यादव की 111 गेंदों पर खेली गई नाबाद 131 रनों की शानदार पारी की बदौलत गोवा ने सिक्किम पर 62 रनों की बड़ी जीत दर्ज करते हुए अपना अजेय अभियान जारी रखा। यादव ने अपनी पारी में 14 चौके लगाए और गोवा को आठ विकेट पर 309 रन के स्कोर तक पहुंचाया। यह सिक्किम के लिए काफी साबित हुआ क्योंकि सिक्किम की टीम 50 ओवरों में सात विकेट पर 247 रन ही बना सकी। कप्तान कुणाल चंदेला की 118 रनों की तूफानी पारी की मदद से उत्तराखंड ने पंजाब को पांच विकेट से हराकर टूर्नामेंट में जीत का खाता खोला। पंजाब ने सलिल अरोरा (65) और कृष भगत (51) के अर्धशतकों की बदौलत आठ विकेट पर 269 रन बनाये।चंदेला की शानदार बल्लेबाजी से उत्तराखंड ने 47.4 ओवर में लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
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दुबई. दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने करियर के अंत तक 1,000 गोल करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है। पुर्तगाल के इस 40 साल के महान खिलाड़ी को पूरा विश्वास है कि वह इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। उनके नाम शीर्ष स्तर के पेशेवर फुटबॉल में 956 गोल है। रोनाल्डो को रविवार देर रात दुबई में आयोजित ‘ग्लोब सॉकर अवार्ड्स' समारोह में मध्य पूर्व का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उन्होंने कहा, ‘‘ अगर कोई चोट न लगे तो मैं यह आंकड़ा जरूर हासिल कर लूंगा।''
रोनाल्डो ने शनिवार को सऊदी प्रो लीग में अल-नसर के लिए दो गोल करके अपने करियर के कुल गोल की संख्या 956 तक पहुंचा दी। उनके गोलों की संख्या में पुर्तगाल के लिए पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड 143 गोल भी शामिल हैं। रोनाल्डो अगले साल अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले विश्व कप में पुर्तगाल की कप्तानी करने वाले हैं। इस विश्व कप के शुरू होते समय उनकी उम्र 41 साल हो जायेगी।
रीयल मैड्रिड, मैनचेस्टर यूनाइटेड और युवेंटस जैसी बड़ी टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके इस स्ट्राइकर ने कहा, ‘‘मैं अब भी आगे बढ़ने के लिए बहुत प्रेरित हूं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं कहां खेल रहा हूं (मध्य पूर्व में, यूरोप में या कही और)। मुझे हमेशा फुटबॉल खेलना, ट्रॉफी जीतना, गोल करना पसंद है और मैं इसी तरह आगे बढ़ना चाहता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आप जानते हैं मेरा लक्ष्य क्या है। मैं और अधिक ट्रॉफी जीतना चाहता हूं और उस संख्या तक पहुंचना चाहता हूं जिसे आप सभी जानते हैं।'' रोनाल्डो ने अभी तक विश्व कप का खिताब नहीं जीता है। उन्होंने 2016 में पुर्तगाल के साथ यूरोपीय चैंपियनशिप जीती थी। -
विजयवाड़ा. सूर्या करिश्मा तामिरी ने रविवार को यहां सीनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में महिला एकल और ऋत्विक संजीवी ने पुरुष एकल खिताब अपने नाम किया। विजयवाड़ा की 19 वर्षीय सूर्या ने लगभग एक घंटे तक चले महिला एकल फाइनल में तन्वी पत्री को 17-21, 21-12, 21-14 से हराया। वहीं पुरुष एकल फाइनल में ऋत्विक ने भरत को 21-16, 22-20 से शिकस्त दी। तन्वी ने पहले गेम के बीच में नियंत्रण बनाते हुए सूर्या को कई अनफोर्स्ड गलतियां कराईं। दूसरे गेम में 6-5 के स्कोर पर सूर्या का एक सर्विस रिटर्न नेट में गया जिसे सर्विस जज ने ‘ऊंचाई की गलती' करार दिया जिससे सूर्या को राहत मिली। इसके बाद सूर्या ने लगातार सात अंक जीतकर दूसरा गेम अपने नाम किया।
सूर्या ने निर्णायक गेम में तन्वी को लंबी रैलियों में उलझाया जिससे थकान साफ नजर आने लगी। तन्वी ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन अंत में सूर्या ने 15-14 के बाद लगातार छह अंक लेकर मैच जीत लिया। ऋत्विक ने पुरुष एकल फाइनल का पहला गेम आसानी से जीत लिया लेकिन इसके बाद दूसरे गेम में प्रतिद्वंद्वी के 9-5 की बढ़त बनाने से दबाव में आ गए। 2024 ओडिशा मास्टर्स के विजेता ऋत्विक ने लगातार छह अंक बनाकर बढ़त वापस हासिल की। हालांकि दो गलत फैसलों के कारण भरत ने वापसी की और गेम प्वाइंट भी हासिल किया। इसके बावजूद ऋत्विक ने संयम बनाए रखा और 39 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया। अन्य मुकाबलों में शिखा गौतम और अश्विनी भट्ट के की जोड़ी ने दूसरी वरीयता प्राप्त प्रिया देवी कोंजेंगबाम और श्रुति मिश्रा को 21-14, 21-18 से हराकर महिला युगल खिताब जीता। शीर्ष वरीयता प्राप्त हरिहरन अमसकरुनन और आर रुबन कुमार ने पुरुष युगल फाइनल में मिथिलेश पी कृष्णन और प्रेजन को 21-17, 21-12 से पराजित किया। मिश्रित युगल में दूसरी वरीयता प्राप्त सात्विक रेड्डी के और राधिका शर्मा की जोड़ी ने शीर्ष वरीयता प्राप्त आशिथ सूर्य और अमृता पी को 21-9, 21-15 से हराकर खिताब जीता। - मैनचेस्टर । आर्सेनल ने ब्राइटन के अंतिम समय में जोरदार पलटवार से बचकर 2-1 से जीत हासिल करके इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल टूर्नामेंट में अपना पहला स्थान बरकरार रखा, लेकिन मैनचेस्टर सिटी और एस्टन विला भी उससे ज्यादा दूर नहीं हैं। शीर्ष स्थान के लिए इन तीन टीमों के बीच कड़ी टक्कर है। तालिका में पहले और तीसरे स्थान के बीच केवल तीन अंकों का अंतर है। नॉटिंघम फॉरेस्ट पर 2-1 से जीत के बाद मैनचेस्टर सिटी ने कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन इसके कुछ देर बाद आर्सेनल ने ब्राइटन को इसी अंतर से हराकर फिर से पहला स्थान हासिल कर दिया। वह मैनचेस्टर सिटी से दो अंक आगे है। एस्टन विला ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चेल्सी के खिलाफ 2-1 से जीत हासिल की। इस तरह से उसने सभी प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज करने का अपना सिलसिला 11 मैच तक पहुंचा दिया है। आर्सेनल के अब 18 मैच में 42 जबकि मैनचेस्टर सिटी के इतने ही मैच में 40 और एस्टन विला की 39 अंक हैं। लिवरपूल चौथे स्थान पर है लेकिन उसके 32 अंक हैं। लिवरपूल ने आखिरी स्थान पर काबिज वॉल्वरहैम्प्टन के खिलाफ 2-1 से जीत हासिल करके अपनी शानदार वापसी जारी रखी जिससे वह चौथे स्थान पर पहुंच गया। वॉल्वरहैम्प्टन ने किसी एक सत्र की शुरुआत से सबसे लंबे समय तक बिना जीत के रहने का नया प्रीमियर लीग रिकॉर्ड बनाया।
