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- नयी दिल्ली। वाहन विनिर्माता कंपनी किआ 14 जनवरी से अपनी आगामी कार कैरेंस की बुकिंग शुरू करेगी। कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। किआ ने एक बयान में कहा कि कैरेंस पांच अलग-अलग मॉडलों में पेश की जायेगी। इसमें प्रीमियम, प्रेस्टीज, प्रेस्टीज प्लस, लक्जरी और लक्जरी प्लस शामिल हैं। इन मॉडलों में छह और सात सीटों के साथ अलग-अलग प्रकार के पावरट्रेन इंजन का विकल्प दिया जाएगा। कंपनी के अनुसार किआ कैरेंस के सभी मॉडल सुरक्षा पैकेज के साथ आएंगे। ग्राहकों के पास 1,500 सीसी पेट्रोल, 1,400 सीसी पेट्रोल और 1,500 सीसी डीजल इंजन वाले मॉडल खरीदने का विकल्प होगा।
- नयी दिल्ली। बीते साल अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश में बड़े ग्राहकों के लिये सीधे आपूर्तिकर्ता से बिजली खरीद की सुविधा (ओपन एक्सेस) से संबंधित 307 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गयी। यह 2020 की इसी अवधि में इस श्रेणी में स्थापित क्षमता के मुकाबले 85 प्रतिशत अधिक है। नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में जानकारी देने वाली शोध कंपनी मेरकॉम इंडिया रिसर्च ने एक रिपोर्ट में यह कहा है। वर्ष 2020 इसी अवधि में 166 मेगावॉट की क्षमता स्थापित हुई थी।मेरकॉम इंडिया की ‘इंडिया सोलर ओपन एक्सेस मार्केट रिपोर्ट' शीर्षक से जारी अध्ययन में कहा गया है कि 2021 में अप्रैल-दिसंबर के दौरान ‘ओपन एक्सेस' श्रेणी में 935 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गयी। यह वर्ष, 2020 की इसी अवधि में इस श्रेणी में स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 385 मेगावॉट के मुकाबले 143 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार ‘ओपन एक्सेस' के अंतर्गत करीब 1,100 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरण में हैं। इसके अंतर्गत बाजार का दायरा बढ़ा है और दो नये बाजार उत्तराखंड और पंजाब इसमें शामिल हुए हैं। उत्तर प्रदेश में आलोच्य तिमाही में सर्वाधिक 35 प्रतिशत क्षमता स्थापित की गयी। रिपोर्ट के मुताबिक, आलोच्य तिमाही में महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक की हिस्सेदारी क्रमश: 11 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और सात प्रतिशत रही। मेरकॉम इंडिया रिसर्च ने कहा, ‘‘वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट को देखते हुए वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों ने अन्य स्रोतों से विद्युत खरीदने के विकल्प को तरजीह दी।'' रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘कई राज्यों में बिजली कटौती हुई। ऐसे में ‘ओपन एक्सेस' सौर परियोजनाएं कम लागत और हरित बिजली की वजह से एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरीं।'' सितंबर, 2021 की स्थिति के अनुसार, देश में संचयी रूप से ‘ओपन एक्सेस' श्रेणी में स्थापित सौर क्षमता 4,800 मेगावॉट थी।
- नयी दिल्ली।औषधि निर्माता डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज भारत में कोविड-19 के इलाज के लिए मॉलफ्लू (मॉलनुपिरेविर) दवा को 35 रुपये प्रति कैप्सूल के दाम पर उतारेगी। हैदराबाद स्थित कंपनी ने मंगलवार को कहा कि मॉलफ्लू का एक पत्ता 10 कैप्सूल का होगा। पांच दिन में 40 कैप्सूल के पूरे ‘कोर्स' पर 1,400 रुपये की लागत बैठेगी। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह कोविड-19 के मरीजों के लिए इलाज का सबसे सस्ता विकल्प होगा। कंपनी ने कहा है कि मॉलफ्लू अगले सप्ताह की शुरुआत से देश भर के बाजारों में उपलब्ध होगी। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा मुख्य ध्यान उन राज्यों पर है जहां संक्रमण की दर तेज है।'' डॉ. रेड्डीज ने पिछले साल भारत के लिए मॉलनुपिरेविर के विनिर्माण और आपूर्ति के लिए मर्क शार्प डोहमे (एमएसडी) के साथ गैर-विशिष्ट स्वैच्छिक लाइसेंसिंग करार किया था। इसके तहत निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले करीब 100 देशों में इस दवा की आपूर्ति की जाएगी।
