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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को कीमती धातुओं की कीमतों में लगभग तीन प्रतिशत का उछाल आया। शादी-विवाह के सीजन से पहले जौहरियों की ताजा लिवाली के कारण चांदी 7,000 रुपये चढ़कर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, और सोना बढ़कर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 7,000 रुपये, या 3.04 प्रतिशत बढ़कर 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई, जो शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 3,700 रुपये या 2.5 प्रतिशत बढ़कर 1,51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया। पिछले बाजार सत्र में सोने की कीमत 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। कारोबारियों ने कीमतों में इस सुधार का श्रेय शादियों के सीजन से पहले की गई हाजिर लिवाली और वैश्विक बाजार के अनुकूल रुझानों को दिया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि सोमवार को सोने की कीमतों में सुधार देखने को मिला, जिसे कीमतों में गिरावट के समय की गई लिवाली से समर्थन मिला। वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के घटते प्रतिफल ने कीमती धातुओं के बाजार में समग्र धारणा को बेहतर बनाने में मदद की। उन्होंने कहा कि रुपये की विनिमय दर में आए तेज बदलाव ने भी घरेलू कीमती धातुओं की कीमतों को और अधिक मजबूती प्रदान की। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को रुपये ने दिन में कारोबार के दौरान पहली बार 95 प्रति डॉलर के स्तर को पार किया। हालांकि, बाद में यह कुछ सुधार के साथ बंद हुआ। गांधी ने कहा कि रुपये के कमजोर होने से घरेलू सोने की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिला।
सोमवार को कीमतों में सुधार के बावजूद, इस महीने सोने-चांदी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दो मार्च से अब तक सोने की कीमत में 21,300 रुपये, या 12.3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि चांदी 63,000 रुपये या 21 प्रतिशत तक नीचे आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 38.68 डॉलर, या लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 4,531.67 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70.72 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। मिराए एसेट शेयरखान में जिंस-प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि हाजिर सोना बढ़कर लगभग 4,530 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है, क्योंकि यह अभी भी उतार-चढ़ाव भरे और अस्थिर तरीके से कारोबार कर रहा है; व्यापारी डॉलर और तेल की कीमतों पर नज़र रखे हुए हैं। लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक, गौरव गर्ग ने कहा कि वैश्विक बाजारों में, मौजूदा बढ़त के बावजूद, कुल मिलाकर माहौल सतर्क बना हुआ है, क्योंकि इस महीने सोने में लगभग 16 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई है, जो दशकों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट में से एक है। - नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के आवंटन का कोटा बढ़ाकर कुल मांग का 70 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले 50 प्रतिशत था। इससे उन उद्योगों को राहत मिलेगी, जो कि बड़े स्तर पर अपने संचालन के लिए एलपीजी पर निर्भर है।70 प्रतिशत कोटे में इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंगाई, रसायन और प्लास्टिक जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि ये अन्य आवश्यक उद्योगों को भी सहयोग प्रदान करते हैं।इन क्षेत्रों में, प्रक्रिया उद्योगों या उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें हिटिंग के लिए एलपीजी की आवश्यकता होती है और जिनका विकल्प प्राकृतिक गैस नहीं हो सकता।सरकारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में किए जा रहे 50 प्रतिशत आवंटन के अतिरिक्त, 20 प्रतिशत का और आवंटन प्रस्तावित है, जिससे कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन संकट-पूर्व स्तर के पैक किए गए गैर-घरेलू एलपीजी के 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन का लाभ उठाने के लिए, सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना होगा और अपने-अपने शहरों में शहरी गैस वितरण इकाई के पास पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा।इससे पहले 21 मार्च को जारी किए गए अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन में रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण/डेयरी, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन/आउटलेट, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो (मुक्त व्यापार एलपीजी) एफटीएल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई थी।पेट्रोलियम मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 25 मार्च तक प्रवासी श्रमिकों को 37,000 से अधिक 5 किलो एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।एलपीजी सिलेंडरों का वितरण राज्य सरकारों और जिला अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों या उपभोक्ताओं के अपने निर्णय के आधार पर किया जाएगा। इस बीच, ईरान ने संकेत दिया है कि वह एलपीजी ले जाने वाले अधिक भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देगा। यह घटनाक्रम भारत सरकार द्वारा इस मुद्दे पर ईरानी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद सामने आया है।
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नई दिल्ली। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर के अपने 41 से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूप से पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है। भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