- नयी दिल्ली,। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये यह साल मैदान के भीतर और बाहर भले ही अच्छा नहीं रहा हो लेकिन हॉकी इंडिया लीग के जरिये पांच महीने बाद मैदान पर वापसी को तैयार ड्रैग फ्लिकर दीपिका सेहरावत का मानना है कि नये साल में चीजें अच्छे के लिये बदलेंगी । अगस्त में एशिया कप के लिये रवानगी से एक दिन पहले आखिरी अभ्यास सत्र में पैर फिसलने के कारण टीम से बाहर हुई दीपिका ने स्वीकार किया कि बीते साल टीम अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई लेकिन यह भी कहा कि नया साल नयी उम्मीदें लेकर आयेगा ।हॉकी इंडिया लीग के जरिये वापसी कर रही 22 वर्ष की इस फॉरवर्ड ने कहा ,‘‘ नये साल में नयी चीजें शुरू होंगी तो काफी कुछ बदलेगा । अगला साल काफी अहम है जिसमें विश्व कप के लिये क्वालीफाई करना सबसे पहली चुनौती है और 2026 में एशियाई खेल भी हैं ।'' प्रो लीग में आखिरी स्थान पर रहने के अलावा एशिया कप के फाइनल में चीन से 1 . 4 से हारकर भारतीय महिला टीम ने बेल्जियम और नीदरलैंड में अगले साल अगस्त में होने वाले विश्व कप के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका गंवा दिया । अब उसे मार्च में हैदराबाद में क्वालीफायर खेलना है जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरूग्वे, वेल्स और आस्ट्रिया भी भाग लेंगे और शीर्ष तीन टीमें विश्व कप का टिकट कटायेंगी । वर्ष 2025 में हॉकी इंडिया के सर्वश्रेष्ठ उदीयमान खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली दीपिका ने कहा ,‘‘ हॉकी से दूर ये पांच महीने मेरे लिये बहुत कठिन थे । मुझे गुस्सा आता था और मैं रोती थी कि टीम से बाहर क्यो हूं क्योंकि एशिया कप के लिये मेरी तैयारी अच्छी थी । अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रही हूं और अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़नी है ।''उन्होंने कहा ,‘‘ हमें दिखाना है कि भारत की महिला हॉकी टीम भी किसी से कम नहीं है । तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद महिला हॉकी का ग्राफ जो ऊपर गया था , उसे फिर लौटाना है । पिछला साल अच्छा नहीं रहा लेकिन अगला साल नयी सुबह लेकर आयेगा ।'' भुवनेश्वर में 2022 में एफआईएच प्रो लीग के जरिये सीनियर टीम में पदार्पण करने वाली इस खिलाड़ी ने कहा कि गलतियों का दोहराव टीम के खराब प्रदर्शन का कारण रहा और बेहतर संवाद भी जरूरी था । उन्होंने कहा ,‘‘ बार बार हो रही गलतियों को सुधारने पर अधिक फोकस करना चाहिये था । प्रो लीग से जिन गलतियों के कारण बाहर हुए, एशिया कप में वही दोहराते दिखे । इसके अलावा टीम के भीतर संवाद बेहतर होना चाहिये था ।'' दीपिका ने यह भी कहा कि एक खिलाड़ी के लिये शारीरिक के साथ मानसिक फिटनेस भी बहुत जरूरी है और एचआईएल में उनकी टीम एसजी पाइपर्स ने इसमें उनकी काफी मदद की । उन्होंने कहा ,‘‘ खिलाड़ी अगर मानसिक तौर पर रिलैक्स हो तो शारीरिक फिटनेस आ ही जाती है । हम खुश रहते हैं तो प्रदर्शन भी अच्छा होता है। मैं हॉकी इंडिया लीग के जरिये वापसी करना चाहती थी तो राष्ट्रीय टीम का शिविर खत्म होने के बाद एसजी पाइपर्स ने मेरे लिये जयपुर में 15 दिन के विशेष शिविर का इंतजाम किया और मुझ पर भरोसा जताया । इसी की वजह से मैं फिट होकर वापसी कर सकी हूं ।'' उन्होंने कहा कि अब चोट से पहले वाले फॉर्म में लौटकर उन्होंने ड्रैग फ्लिक भी शुरू कर दी है और शरीर पहले से मजबूत लग रहा है । दीपिका ने कहा ,‘‘ लीग में भी हमारी टीम में काफी बदलाव हुए हैं लेकिन खिलाडि़यों में बहुत अच्छा तालमेल है और विदेशी खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखने को मिलता है । उम्मीद है कि इस साल प्रदर्शन बेहतर होगा ।'' पहलवानों के परिवार से निकली दीपिका के पिता चाहते थे कि वह अपने दादा और चाचा की तरह अखाड़े में नाम रोशन करे लेकिन उसे शुरू ही से हॉकी स्टिक थामने का मन था । उन्होंने कहा ,‘‘ मैं भी शुरू में अपने भाई के साथ कुश्ती खेलने जाती थी लेकिन बीच में हॉकी का मैदान पड़ता था और मेरा मन वहीं खिंचता था। मेरा परिवार चाहता था कि कुश्ती चुनूं लेकिन मैने हॉकी स्टिक थामी और अब अपने प्रदर्शन से इस फैसले को सही साबित करने की ललक है ।'
- नयी दिल्ली।, भारतीय बैडमिंटन के लिए वर्ष 2025 उतार चढ़ाव वाला रहा जिसमें कई प्रमुख खिलाड़ियों को फॉर्म हासिल करने के लिए जूझना पड़ा, लेकिन लक्ष्य सेन का एक खिताब, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतना और युवा खिलाड़ियों की शानदार प्रगति ने उम्मीद की किरण भी जगाई। भारतीय खिलाड़ियों को इस वर्ष फिटनेस से जुड़ी समस्याओं से भी जूझना पड़ा जिसका असर उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा। इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियों की सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तिगत उपलब्धि सेन की ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में खिताबी जीत रही। सेन ने 2023 में कनाडा ओपन के बाद पहली बार सुपर 500 खिताब जीता और पिछले साल दिसंबर में सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 जीतने के बाद यह उनका पहला खिताब था। हांगकांग ओपन में वह उपविजेता रहे थे। सात्विक और चिराग ने सत्र की शुरुआत में चोट और बीमारी से जूझने के बावजूद भारत की प्रमुख युगल जोड़ी के रूप में अपनी स्थिति को फिर से स्थापित किया। इस जोड़ी ने पेरिस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता, हांगकांग ओपन और चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई और बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली भारतीय पुरुष युगल जोड़ी बनकर साल का सकारात्मक अंत किया। किदाम्बी श्रीकांत ने इस सत्र में वापसी की झलक दिखाई लेकिन वह कोई ट्रॉफी नहीं जीत पाए। मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी इंटरनेशनल में उपविजेता रहकर उन्होंने पुराने दिनों की याद दिलाई लेकिन लंबे समय से चले आ रहे खिताब के सूखे को खत्म नहीं कर सके। सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली ने महिला युगल खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। भारतीय बैडमिंटन में वर्ष 2025 में सबसे उत्साहजनक संकेत युवा पीढ़ी से मिले। 