- नई दिल्ली। देश की टेलीकॉम कंपनियों ने बीते साल नवंबर में अपने प्रीपेड प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। प्रीपेड प्लान की कीमत में बढ़ोतरी नवंबर में हुई थी और दिसंबर में लागू हुई। इसके अलावा इन तीनों कंपनियों ने कई रिचार्ज प्लान को रिवाइज्ड भी किया था और इसके साथ-साथ कई नए प्रीपेड प्लान भी पेश किए थे। आज हम आपको रिलायंस जियो के प्रीपेड प्लान के बारे में बता रहे हैं।रिलायंस जियो ने बीते साल दिसंबर में कई प्रीपेड प्लान को पेश किया और मौजूदा प्लान की कीमतों में बदलाव भी किए थे।-रिलायंस जियो का 155 रुपये वाला प्रीपेड प्लान - रिलायंस जियो के 155 रुपये वाले प्लान में 28 दिनों की वैधता मिलती है। इस प्लान में 2 जीबी हाई स्पीड डाटा मिलता है। इस प्लान में कुल 300 एसएमएस मिलते है और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है।रिलायंस जियो का 179 रुपये का प्रीपेड प्लान: रिलायंस जियो के 179 रुपये के प्रीपेड प्लान में डेली 1 जीबी हाई स्पीड डाटा दिया जाता है। वैधता की बात करें तो इस प्लान में 28 दिनों की वैधता दी जाती है। वॉयस कॉलिंग के लिए इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग दी जाती है। इस प्लान में डेली 100 एसएमएस भी दिए जाते हैं।रिलायंस जियो का 239 रुपये वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान: रिलायंस जियो के 239 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में 28 दिनों की वैधता के साथ रोजाना 1.5 जीबी हाई स्पीड डाटा दिया जाता है। इस प्लान में 100 एसएमएस और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है।रिलायंस जियो का 299 रुपये का प्रीपेड रिचार्ज प्लान: रिलायंस जियो के 299 रुपये के रिचार्ज प्लान में 28 दिनों की वैधता, रोजाना 2 जीबी डाटा, 100 एसएमएस और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है।रिलायंस जियो का 479 रुपये वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान: रिलायंस जियो के 479 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में 56 दिनों की वैधता समेत रोजाना 1.5 जीबी हाई स्पीड डाटा, 100 एसएमएस और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग दी जाती है।जियो का 533 रुपये का प्रीपेड रिचार्ज प्लान- जियो के 533 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में 56 दिनों की वैधता दी जाती है। इस प्लान में रोजाना 2 जीबी डाटा मिलता है। इस प्लान में रोजाना 100 एसएमएस मिलते हैं। वॉयस कॉलिंग के लिए अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है।रिलायंस जियो का 395 रुपये वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान: रिलायंस जियो का 396 रुपये वाला रिचार्ज प्लान 84 दिनों की वैधता के साथ आता है। इस प्लान में 6 जीबी हाई स्पीड डाटा दिया जाता है। इसके अलावा इस प्लान में 1000 एसएमएस और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग दी जाती है।जियो का 666 रुपये वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान: जियो के 666 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में 84 दिनों की वैधता मिलती है। इस प्लान में रोजाना 1.5 जीबी हाई स्पीड डाटा मिलता है। इस प्लान में रोजाना 100 एसएमएस और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है।रिलायंस जियो का 719 रुपये का प्रीपेड रिचार्ज प्लान: रिलायंस जियो के 719 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में 84 दिनों की वैधता दी जाती है। इस प्लान में डेली 2 जीबी हाई स्पीड डाटा दिया जाता है। इस प्लान में 100 एसएमएस और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है।जियो का 1559 रुपये वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान: जियो के 1559 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में कुल 24 जीबी हाई स्पीड डाटा दिया जाता है। एसएमएस की बात करें तो इस प्लान में 3,600 एसएमएस दिए जाते हैं। वॉयस कॉलिंग के लिए इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है। वैधता की बात करें तो यह प्लान वार्षिक वैधता के साथ आता है।रिलायंस जियो का 2879 रुपये वाला प्रीपेड रिचार्ज प्लान: रिलायंस जियो के 2,879 रुपये वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान में 2 जीबी रोजाना डाटा मिलता है। इस प्लान में प्रतिदिन 100 एसएमएस मिलते हैं। वॉयस कॉलिंग के लिए इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग मिलती है। वैधता के लिए यह प्लान 365 दिनों तक चलता है।