आपको बता दें, भारत ऊर्जा सुरक्षा का अगुआ है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। विश्व का शुद्ध निर्यातक होने के कारण भारत में घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश भर में एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन दुकानें खुली हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं। किसी भी दुकान को आपूर्ति सीमित करने के लिए नहीं कहा गया है।दुनिया भर में कई देश मूल्य वृद्धि, सीमित आपूर्ति, विषम-सम वाहन प्रतिबंध और जबरन स्टेशन बंद करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ ही देशों ने “राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल” घोषित किया है। भारत में ऐसे किसी भी उपाय की आवश्यकता नहीं है। जहां अन्य देश सीमित आपूर्ति कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।कुछ चुनिंदा पंपों पर छिटपुट रूप से घबराहट में खरीदारी की गई है, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो द्वारा फैलाई गई जानबूझकर गलत सूचना के कारण हुईं। ऐसे पंपों पर मांग में वृद्धि के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति की गई और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए रात भर चालू रहे। पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट अवधि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।दरअसल, कुछ लेखों और सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से गलत सूचना फैलाई जा रही है, जिसमें यह बताया जा रहा है कि देश में केवल 6 दिनों का ही भंडार है। भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है और पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार लगभग 60 दिनों का है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में समर्पित रणनीतिक भंडारण शामिल है)। वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि अगले दो महीनों के कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है। भारत अगले कई महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और ऐसी आपूर्ति स्थिति में रणनीतिक भूमिगत गुफाओं में भंडार की मात्रा गौण हो जाती है। इसलिए, भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। इसका उद्देश्य अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में आए उछाल के प्रभाव को सीमित करना है।सरकार ने ईंधन के निर्यात और विदेशी विमानों को आपूर्ति किए जाने वाले ईंधन पर भी एक्साइज शुल्क में छूट प्रदान की है।
इसके अलावा, केंद्र ने 2022 की एक पूर्व अधिसूचना को रद्द कर दिया है और आयातित विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर एक्साइज ड्यूटी में राहत प्रदान की है।उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। अनुमान है कि ओएमसी को वर्तमान में ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है।मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे “जानबूझकर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान” से गुमराह न हों, जिसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और गुफाओं में बनाए गए विशेष रणनीतिक भंडारण शामिल हैं)। मंत्रालय ने यह भी कहा कि “मध्य पूर्व संकट का आज 27वां दिन है”, और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। रुपए -
नोएडा. ऊर्जा और बुनियादी ढांचा समूह जैकसन ग्रुप ने भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को अपना पहला ब्रांड दूत बनाया है । गांगुली इस करार के तहत जैकसन समूह के प्रमुख ब्रांड अभियानों और रणनीतिक पहल में कंपनी का प्रतिनिधित्व करेंगे । गांगुली ने इस मौके पर कहा ,'' वितरित ऊर्जा, सौर ऊर्जा, हरित अणु और बुनियादी ढांचे जैसे ऊर्जा, मेट्रो, सिविल और पानी को लेकर जैकसन का विजन सामयिक और प्रभावी है । मैं एक ऐसे ब्रांड के साथ जुड़कर उत्साहित हूं जो भारत के ऊर्जा बदलाव और एक हरित भविष्य में सार्थक योगदान दे रहा है ।
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नयी दिल्ली. एयरटेल अफ्रीका ने बुधवार को घोषणा की कि सुनील भारती मित्तल जुलाई, 2026 में कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के समापन के साथ निदेशक मंडल के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। गोपाल विट्टल को उसी तिथि से गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि श्राविन भारती मित्तल डिप्टी चेयरमैन का पदभार संभालेंगे। श्राविन मित्तल के डिप्टी चेयरमैन का पदभार संभालने से एयरटेल अफ्रीका के संस्थापक परिवार और महत्वपूर्ण शेयरधारक के साथ निरंतरता सुनिश्चित होगी। एयरटेल अफ्रीका 14 देशों में दूरसंचार और मोबाइल मनी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने बयान में कहा, ''सुनील भारती संस्थापक परिवार और महत्वपूर्ण शेयरधारक के साथ निरंतरता सुनिश्चित करेंगे और एयरटेल मनी बोर्ड, जिसके वह मित्तल ने बोर्ड को सूचित किया है कि वह इस वर्ष की सालाना आम बैठक समाप्त होने के साथ जुलाई, 2026 में निदेशक मंडल (बोर्ड) के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त होना चाहते हैं।'' एयरटेल अफ्रीका ने कहा कि मित्तल 2019 से चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं और बोर्ड इस अवधि के दौरान उनके नेतृत्व और योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद देता है। कंपनी ने कहा कि विट्टल की नियुक्ति कंपनी में नियंत्रक शेयरधारकों के नामांकन द्वारा की गई है। यह कंपनी, भारती एयरटेल, एयरटेल अफ्रीका मॉरीशस लिमिटेड (बहुसंख्यक शेयरधारक और भारती एयरटेल की एक अप्रत्यक्ष अनुषंगी कंपनी) और भारती टेलीकॉम के बीच 17 जून, 2019 को हुए संबंध समझौते की शर्तों के अनुरूप है। विट्टल को अक्टूबर, 2024 में एयरटेल अफ्रीका का गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। बयान में कहा गया है कि श्राविन भारती मित्तल उसी तिथि से डिप्टी चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगे।
बयान के अनुसार, ''डिप्टी चेयरमैन के रूप में मित्तल सदस्य हैं और दुबई स्थित एयरटेल अफ्रीका के मुख्यालय, जहां वह रहते हैं, के साथ बोर्ड के संपर्क सूत्र के रूप में कार्य करेंगे।'' कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशकों के संबंध में चल रही उत्तराधिकार योजना के तहत, सात वर्षों से अधिक समय तक सेवा देने के बाद, जुलाई में होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के समापन पर अन्निका पोटियानेन भी सेवानिवृत्त हो जाएंगी। सुनील मित्तल ने एयरटेल अफ्रीका के बोर्ड को उनके सभी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि कंपनी के पास एक ठोस रणनीति और एक उत्कृष्ट नेतृत्व टीम है, जिसकी मजबूती हाल के परिणामों में स्पष्ट है। दूरसंचार उद्योग के दिग्गज मित्तल ने कहा, ''इसलिए मुझे विश्वास है कि अब मेरे लिए चेयरमैन पद से हटने का समय आ गया है। इस क्षमता में एयरटेल अफ्रीका का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है और मुझे पता है कि कंपनी 14 अफ्रीकी देशों में लाखों ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए आगे बढ़ती रहेगी।'' मित्तल ने यह भी कहा कि कंपनी के अनुरोध पर वह सहयोग देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। -