20 वर्षीय आयुष शेट्टी ने अमेरकी ओपन सुपर 300 जीता और बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर प्रतियोगिताओं में लगातार अपनी जीवंत उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने जापान के कोदाई नाराओका, पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू, चीनी ताइपे के चाउ टिएन चेन और कनाडा के ब्रायन यांग पर भी उल्लेखनीय जीत दर्ज की, जिससे उनकी शानदार प्रगति का पता चलता है। सोलह वर्षीय तन्वी शर्मा ने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक जीतकर सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। उन्होंने अमेरिकी ओपन के फाइनल में भी जगह बनाई थी तथा सैयद मोदी इंटरनेशनल में पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराकर इस सत्र की सबसे शानदार जीत में से एक हासिल की। तन्वी ने गुवाहाटी मास्टर्स में उपविजेता रहकर वर्ष का समापन किया। उन्नति हुडा ने विश्व जूनियर टीम चैंपियनशिप में भारत को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 का खिताब जीतकर विश्व रैंकिंग में 23वें स्थान पर पहुंच गईं। चीन मास्टर्स में पीवी सिंधू पर उनकी जीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। गुवाहाटी मास्टर्स में संस्कार सारस्वत ने अपना पहला सुपर 100 खिताब जीता।भारत के सीनियर खिलाड़ियों के लिए हालांकि वर्ष 2025 काफी हद तक निराशाजनक साबित हुआ।दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू तीन बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन उन्हें छह बार पहले दौर में और चार बार दूसरे दौर में ही हार का सामना करना पड़ा। साल की शुरुआत में हैमस्ट्रिंग की समस्या ने उनके अभियान को बाधित किया, जिसके बाद पैर में चोट लगने के कारण उन्हें अक्टूबर के बाद सभी बीडब्ल्यूएफ प्रतियोगिताओं से नाम वापस लेना पड़ा। वर्ष 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय के लिए यह सत्र और भी कठिन रहा। चोटों ने उनके प्रदर्शन को बुरी तरह प्रभावित किया। जनवरी में इंडिया ओपन में टखने की चोट और सितंबर में कोरिया ओपन में पसली की मांसपेशियों में लगी चोट के कारण वे नियमित रूप से अभ्यास नहीं कर पाए, जिससे उन्हें नौ बार दूसरे दौर से और आठ बार पहले दौर से बाहर होना पड़ा। भारत ने टीम प्रतियोगिताओं में भी निराशाजनक प्रदर्शन किया। एशिया मिश्रित टीम चैंपियनशिप और सुदीरमन कप में भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
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मुंबई.आयुष म्हात्रे को 15 जनवरी से छह फरवरी तक जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले अंडर-19 विश्व कप के लिए शनिवार को 15 सदस्यीय भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। हालांकि कलाई में चोट के कारण म्हात्रे और विहान मल्होत्रा विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मैच की एकदिवसीय श्रृंखला में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनकी अनुपस्थिति में उभरते हुए बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। इस दौरे पर मैच तीन, पांच और सात जनवरी को बेनोनी में खेले जाएंगे। आरोन जॉर्ज को उपकप्तान बनाया गया है। म्हात्रे और मल्होत्रा अपनी चोटों के उपचार और प्रबंधन के लिए बेंगलुरु स्थित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में रिपोर्ट करेंगे जिसके बाद वे भारतीय टीम से जुड़ेंगे। सूर्यवंशी और जॉर्ज को भी अंडर-19 विश्व कप टीम में शामिल किया गया है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बयान में कहा, ‘‘आयुष म्हात्रे और विहान मल्होत्रा को कलाई में चोट लगी है और वे दक्षिण अफ्रीका दौरे से बाहर रहेंगे। '' बयान में आगे कहा गया, ‘‘दोनों खिलाड़ी अपनी चोटों के आगे के प्रबंधन के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिपोर्ट करेंगे और इसके बाद आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप के लिए टीम से जुड़ेंगे। '' आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप के आगामी चरण में 16 टीमें हिस्सा लेंगी जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। इसके बाद सुपर सिक्स चरण, सेमीफाइनल और फाइनल हरारे में खेले जाएंगे। पांच बार की चैंपियन भारत (2000, 2008, 2012, 2018 और 2022) को ग्रुप बी में न्यूजीलैंड, अमेरिका और बांग्लादेश के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 जनवरी को बुलावायो में क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में अमेरिका के खिलाफ करेगा। इसके बाद 17 जनवरी को इसी मैदान पर बांग्लादेश से और 24 जनवरी को न्यूजीलैंड से मुकाबला होगा। टीमें इस प्रकार हैं :
दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए:
वैभव सूर्यवंशी (कप्तान), आरोन जॉर्ज (उपकप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान ए पटेल, मोहम्मद इनान, हेनिल पटेल, डी दीपेश, किशन कुमार सिंह, उद्धव मोहन, युवराज गोहिल, राहुल कुमार। अंडर-19 विश्व कप के लिए:
आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, आरोन जॉर्ज, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान ए पटेल, मोहम्मद इनान, हेनिल पटेल, डी दीपेश, किशन कुमार सिंह, उद्धव मोहन। -
केपटाउन, रयान रिकेलटन के शतक के बावजूद एमआई केपटाउन को एसए20 क्रिकेट टूर्नामेंट के चौथे सत्र के पहले मैच में डरबन सुपर जायंट्स से 15 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में खूब रन वर्षा देखने को मिली तथा कुल मिलाकर 449 रन बने, जिसमें 25 छक्के और 40 चौके शामिल हैं। रिकेलटन के 65 गेंदों पर पांच चौकों और 11 छक्कों की मदद से 113 रन बनाए लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम 233 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट पर 217 रन ही बना सकी। एमआई केपटाउन की तरफ से रिकेलटन के अलावा जैसन स्मिथ ने 41 रन का योगदान दिया। सुपर जायंट्स ने इससे पहले पांच विकेट पर 232 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया था। उसकी तरफ से न्यूजीलैंड की सलामी जोड़ी डेवोन कॉनवे (33 गेंदों में 64 रन, सात चौके, दाे छक्के) और केन विलियमसन (25 गेंद पर 40 रन) ने पावरप्ले में दबदबा बनाते हुए सिर्फ 8.3 ओवर में 96 रन जोड़े। इसके बाद जोस बटलर (12 गेंदों में 20 रन) और हेनरिक क्लासेन (14 गेंदों में 22 रन) ने लय को बरकरार रखा। उनके अलावा एडेन मा्र्क्रम ने 17 गेंदों में 35 और इवान जोन्स ने 14 गेंदों में नाबाद 33 रन बनाए।
