रामरक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा पाठ करने के साथ मनाया महिला दिवस
-महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति का अभियान निर्बाध 62वें सप्ताह भी जारी
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस शनिवार को होने के कारण महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति प्रत्येक शनिवार को होने वाला रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ का उत्साह दोगुना हो गया। सभी केंद्रों में महिलाओं की उपस्थिति इसी वजह से अधिक रही। नियमित पाठ के साथ महिलाओं ने अपने- अपने केंद्र में महिला दिवस सेलीब्रेट किया और अपने हुनर का प्रदर्शन करते हुए एक- दूसरे को बधाई दी।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि महिला दिवस शनिवार को होने के कारण मैंने अपने निवास पर शंकर नगर, अवंती विहार और रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं को आमंत्रित किया। बड़ी संख्या में तीनों केंद्र से महिलाएं आईं और सभी ने मिलकर पहले रामरक्षा स्तोत्र और रामायण के सुंदरकांड का पाठ किया। इसके उपरांत महिलाओं ने सभी को महिला दिवस की बधाई दी और कुछ रोचक गेम्स खेले गए।
मंडल की आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि बूढ़ापारा केंद्र की महिलाएं नियमित रुप से 62वें सप्ताह पूरे उत्साह के साथ बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर पहुंचीं और सभी ने मिलकर रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान प्रणिता नलगुंडवार, अंजली नलगुंडवार, हेमा पराडकर, रानिका भोसले, आस्था काले, प्रदीप घाटगे, बाबू बालानी, भीखमचंद अग्रवाल, छोटू भोसले प्रमुख रूप से शामिल हुए। वहीं टाटीबंध महिला केंद्र द्वारा भी नियमित पाठ किया गया। इसमें मनीषा मार्जिवे, लीना साठे, अंजलि देवडे, सारिका पोराटे और श्रद्धा लोनारे प्रमुख रूप से शामिल हुईं।
शंकर नगर बाल वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक ने बताया कि वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने टिकरापारा स्थित उषा पुजारी के मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ, महिला दिवस और होली के पूर्व भगवान श्री कृष्ण के साथ फूलों की होली खेली। इस दौरान आशा बरेवार, सरोज उषा पुजारी, जयंती, कांचन पुसदकर, मीनाक्षी, सोनाली, रेणु आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। वहीं सरोना केंद्र की महिलाओं ने सलासार सोसायटी स्थित हनुमान मंदिर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ के साथ प्रभु श्रीराम की स्तुति की। इस दौरान वीभा पाण्डे, आरती ठोंबरे, मीना परदेशी, गायत्री चंद्राकर, तनु श्रीधर, गिरजा साहू एवं सलिसार परिवार के सदस्य उपस्थित थे।









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