नयी दिल्ली. सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। साथ ही उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने तथा घबराहट में ईंधन खरीदने से बचने की अपील की। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन' (आईओसी) ने कहा, ''पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। '' कंपनी ने बताया कि उसके पेट्रोल पंप पर्याप्त ईंधन से भरे हैं और पूरी तरह संचालित हैं।
आईओसी ने आगाह किया कि अफवाहें अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं और सामान्य आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं। कंपनी ने लोगों से घबराहट में खरीदारी से बचने और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने को कहा है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों को ''पूरी तरह निराधार'' बताया और कहा कि पूरे देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। कंपनी ने कहा कि भारत पेट्रोल एवं डीजल का शुद्ध निर्यातक है और उसके पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल तथा विमानन ईंधन (एटीएफ) का पर्याप्त भंडार है। आपूर्ति श्रृंखला बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से जारी है। बीपीसीएल ने कहा कि कंपनी पूरी तरह संचालित है और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने भी कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति स्थिर है तथा भंडार पर्याप्त है। कंपनी ने ग्राहकों को अफवाहों से गुमराह न होने एवं घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह देते हुए कहा कि वे सामान्य खपत 'पैटर्न' बनाए रखें। एचपीसीएल ने अपने नेटवर्क में निर्बाध और सुचारु ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि विविध स्रोतों से आयात के कारण भारत पश्चिम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से पर्याप्त कच्चा तेल हासिल करने में सफल रहा है। कतर में भारत के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता की गैस सुविधाएं युद्ध से प्रभावित होने के कारण द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति में बाधा आई है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) को प्राथमिकता दी गई जबकि उर्वरक संयंत्र जैसे औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति कुछ हद तक सीमित की गई है। युद्ध का सबसे अधिक असर एलपीजी पर पड़ा है, क्योंकि देश अपनी कुल मांग का लगभग 60 प्रतिशत आयात से पूरा करता है। इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है, जहां से आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति में सरकार ने घरेलू रसोई गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी और होटल-रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी उपयोग को कम से कम आधा कर दिया गया है। - नयी दिल्ली। मजबूत वैश्विक रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में पांच प्रतिशत तक की तेजी आई। इस तेजी के कारण चांदी 11,250 रुपये चढ़कर 2.41 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 11,250 रुपये या 4.89 प्रतिशत बढ़कर 2,41,250 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई, जो मंगलवार के बंद भाव 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 4,900 रुपये या 3.38 प्रतिशत बढ़कर 1,49,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। सर्राफा बाजार में सोने का पिछला बंद भाव 1,44,800 रुपये प्रति 10 ग्राम था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी आई, जो हाल के सत्रों में एक मजबूत सुधार का संकेत है। इसे बेहतर भू-राजनीतिक माहौल से बल मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना 82.17 डॉलर या लगभग दो प्रतिशत बढ़कर 4,556.55 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी दो प्रतिशत की तेजी के साथ 72.67 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक प्रवीण सिंह ने कहा कि हाजिर सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और यह लगभग 4,550 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों को अमेरिका के साथ ईरान के संभावित संघर्षविराम की उम्मीद जगी है, जिसके कारण कच्चे तेल और डॉलर की कीमतों में गिरावट आई है।
- नयी दिल्ली. सामान की फटाफट आपूर्ति करने वाले मंच जेप्टो ने मंगलवार को अपने ऐप पर 'पे लेटर' (बाद में भुगतान) और ताजा सब्जियों की असली तस्वीरें देखने जैसी कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। कंपनी अब अपना ध्यान केवल '10 मिनट में डिलिवरी' से हटाकर ग्राहकों की जरूरतों और सुविधा पर केंद्रित कर रही है। कंपनी का कहना है कि अब मुकाबला केवल तेजी से सामान पहुंचाने का नहीं, बल्कि ग्राहकों की रोजमर्रा की खरीदारी को आसान और स्मार्ट बनाने का है। इस नई सुविधा के तहत ग्राहकों को 15 दिन का 'ब्याज-मुक्त' समय मिलेगा। यानी ग्राहक सामान आज मंगा सकते हैं और उसका भुगतान 15 दिन बाद कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से छोटे और बार-बार होने वाले ऑर्डर के लिए बनाई गई है। इसमें भुगतान के लिए किसी ओटीपी की जरूरत नहीं होगी। कंपनी के अनुसार, इसके जरिये 10,000 रुपये तक की तत्काल क्रेडिट सीमा (उधार) दी जा रही है।जेप्टो के ऐप पर पर अब ग्राहक सब्जियों और फलों की केवल पुरानी कैटलॉग तस्वीरें नहीं, बल्कि अपने नजदीकी स्टोर में मौजूद ताजा सामान की असली और ताजी तस्वीरें देख सकेंगे। इससे ऑनलाइन खरीदारी में भरोसे की कमी दूर होगी। अक्सर ऑर्डर देने के बाद याद आता है कि कुछ छूट गया है। अब जेप्टो ग्राहकों को ऑर्डर देने के कुछ समय बाद तक उसमें नए सामान जोड़ने की सुविधा भी देगी।
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मीशो ने पेश किया 'वाणी' डिजिटल सहायक