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शारजाह. तेज गेंदबाज नसीम शाह की शानदार गेंदबाजी और मैक्स होल्डन के नाबाद अर्धशतक की मदद से डेजर्ट वाइपर्स ने शारजाह वॉरियर्स पर पांच विकेट से जीत हासिल कर उसे आईएलटी20 क्रिकेट टूर्नामेंट के प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। इस मैच के परिणाम से यह सुनिश्चित हो गया कि अबू धाबी नाइट राइडर्स या गल्फ जायंट्स में से कोई एक टीम प्लेऑफ में जगह बनाएगी। डेजर्ट वाइपर्स, एमआई एमिरेट्स और दुबई कैपिटल्स की टीम पहले ही प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। नसीम शाह ने 35 रन देखकर तीन विकेट लिए और वॉरियर्स को सात विकेट पर 140 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। वॉरियर्स की तरफ से जॉनसन चार्ल्स ने सर्वाधिक 43 रन बनाए। मैक्स होल्डन की 46 गेंद पर नाबाद 66 रन की पारी की मदद से वाइपर्स ने 19.3 ओवर में पांच विकेट पर 144 रन बनाकर जीत हासिल की।
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नयी दिल्ली. शतरंज में भारत का दबदबा और प्रतिभाओं की गहराई वर्ष 2025 में एक बार फिर साबित हुआ जब दिव्या देशमुख ने बातूमी में महिला शतरंज विश्व कप जीता लेकिन विश्व चैम्पियन डी गुकेश प्रभावित नहीं कर पाये । पिछले साल विश्व चैम्पियन बने गुकेश को इस साल लगातार पराजय का सामना करना पड़ा । वहीं नागपुर की 19 वर्ष की दिव्या ने शानदार जीत दर्ज करके एक खिताब और कैरियर की तीन उपलब्धियां अर्जित की । दिव्या फिडे महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई । उन्होंने प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर खिताब जीता और 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिये भी क्वालीफाई कर लिया । इस टूर्नामेंट के विजेता को मौजूदा महिला विश्व चैम्पियन चीन की जू वेंजुन को चुनौती देने का मौका मिलेगा । दिव्या की जीत से देश में महिला शतरंज पर एक बार फिर लोगों की नजरें गई जो अब तक दो बार की विश्व रैपिड चैम्पियन कोनेरू हम्पी और द्रोणवल्ली हरिका पर निर्भर थी । दोनों खिलाड़ी करीब दो दशक से भारत में महिला शतरंज की ध्वजवाहिका रही हैं । दिव्या ने अपनी अप्रत्याशित जीत से सुर्खियां बंटोरी । दूसरी ओर पिछले साल विश्व चैम्पियन बने गुकेश को टाटा स्टील मास्टर्स में ब्लिट्ज टाइब्रेकर में हमवतन आर प्रज्ञानानंदा ने हराकर खिताब जीता । वह फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंडस्लैम से भी बाहर हो गए , फिडे ग्रैंड स्विस में नाकाम रहे और गोवा में फिडे विश्व कप के तीसरे दौर में हार गए । उन्होंने मई जून में नॉर्वे शतरंज में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया और अक्टूबर में यूरोपीय क्लब कप में व्यक्तिगत और टीम खिताब जीते । इसके अलावा इस साल उनके नाम कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं रही । कार्लसन ने गुकेश से हारने के बावजूद सातवीं बार नॉर्वे शतरंज खिताब जीता ।
गोवा में हाल ही में विश्व कप से भारत को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का कम से कम एक कोटा स्थान मिलने की उम्मीद थी लेकिन खिताब के प्रबल दावेदार प्रज्ञानानंदा, अर्जुन एरिगेसी, निहाल सरीन, पी हरिकृष्णा और विदित गुजराती अपने देश में खेलने का फायदा नहीं उठा सके । प्रज्ञानानंदा ने फिडे सर्किट 2025 जीतकर कैंडिडेट्स 2026 में जगह बना ली और रैंकिंग में शीर्ष रहकर इसमें पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरूष खिलाड़ी बने । विश्वनाथन आनंद के 1988 में पहला भारतीय ग्रैंडमास्टर बनने के बाद से अब देश में 91 ग्रैंडमास्टर हो गए हैं और कई बनने की दहलीज पर हैं । इस साल एल आर श्रीहरि, हरिकृष्णन ए रा, दिव्या देशमुख, एस रोहित कृष्णा , इलमपार्थी एक आर और राहुल वीएस इस श्रेणी में शामिल हुए । -
जयपुर. सात साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी खेलने वाले रोहित शर्मा ने बिल्कुल ‘हिटमैन' शैली में शतकीय पारी खेलकर गुलाबी शहर के क्रिकेटप्रेमियों के लिये क्रिसमस की पूर्व संध्या पर शानदार तोहफा दिया । इस मुकाबले को देखने के लिये 20000 से ज्यादा लोग स्टेडियम में जमा थे और सभी के लिये वजह सिर्फ एक थी ..रोहित शर्मा । रोहित ने अपने कैरियर का 37वां लिस्ट ए शतक जमाते हुए 93 गेंदों में 155 रन बनाये । इस पारी में उनके शानदार पूल, हवाई शॉट्स और स्वीप शॉट देखने को मिले । ऐसा लग रहा था कि लोग अपने पसंदीदा गायक के कन्सर्ट में आये हैं जो एक के बाद एक हिट गाने सुना रहा है । बीसीसीआई के निर्देश, राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने खुद को साबित करने की चाह या स्टार संस्कृति खत्म करने की मुख्य कोच की ख्वाहिश , इन सबसे परे यह दिन अपने हीरो को खेलते देखने आये प्रशंसकों के नाम था । स्टेडियम से रवाना होने तक रोहित के बल्ले से निकले 18 चौके और नौ छक्के उन्हें संतुष्ट करने के लिये काफी थे । सप्ताह के बीच में सवाई मानसिंह स्टेडियम के बाहर सुबह नौ बजे से भीड़ लगी थी । स्टेडियम करीब 80 प्रतिशत भरा हुआ था । लोग नौकरी से छुट्टी लेकर और छात्र कॉलेज छोड़कर मैदान पर जमा थे । स्टेडियम के भीतर ‘मुंबईचा राजा रोहित शर्मा' और ‘दाल बाटी चूरमा, रोहित शर्मा सूरमा' के नारे सुनाई दे रहे थे । जब दर्शकों को पता चला कि मुंबई फील्डिंग कर रही है तो हर किसी की जुबां पर एक ही दुआ थी कि सिक्किम की टीम जल्दी आउट हो जाये ताकि उन्हें रोहित की बल्लेबाजी देखने को मिले । रोहित के धुर समर्थकों ने यह नारा भी लगाया कि ‘ गंभीर किधर है, देख रहा है ना ।'
सिक्किम ने सात विकेट पर 236 रन बनाये । मुंबई की पारी के दौरान लोग खेल विकास परिषद की इमारत की छत पर चढ गए थे । रोहित ने जैसे ही क्रांति कुमार की गेंद पर स्क्वेयर में पहला शॉट खेला, दर्शकों के शोर से आसमान गूंज उठा । रोहित ने सिक्किम के अनुभवहीन गेंदबाजों के सामने 62 गेंद में शतक और 91 गेंद में 150 रन बनाये । वह क्रांति कुमार की गेंद पर विकेट के पीछे कैच देकर लौटे । -