- नयी दिल्ली। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 के इलाज से जुड़े खर्चों को कवर करने वाली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ओमीक्रोन से होने वाले संक्रमण के इलाज को भी कवर करेंगी। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘सामान्य एवं स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की सभी कंपनियों की तरफ से जारी वे सभी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां जो कोविड-19 के इलाज से जुड़े खर्चों को कवर करती हैं, वे कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन से संक्रमित हुए लोगों के इलाज का खर्च भी कवर करेंगी।'' बीमा नियामक ने देश में तेजी से बढ़ रहे ओमीक्रोन मामलों को देखते हुए सामान्य एवं स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे अपने सभी नेटवर्क प्रदाताओं और अस्पतालों के साथ सामंजस्य की एक असरदार व्यवस्था बनाएं। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में पॉलिसीधारक के लिए कैशलेस (नकदीरहित) भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। इरडा ने अप्रैल, 2020 में भी कोविड की पहली लहर के दौरान अस्पतालों में इलाज का खर्च उठाने वाली सभी बीमा कंपनियों को कोविड-19 के इलाज से जुड़े खर्च उठाने को कहा था। पिछले कुछ दिनों से न सिर्फ देशभर में कोविड-19 संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं बल्कि इनमें ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। एक महीने में ही ओमीक्रोन संक्रमण के 1,700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इनमें महाराष्ट्र 510 मामलों के साथ सबसे आगे है जबकि दिल्ली (351), केरल (156), गुजरात (136), तमिलनाडु (121) और राजस्थान (120) में भी इसका संक्रमण बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण की संख्या बढ़ने के साथ ही कुल सक्रिय मामले बढ़कर 1.45 लाख से अधिक हो गए हैं।
- नयी दिल्ली। क्रिप्टो सुपर ऐप क्रिप्टोवायर ने देश का पहला क्रिप्टोकरेंसी सूचकांक आईसी15 जारी करने की घोषणा की है। क्रिप्टोवायर ने एक बयान में कहा कि सूचकांक दुनिया के प्रमुख क्रिप्टो बाजारों (एक्सचेंज) पर सूचीबद्ध व्यापक रूप से कारोबार वाली शीर्ष 15 क्रिप्टोकरेंसी के प्रदर्शन पर नजर रखेगा और उसे मापेगा। यह सूचकांक 80 प्रतिशत से अधिक बाजार गतिविधियों पर गौर करेगा। इस प्रकार, मौलिक रूप से यह संबंधित बाजार की वास्तविक स्थिति को सामने लाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी। पिछले कुछ साल साल से क्रिप्टोकरेंसी एक संपत्ति वर्ग के रूप में उभरा है। इसकी स्वीकार्यता बढ़ने के साथ लोगों की इसमें रुचि बढ़ रही है। बयान के अनुसार, क्रिप्टोवायर की सूचकांक संचालन समिति हर तिमाही में इसे पुनर्संतुलित करेगी, उस पर नजर रखेगी और उसे क्रियान्वित करेगी। समिति में क्षेत्र के विशेषज्ञ, उद्योग से जुड़े लोग और शिक्षाविद शामिल हैं। सूचकांक का आधार मूल्य 10,000 तय किया गया है तथा आधार तिथि एक अप्रैल, 2018 है। सूचकांक आईसी15 में बिटकॉइन, एथेरियम, एक्सआरपी, लाइटकॉइन, बिनांस कॉइन, सोलाना, टेरा और चेनलिंक जैसी क्रिप्टोकरेंसी शामिल हैं।
- नयी दिल्ली।खुदरा श्रृंखला डी-मार्ट का परिचालन करने वाली एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड की आय चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर 21.96 प्रतिशत बढ़कर 9,065.02 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने शनिवार को शेयर बाजार को भेजी जानकारी में बताया कि इससे पिछली अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 7,432.69 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा, ‘‘31 दिसंबर 2021 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में परिचालन आय एकल आधार पर बढ़कर 9,065.02 करोड़ रुपये हो गई।'' वही इस दौरान कंपनी के स्टोर भी बढ़कर 263 हो गए जो चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही की तुलना में 17 अधिक है। राधाकिशन दमानी और उनके परिवार के समर्थन वाली कंपनी डीमार्ट महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, एनसीआर, तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान समेत अन्य बाजारों में बुनियादी घरेलू और व्यक्तिगत उत्पादों की खुदरा बिक्री करती है।
- मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में वर्ष 2022 की शुरुआत जोरदार रही। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स ने सोमवार को 900 अंक से अधिक की छलांग के साथ 59,000 अंक के स्तर को फिर हासिल कर लिया। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान बढ़त के साथ 59,266.39 अंक तक चला गया था। अंत में यह 929.40 अंक यानी 1.60 प्रतिशत मजबूत होकर 59,183.22 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 271.65 अंक यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,625.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं। इनमें 3.50 प्रतिशत तक की तेजी रही। दूसरी तरफ डॉ. रेड्डीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा और नेस्ले के शेयरों में नुकसान रहा। वर्ष 2021 के अंतिम दिन शुक्रवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 459.50 अंक यानी 0.80 प्रतिशत की तेजी के साथ 58,253.82 और एनएसई निफ्टी 150.10 अंक यानी 0.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,354.05 अंक पर बंद हुआ था। सालाना आधार पर सेंसेक्स 2021 में 21.99 प्रतिशत यानी 10,502.49 अंक और निफ्टी 24.11 प्रतिशत यानी 3,372.3 अंक मजबूत हुआ है। एशिया के अन्य बाजारों में 2022 के पहले दिन मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग के हैंगसंग में गिरावट रही जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा। जापान और चीन के बाजार बंद थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.49 प्रतिशत बढ़कर 78.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 575.39 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
- नयी दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच विमान ईंधन (एटीएफ) के दाम 2.75 प्रतिशत बढ़ाए गए हैं। हालांकि, वाणिज्यिक इस्तेमाल वाले गैस सिलेंडर (एलपीजी) की कीमतों में 102.5 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की गई है। अक्टूबर, 2021 के बाद एलपीजी के दाम पहली बार घटे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में एटीएफ का दाम 2,039.63 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़ाकर 76,062.04 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया है। इससे पहले दिसंबर में विमान ईंधन कीमतों में दो बार कटौती की गई थी। नवंबर के दूसरे पखवाड़े और दिसंबर मध्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कीमतों में गिरावट की वजह से एटीएफ के दाम कम हुए थे। उसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम चढ़े हैं।नवंबर मध्य में एटीएफ की कीमत 80,835.04 रुपये प्रति किलोलीटर के उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। उसके बाद एक और 15 दिसंबर को एटीएफ कीमतों में कुल मिलाकर 6,812.25 रुपये प्रति किलोलीटर या 8.4 प्रतिशत की कटौती की गई थी। विमान ईंधन कीमतों में हर महीने की एक और 16 तारीख को संशोधन किया जाता है। वहीं वाणिज्यिक इस्तेमाल वाले गैस सिलेंडर के दाम में हर महीने की पहली तारीख को संशोधन होता है। वाणिज्यिक इस्तेमाल वाले 19 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 102.5 रुपये की कटौती की गई है। इन सिलेंडरों का इस्तेमाल होटलों और रेस्तरांओं द्वारा किया जाता है। यह एलपीजी कीमतों में छह अक्टूबर, 2021 के बाद पहली कटौती है। एक दिसंबर को वाणिज्यिक इस्तेमाल वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम 1,734 रुपये से बढ़कर 2,101 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गया था। हालांकि, रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसे 899.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर कायम रखा गया है। रसोई गैस सिलेंडर के दाम में छह अक्टूबर से कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, उससे पहले जुलाई, 2021 से लगभग हर महीने इसकी कीमतों में 100 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हो रही थी। वाहन ईंधन... पेट्रोल और डीजल के दाम में भी पिछले दो माह से कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 95.41 रुपये और डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा दक्षता सेवा लि. (ईईएसएल) और राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष (एनआईआईएफ) की संयुक्त उद्यम कंपनी इंटेलिस्मार्ट की नजर कई राज्यों में नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की परियोजनाओं पर है, जहां निविदा प्रक्रिया अग्रिम चरण में है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अनिल रावल ने यह जानकारी दी। गुरुग्राम की कंपनी इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को नवंबर, 2021 में असम सरकार से राज्य के नौ सर्किलों में लगभग 6.2 लाख स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 500 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। रावल, जो कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भी