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 अब केंद्रीय जेल बिलासपुर असाक्षर बंदी सीखेंगे अक्षरज्ञान

बिलासपुर /केंद्र सरकार द्वारा उल्लास संचालित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत माननीय कलेक्टर महोदय श्री अवनीश शरण जी की अनुमति से केंद्रीय जेल बिलासपुर में असाक्षर बंदी भाइयों एवं बहनों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से सर्वप्रथम असाक्षरों से संपर्क एवं सर्वे कार्य को संपादित करने के लिए जेल के अधीक्षक महोदय श्री खोमेश सिंह मांडवी जी से जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण बिलासपुर श्री जे.के. पाटले द्वारा संपर्क कर कार्य योजना तैयार की गई अधीक्षक जेल श्री हेमंत कुमार नामदेव द्वारा शिक्षक केंद्रीय जेल बिलासपुर को पुरुष बंदियों के लिये तथा केंद्रीय जेल प्रहरी गोरेती पन्ना को महिला बंदीनियो हेतु उल्लास कार्यक्रम के सञ्चालन के लिये प्रभारी नियुक्त किया गया। तत्पश्चात कार्य योजना के अनुसार सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया जिसमें 108 पुरुष एवं 33 महिला असाक्षरो का चिन्हांकन किया गया तथा उपरोक्त असाक्षरो को साक्षर बनाने के लिए उन्हीं बंदियों में पढ़े-लिखे या अध्यनरत 10वीं 12वीं तथा कॉलेज में अध्यनरत या पढ़े लिखे बंदिओं में से 17 पुरुष एवं 04 महिला स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन  कर उल्लास कार्यक्रम के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री कार्य किया गया।
       ऑनलाइन एंट्री पूर्ण होने के पश्चात राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के द्वारा प्रदत्त उल्लास प्रवेशिका एवं उल्लास अनुदेशिका पुस्तक के माध्यम से महिलाओं के लिए डीआरजी श्रीमती उषा कोरी एवं श्रीमती आशा उज्जैनी तथा पुरुषों के लिए डीआरजी श्री संजय रजक एवं श्री मनोज यादव के द्वारा जेल में बंदियों के बीच से ही चिन्हांकित स्वयं सेवी पुरुष  एवं महिला शिक्षकों के रूप में जेल नियम का पालन करते हुए जेल में ही पाठशाला में प्रशिक्षित किया गया प्रशिक्षण के दौरान जिला परियोजना अधिकारी जेके पाटले तथा सहायक परियोजना अधिकारी श्री आर के गोपाल ना निरिक्षण किया निरिक्षण के दौरान प्रभारी श्री नामदेव तथा महिला जेल प्रहरी गोरेटी मैडम उपस्थित थी द्वितीय दिवस महिला बंदियों के प्रशिक्षण के दौरान जेल अधीक्षक  श्री मंडावी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सुचारू रूप से प्रोजेक्टर और माइक व्यवस्था के साथ प्रातः 10.30 बजे से 4.30 बजे तक आयोजित किया गया।  
       उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत समस्त महिला एवं पुरुष असक्षरों बंदियों को मार्च 2025 में आयोजित होने वाले महा परीक्षा अभियान हेतु कम से कम 200 घंटे का अध्ययन अध्यापनकार्य कराकर  जोड़, घटाव,  गुणा, भाग तथा दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली समस्त गतिविधियों में शामिल होने लायक तैयार किया जाएगा, जिसके प्रमुख घटक इस प्रकार होंगे- 1.बुनियादी साक्षरता एवम संखात्मक ज्ञान, 2.महत्वपूर्ण जीवन कौशल, 3.व्यावसायिक कौशल विकास, 4.बुनियादी शिक्षा, 5.सतत शिक्षा तथा परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर भारत सरकार का उपक्रम एनआईओएस से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा जिसके माध्यम से बाद में पांचवी, आठवीं की समतुल्यता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे फिर आगे वे 10वीं, 12वीं ओपन तथा कॉलेज का भी क्रमशः अध्ययन कर सकेंगे साथ ही कौशल विकास के माध्यम से इन्हें जीवकोपार्जन हेतु प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर भी बनाया जाएगा।

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