नयी दिल्ली. भारतीय पुरूष हॉकी टीम के उपकप्तान हार्दिक सिंह के नाम की अनुशंसा इस साल मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार के लिये की गई है जबकि युवा शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख और डेकाथलीट तेजस्विन शंकर समेत 24 खिलाड़ियों के नाम अर्जुन पुरस्कार के लिये दिये गए हैं । चयन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया । मिडफील्डर हार्दिक तोक्यो ओलंपिक 2021 और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे । इस साल एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में भी वह शामिल थे । सूत्रों ने बताया कि खेल मंत्रालय से औपचारिक मान्यता मिलने के पांच साल बाद पहली बार योगासन खिलाड़ी आरती पाल का नाम भी अर्जुन पुरस्कार के लिये दिया गया है । आरती राष्ट्रीय और एशियाई चैम्पियन है । एशियाई खेल 2026 में योगासन नुमाइशी खेल के रूप में शामिल होगा । चयन समिति ने बुधवार को हुई बैठक में अर्जुन पुरस्कार के लिये 21 अन्य नाम तय किये हैं । चयन समिति में भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम एम सोमाया शामिल हैं । उन्नीस वर्ष की देशमुख विश्व कप जीतने वाली पहली खिलाड़ी है । शतरंज खिलाड़ी विदित गुजराती और तेजस्विन शंकर के नाम की भी अनुशंसा की गई है जिन्होंने एशियाई खेल 2023 में रजत पदक जीता था और इस साल एशियाई चैम्पियनशिप में भी दूसरे स्थान पर रहे । दो बार विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता राइफल निशानेबाज मेहुली घोष , जिम्नास्ट प्रणति नायक और भारत की नंबर एक महिला बैडमिंटन जोड़ी त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद के नाम की भी सिफारिश की गई है । इस सूची में कोई क्रिकेटर शामिल नहीं है । तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी यह पुरस्कार पाने वाले आखिरी क्रिकेटर थे जिन्हें 2023 में सम्मान मिला था । देश के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न के साथ प्रशस्ति पत्र, पदक और 25 लाख रूपये मिलते हैं जबकि अर्जुन पुरस्कार के साथ 15 लाख रूपये दिये जाते हैं । पिछले साल चार खिलाड़ियों विश्व चैम्पियन शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश, पुरूष हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और निशानेबाज मनु भाकर को खेल रत्न से नवाजा गया था । राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिये अनुशंसा :
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न : हार्दिक सिंह (हॉकी)
अर्जुन पुरस्कार : तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स), प्रियंका (एथलेटिक्स), नरेंदर (मुक्केबाजी), विदित गुजराती (शतरंज) , दिव्या देशमुख (शतरंज), धनुष श्रीकांत (बधिर निशानेबाजी), प्रणति नायक (जिम्नास्टिक), राजकुमार पाल (हॉकी), सुरजीत (कबड्डी), निर्मला भाटी (खोखो), रूद्रांक्ष खंडेलवाल (पैरा निशानेबाजी), एकता भयान (पैरा एथलेटिक्स), पद्मनाभ सिंह (पोलो), अरविंद सिंह(नौकायन), अखिल श्योराण (निशानेबाजी), मेहुली घोष (निशानेबाजी), सुतीर्था मुखर्जी (टेबल टेनिस), सोनम मलिक (कुश्ती), आरती (योग), त्रिसा जॉली (बैडमिंटन), गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन), लालरेम्सियामी (हॉकी), मोहम्मद अफजल (एथलेटिक्स) और पूजा (कबड्डी) -
रांची. भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और कप्तान साकिबुल गनी की अगुवाई में बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से बिहार ने विजय हजारे ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट के एक मैच में छह विकेट पर 574 रन बनाए, जो लिस्ट ए में एक पारी में सर्वाधिक स्कोर का नया विश्व रिकॉर्ड है। प्लेट ग्रुप के इस मैच में बिहार के बल्लेबाजों ने अरुणाचल प्रदेश के कमजोर गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गनी (40 गेंदों में 128 रन) ने महज 32 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक का नया रिकॉर्ड है। इससे पहले सूर्यवंशी ने 84 गेंद पर 190 रन बनाए जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल हैं। उन्होंने केवल 36 गेंद पर अपना शतक पूरा किया। विकेटकीपर आयुष लोहारुका ने भी 56 गेंदों में 116 रन बनाकर अपना योगदान दिया। बिहार ने अपनी पारी में 49 चौके और 38 छक्के लगाए। सूर्यवंशी, गनी और लोहारुका के शतकों की बदौलत बिहार ने तमिलनाडु के लिस्ट ए में सर्वाधिक स्कोर के पिछले रिकार्ड को तोड़ दिया। तमिलनाडु में नवंबर 2022 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ही दो विकेट पर 506 रन बनाए थे। लिस्ट ए में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड इससे पहले पंजाब के अनमोलप्रीत सिंह के नाम पर था, जिन्होंने 2024 में इसी टीम के खिलाफ 35 गेंदों में शतक बनाया था। सूर्यवंशी ने यह कारनामा यूएई में पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में मिली हार से केवल तीन दिन बाद किया। गनी ने 10 चौके और 12 छक्के, जबकि लोहारुका ने 11 चौके और आठ छक्के लगाए।
इस प्रारूप में सबसे तेज शतक का विश्व रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के जेक फ्रेजर मैकगर्क (29 गेंद) के नाम पर दर्ज है। उन्होंने 2023-24 के सत्र में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलते हुए तस्मानिया के खिलाफ यह रिकॉर्ड बनाया था। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (31 गेंद) के नाम पर है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहानिसबर्ग में यह कारनामा किया था। सूर्यवंशी के नाम अब सबसे कम उम्र में लिस्ट ए शतक लगाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
इस बीच विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने आगामी टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में वापसी का जश्न अहमदाबाद में एलीट ग्रुप ए के एक मैच में झारखंड की तरफ से कर्नाटक के खिलाफ 33 गेंदों में शतक लगाकर मनाया। किशन ने 39 गेंदों में सात चौकों और 14 छक्कों की मदद से 125 रन बनाए। उनकी इस पारी से झारखंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 412 रन बनाए। -
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा 22 वर्ष की उम्र से पहले सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाने वाली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। शेफाली ने अब तक अपने करियर में 92 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने 26.73 की औसत से 2,299 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 12 अर्धशतक निकले हैं।