हैं, ने बताया कि कई राज्य सरकारों और बिजली वितरण कंपनियों ने बोलियां आमंत्रित की हैं। उन्होंने कहा कि इस समय विभिन्न राज्यों में 3.5 करोड़ से अधिक मीटर लगाने के लिए बोलियां चल रही हैं। उत्तर प्रदेश में लगभग 2.7 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं, जो सभी राज्यों में सबसे ज्यादा है। बिहार में 36 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 22.81 लाख मीटर, असम में 20.71 लाख मीटर, पंजाब में 10.07 लाख मीटर, महाराष्ट्र में 10 लाख मीटर, पुडुचेरी में 4.06 लाख मीटर और आंध्र प्रदेश में 2.22 लाख मीटर लगाने के लिए बोलियां मांगी गई हैं। रावल ने कहा, ‘‘बोली जमा करने की तारीख जनवरी के मध्य से है और हम अपने भागीदारों और आपूर्तिकर्ताओं की मदद से इन परियोजनाओं में भाग लेने के इच्छुक हैं।'' रावल ने कहा कि स्मार्ट मीटर वितरण कंपनियों को घाटे संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में मदद करते हैं, और सरकार ने देशभर में 2023 तक 10 करोड़ और 2025 तक 25 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है।
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नयी दिल्ली। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि वह विदेशी मुद्रा आधारित बॉन्डों के जरिए पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक जुटाएगी और मौजूदा उधारी चुकाने के लिए उसका इस्तेमाल करेगी। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि उसके बोर्ड की वित्त समिति ने शनिवार को अपनी बैठक में नियमित अंतराल में एक या अधिक किश्तों में वरिष्ठ असुरक्षित अमेरिकी डॉलर वाले निश्चित दर के पत्र जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसकी कुल राशि पांच अरब डॉलर होगी। कंपनी ने कहा कि इन पत्रों को जारी करने से मिली आय का इस्तेमाल मुख्य रूप से मौजूदा उधारी को चुकाने के लिए किया जाएगा। यह बॉन्ड बिक्री किसी भारतीय कंपनी द्वारा इस तरह की सबसे बड़ी उधारी होगी।
आरआईएल ने बॉन्ड के समय या कीमत के बारे में ब्योरा नहीं दिया, हालांकि अनुमान है कि 10 साल अवधि के कर्ज की पेशकश अमेरिकी ट्रेजरी मानक पर लगभग 110 से 130 आधार अंक पर, और 30 साल के कर्ज की पेशकश 130 से 140 आधार अंकों पर हो सकती है। - नयी दिल्ली। एमजी मोटर इंडिया की खुदरा बिक्री बीते साल 2021 में 43 प्रतिशत बढ़कर 40,273 इकाई पर पहुंच गई। 2020 में कंपनी ने 28,162 वाहन बेचे थे। बीते साल कंपनी की बिक्री में मुख्य योगदान हेक्टर एसयूवी का रहा। इस दौरान कंपनी ने हेक्टर एसयूवी की 31,509 इकाइयां बेचीं। इसके अलावा साल के दौरान कंपनी ने ग्लॉस्टर एसयूवी की 3,823, जेएस ईवी की 2,798 और एस्टर एसयूवी की 2,143 इकाइयां बेचीं। एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजीव छाबा ने शनिवार को बयान में कहा कि बीता साल पूरे वाहन उद्योग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। छाबा ने कहा कि 2022 की पहली छमाही में भी यह अनिश्चित स्थिति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि महामारी के नए स्वरूप ओमीक्रोन, वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की कमी तथा सामग्री की लागत बढ़ने की वजह से मुद्रास्फीति का जोखिम वाहन उद्योग के लिए चुनौती रहेगा।
- नयी दिल्ली। निसान मोटर इंडिया की दिसंबर, 2021 में घरेलू बाजार में बिक्री दोगुना बढ़कर 3,010 इकाई पर पहुंच गई। कंपनी भारतीय बाजार में दो ब्रांड निसान और डैटसन बेचती है। पिछले साल समान महीने में कंपनी ने घरेलू बाजार में 1,159 वाहन बेचे थे।निसान मोटर इंडिया ने शनिवार को बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह अप्रैल-दिसंबर, 2021 में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 27,965 इकाई रही, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 6,609 इकाई रही थी। निसान मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक राकेश श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘निसान ने कोविड-19 की चुनौती और सेमीकंडक्टर की कमी के बावजूद कुल मिलाकर 323 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
