राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर हुआ गरिमामय आयोजन
- विद्यार्थियों ने बैण्ड के माध्यम से वंदे मातरम् गीत की धुन प्रस्तुत की
दुर्ग/ राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्मरणोत्सव कार्यक्रम का आयोजन आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम में जिले के स्कूल, एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों ने बैण्ड के माध्यम से वंदे मातरम् गीत की धुन प्रस्तुत की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है। इसकी 150वीं वर्षगांठ राष्ट्र की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश देती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करेगा।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जिले में ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे देशभक्ति का वातावरण निर्मित हो रहा है। छत्तीसगढ़ तेलधानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने वंदे मातरम् के गौरवशाली इतिहास को साझा किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बजरंग दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।











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