इस सूची में वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 22 वर्ष की उम्र से पहले 10 अर्धशतक लगाए थे। आयरलैंड की गैबी लुईस भी 10 अर्धशतकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत की जेमिमा रोड्रिग्स सात अर्धशतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शेफाली वर्मा ने मात्र 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह श्रीलंका महिला टीम के खिलाफ किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा बनाया गया संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है।विशाखापत्तनम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 7 विकेट से हराया। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने 9 विकेट खोकर 128 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से हर्षिता समरविक्रमा ने सर्वाधिक 33 रन बनाए, जबकि कप्तान चामरी अथापथु ने 31 रन की पारी खेली। इसके अलावा हसिनी परेरा ने 22 रन टीम के खाते में जोड़े।भारत की ओर से वैष्णवी शर्मा और श्री चरणी ने 2-2 विकेट झटके, जबकि क्रांति गौड़ और स्नेह राणा को 1-1 सफलता मिली। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 11.5 ओवर में जीत हासिल कर ली। भारत की ओर से 21 वर्षीय शेफाली वर्मा ने 34 गेंदों में 69 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उन्होंने 1 छक्का और 11 चौके लगाए। जेमिमा रोड्रिग्स ने 26 रन का योगदान दिया।भारतीय महिला टीम ने पांच मैचों की इस सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का अगला मुकाबला 26 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। -
बेंगलुरु. स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा सहित कई शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों की उपस्थिति से बुधवार से शुरू होने वाले विजय हजारे एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट की चमक बढ़ गई है जिसमें इन दिग्गज खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा। विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने वाले स्टार खिलाड़ियों की कतार में ऋषभ पंत, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन कोहली और रोहित जितनी सुर्खियां किसी और को नहीं मिलतीं। कोहली और रोहित को इसलिए घरेलू टूर्नामेंट में खेलना पड़ रहा है क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी भारतीय क्रिकेटरों के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के कम से कम दो मैच में खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। कोहली 15 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेलेंगे। उनका और रोहित का इस टूर्नामेंट में खेलने का सीधा मतलब है कि यह दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में विकसित हो रहे शक्ति समीकरणों से अछूते नहीं हैं। यह दोनों खिलाड़ी अभी क्रिकेट जगत के स्टार हैं लेकिन क्रिकेट परिदृश्य में तेजी से बदलाव हो रहा है जिसका असर इन दोनों पर पड़ना लाजमी है। रोहित ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मुंबई की तरफ से सिक्किम और उत्तराखंड के खिलाफ जयपुर में 24 और 26 दिसंबर को होने वाले पहले दो मैच खेलेंगे। कोहली ने मुंबई में भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ के साथ अभ्यास किया। उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह दिल्ली के लिए कौन से दो या तीन मैच खेलेंगे। दिल्ली एलीट ग्रुप डी में बेंगलुरु में आंध्र के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। यह मैच बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) में खेला जाएगा क्योंकि कर्नाटक सरकार ने सुरक्षा कारणों से एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैचों के आयोजन को अनुमति नहीं दी। दिल्ली का अगला मुकाबला गुजरात से होगा। कोहली के मंगलवार रात बेंगलुरु पहुंचने के बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह स्टार बल्लेबाज इन दोनों मैच में खेलेगा। विजय हजारे ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन का अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों के लिए उनके चयन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कोहली और रोहित इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि उनका दायरा सिकुड़ता जा रहा है। वे जानते हैं कि युवा खिलाड़ी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। भारत की टी20 विश्व कप टीम से गिल को बाहर करना और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन को टीम में शामिल करना, इस बात का गंभीर संकेत है कि अगर कोहली और रोहित सहजता से रन नहीं बना पाते हैं तो उनके साथ क्या हो सकता है। रोहित और कोहली के अलावा कई अन्य सीनियर खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। इन खिलाड़ियों में पंत भी शामिल है जो टेस्ट क्रिकेट की टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं लेकिन सीमित ओवरों की टीम में जगह बनाने के लिए जूझ रहे हैं। पंत विजय हजारे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश करेंगे। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अगस्त 2024 के बाद से वनडे या टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व नहीं किया है। गिल आगामी टी20 विश्व कप के लिए नजरअंदाज किए जाने के बाद लय हासिल करने कोशिश करेंगे। दाएं हाथ का यह बल्लेबाज पंजाब के लिए खेलते हुए अपनी निराशा को दूर करने का प्रयास करेगा। गिल के लिए यह अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे श्रृंखला से पहले एक अच्छा अभ्यास होगा, जिसमें वह भारत की कप्तानी करेंगे। इस टूर्नामेंट में चयनकर्ताओं की निगाह तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी टिकी रहेगी। कुछ साल पहले मोहम्मद सिराज के रणजी ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के बाद से कोई भी अन्य तेज गेंदबाज ऐसा करने में सफल नहीं रहा है। भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाजों में प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और आकाश दीप के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव रहा है। इस संदर्भ में गुरजपनीत सिंह (तमिलनाडु), गुरनूर बरार (पंजाब), युद्धवीर सिंह (जम्मू कश्मीर), अनुज ठकराल (हरियाणा) और साकिब हुसैन (बिहार) आदि खिलाड़ियों में चयनकर्ताओं की विशेष रुचि होगी। मैच सुबह नौ बजे शुरू होंगे।
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नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा टी20 फॉर्मेट में दुनिया की नई नंबर वन गेंदबाज बन गई हैं।