- नयी दिल्ली। हुंदै मोटर इंडिया को उम्मीद है कि 2022 में भी बिक्री में तेजी का दौर बना रहेगा और सेमीकंडक्टर की उपलब्धता में सुधार जैसे सकारात्मक कारकों से कारोबार को समर्थन मिलेगा। देश की दूसरी सबसे बड़ी यात्री वाहन विनिर्माता ने बताया कि 2020 की तुलना में बीते साल उसकी कुल थोक बिक्री में दो अंक की वृद्धि हुई। हुंदै मोटर इंडिया के निदेशक (बिक्री, विपणन एवं सर्विस) तरुण गर्ग ने बताया, ‘‘हम 2022 में सतर्क आशावाद के साथ प्रवेश कर रहे हैं। आने वाले वक्त में नकारात्मक बातों के मुकाबले सकारात्मक बातें अधिक हैं और हमें बेहतर साल की उम्मीद है। साथ ही हम नए उत्पाद पेश कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि हालांकि ओमीक्रोन की चुनौतियां भी हैं। गर्ग कहा कि सीएनजी ट्रिम्स की बिक्री भी सालाना आधार पर बढ़ती जा रही है।बीते साल कंपनी की कुल बिक्री 21.6 प्रतिशत बढ़कर 6,35,413 इकाई पर पहुंच गई, जो 2020 में 5,22,542 इकाई रही थी। बीते साल घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री 19.2 प्रतिशत बढ़कर 5,05,033 इकाई रही, जो 2020 में 4,23,642 इकाई रही थी। इसी तरह 2021 में कंपनी का निर्यात बढ़कर 1,30,380 इकाई पर पहुंच गया, जो 2020 में 98,900 वाहन रहा था। हालांकि, दिसंबर, 2021 में कंपनी की वाहन बिक्री 26.6 प्रतिशत घटकर 48,933 इकाई रह गई, जो दिसंबर, 2020 में 66,750 इकाई रही थी।
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मुंबई। भारत में विदेशी-स्वामित्व वाली परिसंपत्तियां सितंबर तिमाही में 37.3 अरब डॉलर तक बढ़ गईं जबकि भारतीय नागरिकों की विदेशी परिसंपत्तियों में 31.9 अरब डॉलर की ही बढ़त हुई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को भारत की अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति (आईआईपी) के बारे में जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही में देनदारियां 1,258.9 अरब डॉलर रहीं जबकि अप्रैल-जून तिमाही में यह 1,221.6 अरब डॉलर थी। सितंबर 2021 के अंत में परिसंपत्तियां 927.1 अरब डॉलर रहीं जो जून तिमाही के 895.2 अरब डॉलर से अधिक है। आरबीआई ने कहा, "भारत में विदेशी स्वामित्व वाली परिसंपत्तियां 37.3 अरब डॉलर बढ़ गईं। इसकी तुलना में भारतीय निवासियों की विदेशी वित्तीय परिसंपत्तियां 31.9 अरब डॉलर ही बढ़ीं। इसका करीब तीन-चौथाई हिस्सा आरक्षित परिसंपत्तियों में आया।" आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में अनिवासियों का भारत पर शुद्ध दावा 5.4 अरब डॉलर बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय देनदारियों के अनुपात में अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियां क्रमिक रूप से सुधार की राह पर हैं। जुलाई-सितंबर 2021 में यह अनुपात 73.6 फीसदी था जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 70.4 फीसदी रहा था। - नयी दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नीति-निर्धारक संस्था जीएसटी परिषद ने कई राज्यों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए कपड़ा उत्पादों पर शुल्क की दर को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के फैसले को टाल दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई जीएसटी परिषद की 46वीं बैठक में कपड़ा उत्पादों पर दर में वृद्धि को एक जनवरी 2022 से लागू नहीं करने का फैसला किया गया। सितंबर में इसे पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया था। सीतारमण ने परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कपड़ा उत्पादों पर शुल्क वृद्धि के फैसले को टालने का निर्णय लिया गया है। कपड़ा उत्पादों पर पहले की तरह पांच फीसदी की ही दर से शुल्क लगेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए गठित राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह को कपड़ों पर शुल्क की दर के बारे में विचार करने को कहा गया है। मंत्री समूह को फरवरी 2022 के अंत तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। कपड़ों के साथ जूता-चप्पल (फुटवियर) पर भी एक जनवरी से शुल्क वृद्धि का फैसला हुआ था। लेकिन इस पर शुल्क टालने के अनुरोध को नहीं माना गया। इसका मतलब है कि जूता-चप्पल पर एक जनवरी से 12 फीसदी की दर से शुल्क लगेगा। दरअसल गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, राजस्थान एवं तमिलनाडु समेत समेत कई राज्य कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी दर बढ़ाने का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि इस फैसले का आम आदमी एवं कारीगरों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ रेड्डी ने कहा कि परिधान, वस्त्रों एवं कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी लागू होने को लेकर स्पष्टता नहीं है। इसके अलावा नाइलॉन एवं सूती धागे के अलावा मानव-निर्मित एवं प्राकृतिक धागे पर लागू होने वाली दर को लेकर भी स्पष्टता का अभाव है। फिलहाल मानव-निर्मित रेशे पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है जबकि इससे बने धागे पर दर 12 फीसदी और कपड़े के मामले में पांच फीसदी कर लगता है। जीएसटी परिषद की 17 सितंबर को हुई पिछली बैठक में तय किया गया था कि कपड़ों के अलावा जूता-चप्पल पर एक जनवरी 2022 से 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा।