बेंगलुरु. ई-कॉमर्स मंच मीशो ने मंगलवार को 'वाणी' नाम से कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित एक ऐसी सुविधा शुरू करने की घोषणा की है, जो बोलकर खरीदारी करने में ग्राहकों की मदद करेगी। इस डिजिटल सहायक के जरिये कंपनी का लक्ष्य उन 50 करोड़ संभावित ग्राहकों तक पहुंचना है, जो फिलहाल इंटरनेट के जरिये सामान मंगाने में हिचकिचाते हैं। "वाणी - आपकी मीशो दोस्त" नाम का यह सहायक उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें ऐप पर टाइप करना, फिल्टर लगाना या कीवर्ड के जरिये सामान खोजना मुश्किल लगता है। कंपनी के मुताबिक, यह अनूठी सेवा ग्राहकों को अपनी आम बोलचाल की भाषा में बात करके सामान खोजने, सवाल पूछने और खरीदारी पूरी करने की आजादी देती है। यह बिल्कुल वैसा ही अनुभव होगा जैसे किसी दुकान पर जाकर मुंह जुबानी सामान खरीदा जाता है। फरवरी, 2026 में इसके पहले चरण के परीक्षण के दौरान लगभग 15 लाख ग्राहकों ने इसका उपयोग किया।
मीशो का कहना है कि इसके इस्तेमाल से बिक्री में 22 प्रतिशत का उछाल देखा गया और सामान वापस करने या ऑर्डर कैंसिल करने के मामलों में भी कमी आई है। सॉफ्टबैंक के निवेश वाली यह कंपनी फिलहाल 'वाणी' को हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध करा रही है। आने वाले समय में इसे देश की अन्य प्रादेशिक भाषाओं में भी धीरे-धीरे पेश किया जाएगा। -
मुंबई. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिका द्वारा नई व्यापार जांच के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) के बुलेटिन में सोमवार को यह बात कही गई। बुलेटिन में प्रकाशित अर्थव्यवस्था की स्थिति पर लेख में कहा गया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त है। बुलेटिन के अनुसार, वित्त 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पद (जीडीपी) के दूसरे अग्रिम अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। इसमें कहा गया, ''अर्थव्यवस्था की स्थिति का संकेतक देने वाले आंकड़े फरवरी में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने का संकेत दे रहे हैं।'' बुलेटिन में कहा गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई फरवरी में खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों के कारण बढ़ी। इसमें कहा गया है कि प्रणाली में नकदी की स्थिति संतोषजनक बनी रही और वाणिज्यिक क्षेत्र को मिलने वाले कुल वित्तीय संसाधनों में वृद्धि हुई, जिसमें बैंक और गैर-बैंक दोनों स्रोतों से वित्तपोषण बढ़ा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा कि लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखकों के हैं और भारतीय रिजर्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जनवरी में हाजिर मुद्रा बाजार से शुद्ध रूप से 2.53 अरब डॉलर की खरीदारी की। आरबीआई ने सोमवार को जारी अपने मासिक बुलेटिन में यह कहा। केंद्रीय बैंक ने अमेरिकी डॉलर की यह खरीद लगातार सात महीनों की शुद्ध डॉलर बिक्री के बाद की है। आरबीआई ने पिछली बार, मई, 2025 में हाजिर मुद्रा बाजार से 1.76 अरब अमेरिकी डॉलर की खरीद की थी।
मासिक बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई ने दिसंबर में 10.02 अरब अमेरिकी डॉलर, नवंबर में 9.71 अरब अमेरिकी डॉलर, अक्टूबर में 11.88 अरब अमेरिकी डॉलर, सितंबर में 7.91 अरब अमेरिकी डॉलर, अगस्त में 7.69 अरब अमेरिकी डॉलर, जुलाई में 2.54 अरब अमेरिकी डॉलर और जून में 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर की शुद्ध बिक्री की। सकल आधार पर केंद्रीय बैंक ने जनवरी में 27.99 अरब अमेरिकी डॉलर की खरीद और 25.473 अरब अमेरिकी डॉलर की बिक्री की। विदेशी निवेश और भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा से फरवरी के पहले सप्ताह में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और उसके बाद लगभग स्थिर बना रहा। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण मार्च में अब तक (20 मार्च तक) रुपये की विनिमय दर पर दबाव पड़ा और उसमें गिरावट आई है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने गैस वितरण को सुव्यवस्थित करने और आपूर्ति दबाव को कम करने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। इसके तहत शहरों में पाइपलाइन गैस परियोजनाओं (सीएनजी/पीएनजी) के आवेदन तेजी से निपटाने और प्रमुख क्षेत्रों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, ताकि चुनौतीपूर्ण वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा किया जा सके। एक आधिकारिक बयान के अनुसार पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने अपने कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे शहर गैस वितरण (सीजीडी) के सभी आवेदन केवल 10 दिनों में निपटाएं। इसका उद्देश्य पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की व्यवस्था को तेजी से शुरू करना है। बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं को भी एलपीजी पर निर्भरता कम करने की व्यापक रणनीति के तहत पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की ओर स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है। बयान के अनुसार, घरेलू एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, वितरकों के पास गैस की कमी की कोई सूचना नहीं है और देशभर में वितरण सामान्य रूप से हो रहा है। साथ ही, अधिकांश आपूर्ति वितरण प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) के माध्यम से की जा रही है और पहले जैसी अचानक खरीदारी की स्थिति अब कम हो गई है।
- नयी दिल्ली. अमेजन भारत को एक दीर्घकालिक निवेश बाजार के रूप में देखती है, जहां ई-कॉमर्स अभी भी अपने शुरुआती चरण में है। कंपनी के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक आधार और सकारात्मक उपभोक्ता धारणा के दम पर यहां वृद्धि की पर्याप्त गुंजाइश है। अमेजन के भारत और ऑस्ट्रेलिया के परिचालन उपाध्यक्ष अभिनव सिंह ने कहा कि कंपनी ने हाल में 12.5 करोड़ उत्पादों पर 'शून्य रेफरल शुल्क' का विस्तार किया है, जिस पर विक्रेताओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।उन्होंने कहा, ''विक्रेता न केवल शुल्क कटौती से उत्साहित हैं, बल्कि वे इन लाभ को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए भी उत्सुक हैं। इससे बाजार में बेहतर कीमतें मिल सकेंगी। साथ ही, वे अपना मार्जिन भी सुधार पा रहे हैं।'' सिंह ने बताया कि भारत के लिए कंपनी का नजरिया बेहद मजबूत है। उन्होंने कहा, ''हमारा मानना है कि भारत में ई-कॉमर्स अभी बस शुरू ही हुआ है। यह कुल खुदरा बाजार का महज एक छोटा हिस्सा है, और हमारे लिए बढ़ने की जबर्दस्त गुंजाइश है।'' बीजीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ई-कॉमर्स बाजार इस समय 120-140 अरब डॉलर का है और यह 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि अमेजन भारत की युवा आबादी और तेजी से बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को लेकर बहुत आशान्वित है। अमेजन ने हाल ही में 2030 तक भारत में अपने व्यवसायों में 35 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की घोषणा की है, जो इस बाजार में पहले से निवेश किए गए करीब 40 अरब डॉलर के अतिरिक्त होगा। दिसंबरख् 2025 की घोषणा के अनुसार, यह निवेश एआई-संचालित डिजिटलीकरण, निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।