दीप्ति शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। टॉप-10 में दीप्ति शर्मा एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड, जबकि तीसरे स्थान पर पाकिस्तान की सादिया इकबाल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है। चौथे स्थान पर इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टन और पांचवें स्थान पर इंग्लैंड की ही लॉरेन बेल काबिज हैं। छठे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका की एन मलाबा, सातवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया वॉरहैम, आठवें स्थान पर इंग्लैंड की चार्ली डीन, नौवें स्थान पर वेस्टइंडीज की अफी फ्लेचर और दसवें स्थान पर पाकिस्तान की नशरा संधु हैं।महिलाओं की नई वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट एक बार फिर भारत की स्मृति मंधाना को पछाड़ते हुए नंबर वन स्थान पर पहुंच गई हैं। वोल्वार्ड्ट को एक स्थान का फायदा हुआ है, जबकि मंधाना दूसरे स्थान पर खिसक गई हैं और उन्हें एक स्थान का नुकसान हुआ है।तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की एश्ले गार्डनर, चौथे स्थान पर इंग्लैंड की नैट सिवर-ब्रंट, पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी, छठे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली, सातवें स्थान पर न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन, आठवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी, नौवें स्थान पर वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज और दसवें स्थान पर भारत की जेमिमा रोड्रिग्स हैं। महिलाओं की वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में केवल मंधाना और वोल्वार्ड्ट की रैंकिंग में बदलाव देखने को मिला है।महिलाओं की टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी शीर्ष पर बनी हुई हैं। वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत की स्मृति मंधाना तीसरे स्थान पर कायम हैं। ऑस्ट्रेलिया की ताहलिया मैकग्राथ चौथे, दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट पांचवें, श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू छठे, दक्षिण अफ्रीका की तज़मिन ब्रिट्स सातवें, न्यूजीलैंड की सूज़ी बेट्स आठवें और भारत की जेमिमा रोड्रिग्स नौवें स्थान पर हैं। रोड्रिग्स को पांच स्थान का फायदा हुआ है। भारत की शेफाली वर्मा दसवें स्थान पर हैं और उन्हें एक स्थान का नुकसान हुआ है। - भोपाल. नौसेना के किरण अंकुश जाधव ने सोमवार को यहां 68वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में ओलंपियन अर्जुन बबूता की पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। जाधव ने 252.1 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि बबूता ने 251.4 अंक के साथ रजत पदक जीता। 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 229.8 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। अर्जुन के रेलवे की टीम के साथी शाहू तुषार माने 209.3 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। हिमांशु (181.1), रामायण तोमर (166.7), ओंकार विकास वाघमारे (145.4) और प्रदीप सिंह (123.3) ने भी फाइनल में जगह बनाई। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल जूनियर फाइनल में गुजरात के मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 254.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। पश्चिम बंगाल के अभिनव साव ने 251.6 अंक के साथ रजत पदक जीता जबकि ओंकार विकास वाघमारे ने 230.1 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
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दुबई/ समीर मिन्हास की तूफानी बल्लेबाजी के बाद तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से पाकिस्तान ने रविवार को यहां अंडर-19 वनडे एशिया कप के एकतरफा फाइनल में भारत को 191 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी। पाकिस्तान ने इस तरह अपना दूसरा अंडर-19 एशिया कप खिताब जीता। पिछले कुछ समय से चले आ रहे रिवाज को आगे बढ़ते हुए दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैच के बाद एक-दूसरे का अभिवादन (हाथ मिलाने) करने से परहेज किया। मिन्हास की 113 गेंद में 17 चौके और नौ छक्के की मदद से बनाये 172 रन के बूते पाकिस्तान ने आठ विकेट पर 347 रन का स्कोर खड़ा करने के बाद भारत को 26.2 ओवर में 156 रन पर आउट कर दिया। अली रजा (42 रन पर चार विकेट), मोहम्मद सय्याम (38 रन पर दो विकेट) और अब्दुल सुभान (29 रन पर दो विकेट) की पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों तिकड़ी ने आठ विकेट साझा कर भारत के बल्लेबाजों को क्रीज पर समय बिताने का मौका नहीं दिया। भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने कहा कि उनकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन खिताबी मुकाबले में टीम को खराब गेंदबाजी का खामियाजा उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, “हमने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन गेंदबाजी में कुछ अनियमितताएं थीं। हमारी योजना पूरे 50 ओवर खेलने की थी। टीम के खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया।'' पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने कहा कि लीग चरण में भारत से हार के बावजूद टीम के हौसले बुलंद थे।
यूसुफ ने कहा, “हम सामूहिक प्रदर्शन से बहुत खुश हैं। हम भारत के खिलाफ पहला मैच हार गए थे, लेकिन हमारे प्रबंधन ने हमसे अच्छी बातचीत की और हम फाइनल मुकाबले को जीतने में कामयाब रहे। मिन्हास को ‘प्लेयर ऑफ द मैच' और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया।