- नयी दिल्ली।मजबूत वैश्विक संकेतों के अनुरूप राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 144 रुपये की तेजी के साथ 46,874 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46,730 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।चांदी की कीमत भी 664 रुपये की तेजी के साथ 61,015 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 60,351 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के रुख के साथ 1,816 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 23.15 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में शुक्रवार को हाजिर सोने की कीमत मजबूत होकर 1,816 डॉलर प्रति औंस पहुंच गयी। इससे सोने में तेजी आई।
- नयी दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने शुक्रवार को कहा कि एसआइआई ने कोविशील्ड के पूर्ण बाजार प्राधिकार के लिए भारतीय प्राधिकारियों के समक्ष आवेदन किया है और उल्लेख किया है कि कोविड-19 रोधी टीके की आपूर्ति 125 करोड़ खुराकों को पार कर गयी है। बाजार प्राधिकार किसी औषधीय उत्पाद जैसे कि दवा को उसके विपणन के संबंध में सहयोग देने के सबूत के तौर पर समीक्षा करने की प्रक्रिया है जिसके तहत उसे बेचे जाने का लाइसेंस दिया जाता है। एसआईआई ने भारत सरकार को टीके की आपूर्ति के लिए कोविशील्ड के निर्माता एस्ट्राजेनेका के साथ साझेदारी की थी। भारत सरकार ने इस साल जनवरी में इसके देश में आपात उपयोग की मंजूरी दी थी। पूनावाला ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सिडस्को) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘‘भारत में कोविशील्ड टीके की आपूर्ति 1.25 अरब खुराकों को पार कर गयी है। भारत सरकार के पास पूर्ण बाजार प्राधिकार के लिए पर्याप्त आंकड़ें हैं और इसलिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इस अनुमति के लिए डीसीजीआई और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में आवेदन दिया है।
- मुंबई। आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में बढ़त तथा एशियाई बाजारों से मिलेजुले संकेतों के चलते प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 350 अंक से अधिक चढ़ा गया।इस दौरान 30 शेयरों वाला सूचकांक 364.54 अंक या 0.63 फीसदी की तेजी के साथ 58,158.86 पर था। इसी तरह निफ्टी 104.05 अंक या 0.60 फीसदी बढ़कर 17,308 पर पहुंच गया।सेंसेक्स में सबसे अधिक दो प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त टाइटन में हुई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, एम ऐंड एम, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे।दूसरी ओर एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक और इंफोसिस लाल निशान में आ गए।पिछले सत्र में सेंसेक्स 12.17 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,794.32 अंक पर बंद हुआ था। इसी प्रकार, एनएसई निफ्टी 9.65 अंक यानी 0.06 प्रतिशत के नाममात्र नुकसान के साथ 17,203.95 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने गुरुवार को 986.32 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.80 प्रतिशत बढ़कर 78.89 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया।
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नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक पांच करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग व्यक्तिगत करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2020-21 का आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को पहले ही पांच महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2021 कर चुका है। आयकर विभाग ने अपने ट्वीट में कहा कि बुधवार शाम पांच बजकर 45 मिनट तक पांच करोड़ से भी अधिक रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। रिटर्न जमा करने की समयसीमा नजदीक आने के साथ आईटीआर की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 5.95 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए थे जिसके लिए 10 जनवरी, 2021 तक समयसीमा बढ़ाई गई थी। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2019-20 का आईटीआर जमा करने वाले करदाताओं को राहत देते हुए कहा है कि रिटर्न का ई-सत्यापन नहीं करने वाले करदाता 28 फरवरी, 2022 तक यह काम पूरा कर सकते हैं। -