- नयी दिल्ली, एक्सिस बैंक अपनी एनबीएफसी इकाई एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड (एएफएल) में कारोबार वृद्धि के लिए अगले एक वर्ष में राइट्स इश्यू के माध्यम से 1,500 करोड़ रुपये निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बैंक ने बुधवार शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसके निदेशक मंडल की अधिग्रहण, विनिवेश एवं विलय समिति ने 18 मार्च 2026 को हुई बैठक में 31 मार्च 2027 से पहले एक या अधिक किश्तों में एएफएल में 1,500 करोड़ रुपये निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। कंपनी ने कहा कि यह निवेश एएफएल के राइट्स इश्यू के जरिये किया जाएगा।एएफएल, बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। बैंक ने कहा कि 31 मार्च 2027 तक एक या अधिक किश्तों में 1,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 10 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से मंजूरी दी थी। एएफएल का कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 2,504 करोड़ रुपये रहा जबकि समूचे वित्त वर्ष 2024-25 में यह 4,296 करोड़ रुपये रहा था।
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नई दिल्ली। एयर इंडिया ग्रुप ने पश्चिम एशिया क्षेत्र से भारत आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 18 मार्च 2026 को कुल 50 उड़ानें (शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल) संचालित करेंगे। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ती यात्री मांग और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
18 मार्च को जेद्दा और मस्कट से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपनी नियमित शेड्यूल सेवाएं जारी रखेंगी। जेद्दा-भारत रूट पर कुल 14 उड़ानें संचालित होंगी। इसमें एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से एक-एक राउंड ट्रिप सेवा देगी। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, हैदराबाद और मंगलौर से एक-एक उड़ान संचालित करेगी, जबकि कोझिकोड से दो उड़ानें चलाई जाएंगी। मस्कट से एयर इंडिया एक्सप्रेस 12 शेड्यूल उड़ानें संचालित करेगी, जिनमें कन्नूर, कोच्चि, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम जैसे शहर शामिल हैं।शेड्यूल सेवाओं के अलावा, एयर इंडिया ग्रुप संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब से कुल 24 नॉन-शेड्यूल (एड-हॉक) उड़ानें भी संचालित करेगा। ये उड़ानें स्लॉट उपलब्धता, हवाई यातायात नियंत्रण और अन्य ऑपरेशनल परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। सभी उड़ानों के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित देशों के नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं।एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उसकी सभी उड़ानें सामान्य शेड्यूल के अनुसार संचालित हो रही हैं। हालांकि, जिन यात्रियों की उड़ानें अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं, उन्हें विशेष राहत दी जा रही है। ऐसे यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी उड़ान रीबुक कर सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं।एयर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे रीबुकिंग या कैंसिलेशन के लिए एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अनुरोध दर्ज करें। अधिक जानकारी के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर +91-11-69329333 और +91-11-69329999 पर संपर्क किया जा सकता है।एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा दी गई है। यूएई के किसी भी स्टेशन से भारत के किसी भी गंतव्य के लिए अतिरिक्त कमर्शियल उड़ानों पर बिना अतिरिक्त शुल्क के रीबुकिंग की जा सकती है। एयरलाइन प्रभावित यात्रियों से सक्रिय रूप से संपर्क कर रही है और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर रीबुकिंग विकल्प भेज रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि समय पर जरूरी जानकारी मिल सके। -
नयी दिल्ली. फ्रांसीसी वाहन विनिर्माता रेनो ने मंगलवार को भारतीय बाजार में अपनी मध्यम आकार की एसयूवी 'डस्टर' के पूरी तरह नए अवतार को 10.49 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर पेश किया। रेनो के पूर्ण-स्वामित्व वाली भारतीय इकाई रेनो इंडिया ने यहां एक कार्यक्रम में नई डस्टर के टर्बो पेट्रोल संस्करण को बिक्री के लिए जारी करते हुए कहा कि देशभर में इसकी डिलिवरी अब शुरू हो गई है। कंपनी ने एकदम नए रंग-रूप एवं प्लेटफॉर्म के साथ तैयार नई डस्टर की पहली झलक 26 जनवरी को चेन्नई में दिखाई थी। इसके हाइब्रिड संस्करण की आपूर्ति इस साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीकी खूबियों एवं आरामदायक सुविधाओं से लैस इस एसयूवी को कंपनी ने अपने नए प्लेटफॉर्म आरजीएमपी पर तैयार किया है और इसे भारतीय सड़कों की मांग के अनुरूप डिजाइन किया गया है। नई डस्टर में टर्बो टीसीई 1.0 लीटर और 1.6 लीटर वाले दो इंजन विकल्प उपलब्ध हैं। इसे मैनुअल ट्रांसमिशन के अलावा डीसीटी ट्रांसमिशन के साथ भी पेश किया गया है। पांच संस्करणों में उपलब्ध इस मॉडल के शुरुआती संस्करण की शोरूम कीमत 10.49 लाख रुपये रखी गई है। हालांकि, 31 मार्च तक बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को यह संस्करण 10.29 लाख रुपये की शोरूम कीमत पर ही मिल जाएगा। रेनो ने इस एसयूवी को फुल एलईडी लाइटिंग, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, एडास