उन्होंने कहा, “यह एक अच्छी पारी थी। मेरे मन में बड़ा स्कोर बनाने का इरादा था और मैं अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहता था। पिच को देखते हुए हम पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे। यह मेरे लिए बहुत यादगार है।” म्हात्रे (दो) के जल्दी आउट होने के बावजूद भारत की पारी की शुरुआत धमाकेदार रही। वैभव सूर्यवंशी (16) ने रजा की गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर पहले ओवर में 21 रन बनाए। आरोन जॉर्ज (16) ने भी अच्छी शुरुआत की और चौथे ओवर में सय्याम की गेंदों पर लगातार तीन चौके लगाये जिससे टीम चार ओवर के अंदर ही 49 रन तक पहुंच गयी। मैच का रूख चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर जॉर्ज के आउट होते ही बदल गया। सय्याम की शॉट गेंद पर जॉर्ज ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में लहराकर मोहम्मद शयान के हाथों में चली गई। पांचवें ओवर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी के आउट होने से भारत को बड़ा झटका लगा। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने रजा की गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन अतिरिक्त उछाल के कारण गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर जहूर हमजा के दस्तानों में जा गिरी। रजा और पाकिस्तान के क्षेत्ररक्षकों ने इस विकेट का जमकर जश्न मनाया। इस दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ियों और सूर्यवंशी के बीच कुछ कहा-सुनी भी हुई लेकिन वह निराश मन से मैदान से बाहर चले गये। भारत का स्कोर दो गेंदों के अंतराल में एक विकेट पर 49 रन से तीन विकेट पर 49 रन हो गया।
भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआती झटकों के बावजूद गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलने हुए विकेट गंवाना जारी रखा। वेदांत त्रिवेदी (नौ) और कनिष्क चौहान (सात) भी शॉर्ट गेंद पर चलते बने और अभिज्ञान कुंडू (13) के आउट होते ही भारत की उम्मीद खत्म हो गई। टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ने वाले कुंडू 12 रन मिले जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे और अपर कट शॉट पर थर्ड मैच के करीब खड़े रहे निकब शफीक को कैच दे बैठे। दसवें नंबर के बल्लेबाज दीपेश देवेंद्रन ने 36 रन की पारी के साथ हार के अंतर को 200 रन से कम किया। इससे पहले टीम के लिए टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक मिन्हास ने टूर्नामेंट में दूसरा शतक जड़ा। पाकिस्तान की टीम इसी मैदान पर भारत से ग्रुप मैच में 90 रन से हार गई थी। भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। पिछले चरण के चैंपियन बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में आठ विकेट से शानदार जीत के बाद फाइनल में पहुंची पाकिस्तान ने भारतीय गेंदबाजों को हावी नहीं होने दिया। पाकिस्तान के टी20 खिलाड़ी अराफात मिन्हास के छोटे भाई समीर ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में नाबाद अर्धशतक बनाकर अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने हर गेंदबाज पर हमला किया, खासकर नई गेंद के गेंदबाज किशन सिंह और देवेंद्रन के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रहे। मिन्हास की पारी में 17 चौके और नौ छक्के शामिल रहे। उन्होंने 29वें ओवर में देवेंद्रन की गेंद पर चौका लगाकर 71 गेंद में अपना शतक पूरा किया। यह इस टूर्नामेंट में मिन्हास का दूसरा शतक था। उन्होंने पहले ग्रुप मैच में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 177 रन बनाए थे। उन्नीस साल का यह खिलाड़ी दोहरा शतक बनाने के करीब था जिससे वह भारत के अभिज्ञान कुंडू और दक्षिण अफ्रीका के जोरिच वैन शाल्कविक जैसे खिलाड़ियों के साथ 200 से ज्यादा रन बनाने वाले एलीट क्लब में शामिल हो सकता था। लेकिन यह बल्लेबाज देवेंद्रन (83 रन देकर तीन विकेट) की धीमी गेंद पर चकमा खा गया और मिड-ऑन पर कैच आउट हो गया। भारतीय तेज गेंदबाज देवेंद्रन ने इस तरह मैच में अपना पहला विकेट लिया लेकिन इससे पहले पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज ने उनके खिलाफ खूब रन बटोरे। 28वें ओवर में मिन्हास ने बड़ा छक्का लगाया जिसमें उनकी क्लास साफ झलक रही थी। उन्होंने अपने पैरों का इस्तेमाल करके आयुष म्हात्रे की गेंद को हवा में ऊंचा उठाकर डीप मिड-विकेट पर पहुंचाया। हमजा जहूर (18) के आसान कैच देकर जल्दी आउट होने के बाद पाकिस्तान ने बिना किसी दिक्कत के रन जुटाना जारी रखा। जहूर के आउट होने के बाद उस्मान खान (35) क्रीज पर उतरे और मिन्हास के साथ मिलकर 92 रन की भागीदारी करके स्कोर 123 रन तक पहुचाया। टूर्नामेंट में एक शतक और एक अर्धशतक जड़कर अच्छी फॉर्म में चल रहे बाएं हाथ के अहमद हुसैन ने 56 रन की पारी खेली। पर बाएं हाथ के स्पिनर खिलन पटेल (44 रन देकर दो विकेट) ने मध्यक्रम के इस बल्लेबाज को स्वीप शॉट खेलने के लिए उकसाया जिससे वह मिड-विकेट पर कैच आउट हो गए। उनके और मिन्हास के बीच 137 रन की भागीदारी ने पाकिस्तान को बड़े स्कोर तक पहुंचने में अहम भूमिका अदा की। भारत ने 1989 में शुरू हुए टूर्नामेंट में रिकॉर्ड आठ बार यह खिताब जीता है। भारत 2012 में पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता रहा था क्योंकि तब मैच टाई हो गया था। -
लंदन. एर्लिंग हॉलैंड ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दो गोल करके इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया जिससे मैनचेस्टर सिटी ने आसान जीत दर्ज करके अपनी जीत का सिलसिला पांच मैच तक पहुंचा दिया। मैनचेस्टर सिटी को इस जीत तीन अंक मिले, लेकिन यह आर्सेनल को क्रिसमस के दिन प्रीमियर लीग में शीर्ष पर रहने से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था। आर्सेनल ने विक्टर ग्योकेरेस के पहले हाफ में पेनल्टी पर किए गोल की बदौलत एवर्टन पर 1-0 की जीत हासिल की जिससे यह सुनिश्चित हो गया कि आर्सेनल 25 दिसंबर को प्रीमियर लीग में पांचवीं बार पहले स्थान पर रहेगा। इससे पहले जब चार अवसरों पर आर्सेनल क्रिसमस तक शीर्ष पर रहा था तब वह खिताब नहीं जीत पाया था। आर्सेनल के बाद मैनचेस्टर सिटी दूसरे स्थान पर है। वह आर्सेनल से केवल दो अंक पीछे है। उसने वेस्ट हैम को 3-0 से हराया। हॉलैंड ने दोनों हाफ में एक-एक गोल करके इस सत्र में 17 मैचों में 19 गोल कर लिए हैं। इस तरह से उन्होंने प्रीमियर लीग में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया। हॉलैंड ने इस सत्र में सिटी और नॉर्वे के लिए कुल 28 मैचों में 38 गोल किए हैं। हॉलैंड के प्रीमियर लीग में 104 गोल हो गए, जो रोनाल्डो से एक अधिक है। लिवरपूल ने नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही टॉटेनहम की टीम को 2-1 से हराया जबकि चेल्सी ने दो गोल से पिछड़ने के बाद न्यूकैसल के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला।

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