नयी दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपनी डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए ‘डिजि जोन' की शुरुआत की है। एलआईसी ने बुधवार को जारी बयान में कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी केंद्रित जीवन बीमा कंपनी बनने के मकसद से वह परिसरों में स्थापित कियोस्क के जरिये अपने उत्पादों और सेवाओं की जानकारी देगी।'' उपभोक्ता एलआईसी डिजि जोन के जरिये पॉलिसी खरीद सकते हैं, प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं और अन्य सेवाएं ले सकते हैं। बयान में कहा गया है कि कंपनी तेज वृद्धि का लाभ लेने, उपभोक्ताओं के संतुष्टीकरण में सुधार आदि के लिए डिजिटल बदलाव को तैयार हो रही है। -
नयी दिल्ली। नियो बैंकिंग स्टार्टअप जूपिटर ने टाइगर ग्लोबल और सिकोया कैपिटल की अगुवाई में विभिन्न निवेशकों से श्रृंखला-सी वित्तपोषण दौर में 641.40 करोड़ रुपये (8.6 करोड़ डॉलर) जुटाए हैं। जूपिटर ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि वित्तपोषण के इस दौर के बाद उसका मूल्यांकन 5,302 करोड़ रुपये या 71.1 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है। साधारण भाषा में कहा जाए, तो नियो बैंक डिजिटल बैंक होते हैं और इनकी शाखाएं नहीं होतीं। वित्तपोषण के इस दौर में टाइगर ग्लोबल, सिकोया इंडिया और अमेरिका स्थित उद्यम कोष क्यूईडी इन्वेस्टर्स के अलावा मौजूदा निवेशकों मसलन मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया ने भाग लिया। - नयी दिल्ली। सरकार ने मार्च 2021 में समाप्त होने जा रहे वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का वार्षिक रिटर्न भरने की समयसीमा दो महीने बढ़ा दी है। अब कारोबारी 28 फरवरी तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार देर रात को ट्वीट करके यह जानकारी दी। इसमें बताया गया, ‘‘वित्त वर्ष 2020-21 के लिए फॉर्म जीएसटीआर-9 में वार्षिक रिटर्न भरने और फॉर्म जीएसटीआर-9सी में स्व-प्रमाणित समाधान विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि 31 दिसंबर 2021 से बढ़ाकर 28 फरवरी 2022 कर दी गई है।’’ जीएसटीआर-9 वार्षिक रिटर्न होता है जो जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं को प्रति वर्ष दाखिल करना होता है।
- नयी दिल्ली। बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने बुधवार को एक नई त्योहारी पेशकश की घोषणा करते हुए कहा कि वह बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को कम से कम 6.65 प्रतिशत की दर से आवास ऋण देगी। बजाज फाइनेंस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने कहा कि उद्योग में पहली बार हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (एचएफसी) पात्र घर खरीदारों को अपने आवास ऋण की दरों को रेपो दर से जोड़ने का विकल्प दे रही है। कंपनी ने कहा कि इससे उन्हें आरबीआई की तरफ से दरों में की जाने वाली कमी का फायदा मिल सकेगा।कंपनी ने कहा कि आवास ऋण की इस घटी हुई दर का लाभ उठाने के लिए कम से कम 800 का सिबिल स्कोर होना चाहिए। हालांकि, 750 और 799 के बीच क्रेडिट स्कोर वाले भी प्रतिस्पर्धी दर पर आवास ऋण पा सकते हैं।
- मुंबई। बजाज ऑटो लिमिटेड 300 करोड़ रुपये के निवेश से पुणे के अकुर्दी में एक इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस कारखाना के लिए काम शुरू हो चुका है, जिसमें सालाना 5,00,000 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का उत्पादन करने और घरेलू तथा निर्यात दोनों बाजारों की मांगों को पूरा करने की क्षमता होगी। पांच लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में फैली नयी इकाई का पहला वाहन जून 2022 तक आने की उम्मीद है। इकाई में लगभग 800 लोगों को रोजगार मिलेगा। अकुर्दी मूल रूप से चेतक स्कूटर फैक्ट्री की जगह है।बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने कहा, ‘‘यह हमारे उस विश्वास को दर्शाता है कि सतत शहरी परिवहन व्यवस्था के लिए हल्के इलेक्ट्रिक वाहन एक ऐसा विचार है जिसका आखिरकार समय आ गया है।-




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