फीचर और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर के साथ पेश किया है। कंपनी ने इस पर सात साल की वारंटी की भी घोषणा की है। रेनो इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) फ्रांसिस्को हिडाल्गो ने इस मौके पर संवाददाताओं से कहा, "नई डस्टर भारतीय ग्राहकों की उम्मीदों के अनुरूप मजबूत प्रदर्शन, टिकाऊपन और रोजमर्रा की उपयोगिता वाली खूबियों से लैस है। हमें उम्मीद है कि यह भारतीय ग्राहकों को एक भरोसेमंद विकल्प देगी।" हिडाल्गो ने कहा कि डस्टर को मिल रहे समर्थन को देखते हुए कंपनी को अगले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में एक अच्छी हिस्सेदारी हासिल करने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी की बाजार हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने डस्टर के हाइब्रिड संस्करण के अपने खंड में सबसे आगे रहने का भरोसा जताते हुए कहा कि यह शहर में 80 प्रतिशत तक बैटरी पर चलने में सक्षम है। इस संस्करण को महानगरों में लगभग 40 प्रतिशत बुकिंग मिली हैं और वर्ष 2026 के लिए निर्धारित हाइब्रिड क्षमता पूरी तरह से बुक हो चुकी है। नई डस्टर को देशभर में रेनो के 350 से अधिक बिक्री और 450 से अधिक सर्विस सेंटर के नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। रेनो ने जुलाई, 2012 में डस्टर को पेश करने के साथ भारत में स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) का नया खंड बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन प्रतिस्पर्द्धा बढ़ने और ग्राहकों की मांग पर खरा नहीं उतर पाने से डस्टर का उत्पादन 2022 में बंद करना पड़ा था। रेनो इंडिया डस्टर की वापसी के पहले केवल तीन मॉडल- क्विड, ट्राइबर और काइगर की बिक्री कर रही थी। लेकिन नई डस्टर की पेशकश के बाद उसे भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को कीमती धातुओं की कीमतों में दो प्रतिशत तक का उछाल आया। चांदी 6,000 रुपये बढ़कर 2.62 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई जबकि सोना बढ़कर 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी है। चांदी की कीमत 6,000 रुपये या 2.34 प्रतिशत बढ़कर 2,62,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई। सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने में लगातार तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूट गया और इसकी कीमत 1,050 रुपये या लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 1,61,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गयी। विश्लेषकों ने कहा कि सर्राफा की कीमतों में यह उछाल भू-राजनीतिक तनाव के बीच 'सुरक्षित निवेश' वाली आस्तियों की मांग से प्रेरित था, भले ही वैश्विक संकेतक कमजोर बने रहे। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि घरेलू बाजारों में रुपये के नरम पड़ने से हाजिर सोने की कीमतों को वैश्विक कमजोरी से अलग होने में मदद मिली है। हालांकि, जब तक फेडरल रिजर्व कोई स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं देता, तब तक कीमतों में एक विस्तृत दायरे के भीतर उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कीमती धातुएं इस समय एक जटिल 'मैक्रो-ट्रैप' (व्यापक आर्थिक जाल) में फंसी हुई हैं, जहां परस्पर विरोधी कारक कीमतों की चाल को प्रभावित कर रहे हैं। परमार ने कहा, ''खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता संघर्ष आमतौर पर सुरक्षित निवेश की ओर जाने की प्रवृत्ति को जन्म देता है; इसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में आने वाला उछाल मुद्रास्फीति (महंगाई) के डर को हवा दे रहा है, जिससे केंद्रीय बैंकों को लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।'' अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 5,003.68 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, और चांदी भी 0.35 प्रतिशत घटकर 80.46 डॉलर प्रति औंस रह गई। एलकेपी सिक्योरिटीज में जिंस और मुद्रा के शोध विश्लेषण विभाग के उपाध्यक्ष, जतीन त्रिवेदी ने कहा, ''सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा था, लेकिन इसमें अभी भी एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि बुधवार देर शाम आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले बाजार सतर्क बने हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व से उम्मीदें कम ही बनी हुई हैं; कच्चे तेल की कीमतें ज़्यादा होने के कारण, जिससे महंगाई का दबाव बना हुआ है, नरम रुख वाले बयानों की गुंजाइश बहुत कम है। त्रिवेदी ने कहा कि ऊर्जा की कीमतें ज़्यादा होने से ब्याज दरों में कटौती में देरी हो सकती है, जिससे सोने की कीमतों में तेज़ी की गुंजाइश सीमित हो जाएगी। जानकारों के मुताबिक, निवेशक मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा बाज़ारों में उतार-चढ़ाव के बीच, नीतिगत दृष्टिकोण और सर्राफा की कीमतों की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की नीतिगत बैठक के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।
- नयी दिल्ली. सरकार ने एक संसदीय समिति को बताया है कि जीसीएमएमएफ (जो अमूल ब्रांड के तहत डेयरी उत्पाद बेचता है) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के दूध संग्रह केन्द्रों को एक सहकारी ढांचे के तहत लाया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों को उचित मुनाफ़ा मिले। सोमवार को, कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण पर बनी एक स्थायी समिति ने लोकसभा में सहकारिता मंत्रालय के लिए अनुदान मांगों (2026-27) पर एक रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में कहा गया, ''समिति ने यह मुद्दा उठाया कि दूध खरीद से होने वाला मुनाफ़ा किसानों तक नहीं पहुंच रहा है, बल्कि बड़े सहकारी संगठन इसे हड़प रहे हैं और सभी क्षेत्रों से आने वाला पैसा उन राज्यों की ओर मोड़ा जा रहा है जहां ऐसे बड़े सहकारी संगठनों के मुख्यालय हैं। इस मुद्दे पर संसदीय समिति को दिए गए अपने लिखित जवाब में, मंत्रालय ने बताया कि ''यह सुनिश्चित करने के लिए कि मुनाफ़ा उन किसानों तक पहुंचे जिनसे दूध खरीदा जा रहा है, उसने गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के दूध संग्रह केन्द्रों (एमसीसी) और दूध पूलिंग केंद्रों (एमपीपी) को सहकारी ढांचे के तहत लाने की पहल की है। इस पहल के तहत, लगभग 45,000 एमसीसी या एमपीपी को बहुउद्देशीय ग्राम सहकारी समितियों (एम-वीसीएस) के रूप में पंजीकृत करने और सरदार पटेल सहकारी डेयरी महासंघ लिमिटेड (एसपीसीडीई) तथा राष्ट्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संगठन लिमिटेड (एनसीएमपीओएल) के सदस्यों के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव है। ये दोनों ही बहु-राज्यीय सहकारी समितियां हैं। रिपोर्ट में कहा गया, ''समिति को विश्वास है कि ऐसे उपायों से गांव के स्तर पर किसानों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी, और समिति इस उपाय के परिणामों के बारे में राज्यवार जानकारी प्राप्त करना चाहेगी।'' समिति ने सहकारिता क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण बनाने की भी वकालत की। समिति ने कहा कि केंद्र सरकार को, राज्य सरकारों के परामर्श से, सहकारी चुनावी शासन को मज़बूत करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करना चाहिए।
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नयी दिल्ली. अदाणी टोटल गैस लिमिटेड ने कुछ औद्योगिक ग्राहकों को आपूर्ति की जाने वाली अतिरिक्त प्राकृतिक गैस के दाम 119.90 रुपये प्रति मानक घन मीटर से घटाकर 82.95 रुपये प्रति मानक घन मीटर कर दिए हैं। यह बदलाव 16 मार्च की सुबह छह बजे से लागू होगा।
अदाणी समूह और फ्रांस की टोटल एनर्जी के शहर गैस संयुक्त उद्यम ने कहा कि यह मूल्य संशोधन उपभोक्ताओं तक कम कीमत का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही यह मौजूदा आपूर्ति प्रतिबंधों के दौरान प्रणाली की स्थिरता बनाए रखने और गैस का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए भी है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन में व्यवधान के कारण भारत में एलएनजी आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके कारण कंपनी ने वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों से कहा था कि वे अपनी अनुबंधित गैस खपत का केवल 40 प्रतिशत ही उपयोग करें। कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सूचित किया, ''हमें आपको यह जानकारी देते हुए प्रसन्नता हो रही है कि तीन मार्च, 2026 की अधिसूचना के अनुसार अतिरिक्त गैस के दाम बढ़ाकर 119.90 रुपये प्रति मानक घन मीटर किए गए थे, जिसे अब घटाकर 82.95 रुपये प्रति मानक घन मीटर कर दिया गया है। यह 16 मार्च, 2026 से सुबह छह बजे से लागू होगी।'' कंपनी ने कहा कि यह संशोधन उपभोक्ताओं को कम कीमत का लाभ देने के उद्देश्य से किया गया है।
कंपनी ने मौजूदा आदेश के तहत औद्योगिक ग्राहकों को 80 प्रतिशत आपूर्ति के संबंध में गैस आपूर्ति निगम से स्पष्टता भी मांगी है। पूर्व में कंपनी वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों से 40 प्रतिशत की सीमा के बाद बढ़ी हुई मात्रा पर 119.90 रुपये प्रति घन मीटर का शुल्क वसूल रही थी। - नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं करने की वजह से उन्हें हो रहे घाटे को कम करने के लिए रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयातित दरों से कम कीमत देने पर विचार कर रही हैं। इस कदम से एमआरपीएल, सीपीसीएल और एचएमएल जैसी एकल रिफाइनरी कंपनियों पर बुरा असर पड़ सकता है।पश्चिम एशिया संकट से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। हालांकि, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को इस बढ़ोतरी का बोझ खुद उठाना पड़ रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ओएमसी अब रिफाइनरी हस्तांतरण शुल्क (आरटीपी) पर रोक लगाने या उस पर छूट तय करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। आरटीपी वह आंतरिक कीमत होती है, जिस पर रिफाइनरियां अपने विपणन खंड को ईंधन बेचती हैं। इस कदम का मकसद रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयात-समता लागत से कम भुगतान करना है। यदि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इस प्रस्तावित कदम से रिफाइनरियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ आरटीपी के जरिये आगे नहीं बढ़ा पाएंगी और उन्हें इस प्रभाव का एक हिस्सा खुद वहन करना होगा। सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) जैसी एकीकृत कंपनियां अपने रिफाइनिंग और विपणन परिचालन के बीच इस घाटे की भरपाई कर सकती हैं। दूसरी ओर मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल), चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) जैसी एकल रिफाइनरियों का खुदरा बाजार में नहीं के बराबर दखल है और वे अपना अधिकांश उत्पादन इन्हीं तीन ओएमसी को बेचती हैं। ऐसे में उनके मार्जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। सूत्रों ने यह भी कहा कि यदि आरटीपी पर रोक या छूट निजी रिफाइनरियों पर भी लागू की जाती है, तो नायरा एनर्जी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसे रिफाइनरी कंपनियां भी प्रभावित होंगी। ये दोनों निजी कंपनियां अपने उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा ओएमसी को बेचती हैं।
- नयी दिल्ली. अमेजन इंडिया के व्यापार-से-व्यापार (बी2बी) मंच 'अमेजन बिजनेस' ने वर्ष 2025 में वार्षिक बिक्री में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अमेजन बिजनेस के निदेशक मित्रंजन भादुड़ी ने कहा कि यह मंच बिक्री स्थल पर 17 लाख से अधिक विक्रेताओं के 19 करोड़ से ज्यादा उत्पादों की सूची पेश करता है। भादुड़ी ने कहा, ''वैश्विक स्तर पर, अमेजन बिजनेस ने अंतिम सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर 35 अरब डॉलर की वार्षिक बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।भारत में भी यह व्यवसाय मजबूती से बढ़ रहा है और 2025 में इसमें 35 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।" अमेजन बिजनेस, अमेजन इंडिया के ई-कॉमर्स मंच से ही संचालित होता है, लेकिन बी2बी ग्राहकों के लिए इसमें लॉगिन की प्रक्रिया अलग होती है। भादुड़ी ने बताया कि व्यवसायों द्वारा अपने उपभोग के लिए मंगाई गई थोक इकाइयों के आधार पर कीमतों में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि अमेजन बिजनेस ने 2025 में भारत में व्यवसायों को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लाभ और मूल्य दिलाने में मदद की है। भादुड़ी ने बताया कि महानगरों से परे भी इसे काफी अपनाया जा रहा है और अब 70 प्रतिशत से अधिक ग्राहक मझोले और छोटे शहरों से हैं।
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मुंबई. अदाणी समूह की कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) इकाई अदाणी फाउंडेशन ने अपनी 'स्वाभिमान' पहल के तहत देशभर की 10 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने की योजना बनाई है। फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक महिला को सशक्त बनाना केवल एक व्यक्ति की मदद करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश करना है। अदाणी फाउंडेशन द्वारा अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और महिला आर्थिक विकास महामंडल के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रीति अदाणी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल दान से नहीं, बल्कि अवसर, संभावनाओं और क्षमताओं के निर्माण से होता है। उन्होंने कहा, ''जब भी मैं स्वाभिमान से जुड़ी महिलाओं से मिलती हूं, उनकी आकांक्षाएं मुझे गहराई से प्रेरित करती हैं। वे अपने छोटे व्यवसायों के विस्तार, उत्पादों की सही कीमत तय करने, जिम्मेदारी से ऋण चुकाने और पैसे बचाने के बारे में बात करती हैं।'' प्रीति अदाणी ने कहा कि स्वाभिमान यात्रा के अगले चरण में पहले साल महाराष्ट्र की एक लाख महिलाओं को इस पहल से जोड़ने का लक्ष्य है। आने वाले वर्षों में, फाउंडेशन की प्रतिबद्धता पूरे भारत में 10 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने की है। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस प्रमुख पहल का मकसद शहरी गरीब महिलाओं को आवश्यक कौशल, वित्तीय ज्ञान और उद्यमशीलता की समझ से लैस करना है।
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नई दिल्ली। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंडियन ऑयल) ने जनता को आश्वासन दिया है कि तमिलनाडु भर में पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति हमेशा की तरह सुचारू रूप से जारी है। राज्य में इंडियन ऑयल के सभी पेट्रोलियम टर्मिनलों और वितरण केंद्रों में वर्तमान में ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक है।
इंडियन ऑयल की तरफ से कहा गया कि कुछ क्षेत्रों में घबराकर खरीदारी के कारण, कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी कमी की सूचना मिली है। इंडियन ऑयल ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और मांग में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए प्रभावित आउटलेट्स को अतिरिक्त आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर भेजी जा रही है। राज्य भर के पेट्रोल पंपों पर स्टॉक की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और ईंधन की सामान्य उपलब्धता बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।इंडियन ऑयल ने जनता से आग्रह किया है कि वे पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला के सुचारू रूप से चलने के कारण, ईंधन की अफरा-तफरी में खरीदारी या अनावश्यक जमाखोरी से बचें। कंपनी ने जनता को यह भी सलाह दी है कि वे पेट्रोल को प्लास्टिक के डिब्बों, बोतलों या अन्य अनधिकृत कंटेनरों में स्टोर न करें, क्योंकि ऐसा करना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।इंडियन ऑयल ने ग्राहकों की सुरक्षा और ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आश्वासन दिया कि तमिलनाडु भर में पेट्रोल और डीजल बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेंगे।इसके अलावा, तमिलनाडु में तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक एम. अन्नादुरई ने बताया कि राज्य में सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के टर्मिनलों पर पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है, जिनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसी) द्वारा संचालित टर्मिनल शामिल हैं। रिफाइनरियों से ईंधन की आपूर्ति पहले की तरह जारी है और निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन भी बढ़ाया गया है। -
नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमत में बुधवार को गिरावट देखने को मिली और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। इसकी वजह आईईए द्वारा इमरजेंसी रिजर्व जारी कर कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के प्रस्ताव को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी-ईरान युद्ध के बाद बढ़ी हुई कच्चे तेल की कीमतों को कम करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) इमरजेंसी रिजर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति पर विचार कर रहा है।
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरजेंसी रिजर्व से प्रस्तावित आपूर्ति 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद दो चरणों में जारी किए गए 182 मिलियन बैरल से अधिक होगी। जी7 देशों ने आईईए से इस तरह के कदम के लिए तैयार रहने का अनुरोध किया है।इन रिपोर्ट्स के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99 प्रतिशत गिरकर 86.93 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) वायदा 0.75 प्रतिशत गिरकर 82.82 डॉलर हो गया।हाल के दिन में होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण ब्रेंट क्रूड में करीब 50 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई थी और यह 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य, मध्य पूर्व में प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्ग पर स्थित एक संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल होकर जाता है। कच्चे तेल में गिरावट की एक वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है।हालांकि, अमेरिका-ईरान युद्ध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और समाधान के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने या उनकी तैयारी में जुटे होने की खबरों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है।मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंगें बिछाई हैं और हमारे पास इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है, तो हम चाहते हैं कि उन्हें तुरंत हटाया जाए!” उन्होंने आगे कहा कि बारूदी सुरंगों को हटाना “सही दिशा में एक बड़ा कदम होगा!” (








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